Meri Jung (Restart) – New Episode
एपसोड 129 -
वहीं दूसरी तरफये सभी देखकर अज्जू कों दिल हि दिल मे अपने आप् सें नफरत हौ रही थि, क्योंकि अब तक उसने जोँ कुछ भि देखा औऱ महसूस किया थां, उसके कारण अज्जू कों अपनी गलतियों कां एहसास होँ चुका थां, वोँ इससमय इकराम केँ आगे अपने आपको बिल्कुल बौना महसूस कररहा थां। उसके सामने एक् तरफ इकराम थां, जिसने अपनी बेहन कों बचाने केँ लिए अपनीजान तक दे दि थि, औऱ शायद वोँ उसकीसगी बेहन भि नहि हैं, दूसरी तरफ वोँ हैं, जिसने अपनीसगी बेहन, जौ उसकी पत्नी औऱ उसकी जीवन थि उसे इतना दर्द दिया थां।
इकराम जौ एक् आम इंशान होतेहुए भि अपनी बेहन केँ लिए सारी हदेंपार कर गय़ा थां, दूसरी तरफ वोँ थां, जोँ सुपर ह्यूमन होतेहुऐ भि निशा केँ लिएकभी कुछकर हि नहि पाया, शुरूआत मे जब निशा एक् नॉर्मल इंशान थि, उस टाइम कों छोड दियाजाऐ तौ उसकेबाद सें हरबार जब भि उसके याँ उनके परिवार केँ ऊपरकोई मुशीवत आई हैं, तोँ वोँ निशा थि जिसने अपनीजान पर्र खेलकर सबको बचाया थां, फिन चाहे वोँ उसके चाचा केँ संग हुइ जंग होँ, याँ नायडू केँ संग हुईँ जंग, याँ फिन कीमोथैरिपी करवाकर अपना सारा ब्लड देकर जिया कि जान बचाना होँ। निशा नें अपनाहर फर्ज सच्चे दिल सें औऱ पूरी ईमानदारी सें निभाया थां, मगर वोँ स्वयं अपना फर्ज निभाने मे हमेशा गलतियों पर्र गलतियाँ करताचला गय़ा।
औऱ निशा केँ जाने केँ बाद भि उसने अपने परिवार केँ प्रति अपनाकोई फर्ज नहि निभाया, बल्कि अपने हि दुख दर्द मे डूबारहा। जिस कारण उसका पूरा परिवार धीरे-धीरे धीरे-धीरे बिखर गय़ा। वही दूसरी तरफ इकराम औऱ जोया हें जोँ एक् दूसरे कों सुरक्षित रखने केँ लिएकुछ भि करने केँ लिए रेडी हैं, उन्हें नां तौ अपनीजान कि फिक्र हैं औऱ नां हि किसीबात कां कोईडर। इकराम जोँ इस टाइम अपनी अंतिम सांसें लेँ रहा हैं, उसर ऐजेंट जीरो कों अब भि भरोसा हैं कि वोँ मौत केँ सामने हार नहि मानेगा औऱ उससेकिए गएहर बादे कों पूरा करेगा।
जबकि दूसरी तरफ वोँ हैं जिसने एक् छोटी सि गलत फहमी केँ चलते अपने बचपन कि यार, अपनीसगी बेहन औऱ अपने प्रेम पऱ भरोसा नहि किया, यहा तक कि अपनीईगो केँ चलते महिनों तक निशा सें मिलने याँ बात करने कि कोई कोशिश भि नहि कि। अगर वोँ निशा पऱ भरोसा करता तोँ शायद वोँ उससेकभी दूर हि नहि जाती। अज्जू अभि येसभी सोच हि रहा थां कि तभी उसके कानों मे एक् बारफिन निशा कि आवाज़ गूंजी। मगरइस वार निशा कि आवाज़ थोडी ऊंची थि।
निशा- भइया तुम्हारे बिना मे पूरीतरह सें अकेले पड जाऊँगी औऱ तुम् तोँ जानते हि होँ कि मे तु्म्हारे बिना अकेले कुछ भि हैंडिल नहि कर सकती। नहि भइया नहि…। मे तुम्हें कहीं नहि जाने दूँगी…। मे तुम्हें फिन सें पहले कि तरहठीक करके हि रहूँगी, चाहे इसकेलिए मुझेकुछ भि क्यूं नाँ करनापडे, फिनभले हि मुझे प्रकृति केँ सारे नियमों कों हि क्यूं नाँ तोडना पडे। मगर मे तुमसे वादा करती हूं मेरे भइया कि मे तुम्हें फिन सें ठीक करके हि रहूँगी।
निशा केँ इतना बोलते हि बैंटिलेटर मशीन कि स्क्रीन पऱ दिखाई देरहे सिग्नल मे अचानक सें हलचल होनेलगी, ऐसालग रहा थां जैसे निशा कि बातें इकराम नें सुनली हें औऱ वोँ निशा सें कुछ कहना चाहता हैं, मगर इकराम कां बदनइस समय उसकासंग नहि देरहा थां। निशा केँ संगसंग वहां मौजूद हर एक् इंशान नें बैटीलेटर मशीन मे दिखाई देरहे सिग्नलस कि उस हलचल कों देखा थां। आखिरकार निशा नें अपने आँशू पौंछे औऱ मुस्कुराने कि नकाम कोशिश करतेहुए बोलि
निशा- मुझे तुम्हारा जबाबमिल चुका हैं मेरे भइया…। तुम् बस मेरा प्रतीक्षा करना, मे सभीकुछ ठीककर दूँगी।
इतना बोलकर निशा नें इकराम कां हाथछोड दिया औऱ किसी केँ कुछ कहने याँ रिऐक्ट करने सें पहले हि उस कमरे सें बाहर् निकल गई, शायद वोँ अब औऱ अधिक इकराम कों इस हालत मे नहि देख सकती थि। अपने कमरे मे बापिस आकर निशा चुपचाप बेड पर्र जाकरलेट गई, उसकी आंखों सें लगातार आँशू वो रहे थें। मगरवहा मौजूद किसी भि आदमी मे इससमय निशा कां सामना करनी कि हिम्मत नहि थि, क्योंकि रॉ हेडक्वाटर मे मौजूद सब लोगों नें अब तक सिर्फ ऐजेंट जीरो कि बहादुरी केँ किस्से हि सुने थें।
मगरआज सें पहले उन्होंने ऐजेंट जीरो यानि निशा कों इतना कमजोर औऱ टूटाहुआ कभी नहि देखा थां, जिस कारण वोँ निशा कां सामना करके अपनेमन मे वसी निशा कि पुरानी बालीछवि कों बर्वाद नहि करना चाहते थें। मगर मोनिका केँ संगऐसा कुछ भि नहि थां, क्योंकि मोनिका इस वक़्त निशा कि डॉक्टर होने केँ संगसंग उसकी अच्छी मित्र भि थि, इसलिये नाँ चाहते हुए भि मोनिका कों निशा कां ट्रीटमेंट करने केँ लिए उसकेपास तौ जानां हि थां, बैसे भि मोनिका निशा कि टेक्निकल टीम कां हिस्सा थि।
जिसमें मोनिका केँ अलावा गगन, प्रिया, कपिल औऱ सोनल समालि थें। ऐ पाँचों नाँ मात्र निशा केँ अच्छे यारबन चुके थें, बल्कि उन्हें निशा कि सुपर पावर्स औऱ उसकी असली पहचान केँ बारे मे भि पहले सें हि पता थां। संग हि संग वोँ अज्जू औऱ निशा केँ रिलेशन केँ बारे मे भि सभीकुछ पहले सें हि जानते थें, मगर निशा केँ मना करने केँ कारणअब तक उन्होंने इसराज कों बस अपने तक हि रखा थां। यहां तक कि अज्जू केँ सामने भि उन लोगों नें सच जाहिर नहि होने दिया थां। बल्कि वोँ लोग सबके सामने निशा कों याँ तौ मैम कहते थें याँ जोया कहकर हि बुलाते थें।
हाँलाकि निशा भि मि। प्रभू, इकराम औऱ अपनी टैक्निकल टीम कों छोडकर बाकी लोगों केँ सामने याँ तोँ मास्क लगाकर याँ फिन जोया केँ रूप मे हि आती थि। जिस कारणरॉ मे सबलोग निशा केँ बारे मे बस इतना हि जानते थें कि उसका असलीनाम जोया हैं औऱ वोँ इकराम कि बडी बेहन हैं। हाँलाकि किसी कों भि इसपर यकीन नहि थां। क्योंकि रॉ केँ कई मेंबर्स नें निशा कों मि। प्रभू सें अंकल कहकरबात करतेहुए देखा थां औऱ आज भि निशामि। प्रभू कों कईबार अंकलबोल चुकी थि। जिस कारण निशा केँ बाकी केँ टीम मेंबर्स कों हमेशा सें यही लगता हैं कि ऐजेंट जीरो कि कई सारीअलग अलग पहचानें हें। जिनमें सें उसकी असली पहचान कां पतालगा पाना बहोत मुस्किल काम हैं।
बस इसीलिए उन लोगों नें आज तक निशा केँ बारे मे कभी भि सच जानने कि कोई कोशिश हि नहि कि थि। बल्कि वोँ लोग भि टैक्निकल टीम मेंबर्स कि तरह निशा कों याँ तौ मैम कहते थें याँ फिन जोया कहकर बुलाते थें। मगरइस वक़्त जब निशा पूरीतरह सें टूटी हुई थि, तोँ मोनिका, एक् डॉक्टर होने कां अपना फर्ज केसेछोड सकती थि औऱ एक् अच्छी यार होने केँ नाते वोँ नाँ हि निशा कों अकेला छोडना चाहती थि। इसलिये वोँ भि निशा केँ पीछे पीछे उसके वार्ड केँ अंदर आँ गई, वार्ड केँ अंदरआते हि मोनिका नें दरवाजा अंदर सें लॉक करतेहुए कहा
मोनिका- मैमआई एम सॉरी…। मैंने इकराम कों बचाने केँ पूरी कोशिश कि थि…। मगर मे फैल होँ गई….
मोनिका कि बात सुनकर निशा थोडा रूढ होतेहुए बोलि
निशा- वोँ अभि तक जिंदा हैं मोनिका…। इसलिये तुम्हें अभि सें उसके मरने कां शोक मनाने कि जरूरत नहि हैं, बैसे भि अबजब मुझेहोश आँ चुका हैं, तौ मे उसेकुछ होने भि नहि दूँगी। बाईदवे तुम् यहाजिस काम केँ लिएआई थि, उसे फटाफट पूराकरो, मे फिलहाल अकेले रहना चाहती हूं।
मोनिका इससमय निशा कि फीलिंग समझ सकती थि, इसलिये उसने जल्द जल्द निशा केँ सारे कपडे उतारकर उसके जिस्म पऱ बंधी पट्टियाँ खोलना शुरुआत करदीं। जैसे जैसे मोनिका निशा केँ जिस्म सें पट्टियाँ खोलरही थि, बैसे बैसे उसकी हैरानी बडती हि जारही थि, पिछले तीन दिनों मे निशा कि ऐसिड सें जली हुइ स्किन उसकी ब़ॉडी सें अलग होँ चुकी थि, औऱ अब निशा कि बॉडी मे नई स्किन आनी शुरुआत होँ गई थि, बैसे तोँ ये प्रॉसेस पूरीतरह सें नॉर्मल हैं, मगरयदि किसीआम इंशान कि बॉडी पऱ एसि़ड अटैकहुआ होँ, तोँ उसकी पुरानी स्किन साफ होने औऱ नई स्किन बनने मे लगभगदो सें तीन महिनों कां वक़्त लगता हैं।
मगर निशा केँ संगये प्रॉसेस तीनदिन केँ अंदर हि शुरुआत होँ गई थि, हाँलाकि मोनिका पहले सें हि जानती थि कि निशाकोई आम लडकी नहि हैं, बल्कि उसके अंदरकई सारी सुपर पावर्स हें, मगर उसका जिस्म एसिड अटैक सें इतनी जल्द रिकवर हौ जाऐगा, इसका अंदाजा मोनिका कों बिल्कुल भि नहि थां। पऱ अब जबकि निशा किसी सें भि कोईबात करने केँ मूढ मेें नहि थि, इसलिये मोनिका नें निशा सें इस मैटर पऱ बाद मे बात करने कां फैसला किया औऱ जल्द सें जल्द निशा कि सारी पट्टियाँ खोलने केँ बाद उसकी बॉडी कों अच्छी तरह सें साफ करनेलगी। निशा कि पूरी बॉडी अच्छी तरह सें साफ करने केँ बाद निशा नें उसकी बॉडी पर्र अज्जू कां बनाया एक् स्पेशल लोशन लगाया औऱ दोवारा सें निशा कि पूरी बॉडी पऱ पट्टिया बांध दि।
इसकेबाद मोनिका नें फोन करके अपनी हेल्पर कों वहा बुला लिया, कुछ देरबाद हि मोनिका कि हेल्पर निशा केँ लिएनए कपडे औऱ विस्तर पऱ बिछाने केँ लिएनई बेडशी़ट लेकरवहा आँ गई। हेल्पर केँ आते हि निशा नें जल्द सें अपने कपडेपहन लिए, तब तक मोनिका नें निशा कि बेडशीट चेंजकर दि थि औऱ उसकी हेल्पर कमरे कि सफाई करने मे बिजी हौ गई थि। कपडे पहनने केँ बाद निशा बापिस सें बैड पर्र लेट गई। जिसके बाद मोनिका नें उसे एंडीवॉयोटिक दवा इंजेक्ट कर दि। साराकाम ख़त्म होने केँ बाद जैसे हि मोनिाका औऱ उसकी हेल्प वहां सें जानेलगी तौ निशा नें मोनिका कों रोकते हुएकहा
निशा- मोनिका क्याँ तुम् मेरे दफ़्तर मे जाकर मेरा लैपटॉप लाकर मुझेदे सकती होँ
चूँकि इससमय मोनिका कि हेल्पर वहां मौजूद थि, इसलिये निशा कि बात सुनकर मोनिका उसे समझाते हुए बोलीं
मोनिका- पऱ मैमइस समय आपको अधिक सें अधिक रेस्ट करने कि जरूरत हैं
इससे पहले मोनिका निशा सें कुछ औऱ कहती, निशाउसे बीच मे हि रोकते हुए कमांडिंग टोन मे बोलि
निशा- मुझेपता हैं कि मेरेलिए क्याँ सही हैं औऱ क्याँ नहि… तुम् बस मेरा लैपटॉप मुझे लाकरदो।
अब चुँकि मोनिका केँ पास कहने केँ लिएकुछ भि नहि बचा थां, इसलिये वोँ अपनी हेल्पर केँ संग कमरे सें बाहर् निकल गई, मोनिका औऱ उसकी हेल्पर केँ जाते हि निशा विस्तर पर्र पद्मासन कि मुद्रा मे बैठ गई औऱ ध्यान लगाने लगी। निशाये बात अच्छी तरह सें जनती थि कि अगरउसे जल्द सें जल्दठीक होना हैं तौ उसे ध्यान लगाकर अपनी कुंडलनी शक्ति कों जाग्रत करना हि होगा। ताकि उसकी रिकवरी औऱ अधिक फास्ट होँ सके। लगभगआधे धंटेबाद जब मोनिका निशा कां लैपटॉप औऱ दूसरा जरूरी सामान लेकर बापिस आई, तौ उससमय तक निशा पूरीतरह सें ध्यान अवस्था मे पहुँच चुकी थि, जिस कारण निशा कों मोनिका केँ आने केँ बारे मे कुछ भि पता नहि चला।
वहीं दूसरी तरफ मोनिका पहले भि कईबार निशा कों इसतरह ध्यान लगाते हुएदेख चुकी थि, इसलिये उसने निशा कों डिस्टर्व करनाठीक नहि समझा औऱ चुपचाप निशा कां सारा सामान साईड टेविल पऱ रखकर वहां सें बापिस चली गई। अगला एक् हफ्ता इसीतरह बीत गय़ा। मोनिका रोज सुभह निशा केँ बार्ड मे आती औऱ उसकी बैंडेज चैंज करकेचली जाती, इस पूरे एक् हफ्ते तक निशा नें किसी सें कोई भि बात नहि कि थि, अगरकोई उससे मिलने भि आता, तौ भि निशाबस उसे देखती रहती याँ फिन अपने लैपटॉप मे बिजी होँ जाती।
निशा कि टीम केँ करीब-करीब सब मैंवर्स निशा सें मिलने उसके वार्ड मे जा चुके थें, अज्जू औऱ मोनू तोँ रोज हि निशा सें मिलने जाते थें, औऱ उससेबात करने कि कोशिश भि करते थें, पर्र निशा उनकी किसी भि बात कां कोई जबाब नहि देती। इसलिये वोँ लोग चुपचाप निशा केँ बार्ड मे रखे सोफे पऱ बैठे रहते थें। निशा कों देखकर सब कों यहीलग रहा थां, कि निशा गहरे सदमें मे हैं, पऱ सच्चाई कुछ औऱ हि थि, असल मे निशा कां इस टाइम पूरा फोकस अपनी फास्ट रिकवरी औऱ इकराम केँ लिए आर्गन डोनर सर्च करने मे थां, पिछले एक् हफ्ते मे निशा दुनिया भर मे मौजूद ओ नेगेटिव ब्लडग्रुप बाले हजारों आर्गन डोनर सें कांटेक्ट कर चुकी थि।
जब निशा केँ वार्ड मे कोई नहि होता तोँ वोँ याँ तौ ध्यान लगाती रहती याँ फिन अपने लैपटॉप मे बिजी रहती। इस एक् हफ्ते केँ दौरान निशा कि रिकरवरी बहुत अधिक फास्ट हौ गई थि। एक् हफ्ता पूरा बीतने केँ बादजब एक् दिन मोनिका निशा कि बैंडेज चेंज करने उसकेपास आई, तौ उसने देखा कि निशाअब पूरीतरह सें ठीक हौ चुकी हैं, उसकी पूरी बॉडी मे पहले कि तरह एकदम क्लीन औऱ चमकदार स्किन आँ चुकी थि। जिसे देखकर मोनिका खुश होतेहुए बोलि
मोनिका- ओहमाई गॉडमैम… आप् अब पूरीतरह सें ठीक हौ चुकी हौ….
पिछले एक् हफ्ते मे निशा अपने इमोशंस पऱ बहुतहद तक कंट्रोल कर चुकी थि, औऱ अब वोँ उस दर्द सें भि उबर चुकी थि, जोँ उसे इकराम कों देखकर हुआ थां। इसलिये मोनिका कि बात सुनकर आखिरकार आज वोँ बिना किसी रिऐक्शन केँ बोलीं
निशा- मोनिका तुम् रूम पहले हि अंदर सें लॉककर चुकी हौ औऱ यहा पऱ हमारे अलावा कोई दूसरा इँशान मौजूद भि नहि हैं। इसलिये तुम्हें फिलहाल मेरेसंग इतना अधिक फॉर्मल होने कि जरूरत नहि हैं।
पूरे एक् हफ्ते बादइस तरह अचानक निशा कि आवज सुनकर मोनिका बहुतखुश थि, इसलिये उसने अपनी खुशी छिपाने कि कोई कोशिश नहि कि औऱ मुस्कुराते हुए बोलीं
मोनिका- ओह सॉरी सॉरी निशा…। तौ मे कहरह थि कि तुम्हारी ऐनई स्किन तौ पहले सें भि अधिक क्लीन औऱ चमकदार हैं। मेरे ख्याल सें अब तुम्हें बैंडेज बांधने औऱ लोशन लगाने कि कोई जरूरत नहि हैं।
मोनिका कि बात सुनकर निशा नें बिना किसी रिऐक्शन केँ कहा
निशा- हुम्म ये तोँ अच्छी बात हैं… मगर तुम् येबात अभि हमारे टीम मेंबर्स कों खासकर मिस्टर अजय कों नहींबता सकती होँ, बर्ना सब कों मुझपर शक होने लगेगा।
निशा कि बात सुनकर मोनिका हैरान होतेहुए बोलि
मोनिका- तोँ क्याँ तुम् अभि भि अपनी पूरी बॉडी पऱ बैंडेज बांधकर रखना चाहती होँ
निशा- नहि अब उसकीकोई जरूरत नहि हैं, मे बसकुछ दिनों तक अपनी पूरी बॉडी कों कपडों औऱ मास्क सें ढंककर रखूँगी। मगर तुम्हें सबकोबस यही बताना हैं कि मुझेअब बैंडेज बांधने कि कोई जरूरत नहि हैं, क्योंकि मिस्टर अजय केँ बनाऐ लोशन कि बजह सें मेरी स्किन बहुत तेजी सें रिकवर हौ रही हैं, मगर एसिड सें जलने केँ कारण मेरी स्किन खराब हौ गई थि, जिसेठीक होने मे अभि टाइम लगेगा। बैसे भि मे अपनी टैक्निकल टीम कों छोडकर बाकीसब लोगों सें याँ तोँ मास्क लगाकर मिलती हूं याँ फिन जोया केँ रूप मे मिलती हूं। जिस कारण किसी कों मुझपर कोईशक भि नहि होगा औऱ सब कों यही लगेगा कि मेरा चेहरा जलने कि बजह सें मैंने मास्क लगाया हुआ हैं।
निशा कि बात सुनकर मोनिका इस बारे मे सोचते हुए बोलीं
मोनिका- ठीक हैं… मे समझ गई……। तोँ फिन मे अभि तुम्हारे लिए कपडों औऱ मास्क कां इंतजाम कर देती हूं
इसबार मोनिका कि बात सुनकर निशा भि थोडा मुस्कुराते हुए बोलीं
निशा- थैंक्स मोनिका, औऱ हाँ मेरेलिए अंडरगार्मेंट्स कां लानामत भूलना, मेरा साईज तुम्हें पहले सें हि पता हैं औऱ होँ सके तौ मेरेलिए सनग्लास याँ ब्लैक कलर केँ कांटेक्ट लैंस भि अरेंज्ड कर देना। क्योंकि मिस्टर अजय औऱ मनोज मेरी आंखों कों देखते हि मुझे जल्दी पहचान जाऐंगे।
निशा नें येबात मु्स्कुराते हुएकही थि, जिस कारण वोँ औऱ भि ज़्यादा खूबसरूत लगरही थि, जिसे देखकर मोनिका एक् समय केँ लिए तौ निशा कि हुस्न मे खो हि गई थि।
कथा जारी हैं.
Meri Jung (Restart) – New Episode
kahin orgen donar nisha hi too नहीं ban ne bali बहुत cunfusion he
Dekhte he ange क्या hotha he nisha ekram ko kaise bachati he bachane mai safal hoty bi he ya नहीं
Ajju ko apni powar kaa dhyaan ata bi he ya नहीं
Ajju nisha ko pehchan ta he ya ya कोई और घर kaa membar yeh कम krta he
Thanks
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bhay abki baar khatm karke hi Jana mein iss kahani ko Xossip के waqt से padh raha ho और na jane kitni baar padh chuka ho और तुंहारे adhure chhodne के बाद v mein ise waqt too waqt cheak krta ho rahta thaa की कभी too aaoge और tm aa gae bus एक request h pura krr देना itni interesting kahani mene aj Tak नहीं padhi तुंहारे likhne की Shaily Lajawab h hu sake too और v threads suru Karo tumhari story में pathakon ko bandhe rakhne की takat hoty h
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सॉरी दोस्तों न्यूइयर सेलिब्रेशन केँ लिए फैमली केँ संगआऊट ऑफ सिटी गय़ा हुआ थां, इसलिये भाग पोस्ट नहि करपया.
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