अर्जुन एक महायोद्धा (इंसेक्ट ,मैजिक+रोमेंस+एडल्ट्री फाइट ) - Real Story Continue Part 1
अर्जुन एक् महायोद्धा (इंसेट)
हेलो दोस्तो
इस साईट पर्र नयाहु तौ वैसे मेनेइस साईट पऱ बहुत सारी कहानियां पढ़ी हें बहुतकुछ सीखने कों मिला हैं बहोत कहानियां अच्छी निकली हैं। जोँ मुझे मनपसंद आई उन्ही सें प्रेरणा लेकर मे एक् किस्सा लेकरआया हु। यह एक् इंसेक्ट स्टोरी हैं औऱ पूरीतरह सें समाज केँ खिलाफ जाती हैं तोँ धैर्य रखें औऱ कॉमेंट करते वक़्त अपने शब्दो कां सही चुनाव करे उम्मीद हैं आप् लोग मेरा पूरा सहयोग करेंगे मे अपनी स्वयं कि एक् स्टोरी लिखना चाहता हु। उम्मीद हैं आपको पसन्द आएगी। मे कोइ प्रोफेशनल राइटर नहींहु नाँ हि मुझे इतनीसमझ हैं अगर स्टोरी लिखने मे कोई गलती होँ जाए तौ माफ़ चाहता हु। अपनानया औऱ छोटा भइयासमझ करमाफ कर देना औऱ जौ गलती दिखे उससे जरूर बताना ताकि मे उससे सुधार सकू। यहकथा काल्पनिक हैं इसका किसी भि मृत औऱ जीवित आदमी सें कोई संबंध नहीं हैं मेरीकथा किसी भि धर्म कों बढ़ावा याँ उसको नीचा दिखाने केँ लिए नहि हैं। अगर किसी कों ऐसालगे तौ माफ करना भइयालोग वैसे इसमें किसी धर्म केँ बारे मे कोईबात नहीं मात्र स्टोरी केँ आधार केँ लिए लिया जाएगा।
फेमिली इंट्रो
अनिल>यह हैं अर्जुन केँ डैड हैं गुड लूकिंग एंड चार्मिंग हें इनकीएज करीब पचाससाल हैं मगर अभि भि जवान लगते हैं अपनी बीबी औऱ बच्चो सें बहोत प्रेम करते हैं इनकीजान इनके परिवार मे बसती हैं। यह एक् व्यवसायी हैं (वैसे सच्चाई इनकी किसी कों पता नहि यह क्याँ करते हैं बससब कों यहपता हैं केँ यह एक् बिजनेस मैन हैं औऱ कुछ भि नहि। )
सरिता > यह हैं सरिता देवी बहोत हि खूबसूरत हाउस वाइफ हैं कभीकभी अपने पति केँ दफ़्तर केँ काम मे भि हाथ बंटा देती हैं मगर अधिकतर अपनी फेमिली केँ संग वक्त विताती हैं इन दोनो कि लव मैरिज हुइ थि।
अंजली > यह हैं अपने हीरो कि बड़ी बेहन हैं औऱ संग मे लवर भि हैं जिसमे अपने हीरो कि जान बसती हैं इसकी बॉडी क्याँ कहने इतनी हसीन हैं कि क्याँ बताऊं मेनका भि उसकेआगे कुछ नहीं थि क्याँ फिगर थां पतलीकमर पीछेउठी हुएबैक बड़े बड़े बूब्स थें वोँ बीससाल कि थि पूरी जवान थि उससेदेख कर पानी निकलजाए ऐसा शरीर थां उसका दिखने मे एक् दम मासूम गोल चेहरा थां। अपने परिवार कि जान हैं यहअब कॉलेज हैं बीटेक कररही हैं कॉलेज बहुत लड़के ट्राई कर चुके हें औऱ कररहे हैं मगरयह तोँ अपने राजकुमार केँ ख्वाब संजोकर बैठी हें।
स्वीटी >यह हैं अपने हीरो कि छोटी बेहन हैं जौ बहोत हि खूबसूरत हैं चुलबुली औऱ नटखट हैं सेक्सी बॉडी हैं कोई भि देखे तौ बस देखता हि रहजाए। यह दोनो अपने हीरो कि सबसे बड़ी कमजोरी हें अगरकोई अपने हीरो कों बोले कि अगर अपनी बेहन कि जान बचानी हैं तौ अपनी गर्दन काटलो तौ महाशय एक् सेकेंड कां भि समय नां लगाएं। यह कॉलेज मे पढ़ती हैं। बीटेक कररही हैं
फ्रेंड्स इंट्रो >
रोहित.एज उन्नीस हैं सिंपल हैं अच्छा दिखता हैं इसकेघऱ मे इसकी माँ औऱ उसकी एक् बेहन हैं
सरमिला देवी.बयालीस सालरंग सफ़ेद नॉर्मल बॉडी हैं विधवा हैं उसके पिताजी कां किसी नें मर्डर कर दिया थां किसी रंजिश केँ चलते।
रीमा। यह रोहित कि छोटी बेहन हैं यह भि अपनी माँ कि तरह खूबसूरत दिखती हैं एक् दम आइटम हैं इसकीएज अठहरा साल हैं।
राहुल। यह इक्कीस साल कां हैं बॉडी अच्छी हैं मगर बहोत हि चालाक हैं आगेपता चलेगा इसके बारे मे इसकीवजह सें हि रोहित वोँ करता हैं जौ वोँ कभी नहीं करना चाहता थां इसकेघऱ मे इसकी माँ औऱ पिताजी हैं। इनका किस्सा मे अभि कोईरोल नहि हैं अगर आएगा तौ बता दिया जाएगा। अभि किसी न्यू कैरेक्टर कि एंट्री नहीं हैं अगर होगी तोँ कथा केँ संग इंट्रो कर दिया जाएगा।
शुक्रिया।
अर्जुन एक महायोद्धा (इंसेक्ट ,मैजिक+रोमेंस+एडल्ट्री फाइट ) – New Episode
अनिल.सरिता कहां हौ मुझेलेट हौ रहा हैं ब्रेकफास्ट लाओ जल्द सें दफ़्तर मे काम ज़्यादा हैं आज अनिल कि आवाज़ सुनकर सरिता ब्रेकफास्ट लेकर रसोइ सें निकलती हैं
सरिता.आई इतना क्यूं हंगामा कररहे होँ बच्चे सोरहे हैं यह लीजिए आपका ब्रेकफास्ट अनिल उसकीबात सुनकर हसने लगता हैं औऱ ब्रेकफास्ट करतेहुए कहता हैं
अनिल.हा भइयासही जब बच्चे हौ जाते हैं तौ पति कि वैल्यू कम होँ जाती हैं कहतेहुए उसकीकमर मे चूंटी काट लेता हैं जिसे सरिता कि चीख निकल जाती हैं सरिता.आउचउई मम्मी क्याँ कररहे लज्जा नहि आतीअब बच्चे बड़े होँ गए हैं देखेंगे तोँ क्याँ बोलेंगे थोड़ी तौ लज्जा कियाकरो। उसकीबात कां अनिलकोई जवाब देता उससे पहले हि तीनतीन आवाजो सें दोनो चौंक जाते हैं हमनेकुछ भि नहीं सुना औऱ देखा हैं आप्। लोग कंटिन्यू कर सकते हैं इतना सुनना थां कि बस सरिता लज्जा केँ मारे जमीन मे गड़ गई औऱ अनिल भि शर्मिंदा होँ गय़ा थां आखिर बच्चे बड़े जौ होँ गए थें। अचानक सें एक् ठहाका गूंजता हैं हि। हि.हौहा हा क्याँ पिताजी कूल डाउन इसमें एमवैरेश फील करने कि जरूरत नहीं हैं। आप् अभि बूढ़े नहींहुए हौ मोमडैड सोकूल एंडचिल करो। अर्जुन सीढ़ियों सें उतरते हुए कहता हैं अपनी दोनो बहनों केँ संग।
स्वीटी। हा पिताजी भइयासही बोलरहे हें आप् लोगों कों इतना टैंशन लेने कि जरूरत नहीं हैं।
अंजली। Wow डैड आप् कब सें रोमांस करनेलगे कहतेहुए हसने लगती हैं उसकीबात सुनकर सब कि हसी निकल जाती हैं।
अर्जुन। मोम हमें भि ब्रेकफास्ट दो कॉलेज जानां हैं लेट होँ रहा हैं हामोम वोँ दोनो भि हा मे हा मिलाती हें उनकीबात सुनकर सरिता हस देती हैं औऱ कहती हैं पहले ख़ुद सें लेट उठते हौ जैसे महारानी हौ दोनो औऱ अपने राजा केँ संग पधाररही हों उसकीबात सुनकर अर्जुन कंफ्यूज होँ जाता हैं इतने मे सरिता ब्रेकफास्ट लेकर आँ जाती हैं
स्वीटी। तोँ क्याँ हुआमोम भइया किसी राजा सें कम हैं क्याँ औऱ मुझे तौ कोई प्राब्लम नहीं हैं भइया कों रानी बनने मे अर्जुन उसकीबात सुनकरकोई जवाब देता उससे पहले हि अनिल बोलता हैं जौ अब तक चूपचाप ब्रेकफास्ट कररहा थां
अनिल.अपनी बातेबंद करो औऱ ब्रेकफास्ट करो औऱ कॉलेज जाओ मे भि निकलता हूं कहतेहुए अपनाबैग लेने अपने कमरे मे जाता हैं वोँ लोगबी अपना ब्रेकफास्ट करके अपने अपनेरूम कि तरफबड़ जाते हैं बैग लेने केँ लिएइन तीनों कां रूमऊपर 1st फ्लोर पऱ हैं पहले स्वीटी कां फिन अर्जुन कां औऱ फिन हैं अंजली कां अर्जुन कों इन लोगों जबरदस्ती बीच वालारूम दिया थां ताकि उसकेसंग वक़्त बिता सकें। वे घऱ 3बीएचके हैं अच्छा खासाघऱ ग्राउंड फ्लोर पर्र तीनरूम हैं 1st फ्लोर पऱ चाररूम हैं एक् गेस्ट रूम हैं जौ अर्जुन केँ रूम केँ सामने हैं औऱ एक् स्टोररूम ऊपर 2nd फ्लोर पर्र दोरूम हैं। जोँ फिलहाल बंद हैं सभी अपने कॉलेज केँ लिए निकलरहे थें कि स्वीटी कों कुछ सुनाई देता हैं तोँ वोँ रुक जाती हैं उसको रुकता देखकर वोँ दोनोउसे घूरते हैं चल नाँ छोटी क्याँ कररही हैं लेट हौ रहे हैं अर्जुन कि आवाज़ सुनकर स्वीटी कहती हैं कुछ भि तोँ नहीं भइयाचलो। औऱ वोँ लोग उनकोबाय बोलकर कॉलेज केँ लिए निकला जाते हैं औऱ अनिल भि सरिता कों एक् मीठीकिस करके ऑफिस3 केँ लिए निकल जाता हैं अपनी अपनीकार सें औऱ अर्जुन अपनी बाइक सें। अबघऱ पर्र सरिता अकेली रह जाती हैं औऱ वोँ अपना साराकाम खतम करके अपनेरूम कि तरफचल देती हैं इधरयह लोग कॉलेज केँ कैंपस पहुंच जाते हैं जहां इनको अपने फ्रेंड्स मिलते हें तोँ बो अपनी अपनी क्लास कि तरफबड़ जाते हैं उनकेसंग आजवे दोनोलेट होँ गए थें क्लास केँ लिए अंजली औऱ अर्जुन एक् हि क्लास मे थें क्योंकि उनमें अधिक अंतर नहीं थां इसलिये जैसे हि वोँ दोनो क्लास मे एंटर करते हें एक् कड़कती हुए आवाज़ दोनो केँ कानो मे पड़ती हैं वहींरुक जाओ दोनों इनकानाम हैं मिस सोनली घोषले यह अपनेनाम केँ पीछे लगने वाले घोषके वर्ड सें बहोत चिड़तीं हैं बहोत हसीन तीखेनैन नक्ष किसी कों भि अपनीतरफ आकर्षित कर लें। उसकी कड़कती आवाज़ सुनकर दोनो केँ पेर बाहर् हि जाम होँ जाते हैं
सोनाली। यहकोन सां समय हैं कॉलेज आने कां क्याँ तुम्हे पता नहीं हैं कॉलेज कां वक्तआज तुम् मेरी क्लास अटेंड नहीं करोगे दोनो अंडरस्टैंड। उसकीबात सुनकर दोनो उसकीतरफ उम्मीद सें देखते हैं केँ शायद अपना फैसला बदलदे दोनो नें मासूम सां चेहरा बनाया औऱ बोले सॉरीमैम उन दोनो कि बात सुनकर उसकीतरफ देखती हैं तौ अर्जुन केँ चेहरे मे कों जाती हैं उसकोऐसे अर्जुन कों घूरता देखकर अंजली कों पता नहीं क्याँ होता हैं बो बोलती हैं।
अंजली। ओकेमैम हम् जारहे हैं चलो अर्जुन मेरेसंग औऱ अर्जुन कां हाथ पकड़कर पीछे मुड़कर जाने लगती हैं औऱ कहती हैं (कमिनी केसे मेरे भइया कों घुररही हैं औऱ जाने लगती हैं )तभी उसको सोनाली कि आवाज़ सुनाई देती हैं रुको दोनोचलो आओ क्लाश मे लास्ट बारमाफ कररही हि अगलीबार लेटहुए तौ एंटर भि करने दूंगी क्लास एम औऱ मार्क्स औऱ अटेंडेंस शॉर्ट कर दूंगी समझे।
दोनो.ओके मैम थैंक्स औऱ क्लास मे अपनी अपनीशीट पऱ बैठ जाते हैं जब अर्जुन अपनीशीट पर्र बैठता हैं तौ सोनाली उसकीतरफ मुस्करा देती हैं हरबार कि तरहइस बार भि अर्जुन कंफ्यूज हौ जाता हैं कि मैम उसकीतरफ देखकर मुस्करा क्यूं रही हैं मनपसंद तोँ वोँ भि सोनाली कों करता थां बटएसए टीचर करता थां बदले मे वोँ भि मुस्करा देता हैं। शीट पऱ बैठकर अर्जुन अपनेपास देखता हैं तौ रोहित उसी कों देखरहा थां।
अर्जुन। क्याँ हुआवे ऐसा क्याँ देखरहा हैं मुझे जैसे पहले कभी। नहीं देखा हौ।
रोहित। सोचरहा हु तुँ शरीफ हैं याँ केवल बनने कि एक्टिंग करता हैं उसकीबात सुनकर अर्जुन कहता हैं
अर्जुन। साफसाफ बोल क्याँ बोल्ना चाहता हैं।
अभि केँ लिए इतना हि बाकी कि कथा अगले एपिसोड मे।
नोट :>फ्रेंड्स अभि मेरे एग्जाम चलरहे हैं तौ मे जल्द एपसोड भि डी पाऊंगा समय मिलेगा तोँ भाग जरूर दूंगा। भाग मनपसंद आए तौ रिस्पोंस जरूर दीजियेगा ताकि मे अगला एपसोड देसकू।
thank you
अर्जुन एक महायोद्धा (इंसेक्ट ,मैजिक+रोमेंस+एडल्ट्री फाइट ) – New Episode
रोहित। सोचरहा हु तुँ शरीफ हैं याँ केवल बनने कि एक्टिंग हैं उसकीबात सुनकर अर्जुन कहता हैं
अर्जुन। साफसाफ बोल क्याँ केहना चाहता हैं।
अबआगे>
रोहित। रोहित मुस्कराते हुए बोला सीधी सि बात हैं जब मैडम तेरीदेख कर इस्माइल करती हैं तोँ तूँ ऐसा मुंह बनाता हैं जैसे तूँ बहोत मासूम हैं औऱ कुछ भि नहीं जानता हैं औऱ जब मैडम क्लास सें बाहर् जाने केँ लिए मुड़ती हैं याँ तेरीतरफ नहीं देखती तब तुँ उसकी गांड़ कों घूरता हैं औऱ स्माइल करता हैं सारादिन मैडम कों देखकर आंहए भरता रहता हैं उसकीबात सुनकर अर्जुन मुस्करा देता हैं औऱ तभी दोनो कि तरफ एक् चोक कां टुकड़ा आकार रोहित केँ सर पे लगता हैं जिससे रोहित हड़वा जाता हैं पीछे बैठे हुये राहुल कि हसीछूट जाती हैं
सोनाली। स्टंड अप इतना सुनते हि तीनो खड़े होँ जाते हैं गेटआउट ऑफ माँ क्लास अब अर्जुन कि तोँ लॉटरी लग गई थि इतना सुनते हैं वोँ उठा औऱ बाहर् जानेलगा औऱ पीछे पीछे उसकी सेना जानेलगी। बाहर् जाते हि अर्जुन बोला।
अर्जुन। थैंक्स रोहित रोहित इतनासुन कर उसकीतरफ ऐसे देखता हैं जैसे अर्जुन कोई एलियन होँ
अर्जुन। ऐसे क्याँ देखरहा हैं अबजब सामने सें खान मिलेगा तौ कोनमना करेगा वोँ देख मैडम कि गांड़ क्याँ मस्त हैं औऱ मन करता हैं अभि पटक केँ चोददूं।
रोहित। अबे सुधार जा तुँ कब तक ऐसी हरकतें करेगा तुँ किसीदिन अंजली नें देख लिया तोँ तूँ मैडम कि मारे याँ नाँ मारे अंजली तेरी जरूर मरेगी समझ गय़ा उसकीबात सुनकर अर्जुन केँ चेहरे पर्र बारहबज जाते हैं उसेपता थां अगर गलतीएस भि उससेपता चला तोँ वोँ उसको कच्चा खा जायेगी अभि यह बातेकर रहे हैं करने देते हैं यहांदूर एक् जंगल मे एक् ऋषि ध्यान मे बैठेहुए थें जिनका नाम थां ऋषि भेरू अचानक सें उनको स्वपन्न आता हैं कि जल्द ब्रहमांड केँ लिए एक् महाविनाशक खतराआने वाला हैं क्योंकि पहले सें हि असुरों नें पृथ्वी हाहाकार मचारखा थां औऱ अब एक् कल्पना सें भि परे थां जिसके बारे मे पता चलते हैं उनके चेहरे पऱ चिंता उमड़आती हैं तभी उन्हें किसी कि आवाज़ उनकेमन मे सुनाई देती हैं।
आवाज़। चिंतित नाँ हौ ऋषि श्रेष्ठ सभी मंगल होगा।
ऋषि। केसे चिंतित नां हि प्रभु आप् सें तोँ कुछ भि छुपा नहीं हें औऱ अब तोँ कलयुग हैं आप् मे सें कोई भि अवतार भि लेँ सकता हैं फिन भि आप् कहरहे हें मे चिंतित नां होऊं।
प्रभु। हम् आपकी चिंता समझते हैं ऋषिश्रेष्ठ आपको एक् काम करना होगाऋषि श्रेष्ठ
ऋषि श्रेष्ठ। आज्ञा कीजिए प्रभु।
जीहावे प्रभु थें जौ ऋषि श्रेष्ठ सें टेलीपेथी केँ जरिएबात कररहे थें।
प्रभु.ऋषि श्रेष्ठ आपको एक् ऐसे बच्चे कों डुंडना होगा जिसका जन्म रोहिणी नक्षत्र मे महापूर्णिमा कि रात्रि कों हुआ होँ।
ऋषि श्रेष्ठ। उससे क्याँ होगा प्रभु औऱ हम् उसे केसे डूंडेंगे कोई मार्ग बताइए प्रभु।
प्रभु। आप् भली भांति जानते हैं ऋषि श्रेष्ठ आपको क्याँ करना हैं फिनइस भि यह पूछने कां क्याँ कारण हैं औऱ प्रभु कि हसने कि आवाज़ आती हैं आपकोउस दिशा मे जानां हें जहां अपने तपस्या कि थि समझगए नां हम् क्याँ कहना चाहते हैं ऋषि श्रेष्ठ
ऋषि श्रेष्ठ.जी प्रभु एक् बात औऱ हैं हमारे मन मे
प्रभु। कहिए क्याँ बात हैं।
ऋषि श्रेष्ठ.प्रभु आप् जानते हैं नाँ उसके अकेले केँ बस कां कुछ नहीं हैं क्योंकि वोँ उसेरोक तौ सकता हैं किंतु उसकाअंत करने केँ लिए उसकी दोनों शक्तियां उसकेसंग होँ तब हि वोँ उससे समाप्त कर सकता हैं क्योंकि उसने शैतान कों प्रसन्न किया थां जिसके कारण उससे मरना मुस्किल थां औऱ अब तोँ देवों सें मिले वरदान नें उससे करीबअमर बना दिया हैं क्योंकि वोँ यह जानता हैं कि पृथ्वी पर्र कोई भि देवइस युग मे जन्म नहीं लेगा औऱ देव औऱ देवियां एक् संग जन्म नहीं लेँ सकती हें जिसका बो पूरालाभ उठारहा हैं।
प्रभु। हम् जानते हें ऋषि श्रेष्ठ पहले आप् उस बच्चे कां पता लगाइए आगे हम् आपकोबाद मे बताएंगे औऱ हाजब तक वोँ उससे लड़ने केँ लिए रेडी नहि होँ जाता किसी कों भि उसके बारे मे पता नहीं चलना चाहिए इसबात कां खास ध्यान रहे।
ऋषि। जोँ आज्ञा प्रभु ऐसा हि होगा।
ऋषि भेरू.अब मुझे निकालना होगा क्योंकि बहोत जल्द वोँ विनाश केँ लिएआने वाला हैं ऐसा सोचते हि ऋषि भेरू अपनी झोपड़ी कि ओरचले देते हैं औऱ कुछ सामान पोटली मे रखकर झोपड़ी कों बंद करके पूर्व दिशा कि ओरबड़ जाते हें। इधर अर्जुन इनसन बातों सें दूर अपनी हि मस्ती मे अपनी जीवन कां खुशीएल रहा थां इधरजब अर्जुन कि क्लास सें सोनाली निकलकर बाहर् गई तौ अर्जुन अंदर गय़ा औऱ अपनीशीट पर्र बैठा गय़ा उसके साइड बालीआगे कि शीट पर्र अंजली बैठी हुई थि औऱ उससेघुर रही थि उसे देखते हि अर्जुन समझकुछ तौ लोचा हैं आज तोँ खैर नहि परसों तोँ एक् गलतवाहमी कि वजह सें इसने बहोत मारा थां औऱ सोचने लगता हैं जब उसमे दबादब मुक्के कोहनी औऱ थापड़ पड़रहे थें औऱ फिन पीटने केँ बाद स्वयं हि अंजली रोने लगती हैं अर्जुन कि हालतदेख कर औऱ स्वयं कों मारने लगती हैं जल्दी हि अर्जुन उसकाहाथ पकड़ लेता हैं औऱ कहता हैं।
अर्जुन.ऐसी गलतीकभी मत करना क्योंकि तुम्हे कुछ होने सें पहले मे इस संसार मे आगलगा दूंगा। उसका क्रोध देखकर अंजली उसे देखने लगती हैं औऱ कहती हैं।
अंजली। तुँ ऐसा क्यूं करता हैं जिससे मुझेतुझ पऱ हाथ उठाना पड़ जाता हैं औऱ मे स्वयं इसकीसजा भि भि डी सकतीहु।
अर्जुन। मगरऐसा क्याँ हुआ जिसकी वजहएस अपने मेरीरुई कि तरह धुलाई कर दि उसकीबात सुनकर अंजली बोलती हैं।
अंजली। तुम कोसच मे भि पता तूने क्याँ किया हैं सुकरमना मेनेयह बात स्वीटी कों नहीं बताई वरनाआज तेरा मर्डर पक्का थां। उसकीबात सुनकर अर्जुन उसे कन्फ्यूजन केँ संग देखने लगता हैं क्योंकि उसे कुचब्बी समझ नहीं आँ रहा थां।
अर्जुन। बात क्याँ हैं दिदी कुछ बताएंगी तौ कुछपता चलेगा औऱ उसको बताने कि जरूरत भि भि हैं वरना वोँ निचोड़ डालेगी।
अंजली। यहबता तुँ उसदिन स्वेता केँ संग क्याँ कररहा थां।
नया इंट्रो
स्वेता> इसकानाम स्वेता हैं अच्छी दिखती हैं टाइट कपड़े पहनने कां सोक हैं इसकेघऱ मे इसकी माँ बापू औऱ एक् छोटा भइया हैं पिताजी प्राइवेट नौकरी करते हैं सीधे साधे व्यक्ति हें। छोटा भइया वोँ विद्यालय मे पढ़ता हैं
स्वेता अंजली कि क्लासमेंट हैं विद्यालय कि उसके ज़्यादा क्लोज तोँ नहींमगर फ्रेंड्स अच्छे हैं दोनो औऱ स्वीटी कि पहचान उससे कालेज मे हुए क्योंकि दोनोअलग अलग विद्यालय मे पढ़ती थि औऱ स्वेता कभीघऱ नहींआई इन दोनो केँ
अंजली औऱ स्वीटी कि कॉमन फ्रेंड हैं विद्यालय मे तौ स्वेता अंजली केँ संग पड़ती थि औऱ स्वीटी कि जान पहचान कॉलेज मे मिलने केँ बादहुए हैं। उसकीबात सुनकर अर्जुन कोना आँ जाता हैं जब वोँ स्वेता सें बातकर रहा थां।
स्वेता > हेलो मिस्टर क्याँ नाम हैं आपका स्वेता कि आवाज़ सुनकर अर्जुन पीछे मुड़ जाता हैं तौ देखता हैं केँ एक् हसीन लड़की उसके सामने खड़ी हैं।
अर्जुन। हेलोमिस
स्वेता। स्वेता
अर्जुन।। मिस स्वेता मेरानाम अर्जुन हैं कहिएकोई काम हि आपको।
स्वेता.नहीं तौ आप् सामने पड़गए तोँ आपको आवाज़ दे दि।
अर्जुन। ओकेमिस स्वेता जीअब मे चलताहु मुझे क्लास केँ लिएलेट हौ रहा हैं औऱ कहतेहुए क्लास कि औऱ बड़ने केँ लिए मुड़ गय़ा तौ सामने उसको अंजली दिख गई जिसे देखते हि उसकी गांड़ फट केँ हाथ मे गई उसने देखा अंजली उससेघुर रही हैं जिसके कारण अर्जुन केँ पांवउसी स्थान जमगए पीछे स्वेता बोलि
स्वेता.क्याँ हुआ मिस्टर अर्जुन आप् रुक क्यूं गए।
अर्जुन। कुछ नहींबो मे कुछसोच रहा थां ओकबाय कहतेहुए आगेबड़ जाता हैं स्वेता कों कुछ भि समझ नहींआता बो भि अपनी क्लास कि तरफबड़ जाती हैं (उसने सब्जेक्ट अलग लिया इसलिये )
अभि केँ लिए इतना हि बाकी अगले एपिसोड मे।
अर्जुन एक महायोद्धा (इंसेक्ट ,मैजिक+रोमेंस+एडल्ट्री फाइट ) - Next part miss mat karna
iss kahani ko ap incest category mai add krr sakte the. kyunki ye incest base h. Starting bhut badia h. Aane wale vaqt mai ptaa chalega ye baccha kitna bada hoga. or kya banega. Tab tak k liye good wishes!!!
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