Rivaz ne badal di zindgi - desi chudai mom son - Complete Kahani Part 1
Disclaimer
येकथा पूरीतरह सें काल्पनिक हें इस स्टोरी कों सच समझकर असल जीवन सें नं जोडेये मात्र मनोरंजन केँ लिए हैं तौ अपनीसमझ कां इस्तेमाल करके मात्र मनोरंजन कि द्रष्टि सें हि पडे औऱ अपने विवेक कां इस्तेमाल करे
शुक्रिया
update 1
परिवार कां परिचय
दादा- उम्र 74 अच्छे औऱ गाँव केँ सबसेबडे व्यक्ति
दादीमा- उम्र 69
मां-
मेरानाम सत्यम हैं औऱ मै उ, प्र, केँ एक् देहात केँ एक् अमीर परिवार सें हू मेरेघऱ मे बापू माँ दो बहने दादाजी दादीमा फूफी फूफाजी औऱ उनके बच्चे रहते हैं मेरी उम्र21साल हैं दादाजी 74 दादीमा 69 पिताजी 51मम्मी 46 दोनों बहने शादीशुदा हैं उनकेनाम मधु औऱ निशा हैं मेरे दोनो जीजूबी हमारे संग हि रहते हैं
तोँ कथा शुरुआत करते हैं
मेरी विवाह दूसरे देहात केँ एक् अमीर परिवार कि लडकी केँ संगतय होँ गय़ा मेरेघऱ मे सभीखुश थें मेरी मां बहोत खुश थि मै अपनी माँ केँ बहोत क्लोज हू पिताजी औऱ दादाजी दादीमा कि भि मैजान हू मेरी सगाई भि हौ गई औऱ 15 दिनबाद कां मुहूर्त निकाला गय़ा विवाह केँ लिए माँ नें कहा कि देखो आप् विवाह केँ लिए सबसे अच्छे सें कामकरो कोईकमी नहि होनी चाहिए मेरे एकलौता बेटे कि विवाह हैं मेरा प्यारा बेटा हैं पिताजी नें कहा फिक्र मतकरो सभी शानदार होगाबडे जीजू नें कहा कि कार्ड छपने केँ लिएआज डाल देते हें मधु दिदी नें कार्ड कां डिजाइन तयकर लियाफिन बापू केँ पास मोबाइल आया कि लडकी अपने प्रेमी केँ संगभाग गई हैं ये सुनकर बापू सन्नरह गए उन्होंने येबात हम् सबको बतायी तोँ दादा बोलेअब क्याँ होगा औऱ दादीमा रोनेलगे औऱ माँ भि खूब रोनेलगी औऱ बोलने लगीअब मेरे बेटे कां क्याँ होगा तौ मै सबको शांत कराने लगा बोला क्याँ हुआकही औऱ होँ जाएगी मेरी विवाह तौ दादा नें कहा बेटा यहा एक् रिवाज हैं कि अगर किसी कि सगाई केँ बाद विवाह टूटी तोँ लडके कों गाँव केँ चौराहे पऱ नंगा करकेसिर मुंडा करगधे पऱ घुमाया जाता हैं फिनउसे नामर्द बनाकर साडी पहनाकर किन्नर कि जीवन जीना पडता हैं यह सुनकर मै सन्नरह गय़ा औऱ मां बोलीं मे अपने बेटे केँ संगये नहीं होने दूंगी तूँ यहा सें भागजा तोँ पिताजी नें कहाभाग भि नहीं सकता क्युकि येखबर गाँव मे पताचल गई हैं तौ अगरये पकडा गय़ा तौ इसेजान सें मार देंगे फिनइस तरहसाम हौ गई
साम कों दादा केँ पास उनकेयार जोँ सरपंच हैं पंडित जी केँ संगआए औऱ दादाजी सें कहा कि ठाकुर साहबकल सारेलोग आएंगे वोँ परंपरा करनेमै आपका साथीहू इसलिये आपसेबात करनेआया हू कि कोई उपाय ढूंड लेँ इसलिये पंडित जी कों भि संग लायाहू कि कोई मार्ग बताए तोँ दादा नें कहाकोई मार्ग हैं पंडित जी मेरे पोते कों बचाने कां
पंडित जी- एक् मार्ग हैं ठाकुर साहबअगर लडकीभाग जाती हैं तोँ उसकीमा सें विवाह कर सकते हैं
दादा- पऱ लडकी कि मा नहीं हैं तोँ अब क्याँ करे
बापू-कोई औऱ मार्ग हैं पंडित जी
पंडित जी- हैं तोँ पर्र आप् नहींकर पाएंगे वोँ बहोत कठिन हैं
दादा- आप् बताइए तोँ
बापू-हा आप् बताइए हम् अपने बेटे केँ लिएकुछ भि करेंगे
पंडित जी - एक् बार औऱ सोच लीजिए
माँ- पंडित जी आप् बताइए हम् कुछ भि करेंगे अपने बेटे कि जीवन केँ लिए
पंडित जी- तौ मार्ग यह हैं कि अगर लडकी कि मा नहीं हैं तोँ लडके कि मा कों अपने पति कों तलाक देकर उससे विवाह करनी पड़ेगी
पिताजी- ये क्याँ कहरहे हौ आप् ये केसे हौ सकता हैं
मां- ये केसे होँ सकता हैं मै अपने बेटे सें केसे विवाह कर सकतीहू
दादा- कोई औऱ मार्ग नहि हैं पंडित जी
पंडित जी-यही एक् मार्ग हैं फिन जौ होगाउसे कोई नहींरोक सकता हैं
सरपंच- ठाकुर साहब आप् सोच लीजिए आप् रात कों मुझेबता दीजिए वरनाकल जोँ होगाउसे कोई नहींरोक पाएगा
फिन वोँ दोनों चलेगए फिनसभी बात करनेलगे दादा नें कहा कि अबकोई औऱ मार्ग नहि बचा हैं यही एक् मार्ग बचा हैं कि बहु कि विवाह सत्यम सें करदे
बापू नें कहा कि बाबूजी ये केसे होँ सकता हैं हैं सुमन उसकीमा हैं औऱ मेरी बीबी हैं
मां नें कहा कि ये नहीं हौ सकता वोँ मेरा प्यारा एकलौता बेटा हैं तौ दादा नें कहा कि तौ अपने बेटे कि लाश पर्र रोने कों सजधजकर हौ जाए तौ माँ बोलि ये नहीं होँ सकता बापू नें कहाकहा कोई औऱ मार्ग नहि हैं क्याँ दादा नें कहा बेटा अबयही एक् मार्ग हैं बहु तुझेही ये करना हि पडेगा अपने बेटे कि जीवन बचाने केँ लिए
फिन माँ रोतेहुए मान गई फिन मैंने कहा कि मैमर जाऊंगा मगर अपनी माँ सें विवाह नहि करूंगा तोँ बापू औऱ दादा नें कहा कि तेरी हमारी शपथ जोँ तुम्हारी तरफये करना हि पडेगा मां नें कहा कि तुम को मेरीशपथ जोँ मरने कां नाम लियाफिन मुझेशपथ देकरमना लिया औऱ मैंने भि दुखीमन सें हाकर दियाफिन दादा नें मोबाइल करके सरपंच कों बता दिया कि मेरी विवाह मेरी मां सें होँ रही हें तोँ सरपंच नें कहाकल मै देहात मैयेखबर घोषित कर दूंगा फिन मैंने माँ सें कहा मां ये केसे होँ सकता हैं मै आपसे विवाह केसेकर सकताहू मां नें कहा बेटा तेरीजान केँ लिएये करना हि पडेगा
मै- मां इससे अच्छा तौ मैमर जाऊं आप् मेरी माँ होँ औऱ मै आपको बीबी केसेमान सकताहू
माँ- तुँ मरने कि सोच भि नहीं तेरी जीवन केँ लिए तोँ येकररही हू औऱ अब जोँ क़िस्मत मे लिखा हैं वोँ तोँ होंगा हि मै भि ये केसेकरू यहीसोच रहीहू
पर्र क्याँ करू तुम्हें ख़त्म होते भि तौ देख नहीं सकती
फिन मै अपने कमरे मे चला गय़ा फिन अगलेदिन गाँव सबकोबता दिया गय़ा कि मेरी विवाह मेरी मां सें हौ रही हें दादा नें जीजू सें कहा कि विवाह केँ कार्ड मे दुल्हन कि स्थान पर्र माँ कां नामलिख दे औऱ सारे कार्ड बाँटदे औऱ बडे जीजू सें बोलकर माँ पिताजी केँ तलाक कराने कों भि बोल दियाफिन मधु दिदी नें दादा सें पूछा कि अबजब छोटू कि विवाह माँ सें हौ रही हें तोँ विवाह कैसी होगी तोँ दादा नें कहा विवाह वैसे हि धूमधाम सें होगी जैसे होनी थि हमारे खानदान कि इज्जत कां सबाल हैं तुम् लोगसभी तैयारी करो औऱ शापिंग भि करलो दूल्हा दुल्हन केँ लिए भि निशा दिदी नें कहा कि मा केँ रिवाज होते हैं उन्हे कौन करेगा तौ दादीमा नें कहाकौन क्याँ तेरी माँ करेगी फिनऐसे तैयारी मे तीनदिन निकल गई जीजू नें माँ बापू कां तलाक करवा दियाफिन दादीमा नें माँ सें कहा कि अब तुम् दोनों एक् कमरे मे नहींरह सकते तौ बहुअब तुम् दूसरे कमरे मे शिफ्ट हौ जाओ विवाह तक औऱ बहु तुम्हारे मा पिता कल आँ रहे हैं आखिर तुम्हारा कन्या दानवही तोँ करेंगे फिन मां नें अपना समान दूसरे कमरे मे शिफ्ट कर लिया औऱ तलाक केँ बाद बापू मां दोनों बहोत दुखी थें फिन दोनों दिदी मेरेपास आई औऱ बोलि
देख छोटू तुँ हम् सबका दुलारे हैं हम् सभी चाहते हें कि तूँ खुशरहे विवाह जीवन मे एक् बार होती हैं तोँ डो हौ रहा हैं उसेमान लें औऱ खुशरह हम् जानते हें कि यह तेरेलिए आसान नहि हैं मगरयह सोच कि माँ केँ लिए भि तोँ ये बहोत ज़्यादा कठिन हैं हम् तोँ बस इतना हि कहेंगे कि तुँ दोनों रिश्तो कों बराबर इज्जत दे औऱ बेटे औऱ पति दोनो रिश्ते कों अच्छी तरह निभा मैंने कहा देखता हू दिदी फिन वोँ दोनों चली गई फिन मेरेयार रोहनी कां मोबाइल आया
रोहन-अबे सालेतीन दिन सें कहा गायब हैं मोबाइल बी नहींउठा रहा हैं
मै - हा भइया थोडा विजी थां
रोहन - तेरी विवाह कां कार्ड आया हैं उसमे दुल्हन मे सुमन लिखा हैं तेरी विवाह तोँ अंजलि सें होँ रही थि नं औऱ सुमन तोँ आंटी कां नाम हैं न्
फिन मैंने उसे सारीबात बताई तोँ वोँ बोला भइया तेरीजान केँ लिएये कररहे हैं मतलब तेरी माँ तेरी बीबीबन जाएगी अबे तूँ तोँ अपनी माँ सें बहोत डरता हैं औऱ अब तेरी बीबी होगी तौ क्याँ होगा मेरेलिए तोँ अच्छा हैं कम सें कमअब डांट तोँ नहीं खानी पडेगा औऱ तेरी मां दिखने मे बहोत सुन्दर हैं मैंने कहा तुँ भि न् वेचलबाद मे बात करते हैं
फिन अगले नानीमा नानाजी औऱ मामीजी मामाजी भि आँ गएफिन नानीमा औऱ मामाजी मां सें बात करनेलगे
नानीमा- सुमन तूनेसही फैसला किया हैं पऱ मै जानती हूं कि यह तेरेलिए कितना मुश्किल हैं पऱ सत्यम कां भि सोच उसकी तौ पहली विवाह हैं उसके भि कुछ ख्वाब होंगे कुछ उम्मीद होगी अपनी पत्नि सें औऱ तुझेही उसी केँ संग सारी जीवन गुजारी हैं बीबी बनकर तोँ इसको स्वीकार कर लेँ औऱ सत्यम कों पति मानकर अपना धर्म निभा
माँ- मामै पत्नि होने कां हर फर्ज पूरा करूंगी पऱ वोँ मेरा बेटा हैं तोँ जौ नाता आप् सोचरही होँ वोँ तोँ नहीं होगाफिन वोँ बाहर् चलेगये औऱ विवाह कि तैयारी मे लगगएफिन मां मेरेपास आई औऱ बोलि बेटा तेरी विवाह होँ रही हैं तूँ खुशरह मै जानती हूं कि ये बहोत मुश्किल हैं पऱ विवाह जीवन मे एक् बार होती हैं मै भि कोशिश कररही हूखुश होने कि मेरे बेटे कि विवाह हैं पर्र फिन ख्याल आता हैं कि मै हि दुल्हन हू तोँ खुशी धूमिल हौ जाती हैं मैंने कहा माँ कोशिश मै भि कररहा पर्र नहीं हौ रहा हैं फिन माँ भि काम मे लगगए
फिन अगलेदिन रोहनआया तौ माँ नें दरवाजा खोला तोँ उसने हमेशा कि तरह माँ केँ पांव छूकर नमस्कार आंटी बोला औऱ माँ नें कहा केसे हौ बेटा तौ रोहन नें कहाठीक हू आंटीफिन मैउसे अपने कमरे मे लेँ गय़ा
रोहन- भइया तेरेघऱ मे तोँ फुलटू तैयारी चलरही हैं तेरी विवाह कि
मै-हा
रोहन- भइया तूँ बहोत लक्की हैं तेरी माँ बहोत सुंदर हैं औऱ बहोत सेक्सी भि हैं
मै- मतलब
रोहन- भइया मतलब कि आंटी कां जिस्म बहोत भराभरा हैं तुझेही सुहागरात मे बहोत मज़ाआने वाला हैं
मै - भइया माँ हैं मेरी तूँ कुछ भि बोलरहा हैं
रोहन- तौ क्याँ तूँ सुहागरात नहीं मनाएगा औऱ तेरी मां तेरी बीबी बनने वाली हैं सोच लेँ तेरी मां सचमुच कमाल हैं
मै - तुँ भि न् चल परसो केँ लिए मैंने दो शेरबानी खरीदी हैं बताकौन सि पहनेरेड याँ ब्लू
रोहन-रेड
मैनेकहा ठीक हैं फिन वोँ चला गय़ा फिन विवाह कां दिन आँ गय़ा औऱ तरघऱ मे पार्लर वाली आँ गई मां औऱ मुझे रेडी करने केँ लिए औऱ फिन बारात केँ लिए रेडी होँ गय़ा फिन सारे रीति रिवाज केँ लिए मां कों बुलाया गय़ा औऱ मां मेकअप करके बाहर् आई औऱ सारे रिवाज पूरे करके रेडी होनेचली गई औऱ मै घोड़ी मे बैठकर बारात लेकर हमारे फार्म हाउस कि जज नें लगेसभी बारात मे नाचरहे थें मेरे मित्र बहोत नाचरहे थें मेरी बहने फूफी औऱ बाकीसभी भि बहोत खुश थें मेरी बारात फार्म हाउस पहुंची तोँ मामाजी नें मुझे घोडे सें उतारा औऱ कहा जीजाजी चलिएफिन मै स्टेज पर्र गय़ा औऱ थोड़ीदेर बाद मौसी औऱ मामीजी माँ कों लेकर आँ गए मां दुलहन केँ रूप मे बहोत अच्छी लगरही थि फिन जयमाला शुरुआत हुइ मै माँ कों माला पहनाने लगा तोँ मामाजी लोगों नें मां कों ऊपरउठा लियाफिन मेरे दोस्तों नं मुझे भि उठाया औऱ मैंने माँ कों माला पहना दि फिनजब माँ मुझे माला पहनाने बाली थि तभी मेरे दोस्तों नें मुझेऊपर उठाया औऱ हूटिग करनेलगे फिन मां नें मुझेकहा जल्द नीचेउतर मैंने मित्र सें कहा उतारो फिन मां नें मुझे माला पहनाई फिन दोस्तों नें मुझेकहा भइया तूँ तोँ अभि सें भाभी सें डरनेलगा फिनसभी हंसने लगेफिन सबने हमारे संग फोटो खिंचवा लीफिन हमारी विवाह कां कार्यक्रम शुरुआत होँ गय़ा पंडित जी नें मंत्र पढनेलगे औरमैंने मंगल सूत्र पहनाया औऱ मांगभरी फिन पंडित जी नें कहा कि फेरे केँ लिएखडे हौ जाओफिन हमने फेरेलिए सात फेरे केँ बाद पंडित जी नें कहा कि अब तुम् दोनों पति-पत्नि हौ विवाह संपन्न हुई अब आप् सब बड़ो कां आशीर्वाद लें फिन हमने सबसे पहले दादीमा दादा कां आशीर्वाद लिया उन्होंने माँ कों सदा सुहागन रहने कां आशीर्वाद दियाफिन हमने नानीमा नानाजी बापू औऱ फूफी कां भि आशीर्वाद लियाफिन हम् सभी खानां खाने केँ लिए बैठे तोँ सभीहसी मजाककर रहे थें फूफी नें कहा कि सत्यम अपनी पत्नि कों अपनेहाथ सें खिला मेरे मित्र भि मां कों भाभीकह रहे थें फिन विदाई होनेलगी नानीमा नें मुझसे कहा बेटा अब तूँ मेरा दामाद हैं तोँ मेरी बेटी कों जीवनभर खुश रखना औऱ माँ सें कहा कि अबयह तेरा पति हैं तौ अपना पत्नि धर्म पूरी ईमानदारी सें निभाना फिन विदाई हुइ
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update 3
आगे
सुभहरोज कि तरह माँ जल्दउठ गई औऱ नहाकर टावल लपेटकर बाहर् आई औऱ मुझे उठाने लगी
माँ- सत्यम उठजानौ बजगए हैं पूरारूम विखरा हुआ हैं कोई अभि आता हि होगाहमे बुलाने कमरे कि हालतदेख कर क्याँ सोचेगे चलउठ अभि कोईआता हि होगाहमे बुलाने अभि कुछ रस्मे औऱ दोपहर मे कथा भि हैं तूँ नहा केँ रेडी हौ जाफिन मैउठा तोँ देखा कि पूरारूम विखरे हुआ थां हमारे कपड़ेयहा वहांपडे थें मैउठा तोँ देखा कि मै नंगा थां मैंने कहा मां मेरी चड्डी कहा हैं तोँ माँ नें कहा कि होगीयही कही तुँ जाकरनहा लेँ जल्द सें मै वैसे हि उठा तोँ माँ पैंटी पहनरही थि औरफिर टावल उतारकर ब्रा पहनने लगी पर्र उनका ब्रा कां हुक नहींलग रहा थां तौ उन्होंने कहा कि मेरी ब्रा कां हुक्म लगादे तोँ तोँ मै माँ केँ पास गय़ा औऱ उनकी ब्रा कां हुकलगा दिया औऱ माँ कि पीठ कों चूम लिया माँ सिसकउठी औऱ कहाहट बदमाश फिन दरवाजा कों कोई खटखटाया तौ माँ नें कहाकौन हैं तोँ बाहर् सें मधु दिदी कि आवाज़ कि मां हम् हैं तौ मां नें कहाजा टावल लपेटकर दरवाजा खोलमै टावल लपेटकर दरवाजा खोला तोँ रिंकी नें बोलागुड मार्निग भईया मैंने भि कहागुड मार्निग छोटीफिन दिदी अंदरआई तौ देखा कि पूरारूम विखरे हुआ थां हमारे कपड़ेयहा वहांपडे थें माँ कपड़ेपहन रही थि माँ नें मुझसे कहाजा जल्द जाकरनहा लेँ मै जल्द सें बाथरूम मे नहाने चला गय़ा औऱ फिन माँ नें दिदी सें कहा क्याँ हुआ तौ दादीमा नें आप् दोनों कों बाहर् बुलाया हैं कि कुछ रस्मे हें तौ माँ नें कहाठीक एक् कामकर मै रेडी होँ रहीहू तूँ रूमठीक करदे
दिदी- मां कमरे कि हालतदेख करलगरहा हैं कि कलरात यहाकोई युद्ध हुआ हैं औऱ रातभर बहोत आवाज़ भि आँ रही थि सभी बाहर् वही बातेकर रहे हैं
मां- क्याँ आवाज़ बाहर् तक आँ रही थि क्याँ सोचरहे होंगे सभी
दिदी- क्याँ सोचेगे आखिर विवाह कराई हैं उन्होंने आपकी औऱ यह करने केँ लिए मजबूर किया हैं तौ जोँ सोचना हैं सोचने दो
मां- अच्छा हैं कम सें कम तुम् दोनों तौ समझती हौ
फिन दिदी बाहर् आँ गई
[ ] फिन मां मेरे कपड़े बिस्तर पर्र रखकर बाहर् जानेलगी औऱ बोलीं कि तेरे कपड़ेरख दि हू जल्द रेडी होकर बाहर् आँ जाफिन माँ पूरीनई दुल्हन कि तरह रेडी होकर मांग मे सिंदूर गले मे मंगल सूत्र दोनों हाथो मे चूडालाल साडीसभी हाल मे बैठे थें मां बाहर् जाकर पहले दादा दादीमा कां आशीर्वाद लियाफिन दिदी नें कहा कि बहु सत्यम कहा हैं तौ माँ नें कहा वोँ सजधजकर होकर आँ रहा हैं तौ दादीमा नें कहा कि अभि तुम्हारी पहली किचन कि रस्म करनी हैं तोँ तुम् किचिन मे जाकरखीर बनादो फिन इतने मे मै भि बाहर् आँ गय़ा औऱ रोज कि आदत कि तरह माँ केँ पेर छूकर आशीर्वाद लिया तौ दादीमा नें कहा कि ये क्याँ कररहा हैं तुँ अब तूँ ये नहींकर सकताअब वोँ तेरी बीबी हैं तोँ मैंने कहा कि पहले वोँ मेरी माँ हैं औऱ मै जौ सम्मान उन्हें हमेशा सें देताआया हंसने वोँ तौ हमेशा दूंगा वोँ कभीबदल नहीं सकता तौ दादा नें कहाठीक हैं जैसा तुम्हें करना हौ करो पर्र पति पत्नि केँ रिश्ते कों भि अच्छे सें निभाकर इसवंश कों आगे बढाने केँ बारे मे भि सोचना हैं फिन मां नें दिदी सें कहामधु चल किचिन मे मेरी सहायता करफिन मां खीर बनाने लगी औऱ मै पिताजी औऱ सबकेसंग बाहर् बैठेरहा मैंने बापू सें पूछा केसे होँ तोँ बापू नें धीरे-धीरे स्वर मे कहाठीक हूफिन जीजू नें मुझे छेड़ते हुए पूछा कि सत्यम कैसीरही सुहागरात तौ मै हल्के सें मुस्कुरा करकहा आप् भि न् जीजूफिन माँ खीर बनाकर बाहर् आईफिन दादीमा नें कहा तुम् दोनों चलो औऱ सबसे पहलेखीर कां भोग लगाकर आशीर्वाद लें लो अपनेनए जिंदगी केँ लिएफिन माँ नें सबकोखीर परोसी सबनेखीर कि बहोत तारीफ कि औऱ माँ कों एक् एक् करकेनेग देनेलगे दादीमा नें माँ कों सोने केँ कंगनदिए औऱ बोलि कि ये मैंने अपने पोते कि बहू केँ लिए उसके जन्म केँ वक़्त बनाए थें पऱ पता नहि थां कि जिसबहू कों मैंने अपना खानदानी हार दिया थां उसी कों ये देना पडेगा फिन सबनेकुछ नं कुछ तोहफा दियाफिन मां नें फूफी सें कहा मंजू बच्चे कहा हैं तोँ फूफी नें कहा कि भाभीअब आप् मेरी भाभी नहीं होँ अब आप् सत्यम कि बीबी हौ इस नाते सें अब आप् मेरीबहु होँ औऱ मै आपकी फूफी सासू तौ अब आप् मुझे फूफी जी कहकर बुलाइए तोँ दादीमा नें भि कहाहा सुमनअब रिश्ते बदलगए हैं औऱ हमे भि अब तूँ मा पिता जी नहीं कहेगी हम् सत्यम केँ दादा दादीमा हैं तौ तुँ भि वहीकह हमे औऱ मधु औऱ निशा भि सत्यम कि बहने हैं तोँ वोँ अब तुम्हारी नन्द हैं तोँ उन्हे भि दिदी बोलो तोँ दिदी बोलि नहीं मां हमारी मां हि रहेगी औऱ भइया भि भइया हि रहेगा हमारा नाता जोँ हैं वही रहेगा हम् अपनी मां नहींखो सकते तोँ फिन सबनेकहा ठीकफिन कथा कां टाइम हौ गय़ा औऱ पंडित जीकथा कराने आँ गएफिन हम् दोनों कथा मे बैठेफिन थोड़ीदेर बादकथा समाप्त हौ गई फिन हमने पंडित जी सें आशीर्वाद लियाफिन पंडित जी नें कहा कि नव बंधु अपने पति केँ चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लेँ तौ मां सबको देखने लगी तौ दादीमा नें कहा सुमनपेर छूकर आशीर्वाद लो तौ मैंने कहा माँ मेरेपेर नहि छुएगी मै एक् औऱ पाप नहीं करूगा यह मेराकाम हैं तोँ मै मां केँ पांव छूकर आशीर्वाद लूंगा फिनये देखकर मां नें कहा देखो मेरा बेटा कितना संस्कारी हैं औऱ अपने धर्म कों कितनी अच्छी तरह निभारहा हैं फिनयह देखकर बापू भि थोडा खुशहुए कि उनका बेटा कितना संस्कारी हैं फिनसभी ख़त्म होने केँ बाद मां खानां बनाने किचिन मे चली गई औऱ फूफी औऱ मामीजी भि उनकी सहायता करनेचली गई औऱ मै अपने कमरे मे बैठकर गेम खेलने लगा किचिन मे फूफी औऱ मामीजी माँ सें बात करनेलगे
मामीजी- औऱ दिदी सुहागरात कैसीरही रातभर आवाजें तौ बहोत आँ रही थि
फूफी- हा लगता हैं दोनों नें ये नाता स्वीकार कर लिया हैं आपकी आवाज़ सुभह तक आँ रही थि लगता हैं सत्यम नें रातभर सोने नहीं दिया हैं
मामीजी- औऱ आपकीचीख सें पताचल रहा थां कि सत्यम मै बहोत दम हैं तभी तौ एक् तीनबडे बडे बच्चों कि मां कि भि चीख निकाल दि औऱ हंसने लगे
माँ- आप् दोनों भि नं कुछ भि बातकर रही हैं
फूफी- कुछ भि नहि जोँ रातभर सुनाई देरहा थां वहीबात कररहे हें लगता हैं इसघऱ कों नया वारिस जल्द हि मिल जाएगा
फिन दोनों हंसने लगी औऱ माँ खानां बनाने मे मशगूल होँ गई
फिन मेरे मित्र रोहन कां मोबाइल आया
रोहन- औऱ भइया कैसीरही सुहागरात झंडेगाड़ दिया होगा तूने तौ
मै-अबे तूँ भि नं औऱ कैसा हैं
रोहन-अबे वोँ सभीछोड़ यहबता सेक्स हुआ कि नहीं औऱ कैसालगा पहलीबार सेक्स औऱ वोँ भि अपनी मां केँ संग
मै - अबेछोड़ न्
रोहन नखरे नहि कर जल्दबता
मै-हा भइयाहुआ हमे इमोसनल ब्लैकमेल करा तौ ये भि करनापड़ा
औऱ रोहन- आनंदआया कैसालगा पहला सेक्स वोँ भि अपनी मां केँ संग औऱ कितने बार किया औऱ कब सोया
मै, - भइया अच्छा लगा औऱ एक् अलग हि उत्साह थां माँ केँ संग औऱ तीनबार किया औऱ सुभह केँ चारबजे सोए
रोहन- ओएभाई मैनेकहा थां नाँ आँटी केँ संग तुम को बहोत मज़ा आएगा औऱ हामैकलआ रहा हूं आंटी यानी भाभी सें मिलने औऱ तुम को एक् बात भि बताना हैं
फिन उसने मोबाइल रख दियाफिन इसतरह रात हौ गई सभी खानां खाकर अपने कमरेमै चलेगए मै भि अपने कमरे मे चला गय़ा फिन थोड़ीदेर बाद मां भि कमरे मे आँ गई औऱ बिस्तर मे मेरेबगल मे आकरबैठ गई औऱ हम् बात करनेलगे
Plot k mutabik mummy beta ek dushre ko pehli kee prakaar hi samjhta h bus ek naye rishta ko aur nibha rahe h aur beta mummy kee maan aadar deta h h aur aage dekhte hain aur kya kya twist aata h
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update 4
आगे
बिस्तर मे बैठकर बाते करनेलगे
मां- कैसारहा तेरादिन
मै - ठीकठाक थां बसघऱ केँ लोग बकबास कररहे थें बसकलरात कों लेकरबात कररहे थें औऱ मजाककर रहे थें
मां- अब क्याँ कर सकते हैं बेटा ये तोँ होना हि थां एक् मा बेटा पति पत्नि बने हैं तौ लोग मजाक तौ करेंगे हि इन बातों कों सीरियस मत लेँ
मै- पऱ मां बारबार पूछरहे थें कि सुहागरात कैसीरही
मां- अरे बेटा लोग पूछते हैं सुहागरात केँ बारे मे मुझे भि पूछरहे थें ये नार्मल हैं औऱ अबजब हम् एक् नए रिश्ते मे बंधगए हैं तौ उसे भि अच्छे सें निभाते हैं
मै-हा मां मै कोशिश करूंगा पऱ मै आपका पति बनने केँ चक्कर मे अपनी मम्मी कों नहींखो सकतामै नहीं चाहता कि मेरी मां मुझसे दूर हौ जाए औऱ वोँ बस पत्नि धर्म निभाने केँ चक्कर मे आपने बेटे कों भूलजाए औऱ बस पत्नि बनकररह जाए
माँ- हा बेटा मै भि तुम्हें नहींखो सकतीमै नहि चाहती कि मेरा बेटा मुझसे दूर हौ जाए औऱ केवल मेरा पति बनकररह जाए
मै - माँ मै चाहता हूं कि आप् पहले कि तरह मुझे पूरेहक केँ संगरहो मुझे डाटों मुझेगलत करने पऱ रोको औऱ चाहो तौ पहले कि तरह मारों भि बैसा हि रहो जैसे हमेशा सें थि मै अपनी मां कों नहींखो सकता प्लीज मुझसे मेरे बेटे होने कां हककभी नहीं छिना आप् वादाकरो
मां- अरे मेरा बच्चा मै तुझसे तेराये हककभी नहीं छिनूगी औऱ तूँ भि वादाकर कि तुँ भि पहले कि तरह पहले मेरा बेटा हि रहेगा औऱ मेरेमा होने कां हक नहीं छिनेगा
मै-जी माँ वादारहा
मां- पऱ एक् औऱ शपथखा कि तुँ अपना पति होने कां हक भि नहीं छोडेगा औऱ मुझपे औऱ मेरे जिस्म पर्र अपनाहक जाताएगा औऱ तुँ इसलिये पीछे नहीं हटेगा याँ संकोच करेगा कि तेरी बीबी तेरी माँ हैं मै नहीं चाहती कि मेरा बेटा मेरे कारण अपनाकोई भि हक छोडे
मै - पर्र मां
मां- देख बेटा हमारे बीच मे कल एक् दीवार तोँ हट हि चुकी हैं जानती हूये बहोत मुश्किल हैं हम् दोनों केँ हि लिए पऱ तुम्हें औऱ मुझेअब एक् संग हि जीवन जीना हैं औऱ मै नहीं चाहती कि मेरा बेटा विवाह शुदा होकर भि दुखीरहे औऱ अपनाहक छोडे तौ शपथखा मेरी
मै - ठीक हैं माँ ये बहोत मुश्किल हैं जौ कलहुआ पऱ जब आपनेशपथ दे दि हैं तोँ ठीक हैं मै पति कां भि पूरा फर्ज निभाऊगा
माँ- चल औऱ बता तूँ खुश हैं कि नहीं तेरी विवाह मुझसे होँ गई कहा तेरी विवाह एक् जवान सुंदर लडकी सें होने वाली थि औऱ कहा मेरेसंग एक् मोटीबडी उम्र कि मा केँ संग हौ गई
मै- माँ आप् ऐसा क्यूबोल रही हौ
मां- सही तौ कहरही हू मैतू एक् हसीन औऱ जवान लडकी डिजर्व कराता थां औऱ मै तौ एक् मोटी बुड्ढी स्त्री हू
मै- मां आप् बुड्ढी नहीं हौ आप् बहोत सुंदर होँ औऱ मोटी नहीं हौ ये तौ आपको औऱ हसीन बनाता हैं मेरेसभी सभी मित्र कहते हें कि सत्यम तेरे पिताजी बहोत खुशकिस्मत हें जोँ उन्हे आंटी जैसी बीबी मिली
माँ- चलकुछ भि
मै-हा माँ औऱ मै भि आपसे नहीं कहता थां कि मुझे आप् जैसी बीबी चाहिए पऱ मुझेयह नहींपता थां कि मेरी विवाह आपसे हि हौ जाएगी
मां- ओ मेरा बच्चा तुँ मुझे इतना मनपसंद करता हैं
मै - हा माँ हर बेटा पहले अपनीमा कों हि सबसे अधिक चाहता हैं
मां- हू बेटा ये तौ सच पर्र क्याँ करे जौ क़िस्मत मे लिखा हैं वोँ तोँ होंगा हि औऱ सच्चाई ये कि अब हम् पति पत्नि हैं
मै-हा माँ औऱ हा मेरेयार हैं नं रोहन उसका मोबाइल आया थां
माँ- क्याँ बोलरहा थां वोँ हमेशा मेरी डांट खाता रहता हैं
मै-हू वोँ आपसे बहोत डरता भि हैं बोलरहा थां कि सुहागरात कैसीरही क्याँ क्याँ हुआ औऱ कब सोया
माँ- तूने क्याँ कहा
मै- मेरा बेस्ट फ्रेंड हैं तोँ मैंने जौ थां सभीबता दिया
माँ- तुँ भि नं उसे बताने कि क्याँ जरूरत थि
मै- मां कलरात कां फैसला लेने मे उसने भि मेरी सहायता कि थि औऱ बोला भि थें कि आप् बहोत हसीन हौ औऱ विवाह होँ गई हैं तोँ अपना कर्तव्य निभा औऱ हाकल आँ रहा हैं वोँ कुछ बताना भि चाहता हैं
माँ- ठीक हैं आनेदो
फिन माँ मेरे कंधे मे सिर् रखकर मुझसे बात करनें लगी
मां- बेटा कल जोँ हुआ वोँ थां तोँ गलत एक् मा बेटे केँ लिएमगर एक् पति पत्नि केँ लिए बहोत जरूरी थां तुम्हारी तरफ कैसालगा कल तेरा पहलीबार थां नं
मै-हा मां जौ कलहुआ सही नहि हुआ मैंने कभी नहीं सोचा थां कि मै अपनी मां केँ संग सुहागरात मनाउगा औऱ मेरा पहलीबार थां मगर आपकेसंग मुझे बहोत अच्छा लगा आप् सचमै बहोत अच्छी होँ माँ
यह सुनकर मां मेराहाथ पकड़ लेती हैं फिन
माँ- बेटा तुँ भि बहोत अच्छा हैं मेरी स्थान औऱ कोई भि तेरी बीबी बनती तोँ वोँ भि बहोत खुशकिस्मत होती वोँ अंजलि बेवकूफ थि जौ तुम्हें छोडकर किसी औऱ सें विवाह करली
ऐसा बोलकर माँ मुझेगाल पऱ किसकर देती हैं इससे मेरा लन्ड लोवर मे खडा होँ जाता हैं अचानक माँ कि नजर मेरेखडे लन्ड पर्र पडती हैं
माँ- अरे लगता हैं तुँ एक्साइटेड हौ गय़ा हैं तेरा तौ खडा हौ गय़ा हैं
मै - वोँ माँ आप् मेरे सें चिपके होँ नं औऱ अभि आपनेकिस भि किया तौ ये अपने आप् खडा हौ गय़ा
माँ- लगता हैं तुम्हे आज भि करने कि ख़्वाहिश हैं
मै- पर्र मां आजफिन सें केसे औऱ जब शुरुआत करते हैं तोँ मुझे बहोत वक्त लगता हैं औऱ फिन सें करने कि ख़्वाहिश होने लगती हैं औऱ आपको दर्द भि होता हैं औऱ अपनी मां कों दर्द केसेदे सकताहू
माँ- अरे बेटा मैंने तुझसे कहा हैं नं कि तुँ एक् पति कि ख़्वाहिश कों नहीं मारेगा औऱ वोँ दर्द अच्छा लगता हैं बेटा औऱ तूँ बेटे केँ संग पति भि हैं तौ हिचकिचा मत
फिनयह कहकर माँ अपने होठों कों मेरे होठों सें मिलाकर किस करनेलगी औऱ उमम्मम उमम्मम कि सिसकियाँ लेनेली हम् दोनों एक्-दूसरे केँ होठों कों चूसरहे थें
Rivaz ne badal di zindgi - desi chudai mom son - Next part miss mat karna
दोस्त क्याँ यह original किस्सा हैं याँ कहीं सें कॉपी-पेस्ट ? मैंने शायदऐसी हि स्टोरी कहींपढ़ी हैं, उससे मिलती-जुलती लगरही हैं इसलिये पूछरहा हूं !
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