चुदाई का सिलसिला (Incest , Adultery) - मां के साथ - Real Story Continue Part 1
पार्ट:1
दोस्तों यह कहानी उम्मीद करता हूं आपको पसन्द आएगी.कोई ग़लती होँ जाए तोँ मूवाफी चाहता हूं.फिन शायद आपके मार्गदर्शन, सजेशन्स सें उन कमियों कों दूरकर सकू।.मे जिससखश कि किस्सा लिखने जारहा हूं.उनका नामे शशांक हैं.औऱ वोँ बड़ेहे मधुर स्वभाव केँ हैं.मे उनको हमेशा “शास”कह कर हि बुलाता हूं.उनकी लाइफ मे चुदाई कां सिलसिला एक् बार सुरू क्याँ हुआ कि वोँ आज तक चलरहा हैं.मे भि लगभग 24 साल सें उनसे जुड़ा हूं। औऱ जौ शशांक कि सरण मे एक् बार आँ जाए.उसे फिन सुकून कहां। आज तक शास नें कितनी बुर चोदी याँ फाडी इसका तौ उन्हे भि पता नहीं होगा.उनकी पहेली चुदाई शुरुआत हुईँ शिरफ़ 18 साल कि उम्र मे उसके गाँव कि संतोष फूफी केँ संग। संतोष एक् बहोत हि मस्त औऱ शानदार बदन कि मालिक थि ऐसा लगता थां जैसेकोई अप्सरा स्वर्ग सें उतरी होँ। चाल मे लचक भारी- भारी बूब्स,। पतलीकमर केँ संग.उभारलिए हुवे चूतड़(बटक).मन करता कि उसे बाहों मे भरकर.उमर भर चोदता हि रहे.हर कदम पर्र उपर नीचे होते चूतर.गजब ढा जाते थें.मगर अभि शास कों इनसब बातो कि कोईखबर नहीं थि.अल्हड़ मदमस्त.उभरता हुवा सूरज.कोई भि लड़की उसके गुलाबी गुलाबी होटो औऱ गालो पऱ किस करने केँ लिए तय्यार रहती थि.याँ बहाने ढूँढती रहती थि.एक् दिन सुबह लगभग 9 बजेशश केँ घऱआई। औऱ शश कि माँ सें बोलि कि भाभी। मुझे ज़राखेत तक जानां हैं। क्याँ मे शश कों संग लें जाऊ.शश कि मां नें कहा दिया कि लेजाओ.किशी कों क्याँ मालूम थां.कि संतोष कां मन अंदर हि अंदर मानो उछालभर रहा थां.शतोष बूवा नें शश कां नाज़ुक रसीले हाथ मे लिया औऱ लेकर खेतो कि औऱ चल दि। संतोष कां दिले ज़ोर ज़ोर सें धड़करहा थां औऱ अपने प्लान केँ बारे मे.सोच सोचकर उसकी बुर पानी छोड़रही थि.कभी कभी मस्ती मे बूवाशश कां हाथदबा भि देती थि.पैर बेचारे शश कों क्याँ मालूम थां कि क्याँ होने वाला हैं। चुदाई केँ सिलसिले कि शुरुआत आज हि होनेजा रही हैं.चलते-चलते कभीकभी बूवाशश केँ अंडरवेर पऱ आगे पीछे सें ठप थापाकर भि मजा लेँ रही थि.धीरे-धीरे धीरे-धीरे जबवे दोनोखेत पऱ पहुँचे.तोँ बूवा नें चारोतरफ नज़र दोड़ाई.अक्टोबर कां महीना थां औऱ चारो औऱ गन्ना हि गन्ना ( सुगुर केन प्लांट) खड़ा हुवा थां.अब बूवा नें अपने प्लान केँ मुताबिक काम करना शुरुआत कर दिया.आओ शशइधर चले। दो गन्ने केँ खेतो केँ बीच छोटी सि पट्टी पर्र चलतेहुए बूवा नें शश केँ अंडरवेर पर्र आगे एक् हाथ लगाया औऱ शश केँ छोटे लन्ड कों छेड़ते हुवे पूछा.शश यह क्याँ हैं.
शश। थोडा शर्मकार नूनी.
बूवा.यह किसकाम आती हैं.?
शश। सूशू करने केँ लिए.
बूवा.बस शिरफ़ सूशू करने केँ लिए हि.?
शश.हा.फिन शरमाते हुवे बूवा कां हाथ हटाते हुवे, कयौन्कि नूनी थोडा टाइट होनेलगी थि औऱ शश डरता थां कि कही बूवा कों पता नां चलजाए.
बूवा.जब यह शिरफ़ सूशू करने केँ कामआती हैं तौ इतनी बड़ी क्यो हैं.? हमारे तोँ इतनी बड़ी नहीं हैं.
शश। आपकी छोटी हैं बूवा.?
बूवा। हमारे तौ हैं हि नहीं.
शश। फिन बूवा आप् सूशू केसे करती हैं.?
बूवा। तुम् हि देखलो हाथलगा कर.औऱ बूवा नें शश कां हाथ आपनी बुर पऱ फेर दिया, शनतोष केँ पांव कपकपाने लगे थें.बुर पूरीतरह सें गीली हौ चुकी थि तभीवे दोनोखेत केँ बीच मे आम(मंगोत्री) केँ नीचे पहुँच चुके थें.
शश.सच बूवा आपके नूनी नहीं हैं.?
बूवा। नहींशश।.
शश.बूवा आपके नूनी कायों नहीं हैं फिन आप् सूसू केसे करती हैं.?
बूवा.हम् लड़कीयो केँ नूनी कि स्थान औऱ खास चीज़े होती हैं जिससे स्वर्ग कि सैर करवाते हैं.
शश.वोँ केसे बूवा.????
अभि तक वोँ आम केँ पेड़ केँ नीचे पड़ी चारपाई पऱ बैठ चुके थें.औऱ बूवाआगे कां प्लान मन हि मनबना रही थि.वासना कां सरूरउस पर्र धीरे-धीरे धीरे-धीरे बढ़ता जारहा थां.फिन भि उसकेमन मे द्वंद चलरहा थां क्याँ यह बच्चा उसकी एच्छा पूरीकर पाएगा भि कि नहीं.इसी उधेड़बुन मे सें उसनेशश कि औऱ देखा औऱ शश केँ गुलाबी हॉटचूम लिए.
बूवा.अक्च्छा तुम् अपना अंडरवेर उतारो.तब बताती हूं.
शश। अंडरवेर नहीं बूवा.मुझे शरमआती हैं.
बूवा.आरे नहींशरम कैसीफिन मे भि तुम्हें स्वर्ग कां वोँ मार्ग दिखाउन्गी जोँ तूनेकभी नहीं देखा.औऱ लौटकर आने कां मन भि नहीं करता हैं.बड़ा हि मजाआता हैं.उउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म.
शश। आपने स्वर्ग कां मजा देखा हैं.?
बूवा.हाई एक् बार ख्वाब मे (ड्रीम)। बड़ा हि मजाआया थां आज तक उसे हि यादकर कर केँ मेरी गीली होँ जाती हैं.
शश.बूवा काया गीली होँ जाती हैं.???????????
बूवा.अर्रे अंडरवेर तौ उतारसभी दिखाती हूं.औऱ.स्वर्ग मे भि लेँ चलूंगी.फिन देख्ना रोज़ (डेली)कहा करोगे बूवा स्वर्ग कि सैरकरा दो.बसमजा हि मजा हैं.औऱ बूवा नें आपने हाथो सें हि शश कां अंडरवेर खोलकर नीचेकर दिया.
शश। मुझेशरम आँ रही हैं बूवा.( औऱ बूवा नें शश कां लन्ड आपनेहाथ मे पकड़ लिया औऱ उसे निहारने लगी शिरफ़ 18 साल केँ शश कां लन्ड, लन्ड कां गुलाबी-गुलाबी सूपड़ा बूवा सें नहीं रुका गय़ा औऱ उसे होंठो मे लें लिया जैसेजनम जनम कि प्यासी हौ.सभी शरमहया सें दूर चूमना शुरुआत कर दिया.यह देखाकर बूवा हैरान हौ गयीँ, कि 18 साल केँ शश कां लन्ड धीरे-धीरे धीरे-धीरे 6-7” कां लगभग 1 ½” मोटा हौ गय़ा थां। )
बूवा.अर्रे शश तेरा लन्ड तोँ बहोत बड़ा हैं.?
शश.क्याँ इस नूनी कों लन्ड कहते हैं बूवाफिन आप् इसेचूम औऱ चूस क्यूं रही हौ इतना बड़ा तौ यहकभी कभी हि होता हैं.
बूवा.शश इसे चूषने मे जोँ मजा आँ रहा थां तुम्हें नहीं मालूम.बूवा नें शश केँ लन्ड कों एक् हाथ मे पकड़ लिया औऱ दूसरे सें आपनी सलवार कां नाडा खोलने लगी। नाडा खोलकर सलवार थोड़ी नीचे कि.देखा शशयह हैं मजा द्वारा याँ मजा दरवाज़ा.शश नें देखा केँ घने काले बालो केँ बीचकुछ गुलाबी- गुलाबी सां नज़रआया..
बूवा.शश हाथफेर कर देख.इसे बुर कहते हैं.यह जौ तुमहरा लन्ड हैं नाँ यहइसघऱ मे घुस जाता हैं तब स्वर्ग कि सैर होती हैं.शश नें दोनो हाथों सें बूवा कि बुर कों छुआ बालों मे हाथ फेरा औऱ गुलाबी.गुलाबी स्थान कों भि छुआ.धीरे-धीरे धीरे-धीरे.
शश। बूवाइस बुर पऱ इतनेघने कालेबॉल क्यो हैं मेरे तोँ नहीं हैं.???? आँ जाएगे अभि तुम् छोटे होँ नाँ.
बूवा.शश तुम् नीचे मेरी टाँगो केँ बीचबैठ जाओइस गुलाबी.गुलाबी बुर कों ज़ोर ज़ोर सें जीभ सें चॅटो तोँ तुम्हे भि बड़ामजा आयगा.शश एक् आगयाकारी बालक कि तरह बूवा कि टॅंगो केँ बीचबैठ गय़ा औऱ दोनो हाथो सें बुर केँ दोनो केँ दरवाजे खोलकर बूवा कि बुर कों चाटने औऱ चूसने लगा.बूवा आcछि खुसबू आँ रही हैं.औऱ ज़ोर ज़ोर सें चाटने लगा,.नयी बुर कों पीरहा थां औऱ बुर केँ पानी कों नारियल (कोकनट) केँ पानी कि तरह पीने लगा.बूवा कि हल्की हल्की हल्की चीख निकलने लगी.उऊहह.आआआआअ.आहह-आहह औऱ ज़ोर सें शश.आआआआहह.बूवा नें शश कां शिर पकड़कर अपनी जाँघो केँ बीच ज़ोर सें दबारही थि.आआआआआआयययययययययययययययईईई हहााययययययययययययी.जान्न्न्न्न.शाष्ह हहस्स्स्स्स्सस्स मजाआआ रहा हैं ज़रा औऱ ज़ोर सीईईईई.उउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म.एयाया हह.फिन कुछ हि देरबाद बूवा नें शश कां शिर ज़ोर सें आपनी बुर पर्र दबा दिया.चट.लें.शश.आअहह हह शश.आआहह हह.औऱ बूवा नें ज़ोर सें मेडॅनियल (बुर कां पानी) कि पिचकारी शश केँ मुँह मे छोड़ दि जिसेशश पता नहींकिस मज़े मे गाटागट पी गय़ा.औऱ बुर कों चाटता जारहा थां.कुछ देरबाद बूवाकुछ ढीलीपॅड गयीँ,..
बूवा.शश कैसालगा.
शश.अक्च्छा लगा बूवा.बड़ा हि खुश्बू दार मज़ेदार टेस्ट थां.
बूवा.अच्छा अब मेरे ऊपेर आँ जाओ.तब तक दोनो नें पूरे कपड़े उतारदिए थें.देख शशयह चुचि (बूब्स) हैं.इन्हे धीरे-धीरे धीरे-धीरे दबाकर तौ चूसो.देखो कैसा लगेगा??????? अबशश बूवा कि दोनो चुचियाँ दबा.दबा करचूस रहा थां.बूवा सातवे आसमान मे तैर्र रही थि.बुर फिन पानी छोड़ने लगी थि, पहलीबार जोँ किसी नें छुवा थां उसकेबदन कों.शश एक् माझे हुवे खिलाड़ी केँ तरह बूवा केँ दोनो बूब्स दबादबा करपीरहा थां.
बूवा.नें शश केँ लन्ड कों हाथ सें पकड़ा औऱ बुर केँ मुह पर्र रख दिया.शश मस्ती मे चुचियाँ पीरहा थां औऱ हिलने केँ कारण उसकेँ लन्ड कां गुलाबी सूपड़ा चिपचपी बुर मे दाखिल होँ चुक्का थां.
बूवा.शश ज़रा धीरे-धीरे धीरे-धीरे इसे भि अंदर तोँ करो.शश नें थोड़ी कोशिस कि पर्र लन्ड आगे नहींजा रहा थां.शश बूवायह औऱ अंदर नहीं, जाएगा.
बूवा.जाएगा बेटेशश थोडा ज़ोर सें धक्का तौ मारो.शश नें थोडा ज़ोर सें धक्का मारा पर्र लन्ड अंदर नहीं गय़ा.शश मेरी दोनो चुचि पकड़कर चूतड़ पीछे करके एक् ज़ोर सें जानदार धक्का मारकर देखो.शश नें एसा हि किया तोँ एसबार कोई चौथाई लन्ड बूवा कि बुर मे घुस गय़ा.आआआआआआआआआआययययययययययययययययययययए ईईई बूवा कि हल्की सि चीखा निकल गयीँ,.क्याँ हुआ बूवाशश कुछडर कर बोला.बूवा नें कहाकुछ नहीं धीरे-धीरे धीरे-धीरे धक्के मारते रहो। नाँ जानेशश कों क्याँ सूझी उसने अपना लन्ड बाहर् खिचा औऱ एक् औऱ ज़ोर सें दमधार धक्का लगा दिया.इससे पहले कि बूवा संभाल पातीशश नें लन्ड थोडा बाहर् निकाल कर एक् औऱ ज़ोर कां धक्का मार.
दिया.बूवा कि एक् ज़ोरदार चीख निकल गई,.उउउह्ह्ह्हीईईइ म्माआअ आआआआआआआअहह आआआआआआअ.
बूवा.शश प्लीज़ ज़रारुक जाओ तुमने तौ मेरी फाड़ हि डाली वोँ दर्द सें कराहरही थि.शश एक् बारफिन चुचियाँ पीने मे मस्त होँ गय़ा.
शास.धीरे-धीरे धीरे-धीरे बूवा संतोष कि चुचिया(बूब्स) दबाते चूस्ते हुवे बूवा केँ होंठो तक चला गय़ा.अब शास बूवा केँ होंठ बड़ी हि तन्मयता सें चूसरहा थां.बूवा केँ होटो कों चुमेते हुवेउसे बड़ा हि आक्च्छा लगरहा थां.संतोष (बूवा)शास केँ इस अंदाज सें औऱ मस्त होतीजा रही थि वो नहींसमझ पारही थि कि एक् 1५साल कां लड़का इतनी मस्त चुदाई केसेकर रहा हैं.बूवा अब दर्द भूलकर मस्त होनेलगी थि.
बूवा.शास ज़रा धीरे-धीरे धीरे-धीरे अंदर बाहर् करो.शास नें जल्दी बूवा कि अग्या कां पालन करते हुवे बूवा कि बुर मे धंसा लन्ड अंदर-बाहर् करना सुरूकर दिया.अब बूवा कां दर्द बिल्कुल ख़तम हौ गय़ा थां औऱ वोँ चुदाई कां पूरा अन्नंद लें रही थि.अब तोँ बूवा भि चूतड़ उछाल उछालकर पूरा लन्ड बुर मे लेँ रही थि.
बूवा.शास अब ज़रातेज तेजकर नां.शास एक् चुदाई मशीन कि तरहलगा रहा औऱ शास केँ धक्को कि स्पीड बढ़ती जारही थि.करीब-करीब 10-15 मिनिट केँ बाद एक् तूफान सां आया औऱ बूवा उछाल उछालकर पूरा लन्ड अंदर लें रही थि.बूवा केँ हाथशास केँ चूटर पऱ थें औऱ वोँ अपने हाथो सें शास केँ धक्कू कों औऱ ज़यादा स्पीड देरही थि.फिन तूफान अपनेचरम पऱ आया औऱ बूवा नें शास कों अपनी बाँहो मे भरकर पूरीतरह सें जाकड़ लिया.उउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म म्म्म्म्म्म्माआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउउउउउउ ऊवूऊवूयूवूऊवूऊवुयीईयेयीक छ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआआआआआ केँ संग बूवा केँ आँखेबंद होतीचली गई,।.फिन एक् शांति सि छा गई.शास भि इशारा समझ कर.लन्ड अंदर डाले हि बूवा केँ उप्पेर लेटा रहा.फिन बूवा नें शश कों अप्पर सें अपनी बराबर मे चारपाई पऱ आने कों कहा.शश कां लन्ड अभि भि लोहे कि छड़ कि तरह टाइट थां.औऱ सूपड़ा औऱ लाल होँ गय़ा थां.शास कां लन्ड बूवा कि बुर सें निकलते हि कुछ बूँदखून कि बुर सें निकल आई.बूवा नें शास केँ होंठचूम लिए.शास आज तुमने जौ मजा दिया हैं यहजनम जनम तक याद रहेगा.
शास.बूवा आपने तोँ कहा थां कि आप् मुझे स्वर्ग कि सैर कराएँगी.
बूवा.शास तुम्हे मजा नहींआया.????????????????
शास.नहीं बूवामजा तौ नहीं। आया.स्वर्ग मे भि नहीं गय़ा.
बूवा.तुम्हे आक्च्छा नहींलगा?????????????
शास.अक्च्छा तौ लगा.,। पऱ मजा नहींआया मेरी नूनी भि अकड़कर दूखकर रही हैं.
बूवा.बूवा नें शास केँ लन्ड कों देखा वोँ अभि भि खड़ा थां औऱ पहले सें भि गुलाबी हौ गय़ा थां.बूवा नें शास कां लन्ड अपनेमूह मे भर लिया.औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे चूसने लगी.तभी शास कि नज़र बूवा कि खुली हुइ बुर पर्र पड़ी.औऱ खून निकलता देखाकर घबरा गय़ा.
शास.बूवा आपकी बुर मे सें खून निकलरहा हैं.
बूवा.कई बात नहीं.आज तुमने मेरीसील तोड़ दि हैं इसीलिए यहखून निकलरहा हैं.
शास.अब क्याँ होगा बूवा.???????????????????
बूवा.कुछ नहीं होगा.चिंता मतकर, जबकोई कुँवारी लड़की पहेली बार चुदति हैं तोँ खून निकलता हैं.इसे सील टूटना कहते हैं.
शास.बूवासील टूटने सें खून क्यो निकलता हैं.???????????? क्याँ डॉक्टर कों दिखना पड़ेगा अब.???????
बूवा। नहींशास डॉक्टर कों दिखाने कि ज़रूरत नहीं हैं, यह तौ सब लड़कियों केँ संग होता हैं। पहलीबार जब लन्ड बुर मे जाता हैं तोँ सीलटूट हि जाती हैं.
शास.फिन अब केसे जुड़ेगी सील बूवा.?????????
बूवा। चिंता मतकरो शास, कुछ नहीं होगा.
शास। अगर किसी कों पताचल गय़ा तौ फिन क्याँ होगा.???????
बूवा। हम् किसी सें नहीं कहेंगे.तुम् भि किसी सें नहीं कहना, ठीक हैं नाँ??
शास.ठीक हैं बूवा। पऱ आपको दर्द नहीं होगा ??????
बूवा। नहींशास सील टूटने सें बस एक् बार हि दर्द होता हैं उसकेबाद तोँ बसमजा हि मजा हैं.( बूवा कि आँखों मे संतुष्टि औऱ खुशी केँ भावे थें, उन्होने आज अपनी प्लान मे कामयाबी जोँ हासिल करली थि.)
शनतोष नें रुमाल सें आपनी बुर सॉफ कि औऱ शास सें कहा“शास एक् बार औऱ करें” ?
शास। बूवा नूनीअब बहोत दुखरही हैं, मजा तौ कुछ भि नहींआया??
बूवा। चिंता मतकर अभि तुम् छोटे हौ, कुछ वक़्त बादजब तुम्हे मजा आयगातब सभीकुछ भूल जाओगे बसयह बूवा कि बुर हि हर वक्तयाद रहेगी.अच्छा चलअबघऱ चलते हैं कलफिन आएँगे तब तक तुम्हारा लन्ड भि आरामकर लेगा.इसी तरह एक् दिन तुम् भि स्वर्ग लोक कि सैर करोगे.
औऱ दोनो नें कपड़े पहने औऱ घऱ केँ लिएचल दिए.
चुदाई का सिलसिला (Incest , Adultery) - मां के साथ – New Episode
चुदाई कां सिलसिला पार्ट-2
जबशास घऱ पहुंचा तोँ दोपेहर हौ चुकी थि औऱ शास कों पताचला कि शास केँ मामाजी घऱआए हुवे हैं.शास नें दौड़कर जाकर मामाजी केँ पेरछुए तौ मामाजी नें बताया कि कल सुबह उन्हे मामाजी केँ संग जानां हैं कायोँकि उसके ममेरी बहन सीमा कि विवाह हैं.शास बहोत खुशहुआ औऱ सुभह मामाजी औऱ मोम केँ संग मामाजी केँ घऱचला गय़ा.
लॅकिन शास मे संतोष कि चुदाई केँ बादकुछ परिवर्तन आँ गय़ा थां। अब लड़कियों कों देखकर उसे बूवा संतोष केँ संग कि गई, चुदाई कि याद आँ जाती औऱ उसके लन्ड मे कुछ सुरसूरहट सि होने लगती थि.शास दिनभर चहलपहल मे मस्तरहा, घऱ मे बहोत सें मेहमान आएहुए थें कुछ औरते औऱ लड़कियाँ भि थि.खेलते मस्ती करतेरात (नाइट) आँ गई,। खानां खाने केँ बाद.अब स्त्री म्यूज़िक सुरू हुवा.तोँ सीमा दिदी उसे अपनेसंग उपेरवाले रूम मे लें गयीँ,.औऱ दोनोआपस मे बाते करनेलगे.
सीमा.शास तेरी पढ़ाई कैसीचल रही हैं??
शास.ठीक हैं सीमा दिदी.दिदी मुझे तौ नींद आँ रही हैं.
सीमा। तोँ काया हुवा तुम् यही मेरेपास हि सोजाओ.
शास नें पेंट शर्ट उतारी औऱ कच्छा- बनियान मे एक् चादर लेकरलेट गय़ा औऱ सोने कि तय्यरी करनेलगा.
सीमाअब रूम मे सोएहुए शास केँ पास बैठी विवाह.पति, उसकेबाद होने वाले मिलन, सुहाग रात मे होने वाली सेक्षुयल आक्टिविटीस केँ बारे मे सोचसोच करमंद मंद मुस्करा रही थि.तभी सीमा कि मोमआई औऱ बोलि कि सीमाकल पूरेदिन तुम् बीज़ी रहोगी औऱ आराम नहीं मिलेगा फिन ससुराल मे जाकर भि एक् दोदिन तौ आराम नहीं मिलेगा एसलिए तुम् अंदर सें दरवाजा बंद करकेयही शास केँ पास हि सो जाओ.इतना कहकर सीमा कि मोमचली गई,.सीमा नें दरवाजा अंदर सें बंद किया औऱ शास केँ पास हि लेट गयीँ,.लॅकिन नींद उसकी आँखो सें कोषो(माइल्स) दूर थि.
सीमा काफ़ी देर तक करवटें बदलती रही, तभी शास नें करवेट ली औऱ एक् पांव सीमा केँ उप्पेर रख दिया औऱ एक् हाथ सीमा कि बूब्स पैररखा गय़ा.सीमा केँ सरीर मे हल्की शिहरन सि दौड़ गई.सीमा शास कां हाथ बूब्स सें उठाने कि सोच हि रही थि कि उसेआ आपनी जाँघो पऱ कुछ चुभता सां महसूस हुवा.सीमा नें हाथ धीरे-धीरे सें नीचे किया तोँ उसकेहाथ मे शास कां लन्ड आँ गय़ा जोँ उसकी जांघों पर्र चुभरहा थां.सीमा चोंक गई, हाथ मे इतना बड़ा गर्म-गर्म लन्ड पकड़ कर.दरअसल शास कां लन्ड सोते हुवे अंडरवेर(कच्चे) सें बाहर् निकलआया थां.सीमा बिनाकुछ सोचे स्मझे हि शास केँ लन्ड कों हाथ मे हि थामे रही.सीमा सोचने लगी कि इस छोटे सें शास कां लन्ड कितना बड़ा औऱ मोटा हैं उसे अपनेटशन वालेसर राज शर्मा कि यादआई.
जिन भावनाओ कों उसने बड़े मुश्किल सें काबू मे रखा, थां वोही भावनाएँ अबउस पऱ हावी होनीलगी थि, अपनी पहली चुदाई कि यादे ताज़ा होनेलगी थि.अपने आप् उसका एक् हाथ उसकी कमसिन, मगर टाइट चुचियो पऱ रकखेशास केँ हाथ केँ उप्पेर सें हि आपनी टाइट चुचियों कों सहलाने लगा.औऱ दूसरा हाथशास केँ लन्ड कों पकड़े हुवेकुछ तलाश करने कि कोशिस कररहा थां.
सीमाअब कुवारि नहीं थि.! वोँ पहले हि चुद चुकी थि.! उसकीसील टूट चुकी थि.औऱयही वजह थि कि सेक्स, रोमॅन्स कि बात निकलते हि वोँ बहोत अधिक उत्तेजित होँ जाती थि.उसने वोँ वर्जित फल खाया थां, जिसे खाने कि उसे मनाही थि, विवाह होने तक.
सीमा9थ कि स्टेंडरेड कि स्टूडेंट थि.क्लास ओवर होने केँ बाद अपनी सहेली पूजा केँ संगजब सीमा विद्यालय सें बाहर् निकली.क्याँ बात हैं पूजाआज बड़ीचुप चुप सि हैं??? कोईबात नहीं हैं पूजा नें जबाब दिया.नहीं कोई तौ बात हैं.आज अपनी सहेली सें छुपारही होँ.नहीं सीमाकोई बात नहीं, हैं.तोँ फिनआज चुप-चुप सि खोई-खोई सें कायों होँ?????मे जान गई पूजाअब तुम् मुझसे भि कुछ छिपाने लगी हौ सीमा नें आखरी आस्त्रा छोड़ दिया.नहीं सीमा मैनेआज तक तुमसे कोईबात छुपाई हैं.तौ फिन क्याँ बात हैं बताओ नाँ.पूजा नें सीमा कों बताया.
.सीमा जानती हौ कलरात कों जब मे टाय्लेट केँ लिएउठी तोँ मैने माँ पिताजी केँ कमरे सें आवाज़ सुनी.मां कहरही थि कि.
सीमा.हैं बताओ नाँ पूजा मां क्याँ कहरही थि.??????????????
पूजा.मां कहरही थि कि यह तुम्हारा गधे जैसा भारी लन्ड मे हि किसीतरह झेलरही हूं, कोई औऱ होती तौ कब कां काम हौ जाता.
.सीमा.क्याँ तुमने माँ पिताजी कों करती हुवे देखा हैं?????
पूजा.नहीं, बस आवाज़े हि सुनी हैं.अंदर सें बड़ी हि कामुक आवाज़े आँ रही थि.औऱदिन मे जब मैने सीडी प्लेयर मे एक् सीडी लगाई शायदकोई पिक्चर याँ गाने होंगे तौ जानती होँ उस्मन क्याँ थां???????
सीमा.हाई बताओ नाँ पूजा क्याँ थां उस्मै.??????
पूजा.वोँ एक् ब्लू फिल्म थि.मे तौ घबरा गई.औऱउसे जल्द मैने किताबो मे हि छुपा दिया.सीमा। क्याँ तुमने वोँ ब्लू फिल्म पूरी देखी हैं.????????
पूजा.हा जबघऱ मे कोई नहीं थां तब.साम कों.एक् लड़की एक् लड़के केँ उसकोचूस रही थि औऱ लड़का लड़की कि बुर कों चाटरहा थां.
सीमा.फिन क्याँ हुवा.?????????????????
पूजा.फिन दोनो चुदाई मे लगगये, बाड़ा मजाआया दोस्त.तभी बाते करते करते.सीमा कां घऱ आँ गय़ा औऱ पूजा कां घऱकुछ आगे थां.सीमा कि बुर इतना पानी छोड़ चुकी थि कि उसकी पॅंटी पूरीतरह सें गीली हौ गई, थि.घऱ मे घुसते हि सीमा अपनेरूम मे गई, औऱ पहले ड्रेस बदली औऱ बाथरूम मे चली गई.वहा पऱ उसने आपनी पॅंटी उतारी औऱ बुर कों ठंडे पानी सें धोया.आकर अपनेरूम मे लेट गयीँ,.
सीमासाम कों 6पीएम पर्र ट्यूशन केँ लिएराज सर केँ घऱचली गई.राज सर केँ सीमा केँ घरवालो सें घरेलू संभंध थें औऱ उनको अपने परिवार कां मेंबर हि मानती थि.जब सीमाराज सर केँ घऱ पहुँची तौ राजसर गिलास मे कुछ हल्के लालरंग कां कुछपी रहे थें.सीमा हमेशा कि तरह बराबर मे सोफे पर्र बैठ गई.
सीमा.आंटी कहां हैं सर.??????????
सर। हमेशा कि तरह झगड़ा करके अपने माएके चली गई.
सीमा कों सरराज पऱ बड़ारहम आया बेचारे कितने अच्छे थें औऱ हॅंडसम भि थें, पऱ उनकी पत्नि हमेसा हि झगड़ा करती रहती थि.सीमा नें बड़े हि प्रेम सें सर कों देखा.कितने अच्छे हैं सर.तभी.राज सर नें सीमा कां हाथ अपनेहाथ मे पकड़ लिया, सीमाअगर तुम् बुरा नां मानो तौ एक् बात काहु??????????
सीमा। बोलो नां सर मे बुरा क्यो मानूँगी?????????
राज.आइ लवयू सीमा, मे तुम्हे बहोत प्रेम करता हूं औऱ सर नें एक् हाथ सीमा केँ कमर पर्र कस दियातथा दूसरा हाथ सीमा कि मांसल सुडोल जाँघो पऱ फिराने लगे.धीरे-धीरे धीरे-धीरे सर कां हाथ सीमा कि स्कर्ट केँ अंदर सीमा कि पॅंटी कों छूनेलगा.
सीमा.यह क्याँ कररहे हैं सर.?????
पर्र राज कां दबाव सीमा पर्र बढ़ता हि जारहा थां, सर केँ होंठ सीमा केँ गुलाबी गालो कों चूमरहे थें औऱ हाथ पॅंटी केँ अंदर तक पहुँच चुक्का थां.धीरे-धीरे धीरे-धीरे सीमा कां जिस्म ढीला पड़ने लगा थां। राज शर्मा नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे सीमा केँ सब कपड़े उतार दिए.सीमा इतनी ज्यादा उत्तेजित हौ चुकी थि कि उस्मै अब विरोध कि एच्छा खत्म हौ चुकी थि.सीमा केँ दोनो टाइट, सुडोल औऱ छोटे छोटे बूब्स सर केँ हाथों मे थें औऱ गुलाबी निप्पेल्स मुह मे.सर पड़े हि प्यार सें बूब्स पीरहे थें औऱ नाज़ुक टाइट बूब्स सें खेल भि रहे थें। अब सीमा केँ होंठो सें हल्की सिसकारिया निकलरही थि.अचानक सीमा नें सर कां चेहरा अपनी औऱ किया औऱ अपने गुलाबी, रसीले मुलायम होंठसर केँ होंठो पर्र रखादिए.
सीमा.सर आप् कितने अच्छे हैं.आआआआहह्ा.
सर। तुम् भि तौ कितने प्यारी, लव्ली-लव्ली सि होँ.अगर तुम्हारी उमर20-21साल होती तोँ मे तुमसे विवाह कर लेता.
अब सर धीरे-धीरे धीरे-धीरे सीमा केँ सारे जिश्म कों चूमरहे थें.औऱ अब दोनो टांगो केँ बीच सीमा कि बुर पर्र उनकामूह पहुच चुक्का थां.सीमा कि बुर पऱ रसीले रोएदार झाँटे देखकर सर औऱ ज्यादा उतेज़ित हौ चुके थें.वे सीमा कि बुर कों चाटने चूमने लगे.सीमा उत्तेजना कि चरम पऱ थि ( शी वाज़इन हेवेन नाउ)सर कि जीभ सीमा कि बुर केँ अंदर बाहर् हौ रही थि औऱ बीचबीच मईसिर क्लिट पैरजीभ कां दबाव बनाकर छतरहे रहे थें.सीमा कि कामुक सिसकारिया अबतेज होनेलगी थि.
सीमा। सर.आहह-आहह हहाआआआआआईईईईईई सस्स्स्स्सिईईईईईईईईईईईईईईइइर्र्र्र्र्र्र्र्ररर औऱ सर कां सिर ज़ोर सें अपनी बुर पऱ दबारही थि। आआअईईईएउउउउउउउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म एम्म्म.सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सूऊऊऊऊऊ ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओीईईईईईईईईई सस्स्स्स्सस्स.अब सर नें सीमा कि दोनो टाँगे फैलाई औऱ अप्पर उठाकर टॅंगो केँ बीच पोज़िशन लेली.बुर सें पानीबह रहा थां औऱ फुल्ली लूब्रिकेटेड होँ चुकी थि.सर नें अपने 7” केँ थिक लन्ड कों सीमा कि बुर केँ मूह पऱ सेट किया.सीमा कों लगा जैसीकोई गर्मरोड उसकी बुर कों छू गई.
होँ.उउउउउउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हीईईईस्स्स्स्स्स्सीईइर्र्र र्र्र्र्र्ररर.औऱ सर नें धीरे-धीरे सें ईक हल्का धक्का ठोक दिया.आआआआआआयययययययययययययययययईई ईईए.सीमा दर्द सें कराह उठी.सर केँ लन्ड कां सूपड़ा बुर मे समा चुक्का थां.
सीमा.प्लीज़ सर औऱ नहीं.आआआआआआईईईईईई बहोत दर्द होँ रहा हैं.बस सर आआआअहह.तभी सर नें मौके कि नज़ाकत कों समझकर दोतीन जबरदस्त धक्के मारदिए औऱ पूर कां पूरा लन्ड सीमा कि बुर मईसमा चुक्का थां.सीमा कि जोरदार चीखे निकलरही थि, अओरसर नें सीमा कों कसकर बाहों मे दबा रक्खा थां.ऊवूऊवुयूयियैआइयैआइयैआइयैआइयैयीयिम्यूयूवम्मियीयीयैयीई ईयीई ह्हियैआइयियीयेययाया सस्सिईइइर्ररर म्म्म्माआर्ररर ददाअलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लाआआआआआआआआआआआआआआ आआआआअहह.सीमा कि आँखो मे आँसूबह रहे थें.सर नें लन्ड कों हिलाना बिल्कुल बंदकर दिया थां.औऱ सीमा केँ होंठ चूमेजा रहे थें औऱ दोनो हाथो सें सीमा केँ बूब्स कों सहलारहे थें.अब सर सीमा केँ गले,, छाती,,, बूब्स,, कानो (यियर्ज़) केँ पीछे चूमेजा रहे थें.सीमा अब भि दर्द सें कर्राह रही थि.धीरे-धीरे धीरे-धीरे सीमा कां विरोध कम होताजा रहा थां.अब फिनसर नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे लन्ड कों थोडा अंदर बाहर् करना शुरुआत कर दिया थां.सीमा अबकोई विरोध नहींकर रही थि.अबसर कां लन्ड पिस्टन कि तरह अंदर बाहर् होनेलगा थां.औऱ सीमा भि अबमजा कां अनुभव करनेलगी थि.
औऱ अब चुदाई अपना पूरी स्पीड पकड़ चुकी थि.सीमा भि अब चूतड़ उछाल उछालकर सहयोग कररही थि.आआआआहह सर औऱ ज़ोर सएआआाआआआअ.आआआआआहह ऊवूऊवूयूवूऊवूऊवम्म्म्म्म्म्म्मायायाययाया फाड़दो सर आआहह.चुदाई केँ स्पीड अपनेचरम पर्र थि.दोनो कि बाँहो कां दबाव बढ़ता जारहा थां.
सीमा.सर.मुझे.कुछ.आहह-आहह.सर।.आआईईए.आहह-आहह.सस्स्स्स्स्सिईईईईइइर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर आआआआआआआआआ औऱ सीमा केँ हाथो कां कसावसर कि पीठ पर्र बढ़ता गय़ा.तभी सर भि.कुछ बुबदाने लगे.सीएमममाआ म्म्मईएरररिइ ज्ज्जाआन्न्न्न्न ल्ल्ल्ल्ल्लीईईए आआओउउउर्र्ररर ल्ल्ल्लीई.
सीमा कों लगा कि गर्म गर्म लावा उसकी बुर मे फूट पड़ा होँ.उसकी बुर कि आग कों शांत करने केँ लिए.फिन दोनो नें एक् संग एक् दूसरे कों कसकर भींच लिया। औऱ कुछदेर बादयह तूफान शांत हौ गय़ा। राज शर्मा नें एक् कुवारि बुर कों चोदकर मजा लें लिया थां तभीशाश केँ हिलने सें सीमा ध्यान भंगहुआ औऱ वा अपने वर्तमान मे लौटआई एक् हाथ सें उसनेशाश कां लन्ड पकड़ा हुआ थां दूसरे हाथ सें सीमा.धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपने बूब्स कों सहलारही थि.सीमा कि बुर पानी छोड़रही थि औऱ तेजतेज साँसे चलरही थि.
सीमा कि साँसे तेजतेज चलरही थि औऱ बुर मे आगलग चुकी थि.बुर पानी छोड़-छोड़ कर पूरीतरह सें गीली होँ चुकी थि.अब सीमा सें एक् एक् समयबिन चुदाई केँ भारीपड़ रहा थां। वो नहींसमझ पारही थि कि केसे सुरू करे.बाहर् मेहमानो कां हंगामा, औऱ सीमा केँ अंदर वासना कां ज़ोर.कभी सीमा सोचती कि यह छोटा भइया.इसके संग क्याँ सेक्स ठीक होगा.क्याँ यह सेक्स कर पाएगा पर्र वासना चेतना पऱ भारीपड़ रही थि.एक् सस्मसहेट एक् द्वन्ध सें घिरी सीमा.बुर कों अब लन्ड कि ख़्वाहिश चरम कों छूरही थि.बुर केँ होंठखुल बंद हौ रहे थें.सीमा कि साँसे गर्म औऱ तेज हौ रही थि.आँखे लाल होँ चली थि.आख़िर सीमा पर्र वासना नें काबूकर हि लिया.सीमा शास केँ हाथो सें चुचीयो कों ज़ोर ज़ोर दबाने लगी थि.कभी एक् हाथशास केँ लन्ड पऱ कभी.खुलती-बंद होती बुर पऱ घूमरहा थां.आँखें वासना केँ सरूर मे भारी हौ चली थि.आख़िर मर्यादा कां बाँधटूट गय़ा। सीमा सोते हुवेशास केँ गुलाबी होंठ चूमने लगी.शास नें आँखेखोल ली.दिदी????????????.शास प्लीज़ कुछमत कहो.प्लीज़ शास.आपनी दिदी कों बचा लो.यहआग मुझेमार डालेगी?????????????.शास आश्चर्या सें सीमा कों देखारहा थां.
सीमा.शास प्लीज़ कुछ करो.मेरे होंठो कि, मेरी बुर कि प्यास बुझादो शास.शास प्लीज़,.तुम्हारा लन्ड बहोत बड़ा लूंबा औऱ मोटा हैं.
शास.दिदी.??????????????
सीमा। तुम्हे तुम्हारी दिदी कि शपथ.कुछ करो.सीमा बैठ गई.औऱशास केँ लन्ड कों हाथ मे लेकर.देखो शास, यह तुम्हारा लन्ड मेरी प्यास अवश्य बुझा सकता हैं.अऔर उसी भाववेश मे लन्ड केँ सूपदे कों चूमने लगी.
शास सें दिदी कि बचैनि देखी नहींजा रही थि.वोँ समझ नहींपा रहा थां कि वोँ क्याँ करे.?????.तभी शास कों संतोष बूवा कि याद आई.वोँ कुछ-कुछ समझने लगा कि अबउसे क्याँ करना.हैं.लॅकिन यह तौ दिदी हें ????????????
शास.बताओ दिदी मे क्याँ कारू????जिससे आपको सुकून मिले
सीमा.शास.मेरे भइया.चोद डाल.अपनी इस पयासी बहन कों.शास अबकुछ मत केहना.बस चोद डालो.इस बुर कों.फाड़ डालो इसको.बुझा दो इसकी आग.उउउउउउउउउआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह शास.प्लीज़.
शास.शास केँ दिमाग़ मे संतोष बूवा कां चेहरा घूम गय़ा.वोँ सभीयाद आने लगा.जिससे संतोष बूवा कों सुख मिला थां.सीमा शास केँ लन्ड केँ सूपदे.कों चूम-चाट.रही थि.सीमा कां एक् हाथ उसकी आपनी बुर पऱ मालिश कररहा थां.
शास नें सीमा कि दोनो चुचिया अपने हाथों मे पकड़ली औऱ उन्हे सहलाना औऱ मसलना.शुरुआत कर दिया.सीमा नें चेहरा उप्पेर उठाकर शास केँ ओर देखा.शास नें दिदी कि तरफ देखा.औऱ दोनो मंद-मूंद मुस्कुरा दिए.शास नें एक् हाथ सें सीमा कां चेहरा उप्पेर किया.औऱ गुलाबी-गुलाबी होंठो पर्र अपने.गुलाबी.होंठ रख दिए.अब दोनो एक् दुसरे केँ होंठो कां रस मस्ती मे पीरहे थें.औऱ शास कां एक् हाथ सीमा कि चुचियों पऱ घूमरहा थां.कुछ देर होंठो कां रस पीने केँ बादशास नें एक् चुचि केँ गुलाबी नाज़ुक निपल कों अपने होंठो मे लें लिया.शास एक् हाथ सें सीमा कि चुचियाँ मसलरहा थां.औऱ दूसरे हाथ सें दूसरे चुचि कों दबा–दबा कर मस्त होकर पीने लगा.सीमा.मस्ती मे डूबती जारही थि.आखे बोझल होँ रही थि.मस्ती औऱ कामुकता कि दबीदबी कराह निकलने लगी.अब शास दोनो हाथो सें चुचि कों दबाकर मसलकर पीने लगा.कभी.कभी.वो अपनीजीभ सें पूरी चुचि कों चाट लेताकभी चुचि कों इधरउधर होंठ औऱ दाँत मे दबाकर चूमरहा थां.सीमा दोनो हाथो सें शास कि कमर औऱ सिर सें पकड़कर आपनी चुचियों पऱ दबाव बढ़ारही थि.अबशास नें सीमा.केँ सब कपड़े उतारने शुरुआत कर दिए.धीरे-धीरे धीरे-धीरे सीमा बिल्कुल नंगी.शास कि बाहों मे थि.सीमा नें शास कां अंडरवेर खोलकर नीचेकर दिया, औऱ बनियान भि उतार दि.शास अब एक् मझे हुवे खिलाड़ी कि तरह.सीमा केँ जिस्म कों चूम-औऱ-चाट जारहा थां.अब शास सीमा केँ बूब्स गला.पेट,, नाभि कों चूमते हुवे बुर कि औऱ बढ़रहा थां.काले घने बालों केँ बीच छुपी हुईँ सुर्ख लाल बुर.शास नें पहले बुर केँ दोनो दरवाजो कों खोलकर सीमा कि क्लिट पऱ हमलाकर दिया,, शास जीभ डाल.डाल कर क्लिट कों चूम.चाट नें लगा.मद-होश सीमा कि सिसकारियों कि आवाज़े बाहर् मेहमआनो केँ हंगामा मे दबकररह जाती थि.फिन एकाएक शास नें अपनीजीभ सीमा कि बुर मे पूरी घुसा दि औऱ घुमाने लगा। सीमा केँ हाथशास केँ सर पर्र आँ गये.
सीमा.केँ जिस्म मे सरसरहट बढ़ती जारही थि.बुर पऱ शास केँ मूह कां दबाव,, कभी क्लिट औऱ कभी बुर केँ अंदरजीभ, एक् ऐसे तूफान मे.सीमा जा चुकी थि.जहा पऱ बसकुछ हि दूर एक् जन्नत कि मंज़िल.थि.बादल फटकर पूरा पानी एक् हि छलक केँ संगशास केँ मूह मे बरस जाने केँ लिए तय्यार हौ चुके थें.सीमा केँ पूरे जिस्म मे हज़ारो बिजलियाँ एक् संग दौड़गये आँखेबंद हौ गयीँ,.हाथो कां दबावशास केँ सर(हेड) पऱ एकाएक काफ़ी बढ़ा गय़ा थां.औऱ एक् लंबी हल्की चीख। आआआईईईईईई.उउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउ अयू.आआआआआ.आआआआआअहह.सस्स्स्शहाआआसस्स्स्सस्स.आआआआअ केँ संग.ज्वार-भाटे सें उठीलहर कां साराजाल शास केँ मुहा मे भर गय़ा.शास.नारियल.पानी.केँ स्वाद केँ संगउसे गाटागट पीरहा थां.क्याँ सुगंधित थां यह बुर कां पानी????????????? सीमा कां बदनकुछ देर तक यू हि.आकड़ा.रहा.पिचकारी.छूटती रही.शास पी.पी.कर मस्ती मे भरता गय़ा।.
शास.नें बुर चाट.चाट कर सूखा दि थि.लकिन अभि भि सीमा कि बुर सें एक् लेशदार (लूब्रिकेटेड) पानी निकलरहा थां.सीमा केँ हाथों कां दबाव ढीलापड़ गय़ा.शास.अगली मंज़िल कि औऱ.क्लिट कि पूनह:जीभ कां दबाव डालकर मालिश करने लगा.शास केँ दोनोहाथ सीमा केँ मांसल जाँघो पर्र मालिश कररहे थें.सीमा केँ पूरे जिस्म मे फिन शिहरन सि होनेलगी थि.शास.सीमा कि बुर कि क्लिट चाटचाट कर पहाड़ कि चोटी कि तरहबना रहा थां.
शास.फिन सें सीमा कि नाभि, पैट, औट छाती कों चूमने लगा.दोनो चुचियो कां ताज़ा दूध पीकर मस्त हौ रहा थां.सीमा केँ शरीर मे लहरे बढ़ने लगी.औऱ शास बारी बारी दोनो चुचियो कों पीता.गय़ा.मसलता गय़ा.दबाता औऱ सहलाता गय़ा.कुछ देरबाद शास नें सीमा केँ जूसी होंठ अपने होंठो मे लिए औऱ चूसना शुरुआत कर दिया.सीमा.औऱ शास कि जिभे टकराई.चूसा.मस्ती.औऱ जोश.
शास। कां मोटा औऱ लंबा लन्ड.लोहे कि रोड कि तरह टाइट.गुलाबी सूपड़ा। यहबात अलग थि कि अभि तक शास कां गमफॉल नहीं हुवा थां.शास.सीमा केँ होंठ.गाल औऱ गर्देन पर्र जिभा फेर-फेर कर सीमा कि बुर कि आग कों औऱ भड़का रहा थां.अब सीमा.कि सिसकी फिन फूटने लगी.उउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म.आआआआआआअहह हह.सस्शहाआअसस्स्स्स्स्स्स्सस्स.ईईईईईईई इईईईईईईईई.सीमा कि टाँगे खुलने लगी.औऱ चौड़ी.औऱ चौड़ी.अब शास कां लन्ड सीमा कि बुर सें टकराने लगा थां.जिससे सीमा कि उत्तजना औऱ.औऱ.औऱ बढ़ती जारही थि.बुर.खुलने.बंद होने लगी.लन्ड खाने केँ लिए बैचेन.
शास.नें पहलीबार अपने एक् हाथ सें अपने लन्ड कों पकड़ कर.सीमा केँ चूतद्वार.पऱ उसे पोज़िशन दि.टाइट, मोटा, लंबा तना हुवा लन्ड.बुर केँ दरवाजे पऱ रखा लन्ड कां सूपड़ा.बुर कि गर्मी कों महसूस कर औऱ चौड़ा होँ रहा.थां.औऱ सीमा कि बुर कों खुला निमंत्रण देरहा थां। बुर तौ पहले हि लन्ड कों खाने कि फिराक मे थि.
सीमा.शास अब अपने लन्ड कों अंदरकरो नां????? अब औऱ सहन नहीं हौ रहा.हैं.
शास नें इशारा मिलते हि लन्ड कां दबाव सीमा कि बुर पर्र बढ़ा दिया.लूब्रिकेटेड बुर.नशे मे मस्त बुर.शास नें हल्का सां एक् धक्का लगाया.लन्ड कां सूपड़ा बुर मे समा गय़ा.सीमा कि बुर अब कुँवारी नहीं थि.पऱ चुदाई कों काफ़ी दिन बीतने औऱ शास केँ भारी लन्ड नें सीमा कि एक् हल्की चीखा निकलवा दि.उउउउउउईईईम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआआआअ.सस्स्स्स्स्स्शहाआआअसस्स्स्स्सस्स.द्द्द्ध्ह्ह्हीईर्र्र्र्रीईए.सस्स्सीईए.श आस अपने मे मस्त.चूमता चाटता.चुचियो कों मसलता.होंठो कों चूमता.शास नें थोडा पीछे होकर एक् जबरदस्त धक्का.मार हि दिया.शायद आज लन्ड भि बेकरार थां बुर मे घुसने केँ लिए.
शीमा कि जूरदार चीख.ऊवूऊवूयूवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवुउवुयियैआइयैआइयैआइयैआइयीयीयियी ईईईईईईईईईईईईईइइम्म्म्मममममममममममाआआआआआआमम्म्मममम एम्म्म.सस्स्स्स्स्शहाआआआअसस्स्स्सस्स ससस्स.आआआआआआईईईईईईहह प्पफाआद्दद्ड ह्ह्ही द्दाल्ली.आआअहह.अगर बाहर् मेहमआनो.कां हंगामा औऱ स्त्री म्यूज़िक नहींचल रहा होता तौ सबवही पऱ इक्ठ्ठा हौ गये होते.मगर शास कों इतनी परवाह कहां.वोँ तौ नया खिलाड़ी थां चोदने कां.उसे तोँ बस चोदना थां.दूसरे हि लम्हा शास कां एक् औऱ जोरदार धक्का.औऱ पूरा कां पूरा लन्ड सीमा कि बुर मे समा गय़ा.सीमा कि कि कयी चीखा एक् शाथ निकलगैई
पोवर्ड बाइ आड्टल अड्वरटाइज़ हियर
शास.नें बुर कों चाट.चाट कर सूखा दि थि.लकिन अभि भि सीमा कि बुर सें एक् लेशदार (लूब्रिकेटेड) पानी निकलरहा थां.सीमा केँ हाथों कां दबाव ढीलापड़ गय़ा.शास.अगली मंज़िल कि ओर.क्लिट कि पूनह:जीभ कां दबाव डालकर मालिश करने लगा.शास केँ दोनोहाथ सीमा केँ मांसल जाँघो पऱ मालिश कररहे थें.सीमा केँ पूरे जिस्म मे फिन शिहरन सि होनेलगी थि.शास.सीमा कि बुर कि क्लिट चाटचाट कर पहाड़ कि चोटी कि तरहबना रहा थां.
शास.फिन सें सीमा कि नाभि, पेट, आउट छाती कों चूमने लगा.दोनो चुचियो कां ताज़ा दूध पीकर मस्त हौ रहा थां.सीमा केँ जिस्म मे लहरे बहने लगी.औऱ शास बारी बारी दोनो चुचियो कों पीता.गय़ा.मसलता गय़ा.दबाता औऱ सहलाता गय़ा.कुछ देरबाद शास नें सीमा केँ मुलायम होंठ अपने होंठो मे लिए औऱ चूसना शुरुआत कर दिया.सीमा.औऱ शास कि जिभे टकराई.चूसा.मस्ती.औऱ जोश.
शास। कां मोटा औऱ लंबा लन्ड.लोहे कि रोड कि तरह टाइट.गुलाबी सूपड़ा। यहबात अलग थि कि अभि तक शास कां गुमफॉल नहीं हुवा थां.शास.सीमा केँ होंठ.गाल औऱ गर्देन पर्र जीभ फेर-फेर कर सीमा कि बुर कि आग कों औऱ भड़का रहा थां.अब सीमा.कि हल्की चीखफिन फूटने लगी.उउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म.आआआआआआअहह हह.सस्शहाआअसस्स्स्स्स्स्स्सस्स.ईईईईईईई इईईईईईईईई.सीमा कि टाँगे खुलने लगी.औऱ चौड़ी.औऱ चौड़ी.अब शास कां लन्ड सीमा कि बुर सें टकराने लगा थां.जिससे सीमा कि उत्तजना औऱ.औऱ.औऱ बढ़ती जारही थि.बुर.खुलने.बंद होने लगी.लन्ड खाने केँ लिए बैचेन.
शास.नें पहलीबार अपने एक् हाथ सें अपने लन्ड कों पकड़ कर.सीमा केँ चूतद्वार.पर्र उसे पोज़िशन दि.टाइट, मोटा, लंबा तना हुवा लन्ड.बुर केँ दरवाजे पऱ रखा लन्ड कां सूपड़ा.बुर कि गर्मी कों महसूस कर औऱ चौड़ा होँ रहा.थां.औऱ सीमा कि बुर कों खुला निमंत्रण देरहा थां। बुर तौ पहले हि लन्ड कों खाने कि फिराक मे थि.
सीमा.शास अब अपने लन्ड कों अंदरकरो नां????? अब औऱ सहन नहीं होँ रहा.हैं.
शास नें इशारा मिलते हि लन्ड कां दबाव सीमा कि बुर पर्र बढ़ा दिया.लूब्रिकेटेड बुर.नशे मे मस्त बुर.शास नें हल्का सां एक् धक्का लगाया.लन्ड कां सूपड़ा बुर मे समा गय़ा.सीमा कि बुर अब कुँवारी नहीं थि.पऱ चुदाई कों काफ़ी दिन बीतने औऱ शास केँ भारी लन्ड नें सीमा कि एक् हल्की चीखा निकलवा दि.उउउउउउईईईम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआआआअ.सस्स्स्स्स्स्शहाआआअसस्स्स्स्सस्स.द्दद्धीईरररररीईए.सस्स्सीईए.श आस अपने मे मस्त.चूमता चाटता.चुचियो कों मसलता.होंठो कों चूमता.शास नें तोड़ा पीछे होकर एक् जबरदस्त धक्का.मार हि दिया.सायेड आज लन्ड भि बेकरार थां छूट मे घुसने केँ लिए.
शीमा कि जूरदार चीखा.उूुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुउउइईईईईईईईईईई ईईईईईईईईईईईईईइइम्म्म्मममममममममममाआआआआआआमम्म्मममम एम्म्म.सस्स्स्स्स्शहाआआआअसस्स्स्सस्स ससस्स.आआआआआआईईईईईईहह प्पफाआद्दद्ड ह्ह्ही द्दाल्ली.आआअहह.अगर बाहर् मेहमानो.कां हंगामा औऱ औरत म्यूज़िक नहींचल रहा होता तौ सबवही पऱ इकठ्ठा हौ गये होते.मगर शास कों इतनी परवाह कहां.वोँ तोँ नया खिलाड़ी थां चोदने कां.उसे तौ बस चोदना थां.दूसरे हि लम्हा शास कां एक् औऱ जोरदार धक्का.औऱ पूरा कां पूरा लन्ड सीमा कि बुर मे समा गय़ा.सीमा कि कईचीख एक् शाथ.निकल गैई.
सीमा कि चीखूं कि आवाज़ ढोल.भांगदे कि आवाज़ मे दबकररह गई.उउउउउउउउउईईईईईईईईईईईए।.आआआआआआआआऐईईईईईई आआआआआआआआअहहीए ईईईंमम्ममममममममममाआआआआआआआअम्म्म्मममममीईए ईईईई.सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्शहााआअ आआसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स.फाड़.ह ई.द्दाल्लीइीईईईईईई.ईईईईईईईईईईईईईई ईईईईईकककककककककचह.मगर शास अपनी चुचिया पीने मे मस्त.औऱ सीमा कि आँखों सें पानी निकलआया थां.सीमा धीरे-धीरे धीरे-धीरे कुछ सामान्य हूई तोँ शास कों चुचियाँ पीने मे मस्त देखकर दर्द कों भूलकर मन्दिम सि मुस्कुरा दि.सीमा नें शास कां चेहरा अपनी औऱ किया औऱ शास केँ होंठचूम लिए.बड़े हि मस्त चोदू हौ.शास.सीमा बुदबुदाई.मगर शासफीर अपनी चुचियाँ पीने मे मस्त हौ गय़ा.
सीमा.शास चुचियाँ हि पीते रहोगे याँ कुछ औऱ भि करोगे????????????
शास.कहो दिदी क्याँ करना हैं.??????????? क्याँ धक्के मारना शुरुआत करदूँ.??????
सीमा.शास क्याँ तुम्हे चुदाई करने मे मजा नहींआता हैं.????????????
शास.अच्छा तौ लगता हैं पर्र मजा तोँ अभि नहींआया.
सीमा.तुमने पहले भि किशी कि चुदाई कि हैं.?????????
शास.हा दिदी एक् बार.तभी.तोँ तुम्हे.चोद रहा हूं.?????????
सीमा.किसे चोदा थां.????????
शास.नहीं दिदी संतोष बूवा नें किसी कों बताने सें मना किया थां.
सीमा.मुस्कुरा दि.अच्छा तौ तूने पहेले संतोष बूवा कों चोदा हैं.????????
शास.आपको केसेपता चला दिदी.???????????
सीमा.बुद्धू कही कां.औऱ शास केँ होंठचूम लिए.शास केँ दोनोहाथ अभि भि सीमा कि दोनो चुचियों सें सहला औऱ मसलकर खेलरहे थें.सीमा कि साँसे अभि भि तेजतेज चलरही थि.सीमा केँ हाथशास कि कमर पर्र कस गये.शास समझ गय़ा कि चुदाई शुरुआत करनी हैं.औऱ उसने धक्के मारने शुरुआत कर दिए.सीमा केँ हाथ धीरे-धीरे.धीरे-धीरे शास केँ चूटरों पर्र आँ गये थें.औऱ वेशास केँ धक्को कों स्पीड देने मे सहयोग कररहे थें.स्पीड बढ़ती जारही थि.करीब 20-25 मिनूत्स कि चुदाई केँ बाद। शीमा सातेवे आसमान पर्र हंगामा कररही थें.सीमा केँ सरीर मे खिचाव सां आनेलगा थां.
शास.दिदी मुझेकुछ हौ रहा हैं.आआआआहह दिदी.मेरे अंदरकुछ होँ रहा हैं.मेरे लन्ड मे कुछखिच सां रहा हैं.
सीमा.औऱ तेज शास.औऱ ज़ोर सें चोदो.मे जारही हूं चोदो.औऱ चोदो.औऱ सीमा.कि आँखेबंद होँ गई उसके हाथ.शास कि केमर पर्र ज़ोर सें बँध गये.चोदो.शास चोदो औऱ ज़ोर सें.मे गई, शास.ऊवूऊवूयूवूवम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्मायायायीययाया आआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हीईईईईईउउउउउउउउउ उूऊउईईईईईईईईईई.
औऱ सीमा कि बुर मे पानी कां फ़ौवारा छूट गय़ा.उसने शास कों औऱ ज़ोर सें भींच लिया.तभी.
शास.दिदी मेरी आँखेबंद होँ रही हैं.मुझे कुछ हौ रहा हैं मेरे सरीर मे सें कुछ निकलरहा हैं.उउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआअ अहछद्द्द्द्द्ददडिईईईईईईईईईईईईईईईययड्डी ईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई आआआआआआआआआअहीईई ईईई.औऱ शास कां पहलीबार वीर्य (गुम) कि बस एक् दो बूँद हि सीमा कि बुर मे गिरी थि.शास नें सीमा कों औऱ ज़ोर सें अपनी बाहो मे जाकड़ लिया थां.आआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउउ उम्म्म्मममममममममके संगशास सीमा केँ शरीर सें चिपक गय़ा.
दोस्तो अभि कथा बाकी हैं आगेशाश नें किसकिस कि चुदाई कि यह जानने केँ लिए अगलेभाग कां प्रतीक्षा करें.
Congratulations ellysperry bro nayee story k liye bhut bhut swagat hain apka writers kee world me.umid hain aap sabhi readers jinko sex updates pasand hain unhe apki yeh story behad pasand ayegi lagatar update dete rahiye nischit he readers kaa bharpur sahyog milega.
चुदाई का सिलसिला (Incest , Adultery) - मां के साथ – New Episode
चुदाई कां सिलसिला पार्ट-3
शास औऱ ज़ोर सें सीमा सें चिपकता चला गय़ा.जैसे उसका पूरा जिस्म हि सीमा कि बुर मे समाता चलाजा रहा होँ.एक् अशीममजा केँ संग.सूनी (ज़ीरो) तक.शास कां लन्ड अभि भि सीमा कि बुर मे हि फँसा थां.लगभग 10 मिन्यूट्स तक दोनो.इसी तरह सें एक् दूसरे कों भिचे.पड़े रहे.
सीमा.मेरे भइयाआज तौ तुमने चुदाई कां वोँ मजा दिया.जोँ मे कभी नहींभूल पावंगी.तुमने तौ वोँ चुदाई कि.जोँ बड़े-बड़े चोदु भि नहींकर पाते हैं.आज एक् मुद्दत केँ बाद चुदाई कां जोँ सुख मिला हें.मजा आँ गय़ा.
शास.दिदी मैने भि आज पहेली बार स्वर्ग कि सैर कि हैं.मे तोँ पूरा हि तुम्हारी बुर मे चला गय़ा थां.
सीमा.मुस्कुराते हुवे.तुम्हारा तोँ लन्ड हि झेलना भारीपड़ गय़ा थां.
कुछदेर केँ बादशास नें लन्ड कों बाहर् निकाला.दो- चार बूँद बुर कां पानी (लेस्श) औऱ गम मिलाजुला बुर सें बाहर् निकलआया.
शास। आपकी बुर सें खून नहीं निकला.क्याँ आपकीसील नहीं टूटी हैं क्याँ??????
सीमा.तुम्हे केसेपता कि सील टूटने सें खून निकलता हैं.????????
शास.संतोष बूवा कि बुर सें निकला थां.बूवा नें हि बताया थां.लकिन उन्होने किसी कों बताने सें मना किया थां.
सीमा.शास मे किसी थोड़े हि हूं मे तोँ तुम्हारी दिदी हूं.
शास.दिदी आपकी बुर सें खून क्यूं नहीं निकला हैं.क्याँ आपकीसील नहीं टूटी हैं दिदी???
सीमा.तुम्हारा लन्ड तोँ कईसील एक् संग तोड़ दे.मैरी सील पहले हि टूट चुकी थि.फिन भि इतना दर्द हुवा.अगर आजसील टूटती तौ मे तौ मर हि जाती.
शास.पहले किसने तोड़ी थि दिदी.??????????
सीमा। मेरे एक् सर थें.उन्होने.
थोड़ी देरबाद सीमा नें शास केँ लन्ड कों देखा.गुलाबी.गुलाबी रॅशीला सूपड़ा.औऱ बड़े हि प्रेम सें फिन चूसने लगी.सीमा नें शास कों बताया कि आज तोँ उसकी भि सीलटूट चुकी हैं.
शास.मेरे तोँ खून नहीं निकला दिदी.????????????
सीमा.लड़को कों खून नहीं.वीर्या(गुम) निकलता हैं.जोँ तुम्हे आज पहलीबार थोडा हि निकला हैं.
उसरात सीमा औऱ शास नें फिनदो बार चुदाई कां खुशी लिया औऱ रात केँ पिछले पहर मस्त होकरसो गये.
सुबह केँ 8 बजेरहे थें.शास मस्त होकरसो रहा थां.सीमा अपनी सहेलियो केँ संग नीचेहॉल मे हंसहंस करकुछ आनंदित बातेकर रही थि.उनमें कुछ सीमा कि खास सहेलिया भि थि.विवाह कि बातें.साजन कि बातें.मस्ती कां आलम थां.वहा.तभी.सीमा कि बूवा आई.सीमा तुम् जल्द सें तय्यार होँ जाओ तुम्हे महेन्दि औऱ श्रन्गार करवाने केँ लिए जानां हैं.सीमा पूजा केँ संग अंदर केँ रूम मे चली गई,.बाकी लड़कियाँ वही पर्र आपेस मे बाते करतीरही.
पूजा.आज तौ बड़ी मस्ती मे होँ.????????????
सीमा.तुम्हे ऐसा कयूंलगा.?????
पूजा.इतनी मस्ती मे तौ तुम् कभीबात नहीं करती थि.आज तोँ रंग बदला.नज़र आँ रहा हैं.कोई खासबात हैं क्याँ.?????????
सीमा.तुमने पूजामुझ सें कभीकोई बात नहीं छुपाई, एसलिए मे केसे छुपा सकती हूं.???
पूजा। तौ फिनबता नां क्याँ बात हैं.?????क्याँ ससुराल जाने कों खुश होँ रही हैं.?????.जीजा जी केँ संग सुहग्रात मनाने केँ विचारो मे खुश होँ रही हौ.???
सीमा.आरी नहीं पूजा.”सुहग्रात” तोँ मैनेरात हि मनाली.औऱ सीमा ज़ोर सें हंस पड़ी.औऱ पूजा कि तरफ.मस्त निगाहो सें देखा.???????
पूजा.सीमा.क्याँ???????????? क्याँ बोलरही हौ.??? कुछपता भि हैं.?????????
सीमा.हैं दोस्त सचकहरही हूं.रात बड़ी मस्त थि.तीन-तीन बार सुहग्रात मनाई, बस पूजा पूछो मत.कया मस्त सुहग्रात थि.रात भर आँखे खुली हि नहीं.
पूजा.क्याँ ड्रीम्स मे (इनदा ड्रीम).???????????
सीमा.नहीं पूजा, हक़ीकत मे.
पूजा.मज़ाक कररही होँ.???
सीमा.नहीं पूजा.मेरा यकीनकर। रात मे तीन बार.वोँ मस्त चुदाई हुईँ कि जिंदगी भरयाद रहेगी.चुदाई मे हमेशा लड़की कि सील टूटती हैं.पऱ रात मे मैने एक् लड़के कि सील तोड़ दि.??????????
पूजा.सीमा मेरीकुछ समझ मे नहीं आँ रहा हैं.तुम् क्याँ कहरही होँ.साफ_साफ बताओ नाँ क्याँ हुवा.???????????? ( पूजा बड़े हि असचर्या सें सीमा कों देखरही थि.लॅकिन सीमा केँ गालो पर्र गुलाबी पन देखकर औऱ आँखो कि चमकबता रही थि कि कुछ तोँ हैं.पूजा कुछसमझ हि नहींपा रही थि.कया कोई लड़की विवाह सें पहले हि रात मे ऐसी सुहग्रात मना सकती हैं.??????? उसका अस्चर्ये बढ़ता जारहा थां.)
सीमा.आरे साफ.साफ हि तौ बतारही हूं कि रात मे मैने सुहग्रात बड़े हि मस्त होकर मनाई हैं.क्याँ मैनेकभी तुमसे झूट बोला हैं.?????????
पूजा.मुझे याकीन नहीं होँ रहा हैं.कौन थां वोँ.????????
सीमा। बतया नां मैने हि उसकीसील तोड़ी हैं.
पूजा.कौन हैं वोँ.?????????
सीमा। शास.मेरी बुआजी कां लड़का.अभि कमउमर हैं.मगर.उसका लन्ड क्याँ मस्त हैं.देखा लेगी तोँ खाए बिना नहींरह पाएगी.
पूजा.क्याँ???????????????????
सीमा। हायराम पूजासच कहरही हूं.( एक् बार तुमने बताया थां नां कि रात मे तुमने अपने मां-बापू कि चुदाई कि बाते सुनी हें.तुम्हारे बापू कां लन्ड गधे केँ लन्ड कि तरह बड़ा हैं.बस शास कां लन्ड भि ऐसा हि हैं.मेरी जान.कयूं परेशान हैं.मिलवा दूँगी.जिंदगी मे.शास केँ सिवाय कोई औऱ याद हि नहीं आएगा.)
पूजा.सच कहरही हौ.????????????
सीमा.हाँ दोस्त.कया मैनेआज तक कभी तुमसे कुछ भि झूट बोला हैं.औऱ देखशास उप्पेर केँ रूम मे सोरहा होगा.रातभर तोँ मैनेउसे सोने नहीं दिया.मे तौ ब्य्टिपार्लर मे जारही हूं.तुम् ज़रा जाकरउसे जगा देना.औऱ मेरेआने तक उसका ध्यान.तुम्हे हि रखना हैं.समझ रही होँ नां मेरी बन्नो.????????
पूजा.मे केसे ध्यान रखूँगी.???
सीमा.मैने सभीकुछ सचबता दिया नां। वोँ मेराखास होँ गय़ा हैं.मेरा खास भइया। शास.क्याँ तुम् मेरेखास भइया कां ध्यान भि नहींरख सकती.कया तुम् मेरी इतनी सें भि बात नहीं मनोगी.?????????
पूजा.यह तुम् क्याँ कहरही हौ सीमा.मैने आज तक तुम्हारी कोन सि बात गिराई हैं.
सीमा.तोँ फिनशास कां ध्यान रखना.मे ब्य्टिपार्लर जारही हूं.वोँ उप्पेर केँ रूम मे सोरहा हैं.
कुछदेर केँ बाद सीमा अपनी बूवा औऱ बड़ी बहन केँ संग ब्य्टिपार्लर मे चली गई। औऱ पूजाघऱ पर्र बैठीसोच रही थि.किअब उसे क्याँ करना चाहिए.सीमा तौ शास कि ज़िम्मेदारी उस पर्र छोड़ गई, हैं.
पूजा बैठीसोच रही थि अब वोँ कयाकरे। उसेकया करना चाहिए.इसी उधेड़.बुन मे पूजा.फिन सीमा कि बात सुनाई दि। पूजा.”सुहग्रात” तौ मैनेरात हि मनाली। रात मे तीनबार सुहग्रात मनाई हैं।.”.रात बड़ी मस्त थि.तीन-तीन बार सुहग्रात मनाई, बस पूजा पूछो मत.कया मस्त सुहग्रात थि.रात भर आँखे खुली हि नहीं.”।.”उसका लन्ड कया मस्त हैं.देख लेगी तौ खाए बिना नहींरह पाएगी”। औऱ उसकेबाद तुम्हे शास केँ अलावा कोई औऱ याद हि नहीं आएगा।.” एक् बार तुमने बताया थां नां कि रात मे तुमने अपने माँ-पिताजी कि चुदाई कि बाते सुनी हें.
पूजाउठ खड़ी हुई.उसके कदम धीरे-धीरे धीरे-धीरे सीढ़ियो (स्टेप्स) कि औऱ बढ़ने लगे.पूजा.अभि.भि.शून्य.(ज़ीरो)। मे फँसी थि.कदम धीरे-धीरे धीरे-धीरे बढ़रहे थें.औऱ.पूजा.नें पेर सीडीयो पऱ रख.दिया.
पूजा.कभी.सीमा, कभी.शास.केँ बारे मे हि सोचरही थि.”बड़ा मस्त लन्ड हैं शास कां”.एक् बार देखलोगि तौ खाए बिना नहींरह पावगी.पूजा हल्के सें मुस्कुरा दि.उसके मन मे उत्सुकता.जाग उठी.उसके कदम थोडा.तेज.तेज बढ़ने लगे.शास केँ रूम कि तरफ.शास केँ रूम कां दरवाजा अभि भि बंद थां.कुछ लम्हा पूजारुक गई,.अंदर शासकया कररहा होगा.शायद अभि तक सोरहा होगा.”रातभर तोँ सीमा नें उसे सोने नहीं दिया”.तीन- तीनबार मस्त चुदाई कि हैं.
पूजा। नें फिन हिम्मत जुटाकर दरवाजा खोल दिया.अंदर बेड पर्र शास लेता हुवापीठ केँ बलसोरहा थां। उसका लन्ड अंडरवेर मे अभि भि तंबूबना हुवा थां.
शास केँ इसतरह अंडरवेर मे तंबूबने लन्ड पऱ नज़र पड़ते हि.शरम सें पूजा कि आँखे नीची हौ गई.उसके मन मे घामाशान शुरुआत होँ गय़ा.एक् मनकहरहा थां.कि पूजा वापस नीचे चलो.दूसरे मन मे एक् जिगयसा जागउठी थि। शास केँ लन्ड कों देखने कि.
पहला मन.पूजा तुम् नीचे चलो.तुमने आज तक अपने कुंवारे पन कि रक्षा कि हैं.यह नारी धर्म नहीं हैं.अगर किशी कों.पता चल गय़ा तोँ.मा। बाप कि बदनामी अलग होगी.हमारा धर्म.इसकी एज्जाजत नहीं देता.चल पूजा चल.नीचे चल.स्त्री केँ पास एक् हि दौलत होती हैं उसके सतित्व अगर.वोँ हि चलीजाए तौ रहकया जाएगा.आज तक कितने हि लड़को नें तुम् पर्र नज़ररखी पर्र तुमने नज़र उठाकर नहीं देखा.एक् हि झटके मे अपनाकया सभीकुछ लूटा दोगि.???????????चल चल नीचेचल पूजा.चल.!!!!!!!!!! पूजा केँ कदम नीचे चलने केँ लिए जैसे हि मुड़े.
दूसरा मनचीख उठा.नहीं। पूजा.नहींरुक जाओ.सीमा नें कितने विस्वास केँ संग तुम् पर्र शास कि ज़िम्मेदारी डाली हैं.कया सीमा केँ विस्वास कों तोड़ दोगि.सीमा कि तुम् सबसे प्यारी सहेली हू.एक् हि समय मे उसके विस्वास कों.यूँ हि तोड़ दोगि.कितनी हि लड़कियों सें पूजा कि दोस्ती हैं.पर्र उसनेशास कि ज़िम्मेदारी.तुम् पऱ हि कयूं डाली.?????? सोचो.पूजा.ज़रा.सोचो.कितना भरोसा हैं तुम् पर्र सीमा कों.उसने कोई भि बात कया.तुमसे छुपाई.औऱ तुम्.?????????????
नहीं पूजामत बहको.चलो नीचे.कया आपनी निगाहो सें नहींगिर जाओगी???? इसीलिए कहता हूं चलो नीचे जाओ.पूजा नीचेजाओ.
रुकजाओ पूजा.तुम् सीमा केँ विस्वास कों ऐसे.नहीं तोड़ सकती.फिन इसमे बुराई हि कया हैं.कया यह परकृति कां नियम नहीं हैं.कि नर मादा कि तरफ.अओर मादानर कि तरफ.आकर्षित होते हि हैं.इसमे.बुराकया हैं.सीमा मेरी सबसे प्यारी सहेली.क्याँ मे उसका विस्वास तोड़दूं.????????????
धीरे-धीरे धीरे-धीरे पूजापैर दूसरा मान हावी हूता गय़ा.औऱ.पूजा केँ कदम शास.केँ बेड.कि अओर बढ़ने लगे.पूजा कि आँखेशास केँ तने हुवे लन्ड पऱ जमी थि.आँखो.हि.आँखो.मे.पूजा शास केँ लन्ड कि लंबाई.अओर मोटाई नापरही थि.कड़ें बढ़रहे थें.शास केँ बेड कि अओर.
चलते चलते एक् बारफिन पूजा केँ कदम ठहेर गये.तुम् कया कहोगी.शास.सें.??? क्याँ.बात करोगी.कया कहोगी????? तुम् तौ पूजा पहले मिली भि नहीं हौ शास सें.???? लॅकिन पूजा कि नज़रें अभि भि शास केँ बॅमबू बने हुवे लन्ड पर्र हि थि.अनेक ख़याल आँ। जा.रहे थें। इसी कस्मकस मे पूजा नें आपनी बुर मे गीलापन महसूस किया। लॅकिन पूजा कां अन्तेर्मन.अभि भि उसे चेतावेनी देरहा थां.पूजा यहपाप हैं.तूँ कया करनेजा रही हैं शास केँ पासचल नीचे अभि भि समेय हैं.लॅकिन पूजा पर्र अब शायद हि इससभी कां असर होने वाला थां.उसकी साँसे तेजतेज चलनेलगी थि.बुर मे कुछ.कुछ होनेलगा थां सामने थां शास कां तना हुवा.बॅमबू बना हुवा लन्ड.औऱ पूजा कि आँखे स्थिर थि उसी पऱ.पाप औऱ पुण्य केँ उप्पेर अब वासना हावी होनेलगी थि। पूजा खड़ी थि निहार रही थि शास केँ लन्ड कों.जोँ कुछ हि कदमदूर थां पूजा सें.बस.एक्.दो कदम.कि.दूरी.पऱ.पूजा कां दिल ज़ोर ज़ोर सें धड़करहा थां.
पूजा नें आँखेबंद कर ली.उसकी आँखूं केँ सामने शास कां भारी.भरकम लन्ड घूमने लगा.फिन पूजा नें एकदम सें आँखेखोल दि.शास सोरहा थां.पूजा नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे कदमआगे कों बढ़ाए.औऱ शास केँ बेड केँ पास खड़ी होँ गई.पूजा सें रूकना अब करीब मुस्किल होँ चला थां.उसके हाथ काफ़ी कस्म्कस केँ संगआगे बढ़ने लगेशास केँ लन्ड कि तरफ.लन्ड केँ ओरपास ओर पास.औऱ पूजा नें धीरे-धीरे सें शास केँ लन्ड कों अंडरवेर सें आज़ाद कर दिया.पूजा कि आँखे.एक् टक.निहार रही थि.शास केँ लन्ड कों.आआहह.उउउउउम्म्म्म्म कया लन्ड पाया हैं सस नें.
पूजा निहारती हि रह गई,.शास केँ लन्ड कों.आज पूजा नें पहलीबार किसी लन्ड कों देखा थां.शिरफ़ सुना थां लन्ड केँ बारे मे आपनी सहेलियों सें.पर्र आज.सामने थां शास कां मोटा, लंबा.तना हुवा लन्ड.जिसका मोटा गुलाबी सूपड़ा.आकृषित कररहा थां.पूजा कों.पूजा समझ नहींपा रही थि कि वोँ शुरुआत केसे करे.उसकी बैचानी.बढ़ती जारही थि.आज तक उसने जौ सुख नहीं भोगा थां.वोँ उसेअब भोगने केँ लिए पूरीतरह सें तय्यार होँ चुकी थि.लकिन सुरू केसेकरे.?????????????
आख़िर पूजा नें थोडा ठंडा करके आहिस्ता खाने मे हि बुद्धिमानी समझी.जल्दिबाजी मे मामला बिगड़ भि सकता हैं ??? अओरमजा भि नहीं आएगा.पूजा नें सोते हुवेशास केँ भारी लन्ड पऱ अपने नाज़ुक हाथ कि हल्की सि थपकी दि.शास कां तना हुवा लन्ड स्प्रिंग कि तरहफिन खड़ा हि रहा.पूजा नें कां बार धीरे-धीरे धीरे-धीरे शास केँ लन्ड पर्र थपकी दि.लॅकिन शास तौ मस्त होकरसो रहा थां.पूजा नें अपनेहाथ मे लन्ड कों पकड़ लिया.लॅकिन वोँ पूरा उसकेहाथ मे नहीं आँ रहा थां.फिन भि पूजा नें लन्ड कों पकड़कर ज़ोर सें हिलाना शुरुआत कर दिया.
शास.अचानक हड़बड़ा करउठा गय़ा.सामने एक् लड़की कों देख कर.वोँ कुछसमझ नहीं पाया कि कया करे.तभी उसकी नज़र अपने अंडरवेर सें बाहर् निकले, तने हुवे लन्ड पर्र गई,.शास नें शर्मकार। जल्द सें उसे अंडरवेर मे डालने कि कोशिश कि पर्र जल्द-बाज़ी मे मस्ततना हुवा मोटा लन्ड अंडरवेर मे नहींजा पारहा थां.
पूजा.हंस पड़ीअओर अपनेहाथ मे शास केँ लन्ड कों पकड़ लिया.लो मे डालती हूं तुम्हारे अंडरवेर मे।। शासकुछ बोल नहींपा रहा थां.पूजा शास केँ लन्ड कों अंडरवेर मे डालने कि कोशिस कररही थि.पर्र वोँ टाइट होने केँ कारण दूसरे लज्जा अओर जल्दिबाजी केँ कारण वन्डरवेार मे नहींजा पारहा थां.
पूजा.ऐसे तोँ नहीं जाएगा.तुम् बोलो तोँ शास मे इसेचूम कर ढीलाकर दूं.????????
शास। शास नें पूजा कि तरफ.देखा.पऱ कुछबोल नहीं पाया.
पूजा.कया हूवा शास.बताओ.कयूं शर्मा रहेहू, मे सीमा कि साथी हूं, उसके संग तौ रात मे तीनबार चुदाई कर चुके होँ अओरअब शर्मा रहे हौ.?????
शास.शास नें गौर सें पूजा कि तरफ देखा.(.अब वोँ सभी समझने लगा थां। वो जान चुक्का थां कि सीमा दिदी नें पूजा कों सभीकुछ बता दिया हैं.) अओर धीरे-धीरे सें मुस्कुरा दिया.
पूजा.पूजा नें शास केँ लन्ड केँ सूपदे कों आपने होंठो मे दबा.लिया औऱ आँखे उठाकर शास कि अओर देखा.शास मंदमंद मुस्कुरा दिया.पूजा शास केँ लन्ड कों मस्त होकर चूमने लगी। वो लज्जा लिहाज सभीभूल चुकी थि.वोभूल चुकी थि कि एक् मिनुट पहले तक शास उसके लिए.अओर वोँ शास केँ लिए अंजान थि.पूजा शास केँ लन्ड कों आइस क्रीम कि तरहचूम अओरचाट रही थि.शास कां लन्ड फूलकर अओर कुप्पा होताजा रहा थां.शास सोचरहा थें कि शायेद एक् अओर बुर उसके लन्ड कां प्रतीक्षा कररही हैं.उसके लन्ड कों भि अब चुतो कां रास पीने मे मजा जौ आनेलगा थां.
दोस्तों.यह तौ वक़्त-वक्त कि बात हैं। वक्तकब बदल जाए.कैसा हौ.अच्छा.याँ फिन बूरा.याँ फिन वक्त हमें हि अपनी ख़्वाहिश अनुसार बदल देता हैं.जौ पूजा विवेकशील थि.शर्मिल्ली अओर समझदार थि.जिसपेर उसके परिवार वाले, मुहल्ले वाले नाज़ करते थें.जिसका उदाहरण दिया करते थें.जिसने कभी भि लड़को कि तरफआँख उठाकर नहीं देखा.जिसपेर लड़को नें कितने हि कॉमेंट्स कसे.पर्र पूजा.पर्र पूजा नें कभी.इस प्रकार कां उत्तर याँ प्रितिउत्तर नहीं दिया.जोँ उसके करेक्टर औऱ शालीनता कों ठेस पहुचाता हौ.जोँ मर्यादा केँ विरुद्ध हौ.
वही पूजा.?????
जी हांवही पूजा जिसने अपने कोमार्य कों हर परिस्थिति मे संभाल कर रखखा थां.अपनी विवाह केँ बाद अपने पति कों अपने ईश्वर कों सुहाग.शेज़ पैर अर्पित करने केँ लिए.अपने बलम पर्र न्योछावेर करने केँ लिए.मगर टाइम कि चाल। देखिए.वाउ रे टाइम.एक् हि लम्हा मे सबकुछ यूनबदल डाला जैसे पूजा कां कोई चरित्र हि नाँ होँ.जी हा.आजवही धर्म कां पालन करने वाली पूजा.??????????????????
बड़े हि तन्मयता सें शास केँ लन्ड कों चूसरही थि.सभी कुछभूल कर.चुसती हि जारही थि जैसेआज हि पूरे लन्ड कों निचोड़ लेना चाहती होँ.लन्ड कां गुलाबी फूला हुवा सूपड़ा.बार बारबीच बीच मे.पूजा देखा भि लेती थि.अओर फिन औऱ अधिक लगान सें चूसने लगती थि.
नीचे घऱ-परिवार वाले व्यस्त थें विवाह केँ कामअओर तय्यारी मे भाग दौड़ मे.अओर यहा पूजा मस्त थि.शास केँ लन्ड कों पूरा निचोड़ लेने केँ लिए.अओर शास मस्त थां.एक् अओर चुदाई कां मजा लेने केँ लिए.
पूजा। बड़ी हि सुन्दर.मानो हाथ लगाने भर सें मैली हौ जाए.छूने सें मुरझा जाए.नैन-नख्स ऐसे कि.महाराज देवराज इंद्रा जी कां भि सिघाशन डोल जाए.सुरहिदार गर्देन.बाए गाल केँ नीचे एक् क़ाला तिल.बड़े-बड़े मगर सुडोल बूब्स.कमर मानो हैं हि नहीं। छातीअओर चूतड़ो (हिपपेस) कां करीब-करीब एक् साइज़। बसयूँ कहूँ कि एक् गुड्डिया.याँ.अपशरा तोँ भि.अतिस्योक्ति नहीं होगा.जिसको देखकर लड़के अहह भरते थें। व। लड़किया जिसके हूस्न सें रस्क करती थि वही पूजा तय्यार थि शास पर्र कुर्बान होँ जाने केँ लिए.शास केँ लन्ड कां मानो साइज़ बढ़ता हि जारहा थां.यह उमर.अओर.इतना भारी लन्ड.
पूजा.लन्ड कों चूसने मे मस्त थि.उसे नहींपता थां कि वो पिछले 25-30 मिनुट सें व्यस्त थि लन्ड चूसने मे.उधर शास.उउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म.खिचाव बढ़रहा थां पूरे जिस्म मे.एक् बिजली सें दौड़रही थि.रोक नहींपा रहा थां शास.
तभी.शास नें पूजा कां हाथ पकड़कर अपनीअओर खिच लिया.पूजा सिमटती सि चली गयीँ,.शास नें अपने गर्म गुलाबी होंठ पूजा केँ गर्म गुलाबी.नाज़ुक.होंठो पऱ रखा दिए.शास होंठो कों चूसरहा थां.मानो.सुगंधित रसीला हनी टपाकरहा हौ पूजा केँ होंठो सें। पूजाअओर शास कि जीभ-सें-जीभ टकराई.दोनो मस्ती मे चूर.एकदुसरे कों बाहों मे जकड़े हुवे.पूजा कि गरम साँसे शास महसूस कररहा थां.
शास.शास नें अपनेहाथ पूजा केँ बूब्स पर्र रखा दिए.अओर मसलना.सहलाना शुरुआत कर दिया.पूजा.अपना होश खोतीजा रही थि.उसकी कुँवारी बुर सें पानी केँ फ़ॉववरे छूटने लगे थें.वासना कि बिजली उस पऱ गिर चुकी थि.मस्ती केँ इसआलम मे पूजा केँ आँखें बार-बार बंद हौ जानेलगी। शास नें एक् हाथ बूब्स सें हटाया अओर पूजा कां कुर्ता उप्पेर कर शलवार केँ उप्पेर सें हि पूजा कि बुर कों सहलाने लगा.
दोनो.आपेस मे होंठचूस रहे थें पीरहे थें जीभ सें जीभ टकरारही थि.फिन शास नें पूजा कि जीभ पूरी अपनेमूह मे लेकर चूसने लगा.पूजा कि उत्तेजना बढ़ती जारही थि.शायद वोँ उस मौज़ केँ दरिया मे पूरीतरह डूबने केँ लिए अपने कों तय्यार कर चुकी थि.शास पूजा कि बुर कों सहलाता जारहा थां.बुर.मस्त होकर खुलने-बंद होनेलगी थि.अब बारी पूरी चुदाई कि शुरुआत होनी थि.
शास नें पूजा कि शलवार कां नाडा (जरबंद)(बाँध) खोलदिया.पूजा नें एक् नाँ केँ बराबर हाथ सें विरोध किया.शायद वोँ पूजा कि लज्जा जौ स्त्री कां गहना होती हैं केँ कारण हि हुवा.शास नें पूजा कि शलवार थोडा नीचे खिसका दिया.अओर पूजा कि पेंटी कों भि नीचे खिसका दियाअओर शास पूजा कि बुर पर्र सीधे सहलाने लगा.अब शास कि एक् उंगली.पूजा कि बुर कि क्लिट कों सहलारही थि.अओर फिशलकर पूजा कि बुर मे कुछदूर तक चली गई.पूजा कि सिसकी निकल गई.ईयीयियूयूवूऊवूऊवम्म्म आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सूऊऊऊऊऔउउउउउउउउम्म्म्म एम्म्म मगरशास कां हाथ अपनेकाम मे लगा रहा.अब शास कि उंगली बुर मे अंदर बाहर् हौ रही थि.बुर कि क्लिट पऱ हथेली अओर अंगूठे केँ उभार सें मालिश होँ रही थि.पूजा डूबती जारही थि.आँखे बंद थि.पूरे जिस्म मे तरेंगे दौड़रही थि.एक् आज्जीब सूखा कां एहसास.पहली चुदाई कां एहसास.फिन शास नें पूजा केँ चुटटर थोडा उप्पेर उठाए.पूजा नें भि हल्का सहयोग किया.अओर शास नें शलवार औऱ पेंटी कों पूजा केँ शरीर सें पूरीतरह सें अलगकर दिया.क्याँ जांघे थि.मांसल पऱ सॉलिड जंघे.शास कां हाथ अनायास हि जाँघो पर्र घूमने लगा.कुछ देर केँ बादशास नें पूजा कां कुर्ता भि उसकेबदन सें अलगकर दिया.पूजा अब शिरफ़ एक् ब्रा मे थि।.उसकी बुर पऱ घने भूरे-काले बालअब शास कों भि उत्तेजित करनेलगे थें.पूजा पऱ शास कां आख़िरी हमलाअओर शास नें पूजा कि ब्रा कां हुक पीछे सें खोल दिया.??????? बड़ी_बड़ी.चुचियाँ.छोटे-छोटे निपल नें शास केँ होठों कों अपनीओर खिचा लिया.शास नें पूजा कि निपलमूह मे भर्ली.अओर मस्त होकरदबा कर, मसल कर पीने लगा.बीच बीच मे पूजा कि हल्की-तेज सिसकारिया निकलरही थि.शास कभी-कभी पूरामूह खोलकर अधिक सें ज्यादा मम्मों कों मूह मे भरकरपी रहा थां.अओर पूजा कि सिसकारियाँ रूम मे एक् कामुक उत्तेजना उत्पन्न कररही थीईईईईईईईईईई.
पूजा कि उत्तेजना चरम पर्र पहुचरही थि.उसके लिएअब एक् एक् लम्हा रुकना मुस्किल होताजा रहा थां.अब तौ बस
शास अपना लन्ड.उसकी बुर मे डाल दे.मगर शास अभि अओर मस्ती सें उस खूबशुर्ती कि देवी पूजा कों हर
जगेह सें चूमना
चाटना चाहता थां.अभि इस हसीन शरीर सें अओर मस्ती करना चाहता थां.पूजा कि चुचियो कों कसकर
पकड़कर
शासअब उसकी मांसल.सौलिद जाँघो कों चूमरहा थां.पूजा कि बुर केँ खुलते बंद होते होंठ.अओर.उसकी
केशर जैसीगंध शास कों अपनीअओर आकर्षित कररही थि.औऱ.शास केँ होंठ धीरे-धीरे धीरे-धीरे पूजा कि बुर केँ
होंठ चूमने चाटने लगे.पूजा कि कामुक सिसकारिया बढ़ती जारही थि.पूजा केँ हाथकभी शास केँ सिर पऱ
अओरकभी शास केँ कंधो
पर्र अपनी पकड़बना रहे थें.लॅकिन अब पूजा केँ सब्र कां बाँधटूट ताजारहा थां.स्शस प्लीज़.अओरमत
तद्फाओ.डाल दो अपनायह मस्त लन्ड मेरी बुर मे.उउउउउईईईआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.प्लीज़ शास.चोद डालो
इस कुँवारी बुर कों.मगर शास.मस्ती मे बुर कि केशरी सुगंध.सुघने.अओर बुर कां स्वदिस्त (डेलीशियस)
मदंजल पीने मे मस्त थां.उसके हाथ पूजा कि चुचियो कों मसल-मसल करखेल रहे थें अओर उसकी जिभा.
.बुर कि क्लिट कों चाट_चाट कर उसकी.बुर कां बहता.पानी पीने कां खुशी लें रही थि.पूजा कि बैचानी.पूजा कि
उत्तेजना अब विकराल होँ रही थि.
पूजा.शास प्लीज़ अबअओर मत तरसाओ.डालडो.इस अपने लन्ड कों मेरी बुर मे.बुझा दोअब इसकी आग.कब सें
प्यासी हैं.तुम्हारे इस लन्ड केँ एंतजार मे.मेरे राजा.मएरए ज्जानू, मेरे साजन.मेरी जनमजनम कि प्यास
बुझा दो.सस्शाआससस्स.प्लीज़.अब घुसादो। बुर मे आगलगी हैं बुझादो नाँ अपने लन्ड केँ पानी सें.उउउउउम्म्म्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउcccccछ्ह्ह्ह्ह्ह आआआआहह पूजा बड़बड़ाती जारही थि.
.अओरशास बुर मे दूर तक मूहदिए कस्तूरी कि महक कां पानी पीने मे मस्त थां.पूजा केँ टाँगो कि चौड़ाई
बढ़ती हि जारही थि.अबशास पूरीतरह मस्त हौ चुक्का थां.
शास.पूजा मेरीजान, मेरी रानी लेँ इसे भि लेँ.कया याद करेगी.लें इस लन्ड कां भि मजा लें.यह भि तुम्हारी इस गुलाबी.कुँवारी बुर कां रस पीने कों फूँकार रहा हैं। शास पूजा केँ दोनो पैरो केँ बीचाआया अओर दोनो टाँगो
कों उठाकर अपने कंधो पऱ रख लिया.पूजा कि बुर पानी छोड़ छोड़कर इतनी चिकनी ( लूब्रिकेटेड) होँ चुकी,
थि कि अबउसे चुदाई केँ लिए किसी क्रीम याँ आयिल कि ज़रूरत नहींरह गई, थि.
शास.नें अपने लन्ड कां भारी सूपड़ा पूजा कि बुर केँ छेद पऱ अड्जस्ट कियाअओर पूजा कि दोनो चुचियाँ पकड़कर,
लन्ड कां बुर पऱ दबाव बनाया !। पऱ बुर कुँवारी होने केँ कारन अत्यधिक टाइट थि इसीलिए लन्ड अंदर नहींजा पाया.
मगर शास तोँ शायद इसकेलिए पहले सें हि तय्यार थां.पूजा कि सिसकारियो केँ बीच.शास नें पूजा केँ होंठो कों
अपने होंठो मे दबा लिया, अओर चूतड़ उठाकर एक् धक्का मार दिया !.लन्ड केँ सूपड़ा।। नें.बुर कि दीवारे
फाडते हुवे पूजा कि बुर मे अपनी स्थान बनाली। पूजा कि जोरदार चीखा निकल गयीँ,.अगर शास नें पूजा केँ
होंठो कों अपने होंठो मे नाँ दबाया होता तौ चीख कि आवाज़ नीचे अवश्य चली जाती.ओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउऊऊऊऊऊओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
हूऊऊऊऊऊऊन्न्ननननननननननणणन् मगरशास लगता हैं अब चुदाई मे इतना निपुण हौ चुक्का थां,.
.कि.बिना ओर वक़्त अओर मौका गँवाए उसी लम्हा दूसरा औऱ जोरदार धक्का मार चुक्का थां.पूजा चीखती रही,.
छटपटाती रही,.उसकी आँखों सें आँसुओ कि धारा बहती रही.पऱ शास कि पकड़ बिल्कुल ढीली नहीं पड़ी.
अओर होंठो मे होंठ दबाए चूमता रहा.शास कां लन्ड पूजा कि बुर कों फड़ता हुवे करीब
आधा लन्ड पूजा कि बुर मे समा चुक्का थां.
शास.मस्ती मे चुदाई कां मजा लेँ रहा थां.अओर पूजा दर्द सें मरीजा रही थि.
पूजा.शास प्लीज़ एक् बार निकाल लो.प्लीज़ मे मरीजा रही हूं.दुबारा डाल लेना.पूजा सें दर्द सहेन नहीं हौ पारहा थां.जैसे किसी नें ब्लेड सें चीर दि होँ उसकी बुर.पूजा पछतारही थि। लन्ड खाने केँ चक्कर मे पड़कर उसे नहींपता थां.यह दर्द भि झेलना पड़ सकता हैं। उसने तौ शिरफ़ चुदाई केँ मज़े केँ बारे मे हि सुना थां.बुर कि मीठी मीठी खुजली कां एहसास हि किया थां.शास केँ पहलीबार स्पेर्श कां मजा हि लिया थां.चुदाई केँ एक् मीठे एहसास नें पूजा कों यहा तक पहुचा दिया थां.पूजा कि इस छटपटाहट कां शास पर्र कोईअशर नहीं थां.उसका लन्ड तौ कुँवारी बुर कां रस पीकेर अओर मस्तअओर मोटा हौ रहा थां.वोँ तौ बुर केँ अंदर मस्त होकेर झटकेमार रहा थां.लन्ड कि अकड़बता रही थि कि उसने बुर पऱ विजय हाशील करली हैं.शास नें लन्ड कि अकड़ कों भापकर पूजा पऱ अपनी पकड़अओर मजबूत कि.होंठो कों मूह मे लिया.अओर एक् ओर जोरदार धक्का लगा दिया.पूजा अभि इसकेलिए अपने कों तय्यार भि नहींकर पाई थि.उसकी चीखशास केँ मूह मे हि समा गई,.उसकी छटपटाहट.शास कि मजबूत बाँहो मे दबकररह गई,.पूजा कि चुचिया शास कि छाती केँ नीचे मसलीजा रही थि.अओर शास केँ लन्ड नें पूजा कि बुर केँ पूरी गहराई कों नाप लिया थां.लन्ड कां सूपड़ा.पूजा कि बच्चेदानि कों छूरहा थां.पूजा छटपटा रही थि.आँखो सें पानीबह रहा थां.अओर शास उसके होंठो कां रस पीने मे मस्त थां.इसी तरह लगभत 10-15 मिनूट गुजर गई,.अब पूजा कां दर्दकुछ कम होँ रहा थां.उसकी उखड़ी साँसे फिन गर्म होनेलगी थि.शास कि बाँहो कि पकड़ भि कुछ ढीली पड़ने लगी थि.पूजा कि दर्दीली चीखेअब सिसकारियों मे बदलने लगी थि.उउउउउउउईईईईएम्म्म्म्म्म्म आआआअहह सस्स्स्स्स्स्स्शहाआआआसस्स्स्स्स्सस्स म्म्म्ममाआअरर्र्र्ररर हहिईिइ द्द्द्दाआआल्ल्ल्ल्लाआआआआ.आआआआआहह हह.
अबशास कां मूह पूजा केँ होंठो कों छोड़कर पूजा कि चुचियो पर्र आँ चुक्का थां.वो मस्ती मे चुचिया मसलमसल करदूध पीरहा थां.पूजा केँ जिस्म सें खेलरहा थां.पूजा कां दर्द मीठी उत्तेजना मे बदलने लगा थां.अओर अब पूजा कि बुर नें फिन पानी छोड़ना शुरुआत कर दिया.पूजा केँ हाथ धीरे-धीरे धीरे-धीरे अबशास कि कमर पऱ आनेलगे थें.पूजा नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपने चूतड़ हिलाने जैसे हि शुरुआत किए.शास नें लन्ड कों हल्के सें अंदर बाहर् करना शुरुआत कर दिया.पूजा कि बुर कि मीठी पयास जागने लगी.बुर कुछ हि देर पहले केँ दर्द कों भूलकर.लन्ड कों अपनी दीवारो मे दबाने लगी.यह कैसा एहसास.दर्द कि चीखेअब मज़े कि मीठी सिसकारियो मे बदलने लगी थि.शास कि कमर पऱ पूजा कि बाँहो कां बढ़ता कसाव.शास कों अओर उत्तेजित करने लगा.लन्ड केँ, अंदर बाहर् कि रफ़्तार बढ़ने लगी थि.कमरे मे अब पूजा कि कामुक सिसकारिया गूंजने लगी थि.आआआआआआहह उउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह शास.मेरे शास.अओर ज़ोर सें.आआआआआहह हा.ऐसे हि.ऊवूऊवम्म्म्म्म आआअहह कि धुन पऱ शास केँ लन्ड कि रफ़्तार बढ़ती हि जारही थि.चुदाई कां म्यूज़िक रूम मे गूजने लगा थां.शास केँ लन्ड कि स्पीड केँ संग पूजा केँ चूतड़ उछालने कि क्रिया भि बढ़रही थि.अब पूजा पूरा चुदाई कां मजा लें रही थि.भूल चुकी थि उस दर्द कों.अब तौ शास केँ लन्ड कों अओर अंदर तक लेनेलगी थि। जैसे हि शास केँ लन्ड कां सूपड़ा अंदर जाकर बच्चेदानि पर्र ठोकर मारता पूजा कि मीठी कराह निकल जाती.उउउउउउम्म्म्म्म्म्म्माआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.सि हट लन्ड कां घामाशान पूजाअओर शास कों सातवे आसमान कि सैरकरा रहा थां.पूजा कि उत्तेजना अबचरम पर्र पहुँच चुकी थि.उसके जिस्म मे अजीब सां खिचाव.सारा सरीर.मजा कि अओर.आँखे बंद होने लगी.सिसकारियाँ लंबी होने लगी.शास.आआआआहह.उउउउउम्म्म्म्म यह मे कहां जारही हूं।.
शास.उउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म आआहहअओर पूजा अपने पहले स्खलन (झड़ने) कि अओर। एकाएक पूजा नें शास कों बाँहो मे जाकड़ कियाअओर ज़ोर सें.सस्स्शहाआअसस्सस्स उउउउम्म्म्म्म्म्माआआआ म्माऐईन गाईइईईईईईईईईईईईए.अओर उसकी बुर सें गर्म पानी केँ फ़ौवारे शास केँ लन्ड पर्र गिरे.तभी शश केँ लन्ड नें भि पानी छोड़ना शुरुआत कर दिया.गर्म-गर्म वीर्या(गुम) कि कई पिचकारी पूजा कि बुर मे छोड़ दि जौ सीधे बच्चेदानि पऱ गिरी.पूजा नें अओर ज़ोर सें शास कों दबोच लिया.शास भि उउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह्हाआल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लीईईईईईईईईए कि आवाज़ केँ संग झाड़ गय़ा। एक् दूसरे कों बाँहो मे जकड़े.पूजा अओर शास.लंबी साँसे.आँखे बंद.दोनो.दूर-बहोत दूर.सातवे आसमान कि सैर पर्र.एक् दूसरे कों प्रेम सें भिंचे हुवे.कितने हि देर तक.ऐसे हि.सारी दुनिया सें बेख़बर.लगभत 15 मिनूट तक ऐसे हि.एक् दूसरे कि बाँहो मे.फिन लौटआए इसी दुनिया मे.पूजा नें शास.केँ होंठचूम लिएअओर चेहरा शास केँ शीने मे छुपा लिया.
चुदाई का सिलसिला (Incest , Adultery) - मां के साथ - Kahani ab aur interesting hogi
Relavant source : click here