कामुक-कहानियाँ - मेरी चाची नंबर वन complete - Chachi Ki Chudai - Complete Kahani All Parts
कामुक-कहानियाँ
मेरी चाची नंबरवन
मेरानाम फहद हैं औऱ मे कराची कां रहने वाला हूं आज मे आपको अपनी एक् कहानी सुनाने जारहा हूं यह 2 साल पहले कि बात हैं जब मेरीउमर 17 साल थि मे अपनेमा बाप कां एक्लोता बेटा हूं। मेरा बाप एक् हाइवे इंजिनियर हैं। हमारे संग हमारे घऱ मे मेरे अदनान चाचा औऱ उनकी सेक्सी पत्नि यानी मेरी मूमल चाची भि रहती हें, वोँ बोहोत सेक्सी हें उनके बारे बड़े बूब्स औऱ मदमस्त गंददेख कर मेरा लन्ड हमेशा खड़ा हौ जाता थां उनकीकोई औलाद नां थि इसलिये चाची मूमल मुझे बोहोत प्रेम करती थि मगर मे उनको हमेशा सेक्स कि निगाह सें देखता थां.
मैनेकई बार अपनी चाची केँ नाम पऱ मूठ मारीजब भि वोँ कोईकाम करती तोँ मे हमेशा उनकोदेख कर देखता थां खासकर उसके बूब्स कों। उनकी फिगरयही कोई 33 24 36 होगीजब कोईकाम करतेसमय जब उनका दुपट्टा नीचेसरक जाता तौ मुझे उनकी मम्मों देखने कां मोक़ा मिल जाता थां उन्हे शायदपता थां कि मे उनको सेक्स कि नज़र सें देखता हूं मगरकभी उसने मुझेकुछ कहा नहीं.
एक् दिन मे अपने कमरे मे अपने कंप्यूटर पऱ ब्लू फिल्म देखरहा थां तोँ अचानक द्वार (दरवाज़ा) खुला औऱ चाची अंदरआई मे घबरा गय़ा मेरेसमझ मे कुछ नहीं आँ रहा थां कि मे क्याँ करूँ औऱ मैने जल्द मैने कंप्यूटर कां मैन स्विच ऑफकर दिया। चाची नें जब मुझेइस तरह चोन्क्ते हौ देखा तोँ बोलि क्याँ बात हैं फ़हद तुम् मुझेदेख कर चोंक कियूं गये तोँ मैनेकहा कुछ नहींऐसे हि.
तौ चाची बोलि अच्छा तुम् अपना समानपॅक करो मेरे गाऊँ मे मेरी एक् सहेली कि दो दिनों बाद विवाह हैं औऱ तुम्हे मेरेसंग चलना हैं हम् एक् हफ्ते तक वहा रहेंगे तोँ मैने पूछा केँ आप् चाचा कों संग कियूं नहीं लेँ जारही हैं तोँ उन्होने कहा केँ उन्हे कोई ज़रूरी काम हैं जिस कि वजह सें वोँ नहींचल सकते तौ मैनेकहा केँ अगर मे चलूंगा तौ मेरी पढ़ाई डिस्ट्रब हौ जाएगी। चाची बोलि प्ल्ज़ सिर्फ़ एक् हफ्ते कि तौ बात हैं क्याँ तुम् मेरेलिए इतना भि नहींकर सकते? चाची केँ इतना इसरार करने पऱ मे मान गय़ा औऱ अपनी सेक्सी चाची मूमल कों कहाठीक हैं तौ वोँ खुश होँ गयीँ, औऱ मुझगले लगाकर प्रेम सें मुझेगाल पे एक् किसदे दि औऱ चली गयीँ,.
जब उन्होने मुझेगले लगाया तौ उनके बड़े बड़े बूब्स मेरे सीने सें चिपकगये औऱ मुझे इतनामजा आया कि मे बिल्कुल हॉट हौ गय़ा औऱ सीधा बाथरूम मैने जाकर अपने आप् कों ठंडा किया औऱ अपने समान कि पॅकिंग कर बाहर् दोस्तों मे चला गय़ा.दोसरे दिन सुभह सवेरे मुझे चाची नें जगाया औऱ कहा केँ जल्द फ्रेश हौ कर नीचेआओ औऱ ब्रेकफास्ट वागरह कर्लो ताकि जल्द हम् रेलवे स्टेशन पहुचें कही ट्रेन मिस नाँ होँ जाए औऱ यहकहकर वोँ जल्दचली गई, औऱ मे फ्रेश होँ कर नीचेचला गय़ा औऱ ब्रेकफास्ट वगेरा किया.
जब हम् स्टेशन जाने केँ लिएघऱ सें निकले तोँ मम्मी मुझेकहा बेटा फ़हद अपनी चाची कां ख़याल रखना औऱ शफकत सें मेरेसर पऱ हाथ फेराफिन हम् घऱ सें निकलगये। चाचा हमे ट्रेन तक छोड़ने आए औऱ हमे ट्रेन मे बिठा केँ मुझे ट्रेन केँ टिकेट्स दिए औऱ कुछ पैसे दिया औऱ कहा बेटा यह रखलोकाम आएँगे औऱ यहकहकर वोँ चलेगये.
औऱ थोरीदेर बाद ट्रेन चलनेलगी औऱ चाची औऱ मे गपशप करनेलगे औऱ गपशप करतेहुए चाची नें मुझसे पूछा फ़हद तेरीकोई गर्ल फ्रेंड हैं मैनेकहा नहीं तोँ चाची नें जवाब दिया कियूं नहीं हैं? कोईबनी नहीं याँ बनाई नहीं मैनेकहा बनाई नहीं तोँ चाची बोलि तेरीउमर केँ लड़को कि तीनतीन चारचार (3, 3, 4, 4) गर्लफ्रेंड होती हें औऱ तुम्हारी एक् भि नहीं तोँ मैने चाची सें कहाजब आप् कुँवारी थि तब आप् कां कोई बाय्फ्रेंड थां तोँ चाची शर्मा गयीँ, औऱ कुछ नहीं बोलीं तौ मैनेकहा चाची प्ल्ज़ बताओ नां तौ चाची नें धीमी सि आवाज़ मे कहाहां।
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हालाँकि ट्रेन केँ जिस ब्लॉक मे हम् बैठे थें उस ब्लॉक मे मेरे औऱ चाची केँ सिवा औऱ कोई नहीं थां इसलिये हम् एक् दोसरे सें खुलकर बातें कररहे थें। तौ फिन चाची नें कहा अपने चाचा कों बताना नहीं मैनेकहा कियूं तोँ वोँ बोलि केँ वोँ नाराज़ हौ जाएँगे मैनेकहा आप् मेरीजान हौ मे भला चाचा कों कियूं बताउन्गा तौ चाची फिन सें सर्मा गई, फिन चाची नें मुझ सें पूछा केँ तेरीसभी सें फॅवुरेट हेरोइन कॉन सि हैं तौ मैनेकहा केँ 2 पऱ सेलिना जातेली 3 पर्र मल्लिका शेरावत 4 पऱ हॉलीवुड कि कारमेन एलेक्ट्रा औऱ 5 पैर पेमेला आंडर्सन.
तौ चाची बोलीं छीशरम नहींआती सभी गंदी आक्टर्स हें तौ मैनेकहा गंदी कहां हें वोँ तौ बोहोत हसीन औऱ सेक्सी हें तोँ चाची बोलि अछा तुम् नें 2, 3, 4 औऱ 5 कां नाम बताया लेकेन पहले नंबर। पऱ कॉन हैं तौ मैनेकहा आप् तौ चाची सर्मा गयीँ, औऱ कहा केँ कियूं ऐसा क्याँ हैं मुझ मे तौ मैनेकहा केँ आप् दुनिया कि सभी सें खूबसूरत लड़की होँ तोँ चाची सर्मा गई, औऱ अपना मूँह नीचे करलिया तोँ मे चाची केँ लगभग गय़ा औऱ उनका मूँह उपेर करके उनके हसीन होंटो कों किस करने केँ लिए मैने अपने होन्ट उनके होंटो पर्र रखे हि थें केँ उसने अपना मूँह दोसरि तरफकर लिया.
औऱ बोला नहीं फ़हदयह सही नहीं हैं तोँ मे भि चुप होँ गय़ा औऱ दिल हि दिल मे डररहा थां औऱ अपने आप् कों कोसरहा थां कि यह मैने क्याँ कर लियाअब क्याँ पता चाची मुझ सें नाराज़ होँ गई, हौ क्याँ पताघऱ जाकरसभी कों बतादे केँ मे उनकेसंग क्याँ करनेजा रहा थां फिन तौ मेरी शामत आजाएगी औऱ फिन यूँही चुपचाप 2 घंटो केँ सफ़र केँ बाद चाची कां गाओं आँ गय़ा औऱ हम् नें जल्द जल्द अपना समान उठाया औऱ स्टेशन पऱ उतरगये.
जब हम् चाची केँ रिश्तेदारो केँ घऱ पोहोन्चे तौ उन्होने हमे अपने गेस्ट रूम मे बैठाया थोरीदेर आराम करने केँ बाद चाची बोलि तुम् यहीं आरामकरो मे अपनी दोस्तो औऱ रिश्तेदारो सें मिलकर आती हूं औऱ वोँ चली गयीँ, औऱ फिन थोरीदेर केँ बाद एक् लड़का गेस्ट रूम मे आया उसकेहाथ मे शरबत कां ग्लास थां उस नें वोँ ग्लास मुझे दिया औऱ मेरे सामने बैठ गय़ा मैने शरबत पिया औऱ उस सें बाते करनेलगा औऱ बाते करते करते हम् दोनो अच्छे साथीबन गयेउस नें अपनानाम फ़ैसल बताया औऱ उसकीउमर भि लगभग मेरे जितनी थि औऱ हम् दोनोआपस मे इतने गहरे हौ गये केँ एक् दोसरे सें सेक्स कि बाते करनेलगे औऱ साम कों हम् दोनो बाहर् घूमने गये औऱ रात कों देर सें वापसआए.
जब मे गेस्ट रूम मे गय़ा तोँ चाची भि अपनी पिंककलर नाइटी पहेनकर वहा बैठी थि औऱ एक् मॅग्ज़ीन देखरही थि उनकी नाइटी उनके घुटनो सें थोडा उपर थि जिस सें उनकीआधे सें ज़ियादा टाँगे नज़र आराही थि चाची उस वक्त अपनी हुस्न कि बिजली गिरारही थि चाची मुझे देखते हुए बोलि फ़हद बेटा इन केँ घऱ मे गेस्ट रूम केँ एलॉवा औऱ कोईरूम खाली नहीं हैं इसलिये हम् दोनों कों एक् संग एक् कमरे मे सोना पड़ेगा मे दिल हि दिल मे बोहोत खुश होँ गय़ा औऱ एक् ताक़िया औऱ चादरउठा केँ ज़मीन पे बिछा केँ सो गय़ा.
आधीरात कों पिशाब करने केँ लिए मेरीआँख खुली मे बाथरूम मे गय़ा औऱ पिशाब कर केँ वापसआया तौ अचानक मेरी नज़र चाची पर्र पड़ी लाइट लॅंप कि रोशनी मे चाची कि हुस्न औऱ भि बढ़ गई, थि चाची कि नाइटी बोहोत उपर तक खिसकी हुईँ थि औऱ चाची कि जांघे सारीसाफ दिखरही थि उन्हें देखकर मेरा लन्ड खड़ा हौ गय़ा औऱ मे हिम्मत कर केँ धीरे-धीरे सें बेड पर्र बैठाजिस पऱ चाची सोरही थि औऱ आहिस्ता आहिस्ता चाची कि जाँघो कों सहलाने लगा अभि दोतीन मिनिट हि गुज़रे होंगे कि चाची नें करवटली औऱ मे जल्द सें अपनी स्थान जाकेलेट गय़ा औऱ अपनीआँख ठंडी करकेसो गय़ा।
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अगली सुभहजब मे नींद सें उठा तोँ देखा केँ चाची कमरे मे नहीं थि औऱ मुझे बाथरूम मे सें पानी केँ गिरने कि आवाज़ आनेलगी मे समझ गय़ा केँ चाची नहारही हैं। औऱ फिन अचानक मेरी नज़र चाची कि ब्लॅक ब्रा औऱ पैंटी पर्र पड़ी जोँ केँ बेड पर्र पड़ेहुए थें मैने चाची कि ब्रा कों उठाया औऱ उसे मूँह सें लगा केँ सूंघ नें औऱ चाटने लगा औऱ फिन चाटने केँ बाद मैने अपना लन्ड बाहर् निकाला औऱ अपने लन्ड कों चाची कि ब्रा कों अपने लन्ड पर्र लपेटकर ब्रा कों लन्ड सें रगड़ नें लगा अचानक बाथरूम कां द्वार (दरवाज़ा) खुला औऱ चाची अपने शरीर पऱ टवल लपेटे बाहर् निकली औऱ मुझेइस हालत मे देख लिया.
मे डर गय़ा औऱ जल्द सें ब्रा कों लन्ड सें निकाला लेकेन ब्रा कां हुक मेरी झांतो मे फस गय़ा थां औऱ मेरे जल्द सें ब्रा कों लन्ड सें निकालने सें मेरी झांते निकलआई औऱ हल्का हल्का खून निकल नें लगा औऱ दर्द कि वजा सें मेरे मूँह सें हल्की सि चीख निकल गई, जब चाची नें यह देखा तोँ फॉरन मेरेपास आई औऱ मेरी झांतो मे जहाँ सें खून निकलरहा थां वहादेख नें लगी औऱ मुझ कहनेलगी क्याँ ज़रूरत थि इतनी ज़ोर सें निकालने कि आहिस्ता अपनामजा लेते औऱ फिन धीरे-धीरे सें निकाल देते तौ मैनेकहा मैने सोचा आप् नाराज़ नां होँ जाए इसलिये ज़ोर सें निकाला तौ चाची नें कहा मे कियूं नाराज़ हूँगी.
यहदेख कितना खूनबह रहा हैं ठहर मे अभि तुम्हारी तरफ स्प्रेड लगाती हूं औऱ यहकहकर उसने टेबल केँ ड्रॉवार सें स्प्रेड कि बॉटल औऱ थोरी सि कपास निकाली औऱ मुझेबेड पर्र बैठने कों कहाजब मे बेड पर्र बैठा तोँ वोँ मेरेसंग बैठ गई, मेरा लन्ड अभि भि बाहर् खड़ा थां औऱ लोहे कि तरह सख़्त थां औऱ फिन चाची नें थोडा सां स्प्रेड कपास केँ छोटे टुकड़े पर्र लगाया औऱ अपने एक् हाथ सें मेरे लन्ड कों पकड़कर उसे थोडा नीचे किया औऱ दोसरे हाथ सें मेरे ज़ख़्मो पऱ स्प्रेड मारने लगी चाची कि नरम उंगलियों कां स्पर्श मुझे बिल्कुल पागलकर रहा थां औऱ मेरा लन्ड झटकेखा रहा थां.
चाची आहिस्ता आहिस्ता एक् हाथ सें मेरे ज़ख़्मो कों स्प्रेड लगारही थि दोसरे हाथ सें मेरे लन्ड कों पकड़कर उसे आहिस्ता आहिस्ता दबारही थि थोड़ी देर केँ बाद चाची नें अपनाहाथ हटा लिया औऱ कहनेलगी केँ जब भि तेरामजा लेने कां दिल हौ तुँ घबडाना नहीं मेरी ब्राउठा कर अपनामजा लेँ लेना आख़िर कब तक अपनी जवानी कों काबू मे रखेगा यहसुन कर मे खुश हौ गय़ा औऱ चाची सें कहा केँ अगर आप् बुरा नां माने तोँ मेरामजा अब तक ख़तम नहींहुआ औऱ मे इसे पूरा करना चाहता हूं इसलिए। मे आगे नहींबोल पायामगर चाची मेरी बातो कों समझ गई, औऱ स्वयं हि अपनी ब्राउठा कर मुझेकहा केँ हाँहाँ कियूं नहीं अपनामजा पूरा कर्लो मैने चाची केँ हाथ सें ब्रा लिया औऱ अपने लन्ड पर्र लपेटकर मूठ मारने लगा.
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