चुदाई का सिलसिला - body-focused teasing - Complete Kahani Part 1
चुदाई कां सिलसिला पार्ट-१
दोस्तों मे यानी आपकायार राज शर्मा आपकेलिए आज एक् ऐसी कहानी लेकरआया हूं आप् भि पढ़कर मस्त होँ जाएँगे.दोस्तों यह कहानी उम्मीद करता हूं आपको पसन्द आएगी.कोई ग़लती हौ जाए तौ मूवाफी चाहता हूं.फिन शायद आपके मार्गदर्शन, सजेशन्स सें उन कमियों कों दूरकर सकू।.मे जिससखश कि कहानी लिखने जारहा हूं.उनका नामे शशांक हैं.औऱ वोँ बड़ेहे मधुर स्वभाव केँ हैं.मे उनको हमेशा “शास”कह कर हि बुलाता हूं.उनकी लाइफ मे चुदाई कां सिलसिला एक् बार सुरू क्याँ हुआ कि वोँ आज तक चलरहा हैं.मे भि लगभग 24 साल सें उनसे जुड़ा हूं.मे राज शर्मा उमर लगभग 36 यियर्ज़.सफ़ेद-चिटा रंग।.लंबाई अबौट 5.6” हैं। आज.भि नॉवजवान लगता हूं.पर्र जोँ शशांक कि सरण मे एक् बार आँ जाए.उसे फिन सुकून कहां। आज तक शास नें कितनी बुर चोदी याँ फाडी इसका तौ उन्हे भि पता नहीं होगा.उनकी पहेली चुदाई शुरुआत हुईँ शिरफ़ 1५साल कि उम्र मे उसके गाँव कि संतोष फूफी केँ संग। संतोष एक् बहोत हि मस्त औऱ शानदार बदन कि मालिक थि ऐसा लगता थां जैसेकोई अप्सरा स्वर्ग सें उतरी हौ। चाल मे लचक भारी- भारी बूब्स,। पतलीकमर केँ संग.उभारलिए हुवे चूतड़(बटक).मन करता कि उसे बाहों मे भरकर.उमर भर चोदता हि रहे.हर कदम पर्र उपर नीचे होते चूतर.गजब ढा जाते थें.मगर अभि शास कों इनसब बातो कि कोईखबर नहीं थि.अल्हड़ मदमस्त.उभरता हुवा सूरज.कोई भि लड़की उसके गुलाबी गुलाबी होटो औऱ गालो पर्र किस करने केँ लिए तय्यार रहती थि.याँ बहाने ढूँढती रहती थि.एक् दिन सुबह लगभग 9 बजेशश केँ घऱआई। औऱ शश कि मोम्मी सें बोलीं कि भाभी। मुझे ज़राखेत तक जानां हैं। क्याँ मे शश कों संग लेँ जाऊ.शश कि मां नें कहा दिया कि लेजाओ.किशी कों क्याँ मालूम थां.कि संतोष कां मन अंदर हि अंदर मानो उछालभर रहा थां.शतोष बूवा नें शश कां नाज़ुक रसीले हाथ मे लिया औऱ लेकर खेतो कि औऱ चल दि। संतोष कां दिले ज़ोर ज़ोर सें धड़करहा थां औऱ अपने प्लान केँ बारे मे.सोच सोचकर उसकी बुर पानी छोड़रही थि.कभी कभी मस्ती मे बूवाशश कां हाथदबा भि देती थि.पैर बेचारे शश कों क्याँ मालूम थां कि क्याँ होने वाला हैं। चुदाई केँ सिलसिले कि शुरुआत आज हि होनेजा रही हैं.चलते-चलते कभीकभी बूवाशश केँ अंडरवेर पर्र आगे पीछे सें ठप थापाकर भि मजा लेँ रही थि.धीरे-धीरे धीरे-धीरे जबवे दोनोखेत पर्र पहुँचे.तौ बूवा नें चारोतरफ नज़र दोड़ाई.अक्टोबर कां महीना थां औऱ चारो औऱ गन्ना हि गन्ना ( सुगुर केन प्लांट) खड़ा हुवा थां.अब बूवा नें अपने प्लान केँ मुताबिक काम करना शुरुआत कर दिया.आओ शशइधर चले। दो गन्ने केँ खेतो केँ बीच छोटी सि पट्टी पर्र चलतेहुए बूवा नें शश केँ अंडरवेर पर्र आगे एक् हाथ लगाया औऱ शश केँ छोटे लन्ड कों छेड़ते हुवे पूछा.शश यह क्याँ हैं.
शश। थोडा शर्मकार नूनी.
बूवा.यह किसकाम आती हैं.?
शश। सूशू करने केँ लिए.
बूवा.बस शिरफ़ सूशू करने केँ लिए हि.?
शश.हा.फिन शरमाते हुवे बूवा कां हाथ हटाते हुवे, कयौन्कि नूनी थोडा टाइट होनेलगी थि औऱ शश डरता थां कि कही बूवा कों पता नाँ चलजाए.
बूवा.जब यह शिरफ़ सूशू करने केँ कामआती हैं तोँ इतनी बड़ी क्यो हैं.? हमारे तौ इतनी बड़ी नहीं हैं.
शश। आपकी छोटी हैं बूवा.?
बूवा। हमारे तोँ हैं हि नहीं.
शश। फिन बूवा आप् सूशू केसे करती हैं.?
बूवा। तुम् हि देखलो हाथलगा कर.औऱ बूवा नें शश कां हाथ आपनी बुर पऱ फेर दिया, शनतोष केँ पांव कपकपाने लगे थें.बुर पूरीतरह सें गीली हौ चुकी थि तभीवे दोनोखेत केँ बीच मे आम(मंगोत्री) केँ नीचे पहुँच चुके थें.
शश.सच बूवा आपके नूनी नहीं हैं.?
बूवा। नहींशश।.
शश.बूवा आपके नूनी कायों नहीं हैं फिन आप् सूसू केसे करती हैं.?
बूवा.हम् लड़कीयो केँ नूनी कि स्थान औऱ खास चीज़े होती हैं जिससे स्वर्ग कि सैर करवाते हैं.
शश.वोँ केसे बूवा.????
अभि तक वोँ आम केँ पेड़ केँ नीचे पड़ी चारपाई पऱ बैठ चुके थें.औऱ बूवाआगे कां प्लान मन हि मनबना रही थि.वासना कां सरूरउस पर्र धीरे-धीरे धीरे-धीरे बढ़ता जारहा थां.फिन भि उसकेमन मे द्वंद चलरहा थां क्याँ यह बच्चा उसकी एच्छा पूरीकर पाएगा भि कि नहीं.इसी उधेड़बुन मे सें उसनेशश कि औऱ देखा औऱ शश केँ गुलाबी हॉटचूम लिए.
बूवा.अक्च्छा तुम् अपना अंडरवेर उतारो.तब बताती हूं.
शश। अंडरवेर नहीं बूवा.मुझे शरमआती हैं.
बूवा.आरे नहींशरम कैसीफिन मे भि तुम को स्वर्ग कां वोँ मार्ग दिखाउन्गी जौ तूनेकभी नहीं देखा.औऱ लौटकर आने कां मन भि नहीं करता हैं.बड़ा हि मजाआता हैं.उउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म.
शश। आपने स्वर्ग कां मजा देखा हैं.?
बूवा.हाई एक् बार ड्रीम्स मे (ड्रीम)। बड़ा हि मजाआया थां आज तक उसे हि यादकर कर केँ मेरी गीली हौ जाती हैं.
शश.बूवा काया गीली हौ जाती हैं.???????????
बूवा.अर्रे अंडरवेर तोँ उतारसभी दिखाती हूं.औऱ.स्वर्ग मे भि लें चलूंगी.फिन देख्ना रोज़ (डेली)कहा करोगे बूवा स्वर्ग कि सैरकरा दो.बसमजा हि मजा हैं.औऱ बूवा नें आपने हाथो सें हि शश कां अंडरवेर खोलकर नीचेकर दिया.
शश। मुझेशरम आँ रही हैं बूवा.( औऱ बूवा नें शश कां लन्ड आपनेहाथ मे पकड़ लिया औऱ उसे निहारने लगी शिरफ़ 10 साल केँ शश कां लन्ड, लन्ड कां गुलाबी-गुलाबी सूपड़ा बूवा सें नहीं रुका गय़ा औऱ उसे होंठो मे लेँ लिया जैसेजनम जनम कि प्यासी हौ.सभी शरमहया सें दूर चूमना शुरुआत कर दिया.यह देखाकर बूवा हैरान होँ गयीँ, कि 10 साल केँ शश कां लन्ड धीरे-धीरे धीरे-धीरे 6-7” कां लगभग 1 ½” मोटा होँ गय़ा थां। )
बूवा.अर्रे शश तेरा लन्ड तोँ बहोत बड़ा हैं.?
शश.क्याँ इस नूनी कों लन्ड कहते हैं बूवाफिन आप् इसेचूम औऱ चूस क्यूं रही हौ इतना बड़ा तोँ यहकभी कभी हि होता हैं.
बूवा.शश इसे चूषने मे जौ मजा आँ रहा थां तुम्हें नहीं मालूम.बूवा नें शश केँ लन्ड कों एक् हाथ मे पकड़ लिया औऱ दूसरे सें आपनी सलवार कां नाडा खोलने लगी। नाडा खोलकर सलवार थोड़ी नीचे कि.देखा शशयह हैं खुशी द्वारा याँ मजा दरवाज़ा.शश नें देखा केँ घने काले बालो केँ बीचकुछ गुलाबी- गुलाबी सां नज़रआया.
बूवा.शश हाथफेर कर देख.इसे बुर कहते हैं.यह जोँ तुमहरा लन्ड हैं नाँ यहइसघऱ मे घुस जाता हैं तब स्वर्ग कि सैर होती हैं.शश नें दोनो हाथों सें बूवा कि बुर कों छुआ बालों मे हाथ फेरा औऱ गुलाबी.गुलाबी स्थान कों भि छुआ.धीरे-धीरे धीरे-धीरे.
शश। बूवाइस बुर पर्र इतनेघने कालेबॉल क्यो हैं मेरे तौ नहीं हैं.???? आँ जाएगे अभि तुम् छोटे होँ नाँ.
बूवा.शश तुम् नीचे मेरी टाँगो केँ बीचबैठ जाओइस गुलाबी.गुलाबी बुर कों ज़ोर ज़ोर सें जीभ सें चॅटो तौ तुम्हे भि बड़ामजा आयगा.शश एक् आगयाकारी बालक कि तरह बूवा कि टॅंगो केँ बीचबैठ गय़ा औऱ दोनो हाथो सें बुर केँ दोनो केँ दरवाजे खोलकर बूवा कि बुर कों चाटने औऱ चूसने लगा.बूवा आcछि खुसबू आँ रही हैं.औऱ ज़ोर ज़ोर सें चाटने लगा,.नयी बुर कों पीरहा थां औऱ बुर केँ पानी कों नारियल (कोकनट) केँ पानी कि तरह पीने लगा.बूवा कि हल्की हल्की आह निकलने लगी.उऊहह.आआआआअ.आहह-आहह औऱ ज़ोर सें शश.आआआआहह.बूवा नें शश कां शिर पकड़कर अपनी जाँघो केँ बीच ज़ोर सें दबारही थि.आआआआआआयययययययययययययययईईई हहााययययययययययययी.जान्न्न्न्न.शाष्ह हहस्स्स्स्स्सस्स मजाआआ रहा हैं ज़रा औऱ ज़ोर सीईईईई.उउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म.एयाया हह.फिन कुछ हि देरबाद बूवा नें शश कां शिर ज़ोर सें आपनी बुर पऱ दबा दिया.चट.लें.शश.आअहह हह शश.आआहह हह.औऱ बूवा नें ज़ोर सें मेडॅनियल (बुर कां पानी) कि पिचकारी शश केँ मुँह मे छोड़ दि जिसेशश पता नहींकिस मज़े मे गाटागट पी गय़ा.औऱ बुर कों चाटता जारहा थां.कुछ देरबाद बूवाकुछ ढीलीपॅड गई,.
बूवा.शश कैसालगा.
शश.अक्च्छा लगा बूवा.बड़ा हि खुश्बू दार मज़ेदार टेस्ट थां.
बूवा.अच्छा अब मेरे ऊपेर आँ जाओ.तब तक दोनो नें पूरे कपड़े उतारदिए थें.देख शशयह चुचि (बूब्स) हैं.इन्हे धीरे-धीरे धीरे-धीरे दबाकर तौ चूसो.देखो कैसा लगेगा??????? अबशश बूवा कि दोनो चुचियाँ दबा.दबा करचूस रहा थां.बूवा सातवे आसमान मे तैर्र रही थि.बुर फिन पानी छोड़ने लगी थि, पहलीबार जोँ किसी नें छुवा थां उसकेबदन कों.शश एक् माझे हुवे खिलाड़ी केँ तरह बूवा केँ दोनो बूब्स दबादबा करपीरहा थां.
बूवा.नें शश केँ लन्ड कों हाथ सें पकड़ा औऱ बुर केँ मुह पर्र रख दिया.शश मस्ती मे चुचियाँ पीरहा थां औऱ हिलने केँ कारण उसके लन्ड कां गुलाबी सूपड़ा चिपचपी बुर मे दाखिल होँ चुक्का थां.
बूवा.शश ज़रा धीरे-धीरे धीरे-धीरे इसे भि अंदर तौ करो.शश नें थोड़ी कोशिस कि पर्र लन्ड आगे नहींजा रहा थां.शश बूवायह औऱ अंदर नहीं, जाएगा.
बूवा.जाएगा बेटेशश थोडा ज़ोर सें धक्का तोँ मारो.शश नें थोडा ज़ोर सें धक्का मारा पऱ लन्ड अंदर नहीं गय़ा.शश मेरी दोनो चुचि पकड़कर चूतड़ पीछे करके एक् ज़ोर सें जानदार धक्का मारकर देखो.शश नें एसा हि किया तौ एसबार कोई चौथाई लन्ड बूवा कि बुर मे घुस गय़ा.आआआआआआआआआआययययययययययययययययययययए ईईई बूवा कि हल्की सि चीखा निकल गयीँ,.क्याँ हुआ बूवाशश कुछडर कर बोला.बूवा नें कहाकुछ नहीं धीरे-धीरे धीरे-धीरे धक्के मारते रहो। नां जानेशश कों क्याँ सूझी उसने अपना लन्ड बाहर् खिचा औऱ एक् औऱ ज़ोर सें दमधार धक्का लगा दिया.इससे पहले कि बूवा संभाल पातीशश नें लन्ड थोडा बाहर् निकाल कर एक् औऱ ज़ोर कां धक्का मार.
दिया.बूवा कि एक् ज़ोरदार चीख निकल गई,.उउउह्ह्ह्हीईईइ म्माआअ आआआआआआआअहह आआआआआआअ.
बूवा.शश प्लीज़ ज़रारुक जाओ तुमने तोँ मेरी फाड़ हि डाली वोँ दर्द सें कराहरही थि.शश एक् बारफिन चुचियाँ पीने मे मस्त होँ गय़ा.
शास.धीरे-धीरे धीरे-धीरे बूवा संतोष कि चुचिया(बूब्स) दबाते चूस्ते हुवे बूवा केँ होंठो तक चला गय़ा.अब शास बूवा केँ होंठ बड़ी हि तन्मयता सें चूसरहा थां.बूवा केँ होटो कों चुमेते हुवेउसे बड़ा हि आक्च्छा लगरहा थां.संतोष (बूवा)शास केँ इस अंदाज सें औऱ मस्त होतीजा रही थि वो नहींसमझ पारही थि कि एक् 1५साल कां लड़का इतनी मस्त चुदाई केसेकर रहा हैं.बूवा अब दर्द भूलकर मस्त होनेलगी थि.
बूवा.शास ज़रा धीरे-धीरे धीरे-धीरे अंदर बाहर् करो.शास नें जल्दी बूवा कि अग्या कां पालन करते हुवे बूवा कि बुर मे धंसा लन्ड अंदर-बाहर् करना सुरूकर दिया.अब बूवा कां दर्द बिल्कुल ख़तम होँ गय़ा थां औऱ वोँ चुदाई कां पूरा अन्नंद लेँ रही थि.अब तौ बूवा भि चूतड़ उछाल उछालकर पूरा लन्ड बुर मे लेँ रही थि.
बूवा.शास अब ज़रातेज तेजकर नां.शास एक् चुदाई मशीन कि तरहलगा रहा औऱ शास केँ धक्को कि स्पीड बढ़ती जारही थि.करीब-करीब 10-15 मिनिट केँ बाद एक् तूफान सां आया औऱ बूवा उछाल उछालकर पूरा लन्ड अंदर लें रही थि.बूवा केँ हाथशास केँ चूटर पर्र थें औऱ वोँ अपने हाथो सें शास केँ धक्कू कों औऱ ज़यादा स्पीड देरही थि.फिन तूफान अपनेचरम पर्र आया औऱ बूवा नें शास कों अपनी बाँहो मे भरकर पूरीतरह सें जाकड़ लिया.उउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म म्म्म्म्म्म्माआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउउउउउउ ऊवूऊवूयूवूऊवूऊवुयीईयेयीक छ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआआआआआ केँ संग बूवा केँ आँखेबंद होतीचली गयीँ,।.फिन एक् शांति सि छा गई.शास भि इशारा समझ कर.लन्ड अंदर डाले हि बूवा केँ उप्पेर लेटा रहा.फिन बूवा नें शश कों अप्पर सें अपनी बराबर मे चारपाई पऱ आने कों कहा.शश कां लन्ड अभि भि लोहे कि छड़ कि तरह टाइट थां.औऱ सूपड़ा औऱ लाल होँ गय़ा थां.शास कां लन्ड बूवा कि बुर सें निकलते हि कुछ बूँदखून कि बुर सें निकल आई.बूवा नें शास केँ होंठचूम लिए.शास आज तुमने जौ मजा दिया हैं यहजनम जनम तक याद रहेगा.
शास.बूवा आपने तोँ कहा थां कि आप् मुझे स्वर्ग कि सैर कराएँगी.
बूवा.शास तुम्हे मजा नहींआया.????????????????
शास.नहीं बूवामजा तोँ नहीं। आया.स्वर्ग मे भि नहीं गय़ा.
बूवा.तुम्हे आक्च्छा नहींलगा?????????????
शास.अक्च्छा तौ लगा.,। पर्र मजा नहींआया मेरी नूनी भि अकड़कर दूखकर रही हैं.
बूवा.बूवा नें शास केँ लन्ड कों देखा वोँ अभि भि खड़ा थां औऱ पहले सें भि गुलाबी हौ गय़ा थां.बूवा नें शास कां लन्ड अपनेमूह मे भर लिया.औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे चूसने लगी.तभी शास कि नज़र बूवा कि खुली हुई बुर पऱ पड़ी.औऱ खून निकलता देखाकर घबरा गय़ा.
शास.बूवा आपकी बुर मे सें खून निकलरहा हैं.
बूवा.कई बात नहीं.आज तुमने मेरीसील तोड़ दि हैं इसीलिए यहखून निकलरहा हैं.
शास.अब क्याँ होगा बूवा.???????????????????
बूवा.कुछ नहीं होगा.चिंता मतकर, जबकोई कुँवारी लड़की पहेली बार चुदति हैं तौ खून निकलता हैं.इसे सील टूटना कहते हैं.
शास.बूवासील टूटने सें खून क्यो निकलता हैं.???????????? क्याँ डॉक्टर कों दिखना पड़ेगा अब.???????
बूवा। नहींशास डॉक्टर कों दिखाने कि ज़रूरत नहीं हैं, यह तौ सब लड़कियों केँ संग होता हैं। पहलीबार जब लन्ड बुर मे जाता हैं तौ सीलटूट हि जाती हैं.
शास.फिन अब केसे जुड़ेगी सील बूवा.?????????
बूवा। चिंता मतकरो शास, कुछ नहीं होगा.
शास। अगर किसी कों पताचल गय़ा तौ फिन क्याँ होगा.???????
बूवा। हम् किसी सें नहीं कहेंगे.तुम् भि किसी सें नहीं कहना, ठीक हैं नाँ??
शास.ठीक हैं बूवा। पऱ आपको दर्द नहीं होगा ??????
बूवा। नहींशास सील टूटने सें बस एक् बार हि दर्द होता हैं उसकेबाद तोँ बसमजा हि मजा हैं.( बूवा कि आँखों मे संतुष्टि औऱ खुशी केँ भावे थें, उन्होने आज अपनी प्लान मे कामयाबी जोँ हासिल करली थि.)
शनतोष नें रुमाल सें आपनी बुर सॉफ कि औऱ शास सें कहा“शास एक् बार औऱ करें” ?
शास। बूवा नूनीअब बहोत दुखरही हैं, मजा तौ कुछ भि नहींआया??
बूवा। चिंता मतकर अभि तुम् छोटे होँ, कुछ वक़्त बादजब तुम्हे मजा आयगातब सभीकुछ भूल जाओगे बसयह बूवा कि बुर हि हर वक्तयाद रहेगी.आच्छा चलअबघऱ चलते हैं कलफिन आएँगे तब तक तुम्हारा लन्ड भि आरामकर लेगा.इसी तरह एक् दिन तुम् भि स्वर्ग लोक कि सैर करोगे.
औऱ दोनो नें कपड़े पहने औऱ घऱ केँ लिएचल दिए.
चुदाई का सिलसिला - body-focused teasing – New Episode
चुदाई कां सिलसिला पार्ट-२
जबशास घऱ पहुंचा तोँ दोपेहर हौ चुकी थि औऱ शास कों पताचला कि शास केँ मामाजी घऱआए हुवे हैं.शास नें दौड़कर जाकर मामाजी केँ पेरछुए तोँ मामाजी नें बताया कि कल सुबह उन्हे मामाजी केँ संग जानां हैं कायोँकि उसके ममेरी बहन सीमा कि विवाह हैं.शास बहोत खुशहुआ औऱ सुभह मामाजी औऱ मोम केँ संग मामाजी केँ घऱचला गय़ा.
लॅकिन शास मे संतोष कि चुदाई केँ बादकुछ परिवर्तन आँ गय़ा थां। अब लड़कियों कों देखकर उसे बूवा संतोष केँ संग कि गई, चुदाई कि याद आँ जाती औऱ उसके लन्ड मे कुछ सुरसूरहट सि होने लगती थि.शास दिनभर चहलपहल मे मस्तरहा, घऱ मे बहोत सें मेहमान आएहुए थें कुछ औरते औऱ लड़कियाँ भि थि.खेलते मस्ती करतेरात (नाइट) आँ गई,। खानां खाने केँ बाद.अब स्त्री म्यूज़िक सुरू हुवा.तौ सीमा दिदी उसे अपनेसंग उपेरवाले रूम मे लेँ गई,.औऱ दोनोआपस मे बाते करनेलगे.
सीमा.शास तेरी पढ़ाई कैसीचल रही हैं??
शास.ठीक हैं सीमा दिदी.दिदी मुझे तोँ नींद आँ रही हैं.
सीमा। तोँ काया हुवा तुम् यही मेरेपास हि सोजाओ.
शास नें पेंट शर्ट उतारी औऱ कच्छा- बनियान मे एक् चादर लेकरलेट गय़ा औऱ सोने कि तय्यरी करनेलगा.
सीमाअब रूम मे सोएहुए शास केँ पास बैठी विवाह.पति, उसकेबाद होने वाले मिलन, सुहाग रात मे होने वाली सेक्षुयल आक्टिविटीस केँ बारे मे सोचसोच करमंद मंद मुस्करा रही थि.तभी सीमा कि मोमआई औऱ बोलीं कि सीमाकल पूरेदिन तुम् बीज़ी रहोगी औऱ आराम नहीं मिलेगा फिन ससुराल मे जाकर भि एक् दोदिन तौ आराम नहीं मिलेगा एसलिए तुम् अंदर सें दरवाजा बंद करकेयही शास केँ पास हि सो जाओ.इतना कहकर सीमा कि मोमचली गयीँ,.सीमा नें दरवाजा अंदर सें बंद किया औऱ शास केँ पास हि लेट गयीँ,.लॅकिन नींद उसकी आँखो सें कोषो(माइल्स) दूर थि.
सीमा काफ़ी देर तक करवटें बदलती रही, तभी शास नें करवेट ली औऱ एक् पेर सीमा केँ उप्पेर रख दिया औऱ एक् हाथ सीमा कि बूब्स पैररखा गय़ा.सीमा केँ सरीर मे हल्की शिहरन सि दौड़ गई.सीमा शास कां हाथ बूब्स सें उठाने कि सोच हि रही थि कि उसेआ आपनी जाँघो पऱ कुछ चुभता सां महसूस हुवा.सीमा नें हाथ धीरे-धीरे सें नीचे किया तौ उसकेहाथ मे शास कां लन्ड आँ गय़ा जोँ उसकी जांघों पर्र चुभरहा थां.सीमा चोंक गयीँ, हाथ मे इतना बड़ा गर्म-गर्म लन्ड पकड़ कर.दरअसल शास कां लन्ड सोते हुवे अंडरवेर(कच्चे) सें बाहर् निकलआया थां.सीमा बिनाकुछ सोचे स्मझे हि शास केँ लन्ड कों हाथ मे हि थामे रही.सीमा सोचने लगी कि इस छोटे सें शास कां लन्ड कितना बड़ा औऱ मोटा हैं उसे अपनेटशन वालेसर राज शर्मा कि यादआई.
जिन भावनाओ कों उसने बड़े मुश्किल सें काबू मे रखा, थां वोही भावनाएँ अबउस पर्र हावी होनीलगी थि, अपनी पहली चुदाई कि यादे ताज़ा होनेलगी थि.अपने आप् उसका एक् हाथ उसकी कमसिन, मगर टाइट चुचियो पऱ रकखेशास केँ हाथ केँ उप्पेर सें हि आपनी टाइट चुचियों कों सहलाने लगा.औऱ दूसरा हाथशास केँ लन्ड कों पकड़े हुवेकुछ तलाश करने कि कोशिस कररहा थां.
सीमाअब कुवारि नहीं थि.! वोँ पहले हि चुद चुकी थि.! उसकीसील टूट चुकी थि.औऱयही वजह थि कि सेक्स, रोमॅन्स कि बात निकलते हि वोँ बहोत अधिक उत्तेजित होँ जाती थि.उसने वोँ वर्जित फल खाया थां, जिसे खाने कि उसे मनाही थि, विवाह होने तक.
सीमा9थ कि स्टेंडरेड कि स्टूडेंट थि.क्लास ओवर होने केँ बाद अपनी सहेली पूजा केँ संगजब सीमा विद्यालय सें बाहर् निकली.क्याँ बात हैं पूजाआज बड़ीचुप चुप सि हैं??? कोईबात नहीं हैं पूजा नें जबाब दिया.नहीं कोई तोँ बात हैं.आज अपनी सहेली सें छुपारही होँ.नहीं सीमाकोई बात नहीं, हैं.तौ फिनआज चुप-चुप सि खोई-खोई सें कायों हौ?????मेजान गई पूजाअब तुम् मुझसे भि कुछ छिपाने लगी होँ सीमा नें आखरी आस्त्रा छोड़ दिया.नहीं सीमा मैनेआज तक तुमसे कोईबात छुपाई हैं.तौ फिन क्याँ बात हैं बताओ नाँ.पूजा नें सीमा कों बताया.
.सीमा जानती होँ कलरात कों जब मे टाय्लेट केँ लिएउठी तोँ मैने मां पिताजी केँ कमरे सें आवाज़ सुनी.माँ कहरही थि कि.
सीमा.हैं बताओ नाँ पूजा माँ क्याँ कहरही थि.??????????????
पूजा.माँ कहरही थि कि यह तुम्हारा गधे जैसा भारी लन्ड मे हि किसीतरह झेलरही हूं, कोई औऱ होती तौ कब कां काम हौ जाता.
.सीमा.क्याँ तुमने मां बापू कों करती हुवे देखा हैं?????
पूजा.नहीं, बस आवाज़े हि सुनी हैं.अंदर सें बड़ी हि कामुक आवाज़े आँ रही थि.औऱदिन मे जब मैने सीडी प्लेयर मे एक् सीडी लगाई शायदकोई पिक्चर याँ गाने होंगे तौ जानती होँ उस्मन क्याँ थां???????
सीमा.हाई बताओ नां पूजा क्याँ थां उस्मै.??????
पूजा.वोँ एक् ब्लू फिल्म थि.मे तोँ घबरा गई.औऱउसे जल्द मैने किताबो मे हि छुपा दिया.सीमा। क्याँ तुमने वोँ ब्लू फिल्म पूरी देखी हैं.????????
पूजा.हा जबघऱ मे कोई नहीं थां तब.साम कों.एक् लड़की एक् लड़के केँ उसकोचूस रही थि औऱ लड़का लड़की कि बुर कों चाटरहा थां.
सीमा.फिन क्याँ हुवा.?????????????????
पूजा.फिन दोनो चुदाई मे लगगये, बाड़ा मजाआया दोस्त.तभी बाते करते करते.सीमा कां घऱ आँ गय़ा औऱ पूजा कां घऱकुछ आगे थां.सीमा कि बुर इतना पानी छोड़ चुकी थि कि उसकी पॅंटी पूरीतरह सें गीली हौ गई, थि.घऱ मे घुसते हि सीमा अपनेरूम मे गयीँ, औऱ पहले ड्रेस बदली औऱ बाथरूम मे चली गई.वहा पर्र उसने आपनी पॅंटी उतारी औऱ बुर कों ठंडे पानी सें धोया.आकर अपनेरूम मे लेट गयीँ,.
सीमासाम कों 6पीएम पऱ टशन केँ लिएराज शर्मा सर केँ घऱचली गई.राज शर्मासर केँ सीमा केँ घरवालो सें घरेलू संभंध थें औऱ उनको अपने परिवार कां मेंबर हि मानती थि.जब सीमाराज शर्मा सर केँ घऱ पहुँची तौ राजसर गिलास मे कुछ हल्के लालरंग कां कुछपी रहे थें.सीमा हमेशा कि तरह बराबर मे सोफे पर्र बैठ गई.
सीमा.आंटी कहां हैं सर.??????????
सर। हमेशा कि तरह झगड़ा करके अपने माएके चली गई.
सीमा कों सरराज शर्मा पऱ बड़ारहम आया बेचारे कितने अच्छे थें औऱ हॅंडसम भि थें, पर्र उनकी पत्नि हमेसा हि झगड़ा करती रहती थि.सीमा नें बड़े हि प्रेम सें सर कों देखा.कितने अच्छे हैं सर.तभी.राज सर नें सीमा कां हाथ अपनेहाथ मे पकड़ लिया, सीमाअगर तुम् बुरा नाँ मानो तोँ एक् बात काहु??????????
सीमा। बोलो नां सर मे बुरा क्यो मानूँगी?????????
राज.आइ लवयू सीमा, मे तुम्हे बहोत प्रेम करता हूं औऱ सर नें एक् हाथ सीमा केँ कमर पर्र कस दियातथा दूसरा हाथ सीमा कि मांसल सुडोल जाँघो पर्र फिराने लगे.धीरे-धीरे धीरे-धीरे सर कां हाथ सीमा कि स्कर्ट केँ अंदर सीमा कि पॅंटी कों छूनेलगा.
सीमा.यह क्याँ कररहे हैं सर.?????
पऱ राज शर्मा कां दबाव सीमा पऱ बढ़ता हि जारहा थां, सर केँ होंठ सीमा केँ गुलाबी गालो कों चूमरहे थें औऱ हाथ पॅंटी केँ अंदर तक पहुँच चुक्का थां.धीरे-धीरे धीरे-धीरे सीमा कां बदन ढीला पड़ने लगा थां। राज शर्मा नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे सीमा केँ सब कपड़े उतार दिए.सीमा इतनी ज्यादा उत्तेजित होँ चुकी थि कि उस्मै अब विरोध कि एच्छा खत्म हौ चुकी थि.सीमा केँ दोनो टाइट, सुडोल औऱ छोटे छोटे बूब्स सर केँ हाथों मे थें औऱ गुलाबी निप्पेल्स मुह मे.सर पड़े हि प्यार सें बूब्स पीरहे थें औऱ नाज़ुक टाइट बूब्स सें खेल भि रहे थें। अब सीमा केँ होंठो सें हल्की सिसकारिया निकलरही थि.अचानक सीमा नें सर कां चेहरा अपनी औऱ किया औऱ अपने गुलाबी, रसीले जूसी होंठसर केँ होंठो पऱ रखादिए.
सीमा.सर आप् कितने अच्छे हैं.आआआआहह्ा.
सर। तुम् भि तौ कितने प्यारी, लव्ली-लव्ली सि होँ.अगर तुम्हारी उमर20-21साल होती तोँ मे तुमसे विवाह कर लेता.
अब सर धीरे-धीरे धीरे-धीरे सीमा केँ सारे जिश्म कों चूमरहे थें.औऱ अब दोनो टांगो केँ बीच सीमा कि बुर पर्र उनकामूह पहुच चुक्का थां.सीमा कि बुर पऱ रसीले रोएदार झाँटे देखकर सर औऱ ज़्यादा उतेज़ित हौ चुके थें.वे सीमा कि बुर कों चाटने चूमने लगे.सीमा उत्तेजना कि चरम पर्र थि ( शी वाज़इन हेवेन नाउ)सर कि जीभ सीमा कि बुर केँ अंदर बाहर् हौ रही थि औऱ बीचबीच मईसिर क्लिट पैरजीभ कां दबाव बनाकर छतरहे रहे थें.सीमा कि कामुक सिसकारिया अबतेज होनेलगी थि.
सीमा। सर.आहह-आहह हहाआआआआआईईईईईई सस्स्स्स्सिईईईईईईईईईईईईईईइइर्र्र्र्र्र्र्र्ररर औऱ सर कां सिर ज़ोर सें अपनी बुर पर्र दबारही थि। आआअईईईएउउउउउउउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म एम्म्म.सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सूऊऊऊऊऊ ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओीईईईईईईईईई सस्स्स्स्सस्स.अब सर नें सीमा कि दोनो टाँगे फैलाई औऱ अप्पर उठाकर टॅंगो केँ बीच पोज़िशन लेली.बुर सें पानीबह रहा थां औऱ फुल्ली लूब्रिकेटेड होँ चुकी थि.सर नें अपने 7” केँ थिक लन्ड कों सीमा कि बुर केँ मूह पर्र सेट किया.सीमा कों लगा जैसीकोई गर्मरोड उसकी बुर कों छू गई.
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होँ.उउउउउउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हीईईईस्स्स्स्स्स्सीईइर्र्र र्र्र्र्र्ररर.औऱ सर नें धीरे-धीरे सें ईक हल्का धक्का ठोक दिया.आआआआआआयययययययययययययययययईई ईईए.सीमा दर्द सें कराह उठी.सर केँ लन्ड कां सूपड़ा बुर मे समा चुक्का थां.
सीमा.प्लीज़ सर औऱ नहीं.आआआआआआईईईईईई बहोत दर्द होँ रहा हैं.बस सर आआआअहह.तभी सर नें मौके कि नज़ाकत कों समझकर दोतीन जबरदस्त धक्के मारदिए औऱ पूर कां पूरा लन्ड सीमा कि बुर मईसमा चुक्का थां.सीमा कि जोरदार चीखे निकलरही थि, अओरसर नें सीमा कों कसकर बाहों मे दबा रक्खा थां.ऊवूऊवुयूयियैआइयैआइयैआइयैआइयैयीयिम्यूयूवम्मियीयीयैयीई ईयीई ह्हियैआइयियीयेययाया सस्सिईइइर्ररर म्म्म्माआर्ररर ददाअलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लाआआआआआआआआआआआआआआ आआआआअहह.सीमा कि आँखो मे आँसूबह रहे थें.सर नें लन्ड कों हिलाना बिल्कुल बंदकर दिया थां.औऱ सीमा केँ होंठ चूमेजा रहे थें औऱ दोनो हाथो सें सीमा केँ बूब्स कों सहलारहे थें.अब सर सीमा केँ गले,, छाती,,, बूब्स,, कानो (यियर्ज़) केँ पीछे चूमेजा रहे थें.सीमा अब भि दर्द सें कर्राह रही थि.धीरे-धीरे धीरे-धीरे सीमा कां विरोध कम होताजा रहा थां.अब फिनसर नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे लन्ड कों थोडा अंदर बाहर् करना शुरुआत कर दिया थां.सीमा अबकोई विरोध नहींकर रही थि.अबसर कां लन्ड पिस्टन कि तरह अंदर बाहर् होनेलगा थां.औऱ सीमा भि अबमजा कां अनुभव करनेलगी थि.
औऱ अब चुदाई अपना पूरी स्पीड पकड़ चुकी थि.सीमा भि अब चूतड़ उछाल उछालकर सहयोग कररही थि.आआआआहह सर औऱ ज़ोर सएआआाआआआअ.आआआआआहह ऊवूऊवूयूवूऊवूऊवम्म्म्म्म्म्म्मायायाययाया फाड़दो सर आआहह.चुदाई केँ स्पीड अपनेचरम पर्र थि.दोनो कि बाँहो कां दबाव बढ़ता जारहा थां.
सीमा.सर.मुझे.कुछ.आहह-आहह.सर।.आआईईए.आहह-आहह.सस्स्स्स्स्सिईईईईइइर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर आआआआआआआआआ औऱ सीमा केँ हाथो कां कसावसर कि पीठ पऱ बढ़ता गय़ा.तभी सर भि.कुछ बुबदाने लगे.सीएमममाआ म्म्मईएरररिइ ज्ज्जाआन्न्न्न्न ल्ल्ल्ल्ल्लीईईए आआओउउउर्र्ररर ल्ल्ल्लीई.
सीमा कों लगा कि गर्म गर्म लावा उसकी बुर मे फूट पड़ा हौ.उसकी बुर कि आग कों शांत करने केँ लिए.फिन दोनो नें एक् संग एक् दूसरे कों कसकर भींच लिया। औऱ कुछदेर बादयह तूफान शांत हौ गय़ा। राज शर्मा नें एक् कुवारि बुर कों चोदकर मजा लें लिया थां तभीशाश केँ हिलने सें सीमा ध्यान भंगहुआ औऱ वा अपने वर्तमान मे लौटआई एक् हाथ सें उसनेशाश कां लन्ड पकड़ा हुआ थां दूसरे हाथ सें सीमा.धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपने बूब्स कों सहलारही थि.सीमा कि बुर पानी छोड़रही थि औऱ तेजतेज साँसे चलरही थि.
सीमा कि साँसे तेजतेज चलरही थि औऱ बुर मे आगलग चुकी थि.बुर पानी छोड़-छोड़ कर पूरीतरह सें गीली हौ चुकी थि.अब सीमा सें एक् एक् लम्हा बिन चुदाई केँ भारीपड़ रहा थां। वो नहींसमझ पारही थि कि केसे सुरू करे.बाहर् मेहमानो कां हंगामा, औऱ सीमा केँ अंदर वासना कां ज़ोर.कभी सीमा सोचती कि यह छोटा भइया.इसके संग क्याँ सेक्स ठीक होगा.क्याँ यह सेक्स कर पाएगा पर्र वासना चेतना पर्र भारीपड़ रही थि.एक् सस्मसहेट एक् द्वन्ध सें घिरी सीमा.बुर कों अब लन्ड कि ख़्वाहिश चरम कों छूरही थि.बुर केँ होंठखुल बंद होँ रहे थें.सीमा कि साँसे गर्म औऱ तेज होँ रही थि.आँखे लाल होँ चली थि.आख़िर सीमा पर्र वासना नें काबूकर हि लिया.सीमा शास केँ हाथो सें चुचीयो कों ज़ोर ज़ोर दबाने लगी थि.कभी एक् हाथशास केँ लन्ड पर्र कभी.खुलती-बंद होती बुर पऱ घूमरहा थां.आँखें वासना केँ सरूर मे भारी होँ चली थि.आख़िर मर्यादा कां बाँधटूट गय़ा। सीमा सोते हुवेशास केँ गुलाबी होंठ चूमने लगी.शास नें आँखेखोल ली.दिदी????????????.शास प्लीज़ कुछमत कहो.प्लीज़ शास.आपनी दिदी कों बचा लो.यहआग मुझेमार डालेगी?????????????.शास आश्चर्या सें सीमा कों देखारहा थां.
सीमा.शास प्लीज़ कुछ करो.मेरे होंठो कि, मेरी बुर कि प्यास बुझादो शास.शास प्लीज़,.तुम्हारा लन्ड बहोत बड़ा लूंबा औऱ मोटा हैं.
शास.दिदी.??????????????
सीमा। तुम्हे तुम्हारी दिदी कि शपथ.कुछ करो.सीमा बैठ गई.औऱशास केँ लन्ड कों हाथ मे लेकर.देखो शास, यह तुम्हारा लन्ड मेरी प्यास अवश्य बुझा सकता हैं.अऔर उसी भाववेश मे लन्ड केँ सूपदे कों चूमने लगी.
शास सें दिदी कि बचैनि देखी नहींजा रही थि.वोँ समझ नहींपा रहा थां कि वोँ क्याँ करे.?????.तभी शास कों संतोष बूवा कि याद आई.वोँ कुछ-कुछ समझने लगा कि अबउसे क्याँ करना.हैं.लॅकिन यह तोँ दिदी हें ????????????
शास.बताओ दिदी मे क्याँ कारू????जिससे आपको सुकून मिले.???????????
चुदाई का सिलसिला - body-focused teasing – New Episode
सीमा.शास.मेरे भइया.चोद डाल.अपनी इस पयासी बहन कों.शास अबकुछ मत बोल्ना.बस चोद डालो.इस बुर कों.फाड़ डालो इसको.बुझा दो इसकी आग.उउउउउउउउउआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह शास.प्लीज़.
शास.शास केँ दिमाग़ मे संतोष बूवा कां चेहरा घूम गय़ा.वोँ सभीयाद आने लगा.जिससे संतोष बूवा कों सुख मिला थां.सीमा शास केँ लन्ड केँ सूपदे.कों चूम-चाट.रही थि.सीमा कां एक् हाथ उसकी आपनी बुर पऱ मालिश कररहा थां.
शास नें सीमा कि दोनो चुचिया अपने हाथों मे पकड़ली औऱ उन्हे सहलाना औऱ मसलना.शुरुआत कर दिया.सीमा नें चेहरा उप्पेर उठाकर शास केँ ओर देखा.शास नें दिदी कि तरफ देखा.औऱ दोनो मंद-मूंद मुस्कुरा दिए.शास नें एक् हाथ सें सीमा कां चेहरा उप्पेर किया.औऱ गुलाबी-गुलाबी होंठो पऱ अपने.गुलाबी.होंठ रख दिए.अब दोनो एक् दुसरे केँ होंठो कां रस मस्ती मे पीरहे थें.औऱ शास कां एक् हाथ सीमा कि चुचियों पर्र घूमरहा थां.कुछ देर होंठो कां रस पीने केँ बादशास नें एक् चुचि केँ गुलाबी नाज़ुक निपल कों अपने होंठो मे लेँ लिया.शास एक् हाथ सें सीमा कि चुचियाँ मसलरहा थां.औऱ दूसरे हाथ सें दूसरे चुचि कों दबा–दबा कर मस्त होकर पीने लगा.सीमा.मस्ती मे डूबती जारही थि.आखे बोझल होँ रही थि.मस्ती औऱ कामुकता कि दबीदबी कराह निकलने लगी.अब शास दोनो हाथो सें चुचि कों दबाकर मसलकर पीने लगा.कभी.कभी.वो अपनीजीभ सें पूरी चुचि कों चाट लेताकभी चुचि कों इधरउधर होंठ औऱ दाँत मे दबाकर चूमरहा थां.सीमा दोनो हाथो सें शास कि कमर औऱ सिर सें पकड़कर आपनी चुचियों पऱ दबाव बढ़ारही थि.अबशास नें सीमा.केँ सब कपड़े उतारने शुरुआत कर दिए.धीरे-धीरे धीरे-धीरे सीमा बिल्कुल नंगी.शास कि बाहों मे थि.सीमा नें शास कां अंडरवेर खोलकर नीचेकर दिया, औऱ बनियान भि उतार दि.शास अब एक् मझे हुवे खिलाड़ी कि तरह.सीमा केँ शरीर कों चूम-औऱ-चाट जारहा थां.अब शास सीमा केँ बूब्स गला.पेट,, नाभि कों चूमते हुवे बुर कि औऱ बढ़रहा थां.काले घने बालों केँ बीच छुपी हुई सुर्ख लाल बुर.शास नें पहले बुर केँ दोनो दरवाजो कों खोलकर सीमा कि क्लिट पऱ हमलाकर दिया,, शास जीभ डाल.डाल कर क्लिट कों चूम.चाट नें लगा.मद-होश सीमा कि सिसकारियों कि आवाज़े बाहर् मेहमआनो केँ हंगामा मे दबकररह जाती थि.फिन एकाएक शास नें अपनीजीभ सीमा कि बुर मे पूरी घुसा दि औऱ घुमाने लगा। सीमा केँ हाथशास केँ सर पर्र आँ गये.
सीमा.केँ जिस्म मे सरसरहट बढ़ती जारही थि.बुर पर्र शास केँ मूह कां दबाव,, कभी क्लिट औऱ कभी बुर केँ अंदरजीभ, एक् ऐसे तूफान मे.सीमा जा चुकी थि.जहा पर्र बसकुछ हि दूर एक् जन्नत कि मंज़िल.थि.बादल फटकर पूरा पानी एक् हि छलक केँ संगशास केँ मूह मे बरस जाने केँ लिए तय्यार हौ चुके थें.सीमा केँ पूरेबदन मे हज़ारो बिजलियाँ एक् संग दौड़गये आँखेबंद हौ गयीँ,.हाथो कां दबावशास केँ सर(हेड) पर्र एकाएक काफ़ी बढ़ा गय़ा थां.औऱ एक् लंबीआह। आआआईईईईईई.उउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउउ अयू.आआआआआ.आआआआआअहह.सस्स्स्शहाआआसस्स्स्सस्स.आआआआअ केँ संग.ज्वार-भाटे सें उठीलहर कां साराजाल शास केँ मुहा मे भर गय़ा.शास.नारियल.पानी.केँ स्वाद केँ संगउसे गाटागट पीरहा थां.क्याँ सुगंधित थां यह बुर कां पानी????????????? सीमा कां जिस्म कुछदेर तक यू हि.आकड़ा.रहा.पिचकारी.छूटती रही.शास पी.पी.कर मस्ती मे भरता गय़ा।.
शास.नें बुर चाट.चाट कर सूखा दि थि.लकिन अभि भि सीमा कि बुर सें एक् लेशदार (लूब्रिकेटेड) पानी निकलरहा थां.सीमा केँ हाथों कां दबाव ढीलापड़ गय़ा.शास.अगली मंज़िल कि औऱ.क्लिट कि पूनह:जीभ कां दबाव डालकर मालिश करने लगा.शास केँ दोनोहाथ सीमा केँ मांसल जाँघो पऱ मालिश कररहे थें.सीमा केँ पूरे शरीर मे फिन शिहरन सि होनेलगी थि.शास.सीमा कि बुर कि क्लिट चाटचाट कर पहाड़ कि चोटी कि तरहबना रहा थां.
शास.फिन सें सीमा कि नाभि, पैट, औट छाती कों चूमने लगा.दोनो चुचियो कां ताज़ा दूध पीकर मस्त होँ रहा थां.सीमा केँ शरीर मे लहरे बढ़ने लगी.औऱ शास बारी बारी दोनो चुचियो कों पीता.गय़ा.मसलता गय़ा.दबाता औऱ सहलाता गय़ा.कुछ देरबाद शास नें सीमा केँ जूसी होंठ अपने होंठो मे लिए औऱ चूसना शुरुआत कर दिया.सीमा.औऱ शास कि जिभे टकराई.चूसा.मस्ती.औऱ जोश.
शास। कां मोटा औऱ लंबा लन्ड.लोहे कि रोड कि तरह टाइट.गुलाबी सूपड़ा। यहबात अलग थि कि अभि तक शास कां गमफॉल नहीं हुवा थां.शास.सीमा केँ होंठ.गाल औऱ गर्देन पर्र जिभा फेर-फेर कर सीमा कि बुर कि आग कों औऱ भड़का रहा थां.अब सीमा.कि हल्की चीखफिन फूटने लगी.उउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म.आआआआआआअहह हह.सस्शहाआअसस्स्स्स्स्स्स्सस्स.ईईईईईईई इईईईईईईईई.सीमा कि टाँगे खुलने लगी.औऱ चौड़ी.औऱ चौड़ी.अब शास कां लन्ड सीमा कि बुर सें टकराने लगा थां.जिससे सीमा कि उत्तजना औऱ.औऱ.औऱ बढ़ती जारही थि.बुर.खुलने.बंद होने लगी.लन्ड खाने केँ लिए बैचेन.
शास.नें पहलीबार अपने एक् हाथ सें अपने लन्ड कों पकड़ कर.सीमा केँ चूतद्वार.पर्र उसे पोज़िशन दि.टाइट, मोटा, लंबा तना हुवा लन्ड.बुर केँ दरवाजे पऱ रखा लन्ड कां सूपड़ा.बुर कि गर्मी कों महसूस कर औऱ चौड़ा हौ रहा.थां.औऱ सीमा कि बुर कों खुला निमंत्रण देरहा थां। बुर तौ पहले हि लन्ड कों खाने कि फिराक मे थि.
सीमा.शास अब अपने लन्ड कों अंदरकरो नां????? अब औऱ सहन नहीं होँ रहा.हैं.
शास नें इशारा मिलते हि लन्ड कां दबाव सीमा कि बुर पर्र बढ़ा दिया.लूब्रिकेटेड बुर.नशे मे मस्त बुर.शास नें हल्का सां एक् धक्का लगाया.लन्ड कां सूपड़ा बुर मे समा गय़ा.सीमा कि बुर अब कुँवारी नहीं थि.पर्र चुदाई कों काफ़ी दिन बीतने औऱ शास केँ भारी लन्ड नें सीमा कि एक् हल्की चीखा निकलवा दि.उउउउउउईईईम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआआआअ.सस्स्स्स्स्स्शहाआआअसस्स्स्स्सस्स.द्द्द्ध्ह्ह्हीईर्र्र्र्रीईए.सस्स्सीईए.श आस अपने मे मस्त.चूमता चाटता.चुचियो कों मसलता.होंठो कों चूमता.शास नें थोडा पीछे होकर एक् जबरदस्त धक्का.मार हि दिया.शायद आज लन्ड भि बेकरार थां बुर मे घुसने केँ लिए.
शीमा कि जूरदार चीख.ऊवूऊवूयूवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवूऊवुउवुयियैआइयैआइयैआइयैआइयीयीयियी ईईईईईईईईईईईईईइइम्म्म्मममममममममममाआआआआआआमम्म्मममम एम्म्म.सस्स्स्स्स्शहाआआआअसस्स्स्सस्स ससस्स.आआआआआआईईईईईईहह प्पफाआद्दद्ड ह्ह्ही द्दाल्ली.आआअहह.अगर बाहर् मेहमआनो.कां हंगामा औऱ स्त्री म्यूज़िक नहींचल रहा होता तौ सबवही पऱ इक्ठ्ठा हौ गये होते.मगर शास कों इतनी परवाह कहां.वोँ तौ नया खिलाड़ी थां चोदने कां.उसे तोँ बस चोदना थां.दूसरे हि लम्हा शास कां एक् औऱ जोरदार धक्का.औऱ पूरा कां पूरा लन्ड सीमा कि बुर मे समा गय़ा.सीमा कि कि कयी चीखा एक् शाथ निकलगैई
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शास.नें बुर कों चाट.चाट कर सूखा दि थि.लकिन अभि भि सीमा कि बुर सें एक् लेशदार (लूब्रिकेटेड) पानी निकलरहा थां.सीमा केँ हाथों कां दबाव ढीलापड़ गय़ा.शास.अगली मंज़िल कि ओर.क्लिट कि पूनह:जीभ कां दबाव डालकर मालिश करने लगा.शास केँ दोनोहाथ सीमा केँ मांसल जाँघो पर्र मालिश कररहे थें.सीमा केँ पूरे शरीर मे फिन शिहरन सि होनेलगी थि.शास.सीमा कि बुर कि क्लिट चाटचाट कर पहाड़ कि चोटी कि तरहबना रहा थां.
शास.फिन सें सीमा कि नाभि, पेट, आउट छाती कों चूमने लगा.दोनो चुचियो कां ताज़ा दूध पीकर मस्त होँ रहा थां.सीमा केँ जिस्म मे लहरे बहने लगी.औऱ शास बारी बारी दोनो चुचियो कों पीता.गय़ा.मसलता गय़ा.दबाता औऱ सहलाता गय़ा.कुछ देरबाद शास नें सीमा केँ मुलायम होंठ अपने होंठो मे लिए औऱ चूसना शुरुआत कर दिया.सीमा.औऱ शास कि जिभे टकराई.चूसा.मस्ती.औऱ जोश.
शास। कां मोटा औऱ लंबा लन्ड.लोहे कि रोड कि तरह टाइट.गुलाबी सूपड़ा। यहबात अलग थि कि अभि तक शास कां गुमफॉल नहीं हुवा थां.शास.सीमा केँ होंठ.गाल औऱ गर्देन पर्र जीभ फेर-फेर कर सीमा कि बुर कि आग कों औऱ भड़का रहा थां.अब सीमा.कि कराहफिन फूटने लगी.उउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म.आआआआआआअहह हह.सस्शहाआअसस्स्स्स्स्स्स्सस्स.ईईईईईईई इईईईईईईईई.सीमा कि टाँगे खुलने लगी.औऱ चौड़ी.औऱ चौड़ी.अब शास कां लन्ड सीमा कि बुर सें टकराने लगा थां.जिससे सीमा कि उत्तजना औऱ.औऱ.औऱ बढ़ती जारही थि.बुर.खुलने.बंद होने लगी.लन्ड खाने केँ लिए बैचेन.
शास.नें पहलीबार अपने एक् हाथ सें अपने लन्ड कों पकड़ कर.सीमा केँ चूतद्वार.पर्र उसे पोज़िशन दि.टाइट, मोटा, लंबा तना हुवा लन्ड.बुर केँ दरवाजे पऱ रखा लन्ड कां सूपड़ा.बुर कि गर्मी कों महसूस कर औऱ चौड़ा हौ रहा.थां.औऱ सीमा कि बुर कों खुला निमंत्रण देरहा थां। बुर तोँ पहले हि लन्ड कों खाने कि फिराक मे थि.
सीमा.शास अब अपने लन्ड कों अंदरकरो नाँ????? अब औऱ सहन नहीं होँ रहा.हैं.
शास नें इशारा मिलते हि लन्ड कां दबाव सीमा कि बुर पर्र बढ़ा दिया.लूब्रिकेटेड बुर.नशे मे मस्त बुर.शास नें हल्का सां एक् धक्का लगाया.लन्ड कां सूपड़ा बुर मे समा गय़ा.सीमा कि बुर अब कुँवारी नहीं थि.पऱ चुदाई कों काफ़ी दिन बीतने औऱ शास केँ भारी लन्ड नें सीमा कि एक् हल्की चीखा निकलवा दि.उउउउउउईईईम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआआआअ.सस्स्स्स्स्स्शहाआआअसस्स्स्स्सस्स.द्दद्धीईरररररीईए.सस्स्सीईए.श आस अपने मे मस्त.चूमता चाटता.चुचियो कों मसलता.होंठो कों चूमता.शास नें तोड़ा पीछे होकर एक् जबरदस्त धक्का.मार हि दिया.सायेड आज लन्ड भि बेकरार थां छूट मे घुसने केँ लिए.
शीमा कि जूरदार चीखा.उूुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुउउइईईईईईईईईईई ईईईईईईईईईईईईईइइम्म्म्मममममममममममाआआआआआआमम्म्मममम एम्म्म.सस्स्स्स्स्शहाआआआअसस्स्स्सस्स ससस्स.आआआआआआईईईईईईहह प्पफाआद्दद्ड ह्ह्ही द्दाल्ली.आआअहह.अगर बाहर् मेहमानो.कां हंगामा औऱ स्त्री म्यूज़िक नहींचल रहा होता तोँ सबवही पर्र इकठ्ठा हौ गये होते.मगर शास कों इतनी परवाह कहां.वोँ तौ नया खिलाड़ी थां चोदने कां.उसे तोँ बस चोदना थां.दूसरे हि समयशास कां एक् औऱ जोरदार धक्का.औऱ पूरा कां पूरा लन्ड सीमा कि बुर मे समा गय़ा.सीमा कि कईचीख एक् शाथ.निकल गैई.
सीमा कि चीखूं कि आवाज़ ढोल.भांगदे कि आवाज़ मे दबकररह गई.उउउउउउउउउईईईईईईईईईईईए।.आआआआआआआआऐईईईईईई आआआआआआआआअहहीए ईईईंमम्ममममममममममाआआआआआआआअम्म्म्मममममीईए ईईईई.सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्शहााआअ आआसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स.फाड़.ह ई.द्दाल्लीइीईईईईईई.ईईईईईईईईईईईईईई ईईईईईकककककककककचह.मगर शास अपनी चुचिया पीने मे मस्त.औऱ सीमा कि आँखों सें पानी निकलआया थां.सीमा धीरे-धीरे धीरे-धीरे कुछ सामान्य हूई तौ शास कों चुचियाँ पीने मे मस्त देखकर दर्द कों भूलकर मन्दिम सि मुस्कुरा दि.सीमा नें शास कां चेहरा अपनी औऱ किया औऱ शास केँ होंठचूम लिए.बड़े हि मस्त चोदू होँ.शास.सीमा बुदबुदाई.मगर शासफीर अपनी चुचियाँ पीने मे मस्त होँ गय़ा.
सीमा.शास चुचियाँ हि पीते रहोगे याँ कुछ औऱ भि करोगे????????????
शास.कहो दिदी क्याँ करना हैं.??????????? क्याँ धक्के मारना शुरुआत करदूँ.??????
सीमा.शास क्याँ तुम्हे चुदाई करने मे मजा नहींआता हैं.????????????
शास.अच्छा तौ लगता हैं पऱ मजा तौ अभि नहींआया.
सीमा.तुमने पहले भि किशी कि चुदाई कि हैं.?????????
शास.हा दिदी एक् बार.तभी.तोँ तुम्हे.चोद रहा हूं.?????????
सीमा.किसे चोदा थां.????????
शास.नहीं दिदी संतोष बूवा नें किसी कों बताने सें मना किया थां.
सीमा.मुस्कुरा दि.अच्छा तोँ तूने पहेले संतोष बूवा कों चोदा हैं.????????
शास.आपको केसेपता चला दिदी.???????????
सीमा.बुद्धू कही कां.औऱ शास केँ होंठचूम लिए.शास केँ दोनोहाथ अभि भि सीमा कि दोनो चुचियों सें सहला औऱ मसलकर खेलरहे थें.सीमा कि साँसे अभि भि तेजतेज चलरही थि.सीमा केँ हाथशास कि कमर पऱ कस गये.शास समझ गय़ा कि चुदाई शुरुआत करनी हैं.औऱ उसने धक्के मारने शुरुआत कर दिए.सीमा केँ हाथ धीरे-धीरे.धीरे-धीरे शास केँ चूटरों पऱ आँ गये थें.औऱ वेशास केँ धक्को कों स्पीड देने मे सहयोग कररहे थें.स्पीड बढ़ती जारही थि.करीब-करीब 20-25 मिनूत्स कि चुदाई केँ बाद। शीमा सातेवे आसमान पऱ हंगामा कररही थें.सीमा केँ सरीर मे खिचाव सां आनेलगा थां.
शास.दिदी मुझेकुछ होँ रहा हैं.आआआआहह दिदी.मेरे अंदरकुछ हौ रहा हैं.मेरे लन्ड मे कुछखिच सां रहा हैं.
सीमा.औऱ तेज शास.औऱ ज़ोर सें चोदो.मे जारही हूं चोदो.औऱ चोदो.औऱ सीमा.कि आँखेबंद हौ गई उसके हाथ.शास कि केमर पर्र ज़ोर सें बँध गये.चोदो.शास चोदो औऱ ज़ोर सें.मे गयीँ, शास.ऊवूऊवूयूवूवम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्मायायायीययाया आआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हीईईईईईउउउउउउउउउ उूऊउईईईईईईईईईई.
औऱ सीमा कि बुर मे पानी कां फ़ौवारा छूट गय़ा.उसने शास कों औऱ ज़ोर सें भींच लिया.तभी.
शास.दिदी मेरी आँखेबंद होँ रही हैं.मुझे कुछ होँ रहा हैं मेरे सरीर मे सें कुछ निकलरहा हैं.उउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआअ अहछद्द्द्द्द्ददडिईईईईईईईईईईईईईईईययड्डी ईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई आआआआआआआआआअहीईई ईईई.औऱ शास कां पहलीबार वीर्य (गुम) कि बस एक् दो बूँद हि सीमा कि बुर मे गिरी थि.शास नें सीमा कों औऱ ज़ोर सें अपनी बाहो मे जाकड़ लिया थां.आआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउउ उम्म्म्मममममममममके संगशास सीमा केँ शरीर सें चिपक गय़ा.दोस्तो अभि कथा बाकी हैं आगेशाश नें किसकिस कि चुदाई कि यह जानने केँ लिए अगलेभाग कां प्रतीक्षा करें
चुदाई का सिलसिला - body-focused teasing - Continue reading next part
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