पिंकी की ब्लू फिल्म complete - ब्लू फिल्म - Complete Kahani Part 1
पिंकी कि ब्लू फिल्म
मेरानाम पिंकी हैं। मे सौथेर्न देल्ही मे अपने माँ पिताजी केँ संग रहती हूं। मेरी उम्र 19 साल हैं, सफ़ेद शरीर, काले लंबेबाल, 5"4 कि लंबाई औऱ मेरी आँखों कां रंग भूरा हैं। एक् दिन मे अपनी सहेलियों केँ संग शूपिंग करघऱ पहुँची। अपने कमरे मे पहुँच मेने अपनी मेज़ कि दाराज़ खोली तोँ पाया कि मेरी ब्लूरंग कि पॅंटी वहारखी हुइ थि। मेनेकभी अपनी पॅंटी वहारखी होँ यह मुझेयाद नहीं आँ रहा थां। इतने मे मे कदमों कि आवाज़ मेरे कमरे कि औऱ बढ़ते सुनी, मेरीसमझ मे नहींआया कि मे क्याँ करूँ। मे दौड़कर अलमारी जा छुपी। देखती हूं कि मेरा छोटा भइया अरुण जोँ 18 साल कां हैं अपनेयार जे केँ संग मेरे कमरे मे दाखिल हुआ। "पिंकी " अरुण नें आवाज़ लगाई। मे चुपचुप चाप अलमारी छुपी उनकोदेख रही थि। "अच्छा हैं वोँ घऱ पर्र नहीं हैं। जे मे पहली औऱ आखरीबार यहसभी तुम्हारे लिएकर रहा हूं। अगरउसे पताचल गय़ा तोँ वोँ मुझेजान सें मार डालेगी" अरुण नें कहा। "धन्यवाद साथी, तुम्हे तौ पता हैं तुम्हारी बहन कितनी सुन्दर औऱ सेक्सी हैं." जे नें कहा। अरुण मेरा ड्रॉयर खोला औऱ वोँ ब्लू पॅंटी निकाल करजे कों पकड़ा दि। जे नें वोँ पॅंटी हाथ मे लेकरउसे सूंघने लगा, "अरुण तुम्हारी बहन कि बुर कि खुश्बू अभि भि इसमे सें आँ रही हैं." अरुण ज़मीन पर्र नज़रें गड़ाए खामोश खड़ा थां। "दोस्त यह धूलि हुई हैं अगर नाँ धूलि होती तौ बुर केँ पानी कि भि खुश्बू आँ रही होती."जे नें पॅंटी कों चूमते हुएकहा। "तुम् पागल होँ गये हौ." अरुण हंसते हुए बोला."कम ऑन अरुण, माना वोँ तुम्हारी बहन हैं मगर तुम् इसबात सें इनकार नहींकर सकते कि वोँ बहुत हि सेक्सी हैं." जे नें कहा। "मे मानता हूं वोँ बहुत हि सुन्दर औऱ सेक्सी हैं, मगर मेनेयह सभी बातें अपने दिमाग़ सें निकाल दि हैं। " अरुण नें जवाब दिया."अगर वोँ मेरी बहन होती तौ……." जे कहनेलगा, "क्याँ तुम् उसके नंगे जिस्म कि कल्पना करतेहुए मूठ नहीं मारते होँ?" अरुणकुछ बोला नहीं औऱ खामोश खड़ारहा। "शरमाओ मत दोस्त, अगर मे तुम्हारी स्थान होता तोँ यही करता."जे नें कहा। "क्याँ तुम्हारी बहन कोई बिना धूलि हुइ पॅंटी यहा नहीं हैं" "अवश्य यहीकही होगी, मे ढूनडता हूं तब तक खिड़की पऱ निगाह रखोअगर पिंकी आती दिखे तोँ बताना." अरुण कमरे मे मेरी पॅंटी ढूँडने लगा। अरुण औऱ जेयह नहींपता थि कि मे घऱ आँ चुकी थि औऱ अलमारी मे छिपकर उनकी हरकतदेख रही थि। "वोँ रहीमिल गई,." अरुण नें गंदे कपड़े केँ ढेरसे मेरी मेरीलाल पॅंटी कि औऱ इशारा करतेहुए कहा.जे नें कपड़ों केँ ढेर मे सें मेरीलाल पॅंटी उठाई जौ मेनेदो दिन पहले पहनी थि। पहले वोँ कुछदेर उसे देखता रहा.फिन मेरी पॅंटी पे लगे धब्बे कों अपनीनाक केँ पास लेँ जा सूंघने लगा, "एम्म्म क्याँ सेक्सी सुगंध हैं अरुण." कहकर वोँ पॅंटी कों अपने गालों पे रगड़ने लगा। "मुझेअब भि उसकी बुर औऱ गांद कि महेक आँ रही इसमे सें." जे बोला। "तुम् सही मे पागल हौ गये होँ." अरुण बोला। "क्याँ तुम् सूंघना छोड़ोगे?" जे नें पूछा। "किसी हालत मे नहीं." अरुण शरमाते हुए बोला। "मे जानता हूं तुम् इसे सूंघना चाहते हौ। पऱ मुझसे कहते शर्मा रहे हौ." जे बोला, "चलो दोस्त इसमे शरमाना कैसा आख़िर हम् मित्र हैं." अरुणकुछ देर तक कुछ सोचता रहा, "तुम् वादा करते होँ कि इसके बारे मे किसी सें कुछ नहीं कहोगे." "पक्का वादा करता हूं, " जे नें कहा, "आओ अब औऱ शरमाओ मत, सूँघो इसे कितनी मादक खुश्बू हैं." अरुणजे केँ नज़दीक पहुंचा औऱ उसेहाथ सें मेरी पॅंटी लें ली। थोड़ी देरउसे निहारने केँ बाद वोँ उसे अपनीनाक पे लेँ ज़ोर सें सूंघने लगा जैसेकोई पर्फ्यूम कि महेक निकलरही होँ। मुझेयह देख केँ विश्वास नहीं होँ रहा थां कि मेरा भइया मेरी हि पॅंटी कों इसतरह सूँघेगा। "सही मे जे बहुत हि सेक्सी स्मेल हैं, मानना पड़ेगा." अरुण सिसकते हुए बोला, "मेरा लन्ड तौ इसे सूंघते हि खड़ा होँ गय़ा हैं." "मेरा भि." जे अपने लन्ड कों सहलाते हुए बोला, "क्याँ तुम् अपना पानीइस पॅंटी मे छोड़ना चाहोगे?" "क्याँ तुम् सीरीयस होँ?" अरुण नें पूछा."हां" जे नें जवाब दिया."मगर मुझे किसी केँ सामने मूठ मारना अछा नहीं लगता." अरुण नें कहा."अरे दोस्त मे कोई पराया थोड़े हि हूं। हम् मित्र हैं औऱ दोस्ती मे शरम कैसी."जे बोला."ठीक हैं अगर तुम् कहते होँ तौ!" जे नें अपनी पॅंट केँ बटन खोले औऱ उसे नीचेकर ली। पॅंट नीचे ख़ासकते हि उसका खड़ा लॉडाउछल कर बाहर् निकल पड़ा.
उसने एक् पॅंटी कों अपने लन्ड केँ चारों तरफ लपेट लिया औऱ दूसरी कों अपनीनाक पे लगाली। फिन अरुण नें भि अपनी पॅंट उत्तर जे कि तरह हि करनेलगा। दोनो लड़के उत्तेजना मे भरेहुए थें औऱ अपने लन्ड कों हिलारहे थें। दोनो कों इस हालत मे देखते हुए मेरी भि हालत खराब होँ रही थि। मेने अपनाहाथ अपनी पॅंट केँ अंदरडाल अपनी बुर पे रखा तोँ पाया कि मेरी बुर गीली होँ गयीँ, थि औऱ उससे पानीचू रहा थां। अलमारी मे खड़ेहुए मुझे काफ़ी दिक्कत हौ रही थि पर्र संग हि अपने भइया औऱ उसके साथी कों मेरी पॅंटी मे मूठ मारते मे पूरी गरमा गयीँ, थि। "मेराआब छूटने वाला हैं." मेरे भइया नें कहा। मेनेसाफ देखा कि मेरे भइया कां बदन थोडा आकड़ा औऱ उसके लन्ड सें सफेद वीर्या कि पिचकारी निकल मेरी पॅंटी मे गिररही थि। वोँ तब तक अपना लन्ड हिलाता रहाजब तक कि उसका सारी पानी नहीं निकल गय़ा। फिन उसने अपने लन्ड कों अच्छी तरह मेरी पॅंटी सें पोंचा औऱ अपनेहाथ भि पौच्लिए। थोड़ी देर मे जे नें भि वैसा हि किया। "इससे पहले कि तुम्हारी बहन आँ जाए औऱ हमेयह करताहुआ पकड़ लें, मुझेयहा सें जानां चाहिए." जे अपनी पॅंट पहनते हुए बोला। दोनो लड़के मेरे कमरे सें चलेगये। मे भि खिड़की सें कूदकर घूमते हुएघऱ केँ मे दरवाजे अंदर दाखिल हुई तौ देखा अरुण डाइनिंग टेबल पे बैठा सॅंडविच खारहा थां। "हाई पिंकी." अरुण बोला."हाई अरुण केसे होँ?" मेने जवाब दिया."आज तुम्हे आने मे काफ़ी लेट हौ गई, ?" "हां फ्रेंड्स लोग केँ संग शॉपिंग मे थोड़ी देर हौ गयीँ,." मेने जवाब दिया। मे रसोई मे गयीँ, औऱ अपनेलिए कुछ खाने कों निकालने लगी। मुझेपता थां कि मेरा भइया मेरीओर कितना आकर्षित हैं। जैसे हि मे थोडा झुकी मेने देखा कि वोँ मेरी झँकति पॅंटी कों हि देखरहा थां। दूसरे दिन मे सोकरलेट उठी। मुझेकाम पऱ जानां नहीं थां। अरुण कॉलेज जा चुक्का थां औऱ माँ पिताजी काम पे जा चुके थें। मे अपनी पलंग पे पड़ी थि। अब भि मेरी आँखों केँ सामने कल दृश्या घूमरहा थां। मेने अपने कपड़ों केँ ढेर कि तरफ देखा औऱ कल जोँ हुआ उसके बारे मे सोचने लगी.किस तरह मेरे भइया औऱ उसके मित्र नें मेरी पॅंटी मे अपना वीर्या छोड़ा थां। पता नहींयह सभी सोचते हुए मेराहाथ कब मेरी बुर पे चला गय़ा औऱ मे अपनी उंगली सें अपनी बुर कि चुदाई करनेलगी। मे इतनी उत्तेजना मे थि कि स्वयं हि ज़ोर सें अपनी बुर कों चोदरही थि, थोड़ी हि देर मे मेरी बुर नें पानी छोड़ दिया। मे बैड सें खड़ी हौ अपने पूरे कपड़े उतारदिए। अब मे आईने केँ सामने नंगी खड़ी हौ अपने जिस्म कों निहार रही थि। मेरा पतला शरीर, गुलाबी बुर सही मे सुन्दर दिखरही थि। मे घूमकर अपने चुतताड पऱ हाथ फिराने लगी। मेरे भइया औऱ उसके मित्र नें सहीकहा थां मे सही मे सेक्सी दिखरही थि। मेने अपने कपड़ो केँ पास पहुँची औऱ अपनीलाल पॅंटी कों उठा लिया.जे केँ विर्य केँ धब्बे उसपेसाफ दिखाई देरहे थें। मे पॅंटी कों अपनेनाक पे लोग ज़ोर सें सूंघने लगी.जे केँ वीर्या कि गंध मुझे गरमारही थि। मे अपनीजीब निकाल उसधब्बे कों चाटने लगी। मेरी बुर मे जोरों कि खुजली हौ रही थि, ऐसालग रहा थां कि मेरी बुर सें अँगारे निकलरहे हौ। अरुण नें जोँ पॅंटी मे अपना वीर्या छोड़ा थां उसे भि उठा सूंघने औऱ चाटने लगी। मेनेसोच लिया थां कि जिसतरह अरुण नें मेरे कमरे कि तलाशी ली थि उसीतरह मे भि उसके कमरे मे जाकर देखोंगी। बहोत सालों केँ बाद मे उसके कमरे मे जारही थि। मैने उसके पलंग केँ नीचे झाँककर देखा तोँ पाया बहुत सि गंदी मॅगज़ीन्स पड़ी थि। फिन उसके कपड़ों कों टटोलने लगी, उसके कपड़ों मे मुझे उसकी शॉर्ट्स मिल गयीँ,। मेरी पॅंटी कि तरह उसपर भि धब्बो कि निशान थें। मे उसकी शॉर्ट्स कों अपनीनाक पे लें जा सूंघने लगे। उसके वीर्या कि खुश्बू आँ रही थि। शायदऐसी हरकत मेने अपनी जीवन मे नहीं कि थि। उसकी शॉर्ट्स कों ज़ोर सें सूंघते हुए मे अपनी बुर मे उंगली कररही थि। उत्तेजना मे मेरी साँसे उखड़रही थि। थोड़ी देर मे मेरी बुर नें पानी छोड़ दिया.
पिंकी की ब्लू फिल्म complete - ब्लू फिल्म – New Episode
मेनेतय कर लिया थां कि आजसाम कों जब अरुण कॉलेज सें वापस आएगा तोँ मे घऱ पऱ नाँ होने कां बहाने करछुप करफिन उसे देखोंगी। औऱ मुझे उमीद थि कि वोँ कल कि तरह मुझेघऱ पर्र नां पाकरफिन मेरी पॅंटी मे मूठ मरेगा। जब अरुण कां आने कां टाइम हौ गय़ा तोँ मेने अपनीदिन भर पहनी हुईँ पॅंटी कपड़ों केँ ढेर पे फैंक दि औऱ कमरे सें बाहर् जाकर खिड़की केँ पीछेचुप गई,। मेने अरुण केँ लिए एक् नोटलिख कर छोड़ दिया थां कि मे रात कों देर सें घऱ आवँगी। अरुण जैसे हि घऱआया तोँ उसनेघऱ पर्र किसी कों नां पाया। वोँ सीधे मेरे कमरे पहुंचा औऱ मेरी छोड़ी हुई पॅंटी उठाकर सूंघने लगा। उसने अपनी पॅंट खोली औऱ अपने खड़े लन्ड केँ चोरों औऱ मेरी पॅंटी कों लगामूठ मारने लगा। दूसरे हाथ सें उसने दूसरी पॅंटी उठा सूंघरहा थां। मे पागलों कि तरह अपने भइया कों मूठ मारते देखरही थि। मेनेसोच लिया थां कि मे चुपचाप कमरे मे जाकर अरुण कों यह करतेहुए रंगे हाथों पकड़ लूँगी। मे चुपके सें खिड़की सें हटी औऱ दबे पाँव चलतेहुए अपने कमरे केँ पास पहुँची। कमरे कां द्वार (दरवाज़ा) तोड़ा खुला थां। मे धीरे-धीरे सें कमरे मे दाखिल होँ उसे देखने लगी। उसकी आँखें बंद थि औऱ वोँ मेरी पॅंटी कों अपने लन्ड पे लापते ज़ोर ज़ोर सें हिलारहा थां। "अरुणयह क्याँ होँ रहा हैं?" मे ज़ोर सें पूछा। उसने मेरीओर देखा, "ओह मरगये." कहकर वोँ बैड सें उछालकर खड़ा हौ गय़ा। जल्द सें अपनी पॅंटउपर करबंद कि औऱ मेरी पॅंटी कों मेरे कपड़ों कों ढेर पे रख दि। उसकी आँखों मे डर औऱ शरम केँ भाव थें। हम् दोनो एक् दूसरे कों घुरेजा रहे थें। "आइआम सॉरी, मे इसतरह कमरे मे नहीं आनां चाहती थि, पऱ मुझे मालूम नहीं थां कि तुम् मेरे कमरे मे होगे." मेनेकहा। अरुण मुँहखोल कुछ कहना चाहता थां, पऱ शायदडर केँ मारे उसके ज़ुबान सें एक् शब्द भि नहीं निकला। "तुम् ठीक तौ हौ नां?" मेने पूछा। "मुझे क्षमा करदो." वोँ इतना हि कहसका। मुझे उसपरदया आँ रही थि, मे उसेइस तरह शर्मिंदा नहीं करना चाहती थि। "कोईबात नहीं, अब यहा सें जाओ औऱ मुझे नाहकार कपड़े बदलने दो." मेने शांत स्वरमे कहा जैसे कि कुछहुआ हि नहीं हैं। उसने अपनी गर्दन हिलाई औऱ चुपचाप वहा सें चला गय़ा। रात तक वोँ अपने कमरे मे हि बंदरहा। जब मां कम पऱ सें वापस आँ खानां बनाया तोँ हम् सभी खानां खाने डिन्निंग टेबल पर्र बैठे थें। अरुणमगर शांत हि बैठा थां। "बेटा अरुण क्याँ बात हैं आज इतने खामोश क्यूं बैठे होँ?" माँ नें पूछा."कुछ नहींमा बसथक गय़ा हूं, " उसने मेरी औऱ देखते हुए जवाब दिया। मे उसेदेख कर मुस्कुरा दि औऱ वोँ भि मुस्कुरा दिया। खाने खाने केँ बातरात मे मेने उसके कमरे पर्र दस्तक दि, उसने द्वार (दरवाज़ा) खोला."हाई" मेनेकहा। "हाई" "क्याँ बात हैं आजबात नहींकर रहे, तुम् ठीक तौ होँ?" मेने पूछा."ऐसे तौ ठीक हूं, बसआज जोँ हुआ उसकी शर्मिंदगी होँ रही हैं." उसने जवाब दिया। "शर्मिंदा होने कि ज़रूरत नहीं हैं, यहसभी होते रहता हैं, पऱ यह काब्से चलरहा हैं मुझेसच सच बताओ?" मेनेकहा। "वोँ ऐसा हैं नाँ मेरा मित्र जे, तुम् तोँ उसे जानती हि हौ। वोँ तुमसे प्रेम करता हैं। उसने मुझे 100 रुपए दियाअगर मे उसे तुम्हारे मे कमरे मे लाकर तुम्हारी पॅंटी दिखादू." "तौ क्याँ तुम् उसे लेकरआए?" मेने पूछा। "मुझे कहतेहुए लज्जा आँ रही हैं, पऱ मे उसे लेकरआया थां औऱ उसने तुम्हारी पॅंटी कों सूँघा थां। उसने मुझे भि सूंघने कों कहा औऱ मे अपने आपकोरोक नाँ पाया। तुम्हारी पॅंटी कों सूंघते हुए मे इतना गरमा गय़ा कि मे आज आपने आपको वापसयह करने सें रोक नाँ पाया." "वैसे तौ बहुत गंदी हरकत थि तुम् दोनो कि, फिन भि मुझे अच्छा लगा." मेने हंसते हुएकहा, "तुम्हारा जबजी चाहे तुम् यहकर सकते हौ." "सही मे! क्याँ मे अभि कर सकता हूं? माँ बापूसो रहे हैं." उसने पूछा। "एक् हि शर्त पर्र जब मे देख सकती हूं तभी." मेनेकहा। हम् लोग बिना हंगामा मचाए मेरे कमरे मे पहुँचे.
मेने टेलीविज़न ऑनकर दिया औऱ रूमबंद कर लिया जिससे सभीयही समझे कि हम् टेलीविज़न देखरहे हैं। अरुण मेरे कपड़ों केँ पास पहुँच मेरी पॅंटी कों लें सुंगने लगा। "मुज़ेः देखने दो." हंसते हुए मेने उसेके हाथ सें अपनी पॅंटी खींची औऱ ज़ोर सूँघी, "एम्म्म अहसी स्मेल हैं." हम् दोनो धीमे सें हँसे औऱ बेड पर्र बैठगये। "तौ तुम् दिन मे कितनी बारमूठ मारते होँ?" मेने पूछा."दिन मे कमसेकम 3 बार." उसने जवाब दिया। "क्याँ तुम् यहजे कों बताओगे कि आज मेने तुम्हे यह करतेहुए पकड़ लिया?" मेनेफिन पूछा। "अभि तक इसके बारे मैने सोचा नहीं हैं." "मेनेजे कों कईबार तुम्हारे संग देखा हैं। दिखने मे स्मार्ट लड़का हैं." मेनेकहा। "वोँ तुम्हे पाने केँ लिए उतावलापन रहा हैं." उसनेकहा। "तुम्हे क्याँ लगता हैं मुझे उसकेसंग सोना चाहिए?" मेने पूछा."हां इससे उसका सपना पूरा होँ जाएगा." उसनेकहा। हम् दोनोकुछ देर तक यूँ हि खामोश बैठेरहे, फिन मे उसकी आँखों मे झँकते हुए मुस्कुरा दि। "अरुणअगर तुम् मुझे अपना लन्ड दिखाओ तोँ मे तुम्हे अपनी बुर दिखा सकती हूं." मेनेकहा। अरुण नें मेरीतरफ मुस्कुराते हुएहां कर दि। हम् दोनोकुछ देरचुप चापऐसे हि बैठेरहे आख़िर उसने पूछा "पहलेकौन दिखाएगा?" "मुझे नहींपता." मेने शरमाते हुएकहा। "तुम् मेरा लन्ड दिन मे देख चुकी हैं इसलिये पहले तुम्हे अपनी बुर दिखानी होगी." वोँ बोला."ठीक हैं पहले मे दिखाती हूं, मगर तुम्हे दुबारा सें अपना लन्ड दिखना होगा, पहलीबार मे आछे सें देख नहींपाई थि." मेनेकहा। उसने गर्दन हिलाहां कर दि। मे बैड सें उठ उसके सामने जाकर खड़ी होँ गई,। मेने अपनी जीन्स केँ बटनखोल करउसे नीचसे खिसका दि औऱ अपनी काली पॅंटी भि नीचेकर दि। अब मेरी गुलाबी बुर ठीक उसके चेहरे केँ सामने थि। अरुण 10 मिनिट तक मेरी बुर कों घूरते रहा। मेने अपनी जीन्स उपर खींचबटन बंदकर पलंग पर्र बैठ गयीँ,, "अब तुम्हारी बारी हैं." अरुणबैड सें खड़ा होँ अपनी जीन्स औऱ शॉर्ट्स नीचे खिसका दि। उसका 7 इंची लन्ड उछालकर बाहर् आँ गय़ा.
क्रमशः.
पिंकी की ब्लू फिल्म complete - ब्लू फिल्म – New Episode
Pinky kee Blue Film!!!" paart--1
maira nam Pinky h। main southern Delhi मे apne maa papa केँ sath rehti hoon। Meri umra 19 साल h, Gora badan, kaale lambe baal, 5"4 कि height औऱ मेरी naino kaa rang bhura h। Ek दिन मे apni saheliyon केँ sath shooping krr घऱ pahunchi। Apne kamre मे pahunch meine apni mez कि daaraz kholi too paaya कि मेरी blue rang कि panty वहा rakhi hoyi thi। Meine कभी apny pany वहा rakhi hu yeh muze yaad नहि aa raha thaa। Itne मे मे kadmon कि awaz मेरे kamre कि औऱ badhte suni, मेरी samajh मे नहि आया कि मे क्याँ karun। main doud krr almari ja chupi। Dekhti hoon कि मेरा chota bhay Arun joo 18 साल kaa h apne friend Jay केँ sath मेरे kamre मे dakhil हुआ। "Pinky " Arun ne awaz lagayi। main khamosh khamosh chap almari chupi unko dekh rahi thi। "acha h woh घऱ पर्र नहि h। Jay मे pehli औऱ aakri baar yeh sab तुंहारे liye krr raha hoon। Agar use ptaa chl गय़ा too woh muze jan सें mar dalegi" Arun ne कहा। "Shkriya friend, tumhe too ptaa h tumhari behan kitni sunder औऱ sexy h." Jay ne कहा। Arun मेरा drawer khola औऱ woh blue panty nikal krr Jay ko pakda di। Jay ne woh panty hath मे लेकर use sunghne laga, "Arun tumhari behan कि chut कि khushboo abi bi ismein सें aa rahi h." Arun jameen पऱ nazren gadaye chup khada thaa। "yar yeh dhuli hoyi h अगर na dhuli hoty too chut केँ paani कि bi khushboo aa rahi hoty." Jay ne panty ko chumte hue कहा। "tm pagal hu gaye hu." Arun hanste hue बोला। "Come on Arun, mana woh tumhari behan h मगर tm iss बात सें inkaar नहि krr sakte कि woh bohot hi sexy h." Jay ne कहा। "main manta hoon woh bohot hi sunder औऱ sexy h, मगर meine yeh sab baatein apne dimag सें nikal di h। " Arun ne jawab दिया। "Agar woh मेरी behan hot too……." Jay kehne laga, "Kya tm उसके nange badan कि kalpana karte hue muth नहि marte hu?" Arun कुछ बोला नहि औऱ chup khada raha। "Sharmao mat yar, अगर मे tumhari स्थान hotha too yahi krta." Jay ne कहा। "क्याँ tumhari behan कोई bina dhuli hoyi panty यहा नहि h" "Jaroor yahi kahin hongi, मे dhundta hoon तब tak khidki पर्र nigah rakho अगर Pinky aati dikhe too batana." Arun kamre मे मेरी panty dhundne laga। Arun औऱ Jay yeh नहि ptaa thi कि मे घऱ aa chuki thi औऱ almari मे chip krr unki harkat dekh rahi thi। "woh rahi mil gai." Arun ne gande kapde केँ dher mien मेरी lal panty कि औऱ ishara karte hue कहा। Jay ne kapdon केँ dher मे सें मेरी lal panty uthai joo meine दोदिन pahle pehni thi। pahle woh कुछ der use dekhta raha। fir मेरी panty pe lage dhabbe ko apni naak केँ paas le jaa sunghne laga, "MMMM KYA SEXY SUGANDH h ARUN." Kehkar woh panty ko apne gaalon pe ragadne laga। "muze अब bi उसकी chut औऱ gand कि mehek aa rahi ismein सें." Jay बोला। "tm sai मे pagal hu gaye hu." Arun बोला। "Kyat um sunghna chohoge?" Jay ne pucha। "Kisi halat मे नहि." Arun sharmate hue बोला। "main janta hoon tm ise sunghna chahte hu। pr mujhse kehte sharma rahe hu." Jay बोला, "Chalo yar ismein sharmana kaisa aakhir हम् friend h." Arun कुछ der tak कुछ sochta raha, "tm wada karte hu कि iske bare मे kisi सें कुछ नहि kahoge." "Pakka wada krta hoon, " Jay ne कहा, "Aao अब औऱ sharmao mat, sungho ise kitni madak khushboo h." Arun Jay केँ najdeek pahuncha औऱ use हाथ सें मेरी panty le li। Thodi der use niharne केँ बाद woh use apni naak pe le jor सें sunghne laga जैसेकोई perfume कि mehek nikal rahi hu। muze yeh dekh केँ wishwas नहि hu raha thaa कि मेरा bhay मेरी hi panty ko iss prakaar sunghega। "sai मे Jay bohot hi sexy smell h, manna padega." Arun siskate hue बोला, "maira loda too ise sunghte hi khada hu गय़ा h." "maira bi." Jay apne loda ko sehlate hue बोला, "क्याँ tm अपना paani iss panty मे chodna chahoge?" "Kyat um serious hu?" Arun ne pucha। "ha" Jay ne jawab दिया। "mgr muze kisi केँ samne muth marna accha नहि lagta." Arun ne कहा। "Are yar मे कोई paraya thode hi hoon। Hum friend h औऱ dosti मे lajja kaisi." Jay बोला। "Thik h अगर tm kehte hu too!" Jay ne apni pant केँ button khole औऱ use नीचे khaska di। Pant नीचे khasakte hi उसका khada lauda uchal krr बाहर् nikal pada.
Usne एक् panty ko apne loda केँ charon tarf lapet लिया औऱ dusri ko apni naak pe laga li। fir Arun ne bi apni pant uttar Jay कि prakaar hi karne laga। Dono ladke uttejna मे bhare hue the औऱ apne loda ko hila rahe the। Dono ko iss halat मे dekhte hue मेरी bi halat bura hu rahi thi। Meine अपना badha apni pant केँ andar dal apni chut pe rakkha too paya कि मेरी chut gili hu gai thi औऱ usse paani choo raha thaa। Almari मे khade hue muze kaafi dikkat hu rahi thi पर्र sath hi apne bhay औऱ उसके friend ko मेरी panty मे muth marte मे puri garma gai thi। "maira aab chootne wala h." Mere bhay ne कहा। Meine saf देखा कि मेरे bhay kaa sharir थोडा akda औऱ उसके loda सें safed virya कि pickari nikal मेरी panty मे gir rahi thi। woh तब tak अपना loda hilata raha जब tak कि उसका sari paani नहि nikal गय़ा। fir usne apne loda ko achi prakaar मेरी panty सें poncha औऱ apne hath bi pauch liye। Thodi der मे Jay ne bi waisa hi किया। "Isse pahle कि tumhari behan aa jaye औऱ hame yeh krta हुआ pakad le, muze यहा सें jana चाहिए." Jay apni pant pehnte hue बोला। Dono ladke मेरे kamre सें chale gaye। main bi khidki सें kud krr ghumte hue घऱ केँ mein darwaje andar dakhil hoyi too देखा Arun dining table pe baitha sandwitch kha raha thaa। "Hi Pinky." Arun बोला। "Hi Arun kese hu?" meine jawab दिया। "aj tumhe aane मे kaafi late hu gai?" "ha dosto लोग केँ sath shopping मे thodi der hu gai." Meine jawab दिया। main kitchen mien gai औऱ apne liye कुछ khane ko nikalne lagi। muze ptaa thaa कि मेरा bhay मेरी औऱ kitna aakarshit h। jaesa hi mieh थोडा jhuki meine देखा कि woh मेरी jhankti panty ko hi dekh raha thaa। doosre दिन मे so krr late uth। muze काम पऱ jaana नहि thaa। Arun kaalej jaa chukka thaa औऱ maa papa कम pe jaa chuke the। main apni khole bistar pe padi thi। Ab bi मेरी naino केँ samne कल drishya ghum raha thaa। Meine apne kapdon केँ dher कि tarf देखा औऱ कल joo हुआ उसके bare मे sochne lagi। Kis prakaar मेरे bhay औऱ उसके friend ne मेरी panty मे अपना virya choda thaa। ptaa नहि yeh sab sochte hue मेरा hath कब मेरी chut pe chala गय़ा औऱ mien apni ungli सें apni chut कि chudayi karne lagi। main itni uttejna मे thi कि khud hi jor सें apni chut ko chod rahi thi, Thodi hi der मे मेरी chut ne paani chod दिया। main bistar सें khadi hu apne pure kapde uttar diye। Ab मे aine केँ samne nangi khadi hu apne badan ko nihar rahi thi। maira patla jism, gulabi chut sai मे sunder dikh rahi thi। Meine ghum krr apne chuttad पर्र hath phirane lagi। Mere bhay औऱ उसके friend ne sai कहा thaa मे sai मे sexy dikh rahi thi। Meine apne kapdo केँ pas pahunchi औऱ apni lal panty ko utha लिया। Jay केँ virya केँ dhabbe uspe saf dikhayi de rahe the। main panty ko apne nak pe लोग jor सें sunghne lagi। Jay केँ virya कि khushbu muze garma rahi thi। main apni jib nikal us bhabbe ko chatne lagi। Meri chut मे joron कि khujli hu rahi thi, aesa lag raha thaa कि मेरी chut सें angare nikal rahe hu। Arun ne joo panty मे अपना virya choda thaa use bi utha sunghne औऱ chatne lagi। Meine सोच लिया thaa कि jis prakaar Arun ne मेरे kamre कि talashi li thi usi prakaar मे bi उसके kamre मे ja krr dekhongi। bohot saalon केँ बाद मे उसके kamre मे ja rahi thi। Meien उसके bistar केँ नीचे jhank krr देखा too paya bohot si gandi magazines padi thi। fir उसके kapdon ko tatolne lagi, Uske kapdon मे muze उसकी shorts mil gai। Meri panty कि prakaar uspar bi dhabbo कि nishan the। main उसकी shorts ko apni naak pe le jaa sunghne lage। Uske virya कि khushboo aa rahi thi। sayad aisi harkat meine apni jindagi मे नहि कि thi। Uski shorts ko jor सें sunghte hue मे apni chut मे ungli krr rahi thi। Uttejna मे मेरी sanse ukhad rahi thi। Thodi der मे मेरी chut ne paani chod दिया.
Meine tay krr लिया thaa कि आज shaam ko जब Arun kaalej सें wapis aayega too मे घऱ पर्र na hone kaa bahana krr khamosh krr फिन use dekhongi। or muze umeed thi कि woh कल कि prakaar muze घऱ पर्र na paakar फिन मेरी panty मे muth marega। jb Arun kaa aane kaa वक्त hu गय़ा too meine apni दिन bhar pehni hoyi panty kapdon केँ dher pe faink di औऱ kamre सें बाहर् jaa krr khidki केँ piche khamosh gai। Meine Arun केँ liye एक् note likh krr chod दिया thaa कि मे rath ko der सें घऱ aaoungi। Arun जैसे hi घऱआया too usne घऱ पर्र kisi ko na paya। woh sidhe मेरे kamre pahuncha औऱ मेरी chodi hoyi panty utha krr sunghne laga। Usne apni pant kholi औऱ apne khade loda केँ choron औऱ मेरी panty ko laga muth marne laga। doosre hath सें usne dusri panty utha sung raha thaa। main paglon कि prakaar apne bhay ko muth marte dekh rahi thi। Meine सोच लिया thaa कि मे khamosh chap kamre मे jaakar Arun ko yeh karte hue range hathon pakad loongi। main chupke सें khidki सें hati औऱ dabe paun chalte hue apne kamre केँ paas pahunchi। Kamre kaa darwaaza थोडा khula thaa। main dhire सें kamre मे dakhil hu use dekhne lagi। Uski aankh बंद thi औऱ woh मेरी panty ko apne loda pe lapate jor jor सें hila raha thaa। "Arun yeh क्याँ hu raha h?" मे jor सें pucha। Usne मेरी औऱ देखा, "Oh mar gaye." Kehkar woh bistar सें uchal krr khada hu गय़ा। juldi सें apni pant ऊपर krr बंद कि औऱ मेरी panty ko मेरे kapdon ko dher pe रख di। Uski naino मे dar औऱ lajja केँ bahv the। Hum dono एक् doosre ko ghure ja rahe the। "I am sorry, मे iss prakaar kamre मे नहि आनां chahti thi, पर्र muze malum नहि thaa कि tm मेरे kamre मे hoge." Meine कहा। Arun munh khol कुछ kehna chahta thaa, पऱ sayad dar केँ mare उसके juban सें एक् shabd bi नहि nikla। "tm thik too hu na?" meine pucha। "muze maaf krr दो." woh itna hi kah saka। muze uspar kripa aa rahi thi, मे use iss prakaar sharminda नहि krna chahti thi। "koy बात नहि, अबयहा सें jao औऱ muze nahakar kapde badalne दो." Meine shant bahre swar कहा जैसे कि कुछहुआ hi नहि h। Usne apni gardan hilai औऱ chupchap वहा सें chala गय़ा। rath tak woh apne kamre मे hi बंद raha। jb maa कम पऱ सें wapis aa khana banaya too हम् sab khana khane dinning table पर्र baithe the। Arun मगर shant hi baitha thaa। "Beta Arun क्याँ बात h आज itne chup kyon baithe hu?" maa ne pucha। "Kuch नहि mummy bus thak गय़ा hoon, " usne मेरी औऱ dekhte hue jawab दिया। main use dekh krr muskura di औऱ woh bi muskura दिया। Khane khane केँ बात rath मे meine उसके kamre पऱ dastak di, usne darwaaza khola। "Hi" meine कहा। "Hi" "Kya बात h आज bat नहि krr rahe, tm thik too hu?" meine pucha। "ayese too thik hoon, bus आज joo हुआ उसकी sharmindgi hu rahi h." Usne jawab दिया। "Sharminda hone कि jarurat नहि h, yeh sab hote rehta h, पर्र yeh kabse chl raha h muze sacch sacch batao?" meine कहा। "woh aesa h na मेरा friend Jay, tm too use janti hi hu। woh tumse pyaar krta h। Usne muze 100 rupaiye दियाअगर मे use तुंहारे मे kamre मे lakar tumhari panty dikha du." "too क्याँ tm use लेकर aaye?" meine pucha। "muze kehte hue sharm aa rahi h, पऱ मे use लेकरआया thaa औऱ usne tumhari panty ko sungha thaa। Usne muze bi sunghne ko कहा औऱ मे apne aapko rok na paya। Tumhari panty ko sunghte hue मे itna garma गय़ा कि मे आज aapne aapko wapis yeh karne सें rok na paya." "Waise too bohot gandi harkat thi tm dono कि, फिन bi muze अच्छा laga." Meine hanste hue कहा, "tumhara जब jee chahe tm yeh krr sakte hu." "sai मे! Kya मे abi krr sakta hoon? maa papa so rahe h." Usne pucha। "Ek hi shart पऱ जब मे dekh sakti hoon तभी." Meine कहा। Hum लोग bina shor machaye मेरे kamre मे pahunche.
Meine TV on krr दिया औऱ kamraa बंद krr लिया jisse sab yahi samjhe कि हम् TV dekh rahe h। Arun मेरे kapdon केँ pas pahunch मेरी panty ko le sungne laga। "Mujeh dekhne दो." Hanste hue meine useke hath सें apni panty khinchi औऱ jor sunghi, "mmmm ahci smell h." Hum dono dhime सें hanse औऱ bed पर्र baith gaye। "too tm दिन मे kutni bar muth marte hu?" meine pucha। "Din मे kamse कम 3 baar." Usne jawab दिया। "Kya tm yeh Jay ko bataoge कि आज meine tumhe yeh karte hue pakad लिया?" meine फिन pucha। "abi tak iske bare mien socha नहि h." "Meine Jay ko कई bar तुंहारे sath देखा h। Dikhne मे smart ldka h." Meine कहा। "woh tumhe pane केँ liye tadap raha h." Usne कहा। "Tumhe क्याँ lagta h muze उसके sath sona चाहिए?" meine pucha। "ha isse उसका sapnaa poora hu jayega." Usne कहा। Hum dono कुछ der tak yun hi chup baithe rahe, fir mien उसकी ankhon mien jhankte hue muskura di। "Jay अगर tm muze अपना loda dikhao too मे tumhe apni chut dikha sakti hoon." Meine कहा। Arun ne मेरी tarf muskurate hue ha krr di। Hum dono कुछ der khamosh chap ayese hi baithe rahe aakhir usne pucha "pahle कौन dikhayega?" "muze नहि ptaa." Meine sharmate hue कहा। "tm मेरा loda दिन मे dekh chuki h इसलिये pahle tumhe apni chut dikhani hongi." woh बोला। "Thik h pahle mien dikhati hoon, मगर tumhe dubara सें अपना loda dikhana hoga, pehli baar मे ache सें dekh नहि payi thi." Meine कहा। Usne gardan hila ha krr di। main bistar सें uth उसके samne jaakar khadi hu gai। Meine apni jeans केँ button khol krr use nichce khiska di औऱ apni kali panty bi नीचे krr di। Ab मेरी gulabi chut thik उसके chehre केँ samne thi। Arun 10 min tak मेरी chut ko ghoorte raha। Meine apni jeans ऊपर khinch button बंद krr bistar पऱ baith gai, "Ab tumhari bari h." Arun bistar सें khada hu apni jeans औऱ shorts नीचे khiska di। uskah 7 inchi loda uchal krr बाहर् aa गय़ा.
kramshah.
पिंकी की ब्लू फिल्म complete - ब्लू फिल्म - Next part miss mat karna
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