ससुराल में सुहागरात complete - Lund Ki Malish - Latest Update 1
ससुराल मे सुहागरात --1
दोस्तो मे यानी आपका मित्र राज शर्मा एक् औऱ कथा लेकर हाजिर हूं। दोस्तो यह किस्सा उस वक्त कि हैं तब मे 23 साल कां थां.ग्रॅजुयेशन केँ बाद मेरीजॉब भि लग गई ओर मे कमाने लगा.मेरे घरवालों नें मेरी विवाह कि बातचीत सुरूकर दि.मेरे परिवार मे मेरे अलावा मेरे माता पिता ओर मेरी बड़ी बेहन जिसकी विवाह हौ चुकी थि ओर वोँ अपने पति केँ संग बहुतखुस थि.मे अपने बारे मे बतादूं। मेरी उँचाई करीब6.3? हैं ओर कसरती जिस्म कां मालिक हूं.मैने अपने लन्ड कि भि खूब मालिश कि हैं ओर मेरा लन्ड लगभग 9 इंच लंबाओर लगभग 2 इंच मोटाई वाला हैं.मेरे दोस्तो नें मेरे लन्ड कों देखा हैं ओर वोँ भि ताजुब करने लगतेओर कहते दोस्त तेरा लन्ड बहुत हि मोटाओर लंब हैं.पता नहीं तेरी पत्नि झेल भि सकेगी याँ नहीं.वैसे मैने बहोत हि सेक्सी हूं। मेरामन सेक्स करने कों बहुत करता हैं पऱ मैनेअब तक किसी सें सेक्स नहीं किया थां.हां ब्लू फ़िल्मे देखी थि ओर मां पिताजी कि चुदाई भि कईबार देख चुका थां.मेरे बापू कां लॉडा भि मेरे जैसा हि थां.मेरी मा कों वोँ अब तोँ वीक मे एक् दोबार हि चोद्ते हें पर्र जब भि वोँ चोद्ते हें तोँ सुभह मां ठीक सें चल भि नहीं पाती.मुझे भि सेक्स कि बहुत ख़्वाहिश होती थि पऱ किसीसे सेक्स नहीं किया थां। मे सोचता थां जोँ मजा पत्नि कों चोद्ने मे हैं वोँ किसी मे नहीं हैं। इसलिए मे मूठमार कर हि कामचला ता थां पर्र मेरा पानी भि बहुतदेर मे छूटता थां.मेरा हाथ तक दुखने लग जाता.मेरे घरवालोने दोतीन स्थान लड़की देखने केँ बाद मेरे पिताजी केँ एक् साथी केँ परिवार मे मेरा रिस्ता तयकर हि दिया.अब मेरे ससुराल वालों कां परिचय करवा दूं.मेरे पिताजी केँ मित्र जैनारायण अंकल कां काफ़ी अच्च्छा कारोबार थां.वोँ लोग यहींपास नोएडा मे हि रहेते थें। जैनारायण अंकल कि मौत लगभग 5 साल पहेले होँ चुकी थि.उनके परिवार मे उनकी पत्नि ओरदो लड़कियाँ थि.छ्होटी वाली ललिता उमर 17 सालओर बड़ी डॉलीउमर 20 साल.डॉली कि विवाह 2 साल पहेले हुई थि पऱ वोँ अपने पति सें ओर सासू माँ सें झगड़ा कर केँ आँ गई थि.जैनारायण अंकल कि पत्नि यानी ललिता कि मां कि मौत तौ 10 साल पहेले हि होँ चुकी थि ओर जैनारायण अंकल नें रूपानाम कि एक् टेलीविज़न मॉडेल सें विवाह करली थि.वोँ निहायती सुंदर ओर सेक्सी थि.बिल्कुल पारी जैसी। वैसे ललिता भि बहुत हि हसीन थि। मैने देखते हि उसे मनपसंद कर लियाओर जल्दी हि हमारी विवाह कर दि गई। मेरी पहलीरात बहोत हि खराबरही, मैने जैसी उसके कपड़े खोलने लगा उसने मुझेरोक दिया क्योंकि वोँ सेक्स केँ बारे मे ज्यादा कुछ जानती नहीं थि। वैसे मेरी बेहन नें उसे पहेले हि सभीबता दिया थां कि मर्द अपना लन्ड उसकी फुददी मे डालकर चोद्ता हैं.पऱ जब मैने अपना लॉडाउसे थमाया ओर उसनेजब उसे देखा तोँ वोँ रोनेलग गई ओर बोलि इतना बड़ा डंडाभला मे केसे लेँ पाउन्गी.मेरी फॅट जाएगी। मैनेउसे बहुत समझाया पऱ वोँ नहीं मानी.मुझे बड़ा क्रोध आया, क्यूकी हर मर्द चाहता हैं कि उस कि बीबीउस सें प्रेम सें चुद्वाए। फिन भि मैने सोचाचलो धीरे-धीरे धीरे-धीरे प्रेम सें समझा लूँगा.दो दिन तक मैने बहुत प्रेम सें मनाया पऱ वोँ मान नें कों सजधजकर नहीं थि.फ़िर मैने थोड़ी ज़बरदस्ती भि कि पऱ वोँ रेडी नहीं हुइ ओर मे उस पऱ ज्यादा ज़ोर ज़बरदस्ती नहीं करना चाहता थां.मे उसके जिस्म कां एक् भि अंग नहींदेख पाया थां हांउपर सें हि उसकी बुर ओर बूब्स कों सेह्लाया। तीसरे दिन हि वोँ रेडी होँ कर कहेने लगी तुम् बहुत परेशन करते हौ मुझे अपनेघऱ जानां हैं.मेरी बेहनओर मा नें उसे समझाया पर्र वोँ रोने लगी.माँ नें कहा बेटा इसे लेँ जा अपने ससुराल मे छोड़दे ओर अपनी सासू कों समझा देना कि इसेकुछ सीखाकर भेजे.मा भि बहुत गुस्से मे थि.वोँ भि जान चुकी थि कि मैनेअब तक सुहागरात नहीं मनाई हैं.मे भि गुस्से मे थां.मे उसे लेकर अपने ससुराल नोएडा उसे छोड़ने केँ लिएचला गय़ा। वहा उसकी सोतेली मा कों देखकर वोँ उस सें लिपट गई ओर रोने लगी.मे अंदरआकर मेरी बड़ी साली डॉली सें बातें करनेलग गय़ा.वोँ दोनोआपस मे क्याँ बातें कररही थि वोँ तौ नहींजान पाया पर्र उसने अपनेहाथ सें नाप बताते हुए मेरीओर इशारा किया तोँ मे समझ गय़ा मेरे टूल्स केँ बारे मे बतारही थि.मेउसे छोड़कर जानेलगा तौ मेरी सासू नें कहा दामाद जीदोदिन यहींरुक जाओ। वैसे भि ऑफीस सें तुमने छुट्टी हि लें रखी हैं.मे तब तक ललिता कों सभी समझा दूँगी.ओर मेरीओर अजीब नज़रों सें देखते हुए मुस्कुरदी.मेरी सासू माँ कि इसअदा सें मे हंस पड़ाओर मेरा टूल्स अकड़ने लगा.वैसे भि वोँ अपनेसमय कि ब्य्टी क्विन थि.ओरअब भि उनकीउमर हि क्याँ थि सिर्फ़ 30 साल? पऱ देखने मे वोँ बिल्कुल मेरी साली डॉली कि हि उमर कि लगती थि.उससमय हि मेरेमन मे आयाकास इसे हि चोद्ने कों मिलजाए तौ इसकी बुर कां भोसड़ा बना दूँगा। फिन उन्होने डॉली कों बुलाया ओरकहा लेँ जा अपनी बेहन कों ओरइसे कुछ समझा.वोँ दोनो बहने अपने कमरे मे चली गई। मे फ्रेश हौ करआया ओर फ्रिड्ज सें जैसे हि बॉटल निकाली तौ मैने देखा उसमे बीअर केँ टीनरखे हुए थें.मे सोचने लगायह कौन पीता होगा?कोई मर्द तोँ यहा हैं हि नहीं.पऱ अधिक सोचे बगैर मैने रूपा देवी (मेरी सासू माँ) सें कहा मे अपने दोस्तों सें मिलकर लौट आउन्गा.वोँ बोलीं ठीक हैं.मे वहा सें निकलकर अपनेकुछ दोस्तो सें मिलने चला गय़ा.साम लगभग 8 बजे मे लौट आया.संग हि मे बीअर केँ कुछटीन ओर एक् वॅट 69 कि बॉटल लेँ आया.मे जब वापसआया तब ललिता औऱ डॉलीघऱ पर्र नहीं थि। वोँ कही अपनी सहेली केँ घऱ गई हुईँ थि। मेरी सासू माँ रूपा मेरा प्रतीक्षा कररही थि.मेरे आते हि उसने बीअर वग़ैरा लेँ लियाओर बोलीं खानां खाओगे? मैनेकहा ललिता ओर डॉली नें खा लिया? वोँ बोलीं वोँ दोनो अपनी सहेली केँ घऱ गई हुई हें वहीं रुकेंगी.उसके भइया कि विवाह हैं.फिन बोलि मैने फ्राइड चिकनओर मटन बनाया हैं.बोलो तौ लेँ आउ.मैने कहा लेँ आओ.संग मिलकर खा लेते हें कुछ.उसने खानां लगाया ओर मेरेलिए ग्लास लेँ आई.मैने कहा रूपाजी आप् कों भि मेरासंग देना होगा। वोँ मना करनेलगी मेनियीयैयियी नाआ बाबा नाअ.मैने कहाअब बनोमत मे फ्रिड्ज मे बीअर केँ टीनदेख चुका हूं.मेरे संग पीने मे क्याँ हर्ज हैं.आओना मजा आएगा.फिन वोँ मान गई ओर बोलीं ठीक हैं मे अभि आई.वोँ थोड़ी देर मे वापस आगाई.मगर अब नज़ारा बदल चुका थां, उन्होने अपनी सारी निकलकर एक् नाइटी पहन्लि थि। ससूजीका सफ़ेद रंग उसमे बहोत हि खिलरहा थां। उनकी चुचिया जिनकी साइज़ 36-38 हैं बड़े हि उभार केँ संग दिखाई देरही थि। उनकी नाइटी कां गला काफ़ी बड़ा होने सें उस्मेसे उनकी अंदर कि काली ब्रासॉफ नज़र आँ रही थि.अबउस कमरे मे सिर्फ़ मे ओर मेरी सासू हि थि.मैने उनकेलिए ड्रिंक बनाया ओरसंग खानां खातेहुए ड्रिंक करने लगे.लगभग 3 टीन हम् दोनो नें खातेहुए पूरेकिए। खाने केँ बाद जैसे हि सासू मुझ सें बाते करनेलगी, मैने उनको पहलीरात वाला किस्सा सुनाया तोँ वोँ दंगरह गयीँ,। मेरी ससूजीकी उमर 30 साल हैं। वोँ बड़े हि प्रेम सें मुझ सें बातकर रही थि.मैने उनकोजब येबात बताई तौ पहले थोड़ी सि घबराई मगरबाद मे हसनेलगी। मुझे उनके व्यवहार पे बहोत हि क्रोध आनेलगा थां.
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मैनेदो पेग बनाएओर उसमे 69 डाली.उन्होने पीतेहुए धीरे-धीरे सें मेराहाथ अपनेहाथ मे लियाओर बोलीं ” जानेदो नां राजनयी कली हैं अभि तक किसी सें चुद्वाइ नहीं हैं नां, एसीलिए लन्ड कां मज़्ज़ा जानती नहीं हैं.मैने कहा पर्र उसकी बड़ी बेहन तोँ विवाह शुदा हैं.वोँ तौ जानती थि। वोँ थोडा नर्वस होँ कर बोलि नहीं वोँ भि लन्ड कां मजालिए बगैर हि आँ गई हैं.मैनेकहा वोँ क्यूं.तौ वोँ बोलि विवाह कि पहेली रात कों हि उसका पति कारगिल चला गय़ा हैं.अब तक नहीं आया.उसने सिर्फ़ उसे नंगा हि किया थां ओर मोबाइल आते हि वोँ चला गय़ा। तुम् चिंता नाँ करो मे उसको समझा दूँगी.” उनकी खुली बातें सुनकर मे तौ दंगरह गय़ा। उन्होने फिन मुझसे पुछा। “तुमने पहलेकभी किसिको चोदा हैं?”। मैनेकहा नहीं मात्र मूठ मारी हैं। तोँ वोँ बड़ेचाव सें बोलीं “किस केँ लिए?”। मैनेकहा “बहुतसी लड़कियों केँ लिए औऱ औरतो केँ लिए”.ओर ओर्र्र्ररर वोँ बोलीं हांहाँ कहोना.आआआअ.मैनेकहा तुम्हे याद करके भीईीई ओर मैने अपनी नज़रें झुका ली.मुझे लगा थां वोँ शायद नाराज़ होँ जाएगी, मगर वोँ खुश हौ गयीँ,। उनकी आँखों मे मुझेनशा दिखाई देरहा थां.मेरा लॉडाअब अपने काबू मे नहीं थां। वोँ पेंट सें बाहर् आने कों मचलने लगा थां। उन्होने मुझे औऱ पास बुलाकर मेराहाथ अपनी जाँघो पऱ रखा औऱ बोलि.”तुम्हारे लन्ड कां साइज़ क्याँ हैं?” अब मे भि मस्ती मे आगेया थां मैनेकहा “9 इंच” वोँ बोलीं “यकीन नहीं होता हैं”। तौ मैने उनकाहाथ लेकर सीधे अपने खड़े लन्ड पर्र रख दिया। ससूजी कि सेक्सी बातो सें मेरा लन्ड खड़ा हौ गय़ा थां। उन्होने जैसे हि मेरे लन्ड कों च्छुवा मेरेबदन मे एक् अलग सां नशाछा गय़ा। उनके हाथो सें जैसे हि लन्ड कां टच हुवा उन्होने अपनाहाथ झटके सें पीछेकर लिया। मैनेकहा “क्याँ हुवा, ” वोँ घबराकर बोलीं। ” अरेयह तौ वाकई बहोत बड़ा हैं”मैने अब तक इतना मोटाओर लंबा लॉडा नहीं देखा। मैने फिरसे उनकाहाथ लेकर अपने लन्ड पऱ रखा औऱ धीरे-धीरे सें दबाया, उनको बहोत हि मजाआया। उन्होने भि मेराहाथ अपनी चुचियों पर्र रखा औऱ बोलीं “तुम् एसे दबाओ”। मैने महसूस किया कि उनकी चुचिया बड़ी सख़्त हौ गई, थि। थोड़ी देर तक हमारा यही दबाने कां प्रोग्राम चलरहा थां। अब मैने उनकी नाइटी केँ हुकखोल दिए। उन्होने भि मेरी पॅंट कि सुकून खोल दि। अबमुझ सें रहा नहीं गय़ा। मैने उनकी नाइटी पूरी उतार दि। अब वोँ मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा औऱ निकर पे थि, मे उनके नंगे शरीर कों देखने लगा.उनकी चुचियाँ आम केँ शेप मे थि औऱ वोँ काफ़ी कड़क नज़र आँ रही थि। उन्होने भि मेरे कपड़े उतारदिए। अब मे भि सिर्फ़ अंडरवेर पऱ थां। उसमे मेरा 9 इंच कां लन्ड खड़ा होँ केँ सबको दर्शन देरहा थां। उनकी नज़र उसपेसे हट नहींरही थि.उनकी टाँगे काफ़ी गोरी औऱ मस्त दिखाई देरही थि। मैने उनकी ब्रा कां हुक खोलना चाहा तोँ वोँ बोलि.” मे निकाल देतिहु” मेनेकहा “नहीं”। क्योंकि मेरे शैतान दिमाग़ मे अजीबसा ख़याल आया। मैने उनकोकहा कि आप् मेरी अंडरवेर उतारदो मगर हाथो सें नहीं बल्कि अपनेमूह सें। उनको बड़ा अचंभा लग। तौ मे खड़ा होँ गय़ा औऱ उन्होने मूह मेरी नाभि पऱ रखा। वोँ धीरे-धीरे सें मेरा अंडरवेर अपनी दात्तों मे पकड़कर नीचे कि तरफ खिसकाने लगी। हम् दोनो कों एक् अजीबसा मजा मिलने लगा। वोँ तौ पूरी मस्त होँ गई,, औऱ बोलीं “मुझेआज तक इतनामजा कभी नहींआया थां” फिन मेरा खड़ा लन्ड मेने उनकेमूह मे दे दिया पहले तौ उन्होने थोडा मना कियाफिन शुरुआत होँ गयीँ,। वोँ तौ मेरे लन्ड कों आइस्क्रीम कि तरहचूस रही थि। मेरा लन्ड अब बिल्कुल रेडी होँ गय़ा थां। फिन मेने उनको ज़मीन पर्र उल्टा लेटने कों कहा औऱ कहा “कि अब देखो मे तुम्हारी ब्रा कों केसे उतारता हू?” मे उनकीपीठ पर्र बैठ गय़ा औऱ अपने तानेहुए लन्ड कों उनकीपीठ पर्र रगड़ने लगा.फिन मैने उनकी ब्रा केँ हुक मे लन्ड कों फासकार उसको निकालने कि कोशिश करनेलगा मगर उनकी ब्रा बहोत हि टाइट होने केँ कारण मुझे परेशानी होँ रही थि.मेरे लन्ड कां स्पर्श अपनेपीठ पऱ पाकर तौ वोँ मेरी दीवानी होँ गयीँ, थि.फिन मेने अपने लन्ड कों हुक मे फासकार एक् ऐसाझटक दिया कि उनकाहुक टूट गय़ा। वोँ मेरे लन्ड कि ताक़त देखकर दंगरह गई,। फिन मैने उनकी पॅंटी भि उतार दि। उनकी बुर बिल्कुल सॉफ थि। लगता थां अभि अभि झांतें सॉफ कि थि.उसके गुलाबी फाँकदेख कर मेरा मन्खुशि सें भर गय़ा। जैसे हि मैने उनकी बुर मे अपनी उंगली डाली वोँ तडप गई उनकीमूह सें आआआः…। आआआआआः कि आवाज़े निकलनी शुरुआत हौ गई.मैने महसूस कियाक़ी वोँ पूरी मस्त हौ गई, थि। मैनेउसे बाहों मे भर लियाओर चूमते हुएकहा रूपा मेरीजान क्योना अपनी बेटी कि स्थान तुँ हि मेरेसंग सुहागरात मनालें.वोँ कुछ बोलि नहीं.मे उसे चूमते हुए बेडरूम मे लें आयाओर बेड पर्र धकेलकर उसकेबदन सें खेलने लगा.मे उस पर्र लेटकर उसकी चूंचियों कों दबाते हुएचूम रहा थां ओर वोँ बुरीतरह सें सिसकरही थि। अब उनसेरहा नहीं गय़ा उन्होने मेरा लन्ड हाथों मे लेँ कर अपनी बुर पऱ रखाओर अपनी गांद उच्छाल कर अंदर लेने कि कोसिस करनेलगी पऱ उसकी बुर 5 सालों सें बंद पड़ी थि सूपड़ा अंदर घुसने कि बजाए फिसलरहा थां.उसकी बुर सें। मैने उनकी टाँगे अपनी कंधो पऱ रखीओर अपने लन्ड कों बुर पऱ रखकर हल्के सें पुश करके सूपड़ा फँसा दियाओर एक् करारा झटका दिया कि लन्ड लगभग लगभग4इंच तक उसकी बुर मे घुस गय़ा ओर वोँ बुरीतरह सें चीख पड़ी.मैने फिन लन्ड थोडा खींचा ओरफिन एक् धक्का दे मारा, मेरा लगभगआधे सें अधिक लन्ड बुर मे घुस चुका थां। मगरइस झटके सें उनकी आँखों मे पानीभर आया। वोँ चिल्लाने लगी ” छोड़दो मे मर जाउन्गि, तुम्हारा लन्ड नहीं ख़ुंता हैं” मैने उनकोकहा “यह तोँ अभि शुरूवात हैं” मेरीजान तुँ देखती जा अभि तेरी क्याँ हालत करता हूं.उनकी आँखो मे डर दिखाई देरहा थां.मैने फिन थोडा संभाल कर अपने हाथो सें उनकी चुचिया ज़ोर सें मसलीफिन उनके निप्प्ल कों मुहमे लेकर दात्तों सें काटने लग। तोँ वोँ फिन सें लन्ड खाने कों तैय्यार होँ गई,। फिन मैने अपना पूरा लन्ड बाहर् निकाल करफिन सें एक् ऐसा झटका मारा कि पूरा लन्ड बुर कों फाड़कर अंदरचला गय़ा.वोँ झोर ज़ोर सें चिल्लाने लगी नहियीईई छोडादूओ मेरीफट जाएगीइइई मे मर जौंगिइइइ मगर मैने उनकी तरफ़ ध्यान नहीं दिया औऱ अपने लन्ड कों अंदर बाहर् करनेलगा। कुछदेर मे हि उसने पानी छोड़ दियाओर उसका जिस्म कंम्पने लगा.अब उनका दर्द खुशी मे बदल गय़ा। वोँ भि पूरेचाव केँ संग मेरा लन्ड अपने अंदर लेनेलगी। मेरी रफ़्तार तेज़ हौ गयीँ,। थोड़ी देरबाद वोँ फिनझार गयीँ,। मगर मे पूरेताव मे थां। मैने अपना लन्ड बाहर् निकाल लिया औऱ उनकेमूह मे दिया, हम् दोनो कि लज्जा तोँ शराब नें ख़तमकर हि दि थि.वोँ मेरे लन्ड कों ज़ोर ज़ोर सें चूसने लगी.वोँ चाहती थि मे उसके मुँह मे हि झारजाउ इसलिए वोँ ज़ोर ज़ोर सें मुठियाते हुएचूस रही थि.मगर मेरेमन मे तौ कुछ औऱ हि थां। मे पिछे सें उसकी बुर कों सहेलाने लगा तोँ वोँ कुछदेर मे हि गर्म होनेलगी। मैने अपना लन्ड मूह सें निकाला ओरकहा रूपा रानीतेल लें आओ.वोँ बोलि क्यूं राजअब क्याँ ज़रूरत हैं.मैने कहाअब मे तेललगा कर चोद्ना चाहता हूं.उस बेचारी कों क्याँ मालूम मे क्याँ करने वाला हूं.वोँ तेल लें करआई तौ मैनेकहा अपने हाथों सें लगा दो.उसने मेरे लन्ड कों पूरीतरह तेल सें रगड़ दिया.फिन उसे लेटाकर उसकी गांद केँ नीचे तकिया रख दियाओर कहा मेरी प्यारी सासू जीअब मे तेरी वोँ मजा दूँगा जिसे तूँ कभी नहीं भूलेगी। मैने उनके दोनो हाथों कों उठाकर सिर सें लेटेहुए बिस्तर केँ छेद सें बाँध दियाजिस सें उनकी चूंचियों मे ओर भि कसाब आँ गय़ा ओर वोँ ओर भि टाइट हौ गई.थोड़ी देर मे उन्हे बारी बारी चूस्ता रहाजिस सें वोँ ओर भि ज्यादा गरमा गई ओर बोलीं राजाअब ओर क्याँ करोगे चोदो नाँ मुझे। मैने दोनो टाँगो केँ बीच अपनेहाथ डालकर आंटी कीलेटे हुए बुर पर्र लन्ड टीकाया ओर एक् हि धक्के मे पूरा कां पूरा अंदर उतार दिया। तेल कि वजह सें उसे ज्यादा परेशानी तोँ नहीं हौ पाई पऱ उसके मुँह सें चीख अवश्य निकल गई। कुछ हि देर मे वोँ बड़बड़ाने लगी ओराजाआ बड़ामजा आयाआ मेरे लड़की केँ तोँ भागखुल गईई क्याँ मजेदार लन्ड हाईईईईईईईई चोद्द फाड़दे आआअज इसकी सारी खुजली मिटा दे.ओह आआआहस्स्स उसकी बुर सें पानी बहनेलगा। पूरारूम पचपच कि आवाज़ सें गूँजरहा थां। वोँ जैसे हि मस्ती मे झरनेलगी मैने लन्ड निकाल कर फ़ौरन गांद केँ छेद पऱ रखाओर जोरदार धक्का मार दिया.
क्रमशः…………………………….
ससुराल में सुहागरात complete - Lund Ki Malish – New Episode
गतान्क सें आगे……………………………….
वोँ अचानक हुएइस हमले सें बिलबिला उठी.उसने मुझ सें छूटने कि कोसिस कि पर्र उसकेहाथ बँधेहुए थें ओर मेरी पकड़ काफ़ी मजबूत थि.उसका मुँह खुला कां खुलारह गय़ा। मैनेजान भुजकर एक् ओर करारा धक्का तोँ मेरा लन्ड उसकी गांद मे जड़ तक समा गय़ा। उसकेमूह सें ज़ोरदर चीख निकल गई ओहमामर जाउन्गि यह क्याँ कर दिया निकाल ईसीई.मे उसकेउपर लेट गय़ा ओर उसके होंठो कों कसकर चूमते हुए ज़ोर ज़ोर सें चोद्ने लगा। मेरी सासू कि गांद इतनी टाइटलग रही थि जैसे केँ 18 साल कि लड़की कों चोदरहा हूं। हमारी चुदाई केँ फटके पूरे कमरे मे गूँजरहे थें। वोँ बिलबिला रही थि पऱ कुछ करनही पारही थि.मे ज़ोर ज़ोर सें धक्के मारते हुए गांद मरतारहा। औऱ संगसंग उसकेदूध कों मसल नें लगा, औऱ कभी उसकी बुर कों ज़ोर ज़ोर सें रगड़ नें लगा उसका बुर कां पानीबह कर उसकी गांद कि ओर आँ गय़ा जिस सें मुझे लूब्रिकेट मिला औऱ मेरा लन्ड रूपा कि गांद मे अब मक्खन जैसे चलनेलगा। मेरे लन्ड मे अब सनसनी सि होनेलगी, हमारी चुदाई कों लगभग 20-25 मिनिट हौ चुके थें। इतनी टाइट औऱ गर्म गर्म गांद केँ सामने अब मेरे लन्ड नें जवाबदे दिया, मैने अपना लन्ड गांद सें निकाला ओर बुर मे डाल दिया.लगभग 5 6 धक्के मे हि मेरा ज्वालामुखी फॅट गय़ा ओर वोँ बुरीतरह मुझसे चिपक गई.उसने भि संगसंग पानी छोड़ दिया। मैने उसके होंठअब जाकर छोड़े ओर पुछा कैसालगा जान.वोँ रोतेहुए बोलि भलाऐसे भि कोई करता हैं? मैने उसकेहाथ खोल दिए.मे उसे प्रेम सें चूमने लगाकुछ देर मे वोँ नॉर्मल होँ गई। वोँ बोलि.” अच्छा हुवा कि तुमने मेरी बेटी कों चोदा नहीं, वरना वोँ तौ मर हि जाती.जब तक वोँ लन्ड लेने केँ लिए रेडी नहीं होँ जाती तुम् मेरेसंग सुहागरात मना सकते हौ। घऱ मे आकर मेरेसंग सुहागरात मनाया करो.” मे तोँ खुस होँ गय़ा थां कि बेटी केँ संग मे मा फ्रीमिल गयीँ,। उसे शायदअब भि काफ़ी दर्द हौ रहा थां.वोँ उठकर बाथरूम जानेलगी पऱ वोँ ठीकचल नहींपा रही थि.बाथरूम सें लौटकर वोँ विस्की कि बॉटल लें आईओरदो पेग बनाकर हम् दोनो नें पिए.वोँ बोलि राजमजा तौ बहुतआया पर्र दर्द भि बहुत हुवा.मेरी गंद तौ तूने फाड़ दि हैं शायद.मैने कहा कहां फटी हैं.सलामत तौ हैं.हां अब दर्द नहीं होगा.उस रात मैनेउसे एक् बारओर खूब चोदाओर एक् बार गांद मारी। चोदते हुएकब सुभह होने कों आईपता हि नहीं चला.हम् एक् दूसरे सें लिपटे हुएकब सोगएपता नहीं चला.जब उठेतब 8 बज चुके थें.मेरी बड़ी साली आँ चुकी थि ओर वोँ हम् दोनो कों नंगा एक् दूसरे कि बाहों मे नंगादेख चुकी थि., मेरी सासू माँ कि बुर औऱ गांदसूज कर पकोड़ा बन गयीँ, थि। मैनेफिन उसे किसी कि परवाकिए बिना एक् बारओर चोदा.वोँ उठकर कपड़े पहेनकर जानेलगी तौ ठीक सें चल भि नहींपा रही थि.बाहर् निकली तोँ उसकी नज़र डॉली(मेरी साली ) पऱ पड़ी। वोँ एक् दम सहेम गई.मे भि बाहर् आया.मैने सोचाचलो अच्च्छा हैं इसेपता चल गय़ा.मेरा काम आसान हौ जाएगा.होँ सकता हैं साली कि बुर भि मिल जाए.वोँ बोलीं डॉली क्याँ बात हैं ललिता कहां हैं.? वोँ हड़बड़ा कर बोलीं ओवऊूओ वूऊ आँ रही हैं.फिन वोँ बोलीं मोम तुम् जीजू केँ कमरे मे क्याँ कररही थि.ओरयह लड़खड़ा कर क्यूं चलरही हैं.वोँ हंसते हुए बोलि कुछ नहीं गांद केँ पास फोड़ा निकलआई हैं इसलिए वोँ ऐसेचल रही हैं। डॉलीहंस पड़ीओर कुछ बोलि नहीं.रूपा जल्दी बाथरूम चली गई.डॉली मेरेपास आईओर बोलि जब इनकीयह हालत हैं तोँ तुम् ललिता कि क्याँ हालत करोगे? फिन मेरे लन्ड कों दबाते हुए अपने कमरे मे भाग गई.मे बाथरूम फ्रेश हौ कर आँ गय़ा.तब तक ललिता भि आँ गई.वोँ रूपा सें बातचीत कररही थि ओर मुझेदेख कर थोडा डर भि रही थि। मेरी सासू नें मुझसे कहा मैनेउसे समझा दिया हैं.धीरे-धीरे धीरे-धीरे वोँ समझ जाएगी कि विवाह केँ बाद क्याँ होता हैं.मैने उन्हे खींचकर बाहों मे भर लियाओर कहासमझ जाए तोँ ठीक वरना तुम् तौ हि हि.वोँ मुस्कुरा करअलग हौ गई ओर बोलीं दामाद जी समझाउन दोनो नें देख लिया तोँ गजब होँ जाएगा.मैने कहा डॉली तोँ देख हि चुकी हैं अबडर काहेका.पर्र वोँ मुझसे अलग हौ कर मुस्कुराते हुए बोलि सबर कर्लो मेरे राजाआज तुम्हारी सुहागरात अवश्य मनवाउंगी ललिता सें, पऱ मुझे तुम् भूलना मत.अब मे तुम्हारे बिना नहींरहे पाउन्गि.तुमने मेरी भावना कों फिनजगा दिया हैं.मैने कहाकभी नहीं मेरीजान बोलो तौ अभि हि.वोँ अलग होँ कर मुझसे चूमकर चली गई। मे ब्रेकफास्ट करने केँ बादचला गय़ा.अपने दोस्तों सें मिलाओर हम् बार मे व्क्स्की पीकर फिल्म देखने चले गए.फिल्म बहूत अधिक सेक्सी थि। नग्न औऱ संभोग केँ द्रश्यो कि भरमार थि। फिल्म देखते हुए मे कईबार उत्तेजित होँ गय़ा थां सेक्स कां बुखार मेरेसर पर्र चढ़कर बोलने लगा थां। घऱ लौटते टाइम मे फिल्म केँ चुदाई वाले सीन्स कों बारबार सोचरहा थां औऱ जब भि उन्हे सोचता, ललिता ओर डॉली कां चेहरा मेरे सामने आँ जाता.मे बेकाबू होनेलगा थां.मैने आज फ़ैसला कर लिया थां कि आजअगर ललिता अपनी मर्ज़ी सें राज़ी नहीं होगी तोँ मे उसकारेप कर दूँगा.मैने वाइग्रा लें लीओरफिन अपने ससुराल जानेलगा। मे बेकाबू होनेलगा थां। मैनेमन बना लिया कि आज चाहे जोँ भि हौ, अपनी पत्नि कों याँ साली कों चोदूगा अवश्य.औऱ अगर वोँ भि राज़ी नहीं हुईँ तौ अपनी सासू माँ कि बुर कां भोसड़ा बनादुँगा.घऱ पहुचने पऱ डॉली नें दरवाजा खोला। मेरी नज़र सबसे पहले उसके भोले भाले मासूम चेहरे पर्र गई, फिन टी-शर्ट केँ नीचेधकी हुइ उसकी नन्ही चूचियो पऱ औऱ फिन उसके टाँगो केँ बीच चड्धी मे छुपी हुइ छ्होटी सि मक्खन जैसी रसीले चूत पे। मुझे अपनीओर अजीब नज़ारो सें देखते हुए डॉली नें पूच्छा, “क्याँ बात हैं जीजू, ऐसे क्योदेख रहे हैं?” मैनेकहा, “कुछ नहीं। मे थोडा लड़खड़ाते कदमो सें अंदरआया। अंदर मेने देखा डॉली शायद बीअरपी रही थि.घऱ पर्र ओरकोई दिख नहींरहा थां.तीन बीअर केँ टीन खाली दिखाई देरहे थें.मैने डॉली कों देखा तौ वोँ मस्तलग रही थि.नशे केँ खुमार मे थि। मैनेकहा ललिता ओर मां कहां हैं? वोँ बोलि ममाजी केँ घऱ पऱ गएहुए हें.देर सें लौटेंगे.क्याँ बात हैं?डॉली.बस ऐसे हि…… तबीयत कुछ खराब हौ गई हैं.हाथ पेर मे थोडा दर्द हैं.सोचा ललिता सें कुछ ….डॉली बोलीं। “अपनेकोई दवाली याँ नहीं? अभि नहीं.” मैने जबाब दिया औऱ फिन अपने कमरे मे जाकर लूँगी पहनकर बैड पऱ लेट गय़ा। थोड़ी देरबाद डॉलीआई औऱ बोलीं, “कुछ चाहिए जीजूजी मन मे आया कि कहदू.” “साली मुझे चोद्ने केँ लिए तुम्हारी बुर चाहिए.” पर्र मे ऐसाकह नहीं सकता थां। मैनेकहा “। डॉली मेरे टाँगो मे बहोत दर्द हैं। थोडा तेलला कर मालिश करदो प्ल्ज़.”
ससुराल में सुहागरात complete - Lund Ki Malish - Next part mein bada twist
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