मेरी प्यारी भाभी - bhabhi ki chudai - Real Kahani Part 1
नमस्ते दोस्तों मे अभय आप् सब केँ सामने एक् ऐसी सच्ची किस्सा बताने जारहा हूं। जिसने मेरी जीवनबदल केँ रख दि।
मेरीउमर इस टाइम 22 साल कि हैं। विवाह केँ 3 सालबाद हि एक् रोड दुर्घटना मे भैया कां स्वर्गवास हौ गय़ा थां। मे भाभी केँ संग अकेला हि रहता थां। मेरी भाभी कां नाम स्वेता हैं। हमारा अपना स्वयं कां बिजनेस थां। भैया केँ स्वर्गवास होने केँ बाद मे हि बिजनेस कि देखभाल करता थां। भाभी बहोत हि सुंदर थि। वोँ मुझे अभि कहकर हि बुलाती थि। पिताजी औऱ माँ कां स्वर्गवास बहोत पहले हि हौ चुका थां। मे एक् दम हट्टा कट्टा नौजवान थां औऱ बहोत हि ताकाटवर भि थां। भाभीउमर मे मुझसे 1 साल कि छोटी थि। वोँ मुझे बहोत प्रेम करती थि। भैया केँ गुजरजने केँ बाद मे भाभी कि पूरी देखभाल करता थां औऱ वोँ भि मेरा बहोत ख्याल रखती थि। मे सुभह 10 बजे हि घऱ सें चला जाता थां औऱ फिनरात केँ 8 बजे हि घऱ वापसआता थां।
यहउस वक्त कि बात हैं जब भैया कों गुजरे हुये 6 महीने हि हुये थें। एक् दिन मेरी तबियत खराब हौ गयीँ, तोँ मैने मेनेजर सें दुकान सम्भालने कों कहा औऱ दोपहर केँ 1 बजे हि घऱ वापस आँ गय़ा।
भाभी नें पूछा, क्याँ हुआ अभि?
मैनेकहा, मेरा सारा जिस्म दुखरहा हैं औऱ लगरहा हैं कि कुछ फ़ीवर भि हैं।
मेरीबात सुनकर वोँ परेशान होँ गयीँ,। उन्होने मुझसे कहा, तुम् मेरेसंग डॉक्टर केँ पासचलो।
मैनेकहा, मैने मेडीकल स्टोर सें कुछ मेडीसीन लेँ ली हैं। मुझे थोडा आरामकर लेनेदो।
वोँ बोलीं, ठीक हैं, तुम् आरामकरो। मे तुम्हारे शरीर पर्र तेललगा कर मालिश कर देती हूं।
मैनेकहा, नहि, रहनेदो, मे ऐसे हि ठीक हूं।
वोँ बोलि, चुपचाप अपने क्मरे मे जाकरलेट जाओ। मे अभि तेल लेँ करआती हूं।
मे कभी भि भाभी कि बात सें इन्कार नहि करता थां।
मे अपने कमरे मे आँ गय़ा। मैने अपनी शर्ट औऱ पेन्ट उतार दि औऱ मात्र बनियान औऱ नेकर पहने हुये हि लेट गय़ा। मेरा नेकर एक् दम ढीला थां औऱ थोडा छोटा नेकर हि पहनता थां।
भाभीतेल लें करआयी। उन्होने मेरेसिर पऱ तेल लगाया औऱ मेरासिर दबाने लगी। उसकेबाद उन्होने मेरेहाथ, सीने औऱ पीठ पर्र भि तेललगा कर मालिश किया। आखिर मे वोँ मेरेपेर पर्र तेललगा कर मालिश करनेलगी। आखिर मे भि व्यक्ति हि थां। उनकेहाथ लगने सें मुझेजोश आनेलगा। जोश केँ मारे मेरा लण्ड खड़ा होनेलगा औऱ मेरा नेकर तम्बू कि तरह सें उपर उठनेलगा। धीरे-धीरे धीरे-धीरे मेरा लण्ड पूरीतरह सें खड़ा हौ गय़ा औऱ मेरा नेकर एक् दम तम्बू कि तरह होँ गय़ा। मे जानता थां कि नेकर केँ छोटा होने कि वजह सें भाभी कों मेरा लण्ड थोडा सां दिखायी देरहा होगा। वोँ मेरे पैरों कि मालिश करते हुये मेरे लण्ड कों भि देखरही थि औऱ उनकी आंखे थोडा गुलाबी सि होनेलगी थि। उनके चेहरे पऱ हलकी सि मुस्कान भि थि। मालिश करने केँ बाद वोँ चली गयीँ,। उसकेबाद मे सो गय़ा।
साम केँ 6 बजे मेरी नींद खुली औऱ मे उठ गय़ा। भाभीगरम चाय लेकरआयी। मैनेगरम चायपी। उसकेबाद मे बाथरूम चला गय़ा। बाथरूम सें जब मे वापसआया तोँ भाभी नें कहा, अब लेटजाओ, मे तुम्हारे शरीर कि फिन सें मालिश कर देती हूं।
मैनेकहा, अब रहनेदो नां, भाभी।
वोँ बोलीं, क्याँ मालिश करने सें कुछ आराम नहि मिला।
मैनेकहा, बहोत आराम मिला हैं।
वोँ बोलि, फिन क्यूं मनाकर रहे हौ।
मैनेकहा, ठीक हैं, तुम् मात्र मेरेपेर कि हि मालिश करदो।
वोँ खुश होँ गई,। उन्होने मेरेपेर कि मालिश शुरुकर दि। मेरा लण्डफिन सें खड़ा हौ गय़ा। इसबार मेरा नेकर थोडा पीछे कि तरफ़ खिसक गय़ा थां जिस सें भाभी कों मेरा लण्डइस बारकुछ अधिक हि दिखायी देरहा थां। भाभी मेरे लण्ड कों देखते हुये मेरे पैरों कि मालिश करतीरही। मुझे साफ़पता चलरहा थां कि मेरे लण्ड कों देखकर वोँ भि जोश मे अनेलगी थि।
थोड़ी देरबाद वोँ बोलि, मे जब तेरे पांव कि मालिश करती हूं तौ तुझेही क्याँ होँ जाता हैं।
मे कहा, कुछ भि तौ नहि हुआ हैं मुझे।
उन्होने मेरे लण्ड पर्र हलकी सि चपत लगते हुयेकहा, फिनयह क्याँ हैं।
मैनेकहा, जब तुम् मालिश करती हौ तौ मुझे गुदगुदी सि होने लगती हैं, इसी लिये तौ मे मनाकर रहा थां।
उन्होने जोश मे भरकर मेरे लण्ड पर्र फिन सें चपत लगते हुयेकहा, इसे काबू मे रखाकर।
मैनेकहा, जब तुम् मालिश करती हौ तौ यह मेरे काबू मे नहि रहता।
वोँ बोलि, तुम् भि अपने भैया कि तरह हि होँ। मे जब उनकेपेर कि मालिश करती थि तोँ वोँ भि इसे काबू मे नहि रख पाते थें।
मैने मजाक करते हुयेकहा, फिन वोँ क्याँ करते थें।
वोँ बोलि, बदमाश कहीं कां।
मैनेकहा, बताओ नां भाभी, फिन वोँ क्याँ करते थें।
भाभी शरमाते हुये बोलीं, वही जोँ सब मर्द अपनी पत्नि केँ संग करते हें।
मैनेकहा, तब तोँ तुम्हें भैया केँ पैरों कि मालिश नहि करनी चाहिये थि। उन्होने पूछा, क्यूं।
मैनेकहा, आखिरबाद मे तकलीफ़ भि तुम्हें हि उठानी पड़ती थि।
वोँ बोलीं, तकलीफ़ किसबात कि, आखिर मेरामन भि तौ करता थां।
मैनेकहा, मेरा भि मन भि काबू मे नहि हैं, अब तुम् हि बताओ कि मे क्याँ करूं।
वोँ बोलि, विवाह करलो।
मैनेकहा, मे अभि विवाह नहि करना चाहता।
उन्होने मुस्कराते हुयेकहा, फिन बाथरूम मे जाकरमुठ मारलो।
मैने अनजान बनते हुये पूछा, वोँ क्याँ होता हैं।
स्टोरी जारी रहेगी.
Congratulations mitr... पर्र yeh story RAJ bhay 2014 mai hi iss site पर्र update krr chuke haen रेहाना भाभी कि चुदाई compleet viewtopic.php?t=166
Keep writing dear, Excited for NEXT Update . . . .
मेरी प्यारी भाभी - bhabhi ki chudai – New Episode
वोँ बोलि, क्याँ सच मे तेरी नहि मालूम हैं कि मुठ मारना किसे कहते हें।
मैनेकहा, नहि।
उन्होने मेरे लण्ड कि तरफ़ इशारा करते हुयेकहा, इसे अपनेहाथ मे पकड़कर अपनाहाथ तेजी सें आगे पीछे करना। थोड़ी हि देर मे इस मे सें ज्यूस निकल जायेगा औऱ यह शान्त हौ जायेगा।
मैनेकहा, तुम् मुझे थोडा सां कर केँ बतादो।
भाभीजोश मे तोँ आँ हि चुकी थि।
वोँ बोलीं, तूँ बहोत हि बदमाश हैं। अपने लण्ड कों बाहर् निकाल, मे बता देती हूं कि केसे करना हैं। मैनेकहा, तुम् स्वयं हि लण्ड कों बाहर् निकाल कर बताओ कि केसे करना हैं। उन्होने शरमाते हुये मेरे लण्ड कों पकड़कर नेकर सें बाहर् निकाल लिया। जैसे हि मेरा 9″ लम्बा लण्ड बाहर् आया तौ उन्हें ऐसालगा जैसेकोई सांपदेख लिया हौ
वोँ बोलि, बाप रे, तेरा तौ बहोत हि लम्बा हैं औऱ मोटा भि।
मैने पूछा, अच्छा नहि हैं क्याँ।
वोँ शरमाते हुये बोलीं, बहोत हि अच्छा हैं।
मैने पूछा, भैया कां कैसा थां।
वोँ बोलीं, उनका भि अच्छा थां मगर तेरे जैसा लम्बा औऱ मोटा नहि थां।
मैनेकहा, अब बताओ कि केसे करना हैं। उन्होने मेरे लण्ड कों पकड़कर अपनाहाथ आगे पीछे करना शुरुकर दिया। मुझे बहोत मजाआने लगा। वोँ भि जोश मे आनेलगी।
2 मिनटमुठ मारने केँ बाद वोँ बोलि, ऐसे हि कर लेना। अब जा बाथरूम मे।
मैनेकहा, बाथरूम मे क्यूं, अगर मे यहींकर लेता हूं तौ इसमें क्याँ बुरायी हैं।
वोँ बोलि, तेरा ज्यूस यहां गिरेगा औऱ मुझे हि साफ़ करना पड़ेगा।
मैनेकहा, मे हि साफ़कर दूंगा।
वोँ बोलीं, ठीक हैं, यहींकर लें। मे जाती हूं। मैने उनकाहाथ पकड़कर कहा, तुम् यहीं बैठो नाँ। वोँ बोलि, तेरे लण्ड पऱ हाथ लगने सें मुझे पहले हि थोडा सां जोश आँ चुका हैं। अगर मे तुझेही मुठ मारते हुये देखूंगी तोँ मुझे औऱ अधिकजोश आँ जायेगा। फिन मेरे लिये बरदाश्त करना मुश्किल होँ जायेगा। आखिर मे भि तोँ महिला हूं औऱ अभि जवान भि हूं।
मैनेकहा, मुझ पर्र भरोसा रखो, मे तुम्हारे संगकुछ भि नहि करुंगा। वोँ बोलि, मुझे पूरा भरोसा हैं तभी तौ मैने तेरे लण्ड कों पकड़कर तुम कोमुठ मारना बताया हैं।
मैने पूछा, नेकर उतारदू याँ ऐसे हि मुठमार लू।
वोँ बोलीं, क्याँ नेकर भि खराब करेगा। उतारदे इसे।
मैने अपना नेकर उतार दिया औऱ मुठ मारने लगा। भाभी मुझेमुठ मारते हुये देखती रही। मे भाभी कों देखता हुआमुठ माररहा थां। धीरे-धीरे धीरे-धीरे वोँ औऱ ज़्यादा जोश मे आँ गई,। जोश केँ मारे मेरेमुह सें अहह…ऊह… कि आवाज़ निकाल रही थि। वोँ मुझे औऱ कभी मेरे लण्ड कों देखरही थि। उन्होने अपना एक् हाथ अपनी बुर पर्र रख लिया औऱ सहलाने लगी। मैने पूछा, क्याँ हुआ।
वोँ बोलीं, तुँ मुझे एक् दम पागलकर देगा। मे जारही हूं।
मैने उनकाहाथ पकड़ लिया औऱ कहा, बैठो नां मेरेपास। वोँ चुपचाप बैठ गई,। मे मुठ मारता रहा। भाभीजोश केँ मारे पागल सि हौ चुकी थि। थोड़ी हि देर मे उन्होने मेरा लण्ड पकड़ लिया औऱ बोलीं, अब रहनेदे, अब मुझसे बरदाश्त नहि हौ रहा हैं।
मैने पूछा, क्याँ हुआ। उन्होने अपना पेटीकोट उपरकर दिया औऱ बोलि, देख मेरी बुर भि एक् दम गीली हौ गई,। तूने तौ मुझे पागल सां कर दिया हैं। अब मुझे बर्दाश्त नहि हौ रहा हैं, तुँ मेरी बुर कों सहलादे, मे तेरा लण्ड सहला देती हूं।
मैनेकहा, सिर्फ सहलना हि हैं याँ कुछ औऱ करना हैं। वोँ बोलि, अगर तेरामन करे तोँ मेरी बुर कों थोडा सां चाट लेँ जिस सें मुझे भि थोडा आराममिल जायेगा।
मैनेकहा, कपड़े तोँ उतारदो। वोँ बोलीं, तूँ स्वयं हि उतारदे।
मैने भाभी केँ कपड़े उतार दीये। अब वोँ एक् दम नंगी होँ गयीँ,। उनकी बुर एक् दम साफ़ थि।
मैनेकहा, तुम्हारी बुर तौ एक् दम साफ़ हैं।
वोँ बोलीं, मुझे बुर पर्र बाल बिलकुल भि पसंद नहि हें इसी लिये मे इसे हमेशा हि साफ़ रखती हूं। तेरा भि तोँ एक् दम साफ़ हैं।
मैनेकहा, मुझे भि बाल पसंद नहि हें। वोँ लेट गयीँ, तौ मैने उनकी बुर पऱ अपनीजीभ फिरानी शुरुकर दि।
वोँ बोलि, ऐसे नहि। मैनेकहा, फिन केसे।
वोँ बोलि, मुझे भि तौ तेरा चूसना हैं। तूँ मेरेउपर उल्टा लेटजा औऱ अपना लण्ड मेरेमुह केँ पासकर देफिन चाट मेरी बुर कों।
मे भाभी केँ उपर 69 कि पोजीशन मे लेट गय़ा। मैने उनकी बुर पर्र जीभ फिरना शुरु किया तोँ उन्होने मेरे लण्ड कां सुपाड़ा अपनेमुह मे लेँ लिया औऱ चूसने लगी। मुझेखूब मजाआने लगा। भाभी भि जोश केँ मारे सिसकारियां भरनेलगी। मैने उनकी बुर कि दरार कों अपने होंठो सें दबाना शुरुकर दिया तोँ उन्होने जोर कि हल्की चीखली।
मैने पूछा, क्याँ हुआ।
वोँ बोलीं, बहोत मजा आँ रहा हैं, औऱ जोरजोर सें दबा।
मैने उनकी बुर कि दरार कों औऱ ज़्यादा जोर सें दबाना शुरुकर दिया तोँ उन्होने मेरा लण्ड अपनेमुह मे औऱ अधिक अन्दर लेँ लिया औऱ तेजी केँ संग चूसने लगी। मैने एक् अंगुली उनकी बुर मे डाल दि औऱ अन्दर बाहर् करनेलगा। थोड़ी हि देर मे भाभी कि बुर सें ज्यूस निकाल आया।
वोँ बोलि, चाट लें इसे। मैने उनकी बुर कां सारा ज्यूस चाट लिया। थोड़ी हि देर मे मेरे लण्ड कां ज्यूस भि निकालने लगा तोँ भाभी सारा कां सारा ज्यूस निगल गयीँ,। उसकेबाद मे हट गय़ा औऱ उनकेबगल मे लेट गय़ा।
भाभी मेरा लण्ड सहलने लगी। थोड़ी देरबाद वोँ बोलि, आज तौ वोँ हौ गय़ा जौ कि नहि होना चाहिये थां।
मैनेकहा, मैनेऐसा क्याँ कर दिया।
वोँ बोलि, तूने मुझे अपना लण्ड दिखाकर आज मुझे पागल सां कर दिया।
मैनेकहा, मैने तोँ नहि दिखाया थां।
किस्सा जारी रहेगी.
माफी चाहता हूं साथी.....
मेरी प्यारी भाभी - bhabhi ki chudai – New Episode
वोँ बोलि, तेरा नेकर हि इतना छोटा औऱ ढीला थां कि मुझे तेरा लण्ड दिखायी दे गय़ा। मे अपने आप् कों काबू मे नहि रख पायीइसी लिये मैने तुझसे पेर कि दोबारा मालिश करने केँ लियाकहा थां। मे तेरा लण्ड देख्ना चाह्ती थि क्यूं कि मुझे तेरा लण्ड बहोत हि लम्बा औऱ मोटादिख रहा थां। मैनेकहा, अब तोँ देख लिया नाँ। वोँ बोलीं, हा, देख भि लिया औऱ मनपसंद भि कर लिया। मैनेकहा, अब क्याँ इरादा हैं।
वोँ बोलीं, तूँ भि वहीकर जोँ तेरे भैया मेरेसंग करते थें।
मैनेकहा, यहठीक नहि हैं। वोँ बोलीं, क्याँ ठीक हैं क्याँ नहि, मे कुछ नहि जानती। अगर तुँ मेरेसंग नहि करेगा तोँ मे मर जाऊगी। मैने पूछा, मे तुम्हारे संग क्याँ करूं। वोँ बोलि, जोँ तेरे भैया मेरेसंग करते थें।
मैनेकहा, मैने तौ कभी देखा हि नहि कि भैया तुम्हारे संग क्याँ करते थें। भाभी नें मेरे गालो कों जोर सें काट लिया औऱ बोलि, अबचोद दे मुझे।
मैनेकहा, दर्द होगा।
वोँ बोलि, तोँ मे क्याँ करूं, होनेदे। जोँ होगा देखा जायेगा। मैनेकहा, तुम् मेरी भाभी होँ, मे तुम्हें केसेचोद सकता हूं। भाभी कां तोँ जोश केँ मारे बुराहाल थां। वोँ बोलि, तूँ मुझे नहि चोदेगा लेकीन मे तोँ तुम्हे चोद सकती हूं। मैनेकहा, फिन तुम् हि चोदो।
मेरा लण्डफिन सें खड़ा हौ चुका थां। भाभी मेरेउपर आँ गयीँ,। उन्होने मेरे लण्ड केँ सुपाड़े कों अपनी बुर केँ बीचरखा औऱ दबाने लगी। उनके चेहरे पऱ दर्द कि झलक साफ़दीख रही थि फिन भि वोँ रुकी नहि। मेरा लण्ड धीरे-धीरे धीरे-धीरे उनकी बुर मे घुसता हि जारहा थां। उनकी बुर बहोत हि टाईट थि। उन्होने दबाना जारीरखा तौ थोड़ी हि देर मे उनकी आंखो मे आंसू भि आँ गये। मैने पूछा, क्याँ हुआ। वोँ बोलि, दर्द बहोत होँ रहा हैं।
मैनेकहा, फिनरुक जाओ नां, क्यूं इतना दर्द बर्दाश्त कररही होँ। वोँ बोलीं, मे पागल हौ गयीँ, हूं। अब तक मेरा लण्ड भाभी कि बुर मे 7″ तक घुस चुका थां। दर्द केँ मारे भाभी कां बुराहाल होँ रहा थां। तभी वोँ अपने शरीर कां साराजोर देते हुये अचनक मेरे लण्ड पर्र बैठ गयीँ,। मेरा पूरा कां पूरा लण्ड उनकी बुर मे समा गय़ा। उनकेमुह सें जोर कि चीख निकाली। उनका सारा जिस्म थरथर कांपने लगा। उनके चेहरे पर्र पसीना आँ गय़ा। उनकी सांसे बहोत तेजचल रही थि।
वोँ मेरेउपर लेट गयीँ, औऱ मेरे होंठो कों चूमने लगी। मे उनकीकमर औऱ चूतड़ कों सहलने लगा।
तभी मुझे बदमाशी सूझी। मैने उनकी गाण्ड केँ छेद पऱ अपनी अंगुली फिरानी शुरुकर दि तौ उन्हें मजाआने लगा।
अचनक मैने अपनी अंगुली उनकी गाण्ड मे डाल दि तोँ उन्होने जोर कि सिसकी ली औऱ बोलीं, बदमाश कहीं कां। पहले तोँ कहरहा थां कि तुम् मेरी भाभी होँ, मे तुम्हें केसेचोद सकता हूं। अब मेरी गाण्ड मे अंगुली डालरहा हैं। क्याँ मे अब तेरी भाभी नहि रह गयीँ,।
मैनेकहा, बिलकुल नहि, अब तोँ तुमने मेरा लण्ड तुमने अपनी बुर मे डाल लिया हैं। अब तुम् मेरी भाभी नहि रह गयीँ, होँ। वोँ बोलीं, फिन मे अब तेरी क्याँ लगती हूं। मैनेकहा, पत्नि। वोँ बोलीं, फिनचोद दे नां अपनी पत्नि कों। क्यूं तरसारहा हैं मुझे। अब तोँ मैने तेरा पूरा कां पूरा लण्ड अपनी बुर केँ अन्दर लें लिया हैं। मेरी अंगुली अभि भि भाभी कि गाण्ड मे थि। मैनेफिन शरारत कि औऱ कहा, मे तुम्हें एक् हि शर्त पर्र चोद सकाटा हूं।
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