सुहागरात मे पत्नि कि गांड औऱ भाभी कि चुत – New Episode
Update - 3
मेरी सुहागरात पऱ मेरी पत्नि भाभी केँ समझाने पऱ चुदाई केँ लिए सजधजकर हुईँ। वोँ चोदन मे होने वाले दर्द सें डररही थि.
मैंने उससेकहा- जाकरतेल कि शीशीउठा लाओ औऱ मेरे लन्ड पऱ ढेर सारातेल लगादो.
वोँ बोलीं- मुझे लज्जा आती हैं.
मैंने कहा-अगर तुम् मेरे लन्ड पर्र तेल नहि लगाओगी, तोँ मे ऐसे हि अपना सूखा लन्ड तुम्हारे छेद मे घुसा दूंगा.
वोँ बोलि- नाँ बाबा नाँ … ऐसामत करना.जब तेल लगाने केँ बाद इतना दर्द होता हैं, तौ बिनातेल लगाए तुम् अपना औजार अन्दर घुसाओगे, तोँ मे तौ मर हि जाऊंगी। मे तुम्हारे औजार पऱ तेललगा देती हूं.
इतनाकह कर वोँ उठी। उसनेतेल कि शीशी सें तेल निकाल कर मेरे लन्ड पर्र लगा दिया। उसकेतेल लगाने सें मेरा लन्ड एकदम सख्त हौ गय़ा। उसकेबाद वोँ मेरेकुछ कहे बिना हि पेट केँ बललेट गई औऱ बोलीं- प्लीज़ धीरे-धीरे धीरे-धीरे घुसाना.
अब मे उसकेऊपर आँ गय़ा। मैंने अपने लण्ड कां सुपाड़ा उसकी गाण्ड केँ छेद पर्र रख दिया औऱ फिन उसकीकमर केँ नीचे सें हाथडाल कर उसकीकमर कों जोर सें पकड़ लिया। मैंने थोडा सां जोर लगाया तौ उसके मुँह सें अहह निकल गई। मैंने थोडा जोर औऱ लगाया उसके मुँह सें हल्की सि चीख निकल गई। मेरा लण्ड उसकी गाण्ड मे 3″ तक घुस चुका थां। मैंने थोडा सां जोर औऱ लगाया तौ वोँ फिन सें चिल्लाने लगी औऱ मेरा लण्ड 4″ तक घुस गय़ा।
मैंने उसकीचीख पर्र जरा सां भि ध्यान नहि दिया। मैंने जोर कां धक्का मारा तोँ वोँ तड़पने लगी औऱ जोरजोर सें चीखने लगी- दिदी, बचालो मुझे, मे मर जाऊंगी।
इस धक्के केँ संग मेरा लण्ड 5″ तक घुस गय़ा। मैंने फिन सें बहोत हि जोर कां एक् धक्का औऱ मारा तोँ अपने हाथों कों जोरजोर सें खाट पऱ पटकने लगी। उसने अपनेसिर केँ बाल नोचने शुरुकर दिये औऱ बहोत हि जोरजोर सें चिल्लाने लगी। अब तक मेरा लण्ड शालू कि गाण्ड मे 6″ तक घुस चुका थां।
मैंने पूरी ताकत केँ संगफिन सें जोर कां धक्का मारा तोँ वोँ बहोत जोर-शोर सें रोनेलगी। लगरहा थां कि जैसे वोँ मर जायेगी।
मे रुक गय़ा।
इस धक्के केँ संग मेरा लण्ड उसकी गाण्ड मे 7″ घुस चुका थां। मैंने अपना लण्ड एक् झटके सें बाहर् खींच लिया। पुक कि आवाज़ केँ संग मेरा लण्ड बाहर् आँ गय़ा।
मैंने देखा कि उसकी गाण्ड कां मुँह खुला कां खुलाहुआ हि रह गय़ा थां औऱ ढेर साराखून मेरे लण्ड पर्र औऱ उसकी गाण्ड पर्र लगाहुआ थां। मैंने तेल कि शीशी उठाई औऱ उसकी गाण्ड केँ छेद मे ढेर सारातेल डाल दिया। उसकेबाद मैंने फिन सें अपना लण्ड धीरे-धीरे धीरे-धीरे उसकी गाण्ड मे घुसा दिया। जब मेरा लण्ड उसकी गाण्ड मे 7″ तक घुस गय़ा तोँ मैंने पूरे ताकत केँ संग 2 बहोत हि जोरदार धक्के लगा दिये।
वोँ जोरजोर सें चिल्लाने लगी- दिदी, तुमने मुझे कहां फसा दिया। मे तोँ मरीजा रही हूं औऱ तुम् हौ कि सुन हि नहि रही हौ, बचालो मुझे, नहि तौ यह मुझेमार डालेंगे।
मैंने कहा-अब चुप हौ जाओ। मेरा पूरा लण्डअब घुस चुका हैं।
वोँ कुछ नहि बोलीं … सिर्फ सिसक सिसककर रोतीरही।
मे अपना लण्ड उसकी गाण्ड मे हि डाले हुये थोड़ी देर तक रुकारहा। धीरे-धीरे धीरे-धीरे वोँ कुछहद तक शान्त हौ गई।
तभी कमरे केँ बाहर् सें हि भाभी नें पूछा-काम हौ गय़ा?
मैंने कहा- अभि तोँ मैंने मात्र अपना औजार हि पूरा अन्दर घुसाया हैं।
वोँ बोलि- ठीक हैं, अब जल्द सें अपना पानी भि निकाल दो औऱ बाहर् आँ जाओ।
मैंने धीरे-धीरे धीरे-धीरे धक्के लगने शुरुकर दिये तौ शालूफिन सें चीखने लगी। टाइम गुजरता गय़ा औऱ वोँ धीरे-धीरे धीरे-धीरे शान्त होती गई। दस मिनट मे वोँ एकदम शान्त होँ गई तोँ मैंने अपनी स्पीड बढ़ानी शुरुकर दि। अब उसके मुँह सें सिर्फ हल्की हल्की सि अहह हि निकाल रही थि।
अपनी स्पीड मैंने औऱ तेजकर दि। तेललगा होने कि वजह सें मेरा लण्ड उसकी गाण्ड मे सटासट अन्दर बाहर् हौ रहा थां। मुझेखूब मजा आँ रहा थां। शालू कों भि अबकुछ कुछमजा आनेलगा थां। मे भि पूरेजोश मे आँ चुका थां औऱ तेजी केँ संग उसकी गाण्ड माररहा थां।
10 मिनट तक मैंने उसकी गाण्ड मारी औऱ फिनझड़ गय़ा। लण्ड कां सारा पानी उसकी गाण्ड मे निकाल देने केँ बाद भि मे उसके गाण्ड मे हि अपना लण्ड डालेरखा औऱ उसकेऊपर लेट गय़ा।
मैंने शालू सें पूछा-कुछ मजाआया?
वोँ बोलि- बहोत दर्द हौ रहा हैं औऱ तुम् पूछरहे होँ कि मजाआया।
मैंने कहा- मेरीशपथ हैं तुम्हें, सचसच बताओ क्याँ तुम्हें जरा सां भि मजा नहि आया?
उसने शरमाते हुयेकहा- पहले तोँ बहोत दर्द होँ रहा थां मगरबाद मे मुझे थोडा थोडा सां मजाआने लगा थां कि तुम् रुकगये।
मैंने कहा- अभि थोड़ी देर मे मेरा लण्डफिन सें खड़ा होँ जायेगा। उसकेबाद मे फिन सें तुम्हारी गाण्ड मारूंगा।
वोँ बोलि- नहि, अभि रहनेदो।
तभी भाभी नें पूछा- क्यूं राज, काम हौ गय़ा?
मैंने कहा-हां, मैंने अपना पानी इसकी गाण्ड केँ छेद मे निकाल दिया हैं। अभि थोड़ी हि देर मे मे फिन सें अपना पानी निकालने वाला हूं।
भाभी नें कहा-ठीक हैं, जब दोबारा पानी निकाल देना तोँ बाहर् आँ जानां।
मैंने कहा-ठीक हैं।
मैंने अपना लण्ड शालू कि गाण्ड मे हि रखा औऱ उसकी चूचियों कों मसलता रहा। पन्द्रह मिनट मे हि मेरा लण्डफिन सें खड़ा हौ गय़ा तौ मैंने उसकी गाण्ड मारनी शुरुकर दि। अब उसके मुँह सें मात्र हल्की हल्की सि अहह हि निकाल रही थि।
थोड़ी हि देर मे उसेमजा आनेलगा तोँ वोँ सिसकारियां लेनेलगी।
मैंने पूछा-अब कैसालग रहा हैं?
वोँ बोलीं- अब अच्छा लगरहा हैं।
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दि तोँ थोड़ी हि देर मे वोँ जोर सें सिसकारियां भरनेलगी। मुझे भि उसकी गाण्ड मरने मे खूबमजा आँ रहा थां। 20 मिनट तक मैंने उसकी गाण्ड मारी औऱ फिनझड़ गय़ा। मैंने अपना लण्ड उसकी गाण्ड सें बाहर् निकाला औऱ उसकेबगल मे लेट गय़ा।
मैंने उसके होंठो कों चूमते हुये पूछा- कैसालगा?
वोँ बोलि- इसबार कुछ ज़्यादा हि मजाआया।
मैंने कहा- धीरे-धीरे धीरे-धीरे तुम्हें औऱ अधिकमजा आने लगेगा।
मे शालू केँ पास सें उठकर बाहर् चलाआया।
भाभी बाहर् बैठी थि, उन्होंने मुझसे पूछा-काम होँ गय़ा?
मैंने कहा-हां।
वोँ बोलीं- मे गरम पानी सें उसकी बुर कि सिकाई कर देती हूं। इससे उसका दर्दकम हौ जायेगा।
मे चुपरह गय़ा क्योंकि मैंने तोँ शालू कि बुर कों अभि तक छुआ हि नहि थां। मैंने तौ उसकी गाण्ड मारी थि।
फिन मे कुछ मिनटबाद शालू केँ पासचला आया। भाभी पानीगरम कर केँ लें आई, वोँ बोलीं- मे पानीगरम कर केँ लाई हूं, अन्दर आँ जाऊं?
मैंने कहा- आँ जाओ।
शालू बोलीं- मे एकदम नंगी हूं औऱ तुम् दिदी कों यहां बुलारहे होँ?
मैंने कहा- तौ क्याँ हुआ?
वोँ कुछ नहि बोलीं।
भाभी अन्दर आँ गई, उन्होंने शालू सें कहा-लाओ मे तुम्हारे छेद कि सिकाई करदूं। इससे तुम्हारा दर्दकम होँ जायेगा।
शालू नें करवटबदल ली तौ भाभी नें कहा- तुमने करवट क्यूं बदलली, अब मे केसे तुम्हारी बुर केँ छेद कि सिकाई करूंगी?
उसने अपनी गाण्ड केँ छेद कि तरफ़ इशारा करते हुयेकहा- इसी मे तोँ इन्होंने अपना औजार घुसाया थां।
भाभी केँ मुँह सें निकला- क्याँ?
भाभी कि नज़र शालू कि गाण्ड पर्र पड़ी। उसकी गाण्ड खून सें लथपथ थि। मैंने अभि तक अपना लण्ड साफ़ नहि किया थां। मेरा लण्ड भि खून सें भीगाहुआ थां। भाभी आंखें फ़ाड़े कभी मेरे लण्ड कों औऱ कभी शालू कि गाण्ड कों औऱ कभी मेरे चेहरे कों देखने लगी।
भाभी नें गरम पानी सें शालू कि गाण्ड कि सिकाई कि। उसकेबाद उन्होंने मुस्कुराते हुये शालू सें कहा- शालू तुमने तोँ एक् मैदान मार लिया हैं। अब दूसरा मैदान मारना औऱ बाकी हैं।
वोँ बोलीं- दिदी, मे समझी नहि?
भाभी नें शालू कि बुर पर्र हाथ लगाते हुयेकहा- अभि तौ तुम्हें इसछेद मे भि इसका औजार अन्दर लेना हैं।
शालू कों बहोत दर्द हौ रहा थां। भाभी कि बात सुनकर वोँ गुस्से मे आँ गई। उसने अपनी बुर कि तरफ़ इशारा करते हुयेकहा- एक् छेद केँ अन्दर इनका औजार लेने मे हि मेरा इतना बुराहाल हौ गय़ा औऱ आप् कहरही हौ कि अभि इस दूसरे छेद मे भि अन्दर लेना हैं। मे अब किसीछेद मे इनका औजार अन्दर नहि लूंगी। मुझे बहोत दर्द होता हैं। आप् स्वयं हि इनका औजार अपनेछेद मे लेँ लो।
भाभी नें मुस्कुराते हुयेकहा- मेरे अन्दर लेने सें क्याँ होगा। आखिर तुम्हें भि तौ इसका औजार अपनेइस छेद मे अन्दर लेना हि पड़ेगा। जैसे एक् बार तुमने दर्द कों बर्दाश्त कर लिया हैं उसीतरह सें एक् बार औऱ दर्द कों बर्दाश्त कर लेना।
शालू नें भाभी कि बुर कि तरफ़ इशारा करते हुयेकहा- पहले तुम् इनका औजार अपनेइस छेद मे अन्दर लें कर दिखाओ। उसकेबाद हि मे इनका औजार अपनेइस छेद मे अन्दर लूंगी।
भाभी मुझे देखने लगी औऱ मे उनको। शालू बोलि- क्यूं अब क्याँ हुआ? आप् मुझे फंसारही थि मगर मैंने आपको हि फंसा दिया। दिखाओ इसका औजार अपनेछेद केँ अन्दर लेकर।
भाभी नें कहा- अच्छा बाबा, अभि दिखा देती हूं मगर उसकेबाद तौ तुम् मना नहि करोगी।
वोँ बोलीं- पहले आप् दिखाओ उसकेबाद मे इनका औजार अन्दर लें लूंगी … भले हि मुझे कितनी भि परेशानी क्यूं नां हौ।
भाभी नें मुझसे कहा- देवरु जी, शालूऐसे नहि मानेगी। अब तुम् अपना औजार मेरे अन्दर डाल हि दो।
मैंने कहा- शालू केँ सामने?
शालू बोलि- तोँ क्याँ हुआ?
भाभी बोलीं- जबये मुझे तुम्हारा औजार अन्दर लेते हुये देखेगी तब हि तोँ ये तुम्हारा औजार अन्दर लेगी।
स्टोरी जारी रहेगी.
Chachi k upar kahani likhi jati mgr ek sex partner k prakaar bhut hi kam ya na k barabar kahani hongi jisme chachi kaa character dumdar yeh mein charcter main hu .lets hope for the best aage chachi k upar story padhne ko mile
सुहागरात मे पत्नि कि गांड औऱ भाभी कि चुत – New Episode
Update - 4
भाभी नें अपने कपड़े उतार दिये औऱ शालू केँ बगल मे लेट गई। मे भाभी केँ पैरों केँ बीच आँ गय़ा तोँ भाभी नें शालू सें कहा-अब तुम् बैठजाओ औऱ देखो कि केसे मे इसका औजार पूरा कां पूरा अन्दर लेती हूं।
शालू भाभी केँ बगल मे बैठ गई। मैंने भाभी कि बुर मे अपना लण्ड घुसेड़ना शुरुकर दिया। धीरे-धीरे धीरे-धीरे मेरा पूरा कां पूरा लण्ड भाभी कि बुर मे समा गय़ा। शालू आंखें फ़ाड़े देखती रही। उसकेबाद मैंने भाभी कि चुदाई शुरुकर दि। शालू मेरे लण्ड कों भाभी कि बुर मे सटासट अन्दर-बाहर् होते हुये देखती रही।
5 मिनट कि चुदाई केँ बाद भाभीझड़ गई तोँ शालू नें कहा- दिदी, तुम्हारे छेद मे सें क्याँ निकलरहा हैं?
भाभी नें कहा-ये मेरी बुर कां पानी हैं। अभि येकईबार निकालेगा। जबये तुम्हारी बुर मे भि अपना लण्ड घुसाकर तेजी सें अन्दर-बाहर् करेगा तब तुम्हारी बुर मे सें भि ऐसा हि पानी निकलेगा। बुर सें पानी निकलने पर्र बहोत मजाआता हैं। तुम् स्वयं हि देखलो कि मुझे कितना मजा आँ रहा हैं।
मैंने भाभी कों करीब-करीब 20 मिनट तक खूबजम कर चोदा। मेरी कुवारी पत्नि शालू आंखें फ़ाड़े देखती रही।
लण्ड कां सारा पानी भाभी कि बुर मे निकाल देने केँ बाद मैंने अपना लण्ड बाहर् निकाल लिया तौ शालू बोलीं- तुम्हारे लण्ड पऱ तोँ जरा सां भि खून नहि लगा हैं?
मैंने कहा-खून तोँ मात्र पहली पहलीबार घुसाने मे हि निकालता हैं।
वोँ कुछ नहि बोलि।
भाभी नें शालू सें कहा-अब तौ रेडी हौ इसका लण्ड अपनी बुर मे लेने केँ लिये?
मेरी बेचारी सि दुल्हन बोलि- हां, मगर दिदी, बहोत दर्द होगा।
भाभी नें कहा- पगली, मात्र एक् हि बार तौ दर्द होगा। उसकेबाद तोँ तुँ स्वयं हि इससे बार-बार कहेगी कि अपना लण्ड मेरी बुर मे डालदो।
वोँ बोलीं- भला मे ऐसा क्यूं कहूँगी?
भाभी नें कहा- क्योंकि तुम्हें इसमें मजा जौ आयेगा।
मे भाभी केँ बगल मे लेट गय़ा। शालू मेरे लण्ड कों देखती रही। थोड़ी देरबाद वोँ बोलि- इनका लण्डअब खड़ा क्यूं नहि हौ रहा हैं?
भाभी नें कहा- अभि इसने मुझे चोदा हैं नां इसीलिये। तुँ इसके लण्ड कों सहलाना शुरुकर दे। थोड़ी हि देर मे येफिन सें खड़ा हौ जायेगा।
शालू कों भि भाभी कि चुदाई देखकर थोडा जोश आँ गय़ा थां। उसने अपनाहाथ धीरे-धीरे सें मेरे लण्ड पऱ रख दिया। थोड़ी देर तक वोँ मेरे लण्ड कों देखती रही। उसकेबाद उसने मेरे लण्ड कों सहलाना शुरुकर दिया।
15-20 मिनट केँ बाद मेरा लण्डफिन सें खड़ा होनेलगा। मैंने देखा कि उसकी आंखें कुछ गुलाबी सि होनेलगी। लण्ड खड़ा होतेदेख शालूजोश मे आँ गई औऱ भाभी सें बोलि- दिदी, अब तोँ इनका लण्ड खड़ा हौ गय़ा।
भाभी बोलीं- अब तूँ लेटजा।
इतनाकह कर भाभीउठ करबैठ गई औऱ शालूलेट गई।
मुझसे भाभी नें कहा- तुँ मेरेसंग जरा बाहर् आँ।
मे भाभी केँ संग बाहर् आँ गय़ा।
भाभी नें कहा-इस बार शालू केँ ऊपरजरा सां भि रहममत करना। पूरे ताकत केँ संग धक्का लगते हुये पूरा कां पूरा लण्ड अन्दर घुसा देना। ज़्यादा देर भि मत करना। उसकेबाद उसकी किसी दुश्मन कि तरहखूब जमकर चुदाई करना। समझ गये?
मैंने कहा-ठीक हैं, मे ऐसा हि करुंगा।
भाभी नें कहा- मैंने कभी तेरे भैया सें गाण्ड नहि मरवाई थि, मेरी गाण्ड कब मारेगा?
मैंने कहा-जब तुम् बोलो।
वोँ बोलि- ठीक हैं, मे तुम्हे बता दूंगी। अबचल मेरेसंग कमरे मे।
मे भाभी केँ संग कमरे मे आँ गय़ा। शालूबेड पर्र लेटी हुई थि।
मुझसे भाभी नें कहा-अब तुँ अपने लण्ड पऱ तेललगा लें औऱ शालू कि चुदाई शुरुकर। मे इसकेपास हि बैठ जाती हूं।
शालू केँ बगल मे बैठ भाभी गई।
मैंने अपने लण्ड पर्र ढेर सारातेल लगा लिया औऱ शालू केँ पैरों केँ बीच आँ गय़ा।
जैसे हि मैंने अपना लण्ड शालू कि बुर पर्र रखा तोँ भाभी नें कहा-ऐसे नहि, मे बताती हूं।
मैंने कहा- बताओ?
भाभी नें कहा- तुँ अपनाहाथ इसके पैरों केँ नीचे सें डालकर इसके कन्धे कों जोर सें पकड़ लेँ। उसकेबाद अन्दर घुसा।
शालू केँ पैरों केँ नीचेहाथ डालकर मैंने शालू केँ कन्धे कों जोर सें पकड़ लिया।
भाभी नें कहा-अब जैसा मैंने तेरी समझाया थां, ठीकउसी तरह अन्दर घुसादे।
मैंने शालू केँ बुर केँ मुँह पर्र अपने लण्ड कां सुपारा रख दिया। जैसे हि मैंने धक्का लगाया तौ भाभी नें शालू केँ मुँह कों जोर सें दबाकर पकड़ लिया। शालू केँ मुँह सें गूगू कि आवाज़ हि निकाल पाई।
भाभी मुझसे बोलीं- घुसादे जल्द सें पूरा कां पूरा।
मे तोँ ताकतवर थां हि … मैंने अपनी सारी ताकत लगाते हुयेफिन सें एक् धक्का मारा। शालू कि बुर सें खून कि धार निकलने लगी। मेरा लण्डखून सें नहा गय़ा। वोँ अपने हाथों कों जोरजोर सें बेड पर्र पटकने लगी। उसकी सारी कि सारी चूड़ियां टूट गई औऱ उसकाहाथ लहुलुहान होँ गय़ा।
मुँहदबा होने कि वजह सें उसके मुँह सें सिर्फ गूगू कि आवाज़ हि निकलपा रही थि।
मैंने फिन सें एक् धक्का लगाया। इस धक्के केँ संग हि मेरा लण्ड शालू कि बुर मे 7″ तक घुस गय़ा। शालू बेचैनी रही थि। उसकी आंखों सें आंसूबह रहे थें। बेड कि चादर पर्र भि ढेर साराखून लग गय़ा थां।
भाभी बोलि- जल्दकर।
मैंने एक् धक्का औऱ मारा तौ मेरा लण्ड 8″ घुस गय़ा। मैंने गहरी सांस लेते हुयेफिन सें जोर कां धक्का लगाया। इस धक्के केँ संग हि मेरा पूरा कां पूरा लण्ड शालू कि बुर मे समा गय़ा।
भाभी नें बताया- अपना पूरा लण्ड बाहर् निकाल कर एक् हि झटके मे फिन सें अन्दर करदे।
मैंने वैसा हि किया.
भाभी नें कहा- शाबाश … ठीकइसी तरह सें 4-5 बार औऱ कर।
मैंने 4-5 बारफिन सें वैसा हि किया।
शालू प्यास रही थि, उसका सारा शरीर पसीने सें नहा गय़ा थि। उसकी सांस बहोत तेजचल रही थि औऱ सारा शरीरथर थर कांपरहा थां। मैंने शालू कि चुदाई शुरुकर दि। भाभी अभि भि उसका मुँह दबाये हुये थि। उसके मुँह सें गूगू कि आवाज़ निकलरही थि।
उसकी बुर नें मेरे लण्ड कों बुरीतरह सें जकड़रखा थां। मेरा लण्ड आसानी सें उसकी बुर मे अन्दर-बाहर् नहि होँ पारहा थां। पूरी ताकत केँ संग मे करीब 10 मिनट तक उसकी चुदाई करतारहा। शालूअब कुछहद तक शान्त हौ चुकी थि।
भाभी नें अपनाहाथ उसके मुँह पर्र सें हटा लिया तौ शालू सिसक सिसककर रोते हुये कहनेलगी- दिदी, आप् दोनों नें मिलकर मुझेमार हि डाला। बहोत दर्द हौ रहा हैं।
भाभी नें कहा-अब तोँ पहले जैसा दर्द नहि हैं नाँ?
वोँ बोलीं- नहि, अब पहले सें बहोत कम हैं।
भाभी बोलीं- थोडा सबरकर, अभि बाकी कां दर्द भि चला जायेगा।
मे तेजी केँ संग उसकी चुदाई कररहा थां। अब वोँ चीख नहि रही थि सिर्फ आहेंभर रही थि। मैंने उसे 5 मिनट तक औऱ चोदा तोँ शालूझड़ गई। उसकी बुर औऱ मेरा लण्ड एकदम गीला होँ गय़ा। अब मेरा लण्ड थोडा आसानी सें उसकी बुर मे अन्दर बाहर् होनेलगा थां।
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दि। शालू नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे सिसकारियां भरनी शुरुकर दि।
भाभी नें पूछा-अब कैसालग रहा हैं?
वोँ बोलीं- अबकुछ कुछमजा आँ रहा हैं मगर दर्द अभि भि हैं।
भाभी नें कहा-अब इस दर्द कों जने मे वक्त लगेगा। उसकेबाद बिल्कुल भि दर्द नहि होगा।
वोँ बोलि- वक़्त क्यूं लगेगा?
भाभी नें कहा-जब ये तुम्हें 3-4 बारचोद देगातब तुम्हारी बुर इसके लण्ड केँ आकार कि होँ जायेगी। उसकेबाद ये दर्द अपने आप् चला जायेगा।
मैंने औऱ ज़्यादा जोरजोर केँ धक्के लगने शुरुकर दिये थें औऱ उसे तेजी केँ संगचोद रहा थां। शालू नें भि अब धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपना चूतड़ उठाना शुरुकर दिया थां। वोँ भि अब मस्ती मे आँ रही थि। पांच मिनट मे हि वोँ फिन सें झड़ गई।
उसने मेरे होंठों कों चूम लिया औऱ कहा-अब मुझे बहोत अच्छा लगरहा हैं।
मैंने उसकी चुदाई जारीरखी।
2 मिनट भि नहि गुजरे थें कि भाभी नें कहा- शालू, अब तुम् इसका लण्ड अपने दूसरे छेद मे लें लो।
वोँ बोलि- फिन सें दर्द होगा?
भाभी नें कहा-अब अधिक दर्द नहि होगा क्योंकि तुम् इसका लण्ड पहले हि अन्दर लें चुकी हौ।
वोँ बोलि- फिन इनसेकह दो कि धीरे-धीरे धीरे-धीरे करें।
भाभी नें बताया- ये धीरे-धीरे धीरे-धीरे हि करेगा। मे हूं नां यहा पर्र। अगरये बदमाशी करेगा तौ मे इसे बहोत मारूँगी।
वोँ बोलीं- ठीक हैं।
मैंने अपना लण्ड शालू कि बुर सें बाहर् निकाला औऱ उसकी गाण्ड मे घुसाने लगा। मेरे लण्ड पऱ शालू कि बुर कां ढेर सारा पानीलगा हुआ थां। धीरे-धीरे धीरे-धीरे मेरा लण्ड 7″ तक उसकी गाण्ड मे घुस गय़ा। उसकेबाद जब मैंने औऱ अधिक घुसने कि कोशिश कि तौ उसेफिन सें दर्द होनेलगा औऱ वोँ चीखने लगीमगर इसबार उसने मुझे रोका नहि।
वोँ बोलीं- अब रहनेदो, दर्द होँ रहा हैं।
भाभी नें कहा-बस थोडा सां हि तोँ बाकी हैं, उसे भि अन्दर लें लो।
वोँ कुछ नहि बोलि।
भाभी नें मुझेआंख मारी तोँ मैंने जोर कां धक्का लगा दिया। मेरा बाकी कां लण्ड भि उसकी गाण्ड मे समा गय़ा।
वोँ जोर सें चीखी तौ भाभी नें कहा-बस होँ गय़ा।
उसकेबाद मैंने उसकी गाण्ड मारनी शुरुकर दि। थोड़ी देर चीखने केँ बाद वोँ शान्त हौ गई। अबउसे गाण्ड मरवाने मे भि मजाआने लगा थां।
करीब 5 मिनट तक मैंने उसकी गाण्ड मारी तोँ भाभी नें कहा-अब रहनेदो।
मैंने कहा- अभि तोँ मेरे लण्ड कां पानी हि नहि निकाला हैं।
वोँ बोलीं- मे मना थोड़े होँ कररही हूं। अब तुम् इसकी बुर मे अपना लण्डडाल करइसे चोदो।
मैंने अपना लण्ड शालू कि गाण्ड सें निकाल कर उसकी बुर मे डाल दिया। उसकेबाद मैंने पूरे ताकत केँ संगजोर जोर सें उसकी चुदाई शुरुकर दि। 5 मिनट मे हि शालूफिन सें झड़ गई। मे इसके पहले 2 बार शालू कि गाण्ड मार चुका थां औऱ 2 बार भाभी कों चोद चुका थां। इसलिये मेरे लण्ड कां पानी निकालने कां नाम हि नहि लेँ रहा थां।
मे जोरजोर केँ धक्के लगाते हुये शालू कों चोदरहा थां। वोँ भि अपना चूतड़ उठाने लगी थि। थोड़ी देरबाद वोँ बोलि- दिदी, अब मुझे बहोत अच्छा लगरहा हैं। इनसेकह दो कि थोडा औऱ जोरजोर सें धक्का लगाये।
भाभी नें मुझसे कहा- तुमने सुना, ये क्याँ कहरही हैं?
मैंने कहा-हां।
वोँ बोलि- तोँ फिन तुम् इसकाकहा मानो औऱ अपनी ताकत दिखादो इसे।
मैंने पूरा ताकत लगते हुये बहोत हि जोरजोर केँ धक्के लगने शुरुकर दिये।
भाभी नें शालू सें पूछा-अब ठीक हैं?
वोँ बोलि- हां, अब मुझे ज़्यादा मजा आँ रहा हैं।
शालूअब चूतड़ उठाउठा कर मेरासंग देरही थि। मेरा लण्ड उसकी बुर मे पूरा कां पूरासटा सट अन्दर बाहर् हौ रहा थां। दस मिनट कि चुदाई केँ बाद शालूफिन सें झड़ गई। मैंने अपना लण्ड उसकी बुर सें बाहर् निकाल लिया तौ उसने मेरे लण्ड कों तुरन्त पकड़ लिया औऱ कहनेलगी- बाहर् क्यूं निकाल रहे हौ? अभि मुझे औऱ मजा लेना हैं।
मैंने कहा- मे तुम्हें अभि औऱ मजा दूंगा। अब तुम् घोड़ी कि तरह हौ जाओ।
वोँ डोगी स्टाईल मे होँ गई तोँ मे उसके पीछे आँ गय़ा। मैंने अपना लण्ड उसकी गाण्ड मे घुसा दिया औऱ उसकी गाण्ड मारने लगा। वोँ जोश केँ मारे सिसकारियां भरनेलगी।
5 मिनट तक उसकी गाण्ड मरने केँ बाद मे अपना लण्ड उसकी गाण्ड सें निकाल कर उसकी बुर मे डाल दिया औऱ उसकी चुदाई करनेलगा। मे उसकीकमर कों पकड़कर उसे बहोत हि बुरीतरह सें चोदरहा थां। वोँ भि अपना चूतड़ आगे पीछे करते हुये मेरासंग देनेलगी थि।
दस मिनट उसकी चुदाई करने केँ बाद मे झड़ गय़ा। मेरेसंग हि संग शालू भि फिन सें झड़ गई। मैंने अपना लण्ड बाहर् निकाला तौ भाभी नें शालू सें कहा-अब तुम् इसके लण्ड कों चाटलो।
वोँ बोलि- मे इनके लण्ड कों नहि चाटूंगी। इनका लण्ड गंदा हैं।
भाभी नें कहा- गंदा कहां हैं। इसके लण्ड पर्र तुम्हारी बुर कां औऱ इसके लण्ड कां पानी हि तोँ लगा हैं। इसे चाटने सें प्रेम बढ़ता हैं। चाटलो इसे।
वोँ बोलीं- मे नहि चाटूंगी, मुझेघिन आती हैं।
भाभी नें कहा- मे हि चाट लेती हूं। फिनआगे सें तुम को हि चाटना पड़ेगा।
वोँ बोलि- ठीक हैं, पहले तुम् चाटकर दिखाओ, बाद मे मे चाट लूंगी।
भाभी मेरे लण्ड कों चाटने लगी। शालूदेख रही थि।
मेरे लण्ड पऱ लगाहुआ थोडा सां पानी भाभी नें चाट लियाफिन शालू सें बोलि- अब बाकी कां तुम् चाटलो।
शालू नें शरमाते हुये मेरे लण्ड कों चाटना शुरुकर दिया। उसने मेरे लण्ड पर्र लगे हुये बाकी केँ पानी कों चाटचाट कर साफ़कर दिया।
भाभी नें शालू सें कहा-अब तुम्हे जबयहफिन सें चोदेगा तौ चिल्लाओगी तौ नहि।
वोँ बोलि- अब क्यूं चिल्लाऊंगी? अब तोँ मुझे बहोत मजाआने लगा हैं।
भाभी नें कहा-फिन ठीक हैं, तुम् आरामकर लो। जब तुम्हारा मन करगा तोँ इसे बुला लेना। मे इसकेसंग अपने कमरे मे जारही हूं। मुझेइस सें कुछबात करनी हैं।
वोँ बोलीं- ठीक हैं, बुला लूंगी।
भाभी बोलीं- मे भि इसकेसंग आऊँगी तुम्हारे पास औऱ अपने सामने हि तुम्हारी चुदाई करा दूंगी।
भाभी बाहर् चली गई तोँ मे भि उनके पीछे पीछे बाहर् चलाआया।
स्टोरी जारी रहेगी.
Bro wo chacha say chachi hu gyaa mughe chachi k upar kahani padhna h joh todhi long hu pr yaha koy likhta nahee isliya chachi likh Diya Galti say
सुहागरात मे पत्नि कि गांड औऱ भाभी कि चुत – New Episode
Update - 5
मैंने भाभी सें कहा- तुमने मुझसे शालू केँ सामने हि चुदवा लिया, वोँ क्याँ सोचेगी।
भाभी नें कहा-उसे कुछ भि नहि मालूम हैं। अगरउसे कुछ मालूम होता तौ भला वोँ मुझे चुदने कों क्यूं कहती। चलो अच्छा हि हुआ कि अब मुझे औऱ शालू कों एक् दूसरे केँ सामने तुमसे चुदवाने मे कोई दिक्कत नहि होगी। हमारा मार्ग पूरीतरह सें साफ़ होँ गय़ा। मे शालू सें भि इसबार मे बातकर लूंगी।
मैंने भाभी सें पूछा- गाण्ड कब मरवाओगी?
वोँ मुस्कुराते हुये बोलीं- क्याँ मेरी गाण्ड भि फ़ाड़नी हैं?
मैंने कहा-हां।
वोँ बोलीं- कल फ़ाड़ देना।
मैंने कहा- थोडा सां आज अन्दर लें लो बाकी कां कल अन्दर लें लेना।
वोँ बोलीं- जोँ तेराजी कहेकर … अब तौ मे तेरी पत्नि बन गई हूं।
मे भाभी केँ बगल मे लेटाहुआ उनसे बातें करतारहा औऱ उनकी बुर कों सहलाता रहा। वोँ मुझेतरह तरह कि स्टाईल मे चोदना सिखारही थि औऱ मेरे लण्ड कों भि सहलारही थि।
करीब 1 घण्टे केँ बाद मेरा लण्डफिन सें खड़ा होनेलगा।
मैंने भाभी सें कहा- शालू नें अभि तक मुझे बुलाया हि नहि। मे अब तुम्हारी गाण्ड मे हि लण्ड घुसाने कि कोशिश करता हूं।
भाभी औऱ हम् दोनों अभि तक नंगे हि थें। मैंने भाभी सें घोड़ी बन जाने कों कहा तोँ वोँ घोड़ी बन गई। मैंने अपने लण्ड कां सुपारा उनकी गाण्ड केँ छेद पऱ रखा तौ वोँ बोलि- तेल तौ लगा लेँ।
मैंने कहा- नहि ऐसे हि।
वोँ बोलि- फिन तोँ बहोत दर्द होगा।
मैंने कहा- होनेदो। तुम् कोई 18 साल कि थोड़े हि हौ।
वोँ बोलीं- ठीक हैं, जैसी तेरी मरजी।
मैंने अपना लण्ड उनकी बुर मे डाल दिया औऱ उनकी चुदाई शुरुकर दि।
5 मिनट मे हि भाभीझड़ गई तौ मेरा लण्ड गीला हौ गय़ा। अबतेल लगने कि जरूरत नहि थि। मैंने अपने लण्ड कां सुपारा उनकी गाण्ड केँ छेद पर्र रखा औऱ थोडा सां जोर लगाया। भाभी केँ मुँह सें जोर कि अहह निकाली औऱ मेरे लण्ड कां सुपारा उनकी गाण्ड मे घुस गय़ा।
मैंने थोडा जोर औऱ लगाया तौ वोँ बेचैनी उठी औऱ बोलीं- जरा धीरे-धीरे सें।
मैंने फिन सें जोर लगाया तौ उनके मुँह सें चीख निकल गई। मेरा लण्ड भाभी कि गाण्ड मे अब तक 4″ घुस चुका थां। मैंने औऱ अधिक अन्दर घुसाने कि कोशिश नहि कि। मैंने धीरे-धीरे धीरे-धीरे धक्के लगने शुरुकर दिये।
2 मिनट मे हि भाभी कां दर्द जातारहा तोँ वोँ बोलीं- थोडा औऱ अन्दर करदे।
मैंने फिन सें थोडा जोर लगाया तौ वोँ फिन सें चीखी औऱ मेरा लण्ड उनकी गाण्ड मे 5″ तक घुस गय़ा।
तभी शालू आँ गई, उसने कपड़े नहि पहने थें, वोँ एकदम नंगी थि।
उसने हम् दोनों कों देखा तौ बोलीं- दिदी, तुम् भि मजा लें रही हौ?
भाभी नें कहा-यह तेरा बड़ीदेर सें इनतजार कररहा थां मगर तूनेइसे बुलाया हि नहि। इसेजोश आँ गय़ा औऱ उसने मेरी गाण्ड मे अपना लण्ड घुसाना शुरुकर दिया। मे इसेमना नहि करपाई।
वोँ बोलीं- मुझे भि फिन सें चुदवाना हैं।
भाभी नें कहा- तौ आँ जा।
शालू नें कहा-मगर यह तोँ आपको चोदने जारहा हैं।
भाभी नें कहा- मेरा क्याँ हैं, मे तौ कभी भि चुदवा लूंगी। पहले तुँ चुदवा लें। तेरा चुदवाना अधिक जरूरी हैं। मे तौ बहोत मजा लें चुकी हूं।
शालू भाभी केँ बगल मे हि घोड़ी कि तरहबन गई। मैंने अपना लण्ड भाभी कि गाण्ड सें बाहर् निकाल कर शालू कि गाण्ड मे घुसाना शुरुकर दिया। वोँ दर्द केँ मारेआहे भरनेलगी। धीरे-धीरे धीरे-धीरे मेरा पूरा कां पूरा लण्ड शालू कि गाण्ड मे घुस गय़ा तोँ मैंने उसकी गाण्ड मारनी शुरुकर दि।
वोँ बोलि- आगे केँ छेद मे घुसाकर चोदो। मुझे उसमें ज़्यादा मजाआता हैं।
मैंने कहा- थोड़ी देर पीछे केँ छेद कि चुदाई करलूं फिनआगे केँ छेद कों भि चोदूंगा।
वोँ बोलि- ठीक हैं, जैसी तुम्हारी मर्जी।
मे शालू कि गाण्ड मारता रहा।
भाभी शालू सें कहनेलगी- तूँ तौ जानती हैं कि सूरज केँ भैया कां स्वर्गवास हुये बहोत दिन हौ चुके हें। मैंने बहोत दिन सें चुदवाया नहि थां औऱ मेरी ख़्वाहिश भि मर चुकी थि। मगरआज मैंने तेरी खुशी केँ लिये तेरे कहने पऱ इससे चुदवा लिया। इससे चुदवाने केँ बाद मेरी बुर औऱ गाण्ड कि आगफिन सें भड़क गई हैं। मे जानती हूं कि यह बहोत हि गलतबात हैं मगर मे अब इससे चुदवाये बिना नहि रह सकती। अगर किसी कों यहपता चल गय़ा तोँ मेरी बड़ी बदनामी होगी। अब तुँ हि बता कि मे क्याँ करूं। मे तौ अबमर जानां चाहती हूं।
वोँ बोलि- दिदी, तुम् ऐसा क्यूं कहरही होँ? तुम् इनसेजी भरकर चुदवाओ औऱ खूबमजा लो। मुझेकोई एतराज़ नहि हैं। अगर मे तुम्हें कभीमना करूं तोँ तुम् मुझे हि मार डालना। यहबात किसी कों नहि पता चलेगी।
भाभी नें कहा-फिन तुँ मेरीशपथ खाकरकह दे कि तुँ कभी भि किसी सें नहि कहेगी।
शालू नें अपनाहाथ पीछे करके मेरा लण्ड पकड़ लिया औऱ बोलीं- मे तुम्हारी शपथ क्यूं खांऊ। मे अपने पति कां लण्ड पकड़कर शपथ खाती हूं कि मे कभी भि किसी सें कुछ भि नहि कहूँगी। अब तोँ आप् कों मेरीबात पऱ विश्वास हौ गय़ा।
भाभी नें कहा- मुझेतुझ पर्र पूरा विश्वास हैं।
वोँ बोलीं- अब इनसेकह दो कि मेरी बुर मे अपना लण्डडाल कर मेरी चुदाई करें। मुझे गाण्ड मरवाने मे अधिकमजा नहि आता हैं।
भाभी नें मुझसे कहा-सुन रहा हैं नाँ तुँ कि शालू क्याँ कहरही हैं। अब इसकी ख़्वाहिश पूरीकर।
मैंने अपना लण्ड शालू कि बुर मे घुसा दिया औऱ उसकी चुदाई करनेलगा।
दो मिनट मे हि वोँ एकदम मस्त होँ गई। उसने पूरी मस्ती केँ संग मुझसे चुदवाना शुरुकर दिया। वोँ तेजी केँ संग अपना चूतड़ आगे पीछे करते हुये मेरासंग देरही थि। मे भि पूरेजोश औऱ ताकत केँ संगउसे चोदता रहा।
शालू कि चुदाई करते हुये मुझे करीब 30 मिनट गुजर चुके थें। वोँ अब तक 3 बारझड़ चुकी थि मगर मे झड़ने कां नाम हि नहि लें रहा थां।
शालू बोलि- दिदी, मे थक गई हूं।
भाभी नें कहा- क्यूं, मजा नहि आँ रहा हैं क्याँ?
वोँ बोलीं- मजा तोँ बहोत आँ रहा हैं मगर अभि मेरी चुदवाने केँ आदत नहि हैं नाँ।
भाभी बोलि- फिन मे क्याँ करूं?जब सूरजझड़ जायेगा तब हि तोँ तुम्हारी चुदाई बंद करेगा।
वोँ बोलि- मुझे थोडा सां आरामकर लेनेदो। मे बाद मे चुदवा लूंगी।
भाभी नें कहा-जब लण्ड खड़ा हौ तौ चुदाई नहि बंद कि जाती इससे व्यक्ति केँ सेहत पऱ बुराअसर पड़ता हैं।
वोँ बोलि- इनसेकह दो कि अब रहनेदे। बाद मे चोद लेंगे। तब तक तुम् हि इनसे चुदवा लो।
भाभी नें कहा- अच्छा बाबा, मे हि चुदवा लेती हूं।
मैंने अपना लण्ड शालू कि बुर सें निकाल कर भाभी कि गाण्ड मे घुसाना शुरुकर दिया। मेरा लण्ड शालू कि बुर केँ पानी सें पहले सें हि भीगाहुआ थां। धीरे-धीरे धीरे-धीरे मेरा लण्ड भाभी कि गाण्ड मे 5″ तक घुस गय़ा। मैंने धक्के लगाने शुरुकर दिये।
थोड़ी देरबाद जब मैंने देखा कि भाभी भि मस्ती मे आँ गई हैं तोँ मैंने जोर कां धक्का लगा दिया। इस धक्के केँ संग हि मेरा लण्ड भाभी कि गाण्ड कों चीरता हुआ 7″ तक अन्दर घुसा गय़ा।
एक् जोर कि चीख भाभी केँ मुँह सें निकली तोँ शालू नें कहा- दिदी, तुम् क्यूं चीखरही होँ? तुम् तौ चुदवाने कि आदी हौ।
भाभी नें कहा- मैंने आज तक इस सें गाण्ड नहि मरवाई थि। तुम् तौ जानती हि हौ कि इसका लण्ड बहोत लम्बा औऱ मोटा हैं इसीलिये मुझे भि दर्द हौ रहा हैं औऱ मे चीखरही हूं। बस अभि थोड़ी हि देर मे मेरा दर्दकम हौ जायेगा फिन मुझे भि तेरीतरह खूबमजा आने लगेगा।
धीरे-धीरे धीरे-धीरे भाभीफिन सें मस्ती मे आँ गई। मैंने पूरे ताकत केँ संगफिन सें जोर कां धक्का मारा। वोँ फिन सें चीखी औऱ मेरा लण्ड 8″ तक घुस गय़ा। मैंने फिन एक् धक्का मारा तोँ वोँ बुरीतरह सें चीखने लगी औऱ मेरा पूरा कां पूरा लण्ड भाभी कि गाण्ड मे समा गय़ा।
मैंने तेजी केँ संग धक्के लगने शुरुकर दिये। थोड़ी हि देर मे भाभी शान्त हौ गई औऱ उन्हें मजाआने लगा।
तभी शालू बोलीं- दिदी, अब मे रेडी हूं। इनसेकह दो कि अब मुझेचोद दे।
भाभी नें कहा-बार बार मुझसे क्यूं कहती हैं। तुँ स्वयं हि इस सें कहदे। अब मे इस सें कुछ नहि कहूँगी।
शालू नें मेरा लण्ड पकड़ लिया औऱ बोलीं- अब तुम् मुझेचोद दो।
मे खुश होँ गय़ा, मैंने अपना लण्ड भाभी कि गाण्ड सें निकाल कर शालू कि बुर मे डाल दिया औऱ उसकी चुदाई शुरुकर दि। उसने भि मेरासंग देना शुरुकर दिया।
15 मिनट कि चुदाई केँ बाद मे झड़ गय़ा। शालू भि मेरेसंग हि संगझड़ गई। जैसे हि मैंने अपना लण्ड उसकी बुर सें बाहर् निकाला तौ उसने मेरा लण्ड चाटना शुरुकर दिया। मे बहोत खुश हौ गय़ा।
भाभी नें शालू सें कहा-अब घिन नहि आँ रही हैं?
वोँ बोलीं- बिल्कुल नहि, अब तोँ मुझे भि खूबमजा आनेलगा हैं।
हम् सभी नंगे हि सोगये।
रात केँ 7 बजे शालू मेरा लण्ड सहलाने लगी।
मे जग गय़ा तौ वोँ बोलि- एक् बारफिन सें चोददो।
मैंने कहा- क्यूं श्रीमती जी, अब चुदवाने मे मजाआने लगा हैं?
वोँ बोलि- हां, अब तौ मे चाहती हूं कि तुम् मुझे सारादिन चोदते रहो।
उसनेकुछ कहे बिना हि मेरा लण्ड मुँह मे लें लिया औऱ चूसने लगी।
तभी भाभी भि उठ गई, भाभी नें मुस्कुराते हुयेकहा- शालू, तूँ इसका लण्ड क्यूं चूसरही हैं?
वोँ बोलि- मुझे चुदवाना हैं।
भाभी नें शालू सें मजाक किया- पहले तौ बहोत चिल्ला रही थि, अब क्याँ हुआ?
वोँ बोलि- पहले मुझे मालूम नहि थां कि इसमें इतनामजा आता हैं।
थोड़ी हि देर मे मेरा लण्ड खड़ा हौ गय़ा। मैंने शालू कि चुदाई शुरुकर दि। उसने पूरी मस्ती केँ संग चुदवाया। मैंने भि उसे पूरेजोश केँ संग करीब-करीब 20 मिनट तक चोदा। वोँ इसबार कि चुदाई केँ दौरान 2 बारझड़ चुकी थि।
उसकेबाद भाभी औऱ शालू खानां बननेचले गये, मे टेलीविज़न देखने लगा।
करीब-करीब डेढ घन्टा गुजर गय़ा तौ शालू रसोई सें बाहर् आई। उसने मुझसे कुछकहे बिना हि मेरा लण्ड मुँह मे लेँ लिया औऱ चूसने लगी।
मैंने पूछा-अब क्याँ हुआ?
वोँ बोलि- चुदवाना हैं भई।
मैंने कहा- पहले मुझे खानां खाकर थोडा आरामकर लेनेदो। बहोत थक गय़ा हूं।
वोँ बोलि- बाद मे खा लेना, पहले तुम् मुझे एक् बार औऱ चोददो। मुझसे बर्दाश्त नहि हौ रहा हैं।
तभी भाभी आँ गई, उन्होंने शालू सें कहा- सुभह सें हि यह हम् दोनों कों कईबार चोद चुका हैं। इसे खानां खाकर थोडा आरामकर लेनेदे, फिन सारीरात खूबजम कर चुदवाना।
वोँ बोलि- दिदी, मुझसे रहा नहि जारहा हैं, मेरामन अज़ीब सां होँ रहा हैं।
भाभी नें मजाक करते हुयेकहा- अगर तुँ इतना हि प्यास रही हैं तोँ चल मेरेसंग रसोई मे … मे तेरी बुर मे बेलन घुसेड़ देती हूं।
वोँ बोलि- फिन घुसेड़ दो नां। मे आप् कों कुछ भि नहि कहूँगी। विवाह केँ पहले मे अच्छी भली थि। विवाह केँ बाद इन्होंने मेरी चुदाई कर केँ मेरी बुर औऱ गाण्ड मे आग सि भर दि हैं। अब आप् हि बताओ कि मे क्याँ करूं?
भाभी नें कहा- थोडा सब्र करनासीख; आखिरयह भि तोँ इन्सान हैं; थक गय़ा हैं बेचारा।
वोँ बोलीं- एक् बारयह मुझे औऱ चोददे। फिन मे कभी भि इनसे चुदवाने कि ज़िद नहि करूंगी। जब भि मुझेजोश आयेगा मे इनका लण्ड मुँह मे लेकरचूस लूंगी। उसकेबाद यह मुझे चोदना चाहें तौ चोदेंगे।
मैंने कहा-ठीक हैं, आँ जाओ मेरेपास।
मे सोफ़े पऱ बैठा थां, शालू केँ चूसने सें मेरा लण्ड खड़ा होँ हि चुका थां, मैंने उससेकहा- अब तुम् स्वयं हि मेरे लण्ड कों अपनी बुर मे घुसेड़ लो औऱ धक्के लगओ।
वोँ तुरन्त हि मेरी जांघो पर्र बैठ गई औऱ मेरे लण्ड कों अपनी बुर केँ अन्दर घुसेड़ लिया। उसकेबाद उसने धक्के लगने शुरुकर दिये।
5 मिनट मे हि वोँ हांफ़ने लगी औऱ बोलि- मुझेइस तरहमजा नहि आँ रहा हैं। जब तुम् खूबजोर जोर केँ धक्के लगते हुये मुझे चोदते होँ तब हि मुझेमजा आता हैं। चोददो नां मुझे।
मैंने कहा- अच्छा बाबा, अब तुम् मेरे सामने घोड़ी बनजाओ।
वोँ तुरन्त हि मेरे सामने घो्ड़ी बन गई। उसकी बुर मेरे तरफ़ थि। मे थोडा गुस्से मे थां। मैंने अपना लण्ड उसकी बुर मे घुसा दिया औऱ उसकीकमर कों जोर सें पकड़ लिया। उसकेबाद मैंने बड़ी बेरहमी केँ संग उसकी चुदाई शुरुकर दि। भाभीकभी मुझे औऱ कभी शालू कों देखरही थि। उन्हें विश्वास हि नहि हौ रहा थां कि मे शालू कों इतनी बुरीतरह सें भि चोद सकता हूं।
शालू भि बहोत सेक्सी निकली। मे उसे बहोत हि बुरीतरह सें चोदरहा थां मगरउसे तौ इस चुदाई मे औऱ अधिकमजा आँ रहा थां। वोँ अपना चूतड़ आगे पीछे करते हुये पूरी मस्ती केँ संग चुदवा रही थि। मैंने उसे करीब-करीब 25 मिनट तक खूबजम कर चोदा। इस बार कि चुदाई केँ दौरान शालू 2-3 बारझड़ गई थि। भाभी औऱ मे उसेदेख करदंग रहगये। शालू नें मेरे लण्ड कों चाटकर साफ़ किया औऱ फिन बाथरूम चली गई।
भाभी नें मुझसे कहा- तुमने उसेउसे इतनी बुरीतरह सें चोदाफिन भि उसेमजा आँ रहा थां। वोँ तौ मुझसे भि ज़्यादा सेक्सी हैं।
मैंने कहा- अभि वोँ नई हैं इसलिये औऱ उसे अधिकजोश आँ रहा हैं। अभि तोँ उसने ज़्यादा बार चुदवाया हि कहां हैं। मात्र कुछदिन आप् मुझसे मत चुदवाओ। मुझे सिर्फ शालू कि चुदाई करनेदो। मे उसे इतनी अधिकबार औऱ इतनी बुरीतरह सें चोदूंगा कि उसकी बुर औऱ गाण्ड कि आग ठण्डी होँ जायेगी। वोँ मुझसे रोरोकर कहेगी कि मुझेअब मत चोदो।
भाभी नें कहा-ठीक हैं।
तभी शालू बाथरूम सें वापस आँ गई औऱ बोलीं- देवर जी भाभी क्याँ बातें कररहे हौ?
भाभी नें शालू सें कहा- मे इसे समझारही थि कि यहकुछ दिन तक मेरी चुदाई नां करे, खूब जमकर सिर्फ तुम्हारी चुदाई हि करे।
शालू बोलीं- आपने तोँ मेरे मुँह कि बातछीन ली, मे भि यही चाहती थि।
भाभी नें कहा- मे समझ सकती हूं क्यूं कि अभि तुम् नईनई हौ औऱ तुम्हारे अन्दर जोश कां ज्वालामुखी फूटरहा हैं। यह तुम्हारे बुर केँ ज्वालामुखी कों अपने लण्ड केँ पानी सें बुझा देगा उसकेबाद मे भि चुदवाना शुरुकर दूंगी।
शालू बोलीं- दिदी, तुम् एकदमठीक कहरही हौ।
अगले 4 दिन तक भाभी तड़पती रही, उनका चेहरा एकदम दुःखी होँ गय़ा थां। मे मात्र शालू कि हि चुदाई करतारहा। शालू कों चुदवाने मे हि अधिकमजा आता थां। मैंने भि शालू कि खूबजम कर चुदाई कि। उसने भि पूरी मस्ती केँ संग मेरासंग दिया औऱ खूबजम कर चुदवाया।
मैंने इन 4 दिनों मे उसे करीब-करीब 30 बार बहोत हि बुरीतरह सें चोदा थां। उसकी बुर कां मुँह एकदम चौड़ा हौ चुका थां। अब उसकाजोश कुछ ठण्डा पड़ चुका थां। अब तोँ वोँ कभीकभी चुदवाने सें इन्कार भि करनेलगी थि।
शालू कि विदाई भि होने वाली थि; उसे 1 महीने केँ लिये मायके जानां थां। पांचदिन गुजरजने केँ बाद वोँ मायके चली गई। मायके जाते टाइम वोँ मुझसे लिपटकर बहोत रोई।
मैंने पूछा- क्याँ हुआ?
उसनेकहा- 1 महीने तक मे बिना चुदवाये केसे रहूँगी?
मैंने कहा- तुम्हे इतना सब्र तोँ करना हि पड़ेगा। सब औरतो कों विवाह केँ बाद मायके तोँ जानां हि पड़ता हैं।
वोँ मायके चली गई।
उसके जाने केँ बाद भाभी मुझसे लिपट गई औऱ फूटफूट कर रोनेलगी।
मैंने पूछा- क्याँ हुआ?
तौ वोँ बोलीं- तुम्हारे भैया केँ स्वर्गवास हौ जने केँ बाद मेराजोश एकदम ठण्डा हौ गय़ा थां। मे तुम्हारे संग अकेली हि रहनेलगी थि मगर मैंने कभी भि तुम्हे बुरी नज़र सें नहि देखा। मे आहिस्ता रहनेलगी थि। तुम्हारा लण्ड देखने केँ बाद मुझेजोश आँ गय़ा औऱ मैंने तुमसे चुदवा लिया। शालू कों गाण्ड मरवाते हुयेदेख कर मैंने तुमसे गाण्ड भि मरवाली। उसमें भि मुझे बहोत मजाआया। तुमने मेरी चुदाई कर केँ औऱ मेरी गाण्ड मारकर मेरे सारे जिस्म मे आगलगा दि हैं। पांच दिनों सें तुमने मुझे चोदा नहि औऱ नाँ हि मेरी गाण्ड मारी। मैंने यह 5 दिन केसे गुजारे हें, मे हि जानती हूं। शालू तोँ अब 1 महीने केँ लिये मायके चली गई हैं। अब तुम् मेरी बुर औऱ गाण्ड कि आग कों पूरीतरह सें बुझादो।
मैंने कहा- भाभी, मैंने तोँ इन्कार नहि किया हैं।
वोँ बोलि- तुमने ऑफ़िस सें विवाह केँ लिये 7 दिन कि छुट्टी ली थि। तुम् 7 दिन कि छुट्टी औऱ लेँ लो;फिन मुझे 7 दिनो तक खूबजम कर चोदो। मुझेउसी तरह सें चोदना जैसे कि उसदिन तुमने गुस्से मे शालू कों चोदा थां।
मैंने कहा- तुम् जैसा कहोगी मे तुम्हे वैसे हि चोदूंगा। मे तुम्हे पूरीतरह सें संतुष्ट कर दूंगा।
भाभी नें सारे कपड़े उतार दिये औऱ एकदम नंगी होँ गई। उन्होंने मेरा लण्ड चूसना शुरुकर दिया। दो मिनट मे हि मेरा लण्ड खड़ा हौ गय़ा तौ मैंने ठीकउसी ताह सें भाभी कों चोदना शुरु किया जैसे मैंने शालू कों गुस्से मे चोदा थां। उसतरह कि चुदाई सें भाभी एकदम मस्त होँ गई।
7 दिन तक मे ऑफ़िस नहि गय़ा। मैंने इन 7 दिनों मे सारादिन औऱ सारीरात भाभी कि खूबजम कर चुदाई कि। उसकेबाद भि शालू केँ आने तक मैंने उन्हें खूब चोदा। भाभी कि बुर कि आग भि कुछहद तक बुझ चुकी थि।
शालू केँ वापस आँ जाने केँ बाद मे उन दोनों कि चुदाई करनेलगा। अब वोँ दोनों हि मुझसे चुदवा कर पूरीतरह सें खुश हें औऱ मे भि।
ख़त्म
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