Adultery नेहा बह के कारनामे Desi sex story Neha bahu ki chudai ki kahani, ravindra ke saath uski suhagrat ki raat, kamuk kirdar, desi sex story, bhabhi ki chudai, devar bhabhi ki chudai, sexy bhabhi ki kahani, hindi sex kahani, hinglish sex story
Adultery नेहा बह के कारनामे - Desi sex story - Complete Kahani All Parts
नेहाबह केँ कारनामे
लेखक - Casinar
दोस्तों, ये स्टोरी नेहाबहू कि हैं। अब सिर्फ़ अकेली उसकी किस्सा तोँ हौ हि नहि सकती। दर असल जितने लोग उनसे जुड़े हुए हें किसी भि तरह, ये उन सबकीकथा हैं। हाँ मुख्य किरदार नेहा हैं। तौ इसे ट्रेलर समझिए
****
*
*****
उसकी विवाह 18 साल कि उम्र मे रवींद्र सें हौ गई थि। रवींद्र दूर एक् गाँव कां थां औऱ किसान थां, जोँ अपने बाप औऱ छोटे भइया प्रवींद्र केँ संग रहता थां। मां चलबसी थि। रवींद्र केँ पिता नें उसकी विवाह 19 साल कि उम्र मे हि करवा दिया क्योंकी घऱ मे एक् महिला कि सख्त जरूरत थि जौ घऱ केँ काम-काज करसके औऱ घऱ संभाल सके।
रवींद्र एक् बहोत अजीबतरह कां लड़का थां जौ किसी सें कभीबात वगैरह नहि करता थां औऱ अपने आप् मे गम, खामोश, खोया रहता थां। उसको एक् किश्म कि दिमागी प्राब्लम थि। मन केँ अंदर कि नसों मे कुछ गड़बड़ थां। कभी-कभी एक् दौरा जैसा पड़ता थां मगर खतरे वालीबात बिल्कुल नहि थि। जब उसको किसी मुश्किल कां सामना करना पड़ता थां तौ उसकेहाथ औऱ उंगलियां थरथराने लगते थें औऱ संग मे उसकासर भि हिलने लगता थां औऱ उसके पशीने छूटते थें।
उसका वोँ रोग देखने परिवार कि औरतें आती हें। अब क्योंकी रवींद्र कि मम्मी नहि थि तौ रिश्तेदारों मे जौ भि
औरतें थि उन्होंने येकाम किया।
रवींद्र केँ पिता पहले सें हि दुविधा मे थें, ये सोचकरके कि पता नहि रवींद्र सुहागरात सही सें मना पाया याँ नहि। क्योंकी उसको तौ पता थां कि उसका बेटा ऐसे मौकों पऱ थरथराने लगता हैं औऱ अपने आप् मे स्वयं कों बंदकर लेता हैं। पिता कों डर थां कि औरतें कहीं कमरे सें वापसआकर ये नाँ कहें कि खून नहि हैं चादर पर्र। रवींद्र केँ पिता नें याद किया कि जिसदिन नेहा कों पहलीबार देखने केँ लिए रवींद्र कों गाँव लेँ गय़ा थां तौ किसतरह सें रवींद्र काँपने लगा थां, जब नेहा उसको बहुत सर्व करनेआई थि। पिता कों औऱ रिश्तेदारों कों रवींद्र केँ रोग केँ बारे मे पता थां।
मगरसभी यही कहते थें कि एक् बार उसकी विवाह होँ जाएगी तोँ रोग गायब होँ जाएगा। सबकायही खयाल थां कि विवाह केँ बाद उसकी थरथरी, कंपन, पशीने कां छटनासभी खतम होँ जाएगा।
Adultery नेहा बह के कारनामे - Desi sex story – New Episode
सुभह कों उसके कमरे सें औरतें वापसआई तोँ पताचला कि उनकेखाट केँ चादर पऱ कहीं एक् कतराखून भि नहि दिखाई दिया। बाद मे पूछताछ केँ बादपता चला कि रवींद्र नें सेक्स हि नहि किया नेहा केँ संग, वोँ नेहा कि तरफपीठ करके सोयारात भर।
औरतों नें नेहा सें बात किया। सबने नेहा कों समझाया- “कि उसे अपने पति कों रिझाना चाहिए उसको अपनीतरफ खींचना चाहिए वगैरह-वगैरह."
खैर, दिन गुजरते गयेमगर कुछ भि नहि हुआ, रवींद्र औऱ नेहा केँ बेडरूम मे। सुहागरात अब भि बाकी थां। विवाह केँ एक् हफ्ते केँ बाद सें रवींद्र केँ पिता स्वयं बैडचेक करने जाता थां, जब नेहा नहाने चली जाती थि तब। येकाम रवींद्र कि एक् फूपी नें सौंपा थां उसको औऱ कहा थां कि जिसदिन खून दिखे उसकोखबर करने कों ताकी वोँ रस्मों कों पूरा करने केँ लियेकुछ औरतों कों लेकरआए।
अब छोटे भइया प्रवींद्र कों सभीपता थां कि क्याँ माजरा हैं। उसकोपता थां कि उसके बड़ा भइया नें सुहागरात नहि मनाई हैं, हालांकी एक् हफ़्ता गुजर गय़ा थां। अब प्रवींद्र उस सिचुयेशन कों सोचते हुए अपनेमन मे गंदे खयालात पालने लगा थां। स्वयं सें कहता रहता-“काश मुझको हि एक् रात केँ लिए भइया बुला लेँ अपने बेडरूम मे तौ भाभी कि चादर कों मे हि लालकर दूं औऱ भइया क्रेडिट लें जाए। काश ऐसा होँ सकता?” प्रवींद्र भि 18 साल कां थां, बिल्कुल अपनी भाभी नेहा कां हम्-उम्र।
नेहा एक् बहोत हि हसीन लड़की थि। नाँ औऱ पतली, नां मोटी, पतलीकमर, फिगर बिल्कुल कमला कि थि, सफ़ेद रंग, जान लेवा मुश्कुराहट, उससे भि औऱ कातिलाना आँखें, आवाज़ तौ ऐसी कि कानों मे शहदघुल जाए। कोई भि मर्द उसपरजान निसार करदे, ऐसी थि नेहा। उसकी अदाएं बहोत आकर्षक थीं। उसको रिझाना आता थां
औऱ वोँ बहोत सेडक्टिव औऱ कामुक दिखती थि। उसके होंठ औऱ आँखें जैसे निमंत्रण देरही हों। उसकी चूचियां बहत हि नाप तौलकर जैसे बनायी गई हों, नाँ औऱ बड़ी औऱ नाँ हि छोटी, जिसे देखकर कोई भि मर्द उसकीतरफ खिंचा चला जाता।
हालांकी कपड़े केँ अंदर हि क्यूं नाँ हौ, नेहा कां जिश्म भि जैसेऊपर वाले नें बड़ी फुर्सत सें बनाया हौ। उसकीकमर, गाण्ड, पीठ, गला, सभीकुछ जिश्म कां हर एक् हिस्सा जानलेवा थां। 18 साल कि उम्र कि ऐसी जवान थि वोँ, जिसमें एक् बच्ची औऱ एक् महिला भि नजरआती थि। जब वोँ चाहती थि तौ एक् कम उम्र कि बच्ची कि तरहपेश आती, वरना एक् स्त्री कि तरह दिखती।
बहोत हि अच्छी शुरुआत..
bohot acchi shuruwat bhay
Adultery नेहा बह के कारनामे - Desi sex story – New Episode
प्रवींद्र कि बहोत हि जल्द नेहा सें अच्छी दोस्ती होँ गई औऱ दोनों मे छेड़खानी भि शुरुआत होँ गई घऱ मे। दोनों एक् दूसरे सें खुली छेड़खानी करते, अपने पिता औऱ रवींद्र कि हाजिरी मे भि। हाथों सें भि एक् दूसरे कों मारते, कभी प्रवींद्र नेहा कां बाल खिंचता याँ नेहाकभी मुट्ठी बाँध करके प्रवींद्र कों मारती। येसभी पिता औऱ बड़े भइया रवींद्र केँ सामने भि होता थां। उन दोनों कों उसतरह सें छेड़खानी करते देखकर रवींद्र सोचता कि दोनों भइया औऱ बेहन कि तरह खेलते हें औऱ पिता भि उसीनजर सें दोनों कों देखता थां।
मगर रवींद्र केँ पिता कों इसबात कि बहोत चिंता होँ रही थि कि नयीबहु घऱ मे आँ तौ गई मगर अभि तक कँवारी बैठी हैं। दूसरा हफ़्ता होँ गय़ा थां। वोँ हर सुभहउन दोनों केँ कमरे मे जाता औऱ चादरचेक करतामगर किसी भि दिनखून कां कोई निशान उसे नहि मिला। इस तरह धीरे धीरे एक् महीना गुजर गय़ा। उधर सें बाकी
तेदार रवींद्र केँ पिता सें हररोज खेत मे उस बारे मे बात करते, यहा तक कि रवींद्र केँ पिता तंग आँ गये औऱ स्वयं नेहा सें बात करने कां फैसला किया।
तोँ एक् रात कों मौके कां फायदा उठाकर रवींद्र केँ पिता नें नेहा सें रवींद्र कों रिझाने कों कहा। अपने तरीके सें उसने नेहा सें कहा कि वोँ रवींद्र केँ लगभगजाए, उसको सहलाये, चूमे, उसके जिश्म पऱ अपनाहाथ फेरे वगैरह वगैरह।
नेहा कों ससुरजी सें ऐसी बातें सुनकर बहोत हि लज्जा आई औऱ उसका चेहरा ऐसालाल हुआ जैसेअब खूनटपक पड़ेगा, उसके गालों सें। मगर नेहा समझती थि औऱ उसेपता थां कि उसको एक् प्राब्लम हल करना हैं, औऱ बहोत औऱ दिन गुजर चुके हें। वोँ समझती थि कि उसके ससुरजी नें उसी कि भलाई केँ लिएसभी कुछकहा उससे। दिन, हफ्ते, महीने गुजरते गये।
अब प्रवींद्र नेहा कों ठरकभरी नजरों सें देखने लगा औऱ उसको अपनेबैड पर्र लेटाने कों सोचने लगा। जब भि नेहा नहाने केँ लिए जाती तौ रवींद्र कां छोटा भइया, प्रवींद्र अपनी भाभी कों किसी नां किसीतरह सें झाँकने जाता। अपने पिता केँ बाहर् जाने कां हमेशा प्रवींद्र इंतेजार करता औऱ जल्द सें नेहा केँ संग मे समय गुजारता वोँ। फिन एक् दिन प्रवींद्र नें बहोत हिम्मत करके अपनी नेहा भाभी कों पीछे सें अपनी बाहों मे जकड़ा, जब वोँ नहाने केँ बाद अपने बालों कों सुखारही थि। एक् समय केँ लिए नेहा कों लगा कि वोँ हररोज कि तरह मजाक मे छेड़खानी कररहा थां, मगर जल्दी बाद नेहा कों झटकालगा, औऱ प्रवींद्र कों जोर सें धक्का देतेहुए ठीक सें व्वहार करने कों कहा उसको।
मगर प्रवींद्र नहि माना औऱ नेहा कां हाथ पकड़कर उसको अपनी बाहों मे जोर सें खींचा।
Adultery नेहा बह के कारनामे - Desi sex story - Kahani ab aur interesting hogi