किस्मत का फेर (New Updates ) - kismat ka fer - Real Kahani Part 1
Update 1
बर्थडे पार्टी रात मे अपने पूरे शबाब पऱ थि।
लड़के लड़कियां अपने अपने गर्लफ्रेंड याँ बॉयफ्रेंड केँ संग डांस करने याँ बियर पीने पिलाने मे मस्त थें।
काँनफाड़ू म्यूज़िक केँ हंगामा मे डांस फ्लोर पर्र जोड़ियां डांस मे मस्तथीं।
पीना पिलाना, धुआँ उड़ाना औऱ जोड़ियों कां खूब सेक्स करनाइन पार्टियों कि यही खासियत थि।
एक् बारजब नशा चढ़ता थां तौ लड़कियों कि भि लज्जा चली जाती थि।
फिन किसने क्याँ कियाकोई परवाह नहि रहती थि।
बस जवानी केँ मज़े लूटते जाओ, एन्जॉय करो, यहीसभी होता थां।
वहीँ एक् कोने मे दो हसीन लड़कियां रिया औऱ आँचल, जिनकी उम्र करीब 24 वर्षरही होगी, कुर्सियों पर्र बैठीथीं।
क्योँकि इस वक़्त दोनों कां हि कोई बॉयफ्रेंड नहि थां।
आँचल कां दोसाल पुराने बॉयफ्रेंड सें 4 महीने पहले हि ब्रेकअप हुआ थां।
जिससे उसकेदिल कों ठेस पहुंची थि औऱ वोँ थोडा दुःखी रहनेलगी थि।
उसनेकोई नया बॉयफ्रेंड नहि बनाया थां।
ब्रेकअप केँ बाद सें वोँ ऐसी पार्टियों सें दूर हि रहती थि।
क्योँकि ज्यादातर लोग अपने बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड केँ संग जोड़े मे होते थें।
आज भि रिया केँ बहोत ज़ोर देने पर्र वोँ जश्न मे आयी थि।
आंचल गोरेरंग कि तीखेनाक नक्श वाली सुन्दर लड़की थि।
उसकी कजरारी बोलती सि आँखें, सुन्दर चेहरा, उभरी हुई नुकीली चूचियां,
पतलीकमर औऱ गोलगोल नितम्ब, उसकी कमनीय काया, उसका खिलाहुआ यौवन किसी कों भि मदहोश करदे।
लड़के उसके पीछे दीवाने थें।
मगर वोँ एक् लिमिट सें ज़्यादा किसी कों मुंह नहि लगाती थि।
खासकर अपने ब्रेकअप केँ बाद सें लड़कों सें थोडा उसका मोहभंग सां हौ गय़ा थां।
रिया चेहरे मोहरे कि इतनी सुन्दर तौ नहि थि।
मगर शरीर उसका भि बहोत मादक थां।
बड़ी बड़ी चूचियां, उभरी हुई गांड जौ किसी कों भि मतवाला बनादे।
वैसे तोँ दोनों हि खुले विचारों कि आधुनिक लड़कियां थीं।
पर्र रियाकुछ अधिक हि मनमौजी स्वाभाव कि थि।
इसलिये अधिकतर लड़के उसके साथी थें।
उसको बॉयफ्रेंड कि जरुरत हि नहि थि।
क्योँकि वोँ किसी एक् सें बंधकर रहने वालो मे सें नहि थि।
आँचल कि स्लीवलेस बर्थडे पार्टी ड्रेस घुटनों सें करीब-करीब 6 सें 8 इंचऊपर थि।
जिससे उसकी हसीन बाँहें औऱ चिकनी मांसल जांघें देखने वालों कों मदमस्त करदेरही थीं।
इस बर्थडे पार्टी ड्रेस मेँ क्लीवेज न् केँ बराबर होने सें उसकी छाती पूरीढकी हुइ थि
मगर उसकी चूचियों कि गोलाइयों कां शेप बिलकुल साफ़दिख रहा थां।
बहोत हि मादकलग रही थि आँचल।
आज उसकामूड भि थोडा मस्त थां।
इस टाइम कुर्सियों पर्र बैठी हुई रिया औऱ आँचल दोनों केँ हाथ मे बियर थि।
“नं जाने क्यूं आज मुझे सेक्स करने कां बहोत मन हौ रहा हैं " आँचल नें बियर कां एक् घूंट लेतेहुए कहा।
“लगता हैं तुमने अधिक हि पीली हैं ” रिया नें जवाब दिया।
वैसेउसे स्वयं भि हल्का नशा होँ रहा थां इसलिये वोँ sure नहि थि कि उसनेसही सुना हैं।
कुछसमय बादजब बात उसकीसमझ मे ढंग सें आयी तोँ वोँ चौंककर बोलि
“ क्याँ तुम् वाक़ई सीरियस हौ ? मेरा मतलब सेक्स करने कों लेकर। "
“हम्म्म … sure तोँ नहि हूं …मगर सेक्स कियेहुए बहोत लम्बा टाइम होँ गय़ा हैं। ”
“मुझे लगता हैं, यह जश्न केँ माहौल कां असर हैं, तुम् पऱ " रियाउसे चिढ़ाते हुए बोलि।
“देखो रिया मे जिसतिस केँ संगबेड शेयर करने वालों मे सें नहि हूं।
मगर एक् असली सेक्स केँ ख्याल सें हि आज मुझे उत्तेजना आँ रही हैं।
ब्रेकअप केँ बाद 4 महीने सें मैंने सेक्स नहि किया हैं।
केवल ऊँगली सें हि कामचला रही हूं। "
फिन थोडा रूककर बोलीं,
"ओह.शायद मुझेअब पीनाबंद कर देना चाहिए, नहि तोँ मे फिन सें कुछबक दूंगी। ”
“अरे। कमऑन दोस्त, अब पीछे क्यूं हटरही होँ।
जौ तुमको चाहिए वोँ बिलकुल सही हैं, उसमें कुछ भि गलत नहि।
सबको सेक्स कि जरुरत महसूस होती हैं।
स्वयं मुझे एक् जोरदार सेक्स कि जरुरत हैं ” रिया मादक तरीके सें अपने होठों पऱ जीभ फिराते हुए मुस्कुराने लगी।
“मे अभि किसी भि लड़के केँ संग इन्वॉल्व नहि होना चाहती, मतलबकोई रिलेशनशिप नहि चाहती।
मगरअगर कोईऐसा लड़का मिले जोँ मुझे नहि पहचानता होँ औऱ मे उसे नहि जानती हूं।
तोँ एक् रात केँ लिए मुझेकोई ऐतराज नहि औऱ मेरी ख़्वाहिश भि पूरी हौ जाएगी।
फिन वोँ अपने रास्ते, मे अपने रास्ते, कोई रिलेशनशिप याँ कमिटमेंट कां झंझट नहि।
मेरा मतलब वोँ मुझेदेख न् पाये। क्योंकि अगर वोँ मुझेदेख लेगा तौ फिनकभी रिलेशनशिप रखने केँ लिए
याँ किसी औऱ बात केँ लिये परेशान भि कर सकता हैं।
यानी मे किसीजान पहचान केँ लड़के केँ संग इन्वॉल्व भि नं होऊं औऱ सेक्स कि मेरी ख़्वाहिश भि पूरी होँ जाये
कुछ ऐसा मार्ग निकले तौ बातबन जाये। ”
“ ओहो। यह तोँ बड़ा हि उत्तेजक आईडिया हैं।
एक् अनजान लड़की एक् अनजान लड़के केँ संगबेड मे।
मेरा तोँ सोचने सें हि पानी निकलने लगा हैं।
मगरऐसा होगा केसे ? क्याँ तुम् अपने चेहरे पे मास्क लगाओगी ? "
" नहि मास्क सें काम नहि चलेगा।
मे भि उसको नहि देख्ना चाहती हूं औऱ न् हि उसको जानना चाहती हूं।
मतलब वोँ भि मेरे लिये अनजान हि रहे।
ताकिफिन कभी मिले तौ न् मे उसे पहचानू, नं वोँ मुझे। "
फिन दोनों साथी सोचने लगीं कि यह केसे किया जाये। तभी रिया बोलि
“ मुझे एक् आईडिया सूझा हैं तुम् यहीं मेरा इंतजार करो " औऱ वोँ सीढ़ियों सें ऊपर फ्लोर पऱ चली गई,।
किस्मत का फेर (New Updates ) - kismat ka fer – New Episode
कुछ मिनटों केँ बाद रिया लौटी तौ उसके चेहरे पर्र शरारती मुस्कराहट थि।
“आँचल क्याँ तुम् sure हौ कि तुम् यहसभी करना चाहती होँ ? "
आँचल नें केवलहाँ मे सर हिला दिया।
“ठीक हैं फिन, देखो फर्स्ट फ्लोर मे एक् बेडरूम खाली हैं।
यह तुम्हारे आईडिया केँ लिए बिलकुल परफेक्ट हैं।
बस तुमको सारी लाइट्स ऑफ रखनी हैं, परदे चौड़े कर केँ फैला देने हें
औऱ बेड पऱ बैठ केँ इंतजार करना हैं, उस अनजान लड़के कां।
वहां अँधेरे कमरे मे कोई तुम्हें देख नहि पायेगा। मे स्वयं चेक करकेआयी हूं। ”
कमरे मे अनजान लड़के केँ संग होने केँ ख्याल सें आँचल केँ जिस्म मे सिहरन सि दौड़ गई,,
मगरसंग हि संग टांगों केँ बीच मे गुदगुदी भि।
कोई अनजान लड़का, जिसको उसनेकभी देखा नं होँ, जिससे वोँ कभी बोलि नं होँ,
वोँ उसके नंगे शरीर कों छुएगा, यह सोचकर उसका पूरा शरीर सिहरउठा।
“ मगर किसी लड़के कों यह केसेपता चलेगा कि मे उस कमरे मे हूं ?”
“अरे उसकी चिंता तुम् मुझपर छोड़दो मेरीजान, मे किसी नं किसी लड़के कों ढूँढ हि लाऊंगी अपनी शहजादी केँ लिए।
बल्कि किसीदिन यह आईडिया मे अपनेऊपर भि आजमाऊँगी ” रिया हँसते हुए बोलि।
" मगरअब तुम् जल्दकरो।
कहींकोई औऱ उसरूम मे कब्ज़ा नं कर लें, उससे पहले तुम् जाओ वहां।
बाकी सारेरूम मे जोड़ियां घुसी हुईं हें। " ऐसा कहकर रिया नें आँचल कों घसीटकर उठा दिया।
आँचल नें मज़े मज़े मे प्लान बना तोँ दिया पऱ अबउसे घबराहट होनेलगी,
वोँ कांपते पैरों सें रिया केँ संग कमरे कि ओर बढ़ी।
कमरे केँ पास पहुंचकर रिया नें पहलेचेक किया कि रूम अभि भि खाली तौ हैं।
फिन आँचल कों भि अंदर बुला लिया।
“चलोखेल शुरुआत करते हें पर्र इसबात कां पूरा ध्यान रखना कि तुम् अपनी जबानबंद हि रखो
औऱ अगर बहोत जरुरत पड़ हि जाये तौ धीरे-धीरे सें आवाज़ बदलकर हि केहना, समझ गयीँ, ? " रिया नें आँचल कों समझाया।
“हाँ मुझको पता हैं " आँचल नें कहा। पर्र घबराहट उसके चेहरे पऱ साफ़झलक रही थि।
रिया नें आँचल कों बेड मे बिठा दिया औऱ परदे चौड़े करके फैला दिये औऱ लाइट्स ऑफकर दि।
फिन द्वार (दरवाज़ा) बंद करके वोँ बाहर् आँ गई,।
बाहर् आकर उसने एक् गहरी सांसली।
उसकेऊपर बहोत बड़ी जिम्मेदारी थि।
एक् ऐसा लड़का ढूंढना थां जोँ उनके आईडिया कों पसन्द करे औऱ उस पऱ अमल कों राजी होँ।
दिखने मे ठीकठाक होँ औऱ संग हि संग शरीफ भि होना चाहिए, जौ उसकी प्यारी मित्र कों अच्छी तरह सें ट्रीट करे।
समीर जश्नमेँ पहुँचता हैं। उम्र करीब 21 वर्ष, 6 फुट कि लंबाई, गोरारंग, जिममेँ तराशा हुआ गठीला शरीर,
चौड़ी छाती, मजबूत बांहें, सौम्य स्वभाव, आकर्षक व्यक्तित्व, स्पोर्ट्स मेँ विशेष रूचि हैं उसकी। इसशहर मेँआये हुए ज़्यादा वक़्त
नहि हुआ थां, इसलिये उसकेयार याँ जानने वाले गिने चुने हि थें।
उसके एक् नएबने साथी नें इस जश्न केँ लिए invite किया थां। वहां देखता हैं कि डांस फ्लोर मेँ लड़के लड़कियां तेज म्यूज़िक कि धुन
मेँ डांसकर रहे हें, पर्र कोई उसकी पहचान कां नहि हैं। समीर अपनेउस साथी कों ढूंढता हैं पर्र वोँ उसे कहीं नहि दिखरहा।
वोँ अपने साथी केँ आने कां इंतजार करने कां मन बनाता हैं औऱ टाइमपास केँ लिए बियर पीने लगता हैं।
15-20 मिनट इंतजार करने केँ बादबोर होने लगता हैं।
तभी एक् हसीन सि लड़की उसकेपास आती हैं। उसनेडीप कट ब्लाउज औऱ स्कर्ट पहनाहुआ थां
जिसमें उसकी बड़ी बड़ी चूचियां आधी बाहर् झलकरही थीं। दिखने सें हि फ़्लर्ट टाइप कि लड़कीलग रही थि।
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Update 2
" hi मेरानाम काम्या हैं “ उस लड़की नें समीर कि तरफहाथ बढ़ाया।
" मे समीर “ हाथ मिलाते हुए वोँ बोला।
काम्या नें उसको एक् बार अच्छी तरह सें ऊपर सें नीचे देखाफिन मुस्कुरायी। समीर भि मुस्कुरा दिया।
समीर केँ गठीले शरीर कों देखकर काम्या इम्प्रेस हौ जाती हैं।
" बियर पियोगी “
" जरूर “
“क्याँ तुम् अकेली होँ यहा बर्थडे पार्टी मे “
“मेरेकुछ मित्र भि आने वाले थें पऱ शायद अभि आये नहि हें “ काम्या इधरउधर देखते हुए बोलीं, “औऱ तुम् ? “
“ मे यहा अधिक लोगों कों नहि जानता, जिस मित्र नें मुझे बुलाया थां याँ तौ वोँ अभि तक आया नहि हैं याँ जल्दचला गय़ा,
मे भि अबयहा सें निकलने कि सोचरहा हूं। “
“अरे। अभि सें जाने कि क्यूं सोचरहे हौ ? बर्थडे पार्टी तोँ सारीरात चलेगी, मेरासंग मनपसंद नहि आँ रहा क्याँ ? “
थोडा रूठने सां मुंह बनाते हुए काम्या बोलि।
“अरे नहि ! ऐसीबात नहि, मैंने सोचा क्योँकि मेरे मित्र नहि यहा, तोँ मे यहारुक केँ क्याँ करूँगा। “
“हमें भि अपना मित्र हि समझो “ आँख मारते हुए मादक अंदाज़ मे काम्या बोलीं।
“ जब तक तुम्हारे औऱ मेरेयार नहि आँ जातेतब तक तुम् मेरेसंग रहो, मजा आयेगा "
उन्मुक्त स्वभाव कि काम्या समीर कों छोड़ने केँ मूड मे नहि थि।
समीर नें मन हि मन सोचा लड़की तौ मस्त हैं, मजा तौ आयेगा इसकेसंग। काम्या कि बातमान लेने मे कोई हर्ज़ नहि।
जब आँ हि गय़ा हूं बर्थडे पार्टी मे, तौ थोड़ी मस्ती करके हि जानां चाहिए।
थोड़ी देर बियर पीने केँ बाद काम्या समीर कों डांस फ्लोर पे लेँ जाती हैं औऱ वोँ दोनों एक् दूसरे केँ गले मे बाहें डालेहुए डांस करने लगते हें।
काम्या कों अब थोडा नशा होँ चला थां। वोँ समीर सें चिपटने लगी औऱ अपनी बड़ी बड़ी चूचियों कों समीर कि छाती पर्र दबाने लगी।
उसका एक् हाथ समीर कि पैंट केँ ऊपर सें उसके लन्ड कां जायज़ा लेनेलगा। अब समीर कि भि उत्तेजना बढ़ने लगी।
“चलो समीरऊपर चलते हें, वहां अधिकमजा आएगा “ समीर कों आँख मारते हुए काम्या बोलीं औऱ उसकाहाथ पकड़कर सीढ़ियों सें ऊपर 2nd फ्लोर पऱ लेँ गयीँ,।
समीर केँ आगे चलती हुई काम्या अपनी गांडकुछ अधिक हि मटकारही थि।
2nd फ्लोर मे कम हि जोड़ियां थि औऱ वोँ सब जोड़ियां एक् दूसरे मे मस्तथीं।
कोई चुम्बन लेने मे, कोई चूचियां मसलने मे मगन थें। उन दोनों कि तरफ किसी नें ध्यान नहि दिया।
काम्या समीर कों एक् कोने मे लें जाती हैं औऱ उसकेगले मे बाहें डाल देती हैं। अपने होंठ उसके होठों कि तरफ बढ़ाती हैं।
समीर उसकी वासना सें भरी आँखों मे देखता हैं औऱ अपने होंठ उसके होठों पर्र रख देता हैं।
काम्या अपनीजीभ समीर केँ होठों केँ बीच सें मुंह केँ अंदरडाल देती हैं।
औऱ दोनों एक् दूसरे कि जीभ चाटना शुरुआत कर देते हें।
समीर एक् हाथ काम्या कि जांघों पऱ फिराते हुए उसकी स्कर्ट केँ अंदर लेँ जाकर पैंटी केँ बाहर् सें उसकी गांड कों मसलता हैं।
औऱ फिन उसकी अंगुलियां पैंटी केँ बाहर् सें हि काम्या कि गीली बुर केँ ऊपर घूमने लगती हें। काम्या हलकी सिसकारियां लेने लगती हैं।
समीर कि अँगुलियों केँ स्पर्श सें उसको अपनी बुर मे गर्मी बढ़ती महसूस होती हैं। उसकी बुर सें निकलता रस पैंटी कों भिगोने लगता हैं।
समीरअब काम्य केँ होंठों कों छोड़कर उसकेगाल चूमने लगता हैं। फिन उसकी ठुड्डी औऱ फिन गर्दन चूमने लगता हैं।
उसकाहाथ पैंटी केँ अंदर काम्या कि बुर केँ छेद कों टटोलने लगता हैं।
दूसरे हाथ सें काम्या कि चूचियां ब्लाउज केँ बाहर् सें हि मसलने लगता हैं। काम्या सें अब बर्दाश्त नहि होता।
वहीँ पऱ पड़े सोफे पऱ लेटकर, उत्तेजना मे भरके वोँ समीर सें बोलीं “समीर चूसो इन्हें “।
समीर जल्दी उसकी ब्लाउज केँ बटनखोल देता हैं औऱ फिनहाथ पीछे लें जाकर काम्य कि सेक्सी ब्रा केँ हुकखोल देता हैं।
काम्या कि बड़ी बड़ी चूचियों ब्रा कि कैद सें आज़ाद होँ जाती हें।
काम्या नें अपनी चूचियां समीर केँ लिएऊपर कों उठायीं। समीर नें उसकी एक् मम्मों कों हाथ मे पकड़ा औऱ सर झुकाकर
उसका निप्पल मुंह मे भर लिया। फिन अपने होठों मे उसका निप्पल पकड़कर बाहर् कों खींचने लगा।
काम्या सिसकारियां लेती हुई उसकेसर कों अपनी चूचियों पऱ दबाने लगी।
उसकी उत्तेजना चूचियों सें होकर सीधी उसकी बुर मे जारही थि।
समीर कां फडकता हुआ लन्ड पैंट केँ भीतर सें हि काम्या कि जांघ मे रगड़खा रहा थां।
काम्या अपना एक् हाथ नीचे लेँ जाकर समीर केँ लन्ड कों फील करती हैं औऱ थोडा अँगुलियों सें उसको दबाती हैं।
समीर दोनों चूचियों औऱ उनके निप्पलों कों बारी बारी सें चूसने मे लगाहुआ हैं।
काम्या समीर कां मुंह अपनी चूचियों सें हटा देती हैं। फिन मादक मुस्कान बिखेरते हुए समीर केँ कान मे बोलीं,
“अब अपना पैंट उतारदो, मुझे तुम्हारे लन्ड केँ संग खेलना हैं। “
समीर पैंट उतारकर सोफे पे बैठ जाता हैं औऱ काम्या उसके पैरों कों फैलाकर उनकेबीच फर्श मे बैठ जाती हैं।
धीरे-धीरे धीरे-धीरे उसका अंडरवियर उतारकर फनफनाते लन्ड कों बाहर् निकल लेती हैं।
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