♡ मेरा परिवार ♡ - Complete Kahani All Parts
मे एक् ओर स्टोरी लिखने जारहा हूं, मेरीदो कहानियाँ रनिंग हैं, वैसे मे जानता हूं कि एक् संगतीन कहानियाँ चलाना मुश्किल हैं। पर्र मेरे दिमाग़ मे एक् ओर प्लोट आया हैं तौ मे लिख नें जारहा हूं। कल केँ भरोसे नहि रह सकता हूं कल क्याँ होगाकौन जान सकता हैं। अगरकल कों मे जिंदा हि नां रहा तोँ मेरीयह स्टोरी लिखने कि ख़्वाहिश अधूरी रह जाइये गी। इसीलिए मे अभि सें लिखने कां प्रयास किया हैं।
वैसे मे पहले हि बता देता हूं कि मे रोज एपसोड नहींदे पाऊंगा जब वक़्त मिलेगा तबलिख कर दूंगा। महीनों मे तीनचार भाग भि आँ सकता हैं। तोँ जी सें हररोज भाग जाइये वोँ मेरीयह किस्सा नां हि पढ़े।
येकथा एक् गाँव केँ परिवार कि हैं। प्रेम, नफरत, सेक्स औऱ धोखा.ये सभी होगाओर जीसे परिवार केँ बीच सेक्स पसंदना हौ वोँ इसकथा सें दूर हि रहे।
यहकथा काल्पनिक हें। सची दुनिया सें दूर। वास्तविक जिंदगी सें कोई लेना देना नहि हैं।
देवनगरी भाषा मे लिखने कि कोशिश कररहा हूं तोँ लिखनी मे कुछ गलती होँ जाती हें तौ माफकर देना।
Thank You bhay and Ek too maine pahle hi band di kyu kee romantic story likhne kaa telent abi mere paas nahee h too abi k liye vo band h. iss story pr too kabhi kabhi update aayenge.
♡ मेरा परिवार ♡ – New Episode
I N T R O
रामु - ( हीरो केँ पिता) इनकीमोत हौ सुकी हैं।
सुनिता - ( हीरो कि मां ) दिखने मे सुंदर हैं। ओर पति केँ मरने केँ बाद इसने हि तीनों बच्चों कों संभाला हैं ( 36-30-38)
वनीता - ( दिदी ) ऐज 26, अपनी मम्मी कों घऱ केँ कामों मे संग देती हैं। 10th नं पास हैं। ( 34-28-36)
मनीषा - ( दिदी) ऐज 22, यह भि बहुत सुंदर हैं। ओरयह school मे पढाई करने गई हि नहि। ( 34- 26-34)
अतुल - ( हीरो)ऐज 20, दिखने मे सुंदर ओर खेतों मे काम करने कि वजह सें जिस्म बहुत मजबूत हैं। 10 तक पढाई कि हैं औऱ फिन अपनी मम्मी कों घऱ संभाल नें कों कहाओर खेतों कां कामअब स्वयं अकेले संभाल लेता हैं।
ATUL
रमन- चाचा
दामीनी- चाची
कोमल - ( बड़ी बेटी) ऐज 22, दिखने मे हसीन हैं ओर गाँव सें शहर स्कूटी लें कर जाती हैं कोलेज कर नें। ( 34-28-36)
कोकीला - ( छोटी बेटी) ऐज 20, अपनी बहेन केँ संग हि एक् हि कोलेज मे पहलेसाल मे हैं। ( 32-28-34)
जनारदन - गाँव केँ ठाकुर परिवार केँ अमीर औऱ कमीना। ( 60)
सरला - ( जनारदन कि पत्नि ) ऐज 50 ( 38-30-38)
निकुंज - ( बेटा) विवाह सुदा
सरोज - ( निकुंज कि पत्नि)
पायल - ( निकुंज कि बहेन)एज 22
लाला - सरपंच
रमीला - ( सरपंच कि पत्नि)
रितेष - बेटा ( 22)
शकु - बेटी ( 20)
बाकी केँ किरदार कां परिचय जब जरूरी होगातब दूंगा।
♡ मेरा परिवार ♡ – New Episode
एपसोड - 1
एक् बहोत मस्तओर मोटी गांड वाली महिला एक् लड़के कों उठारही हैं। वोँ लड़का तोँ जैसे घोड़े बेचकर सोरहा थां। उसेकोई पता नहि थां कि कोईउसे जगारहा हैं। वोँ स्त्री बारबार उसे हीलारही थि पर्र वोँ लड़का अभि भि उठने कां नाम नहि लें रहा थां। उस स्त्री केँ हिलते हि उस कि बड़ी बड़ी मस्त मोटी चुचीया भि हिलरही थि। उस स्त्री नें लालरंग कि साड़ी पहेनी हुई थि। उसकी गांड बाहर् कों निकली हुई थि.
बहुत मसखत करने पर्र वोँ लड़काउठ गय़ा.यहओरकोई नहि अतुल थां। कलरात खेतों मे अधिककाम करने कि वजह सें वोँ थक गय़ा थां।
ओर वोँ मस्त स्त्री उसकीमा सुनिता थि, वोँ अपने बेटे कों उठाने आई थि। जौ बहुतदेर सें घोड़े बेचकर सोरहा थां.
अतुल नें उठते हि अपनी मम्मी कों देखा, उसके होंठोंपर एक् मुस्कान आँ गई।
सुनिता :- "आजकलतु कुछ ज़्यादा हि सोनेलगा हैं"। सुनिता नें हँसते हुएकहा.
अतुलकुछ नहि बोलाओर बहार निकल गय़ा। एक् झोपडे जैसा उनकाघऱ थां। घास-फुस ओर लकड़ीयो सें बनाया हुआ थां पुराघऱ, बहार एक् हेडपंप लगा थां, उसकेसंग हि एक् कच्चा बाथरूम बना थां औऱ उसकेसंग हि टोइलेट बनाहुआ थां।
अतुल नें आकर देखा तोँ उसकी बड़ी बेहन विनीता अपनी साड़ी घुटने तक कर चटनीकुट रही थि। उसकी मोटी चूचीया ऊपर नीचे हौ रही थि… अतुल कि नजर एक् बार तोँ अपनी बहेन कि मोटी टांगो पऱ पड गई.क्याँ गोरी, चीकनी टांगे थि। विनीता नें अपनी साड़ी घुटने तक कि हुइ थि, उसकी टांगे देख अतुल कां लन्ड आहिता2 खड़ा होनेलगा.
अतुल तौ बचपन सें हि अपनी मम्मी ओर बहनों कि मस्त गांडओर मोटी चूचीयो कां दिवाना थां। अतुल कि नजर टांगो पर्र सें हट गई औऱ उसकीनजर विनीता कि चूचीयो केँ बीच वाली दरार मे रुक गई, उसके बेठने कि वजह सें उसकी मोटी चूचीया आपस मे भीडी हुई थि.उफफफ.अतुल कां लन्ड कीसी डंडे कि तरह सीधा खड़ा होँ गय़ा थां.
अतुल वहां सें हेडपंप कि तरह गय़ा औऱ अपनामूह धोनेलगा। उतने मे उसकी दूसरी बहेन मनीषा भि आँ गई। वोँ अतुल केँ पासआके रूक गई…
"भइया मे हेडपंप हीलाती हु, आप् मूहधो लो " मनीषा नें हँसते हुएकहा.
अतुल नें हेडपंप कों छोड़ दिया। वोँ मनीषा केँ एक् तरफ होँ कर अपनेहाथ पेर धोनेलगा, उसका लन्ड सीधा खड़ा पेंट पऱ तब्बू बनारहा थां.
ओर मनीषा कि नजर पेंट केँ तब्बू पऱ पडती हैं तौ वो शोक हौ जाती हैं। ओर सोचने लगती हैं कि जब उतना बड़ा तब्बू बनाहुआ हैं तोँ भइया कां कितना बड़ा होगा पेंट केँ अंदर…
ओर यहींसभी सोचते हुए मनीषा कि बुर गीली होने लगती हें। अतुलहाथ पांव धोने केँ बाद मनीषा कि तरफ देखता हैं तोँ मनीषा केँ टोप केँ गले मे सें आधी चूचीया दिखरही थि हिलते हुइ, मनीषा झुककर हेडपंप हिलारही थि उस लीये।
मनीषा कि बड़ी चूचीयो केँ बीच वाली दरारओर उसकी गहराई साफनजर आँ रहीथी, जिसेदेख कर अतुल कां लन्ड ओर अधिक टाईट हौ गय़ा.
" भइया होँ गय़ा याँ ओर ज़्यादा पानी निकाल नां हैं " मनीषा हँसते हुए कहती हैं कयूकी उसनेदेख लिया थां अतुल कों अपनी चूचीया देखते हुए।
" हा….हान। " अतुल वहां सें खटीया पऱ जाकरबैठ गय़ा।
मनीषा भि अतुल केँ पीछे वहां आँ गई।
" भइया कों चादेदे मनीषा " विनीता नें अतुल कों देखकर कहा।
मनीषा नें चा एक् कप मे दि अतुल कों ओर उसके बाजु मे बेठ गई। घऱ केँ अंदर सें अतुल कि मां बहारआती हें औऱ अतुल केँ पास जाकर कहती हैं.
" बेटा खेतों कां कामअब कितना बाकी हैं "
" माआज पानी मुकना हैं फिन तोँ फसल केँ उगने तक कुछकाम नहि हे। तोँ आजरात कों मे खेत पर्र कुटिया मे हि सोने वालाहु। तोँ रात कां खानां भि भेज देना। " अतुल चाखतमकरते हुइ बोला।
" ठीक हैं…। मनीषा कों खानां देनेभेज दुगी " अतुल कि मम्मी नें कहा।
फिन अतुल खेतों पऱ निकल गय़ा। ओरघऱ मे मनीषा, विनीता ओर सुनिता तीनों कि मा हि थि।
अतुल खेतों पर्र पहुँच कर खेतों मे पानी छोड़ देता हैं। सारे खेतों मे तालाब कां पानीआता थां जोँ गाँव केँ बहार हैं।
दो पहेर कों मनीषा अतुल कों खानां देने केँ लिएघऱ सें निकल जाती हैं खानां लेकर पेदल चलतेहुए।
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♡ मेरा परिवार ♡ - Next part mein bada twist
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