"मम्मी बेटे कि गंदी कामवासना" - Complete Kahani All Parts
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यह किस्सा एक् सीधी भोली भाली मां औऱ उसके बेटे कि हैं, जिसमे ढेर सारा गंदा सेक्स, गंदी बातें होंगी। कृपया सहयोग बनाएरखे
रूपा:-कथा कि असल नायिका
उम्र 46 साल, एवरेज हाइट काठी, भरा हुआ शरीर, उम्र केँ इस पड़ाव पर्र भि जिस्म कसाहुआ हैं। सफ़ेद चिट्ठा रंग, 38 इंची केँ मादकता सें भरेहुए कसेहुए चुचे, हल्का बाहर् कों निकला हुआपेट, गहरी नाभि, ओर नीचे दुनिया कि बेहतरीन चीज रुपा कि अमृत सें लबालब बुर, जिसपे हल्के भूरेरंग केँ छोटे छोटेबाल।
46 इंचीकमर मे मौजूद रूपा केँ दो अनमोल छेद जिसकी मादकमहक सें व्यक्ति मचलजाए। ऐसी कामदेवी कां अवतार हैं रूपा
करमु:- 48 साल केँ करमु पेशे सें एक् किसान हैं।
एक् खेत हैं इसकेपास जिसमे यह खाने केँ लिए अनाजऊगा लेते हें। करमु कि सारी दुनियां उसकेखेत तक हि सीमित थि, दिनभर खेत मे लगा रहतासाम कों थकहार करसो जाता
बेटी:- चंपा, 26 साल कि शादीशुदा स्त्री, गाँव केँ पास हि लगते गाँव मे इसकी विवाह प्यार सें कर दि,
फिलहाल इसके एक् लड़का हैं जौ छोटी उम्र कां हैं।
चम्पा कां बदन अपनी मम्मी कि तरहभरा हुआ थां। गोल सुडौल बड़ी मम्मों, जौ विवाह केँ बादओर गदरा गयीँ, हें, बाहर् कों निकली गांड जोँ सबके लौड़े कां पानी निकालने केँ लिए बहुत हैं।
बेटा भूरा:-कथा कां नायक, उम्र 20 साल, दुबला पतला जिस्म, गाँव केँ हि सरकारी विद्यालय मे 11th कक्षा कां छात्र हैं, दिनभर आवारागर्दी करता रहता हैं। हर बुराई कि चीजों सें वाकिफ हैं। बुरी आदतों कि वजह सें
अपने बाप कि मार झेलता रहता हैं। पऱ भूराढीट हैं वोँ घण्टे दो घण्टे मे सभीभूल कर फिरसे बुरे कामों मे लगा रहता।
बाकी जौ भि सदस्य ऐड होगा उसका इंट्रोडक्शन स्टोरी मे आने केँ बाद दिया जाएगा।
भागबस सजधजकर हैं वक़्त नहींमिल पारहा हैं। एक् दोदिन मे बड़ाभाग आपको दिया जाएगा। संयम बनाये रखे।
"मम्मी बेटे कि गंदी कामवासना" – New Episode
वाउ दरअसल मे ऐसी हि किसी किस्सा केँ तलाश मे थां जिसमें ढेर सारा गंदा सेक्स, गंदी बातें हौ,
अब वोँ कैसी होती हैं वोँ तौ पहला एपसोड पढ़ने केँ बाद हि पता चलेगा औऱ संभव हौ तोँ किस्सा कों ज्यादा लंबी रखियेगा ताकिमज़ा बनारहे,
फिलहाल नईकथा केँ लिए शुभकामनाएं।
"मम्मी बेटे कि गंदी कामवासना" – New Episode
एपसोड:- 2
हमारे घऱ मे दो कमरे हें उनके सामने बरामदा हैं
बाथरूम घऱ केँ सामने आंगन मे बनाहुआ हैं जहां पानी कां नललगा हुआ हैं।
एक् सुभह मेरी आँखें खुलती हैं औऱ मे कमरे सें बाहर् निकलकर पानी केँ नल पर्र हाथ मुँह धोकरघऱ सें निकल जाता हूं। आज मौसम बहोत सुहाना हुआपड़ा थां। ठंडी ठंडी ताजीहवा चलरही थि। गावँ केँ लोग जंगल कि तरफचल दिये थें, कुछ औरतें, हाथों मे लोटालिए हगनेजा रही थि। गाँव मे बहोत कम लोगो केँ पास स्वयं कां लेटरिंग बाथरूम नहीं थां वोँ सभी सुभह हि जंगल होने निकल जाते।
मे अपनी मंजिल पऱ पहुंच जाता हूं जहां मे अक्सर आता थां। यहां एक् नीम कां पेड़ थां जिसमे चढ़कर मेनेनीम कि दांतुन तोड़कर ऊपर हि बैठ गय़ा। औऱ दांतुन करनेलगा। आसपास गेंहू केँ खेत थें जिनमें अभि बसबीज हि बोया गय़ा थां।
मे दांतुन करके नीचे उतरा औऱ फ्रेश होकरघऱ कि तरफचल पड़ा। घऱ पहुँचा तोँ मम्मी चुहलें पऱ बैठी किसी सें फ़ोन पर्र बातकर रही थि। मे मां केँ पासआया ओर वहींबैठ गय़ा। मम्मी नें मुझेकप मे गरमचाय दि औऱ मे पीनेलगा। मां कि बातों सें लगा कि वोँ दिदी सें बातकर रही थि। मम्मी नें कुछदेर बात कि ओर मोबाइल रखकर मुझसे बोलि।
मां:- बेटा चम्पा कां फ़ोनआया हैं उसे सिलाई मशीन कि जरूरत हैं। तेरे पिताजी मशीन लेँ आये हें तुम् लेकरचले जानां तेरे जीजाजी केँ पास वक्त नहीं हैं। इसलिये तुँ नहा धोकरचले जानां उधर। आज विद्यालय मत जानां।
मे:- मां मुझसे नहीं होगा, मुझे विद्यालय जानां हैं, मेरी पढाईछूट जाएगी मां
तभीबगल मे खटिया पऱ बैठे पिताजी मेरीबात सुनकर बोले, लाड़ साहब तूँ कब सें पढ़ाई कि चिंता करनेलगा,
दिनभर आवारा सांड कि तरह गाँवभर मे फिरता रहता हैं, तूँ कब सें पढ़ाई कि टेंशन लेनेलगा।
मम्मी:- अजी आप् बसकरो, सुभह सुभह तानेमत मारो।
पिताजी:- हाँकुछ मत बोलो इससे, तुम्हारे लाड़ नें इसकोचढा रखा हैं, पीछेतीन साल सें यह आवारा 11th कक्षा मे हि अटका हैं। उसकी चिंता नहीं हैं तुम्हें।
मां:- बेटा तुम् आज छुट्टी कर लेना औऱ अपनी दिदी कों सिलाई मशीन देनेचले जानां।
मे:- ठीक हैं मां।
इतना कहकर मे कमरे मे आँ गय़ा औऱ फ़ोन मे डूब गय़ा ओर मस्त सि पोर्न देखने लगा। मुझे पोर्न देखने कां शौक़ थां खासकर ऐसी पोर्न जिसमे कोई गदराई स्त्री कों कोई लड़का बेरहमी सें पेलरहा हौ। फिलहाल मे ऐसी पोर्न देखरहा थां जिसमे एक् काला सां नोजवान लड़का किसी मोटी स्त्री कों गोद मे उठाए कमरे कि फर्श पऱ खड़ा थां औऱ ओरउस महिला कों अपने काले लम्बे मोटे लंड सें हचकहचक करचोद रहा थां, चोदते चोदते उस महिला कां मूत फर्श पऱ गिररहा थां जिसे squirt कहते हें।
10 बजे केँ आसपास मे नहाने केँ लिए गुसलखाने मे घुस गय़ा औऱ नहा धोकर खानां खाया औऱ सजधजकर हौ गय़ा दिदी कों संग लाने केँ लिए।
मम्मी:- हौ गय़ा रेडी बेटा
मे:- हाँ मां होँ गय़ा, पैसेदे दो किराये केँ लिए।
मां नें अपने ब्लाउज सें कुछ पैसे निकाले ओर मुझेचूम करकहा " बेटे आहिस्ता जानां औऱ कुछ फ्रूट दिदी केँ घऱ लेँ जानां। दोपहर वही आरामकर लेना औऱ साम कों आहिस्ता आँ जानां।
मे घऱ सें निकलकर ऑटो स्टैंड पर्र आया औऱ फिन निकल गय़ा दिदी कि तरफ। दिदी कां ससुराल हमसे करीब-करीब 30 किलोमीटर दूर थां।
रास्ते सें मैने सिलाई मशीनओर कुछ फ्रूट लिएओर कोई 2 घण्टे केँ बाद मे आखिर दिदी कि सुसराल पहुंच गय़ा।
दिदी केँ घऱ मे तीन कमरें बनेहुए थें दो नीचेओर एक् ऊपर थां। दिदी ऊपर कमरे मे रहती थि
दिदी कां घऱ बहुत अच्छा बनाहुआ थां क्योंकि दिदी केँ ससुरजी बैंक मे नोकरी करते थें।
दिदी केँ घऱ मे उसके सासू-ससुरजी, एक् ननदी, थि।
ननदी अभि जवान थि मगर विवाह नहीं हुई थि वोँ कॉलेज जाती थि मेडिकल कां कोर्स करने।
जीजाजी मिस्त्री हैं वोँ शहर मे लोगो केँ घरो कों बनाते हें।
मे अंदर गय़ा तोँ दिदी घऱ केँ आंगन मे बैठी अपने बेटे सोनू जोँ कोई 4 साल कां थां उसे सुलारही थि।
मेने दिदी कों प्रणाम किया औऱ दिदी नें मेरेसर पऱ हाथ फेराओर फिन पानी लेनेचली गई,।
दिदी ओर मेरी उम्र मे 6 साल कां फर्क थां, मगरइस वक़्त दिदी पूरी महिला जैसीबन गई,। एक् साल पहले दिदी जबघऱआई थि तब मोटी नहीं थि, पर्र अब दिदी कां बदन पूराभर गय़ा थां। यौवन कि जिस पड़ाव पऱ महिला मे कामरस उबाल मारता हैं दिदी उस पड़ाव पर्र थि। दिदी कां पिछवाड़ा अबबड़ा रूप लें चुका थां। सीना भि अब खुलके उभरआया थां।
दिदी नें पानी दिया औऱ घऱ कां हालचाल पूछकर आराम करने केँ लिए कमरे मे लें गयीँ,। दिदी नें एक् रात रुकने कां बोला तौ मे भि मना नहींकर सका। आखिर बहोत दिनबाद दिदी केँ यहां आनांहुआ हैं।
ऐसे हि साम होँ गयीँ,। मे दिदी केँ कमरे सें निकलकर नीचेआया तौ मुझे उनकी सासू दिखी जोँ पलँग पर्र बैठी थि वहीं उसकी बेटी पायल थि जौ किताबें खोलकर पढ़रही थि।
मे दिदी सें कहकर बाहर् टहलने केँ लिए निकल गय़ा औऱ इधरउधर टहलता रहा इतने मे हल्की रात सि हौ गई, तोँ मे वापिस घऱ कि तरफबढ़
घऱ पहुंच कर दिदी नें खानां दिया औऱ मे उसके कमरे मे आँ गय़ा। जीजाजी नें शहर मे काम शुरुआत कररखा थां वोँ घऱ नहीं आँ सकते थें।
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"मम्मी बेटे कि गंदी कामवासना" - Aage kya hua? Next part padhiye
भागबस रेडी हैं वक्त नहींमिल पारहा हैं। एक् दोदिन मे बड़ा एपसोड आपको दिया जाएगा। संयम बनाये रखे।
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