बहेनो की प्रवेश द्वार को छोटे भाई ने खोला - bhai bahan ki chudai - Latest Update 1
एपसोड 1
बहेनो की प्रवेश द्वार को छोटे भाई ने खोला - bhai bahan ki chudai – New Episode
भाग 2
बहेनो की प्रवेश द्वार को छोटे भाई ने खोला - bhai bahan ki chudai – New Episode
एपसोड - 3
जबमै भाभी केँ कमरे केँ पास बिना आवाज़ किये पहुंच कर उनके कमरे मे देखा तौ मेरा लण्डखड़ा हौ कर सलामी देनेलगा औऱ दिदी भि मेरेआगे झुककर देखरही थि अंदर भैया भाभीबेड पऱ लेटे थें भाभी भैया कां लण्डहाथ मे लें करआगे पीछेकर रही थि तोँ भैया नें भाभी सें कहा पूजा मेरीजान आजकुछ नया करने कां मनकररहा हैं तोँ भाभीसमझ गई भैया क्याँ चाहते हैं
भाभी-किस तरह कां मनकररहा हैं मेरे सैयाजी
भैया- कुछ भि अलग तरीके सें औऱ यहसभी हम् भइया बेहनसुन रहे थें मगर दिदी कों भि पता नहीं थां कि मै पीछेखड़ा हु|
भाभी- एक् तरीकिब हैं मगर उसकेलिए तुम्हे आँख पऱ पट्टी बधाना पड़ेगा औऱ शायद अभि तक केँ मजे मे सबसे आनंदआज आए
भैया- तौ देर क्यूं कररही हौ बांधो जल्द| तोँ भाभी नें एक् कपडे सें भैया केँ आँखों पर्र बांध दिया औऱ बेड सें उतरकर एक् नजर दरवाजे पर्र देखी औऱ हल्की मुस्कान देतेहुए बाथरूम मे चली गई जिससे कही नं कही दिदी लगा कि भाभी नें उन्हें देख लिया हैं औऱ जानबूझकर दरवाजा बंद नहीं किया हैं मगर दिदी गई नहींवही खड़ीरही क्यूं कि उन्हें मज़ाआने लगा थां उनकी बातेसुन कर औऱ मै भि नहीं हिला क्यूं कि मेरा भि वहीहाल थां चूकि भाभी केँ बेड सें उतर केँ पहले हि मै दिदी केँ शीध मे आँ गय़ा जिससे उनकीनजर मेरे पऱ पड़ी नहीं औऱ हम् अंदर देखने लगे
भैया - कितनी देर लगेगा जान पट्टी खोलदू क्याँ भाभी- अभि नहींबस 2मिनट मे आइ औऱ बाथरूम सें भाभीआई जिसेदेख मै अपनेमन मे सोचा भाभी नें दिदी केँ सूट क्यूं पहने हैं औऱ शायद दिदी भि यहीसोच रही होंगी
भैया- खोलदू
भाभी - नहीं सैयाजी औऱ आकर उनका लण्ड पऱ जीभ सें चाटने लगी औऱ चूसने लगी औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे ऊपर केँ तरफ जाकर आँखों सें पट्टी हटा दि भैया नें कपडे कों पहचान कर भाभी सें पूछा
भैया- यह पायल केँ कपड़े क्यूं पहनी हौ जानेमन मगरयह एकदम स्लिम आरहे हैं तुम्हारे मे
भाभी-जान आजयह समझोइस सूट मे तुम्हारी पूजा नहीं पायल हैं यहबात सुनकर जहा भैया औऱ मेरा लण्ड झटका खानेलगा वही दिदी कां हाथ आपने आप् चुत पर्र चला गय़ा तभी भैया भाभी कों दिखाने केँ लिए कहते हैं
भैया- यह क्याँ तरकीब हैं सारामूड ख़राबकर दिया
भाभी-यह नाटक किसी औऱ कों दिखाना मेरे सैयाजी मन नहीं होता तोँ यह लण्ड झटका नहीं मरता तुम् औऱ तुम्हारे भइया कों अच्छी तरह सें मै जानती हु केसे इसघर केँ औरतों देखते हौ औऱ विनोद उसको मौका मिला तोँ मां जी तक कों नां छोड़े |
भैया- विनोद अभि छोटा हैं वो यहसभी पऱ ध्यान नहीं देता
भाभी- छोटाआज सुभह हि मेरे औऱ पायल केँ मम्मों कों ऐसेदेख रहा थां कि खोलदू तौ मुँह मे लेले औऱ इसीबीच भाभी कां लण्ड कों हिलाना छोड़ उनके लण्ड पऱ बैठ गई औऱ हल्का हल्का हिलने लगी जिससे भैया गर्म होनेलगे
भैया- आँ आँ हा पूजाइसी तरह मज़ा आरहा हैं भाभी भि चालू थि उन्होंने हिलना बंदकर दिया तौ
भैया- रुक क्यूं गई जानेमन
भाभी-आज मै पायलहु जान नहीं (इतना कहते हि भैया कां लण्ड झटका मारा भाभी केँ होंठ पर्र मुस्कान फैल गई)
भैया- (गरम होने सें भाभी कों अपने नीचेला कर ) आज तुम् कों बताता हु चुदाई क्याँ होती हैं औऱ कपडे कों निकलकर उनकीचुत पऱ मुँहलगा करतबा तोड़ चाटने लगते हैं
भाभी-अहह भैया औऱ तेज चुसो अपने पायल कि चुतखा जाओ भैया अहहओह चुसो बेहन कि चूत खाजाओ
भैया- अबरहा नहीं जाताजान औऱ भइया थोड़ाऊपर आँ केँ भाभी केँ चूत पऱ अपना लण्डसेट कर एकाएक झटका दिया जिससे उनके चूत मे अंदर तक घुस गय़ा झटका इतनातेज थां कि भाभी कां चीख निकल गई
भाभी - बहनचोद साले बेहन केँ चूत मे ऐसे डालते हैं पूरा चूत फार दिया मदरचोद अहहओह चोद सालेअहह भैया चोदो अपनी बेहन कों यहसभी सुन औऱ देखकर दिदी कि हालत ख़राब हौ रही थि उनकाहाथ उनकी चूत कों रगड़े हि जारहा थां औऱ मेरा भि यहीहाल थां मेरेहाथ मे मेरा लण्डलगा तारचल रहा थां उसीजोश मे मेरा दूसरा हाथ एकाएक दिदी कि गांड कों सहलाने लगा पहले तौ उनको मज़ा आँ रहा थां क्यूं कि वो काफ़ीगरम हौ चुकी थि मगर एक् दो मिनटबाद उनको एहसास हुआ तोँ उन्होंने मेराहाथ पकड़कर पीछे मुड़ी तोँ उनकीनजर मेरे लण्ड पऱ पड़ी तौ कुछदेर केँ लिए देखते रह गई देख इसलिये रही थि क्योंकि मेरा लण्ड भैया केँ लण्ड सें बड़ा औऱ मोटा थां तोँ मै जल्द सें हाथ सें चुप होने कां औऱ सामने जोँ होरहा थां उसे देखने कां इशारा किया तोँ वो कुछ बोलि नहीं तोँ लण्ड कों उसीतरह छोड़ केँ दोनों हाथों सें धीरे-धीरे धीरे-धीरे घुमा दिया| जिससे कमरे मे हम् दोनों देखकर गरम होनेलगे उधर चुदाई पे चुदाई होँ रहा थां इधर हम् दोनों चुदाई सें गरम होने केँ कारण धीरे-धीरे सें मै एक् हाथ दिदी केँ गांड पर्र लें जाकर सहलाने लगाइस बार भि मेरेहाथ कों हटाने कि कोशिश कि मगरमै सहलाते रहा जिससे वो अपनाहाथ आगेकर ली औऱ अपने चूत कों सहलाने लगी इसका फायदा उठाकर मे उनका सलवार निचेकर दिया औऱ उनकी पैंटी मे हाथडाल कर उनके चूत कों सहलाने लगा तोँ उन्होंने नें मेरेहाथ कों पकड़ लियामगर जोर देने पर्र उनकेहाथ केँ संग सहलाने लगा जिससे उनकोमज़ा आनेलगा उसकेबाद मै उनका पैंटी नीचेकर केँ अपना लण्ड पीछे सें उनके चूत पऱ रखा तौ उनके मुँह सें अहह कि चीख निकल गई जिससे भाभी कि नजर हम् पर्र पड़ी तोँ वो हल्का मुस्कान केँ संग भैया सें औऱ तेज चुदने लगीयह देखमै भि दिदी केँ चूत पर्र अपना लण्ड एक् हाथ सें तेजी सें घिसने लगा औऱ एक् हाथ सें हल्का हल्का उनके मम्मों कों दबाने लगाजिस कारण दिदी कां चूत पानीछोड़ दिया औऱ 2मिनटबाद मेरा भि उनके चूत केँ ऊपर पानीछोड़ दियाइधर हम् लोग शांतहुए उधर भइया औऱ भाभी भि पानीछोड़ दिए पानी निकलने केँ बाद हम् अपने अपने कमरे मे चलेगए औऱ भैया भाभी भि सोगए |
रात नींद अच्छी आई इसलिये सुभह जल्दउठा औऱ नहाने केँ बाद कपडे पहनेलगा तोँ दिदी मुझे जागने आई तोँ मै सजधजकर होँ कर जूतापहन रहा थां दिदी आई
दिदी - नहा लिया
तोँ मेरीनजर उनसे टकराई तौ हम् दोनों कों रात वालासीन यादआया तोँ मैनजर झुका लिया औऱ वो शर्मा कर जानेलगी दरवाजे पे पहुंच कर वोँ बस इतना हि बोलीं
दिदी - नीचे आँ जा नास्ता कर लें सभी प्रतीक्षा कररहे हैं |
जबमै नास्ते करने नीचे गय़ा तोँ भाभी औऱ दिदी रोज कि तरह परोसरही थि
भाभी - क्यूं देवर जीजीआज कमखारहे होँ रात कों अधिकखा लिया थां क्याँ दिदी केँ हाथ कां याँ दूध ज़्यादा हौ गय़ा थां |
भाभी नें हस्ते हुएकहा जिससे मैकुछ बोल नहीं पाया औऱ जल्द -2 नास्ता कर कॉलेज केँ लिए निकल गय़ा औऱ दिदी भागकर रसोई मे चलीगइ औऱ मै कॉलेज केँ बहाने महेश केँ घऱ केँ तरफ निकल गया
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