मेरा चोदू परिवार complete - Hindi Adult Kahani - Real Kahani Part 1
Raj-Sharma-kahaniyan
मेरा चोदू परिवार
हेल्लो दोस्तों मे यानी आपकायार राज शर्मा एक् औऱ नई स्टोरी लेकर हाजिर हूं यहकथा मेरी पत्नि निधि कि ज़ुबानी.
मेरानाम निधि हैं। औऱ ये मेरे परिवार कि कथा हैं। मेरी ससुराल कि। मेरी विवाह कों ६ महीने होँ गए हैं अब। मेरे परिवार मे मेरे सासू, ससुरजी, देवर जी औऱ उसकी पत्नि औऱ ननदी औऱ उसका पति हें। मेरी ननदी औऱ ओका पति हमारे हि संग रहना मनपसंद करते हैं, औऱ क्यूं ये आपको जल्दपता चल जाएगा।
मे कथा कि शुरुआत अपनी विवाह कि पहलीरात सें करती हूं। सभी गाजे बाजों केँ बाद मेरी डोलीघऱ आई। मे अपनेरूम मे बैठी अपने पति राज कां इंतजार कररही थि। राज एक् बहोत हि हसीन नौजवान हैं। तक़रीबन ६ फ़ुट हाइट औऱ बलिष्ठ बदन हैं उसका। रंग गोरा औऱ घुंगराले बाल। मे तोँ पहली नज़र मे हि प्रेम करनेलगी थि राज सें।
मैंने लालरंग कि लहंगा चोली पहनी हुई थि औऱ बेद पऱ बैठराज कां इंतजार कररही थि। तभी द्वार (दरवाज़ा) हलके सें खुला औऱ राज विवाह कि शेरवानी मे अन्दर आँ गय़ा।
- हेल्लो निधि, कैसी होँ.
- हेल्लो राज। ठीक हूं। नईनई विवाह शुदा दुल्हन हूं तोँ शर्मा कर बैठी हूं।
- हाहाहा। वोह मे भि देखरहा हूं।
- राज। सुहागरात पर्र क्याँ होता हैं। मैंने कभी सुहागरात नहि मनाई।
- अच्छा जी, तोँ जोँ हम् अब तक कररहे थें वोह क्याँ थां।
- वोह तौ हम् वैसे हि चुदाई कर केँ देखरहे थें केँ हम् केसे हैं। वैसेराज तेरा लॅंड बड़ा हि मस्त हैं। तुझसे चुदने केँ बाद हि मैंने फ़ैसला किया केँ तुझसे विवाह करुँगी।
- तूँ भि बहोत मस्त बंदी हैं निधि। तेरी जैसी चुद्दकद लड़की मैंने कभी नहि चोदी।
- औऱ अब तौ हम् विवाह शुदा मियां पत्नि हैं। कोईरोक टोक नहि हमारी चुदाई मे।
अबराज मेरेबगल मे हि बैठा थां। उसने अपनी शेरवानी उतर दि थि औऱ उसका मज़बूत जिस्म मेरे सामने थां। मेरेपास बैठकर उसने मुझे बाँहों मे भरलिए औऱ मेरामुह चूम लिया। धीरे-धीरे सें उसने अपनीजीभ मेरेमुह केँ अन्दर डाल दि औऱ चारो तरफ़ फिराने लगा। उसकेहाथ मेरे बूब्स कों चोली केँ ऊपर सें हि सहलारहे थें। मेराहाथ भि राज कि छाती सें होताहुआ उसके पजामे केँ ऊपर आँ गय़ा औऱ उसके लन्ड कों मे सहलाने लगी। राज कां लन्ड एकदम तन्नाया हुआ खड़ा थां। मैंने उसके पजामे कां नाडाखोल दिया औऱ राज नें अपनी गांडऊपर उठाई तौ मैंने पजामा निचे सरका दिया। राज भि अब तक मेरी चोली उतार चुका थां औऱ ब्रा केँ हुकखोल दिए थें। मैंने भि अब उसका अंडरवियर उतारकर लन्ड अपनेहाथ मे लेकर मसलने लगी। औऱ राज मेरी ब्रा उतारने केँ बाद मेरे बूब्स कों सहलाने लगा।
- हाईराज। क्याँ मस्त लन्ड खड़ा हैं तेरा। क्याँ मैंने इसे खड़ा किया हैं।
- औऱ क्याँ मेरी रानी, तेरी जवानी देखकर हि तौ ये खड़ा हौ गय़ा हैं। तेरे बूब्स कां तोँ मे दीवाना हूं निधि। क्याँ मस्त बड़ेमदे औऱ मुलायम बूब्स हैं तेरे। ला पहले इनको चूसने दे।
औऱ राज एक् हाथ सें मेरे बूब्स सहलाने लगा औऱ अपनामुह सें मेरे निप्प्लेस चूसने लगा। दूसरा हाथ सें उसने मेरी सलवार खोलकर उतार दि औऱ मेरी बुर कों पैंटी केँ ऊपर सें सहलाने लगा। मेरी बुर बुरीतरह गीली हौ चुकी थि। राज कां हाथ धीरे-धीरे सें मेरी पैंटी केँ अंदर गय़ा औऱ मेरी बुर मे ऊँगली करनेलगा। मे अभि भि उसके लौडे कों सहलारही थि। राज नें मेरी पैंटी निचे खिसका दि औऱ उसकाहाथ अब मेरी बुर कों तेजी सें सहलारहा थां। मे औऱ राजअब दोनों हि पूरीतरह नंगे थें। राज कां ७इंच कां लौदामेर हाथ मे उचलरहा थां औऱ मेरामन उसकोमुह मे लेने कां हौ रहा थां।
- राज मुझे तेरा लौदा चुसना हैं। इतना बड़ा लौदा लेकर मेरामुह मस्त हौ जाएगा।
- तौ लेँ नं रानी, तुझेही कबमन हैं। येअब तेरा हि तौ लौदा हैं। रुक मे तेरी बुर चुसुंगा औऱ तूँ मेरा लौदाचूस। हम् दोनों ६९ पोसिशन मे आँ जातें हें।
औऱ राज उल्टा होकर मेरी बुर चाटने लगा औऱ अपना लौदा मेरेमुह मे दे दिया। उसका गुलाबी लन्ड मेरेमुह केँ अन्दर बहार होनेलगा। राज अपनीजीभ सें मेरी बुर चाटने लगा। अपनी उँगलियों सें उसने मेरी बुर कां द्वार (दरवाज़ा) खोला औऱ अपनी पुरीजीभ मेरी गीली बुर केँ अन्दर दालकर चूसने लगा। मे भि राज कां पुरा लौदा अपनेमुह मे डालकर चूसरही थि। बीचबीच मे लन्ड कों निकाल मे उसके तत्ते चाटने लगती। राज नें अपने लन्ड सें बाल एकदम साफ़किए हुए थें। औऱ मेरी भि बुर एकदम चिकनी थि जिस पर्र एक् भि बाल नहि थां।
मेरा चोदू परिवार complete - Hindi Adult Kahani – New Episode
- हईईराज चोद मेरी बुर अपनेजीभ सें। देख कितनी गीली हैं।
- हाँ निधि पहले इसकोजीभ सें चोदुंगा औऱ फिन अपने मोटे लन्ड सें।
राज केँ लन्ड सें उसके वीर्य भि टपकने लगा थां जिसको मैंने चाट लिया।
- राज तेरा वीर्य बड़ा लजीज हैं। तुने पहलेकभी नहि चखाया।
- अब जितना चाहेगी उतना मिलेगा निधि। चिंता मतकर
अब राज नें मुझे पलंग पऱ लेटाया औऱ अपना लन्ड मेरी बुर केँ दरवाज़े पर्र रख दिया औऱ एक् हि झटके मे पुरा कां पुरा अन्दर डाल दिया।
- हाआआआआईईईईईईईइ मज़ा आँ गय़ा राज। ज़ोर सें चोद मुझे। अपनी रंडी पत्नि कों चोद ज़ोर ज़ोर सें।
- आआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह निधि तेरी बुर अभि भि टाइट हैं रानीमेरा लन्ड भि मस्त होँ गय़ा तेरी बुर पाकर।
अब राज ज़ोर ज़ोर सें धक्के लगाने लगा। मेरी बुर अबजमकर पानी छोड़रही थि। राज केँ भि धक्के अब तेज़ होतेजा रहे थें।
- आआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह निधि मेरा छुटने वाला हैं।
- राज अपनावीर्य मेरेमुह पर्र छोड़। मुझे तेरे वीर्य मे नहाना हैं। औऱ तेरा वीर्य पीना हैं। बहोत लजीज हैं तेरा वीर्य।
राज नें अपने धक्के औऱ तेज़कर दिए औऱ एक् झटके मे अपना लन्ड निकाल मेरेमुह कि तरहकर दिया। मैंने राज कां लन्ड अपनेमुह मे लें लिया औऱ अपने पानी सें भरा लन्ड चूसने लगी। औऱ जैसे हि लगा केँ वोहअब छुटने वाला हैं, उसका लन्ड हाथ मे लेकरमुठ मारने लगी। २ हि सेकंड मे राज केँ लन्ड नें पानी कि पिचकारी मेरेमुह पऱ डालनी सुरुकर दि। औऱ मेरा पुरामुह उसके वीर्य सें भर गय़ा। मैंने अपनेहाथ सें उसको पहले अपने चेहरे पर्र फैला दिया औऱ फ़िर ऊँगली सें अपनेमुह केँ अन्दर डालने लगी
- आनंद आँ गय़ा निधिऐसी चुदाई केँ बाद। तुँ मस्त रंडी हैं रानी।
- मे भि मस्त हौ गई तेरा लन्ड पाकरराज। मेरी बुर न् कभी भि इतना पानी नहि छोड़ा
राज मेरीबगल मे आकरलेट गय़ा औऱ मेरामुह चूमने लगा जिसपर अभि भि उसका वीर्य लगा थां। औऱ हलके सें मेरे बूब्स सहलाने लगा। मैंने उसका मुरझाया लन्ड अपनेहाथ मे सहलाने लगी।
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अभि हम् लेटे हि थें केँ हमारा द्वार (दरवाज़ा) खुला। औऱ मेरा देवर जी नीरज अपनी पत्नि मनीषा केँ संग अन्दर आँ गय़ा।
- वूऊऊव्व्व्व तोँ सुहागरात मनाई गई हैं। नीरज बोला जौ अपनी पत्नि केँ संग एकदम हि नंगा थां।
नीरज कां लन्ड मुरझाया हुआ थां अभि पर्र फिन भि राज केँ लन्ड केँ जैसे हि लंबा औऱ मोटालग रहा थां। मनीषा केँ बूब्स बड़े बड़े औऱ गोलगोल थें औऱ सबसे प्यारे उसके गुलाबी निप्पल थें जोँ एकदम खड़े थें।
राज मुझे अपने परिवार केँ बारे मे पहले हि बता चुका थां केँ यहासभी खुला हैं औऱ इसलिये मुझे हैरानी नहि हुइ। हम् आहिस्ता वैसे हि लेटेरहे, अभि भि राज मेरे बूब्स सहलारहा थां औऱ उसका लन्ड मेरेहाथ मे थां।
- आओ नीरज भैय्या, आपके बिना सुहागरात केसे पुरी हौ सकती हैं। आओ मनीषा तुम् भि। वोँ नीरज भैय्या, मे आपको पहलीबार नंगादेख रही हूं औऱ आप् भि अपने भइया सें कम नहि हौ। औऱ मनीषा कि जवानी भि मस्तलग रही हैं।
- भाभी मनीषा भि आपकेसंग सुहागरात कां आनंद लेना चाहती थि तोँ हम् यहींचले आए। नीरज बोला।
- अरे आँ नं नीरज, हमें भि औऱ आनंद आएगा। मे अभि हि तेरी भाभी कों चोदकर हटा हूं।
नीरज मेरेबगल मे आकरलेट गय़ा औऱ मेरामुह चूमने लगा। मनीषा राज कि टांगो केँ बिचबैठ गई औऱ उसका लन्ड अपनेमुह मे लें लिया औऱ चूसने लगी।
मेरा चोदू परिवार complete - Hindi Adult Kahani – New Episode
- भाभी, राज नें अपना वीर्य तेरेमुह पर्र डाला थां। अभि तक उसके वीर्य कां स्वाद हैं तेरे चेहरे पऱ। नीरज बोला
- हाँ भैय्या, मुझेराज कां वीर्य अपने चेहरे पऱ बहोत अच्छा लगता हैं। तुँ भि अपना वीर्य मेरेऊपर हि डालना।
- हाँ भाभी, मुझे भि वीर्य अपनेऊपर मनपसंद आता हैं। मनीषा बोलीं औऱ राज कां लन्ड फ़िर चूसने लगी।
- देखा भाभी मनीषा बिल्कुल भि समय ख़राब नहि करती। आते हि अपनेकाम पे लग गई हैं। नीरज बोला
मनीषा अपनासर अब ज़ोर सें ऊपर नीचेकर राज कां लन्ड चूसरही थि। राज कां लन्ड फ़िर खड़ा होँ चुका थां औऱ वोह मनीषा केँ बूब्स ज़ोर ज़ोर सें मसलरहा थां। मे भि नीरज कां लन्ड हाथ मे लेकर उसकोऊपर निचे करनेलगी।
- नीरज अपने लन्ड मेरेमुह मे डाल नं। मुझे तेरा लन्ड चुसना हैं। देखूं तौ तेरे लन्ड कां कैसा स्वाद हैं।
नीरजउठ कर मेरे बूब्स पर्र बैठ गय़ा औऱ अपना लन्ड मेरेमुह मे डाल दिया। मे भि अपनासर आगे पीछेकर उसके लन्ड कों चूसने लगी।
- औऱ राज कैसीलगी हमारी भाभी तुम्हे। मनीषा सें अधिक चुड़क्कड़ हैं याँ कम। नीरज नें राज सें पूछा
- नीरज तुम्हें अभि पताचल जाएगा दोस्त। निधि मनीषा सें कम नहि हैं। राज नें जवाब दिया
- हाँ औऱ निधि केँ बूब्स भि बहोत प्यारे हैं। मे तौ इनको भि चोदुंगा। नीरज बोला
- जौ चाहेकर दोस्त। तेरी भाभी मस्त रांड हैं। इसको चुदाई दिनरात पसन्द हैं। जैसे चाहे वैसेचोद इस रंडी कों।
- राज भैय्या क्याँ मे कम रंडी हूं। मनीषा बोलि। क्याँ मैंने आपकोकभी कमीआने दि हैं। मेरी बुर तोँ हमेशा सबकेलिए सजधजकर रहती हैं। अभि अभि जीजू नें भि चोदा हैं औऱ अबवोह दिदी कों चोदरहे हैं.
- अरे नहि मनीषा रानी। तुँ भि मेरी प्यारी रांड हैं। बस बिधि अभि नईनई हैं। राज बोला
- मे मजाककर रही थि राज। औऱ आप् सीरियस हौ गए.
मनीषा नें राज कां लन्ड सें मुहउठा कर मेरी बुर मे अपनीजीभ डाल दि.
- वाउ निधि बहोत गीली बुर हैं तेरी। अभि तक राज कां पानीभरा हैं इसमे। मज़ा आगया
मैंने नीरज कां लन्ड मुह सें निकाल राज कों बोला.
- राज तुँ अब अपना लन्ड मेरेमुह मे डाल औऱ नीरज तुँ मेरी बुर चोद मे भि तोँ देखूं मेरे देवर जी कां लन्ड कैसा हैं। औऱ मनीषा तुँ इधर आँ मेरेपास औऱ मुझे तेरे बूब्स सें खेलना हैं। वो रानी क्याँ बूब्स हें तेरे रांड। तभी तुने सबको दीवाना बनारखा हैं।
- नहि भाभी सिर्फ़ बूब्स हि नहि मेरे तोँ सारे छेदों नें पुरेघऱ कों दीवाना बना दिया हैं। तुँ देख्ना यहासभी केसे सबका ख्याल रखते हें। तेरी बुर कभी भि खली नहि रहेगी। मनीषा बोलीं।
क्रमशः.
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