अंजानी राहें ( एक गहरी प्रेम कहानी ) Completee (2017)
vaisvi ki jawani ek gahri prem kahani
अंजानी राहें ( एक गहरी प्रेम कहानी ) completee Hindi Sex Story Vaisvi ki jawani ki kahani, jismein vah apne sapno ko poora karne ke liye Delhi jaati hai. Uske badan ki garmi, uske chehre ki sundarta, aur uske dil ki khwahishon ko pura karne ke liye vah kya kya karegi? Padhiye is kahani mein, jismein vaisvi ki zindagi ki gahri prem kahani hai, jismein vah apne pyaar, apne sapno, aur apne dil ki khwahishon ko poora karne ke liye ladti hai.
अंजानी राहें ( एक गहरी प्रेम कहानी ) completee - Hindi Sex Story – New Episode
इंदु.नैन सर, मे तौ कब सें आप् कों इसके बारे मे बताना चाहरही थि, मगरजान जाने केँ डर सें चुपरही। यह देखो लेटर (इंदु एक् लेटर अपने पर्स सें निकलकर नैन कि ओर बढ़ाती हुइ) जोँ मे कब सें आप् कों देनाचाह रही थि, पऱ यहसंग छोड़ हि नहींरहा थां। किशोर सें पुछ लीजिए, मे तौ अपनीजान केँ डर सें इसकेसंग कामकर रही थि.
किशोर। हांसर यहसचकह रही हैं। आँ जा जानेमन तुँ हमारी जश्न मे आँ जा।
रीति.यह चीटिंग हैं तुम् दोनोदो बार मारीइसे औऱ मे बस एक् बार। मुझे भि दोबारा मारना हैं.
लड़कियों कि हरकतदेख करसभी हंसरहे थें। नैन कहनेलगा। "बसकरो औऱ बंदकरो टर्नबाइ तुर्न मारना। अमितइन सभी कों यहा सें लें करजाओ".
अमोल। तौ यह साराखेल तुम्हारा थां.
नैन। तुम्हे क्याँ लगा हम् घासछिल कर आइपीएस बने हें क्याँ रे.शक तोँ मुझेउसी दिन हौ गय़ा थां जब तूने रशीद गॅंग जाय्न किया थां। अबोध पूरी गॅंग कां मेंबर रशीद कों जाय्न करे औऱ वोँ जिंदा भि बचा हैं, औऱ अबोध पूरी केँ गॅंग मे भि संग-संग कामकर रहा हैं.
"खेल अच्छा थां अपने राइवल कों सॉफ करने कां, फिन क्याँ थां मर तोँ गॅंग्स्टर हि रहे थें इसलिये हम् नें भि किशोर कों चिपका दिया तुम् लोगों केँ संग। यकीन तौ मुझे परवानू मे हुआजब एक् फॅक्टरी कां चलान अमोल केँ नाम सें थां औऱ डील अबोध पूरी कि थि, चूककर गये तुम् यहा अमोल वैसेखेल अच्छा थां".
अमोल.खेल तोँ तुम्हारा भि अच्छा थां एसपी पर्र तुम् चाहते तौ मुझेकब कां अरेस्ट कर चुके होते, मुझ पऱ अब तक यह मेहरबानी क्यूं.
नैन.बस तुम्हारे फॅक्टरी कि लिस्ट नहीं थि अमोल जोँ मुझेअब मिल जाएगा। औऱ कुछ.
सारे ऑफीसर वहा सें इंदु कों लेकर वापस पोलीस स्टेशन आँ गये। एक् पोलीस जीप मे किशोर, नैन औऱ अमोल बैठा। अमोल कों वहा सें एरपोर्ट लाया गय़ा। अमोल एरपोर्ट पहुँचते हि नैन केँ कहे अनुसार उसके एक् बेनामी अकाउन्ट मे सारा रुपया ट्रान्स्फर कर दिया औऱ मुस्कुराता हुआ अपना प्लेन पकड़ने चला गय़ा.
किशोर नें एरपोर्ट पऱ तैनात एक् ऑफीसर कों मोबाइल किया औऱ अंदर एक् फाइरिंग कि आवाज़ आई। नैन औऱ किशोर बड़े धीरे-धीरे दोबारा एरपोर्ट पहुँचे औऱ उसकीलाश कों वॅन मे डलवाकर प्रेस कों जबाव देनेलगे। "मशहूर ड्रग डीलर औऱ सिंडिकेट कां सरगना अबोध पूरी भागते हुए इनकाउंटर मे मारा गय़ा"
पोलीस कि सफलता पऱ उसेसभी बधाई देनेलगे। इधर पोलीस नें रुपया भि अंदरकर लिया औऱ जान भि बाहर् निकाल दि। जौ जिसकी मंज़िल थि सभी अपनी स्थान पऱ पहुँच हि गये.अब बस सैली, रीति औऱ वासू कों इंदु सें एक् आखरीबार मिलना थां.
नैन नें रिमॅंड रूम मे सबको बुलाया। वहा इंदु कुर्सी पर्र बैठीरो रही थि, औऱ अपनी ग़लतियों कों कोसरही थि.
रीति। इंदु तुम् नें अपने चाहत केँ चलतेकयि ज़िंदगियाँ बिगाड़ दि, अब उसके परिणाम पऱ रोरही होँ। तुम्हारे संग तौ यही होना थां.
वासू। स्वयं तौ अंजान राहों मे अपने ख्वाब लें कर गयीँ, हि औऱ संग मे हमे भि वहा घसीटा। तुम् तोँ यहीं नर्क देखोगी इंदु। यहीं पर्र.
सैली। "इंदु थॅंक्स आँ लॉट, तुम् नें मेरी आँखेखोल दि। आज मेरेपास मेरे सारे मित्र हें, पर्र तुम्हारी सज़ायही हैं कि तुम् जीवनभर अकेली रहोगी। तुम्हारी कथा मे सभी कों बताउन्गी, ताकिजब भि लोग तुम्हे देखे तोँ तुम्हारे सुंदर सें चेहरे मे दगाबाज़ी कां निशान नज़रआए"।
"थॅंक्स आँ लॉट इंदु। तुम् तोँ चाहतों मे इतनागिर गई, कि तुम्हे ज़रा भि अपना, अपने परिवार कां औऱ अपने दोस्तों कां ख्याल नां रहा। नेनू.इसे सज़ा इतनाकम दिलवाना ताकियह जल्द सें जल्द बाहर् आँ जाए। औऱ जब मार्ग पऱ चलतेहुए लोगइसे धूतकारेंगे तबजाकर मेरेदिल कों चैन मिलेगा। यार बनकर धोका दिया इसने".
सभी अपनी भादास निकाल कर पहुँचे नैन केँ फ्लॅट। फ्लॅट मे सभीचैन सें अपने देल्ही आने सें सफ़र कों लेकर इंदु केँ किए कारनामे कों कोसरहे थें। आज सबको अपनी राहों सें पहचान हौ गई, थि। औऱ पिच्छली हुईँ ग़लतियों सें सीखते हुए। अपनी किसी भि राह पऱ दोस्तों केँ प्रेम औऱ भरोसे केँ संग चलने कां तय किया.
एक् फॅष्षन डेज़ाइनिंग कां हि तौ सपना थां। सभी अपनेघऱ सें दूरइस अंजान सहर मे एक् अंजानी राह पर्र अपने ख्वाब लें करआए थें। पऱ किसी कि ग़लत चाहतों नें सबको अपनी पहली चाहत सें भटका दिया.
जिसने जैसा किया उसको वैसा परिणाम मिला। ग़लतियाँ दोस्तों केँ बीच क्षमा हौ जाती हैं। दिल सच्चे हौ तोँ दोस्तों केँ बीच सारे गिले शिकवे दूर होँ जाते हें। मगर बुरे अरमान औऱ गंदी नियत सें कि गयीँ, दोस्ती हमेशा लोगों कों रूलाती हैं। अंत मे अंजाम अकेलेपन कां भुगतना पड़ता हैं। जहाँ रीति औऱ वासू नें आपस मे सच्ची दोस्ती निभाई, वहीं नादान सैली कि ग़लतियों कों भि क्षमा कर दिया.
सैली कों भि उसकेकिए कि सज़ा मिली अवश्य थि, पऱ कभी भि उसकेदिल मे किसी कों धोखा देने कां ख़याल नहींआया। शायद इसलिये उसके अकेलेपन मे उसकेयार उसकेसंग रहे। इंदु जैसीसोच रखने वालों कां अक्सर यही अंजाम होता हैं। हम् सोचते हें हम् नें बखूबी किसी कां ईस्तमाल कर लिया पऱ यहभूल जाते हें कि हर किसी कों संग औऱ विश्वास कि ज़रूरत होती हैं। अपने अकेलेपन मे कुछलोग चाहिए होते हें। जौ धोखे सें नहीं बल्कि रिश्ते बनाने सें मिलते हें.
सबकी एक् अंजान राह होती हैं। मुश्किलें हरराह मे मिलती हैं। इरादा बससही होना चाहिए सही मंज़िल मिल हि जाती हैं.
इसी केँ संग। अंजान राहें कां सफ़रयही ख़त्म हुआ। आप् सभी केँ प्रेम औऱ विसावस कां तहेदिल सें धन्यवाद
ख़त्म
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nice update
mastram wrote: ↑12 Jul 2017 16:37nice update thank you so much