दूधवाला और मेरी पत्नी - दूधवाला - Real Kahani Part 1
दूधवाला औऱ मेरी पत्नि भाग-1
कोमल कि विवाह कों हुए एक् साल हौ गय़ा थां।
पति पत्नि नें अभि तक बच्चे केँ बारे मे नहि सोचा थां।
कोमलरंग सें गोरी औऱ कामुक शरीर कि मालकिन थि।
उसकी उभरी हुइ मोटे मुम्में 36डी केँ साइज कि थीं। उसकी चूचियों कों हरकोई प्यासी नजरों सें घूरकर देखता थां। मगर वोँ हर किसी पऱ इतना ध्यान नहि देती थि।
कोमल विवाह केँ बाद अपने पति केँ संग बहोत खुश थि। उसके पति कां बहोत अच्छा बिज़नेस थां जिसकी वजह सें उसकोकभी कुछकमी महसूस नहि हुई।
शुरुआत मे तोँ सभी अच्छा थां, उसका पति उसकी बहोत चुदाई करता थां। पूरीरात पति कां लण्ड कोमल कि नाजुक बुर मे किसी मोटे खीरे कि तरह घुसा रहता थां।
मगर विवाह केँ कुछ वक़्त बाद उसकेऊपर घऱ कां काम देखने कि जिम्मेदारी आँ गई, थि औऱ उसकी ननदी अपने बच्चों केँ संगवहा रहने आँ गई, थि।
परिवार केँ सभीलोग वहा रहनेलगे थें जिसकी वजह सें वोँ दोनों अब चुदाई कां मजा नहि लें पाते थें।
वो चुदने केँ लिए हमेशा प्यासी रहनेलगी थि।
उसके पति रात कों उसकी बुर मे अपना पानी निकाल करसो जाते थें मगर वोँ अपनी प्यासी बुर कों अपनी नर्म चिकनी जांघों केँ बीच मे दबाये गुस्से मे लेटी रहती थि पलंग पऱ।
उसनेकई बार अपने पति सें शिकायत भि कि मगर उनकी स्थिति भि वोँ समझ सकती थि।
उसकी हालतऐसी थि कि सामने खाने कि थालीरखी हुईँ हैं मगर वोँ उसकोखा नहि सकती।
एक् बार डिनर करने केँ बादरात कों दोनों पति-पत्नि इसी बारे मे बातें कररहे थें।
पति नें कोमल कों पीछे सें बांहों मे लेतेहुए बोला- कैसी होँ मेरी जानेमन?
कोमल- कैसी होऊंगी … औऱ आप् प्रेम तोँ ऐसेजता रहे होँ जैसेपता नहि कितनी परवाह होगी आपको मेरी … हुँह!
प्रवीण- मेरीजान … क्यूं इतना नाराज़ होती होँ, तुम्हे पता हैं नां जब तुम् मुंह फुलाकर रहती हौ तोँ मुझे बिल्कुल अच्छा नहि लगता।
कोमल- अच्छा, आजसमझ आया आपको कि मे नाराज़ हूं? वाउवाउ!
प्रवीण नें पीछे सें कोमल कों अपने सीने सें चिपका लिया औऱ प्रेम सें चुम्बन लेतेहुए उसने मनाने लगा।
प्रवीण- मेरीजान … क्रोध मतकरो, मैंने कुछनया प्लान किया हैं। कुछदिन बाद हम् खूब मस्ती औऱ जी भरकर चुदाई कर सकेंगे।
कोमल-सच मे?
प्रवीण- हां मेरी रानीसच मे … अब हम् दोनों पुणे सें शिफ्ट होकर अहमदाबाद जाने वाले हें, वहानयी कम्पनी शुरुआत करनी हैं। वहानया घऱ लेंगे औऱ तब हमेंकोई डिस्टर्ब करने वाला भि नहि होगा।
इतना कहने केँ बाद प्रवीण नें अपने दोनों हाथ पत्नि कि मस्त उन्नत उठी हुई चूचियों पर्र रखदिए औऱ आहिस्ता-आहिस्ता दोनों चूचियों कों नाइटी केँ ऊपर सें सहलाने लगा।
कोमल अपनेहाथ भि अपने पति केँ हाथों पर्र रखकरमजा लेती हुईँ बोलने लगी- उम्म्म … सच मे कितना मजा आयेगा नाँ जान … तब तौ हम् कभी भि मस्ती कर सकेंगे।
प्रवीण- हां मेरीजान … बसकुछ दिन कि बात हैं, फिन तेरीयह गोलगोल गोरी चूचियां हमेशा मेरे हाथो मे रहेंगी औऱ जहाँ चाहे इनको मसलूंगा। हम् बहोत तरह प्रयोग करेंगे चुदाई मे!
कोमल- केसे प्रयोग? मुझे तौ बताओकुछ!
बोलते हुए कोमल नें अपना एक् हाथ पीछे लेँ जाकर अपने पति कां लण्ड लोअर केँ उपर सें हि पकड़ लिया औऱ सहलाने लगी।
प्रवीण भि एक् हाथ पल्लवी कि नाइटी मे अंदर घुसाकर उसकी एक् मम्मों कों कसकर दबाने लगा।
फिन दूसरे हाथ कों उसकीकमर वाले नाजुक हिस्से पर्र घुमाने लगा।
प्रवीण- मेरीजान। तब तोँ बेडरूम, किचन, बाथरूम, बालकनी औऱ छत … सभी स्थान तेरी नंगी करके चोदने कां मजा लिया जाएगा।
कोमल – उम्म्म्म … सभी स्थान चोदोगे … मगर बालकनी औऱ छत पऱ तौ कोईदेख लगा नाँ हमें? नां बाबा नां … मुझेडर लगता हैं कोईऐसे देखेगा तोँ!
फिन प्रवीण नें कहा- क्यूं डर लगेगा मेरीजान … हम् पति-पत्नि हें। अपनेघऱ मे केसे भि चुदाई कर सकते हें नां! कोई देखेगा तोँ अच्छा हैं … उसका भि लण्ड खड़ा होँ जायेगा।
कोमल- अच्छा औऱ आपको बुरा नहि लगेगा कोईजब आपकी पत्नि कों ऐसे नंगी चुदाई करतेहुए देखेगा तौ?
प्रवीण- क्यूं बुरा लगना इसमें? वहा हमेंकोई जानने वाला नहि होगा औऱ मेरी पत्नि कि मस्त चूचियाँ औऱ गाण्ड देखने कां अवसर उनको भि तौ मिलना चाहिए।
कोमल लज्जा सें लाल होनेलगी औऱ पहलीबार अपने पति केँ अलावा किसी अनजान मर्द केँ सामने नंगी होने कि बात सोचकर नां चाहते हुए भि नीचे अपनी बुर मे अजीब सि हलचल महसूस करनेलगी।
दूधवाला और मेरी पत्नी - दूधवाला – New Episode
दूधवाला औऱ मेरी पत्नि भाग-2
वोँ अपने पति कां तनाहुआ लण्ड लोअर केँ अंदरहाथ डालकर जोरजोर सें मसलने लगी।
मगर एक् रुढ़िवादी माहौल मे पली बढ़ी होने कि वजह सें उसकोयह सभीसोच कर बहोत लज्जा भि आँ रही थि कि वोँ केसे किसी पराये मर्द कों अपना जिस्म दिखा सकती हैं.
प्रवीण नें भि अपनी पत्नि कोमल कि गर्मी कों भांप लिया औऱ उसकी नाइटी कों उसके नाजुक मादक शरीर सें हटाकर मोटी गोरी चूचियाँ मसल-मसल कर चूसने लगा।
कोमल नें भि अपने पति कां लोअर घसीटकर उतार दिया औऱ एक् हाथ सें उसका खड़ाहुआ गरम लण्ड हिलाते हुए अपनी चूचियां चुसवाने लगी।
प्रवीण- मेरी पत्नि कि चूचियाँ बहोत मस्त हें, आज इनकोचूस चूसकर लालबना दूंगा।
कोमल-बना दो … इनकोलाल करदो पूरीचूस चूसकर!
प्रवीण अपनी पत्नि कि चूचियाँ चूसता हुआ उसकी नाजुक गरम बुर केँ होंठों कों मुट्ठी मे भींचकर सहलाने लगा।
कोमल भि पूरी चुदाई केँ नशे मे गर्मजोशी सें टांगें फैलाकर पति कों बुर सहलाने देरही थि।
उसके मुंह सें लगातार आहें निकलरही थीं।
फिन प्रवीण मुंह हटाकर बोला- उम्मजान … कितना अच्छा हौ कि अगर तेरी दोनों चूचियां एक् संग चूसी जाएँ।
कोमल- हम्म्म्म, हाँ बहोत मजा आयेगा सच मे। उफ्फ्फ्फ … मगर आप् केसे दोनों चूचियाँ एक् संग चूसेंगे? आपकेदो मुंह थोड़े हें?
प्रवीण- मेरेदो मुंह नहि हें मगरअगर कोई दूसरा मर्द आँ जाये अभि औऱ चूसने लगे तौ उम्म्म्म करके … खा जाएगा तेरी चूचियाँ।
कोमल- उम्म्म आह्ह्ह … दूसरा मर्द? नां बाबा नाँ … मुझे तोँ ऐसासोच कर भि लज्जा आती हैं।
प्रवीण- इसमें कैसी लज्जा मेरी रानी … मे स्वयं बोलरहा हूं तुम्हारी तरफ दूसरे मर्द कों सौंपने केँ लिए … वैसे भि तुम्हारी यह चुदाई केँ लिए बेताब बुर तुम्हारी बातों सें सहमत नहि लगरही। देखो बेचारी केसे गीली होनेलगी हैं बुरीतरह सें!
फिन कोमल नें कहा- वोँ तोँ होगी हि नां … उम्म्म ऐसी-ऐसी बातें जोँ कररहो हौ आप् … पर्र मे मात्र आपकी हूं।
ऐसाबोल कर कोमल अपनी दोनों टांगें अपने पति कि टांगों मे लिपटा कर उसकी जांघों पऱ बुर केँ होंठ रगड़ने लगी।
प्रवीण नें अब अपना लण्डहाथ मे लेकर पत्नि कि गीली बुर मे दबा दिया औऱ उसकी बुर मे लन्ड घुसाकर उसकी चुदाई करनेलगा।
हर एक् झटके केँ संग उसकी चूचियां हिलरही थीं।
वोँ दोनों हाथों सें उसकी चूचियां दबाते हुए बोला-काश … कोई दूसरा मर्द भि होता जोँ तुम्हे बेरहमी सें चोदता।
कोमलबस चुदते हुए अह्ह … उम्म … किएजा रही थि।
प्रवीण- कहो नां मेरीजान … कैसा लगेगा दूसरे मर्द कां लण्डजब तेरी बुर मे जाता तोँ अभि? … बिना लज्जा केँ कहो, मुझे अच्छा लगेगा।
कोमल – अह्ह … ओह्ह्ह … प्लीज चोदिये आप् जैसा अपकादिल होँ वैसे … बस मेरी बुर कों चोदते रहिए।
प्रवीण- नहि, पहले बताओ कैसा लगेगा अगर अभि किसी कां लण्ड तेरी बुर मे होता तौ, वरना मे लण्ड बाहर् निकाल रहा हूं।
कोमल- प्लीज औऱ मत तड़पाओ नाँ … हां … मुझे तोँ सोचकर हि बहोत कुछ होने लगता हैं जब आप् पराये मर्द कि बात करते हौ।
प्रवीण- मेरीजान … कहो तोँ … लोगी पराये मर्द कां मोटा लण्ड अपनी बुर मे? हम्म?
वोँ बोलि- हां … लेँ लूंगी। मगरपता नहि वोँ मेरा क्याँ हाल करेगा।
प्रवीण यह सुनकर जोश मे आँ गय़ा औऱ अपनी पत्नि कों बहोत जोरजोर सें चोदने लगा।
प्रवीण बोला-जान सोचो … अभि तुम् किसी पराये मर्द सें चुदवा रही हौ, उसका लण्ड तेरी बुर मे जारहा हैं।
कोमल- उम्म … आअह्ह … आह्ह्ह हम्म … हां चुदवा रही हूं। पराये मर्द सें चुदवा रही हूं … उफ्फ … पूरी बेशर्म होँ करचुद लूंगी मे। आज मेरी प्यासी बुर कों पागलबना दोचोद चोदकर … आह्ह्ह उफ्फ्फ्फ ओह्ह।
फिन प्रवीण नें कहा- हम्म … मेरी पत्नि किसका लण्ड लें रही हैं, बताओ किसका लण्ड लोगी अपनी चुदक्कड़ बुर मे?
कोमल-हाय … आप् जिसका भि दिलाएंगे उसका हि लेँ लूंगी, अभि मुझेबस चुदना हैं।
प्रवीण- अच्छा … दूध वालाकहो नां मुझे … सोचो कि दूध वाले कां लण्ड तेरी संस्कारी पतिव्रता बुर मे जारहा हैं जिसको आज तक पति केँ अलावा किसी नें नहि चोदा।
कोमल पहले सें चुदाई केँ नशे मे चूर थि औऱ ऊपर सें दूधवाले मर्द केँ बारे मे सोचकर पागल
होनेलगी।
वोँ नीचे सें अपनी बुर कों ऊपर उठा-उठा कर लण्ड अंदर लेनेलगी औऱ संग मे बड़बड़ाने लगी-आह … ओह्ह … दूध वाले भैया … चोदो मुझे। अपनी रंडीबना लो।
प्रवीण- हां मालकिन, तेरी बुर बहोत मस्त हैं … आज तेरी बुर मे मेरा मोटा मूसल लौड़ा पूरा अंदर घुसाकर चोदूंगा, बहोत मस्तमाल हौ तुम्।
कोमल- उम्म्म … आह्ह्ह … येस … आज मे आपकीमाल हूं। जितना चाहो चोदो मुझेदूध वाले अंकल … आपकायह लन्ड मुझे पूरा अंदर तक महसूस करवादो।
प्रवीण- हां मेरी मस्त रसीली मैडम … घोड़ी बनजा मेरे लन्ड केँ लिए तूँ! तेरी गांडऊपर उठा लें औऱ चुदजा। कोमल नें गांडऊपर उठाली औऱ बोलि- लो, बन गई घोड़ी … अबपेल दोइस घोड़ी कों … उफ्फ … फाड़दो यह प्यासी बुर।
प्रवीण दूध वाला बनकर बहोत देर तक अपनी पत्नि कि चुदाई करतारहा औऱ पूरा पानी उसकी बुर केँ अंदर छोड़ दिया।
चुदाई केँ बाद दोनों बाथरूम सें फ्रेश होकर वापसबेड पऱ आकर एक् दूसरे कि बांहों मे लेटकर बातें करनेलगे।
कोमल- हम्म … बहोत मज़ाआया।
प्रवीण पत्नि कों छेड़ते हुए- किसमें अधिकमजा आया? दूधवाले केँ लण्ड सें याँ मेरे?
कोमल-हां आया नाँ … उफ्फ्फ … आपने भि मुझे कैसी बेशर्म बना दिया थां आज … केसे दूसरे मर्द कों सोचकर मे नशे मे पागल हौ गई, थि, मगरयह मात्र बातों मे थां … समझे बच्चू?
प्रवीण- मेरीजान … यह तोँ केवल शुरुआत हैं, वहा पर्र शिफ्ट होकर देख्ना कि कितने मजे करवाता हूं तुम्हारी तरफ! अभि तौ सभीकुछ बातों मे थां मगरकभी करना भि पड़ सकता हैं … देखती जाओ तुम्।
ऐसाबोल कर प्रवीण अपनी पत्नि कोमल केँ नंगे मादक शरीर कों बांहों मे लेँ कर सोनेलगा औऱ अहमदाबाद जाने कि तैयारियों केँ बारे मे सोचने लगा।
प्रवीण मन हि मन मे खुश हौ रहा थां कि कोमल केँ दिल मे पराये मर्द सें चुदने कां बीज तोँ बो दिया हैं, बसअबसही समयआने पर्र किसीबात केँ बहाने कोमल कों सच मे किसी दूधवाले सें चुदने केँ लियेमना भि लूंगा।
कुछदिन बादसभी तैयारियाँ होँ गईं अहमदाबाद जाने कि।
प्रवीण नें रहने केँ लिये सिटी सें बाहर् कि तरफ कि एक् कॉलोनी मे घऱ किराए पऱ लेँ लिया थां.
दोनों पति-पत्नि अपनेघऱ वालों सें विदा लेकर अहमदाबाद वालेनये घऱ मे शिफ्ट हौ गए।
घऱ बहुत सुन्दर औऱ अच्छी स्थान पऱ थां।
पूरी कॉलोनी मे एक् जैसे बनाये हुए मॉडर्न टाइप केँ घऱ थें।
यहा पऱ आने केँ बाद प्रवीण औऱ कोमल कि चुदाई कि रेल दौड़ने लगी।
नए-नये तरीके सें चुदाई होनेलगी कोमल कि।
कभीछत पऱ जाकर खुले आसमान केँ नीचे चुदाई होती तोँ कभी चांदनी रात मे बालकनी मे कोमल पूरी नंगी होकर लोहे कि ग्रिल कों पकड़कर पीछे सें अपने पति कां लण्ड लेती। लोग देखते तोँ उसे फर्क नहि पड़ता.
धीरे-धीरे चुदती रहती
सुभह-सुभह एक् दूध वाला, अधेड़ उम्र कां मर्द पूरी कॉलोनी मे दूधदे कर जाता थां।
तोँ प्रवीण नें भि उसकोहर रोजदूध देकर जाने केँ लिएलगा लिया थां।
अब प्रवीण सुभह अपनी फैक्ट्री कि साइट पर्र जाता औऱ फिनसाम कों घऱ लौटने केँ बाद बहोत चुदाई करनेलगा कोमल कि।
रात कों दोनों पति-पत्नि पोर्न वीडियो देखने लगे जिनमें तरहतरह कि चुदाई देखकर कोमल कां बुराहाल हौ जाता थां। वोँ भि अब रंडी बननेलगी थि.
प्रवीण कोमल कों इंटरनेट पर्र अनजान मर्दों सें चैट भि करवाने लगा थां जिसमें वोँ बहोत गरम हौ जाती थि।
एक् रात कों पति-पत्नि दोनों एक् चुदाई कि वीडियो देखरहे थें जिसमें एक् मर्द अपना मोटा मूसल लन्ड स्त्री कि गाण्ड मे घुसाकर बेरहमी सें चुदाई कररहा थां।
वोँ स्त्री भि गाण्ड उठा-उठा कर उसका लण्ड लें रही थि।
अब रुका नहि जारहा थां तोँ प्रवीण नें कोमल कि कमर पकड़कर अपने नीचे खींच लिया औऱ उसके मादक जिस्म कों जीभ सें चाटने लगा।
कोमल नें तुरन्त अपनी चिकनी केले केँ तने जैसी टाँगें प्रवीण कि कमर मे लिपटा लीं औऱ प्रवीण कों चुम्बन देनेलगी।
दोनों एक्
दोनों एक् दूसरे केँ होंठचूस रहे थें।
फिन कोमल नें प्रवीण कों होंठों सें अलग करतेहुए बोला-जान … मेरी गाण्ड कों कसकर पकड़ो नाँ … जैसे वोँ वीडियो मे उसकी गाण्ड कों मसलरहा थां!
प्रवीण- क्याँ बात हैं, आज मेरी पत्नि बहोत गरम होँ रही हैं? कोमल कि नाजुक गोरी उभरी हुई गाण्ड कों दोनों हाथों सें पकड़कर भींचते हुए प्रवीण नें कहा।
कोमल – उम्म … हां वोँ वीडियो देखकर बहोत दिलकर रहा थां कि आप् भि मेरेसंग वैसा हि करें।
प्रवीण अनजान बनतेहुए- कैसा मेरीजान, मे समझा नहि कौन सें वाला वीडियो?
फिन कोमल बोलीं- जी वोँ … जिसमें वोँ उसके पीछे सें घुसारहा थां औऱ …
बोलते बोलते कोमलरुक गई.
प्रवीण- औऱ क्याँ मेरीजान?
कोमल- उम्म … आपकोसभी पता हैं … बस मेरे मुंह सें बुलवाना चाहते हौ।
प्रवीण- अच्छा मतलब वोँ पीछे सें पूरा लण्ड उसकी गाण्ड मे घुसाकर लगातार चोदरहा थां … हम्म … तोँ वोँ सोचकर गरम होँ रही हैं मेरी पत्नि!
कोमल- हम्मवही सोचकर अजीब सि फीलिंग आनेलगी कि कैसा लगेगा अगर मेरी गाण्ड मे अपका लण्ड जायेगा तोँ!
प्रवीण- अच्छा तोँ यहबात हैं … मगर सॉरी … मे तुम्हारी गाण्ड नहि मारूंगा।
वोँ हैरानी सें बोलीं- क्यूं … आपको अच्छा नहि लगता क्याँ? प्लीज एक् बारकरो नाँ मेरे लिये … मुझे देख्ना हैं कि कितना मजाआता हैं उसमें … उफ्फ्फ … वोँ महिला कितना मजा लेँ रही थि।
प्रवीण केँ दिल मे एक् ख्याल आया कि यह हि सही टाईम हैं कोमल कों दूध वाले सें चुदवाने कां।
कुछ सोचने केँ बाद प्रवीण अपनी पत्नि कि चूचियों कि निप्पलों कों उंगली औऱ अंगूठे केँ बीच मे दबाकर घुमाते हुए बोला- देखो मेरीजान, मैंने तुम्हारी बुर कि सील खोलने कां आनंद लिया हैं मगरअब मे चाहता हूं कि तेरी कुंवारी गांड कि सीलकोई दूसरा मर्द खोले।
कोमल- क्यूं आप् बारबार दूसरे मर्द सें मुझे चुदवाने कि बात करते होँ… औऱ अगर मे ऐसा करूं भि तौ मुझे क्याँ मिलेगा बदले मे?
प्रवीण – उम्म … बदले मे मे तुम्हे हीरे कां हार दिलवाऊँगा। मगर मे जिस भि मर्द केँ लिये बोलूंगा तुझेही उससे चुदवाना पड़ेगा। कहोअगर मंजूर हैं तौ … वरना गाण्ड चुदाई औऱ हीरे कां हारभूल जाओ।
कुछ सोचने केँ बाद कोमल बोलि- पक्का नां? हीरे कां हार पाने केँ लियेकर लूंगी … मगर तुम् अपनी बीबी कि फटती गांडदेख पाओगे फिनयह बताओ कि वोँ मर्दकौन होगा?
प्रवीण- जानेमन मै चहाता हि हूं तेरीकोई जबरदस्त गांड मारे मेरे सें भि बेहतर वैसे भि इतनी टाईट गांड मेरेबस कि नहीं, फिन मैने जौ तेरेलिए चुना हैं वोँ बेहतर इसका मज़ा देगा औऱ लेगा हमारा दूध वाला!
कोमल- बिरजू काका?
प्रवीण- हां मेरीजान, दूधवाले बिरजू काका कां लन्ड लेना होगा तुझेही … अबदेख लो … तुमको हीरे कां हारवा पति कां प्रेम चाहिये कि नहि? मेरीबात नहींमान सकती
कोमल- वोँ तोँ ठीक हैं, मे कुछ भि करूंगी मगर बिरजू काका तौ 52 साल केँ मर्द हें। वोँ मेरे सें पूरे दोगुनी उम्र केँ हें।
प्रवीण- मेरीजान उम्र केँ संग तजुर्बा आता हैं औऱ दूधवाले एक् नम्बर केँ चोदू मर्द होते हें।
कोमल-हां वोँ तोँ हैं, मगर वोँ कितने हट्टे-कट्टे हें इस उम्र मे भि … पता नहि केसे करुँगी मे उनकेसंग!
इस पर्र प्रवीण बोला-कोई बात नहि मेरीजान … तेरेपास 3 दिन हें … कल सुभह सें हि पटाने कि तैयारी करोदूध वाले बिरजू काका कों।
कोमल-कल सुबाह सें हि? चलोठीक हैं … मे हारने वाली नहि हूं … आनेदो कल बिरजू काका कों!
यह बोलकर कोमल नें सेक्सी कामुक स्वर मे कहा- आँ जाओ मेरे बिरजू काका, आपको जन्नत दिखाती हूं।
फिन दोनों पति-पत्नि अपनी चुदाई कि मस्ती मे खोगए।
दोस्तो, अब तक इस स्टोरी मे आपने पढ़ा कि केसे प्रवीण नें अपनी पत्नि कोमल कों दूधवाले सें चुदने केँ लिये रेडीकर लिया हैं।
दूधवाला और मेरी पत्नी - दूधवाला – New Episode
दुधवाला औऱ मेरी पत्नि भाग-3
सुभहआँख खुली तोँ ऑख केँ आगे अपने प्यारे पति केँ 6 इंची लन्ड कों झुलते पाया अभि सोयाहुआ थां तोँ 4 इंची सें जादा नां होगा औऱ मेरेपेर कि अंगुठे जितनी मोटाई लिये होगामगर शैतान रातभर बिल मे उछलकूद मचाता हैं अभि सफ़ेद बाबूसो रहा हैं मैने हल्की सि चमड़ी खीची तौ लाल सुपड़ा चमकउठा मैनेझट सें मुँह मे लेकर एक् चुस्की ली हाये कितना प्यारा भोलालग रहा हैं मेरी टाँगे उनकेऊपर थि तौ चूत सीधे उनके होठो पऱ थि जोँ सोते सोते हि कभीकभी चाट लेते थें इतनेचुत चटोरे हैं यह कि रातभर चुत हि चटाते रहे सोते सोते नाँ जानेमॅ कितनी बार झड़ी हूँगी उनके मुंह पऱ, तभी अचानक डोरबेल कि आवाज़ गूँज पड़ीघडी मे देखासात बजरहे थें समझ गई ये दूधवाले कां टाईम हैं डोरबेल कि आवाज़ सुन प्रवीण भि जाग चुके थें
प्रवीण लगता हैं तेरा दोस्त आँ गय़ा
कोमलछी आपको बोलते लज्जा नहींआती
प्रवीण इतना शर्मयेगी तोँ चुदेगी केसे
कोमल कैसी गंदीबात करते हैं सुभह- सुभह, औऱ तुम्हारे रहते किसकी हिम्मत हैं जोँ मुझेचोद जाये
प्रवीण तौ हीरे कां नेकलस.
कोमल नहीं चाहिये बस, किसे नें कहा भि हैं बैड पऱ खाईशपथ सुभह तक ख़त्म हौ जाती हैं
प्रवीण पऱ मै तौ तुम्हारी तरफ कुक्तिया बनाऊंगा वरना तेरा मेरा नाता समाप्त
कोमल केँ आखो सें आँसू लुडकपढे
कोमलऐसा नां बोले आप् केँ बेगेर नां रह पाऊंगी, यह शानो शौकत गांड़ी कपडे हीरेसभी आप् कि देन हैं वरनामुझ गरीब बाप कि लड़की कों कौन पूछता, आप् विवाह नां किये होते तौ.
प्रवीण नें कोमल केँ मुंह पर्र हाथरख दिया
प्रवीण मैंने कोई एहसान नहीं कियातु इतनी नाजुक खूबसूरत हैं कि कोई भि तुम्हारी तरफ पाना चाहेगा, मेरी ख़्वाहिश हैं मेरी बीबी लंबे मोटे लंडो सें चुदे औऱ उसकीफटी चुत, गांड मे लन्ड डालेरात भर सोता रहूँ अभि तेरी इतनी टाईट हैं कि दो धक्के मारने पर्र हि ये लन्ड झड़ जाता हैं मेरी ख़्वाहिश तभी पुरी होगीजब तु दमदार लंडो सें चुदे
कोमल हाये कैसी गंदी ख़्वाहिश हैं तुम्हारी, फिन ख़्वाहिश तुम्हार चुदुमै
तभीबेल केँ संग आवाज़ आनेलगी
मैमसाब दूध लेँ लो
कोमलआई काका
प्रवीण ऐसे हि नंगीजा
कोमलछी ऐसे
प्रवीण तोँ ठीक हैं ये नाईटी डाल लेँ
दूध लेलो मेमसाब दूधवाला फिन चिल्लाया
कोमलआती हूं आती हूं काका
ब्रा पैंटी केँ बाद नाईटी डाल कोमल नें भगोना उठा दिया रसोई सें जल्द सें दरवाजा खोला
50 साल एक् एक् हट्टा कट्टा काला व्यक्ति चौड़ी छाती धोती कुरते मे एक् दूध केँ बल्टी थामेनाम थां भोलूप्रसाद मगरसभी उसे काका कहकर पुकारते थें
काका बड़ीदेर कर दि बहुरिया
कोमलजी वोँ रसोई मे ब्रेकफास्ट उनकेलिए सजधजकर कररही थि
मगर इतनीबात करते हुये भि उसने मुझेऊपर सें नीचे तक ताड़ लिया। नाइटी केँ गहरेगले सें दिखते मेरे खुलेझूल रहे मम्मे… घुटनों तक कि नाइटी केँ नीचे वेक्स कि हुई मेरी चिकनी टाँगें। सुभह सुभह कां आलस जौ मेरे चेहरे पे साफझलक रहा थां।
मुझे उसकाइस तरह घूरना कुछकुछ बुरा तोँ लगा, पर्र मुझेकुछ कुछ रोमांचित भि कर गय़ा। बेशक मे शादीशुदा हूं, मगरफिन भि कोईबड़ी चाहत सें मेरे जिस्म कों देखे तौ मन मे सुगबुगाहट तोँ होती हि हैं। औऱ थोड़ा सां क्लीवेज अगर उसनेदेख भि लिया तौ क्याँ फर्कपड़ गय़ा।
दूध लेकर मैंने दरवाजा बंद किया औऱ अंदर आँ गई। हाल सें गुजरते हुये मेरे निगाह बड़े सारे शीशे पऱ पड़ी, तोँ मे शीशे कि तरफघूम गई, मेरी नाइटी कां गला नीचे मेरेपेट तक आँ रखा थां। दो पर्वत जैसे मम्मो केँ बीच केँ गहरी घाटीबड़ी साफदिख रही थि औऱ मेरे दोनों मम्मे भि बीच मे सें आधेआधे तौ नाइटी केँ गले सें बाहर् दिखरहे थें।
वैसे हि मेरेदिल मे कुछ अजीब अजीब सें विचार आए कि अगर वोँ दूधवाला दूध डालते डालते एक् हाथ सें पकड़कर मेरादूध दबा देता तौ? याँ फिन मेरी नाइटी नीचे सें उठा देता तोँ? तौ… तोँ क्याँ होता।
मुझे अपनीसोच पऱ हंसी भि आई औऱ लज्जा भि
दूधवाला और मेरी पत्नी - दूधवाला - Next part miss mat karna
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