बड़ा परिवार सुखी परिवार - parivaar ka sex – New Episode
राहुल सरिता केँ रूप कों देखने केँ बाद उसकी आँखेफटी कि फटीरह गई,.उसकी आँखे अपने मम्मी केँ शरीर कों ऊपर सें नीचे तक घूररही थि.सरिता कि बड़ी बड़ी चूचियो कों देख केँ उसका लन्ड पूरे उफान मे आँ गय़ा थां.राहुल कां लन्ड झटके मरनेलगा ऐसालग रहा थां केँ उसके शॉर्ट्स कों चिर केँ बाहर् निकालने केँ कोशिश कररहा होँ.सरिता नें राहुल केँ शॉर्ट्स मे बने तंबू कों देख लिया थां.औऱ वोँ मन हि मन मुस्कुराते हुए बोलीं.
सरिता - क्याँ हुआ.कोई साँपसंघ गय़ा क्याँ.
राहुल - (अपनाहोश सम्भालके लड़खड़ाते हुए बोला) हम्म.नहि नहि.वोँ कुछ नहि.बस.यूँही
सरिता - तौ बात नां कैसीलग रहीहु मे.
यह कहतेहुए सरिता थोडस मुड़ते हुए राहुल कों अपना जिस्म दिखारही थि.फिन सरिता थोडा सां आगे कि तरफ़झुक गई, औऱ ऊपर सें जौ लम्बा ओपन गाउनपहन थां वोँ एक् तरफ़ सरका लिया अपनी मोटी औऱ सुडौल गांड कां दर्शन राहुल कों दे दिया.
राहुल केँ समाज मे नहि आँ रहा थां कि अचानक यहसभी क्याँ होँ रहा हैं.उसका मन तौ कररहा थां केँ जा केँ अपनी मम्मी कों जाके लिपट जौ औऱ उसकी मोटी गांड कों औऱ बड़ी बड़ी चूचियो कों मसल डालू.पर्र राहुल जौ अपने सामने जोँ नज़रदेख रहा थां वैसा नज़रा उसने उसके ज़िंदगी मे पहलीबार देखा थां.उसने कभी किसी महिला कों इतने क़रीब सें ऐसी हालत मे नहि देखा थां.तोँ मन चाहे जितना होँ रहा थां पर्र हिम्मत नहि हौ रही थि कुछ बोलने कि.फिन भि सरिता केँ प्रश्न कां जवाब देतेहुए उसनेकहा.
राहुल - मम्मी तुम् इन कपड़ों मे बहुल ख़ूबसूरत लगरही होँ.
सरिता - (कामुक आवाज़ मे) बस ख़ूबसूरत लगरही हु कि कुछ औऱ.
राहुल समाज गय़ा कि सरिता क्याँ सुन नाँ चाहती हैं.
राहुल - मां तुम् बड़ीहॉट औऱ सेक्सी लगरही हौ.(राहुल सें रहा नहि गाय औऱ उसनेपूछ लिया) पर्र मां अचानक यह कपड़े क्यूं पहनेआज तुमने.
सरिता - अरे बेटा तुँ तौ जनता हैं केँ कितनी गरमीबढ़ गयीँ, हैं तोँ मैंने सोचा केँ रात मे सोने केँ समय पहंने केँ लिए अच्छे रहेंगे, रात मे नींद अच्छी आएगी.मे तोँ कहतीहु तुँ भि घऱ मे शर्टपहन मत कर.गरमी मे पसीने सें बोहत स्किन प्रोब्लेमस होँ जाती हैं.
राहुल - हाँठीक हैं मम्मी.
सरिता - हाँ तौ निकलदे शर्ट अपना.
राहुल - क्याँ अभि.नहि मम्मी वोँ सोतेसमय निकल लूँगा.
सरिता - (राहुल केँ पासआते हुए)अरे मेरे राजा इतना क्यूं शर्मा रहा हैं.तुँ इतना शर्माएगा तौ मेराकाम केसे चलेगा.(उसको कहना तोँ यही थां कि.यह इतना शर्माएगा तोँ मुझे चोदेगा केसे मुझे अपने बड़े लन्ड सें)
राहुल - मतलब.
सरिता - (बात सम्भालते हुए) मतलबकुछ नहि.अपनी मम्मी सें क्याँ शर्माना.मुझे तोँ सभीपता हैं…(राहुल केँ लन्ड केँ तरफ़ देखते हुए) तूँ क्याँ समझता हैं तुझेही ऐसे हि इतना बड़ा हौ गय़ा हैं तूँ …चल निकलदे अपना शर्ट
राहुल किसीतरह अपने शॉर्ट्स मे बने तंबू कों छुपाते हुए अपना शर्ट निकलता हैं…औऱ उतने मे सरिता केँ पासजा केँ बैठ जाती हैं….
सरिता - ओहो कितना बड़ा होँ गय़ा मेरा राजा बेटा…
कहते हि एक् हाथ राहुल केँ गालों पे सें फेरते हुए नीचे गर्दन पऱ लेकर जाती हैं….राहुल केँ गर्दन केँ पिछले हिस्से कों थोदसा सहलाने केँ बाद…अपना हाथ नीचे राहुल केँ छाती पे फेरने लगती हैं….राहुल केँ मन मे तौ लड्डू फूटरहे थें…सरिता राहुल केँ तरफ़ झुकते हुए कहती हैं…
सरिता - (मुस्कुराते हुए) तुझको ऐसादेख केँ कितना वक़्त होँ गय़ा…अब तौ तूँ पूरा मर्दबन गय़ा हैं…तेरे पे तौ बोहत सि लड़कियाँ डोरे डालती होंगी…तेरे गर्ल फ़्रेंड केँ तोँ मज़े हि मज़े हें.
सरिता कां हाथअब राहुल पेट तक आँ पहुंचा थां औऱ वोँ राहुल केँ शरीर कों सहलाये जारही थि…
राहुल - नहि मम्मी मेरीकोई गर्ल फ़्रेंड नहि हैं…
सरिता - अच्छा…इसीलिए यह तुम्हारा छोटा जवान हमेशा सलामी देता रहता हैं (कहते कहते हि एकाएक सरिता नें राहुल केँ लन्ड कों शॉर्ट्स केँ ऊपर सें पकड़ लिया)
राहुल अचानक सें चौक गय़ा औऱ थोडा पीछे सरकने कि कोशिश करने लगा…तौ सरिता नें अपनी पकड़ मज़बूत करडी…राहुल कि साँसे तेज़ हौ गयीँ, थि औऱ उसको पसीना चुतरहा थां…पऱ सरिता कों तोँ अपने हि बेटे कों रिझाने मे बड़ामजा आँ रहा थां…
राहुल - वैसीबात नहि हैं मां…
सरिता - तोँ कैसीबात हैं बेटा…अपनी बूढ़ी मां कों इस्स ड्रेस मे देख केँ यह तुम्हारा नागफ़न फ़नारहा हैं क्याँ…
राहुल - नहि मम्मी आप् कौनसी अभि बूढ़ी हुई हौ…अभि तोँ बोहतहॉट होँ इसलिये यह थोडा….हौ गय़ा…
सरिता - (शर्मा केँ हँसते हुए)यह थोडा हैं…इतना बड़ा हथियार तोँ मैंने अब तक नहि देखा….
राहुल कां लन्ड सरिता केँ हाथ मे झटकेमार रहा थां…तौ सरिता नें लन्ड तोँ थोडा औऱ दबाते हुए राहुल केँ कान मे कहा…
सरिता - छोटे राहुल तौ मम्मी कों पूरा नंगा देखने केँ लिए उतावल हुआजा रहा हैं….क्याँ कहते होँ देखा दूँ….(औऱ यहकह केँ राहुल केँ कान कों धीरे-धीरे सें काटलिए)
राहुल - (लड़खड़ाते हुए बोलता हैं) हाँ मम्मी….
सरिता राहुल केँ सामने आँ केँ खाड़ी होँ जाती हैं औऱ अपना लम्बा गाउन निकल केँ ज़मीन पे छोड़ देती हैं…फिन सरिता राहुल कि तरफ़पीठ कर केँ अपने जिस्म पे धीरे-धीरे धीरे-धीरे हाथफेर थें हुए…पीछे सें अपनेबरा कां हुकखोल देती औऱ बरा निकल देती हैं….राहुल कों साइड सें अपने मम्मी केँ नंगी चूचियो केँ दर्शन हुए…फिन सरिता नें अपनी पैंटी कों अपने बड़े बड़े चुत्तरो सें धीरे-धीरे धीरे-धीरे नीचे सरकना चालू किया….औऱ फिन चुत्तरो केँ नीचे अटका दि…सरिता नें अपनी गांड पीछे केँ तरफ़ उठ…इससे सरिता कि मोटी गांड राहुल केँ सामने थि औऱ सरिता कि चुत कि झलक भि दिखाई देरही थि….
सरिता नें अपनी गांड२-३ बारहवा मे लहराई औऱ फिन अपनी पैंटी उतर दि…फिन पलट केँ राहुल केँ सामने खाड़ी होँ गई, ….
राहुल कों अपने आँखोबी भरोसा नहि होँ रहा थां केँ उसकी मां जिसको चोडने केँ ड्रीम्स देखरहा थां कल तक वोँ आज ख़ुद हि उसके सामने पूरी नंगी खाड़ी हैं…वोँ भि ख़ुद केँ ख़ुशी सें…
सरिता - (कामुकता सें) कैसी लगतीहु मे…बिना कपड़ों केँ.
राहुल - मां आपके जैसा औऱ कोई इतनाहॉट औऱ सेक्सी नहि हैं…
सरिता - पर्र तूँ अपने छोटे राहुल कों चुप केँ रखेगा तोँ वोँ मुझको केसे देखेगा…उसको आज़ाद कर दे….बड़ा परेशान हौ रखा हैं वोँ तेरे शॉर्ट्स मे….
राहुल समाज गय़ा थां सरिता क्याँ कहनाचाह रही थि…तौ राहुल खड़ाहुआ औऱ अपने शॉर्ट्स उतरदिए औऱ अपनी अंडर्वेर भि उतर दिया…अब दोनो मां बेटा रूम मे पूरे नंगे खड़े थें …राहुल कां लम्बा औऱ मोटा लन्ड देख केँ सरिता असचर्यचकित रह गई, ….राहुल कां लन्ड देखते हि सरिता नें उसको अपनी मुट्ठी मे पकड़ केँ बोलि
सरिता - ओह माह्ह….इतना बड़ा…इतना बड़ा लन्ड मैंने पहलीबार देखा हैं…(औऱ यह कहते हि धीरे-धीरे धीरे-धीरे राहुल केँ लन्ड कों सहलाने लगी)
राहुल कों मजा आँ रहा थां…
राहुल - ऊहह….आह्ह्ह…अपने मम्मी केँ मुँह सें पहलीबार लन्ड शब्द सुनके उसकामजा दुगन हौ गय़ा थां.
सरिता फिन राहुल कां हाथ पकड़ औऱ अपनी चूचियो पे रख दिया…औऱ कहा…
राहुल - तुम को मेरेयह चूचिया बहोत पसन्द हैं नाँ….
राहुल - हाँ मां…
कहते हि ज़ोर ज़ोर सें सरिता कि चूचियो कों मसल नें लगा…सरिता केँ निपल सक्त हौ गए थें….सरिता कों भि मजा आँ रहा थां…वोँ भि हल्के हल्के कर्राह रही थि…
सरिता - हम्म…ऊहह….खेल बेटा मेरी चूचियो सें…आज सें तेरी हुइ…जोँ करना हैं कर लें.
यह सुनते हि राहुल नें सरिता कि एक् चुचि कों अपने मुँह मे लेँ लिया औऱ ज़ोर ज़ोर सें चूस नें लगा…दूसरे हाथ सें वोँ दूसरी चुचि कों मसलरहा थां.औऱ बीचबीच मे उसके निपल कों ज़ोर सें दबा देता अपनी उँगलियो केँ बीच मे….सरिता मज़े लेँ रही थि औऱ एक् हाथ सें राहुल केँ लन्ड कों आगे पीछेकर केँ मूठमार रही थि….
राहुल नें ५-७ मिनट सरिता कि दोनो चूचियो कों बारी बारी चूसा….
तोँ सरिता नें अचानक सें राहुल केँ चेहरे कों दोनो हाथो सें पकड़ औऱ उसके होंठों पे अपने हाठो पे गड़ा दिए….दोनो एक् दूसरे कों धीरे-धीरे धीरे-धीरे किस करनेलगे …सरिता केँ दोनोहाथ राहुल केँ गर्दन केँ पीछे थें…औऱ राहुल केँ हाथ सरिता केँ चूचियो कों दबारहे थें….फिन सरिता नें एक् हाथ सें राहुल कां हाथ पकड़ केँ अपनी चुत्तर पे रख दिया…राहुल नें पहले चुत्तरो कों प्रेम सें सहलाया औऱ फिन ज़ोर ज़ोर सें सरिता केँ चूतरो कों मसलने लगा….दोनो कां किस भि अब बोहोत तेज़ होँ गय़ा औऱ सरिता अपनी ज़बान राहुल केँ मुँह मे डालडाल केँ किसकर रही थि…औऱ राहुल भि जवाब मे सरिता कि ज़बान कों चूसता जारहा थां….दोनो कि साँसे तेज़ हौ गई, थि औऱ दोनो पसीने सें लातपात हौ गए थें….१० मिनटऐसे हि किस करने केँ बाद दोनो केँ होंठअलग हुए.तौ सरिता हफ़्ते हुए बोलीं
सरिता - हह्हा…ओहह्हाह…कहा सें सिखायह सभी तूने…हम्म….
राहुल - वोँ जोँ मूवीज़ मे दिखाते हैं नाँ मम्मी…तोँ वही सें….
सरिता - अच्छा जी…बोहोत तेज़ हैं सिखने मे तुँ तौ फिन….देखते हैं औऱ क्याँ क्याँ सिखा हैं तूने…
सरिता जा केँ बेड पे लेट गई, औऱ अपनी टाँगे खोल दि…औऱ अपनीचुत पे हाथ फेरते हुए बोलीं
सरिता - चुत चाटना जानते होँ….चुत चाटेगा अपनी मम्मी कि…देख कितनी गिलीकर दि हैं तूने…यह पानीचाट केँ साफ़कर दे…
राहुल - जनता तौ नहि मम्मी…पऱ आप् सिखाओगी तौ अवश्य सिख जाऊँगा…
सरिता - आजा मेरे लाल…आज अपनी हि मां कि चुतचाट लेँ….
राहुल आके सरिता केँ टांगो केँ बीच मे आँ केँ बैठ गय़ा…औऱ क़रीब सें सरिता केँ चुत कों देखने लगा…चुत कि नशीली गंध सें रोमांचित हौ गय़ा थां…।
सरिता - क्याँ हुआऐसे क्याँ देखरहा हैं मेरीचुत कों…
राहुल - मम्मी मैंने पहलीबार किसी कि चुत देखी हैं…औऱ वोँ भि अपनी हि मां कि…
सरिता - (राहुल केँ बालों पे सें हाथ फेरते हुए)हाँ मेरे राजा…१८ साल पहलेयही सें तूँ आया थां दुनिया मे…(कह केँ हसने लगी)…कैसी लगी अपनी मां कि चुत…
राहुल - एक् दम मस्त मां…एक् दमलाल औऱ रसिलि हैं मम्मी…
सरिता - चलअब औऱ मत तरसा मुझको…(अपनी चुत फाँको कों फैलाते हुए)…चाट लें अपनी मां कि चुत औऱ पी लें सारा चुतरस…
राहुल नें फिन सरिता कि चुत पे अपने ज़बान सें हमलाबोल दिया…औऱ कुत्ते कि तरह चाटने लगा…सरिता कां बुराहाल थां वोँ ज़ोर ज़ोर सें सिसकियाँ भरनेलगी औऱ एक् हाथ सें अपने दाने कों रगड़ने लगी…
सरिता - स्स्स्स्ह्ह….आऽऽह्ह्ह…माह्ह्ह…….हाँ मेरे लाल…चाट लेँ अपने मम्मी कि चुत गिलीचुत…
सरिता अपने दूसरे हाथ सें राहुल केँ सर कों अपनेचुत पे दबा रही…थि…
सरिता - ओहह्हमा…अपनी ज़बान सें चोददे बेटा मेरीचुत कों…
राहुल नें अपनी ज़बान अब सरिता केँ चुत मे अंदर बाहर् करना शुरुआत कर दिया….सरिता नीचे सें अपनी गांड उछालरही थि औऱ अपने बेटे केँ ज़बान सें चुदवा रही थि…
सरिता - ओह्ह्ह….आहह्हाम्माहह….हाँ बेटा ऐसे हि…चोद अपनी मां कि चुत कों….रुकना मत…करता रह…मेकभी भि झाड़ सकती हु…….आह्ह्ह…आह्ह्ह…
राहुल अब ज़ोर ज़ोर सें अपनी ज़बान अंदर बाहर् कररहा थां…कुछ देरबाद सरिता कि टाँगे काँपने लगी…औऱ ज़ोर सें चीख़ पड़ी…
सरिता - आह्ह्ह्ह्ह……माह्ह्ह……
सरिता झाड़ गयीँ, थि…औऱ उसने अपना सारा पानी राहुल केँ मुँह मे छोड़ दिया थां….राहुल भि सारा पानीचाट केँ साफ़कर दिया…
सरिता हफ़्ते हुएउठ केँ बैठी औऱ बोलीं…
सरिता - (कामुकता सें) कैसालगा बेटा अपनी मां केँ चुत कां स्वाद…
राहुल - तुम्हारे चुत कां रस मुझे मेरा इतनाभा गय़ा हैं.केँ अब इसके बिनाअब रह नहि पाउँगा.
राहुल केँ कहते हि सरिता नें आगेबढ़ केँ राहुल केँ होंठों पे किसजड़ दिया…औऱ वोँ उसके पूरे मुँह कों आपने ज़बान सें चाटरही थि….औऱ दोनो होंठों कों बेरहमी सें चूसरही थि…अछी तरह सें चाटने केँ बाद…
सरिता - तेरे होंठों सें औऱ भि मीठा लगता हैं…मुझे ख़ुशी हैं केँ तुम्हे मेरा चुतरस पसन्द आया…
यह कह केँ सरिता नें राहुल कां मोटा लन्ड हाथ मे लिया औऱ ज़ोर ज़ोरमूठ मरनेलगी…
सरिता - अब तेरे मोटे लन्ड कां भि स्वाद मुझेचखा दे…
कहते हि नीचेबैठ केँ राहुल कां लन्ड मुँह मे लें लिया….राहुल तौ जैसे सातवें आसमान मे चला गय़ा हौ….
राहुल - ओह्ह्ह मम्मी….बहोत अच्छा लगरहा हैं…ऐसे हि करतीरहो….
सरिता राहुल कां लन्ड ज़ोर ज़ोर सें अपने मुँह मे लेँ रही थि…। राहुल कों तोँ स्वर्ग मे होने कां अनुभव होँ रहा थां…
राहुल - मम्मी…यह सभी मेरे सपनो कि तरह हौ रहा हैं…
सरिता असचर्या सें लन्ड मुँह सें निकलती हैं औऱ पूछती हैं…
सरिता - सपनो जैसा मतलब…
औऱ फिन लन्ड मुँह मे लेकेचूस नें लगती हैं…
राहुल - सॉरी मां….मैंने तुम्हें कभी बताया नहि….मे तुम्हें अपने सपनो मेरा लन्ड चूसते हुए देखता ता थां….औऱ आप् केँ नाम कि मूठमार करता थां…मे आपकेहर चीज़ कां दीवाना हु मां…आपकी चूचिया.अपनिक भारी हुइ गांड…आपके कोमल हाथ…आपकी रसिलि चुत जौ मे सिर्फ़ सपनो मे देखा करता थां…
सरिता - तूनेकभी बताया क्यूं नहि…
राहुल - सॉरी मम्मी पर्र आप् मुझे बड़ी ख़ूबसूरत लगती होँ….आय लवयू मम्मी….
सरिता - ओह मेरा राजा बेटा…आय लवयू तुँ बेटा.तेरे यह लन्ड कां सुख लेने केँ लिए कितने पापड़ बेलेयह मुझे हि मालूम हैं…
इसबार अबशॉक लगने कि बारी राहुल कि थि…
राहुल - क्याँ…मे समझा नहि मां.
सरिता - हाँ बेटा मैंने तुम को तेरे पिताजी सें चुदते हुए हमारे कमरे मे झाँकते हुएदेख लिया थां…औऱ अगलेदिन जब तूँ मूठमर रहा थां तब तेरायह बड़े लन्ड कों भि देख लिया थां…तबसे मेरेचुत मे खुजली होँ रही हि …अबयह खुजली तेरे लन्ड सें हि मिटेगी….
राहुल - सॉरी मां…मैंने आपको बापू केँ संग सेक्स करतेहुए देख लिया…आपके रूम मे ऐसे नहि झाँकना चाहिए थां मैंने…
सरिता - कोईबात नहि मेरे लाल…तूँ नां झाँकता तोँ आजयह लन्ड नहि मिलता मुझे…औऱ तोँ औऱ तेरे चक्कर मे मैंने स्वीटी कों भि फ़रेब सें तेरे मौसी केँ पास भिजवाना पड़ा…
यह कह केँ फिन राहुल कां लन्ड मुँह मे डाल केँ चूस नां शुरुआत कर दिया…
राहुल सें अब अधिक कंट्रोल नहि हौ रहा थां….वोँ जल्द हि झड़ने वाला थां….
राहुल - मम्मी मेरा पानी चुतने वाला हैं….
सरिता नें अपने मुँह सें राहुल लन्ड निकल दिया औऱ बोलीं…
सरिता - अभि नहि मेरे लाल….अभि तौ इसको मेरीचुत कि प्यास बुझानी हैं…औऱ राहुल कों बेड पे धकामार दिया…राहुल बीजा केँ गिरा…औऱ पलट केँ अपनेपीठ केँ बललेट गय़ा…उसका लन्ड पूरे उफान मे सलामी देरहा थां….सरिता अब राहुल केँ ऊपर आँ केँ खड़ी हौ गयीँ, …औऱ दोनो टाँगे राहुल केँ दोनो तरफ़दल केँ बोलीं…
सरिता - आज मेरेचुत कि प्यास बुझादे बेटा…
यहकह केँ सरिता धीरे-धीरे सें नीचे झुकी औऱ अपनीचुत पे लन्ड लगते हि रुक गई, …
सरिता - तेरा लन्ड इतना बड़ा हैं….मुझे डर हैं कही मेरीचुत नां फाड़दे….
कहते हि अपनी गांड कों धीरे-धीरे धीरे-धीरे नीचे करने लगी…पहले राहुल कां लन्ड कां सूपड़ा अंदर घुसा तौ राहुल कों एकदम सें सरिता केँ चुत केँ गरमी कां एहसास….उसने अपनी आँखेबंद करली औऱ मजा लें रहा थां….फिन सरिता औऱ थोडा नीचे हुई….सरिता केँ लिए राहुल कां लन्ड बोहत बड़ा थां….वोँ सिसकियाँ भरने लगी…अभि तौ आधा लन्ड भि अंदर नहि गय़ा थां…फिन सरिता नें लन्ड कों बाहर् निकाला औऱ बोहत साराथूक अपनेहाथ पे लगा केँ अपनेचुत पे रगड़ लिया औऱ फिन लन्ड कों चुत पे सेट किया…इस बार सरिता नें एक् हि बार मे गांड कों झटके सें नीचे किया केँ पूरा लन्ड चुत कों चिरता हुआ अंदरघुस गय़ा….सरिता औऱ राहुल दोनो चीख़ पड़े.
सरिता - हाय्ययय….मार गयीँ, ….
राहुल - माह्ह्ह…आपकी चुत कितनी गर्म औऱ टाइट हैं….
दोसमय सरिता हिली हि नहि…फिन जब उसकी साँस मे साँसआयी तौ उसकने एकाएक राहुल कों किस करना शुरुआत कर दिया…औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपनी गांड हिलने लगी…राहुल सरिता केँ चूचियो केँ संगखेल रहा थां सरिता कों किसकरे जारहा थां…सरिता नें कुछदेर बाद अपनी रफ़्तार बड़ा दि औऱ राहुल केँ छाती केँ ऊपरहाथ रख केँ अब अपनी गांडऊपर नीचेकर रही थि….रूम मे फ़च फ़च…कि आवाज़ें गूँजरही थि…
.
सरिता - आह्ह्ह….आह्ह्ह….हम्म….उफ़्फ़्फ़्फ….बेटा तेरा लन्ड आज मेरीचुत फाड़ देगाआह्ह्ह…….ओह्ह्ह.माह्ह्ह….
कुछदेर सरिता ऐसे हि अपनी गांड हिला हिला केँ राहुल केँ लन्ड सें चुदवा रही थि…राहुल कुछदेर बाद झड़ने केँ क़रीब आँ गय़ा….तौ उसने भि नीचे सें झटके लगना शुरुआत कर दिया….सरिता अब थोड़ी थक सि गयीँ, थि….तोँ वोँ अब अपने दोनो पैरों केँ बल अपनी गांड थोड़ी हवा मे उठा केँ बैठ गई, ….औऱ नीचे सें राहुल नें ज़ोरडर हमला करना शुरुआत किया….राहुल केँ यह हमले सें सरिता फिन एक् बार झाड़ गई, ….तोँ राहुल केँ लन्ड पे सरिता केँ चुत केँ पानी प्रेशर आया औऱ उसका लन्ड स्लिप हौ गय़ा औऱ सरिता केँ चुत सें उसके पानी कि एक् धार निकली…औऱ सरिता अपने दाने कों ज़ोर ज़ोर सें रगड़रही थि …उसका सारा पानी राहुल केँ लन्ड कों सरबोर कर गय़ा….
सरिता - हाय्ययए…मई गई, ….ऊह्ह्ह माह्ह्ह….बेटा छोड़ मुझे……फाड़ देआज अपने मां कि चुत….
यह कहकेफिन सरिता नें राहुल कां लन्ड अपनेचुत पे रख औऱ राहुल ज़ोरडर झटकालगा केँ पूरा लन्ड चुत मे घुसेद दिया…फिन उसने १०-१५ ज़ोरदार तेज़ झटके लगाए….औऱ चिलाया….
राहुल - मम्मी….मेरा पानी चुतने वाला हें
सरिता - नहि बेटा मेरीचुत मे नहि….
औऱ सरिता उठ खादी हुई….औऱ झट सें राहुल कां लन्ड अपने मुँह मे लें लिया….कुछ हि देर मे राहुल नें अपना सारा पानी सरिता केँ मुँह मे छोड़ दिया…सरिता नें कोशिश कि केँ सारा पानीपी जाए पर्र.राहुल नें इतना पानी छोड़ थां केँ उसको मुँह मे भि नहि टाइम औऱ कुछ बंदे उसके मुँह सें टपक केँ उसकी चूचियो पे गिर गई, ….राहुल ज़ोर ज़ोर सें हाफ़रहा थां…सरिता कि भि साँसे तेज़ हौ रखी थि…
राहुल - मां…आप् दुनिया कि सबसेअछी मां होँ….
सरिता - औऱ तूँ भि दुनिया कां सबसे अच्छा बेटा हैं….मेरा राजा बेटा….आज तौ तूने सालों बाद मेरीचुत कों संतुष्ट कर दिया…
कह केँ सरिता नें राहुल केँ ढीले लन्ड पे एक् प्यारा चुम्बन जड़ दिया…
उतने मे फोन कि घंटी बजती हैं…दोनो तबले पे पड़ेफोन कि तरफ़ देखते हैं….
बड़ा परिवार सुखी परिवार - parivaar ka sex – New Episode
उतने मे फोन कि घंटी बजती हैं…दोनो टेबल पे पड़ेफोन कि तरफ़ देखते हैं….
सरिता बेड पे सें उठती हैं औऱ टेबल केँ तरफ़ अपनी नंगी गांड हिलते हुए जाती हैं…यह देख केँ राहुल कां लन्ड फिन सें खड़ा होने लगता हैं…
सरिता फोनउठा केँ देखती हैं…राहुल कि तरफ़चुप रहने कां इशारा करतेहुए कहती हैं…
सरिता - तुम्हारे बापू कां फ़ोन हैं…
राहुल हाँ मे सर हिलता हैं….
सरिता - (फ़ोन पे) हेलो जानू…केसे हौ…
मनोज - मे तौ ठीक हु…पर्र मेरीजान कैसी हैं….
सरिता - मे तौ बड़े मज़े मे हु….(राहुल केँ तरफ़देख केँ मुस्कुरा देती हैं)
मनोज - चलो अच्छा हैं…हमारी ऐसी किस्मत कहा…पऱ तुम्हारी आवाज़ कों क्याँ हुआ…थकी हुईँ लगरही हौ…
सरिता - वोँ तोँ तुम् अपने लाड़ले बेटे सें पूछो….उसी नें थका दिया हैं…
मनोज - अब क्याँ किया उसनेऐसा…
सरिता जा केँ बेड पे बैठ जाती हैं…
सरिता - बोहत शरारती हौ गय़ा हैं….(राहुल केँ जाँघो पे हाथ फेरते हुए)अब बड़ा हौ गय़ा हैं नां….बड़ी बड़ी शरारते करनेलगा हैं….(यह कहते हि राहुल कां लन्ड अपने मुठी मे पकड़ लेती हैं)
मनोज हसने लगता हैं…
सरिता - औऱ तुम् बताओकहा हौ….
मनोज - अरे अभि तोँ मे काम खत्मकर केँ निकलरहा हु…अभि होटेल पे जाऊँगा…
सरिता केँ लन्ड कों पकड़ने केँ वजह सें राहुल कां लन्ड एकदमतन केँ खड़ा होँ गय़ा औऱ उसके हाथो मे फ़न फ़नाने लगा…उतने मे सरिता नें अपनाहाथ हटा दिया….
सरिता - तुम् औऱ तुम्हारा काम….बाक़ी कुछ नहि दिखाई देता हैं तुम्हें…एक् तुम् होँ औऱ एक् तुम्हारा बेटा हैं…वोँ भि घऱ मे टिकता हि…अपने दोस्तों केँ संगलगा रहता हैं…
मनोज - अरे वैसीबात नहि…औऱ राहुल केँ अब मज़े करने केँ दिन हैं…करने दो मज़े….
सरिता - मज़े करने मे कौनसी मनहाई हैं….पऱ घऱ मे मिलने वाले मज़े शायद हि कही औऱ मिलते होंगे उसे…(यह कहतेहुए राहुल कि तरफ़देख केँ एक् मादक सि मुस्कान देती हैं)
राहुल कों सरिता केँ बातें सुन केँ मन उछालने लगा…औऱ ज्यादा कंट्रोल नहि हौ रहा थां उसको….तौ राहुल उठ केँ बेड पे खड़ा हौ जाता हैं औऱ अपना मोटा लन्ड सरिता केँ चेहरे केँ सामने लेकर जाता हैं….उसका लन्ड सरिता केँ चेहरे केँ सामने फ़न फ़नारहा थां…
तौ सरिता उसके तरफ़ देखती हैं औऱ अपनेहाथ सें हल्का सां लन्ड केँ ऊपर झटकामार केँ साइड मे कर देती हैं…तोँ राहुल सरिता केँ सामने जा केँ लेट जाता हैं…औऱ सरिता उसके लन्ड कों पकड़ केँ मूठ मरने लगती हैं….
मनोज - तुम्हारी भि बातसही हैं….अभि जवानी जीनेदो बेचारे कों…
सरिता - (राहुल केँ लन्ड केँ तरफ़ देखते हुए) जवानी तोँ उफानमार रही हैं उसकी…
मनोज - मतलब…
सरिता - (बात सम्भालते हुए) मतलब…अभि तौ पूरा जवान हौ गय़ा हैं…थोड़ी ज़िम्मेदारियाँ भि सिख लेँ…
मनोज - सिख जाएगा…इतनी भि क्याँ जल्द हैं…
उतने मे राहुल अपनाहाथ सरिता केँ गर्दन पऱ लेकर जाता हैं…औऱ नीचे अपने लन्ड पे झुकने कि कोशिश करता हैं….मानो कहरहा होँ “मेरा लन्ड चूसो मां” …सरिता बड़ी आँखेकर केँ उसको नहि मे सर हिला केँ मानाकर देती हैं… राहुल फिन मासूम सां चेहरा बनता हैं औऱ हल्के सें “प्लीज़” कहता हैं….
सरिता - बड़ा ज़िद्दी होँ गय़ा हैं तुँ…
मनोज - क्याँ…???
सरिता - तुम्हें नहि…मे तुम्हारे लाड़ले सें कहरही हु…बड़ा ज़िद्दी हौ गय़ा हैं…
मनोज - अब क्याँ ज़िदकर दि…
सरिता - मुझेयह लोलिपोप चूसने कों कहरहा हैं….मे कब सें मानाकर रही हु…सुनता हि नहि मेरीबात….
मनोज - अरे इसमें कोनसी बड़ीबात हैं…चूस लो नाँ…प्रेम सें लाया होगा तुम्हारे लिए…अच्छा लगेगा उसको.
सरिता - अच्छा तौ लगेगा हि…औऱ तुम् कहते होँ तौ चूस लेतीहु….
यहकह केँ सरिता राहुल कां लन्ड मुँह मे लें लेती हैं….औऱ राहुल नीचे सें धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपनीकमर हिलने लगता हैं…
सरिता केँ मुँह सें आवाज़ें आने लगती हैं….उसने राहुल कां पूरा लन्ड मुँह मे भर लिया थां…
मनोज - क्यूं कैसा हैं …लोलिपोप.
सरिता राहुल कां लन्ड मुँह सें निकलते हुए….उसकी साँसे तेज़ हौ गई, थि…
सरिता - उम्मम….बड़ा मीठा हैं….(कहते थोडा सां खाँसती हैं.)
मनोज - क्याँ हुआ…
सरिता - कुछ नहि….बहोत बड़ा लोलिपोप हैं…पऱ अच्छा हैं…मुझे बोहत मनपसंद आया…
यह कह केँ फिन राहुल कां लन्ड मुँह मे डाल लेती हैं.
मनोज - देखो…पसन्द आया नाँ तुम्हें…खामखां मानाकर रही थि तुम्…
सरिता मुँह सें फिन लन्ड निकल केँ सीधेबैठ जाती हैं….
सरिता - हाँ हाँ…तुम् तोँ अपने बेटे कि हि साइड लोगे….
राहुल पीछे सें आता हैं औऱ सरिता कि चूचियो सें खेलने लगता हैं…उसको गर्दन पे चूमने लगता हैं…सरिता कों मजा आँ रहा थां…औऱ हल्की हल्की सिसक भि निकलरही थि…पऱ वोँ कंट्रोल कररही थि…औऱ अपनी आवाज़ दबारही थि….
सरिता - म्म्म….औऱ तुम्हारा दिन कैसा थां….क्याँ क्याँ कियाआज…
मनोज अपनीकथा सुनाने मे लग जाता हैं….पर्र सरिता कां ध्यान कही औऱ हि थां….वोँ फ़ोन पे सिर्फ़ “हम्म…हम्म” करती हैं…राहुल दोनो हाथो सें ज़ोरों सें सरिता केँ चूचियो कों मसलरहा थां…सरिता राहुल केँ सरपे सें हाथफेर रही थि औऱ खुशीउठा रही.थि…उतने मे मनोज कहता हैं…
मनोज - हेलो…सरिता…कहा खो गई, …
सरिता - (होश सम्भालते हुए)कुछ नहि…बस यूँही…क्याँ कहरहे थें तुँ…
फिन मनोज अपनेकाम केँ बारे मे सुनाने लग जाता हैं….औऱ सरिता बीचबीच मे उसकोकुछ कह देती…ताकि मनोज कों कुछशक नां हौ.
राहुल अपना मुँह चूचियो सें हटता हैं औऱ सरिता केँ होंठों पे एक् चुम्बन जड़ देता हैं….सरिता भि बड़े प्रेम सें उसके होतों कों चूसने लगती हैं…कुछ देरऐसे हि एक् दूसरे कों चूमने केँ बाद….फिरसे राहुल सरिता केँ चूचियो सें खेलने लगता हैं एर एक् एक् कर केँ दोनो चूचियो कों अपने मुँह मे भर केँ चूसने लगता हैं औऱ दोनो निपल कों अपने दाँतो सें हल्का हल्का काटता हैं….
सरिता कों बड़ामजा आता हैं…औऱ वोँ राहुल केँ चूतड पे एक् चमटरख देती हैं औऱ उसकी तरफ़देख केँ मुस्कुरति हैं.….कुछ देरबाद सरिता कि बुर गिली होँ जाती हैं…तोँ सरिता बेड पे लेट जाती हैं….औऱ अपनी टाँगे फैला देती हैं….
सरिता अपनी चुत्त केँ तरफ़ इशारा करती हैं…औऱ अपनी उँगलियो पे चुत्त कां पानीलगा केँ अपने मुँह मे डाल लेती हैं…राहुल इशारा समाज जाता हैं…सीधे जाके सरिता केँ चुत्त केँ सामने लेट जाता हैं….औऱ अपनी ज़बान सरिता कि गिली चत्त मे भिड़ा देता हैं….
यह हमले सें सरिता केँ मुँह सें आह्ह निकलती हैं…तौ वोँ अपनेहाथ सें अपना मुँहढक लेती हैं…
मनोज - क्याँ हुआ…
सरिता - नहि कुछ नहि….वोँ थोड़ी पाव मे माच सि आँ गई, …हाँ तोँ क्याँ कहरहे थें तुम्….
सरिता किसीतरह अपने आप् कों कंट्रोल कररही थि…उसको बड़ामजा आँ रहा थां….उसका मुँहखुल जाता थां पऱ वोँ आवाज़ नहि निकालने देती थि….अपने होतों कों दबा केँ किसीतरह कंट्रोल कर रही….राहुल तेज़ी सें चाटने लगता हैं….सरिता बोल पड़ती हैं…
सरिता - मे आँ रहीहु बेटा….
सरिता कां पानी छूटने वाला थां….
मनोज - कहाजा रही हौ….
सरिता - नहि वोँ नीचे…नीचे…उम्मम्म….नीचे जारही थि….
इतने मे सरिता राहुल केँ मुँह मे हि झाड़ जाती हैं…औऱ राहुल सारा चूतरस चाट जाता हैं…
मनोज - तुम्हारी तबियत तौ ठीक हैं नां…
सरिता - हाँ हाँ…सभी ठीक हैं…
राहुल फिन सरिता केँ चुत्त मे अपनी ऊँगली घुसा देता हैं….सरिता सीहर उठती हैं….दो समय मे हि राहुल अपनी दूसरी ऊँगली भि सरिता केँ चुत्त मे घुसा देता हैं औऱ ज़ोर ज़ोर सें अंदर बाहर् करने लगता हैं….सरिता पूरी कोशिश कररही थि कंट्रोल करने कि पर्र उसके मुँह सें आवाज़ निकल जाती हैं…
सरिता - हाय्यय राम….बेटा बस कर….उम्मम ह्म्म्म्म्म्म…
मनोज - क्याँ कर दियाअब राहुल नें…
सरिता - नहि कुछ नहि…मुझे काम नहि करनेदे रह हैं….मुझे खानां बनाना हैं नाँ….उम्मम….
मनोज - अच्छा…क्याँ बनारही हौ…
उतने मे राहुल उठ केँ अपने लन्ड कां सूपड़ा सरिता केँ चुत्त पे रगड़ने लगता हैं….सरिता कों राहुल केँ इरादे समाज आँ जाते हैं तौ वोँ अपनासर हिला केँ नहि केँ इशारे करती हैं….
सरिता - मे राहुल कां फ़ेवरेट हि बनारही हु….पऱ वोँ बननेदे तब नाँ….उम्म्म्म्म….
मनोज - अच्छा चलोफिन तुम् खानां बना लो…बाद मे बात करते हैं….
यहकह केँ मनोज फ़ोनकाट ता हैं…औऱ उसीसमय राहुल अपना सूपड़ा सरिता केँ चुत्त मे घुसा देता हैं….उसका मोटा लन्ड आधे सें ज्यादा सरिता केँ चुत्त मे घुस जाता हैं….सरिता केँ मुँह सें ज़ोर सें चीख़ निकलती हैं….
सरिता - ओह्ह्ह माह्ह्ह……मार गयीईई…….आह्ह्ह बेटा……चोद बेटा……आऽऽह्ह्ह्ह….चोददे अपनी मम्मी कि चुत्त……आह्ह्ह…आह्ह्ह….
राहुल अगले झटके मे पूरा केँ पूरा लन्ड सरिता केँ चुत्त मे घुसा देता हैं….औऱ तेज़ी सें झटके लगने लगता हैं….राहुल पूरा लन्ड बाहर् खिंचता औऱ ज़ोर सें अंदरपेल देता थां….दो चारऐसे झटके लगने केँ बाद उसका लन्ड चुत्त सें फिसल गय़ा…फिन उसने लन्ड चुत्त पे टिक्का केँ ज़ोर सें धक्का लगाया…ऐसा दोतीन बारहुआ केँ राहुल कां लन्ड फिसल गय़ा….सरिता कों पता थां…कि राहुल कों चोद्दने कां अनुभव नहि हैं इसलिए वोँ ऐसाकर रहा हैं……सरिता कां भि मजाकिर किर हौ रहा थां …औऱ हरबार वोँ अपना मोटा लन्ड बाहर् निकल केँ गुसता थां तोँ सरिता कों दर्द भि बहोत होता थां….तोँ सरिता नें राहुल सें कहा…
सरिता - आह्ह्ह….आह्ह्ह….बेटा….पूरा मत किच.बाहर्….ओह्ह्ह…ओह्ह्ह….अंदर हि रख….आह्ह्ह….आह्ह्ह…
राहुल - हाँ मम्मी….उम्मम्म…हाऽऽ….
सरिता नें अपने दोनो पांव राहुल केँ गांड पे अटकालिए औऱ उसको अपनी तरंगखिच लिए….सरिता भि धीरे-धीरे धीरे-धीरे नीचे सें अपनीकमर हिला केँ राहुल कां संगदे रही थि….थोड़ी देबाद राहुल थोडसथक गय़ा तौ उसके झटके भि धीमे हौ गए….सरिता समाज गई, थि….
सरिता - रुकजा मेरे लाल….मुझे अपने चूतरस कों तेरे लन्ड पे सें चकनेदे ज़रा….
राहुल नें नीचेझुक केँ सरिता कों होंठों पे जमकेकिस किया….कुछ देर दोनो नें एक् दूसरे नें होटो कों चूसने लगे…
फिन राहुल नें अपना लन्ड चुत्त सें बाहर् निकला औऱ बेड केँ किनारे जा नें खड़ा होँ गय़ा… सरिता लपक केँ बैठ गयीँ, औऱ राहुल कां लन्ड मुँह मे भर केँ चूसने लगी….अपनी थक सें पूरा लन्ड गीलाकर दिया…फिन अपने मुँह मे भरे पूरेथक कों लन्ड केँ ऊपर थूकते हुए बोलीं…
सरिता - तेरे लन्ड पे सें मेरा चूतरस चकने कां मजा हि कुछ औऱ हैं…चल आजा….अभि मुझे एक् औऱ बार झड़ना हैं….मेरा पानी नक़ली बिनाआज तुम्हारी तरफ खानां नहि मिलेगा…चोद अपनी मम्मी कों…
कह केँ राहुल कों बेड पे धकेल दिया…औऱ दोनो टाँगे फैला केँ उसकेऊपर जा केँ बैठ गई, ….
सरिता नें धीरे-धीरे सें फिन राहुल कां लन्ड अपने चुत्त पे टिकाया औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपनी गांड नीचे करने लगी….पूरा लन्ड अंदर घुसने केँ बाद….सरिता धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपनी गांड हिलने लगी….राहुल भि नीचे सें अपनी गांड हिलने लगा….सरिता आगे झुकी औऱ राहुल केँ होटो कों चूसने लगी….दोनो एक् दूसरे कों बेताहशा किस करने लगे…सरिता राहुल केँ ज़बान कों अपने मुँह मे लें लें कर चूसेजा रही थि….
सरिता - उम्मम….उम्म्म्म्म…ओह्ह्ह…ओह्ह्ह….मेरे राजा….मम्मी कों चोदने मे मजा आँ रहा नां….उम्म्म्म्म….ओह्ह्ह….ओह….
राहुल - हाँ मां….बहोत मजा आँ रहा हैं….
सरिता - हम्म….आह्ह्ह….आह्ह्ह….मम्मी कों ऐसे हि रोज़ चोदेगा मेरेलाल…
राहुल - हाँ मम्मी….मेरा बसचले तौ आप् कों मुझसे अलग हि नां होनेदूँ….
सरिता - हाय्ययय….मेरा राजा बेटा….चोद दे मेरी चुत्त….चोद अपने मम्मी कि चुत्त….
कह केँ सरिता नें अपनी गांडऊपर कर केँ हवा मे रोक दि….औऱ राहुल नें नीचे सें हमला करना शुरुआत कर दिया….कमरे मे फ़चफ़च कि आवाज़ें गूँजरही थि….औऱ सरिता कि सिसकियाँ.
सरिता - आह….आह्ह्ह….हाय्ययय माह्ह्ह….अह्ह…आह्ह्ह….ऐसी हि चोदता जा बेटा……चोद अपने मम्मी कि बुर….बुझा दे मेरी प्यास….मेरे राजा….आह्ह्ह……
सरिता झड़ने वाली थि….उसने राहुल कों कस केँ पकड़ लिया……राहुल भि तेज़ी सें झटकेमार मार केँ सरिता कों चोदरहा थां….उतने मे सरिता झाड़ गयीँ, ….औऱ ज़ोर सें छींक पड़ी….
सरिता - ओह्ह्ह्ह….माह्ह्ह्ह….मे गयीईई…….आह्ह्ह्ह्ह….बेटह्ह्ह….
कहते हि सरिता नें अपनी गांडहवा मे उठा ली….उसकी टाँगे काँपरही थि….सरिता नें अपनेहाथ सें चुत्त ज़ोर सें थाप थापा नें लगी…उसकी चुत्त सें २ सेकंड केँ लिए एक् फ़वर निकला….जैसे केँ वोँ मुतरही हौ….सारा पानी उसने राहुल केँ लन्ड केँ ऊपर छोड़ दिया….फिन सरिता राहुल केँ ऊपर नीधल हौ केँ गिर गई, ….औऱ हाँफने लगी….
सरिता - क्या बात है मेरा राजा बेटा….उम्मम….आह्ह्ह…ऐसा तोँ मुझे पहलीबार चुदते वक़्त हुआ थां.बेस….उम्मम….उसके बादआज इतना…पानी निकला हैं……उम्मम….
फिन सरिता नें राहुल कां लन्ड चुत्त पे टिकाया औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे गांड हिलने लगी….औऱ राहुल केँ कानो मे कहनेलगी.
सरिता - तेरा लन्ड कां पानी पिलादे प्यासी मां कों….तेरा सारा पानीपी जाऊँगी मे….तेरा मीठा मीठारस पिलाएगा नाँ अपनी मम्मी कों…
राहुल नीचे सें तेज़ी सें झटके मरने लगा….कुछ देबाद…
राहुल - ऊह्ह….मां.मे झड़ने वालाहु….
सरिता राहुल केँ लन्ड पे सें उठ गयीँ, औऱ ज़मीन पे घुटनो बलबैठ गई, ….राहुल बेड सें उठ केँ सीधे अपना लन्ड सरिता केँ मुँह केँ सामने लेँ गय़ा….सरिता नें अपना मुँहखोल लिया औऱ राहुल केँ लन्ड कि मूठ मरने लगी….कुछ हि झटको मे राहुल नें अपना सारामाल सरिता केँ मुँह मे छोड़ दिया….सरिता नें भि बड़े प्रेम सें वोँ पूरा केँ पूरा निगल गयीँ, ….औऱ राहुल केँ तरफ़देख केँ मुस्कुराते हुए बोलीं…
सरिता - चलोअब खानां खा लेते हैं….रात मे तुमको बोहतकाम करना हैं…
कुछदेर दोनोबेड पे पड़ेरहे एक् दूरसे केँ आग़ोश मे….राहुल सरिता केँ नंगे जिस्म पे अपनेहाथ फेररहा थां….औऱ सरिता राहुल केँ सिने कों चूमरही थि….कुछ देरबाद सरिता उठीऊपर कां लम्बा वाला गाउनपहन केँ नीचे किचें मे खानां बनने केँ लिएचली गयीँ, ….दोंनो नें खानां खाया औऱ फिनरात मे फिनदो राउंड चुदाई कि….
बड़ा परिवार सुखी परिवार - parivaar ka sex - Next part mein bada twist
Relavant source : click here