ऐसा भी होता है complete - दोस्ती - Latest Update 1
ऐसा भि होता हैं
"कमऑन, व्हेर ईज़माइ किस?"
सपना कों मे पिच्छले 3 साल सें जानता थां। 12त स्टॅंडर्ड मे वोँ औऱ मे एक् हि क्लास मे थें जिसके बाद हम् दोनो नें अलगअलग कॉलेजस जाय्न कर लिया थें। क्लास मे एक् बार उसने मुझसे शर्त लगाई थि जिसके हारने पर्र उसने मुझेकिस करना थां। किस वालीबात मैने मज़ाक मे कही थि औऱ मुझेपता थां केँ वोँ मुझेकिस नहीं करेगी इसलिये जब वोँ शर्तहार गई, तोँ मैनेउसे छेड़ना शुरुआत कर दिया केँ आइआम स्टिल वेटिंग फॉरमाइ किस.
इस बात कों 3 साल गुज़र चुके थें। हम् दोनो केँ कॉलेज बदलगये औऱ मिलना जुलना बहोत कम होँ गय़ा। कुच्छ दिन पहले उसने मुझे मोबाइल किया थां केँ वोँ औऱ उसकी फॅमिली एक् दूसरे शहर मे शिफ्ट हौ रहे हें औऱ वोँ मेरेसंग कुच्छ समय गुज़ारना चाहती हैं। हम् दोनोशहर केँ एक् बड़े सें पार्क मे बैठे थें.
दिन केँ कोई 12 बजरहे थें औऱ उस वक्त पार्क मे कोई नहीं थां। हम् दोनो एक् कोने मे कुच्छ पेड़ों कि आड़ मे बैठे थें.
मे हमेशा सें जानता थां औऱ उसने मुझे स्वयं भि बताया थां केँ उसे मुझपर विद्यालय प्रेम थां पर्र कभीकह नहींसकी। उसकेबाद कॉलेज मे उसका किसी औऱ लड़के सें चक्कर चल निकला थां जिससे फिलहाल कुच्छ दिन पहले हि उसका ब्रेक अपहुआ थां.
आने सें पहले उसने मुझे मोबाइल पऱ बताया थां केँ अगले हफ्ते वोँ दूसरे शहर शिफ्ट कर लेगी इसलिये बहोत मुमकिन हैं केँ शायदयह हमारी आखरी मुलाक़ात हौ। हस्ते हुए उसनेयह भि कहा थां केँ शायदआज मुझे मेराकिस भि मिलजाए पऱ फिन हम् दोनो हि उसबात पर्र हस पड़े थें.
विद्यालय केँ दिनो मे हम् दोनो बहोत क्लोज़ फ्रेंड्स हुआ करते थें इसलिये पार्क मे मे आहिस्ता नीचेघास पऱ लेटाहुआ थां औऱ सर कों उसकी टाँग पऱ रखा थां। वोँ मेरे बालों मे हाथ फिरारही थि औऱ हम् गुज़रे दिनो औऱ अपनी दोस्ती केँ किस्से एक् दूसरे सें डिसकस कररहे थें.
नीचे लेटेहुए मुँह पर्र पेड़ केँ पत्तो केँ बीच सें धूप पड़ने लगी तोँ मे उठकरबैठ गय़ा.
"क्याँ हुआ" मुझे उठतादेख वोँ बोलीं "लेटेरहो"
"धूपपड़ रही हैं मुँह पर्र" मैनेकहा औऱ पेड़ सें टेकलगा करबैठ गय़ा। औऱ फिन मुझे जाने क्याँ सूझी केँ मैने उसकाहाथ पकड़कर अपनीतरफ खींचा औऱ उसे अपनी टाँगो केँ बीचकर लिया.
3 साल पहले हम् दोनो हि एक् दूसरे कों बेहद मनपसंद करते थें औऱ दोनो केँ दिल मे दोस्ती केँ अलावा औऱ भि कई बातें थि जौ कभी सामने आँ नहींपाई थि। यह शायद उसकी कां नतीजा थां केँ जब मैनेउसे यूँ अपने लगभग खींचा तौ वोँ भि चुपचाप सिमटकर मेरी बाहों मे आँ गई, औऱ मेरी टाँगो केँ बीच अपनीकमर
मेरी छाती पऱ टीकाकर आहिस्ता बैठ गयीँ,.
कुच्छ लम्हा तक हम् दोनोयूँ हि खामोश बैठेरहे। उस एक् लम्हा मे यूँ लगभग होकरबैठ नें सें हमने पहलीबार दोस्ती सें आगेकदम उठाया थां इसलिये शायद झिझकरहे थें केँ अब क्याँ कहें?
औऱ फिन उसने वोँ किया जिसकी मुझे बिल्कुल भि उम्मीद नहीं थि। आगे बढ़कर उसने मेरागाल चूम लिया औऱ धीरे-धीरे सें मेरेकान मे बोलीं
"आइलवयू"
मे एक् समय केँ लिए उसकीइस हरकत पऱ चौंक सां पड़ा। वोँ ऐसा करेगी इसका मुझेदूर दूर तक कोई अंदेशा नहीं थां। मैने गर्दन घूमकर उसकी आँखों मे आँखें डालकर देखा औऱ आगे बढ़कर अपने होंठ उसके होंठो पऱ रखदिए.
वोँ एक् छ्होटा सां किस थां। हमारे होंठआपस मे मिले औऱ कुच्छ समयसंग रहकरअलग हौ गये.
पर्र जैसेउस एक् किस नें चिंगारी कां काम किया। कुच्छ लम्हा बाद हि हमारे होंठफिन आपस मे मिले औऱ इसबार जैसे एक् दूसरे सें चिपककर रहगये। मे उसके दोनो होंठों कों अपने होंठों मे पकड़कर चूसरहा थां औऱ वोँ भि मेरा बराबर कां संग देतेहुए पलटकर मेरे होंठ चूसने लगी.
"ओह साहिल !!!!"
ऐसा भी होता है complete - दोस्ती – New Episode
मेरे होंठ थोड़ी देरबाद उसके होंठों सें हटे औऱ फिन उसकेगाल औऱ गर्दन कों चूमने लगे। उसकाहाथ मेरे बालों पऱ आँ गय़ा औऱ समयभर कों भि उसने मुझे रोकने कि कोशिश नहीं कि। मे बारी बारी सें कभी उसकी गर्दन, कभीगाल औऱ कभी होंठों कों चूमता रहा.
"साहिल कोईदेख लेगा" कुच्छ लम्हा बाद वोँ बोलि
"कोई नहीं देखेगा। हम् पेड़ कि आड़ मे हें औऱ इस वक्तयहा कोई हैं भि नहीं" कहतेहुए मैने अपना चूमने कां काम जारीरखा.
थोड़ी देर केँ लिए वोँ फिन मेरासंग देनेलगी.
"साहिल हटो। मेरा पूरा मुँह गीलाकर दिया तुमने"
"थोडा आयेजबढ़ जाऊं?"जवाब मैने पुछा
"क्याँ?" उसको शायद मेरीबात समझ नहींआई पऱ मैने जवाब कां इंतेज़ार किए बिना अपना एक् हाथ उसकी एक् छाती पऱ रख दिया.
"ओह साहिल" उसने मेरे शरीर कों अपने हाथों मे ऐसे जाकड़ लिया जैसे करेंट कां झटकालगा गो "मे जानती थि तुम् यही करोगे। तुम् सभी एक् जैसे होते हौ"
पऱ उसनेउस वक्त मेराहाथ हटाने कि कोई कोशिश नहीं कि। मे धीरे-धीरे धीरे-धीरे उसके होंठ चूमता हुआ अपनेहाथ सें उसकी चूचिया कमीज़ केँ उपेर सें हि सहलाने लगा.
"बस अबहटो" उसने मेराहाथ थोड़ी देरबाद अपनी छाती सें हटा दिया.
पऱ मेरे अंदर वासना कां तूफान जैसेजाग उठा थां। मे थोड़ी देर केँ लिए तौ अलगहुआ पर्र कुच्छ समयबाद हि फिन उसके होंठ चूमने लगा औऱ इसबार बिना झिझके अपनाहाथ सीधा उसकी छाती पऱ रख दिया.
मेरेहाथ कों अपने सीने पऱ महसूस करते हि उसने एक् गहरी साँसली औऱ फ़ौरन हटा दिया.
मैने अगले हि समयफिन अपनाहाथ उसके सीने पर्र रख दिया औऱ वोँ फिनऐसे काँपी जैसे बिजली कां झटकालगा होँ। उसनेफिन मेराहाथ हटाया औऱ मैनेफिन उसकी एक् छाती पकड़ली.
"बसकरो साहिल। कोईदेख लेगा"
"कोई नहीं हैं। अकेले हें इससमय हम् यहा" मैनेकहा औऱ इसबार मे औऱ आगे बढ़ा.
मेराहाथ इसबार उसकेपेट पऱ आया औऱ उसकी कमीज़ केँ एक् छ्होर सें होताहुआ अंदर जाकर सीधा उसके नंगेपेट कों च्छू गय़ा.
"ओह्ह्ह्ह साहिल" मेराहाथ कों अपने नंगेबदन पर्र महसूस करते हि उसनेफिन एक् गहरी साँसली औऱ कमीज़ केँ उपेर सें मेरेहाथ कों पकड़ लिया, जैसे कोशिश कररही होँ केँ मेराहाथ उसकेबदन केँ किसी औऱ हिस्से कों नाँ च्छुने पाए.
"हाथ हटाओ" मैने उससे मेराहाथ छ्चोड़ने कों कहा.
"सूट बहोत टाइट हैं साहिल"
"हाथ हटाओ नाँ प्लीज़"
"कमीज़ बहोत टाइट हैं मेरी"
"हाथ हटाओ सपना"
औऱ उसने अपनाहाथ हटा लिया औऱ मेराहाथ उसकी कमीज़ केँ अंदर उसकेबदन कों महसूस करने केँ लिए आज़ाद होँ गय़ा.
उसके चिकने पेट औऱ पीठ पर्र फिसलता हुआ मेराहाथ सीधा ब्रा केँ उपेर सें उसकी एक् मम्मों पऱ आँ टीका.
उसकी चूचियाँ नाँ तोँ बहोत बड़ी थि औऱ नां हि बहोत छ्होटी। जिसतरह सें उसकी एक् मम्मों पूरी मेरी एक् मुट्ठी मे समा गयीँ,, उससे मैने उसके ब्रा कां साइज़ 32 होने कां अंदाज़ा लगाया.
"साहिल क्याँ कररहे होँ तुम्" उसने ठंडीअहह भरी पर्र मुझे रोकने याँ मेराहाथ हटाने कि कोई कोशिश नहीं कि.
कभी मे कमीज़ केँ अंदरहाथ डाले ब्रा केँ उपेर सें उसकी चूचियाँ सहलाता, कभी उसकेपेट पर्र हाथ फिराता तोँ कभीहाथ थोडा अंदर करके उसके नंगीपीठ कों छुता.
क्रमशः।
ऐसा भी होता है complete - दोस्ती – New Episode
aesa bi hotha h
"Come on, where iss my kiss?"
sapnaa ko mein pichhle 3 साल सें jaanta thaa। 12th standard मे vo औऱ mein एक् hi class मे the jiske बाद ham dono ne alag alag colleges join krr लिया the। Class मे एक् baar usne mujhse shart lagayi thi jiske haarne पर्र usne muze kiss krna thaa। Kiss wali बात mene mazak मे kahin thi औऱ muze ptaa thaa केँ vo muze kiss नहि karegi इसलिये जब vo shart haar gai तोँ mene use chhedna shuru krr दिया केँ i am still waiting for my kiss.
iss बात ko 3 साल guzar chuke the। Ham dono केँ kaalej badal gaye औऱ milna julna बहोत कम hu गय़ा। Kuchh दिन pahle usne muze phone किया thaa केँ vo औऱ उसकी family एक् dusre shehar मे shift hu rahe haen औऱ vo मेरे saath kuchh time guzarna chahti h। Ham dono Shehar केँ एक् bade सें park मे bethe the.
Din केँ कोई 12 baj rahe the औऱ us time park मे कोई नहि thaa। Ham dono एक् kone मे kuchh pedon कि aad मे bethe the.
mein hammesha सें janta thaa औऱ usne muze khud bi bataya thaa केँ use mujhpar school मे crush thaa पऱ कभी keh नहि saki। Uske बाद kaalej मे उसका kisi औऱ ladke सें chakkar chl nikla thaa गय़ा jisse filhal kuchh दिन pahle hi उसका break up हुआ thaa.
Aane सें pahle usne muze phone पर्र bataya thaa केँ agle haft vo dusre shehar shift krr legi इसलिये बहोत mumkin h केँ sayad yeh hamaari aakri mulaqat hu। Haste hue usne yeh bi कहा thaa केँ sayad आज muze मेरा kiss bi mil jaaye पऱ फिन ham dono hi us बात पर्र has pade the.
School केँ dino मे ham dono बहोत close dosto हुआ karte the इसलिये park मे mein aaram सें neeche ghaas पऱ leta हुआ thaa औऱ sar ko उसकी taang पऱ rakkha thaa। Vo मेरे baalon मे हाथ phira rahi thi औऱ ham guzre dino औऱ apni dosti केँ khisse एक् dusre सें discuss krr rahe the.
Neeche lete hue munh पर्र ped केँ patto केँ beech सें dhoop padne lagi तौ mein uthkar beth गय़ा.
"Kya हुआ" muze uthta dekh vo boli "Lete raho"
"Dhoop pad rahi h munh पर्र" mene कहा औऱ ped सें tek laga krr beth गय़ा। or फिन muze jaane क्याँ soojhi केँ mene उसकाहाथ pakad krr apni tarf khincha औऱ use apni taango केँ beech krr लिया.
3 साल pahle ham dono hi एक् dusre ko behad पसन्द karte the औऱ dono केँ dill ❤️ मे dosti केँ alawa औऱ bi कई baaten thi joo कभी saamne aa नहि paayi thi। yeh sayad उसकी kaa nateeja thaa केँ जब mene use yun apne kareeb khincha तौ vo bi khamosh chap simat krr मेरी baahon मे aa gai औऱ मेरी taango केँ beech apni kamar
मेरी chhati पर्र tika krr aaram सें beth gai.
Kuchh pal tak ham dono yun hi chup bethe rahe। Us एक् pal मे yun kareeb hokar bethne सें hamne pehli baar dosti सें aage kadam uthaya thaa इसलिये sayad jhijhak rahe the केँ अब क्याँ kahen?
or फिन usne vo किया jiski muze bilkul bi ummeed नहि thi। Aage badhkar usne मेरा gaal choom लिया औऱ dheere सें मेरे kaan मे boli
"I love you"
mein एक् pal केँ liye उसकी iss harkat पऱ chaunk sa pada। Vo aesa karegi iska muze दूरदूर tak कोई andesha नहि thaa। mene gardan ghumakar उसकी naino मे aankh dalkar देखा औऱ aage badhkar apne honth उसके hontho पऱ रख diye.
Vo एक् छोटा sa kiss thaa। humare honth aapas मे mile औऱ kuchh pal saath rehkar alag hu gaye.
pr जैसे us एक् kiss ne chingari kaa काम किया। Kuchh pal बाद hi humare honth फिन aapas मे mile औऱ iss baar जैसे एक् dusre सें chipak krr rha gaye। mein उसके dono honthon ko apne honthon मे pakad krr choos raha thaa औऱ vo bi मेरा barabar kaa saath dete hue palatkar मेरे honth choosne lagi.
"Oh Saahil !!!!"
Mere honth thodi der बाद उसके honthon सें hate औऱ फिन उसके gaal औऱ gardan ko choomne lage। uskah हाथ मेरे baalon पर्र aa गय़ा औऱ pal bhar ko bi usne muze rokne कि koshish नहि कि। mein baari baari सें कभी उसकी gardan, कभी gaal औऱ कभी honthon ko choomta raha.
"Saahil कोई dekh lega" Kuchh pal बाद vo boli
"koy नहि dekhega। Ham ped कि aad मे haen औऱ iss time यहाकोई h bi नहि" Kehte hue mene अपना choomne kaa काम jaari rakkha.
Thodi der केँ liye vo फिन मेरा saath dene lagi.
"Saahil hato। maira pura munh geela krr दिया tumne"
"thora aage badh jaoon?"Jawab मे aine puchha
"Kya?" Usko sayad मेरीबात samajh नहि aayi पऱ mene jawab kaa intezaar kiye bina अपना एक् हाथ उसकी एक् chhati पर्र रख दिया.
"Oh Saahil" Usne मेरे jism ko apne haathon मे ayese jakad लिया जैसे current kaa jhatka laga go "mein jaanti thi tm yahi karoge। tm sab एक् जैसे hote hu"
pr usne us time मेराहाथ hatane कि कोई koshish नहि कि। mein dheere dheere उसके honth choomta हुआ apne हाथ सें उसकी chhatiyan kameez केँ uper सें hi sehlane laga.
"bus अब hato" Usne मेराहाथ thodi der बाद apni chhati सें hata दिया.
pr मेरे andar vasna kaa toofan जैसे jaag utha thaa। mein thodi der केँ liye तोँ alag हुआ पऱ kuchh pal बाद hi फिन उसके honth choomne laga औऱ iss baar bina jhijhke अपनाहाथ sidha उसकी chhati पर्र रख दिया.
Mere हाथ ko apne seene पर्र ehsaas karte hi usne एक् gehri saans li औऱ fauran hata दिया.
mene agle hi pal फिन अपनाहाथ उसके seene पर्र रख दिया औऱ vo फिन ayese kaanpi जैसे chamak kaa jhatka laga hu। Usne फिन मेराहाथ hataya औऱ mene फिन उसकी एक् chhati pakad li.
"bus karo Saahil। koy dekh lega"
"koy नहि h। Akele haen iss time ham यहा" mene कहा औऱ iss baar mein औऱ aage badha.
maira हाथ iss baar उसके pet पर्र आया औऱ उसकी kameez केँ एक् chhor सें hotha हुआ andar jakar sidha उसके nange pet ko chhu गय़ा.
"Ohhhh Saahil" maira हाथ ko apne nange jism पऱ ehsaas karte hi usne फिन एक् gehri saans li औऱ kameez केँ uper सें मेरेहाथ ko pakad लिया, जैसे koshish krr rahi hu केँ मेराहाथ उसके jism केँ kisi औऱ hisse ko na chhune paaye.
"Haath hatao" mene usse मेराहाथ chhodne ko कहा.
"Suit बहोत tight h Saahil"
"Haath hatao na please"
"Kameez बहोत tight h मेरी"
"Haath hatao sapnaa"
or usne अपनाहाथ hata लिया औऱ मेराहाथ उसकी kameez केँ andar उसके jism ko ehsaas karne केँ liye aazad hu गय़ा.
Uske chikne pet औऱ peeth पर्र phisalta हुआ मेराहाथ sidha bra केँ uper सें उसकी एक् chhati पर्र aa tika.
Uski chhatiyan na तोँ बहोत badi thi औऱ na hi बहोत choti। Jis prakaar सें उसकी एक् chhati poori मेरी एक् mutthi मे sama gai, usse mene उसके bra kaa size 32 hone kaa anumaan lagaya.
"Saahil क्याँ krr rahe hu tm" Usne thandi aah bhari पऱ muze rokne ya मेराहाथ hatane कि कोई koshish नहि कि.
Kabhi mein kameez केँ andar हाथ daale bra केँ uper सें उसकी chhatiyan sehlata, कभी उसके pet पऱ हाथ phirata तोँ कभीहाथ थोडा andar karke उसके nangi peeth ko chhuta.
kramashah.
ऐसा भी होता है complete - दोस्ती - Next part miss mat karna
Relavant source : click here