मम्मी औऱ खेत - Full Story Part 1
हेलो दोस्तों ये मेरी पहली किस्सा हैं। मे पहलीबार कोई किस्सा लिखरहा हु।
आसा करता हूं कि आप् लोगों कों किस्सा पसन्द आए।
अब किस्सा शुरु करते हें।
पहले परिचय मेरी मां सें कराता हु। मेरी मां कां नाम संगीता हैं। उम्र 42 हैं। दिखने मे बहोत हि सुंदर हैं।
एक् दममाल हैं मेरी मम्मी। मेरी मम्मी जब भि बाजार जाती हैं तौ सबलोग मेरी मम्मी कों हि देखते हैं। याँ बोलो कि मेरी माँ केँ बॉडी फिगर कों देखते हें। जोँ एक् स्त्री कि हुस्न कां पहचान होती हें।
औऱ अब मेरा परिचय मेरानाम रोहित हैं। उम्र 20 हैं। औऱ मे अपनी माँ कां दीवान हु। मगर अभि तक कुछकरा नहि हैं। बस मम्मी केँ सेक्सी फिगर कों देख केँ daily मुट्ठी मारता हु। औऱ अपने खयालों मे हि माँ केँ बारेसोच सोच केँ मुट्ठी मारता रहताहु।
हम् लोग एक् देहात मे रहते हें। मेरेघऱ मे बस मे औऱ माँ रहते हें। पिताजी बाहर् सहर मे नौकरी करते हैं तोँ वोँ कभीकभी आते हैं घऱ पऱ।
एक् दिन:-
रात कां वक़्त थां रात केँ 10 बजरहे थें। मे अपनेरूम मे थां औऱ फोनचला रहा थां। तभी मेरे कों मम्मी केँ पायल कि आवाज़ आती हैं जब वो चलरही थि तोँ पायल कि आवाज़ मेरे कानों मे पड़ती हैं तभी मे समझ जाताहु कि मम्मी खेत मे शौच करनेजा रही हैं। वो केसेपता चलता हैं क्यूं कि मेरी मम्मी डेलीइस समयखेत मे हगने जाती हैं गांवों कि औरतों केँ संग मे।
मेरे देहात मे आज भि सब औरतें खेतों हगने जाती हैं।
मे जब देखता हु कि माँ चली गई तौ मे भि उनके पीछे पीछेचल देताहु। मम्मी खेत मे जा केँ बैठ जाती हें औऱ मै एक् पेड़ केँ पीछेछुप केँ देखता हु। बाकी देहात कि औरतें अलगअलग जगहों पऱ बैठ केँ हगने लगती हैं। रात केँ वक़्तकुछ सही सें दिख भि नहि रहा थां। तभी माँ पेशाब करती हैं तोँ उस मे सें सीटई कि आवाज़ आती हैं।
कुछदेर बाद माँ उठ केँ अपनी साड़ी सही करती हैं औऱ घऱ केँ लिए निकल जाती हैं औऱ मे भि छुप केँ सें वो सें निकल लेताहु।
औऱ घऱआके अपनेबेड पऱ लेट केँ मम्मी केँ बारे मे कल्पना कर केँ मुट्ठी मारने लगताहु।
मे:- अहहअहह अहह माँ उम्म shh ahhhh।
औऱ अपने लन्ड कों टाइट पकड़ केँ आगे पीछे करने लगताहु। औऱ मम्मी केँ बारे मे गंदे गंदे विचार सोच केँ कुछदेर बाद मे झड़ जाता हूं औऱ उसकेबाद सो जाता हूं।
Next day:
माँ रसोई मे थि औऱ खानां बनारही थि। तभी मे माँ केँ पीछे आँ केँ खड़ा हौ जाताहु। औऱ माँ केँ पीठ पे पसीना आईहुआ थां जौ कि माँ केँ ब्लाउज कों गिलाकर दिया थां।
मे: माँ क्याँ बनारही होँ।
मम्मी: देख नहि रहा कि रोटीबना रही हूं।
मे: हा रोटी केँ संग औऱ क्याँ बना याँ हैं।
माँ: आलू कि सब्जी।
मे: मम्मी देखो नं तुम्हें कितना पसीना आँ चुका हैं।
माँ: क्याँ करूं बेटा इतनी गर्मी जौ हैं औऱ ऊपर सें याँ गैस कि गर्मी पसीना तौ होगा हि न्।
मे: रूको केँ काम करताहु मे तुम्हें पंखाकर देताहु औऱ तुम् खानां बनाओ।
माँ: अच्छा जीअब तूँ मुझे पंखा करेगा।
मे: हा माँ।
औऱ मे इतनाकह केँ हाथ वाला पंखा लेँ केँ आताहु औऱ माँ कों हवा देने लगताहु।
मे: कैसालग रहा हैं माँ।
मम्मी: अबसही लगरहा हैं।
मे: एक् काम करताहु आपके पसीना मे अपने रुमाल सें साफकर देताहु।
माँ: क्याँ तूँ रुमाल सें साफ करेगा मेरा पसीना।
मे: हा मम्मी।
फिन मे अपनीजेब मे सें रुमाल निकलता हूं औऱ मम्मी केँ पीठ पे जौ पसीना आँ रहा थां उसे अपने रुमाल सें साफकर देताहु औऱ उसकेबाद माँ केँ कमर पे आए पसीने कों साफ करता हूं।
माँ: मेरीकमर तक भि आँ गय़ा क्याँ पसीना।
मे: हा माँ।
अब मे मम्मी केँ आगे वाले हिस्से कों पोंछता हु मम्मी केँ नाभि कों औऱ उनकेपेट कों। जब मम्मी रोटीबेल रही थि तौ उनका शारीर आगे पीछे होँ रहा थां। फिन मे सोचता हु कि क्याँ मे मम्मी कि चुचियों केँ पास भि जोँ पसीना आँ रहा थां क्याँ मे उसे पोंछदूं।
माँ: तुँ जब तक पसीना साफ करतारह गय़ा औऱ यहां रोटी भि बन गई।
मे: हा।
मम्मी: चलमैजा रहीहु नहाने तूँ अपन खानां निकल केँ खा लेना।
मे: ठीक हैं माँ।
औऱ पसीने सें गिलाहुआ रूमाल मे अपनेजेब मे रख लेताहु।
मे अभि माँ केँ चूचियों केँ पास जाने वाला हि थां जब तक मम्मी रोटीबना चुकी थि। औऱ मे खानां निकल केँ खा लेताहु। औऱ माँ अपनेरूम मे चली जाती हैं।
फिन मम्मी घऱ केँ पीछे बाथरूम थां वहाचली जाती हैं। फिन मम्मी अपनी कच्छी(पैन्टी) देखती जोँ अभि सुखा नहि थां। तौ मम्मी दुबारा अपनेरूम मे आती हें औऱ जोँ मम्मी नें अभि पैन्टी पहनी थि उसे उतार केँ अपनेबेड पर्र रख देती औऱ नहाने चली जाती हैं।
मे सभी जानता हूं कि माँ दुबारा क्यूं आईं हैं अपनेरूम मे। क्योंकि मे हि माँ कि पैन्टी कों सुभह गिलाकर दिया थां। जब माँ नहाने चली जाती हैं तोँ मे उनकेरूम मे जाताहु औऱ देखता हु कि माँ नें अपनी ब्रा औऱ पेन्टी बेड पऱ हि रखा हैं।
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फिन मे ब्रा कों उठा केँ सूंघने लगताहु। क्याँ मनमोहक खुशबू आँ रही थि। औऱ मे माँ कि कच्छी(panty) उठाता हु तौ देखता हु कि माँ कि पैन्टी अभि तोड़ी सि गीली थि तोँ मे समझ जाताहु कि माँ जब खानां बनारही थि तौ उनको पसीना हि रहा थां। औऱ तभीये पैन्टी गीली हुइ हैं।
मे: अहह माँ आपकी पैन्टी सें खुशबू बहोत मस्त आँ रही हैं औऱ आपका पसीना इस पैन्टी केँ खुशबू कों औऱ बड़ादे रहा हैं।
जेब मे रखी रूमाल कों निकल केँ उसे भि सुंघने लगताहु। तभी मे सोचता हु कि क्यूं नं माँ कों नहाते वक्त देखू औऱ उनकी पैन्टी कों सुंघू। फिन मे एक् रूम जाताहु जहां पुराने सामान रखे जाते हें औऱ उसरूम सें घऱ केँ पीछे बाथरूम भि सही सें दिखता हें।
मे उसरूम कि खिड़की थोडा सां खोलता हु औऱ मेरे सामने कां नजारा एकदम अद्भुत थां।
माँ अपनी पेटिकोट मे नहारही थि। औऱ पेटिकोट गीली होने केँ कारण माँ केँ शरीर सें चिपकी हुई थि औऱ मम्मी केँ चूतडउस पेटिकोट मे साफसाफ दिखरहे थें। तभी मे अपना पेंट उतरता हु औऱ अपने लन्ड कों पकड़ केँ मुठ्ठी मारने लगताहु औऱ माँ कि पसीने वाली पैन्टी कों अपनीनाक सें लगा केँ सूंघने लगताहु।
मे: अहह मम्मी तेरी panty सें क्याँ खुशबू आँ रही हें अहहअहह अहह।
Gaon mai ayese nazare dekhne ko bhut mil jate haen. mene bi apni mummy, Chachi, Bhabhi or behnon ko kai bar nahate hue dekha h or muth mari h.
मम्मी औऱ खेत – New Episode
bhay, pehli kahani likhne के liye बहुत badhiya effort h yar! Overall vibe ekdum desi village incest fantasy wali h, wo classic “maa kaa deewana beta” wala feel joo लोग secretly padhte haen। tuze credit deta hun की tune introduction और buildup dono ko achhe से set किया h.
Character intro solid thaa। Sangita maa kaa description (42 साल, mal, sab लोग dekhte haen) और Rohit kaa obsession, dono ko seedha samajh aa गया। “mummy kaa deewana” wala line और daily mutthi wala scene बहुत real feel deta h.
Setting bi perfect h, gaon, khhet में shauch, rath के 10 baje payal की awaaz, sab कुछ desi और believable ban गया। ye choti-choti details kahani ko alive krr dete haen.
Peeping + panty sniffing scene बहुत strong thaa। wo batroom wala nazaara, wet petticoat, chootad dikhte hue, और beta panty से naak lagake mutthi maar raha h, ye scene sacch में hot और detailed thaa। Last line “अहह माँ तेरी panty सें क्याँ खुशबू आँ रही हें” tak pahunch के mast climax feel हुआ.
halanki Spelling और grammar में kafi जगह galtiyan haen (जैसे “आसा” → “आशा”, “करा नहि हैं” → “किया नहि हैं”, “हु” → “हूं”, “shh ahhhh” mix English-Hindi, “कच्छी” और “पैन्टी” dono use kiye, “तोड़ी सि गीली” etc.)। Pehli kahani h तो chalta h, लेकिन aglaa part likhne से pahle एक baar proofreading krr लेना!
Kuch scenes thode jumpy haen। jaesa kitchen से batroom tak transition juldi hu गया। thora और slow build-up daal sakta thaa, maa kaa pyar से beta ko manaana, ya beta kaa man में guilt + excitement kaa mix.
Dialogue natural h लेकिन थोड़ा ज़्यादा simple h। maa kaa “अच्छा जीअब तुँ मुझे पंखा करेगा” wala line funny और real thaa, ayese और lines add krr sakte hu.
sacch bataun तो ye kahani अगर thodi polish के saath continue karegi तो लोग isko बहुत पसंद karenge!
मम्मी औऱ खेत – New Episode
Update 2
मे माँ कों वही खिड़की सें देख केँ मुठ्ठी मररहा थां। औऱ मम्मी कि कच्छी(panty) कों अपनेनाक सें लगा केँ सुंघरहा थां।
माँ कि कच्छी(panty) मे दाग धब्बे देखता हु जौ कि कच्छी मे लगा थां औऱ ऐसालग रहा थां कि माँ कि चुत सें जौ कामरस निकलता हैं वोँ इस कच्छी मे लगा हैं। फिन मे उसदाग धब्बे वाले हिस्से कों अपनीनाक मे लगा केँ एक् लम्बी सांस लेताहु। औऱ जब मे लम्बी सांस लेताहु तोँ कुछअलग हि गंध आँ रही थि। मुझेसमझ नहि आँ रहा थां कि यह खुशबु हैं याँ फिन बदबु हैं दोनों कां मिक्स गंध आँ रहा थां।
फिन मे माँ कि कच्छी कों अपनीनाक सें हटा केँ देखता हु औऱ दाग धब्बे वाले हिस्से कों अपनीजीभ सें चखना कों सोचता हु।
मे: मम्मी तेरी कच्छी सें जोँ गंध आँ रही हैं मेरे सें रहा नहि जारहा हैं। तूँ वहानहा रही हैं औऱ मे तेरी कच्छी सें खेलरहा हु।
फिन मे कच्छी कों अपने दोनों हाथों सें फैला लाताहु औऱ अपनीजीभ निकाल केँ उसदाग धब्बे वाले कों हिस्से कों चाटने लगताहु।
मे: ummm ummm माँ ahhhhhh।
मुझे उसका स्वाद अजीब लगता हैं मगर मेरी कामवासना मेरे कों औऱ चाटने कों कहरही थि। औऱ मे अपनी मम्मी कों अपनी आंखों केँ सामने नहाता देख उसकी कच्छी चाटरहा थां।
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मेरा ध्यान माँ सें हट केँ उसकी कच्छी पर्र चला गय़ा थां मे इतनाउस कच्छी कों चाटने मे खो गय़ा थां कि मेरा ध्यान माँ पर्र गय़ा हि नहि औऱ मे येसभी भुल गय़ा थां कि मुझे माँ कों नहाते देख्ना थां। औऱ मे कुछदेर मे उसदाग धब्बे कों अपनीजीभ सें चाट केँ साफकर दिया थां।
मे: ahhhhhh अब होँ गई साफ मम्मी कि कच्छी। मगर मेरा मुंह कां स्वाद कुछबदल गय़ा हैं इस कच्छी कों चाटने सें।
फिन मे देखता हु कि मम्मी अबनहा ली थि औऱ वहीरसी पर्र अपना पेटीकोट रखी थि फिन मम्मी उस पेटीकोट कों उठा केँ औऱ अपनेशर सें पहनती हैं औऱ अपनी चुचियों केँ पास लाकेरोक देती हैं औऱ अपनी गीली पेटिकोट कां नाड़ा खोल केँ नीचे गिरा देती हैं औऱ दूसरे पेटिकोट कों अपनी चुचियों केँ पास लाकर नाड़ा बांध देती हैं। फिन मे सोचता हु कि माँ अब अपनेरूम मे जाएगी तोँ मे वहा सें निकल केँ माँ केँ रूम मे जाकरउस कच्छी कों वैसे हि रख देताहु जैसे मम्मी छोड़ केँ गई थि औऱ मे वहा सें निकल केँ अपनेरूम मे चला जाताहु।
अब मम्मी अपनेरूम मे आती हैं औऱ मेरीजीभ सें चाटी हुइ अपनी कच्छी पहनती हें मगर मम्मी कों एहसास नहि होता हैं कि उसकी कच्छी गीली हैं।
औऱ मे अपनेरूम मे लेट केँ एक् पॉर्न वेबसाईट खोलता हु। औऱ इस वेबसाईट पर्र Real mummi and Son Porn थां औऱ भि कुछ थां मगर मैनेये वेबसाईट पहले नहि देखा थां मे पहलीबार इस वेबसाईट कों ओपन किया थां। ये वेबसाईट देख केँ मेरे अंदर कि जिज्ञासा उठी हैं कि क्याँ याँ सही मे Real mummi and Son वाली वेबसाईट हैं। तोँ मे एक् वीडियो प्ले करताहु औऱ वीडियो केँ इंट्रो सें लग जाता हैं कि येसही मे रियल वाले हें। फिन भि मे उस वीडियो कों पूरा देखता हु खाली इंट्रो देख केँ पता नहि कर सकता थां कि याँ वीडियो रियल हैं।
फिन मे औऱ भि वीडियो देखता हुजब मे याँ सभी वीडियो देखरहा थां तोँ मेरा लौड़ा पेंट मे हि खड़ाहुआ थां। याँ वीडियो देखीरहा थां तोँ मुझे एक् वीडियो दिखती हैं जिस कां नाम थां Buy For Your mummi फिन मे जल्दी इस वीडियो कों प्ले करताहु। जैसे हि प्ले करता हि हुतभी माँ मेरेरूम कां गेट बजाती हैं औऱ मे फोन कि वॉल्यूम कों कामकर देताहु।
मम्मी: रोहित रोहित।
वैसे भि फोन कां वॉल्यूम कम हि थां फिन भि कमकर देताहु। औऱ अपने खड़े लन्ड कों पैंट मे सही करताहु। येसभी मे इतना जल्दकर रहा थां। औऱ गेट केँ पासआके।
मम्मी: रोहित रोहित सो गय़ा क्याँ।
मे: आया मम्मी।
फिन मे गेट खोलता हु।
मम्मी: अच्छा सुन मे बाजार जारही हु बबिता केँ संग।
मे: ठीक हैं मम्मी जाओ।
मम्मी: घऱ देखता रहीओ कुत्ते बिल्ली नाँ आजाएं अंदर।
मे: ठीक हैं माँ आप् जाओ मे देख लूंगा।
फिन मम्मी घऱ सें चली जाती हैं औऱ मे अपनेरूम जा केँ उस वीडियो कों प्लेकर केँ दिखने लगताहु।
उस वीडियो मे:-
(बेटा): देखो माँ मे क्याँ लेकेआया हु।
(मम्मी): क्याँ लें केँ आया हैं बेटा।
फिन वो लड़काबैग खोलता हैं जौ वो लेकेआया थां औऱ उस मे सें एक् पाउडर निकलता हैं औऱ अपनी माँ सें कहता हैं।
(बेटा): मम्मी जल्द सें अपनी panty निकल केँ दो।
(मम्मी): बता पहले क्याँ हैं ये।
(बेटा): अपनी panty निकालो तौ सही।
(मम्मी): ठीक हैं।
फिन उसकी मम्मी उसके सामने नंगी हौ जाती हैं औऱ अपनी panty उतार केँ अपने बेटे केँ हाथ मे दे देती हैं। औऱ फिन बेटा उस पाउडर कों अपनी माँ कि panty पर्र लगाता हैं। उसकी मम्मी वही खड़ी होँ केँ येसभी देखरही थि कि उसका बेटा ये पाउडर क्यूं लगरहा हैं।
(बेटा): लो माँ अबइसे पहनलो।
फिन उसकी माँ उस पाउडर लगी panty कों पहन लेती हैं।
(मम्मी): ये जोँ तूने मेरी पैंटी मे पाउडर लगाया हैं इससे क्याँ होगा।
(बेटा): थोड़ी देर रुको तौ मम्मी अभि पता चलेगा कि मैनेये क्यूं लगाया हैं।
फिन 5 मिनटबाद पाउडर अपनाअसर शुरुआत करने लगता हैं। औऱ उसकी मम्मी थोडा सां हिलने लगती हैं औऱ अपनीचुत पर्र हाथ लगाने लगती हैं।
(मम्मी): बेटा ये क्याँ होँ रहा हैं मुझे मेरेचुत मे खुजली औऱ गर्मी क्यूं लगरही हैं।
(बेटा): यही तौ इस पाउडर कां कमाल हैं मेरी माँ।
(माँ): बेटा मे कुछ समझी नहि।
फिन वो लड़का कैमरे केँ पासआके कहता।
(बेटा): हेलो दोस्तों ये एक् मस्त पाउडर हैं जोँ कि आप् अपनी मम्मी केँ पैंटी मे यूजकर सकते होँ औऱ हा अपनी मम्मी कि चुत कि गर्मी औऱ खुजली दोनों मिटा सकते होँ घंटे तक। इस पाउडर कों चुत पर्र लगाने सें औरतों कि कामवासना जाग जाती हैं औऱ वो चुदाई केँ लिए रेडी हौ जाती हैं।
फिन वो कैमरे कों अपनी माँ केँ पास लाता हैं औऱ उसकी माँ पसीने सें बिल्कुल तरबतर थि औऱ आहेभर रही थि।
(बेटा): आप् लोगदेख हि रहे हें केसे मेरी मम्मी बेचैनी रही हैं। आप् लोगइस प्रोडक्ट कों लेना चाहते हें तोँ मेरे वीडियो केँ नीचेदिए गए लिंक सें खरीद सकते हें। औऱ हाइस पाउडर कां एक् ट्रांसपेरेंट वाला भि हैं जौ आप् लोगउसे यूजकर सकते हैं जिसे लगाने सें पता नहि चलेगा कि पाउडर लगाया हैं सफेद वाला जौ पाउडर कां असलीरंग होता हैं सफेद। तौ मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो मे। Bye
मे ये वीडियो देख केँ उस ट्रांसपेरेंट वाले पाउडर कों ऑर्डर कर देताहु। मगरमै आज कां आर्डर सेलेक्ट करताहु कि आज हि आँ जाएये प्रोडक्ट।
मे: हाकर दिया ऑर्डर अबबस जल्द आँ जाएये पाउडर फिन मे अपनी मम्मी पे इस्तेमाल करूंगा।
कुछ घंटेबाद:-
माँ अब बाजार सें आँ जाती हैं औऱ घऱ केँ आंगन मे चारपाई रखी हुई थि उसे पर्र बैठ जाती हैं औऱ मुझसे कहती हैं।
मम्मी: बेटा एक् ग्लास पानी लें केँ आजा बहोत जोरो कि प्यास लगी हैं।
मे: लारहा हु माँ।
फिन मे एक् ग्लास मे मम्मी केँ लिए पानी लाताहु। औऱ मम्मी कों दे देताहु।
मे: लो माँ।
मम्मी पानी पीने लगते हें औऱ माँ कों पसीना भि बहोत आयाहुआ होता हैं बाहर् इतनीधूप औऱ गर्मी थि इसके कारण मम्मी पसीने सें लटपट थि। मम्मी पानी पीके गिलास कों नीचेरख देती हैं।
फिन हमारे घऱ पर्र बबीता आंटीआती हैं।
बबीता: संगीता चल मेरेघऱ पऱ कुछकाम हैं।
माँ: क्याँ हुआ।
बबीता: तूँ चल तोँ सही।
माँ: ठीक हैं चलरही हु।
औऱ दोनों घऱ सें निकली रही होती हैं तभी डिलीवरी वालागेट पर्र आता हैं।
डिलीवरी बॉय: रोहित केँ नाम सें ऑर्डर थां।
मे: हा मे हि हु।
तभी बबीता आंटी बोलती हैं।
बबीता: क्याँ मंगाया हैं रोहित।
मे: मे वोँ कुछ पढ़ाई कां सामान हैं।
बबीता: अच्छा ठीक हैं संगीता चल चलते हैं।
मे उस प्रोडक्ट कों लें लेताहु औऱ माँ औऱ आंटी भि अबजा चुकी थि। अब मे अपनेरूम मे आकेउस पैकेट कों खोलता हु औऱ उस मे सें पाउडर निकल केँ देखने लगताहु।
औऱ इधर बबीता आंटी कां घऱ:-
माँ: बता क्यूं किसलिए लेकरआई हैं।
बबीता: चल तोँ सही मेरेरूम मे।
दोनों रूम कि तरफ चलतेहुए जारही थि।
मम्मी: अभि मे घऱआके आराम हि कररही थि जब तक तुँ आँ गई।
रूम मे आते हि बबीता आंटी एक् पुस्तक निकलती हैं जोँ उन्होंने बेड केँ पलंग केँ नीचेरख रखा थां।
बबीता: येदेख कौन सि पुस्तक हैं।
मम्मी उस पुस्तक कां नाम पड़ती हैं।
माँ: यह क्याँ लिखा हैं " मेरी माँ मेरी रखेल"।
बबीता: अभि तौ ये सुनकर चौंक जाएगी कि ये पुस्तक आई कहां सें हैं।
माँ: कहा सें आई हैं।
बबीता: ये पुस्तक मैने अपने बेटे केँ रूम सें निकाला हैं।
माँ: क्याँ।
बबीता: हासही कहरही हु।
तभी मे मम्मी कों कॉलआई करताहु ये पूछने केँ लिए कि कब तक आएंगी घऱ पऱ। ताकि मे उस पाउडर कों मम्मी कि कच्छी मे लगाके रखदूं। मम्मी कॉलआई उठाती हैं।
मम्मी: एक् मिनटरुक बबीता रोहित कां कॉलआई आँ रहा हैं।
मै मोबाइल कों स्पीकर कों लाउडमोड पऱ रख केँ बात करताहु।
मम्मी: बोल बेटा।
मे: मम्मी कब तक आओगीघऱ पर्र।
माँ: अभि थोडा समय लगेगा बेटा।
मे: तौ भि कितना वक्त लगेगा।
मम्मी: 1 घंटालग जाएगा अभि बबीता आंटी कां कुछकाम कररही हु।
मे: ठीक हैं मम्मी।
औऱ मे मोबाइल नहि कट करताहु औऱ मोबाइल कों अपनेजेब मे डाल केँ घऱ केँ पीछेजा केँ जहां मम्मी कि कच्छी सुखरही थि उस कच्छी कों लेँ केँ अपनेरूम मे आँ जाताहु। तभी मुझे मोबाइल पे माँ कि आवाज़ सुनाई देती हें।
मम्मी: यह पुस्तक तुने अपने बेटे केँ रूम सें निकाली हैं।
मे मोबाइल कों अपनीजेब मे सें निकलता हु औऱ उन दोनों कि बातें सुनने लगताहु।
बबीता: हा मे डेलीरात कों देखी थि उसे पढ़ते हुएइस पुस्तक कों।
माँ: ये पुस्तक तेरे बेटे कों मिली कहां सें।
बबीता: यही तोँ नहि पता मुझे। मुझे लगता हैं इसकेकुछ आवारा यार हैं उन्हीं सें लिया होगा इसने पुस्तक कों।
माँ: हा याँ भि हौ सकता हें।
मे दोनों कि बातें सुन केँ समझ नहि पारहा थां कि किस पुस्तक कि बात होँ रही हैं।
बबीता: इस पुस्तक कों खोलकर देख इसके अंदर औऱ भि किस्सा हैं।
माँ फिनकुछ कहानियों कां नाम लेती हैं।
मम्मी: यह क्याँ बबीता इस पुस्तक केँ अंदर तौ कुछ अधिक हि गंदी-गंदी कहानियों केँ नाम हैं।
माँ: येदेख क्याँ लिखा हैं। " माँ मेरी पालतू कुत्तिया" औऱ इस वाले कां नामदेख " चूत फाड़वाने कों रेडी मेरी मम्मी"।
मे जैसे हि कहानियों केँ नाम सुनता हु तोँ एकदम सें हिल जाताहु औऱ सोचता हु कि कौन सि पुस्तक इन दोनों केँ हाथलग गई हैं।
बबीता: अबतु हि बता संगीता क्याँ करूं मे।
माँ: एक् बारतु अपने बेटे सें बातकर इस बारे मे।
मम्मी: मगरये बात तोँ बाजार जाते वक़्त भि बता सकती थि।
बबीता: केसे बताती हम् रोड पर्र येसभी बातें करते हें औऱ कोई हमारे बातें सुन लेता तोँ क्याँ सोचता।
मम्मी: hmm चल एक् बार अपने बेटे सें बातकर आज।
बबीता: ठीक हैं।
मम्मी: जब बेटा बड़ा होँ जाता हैं तौ उसकी पहली महिला उसकी माँ हि होती हैं जिसे वो पसन्द करता हें।
बबीता: यह क्याँ कहरही हैं तु।
मम्मी: सहीकह रहीहु।
बबीता: मतलब मे समझी नहि तु कहना क्याँ चाहती हैं सही सें बता।
मे येसुन केँ चोक जाताहु कि मम्मी ये क्याँ कहरही हें।
मिलते हें नेक्स्ट भाग मे।
मम्मी औऱ खेत - Next part miss mat karna
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