बेटे नें माँ कों रगड़ रगड़ केँ चोदा – New Episode
बेटे नें माँ कों रगड़ रगड़ केँ चोदा – New Episode
मेरी तोँ बस एक् हि तमन्ना थि कि आजइसछुट कि धज्जिया उड़ादू जिससे मे बाहर् निकला। मम्मी पसीने सें नहा चुकी थि। उनकेबाल गर्दन सभी पसीने सें तर हौ चूका थां, पसीने कि बदबू मुझे औऱ मदहोश कररहा थां। मे मम्मी कों सरक कि रंडी कि तरह छोड़रहा थां फिरभी लन्ड अभि भि पूरा नहि घुसा थां अभि भि करीब-करीब १-२इंच अन्दर जानां थां। मम्मी मुझसे लगातार विनती कररही थि "बेटा मुझेछोड़ दे मे तुम्हारी मम्मी हूं। मे मार जाऊंगी। यह तेरा लन्ड मेरे जैसे छोटेछुट केँ लिए नहि हें। आअआआहहह्ह्ह। मार्र्र माँआरररररररररर्रर्र डाला रेईई.!" मे कुछ नहि सुनरहा थां लगातार चोदेजा रहा थां। एक् तरह सें मे मां कां रेप (बलात्कार) कररहा थां.
लगभग१५ मिनट केँ चुदाई केँ बाद वोँ नोर्मल हूई औऱ अपना चुतरऊपर उछलने लगी.तभी मैंने बारे प्रेम सें मम्मी कों चूमा औऱ पूछा "आनंद आँ रहा हैं मम्मी.?" तौ मम्मी बोलीं "तुम् तौ बरे जालिम हौ। मैन तौ मार हि जातीआज। भला इतना मोटा तगरा लन्ड किसी कां होता हैं। यह व्यक्ति कां लन्ड हैं याँ घोड़े कां." तौ मे बड़े प्रेम सें उसके forehead (सर, आँख केँ ऊपर कां हिस्सा, कपार) कों चूमा औऱ कहा "मां यह तेरे बेटे कां लन्ड हैं जोँ इसी बुर सें निकला थां." तभी मम्मी बोलीं "औऱ आजइसी बुर कों फारने पे लगा हुवा हैं." औऱ हसनेलगी.! तभी मे बोला"हर मम्मी कों ऐसा बेटा नसीब थोड़े होता हैं जोँ उसी कि बुर कि प्यास बुझाए" तौ मां बोलि "हम्म!यह भि सही हैं."
इसीतरह बात-चित जारी थि। तभी मम्मी बोलि "अब मे झररही हूं जोर सें धक्के मार." मैंने भि जोर सें एक् धक्का मारा कि मम्मी फिन सें तिलमिला उठी.तभी उनके बुर सें ढेर सारा पानी बहनेलगा.! मेरा लन्ड मम्मी कि बुर कि पानी मे नहा केँ औऱ फूल गय़ा। औऱ चिकना होँ गय़ा। (जौ १इंच केँ करीब बाकी थां मै वोँ भि घुसा चूका थां इसलिए मम्मी तिलमिलाई थि.) अब लन्ड भि थोडा आसानी सें बाहर्-अन्दर होँ रहा थां। मैंने लन्ड कों मम्मी केँ बुर मे पूरा घुसाकर उनको बांहों मे भरा औऱ उठाकर बिस्तर सें निचे लें आया, तोँ मां बोलि "क्याँ कररहा हैं.? कहां लेँ जारहा हैं.?" मे बोला "कहीं नहि मां। बस तुम् देखती रहो."फिन मैंने मम्मी केँ कमर तक कां हिस्सा बिस्तर पर्र रखा, औऱ टांग कों मैंने हाथ सें पाकरलिए औऱ फिन छोड़ने लगा तौ मां बोलि "केसे-केसे छोड़रहा हैं। कहां सें सिखायह सभी.?" तौ मे बोला"कही सें नहि मां बस चुदाई कि कुछ फोटो देखे हें इसतरह केँ." औऱ मे छोड़ने लगा.!! बाहर् कुछअलग हि तूफान बहरहा थां औऱ घऱ मे कुछअलग हि, मुझे तौ घऱ केँ अन्दर कि तूफ़ान पसन्द थां.
इसीबीच मम्मी फिन सें एक् बारजहर गई,.!! अबघऱ मे फच-फच कि आवाज़ गूंजने लगी.घऱ कां बातावरण एकदमबदल चूका थां। कभी-कभी मां मेरीआँख मे देखकर हंस भि देती थि फच-फच कि आवाज़ सुनकर। एक् बारऐसे हि हसते हूवे बोलीं "कितना कमीना हैं मेरा बेटा.!! अपनी मां कों चोद दियाआज। तूँ अब माधरचोद हैं बेटा." मे हंस दिया औऱ चोदता रहा लगभग१ घंटे कि चुदाई केँ बाद मे अब झरने वाला थां तोँ मे बोला "मम्मी मे अब झरने वाला हूं." तोँ मां बोलीं "थोडा संभल अपने आप् कों मे भि झरनेवाली हूं.!" फिन मैंने धोरा संभाला अपनाप कों औऱ फिन १०-१२ जोरदार धक्के दिएफिन हम् दोनों झरगए। मे उनकेऊपर वैसे हि लेट गय़ा। मुझमे उतनी ताकत नहि थि कि मे ऊपरचढ़ सकू
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लगभग१५ मिनट तक मे वैसे हि लेटारहा, उसकेबाद जब थोडा होशआया तौ मैंने मां केँ चेहरे कों देखा, मम्मी पूरी संतुष्टता भरी नजरो सें मुझेदेख रही थि। तौ मैंने उनके निचले होठ केँ निचे चूमा औऱ कहा "क्याँ देखरही होँ ऐसे मां.?" तौ मम्मी मेरेबाल सहलाते हूवे बोलि "कुछ नहि बेटा! बस पुरानी यादो मे खो गयीँ, थि." तौ मैंने पूछा "कैसी पुरानी यादे मम्मी.?" तौ मम्मी बोलि "यही कि जिस छोटे सें बच्चे कों मैंने वर्षो पहले जन्म दिया थां, वोँ आज अपनी मां कों चोदकर, अपनी मम्मी कों खुश करके, बेटा होने कां फ़र्ज़अदा कर दिया." तबतक मे अपने लन्ड कों मम्मी कि पेटीकोट सें साफ़कर चूका थां। औऱ बिस्तर पर्र चढ़ चूका थां। फिन मैंने मां कों अपने दोनों बांहों केँ बिचभरा औऱ कहा "मम्मी! यह तौ बस शुरुवात हैं तेरा कर्ज चुकाने कां। मे तुम्हारी ख़ुशी केँ लिएकुछ भि कर सकता हूं." तौ मम्मी मेरेगाल पे चिकोटी काटते हूवे बोलीं "तोँ क्याँ तूँ मेरा सैयां बन केँ रहेगा.?" मैंने भि मां केँ गाल पे दांत काटते हूवेकहा "तौ इसमें बुराई क्याँ हैं मेरी मां.?" मां कि बुर सें मेरा वीर्य बाहर् बहरहा थां। उनके दोनों जांघ पर्र औऱ गांड पे भि बहकरजा चूका थां। मम्मी बोलीं "अब तोँ मे भि चाहती हूं कि तूँ मेरा मेरे सैंया बन केँ रहे पऱ अगरकभी लोगो कों पताचल गय़ा तौ हम्." तभी मे मम्मी कि बात कों काटते हूवे मम्मी कों अपने बांहों मे जोर सें भरकर उनके होठो कों जोर सें चूमा औऱ फिन बोला "मेरी प्यारी मम्मी! तुम् दुसरे कि चिंता क्यूं करती हौ.?" औऱ फिन मैंने मम्मी केँ गाल पे दांतकाट लिया!फिन सें मेरा लन्ड खड़ा होँ चूका थां। बस मां कों फिन सें गर्मकर रहा थां। मम्मी "आआह्ह्ह." कि चीख निकली। औऱ फिन मैंने बोला"जब हम् औऱ तुम् किसी कों नहि बताएँगे तौ किसी कों केसेपता चलेगा?" औऱ फिन मे उनके गर्दन कों जानवर कि तरह चाटने-चूमने लगा। तौ मम्मी मुझे हटाते हूवे बोलि "औऱ अगर तेरे बापू कों पताचल गय़ा तोँ। फिन तौ मुझेमार डालेंगे." तौ मैंने बड़े प्रेम सें उनकेबाल कों सहलाया, मम्मी मेरी आँखों मे बेबसभरी नजरो सें देखरही थि। मे भि उनके आँखों मे देखते हूवेकहा "तुम् चिंता मत्तकरो जब तक मे हूं आपकोकुछ नहि होगा। औऱ बापू कों भि तभीपता चलेगी नां जबकोई बताएगा! औऱ हम् दोनों मेसे तोँ कोई बताने वाला हैं नहि। तोँ तीसरा कौन बतायेगा.?" फिन मैंने उन्हें अपने सिने सें जोर सें चिपका लिया। मां नें भि मुझेजोर सें पकड़ली औऱ बोलि "तुम् दुनिए मे सबसे प्यारे बेटे हौ जोँ अपनी मम्मी केँ बारे मे इसतरह सोचता हैं." तौ मै बोला थोडा मजाकिया अंदाज मे "हां मम्मी उसकेकई कारण हैं" तोँ मां बोलीं "अच्छा! कौन-कौन सि.?" तौ मे बोला "पहला आप् मेरी मां हें, दूसरा आपसे मे बहुत प्रेम करता हूं, तीसरा आप् बहुत खुबसूरत भि हैं, चौथा आपकाहाल पिताजी केँ बिना क्याँ होता हैं वोँ मे समझता हूं" तभी मां बोलि "बस-बस! नहि तोँ आगे बोलेगा कि आपने मुझे चोदने दिया। औऱ आगे भि चोदने देंगी.
तौ मैंने पूरे मस्ती भरे अंदाज मे अपने दोनों पैरो मे फसाया उनके टांगो कों औऱ फिन दोनों हाथ सें उनको अपने बांहों मे भरते हूवे बोला "तोँ मेरी मां अब मेरेमन कि बात समझने लगी हैं." औऱ फिन मे मां केँ गर्दन औऱ छाती केँ उपरी हिस्से कों चूमने लगा.जब मैंने दोनों टांगो सें उनके टांगो कों दबाया तोँ शायद उन्हें मेरा वीर्य जोँ उनके बुर सें निकलरहा थां वोँ चिप-छिपा सां लगा, तोँ मम्मी बोलीं कुछ चिप-चिप कररहा हैं औऱ उठकर बैठीफिन देखने लगीतभी उन्हें मेरा वीर्य गांड पे भि महसूस हुवा। तौ मां बारे आश्चर्यचकित होकर मेरेतरफ देखने लगी.फिन अपने पेटीकोट सें साफ़ करनेलगी तोँ मे बोला "क्याँ देखरही थि प्यारी मां?" तौ मां वीर्य साफ़ करते हूवे बोलि "इतना वीर्य तौ तेरे बापू नें कभी नहि गिरग मेरी बुर मे" तोँ फिन मे मस्ती भरे अंदाज मे बोला "जोँ काम बाप सें नहि होँ पाया वोँ बेटा कररहा हैं नां मम्मी." औऱ फिन मे मां कों अपनीतरफ झपटा, औऱ मम्मी केँ होठो कों चूमने लगा! मां मुझे हटाने कि कोशिश कररही थि उम्मममम। उम्म्ममम्म.!! पर्र मेरा लन्ड फिन सें धूम मचने केँ लिए सजधजकर थां इसलिये मे छोड़ नहि रहा थां। औऱ फिन मैंने एक् हाथ सें मां कि बुर कों सहलाने लगा! मम्मी मुझसे बचने कि कोशिस करतीरही पऱ जबबात नहि बनी तौ आख़िरकार उन्हें अपने बेटे केँ सामने आत्म समर्पण करना पड़ा औऱ फिन मम्मी भि संग देनेलगी। अब हम् दोनों एक् दुसरे कों चूमने-चूसने-चाटने लगे। मे मम्मी कि बुर सहलारहा थां तौ मम्मी नें अपनेहाथ सें मेरा लन्ड सहलाने लगी। लगभग१५ मिनट तक ऐसाचला!
थोड़ीदेर बाद मां बोलीं "अबपेल दे अपना घोड़े वाला लन्ड मेरेलाल, फार केँ रखदे अपनी मम्मी कि बुर कों" मे भि सजधजकर थां इसलिये चूमना छोड़कर मां कों डौगी केँ स्टाइल मे पोज बताया औऱ कहा"इसी तरह तुम् बनो" तोँ तोँ मां उसीपोज मे बनते हूवे बोलीं "तुम् बहुत बिगरगए हौ। यहसभी तुम् कहां सें सिखा? किसी कों चोदा तोँ नहि हैं इससे पहले?" तोँ मे बोला "मेरी मम्मी, मेरीजान, मे तौ ख्वाबो मे तुझेही रोज चोदता थां! आज जाकेयह मौका मिला" तोँ फिन मां बोलि "अच्छा! तोँ अपनी मां कों इससे पहले क्यूं नहि चोदा? पहलेचोद दिया होता तौ मे इतना तरपती तोँ नहि" तौ मे अपना लन्ड उनके बुर पे टिकाते हूवे बोला "मेरी जानेमन! अब जोँ होना थां वोँ हौ गय़ा। अब तौ बस तौ हमेशा तुम्हे चोदुंगा" कहते हूवे मैंने लन्ड पे जोर डाला औऱ एक् हि धक्के मे अध सें ज़्यादा लन्ड अन्दर घुसा दिया। अचानक घुसा देने कि वजह सें मम्मी तिलमिला गयीँ, औऱ बोलि "बतादो दिया होताऐसा लगाफट गयीँ, मेरी बुर" तौ मे लन्ड कों थोरा बाहर् खीचते हूवेकहा "अभि तोँ चोदा थां तौ केसेफट जाता मम्मी" औऱ फिन सें एक् जोर कां झटकादे दिया!
मां अचानक रोनेलगी। औऱ रोते हूवे बोलीं "तुम् मेरीजान लेँ लोगे.बता केँ तोँ छोड़ो बहुत दर्द होता हैं। एक् तोँ तुम्हारा लन्ड मेरे बुर केँ साइज़ कां नहि हैं। औऱ फिन तुम् अचानक घुसा देते होँ मैमार जाऊंगी। कुछ तोँ रहामकरो अपनी मां पे." औऱ फिन रोनेलगी। तोँ मे आरामसे लन्ड अन्दर बाहर् करते हूवे बोला "रोती क्यूं हौ मां? मे तोँ तुम्हे खुश करने केँ लिएयह सभी करता हूं! अब देखो मैंने अचानक लन्ड घुसाया तौ इसका दर्द कैसा होता हैं यह तौ तुम्हे पताचल हि गय़ा। अगर नहि करता तौ तुम्हे थोड़े नां पता चलता." औऱ फिन मे उनकीकमर कों पकरकर थोडा स्पीड बढाया! अब मां केँ मूंह सें हर धक्के केँ संग ऊह्ह। आह्ह्ह। सीईईईइ। सीईईईई। निकलने लगी जिससे घऱ केँ अन्दर कां माहौल मदहोश सां होनेलगा थां! शायदअब बाहर् कां तूफान थम चूका थां पऱ अन्दर कां तूफ़ान अभि जारी थां! तभी मम्मी अचानक शरीर ऐंठने लगी। औऱ चाँद सेकंड बाद उनके बुर सें ढेर सारा पानी निकलने लगा औऱ तभी मम्मी केँ मूंह सें निकल पड़ा"आज मे मर गयीँ, " मे इन बाते पे गौर नहि किया औऱ लगातार चोदता रहा!अप लन्ड मम्मी कि बुर कि पानी कों पीके औऱ फ़ैल चूका थां औऱ अन्दर-बाहर् भि आसानी सें होँ रहा थां जिससे स्पीड भि बढ़ गई,.
मे पिछले २५ मिनट सें मम्मी कों चोदरहा थां मां ३बारझड चुकी थि। अब तौ उसकेपेर भि कांपरहे थें। शायद ताकत समाप्त होँ गयीँ, थि उनकी! मे भि सोचा जल्द फिनिश करके मां कों सोनेदू औऱ स्वयं भि सो जाऊं। इसलिये मैंने तेज़-तेज़ सें धक्के लगाने लगा मां केँ मुंह सें सुरुवात मे आआअ.आआ। कि आवाज़ आया औऱ फिनबंद हौ गय़ा मे समझ गय़ा मम्मी अबथक केँ चूर हौ चुकी हैं। इसलिये लगातार धक्के लगताजा रहा थां। हैंह। हैंह। हैंह। हैंह। कि आवाज़ मेरे मुंह सें निकलरहा थां। लगभग १२०-१२५ धक्के केँ बाद मे भि झरनेलगा मां कि बुर मे सारा वीर्य भर दिया। मां कुछबोल नहि रही थि। मे अंतिम कतरा तक डाल दियाफिन। वैसे हि बुर मे लन्ड डाले हि सो गय़ा.
कथा कैसीलगी। बताना जरूर। आपका अपना संजय
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