चुदाई का सिलसिला - body-focused teasing – New Episode
चुदाई कां सिलसिला पार्ट -7
शास दूसरी तरफ गय़ा जहाँ पर्र मामीजी विवाह केँ कार्यो मे बिज़ी थि.शास नें मामीजी केँ पास जाकरकहा ममीज़ी आपको सीमा दिदी बुलारही हि.
मामीजी.कयूं.???
शास। मालूम नहीं.सायेद पूजा केँ बारे मे कुछ पूछना हैं.
मामीजी। अर्रे हैं। मे तौ भूल हि गयीँ, थि उसका भइयाआया थां अचानक उसकी मां कि तबीयत ज़यादा खराब हौ गई अओरउसे हॉस्पिटल लें जानां पड़ा इसीलिए पूजा कों लेकर गय़ा हैं.औऱ मामीजी सीमा केँ रूम मे गई.
सीमा पूजा कि माँ कि तबीयत ज़यादा खराब हैं.उसका बही लेगया हैं.यह कहकर मामीजी फिन वापसचली गयीँ,.
सीमा.ओह!!!!!!!!!
लॅकिन सीमा पूजा केँ बारे मे शास सें बात करना चाहती थि.एसलिए.मौके तौ तलाशरही थि.बाहर् बारात आँ चुकी थें.वे लोग ब्रेकफास्ट कररहे थें.बारात केँ संग बहोत सि लॅडी भि आई थि.मगर वेअलग सें ब्रेकफास्ट कररही थि.
सीमा.शास.उपर केँ रूम मे कोन हैं.?????
शास.कोई नहीं दिदी.लॉक हैं अओर चाबी मेरेपास हैं.
सीमा.ओह !!! मुझे टाय्लेट जानां हैं चलो ज़रा दरवाजा तौ खोल देना.अओर अपनी सहेलियो कि अओर इशारा करते हुए.मे अभि आई.अओर उपर केँ रूम कि तरफचल दि.शास भि संगसंग चल दिया.उपर पहुँच कर.शास नें दरवाजा खोल दिया। सीमाअओर शास दोनोरूम मे चले गये.सीमा नें पीछे सें दरवाजा लॉककर दिया.
शास.सीमा दिदी आज तौ आप् गजबढा रही हौ.
सीमा.अच्छा.!!!!! शास तुम्हे भि पताचल गय़ा कि कोनगजब ढारहा हैं.????
शास.आपने हि तौ सिखाया हैं नाँ दिदी.दि सच कहूँ बहोत देर सें अलग सें बात करने कि सोचरहा थां पऱ वक्त हि नहींमिल पारहा थां.
सीमा.कहो नाँ शासकया कहना हैं.?????
शास.दिदी कया मे एक् बार आपके होंठो कों चूम सकता हूं, ??? मे अपने कों रोक नहींपा रहा हूं.
सीमा.किसने रोका हैं शास मे तौ स्वयं कबसे तुमसे अलग सें बात करनाचाह रही थि.यह टाय्लेट तौ एक् एक्सक्यूज़ बनाया हैं.
शास.कया ????? दिदी सच मे.?????
सीमा.हाँ शास.तुमने जोँ सुखरात मे दिया हैं मे कभी नहींभूल पाऊँगी.
शास नें सीमा केँ चेहरे कों अपने हाथों मे लेकर धीरे-धीरे सें सीमा केँ होंठचूम लिए.बड़े हि टेस्टी हैं.हनी कि तरह स्वीट भि हैं.
सीमा.कुछ अओर चूमने कि ख़्वाहिश नहीं हैं.???????
शास.हैं तौ दिदी.मे तौ डररहा थां.आज आपकी विवाह हैं.कही दिदी बुरा नां मानजाए.????
सीमा.शास यह तूने केसेसोच लिया कि मे तुम्हारी किसीबात कां बुरा मानूँगी.????? शासयह सीमा दिदी अपनेइस शास कि पहले हि हौ चुकी हैं.अब भि हैं.अओर कल भि रहेगी.तुम् मुझेकभी भि किशी भि वक्तकुछ भि कह,। याँ कर सकते होँ.समझ गये नाँ शास.???????????????
शास.जी दिदी.अओर कहकरशास नें सीमा कों बाँहो मे भर लिया.
सीमा.शास थोडा धीरे-धीरे औऱ यह ध्यान रखकर कि यह मेकअप खराब नहीं होँ.
शास.फिन तौ दिदी मे आपकेयह कपड़े हि उतार देता हूं.जिससे.मे संभाल कर धीरे-धीरे सें हि कुछकर सकूँ.अओर शास नें सीमा केँ सब कपड़े उतारने सुरूकर दिए.कुछ हि देर केँ बाद सीमाशास केँ सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थि.अओर शास.?????
औऱ शास निहार रहा थां सीमा दिदी केँ इस कमसिन बदन कों.ईश्वर नें कयाखूब बनाया थां.भारी, सुडोल गोलगॉल कसी हुई चुचियाँ। सुरहिदार गर्देन.नैन नखशदिल कों घाएलकर जाएँअहह! होंठ जिनसे शहद(हनी) टपकरहा थां.शास कां लन्ड झटके मारने लगा थां.सीमा नें आज अपनी बुर कों रेजर सें शायदसॉफ किया थां.कितनी सुन्दर लगरही थि.शास कां खाने कों मनकररहा थां.
सीमा.शास जोँ भि करना हैं आज जल्द करना हैं.थोड़ी देर होने पऱ सभीहमे ढुड़ने लगेंगे.तुमने पूजा केँ संगकुछ किया थां कि नहीं.?????????
शास.हाँ दिदी पूजा बड़ी हि मस्त लड़की थि अओर उसकी चुचियाँ अओर बुर तौ बड़े हि मजेदार थि.मन करता थां कि पूजा कि बुर कों तौ बस चूस्ता हि रहू.उसकी बुर कि महक तौ कॅशर जैसी थि दिदी.
सीमा। चुदाई भि कि नहीं याँ बस चूमते हि रहे.????????
शास.नहीं दिदी दोबार चुदाई भि कि.बड़ा मजा आया.दिदी.
सीमा.कया मेरी बुर कि महक अच्छी नहीं थि.????
शास.कया बात करती हैं दिदी.कया स्वदिस्त (डेलीशियस) टेस्ट हैं.बस बता नहीं सकता हूं.
सीमा.अब शास जल्द सें एक् बारअओर मुझेचोद दो.आजदेर नहींलगा सकते हैं.सभी हमे ढूँढते हुवेयही आँ जाएगे.अब जल्द सें अपनायह लन्ड मेरी बुर मे डाल दो.अंदर हि अंदर बड़ी खुजली होँ रही हैं.बस दो मिनुट मे हि मेरा पानी निकाल दो.
शास.पऱ दिदी इतनी जल्द कैसी होगा.कम सें कमआधा घंटा तौ चाहिए हि.???????
सीमा.नहींशास यह नहीं होँ सकता हैं.तुम् जल्द सें अपना लन्ड मेरी बुर मे डालदो अओर सीमाबेड पर्र दोनो टाँगे चौड़ी करकेलेट गयीँ,.
शास.दिदी कया इतनी जल्द मे आपको होँ जाएगा.????????????
सीमा.तुम् जल्दकरो शास.आज देर करने कां वक़्त नहीं हैं.अओर देखो.यह मेकअप खराब नें होने पाए.नहि तौ सभी गड़बड़ हौ जाएगी.
शास.ठीक हैं दिदी.अओर शास सीमा कि टॅंगो केँ बीच मे आयाअओर सीमा कि बुर कों मस्ती मे चाटने लगा.
सीमा.शास जल्द सें अपना लन्ड डाल दो.चाटने कां टाइम नहीं हैं.
शास.दिदी थोडा स्वाद तौ लेँ लेने दो.बाद मे तौ वक़्त मिलेगा नहीं.
सीमा.हस्ते हुए.शास.मे एक् दो दीनो मे लौट आउन्गि तबखूब स्वाद लें लेना.बस अब तौ मुझे जल्द सें चोददे.
शास.तब तौ दिदी जीजू नें सारा स्वाद चूस लिया होगा.????
सीमा.अर्रे नहीं.ऐसा नहीं होगा.सीमा कों वक़्त कि नज़ाकत कां पता थां.उसने शास कों मुस्कुराते हुवेकहा अच्छा वादा करती हूं.बुर कां रस तेरेलिए हि संभाल कर वापस लें आउन्गि.
शास.ठीक हैं दिदी.अओर शास नें आपना मोटा, तगड़ा,, फुनफुनता हुवा लन्ड सीमा कि बुर केँ मूह पर्र रखा दिया.अओर अंदर कों दबाव बढ़ाया.पऱ लन्ड अंदर नहीं गय़ा.शास नें दुबारा लन्ड कों बुर पर्र अड्जस्ट करके सीमा कि चुचियाँ मूह मे भरकर एक् जानदार धक्का मार दिया.अओर सनसनता हुवाआधा लन्ड सीमा कि बुर मे समा गय़ा.सीमा कि हल्की चीख निकल गई,.आउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआ आआआअ.ईईईईईईईईएउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म म्म्म्मममम शास तुम्हारा लन्ड तोँ रात सें भि मोटा हौ गय़ा लगता हैं.बहोत दर्दकर रहा हैं.अभि रूकजाओ.अओर अंदर नहीं करना.मगर शास.उसने तौ सीमा कि चुचियो कां दूध पीते हुवे दुसरा एक् अओर जोरदार धक्का लगा.दिया.सीमा अगर स्वयं हि अपनाहाथ अपनेमूह पर्र नां रख लेती तोँ उसकीचीख कि आवाज़ दूर तक जा सकती थि.आआआअहहययययययययययययययी य्य्य्यीईईईईईईईईईईईउउउउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म म्म्म्ममम स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्श्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआआआआआस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स सस्स म्म्म्माआआआआअरर्र्र्र्ररर ह्षियैआइयैआइयीयीयियी द.आँ.ल्ल्ल.आआ.मगर शांतशास मस्ती मे दूध पीटारहा।.दोस्तो यह पार्ट यहीं ख़तम होता हैं फिन मिलेंगे अगले पार्ट केँ संग
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चुदाई कां सिलसिला पार्ट -८
दोस्तो मे यानी आपका मित्र राज शर्मा पार्ट ८ लेकर हाजिर हूं दोस्तो यह होती हैं टाइम कि चाल, उधर सीमा कां दूल्हा.जनवासे मे सीमा कि कल्पनाओ मे खोया थां.कयूँकी वो सीमा कों पहले हि देख चुक्का थां.अओर सीमा केँ सुंदरता पर्र फिदा थां.नां जाने कितनी कल्पनाए वोँ सजोरहा थां कितनी खुशियाँ थि वहा पर्र, अओरइधर, सीमा अपनी बुर मे अपने हि छोटे भइया कां लन्ड अपनी बुर मे लेकर उसको फडवारही थि.
कुछदेर मे सीमा कि बुर भि पानी छोड़ने लगीअओर वोँ उछल-उछल करशास केँ लन्ड कों पूरा अपनी बुर मे लेँ रही थि.ज्यूँ=ज्यूँ शास केँ धक्को केँ स्पीड बढ़रही थि.वेसे वेसे सीमा केँ चूतदो कि उप्पेर-नीचे होने कि रफ़्तार भि बढ़रही थि.सीमा केँ दोनोहाथ शास केँ चूतड़ो पऱ उसकोअओर स्पीड देने कि कोशिस कररहे थें.उउउउउउम्म्म्म्माआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउ उुउउक्कककककचह जैसे कामुक ढूनो कि गूँज मे शास राजधानी कि स्पीड मे सीमा कों चोदरहा थां.करीब 5 मिनुट मे हि सीमा नें लंबी सांसो केँ संग.पानी छोड़ दिया.उउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्मा आआआआआआआआआआआआआआआआअहह हह।.सीमा धीरे-धीरे धीरे-धीरे शांत होनेलगी थि पर्र शास कि स्पीड ज्यों-कि-त्यों दनाडन चलरही थि.मगर शास अभि पानी छोड़ने सें कोषोदूर थां.
शास कां लन्ड सीमा कि बुर मे जोरदार धक्को केँ संग अंदर बाहर् होँ रहा थां.सीमा पानी छोड़ने केँ बाद शांत हौ चुकी थि.उसे अब नीचे जाने कि जल्द थि.
सीमा.शास प्लीज़ अब रहनेदो देर होँ रही हैं.
शास.मगर दिदी, अभि तोँ मेरे पानी निकालने मे काफ़ी देर हैं.
सीमा.इसलिये तोँ कहरही हूं.अब अपना लन्ड बुर सें निकल लो.आज इतना हि टाइम थां.जल्द नीचे जानां हैं.सभी प्रतीक्षा कररहे होंगे,.बाद मे कभीफिन अपना पानी निकाल लेना.बेचारा शास.मन मसोषकर रह गय़ा.उसे अपना लन्ड सीमा कि बुर सें निकलना पड़ा.अओर फौच कि आवाज़ केँ संग फुनफुनता हुवा लन्ड बाहर् निकलआया.उसने देखा.कि सीमा कि बुर अभि तक पाइप कि तरह खुली हुईँ हैं.
शास.पऱ कया दिदी मे तुम्हारी इस राशीली बुर कां रस तोँ पी सकता हूं.बड़ी हि अच्छी लगरही हैं.झील कि तरह खुली हुई रसीली बुर.
सीमा.तुम्हारा लन्ड हि इतना मोटाअओर बड़ा हैं यह तोँ झील बनाकर हि छोड़ता.
शास.तोँ दिदी मे इस मे जीभ डालकर चूसलू ???????????
सीमा.नहीं शास अभि नहीं.अब मे नीचे जाती हून.कभी बाद मे जी भरके पीलेना। अओर सीमा बाथरूम मे चली गयीँ,.इधर शास कां टाइट लन्ड फुन्फुना रहा थां.उसकी अकड़न सें शास कों अब तकलीफ़ होँ रही थि.बुर केँ लेस्श (लसलषा पानी) मे सना हुवा थां.तभी सीमा बाथरूम सें वापेस आई.अओर शास केँ टाइट होँ रहे लन्ड पऱ नज़र पड़ते हि मुस्कुरकर बोलीं.कितना अकड़रहा हैं.अगर अभि टाइम होता तौ फिन सें बुर मे डाल लाती.अओर मुस्कुराते हुवे दरवाजे सें बाहर् निकल गई,.शास बेचारा.अपने इस टाइट आकड़े हुवे लन्ड कों लिए बैठे रहा.लन्ड अकड़कर दर्दकर रहा थां.
हिम्मत करकेशास उठाअओर बाथरूम मे जाकर ठंडे पानी कि टोंटी लन्ड पर्र खोल दि.थोड़ी देर मे लन्ड कि अकड़न कम हुईँ अओरशास टाय्लेट केँ बाद बाहर् निकल आया.अओर कपड़े पहनकर नीचे आँ गय़ा.
नीचेआकर शास नें देखा.एक् रूम मे सीमा कि सहेलियाँ उसे तय्यार कररही थि.चारो अओर विवाह कि धूम.बाराती नस्ता करके जनवासे मे लओटगये थें.एक् सें एक् सुन्दर तितलियाँ (लड़कियाँ) इधरउधर घूमरही थि.दूल्हे कि तरफ सें आई हुई कुछ लड़किया अओर अओरते (लॅडीस) भि सीमा दिदी कों तय्यार करने मे सह-योग कररही थि। जनवासे मे बाजा – ढोलबजे रहे थें उसी आवाज़ यहा तक आँ रही थि.शास जनवासे कि तरफचला गय़ा.दूल्हा एक् घोड़ी पऱ सवार होकर बारह-द्वारी.(वर-माला) केँ लिएचल दिया थां.जिसके आगे बाजे वालेअओर ढोल वाले अपनी अपनी धुँएबजा रहे थें कुछ लड़के सामने डांस करते हुवेचल रहे थें। लाइटों सें सारा एरिया चमकरहा थां.उस पर्र वीडियो रेकॉर्डिंग कि लाइट, फोटोमेन कि लाइट आँखों कों चुन्धिया रही थि.दूल्हा एक् हसीन सजीला नोजवान रोबीला चेहरा, सर पर्र पगड़ी अओर मुकुट, बड़ा हि सुन्दर दिखरहा थां.आसपास कि लॅडीस दूल्हे कि तारीफों केँ पुल बाँधरही थि.बड़ी सुन्दर जोड़ी रहेगी.सीमा केँ पिता नें अच्छी जोड़ी मिलाई हैं.एत्यादि शब्द सुनाई देरहे थें.दूल्हे केँ संगकुछ लड़कियाँ अओर अओरते (लॅडीस) भि चलरही थि.शास कि नज़र बार-बार जाकर एक् लड़की पऱ रुक जाती.जोँ उसे पूजा सें कही ज्यादा हसीन नज़र आँ रही थि.मानो उपेरवाले नें बड़ी हि फुरशत केँ संगउसे बनाया होगा.20-21साल कि.नाज़ुक सि.पऱ उसकी चुचियो केँ उभार.शास कों आकर्षित कररहे थें.उसके चलने कां अंदाज अलग थां.उसके देखने कां अंदाज.निराला कातिल थां। उसकी सुंदरता कि बिजलियों कां असरअब शास पऱ पूरीतरह सें हौ चुक्का थां.चलते हुवे बड़े हि अंदाज सें उप्पेर नीचे होते चूतड़.शास कां लन्ड पता नहीं कब.हरकत मे आकर डॅन्स कररहा थां.शास केँ पेंट मे फँसे लन्ड कां उभारदूर सें हि नज़रआने लगा थां.शास कि नज़रे उसी लड़की पऱ जम गयीँ, थि.कई बार.उस लड़की नें शास कि अओर देखा.पर्र कोई प्रतिक्रिया नहीं दि.जबशास लन्ड कों काबू मे नहींरख पाया तौ वहा सें घऱ कि तरफचल दिया.रास्ते मे उसने अंधेरे कां फयडा उठाकर.पेंट कि सुकून खोलकर.लन्ड कों बाहर् निकाला.अओर टाय्लेट करकेकुछ ढीला किया.अओर घऱलओट आया.वहा पर्र बारह-द्वारी कि सब तय्यारी पूरी होँ चुकी थि.सीमा दिदी कों पूरीतरह सें तय्यार कियाजा चुक्का थां.शास नें सीमा दिदी कों गौर सें देखा.उसका रंग-रूप अओर निखरआया थां.अब वोँ एक् अप्सरा सि लगरही थि.पर्र जौ लड़कीशास नें दूल्हे केँ संग देखी.उसकी बातकुछ अलग हि थि.सीमा नें शास कि अओर देखा.अओर धीरे-धीरे सें मुस्कुरा दि.इस मुकुराहट मे नां जाने कया.कया छुपा हुवा थां.जोँ शायदअब शास समझने लगा थां.दूल्हे केँ संग होँ रही आतिस्बाजि कि आवाज़ अबअओर नज़दीक आँ चुकी थि.
अचानक सबलोग बाहर् कि तरफ भागे.एक् जोरदार हंगामा सराबा सुरू होँ गय़ा.शास नहींसमझ पाया कि अचानक केँ हुवा.तभी सीमा दिदी कि एक् सहेली दौड़ती हुईँ अंदरआए अओर सीमा केँ पासआकर बोलीं सीमा दिदी.आतिस्बाजि कि आवाज़ सें घोड़ा बिदक गय़ा.दूल्हा भि उससे नीचे गिरगया.उसे भि चोटलगी हैं.अओर कई व्यक्ति अओर लॅडी भि जखमी हौ गये हैं.जल्दी डॉक्टर कों बुलाया गय़ा हैं.किस-किस कों चोटेलगी अभि सहीपता नहींचला हैं.सब व्यक्ति वही पर्र इकट्ठा हौ रहे हैं। राम जानेअब कया होगा.कई-यो कों खून भि निकलरहा हैं.सुनकर सीमा कि मानो साँसे रुक गयीँ, थि.वोँ चेतना सुन्य सि चुपचाप सभीसुन रही थि.शास केँ चेहरे पऱ कई भाव.आँ.जा रहे थें.कही वो सबसे सुन्दर लड़की भि तौ ज़ख्मी नहीं हौ गई, होगी.????????????ऐसा मन मे विचार आते हि शास भि बाहर् कि अओर दौड़ा। शास कों बाहर् कि अओर दौड़ते हुवेदेख कर सीमा कों बड़ा अस्चर्य हुवा पर्र वोँ कुछ नहीं बोलीं.शास दौड़कर उस स्थान पहुंचा.भीड़ केँ बीच सें होता हुवा शास.वहा पहुँच गय़ा.जहाँ पऱ घायलो कों डॉक्टर देखरहा थां.शास कां ख़याल सच हि निकला वो सुन्दर लड़की भि घायलो मे बैठी थि। शास कों एक् झटका सां लगा.अओर शास उसके लगभग पहुँच कर खड़ा हौ गय़ा.जब शास सें नहीं रुका गय़ा तोँ शास नें उस लड़की सें पूछ हि लिया.जियादा चोटेलगी हैं कया.लड़की नें शास कि अओर देखा.ये तौ वही लड़का थां.जोँ बारात केँ संगउसे ताड़-ताड़ करदेख रहा थां.पर्र लड़की नें धीरे-धीरे सें.दर्दीली आवाज़ मे जबाब दिया,.हाँ !!!!!
शास कि आँखें दुख केँ कारण सिकुड सि गई,.लड़की नें धीरे-धीरे सें शास कि अओर देखाअओर उसके चेहरे पऱ दुख केँ भाव देखकर.सोचने लगीयह लड़काकोन हौ सकता हैं.जोँ उसको इतनीदेर सें देखरहा थां अओरइसे मेरेचोट लगने सें दुखा हुवा हैं.
डॉक्टर बारी बारी सें चेकपकर रहा थां.शास वही पऱ शांत पर्र गंभीर मुद्रा मे खड़ारहा, जैसे उसकाकोई खास घायल होँ गय़ा होँ.वो सुन्दर लड़कीकई बार कनखियों सें देख चुकी थि.वो नहींजान पारही थि.कियह कोन हैं.नां जानेकयो उस लड़की कों भि शास सें हमदर्दी.सि होनेलगी थि.तभी डॉक्टर नें उस लड़की, कां चेकप करना शुरुआत किया.उससे सबकुछ पूछने केँ बाद डॉक्टर नें उसे खड़े होकर चलने केँ लिए कहा.लड़की खड़ी होकर जैसे हि चलने लगी.अगर अचानक शास नें उसे संभाल नाँ लिया होता तोँ नीचेगिर जाती.उसके पेर मे ज़बरदस्त मोचआई थि.अओर सर मे भि चोट थि.लड़की नें एक् बारफिन शास कि अओर देखा.कया नाम हैं आपका.????????????डॉक्टर नें लड़की सें पूछा.जी मुस्कान.शास केँ होंठो सें कईबार मुस्कान, निकली अओर जौ होंठो मे हि दबकररह गयीँ,.पऱ मुस्कान तौ इसका आभासकर चुकी थि.शास केँ फड़कते होंठ मुस्कान कि आँखों सें कहां छुपने वाले थें.डॉक्टर नें मुस्कान केँ सर पऱ पट्टी कि अओरपेर पर्र एयेयोडीक्स लगाकर गर्म पट्टी बांधने कों कहा.चलने फिरने कों मनाकर दिया.बाकी सब कों मामूली चोटे हि आई थि.उनको पेन किल्लर एत्यादि मेडिसिन्स देकर डॉक्टर चला गय़ा.अओर बारात पुनेह.बारह-द्वारी केँ लिएचल दि.मगर मुस्कान तौ चल हि नहींपा रही थि.उसको सीमा दिदी केँ पापा (शास केँ मामाजी ) कि अड्वाइस पर्र शासअओर मुस्कान केँ एक् भइया नें सहारा देकरघऱ मे लेँ गयेअओर सीमा दिदी केँ रूम मे उसकेपास बिठा दिया.
सीमा.म सॉरी मुस्कान दिदी, आपको काफ़ी चोटलग गई,.
मुस्कान.नहीं भाभी इसमे आपकाकया दोस हैं.यह तोँ होनी थि.हौ गई,.
सीमा.फिन भि.आप् चल नहींपा रही हैं.अपने भइया कि विवाह कों आप् अब पूरीतरह सें तोँ एंजाय नहींकर पाएगी.मे भि अपने आपको हि इसकेलिए दोषी मानती रहूंगी.
मुस्कान.नहीं भाभी आप् एसा कियों सोचती हैं.आप् तोँ भाभी लाखों मे नहीं करोड़ो मे एक् हैं.मे बहोत खुस हूं.अओर फिन मामूली सि मोच हैं एक् दोदिन मे ठीक होँ जाएगी.भाभी यहकोन हैं मुस्कान नें धीरे-धीरे सें शास कि अओर इशारा किया.यही मुझे सहारा देकरयहा तक लाया हैं.??????
सीमा.मुस्कान दिदी यह मेरा छोटा फुफेरा भइया हैं.बहोत अच्छा हैं.किशी कां दुख इससे देखा हि नहीं जाता.(सीमा नें रहस्यमाई आँखों सें शास कि अओर देखा.अओर उसके होंठो पर्र कातिल मुस्कुराहट तेर गयीँ,.),.अर्रे हाई दिदी.इसको ( शास ) मे आपकी सेवा मे लगा देती हूं.एक् मिनूट केँ लिए भि आपसेडोर नहीं जाएगा.
मुस्कान.यह तौ बेचारा पहले हि सें मैरेपास हैं.पऱ कयायह हमेशा दुःखी हि रहता हैं.???????????
सीमा.नहीं बड़ा हि हँसमुख हैं वोँ आपकीचोट केँ कारण सायेद.???????
मुस्कान.ओह!!! पर्र मे तौ इसको जानती नहीं थि.अओर सायेद यह भि मुझे नहीं जानता होगा.फिन कयूं दुःखी हैं.????
सीमा। मैने कहां नहींउसे किशी कां दुख देखा हि नहीं जाता हैं.सायेड इसलिए दुःखी होगा!!!!!!!!तब तक शास एक् गिलास मे गर्म पानी लेकर आँ गय़ा थां.
शास.लो मुस्कान जी आप् वोँ टॅबलेट्स लेँ लो पानी लाया हूं.
मुस्कान.तुम्हें मेरानाम केसेपता चलाशास.????????
शास.आपने हि तोँ बताया थां.जब डॉक्टर शहाब नें पूछा थां.
मुस्कान.ओह.!!!!
अब मुस्कान कों इसबात कां एहसास हौ चुक्का थां कि शास कि दिलचस्पी उसमे हैं.अओर उसकीहर बात पऱ शास ध्यान रखरहा हैं.मुस्कान नें शास केँ हाथ सें पानी कां गिलास लियाअओर वोँ टॅब्लेट्स लें ली जौ डॉक्टर शहाब नें उसे दि थि.अओर गिलास शास कों वापस लौटा दिया.शास खाली गिलास लेकर बाहर् चला गय़ा.
मुस्कान.बहोत अच्छा लड़का हैं.
सीमा.हा दिदी.सब काम बड़ी हि मेहनत सें भाग-भाग कर करता हैं.सब इसकी तरीफ्फ करते हैं.अगर दिदी आपको जीयादा चोट हौ अओर दर्द जीयादा होँ तोँ आप् उप्पेर केँ रूम मे आरामकर लें.????.
मुस्कान.नहीं भाभी मे आपकेपास ठीक हूं.अओर फिन अपने भइया कों भाभी केँ गले मे वर-माला डालते हुवे भि तौ देख्ना हैं.इस पऱ सीमा नें शर्माकर अपना चेहरा नीचेकर लिया.अओर हल्के सें मुस्कुरा दि.इस पर्र मुस्कान नें सीमा कि धीरे-धीरे सें चुटकी काट ली.आज शर्माकर दिखारही हें.अओर कल कों.???? मुस्कान अपनीबात पूरी करते- करतेरुक गई.सीमा नें मुस्कान कि तरफ देखा.????
सीमा.कल कों कया दिदी.????
मुस्कान.सुहाग रात.अओर कया.????
सीमा.दिदी.!!!
मुस्कान.कयूं कया मे ग़लतकह रही हूं.भैया तौ रिंग सेरेमनी केँ बाद हमेसा किशी नाँ किशीबात पर्र आपका जीकर अवश्य कर देते हैं.वोँ तुम्हे पाने केँ लिए कितने बैचेन होंगे कया तुम्हे नहींपता.??????
सीमा.मुझे कयापता.????
मुस्कान.इतनी भोली नां बनो भाभी.मुझे सभीपता हैं.आप् भि तौ भैया सें फोन पऱ बात करती होँ.???????
सीमा। केवेल मुस्कुरा कररह गयीँ,.
मुस्कान.भाभी मुझे टाय्लेट जानां हैं.कहां हैं.????
सीमा.कया चल पाओगि.????
मुस्कान.देखती हूं.
सीमा नें शास कों आवाज़ लगाकर इशारा किया वो रूम केँ बाहर् पऱ उनके सामने हि बैठा थां.शास अंदरआया.
शास.हा सीमा दिदी.कया बात हैं,, ???
सीमा.शास मुस्कान दिदी कों टाय्लेट आँ रहा हैं.एन्को टाय्लेट दिखादो.
शास.जी दिदी। आओ मुस्कान जी.मुस्कान नें खड़ा होकर जैसे हि चलने कां प्रियत्न किया.वो दर्द सें चिल्ला उठी.अओर वहीबैठ गई.
मुस्कान.नहीं भाभी मे नहींजा पाऊँगी.कुछ करो.बहोत दर्द होता हैं.मे चल नहीं सकती हूं.
सीमा नें शास कि अओर देखा.शास तुम् मुस्कान कों सहारा देकर टाय्लेट तक लें जा सकते होँ???? शास नें कहा दिदी कयूं नहीं.कोशिस करता हूं.अओर शास नें आगे बढ़कर मुस्कान केँ पीछे सें बाँहो मे हाथ देकर मुस्कान कों उठाने लगा.शास कि बाँहो कां सहारा पाकर मुस्कान खड़ी हौ गई,.
मुस्कान.ऐसे तौ मे नहींजा पाऊँगी.शास.तुम् मारे राइट कंधे कों नीचे सें सहारा दो तौ सायेद चल पाऊँ.शास नें ऐसा हि कियाअओर अपने दोनो हाथों कों मुस्कान कि बगल मे देकर संभालना चाहा.नहीं शास मे तुम्हरे कंधे कां सहारा लेकर चलने कि कोशिस करती हूं.मुस्कान नें अपना लेफ्ट हॅंडशास केँ कंधे पऱ रखाअओर शास नें अपनाहाथ बढ़ाकर मुस्कान कि कमर सें लेकर दूसरी बगल तक पहुंचा दिया.
शास कां राइट.हॅंड मुस्कान कि कमर सें होता हुवा उसकी राइटबगल मे पहुँच चुक्का थां.इस प्रकार मुस्कान कि लेफ्ट सॉलिड अओर भारी चुचिशास केँ सरीर सें पूरीतरह सें रगड़खा रही थि। अओरशास कां राइट हॅंड मुस्कान कि बगल सें होकर, हाथ उसकी राइट चुचि पऱ भि हल्का सां दबावबना रहा थां.किशी मर्द केँ हाथ केँ अहसास सें मुस्कान केँ सरीर मे शिहरन सि दौड़ गई.किशी मरद नें इसतरह उसे पहलीबार छुवा थां.मुस्कान नें बड़ी हिम्मत करके एक् पांवआगे बढ़ाया.एक् दमपेर मे दर्द कि लहर सि दौड़ गई जिससे मुस्कान कां दबावअओर शास केँ कंधे पऱ पड़ा.जिससे उसकी चुचि नें शास केँ सरीर सें अओर रगड़खाई अओर दूसरा हाथ भि दूसरी चुचि पर्र अओरकस गय़ा.मुस्कान कों एक् अजीब सां अहसास हौ रहा थां.मगर उसकेपास शास सें सहायता लेने केँ सिवाय अओरकोई चारा भि तौ नहीं थां.
शास। मुस्कान जी आप् पांव पर्र कममेर कंधे पर्र जीयादा ज़ोरदे तोँ सायेद कमदर्द होँ मुस्कान नें अपना सारावेट शास केँ टाइट कंधे पर्र डाल दिया.
मुस्कान.जी.
मुस्कान नें शास केँ कंधे पऱ अब अपना पूराभार डाल दिया.अओर अपना दूसरा हाथ भि शास कि चेस्ट, गले सें लेकर अपने दूसरे हाथ सें जोड़ दिया.मुस्कान कां सरअबशास केँ कंधे पर्र लग चुक्का थां.अओर शास मुस्कान कि बाहों मे.अब मुस्कान नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे कदम बढ़ाए। उसे अभि भि चलने मे परेशानी होँ रही थि.एसलिए वो शास केँ अओर लगभग.अओर लगभग.मुस्कान कि चुचि.शास केँ सरीर कि गर्मी.अओर शास केँ सरीर सें चुचि कां निप्पल रगड़ खाने केँ कारण.कुछ अओर टाइट हौ करशास सें रगड़खा रही थि अओर उनका निप्पल.खड़ा होकर मुस्कान केँ कपड़ो सें उभरआया थां.उधर शास कां राइट हॅंड भि तौ मुस्कान कि राइट चुचि पऱ करीब पहुच चुक्का थां.चुचि पऱ शास केँ हाथ कां दबाव मुस्कान महसूस कररही थि.अब सायेद मुस्कान कां पूरा ध्यान पांव केँ दर्द सें हटकरशास पर्र कन्द्रित होताजा रहा थां.पहली बार किसी मारद केँ वोँ इतनी लगभग थि.उसकी तेज साँसे.अओर चेहरे कि लालिमा.इस बात कि गवाह थि.कि सायेड अबशास कि नज़दीकी उसे भि अच्छी लगरही थि.शास भि एशीतरह केँ हालत कां शिकार.मुस्कान कि चुचिय्यों कि रगड़.उनकी गर्मा-हट.उसकी चुचि केँ उभार पर्र शास कां हाथ। मुस्कान कि तेज गर्म सांसो कि खुसबू.उसे भि परेशान कर रही.थि.अब तक उसने जितनी लड़कियो कों छुवा थां.जिनकी चुदाई उसने कि थि.उन सबसेअलग हि अहसास.उसे मुस्कान केँ अओर लगभगला रहा थां.उसके लन्ड कि टाइटनेस बढ़ती जारही थि.उसे डर भि लगरहा थां.कि.कोई उसेइस हालत मे देख नां लेँ.उसका लन्ड पेंट मे हि बम्बू.बन करदूर सें हि अपने स्थिति कां अहसास करारहा थां.धीरे-धीरे धीरे-धीरे दोनो टाय्लेट कि तरफबढ़ रहे थें.टाय्लेट सें उनकी दूरीघट रही थि.अओर सायेद मुस्कान.अओर.शास.केँ दिलों केँ बीच कि दूरी भि कम होँ रही थि.मुस्कान कि तेज साँसों कि गंधशास कि नथुनो मे घुसकर उसे मद-होश कररही थि.
शाससोच रहा थां.मुस्कान कितनी खूबसूरत.सभ्य.उसके सरीर कां हर हिस्सा.मानो एंच.एंच नापकर परमेश्वर नें बनाया हैं.पूजा कम खूबसूरत नहीं थि.लाखों मे एक्.पऱ मुस्कान तोँ सायेद करोड़ो मे एक् होगी.उससे नज़दीकी कां ख़याल उसेअओर रोमांचित कररहा थां.अओर वे टाय्लेट केँ पास पहुँच गये.शास नें टाय्लेट कां दरवाजा खोलकर मुस्कान कों उसमें अंदर लें गय़ा.
शास.मुस्कान आप् टाय्लेट करलो मे बाहर् खड़ा होकर एंतजार करता हूं.
मुस्कान.पर्र मेरे सें तोँ खड़ा हि नहीं हुवाजा रहा हैं.फिन मे बैठूँगी केसे????
शास। तोँ कया हुवा.खड़े- खड़े हि कर लो.कया बताना ज़रूरी हैं.???????
मुस्कान.नहीं शासऐसे नहीं हौ सकता हैं.
शास कियूं नहीं हौ सकता हैं.हम् भि तौ करते हैं,.????????????
मुस्कान। समझोशास तुम्हारी बातअलग हैं.कुछ अओरकरो.
शास। बताओकया करूँ.?????????
मुस्कान। अच्छा तुम् मुझे बैठाकर मूहउधर फेरकर खड़े हौ जाओ.
शास.कया यहींपैर.?????????
मुस्कान तोँ फिनकर हि कया सकते हैं.?????
शास.कोई आँ गय़ा तौ.कया कहेगा.समझो.मुस्कान.????????
मुस्कान.अब तुम्हे एधरउधर कि पड़ी हैं.मुझे ज़ोर सें टाय्लेट आँ रहा हैं अओर मे बैठ नहीं पाओँगी बिना तुम्हारे सहारे केँ.अब तुम् मुझे नीचे बिठाओ.अओर उधरमूह कर केँ खड़े होँ जाओ.
शास नें धीरे-धीरे सें मुस्कान कों नीचे बिठाया.इस दौरान मुस्कान कि दोनो चुचियो पर्र शास केँ हाथो कां पूरा दबावपड़ गय़ा थां.
मुस्कान.ऊवूऊवूवमायायायेयात्त कया करते हौ शास.???
शास.मैने कया किया.मे तोँ आपको बैठारहा थां.????
मुस्कान मुस्कुरकर रह गई.अओर बोलीं अच्छा.चलो अबमूह उधर करो.अओर हें एक् हाथ सें मेरेइस कंधे कों पकड़े रहना.नहीं तोँ पांव मे दर्द जीयादा होगा.मगर मे ऐसे केसे आपको पकड़कर रख सकूँगा.????
मुस्कान.अच्छा बाबा.जैसे तुम् चाहो.पकड़ लो.अब मुझसे रुका नहींजा रहा हैं.अच्छा.हैं.तुम् मूह उप्पेर कों कर लो.शास नें मुस्कान कों दोनो कंधो सें पकड़ा.अओर उप्पेर कों मूह करके खड़ा होँ गय़ा.मुस्कान मंद-मंद मुस्कुरा रही थि.उसने धीरे-धीरे सें अपनी सलवार अओर पेंटी नीचे खिसकाई अओर टाय्लेट करना शुरुआत किया.पीईईईईई.उउउउस्स्स्स्स्सीईईईईईईई कि आवाज़ शास कों सुनाई देने लगी.शास जीयादा रोमांचित होँ गय़ा। उसका लन्ड अब कंट्रोल सें बाहर् हौ चला थां.
चुदाई का सिलसिला - body-focused teasing – New Episode
चुदाई कां सिलसिला पार्ट -9
पेयेस्स्सवूऊवूऊवूऊयूयुवयन्न्नन्नन्नन्न्न्नस्स्स्स ईईईईई कि आवाज़ बढ़ने केँ संगशास कां लन्ड झटके खानेलगा.
शास.कया मे बैठकर आपको संभालू मुस्कान जी.??????????
मुस्कान.कियूं.कया खड़े रहने मे दिक्कत होँ रही हैं.???
शास.हा.तुम्हारी इस पीईईई सीईईईईजइसी आवाज़ नें धड़कन बढ़ा दि हैं.
मुस्कान.कया मतलब.????
शास.मे देख्ना चाहता हूं तुम्हारी सूसू सें यह आवाज़ केसे निकलरही हैं हमारे तौ निकलती नहीं.????
मुस्कान.कया.????????????
शास.कयूं कया हुवा.मैने कुछ ग़लतकहा कया.???????
मुस्कान.हा.किसी कुँवारी लड़की कि सुसू नहीं देखनी चाहिए.
शास.क्यू.????
मुस्कान.बस यू हीं.नहीं देखनी नहीं चाहिए.मुस्कान हल्के सें मुस्कुरा रही थि.उसे कोई जबाब नहींसूझ रहा थां.
शास.तुम्हारी प्प्प्प्पीईईकककककककककक्सीईईईईई तोँ रुकरुक कर लंबी होतीजा रही हैं.??????????????
मुस्कान.तोँ कया हुवा.ऐसे तौ सब कि होती हैं.
शास.आपको केसे पता.कि सबकी होती हैं.?
मुस्कान बसपता हैं.हम् लड़कियाँ आपेस मे बातकर लेते हैं.
शास.जब आप् आपस मे बातकर लेती हैं.तोँ कया मे नहींदेख सकता हूं????
मुस्कान.शास कि बाते मुस्कान कों भि रोमांचित कररही थि.फिन भि उसने अपने कों संभालते हुवे कहा.नहीं शास.ऐसे नहीं देखते हैं.
शास.तौ फिन केसे देखते हैं.????????
तभी मुस्कान कि नज़रशास केँ बॅमबू हुवे लन्ड पर्र पड़ी.जौ पेंटदो फड़कर बाहर् निकलना चाहरहा थां.मुस्कान कि नज़रे वही पर्र ठहर गयीँ,.तभी शास नें मुस्कान कां ध्यान भंग किया.आपने बताया नहीं मुस्कान जी केसे देखते हैं.???
मुस्कान.शर्मकार रह गई.उसके मूह सें शिरफ़ इतना हि निकला.मुझे नहीं मालूम.???
शास.कया मे सीमा दिदी सें पुच्छू.????
मुस्कान.नहीं शास.दिदी सें नहीं.पूछते हैं ऐसी बाते.
शास.तौ फिन आप् हि बताओ नाँ.???? नहीं तौ मे दिदी सें पूछ लूँगा कि मुस्कान जी नें मुझे सुसू मे पीईईईकककक़स्स्स्स्स्सीईईईईई केसे होती हैं नहीं देखने दि.
मुस्कान.शर्माकर फिन बोलि नहींशास यह बताईं दिदी सें नहीं पूछते हैं.कभी वक्त मिला तोँ मे हि बता दूँगी.
शास.कया मे एक् बारदेख लू.????
मुस्कान.एक् शर्त पर्र.यह बात तुम् किसी सें नहीं कहोगे.
शास। नहीं कहूँगा.???
मुस्कान.पक्का वादाकरो.
शास.वादा हैं नहीं बताउन्गा.
मुस्कान.पर्र पहलेयह बताओ.मुस्कान नें शास कि पेंट मे बॅमबू बने लन्ड पऱ हाथ रखकर कहा.यह कया हैं.????????????
मुस्कान कां हाथटच होते हि शास केँ लन्ड नें ठुमका मार दिया.अओर मुस्कान हंस पड़ी.अर्रे.???? बड़ा करंट मारता हैं.????.कया खिलाते हौ इसेशास.???
शास.मुस्कान जीयह तोँ बस.?????????????
मुस्कान.बस कया.???????????????
शास.आप् बुरामान जाएँगी.????
मुस्कान.नहीं.मानूँगी बुरा.बताओ.???
शास.यह तौ बस बुर कां पानी पीकर हि रहता हैं.
शास केँ मूह सें सीधे बुर जैसा सब्द सुनकर मुस्कान एक् लम्हा केँ लिएझेप सि गयीँ,.पऱ अगले हि समय.अपने कों सामान्य बनाकर.किसकी उसका पानी पीता हैं.???????????
शास.मुस्कान जी मैने बताया नें यह उसका नहीं.शिरफ़ बुर कां पानी हि पीता हैं.
मुस्कान.मगर किसका.????
शास.मेड्म बुर कां.
मुस्कान.ओह! तुम् समझ हि नहींरहे होँ.मे पुंछरही हूं किसका.????
शास.मैने बताया नें मुस्कान जी.शिरफ़ बुर कां.इसका.उसका.नहीं.
अब मुस्कान शास सें काफ़ी खुल चुकी तौ सीधे हि पूछना उचित समझा.मुस्कान नें कहा.शास मे पूछरही हूं कि यह किसकी बुर कां पानी पिता हैं.????
शास.जौ भि पीला दे.उसीकि बुर कां पानीपी लेता हैं.आपकी पीयेस्सियेयूयूवूऊवूऊवूयूवक्ज़ सस्स्स्स्स्स्सस्स कि आवाज़ सें इसलिये तौ यह चोंक गय़ा.अओर पेंट सें बाहर् निकलने कि कोशिस कररहा हैं.
मुस्कान.अच्छा.तौ मैरी प्प्प्पीईसस्स्स्सीई कि आवाज़ सें सावधान हौ गय़ा हैं.???
शास.जी मुस्कान जी.
मुस्कान.च्चा शासइसे पेंट सें बाहर् निकाल कर दिखाओ तौ ????
शास.नहीं मेड्म मुस्कान.अगर यह बाहर् आँ गय़ा तौ फिन अंदर नहीं जाएगा.बड़ी मुस्किल हौ जाएगी.फिन इसका शांत होना बहोत मुस्किल हैं.
मुस्कान। अच्छा.???? मुस्कान नें कातिल मुस्कान केँ संग कहा.अस्ल बात तौ यह थि कि अब मुस्कान भि मजा लें रही थि.अपने पेर केँ दर्द कों भूलकर.उसे बड़ामजा आँ रहा थां.उसके बदन मे अजीब सि लहरे दौड़ने लगी थि.उसके मन मे शास केँ लन्ड कों देखने कि ख़्वाहिश बढ गई थि.
शास.मुस्कान जीकया मे अब आपकी पीईईईईईस्स्स्स्स्सीईईएस्स्स्स्सुउउउउउउउउउउ वाली बुर कों देखलूँ यहऐसी आवाज़ केसे निकाल रही हैं.जिससे मेरायह टाइट हौ गय़ा हैं.???
मुस्कान.अच्छा मे आँखें बंद करती हूं तुम् जल्द सें एक् समय केँ लिए देखलो.देर मत लगाना.अब मेरा पांव भि जीयादा दर्दकर रहा हैं.
शास.नीचे बैठ गय़ा अओर नीचे झाँककर मुस्कान कि बुर कों देखा.बिल्कुल चिकनी.बुर.दोनो दरवाजो केँ उपरीभाग पर्र एक् लालरंग कां उभरा हुवा दाना.नीचे खुलती.बंद होती गुलाबी.गुलाबी बुर कां बंद मूह.अभि भि कोईकोई बूँद पैसाब कि गिररही थि.अओर बुर खुलअओर बंद हौ रही थि.नाँ चाहते हुवे भि शास कि एक् उंगली बुर कों छू गई,.उउंमाआआआआअहह.
मुस्कान.शास कया करते होँ.तुमने शिरफ़ देखने केँ लिएकहा थां.छूने केँ लिए नहीं.
शास.कया करूँ मुस्कान जी रुका हि नहीं गय़ा.छू कर चूमने कि एच्छा होँ गयीँ, थि.
मुस्कान.अच्छा बसअब रहने दो.अओर उसने.अपने पेंटी ओर शलवार ठीक किया.शास अब सहारा देकर मुझे उठाओ.शास नें धीरे-धीरे सें आगे होकेर मुस्कान कि बगलों मे हाथ दिया.अओर जैसे हि मुस्कान कों उठाने लगा उसके हाथों कां दबाव उसकी चुचियो पर्र पड़ा.शास धीरे-धीरे सें मेरीयह दबा दि तुमने.
शास.कया दबा दि मैने मेडम.???????
मुस्कान.आररी यह.उसने अपनी चुचियो कि तरफ इशारा किया.
शास.ओह! तोँ कया हुवा मेडम मुस्कान.कया दर्द हुवा.????
मुस्कान.नहीं दारद तोँ नहीं.कुछ अओर होता हैं.????
शास.कुछ अओरकया होता हैं.????
मुस्कान.कुछ नहीं.चलो मुझे सम्भालो.जैसे हि शास नें मुस्कान कों पकड़कर शीधा खड़ा किया उसका पेंट मे बॅमबू बना लन्ड शलवार केँ अप्पर सें उसकी बुर केँ दरवाज़ा कों रगड़ कां गय़ा.मुस्कान केँ सरीर मे जुर्झुरि सि आँ गई,.
शास.कया हुवा मेड्म.??????
मुस्कान.कुछ नहीं.तुम्हारे इसने.
शास.इसने-किसने कया किया.???
मुस्कान.तुम् बड़े हि बेशरम हौ शास.सारी बाते हि ओपन करते हौ.
शास.तोँ केसे करूँ, आप् हि बतादो ????????
मुस्कान.कुच्छ बताईं कही नहीं जाती.बस समझी जाती हें.
शास नें एक् आग्या-कारी शिस्य कि तरह गर्देन हिला दि.जिस पर्र मुस्कान हंस पड़ी.शास नें मुस्कान कि अओर प्रस्न्वाचक? आँखों सें देखा.मुस्कान नें शास कि गाल पर्र एक् किसदे दिया.अब समझे याँ नहीं.बुध्धु कही केँ.कह कर मुस्कान नें शास कि आँखों मे देखकर मुस्कुरादिया.संग मे शास भि मुस्कुरा दिया.
शास कां सहारा लेकर चलते हुवे मुस्कान कि चुचिशास सें रगड़खा रही थि.अओर उसकी एक् चुचि पर्र शास केँ हाथ कां दबाव.अओर शास सें हुए बाते.मुस्कान केँ मनअओर सरीर मे एक् अजीब सां अहसास पैदाकर रहे थें.मुस्कान कुछ जानबूझ कर भि शास केँ संग चिपकी हुइ थि.उसके साँसों कि गर्मी शास भि महसूस कररहा थां.उसका लन्ड अभि तक तंबू कि तरहतना हुवा थां.मुस्कान भि इसनये अनुभव कों अपने अंदर महसूस कर उत्तेजित होँ रही थि.यह पहलिबार हि हुवा थां कि किशी मर्द नें मुस्कान कों छुवा हौ.उसकी चुचि कड़ी होँ रही थि.उनके निपल्स खड़े थें अओर कुर्ते केँ बाहर् निपल्स केँ उभार नज़र आँ रहे थें.आँखों मे एक् अजीब सां नशा.इस परिवेर्तन सें मुस्कान खुस थि.वोअओर शास केँ लगभग.अपनी चुचियो कों शास केँ लगभगकर रही थि.
जैसे हि मुस्कान कि नज़र नीचेशास केँ उभेरे हुवे लन्ड पऱ पड़ी.उसका चेहरा लज्जा अओर उत्तेजना सें शुर्ख होँ गय़ा थां.
जबवे सीमा केँ रूम मे उसकेपास पहुँचे.सीमा कों समझते देर नहीं लगी.कि कुछदाल मे काला हैं.मुस्कान कां शुर्ख चेहरा, अओरशास कां ताना हुवा लन्ड जौ पेंट सें झाँकने कि कोशिस मे थां.
सीमा.कोई दिक्कत तोँ नहीं हुई मुस्कान दिदी.?????????
मुस्कान। भाभी दर्द तोँ बहोत हुवा.पर्र शास नें सहारा देकर संभाले रखखा,
सीमा.मेरा भइयाशास ध्यान रखने मे तोँ माहिर हौ चुक्का हैं दिदी.यह सब्द सीमा नें जिस अंदाज सें कहे.मुस्कान अओरशास नें एक् संग सीमा कि अओर देखा.????????.अरेरे
तुम् लोग ग़लत नां समझो.मेरा मतलब हैं शास मेहमान कां पूरा ध्यान रखता हैं, अओरफिन मुस्कान तुम् तौ मेरी एक् सिर्फ प्यारी ननदी होँ.अओए सीमा मुस्कुरा दि.
शास नें मुस्कान कों सीमा केँ पासचेर पर्र बैठाया.अओर बिनाकुछ कहे हि बाहर् निकल गय़ा.सीमा अओर मुस्कान शास जौ जाते हुवे देखती रही.
मुस्कान। भाभी लगता हैं शास कों कुछ बुरालग गय़ा हैं.?????
सीमा.दिदी.ऐसी कोईबात नहीं हैं.वोँ मेरा छोटा भइया हैं मे उसे अच्छी तरह सें जानती हूं.उसने बुरा नहीं माना.फिन मेरा मतलब ग़लत नहीं थां.कया मे तुम्हारे बारे मे कुछ ग़लतकह सकती हूं.???????
मुस्कान.नहीं यह तोँ ठीक हैं पर्र वोँ बिना बोले हि बाहर् चला गय़ा एसलिए मुझेलगा.
सीमा.तुम् परेशान नां हौ मे देख लूँगी.
अओर मुस्कान चुप हौ गयीँ,.उसके जेहन मे बारबार शास कां चेहरा घूमरहा थां.इस छोटी सें उमर मे हि कितना बलिश्त हैं उसका जिस्म,, गठा हुवा,, चेहरे पर्र तेजअओर लालिमा, हसीन आँखें,, गुलाबी होंठ.जिन्हे चूमने कों मन करता हैं.अओर पेंट केँ अंदर झाँकता हुवा लन्ड भारी मजबूत नज़र आँ रहा थां.भले हि उसनेआज तक किसीमरद कों नहीं छुवा थां.नाँ हि किसी कां लन्ड देखा थां.पऱ उसकी सहेलियाँ इसतरह कि बाते तौ करती हि रहती थि.मुस्कान आज पहलीबार अपने कों किशी केँ बंधन मे बँधा महसूस कररही थि.शास मानो उसकी दुनिया बन चुक्का थां.कुछ हि लम्हों मे.शास मुस्कान केँ रोमरोम मे बस चुक्का थां.उसी कि कल्पना.उसी कां ख़याल.
उधर सीमा.मुस्कान कि मनोदसा अच्छी तरह सें समझरही थि., वोँ भि तौ सायेद यही चाहती थि.उसकी एक् हि तौ ननदी थि.उसको बस मे करने.उसकी किशी कम-ज़ोरी कों पकड़े रखना.उसकी किशीभूल केँ सहारे उस पऱ राज करना.आदि.आदि.सीमा खुस थि.ईश्वर नें बिना माँगे हि उसको मानोसभी कुछदे दिया होँ.सीमा मौके कां फायेदा उठनाखूब जानती थि.
सीमा.कया सोचरही होँ दिदी.???
मुसकन.कुछ नहीं भाभी.बस सोचरही थि.किपेर मे चोट/मौच केँ कारण मे आपकी विवाह कों फुल्ली एंजाय नहींकर पारही हूं.
सीमा.तौ कया हुवा दिदी.मे तोँ आपकेसंग हि हूं नाँ.विवाह केँ बाद भि एंजाय कर लेंगे.अगर जीयादा दर्द हैं तौ आप् उप्पेर केँ रूम मे आरामकर लें.
मुस्कान.मे तोँ चल हि नहींपा रही हूं.अगर शास नाँ होता तौ सायेद मे टाय्लेट भि नाँ जा पाती.
सीमा। तोँ चिंता कयूं करती होँ दिदी.शास कों आपकेसंग हि छोड़ दूँगी.ताकि आपका ध्यान रखसके.?????????
मुस्कान.भि तोँ यही चाहती थि.पर्र फिन भि बोलीं, नहीं भाभी.अभि नहीं.आपकी वर-माला केँ बाद हि सोचूँगी.हौ सकता हैं तबतक दर्दकुछ कम हौ जाए.
पर्र सीमा तोँ जान चुकी थि कि अबयह दर्दकम होने वाला नहीं हैं.अब इस दर्द कों तोँ सिर्फ शास हि कमकर सकता हैं.अओर इस दर्द केँ कम होने केँ बाद मुस्कान कभी भाभी केँ सामने बोल हि नहीं पाएगी.सीमा इसी एंतजार मे थि.कि केसेउसे शास केँ सुपुर्द कियाजाए.???????????? अओरशास रातभर उसे चोद-चोद कर उसकी बुर कां भोसड़ा बना दे.जिससे मुस्कान केँ मुँह पऱ हमेशा केँ लिए ताला(लॉक) लगजाए.
सीमा.अओर.मुस्कान दोनो अपने अपने ख़यालों मे खोई हुईँ थि.सीमा मुस्कान कों शास केँ ज़रिए अपनेबस मे करना चाहती थि तौ दूसरी तरफ मुस्कान कों शास इतनाभा (मनपसंद) आँ गय़ा थां कि उसनेशास कों पाने कि पूरी तय्यारी करली थि.बारात बारह-द्वारी केँ लिए पहुचने हि वाली थि.सीमा बैचेन थि कि शास कहां चला गय़ा.वो चाहती थि कि मुस्कान कों शास केँ संग.उपेर केँ रूम मे भेज दे.अओर शास कों समझादे कि इसेचोद चोदकर रातभर कुतिया बना दे.पऱशास हैं कहां.मुस्कान सोचरही थि कि भाभी वर-माला केँ लिएचली जाएअओर शासयहा आँ जाए.
तभी.मुस्कान कि माँ उसरूम मे आई.सीमा नें उठाकर उनके पांवछू लिए.माँ नें सीमा कों ढेरसारा असिर्वाद दिया.
माँ। अब कैसी हि मुस्कान बेटे.??????
मुस्कान। ठीक हूं मां.यहा भाभी नें पूरा ध्यान रखखा हैं.
माँ नें सीमा कि अओर देखकर अओर आशीर्वाद दिया.अओर मुस्कान सें बोलीं चलो बेटा.तुम्हारे भैया बुलारहे हैं.वर-माला केँ टाइम तुम्हें वहा होना चाहिए.
मुस्कान.जी माँ.पऱ मे चलूंगी केसे.मेरे पेर मे तौ काफ़ी दर्द होता हैं.???
माँ.कोई बात नहीं.मे सहारा देकर लें चलती हूं.भइया केँ लिए थोडा दर्द तौ सें लेना.उसके बाद तुम्हारी बाकी सहेलियाँ जेनवासे मे जाएगी.तुम् उनकेसंग जनवासे मे चली जानां.????
मुस्कान.ठीक हैं माँ.नाँ चाहते हुवे भि मुस्कान नें कहा.अओर मां नें मुस्कान कों सहारा देकरउठा लिया.मुस्कान माँ केँ कंधे कां सहारा लेकर वर-माला केँ लिए बनाएगये जगह कि अओरचल दि.
सीमा केँ उप्पेर तोँ मानो बिजली गिर गयीँ, थि.उसके अरमानो पर्र तोँ पानीफिन गय़ा थां.उसकी तोँ सारी प्लान धरा कां धरारह गय़ा थां.उसका गला सूखने लगा थां.उसे रहरहकर शास पर्र क्रोध आँ रहा थां, नां जानेकहा गायब होँ गय़ा थां.वो अबचाह कर भि कुछ नहींकर पारही थि.बस मुस्कान कों जाते हुवे देखती रह गयीँ,.
तभी सीमा कि माँ.उसकी सहेलियाँ अओर भाभियाँ, उसकेपास आँ गयीँ,.चलो बन्नो.अब तुम्हारा दूल्हा.स्टेज पऱ आँ चुक्का हैं.किशी नें छेड़ा.कया खूबलग रही हौ.कहीं बिजली नां गिरजाए, किशी दूसरी नें कहा.बिजली तौ बेचारे दूल्हे पर्र हि गिरेगी आज.किशी अन्य नें कहा.किशी नें चुटकी काटी.वेग़ैरह.वेग़ैरह.केँ संग उन्होने सीमा कों दोनोअओर सें पकड़ लियाअओर लें चली.दूल्हे राजा केँ पास.
मुस्कान अपनी माँ केँ संग अपने भइया केँ पास पहुँची.भइया.मुस्कान कों देखकर स्टेज सें उठकर मुस्कान केँ पास आया.कैसी होँ मुस्कान.????
मुस्कान.ठीक हूं भाय्या.आप् केसे हौ जीयादा चोट तोँ नहींआई आपको.?????
भइया नें आपनी लाडली बहन कों देखाअओर मुस्कुरा दिया, नहीं मुस्कान मे ठीक हूं मुझेकोई चोट नहीं लगी.जिसकी तुम्हारी जैसी बहन हौ उसकेभला चोट केसेलग सकती हैं.?????
मुस्कान खुस होकर भइया केँ गलेलग गयीँ,.अओर मां दोनो भइया -_बेहन कां प्रेम देखकर गदगद हौ गयीँ,.
मुस्कान कों एक् चेर पऱ बैठाकर उसका भइया वापेस स्टेज पऱ जाकरबैठ गय़ा.सारा पंडाल मह-मानो सें भरा थां.तभी सीमा अपनी सहेलियो केँ संग स्टेज पऱ आईअओर सब लाइटचमक उठी.विडिया फ्लश.मुस्कान कां भइया (दूल्हा ) भि स्टेज सें खड़ा हौ गय़ा.अओर विडैया, फ्लश, फोटो सेस्शेन केँ बाद सीमा नें दूल्हे केँ गले मे वर-माला डाल दि उसका चेहरा नीचे झुका हुवा थां अओर आँखें भि नीचे थि। उसकेबाद दूल्हे नें भि सीमा केँ गले मे वर-माला डाल दि.सारा पंडाल तालियों सें गूँज उठा.फूलो कि वर्सा हुई.अओर दूल्हा-दूल्हें स्टेज पर्र बैठ गये.उसके बाद हुवा फोटो सेसेन.सब नें दूल्हा-दुल्हन केँ संग पोटो खिचवाए.अओर अपनी अपनी स्थान पऱ जाकरबैठ गये.
सीमा नें धीरे-धीरे सें आँखें उठाकर मुस्कान कि अओर देखा जौ सामने हि चेर पर्र अपनी मां केँ संग बैठी थि.अओर उसकीतरफ देखकर मुस्कुरा रही थि.सीमा कों लगा जैसेवे सीमा कां मज़ाक बनारही होँ.????.वैसे तोँ सीमा भि मुस्कुरा दि.पऱ अंदर हि अंदर वोँ झूलेस रही थि.वोजिस प्रकार अपनी विजय चाहती थि.उसमे वोँ फैल हौ चुकी थि.शास कही भि उसे नज़र नहीं आँ रहा थां.सीमा परेशान थि आख़िर शास कहां चला गय़ा.?????
मुस्कान माँ आप् कहे तोँ मे जनवासे मे जाकरलेट जाउ.मेरी तबीयत ठीक नहींलग रही हैं.?????
मां.पऱ केसे जाओगी.वोँ तोँ कुछदूर हैं.???
मुस्कान.किशी कां सहारा लेकरचली जाती हूं.
मां.दूल्हे केँ पास जाकर धीरे-धीरे सें बोलीं कि मुस्कान जनवासे मे जानां चाहती हैं.उसकी तबीयत खराब हैं अओर उसके पांव मे दरद भि काफ़ी हैं.कया मे हि उसे सहारा देकर छोड़आउ.????
दूल्हा.ठीक हैं माँ.आप् हि छोड़ आओ.सीमा कां ध्यान तोँ वही थां.उसे अपनी पूरी प्लान पूरीतरह सें ख़तम होता नज़र आई.जौ थोड़ी- बहोत उम्मीद थि अब वोँ भि टूट गयीँ,.अओर मां मुस्कान कों सहारा देकर जनवासे कि अओर लें गई,.
जनवासे मे पहुँच कर उन्होने देखावहा पऱ कोई भि नहीं थां.सब इधर उधर.याँ पंडाल मे थें.
माँ.मुस्कान तुम् यहा अकेली केसे रहोगी.????
मुस्कान.कोई बात नहीं माँ.मे अंदर वाले कमरे मे लेट जाती हूं.अओर अंदर सें बंदकर लेती हूं.आप् जाओ.यहा मे बिल्कुल सुरक्षित हूं.अओर मुस्कान नें अंदर केँ रूम मे जाकर दरवाजा अंदर सें बंदकर लिया.जिससे मां कि चिंता कम हौ गई,.
माँ मुस्कान कों रूम मे छोड़कर वापिस पंडाल मे दूल्हे केँ पासचली गयीँ,.अओर मुस्कान,। एक् गद्दे पर्र पिल्लो केँ सहारे लेट गयीँ,.उसने आँखें बंदकर ली.रहरह करउसे अबशास कि याद आँ रही थि.मुस्कान आँखें बंद करके लेटी हुईँ थि.तभी किसी नें बाहर् सें दरवाजा कटखटाया.मुस्कान.मुस्कान.?????? मुस्कान सोचने लगीइस वक्तकोन होँ सकता हैं.उसे आवाज़ कुछ जानी-पहचानी सि लगी.ओह! यह तोँ शास कि आवाज़ हैं.अओर मुस्कान धीरे-धीरे सें उठी.अओर दरवाजे तक गई.उसने पूछा.कोन हैं.????????????
मे शास हूं मुस्कान.दरवाजा खोलो.
मुस्कान केँ चेहरे पैर मुस्कान लौट आई.अओर उसने दरवाजा खोल दिया.सामने शास कों देखकर मुस्कान मुस्कुरा दि.शास तुम्.????
शास.हैं मे.कया मुझे नहीं आनां चाहिए थां.????
मुस्कान.नहीं शास.यह बात नहीं.मुस्कान नें मुस्कुरा कर कहा.वास्तव मे मे तुम्हे हि यादकर रही थि.?????
शास.अच्छा जी.आप् हमें हि यादकर रही थि.????
मुस्कान.कियूं कोईसक हैं.आपको.???
शास.नहीं.मे पिछले एक् घंटे सें याहि बैठा हूं.अओर आपका एंतजार कररहा हूं.आप् इतनीदेर सें कयूंआई.???
मुस्कान.कया.??? आप् तब सें यहीं बैठे हैं.???
शास.जी हां.पऱ आपने इतनीदेर कयूं लगाई.????
मुस्कान.मुझे कया मालूम थां कि आप् यहा एंतजार कररहे हें.आप् तौ मुझे सीमा भाभी केँ पास बैठाकर चलेगये थें.कुछ कहा भि नहीं थां.???
शास.मुझे सीमा दिदी कां अंदाज मालूम नहीं कियूं कुछ अटपटा सां लगा थां.मे उनके सामने आपसेकोई बात नहीं करनाचटा थां.एसीलिए मे आपको उप्पेर केँ रूम मे नहीं लेँ गय़ा थां.
मुस्कान.लगा तोँ मुझे भि कुछ अजीब सां थां.पऱ मे कुछ बोलि नहीं.भाभी बार बार.उपेर वालेरूम मे आराम करने कि बातकर रही थि.????
शास.मुझे पता नहींयह कयूंलगा कि सीमा दिदी आपकोबाद मे ब्लॅक मैलकर सकती हैं.एसीलिए मे यहा आँ गय़ा.अओर आपका एंतजार करनेलगा.
मुस्कान.शास यह तौ मैने सोचा भि नहीं थां.कि एसा भि होँ सकता हैं.???
शास.मुस्कान इस दुनियाँ मे कुछ भि होँ सकता हैं.मुझे आपकी एज़्जत अपने सें प्यारी हैं.एसलिए मे चाहकर भि वहा नहीं गय़ा.
मुस्कान.नें दरवाजा बंद कियाअओर अंदर सें लॉककर दिया.अओर शास केँ होंठचूम लिए.तुम् कितने अच्छे अओर समझदार हौ शास.??????
शास अओर मुस्कान नें एक् दूसरे कि आँखों मे देखाअओर मुस्कुरा दिए.मानो उन्हे उनकी मंज़िल मिल गयीँ, थि.शास नें मुस्कान कों सहारा दियाअओर फर्श पर्र बिछे गद्दे पर्र लेजाकर बैठा दिया.अओर समुंदर सि गहरी मुस्कान कि आँखों मे देखता हुवा बोला.मुस्कान तुम् जितनी सुन्दर हौ तुम्हारा मन भि उतना हि हसीन हैं.तुम्हारी सुंदरता पऱ मे कोईसबध कहकरउस पऱ दाग नहीं लगाना चाहता हूं.मुस्कान नें शास कि अओर देखा.शास कि आँखों मे प्रेम हि प्रेम नज़र आया.उसकी आँखें मानो बहोत कुछ कहनाचाह रही हौ पऱ उसे वर्ड्स नहींमिल पारहे हौ.शास कि एक् टॅक मुस्कान कों देखती आँखें.उसके रूप कों निहारती आँखें.मुस्कान नें शर्मा कर आँखें नीचेकर ली.शास नें अपने दोनोहाथ बढ़ाकर मुस्कान कां चेहरा अपने हाथों मे लेँ लिया.अओर उसे निहारता गय़ा.मुस्कान नें आँखें उठाकर देखा.शास मुस्कुरा दिया.मुस्कान नें फिन आँखें झुका ली.उसकी गालो कि लालिमा उसकी लज्जा जौ अओरत कां गहना होता हैं कों बतारही थि.अओर शास नें बड़े हि भाव, प्रेम अओर अपनेपन सें मुस्कान केँ होंठो कि गुलाबी महकती पंखु-डियो कों अपने होंठो मे दबा लिया.कुछ देरऐसे हि शास मुस्कान केँ होंठो कों चूमता चूस्ता रहा.
शास नें मुस्कान केँ सरीर मे दबी बरसों कि आग कों जगा दिया थां.कुछ घंटे पहले तक सोई हुई आग.धीरे-धीरे धीरे-धीरे अब सोला बनने कों तय्यार थि.चिगारी तौ शास नें बाथरूम मे हि सुलगा थि.अब तोँ उसआग सें लपटें उठना हि बाकी थां.अओर इससे बचने कां प्रयास नां हि मुस्कान अओर नाँ हि शासकर रहा थां.दोनो जल जानां चाहते थें इसआग कि जवाला मे.
शास मुस्कान केँ होंठ,, उसकी गर्देन, उसकेकान, उसकी गालो कों चूमचूम कर उसनेआने वाले तूफान कि चेतावनी.तौ.मुस्कान कों दे हि दि थि.पऱ सायेड मुस्कान भि अपने कों तय्यार कर चुकी थि.इस तूफान मे बह जाने केँ लिए.काम (सेक्स) कि उस ज्वाला मे जल जाने केँ लिए.जौ उसकेमन मे देस्तक दे चुकी थि। शास मुस्कान कों चूमता जारहा थां उसकेहाथ मुस्कान कि चुचियो कों दबादबा कर मसल्ने मे लगे थें। अओरकोई विरोध नहीं थां मुस्कान कां.आज वोँ भि जल जानां चाहती थि इसआग मे.धीरे-धीरे धीरे-धीरे उनकी सांसो कि रफ़्तार तेज होनेलगी थि.अओर होंठ थरथराने लगे थें.शास केँ हाथअब मुस्कान केँ पूरे सरीर पऱ घूमरहे थें.
शास नें मुस्कान कां कुर्ता उप्पेर कों खिसकाया अओर अपनेहाथ सीधे मुस्कान कि चुचियों पऱ पहुचा दिए थें। मुस्कान केँ होंठो कि थरथराहट अब अंजाने मे हि -स्पेस्ट बुद-बुदाने.अओर कामुक.धुन मे बदेलने लगी थि.उउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्माआआआउउउउउउउम्म्म्म्म आआहह ईईईईस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईइउउउउउउउउउउउउम्म म्म्म्मममममममाआअहह.
शास.नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे मुस्कान केँ कपड़े उतारने सुरूकर दिए.मुस्कान भि अपने कपड़े उतारने मे सहयोग करनेलगी थि.सब लज्जा लिहाज छोड़कर.शास चूमता चाटता जारहा थां.अओर मुस्कान केँ कपड़े उतरता जारहा थां.मुस्कान कां गोरा.सुडोल सरीरशास कों अओर उत्तेजित कररहा थां.अओर अब मुस्कान एक् ब्लॅक.ब्रा.अओर एक् ब्लॅक पॅंटी मे हि रह गई, थि.मुस्कान कि मांसल जांघे देखकर शास मस्त होँ मुस्कान कि जांघों कों चाटने लगा थां.उसके हाथ मुस्कान केँ पूरे सरीर कों टटोलरहे थें.इसी बीचशास नें अपने कपड़े भि उतार दिए.शास कां डन-दानाता हुवा लन्ड झटकेमार रहा थां.मुस्कान नें शास केँ लन्ड कों हाथों मे लें लिया.अओर उसकेसंग खेलने लगी थि.जिससे शास कि उत्तेजना अओरबढ़ रही थि.उउउउउउउउउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म माआआआआआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउ ऊवूऊवूयूवूऊयूवख कि मादक-तेज आवाज़े रूम मे लगातार गूँजरही थि.
शास.मुस्कान ज़रा इसका (लन्ड कां ) रस तौ पीकर देखो.मगर मुस्कान नें मनाकर दिया.नहीं शास मुझे नहीं मालूम कैसा लगेगा.कभी बाद मे.शास नें भि इसकेलिए ज़ोर नहीं दिया.अब शास नें मुस्कान कि ब्राअओर पॅंटी भि मुस्कान केँ सरीर सें अलगकर दि.अओर मुस्कान केँ पैरों केँ बीचआकर उसकी चिकनी.छोटी.छोटी फांकों केँ उभार वाली बुर कों सहलाने लगा.उसकी बुर कां रंग.उसकी गंध.नें शास कों मद-होश सां कर दिया.अओर शास नें अपनामूह मुस्कान कि बुर मे दे दिया.उसकी जीभकभी बुर कि दीवारों कों, कभी.उसकी जांघों कों,,.अओर कभी.बुर कि क्लिट कों चाटरही थि.फिन शास नें अपनी जिभा कों मुस्कान कि बुर मे डालकर घुमाना शुरुआत कर दिया.अओर मुस्कान कि सिसकारिया रूम मे गूंजने लगी थि.शास कां फूँकारता लन्ड बेकाबू होताजा रहा थां.एसा लगता थां जैसे उसका लन्ड इनतीन दीनो मे अपना साइज़ बढ़ा चुक्का थां.शास नें मुस्कान कि बुर कों चाटचाट कर मुस्कान कों इसकदर उत्तेजित कर दिया थां.कि मुस्कान आपे सें बाहर् होकर नाँ जाने कया.कया.बद्ब्ड़ाने लगी थि.अओर उसकी सिसकारियाँ अओरतेज हौ गई, थि.शियी.उउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्माआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह हह मेरे राजा.मेरे जानू आआआआहह.उउउउउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्म्म एम्म आआआआआहह.मे कहां जारही हूं मेरे राजा.आआआआहहााअ अब तोँ बसचोद दे.चोद दे.शास.इस बरसो कि प्यासी कों.आआआआआआअहह शास.डाल देइस लन्ड कों.अब नहींरहा जारहा हैं.मैने यह बुर तुम्हारे लिए हि आज तक कुँवारी रखी हैं.मेरे.मेरे.आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हुउउउउउउउउउउम्म्म्म म्म्म्मममम राजा र्रर्रााज्जजाआ
मुस्कान कि बुर सें चिकना—लावा बहकर बाहर् निकलरहा थां.शास दबादबा कर बुर कों चाटरहा थां.पी जानां चाहता थां.इस प्यारी सि सुन्दर छोटी सें बुर कों.अब शास केँ भि बर्दास्त सें बाहर् हौ चला थां.अओर उसने मुस्कान केँ दोनो पैरों केँ बीच पोज़िशन ली.अओर डॅन्स कररहे लन्ड कों मुस्कान कि बुर केँ छेद पऱ ठीक प्रकार सें अड्जस्ट किया.मुस्कान कि बुर पर्र गर्म गर्म लन्ड कां सूपड़ा टच होते हि उसकी मद-होश आवाज़.सिसकियो मे बदल गई,.थि.उउउउउउउउउउउउआआआआआअह्ह्ह्ह्ह ह्ह्हुउउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म.
मगरशास अभि अओरदूध पीकर लन्ड कों अओर मजबूती देना चाहता थां.शास कां मूह.मुस्कान कि चुचियो कों चूमचूम कर पीने लगा.कभी कभी उन्हे बेरहमी सें दबा देता तौ मुस्कान कि चीख निकल जाती.जानू.मेरे शास ज़रा धीरे-धीरे सें यूवयहूवूऊवूऊवूऊवम्म्म्म्म्मम्मायाकह अबयह अपना लन्ड तौ आगे बढ़ा.मेरी जान शास.तुम् अओर तुम्हारा यह लन्ड कितना प्यारा हैं.अब डाल भि देइसे अंदरइस बुर मे.
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