Meri Jung (Restart) – New Episode
एपसोड 132 -
मोनिका औऱ निशा कों आपस मे हि खुसर फुसर करतेदेख आखिरकार प्रिया उन्हें बीच मे टोकते हुए बोलीं
प्रिया- अरे दोस्त जोयामैम आप् मोनिका सें अकेले अकेले क्याँ खुसर फुसरकर रही होँ, हमें भि तोँ पताचले कि आखिर आप् दोनों केँ बीचकौन सि खिचडी पकरही हैं
प्रिया कि बात सुनकर मोनिका थोडा चिढते हुए बोलीं
मोनिका- कुछ भि तोँ नहि… बैसे भि वोँ बात तुम्हारे मतलब कि नहि हैं….
मोनिका कि बात सुनकर सोनलबीच मे बोलपडी
सोनल-अरे ऐसे केसे नहि हैं हमारे मतलब कि…। आखिरबैक बिचिंग करना हम् लडकियों कां जन्म सिद्ध अधिकार हैं…
मोनिका- अरे बाबाबता दूँगी बाद मे… बैसे भि बैक बिचिंग करना हम् लडकियों कां अधिकार हैं नां कि लडकों कां, तोँ तुम् क्याँ चाहती हौ कि मे इनसब लडकों केँ सामने हि तुम्हें सारीबात बतादूँ….
प्रिया- हाँहाँ ठीक हैं ठीक हैं बाद मे बता देना….मगर अगर तुमने मुझसे कुछ भि छिपाने कि जुर्रत कि…। तौ फिन मुझसे बुराकोई नहि होगा
मोनिका- अच्छा क्याँ करोगी तुम्…। लगता हैं तुम् शायदभूल गई होँ कि मे एक् डॉक्टर हूं। अगर मुझे क्रोध आँ गय़ा तौ ऐसा इंजेक्शन लगाऊंगी कि………
इससे पहले मोनिका अपनीबात पूरीकर पाती निशाउन लोगों कों बीच मे हि टोकते हुए बोलि
निशा- शटअप गाईज….ऐ बच्चों कि तरह झगडना बंदकरो….
निशा कि बात सुनकर उस कमरे मे एक् बारफिन खामोशी छा गई, कुछदेर कि खामोशी केँ बाद प्रिया एक् बारफिन बोलि
प्रिया- बैसे जोयामैम आज आपकामूढ कुछ ज़्यादा हि अच्छा लगरहा हैं…। कोई अच्छी खबर मिली हैं क्याँ
प्रिया कि बात सुनकर मोनू चिढते हुए बोला
मोनू-इसे तुम् मुढ अच्छा होना कहते हें, आज सुभह सें हि मिस जोया सबको डांटरही ंहैं औऱ तुम् बोलरही कों कि उनकामुढ अच्छा हैं।
मोनू कि बात सुनकर प्रिया लापरवाही केँ संग बोलीं
प्रिया- हाँ….जब जोयामैम कां मूढ अच्छा होता हैं तौ वोँ ऐसे हि बात करती हें। असल मे आज जोयामैम नें अपने चेहरे पऱ मास्क बांधा हुआ हैं, इसलिये बात करते टाइम उनके चेहरे पर्र आई मुस्कान औऱ उनका शरारती अंदाज तुम्हें दिखाई नहि देरहा हैं। शायद इसीलिए तुम्हें लगरहा हैं कि जोयामैम सबको डांट रहीं हैं। मगरआज अगर जोयामैम नें अपने चेहरे पर्र मास्क नहि बाँधा होता तोँ तुम्हें मेरीबात जल्दी समझ आँ जाती।
मोनू-चलो मान लिया कि आज जोयामैम अच्छे मूढ मे हें, तौ फिनजब उनकामूढ खराब होता हैं तब क्याँ होता हैं।
प्रिया- तब तोँ उनके सामने जोँ भि आता हैं, उसका तौ ईश्वर हि मालिक होता हैं, यहा तक कि उस टाइम हमारे चीफ भि जोयामैम केँ सामने जाने सें डरते हें।
प्रिया कि बात सुनकर मोनू उसका मजाक उढाते हुए बोले
मोनू-हा हाहाकुछ भि… भलाचीफ क्यूं डरनेलगे जोयामैम सें….
प्रिया- अब मानना हौ तौ मानो नहि मानना हौ तौ मत मानो…। अगलीबार जब जोयामैम कों क्रोध आऐगा तोँ हम् सबलोग मिलकर तुम्हें हि उनकेपास भेज देंगे, फिन तुम् स्वयं हि समझ जाओगे कि मे सचबोल रही हूं याँ गलत
प्रिया कि बात समाप्त होते हि सोनलबीच मे बोलपडी
सोनल- जोयामैम गुड न्यूज हैं… मिस्टर मनोज आपका गुस्से बालारूप देख्ना चाहते हें। इसलिये अगलीबार जब आपको क्रोध आऐ तोँ मिस्टर मनोज कों याद करनामत भूलना।
सोनल कि बात सुनकर निशा नें थोडा सीरियस होतेहुए कहा
निशा-ठीक हैं…। प्रिया तुम् मिस्टर मनोज कां नाम मेरी लिस्ट मे एडकरलो औऱ इसबात कां ध्यान रखना कि मिस्टर मनोज कां नामटॉप पऱ हौ।
प्रिया- ठीक हैं मैम… मे आज हि मिस्टर मनोज कां नामउस लिस्ट मे सबसेटॉप पऱ एडकर लूंगी।
निशा औऱ प्रिया कि बात सुनकर मोनू थोडा कंफ्यूट होतेहुए बोला
मोनू- लिस्ट…… कैसी लिस्ट
मोनू कि बात सुनकर सोनल उसका मजाक उडाते हुए बोलि
सोनल-अरे तुम्हें नहि पता…। जौ लोग जोयामैम सें पंगा लेते हें, औऱ उनके गुस्से कों हल्के मे लेते हें, उन लोगों कि प्रिया नें एक् लिस्ट बनाकर रखी हुई हैं। इसलिये जब भि जोयामैम कों क्रोध आता हैं, प्रिया वोँ लिस्ट जोयामैम केँ पास फॉरवर्ड कर देती हैं, औऱ फिन जोयामैम अपना पूरा क्रोध एक् एक् करकेउन लोगों पर्र निकाल देती हें। खैर तुम्हें अभि सें डरने कि जरूरत नहि हैं…। क्योंकि आज जोयामैम कां मूढ बहुत अच्छा हैं… हाँअगर किसीदिन मूढ खराब हौ गय़ा तोँ तुम्हारा नम्बर सबसे पहले लगेगा।
सोनल कि बात सुनकर मोनू बुरीतरह सें डरतेहुए बोला
मोनू-अरे पर्र मेरानाम उस लिस्ट मे क्यूं डाला… मे तौ बस प्रिया कि बात कां जबाबदे रहा थां।
इससे पहले मोनू अपनी सफाई मे कुछ औऱ कहता, अज्जू उसका एक् हाथ पकडते हुऐ बोला
अज्जू- रिलेक्स मोनू….ऐ लोगबस तुम्हारी टांग खींच रहीं हैं… मिस जोया नें ऐसीकोई लिस्ट नहि बनवाई हैं….
अज्जू कि बात पूरी होते हि निशा केँ संगसंग बाकीलोग भि मोनू कों देखकर हंसने लगे
“हा हाहा….हा हाहा……”
सब लोगों कों यूं हंसता देख मोनू बुरीतरह सें झेंप गय़ा, जबसबलोग शांतहुए तोँ प्रिया नें एक् बारफिन निशा सें सबाल किया
प्रिया- बैसे जोयामैम आपनेअब तक बताया नहि कि आज आपकामूढ इतना अच्छा क्यूं हैं।
प्रिया कि बात सुनकर निशा एक् गहरी सांस लेतेहुए बोलि
निशा- वोँ इसलिये क्योंकि पिछले एक् हफ्ते सें मे जिसकाम मे लगी हुइ थि आज वोँ पूरा होँ गय़ा।
प्रिया- मतलब….
निशा- मतलब कि इकराम केँ लिएसब जरूरी आर्गन कां इंतजाम हौ गय़ा हैं, औऱ एक् दोदिन मे सारे आर्गन हमारे पास आँ जाऐंगे।
निशा कि बात सुनकर सबलोग बुरीतरह सें हैरान रहगए। उन्हें अंदाजा भि नहि थां कि पिछले एक् हफ्ते सें निशा गुपचुप तरीके सें इकराम केँ लिए आर्गन कां इंतजाम करने मे बिजी थि, औऱ शायद इसीलिए वोँ किसी सें बात भि नहि कररही थि। आखिरकार मोनिका नें जैसे तैसे अपने आप् कों कंट्रोल किया औऱ बोलीं
मोनिका- जोयामैम आरयू सीरियस….
निशा-यस आईएम सीरियस
मोनिका- मगरमैम मे आपसे पहले हि बोल चुकी हूं कि येसभी प्रैक्टिकली पॉसिबल नहि हैं…। औऱ अगर हमने किसीतरह इकराम केँ सारे आर्गन रिप्लेश कर भि दिए तौ भि उसके बचने कि संभावना नां केँ बराबर हैं।
निशा-हाँ मुझेयाद हैं…। मगर इसका मतलबये तोँ नहि हैं कि हम् अपनीतरफ सें पूरी कोशिश करने सें पहले हि हारमान लें…। एट लीस्ट हम् इकराम कों बचाने कि एक् अंतिम कोशिश तोँ कर हि सकते हें।
मोनिका- बटमैम आर्गन ट्रांशफर केँ बाद भि कई सारी डिफिकल्टीज आती हें… कईबार होस्ट बॉडी आर्गन कों सपोर्ट नहि करती हैं…… औऱ कईबार तौ आर्गन रीप्लेशमेंट केँ बाद भि वोँ आर्गन ठीक तरीके सें काम नहि करता हैं।
निशा- वोँ सभी तुम् मुझपर छोडदो…… मुझे पूरा यकीन हैं कि आर्गन ट्रांशप्लांट केँ बाद इकराम पूरीतरह सें ठीक होँ जाऐगा।
मोनिका- मगर….
इससे पहले मोनिका कुछ औऱ कहती निशाउसे बीच मे हि टोकते हुऐ बोलि
निशा- रिलेक्स मोनिका…। सभीकुछ अच्छा हि होगा….इस टाइमभले हि तुम्हें अपनेऊपर पूरा कांफिडेंश नाँ होँ, मगर मुझे तुमपर औऱ तुम्हारी स्किल पऱ पूरा भरोसा हैं।
निशा कि बात पूरी होते हि अज्जू बीच मे बोलपडा
अज्जू- मिस जोयाठीक कह रहीं हैं…। हमें इकराम कों बचाने कि कम सें कम एक् अंतिम कोशिश जरूर करनी चाहिए। हाँलाकि मुझे मेडिकल फील्ड औऱ सर्जरी बगैरह कि अधिक जानकारी नहि हैं, मगरअगर मिस मोनिका पर्मीशन दें तोँ मे इस सर्जरी केँ दौरान उनको असिस्ट करना चाहूँगा, ताकि किसी भि तरह कि मेडिकल इमरजेंसी मे मे अपनी मेडिसिन बानाने बाली स्किली कां यूज करके उनकी सहायता कर सकूँ औऱ हाँ मुझे ह्यूमन आर्गन कों ब्रेन सें कनेक्ट करने बाले नर्वस सिस्टम कि अच्छी खासी जानकारी हैं। जितनी मैनेअब तक रिसर्च कि हैं, उसके हिसाब सें अधिकतर आर्गन ट्रांशप्लांट बस इसलिये फेल होते हें क्योंकि उन आर्गन्स कों नर्वस सिस्टम सें सही तरीके सें कनेक्ट नहि किया जाता हैं। जिसकी बजह सें ब्रेन उस आर्गन कों प्रापर तरीके सें इंस्ट्रक्शन नहि दे पाता हैं औऱ कुछ हि दिनों मे वोँ आर्गन काम करनाबंद कर देता हैं।
अज्जू कि बात सुनकर निशाखुश होतेहुऐ बोलीं
निशा- मिस्टर अजय मुझे तुम्हारी स्किल पऱ पूरा भरोसा हैं… इसलिये ऑपरेशन केँ दौरान मुझे तुम्हारे वहा होने पऱ कोई प्राब्लम नहि हैं। क्योंकि तुम्हारे संग होने सें इकराम केँ बचने कि संभावना अब औऱ भि ज़्यादा बड गई हैं।
अब चूँकि किसी केँ पासकुछ भि कहने केँ लिए नहि बचा थां, इसलिये उस कमरे मे एक् लम्बी खामोशी छा गई। अगले एक् हफ्ते केँ अंदररॉ केँ मेडिकल बिंग मे इकराम केँ लिएसब जरूरी आर्गन डिलेवर होँ चुके थें। निशा नें उनसब आर्गन कां इंतजाम करने केँ लिए करोडों रूपये खर्चकर दिऐ थें। जौ उसने अपनी आई.टी। कम्पनी सें कमाऐ थें। मगर निशा कों इसबात कां बिल्कुल भि अफसोस नहि थां। सारे आर्गन डिलेवर होने केँ बाद आखिरकार इकराम कां ऑपरेशन शुरुआत होँ गय़ा…
उस ऑपरेशन केँ दौरान निशा पूरे टाईम आपरेशन थिऐटर केँ बाहर् बैठीरही। हाँलाकि वोँ अपने वार्ड मे बैठकर भि क्वीन कि सहायता सें सारा ऑपरेशन लाईबदेख सकती थि। मगर निशा केँ अंदर इतनी हिम्मत नहि थि कि वोँ येसभी लाईबदेख सके, बैसे भि वोँ ऑरेशन केँ दौरान बाहर् रहकर अपनी मेंटल पॉवर कां यूज करके इकराम कों इसबात कां एहसास करवाना चाहती थि कि उसकी बेहन उसके जल्द सें जल्दठीक होने कां प्रतीक्षा कररही हैं। ताकि इकराम केँ मन मे जिंदा रहने कि ख़्वाहिश बनीरहे।
वोँ ऑपरेशन कुछ ज़्यादा हि लम्बा खिंच गय़ा थां। लगभग 10 घंटे तक चलेउस ऑपरेशन केँ बाद आखिरकार मोनिका औऱ अज्जू ऑपरेशन थियेटर केँ बाहर् आऐ, उन दोनों केँ चेहरे कों देखकर साफसाफ समझ आँ रहा थां कि वोँ दोनों इससमय बहुत अधिकथके हुए हें। जैसे हि उन दोनों नें अपने सामने निशा कों देखा तोँ वोँ बुरीतरह सें हैरान रहगए, उन्हें उम्मीद नहि थि कि निशा इतने लम्बे वक़्त तक ऑपरेशन थियेटर केँ बाहर् रुककर प्रतीक्षा करेगी। मगर जल्द हि मोनिका नें अपने आपको संभाल लिया औऱ निशा सें बोलीं
मोनिका- हमने इकराम केँ सारे आर्गन चेंजकर दिए हें मैम औऱ वोँ इससमय सही तरीके सें काम भि कररहे हें, मगर इकराम अब भि कोमा मे हैं। जोयामैम हम् लोग जौ कर सकते थें, वोँ कर चुके हें, अबसभी कुछ ईश्वर केँ हाथ मे हें। इसलिये अब आप् भि जाकर थोडा रेस्ट कर लीजिऐ….
मोनिका कि बात सुनकर निशा नें अज्जू कों देखते हुए ठंडे लहजे मे कहा
निशा- मिस्टर अजय आप् जाकर रेस्ट कीजिए मुझे मोनिका सें अकेले मे कुछबात करनी हैं।
निशा कि बात सुनकर अज्जू बिनाकुछ कहे वहां सें चला गय़ा, जबकि मोनिका अब भि अपनी स्थान पऱ खडी हुईँ थि, हाँलाकि उसके चेहरे पर्र भि इस वक़्त थकानसाफ साफ दिखाई देरही थि। जिसे निशा नें फिलहाल नजर अंदाज कर दिया। अज्जू केँ जाने केँ बाद निशा नें थोडा सीरियस होतेहुए मोनिका सें कहा
निशा- मोनिका मे चाहती हूं कि तुम् अभि औऱ इसी टाइम इकराम कि बॉडी मे मेरा ब्लड एंजेक्ट करो।
निशा कि बात सुनकर मोनिका बुरीतरह सें हैरान होतेहुए बोलीं
मोनिका- व्हॉट… आईमीन पऱ क्यूं.
निशा- क्योंकि मे चाहती हूं कि इकराम जल्द सें जल्द रिकरव होँ सके… तुम्हें अधिक नहि बस एक् युनिट ब्लड मेरी बॉडी सें निकालकर इकराम कि बॉडी मे इंजेक्ट करना हैं। उसकेबाद तुम् रेस्ट करनेजा सकती हौ।
निशा कि बात सुनकर मोनिका थोडा परेशान होतेहुए बोलि
मोनिका- निशा अपने फैसले पऱ एक् बारफिन अच्छी तरहसोच लो…। क्योंकि हम् नहि जानते कि तुम्हारे ब्लड कां इकराम पऱ क्याँ असर होगा….
निशा- जोँ होगा वोँ देखा जाऐगा…। इससमय मेरी प्रायोरिटी बस इकराम कों बचाना हैं। बैसे भि मेरी सुपर पावर मेरे ब्लड कि बजह सें नहि बल्कि मेरी कुंडलनी शक्ति कि बजह सें हें। पिछले एक् हफ्ते सें मे ध्यान लगाकर अपने ब्लड कों कुंडलनी शक्ति कां यूज करके चार्ज कररही हूं। जैसे हि वोँ इकराम कि बॉडी मे जाऐगा तौ वोँ इकराम कों जल्द सें जल्द रिकवर होने मे सहायता करेगा, औऱ मेरी कुंडलनी शक्ति केँ कारण इकराम कि बॉडी मे जोँ अलगअलग इंशानों केँ आर्गन लगाऐगऐ हें, वोँ भि पूरी तरीके सें इकराम केँ बदन कां हिस्सा बन जाऐंगे। जिसकी बजह सें इकराम केँ पूरीतरह सें ठीक होने केँ चांसबड जाऐंगे। बैसे भि इकराम कों हमेशा इसबात कां अफसोस रहा हैं कि मे उसकीसगी बेहन क्यूं नहि हूं। इसलिये आजअगर तुम् मेरा ब्लड उसकी बॉडी केँ अंदर एंजेक्ट कर दोगी तोँ हमारा नातासगे भइया बेहन कि तरह हौ जाऐगा औऱ इकराम ठीक होने केँ बाद मे पूरे कान्फिडेंस केँ संग उससेकह पाऊंगी कि हम् दोनों केँ अंदर एक् जैसा हि खून हैं।
हाँलाकि निशा मोनिका सें झूठकहा थां कि उसकी सुपर पावर उसके ब्लड कि बजह सें नहि हैं। बल्कि सच तौ ये हैं कि कुछ सालों पहले अज्जू नें जौ सीरम रेडी किया थां, उसकीबजह सें अज्जू औऱ निशा केँ डी.एन.ए। मे कुछ चेेंजिस आऐ थें, जिनके कारणउन दोनों केँ अंदर हि कुछ सुपर पावर आँ गईं थि, जिन्हें बाद मे कुंडलनी शक्ति जागृत करने केँ बादउन दोनों नें बहुत अधिकबडा लिया थां। एक् तरह सें उन दोनों कि सुपर पावर उनके डी.एन.ए। औऱ कुंडलनी शक्ति दोनों कां मिला जुलारूप हैं। जिसका असर उसके ब्लड मे भि मौजूद हैं।
शायद इसलिये जब प्रो। नारायण नें निशा कां ब्लड जिया केँ अंदर इंजेक्ट किया थां, तोँ जिया कां ब्लड कैंसर पूरीतरह सें ठीक हौ गय़ा थां। मगरउस वक़्त प्रो। नारायण कों डर थां कि निशा कां ब्लडअगर डायरेक्ट जिया केँ अंदर इंजेक्ट किया गय़ा तोँ जिया कि जान खतरे मे पड सकती हैं। जिस कारण उन्होंने निशा कों पहले कीमोथैरिपी देकर उसके ब्लड कों बहुत अधिक कमजोर कर दिया थां। जिसकी बजह सें निशा कां जोँ ब्लड जिया केँ अंदर इंजेक्ट किया गय़ा, उसने केवल जिया केँ ब्लड कैंसर कों हि ठीक किया थां, उसके अलावा जिया कि बॉडी मे कोई औऱ चेंज नहि आया थां।
पऱ अबजब निशा इकराम कि बॉडी मे अपना नॉर्मल ब्लड डायरेक्ट इंजेक्ट करवारही थि, जोँ शायद इकराम पर्र कुछअलग तरह कां असर भि डाल सकता थां, औऱ इकराम केँ अंदर उसकीतरह हि कुछ सुपर पावर पैदाकर सकता थां, मगर निशा कों पूरा यकीन थां कि येअसर उसके औऱ अज्जू कि तरह अधिक पारवरफुल नहि होगा। इसलिये निशा कों ज़्यादा टेंशन नहि थि। वहीं दूसरी तरफ मोनिका निशा कि बात सुनकर कुछदेर तक इस बारे मे सोचती रही औऱ फिन एक् लम्बी सांस लेतेहुए बोलीं
मोनिका- अगरऐसा हैं तोँ मुझेकोई प्राब्लम नहि हैं….
निशा- पर्र एक् बातयाद रखना कि येबात सिर्फ हम् दोनों केँ बीच हि रहनी चाहिए… तुम् मरतेदम तक येबात किसी औऱ कों नहि कह सकती।
मोनिका- मे वादा करती हूं निशा कि येराज मे मरतेदम तक किसी सें नहि कहूँगी।
उन दोनों कि बातचीत केँ दौरान मोनिका केँ दूसरे साथियों नें इकराम कों इमरजेंसी वार्ड मे सिफ्ट कर दिया थां। इसलिये एक् दूसरे सें डिस्कस करने केँ बाद मोनिका औऱ निशा इमरजेंसी बार्ड केँ अंदरजा पहुँचे। जहाँ मोनिका नें निशा कि बॉडी सें एक् यूनिट ब्लड निकालकर इकराम कि बॉडी मे इंजेक्ट कर दिया। उसकेबाद वोँ दोनों रेस्ट करनेचले गए।
कथा जारी हैं.
Meri Jung (Restart) – New Episode
bhut hi sandar update too nisha ne ekram ko bachane kaa poora intjam krr लिया और sayed bacha bi लिया देखना yeh he की nidha के blud kaa ekram पर किया asar hotha he
Idhar ajju monu dono abi andhere mai he और yeh andhera कब। Tak rehta he
Raj से parda कब uthega और guru ji की bato kaa क्या arth niklega
Ekram puri prakaar thek hone bala he iss update mai bus ehi he nisha ko ajju kab pehchan ta he kyo kee guru ji kee bat he nisha pr sankat agar ajju or nisha ek nahee huye too
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एपसोड 133 -
जैसा कि निशा कों उम्मीद थि, उसका ब्लड जैसे हि इकराम कि बॉडी मे इंजेक्ट किया गय़ा, इकराम कां डी.एन.ए। चेंज होनेलगा, पर्र ये प्रॉसेस बहुत धीमी थि, मगर इसका एक् फायदा येहुआ कि इकराम कां जिस्म बहुत तेजी सें रिकरवर होना शुरुआत होँ गय़ा थां। हाँलाकि ऑपरेशन सक्सेशफुल होने केँ लगभगदो हफ्ते बाद भि इकराम कों पूरीतरह सें होश नहि आया थां, पऱ मोनिका ये देखकर हैरान थि, कि इकराम केँ घाव बहुत तेजी सें भररहे हें, यहा तक कि उसके सीने औऱ पेट कि स्किन जौ निशा कि बॉडी सें निकले एसिड केँ कारण करीब-करीब पूरीतरह सें गल गई थि, वोँ भि अबफिन सें बननी शुरुआत होँ गई थि।
इसलिये नाँ चाहते हुए भि वोँ निशा औऱ इकराम कां डी.एन.ए। टेस्ट करने सें स्वयं कों रोक नहि पाई। मगर जब उसने डी.एन.ए। टेस्ट कां रिजल्ट देखा तौ बुरीतरह सें चौंक गई। क्योंकि इकराम कां डी.एन.ए। निशा केँ डी.एन.ए। सें बहुत अधिक मिलता जुलता थां, एक् तरह सें अगर किसी कों उन दोनों केँ बारे मे पहले सें हि सारासच पता नां हौ तोँ वोँ इँशान निशा औऱ इकराम कों सगे भइया बेहन हि समझेगा। जब मोनिका अपनीइस हैरानी सें बाहर् आई तोँ उसके चेहरे पऱ एक् मुस्कान आँ गई, क्योंकि भले हि निशा औऱ इकराम कों एक् हि मां केँ जन्म नहि दिया थां। मगर निशा नें आज इकराम कों अपनी सुपर पावर कां यूज करके अपना भइयाबना हि लिया थां।
वोँ अभि निशा कों इस बारे मे बताने जा हि रही थि कि तभी उसने देखा कि इकराम कि बॉडी मे हल्की हल्कि मूवमेंट हौ रही हैं। जिसे देखकर तौ मोनिका कि खुशी कां ठिकाना हि नहि रहा। वोँ तेजी सें इकराम केँ वार्ड सें बाहर् निकली औऱ निशा केँ वार्ड केँ अंदरजा पहुँची। निशा केँ कमरे मे इससमय अज्जू, मोनू औऱ उनकी पूरी टैक्निकल टीम केँ संग हिना भि मौजूद थि। जब सें इकराम कां ऑपरेशन हुआ थां, तब सें निशा कां मूढ बहुत अच्छा थां, औऱ अब वोँ अपनी टेक्निकल टीम केँ अलावा अज्जू औऱ मोनू सें भि थोडा बहोत हंसी मजाककर लेती थि। जिस कारण धीरे-धीरे धीरे-धीरे अज्जू औऱ मोनू भि उससे घुलने मिलने लगे थें।
इसलिये अब निशा नें अपने चेहरे पर्र मास्क लगाना भि बंदकर दिया थां, औऱ अब वोँ जोया केँ रूप मे हि सबके सामने रहती थि। निशा केँ चेहरे कि बेदाग एवं क्लियर स्किन देखकर पहले तौ अज्जू कों उसपरशक हुआ। मगर फिन उसने सोचा कि शायदउस एसिड नें निशा यानि जोया केँ चेहरे पऱ ज़्यादा असर नां डाला होँ औऱ उसके बनाऐ लोशन केँ कारण शायद जोया जल्द रिकरव होँ गई हौ। इसलिये अज्जू नें इसबात पर्र ज़्यादा ध्यान नहि दिया, बैसे भि मोनिका नें उन लोगों कों पहले हि बता दिया थां कि जोयामैम कां चेहरा अब पूरीतरह सें ठीक होँ गय़ा हैं, मगर उनकी बाकी बॉडी कों रिकरवर होने मे अभि वक़्त लगेगा।
वहीं दूसरी तरफ हिनाइस वक़्त बस निशा केँ हालचाल लेनेवहा आई थि, जिसे निशा नें अपनेपास हि रोक लिया थां। हाँलाकि आज सें पहले निशा नें कभी भि हिना केँ संग फ्रेंडली बिहेब नहि किया थां, जिस कारण हिनावहा पऱ थोडा ऑक्वर्रड महसूस कररही थि। अभि कुछदेर पहले हि प्रिया नें सबको एक् जोक सुनाया थां, जिसे सुनकर सब लोगों कां हंसहंस कर बुराहाल थां। तभी अचानक सें निशा केँ कमरे कां दरवाजा खुला औऱ मोनिका कमरे केँ अंदरआई। उसकी हालत देखकर साफसाफ समझ आँ रहा थां कि वोँ दौडते हुए बहाँआई हैं। मोनिका कि ऐसी हालत देखकर अभि सबलोग हैरान हि थें कि तभी मोनिका लम्बी लम्बी सांसे लेतेहुए बोलि
मोनिका- वोँ वोँ वोँ ज जोयामैम वोँ इकराम इकराम….
मोनिका कि बात पूरी होने सें पहले हि निशा बुरीतरह सें डरतेहुए बोलीं
निशा- क्याँ हुआ इकराम कों… वोँ ठीक तौ हैं नाँ….
मोनिका- हाँहाँ वोँ वोँ ठीक हैं जोयामैम…। वोँ मे तौ येकहरही थि कि इकराम कों होश आँ रहा हैं।
मोनिका कि बात सुनकर उस कमरे मे मौजूद हर एक् इंशान केँ चेहरे पऱ मुस्कान कां चुकी थि, वहीं निशा खुशी सें करीब-करीब चीखते हुए बोलि
निशा- क्याँ…। क्याँ सच मे भइया कों होश आँ गय़ा हैं…। थैक्स गॉड……
इतना बोलते हि निशाबैड सें उठने कि कोशिश करनेलगी तोँ हिना जल्दी उसकेपास आई औऱ उसे सहरा देतेहुऐ बोलीं
हिना-मैम जरा आहिस्ता अभि आप् पूरीतरह सें ठीक नहि हुई हें….
निशा-हां हाँ मुझेपता हैं हिना कि बच्ची…। मगर मे अब अपने भइया सें मिलने केँ लिए औऱ प्रतीक्षा नहि कर सकती…। मुझे अभि इसी वक़्त इकराम केँ पास जानां हैं।
हिना-हाँ ठीक हैं मैम। मे आपको इकराम केँ पास लेँ चलती हूं… मगर प्लीज आप् अपने एक्साईटमेंट पर्र थोडा कंट्रोल रखिए….इस तरह तोँ आप् अपने आप् कों हि हर्टकर लोगी।
इतना बोलकर हिना निशा कों सहारा देकरखडे करने कि कोशिश करनेलगी। हाँलाकि निशा कों अब इसकीकोई जरूरत नहि थि, क्योंकि वोँ अब पूरीतरह सें ठीक हौ चुकी थि, मगर सबके सामने उसे घायल होने कां नाटक तोँ करना हि थां, खासकर अज्जू औऱ मोनू केँ सामने, बर्ना उन दोनों कों उसपरशक होँ सकता थां, इसलिये वोँ किसीतरह अपने एक्साईटमेंट कों कंट्रोल करतेहुए घायल होने कां नाटक करनेलगी औऱ हिना कां सहारा लेकर इकराम केँ वार्ड कि तरफबड गई। निशा केँ संगसंग बाकीलोग भि इकराम केँ बार्ड कि तरफ जानेलगे, ताकि वोँ लोग भि इकराम सें मिल सकें।
कुछ हि देर मे वोँ दोनों इकराम केँ बार्ड केँ बाहर् जा पहुँचे थें, चूँकि निशा घायल होने कां नाटककर रही थि, इसलिये वोँ बहुत धीमे धीमे चलकरवहा आई थि, जबकि बाकिलोग निशा औऱ हिना सें थोडी पहलेवहा आँ चुके थें। इसबीच मोनिका इकराम केँ वार्ड मे जाकर उसका पहले हि चेकअप कर चुकी थि। जैसे हि निशावहा पहुँची तोँ मोनिका नें कहा।
मोनिका- मैम इकराम कों पूरीतरह सें होश आँ चुका हैं औऱ वोँ इस वक़्त पूरीतरह सें ठीक हैं… उसके सारे आर्गन भि सही तरीके सें कामकर रहे हें, ऐसालग रहा हैं जैसे उसके आर्गन कभी ट्रांशप्लांट हुऐ हि नहि हैं।
निशा-ये सभी तुम्हारी औऱ मिस्टर अजय कि मेहनत एवं काबीलियत कां नतीजा हैं। अगर तुम् दोनों मिलकर इकराम कां ऑपरेशन नहि करते औऱ मिस्टर अजय इकराम केँ लिए जरूरी मेडिसिन रेडी नहि करते तौ शायदआज मेरा भइया जिंदा नहि होता। इसलिये मे तुम् दोनों कों जितनी बार थैंक्स कहूँ उतनाकम हैं।
निशा कि बात सुनकर अज्जू थोडा शर्मिंदा होतेहुए बोला
अज्जू- मिस जोयाअब तुम् हमें शर्मिंदा कर रहीं हैं… मे मानता हूं कि मिस मोनिका नें इस ऑपरेशन मे बहुत मेहनत कि हैं औऱ मे उनकी स्किल सें बहुत ज़्यादा इम्प्रेश भि हूं, पर्र मैंने तोँ ऐसाकुछ भि नहि किया हैं, जिससे आप् मुझे थैंक्स कहें, बैसे भि इकराम कि ऐसी हालत कां कहीं नां कहीं मे भि जिम्मेदार हूं, वोँ मुझे दुशमनों कि गोलियों सें बचाते हुऐ हि इतने गंभीर रूप सें घायलहुआ थां, इसलिये मैंने जौ कुछ भि किया वोँ बस मेरा फर्ज थां।
इतना बोलकर इकराम कुछ पलों तक खामोश रहा औऱ फिन उसने दोवारा बोल्ना शुरुआत किया
अज्जू- औऱ हाँमिस जोया इकराम केँ ठीक होने मे तोँ सबसेबडा हाथ तुम्हारा हैं। अगर तुम् सही वक्त पऱ इकराम केँ लिए आर्गन कां इंतजाम नहि करती तोँ हम् लोगकुछ भि नहि कर पाते। मुझेये तोँ नहि पता कि तुमने इकराम केँ लिए सारे आर्गन कां इंतजाम केसे किया, पर्र एक् बायो साईँटिस्ट औऱ बिजिनेशमैन होने केँ नाते मे ये अंदाजा तौ लगा हि सकता हूं कि इकराम केँ लिए सारे आर्गन कां इंतजाम करने केँ लिए तुमने अपना रुपया पानी कि तरह जरूर बहाया होगा।
अज्जू कि बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए बोलि
निशा- मिस्टर अजय अपनों कि जान केँ आगे मेरेलिए पैसों कि कोई कीमत नहि हैं। अगर मेरे पैसे मेरी हि भइया केँ काम नाँ आँ सके तौ मे उन पैसों कां भला क्याँ करूँगी। बैसे भि अगर मेरी स्थान तुम् होते याँ तुम्हारे किसी अपने कों जरूरत होती तोँ शायद तुम् भि यही करते… हैं नां….
अज्जू- हाँसही कहा तुमने…। शायद मे भि वहीं करता जोँ तुमने किया हैं।
अज्जू कि बात समाप्त होते हि मोनिका बीच मे बोलपडी
मोनिका- अब एक् दूसरे कों कांप्लीमेंट बाद मे देते रहना, पहले जोयामैम आप् इकराम सें मिल लीजिए…। वोँ इससमय शिर्फ आपसे हि मिलना चाहता हैं….
मोनिका कि बात सुनकर निशा मुस्कुराते हुए इकराम केँ बार्ड केँ अंदरचली गई। जोँ इस टाइम बेंटीलेटर पऱ आँखबंद किए लेटाहुआ थां। निशा उसकेपास जाकर एक् चेयर पऱ बैठ गई औऱ इकराम कां हाथ पकडते हुए प्रेम सें बोलीं
निशा- इकराम मेरे भइया तुम् ठीक तोँ होँ नाँ
निशा कि आवाज़ सुनते हि इकराम नें जल्दी अपनी आँखें खोल दि…। इकराम केँ बार्ड केँ अंदरआते हि निशा अपने वास्तविक रूप मे आँ चुकी थि। इसलिये जैसे हि इकराम कि नजर निशा केँ चेहरे पर्र पडी तोँ उसके होंठों पऱ अपने आप् हि एक् मुस्कान आँ गई औऱ वोँ दर्दभरी आवाज़ मे बोला
इकराम- अप्पी आप् ठीक तोँ होँ नाँ… मैंने देखा थां आपको… एसिड कि बजह सें आपका पूरा जिस्म बुरीतरह चल गय़ा थां। पता हैं मे कितना डर गय़ा थां आपकोउस हालत मे देखकर…। ऐसालग रहा थां जैसे मे एकबार फिन अपनी बेहन कों खो दूँगा।
इकराम कि बात सुनकर निशा कि आँखों मे आँशू आँ गए थें, मगर निशा नें उन्हें साफ करने कि कोई कोशिश नहि कि औऱ इकराम सें उसकी शिकायत करतेहुए बोलि
निशा- औऱ तुमने भि तौ मुझेडरा दिया थां मेरे भइया…। तुम्हें क्याँ जरूरत थि मुझे झरने केँ पानी मे लेजाकर खडे होने कि, औऱ हमारी तरफआती गोलियाँ तुम्हें अपने सीने पऱ लेनेे कि क्याँ जरूरत थि, क्याँ तुम्हें नहि पता कि इन गोलियों सें मुझे याँ तुम्हारे जीजाजी कों कुछ भि नहि होँ सकता हैं।
इकराम- वोँ वोँ मे आपकोउस हालत मे देखकर बुरीतरह सें डर गय़ा थां, उस टाइम मेरा दिमाग़ सही सें काम हि नहि कररहा थां, आईएम सॉरी अप्पी….
निशा- स्स्स्स्सस चुप एकदमचुप…। जौ होँ गय़ा उसेभूल जाओ…। देखोअब मे पूरीतरह सें ठीक होँ चुकी हूं औऱ तुम् भि बहोत जल्दठीक होँ जाओगे।
इकराम- ठीक हैं अप्पी…। बैसे मे कब सें बेहोश हूं
इकराम कां सबाल सुनकर निशा नें एक् गहरी सांस लेतेहुए कहा
निशा- लगभग एक् महिने सें….
निशा कि बात सुनकर इकराम बुरीतरह सें चौंक गय़ा, वोँ अच्छी तरह सें जानता थां कि निशा केँ अंदरकई सारी सुपर पावर्स हें, इसलिये यदि उसकेऊपर सें एसिड कां असर समाप्त कर दियाजाऐ तोँ वोँ कुछ हि दिनों मे पहले जैसे हौ सकती हैं। मगर वोँ एक् आम इंशान थां, उसेपता थां कि उसका लगभगआधा जिस्म एसिड सें जल चुका थां औऱ रहीसही कसर गोलियों नें पूरीकर दि थि, शाालीमालर दीप मे हैलीकॉप्टर केँ पास पहुँचते वक़्त इकराम कों इसबात कां अंदाजा हौ गय़ा थां कि अब उसके जिंदा बचने कि संभावना नाँ केँ बराबर हैं। मगर एक् महिने केँ अंदर हि वोँ बहुतहद तक रिकरवर होँ चुका थां। जिसबजह सें इकराम बहुत ज़्यादा हैरान थां। आखिरकार इकराम नें हिम्मत करके निशा सें सबाल किया।
इकराम- आखिर अप्पी मुझेहुआ क्याँ थां
निशा- तुम्हारा आधाबदन एसिड कि बजह सें गल चुका थां औऱ जिस्म केँ अंदरूनी आर्गन गोली लगने कि बजह सें पूरीतरह सें खराब हौ चुके थें। जिस कारण तुम्हें लाईफ सेविंग मशीन कि हेल्प सें जिंदा रखा गय़ा थां।
इकराम- तौ फिन मेरा इलाज किसने किया औऱ मे इतनी जल्द आखिर केसे रिकरवर होँ गय़ा।
निशा- लम्बी स्टोरी हैं मेरे भइया, हम् इस बारे मे बाद मे बात करेंगे।
इकराम- नहि मुझे अभि सभीकुछ जानना हैं, वोँ भि सचसच….
इकराम केँ इसतरह जिद करने पर्र निशा नें एक् गहरी सांसली औऱ फिन वोँ बोलीं
निशा-असल मे सब लोगों कां मानना थां कि तुम्हें अब बचाया नहि जा सकता हैं, पऱ मेरादिल इसबात कों मानने केँ लिए बिल्कुल भि सजधजकर नहि थां। चूँकि तुम्हारे सारे आर्गन बेकार होँ चुके थें, इसलिये मैंने दुनिया केँ अलगअलग कोने सें तुम्हारे लिए आर्गन कां इंतजाम किया। उसकेबाद लगभग 15 दिन पहले मोनिका औऱ तुम्हारे जीजीजी नें तुम्हारा आर्गन ट्रांशप्लांट कां ऑपरेशन किया थां। जिसके बाद तुम् अब जाकरहोश मे आऐ होँ।
निशा कि पूरीबात सुनकर इकराम करीब चीखता हुआ बोला
इकराम- व्हॉट… मेरे सारे आर्गन ट्रांशप्लांट किएगए हें… मगर इतना मेजर ऑपरेशन आखिर मैंने सर्वाईब केसे किया…। औऱ मुझे अपने जिस्म मे एक् अलग प्रकार कि एनर्जी महसूस क्यूं होँ रही हैं।
निशा- वोँ इसलिये क्योंकि मैंने तुम्हारी बॉडी मे अपना ब्लड इंजेक्ट करवाया हैं।
एक् बारफिन इकराम बुरीतरह सें हैरान होतेहुऐ बोला
इकराम- व्हॉट…। पऱ क्यूं अप्पी…। आखिर आपनेऐसा क्यूं किया
निशा- तुम्हें बचाने कां मेरेपास बसयही एक् तरीका थां, बैसे भि उस टाइम मुझे जौ सहीलगा वोँ मैंने किया।
इकराम- मगरजब आपने मेरे सारे आर्गन ट्रांशप्लांट करवादिए थें, तोँ फिन आपको मेरी बॉडी मे अपना ब्लड इंजेक्ट करने कि क्याँ जरूरत थि…। आगर आपके ब्लड केँ कारण मेरे अंदर भि सुपर पावर आँ गईं औऱ मे उन्हें संभाल नहि पाया मेरा मतलब हैं कि अगर मैंने अपनी सुपर पावर कां मिसयूज किया तोँ।
निशा- आर्गन ट्रांशप्लांट केँ करीब 70 सें 80 प्रतिशत मामलों मे होस्ट बॉडीनए आर्गन कों सपोर्ट नहि करती हैं। जिसबजह सें आर्गन ट्रांशप्लांट केँ बाद भि अधिकतर मरीजों कि मौत हौ जाती हैं। मे ये रिस्क तुम्हारे संग नहि लेँ सकती थि। बस इसीलिए मैंने अपना ब्लड तुम्हारी बॉडी केँ अंदर इंजेक्ट करवाया हैं। ताकि मेरा ब्लड तुम्हारी पूरी बॉडी केँ संगसंग तुम्हारे नए आर्गन कां डी.एन.ए। चेंज करके उन्हें तुम्हारे बदन कां हिस्सा बनादे औऱ हाँ तुम्हें भले हि अपनेऊपर भरोसा नाँ होँ, पऱ मुझे अपने छोटे भइया पऱ पूरा भरोसा हैं। मेरा भइयाकभी भि अपनी पावर्स कां मिसयूज नहि करेगा, बैसे भि मेरा ब्लड पहले सें हि कंवर्टेड हैं। जिस कारण वोँ तुम्हारे आम इंशानों सें ज्याद पावरफुल तौ बना सकता हैं। मगर मेरे याँ तुम्हारे जीजाजी कि तरह तुम्हारे अंदर सुपर पावर्स पैदा नहि कर सकता हैं।
इनता बोलकर निशा एक् समय केँ लिए खामोश हुइ औऱ फिन मुस्कुराते हुए बोलि
निशा- बैसे भि तुम् हि तौ हमेशा कहते थें कि काश मे तुम्हारी सगी बेहन होती, तौ फिनअब तुम् मेरेसगे भइया कि तरहबन चुके हौ, क्योंकि मेरे ब्लड नें तुम्हारा डी.एन.ए। चेंज करके मेरे डी.एन.ए। कि तरहकर दिया हैं औऱ अब तोँ हमारे अंदरखून भि एक् जैसा हैं। तोँ फिनअब हम् सगे भइया बेहनबन गए नाँ।
निशा कि बात सुनकर इकराम भि मुस्कुराते हुए बोला
इकराम- हाँबो तोँ हैं… पर्र आपके ब्लड केँ कारण मेरे अंदर क्याँ क्याँ चेंज आऐंगे…
निशा-पता नहि… हाँ पऱ तुम्हारी शारीरिक ताकत औऱ तेजी सें घाव भरने कि ताकतआम इंशानों सें कहीँ ज़्यादा हौ सकती हैं, संग हि संग तुम्हारी स्पीड भि ज़्यादा होँ सकती हैं। मगरइन सबके अलावा शायद हि तुम्हारे अंदरकोई औऱ सुपर पावरआऐ। अगर आऐगी तौ मुझे जरूर बताना, ताकि मे तुम्हें अपनी पावर्स कंट्रोल कना सिखा सकूँ।
इकराम- जरूर अप्पी मे इस बारे मे आपको जरूर बताऊंगा…। बैसेअब मे पूरीतरह सें ठीककब तक हौ पाऊँगा….
निशा- चूंकि तुम्हें होश आँ चुका हैं, इसका मतलब हैं कि तुम्हारी बॉडी केँ इंटर्नल पार्टस करीब पूरीतरह सें ठीक होँ चुके हैं, अबबस तुम्हारी बॉडी कां बाहरी हिस्सा ठीक होना बाकी हैं। इसलिये मेरे ख्याल सें तुम् एक् महिने केँ अंदरफिन सें पहले कि तरह एक् दमठीक हौ जाओगे।
निशा कि बात सुनकर इकराम नें एक् राहत कि सांसली, जिसके बादउस कमरे मे एक् लम्बी खामोशी छा गई।
स्टोरी जारी हैं.
Meri Jung (Restart) - Continue reading next part
Nice update ab tak too story Nisha hi lead krr rahi h ptaa nahee Ajju kab lead karega meko ajju say side charector wali feel aa Rahi h
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