प्यार की राह - Pyaar Ki Raah - Real Kahani Part 1
दोस्तो ये मेरी लाइफ कि फर्स्ट किस्सा हैं। जिसको मे बिना किसी प्लाट औऱ कैरेक्टर कों डिसाइड किये हि लिखने कां ट्राय कररहा हु। कथा केँ पात्र औऱ घटनाये सारे काल्पनिक होंगे जौ गुजरात औऱ राजस्थान बॉर्डर केँ एक् कस्बे सें शुरुआत होंगे।
एपसोड 1
(2022)
मोहन शर्मा एक् रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर हैं जौ 65 बसंतपार कर चुके हैं। उनकी पत्नि स्वर्गीय शांता देवी जौ 5 साल पहले ईश्वर कों प्यारी होँ चुकी हैं।
फ्लेशबैक:
मोहन शर्मा ब्राह्मण कुल मे 1955 मे जन्मे थें उनके पिता रमेश शर्मा अपने कस्बे प्रतापगढ़ केँ राजा केँ सलाहकार औऱ वैद्य थें। रमेश शर्मा अच्छा पहलवानी कां शोक भि रखते थें जिससे ये आदते अपने बेटे मोहन कों भि लगा चुके थें। मोहन शर्मा जी बचपन सें पहलवानी करने केँ संगसंग पढ़ने मे बहोत मेघावी थें जिस कारण वोँ अपने जिले केँ पहले कलेक्टर बने। उनकी विवाह बचपने मे हि कर दि गई, थि 1970 मे 15 साल कि उम्र मे विवाह औऱ 20 साल कि उम्र (1975)मे गोना हौ गय़ा। विवाह केँ वक्त स्वर्गीय शांता जी कि उम्र 13 साल औऱ गोने केँ वक्त उम्र 18 साल थि। जब शांता जीघऱ मे आयीतब तक मोहनजी अपनी ग्रेजुएशन कंप्लीट कर आईएएस कि तैयारी कररहे थें। शांता जी नें घऱ गृहस्ती सम्हाली औऱ संग मे ससुरजी जी सें आयुर्वेद कां ज्ञान भि लिया। शांता जी बहोत हि धार्मिक विचारों कों रखतेहुए पूजापाठ करने वालीऔरत थि। उनके 3 बच्चे हुए। 1977 मे पहले बेटे कुंदन केँ जन्म पऱ दोहरी खुशी सें शर्मा परिवार खिलउठा क्योकि इधर कुंदन कां जन्महुआ उधर मोहनजी आईएएस क्लीयर कर चुके थें औऱ उनकी पहली पोस्टिंग राजस्थान केँ उदयपुर मे SDM केँ पद पर्र हुईँ। पंडित रमेशजी नें इस दोहरी खुसी मे पूरे प्रतापगढ़ कस्बे कों भोज करवाया। मंदिर मे पूजापाठ करवाया। उनकीमरी हुईँ पत्नि कों यादकर दो आंसू भि बहाये कि घऱ कों वारिस मिल गय़ा बेटा अच्छी नोकरी पर्र लग गय़ा, सभी स्थान मात्र खुशहाली हैं सिवाए उनकी पत्नि केँ जौ बेटे कि विवाह केँ 3 सालबाद हि गुज़र गयीँ, थि। इकलौता बेटा भि पूराराम थां जौ पिता कि आज्ञा कों अपना धर्म समझता थां। मम्मी केँ गुजरने केँ 2 सालबाद गोना करवाकर शांता कों घऱ लाया गय़ा थां। दिन गुजरते रहे शांता देवी नें अपनेकोख सें 2 बच्चे औऱ पैदा किये दूसरी संतान (1979) केँ रूप मे मुकुंद पैदाहुआ जोँ कुंदन सें 2 साल छोटा थां औऱ 1981 मे 2 सालबाद तीसरी संतान एक् बेटी हुइ जीसका नाम साधना रखा गय़ा। जब मुकुंद पैदाहुआ तब पंडित मोहन शर्मा जी ADM बन चुके थें औऱ लास्ट जब साधना पैदा हुईँ तब मोहनजी कलेक्टर बन चुके थें। परिवार केँ मैन सरदार रमेशजी जब तक जियेतब तक बच्चे 16 साल14साल औऱ 12 साल केँ होँ चुके थें। रमेशजी केँ गुजरने पऱ पूरा प्रतापगढ़, वहा केँ mla भवानी सिंह जौ राजस्थान मे मंत्री हैं औऱ मोहनजी केँ अभिन्न साथी भि हैं औऱ राजघराने केँ लोग भि वहाआये औऱ इस महान आत्मा कि शांति केँ लिए आखरी यात्रा मे सम्मिलित भि हुए थें। एक् सिर्फ पुत्र मोहनजी जोँ कि राजस्थान केडर केँ आईएएस थें नें मुखाग्नि दि थि। अब तक शांता देवी नें रमेशजी सें सम्पूर्ण आयुर्वेद कां ज्ञान प्राप्त कर लिया थां। औऱ वोँ अपने तीनो बच्चों कों संस्कारो केँ संग जड़ीबूटियों कां सेवन भि करवाती जिससे उनका जिस्म मजबूत रहे। दोनो पोते कुंदन औऱ मुकुंद अपने दादा केँ संग छोटेपन सें हि अखाड़े मे जानेलग गए थें। अबजब रमेशजी गुज़रे तब तक कुंदन 16 कां होँ गय़ा थां जिसका जिस्म 6 फुट कां पहलवानो जैसा बनताजा रहा थां औऱ मुकुंद 14 साल कां थां जोँ टाइम केँ संग अपने भैया जैसा बनताजा रहा थां। टाइम गुज़रता रहा कुंदन जी स्टेट केँ मानेहुए पहलवान बनने केँ संगसंग अपनी सिविल सर्विसेज कि परीक्षा भि पासकर चुके औऱ उन्हें आइपीएस मे सलेक्ट किया गय़ा। मुकुंद अपना ग्रेजुएशन कंप्लीट कर प्राइवेट कंपनी मे अप्लाई कररहा थां। साधना अभि कॉलेज मे थि। दोनो भइया अपने पूरे एरिया मे बहोत फेमस थें कुंदन औऱ मुकुंद पहलवानी केँ संग फ्री स्टाइल फाइटिंग मे भि बहोत माहिर थें इसका कारणये थां कि कुंदन कों कराटे सीखने कां भि जुनून चढ़ा थां जिसको देखते देखते छोटा भइया मुकुंद भि बड़े भैया केँ नक्शे कदम पऱ पहलवानी केँ संगसंग कराटे मे भि एक्सपर्ट होताचला गय़ा। एक् बार कि घटना हैं साधना विद्यालय सें रोतेहुए घऱआई औऱ अपनी मां शांता देवी कों बताया कि विद्यालय जाते वक़्त कुछ आवारा लड़के डेलीउसे छेड़ते थें औऱ आज उनमे सें एक् नें उसका हाँथपकड़ लिया औऱ बत्तमीजी करनेलगा। वैसे तौ शांता जी शांत प्रकृति कि औरत थि पऱ औरतो केँ मान सम्मान केँ लिएकुछ भि कर गुजरने कां जज़्बा लिए रहती थि। वैसे हि उचे घराने कि बेटी औऱ बड़े उच्च घराने कि बहू थि तोँ ये केसेसहन कर लेती। उन्होंने अपने दोनों बेटों कों बुलाकर उन्हें आदेश दिया कि उन लफंगों कों बीच बाजार मे पिटकर हाँथपैर तोड़दो। तौ कुंदन औऱ मुकुंद अपनी बेहन कों लें करचल दिये थें। वहां पहुचकर देखा 8 लड़केआती जाती लड़कियों कों छेड़रहे हैं तौ उन दोनों नें आठो लफंगों कों पूरे बाजार मे दौड़ा दौड़ाकर मारा औऱ उनकेहाथ तोड़दिए। उसदिन केँ बाद साधना कों किसी नें आँखउठा कर नहीं देखा। दादाजी औऱ पिता केँ रसूख केँ कारण नां तोँ उनपे पुलिस केसहुआ औऱ नां हि कोई पूछताछ हुई। वक्त गुज़रता रहा मोहनजी जयपुर मे सीनियर आईएएस बन सचिवालय मे गृहविभाग केँ मुख्य सचिवबन गए जोँ होम मिनिस्टर केँ बाद सारा ग्रह मंत्रालय उनको हि देख्ना पड़ता थां। औऱ सबसेबड़ी बात उनका अभिन्न यार भवानी सिंह राजस्थान कां गृहमंत्री बन गय़ा थां। कुंदन जी भवानी सिंह कि बेटी गीता सें प्रेम करते थें जौ दोनो परिवार जानते थें। भवानी सिंहजी राजपरिवार कां हि एक् अंग थें उनके दादाजी जी केँ बड़े भइया प्रतापगढ़ केँ राजाहुआ करते थें। औऱ भवानी सिंह केँ पिता आज़ादी केँ बाद पॉलिटिक्स जॉइनकर लिया थां। आज उनके पिता कि स्थान प्रतापगढ़ सीट सें भवानी सिंहजी mla औऱ मंत्री हैं। जिनकी 2 संतान हैं एक् पृथ्वी सिंह जोँ कुंदन कां सबसेखास साथी थां जौ कुंदन केँ लिएकुछ भि कर सकता थां। उसे मालूम थां कि उसकी छोटी बेहन गीता जौ मुकुंद केँ संग पढ़ती हैं वोँ कुंदन कों पसन्द करती हैं औऱ कुंदन भि गीता कों मन हि मन प्रेम करता हैं औऱ उसनेये बात अपने पिता भवानी सिंह केँ कानों मे डाल दि थि। भवानी सिंह बहोत खुश थां कि दोस्ती रिश्तेदारी मे बदल जाये तौ इससे अच्छा औऱ क्याँ हौ पर्र यहां समस्या दोनो कि कास्ट कों लेँ कर थि। भवानी सिंह नें अपने परिवार वालो कों पहले मनाया क्योकि वोँ राजपरिवार सें जुड़ा थां। थोड़ा नाँ नकुर होने केँ बाद परिवार नें सहमति दे दि तबजाकर भवानी सिंह नें अपनेयार मोहन शर्मा सें अपनेदिल कि बातकही। जब मोहनजी कों दोनो बच्चों कि मनपसंद केँ बारे मे पताचला तोँ उन्होंने भि इस रिश्ते कि मंजूरी दे दि। 1999 मे जब कुंदन 22 साल औऱ गीता 20 साल कि थि बड़ी धूमधाम सें दोनों कि विवाह करवा दि गई थि जिसमे तत्कालीन CM, मंत्री, बिज़नेस मेन औऱ कई राजे राजवाड़े शामिल रहे। पृथ्वी सिंह अपना खानदानी बिज़नेस जोँ पूरेदेश मे फैला थां उसे संभालने लग गय़ा थां औऱ कुंदन आइपीएस क्लियर कर ट्रेनिंग करनेचला गय़ा थां। मुकुंद जी कां कॉलेज कां आखरीसाल थां तोँ वोँ अपनी भाभीसाथ एग्जाम कि तैयारी मे लग गय़ा थां। साधना अभि अभि कॉलेज मे आई थि औऱ उसका भि नैन मटक्का पृथ्वी सिंह केँ संगचल रहा थां जोँ अभि तक दोनों कि जबान तक इज़हार बनकर नहींआया थां। मुकुंद कों भि एक् लड़की सें प्रेम हौ गय़ा थां जौ उसकी विद्यालय कि साथी थि अब डॉक्टर कि ट्रेनिंग केँ लिए बाहर् गई, थि। 2 सालबाद 2001 मे मुकुंद कि विवाह डॉ सुमन सें औऱ साधना कि विवाह पृथ्वी सिंह सें कर दि गयीँ, थि। तब तक हमारे कुंदन जी SP साहबबन गए औऱ गीताजी केँ पेट मे अपने हीरो कि एंट्री हौ गई, थि। मुकुंद औऱ साधना कि विवाह केँ 4 महीने बाद हि कुंदन औऱ गीता केँ 2 जुड़वा बच्चे हुए जिसका नामराज औऱ निशारखा गय़ा।
फलेशबेक अगलेभाग मे कंटिन्यू रहेगा
प्यार की राह - Pyaar Ki Raah – New Episode
Introduction
पड़दादा- स्वर्गीय पंडित रमेश शर्मा जोँ प्रतापगढ़ राजघराने केँ सलाहकार औऱ राजवैद्य थें। उन्हें पहलवानी कां भि बहोत शौकरहा थां। किस्सा मे कोई ज़्यादा रोल नहीं।
पड़दादी- स्वर्गीय मणि देवीकोई रोल नहीं।
दादा- पंडित मोहन शर्मा जोँ रिटायर्ड सीनियर आईएएस हैं। उम्र 65 प्लस हैं इनको भि पहलवानी कां शौकरहा हैं। अपनी लाइफ मे अपने दोस्त भवानी सिंह केँ संगकई कांड किये हैं जौ भविष्य कों प्रभावित करते हैं। इनकी धर्मपत्नी कां देहांत 2017 मे हौ चुका हैं। येआज भि हट्टे कट्टे औऱ सेहतमंद हैं औऱ अखाड़े मे जाते हैं। अपने पोते पोतियों कों शिक्षा कां ध्यान यहीरख रहे हैं औऱ उनको संस्कारो सें सींचरहे हैं। इनकेकई यार हैं तौ कई दुश्मन भि हैं जिनसे अभि तक निभारहे हैं। दुश्मनी दोस्ती केँ संग विरासत मे मिली थि।
दादीजी- स्वर्गीय शांता देवीजी। जिनका देहांत 2017 मे हुआ थां। बहोत हि सुलझी हुइ समझदार औऱ धर्म कर्म करने वालीऔरत। जिन्हें आयुर्वेद कां सम्पूर्ण ज्ञान अपने ससुरजी जी सें मिला थां। इनकी एक् सिर्फ सहेली अनुराधा। अपने पति कि सबसेबड़ी हिम्मत औऱ इसघऱ कों संवारने वालीऔरत थि जिन्होंने अपने बच्चों कि परवरिश गीता औऱ रामायण सुनाते हुएकरि थि। औऱ अपनी आयुर्वेद कि शिक्षा उन्होंने अपनीबड़ी बहू औऱ बेटी कों दि। रानी लक्ष्मी बाई कां दूसरा रूप भि कह सकते हैं जोँ अपने पति औऱ बच्चों केँ लिए हथियार भि उठा चुकी थि। इनके 3 बच्चे हुए जौ कि कुंदन मुकुंद औऱ साधना हैं।
पिता- कुंदन शर्मा, उम्र 45 साल, 6 फुट लंबे कसरती जिस्म केँ मालिक। इनको भि बचपन सें पहलवानी कां शौकरहा हैं संग मे कराटे मे भि ब्लैकबेल्ट हैं। अभि SP कि पोस्ट पर्र हैं। इन्होंने भि अपनेयार औऱ बहनोई पृथ्वी सिंह केँ संग बहोत कांड किये जोँ किस्सा मे पढ़ने मिलेंगे।
मा - गीता सिंह शर्मा, उम्र 43, 5 फुट 5 इंच, सफ़ेद रंग एक् दम हॉलीवुड हेरोइन कि तरह परफेक्ट फिगर कि मालकिन। इन्होंने भि बचपन सें घुड़सवारी, तलवारबाज़ी, निशानेबाज़ी, ड्राइविंग औऱ फाइटिंग कि शिक्षा लें रखी हैं। ये राजघराने केँ परिवार सें ताल्लुक रखती थि। इनकीलव प्लस अरेंज मैरिज थि। इनके 2 जुड़वा बच्चे हैं। ये अपने संयुक्त परिवार कों संभालती हैं। जिसमे इनका देवर जी, देवरानी औऱ उनकी 2 बेटियां भि रहती हैं।
काका सां(अंकल जी)- मुकुंद शर्मा, उम्र 43, 6 फुट कसरती जिस्म, एक् A ग्रैड फाइटर, अपनी प्राइवेट नौकरी करते हैं औऱ घऱ सें अधिकतर बाहर् आते जाते रहते हैं, ये एक् रहस्यमयी आदमी हैं औऱ अपनेबड़े भइया कों बहोत मानते हैं। इनके 2 बेटियां हैं रीना औऱ टीना, इनकी पत्नि डॉक्टर हैं। ये दोनों पति पत्नि अपनेबड़े भइया भाभी औऱ उनके बच्चों सें बहोत अधिक प्रेम करते हैं। राजइन सबकीजान हैं।
काकी सां (ऑन्टी जी)-डॉ सुमन शर्मा, एक् शांत औऱ मासूम व्यक्तित्व कि सीधीऔरत हैं जौ अपने पेशे केँ संग अपने परिवार कों भि वक्त देती हैं। इनका खुदका एक् हॉस्पिटल हैं जहाँकई डॉक्टर काम करते हैं सर्व सुविधायुक्त अत्याधुनिक हॉस्पिटल कि मालकिन हैं जोँ इनके जेठजी नें बनवाकर दिया हैं।
प्यार की राह - Pyaar Ki Raah – New Episode
राज- स्टोरी कां मुख्य हीरो उम्र 21 साल, फाइटर सिक्स पैक बॉडी 6 फुट लंबाई, रंग सफ़ेद आंखे हल्की ब्राउन। अभि लास्ट ईयर इंजीनियरिंग कां छात्र हैं। कंप्यूटर साइंस सें अपनी लास्ट ईयर इंजीनियरिंग कररहा हैं। कराटे औऱ बॉक्सिंग दोनो मे स्टेट लेवल चैंपियन हैं। कुंदन औऱ गीता इसके माता पिता हैं। ये अपने परिवार सें बहोत अधिक प्रेम करता हैं स्पेशियलि अपने छोटे भइया बहनों सें।
निशा-ये राज कि जुड़वा सिस्टर हैं उससे 5 मिनट छोटी हैं। ये मेडिकल कि लास्ट ईयर स्टूडेंट हैं। इसका MBBS केँ बाद MD करने कां इरादा हैं औऱ संग मे अपनी चाची केँ हॉस्पिटल मे रेजिडेंट डॉक्टर केँ रूप मे ट्रेनिंग प्रोसेस भि चलरहा हैं। ये अपनी चाची यानी काकीसा कि सबसे ज़्यादा लाडली बेटी हैं। इसकी उम्र 21 साल, लंबाई 5.5 हैं रंग गोरा औऱ अपनी मां कि तरह सुपर मॉडल हैं। इसको भि बचपन सें मा नें अपनी सम्पूर्ण शिक्षा दि हैं। ये भि ब्लैकबेल्ट हैं।
रीना- उम्र 20 साल, 5 फुट 4 इंच, सफ़ेद रंग, मस्त फिगर एक् दम काजल अग्रवाल कि तरह दिखती हैं। अपने BBA केँ लास्ट ईयर मे हैं। ये अपनेबड़ी मां कि लाडली हैं उनकीतरह हि बनना चाहती हैं। उनके नक्शे कदम पऱ हि उसने सारी शिक्षा ली हैं। ये अपने कॉलेज मे बहोत फेमस हैं कई लड़को कों पिट चुकी हैं। कोई इससे छेड़छाड़ नहीं करता पऱ दुसरी लड़कियों कों बचाने केँ चक्कर मे कई आशिक़ों कों धो चुकी हैं। अपने परिवार केँ बड़ेनाम केँ चक्कर मे आज तक कोई बॉयफ्रेंड नहीं बनाया बट ख़्वाहिश हैं कि कोई उसके भैया जैसा मिला तौ ज़रूर बनाएगी। पऱ आज तक इसेराज जैसाकोई मिला हि नहीं।
टीना- उम्र 18 सालघऱ मे सबकी लाडली, एक् दम बार्बी डॉल सि श्वेत वर्ण गुड़िया। ये अपने भैया औऱ निशा दिदी कि सबसे ज़्यादा लाडली हैं। इसकीहर जायज औऱ नाजायज मांगबड़े पाप औऱ बड़ी माँ पूरी करती हैं। ये अपने 12th कों क्लियर करइसी साल कॉलेज आयी हैं। ये भि अपनी निशा दिदी कि तरह मेडिकल कि स्टूडेंट हैं। औऱ उन्ही कि कॉलेज मे एडमिशन लिया हैं। अपने भैया औऱ दिदी कां धौंसहर किसीको दिखाती रहती हैं। ये भि अपनी माँ कि तरह सॉफ्ट औऱ काइंड हार्ट हैं।
भवानी सिंह-ये राज औऱ निशा केँ नानाजी हैं। गीता औऱ पृथ्वी सिंह केँ पिता हैं। ये राज्य केँ होम मिनिस्टर हैं। येराज परिवार केँ सदस्य भि हैं। पंडित मोहन शर्मा केँ अज़ीज़ साथी जिन्होंने अपनी मित्रता रिश्तेदारी मे बदल दि हैं। इनकादेश मे 5 स्टार होटल्स औऱ रिजॉर्ट्स कि सुकून हैं। एक् बढ़िया पॉलिटिशियन होने केँ संग बढ़िया बिज़नेसमैन भि हैं।
अनुराधा- येराज औऱ निशा कि नानीमा औऱ गीता सिंहओर पृथ्वी सिंह कि माताजी हैं। ये मरहूम शांता देवी कि बहोत अच्छी सहेली भि थि। इनके 2 बच्चे हुए। एक् पृथ्वी सिंह औऱ दूसरी गीता सिंह। ये भि रजवाड़ो केँ खानदान सें हैं इनके भइया साहब MP मे बाहुबली नेता हैं औऱ सेकड़ो गुंडो कि फौज कों पालते हैं।
पृथ्वी सिंह-ये राज केँ मामाजी औऱ फूफाजी दोनो लगते हैं। इन्होंने कुंदन कि बेहन साधना सें विवाह करि हैं ये एक् बाहुबली शख्स औऱ बड़े बिज़नेस मेन हैं। ये अपने मित्र कुंदन बेहन गीता औऱ उनके बच्चों सें बहोत प्रेम करते हैं। ये मुकुंद केँ बच्चों सें भि उतना हि प्रेम करते हैं जितना राज निशा औऱ अपने बच्चों सें करते हैं।
साधना सिंह शर्मा- ये कुंदन औऱ मुकुंद कि लाडली छोटी बेहन हैं जिसने पृथ्वी सिंह सें विवाह करि। ये दिखने बहोत अधिक हसीन हैं। ये अपने हसबैंड केँ बिज़नेस मे हाँथ बटाती हैं। इनके 2 बच्चे हैं। नीलम 18 साल टीना केँ संग मेडिकल स्टूडेंट हैं औऱ टीना कि बेस्ट फ्रेंड भि हैं। दूसरा बेटा हैं जिसका नाम धर्मवीर सिंह हैं उसकी उम्र 15 साल हैं अभि 10 th क्लास कां स्टूडेंट हैं।
अभि औऱ भि बहोत सारे कैरेक्टर हैं जौ स्टोरी केँ संग उनका परिचय मिलता जाएगा।
सेकंड भागरात मे आएगा।
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थैंक्स भइया फर्स्ट वक्त कहानी लिखने कां प्रयास कररहा हु देखते हैं कितना औऱ कैसालिख पाता हूं।
अब फ्लैशबैक केँ संग प्रजेंट कां भि भाग आएगा।मैन स्टोरी प्रजेंट मे हि चलेगी।
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