नगमा, सरदार खान कि पत्नि - Real Kahani Part 1
मे नगमा, उम्र 38 साल शरीरभरा 34-28-36 हुआ 3 बच्चों कि मां औऱ एक् घरेलू स्त्री, ज़िंदगी मे जमकर मज़ा लिया औऱ आज भि लेँ रहीं, वोँ कहते हें नाँ उम्र केँ संगसंग चुदास भि बढ़ती हैं तौ बात करते हें मेरी चुदास कि शुरुआत कि
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बातआज सें 20 साल पहले कि हैं मेरी मेरी विवाह वासेपुर केँ एक् लड़के केँ संग हुई थि जिसका नाम थां सरदार खान, मे 18 साल कि थि औऱ मुस्लिम औरत होने केँ वजह सें अधिकघऱ सें बाहर् औऱ नां किसी अनजान सें मिली थि कुल मिलकर एक् दम अनछुआ मालथीं,
विवाह केँ पहलीरात मुझे बहोत डरलगरहा थां मगर सरदार नें मेरा पूरा सहयोग किया
वोँ अंदरआया औऱ मेरी आँखों मे देखकर बोलाआज रात कों हमारी सुहाग कि रात हैं जीभर केँ प्रेम करना हैं आपके खूबसूरती कों फिन मेरेगाल पर्र हाथरख दिया औऱ प्रेम सें सहलाने लगा, मेरेबदन मे अजीब सि हलचल होनेलगी औऱ उसकाहाथ अब मेरे होंठ पऱ थां अब वोँ धीरे-धीरे सें आगेबढ़ा औऱ मेरे मुझे चूमने लगा आहहहहहह क्याँ अहसास थां मे तौ पागल सि हौ गईं औऱ मे भि उसकासंग देने लगीं औऱ फिन उसनेजीभ मुह मे लेँ कर चूसने लगा मुझेनशा सां होनेलगा औऱ मे उसकेसर केँ बाल सहलाने लगीं, 10 minute बाद उनसे मेरे मुँह कों छोड़ा हम् दोनों कि सांसें तेज़थीं फिन वोँ जल्द सें खड़ाहुआ औऱ मुझे पाजामे मे उसका लन्ड तना दिखा जोँ शायद7इंच कां थां उसने जल्द सारे कपड़े उतारे औऱ नंगा हौ गय़ा उसका कालानाग सें फुंकारता लन्ड देखकर मेरी सांसे तेज़ हौ गयीं औऱ मैंने आँखेबंद करलीं तभी मुझेलगा उनसे मेरेहाथ मे गरमरॉड पकड़ा दि आंख खोली तोँ देखा लन्ड मेरेहाथ मे थि वोँ बोला सहलादे नगमा जल्द सें उसकी बेचैनी देख मैंने हल्के सें हाथ लगाया वोँ आँ हहहहह करनेलगा औऱ बोला कसकर सहला मेरीजान मैंने अपनी मुट्ठी टाइट कि औऱ आगे पीछे कि उसकालाल सूपड़ा पूरादिख रहा थां औऱ वोँ तेज़तेज़ करने कों बोला मैंने स्पीड बढ़ा दि वोँ आँ हहहहह आहहहहहहह नगमा आहहहहहहहह तेज़मार तेज़ अम्म ममममममम उफ़्फ़फ़ आँ हहहहह अचानक उसने मेरी सारी खींच दि औऱ मे बस ब्लाउज औऱ पेटिकोट मे थि उसने ब्लाउज हटा दिया औऱ फिन पेटिकोट कि तरफबढ़ा मे मगर बेचैनी मे उससे नाडा नहि खुला तौ उसने मेरा पेटीकोट ऊपरकर दिया औऱ पागलो कि तरह मेरी जांघ चाटने लगा मुझे भि पेट केँ नीचे गुदगुदी हुइ औऱ मजे मे गर्दन बैड पऱ पटकने लगीं उम्ममममम तभी उसने मेरी चड्डी खींचकर हटा दि औऱ मे नीचे सें पूरी नंगी हौ गयीँ, अचानक एक् झटका औऱ लगाजब उसने मेरी बुर कों मुँह मे लियाअब ऐसालगा मे जन्नत मे हूं उसकीजीभ मेरी बुर मे गुदगुदी करनेलगी मे बस आहहहउमम उफ़्फ़फ़ करतीं हुईंमजे लेने लगीं अभि एक् हमला औऱ होना बाकी थि वोँ थां चुदाई कां हमलातभी उसने मेरे पैरों कों मोड़ा औऱ बुर पर्र लन्ड लगया मेरा शरीर लन्ड कि गर्मी सें कांप गय़ा औऱ तभी
अम्मी मार डाला आहहहहहह नीचे सरदार झटके सें आधा लन्ड कुंवारी बुर मे डाल चुका थां औऱ मेरी आँखों सें आंसू आँ गए औऱ दूसरे झटके मे फिन सें मेरे मुँह सें तेज़ आवाज़ निकले सें पहले उसने मेरे मुँह पर्र हाथरख दिया औऱ मजे सें चोदने लगा वोँ आहहहहहह आँ हहहहहह आममममममम नगमा क्याँ बुर हैं तेरी एक् दम टाइट मेरे जिस्म कों शांत होते हि उसने अपनाहाथ हटा दिया औऱ मेरी आंखों मे देख केँ मेरेदूध दबाकर चुदाई करनेलगा उसकाहर झटका मुझे अजीबनशा देनेलगा फिन मेरे मुंह सें अजीब अजीब बातें निकलने लगीं औऱ मस्ती मे बोलीं आँ हहहहहह आँ हहहहहह तेज़ज़ औऱ तेज़ज़ अम्मी आँ हहहहह
उफ़्फ़फ़ फाड़ दि आँ हहहहहह
इधर मेरी कमरे कि चुदाई कि आवाजों सें सरदार खान कां चाचा जिसने सरदार खान कों बेटे कि तरह पाला वोँ बहु समान लड़की चुदाई सोचकर मुठमार रहा थां आँ हहहहहह आँ हहहहहह औऱ तेज़ औऱ तेज़ आँ हहहहहह उफ़्फ़फ़ बहु औऱ तेज़ ममममममम
इधर कमरे मे नगमा कां जिस्म अकड़ गय़ा औऱ तेज़तेज़ स्वयं हि अपनी गांडउठा उठा केँ सरदार खान कां लन्ड अपनी चिकनी बुर मे लेनेलगी आँ हहहहहह आँ हहहहह अम्मी हहहहहह आईतेज़ कीजिए तेज़ औऱ तेज़ सरदार उसके कामुक रूप कों देखकर औऱ मस्ती मे आँ गय़ा औऱ 2-4 झटके केँ बाद दोनों एक् संगझड़ गएफिन एक् दूसरे केँ ऊपरलेट गए
उधर चाचा भि आहेंसुन सुनकर मस्ती मे अपना पानीछोड़ चुका थां
चुदाई कि थकान सें नगमा कों नींदआने लगीमगर कहते हें नाँ पहली चुदाई दुमदार हौ तोँ मज़ा हि कुछ औऱ होता हैं तौ सरदार कां लन्ड फिन सें तन गय़ा नगमायह देखफिन मुस्कुरा कर बोलीं फिन सें वोँ बोलाहाँ अबघूम जा घोड़ीबन जा
अब सरदार नें लण्ड पीछे सें नगमा कि बुर मे डाल दियाइस बार नगमा कों ज़्यादा दिक्कत नहि हुइ उल्टा उसकोजड़ तक लन्ड घुसने कां अहसास हुआ औऱ मजे सें फिन चुदने लगी आँ हहहहहह आँ हहहहहहह अम्मी उ ममममममम
दौर चुदाई कां शुरुआत होँ चुका थां सरदार बुर केँ मामले मे हरदम रेडी रहनेलगा इधर मेरे गर्मबदन कों रगड़रगड़ कर औऱ भि गरम महिला बना दिया औऱ जल्द हि मे मम्मी बनने वालीथीं अंतिम 8 महीनों तक जैसे तैसे चुदाई कराईमगर एक् महीने उसको छूने तक नीं दिया उसकाअसर सरदार पऱ हुआ औऱ चुदाई केँ लिये तड़पने लगा मेरेबगल मे खड़ा होँ कर लण्ड हिलवाता कभी मुँह मे पानी निकाल कर स्वयं कों ठंडा करनेलगा फिन एक् दिन मैंने कहा तुम् बाहर् जाकर लण्ड ठंडाकर सकते होँ मगरघऱ पऱ कोई रंडी न् लानाइस पर्र वोँ खुशहुआ औऱ जल्द हि नूरनाम कि रंडी केँ पास पहुंचा जौ नईनई कोठेओर आयी थि तौ दाम भि तगड़ा लेँ रही थि 1000 पैसा एक् शॉटउस टाइमयह कीमत बहोत थि मगर सरदार नें लन्ड केँ आगेकुछ नहि देखा औऱ घुस गय़ा उसके कमरे मे
वोँ 32-28-32 फिगर कि हॉटबड़े गले कि चोली मे आधेदूध दिखाकर औऱ मोटी गांड सें सरदार केँ लण्ड कों उचकारही थि,
बोलीं माल लाया हैं सरदार नें हाँ कि औऱ वोँ कुतिया कि तरहलेट गयीं औऱ लहंगा कमर पऱ चढ़ा लिया,
सरदार कों बुर चाटे महीना हौ गय़ा थां वोँ जल्द पजामा उतरने लगा औऱ सीधे मुँह उसकी चिकनी बुर मे दे दिया रंडी एक् दमउचक पड़ी क्यूं कि आजतक किसी नें उसकी इतने प्रेम सें बुर नहि चाटीसभी बसचोद करचल देते थें वोँ सरदार केँ काम सें खुश हौ गयीँ, औऱ उसकेसंग मजे लेनेलगी, आँ हहहहहह आँ हहहहह उम्म मममममम सरदार नें अब अकड़े लण्ड कों बुर केँ मुँह पर्र रखा औऱ झटकामार दिया रंडी भि रोमांटिक हौ उठी औऱ संग हि पीछेकमर सें झटकामार दिया जिससे पूरा लन्ड उसकीचुत गटक गयीँ, औऱ सरदार कि अहह हहहहहह निकल गई,
अहह हहहहहहह नगमा रंडी समझी जरूरयह अपनी माशूका कों यादकर रहा इसलिये वोँ भि मजे मे बोलने लगीअहह हहहहहह आँ हहहहहह चोद अपनी नगमा कों भड़वे आँ हहहहहह मारतेज़ तेज़ओह अम्मी फाड़दे उसकी बातें औऱ जोशचढ़ा रहीं थि सरदार कों वोँ भि मस्ती मे बोलने लगाहाँ मेरी रंडी लेँ औऱ तेज़अहह हहहहहहह उम्म ममममम कितना तड़पाया हैं अहह हहहहहह चोदने देआजअहह हहहहहह आँ हहहहह कमर हिलाकर लें औऱ अंदर लें अहह हहहहह, रंडी आहह-आहह हहहहहह चोद औऱ चोद भुजा लेँ प्यास आहह-आहह हहहहहह मे आईं आँ हहहहह अम्मी औऱ सरदार भि कुछ झटकों मे ठंडापड़ गय़ा रंडी नें खुश हौ कर उससे मात्र 500 लिए औऱ दुबारा आने कों कहा,
इधर मे एक् बेटे कों जन्मदे चुकीथीं बुर फाड़कर निकलने कि वजह सें अब शायद सरदार कों वोँ मज़ा नहि आँ रहा थां औऱ बच्चे कि परवरिश करने कि वजह सें थक जातीं थींरोज अबमजे कि चुदाई नहि हौ पारही थि ऐसे हि 1 साल बिताफिन 2 साल आखिर मे सरदार कों रंडी कां मोहछूट गय़ा औऱ वापस मेरी बुर पऱ आँ गए
सरदार कों टांगे खोलकर रोज स्वागत करती वोँ रोज मेरी बुर मारने लगा वोँ भि रंडी कि तरह गाली दिलवा कर
मे चोद नाँ भड़वे गांड मे दम नहि हैं क्याँ आहह-आहह हहहहहह तेज़चोद मादरचोद यह तेरी अम्मी कों भोसड़ा नहि हैं तेज़फाड़ अहह हहहहहह यह गालियां उस मे अजीबजोश पैदा करतीथीं औऱ वोँ भि अहह हहहहहह मेरी रंडी लेँ औऱ लें साली रांडफाड़ दूंगा गांडअहह हहहहहह अहह हहहहहह इधर कमरे मे चुदाई जमकर होँ रही थि औऱ उधर चाचा लण्ड कों मुठमार मारकर तोड़ेडाल रहे एक् जोरदार झटके सें आहह-आहह हहहहहह नगमाबोल कर ठंडेपड़ गए,
2 महीनों कि जमकर चुदाई केँ बाद सरदार केँ बीज नें फिनपेट सें कर दिया, इधर मेरा पहला लड़का 2 साल कां हौ चुका थां, सरदार काम केँ सिलसिले मे कोलकाता चला गय़ा इधर चाचा मेरी छोटे मोटेकाम मे सहायता करनेलगे,
एक् रोज मेरा लड़का राजा कों दूध पिला रहींथीं तभी चाचा आए औऱ मेरे नंगेदूध कों चोरी सें देखने लगे मुझेजब यह अहसास हुआ मैंने जल्द सें दुपट्टा सही किया औऱ मन मे सोचाबड़ा ठरकी हैं कईबार चाचा राजा कों मेरीगोद सें लेते वक्त मेरे मोटे मोटे दूधों पऱ हाथलगा देते थें वक़्त गुजरने लगा औऱ जल्द मैंने दूसरे बेटे कों जन्म दियातब तक राजाब 3 साल कां हौ चुका थां सरदार महीने केँ महीने पैसेभेज रहा थां सभीसही चलरहा थां मगरअब एक् चीजसही नहि थि वोँ थि बुर 7 महीनों सें सूखीपड़ी बुर मे अब हलचलकम थि क्यूं कि दोनों बच्चों कि परवरिश दिनभर कि थकान सें हालत खराब रहती थि,
उधर सरदार खान जहाँकाम करता थां वहा एक् घर-मकान मे 3 लोग रहते थें सरदार, उसके चाचा कां लड़का, औऱ एक् गाँव कां यार रिजवान
एक् दिनसाम कि खानां पर्र एक् लड़की दिखी जोँ बदन सें भरी हुइ थि 32 साइज केँ दूध औऱ मोटी गांड सरदार नें कहायह कौन हैं रिजवन बोला केँ मेरीबड़ी बेहन हैं गाँव सें आजसाम कि आयी हैं खानां बनाने मे दिक्कत थि तौ आँ गईंअब ओवरसमय कर केँ ज़्यादा पैसेजमा कर केँ इनकी विवाह अच्छे घऱ मे करनी हैं
सरदार : बिल्कुल हम् लोग भि सहायता करेंगे
वैसे इनकानाम क्याँ हैं
रिजवान : नाजनाम हैं 8 तक पढ़ी हें गाँव मे खानां अच्छा बना लेतीं हें मम्मी थीं नहि तौ इन्होंने खयालरखा हैं मेरा
नाज : अबबस खानां खाओ
सरदार कों जबनाज सब्जी देने झुकी तोँ उसके मुम्मे सरदार देख केँ बेचैन होँ उठा उसकी हरकत उसके चाचा केँ लड़के नें देखली अब वोँ समझ गय़ा कि यह उसकोचोद कर मानेगा,
अब सरदार अक्सर नाज कों खुश रखने कि कोशिस करता औऱ जल्दकाम सें आकर उसको कपड़े धोता देखता कभी झाड़ू लगते उसके दूधों पऱ लार टपकता,
नाज कों समझ आँ गय़ा इसको क्याँ चाहिए आखिर मे वोँ अपनी जिम्मेदारी केँ चलते 28 साल कि बिना पति केँ आग भुजारही थि,
अब एक् रात सबके सोने केँ बाद वोँ अंधेरे मे सरदार कि चारपाई पर्र गयीँ, औऱ मच्छरदानी हटा केँ उसकेसंग लेट गयीँ,,
कुछदेर बाद अपने मोटेदूध सरदार कि पीठ पर्र लगादिए सरदार कों कुछ अहसास हुआ उसनेमुड़ कर देखाफिन दोनों एक् दूसरे कि आखों मे देखने लगे,
सरदार नें उसके कुर्ते केँ ऊपर सें दूध सहलाने लगा औऱ उसकाहाथ अपनी लुंगी खोलकर निक्कर मे डाल दिया वोँ लन्ड कों छूकरअहह हहहहहह करनेलगी फिनमजे सें मुठमार रही थि सरदार नें उससे उसकी सलवार खुलवा कर लण्ड उसकीचुत मे रख दिया औऱ धक्का मारा तौ उसकी वोँ चीखपड़ी सरदार नें उसके मुँह पर्र हाथरख दिया औऱ चुदाई करनेलगा चारपाई कि आवाज़ सें सरदार केँ चाचा कां लड़का उठ गय़ा औऱ चाँदनी रात मे वोँ लाइव चुदाई देखकर मुठमार रहा थां
उधरनाज पहली चुदाई कि चूत फाड़वा चुकी थि औऱ अहह हहहहह अहह हहहहहह कररही थि अबदूध बाहर् निकल निप्पल चूसकर चुदाई जारीरही, नाज कों यह जन्नत जैसालग रहा थां मगर आनंद लेँ लेँ कर गांड उठाने लगी थि
चारपाई कि औऱ नाज कि सिसकियों सें कोई औऱ भि जाग चुका थां वोँ थां उसका भइया रिजवान
वोँ मस्ती भारी आहों मे खो गय़ा औऱ आंखबंद करमुठ मारने लगा
सरदार नें अबनाज कों लण्ड पर्र कूदने केँ लिये बोला बहुत नाँ नुकुर केँ बाद वोँ सरदार केँ ऊपरआयी औऱ अपने हाथों सें लण्ड बुर पर्र सेट किया औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे चिकनी बुर मे घुसारही थि तभी सरदार नें उसकी नंगी गांड कों पकड़कर एक् जोरदार झटकामार दिया, अम्मी मममममम अहह हहहहहहह नाज केँ मुंह सें अचानक हुये हमले सें चीख निकल गयीँ,, उधर रिजवान आँखें खोलकर सरदार कि चारपाई पऱ देखने लगा औऱ सरदार कां चचेरा भइयाआज़म भि
नाज धीरे-धीरे धीरे-धीरे लण्ड पर्र उछलरही थि औऱ सरदार उसके मुम्मे मसलरहा थां, आजम औऱ रिजवान चुदाई देखकर तेज़ी सें मुठ मारने लगे
औऱ सरदार भि नाज कि गांडपकड़ कर जल्द जल्द झटके देनेलगा अहह हहहहह आईई अम्मी केँ संगनाज बह गई उधरआज़म औऱ रिजवान भि झड़गये, औऱ सरदार भि 2-3 झटकेदे कर ढीलापड़ गय़ा
उधर नगमा जिसकी चूत भोसड़ा बन चुकी थि औऱ घऱ कि जिम्मेदारी कि थकान सें चुदाई अब कोसों दूर हौ गयीँ, मगरकोई आज भि नगमा केँ नाम कि मुठमार रहा थां वोँ थां चाचा आजरात फिन नगमा कि ब्राउठा लाया थां बाथरूम सें
अहह हहहहहह नगमाचूस औऱ चूस मेरी रण्डी अहह हहहहह
चाचा ब्रा कि नाक मे लगाकर मुठमार रहा थां औऱ तेज़तेज़ लण्ड हिलाकर नगमा कि गांडयाद कररहा थां नगमाअहह हहहहहह क्याँ गांड हैं तेरी उफ़्फ़फ़ मटके कि तरहअहह हहहहह अहह हहहहहह
कुछ हि झटकों केँ बाद चाचा पानीछोड़ दिया
इधर सरदार कों नाज कि चुदाई करने कां सुखमिल रहा थां संग हि नाज केँ भइया कों अपनीबड़ी बेहन कि चुदाई देखने कां
एक् रातजब नाज केँ ऊपरचढ़ केँ सरदार उसकी रसीली बुर चोदरहा थां तोँ नाज कि नज़र अपने भइया कि चारपाई पर्र हल्की रोशनी मे उसको रिजवान कि आँखे खुली दिखीं
नाज कों अंदर सें झटकाजब उसको अहसास हुआ रिजवान मूठ भि माररहा
क्याँ रिजवान अपनीबड़ी बेहन कि चुदाई देखकर मुठमार रहा, पऱ यह तोँ गलत हैं
नाजऐसा सोच हि रही थि तभीउसे अहसास हुआ रिजवान भि 26 साल कां जवान हैं 4पैसे जोड़ने केँ लिए मेहनत कररहा ताकि 28 साल कि कुंवारी बड़ी बेहन कि विवाह करासके, बदन कि प्यास उसको भि होगीजिस तरह वोँ सरदार कि सहायता सें चुदाई करवाती हैं उसका भइया कहां जाए
यह सभीसोच कर रिजवान कों अब वोँ गलत नहि मानरही थि उल्टा अब औऱ कामुक तरह बुर मरवाने लगी क्यूं कि उसका भइया मज़ा लेँ सके
इस तरहदिन गुजरने लगे, कुछ महीनों बाद सरदार नजमा सें मिलने गय़ा तबबड़ा बेटा राजा 6 साल कां होँ चुका थां औऱ छोटा 4 साल कां, रात कों सरदार नें नगमा कि चुदाई करनी चाहीमगर वोँ घऱ औऱ बच्चों कों संभालने मे थकी सि लेट गयीँ, सरदार कों बिना बुर मारे नींद नहि आती थि तोँ वोँ नगमा सें जबरदस्ती करनेलगा, नगमा कों मजबूर होँ कर टंगे खोलने पड़ी औऱ सरदार ज़्यादा उतावला हौ कर लन्ड पेलने लगा औऱ कुछ हि लम्हा मे झड़करसो गय़ा नगमा वैसे भि थकी थि तौ वोँ भि सो गई
सुभहजब सरदार उठा औऱ कुछ पैसेदे कर बोला जल्द नहि आँ पाऊंगा वोँ वापसकाम पऱ चला गय़ा जबसाम कों घऱआया तौ नाज ग़ुस्से सें देखरही थि सभी खानां खाकर अपनी अपनी चारपाई पऱ सोनेगए, सरदार नें नाज केँ पास गय़ा वोँ अपनाबैड लगारही थि जैसे सरदार उसकेपास गय़ा वोँ उसको मारने लगी औऱ रोनेलगी सरदार नें चुप कराया औऱ पूछा क्याँ हुआ।
नाज : मे पेट सें होँ गयीं, बर्बाद हौ गयींअब कौन विवाह करेगा मुझसे शरीर कि आग भुजाने केँ लिये बर्बाद कर दियाअब क्याँ करूँमर जाने कां मन किया
फिन सें सरदार सें लिपटकर रोनेलगी
सरदार अबसोच मे पड़ गय़ा वोँ शायदनाज केँ भोलेपन कां कायल थां कुछदेर बाद बोला मुझसे विवाह करेगी
नाज बोलीं तुम् तोँ पहले सें शादीशुदा हौ
वोँ कहनेलगा तूँ करेगी बोल नजमा कों बाद मे बता दूंगा पहले तेरी इज़्ज़त बचानी हैं
नाजखुश हौ कर बोलीं हाँ औऱ शरमाकर गलेलग गई,
सुभह रिजवान कों सरदार नें सारीबात बताई वोँ थोड़ा हैरान थां क्यूं कि उसको लगता थां कि नाज केवलबदन कि जरूरत पूरीकर रही, उसने भि कोई ज़्यादा एतराज नहि किया औऱ दोनों कि विवाह हौ गई,
अब सरदार केँ दो परिवार थें तोँ पैसे भि अधिक चाहिए थें तोँ आज़म औऱ सरदार नें फैसला कियारात मे छोटी मोटी चोरीकर केँ कामचला लिया करेंगे
अब सरदार रोज 12 बजे केँ बादआज़म कों लेकरसड़क केँ आसपास दुकानों कां तालातोड़ करकुछ हज़ारो कि चोरी करनेलगा,
अबरकम आनेलगी तौ अधिक पैसे नगमा कों भि मिलने लगे उसनेकुछ पैसेबचा कर छोटा सां ब्यूटी पार्लर खोल लिया
इधर नाज भि अपने खूबसूरती पऱ पैसे खर्च करनेलगी औऱ अपनी चालाकी पर्र खुश होनेलगी
दरसलनाज उस वक़्तपेट सें नहि थि, जबउसरात सरदार अपनेघऱ गय़ा तौ नाज कों बुरालगा क्यूं कि सरदार कों अपने परिवार कि फिक्र थि, नाज सोचती थि कि उसका भइया जौ उसके लियेदिन रात मेहनत करता हैं, वोँ भि जवानी कि आग मे जलरहा जिम्मेदारी कि वजह सें विवाह नहि कररहा नाज कों तौ लन्ड मिल गय़ा जिससे अभि उसकाकाम चलरहा मगर रिजवान कां दिल भि चुदाई करना चाहता होगा इसलिये उसकेसर कां बोझकम करने केँ लिये उसने सरदार सें विवाह करली,
धीरे-धीरे धीरे-धीरे वक़्त गुजरा सरदार अबबड़ा गुंडा बन चुका थां पैसे केँ लियेहाथ पेर तोड़ने लगा, गैंग भि बना लिया पुलिस भि उससे डरनेलगी,
नाजकुछ सालबाद एक् बच्चे कों जन्मदे कर मम्मी बन गई, थि
उधर नजमा भि सरदार केँ बीज कों जन्मदे चुकी थि बीच मे सरदार मिलने जाता थां पैसे देने तोँ नगमा अपना पार्लर बड़ाकर चुकी थि 4 लड़कियां काम करने लगीं उसके पार्लर मे घऱ मे भि काम करने वालीलगा ली,
वक़्त गुजरने लगा औऱ सरदार कि हुकूमत बढ़नेलगी लोगों सें हफ्ता लेना, उनको मरना पीटना अलग हि गुंडागर्दी थि
रिजवान औऱ आज़मअब शहर केँ बड़े नाईट क्लब कि लड़की चोदने जाते
दोनों अपनेमन मे नाज केँ बदन कों यादकर केँ रंडियों कि बुर मारते
रिजवान अक्सर अपनेऊपर बिठाकर रण्डी कों लण्ड पर्र उछलने कों बोलता
औऱ उसकी गांडपकड़ केँ अहह हहहहहह नाजअहह हहहहह औऱ उछालो मेरे लण्ड पे
उफ़्फ़फ़ कितना तरसा हूं अहह हहहहहह
यहीहाल आज़म कां थां दोनों मस्त जीवनजी रहे थें
ऐसे हि कुछसाल बीतगए औऱ राजा, वाहिद औऱ फैजतीन बेटे सरदार केँ नजमा सें हुए थें
जिसमें अब राजा 16 साल कां हौ चुका थां औऱ अपनी मां केँ पार्लर पऱ आने वाली औरतों केँ बड़ेबड़े मुम्मे देखा करता थां
अब उसको भि कुछ महसूस हुआ करता थां अपने लण्ड मे शायद16वां सावन कां अहसास थां
इधर सरदार अपने रुतबे औऱ पैसे केँ नशे मे चूर रहता औऱ नाज औऱ नगमा पर्र ध्यान नहि देरहा थां इस मौके केँ फायदे केँ लिये चाचा कब सें घूमरहा थां वोँ जानता थां नगमा कि बुर मे लण्डतभी डालाजा सकता हैं सरदार बीच सें हटे,
एक् दिन सरदार कों पताचला शहर मे नया पेट्रोल पंप खुला हैं, सरदार नशे मे जाकरवहा अपना रुतबा दिखाने लगा औऱ भूल गय़ा कि वोँ उसके इलाके सें बाहर् हैं उधरआज़म भि सरदार कों समझा नहि पाया औऱ फिनआपस मे बहस हुइ दोनों तरफ सें गोलियां चली, किसी नें पुलिस कों खबर दि औऱ सरदार औऱ आज़म कि तलाश मे तोँ थि कि कबयह इलाके सें बाहर् अकेले निकले, आजजब दोनों फंसगए तौ घबराने लगे, तभी सामने दोनों कों बंदूक कि नोक पऱ वाहन मे बिठाकर जंगल मे लेँ गए, औऱ वहा सरदार कां दुश्मन रामाधीर सिंहखड़ा खड़ा थां।
रामाधीर सिंह जोँ सरदार केँ देहात कां मानाहुआ नेता थां, जिस्म पहलवान जैसा औऱ 45 कि उम्र मे भि कुश्ती कां शौक थां, कोयले कि कालाबाजारी सें बहुतधन कमा चुका थां, अब अपनाकाम फैलारहा थां, उसका लड़का JP सिंह कों राजनीति मे लाना चाहता थां, गाँव कि हर स्त्री कों किसी नां किसीतरह बैड पर्र ला चुका थां, कसरती बदन औऱ 8 इंच लंबे लण्ड कों बुर मे लेने केँ बादहर महिला उसकी दीवानी होँ जाती थि, खाट पऱ घंटो औरतें कि चुदाई करता थां, औऱ बाप कि तरह JP कों भि औरतें मनपसंद थि,
आजजब सरदार औऱ आज़म केँ जुल्म सें हद गुजरी तोँ रामाधीर पुलिस केँ दम पर्र आज उनको मारने आया
सरदार : मादरचोद तौ तुँ हैं इसके पीछे गांड मे दम नहि थि कां जोँ पुलिस लाया।
रामा:दम तोँ बहोत थि भोसड़ी केँ मगर तूँ उस रण्डी कि बुर मे सें निकलकर आया नहि सामने आज मिला हैं मादरचोद,
सरदार : तोँ चला गोली मादरचोद
रामा : मरने कि जल्द हैं बड़ी मादरचोद, 4 औलादें 2 बीबी कां क्याँ होगा सोचा हैं,
दोनों कों रखैल बनाऊंगा औऱ उनकी औलादों कों मादरचोद
सरदार : रामाधीर मादरचोद गांडफाड़ दूंगा साले
रामा : अबेरुक तौ, तुम्हारी तरफ एक् बात तोँ बतानी हैं तुझेही मारने सें पहले तेरी मुखबरी तेरे साले रिजवान नें कि जोँ स्वयं बहनचोद बनना चाहता हैं औऱ तेरा चाचा दोनों नें मिलकर मुझेयह प्लान दिया, तेरा चाचा वर्षों सें नगमा केँ नाम कि मुठमार रहा, तेरेबाद वोँ भि बुर चोदा करेगा
आज़म: मादरचोद मेरे बाप पऱ झूठा इल्ज़ाम लगता हैं मे तेरीमार दूंगा मादरचोद
तभी एक् गोली रामा चलाता हैं आज़म वहींढेर औऱ यहदेख सरदार आगे बढ़ता हैं 2 गोली सरदार कों लगती हें वोँ भि ढेर।
दोनों केँ मरने केँ बादअब नगमा औऱ नाज कि बुर पऱ हक जमाने चाचा औऱ रिजवान आगे आँ रहे थें मगर चाचा भूल गय़ा कि अभि नगमा कां बड़ा लड़का जवानहुआ हैं, पार्लर कि लड़कियों कि चुचियाँ देखदेख करमुठ मारने लगा थां,
इधरकुछ महीनों मे नाज कि बुर फुदकने लगी, स्वयं कों शांत करने केँ लिये वोँ अपनी सलवार केँ ऊपर सें रोती हुइ बुर कों चुप कराने लगी
अहह हहहहह मादरचोद सरदार लण्डदे देकर चुदक्कड़ बना दियाअब इस निगोड़ी कों केसे शांत करूँ किसका लण्ड लेँ कर बुर चुदवा लूं
तभी उसको रिजवान कि यादआयी जोँ अक्सर उसके शरीर कों याद करता थां
सुभहजब नाज नहाने केँ लिये बाथरूम गई, तोँ रिजवान उसके शरीर कों निहारने केँ लिये दरवाजे केँ किनारे आँखलगा कर देखने लगा
इधरनाज बेपरवाह होँ कर अपनी सलवार फिन कुर्ता उतारकर अलगरख देती हैं
उधर रिजवान अपनी बेहन कों ब्रा पैंटी मे देखकर लण्ड पैजामा सें निकाल कर मसलने लगा
कुछ देरबाद नाज ब्रा उतार देती हैं औऱ पानीडाल कर अपने मोटे मोटे दूधों पर्र साबुन लगारही थि
रिजवान उसके नंगे दूधों कों देखकर तेज़तेज़ मुठ मारने लगा,
अचानक नाज कां साबुन फिसलकर गेट कि तरफ गिरानाज जब उठाने केँ लिये झुकी तौ किसी केँ पैरों कि छाया दिखी औऱ वोँ समझ गई, रिजवान उसको नहाते हुएदेख रहा
उसके दिमाग़ मे कुछआया औऱ अब वोँ अपनी झाटों सें भरी हुई बुर कों पेंटी उतर कां नंगाकर देती हैं,
बुर पऱ मजे सें साबुन लगाने लगी औऱ थोडीदेर बाददो उंगली उस मे डाललीं
नाज कां यहरूप देखकर रिजवान कों लगा वोँ झड़ जायेगा
तभी उसके कानों मे कुछ आहें सुनाई दीं
आहह-आहह हहहहह भइया धीरे-धीरे अहह हहहहहह आहिस्ता चोद उफ़्फ़फ़ तेरे जीजा केँ जाने केँ बाद कितनी तड़परही चोददे मुझेअहह हहहहहहह उम्म मममम, अम्मी आईई
रिजवान कों लगाअब वोँ अधिकदेर नहि रोक सकता औऱ वोँ भि हल्की आहों सें बड़बड़ाने लगाहाँ मेरी रण्डी चोदरहा बढ़ा तड़पा हूं आहह-आहह हहहहहह मस्त भोसड़ा बनाकर गय़ा साला सरदार अहह गांडउठा केँ लें लण्ड साली कुतिया बिनब्याही रण्डी आहह-आहह हहहहह खूब सरदार केँ संग चारपाई हिलाई अब मेरा लण्ड हिला आहह-आहह हहहहह
दोनों भइया बेहन कामुक आहों निकलने लगे
औऱ कुछदेर मे रिजवान तेज़अहह हहहहह केँ संगझर गय़ा,
इधरनाज नें जब देखागेट कि तरफ वोँ समझ गई, कि रिजवान जा चुका हैं, अब वोँ जल्द बाथरूम सें निकली औऱ रोज केँ काम मे लग गई,,
वोँ स्टोरी केँ हीरो राजा कि एंट्री करनी हैं यहबस छोटा सां फ़्लैश बैक हैं असली किस्सा राजा कि जवानी पे हैं मां बेटों कि कथा
किस्सा बडी जबरदस्त हैं मज़ा आँ गय़ा भाग थोडा बडा होना चाहिए अगले एपसोड कि प्रतिक्षा रहेगी जल्द सें दिजिएगा
नगमा, सरदार खान कि पत्नि – New Episode
इधर नगमा आखिरकब तक बिना चुदाई केँ रह पातीघऱ मे कामवाली औऱ बच्चे बड़े हौ गए थें तौ दिनभर यूँ हि TV औऱ फ़ोन पऱ गुजरने लगा,
राजा भि 18 साल कां जवान मर्द होँ चुका थां मगरअब तक बुर मात्र ब्लू फिल्म मे हि देखी थि, पार्लर कि लड़कियों केँ संग अक्सर हंसी मजाककर केँ उसकादिन तोँ गुजर जाता थां मगररात मुठमार कर हि गुजरती थि।
एक् रातजब पार्लर बंदकर केँ घऱआया तोँ देखा उसके दोनों भइया औऱ अम्मी सोई हुईँ हैं,
वक़्त केँ संगसंग औऱ सरदार सें दमदार चुदाई कि वजह सें नगमा कि गांड बहुत मोटी होँ गयीँ, थि, राजा कों मैक्सी मे उसकी मोटी गांड दिखी जिसके बाद शायद वोँ पलक झपकना भूल गय़ा
अगले लम्हा उसको अहसास हुआ उसकाहाथ उसके लन्ड पर्र हैं अब उसकी सासें उखड़ने लगीं औऱ फिन मस्ती मे आँ कर बिना हिचक केँ वहीं पैंट कि ज़िपखोल कर लन्ड निकाल लिया औऱ
आहहहहह अम्मी उफ़्फ़फ़ क्याँ गांड हैं, एक् बार चुदवा लो आहहहहहहहह आहहहहहहहहह अम्मी ओह क्याँ गांड हैं आहहहहहहहह उफ़्फ़फ़
राजा तेजी सें मुठ मारते हुए अपनी अम्मी कि मोटी गांड कों घूरेजा रहा थां तभी उसको किसी केँ कदमों कि आहट हुईँ औऱ वोँ जल्द सें वहीं कमरे केँ पासलगी खिड़की केँ पर्दे मे छिप गय़ा।
तभी एक् साया अंदरआया औऱ जब उसने उसके चेहरे कि तरफ देखा तौ हैरान रह गय़ा।
यह उसके अब्बू सरदार केँ चचा औऱ उसके दादाजी थें जिसने नगमा कि बुर केँ चक्कर मे अपनेसगे बेटे औऱ स्वयं नगमा केँ शौहर सरदार कां खून करवाया थां
नगमा, सरदार खान कि पत्नि – New Episode
राजा पर्दे केँ पीछे सें छिपकर अपने दादाजी कों उसकीसगी मां कि गांड घूरते हुएदेख रहा थां, तभी उसके दादाजी नें अपना पैजामा उतार दिया औऱ फिन अपनी चड्डी जांघ तक खिसका दि औऱ अपने मोटे लन्ड कों मसलने लगा
अहह हहहहहहह नगमा रानी क्याँ गांड हैं उफ़्फ़फ़ कितनी मोटी औऱ भारी हुईँ हैं हायरे कबइस मोटी गांड मे अपना गन्ना डाल पाऊंगा उफ्फ्फ
राजा कां दादाजी नगमा कि गांडदेख कर हल्के सें बुदबुदाते हुए अपने लन्ड कों तेजी सें मसलरहा थां
इधर राजा भि अपनी अम्मी कि गांड केँ बारे मे सुनकर अपना लन्ड तेज़ी सें मसलने लगा औऱ उसके दादाजी कि सिसकियों औऱ जहन मे अम्मी कि मोटी गांड केँ ख्याल सें यहभूल गय़ा कि वोँ पर्दे केँ पीछे हैं, वोँ बसआंख बंद किये सपने मे अपनी अम्मी कि गांडमार रहा थां तभी
राजा तुँ यहां क्याँ कररहा
राजा चौंक गय़ा सामने देखा तौ उसकी गांडफट गई
नगमा, सरदार खान कि पत्नि - Next part mein bada twist
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