❤️विधवा बेटी केँ लिए बाप कि तड़प❤️ - Real Kahani Part 1
हेलो दोस्तो स्वागत हैं मेरी स्टोरी मे जोँ बहुत मादकओर डर्टी होने वाली हैं। किस्सा नें कुछ गन्दे इंसिडेंट आएंगे तोँ जिसको मनपसंद नहीं वोँ कथा कों नां पढ़े।
चलिये शुरुआत करते हें बाप बेटी कि एक् गरम स्टोरी
कविता बेटी _______जोँ 2 साल पहले विधवा होँ चुकी हैं। विवाह केँ डेढ़साल बाद हि इसके पति कां एक्सीडेंट हौ गय़ा जब वोँ बेलदारी पऱ जारहा थां। इसकी उम्र 30 साल हैं। ओर जिस्म भराओर कसाहुआ हैं।
यह हैं इसकथा कि नायिका कविता जौ अपने पिताजी केँ संग एक् गाँव मे रहती हें। इनकाघऱ गाँव सें 100 मीटर हटके जंगल मे बनाहुआ हैं जहांयह एक् कमरे केँ घर-मकान मे रहते हें।
बाप:-राजू उम्र 52 साल
राजू पेशे सें मजदूर हैं। इसकाबदन मजदूरी करते करते पत्थर कां बनाहुआ हैं। चोडा सीना जौ बालों सें ढकाहुआ हैं। मजबूत बदन केँ एक् अच्छी हाइट काठीलिए राजू अपनी जीवन मे मग्न थां। इसकी पत्नि कां स्वर्गवास 3 साल पहले सांप केँ काटने सें होँ गय़ा। जल्द उपचार नां मिलने वोँ दोनों बाप बेटी कों अकेला छोड़ गई।
अबयह अपनी विधवा बेटी केँ संग गुजरबसर कररहा थां औऱ पाईपाई जोड़कर उसकी दूसरी विवाह केँ लिए पैसेजोड़ रहा थां। दोनों बाप बेटी अपनेबदन कि हसरतों कों दबाए एक् बोझल सि जीवनजी रहे थें।
राजू बहुत चोदु ख्यालात कां व्यक्ति थां जिसने अपनी पत्नि कों मरने तक खूब चोदाओर जीवन केँ मजेलिए मगर पिछले 3 साल सें वोँ अपनी इच्छाओं कों दबाकर मजदूरी सें गुजारा कररहा थां।
बहोत हि बढिया भाग हैं मज़ा आँ गय़ा अगले रोमांचकारी धमाकेदार औऱ चुदाईदार भाग कि प्रतिक्षा रहेगी जल्द सें दिजिएगा
❤️विधवा बेटी केँ लिए बाप कि तड़प❤️ – New Episode
रोजाना कि तरह राजू मजदूरी पर्र जाने कि तैयारी करनेलगा औऱ वोँ फ्रेश होने केँ लिए खेतों कि तरफ निकल गय़ा। उसकेघऱ मे लैटरिंग नहीं थि जिसकी इतनी जरूरत भि नहीं थि क्योंकि जंगल होने कि वजह सें कोई तकलीफ़ नहीं होती थि।
कुछदूर चलके राजू एक् सरसो केँ खेत मे घुस गय़ा औऱ फ्रेश होनेबैठ गय़ा। सरसो कां खेतपक कर रेडी हि थां मतलब सरसो केँ पेड़ बहुतबड़े थें जिनमें सें खड़े व्यक्ति कां सर हि दिख सकता थां।
ओर ख्यालों मे खोयाहुआ बैठाहुआ थां औऱ उठने हि वाला थां कि उसे सरसो मे किसी केँ घुसने कां अहसास हुआ औऱ शांत होकर बैठारहा।
तभीउसे अपने सें दसकदम आगे किसी केँ कपड़े दिखेओर वोँ धीरे-धीरे सें लोटे सें धुलाई करके लुंगी बांधली औऱ चुपके सें आगेबढ़ गय़ा जहां वोँ दूसरा इंसान थां।
उसेशक थां केँ कोई महिला यहां जंगल होनेआई होगी क्यूं नां उसकी गांण्ड देखीजाए, इसीसोच केँ संग वोँ धीरे-धीरे धीरे-धीरे आगेबढ़ गय़ा।
तभीउसे एक् स्त्री सलवार ऊपर करके बैठी दिखी जिससे राजू कों उसकी गांण्ड कां नजारा दिख गय़ा।
राजूइस व्यू सें जोश मे आँ गय़ा औऱ वोँ नीचेबैठ गय़ा।
उस स्त्री सें राजू कि दूरी मुश्किल सें 5-6 कदम होगी। राजू कों डर भि थां केँ उसकी चोरी पकड़ी नां जाये पऱ वोँ हवस केँ हाथों मजबूर होकरबैठ गय़ा औऱ उस महिला कि गांण्ड देखने लगा।
राजू नें अपनेआगे सें सरसो केँ पेड़ हटाये तौ उसेउस स्त्री केँ कपड़े जाने पहचाने लगे तौ उसनेगोर सें देखा थां उसे अपनी बेटी होने कां शकहुआ मगर वोँ अभि तसल्ली कर लेना चाहता थां।
जैसे हि कविता नें नजरें साइड कि तोँ राजू कों अपनी बेटी कां चेहरा पहचान मे आँ गय़ा।
राजू कि आंखे बेटी कों पहचानते हि लज्जा सें झुक गयीँ, औऱ उसे पछतावा सां होनेलगा।
अभि वोँ सोच हि रहा थां कि उसका लंड खड़ा होनेलगा औऱ वोँ आश्चर्य सें अपने लंड कों सख्त होता देखने लगा। उसे विश्वास नहीं होँ रहा थां कि अपनी बेटी कों हगवास करतेहुए उसका लंड केसेखड़ा होँ सकता हैं।
राजू कों पसीना सां आनेलगा औऱ उसका दिमाग़ उसे बेटी कि मोटी चोड़ी गांण्ड देखने पर्र मजबूर करनेलगा।
बहुत जद्दोजहद केँ बाद राजू कि निगाहें अपनी बेटी केँ फैलेहुए चूतड़ों पऱ पड़ी औऱ उसका लंड फुफकार कररह गय़ा।
क्याँ जबरदस्त गांण्ड थि कविता कि दो तरबूज केँ जैसेपट ओर बैठने केँ वजह सें फैलेहुए बहुत मदमस्त लगरहे थें। राजूअब पागल सां होँ गय़ा थां औऱ लज्जा संकोच छोड़ अपनी लाडली बेटी कों संडास करतेहुए देख्ना लगा।
उसे बेटी केँ गांण्ड कां छेद देखने कि लालसा तीव्र होनेलगी औऱ तभी कविता नें वोँ किया जिससे उसकेसगे बाप कां वीर्या कच्छे मे भरभरा करसमा गय़ा।
राजू झड़ताहुआ वोँ दृश्य देखता रहा औऱ तबियत सें झड़तारहा। जौ दृश्य राजू नें देखा वोँ किसी भि व्यक्ति कों पलभर मे झड़ने कों मजबूर कर सकता थां।
दरअसल कविता नें प्रेसर आने पऱ अपनी गांण्ड उठाई याँ यूं कहें अपनेसगे बाप कि तरफउठा दि औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे फैलता हुआ बेटी कां गुलाबी चोडाछेद बाप कि नजरों मे थां औऱ हगवास कां मोटा टुकड़ा बेटी कि गांण्ड सें निकलता रहा औऱ फिनटूट करगिर गय़ा।
ओर दोबारा सें बेटी कि गांण्ड कां छेद बन्द होँ गय़ा।
इसी प्रकिर्या कों देखते हि राजूझड़ गय़ा थां। वहीं बेटी कों क्याँ मालूम कि उसकासगा बाप उसके पीछे हि बैठा हैं औऱ खड़े लंड केँ संग उसकी कमसिन चोड़ी गांण्ड कां पर्याप्त नजारा लें रहा हैं। क्याँ बीतरही होगी राजू पर्र एक् बेटी कों हगवास करते देख्ना भि कितना अति उत्तेजित होता हैं।
बहरहाल राजूझड़ करहवस सें वापिस आया औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे वापिस पीछे गय़ा औऱ फिनखेत सें निकलकर जल्द जल्दघऱ कि तरफचल दिया।
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वाउ क्याँ किस्सा हैं बाप औऱ बेटी कि चुदाई होँ तौ सोने पे सुहागा. जल्द सें एपसोड दो मअज़ाआहा रहा हैं।।।
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