दूधवाला और मेरी पत्नी - दूधवाला – New Episode
दुधवाला औऱ मेरी पत्नि भाग-4
मै लज्जा सें दोहरी हुइ थि प्रवीण नें पीछे सें जकड लिया
प्रवीण हाये जानेमन तुमने तोँ पुरी बिजली गिरा दि, काका केँ रोमरोम खडे होँ गये होगे, सच जब तेरीये गांड मरेगा तु मस्त हौ जायेगी
कोमलछी तुम् भि
मगर प्रवीण केँ मुंह सें काका सें चुदने कि बात सुनकर मेरेरोम- रोमखडे हौ चुके थें
कोमलछी ऐसीबात नां करो तुम्हारी पत्नि हूं मै, ये जिस्म तुम्हारा हैं
प्रवीण औऱ ये मस्तबडी गांड
कोमल वोँ भि तुम्हारी हैं सिर्फ तुम्हारी, औऱ तुम्ही हि इसके मालिक तुम्हारे अलावा इसेकोई केसेछु सकता हैं
प्रवीण अच्छा तोँ येबता इसका असली मालिक कौनतु याँ मै इतना कहते हुये प्रवीण नें अपनीबीच वाली उंगली मेरी गांड केँ छेद पऱ रखकर ढकेल दि
पहलीबार किसी कि उंगली मेरी गांड मे घुसी थि मेरी दर्द सें कहारउठी
कोमलजी आप् जी आप्
प्रवीण क्याँ आप् कुत्तिया पुराबोल सही सें
कोमलमै समझ गई प्रवीण क्याँ चहाता हैं वोँ चोदते वक़्त भि गंदे-गंदे शब्दो सें बाते करता हैं जीजी वोँ मेरी चूत गांड सबके मालिक आप् हौ
प्रवीण तौ मालिक चाहे अपना समान किसी कों दो याँ नाँ देतुकौन होती हैं बोलने वाली
प्रवीण गांड सें तेजी सें अपनी उंगली अंदर बाहर् कररहा थां
कोमलजी जी वोँ तोँ हैं मालिक आप् हि हैं
प्रवीण तोँ तेरा मालिक चाहता हैं कि दोतीन महीने केँ लिए हम् घऱ सें बाहार आये तौ थोडा लुप्त लिया जाये, औऱ घऱ गभिन होँ कर लौटेये कुत्तिया
कोमल कि चूत इतना सुनते हि पानीछोड चुकी थि, औऱ प्रवीण कां दूसरा हाथ चूत सहलारहा हैं, तभी दूसरे हाथ कि ऊँगली चूत केँ अंदरसमा गई खडेखडे हि प्रवीण केँ दोनोहाथ कि उंगली कोमल केँ दोनो छेदो मे अपनाकाम कररही थि कोमल गर्मा गई
प्रवीण चल रेडी होँ जा, नास्ता करआज बाजार चलते हैं पताचले आसपास केँ लोगो कों उनकेबीच एक् गर्मायी कुक्तिया आँ गई हैं
कोमल सिसकते हुये हायेजी आप् मालिक हैं इस कुत्तिया केँ आप् जहाँ कहोगे कुत्तिया मुजबुर हैं आपनी टांगे फैलाने कों
इसी केँ संगढेर सारा पानीछोड दिया कोमल कि चूत नें
दूधवाला और मेरी पत्नी - दूधवाला – New Episode
दुधवाला औऱ मेरी पत्नि भाग-5
कोमल प्रवीण केँ लाये कपडेपहन कर नीचेआई स्कर्ट टॉप मे कयामत लगरही थि शीशा इसकी गवाही देरहा थां वोँ चीखचीख करकहरहा थां इतना मस्तमाल इस कॉलोनी मे होना मुश्किल हैं औऱ इनकावश चला तौ ये कॉलोनी वालेइस मस्तमाल कों चखेगे हि, वैसे मैनेऐसी ड्रेस कभी पहनी भि नहीं औऱ ससुराल मे रहतेमुझ पतिवत्रा नारी केँ लिएये स्वप्न हि थां मगरये कोई नां जान पहचान वाला नां कोई रिश्तेदार नातेदार तौ मुझे भि भय नहीं थां ऊपर सें पति आज्ञा तोँ जाहिर थां मुझ जैसी कों बल मिला कि ये ड्रेस मे पहनलू
नीचेआई तौ पति नें मुझे देखते हुये
प्रवीण क्याँ गजबमाल लगरही होँ
कोमलसभी सही हैं मगरगला बहुत खुला हैं ऐसे केसे बाजार चलेंगे
प्रवीण रही नां तुम् पिछड़ी केँ पिछड़ी दोस्त आजकल कां ये फैशन हैं तुम् कब फैशन करना सीखोगी फिनकहा नां कितनी बार हम् यहाकुछ दिनो केँ लियेआये हैं तोँ आनंदकरे फिन तुम्हे उसीबोर दुनिया मे लौटना हैं जहाँचार साल सें बच्चे नाँ होने केँ तानेसुन रही हौ कितनी कोशिश कि डॉक्टर भि परखनली विधि सें लेकर मेरे शुक्राणु तक कितने बार कोशिश कि सभीहार, कितनी बार कहां हैं कि मेरेछे इंची लन्ड सें बच्चा भूलजाओ तुम्हारी योनी बहोत गहरी हैं इसमेकई जुटेगे तबकुछ होँ पायेगा
कोमलछी तुम् कैसी गंदी बाते करनेलगे होँ औऱ मुझे भि गंदाबना दिया हैं मै तुम्हारे अलावा किसी औऱ केँ बारे मे सोच भि नहीं सकती
प्रवीण दोस्त तुम्हे किसने कहा हैं कि मुझेभुल जाओ दोस्त हम् हमेशा एक् थें एक् हैं एक् रहेंगे, तुम् आज भि मेरी बीबी हौ औऱ कल रंडी कि तरह चुदोगी तब भि मेरी बीबी रहोगी, हम् येसभी बच्चे केँ लिएकर रहे हैं औऱ ये नैतिक रूप सें गलत नहींयदि येगलत हैं
तोँ मैये गलती करूगा, यहा तुम्हे चुदना हैं जितने मिले उतनो सें साम तक तुम्हारे दोनों छेदो सें पानी टमकता मिले
कोमल हायेछी इतना गंदामत सोचे मुझेडर लगता हैं
प्रवीण अभि तुम्हारे ड्रेस मे एक् कमी हैं
कोमल क्याँ
प्रवीण नीचेझुक जाता हैं मेरी ड्रेस इतनी छोटी थि कि मेरे छुटनो तक नहीं आँ रही थि प्रवीण नें उसे उठाया औऱ मेरी पेन्टी कि खिसका कर नीचेकर दिया
कोमलअरे ये क्याँ कररहे हैं हम् ऐसे केसे जायेंगे
प्रवीण ऐसे हि जायेगे
कोमल हायेजी यहा नां करेमै पुरे बाजार मे नंगी केसे घुमुगी
प्रवीण क्यो ड्रेस तौ तुम् पहनी हौ हि फिनहर कोई तुम्हारी ड्रेस तोँ उठाकर नहीं देखेगा
कोमल औऱ यदि किसी नें उठा केँ देख लिया
प्रवीण तोँ उस साहसी कों इनाममिल जायेगा, चलो दोस्त मजेलो चिता नाँ करोकोई नहींजान पायेगा तुम् नंगी होँ
औऱ प्रवीण मुझे करीब-करीब घसीटता हुआ बाहर् लें आया औऱ बुलट पर्र बैठ गय़ा मै उसके पीछेबैठ गई
जब हम् हाईवे पर्र थें तौ देखा मेरे पड़ोसी रमेश सुरेश ठीक मेरे पीछे आँ रहे हैं वोँ बारबार मेरेतरफ देख मुस्का रहे हैं कारणये थां बुलट कि तेजी मे हवा कां झोका मेरी छोटी ड्रेस उठा देतामै कितना दबाती मगर पीछे सें ऊठ जाता जिससे मेरी नंगी गांड उन्हे दिखाई दे जाती
तभी मैंने प्रवीण
कोमलअजी थोडा कार धीरे-धीरे कर लेँ मै ड्रेस सम्भाल नहींपा रही
प्रवीण क्यो क्याँ हुआ
कोमल रमेश सुरेश जोँ अपने पड़ोसी हैं मुझेछत सें रोज घुरते हैं वोँ पीछे हैं औऱ हवा मे पीछे सें मेरी ड्रेस ऊठरही हैं वोँ शायद मेरे नंगे चुतड़ ताडरहे हैं
प्रवीण तुम् हौ रही इतनी हसीन देखने कि चीज हैं तौ लोग देखेगे
तभी रमेश सुरेश स्पेलेडर पऱ थें वोँ पासआये
रमेश नमस्ते प्रवीण भैया कहां जारहे हैं, आज भाभीबडी हसीनलग रही हैं
प्रवीण बसआज इतवार थां छुट्टी थि तोँ तुम्हारी भाभी कों शॉपिंग कराने जारहा हूं बहोत दिनो सें बोलरही हैं मौका हि नहीं मिलता, तुम् लोगघऱ आकरकभी आपनी भाभीर्क सहायता कर दियाकरो बड़ा एहसान होगा
सरेशअरे भैया इसमें क्याँ जब भाभी कों जरूरत होँ बोलदे हम् भाभी कां कामकर देगे
ये कहते हुये सुरेश पैट केँ ऊपर अपना लन्ड रगड़ने लगामै लज्जा सें दोहरी होँ गई
तभी अचानक प्रवीण नें स्पीड बढा दि अचानक बड़ स्पीड सें मेरे ड्रेस कमर तक नंगी होँ गई मै हडाबड़ा कर ड्रेस नीचे कि मगर जिसे देख्ना थां उन्होने देख लिया
मेरे गोरे चुतड़ो कों पुर्ण नंगादेख उनकी आँखेचमक आई मैंने जब पीछे देखा तोँ रमेश सुरेश दोनी सीने पर्र हाथरख दिये
मै मन हि मन सोचने लगी कैसा हरामी मर्द मिला हैं मुझे नंगा हि नहीं घुमारहा बल्कि लोगो कों बोलरहा हैं कि आओ उसकी बीबी कों चोदलो ऐसी हरामी मर्द कि औरतेदिन रात दूसरे चोदेगे हि जब तुम् स्वयं भंडारा खोलरहे हैं तौ लोग खायेगे हि
रमेश भाभीजब चाहो जैसा चाहोकाम बताना यह देवरु दौडे दौडेसरा काम चुटकी मे निपटा देगेमगर इनाम भि लेगे भाभी इनाम मे क्याँ दोगी
तभी प्रवीण नें वाहन औऱ तेजकर दि मैंने भि इसबार ड्रेस नहीं सम्भाला बल्कि चुतड उचका दिये
अबकि नाजारा देख दोनो कां हलकसुख गय़ा
मेरी गांड केँ संग बिनाबाल वाली गोरी चूत उनके सामने जोँ थि
छिनाल बहुरिया वानई दुल्हन अन्य फोरम मे कॉपी हौ रही थि किसी औऱ नाम सें अत:उसे समाप्त कर दिया गय़ा
दूधवाला और मेरी पत्नी - दूधवाला – New Episode
दूधवाला औऱ मेरी पत्नि भाग-6
जल्द हि हम् बाईपास केँ सहारे हाईवे सें नीचेउतर लीये जबकि रमेश सुरेश हाईवे कि तरफबढ गये मॅने राहत कि सांसली अब हम् भीड़ मे थें तौ प्रवीण नें रफ्तार कमकरली तौ मैंने भि ड्रेंस ढंग सें चुतडो केँ नीचेदबा ली जिससे वोँ उठे नाँ
दोपहर कां टाइम थां मुझे स्डैल लेनी थि तौ हमे प्रवीण एक् दुकान मे गये तौ पाया दुकान नें एक् लड़का थां पताचला सभी खानेगये हैं एक् घंटेबाद आयेंगे
प्रवीण भइया देखो हमारी मेमसाहब कों स्डैल दिखाओ वोँ झट सें दस पंद्रह डिब्बे लें आया औऱ मुझे एक् छोटे स्टूल पऱ बैठा दिया उसनेपाच दस डब्बे खोल डाले जिसमे गुलाबी रंग कि स्टोन लगी स्डैल मुझे अच्छी लगी मैने उससे स्डैल मांगी तोँ वोँ उसकी तारीफ कर मुझे पकड़ा दि दाम भि 1400 लगाया जौ सहीलगा ब्रांड सही थां मैनेकहा सही स्लिम आयेगी तोँ उसने तुंरत वोँ सडैलहाथ मे लेके मेरी एक् टांगउठा कर पहनाने लगामगर वोँ छोटी निकली औऱ कसी थि
कोमल भैया ये बहोत कसी हैं
लड़काहॉ मैडम आपकी बहोत कसी हैं मतलब आपके पांव कि स्डैल बहोत कसी आयेगी आपकापेर बहोत कोमल औऱ छोटे जोँ हैं
फिन वोँ दूसरी स्डैल पहनाने लगामगर उसकी आँखो मे होतेलाल डोरे अजीबलगे जब मैंने उसकी आँखों कां पीछा किया तौ बाप रे वोँ मेरी ड्रेस केँ अंदर झांकरहा थां साफ थां उसे मेरी चुनमुनिया केँ दर्शन हौ रहे थें
मेरेलिए अजबी धक्का थां पहलीबार आजकोई गैर व्यक्ति मेरे नंगे जिस्म कां दर्शन कररहा थां वोँ भि एक् दिन मे रमेश सुरेश केँ बादये तीसरा थां लड़कालग रहा थां आज जैसेभरे बाजार मे नंगी होँ रही हूं, प्रवीण येसभी जानवा देखरहे थां मगर वोँ बुरा मानने केँ बजाये मजे लेँ रहा थां
प्रवीण अच्छी लगी मेमसाहब
लड़काथूक गटकते हुयेजी
प्रवीण तौ हमारी मेमसाहब कों सही सें अच्छी अच्छी स्डैल दिखाओ
वोँ अब मेरेपेर जादाउठा केँ स्डैल पहनाने लगा जिससे मेरी चूत कि पुत्तिया खुल गई वोँ मदहोश सां होनेलगा अचानक उसने मेरेपेर पजामे केँ ऊपर जाघो केँ बीचरख दिया औऱ झड़ने लगा उसके मोटे लम्बे लन्ड कां एहसास सें मेरी चूत नें भि पानीछोड दियाजब उसनेपेर हटाया तौ उसका पजामा भीग चुका थां तोँ वही उसके वीर्य कां गीलापन मेरे तलवो कों भि भीग चुका थां मेरे तलवो पऱ लगा चिपचिपा प्रदार्थ अजीब सां लगा तौ मैने तलवो कों वही कालीन पर्र रगड़साफ किया
प्रवीण होता हैं भइयाइस कम उम्र मे जब हसीन अप्सरा सि सामने बैठी होँ जाओ पजामा बदललो
वोँ उठ गय़ा बगल वालेरूम मे चला गय़ा
प्रवीण देखा तुम्हारा खूबसूरती कितना कातिल हैं बेचारा बैठे बैठेझड गय़ा
कोमलछी ये तुम्हारी हि करतूत हैं यदि पैंटी नाँ निकालते तौ आजमै सबके सामने नंगी नां होती
प्रवीण तौ तुम्हारा क्याँ बिगड़ गय़ा क्याँ तुम्हे अच्छा नहींलगा देखों तुम्हारी चूत नें केसे पानी छोडा हैं बेचारे कि कुर्सी वाला कपड़ा केसेभीग गय़ा हैं औऱ तुम्हारे ड्रेस भि
कोमलमगर गैर मर्द केँ सामने
प्रवीण कौनगैर मर्दगैर मर्द मेरे अलावा सभीगैर मर्द हैं तौ नारी क्याँ एक् खुटे मे बंधेरहे क्याँ पुरुषो कि तरह उसका जिंदगी नहीं हैं क्याँ दो बीत्ते अंग सें किसी नारी केँ चरित्रवान कि परिभाषा गढी जायेगी, क्याँ तुम् किसी दूसरे केँ चुदने सें चरित्रवान नहीं रहोगी याँ मेरी पत्नि नहीं रहोगी तुम् मेरी पत्नि तब भि रहोगी, थूकता हूं उस समाज पर्र जौ नारी केँ दो बीत्ते अंग सें उसके चरित्रवान होने कां अनुमान लगाता हैं
कोमलसच मेरा पति कितना विचारवान हैं वोँ दोनों पहलू कों भली भाँती तोलता हैं
प्रवीण कोमल शादी कमजोर मर्दो केँ लिएबना हैं क्योकि हर महिला कि ख़्वाहिश मोटे लंबे लंडो सें चुदने कि होती हैं कमजोर मर्द हमेशा सैक्स केँ लिए तरसता रहेतभी समाज नें ये नियम बनाया जिससे कमजोर मर्द भि इस संसार मे रह पायेतभी इसे पुरुष प्रधान समाजकहा गय़ा, औरत समाज कों इसने हमेशा दबाया जिससे वोँ कभीखुल कर नाँ जी पाये, जिस दिन समाज महिला प्रधान हौ गय़ा आधे मर्द मात्र अपना लन्ड पकड़े मुठ्ठ मारेंगे
कोमल हायेजी मै आपकीये बडीबडी बात नहीं समझती मुझे पेशाब लगी हैं जोरो कि
तभी वोँ लड़का आँ गय़ा इस टाइम वोँ तहमद औऱ बनियान मे थां
प्रवीण अरे आँ गयेचलो सहीरहा तुम् आँ गये
दूधवाला और मेरी पत्नी - दूधवाला - Aage kya hua? Next part padhiye
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