आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
ख़ान औऱ सना केँ संग थ्रीसम केँ बादरात मे आँचल कों सेक्सी ड्रीम्स आए। ख्वाब मे उसने देखा ख़ानउसे औऱ सना कों चोदरहा हैं। मगरफिन सपनाबदल गय़ा औऱ आँचल नें देखा उसका ससुरजी उसे औऱ सना दोनो कों चोदरहा हैं। आँचलजब सुभहउठी तौ उसेरात कां सपनायाद आया.आज उसका ससुरजी आने वाला थां। ससुरजी सें मुलाकात कों लेकर आँचल कों डर केँ संग एक्साइट्मेंट भि हुआ। आँचल कों पूरा यकीन थां सुनील केँ लौटकर आने सें पहलेघऱ मे उसे अकेला पाकर ससुरजी चोदने मे बिल्कुल भि देर नहीं करेंगे। ससुरजी सें चुदवाने केँ ख़याल सें उसकी बुर गीली हौ गई,, मगर उसका दिमाग़ कहरहा थां यह ग़लत हैं.
“क्याँ करूँ ?” आँचलसोच मे डूब गयीँ,.
आँचल एक् सुंदर औऱ जवान स्त्री थि। एक् बारजब उसने खुलकर सेक्स केँ मज़े लें लिए, जबउसे पतालगा कि असली चुदाई क्याँ होती हैं तोँ अब वोँ अपने कों चुदाई कां मजा लेने सें रोक नहीं पाती थि। उसकी कामइच्छाएँ उसके दिमाग़ पर्र भारीपड़ जाती थि। अगर विवाह केँ कुछ महीने बाद समीर औऱ किमी नें आँचल कों सिड्यूस करके जबरदस्त चुदाई केँ मज़े नहीं दिलवाए होते तौ शायद वोँ आज एक् पतिव्रता स्त्री होती औऱ सुनील केँ संग जैसे तैसे गुजारा कर लेती। शायद वोँ अपनी कामइच्छाओं कों दबा लेती याँ फिनमूठ मारकर कामचला लेती.मगर समीर औऱ किमी केँ संगउस घटना केँ बाद उसकोपता चल गय़ा कि अगर मर्द अच्छे सें चोदे तोँ स्त्री कों बहोत मजादे सकता हैं। बड़े लन्ड सें अपनी टाइट बुर केँ स्ट्रेच होने कि फीलिंग हि कुछ औऱ थि। अब आँचल कों जब भि चुदाई कां मौका मिलता थां तोँ वोँ अपने कों रोक नहीं पाती थि औऱ चुदवा लेती थि.
आँचल कों एक् दोबार ससुरजी नें पैंट केँ बाहर् सें अपना लन्ड पकड़वाया थां, ससुरजी कां भि तोँ बड़ा लन्ड थां, आँचल कों ससुरजी केँ संग हुइ वोँ घटनायाद आई, उसको उत्तेजना आई.फिन आँचल सोचने लगी, एक् बार ससुरजी नें उसेचोद दिया तौ वोँ बारबार उसे चोदेंगे। कभी नां कभी उसकी सासू याँ पति सुनील उन्हे पकड़ हि लेगा.फिन क्याँ होगा ? घऱ मे बाप बेटे केँ बीच झगड़ा होँ जाएगा, वोँ अपने मां बापू कों क्याँ मुँह दिखाएगी। बाहर् तौ कभी कभार चुदवाने मे पकड़े जाने केँ चांसकम हें पऱ घऱ मे ससुरजी केँ संग तौ वोँ अवश्य पकड़ी जाएगी। नहाते वक्त आँचल केँ मन मे यहीसभी विचार आँ रहे थें। कुल मिलाकर वोँ उलझन मे थि, ससुरजी सें चुदाई मे उसेकोई ऐतराज़ नहीं थां पऱ दिमाग़ कहरहा थां कि इसमे बहोत रिस्क हैं, ससुरजी सें बच केँ रहो.
नहाकर फैक्ट्री जाने केँ लिए रेडी होकर आँचल अपने माँ बापू केँ संग ब्रेकफास्ट करनेलगी। वोँ परोठा खारही थि तभी उसके ससुरजी कां मोबाइल आँ गय़ा.
“आज तुम् अपनाबैग पैक करके रखना। फैक्ट्री सें हम् संगसंग तुम्हारे पिताजी केँ घऱ जाएँगे औऱ तुम् हमारे संग अपनेघऱ वापस आओगी.आज कि रात तौ बहोत रंगीन होगी, तेरी बाँहों मे…” ससुरजी मस्ती मे बोला.
ससुरजी कां प्लान सुनकर आँचल कों डरलगा, पऱ उसे उत्तेजना भि हुईँ, वोँ मात्र “उनन्ं…जी …” हि बोलपाई.
“बस तुम् जल्द सें फैक्ट्री आँ जाओ, तुम्हें देखने औऱ चूमने कां दिलकर रहा हैं.” ठरकी ससुरजी नें कहा.
“ज्ज्ज…जी.” आँचल नें धीरे-धीरे सें कहा.
“यह क्याँ जी…जीलगा रखा हैं। जल्दआओ मेरा लन्ड बहोत उतावलापन रहा हैं.” उत्तेजित होतेहुए ससुरजी नें कहा.
“उम्म्म…हाँ, बस अभि आँ रही हूं…” आँचल नें धीरे-धीरे सें जवाब दिया.
“क्यूं तुम्हारी तरफ भि तड़पन होँ रही हैं ? कहो नाँ…” ससुरजी मस्ती मे थां.
“ज्ज…जी हाँ …” आँचल धीरे-धीरे सें बोलि। टेबल पर्र सामने परोठे खातेहुए उसके माँ पिताजी उसको हि देखरहे थें। आँचल कां मुँहशरम सें लाल हौ गय़ा, उसने सोचा ससुरजी तोँ मोबाइल रखेंगे नहीं, ऐसी हि कामुक बातें बोलते रहेंगे। आँचल नें मोबाइल काट दिया.
आँचल कि मां नें पूछा, तौ आँचल नें बताया कि वोँ दोपहर मे फैक्ट्री सें लौटते वक्त ससुरजी केँ संग आएगी औऱ फिन अपना सामान पैक करके वापस ससुराल चली जाएगी.
आँचल केँ पिताजी बोले, बेटा यह तौ अच्छी बात हैं। तुम् बहोत दिनों सें मायके मे होँ। आज अपनेघऱ चली जाओगी.
अब आँचल सें परोठा निगला हि नहींजा रहा थां। वोँ सोचने लगी, ससुरजी तौ कहरहे थें, तेरी बाँहों मे आज कि रात बहोत रंगीन होगी.आज तोँ मे किसीहाल मे नहींबच सकती। धीरे-धीरे धीरे-धीरे उसने ब्रेकफास्ट समाप्त किया औऱ वाहन लेकर फैक्ट्री आँ गयीँ,.
फैक्ट्री पहुँचकर आँचल नें देखा उसका दफ़्तर अंदर सें बंद थां। नॉक किया तोँ बंसल नें द्वार (दरवाज़ा) खोला औऱ आँचल केँ अंदरआने केँ बादफिन सें लॉककर दिया.
आँचल नें देखा टेबल पऱ बहोत सारी नोटो कि गड्डियां पड़ी हुइ हें औऱ बंसल उनकोगिन रहा हैं.
आँचल नें पूछा तोँ बंसल नें बताया कि ससुरजी अभि कहीं बाहर् गये हें एक् दो घंटे मे वापस आँ जाएँगे.
फिन बंसल रुपये गिनना छोड़कर आँचल कि कमर मे हाथ डालकर उसको अपनीतरफ खींचते हुए बोला, ”कल ख़ान औऱ सना केँ संग बहोत मज़ेकिए तुमने ? ”
ब्लाउज केँ नीचे नंगीकमर पऱ बंसल केँ हाथ घूमने लगे। आँचल नें बंसल कों धक्का देकर हटाने कि कोशिश कि मगर बंसल नें उसकीकमर औऱ टाइट पकड़ली औऱ सोफे पऱ आँचल कों खींच लिया.
“यह क्याँ कररहे हौ तुम् बंसल ? छोड़ो मुझे …” आँचल नें रूखेपन सें बंसल कों झिड़कते हुएकहा.
“छोडूं याँ चोदूँ.” बंसल ज़ोर सें हंसते हुए बोला.
फिन एक् हाथ सें आँचल केँ सुंदर चेहरे कों ज़ोर सें दबाते हुए बोला, ”भूल गई, क्याँ ? मेरेपास टेप हैं। तेरी चुदाई कां सबूत, तेरे नौकर केँ संग….”
फिन उसने औऱ भि ज़ोर सें आँचल केँ गालों कों अपनेहाथ सें पकड़कर दबाया, आँचल दर्द सें कसमसाई.
“मेरेसंग अच्छे सें पेशआओ मैडम। नहीं तौ मे वोँ टेप तुम्हारे ससुरजी कों दे दूँगा। समझी ?”
“ओइईई…….बंसल, प्लीज़ ….दर्द होँ रही हैं …….मेरा चेहरा तौ छोड़दो ” दर्द सें चिल्लाते हुए आँचल बोलीं.
“प्लीज़ …बंसल जी…ओके ओके, मे अच्छा बर्ताव करूँगी तुम्हारे संग….”
आँचल कों दर्द सें कसमसाते देखकर बंसल नें उसका चेहरा छोड़ दिया.फिन उसके कंधे मे हाथ डालकर उसको अपनेपास खींचते हुए बोला, ”अब बताओ आँचलजी, मजा कियाकल तुमने ?”
“हाँ.” आँचल नें धीरे-धीरे सें कहा.
बंसल फुसफुसाया, ” बसहाँ ? यह क्याँ जवाब हैं आँचलजी ? ज़रा खुलकर बताओ, क्याँ क्याँ मस्ती कि तुमने ख़ान औऱ सना केँ संग ?
“हाँ, बहोत मजाआया.” आँचल भि फुसफुसाते हुए बोलि.
“क्याँ तुम् दोनो कों चोदा ख़ान नें ?” बंसलफिन फुसफुसाया। बंसल नें अब पीछे सें आँचल कां ब्लाउज खोल दिया थां औऱ फिनलेस वाली ब्रा भि उतार दि। ब्लाउज औऱ ब्रा कों एक् तरफ फेंक दिया। आँचल चुपचाप बैठीरही। बंसल उसकोटेप कां डर दिखाकर ब्लैकमेल कररहा थां.
मादक आँचल कों ऊपर सें नंगा करके बंसल उसकी गोरी गोरी बड़ी चूचियों कां हाथ लगाकर वजन तौलने लगा.फिन उसने ज़ोर सें मम्मों कां निपल उंगलियों सें दबा दिया.
“ओइईई……आआहह.” आँचल दर्द सें चिल्लाई.
“कहो आँचलजी, सारी कि सारी स्टोरी बताओ। चुपमत रहो, नहीं तोँ.” कहतेहुए बंसल नें फिन सें उसके निपल कों ज़ोर सें दबाकर दर्दकर दि.
“अच्छा अच्छा ….प्लीज़ ऐसे दर्दमत करो.सभी कुछ बताती हूं प्लीज़…” बेचारी आँचल अपनी चुदाई कां किस्सा बंसल कों बताने लगी.
बंसल उसकीबात सुनते हुए उसकी चूचियों औऱ निपल कों मुँह मे भरकर चूसने लगा.
आँचल अपना किस्सा सुनारही थि औऱ बंसल उसकी चूचियों कों मसलरहा थां, चूसरहा थां। अब आँचल भि उत्तेजित होनेलगी औऱ किस्सा सुनाते हुएबीच बीच मे सिसकारियाँ लेनेलगी। बंसलसमझ गय़ा, साली गर्म कुतिया उत्तेजित होनेलगी हैं.
उसने आँचल कों सोफे सें खड़ाकर दिया औऱ बोला, ” फटाफट साड़ी पेटीकोट उतारदो.”
“कोई आँ जाएगा बंसलजी.” आँचल उत्तेजना सें काँपती आवाज़ मे बोलि, मगर कपड़े उतारने लगी.
“दरवाजा बंद हैं। घबराओ नहीं.” बंसल भि फटाफट अपने कपड़े उतारते हुए बोला.
नंगी आँचल कों डेस्क केँ पास लेँ जाकर बंसल नें झुका दिया औऱ एक् हाथ सें उसकीपीठ कों नीचे दबाते हुए पीछे सें उसकी बुर मे उंगली घुसा दि.
“सना कि बुर चाटने मे तुम्हें बहोत मजाआया लगता हैं …”
आँचल कि बुर गीली देखकर बंसलखुश हौ गय़ा। सोचने लगा, यह साली गर्म कुतिया हमेशा चुदाई कों रेडी रहती हैं। साली बहोत कामुक हैं.
बंसल नें अपना छोटामगर मोटा लन्ड पीछे सें आँचल कि बुर मे पेल दिया। औऱ धक्के मारने लगा.
“अहह ओह्ह…ऊऊ……” आँचल सिसकने लगी.
आँचल कि बड़ी चूचियां डेस्क केँ उपरलगे ठंडे ग्लास मे दबी हुई थि औऱ उसकी बड़ी गांडऊपर कों उठी हुइ थि.
बंसल आँचल कों धीरे-धीरे धीरे-धीरे चोदने लगा औऱ आँचल सें अपना किस्सा जारी रखने कों कहा.
आँचल चुदते हुए किस्सा सुनाने लगी.तभी उसकोलगा कि ओर्गास्म आने वाला हैं.
“आअहह….बंसल जी…….ओइईईईईईई……….”
बंसल धीरे-धीरे धीरे-धीरे इसलिये चोदरहा थां ताकि चुदाई कां मजादेर तक आए.
जब वोँ दोनो हि झड़ने कों हुए तौ किसी नें ज़ोर सें दरवाजा खटखटा दिया.
“दरवाजा खोलो बंसल ”, मिस्टर जोशी (आँचल कां ससुरजी ) तेज आवाज़ मे बोला.
बंसल कां लन्ड जल्दी मुरझाकर आँचल कि बुर सें बाहर् आँ गय़ा। वोँ फटाफट अपने कपड़े पहनने लगा.
आँचल डेस्क पर्र झुकी हुई चुदाई कि मदहोशी मे थि मगर ससुरजी कि कड़क आवाज़ सुनकर उसका ओर्गास्म गायब होँ गय़ा। वोँ सीधी खड़ी हौ गयीँ, औऱ फटाफट पेटीकोट पहनने लगी.
बंसल नें तोँ फटाफट पैंट कमीज़ पहनली पर्र आँचल कों तोँ साड़ी ब्लाउज पहनना थां। उसने बिना ब्रा केँ हि ब्लाउज पहन लिया औऱ बंसल कि सहायता सें साड़ी बाँधली.
बंसल नें फर्श पऱ पड़ी ब्रा कों अपनीजेब मे छुपा लिया औऱ टेबल सें बहोत सारेनोट फर्श पर्र गिराकर बिखेर दिए.
फिन वोँ दरवाजा खोलने लगा औऱ आँचल सें कहा फर्श पऱ पड़ेनोट उठाने कां नाटककरे.
Khan औऱ Sana केँ sath threesome केँ बाद rath मे Aanchal ko sexy sapne aaye। Sapne मे usne देखा khan use औऱ sana ko chod raha h। halanki फिन sapnaa badal गय़ा औऱ Aanchal ne देखा उसका sasur use औऱ sana dono ko chod raha h। Aanchal जब subah uthi too use rath kaa sapnaa yaad आया। aj उसका sasur aane wala thaa। Sasur सें mulakat ko लेकर Aanchal ko dar केँ sath excitement bi हुआ। Aanchal ko poora yakin thaa sunil केँ lautkar aane सें pahle घऱ मे use akela pakar sasurji chodne मे bilkul bi der नहि karenge। Sasur सें chudwane केँ khayal सें उसकी chut gili hu gai, मगर उसका dimaag keh raha thaa yeh galt h.
“क्याँ karu ?” aanchal सोच मे doob gai.
Aanchal एक् haseen औऱ jawaan stri thi। Ek baar जब usne khulkar sex केँ maze le liye, जब use ptaa laga कि asli chudayi क्याँ hoty h too अब woh apne ko chudayi kaa majaa lene सें rok नहि shauhar thi। Uski kaamicchayen उसके dimaag पर्र bhari pad jati thi। Agar shaadi केँ कुछ mahine बाद Sameer औऱ kimi ne Aanchal ko seduce karke jabardast chudayi केँ maze नहि dilwaye hote too shayad woh आज एक् pativrata stri hoty औऱ sunil केँ sath जैसे taise gujara krr leti। shayad woh apni kaamicchaon ko daba leti ya फिन muth marker काम chala leti। halanki Sameer औऱ kimi केँ sath us waqia केँ बाद usko ptaa chl गय़ा कि अगर mard acche सें chode too stri ko बहोत majaa de sakta h। Bade loda सें apni tight chut केँ stretch hone कि feeling hi कुछ औऱ thi। Ab Aanchal ko जब bi chudayi kaa chance milta thaa too woh apne ko rok नहि shauhar thi औऱ chudwa leti thi.
Aanchal ko एक् दो baar sasur ne pant केँ बाहर् सें अपना loda pakadwaya thaa, Sasurji kaa bi too बड़ा loda thaa, Aanchal ko sasur केँ sath hoyi woh waqia yaad aayi, usko uttezna aayi। fir Aanchal sochne lagi, एक् baar sasurji ne use chod दिया too woh baar baar use chodenge। Kabhi na कभी उसकी saas ya shauhar sunil unhe pakad hi lega। fir क्याँ hoga ? घऱ मे baap bete केँ beech jhagda hu jayega, woh apne maa papa ko क्याँ munh dikhayegi। Bahar too कभी kabhar chudwane मे pakde jane केँ mauka कम haen पर्र घऱ मे sasur केँ sath too woh jarur pakdi jayegi। Nahate टाइम Aanchal केँ mann मे yahi sab vichar aa rahe the। kul milakar woh uljhan मे thi, sasur सें chudayi मे use कोई aitraz नहि thaa पऱ dimag keh raha thaa कि ismein बहोत risk h, sasur सें bach केँ raho.
Nahakar factory jane केँ liye taiyar hokar Aanchal apne maa papa केँ sath nasta karne lagi। woh parotha kha rahi thi तभी उसके sasur kaa phone aa गय़ा.
“आज tm अपना bag pack karke rakhna। Factory सें हम् sath sath तुंहारे papa केँ घऱ jayenge औऱ tm humare sath apne घऱ wapis aaogi। aj कि rath too बहोत rangeen hongi, tairi banhon मे…” sasur masti मे बोला.
Sasur kaa plan sunkar Aanchal ko dar laga, पऱ use uttezna bi hoyi, woh kewal “unnn…ji …” hi bol payi.
“bus tm juldi सें factory aa jao, tumhe dekhne औऱ choomne kaa dill ❤️ krr raha h.” Tharki sasur ne कहा.
“jjj…ji.” Aanchal ne dhire सें कहा.
“yeh क्याँ ji…। ji laga rakkha h। juldi aao मेरा loda बहोत tadap raha h.” Uttezit hote hue sasur ne कहा.
“ummm….ha, bus abi aa rahi hoon…” Aanchal ne dhire सें jawab दिया.
“kyun tuze bi tadpan hu rahi h ? bolo na…” sasur masti मे thaa.
“jj…ji ha…” Aanchal dhire सें boli। Table पर्र samne parothe khate hue उसके maa papa usko hi dekh rahe the। Aanchal kaa munh lajja सें laal hu गय़ा, usne socha sasurji too phone rakhenge नहि, ayese hi kamuk baatein bolte rahenge। Aanchal ne phone kaat दिया.
Aanchal कि maa ne pucha, too Aanchal ne bataya कि woh dopahar मे factory सें lautte time sasurji केँ sath aayegi औऱ फिन अपना saman pack karke wapis sasuraal chali jayegi.
Aanchal केँ papa bole, beta yeh too achchi बात h। tm बहोत dino सें mayke मे hu। aj apne घऱ chali jaogi.
Ab Aanchal सें parotha nigla hi नहि jaa raha thaa। woh sochne lagi, sasurji too keh rahe the, tairi banhon मे आज कि rath बहोत rangeen hongi। aj too me kisi dasha मे नहि bach sakti। Dhire dhire usne nasta khatam किया औऱ gaadi लेकर factory aa gai.
Factory pahunchkar Aanchal ne देखा उसका office andar सें बंद thaa। Knock किया too bansal ne darwaaza khola औऱ Aanchal केँ andar aane केँ बादफिन सें lock krr दिया.
Aanchal ne देखा table पर्र बहोत sari noto कि gaddiyan padi hoyi h औऱ bansal unko gin raha h.
Aanchal ne pucha too bansal ne bataya कि sasurji abi kahi बाहर् gaye haen एक् दो ghante मे wapis aa jayenge.
fir bansal rupiye ginna chodkar Aanchal कि kamar मे hath dalkar usko apni tarf khinchte hue बोला, ”कल khan औऱ sana केँ sath बहोत maze kiye tumne ? ”
Blouse केँ neeche nangi kamar पऱ bansal केँ hath ghumne lage। Aanchal ne bansal ko dhakka देकर hatane कि koshish कि मगर bansal ne उसकी kamar औऱ tight pakad li औऱ sofe पर्र Aanchal ko khinch लिया.
“yeh क्याँ krr rahe hu tm bansal ? choro muze …” Aanchal ne rukhepan सें bansal ko jhidakte hue कहा.
“choru ya chodoo.” bansal jor सें hanste hue बोला.
fir एक् hath सें Aanchal केँ haseen chehre ko jor सें dabate hue बोला, ” bhul gai क्याँ ? मेरे pass tape h। tairi chudayi kaa saboot, tere naukar केँ sath….”
fir usne औऱ bi jor सें Aanchal केँ galon ko apne hath सें pakadkar dabaya, Aanchal durd सें kasmasayi.
“मेरे sath acche सें pesh aao madam। nahee too me woh tape तुंहारे sasur ko de dunga। Samjhi ?”
“oiiiii…….bansal, please ….durd hu rahi h …….मेरा चेहरा too chod दो” durd सें chillate hue aanchal boli.
“please …bansal ji….ok ok, me अच्छा vyavhar karungi तुंहारे sath….”
Aanchal ko durd सें kasmasate dekhkar Bansal ne उसका चेहरा chod दिया। fir उसके kandhe मे hath dalkar usko apne pass khinchte hue बोला, ”अब batao aanchal ji, majaa कियाकल tumne ?”
“ha.” aanchal ne dhire सें कहा.
Bansal fusfusaya, ” bus ha ? yeh क्याँ jawab h aanchal ji ? jara khulkar batao, क्याँ क्याँ masti कि tumne khan औऱ sana केँ sath ?
“ ha, बहोत majaa आया.” aanchal bi fusfusate hue boli.
“क्याँ tm dono ko choda khan ne ?” bansal फिन fusfusaya। Bansal ne अब piche सें aanchal kaa blouse khol दिया thaa औऱ फिन lace wali bra bi utar di। Blouse औऱ bra ko एक् tarf phenk दिया। Aanchal chupchap baithi rahi। Bansal usko tape kaa dar dikhakar blackmail krr raha thaa.
Madak aanchal ko ऊपर सें nanga karke bansal उसकी gori gori badi chuchiyon kaa hath lagakar wajan taulne laga। fir usne jor सें chuchi kaa nipple ungliyon सें daba दिया.
“oiiiii……aaaahhhh.” aanchal durd सें chillayi.
“bolo aanchal ji, sari कि sari story batao। khamosh mat raho, नहि too.” kehte hue bansal ne फिन सें उसके nipple ko jor सें dabakar durd krr di.
“अच्छा अच्छा ….please ayese durd mat karo। Sab कुछ batati hoon please…” bechari aanchal apni chudayi kaa waqia bansal ko batane lagi.
Bansal उसकीबात sunte hue उसकी chuchiyon औऱ nipple ko munh मे bharkar choosne laga.
Aanchal अपना waqia suna rahi thi औऱ bansal उसकी chuchiyon ko masal raha thaa, choos raha thaa। Ab aanchal bi uttezit hone lagi औऱ waqia sunate hue beech beech मे siskariyan lene lagi। Bansal samajh गय़ा, saali garam kutiya uttezit hone lagi h.
Usne aanchal ko sofe सें khada krr दिया औऱ बोला, ” fatafat sari petticoat utar दो.”
“कोई aa jayega bansal ji.” aanchal uttezna सें kanpti awaz मे boli, मगर kapde utarne lagi.
“darwaja बंद h। Ghabrao नहि.” Bansal bi fatafat apne kapde utarte hue बोला.
Nangi aanchal ko desk केँ pass le jakar bansal ne jhuka दिया औऱ एक् hath सें उसकी peeth ko नीचे dabate hue piche सें उसकी chut मे ungli ghusa di.
“sana कि chut chatne मे tuze बहोत majaa आया lagta h …”
Aanchal कि chut gili dekhkar bansal खुश hu गय़ा। Sochne laga, yeh saali garam kutiya hammesha chudayi ko taiyar rehti h। Saali बहोत kamuk h.
Bansal ne अपना chota मगर mota loda piche सें aanchal कि chut मे pel दिया। or dhakke marne laga.
“ohhhh….aaaah….oooo……” Aanchal sisakne lagi.
Aanchal कि badi chuchiyan desk केँ ऊपर lage thande glass मे dabi hoyi thi औऱ उसकी badi gand ऊपर ko uthi hoyi thi.
Bansal aanchal ko dhire dhire chodne laga औऱ Aanchal सें अपना waqia jari rakhne ko कहा.
Aanchal chudte hue waqia sunane lagi। तभी usko laga कि orgasm aane wala h.
“aaahhh….bansal ji…….oiiiiiiiii……….”
Bansal dhire dhire इसलिये chod raha thaa takii chudayi kaa majaa der tak aaye.
jb woh dono hi jhadne ko hue too kisi ne jor सें darwaja khatkhata दिया.
“darwaja kholo bansal” Mr Joshi (aanchal kaa sasur ) tej awaz मे बोला.
Bansal kaa loda turant murjhakar aanchal कि chut सें बाहर् aa गय़ा। woh fatafat apne kapde pahanne laga.
Aanchal desk पऱ jhuki hoyi chudayi कि madhoshi मे thi मगर sasurji कि kadak awaz sunkar उसका orgasm gayab hu गय़ा। woh sidhi khadi hu gai औऱ fatafat petticoat pahanne lagi.
Bansal ne too fatafat pant kameez pahan li पर्र aanchal ko too saree blouse pahanna thaa। Usne bina bra केँ hi blouse pahan लिया औऱ bansal कि help सें saree bandh li.
Bansal ne farsh पऱ padi bra ko apni jeb मे chupa लिया औऱ table सें बहोत sare note farsh पऱ gira krr bikher diye.
fir woh darwaja kholne laga औऱ aanchal सें कहा farsh पर्र pade note uthane kaa natak kare.
Super hot story h friend
thanks bhaiyo
आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
जब बंसल नें दफ़्तर कां द्वार (दरवाज़ा) खोला तौ मिस्टर जोशी (ससुरजी) अंदरआए। बंसल बिना पूछे जल्दी सफाई देनेलगा कि बहोत सारा रुपया टेबल सें गिरकर बिखर गय़ा हैं, हम् उसी कों उठारहे थें.
ससुरजी नें देखा आँचल झुकी हुईँ हैं औऱ फर्श सें नोटउठा रही हैं। उसने ब्रा नहीं पहनी थि जिससे उसकी बड़ी चूचियां साफदिख रही थि क्यूंकी झुके होने सें साड़ी कां पल्लू हटाहुआ थां। ससुरजी नें ऊपर सें झाँका तोँ उसको निपल भि दिखाई दिए.
ससुरजी द्वार (दरवाज़ा) खोलने मे हुई देरी सें नाराज़ थां औऱ बंसल सें जवाबतलब करनाचाह रहा थां मगर मादक आँचल कि चूचियों कों देखकर उसका क्रोध काफूर हौ गय़ा। वोँ आँचल केँ पास गय़ा औऱ उसके स्लीवलेस ब्लाउज केँ थोडा नीचे उसकी बाँह पकड़कर उसे उठाने लगा। ससुरजी कि अंगुलियां आँचल कि कांख कों टचकररही थि। औऱ उसकी नज़र आँचल कि बिना ब्रा कि चूचियों पऱ थि। आँचल कों उठाने केँ बहाने ससुरजी नें उसकी कांख पर्र अंगुलियां फेरते हुए, कांख सें आँ रही खुशबू कों अपनीनाक मे भर लिया। …आहह-आहह….क्याँ मादकमहक हैं…मे कितना उतावलापन रहा हूं, इस सेक्सी बहू कों चोदने केँ लिए.
आँचल नें देखा उसका ससुरजी उसे कांख केँ पास बाँह पकड़कर उठारहा हैं। आँचलउठी औऱ एक् नर्वस स्माइल केँ संग ससुरजी कों विश किया। वोँ अभि भि घबराई हुई थि। चुदाई कि मदहोशी मे उसे ओर्गास्म आने हि वाला थां कि ससुरजी नें द्वार (दरवाज़ा) भड़भड़ा दिया थां। उसकी साँसे अभि भि भारी थि औऱ जिस्म कांपरहा थां.
ससुरजी नें देखाबहू गहरी साँसे लेँ रही हैं औऱ उसकी बड़ी चूचियां सांसो केँ संगऊपर नीचे होँ रही हें, आँचल कां चेहरा भि चुदाई केँ खुशी सें थोडा लाल हौ रखा थां। ससुरजी नें सोचाबहू मुझेदेख केँ उत्तेजित हौ रही हैं। शायदयह भि मेरेलिए उतना हि प्यास रही हैं, जितना मे इसकेलिए.
तब तक बंसल नें गिराए हुए सारेनोट उठालिए थें.
बंसल बोला, “ सर, मे इन रूपयों कों बैंक मे जमाकर दूं.”
ससुरजी बोला, ”हाँ बंसलजी, यह रुपया बैंक मे जमाकर दो औऱ मेरे सेक्रेटरी सें कहना, कोई मुझे डिस्टर्ब नां करे.”
बंसल केँ जाने केँ बाद ससुरजी आँचल कों देखकर मुस्कुराया.
“बहोत दिन हौ गये तुम्हें देखे। बहोत खूबसूरत लगरही हौ.”
फिन ससुरजी आँचल कां हाथ पकड़कर उसी सोफे पऱ बैठ गय़ा जहाँ थोड़ी देर पहले बंसल नें आँचल कों नंगा किया थां। सोफे पऱ बैठकर ससुरजी नें आँचल कों अपनेपास बैठा लिया औऱ उसके कंधे पऱ अपनी बाँहरख दि। फिन वोँ आँचल कि हुस्न कि तारीफ करनेलगा औऱ आँचल केँ गालों कों सहलाते हुए कहनेलगा कि ख़ान सें लोन निकलवाकर तुमने बहोत अच्छा काम किया.
आँचल ससुरजी कि बाँहों मे घबराहट औऱ उत्तेजना सें काँपने लगी। उसकी चुदाई अधूरी रह जाने सें ओर्गास्म निकल नहीं पाया थां। ससुरजी केँ शरीर कों सहलाने सें उसकी उत्तेजना बढ़ने लगी। वोँ चुदकर अपने ओर्गास्म कों बाहर् निकालने कों तड़परही थि.
ससुरजी उसके गालों कों सहलाकर उसकी तारीफ करतारहा। आँचल केँ शरीर कों काँपते देखकर वोँ बोला, ”डरो नहीं मेरीजान। मे तुम्हें बहोत कुछ सिखाऊंगा। केसेमजा मिलता हैं औऱ केसेमजा देते हें। डरती क्यूं होँ, आज कि रात तुम्हारी अब तक कि सबसे रंगीन रात होगी.”
फिन ससुरजी नें आँचल केँ होठों पर्र चुंबन लें लिया.
“ओह्ह …ससुरजी…” आँचल सिसकी.
ससुरजी आँचल केँ मुलायम होंठो कों चूसने लगा। आँचल नें अपने होंठअलग करदिए औऱ ससुरजी कि जीभ कों अपने मुँह केँ अंदरआने दिया, आँचल केँ मुँह कि मिठास पाकर ससुरजी खुश हौ गय़ा। आँचल नें अपने कों पूरीतरह सें ससुरजी केँ हवाले कर दिया। उत्तेजना सें उसकी बुर सें रस बहनेलगा। आँचल नें अपने ससुरजी कों लंबे वक्त तक टीज़ किया थां, वोँ जानती थि उसका ससुरजी उसको चोदने कां कोई मौका नहीं छोड़ेगा.
ससुरजी आँचल कों चूमता रहा। आँचल आँखेबंद किए ससुरजी कि बाँहो मे सिसकते रही। ससुरजी कां लन्ड पैंट मे खड़ा होँ गय़ा थां। उसने आँचल केँ होठों सें अपने होंठहटा लिए औऱ बोला, ” देखो मेरा लन्ड कितना उतावलापन रहा हैं, तुम्हारी बुर मे जाने केँ लिए.”
आँचल नें ससुरजी केँ पैंट मे बनेहुए तंबू कों देखा। वोँ वासना सें प्यास उठी.
सेक्सी आँचल कों खुलेहुए कंपकंपाते होठों सें अपने लन्ड केँ उभार कों देखते हुए पाकर ससुरजी सुधबुध खो बैठा। उसने आँचल कों घऱ मे रातभर आहिस्ता चोदने कां प्लान बनाया थां। पर्र आँचल कों उत्तेजना सें काँपते हुए चुदने कों रेडी देखकर वोँ कंट्रोल खो बैठा। उसने अपना लन्ड पैंट सें बाहर् निकाल लिया.
आँचल नें देखा ससुरजी कां लन्ड बहोत बड़ा औऱ मोटा हैं। लालरंग कां मोटा सुपाड़ा थां। आँचल नें लन्ड कों हाथ सें पकड़ लिया औऱ सुपाड़े कों चाट लिया.
“ओह….” आँचल कि जीभ कां स्पर्श अपने सुपाड़े पर्र लगते हि ससुरजी सिसका.
आँचल सुपाड़े कों चाटने लगी औऱ गोलियों कों हाथ सें सहलाने लगी। मादक आँचल कों अपने लन्ड कों चाटते देखकर ससुरजी सिसकारियाँ लेनेलगा। अपनीबहू सें लन्ड चुसवाने कि उसकी बहोत ख़्वाहिश थि। वोँ काबू नहींकर पाया औऱ उसकी गोलियाँ टाइट होनेलगी। फिन उसने आँचल केँ बाल पकड़लिए औऱ उसके होठों मे वीर्य कि धार छोड़ दि.
आँचल नें अपने होठों पर्र जीभ फिराकर ससुरजी कां वीर्य चखा। वोँ ससुरजी केँ इतनी जल्द झड़ने सें हैरान थि। अभि तोँ उसने लन्ड कों मुँह मे भि नहीं लिया थां औऱ यहझड़ गय़ा। जैसा बेटा वैसा बाप, वोँ सोचने लगी। उसका ओर्गास्म अभि निकल नहीं पाया थां.
ससुरजी नें देखा आँचल अपने होठों सें उसका वीर्य चाटरही हैं औऱ उसके मुरझाए हुए लन्ड कों मुँह मे लेने कि कोशिश कररही हैं। बहू बहोत उत्तेजना मे हैं। ससुरजी भि आँचल कि उत्तेजना देखकर फिन सें उत्तेजित होनेलगा.
अपने मुँह मे ससुरजी केँ मुरझाए हुए लन्ड कों फिन सें बढ़ते देखकर आँचल कों हैरानी हुईँ क्यूंकी उसके पति सुनील कां एक् बार झड़कर फिन खड़ा नहीं होता थां। वोँ लन्ड चूसकर औऱ बड़ा करनेलगी। ससुरजी कां लन्ड तनकरफिन सें बहोत बड़ा हौ गय़ा। आँचल बहोत खुश हौ गयीँ,। ससुरजी मे अभि बहोत जान हैं। बेटे कां जैसा बुद्धू नहीं हैं.
तभी किसी नें दरवाजा नॉककर दिया। ससुरजी जल्द सें खड़ा होकर, झुंझलाते हुए बोला, ”कौन हैं ? मैंने कहा थां नाँ कि डिस्टर्ब मत करना.”
बाहर् सें उसका सेक्रेटरी बोला, ”सर, एक् क्रेडिटर आया हैं, आपसे अर्जेंट्ली मिलना चाहता हैं.”
ससुरजी बोला, ”ठीक हैं, 10 मिनिट बादभेज दो उसको.”
फिन आँचल कों देखकर मजबूरी जताने लगा, ” ओह्ह मेरीजान, थोडा सबरकरो। आजरात कों पूरामजा दूँगा.”
फिन उसने आँचल केँ चेहरे पऱ लगा वीर्य टॉवल सें पोंछ दिया औऱ उसके कपड़े ठीक करने मे सहायता करनेलगा। आँचल कि प्यास एक् बारफिन अधूरी रह गयीँ,.
जब क्रेडिटर अंदरआया तोँ आँचल नें देखा कि यहवही व्यक्ति नें जिसने पहलेदिन मीटिंग मे अपने पैसों केँ लिए, बंसल केँ सामने उसे डांट पिला दि थि औऱ बहोत खरी खोटी सुना दि थि, जिससे आँचल कि आँखों मे आँसू आँ गये थें। आजवही व्यक्ति उसके ससुरजी केँ सामने भीगी बिल्ली बना बैठा थां औऱ यससर, यस सर …… कररहा थां। ससुरजी कि पावर सें आँचल इंप्रेस होँ गयीँ,। यह व्यक्ति मेरे सामने शेरबन रहा थां आज चूहाबन गय़ा हैं। आँचल सोचने लगी, ससुरजी केँ सामने बंसल भि चूहाबन जाता हैं। ससुरजी सुनील केँ जैसे नहीं हैं जोँ सब मायनो मे चूहा हैं। छोटा लन्ड हैं, एक् बारझड़ केँ फिन खड़ा नहीं होता। इतनी हसीन पत्नि होकर भि उसकी चुदाई कि ख़्वाहिश हि नहीं होती हैं.
अपने ससुरजी कि पावरफुल पर्सनॅलिटी कों बाहर् केँ लोगो केँ सामने आँचल नें आज देखा.वाउ… ससुरजी जी केँ सामने तौ सभी चूहेबन जाते हें। आँचल नें एक्साइटेड फील किया। अंजाने मे वोँ साड़ी केँ अंदर एक् पेर केँ ऊपररखे हुए दूसरे पांव कों हिलाने लगी, जिससे उसकीतनी हुईँ क्लिट रगड़ खानेलगी। आँचल सामने बैठी अपने ससुरजी कों देखरही थि, औऱ ससुरजी केँ संग चुदाई कि कल्पना करतेहुए, अपनीऊपर वाली टांग हिलाते रही औऱ क्लिट रगड़कर मूठ मारती रही। वोँ इतनी उत्तेजित थि कि उन दोनो आदमियों केँ सामने हि कुछ हि देर मे उसको रुकाहुआ ओर्गास्म आँ गय़ा औऱ गर्मी बाहर् निकलने सें उसका चेहरा सुर्ख लाल होँ गय़ा। अपने होठों कों दांतो सें काटकर उसने कराह निकलने सें रोका। उसकी आँखे मदहोशी मे डूबी हुई थि। उन दोनो आदमियों कों पता हि नहींचला कि उनके सामने बैठे बैठे टाँगे रगड़कर आँचल कों ओर्गास्म आँ गय़ा हैं.
अपने पैसे वापस मिलने कि बात सें संतुष्ट होकरजब क्रेडिटर गय़ा तब तक 2 pm होँ चुका थां.
आँचल अपने ससुरजी केँ संग गाड़ी चलाकर अपने मायके सें सामान लानेचली गयीँ,। आँचल कां ससुरजी रास्ते भर उसके गालों, उसके कंधों कों सहलाता रहा। आँचल वाहन चलाने पऱ ध्यान देरही थि, पऱ ससुरजी कां स्पर्श उसे उत्तेजित करदेरहा थां.
जब वोँ दोनो आँचल केँ मायके पहुँचे तोँ वहा लञ्च टेबल पर्र मेहमान आएहुए थें। आँचल नें देखा उसकी कज़िन रिया अपने माँ बापू केँ संगआई हुई हैं। रिया नें आँचल कों देखते हि खुश होकरउसे अपने आलिंगन मे भर लिया औऱ दोनो नें एक् दूसरे केँ गालों कों चूमकर विश किया.
मिस्टर जोशी कों आँचल केँ माँ पिताजी नें रिया केँ माँ बापू सें मिलवाया। औऱ रिया कों आँचल अपने बेडरूम मे लेँ गयीँ,.
रिया नें आँचल कों बताया कि उसकी विवाह तय हौ गयीँ, हैं औऱ वोँ विवाह केँ लिए शॉपिंग करने देल्ही आई हैं। आँचल नें जब उसकी विवाह कि खबर सुनी तौ रिया कों बाँहों मे भर लिया औऱ उसके दोनो गालों कों चूमकर पप्पी दे दि। रिया आँचल सें एक् साल छोटी थि औऱ अपने माँ बापू केँ संग चंडीगढ़ मे रहती थि। एक् हि औलाद होने सें वोँ अपने मां पिताजी केँ खूब मुँहलगी थि। आँचल सें उसकीखूब बनती थि.
जब रिया कों पताचला कि उसके जीजाजी सुनील बाहर् गये हें तौ उसने आँचल सें कहा कि मे तुम्हारे हि संग रहूंगी औऱ तुम् मुझे देल्ही मे शॉपिंग करवा देना.
आँचल रिया कि बात सें खुश हौ गई, कि वोँ 2 दिन उसकेसंग रहेगी। हम् दोनोखूब जमकर शॉपिंग करेंगे। आँचल नें खुशी खुशी अपना सामान पैक किया औऱ दोनो लञ्च केँ लिए टेबल पर्र आँ गई,.
लञ्च करतेसमय रिया नें अपनी माँ सें कहा कि आप् लोगयहा रुकरहे होँ, मगर मे आँचल केँ घऱजारही हूं औऱ वहीं रहूंगी। वोँ मुझे शॉपिंग करवा देगी। रिया कि कोईबात उसके माँ बापू टालते नहीं थें, वोँ जल्दी राज़ी हौ गये.
आँचल केँ संग रिया केँ रहने कि बात सुनकर ससुरजी कां मुँह एकदम सें लटक गय़ा, बहू कों चोदने कां यह सुनहरा मौंका भि गय़ा हाथ सें। मगर वोँ क्याँ कर सकता थां। चुपचाप लञ्च करतेरहा। उसने एक् नज़र आँचल कि ओर डाली। आँचल नें ससुरजी कां लटकाहुआ चेहरा देखा। वोँ समझ गयीँ, ससुरजी उसको चोदने कां मौका निकल जाने सें उदास होँ गये हैं। उसने ससुरजी कों टीज़ करने केँ लिए उसकीतरफ देखकर बड़ी सि मुस्कान बिखेर दि………साली मादक आँचल.
jb bansal ne office kaa darwaaza khola too Mr Joshi (Sasur) andar aaye। Bansal bina puche turant safai dene laga कि बहोत sara paisa table सें girkar bikhar गय़ा h, हम् usi ko utha rahe the.
Sasur ne देखा Aanchal jhuki hoyi h औऱ farsh सें note utha rahi h। Usne bra नहि pahni thi jisse उसकी badi chuchiyan saaf dikh rahi thi क्योंकि jhuke hone सें saree kaa pallu hata हुआ thaa। Sasur ne ऊपर सें jhanka too usko nipple bi dikhayi diye.
Sasur darwaaza kholne मे hoyi deri सें naraz thaa औऱ bansal सें jawab talab krna chah raha thaa मगर Madak Aanchal कि chuchiyon ko dekhkar उसका क्रोध kafur hu गय़ा। woh aanchal केँ pass गय़ा औऱ उसके sleeveless blouse केँ थोडा नीचे उसकी banh pakadkar use uthane laga। Sasur कि anguliyan aanchal कि kankh ko touch krr rahi thi। or उसकी nazar aanchal कि bina bra कि chuchiyon पऱ thi। Aanchal ko uthane केँ bahane sasur ne उसकी kankh पर्र angulian ferte hue, kankh सें aa rahi khusboo ko apni naak मे bhar लिया। …aahh….क्याँ madak gandh h….me kitna tadap raha hoon, iss sexy bahu ko chodne केँ liye.
Aanchal ne देखा उसका sasur use kankh केँ pass banh pakadkar utha raha h। Aanchal uthi औऱ एक् nervous smile केँ sath sasur ko wish किया। woh abi bi ghabrayi hoyi thi। chudayi कि madhoshi मे use orgasm aane hi wala thaa कि sasur ne darwaaza bhadbada दिया thaa। Uski sanse abi bi bhari thi औऱ badan kanp raha thaa.
Sasur ne देखा bahu gehri sanse le rahi h औऱ उसकी badi chuchiyan sanso केँ sath ऊपर नीचे hu rahi haen, aanchal kaa चेहरा bi chudayi केँ sukh सें थोडा laal hu rakkha thaa। Sasur ne socha bahu muze dekh केँ uttezit hu rahi h। shayad yeh bi मेरे liye utna hi tadap rahi h, jitna me iske liye.
Tab tak bansal ne giraye hue sare note utha liye the.
Bansal बोला, “ sir me in rupiyon ko bank मे jama krr dun.”
Sasur बोला, ” ha bansal ji, yeh paisa bank मे jama krr दो औऱ मेरे secretary सें kehna, कोई muze disturb na kare.”
Bansal केँ jane केँ बाद sasur aanchal ko dekhkar muskuraya.
“बहोत दिन hu gaye tumhe dekhe। bhut beautiful lag rahi hu.”
fir sasur aanchal kaa hath pakadkar usi sofe पर्र baith गय़ा jahan thodi der pahle bansal ne aanchal ko nanga किया thaa। Sofe पर्र baithkar sasur ne aanchal ko apne pass baith लिया औऱ उसके kandhe पर्र apni banh रख di। fir woh aanchal कि khoobsurati कि tareef karne laga औऱ aanchal केँ gaalon ko sehlate hue kehne laga कि khan सें loan nikalwakar tumne बहोत अच्छा काम किया.
Aanchal sasur कि banhon मे ghabrahat औऱ uttezna सें kanpne lagi। उसकी chudayi adhuri rha jane सें orgasm nikal नहि paya thaa। Sasur केँ badan ko sahlane सें उसकी uttezna badne lagi। woh chudkar apne orgasm ko बाहर् nikalne ko tadap rahi thi.
Sasur उसके galon ko sahlakar उसकी tareef krta raha। Aanchal केँ badan ko kanpte dekhkar woh बोला, ”daro नहि मेरी jan। me tumhe बहोत कुछ sikhaunga। kese majaa milta h औऱ kaise majaa dete haen। Darti kyun hu, आज कि rath tumhari अब tak कि sabse rangeen rath hongi.”
fir sasur ne aanchal केँ hothon पर्र chumban le लिया.
“ohhh…sasurji…” aanchal siski.
Sasur aanchal केँ raseli hontho ko chusne laga। Aanchal ne apne hoth alag krr diye औऱ sasur कि jeebh ko apne munh केँ andar aane दिया, aanchal केँ munh कि mithas pakar sasur खुश hu गय़ा। Aanchal ne apne ko puri prakaar सें sasur केँ hawale krr दिया। Uttezna सें उसकी chut सें ras behne laga। Aanchal ne apne sasur ko lambe टाइम tak tease किया thaa, woh janti thi उसका sasur usko chodne kaa कोई chance नहि chodega.
Sasur aanchal ko chumta raha। Aanchal aankhe बंद kiye sasur कि banho मे sisakte rahi। Sasur kaa loda pant मे khada hu गय़ा thaa। Usne aanchal केँ hothon सें apne hoth hata liye औऱ बोला, ” dekho मेरा loda kitna tadap raha h, tumhari chut मे jane केँ liye.”
Aanchal ne sasur केँ pant मे bane hue tambu ko देखा। woh wasna सें tadap uthi.
Sexy aanchal ko khule hue kankapate hothon सें apne loda केँ ubhar ko dekhte hue pakar sasur sudh budh kho baitha। Usne aanchal ko घऱ मे rath bhar aaram सें chodne kaa plan banaya thaa। pr aanchal ko uteezna सें kanpte hue chudne ko taiyar dekhkar woh control kho baitha। Usne अपना loda pant सें बाहर् nikaal लिया.
Aanchal ne देखा sasurji kaa loda बहोत बड़ा औऱ mota h। Lal rang kaa mota supdaa thaa। Aanchal ne loda ko hath सें pakad लिया औऱ supade ko chat लिया.
“ohhhhh….” Aanchal कि jeebh kaa sparsh apne supade पर्र lagte hi sasur siska.
Aanchal supade ko chatne lagi औऱ goliyon ko hath सें sehlane lagi। madak aanchal ko apne loda ko chat te dekhkar sasur siskariyan lene laga। Apni bahu सें loda chuswane कि उसकी बहोत iccha thi। woh kaboo नहि krr paya औऱ उसकी goliyan tight hone lagi। fir usne aanchal केँ baal pakad liye औऱ उसके hothon मे viry कि dhar chod di.
Aanchal ne apne hothon पऱ jeebh firakar sasur kaa viry chakha। woh sasur केँ itni juldi jhadne सें heraan thi। abi too usne loda ko munh मे bi नहि लिया thaa औऱ yeh jhad गय़ा। Jaisa beta waisa baap, woh sochne lagi। उसका orgasm abi nikal नहि paya thaa.
Sasur ne देखा aanchal apne hothon सें उसका viry chat rahi h औऱ उसके murjhaye hue loda ko munh मे lene कि koshish krr rahi h। bhut बहोत uttezna मे h। Sasur bi aanchal कि uteezna dekhkar फिन सें uttezit hone laga.
Apne munh मे sasur केँ murjhaye hue loda ko फिन सें badte dekhkar aanchal ko hairani hoyi क्योंकि उसके shauhar sunil kaa एक् baar jhadkar फिन khada नहि hotha thaa। woh loda chooskar औऱ बड़ा karne lagi। sasur kaa loda tankar फिन सें बहोत बड़ा hu गय़ा। Aanchal बहोत खुश hu gai। sasur मे abi बहोत jan h। Bete kaa jaisa buddhu नहि h.
Tabhi kisi ne darwaja knock krr दिया। Sasur juldi सें khada hokar, jhunjhulate hue बोला, ”कौन h ? maine कहा thaa na कि disturb mat krna.”
Bahar सें उसका secretary बोला, ”sir, एक् creditor आया h, aapse urgently milna chahta h.”
Sasur बोला, ” theek h, 10 min बाद bhej दो usko.”
fir aanchal ko dekhkar majboori jatane laga, ” ohhh मेरी jan, थोडा sabar karo। aj rath ko poora mazaa dunga.”
fir usne aanchal केँ chehre पऱ laga viry towel सें poch दिया औऱ उसके kapde theek karne मे help karne laga। Aanchal कि piyas एक् baar फिन adhuri rha gai.
jb creditor andar आया too aanchal ne देखा कि yeh vahi व्यक्ति ne jisne pahle दिन meeting मे apne paison केँ liye, bansal केँ samne use dant pila di thi औऱ बहोत khari khoti suna di thi, jisse aanchal कि naino मे aashu aa gaye the। आज vahi व्यक्ति उसके sasur केँ samne bhigi billi bnaa baitha thaa औऱ yes sir, yes sir…… krr raha thaa। Sasurji कि power सें aanchal impress hu gai। yeh व्यक्ति मेरे samne sher ban raha thaa आज chuha ban गय़ा h। Aanchal sochne lagi, sasurji केँ samne bansal bi chuha ban jata h। Sasurji sunil केँ jese नहि h joo sabhi mayno मे chuha h। Chota loda h, एक् baar jhad केँ फिन khada नहि hotha। Itni haseen biwi hokar bi उसकी chudayi कि iccha hi नहि hoty h.
Apne sasur कि powerful personality ko बाहर् केँ logo केँ samne aanchal ne आज देखा। vah sasur ji केँ samne too sab chuhe ban jate haen। Aanchal ne excited feel किया। Anjane मे woh saree केँ andar एक् pair केँ ऊपर rakhe hue doosre pair ko hilane lagi, jisse उसकी tani hoyi clit ragad khane lagi। Aanchal samne baithi apne sasur ko dekh rahi thi, औऱ sasur केँ sath chudayi कि kalpana karte hue, apni ऊपर wali tang hilate rahi औऱ clit ragadkar muth marti rahi। woh itni uttezit thi कि un dono aadmiyon केँ samne hi कुछ hi der मे usko ruka हुआ orgasm aa गय़ा औऱ garmi बाहर् nikalne सें उसका चेहरा surkh laal hu गय़ा। Apne hothon ko daanto सें kaatkar usne siskari nikalne सें roka। Uski aankhe madhoshi मे doobi hoyi thi। Un dono aadmiyon ko ptaa hi नहि chala कि unke samne baithe baithe tange ragadkar aanchal ko orgasm aa गय़ा h.
Apne paise wapis milne कि बात सें santust hokar जब creditor गय़ा तब tak 2pm hu chuka thaa.
Aanchal apne sasur केँ sath gaadi chalakar apne mayke सें सामान lane chali gai। aanchal kaa sasur raste bhar उसके gaalon, उसके kandhon ko sahlata raha। Aanchal gaadi chalane पर्र dhyaan de rahi thi, पऱ sasur kaa sparsh use uttezit krr de raha thaa.
jb woh dono aanchal केँ mayke pahunche too वहा lunch table पर्र mehman aaye hue the। Aanchal ne देखा उसकी cousin Riya apne maa papa केँ sath aayi hoyi h। Riya ne Aanchal ko dekhte hi खुश hokar use apne alingan मे bhar लिया औऱ dono ne एक् doosre केँ galon ko choomkar wish किया.
Mr Joshi ko Aanchal केँ maa papa ne Riya केँ maa papa सें milwaya। Riya ko Aanchal apne bedroom मे le gai.
Riya ne aanchal ko bataya कि उसकी shaadi tay hu gai h औऱ woh shaadi केँ liye shopping karne delhi aayi h। Aanchal ne जब उसकी shaadi कि samachar suni too riya ko banhon मे bhar लिया औऱ उसके dono galon ko chumkar puppy de di। Riya Aanchal सें एक् साल chhoti thi औऱ apne maa papa केँ sath chandigarh मे rehti thi। Ek hi aulad hone सें woh apne maa papa केँ khoob munh lagi thi। Aanchal सें उसकी khoob banti thi.
jb Riya ko ptaa chala कि उसके jijaji Sunil बाहर् gaye haen too usne Aanchal सें कहा कि me तुंहारे hi sath rahungi औऱ tm muze delhi मे shopping karwa देना.
Aanchal Riya कि बात सें खुश hu gai कि woh 2 दिन उसके sath rahegi। Hum dono khoob jamkar shopping karenge। Aanchal ne khusii khusii अपना saman pack किया औऱ dono lunch केँ liye table पऱ aa gai.
Lunch karte time Riya ne apni maa सें कहा कि ap लोगयहा rukh rahe hu, मगर me aanchal केँ घऱ jaa rahi hoon औऱ wahin rahungi। woh muze shopping karwa degi। Riya कि कोईबात उसके maa papa talte नहि the, woh turant raji hu gaye.
Aanchal केँ sath Riya केँ rehne कि बात sunkar Sasur kaa munh ekdum सें latak गय़ा, bahu ko chodne kaa yeh sunahra maunka bi गय़ा hath सें। मगर woh क्याँ krr sakta thaa। Chupchap lunch karte raha। Usne एक् nazar aanchal कि aur dali। Aanchal ne sasur kaa latka हुआ चेहरा देखा। woh samajh gai sasur usko chodne kaa chance nikal jane सें nirash hu gaye h। Usne sasur ko tease karne केँ liye उसकी tarf dekhkar badi si muskaan bikher di………saaali madak aanchal।
आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
साम कों आँचल अपने ससुरजी औऱ रिया केँ संग अपनी ससुराल आई.वहा पहुँचकर उसने देखा कि उसकी सासू माँ भि आँ गयीँ, हैं। सासू अबबेड पऱ अपनेरूम मे हि पड़ी रहती थि। बीमारी कि वजह सें वोँ अधिक चलने फिरने मे सक्षम नहीं थि। आँचल नें देखा कि उसकी सासू नें एक् बड़ीउमर केँ व्यक्ति कों कुकरखा हुआ हैं औऱ अपने रोज़ केँ काम मे मदद केँ लिए औऱ अपनी देखभाल केँ लिए एक् नौकरानी रखी हुईँ हैं। नौकरानी जिसका नाम सुनीता थां, एक् जवान लड़की थि औऱ उसकी बड़ी बड़ी चूचियां थि.
आँचल केँ बेडरूम मे आने केँ बाद रिया मुस्कुराते हुए बोलीं, ” आँचल डार्लिंग, ध्यान रखना.यह तुम्हारी नौकरानी सुनीता तोँ बहोत सेक्सी लगरही हैं। उस पर्र नज़र रखना कहीं जीजाजी कों फंसा नाँ लें.”
फिन थोडा सीरीयस होकर बोलीं, ” घऱ मे ऐसी सेक्सी नौकरानी नहीं रखनी चाहिए। यूनो, यह लड़कियाँ थोड़े बहोत पैसों केँ लिए किसी भि हद तक जा सकती हें, घऱ केँ मर्दों कों फंसा सकती हें.”
आँचलमन हि मन हँसी, तेरे जीजाजी कां जब लन्ड खड़ा होगातभी तोँ कोई लड़कीउसे फँसायेगी.
वोँ बोलीं, ” अरे दोस्त रिया, नौकरानी कों छोड़ो। अपनी सगाई औऱ अपने मंगेतर केँ बारे मे मुझे डिटेल मे बता.”
“मेरा मंगेतर डॉक्टर हैं। रविनाम हैं उसका। बहोत हैंडसम हैं दोस्त। लंबा चौड़ा हैं। तूँ देखेगी नां उसको, तोँ तुँ भि उस पऱ मर मिटेगी। इतना हसीन हैं वोँ.” रिया गर्व सें बोलीं.
रिया कों खुश देखकर आँचल नें भि खुशी महसूस कि। औऱ उसे बधाई दि कि तुम्हे इतना हैंडसम पति मिलने वाला हैं.
आँचल सोचने लगी कि जब मेरी विवाह हुइ थि तब तौ रिया वर्जिन थि मगरअब मालूम नहीं। उसने पूछा, ”क्याँ रिया, तुमने रवि केँ संगकुछ किया तोँ नहीं हैं अभि तक ?”
रिया बिना शरमाये बोलीं, ” आँचल डार्लिंग, वोँ इतना सुंदर हैं कि मे तौ उसेरोक हि नहींसकी.”
फिन रिया डिटेल मे बताने लगी कि केसे सगाई केँ अगले हि दिनरवि नें अपने साथी केँ घऱ मे उसे सिड्यूस कर लिया थां औऱ फिन मित्र केँ बेडरूम मे उसे चोदा थां। रिया नें यह भि डिटेल मे बताया कि रवि नें उसरात जमकर उसकी चुदाई कि थि.
रिया बिंदास होकर अपने कौमार्यभंग होने कां किस्सा सुनाती रही, आँचल भि उसकी बातों सें गर्म हौ गयीँ,.
रिया उत्तेजित होतेहुए बोलीं, ” मुझे इतनामजा आया नाँ आँचल, कि मुझे तौ लत हि लग गयीँ,। अबजब भि हम् मिलते हें तोँ चुदाई कर लेते हें। मुझसे तोँ विवाह कां भि इंतजार नहीं होँ रहा, जल्द सें विवाह होँ तोँ फिन हम् जब चाहे औऱ जितना चाहे चुदाई कर सकते हें। सच मे, बहोत मजाआता हैं.”
फिन उसने अपनीबात जारीरखी, ” मे देल्ही आने सें पहलेतीन दिन सें रवि सें नहींमिल पाई औऱ अबदोदिन यहा रुकना हैं। गॉड, उसके बिना तोँ मे रह हि नहीं पाती हूं.”
आँचल रिया कि बिंदास बातों सें शरमा गई,। यह रिया तोँ बहोत हि बोल्ड हौ गयीँ, हैं। विवाह सें पहले हि खुल्लमखुल्ला चुदाई कररही हैं.
रिया बोलि, ” अरे दोस्त तूँ बता, तुम्हारी तरफ जीजाजी केँ संग केसेमजा आता हैं। तूँ तौ बहोत तड़परही होगी, वोँ इतनेदिन सें बाहर् जौ गयेहुए हें.”
फिन हंसने लगी, ” जीजाजी कों सोचकर तुँ मूठमार रही होगी, हैं नाँ बेचारी आँचल.”
आँचल मुस्कुरा कररह गयीँ,। रिया उसके बहोत क्लोज़ थि फिन भि उसने अपनीदुख भरी किस्सा रिया कों नहीं बताई कि सुनील तोँ शुरुआत होने तक झड़ जाता हैं। शायद वोँ सुनील कि बेइज़्ज़ती नहीं करना चाहती थि। यह राज़, यह दुःख उसने अपने सीने मे हि दबाये रखा किसी कों नहीं बताया। रिया कों भि नहीं जोँ उसकी पक्की सहेली थि.
कुछदेर आँचल केँ बेडरूम मे आराम करने केँ बाद वोँ दोनो शॉपिंग केँ लिएचली गयीँ,। रिया नें जमकर शॉपिंग कि। घऱ लौटने मे उन्हे बहोत देर होँ गई,.
उधर ससुरजी कां मूडऑफ होँ गय़ा थां जिसरात कों वोँ आँचल केँ संग रंगीन बनाने कि सोचरहा थां, वोँ रातउसे अकेले काटनी पड़रही थि। आँचल तौ मिली नहींअब उसने अपना ध्यान नौकरानी सुनीता कि तरफ लगाया.
शॉपिंग करने केँ बादरात मे घऱ लौटकर आँचल औऱ रियादेर तक बेडरूम मे बाते करतेरहे। रात 12:30 pm केँ आसपास आँचल कि नींद खुली तोँ उसने देखा, बेडरूम मे वोँ अकेली हैं औऱ रियाबेड पऱ नहीं हैं। आँचल थोड़ी हैरान हुई, वोँ उठी औऱ अपना बाथरूम चेक किया, रियावहा भि नहीं थि। आँचल बेडरूम सें बाहर् आई तोँ देखा रिया लिविंग रूम केँ दरवाज़े सें अंदर झाँकरही हैं। रिया कि पीठ आँचल कि तरफ थि। उसकी नाइटी ऊपरउठी हुइ थि औऱ वोँ थोडा दीवार पे झुकी हुईँ थि। उसकेहाथ केँ हिलने सें आँचलसमझ गयीँ, कि रियामूठ माररही हैं। रिया केँ मुँह सें हल्की सि सिसकारियाँ भि निकलरही थि.
आँचलदबे पाँव रिया केँ पीछे पहुँची तोँ उसे लिविंग रूम सें किसी लड़की केँ ज़ोर सें सिसकारियाँ लेने कि आवाज़ आई। रिया नें आँचल कों अपनी पीछे खड़ी देखा तोँ हड़बड़ा कर नाइटी ठीककर ली। आँचल नें देखा रिया कि आँखे उत्तेजना सें लाल होँ रखी थि.
अब आँचल नें भि रूम केँ अंदर झाँका कि रिया क्याँ देखकर मूठमार रही थि। वहा फर्श पऱ सुनीता नंगी लेटी हुईँ थि औऱ आँचल कां ससुरजी भि पूरा नंगा थां औऱ सुनीता कि जमकर चुदाई कररहा थां। सुनीता मज़े सें सिसकारियाँ लें रही थि औऱ अपने जिस्म पर्र पड़रहे ज़ोर केँ धक्कों सें उसकी बड़ी चूचियां ज़ोर सें आगे पीछे कों हिलरही थि। ससुरजी इतने जबरदस्त तरीके सें सुनीता कों चोदरहा थां कि वोँ नज़ारा देखकर आँचल कि बुर भि गीली हौ गयीँ,.
आँचल कां मुँह हैरानी सें खुलाहुआ देखकर रिया उसकेकान मे फुसफुसाई, ” देख तेरा ससुरजी केसे जोरो सें सुनीता कों चोदरहा हैं…”
सुनीता कि जबरदस्त चुदाई देखकर दोनो कि बुर रस बहाने लगी.तभी ससुरजी नें अपना लन्ड सुनीता कि बुर सें निकाल लिया औऱ सोफे पऱ बैठ गय़ा। फिन सुनीता कों अपनीगोद मे बिठाकर चोदने लगा। ससुरजी कां लन्ड देखकर रिया कां मुँह खुलारह गय़ा.
“हायराम आँचल, देख कितना बड़ा लन्ड हैं तेरे ससुरजी कां, सचमुच खंभा हैं …” रियाअब खुलेआम आँचल केँ सामने हि मूठ मारते हुए बोलीं.
रिया कों अपनी क्लिट मसलते देखकर आँचल भि अपनी नाइटी केँ अंदरहाथ डालकर बुर मे उंगली करनेलगी। ससुरजी औऱ सुनीता कि चुदाई कां लाइवशो देखते हुए दोनो हल्की हल्की सिसकारियाँ लेनेलगी। फिन रिया सें कंट्रोल नहींहुआ औऱ वोँ आँचल कों चूमने लगी। रिया कों ज़ोर सें सिसकारियाँ लेते देखकर आँचलडर गयीँ, कि कहीं उसका ससुरजी नां देख लेँ। आँचल रिया कां हाथ पकड़कर उसे अपने बेडरूम मे खींच लेँ गई, औऱ दरवाजा बंदकर दिया.
रूम मे आने केँ बाद दोनो एक् दूसरे कों बेतहाशा चूमने लगी। रिया आँचल कि बड़ी चूचियों कों दबाने औऱ मसलने लगी। दोनो नें अपनी नाइटी उतार फेंकी औऱ पैंटी उतारकर दोनो नंगी हौ गई,। कुछदेर खड़े खड़े एक् दूसरे केँ नंगे शरीर कों सहलाने केँ बादबेड मे 69 कि पोज़ मे आँ गयीँ, औऱ एक् दूसरे कि बुर चाटने लगी। दोनोतब तक बुर चाटते रहीजब तक ओर्गास्म नहीं आँ गय़ा। फिन वोँ दोनोझड़ गयीँ, औऱ एक् दूसरे कि बाँहो मे नंगी हि सो गयीँ,.
जब सुभह उनकीआँख खुली तोँ एक् दूसरे कि बाँहो मे नंगेसोए देखकर दोनो शरमा गयीँ,। फिन रिया नें चुप्पी तोड़ी औऱ बोलीं कि उसको आँचल कि बुर कां टेस्ट अच्छा लगा औऱ आँचल सें बुर चटवाने मे भि उसे बहोत मजाआया। आँचलहंस पड़ी औऱ नंगी रिया कों बेड पे आलिंगन कर लिया। वोँ दोनोफिन सें शुरुआत हौ गई, औऱ एक् दूसरे कों चूमने औऱ शरीर पऱ हाथ फिराने लगी.
तभी कुक नें उसकेरूम केँ दरवाज़े पर्र नॉक किया। आँचल जल्द सें बाथरूम मे चली गई, औऱ रिया नें नाइटी पहनली औऱ द्वार (दरवाज़ा) खोला.कुक उनकेलिए बेडटी लाया थां.
फिन आँचल नहाने केँ बाद रसोई मे चली गई,। आज सुनील वापसआने वाला थां तौ वोँ उसका पसंदीदा खानां बनवाना चाहती थि। रिया आँचल केँ बेडरूम सें लगे बाथरूम मे नहाने चली गयीँ,.
कुछदेर बाद सुनील आँ गय़ा औऱ आँचल कों सरप्राइज देने केँ लिए चुपचाप बेडरूम मे गय़ा। बेडरूम मे आँचल नहीं थि मगर बाथरूम सें शावर कि आवाज़ आँ रही थि। सुनील नें समझा, आँचलनहा रही हैं वोँ बाथरूम मे घुस गय़ा.
जैसे हि उसने बाथरूम कां द्वार (दरवाज़ा) खोला, उसने देखा अंदरकोई लड़की नंगीनहा रही हैं। रिया सुनील कों देखते हि ज़ोर सें चीखी औऱ अपने हाथों सें अपनी चूचियां ढकने कि कोशिश करनेलगी। फिन एक् हाथ सें बुर कों ढकनेलगी। फिन वोँ नंगे शरीर मे लपेटने केँ लिए तौलिया कि तरफ लपकी.
तभी उसकापेर फिसल गय़ा औऱ वोँ धड़ाम सें बाथरूम केँ फर्श मे गिर गई,.
आँचल केँ बेडरूम सें चीखने कि आवाज़ सुनकर आँचल औऱ उसका ससुरजी दोनो दौड़कर आए। उन्होने बेडरूम केँ अंदरआकर देखा, घबराया हुआ सुनील पूरी नंगी रिया कों बाथरूम केँ फर्श सें उठारहा हैं.
Sham ko Aanchal apne sasur औऱ Riya केँ sath apni sasural aayi। Wahan pahunchkar usne देखा कि उसकी Saas bi aa gai h। Saas अब bed पर्र apne kamara मे hi padi rehti thi। Bimari कि wajah सें woh jyada chalne firne मे yogya नहि thi। Aanchal ne देखा कि उसकी saas ne एक् badi umar केँ व्यक्ति ko cook rakkha हुआ h औऱ apne roz केँ काम मे sahayta केँ liye औऱ apni dekhbhal केँ liye एक् naukrani rakhi hoyi h। Naukrani jiska nam sunita thaa, एक् jawaan ldki thi औऱ उसकी badi badi chuchiyan thi.
Aanchal केँ bedroom मे aane केँ बाद Riya muskurate hue boli, ” Aanchal darling, dhyaan rakhna। yeh tumhari naukrani sunita too बहोत sexy lag rahi h। Us पऱ nazar rakhna kahi jijaji ko fasa na le.”
fir थोडा serious hokar boli, ” घऱ मे ayese sexy naukrani नहि rakhni चाहिए। You know, yeh ladkiyan thode बहोत paison केँ liye kisi bi had tak jaa sakti haen, घऱ केँ mardon ko fasa sakti haen.”
Aanchal mann hi mann hansi, Tere jijaji kaa जब loda khada hoga तभी too कोई ldki use fasaygi.
woh boli, ” areey yar Riya, naukrani ko chhodo। Apni sagai औऱ apne mangetar केँ baare मे muze detail मे bata.”
“मेरा mangetar doctor h। Ravi nam h उसका। bhut handsome h yar। Lamba chauda h। Tu dekhegi na usko, too tu bi us पर्र mar mitegi। Itna haseen h woh.” Riya garv सें boli.
Riya ko khus dekhkar Aanchal ne bi khusii ehsaas कि। or use badhai di कि tuze itna handsome shauhar milne wala h.
Aanchal sochne lagi कि जब मेरी shaadi hoyi thi तब too Riya virgin thi मगरअब malum नहि। Usne pucha, ”क्याँ Riya, tumne Ravi केँ sath कुछ किया too नहि h abi tak ?”
Riya bina sharmaye boli, ” Aanchal darling, woh itna haseen h कि me too use rok hi नहि saki.”
fir Riya detail मे batane lagi कि kese sagai केँ agle hi दिन Ravi ne apne friend केँ घऱ मे use seduce krr लिया thaa औऱ phir friend केँ bedroom मे use choda thaa। Riya ne yeh bi detail मे bataya कि Ravi ne us rath jamkar उसकी chudayi कि thi.
Riya bindaas hokar apne kaumaryabhang hone kaa waqia sunati rahi, Aanchal bi उसकी baaton सें garam hu gai.
Riya uttezit hote hue boli, ” muze itna majaa आया na aanchal, कि muze too lat hi lag gai। अबजब bi हम् milte haen too chudayi krr lete haen। Mujhse too shaadi kaa bi intzaar नहि hu raha, juldi सें shaadi hu too फिन हम् जब chahe औऱ jitna chahe chudayi krr sakte haen। sacch मे, बहोत majaa aata h.”
fir usne apni बात jari rakhi, ” me delhi aane सें pahle तीनदिन सें Ravi सें नहि mil payi औऱ अबदोदिन यहा rukna h। God, उसके bina too me rha hi नहि shauhar hoon.”
Aanchal Riya कि bindaas baaton सें sharma gai। yeh Riya too बहोत hi bold hu gai h। shaadi सें pahle hi khullamkhulla chudayi krr rahi h.
Riya boli, ” are yar tu bata, tuze jijaji केँ sath kese majaa aata h। Tu too बहोत tadap rahi hongi, woh itne दिन सें बाहर् joo gaye hue haen.”
fir hasne lagi, ” jijaji ko sochkar tu muth mar rahi hongi, h na bechari aanchal.”
Aanchal muskura krr rha gai। Riya उसके बहोत close thi फिन bi usne apni dukh bhari story Riya ko नहि batayi कि Sunil too suru hone tak jhad jata h। shayad woh sunil कि beizzati नहि krna chahti thi। yeh raaz, yeh dukh usne apne seene मे hi dabaye rakkha kisi ko नहि bataya। Riya ko bi नहि joo उसकी pakki saheli thi.
Kuch der Aanchal केँ bedroom मे aaram karne केँ बाद woh dono shopping केँ liye chali gai। Riya ne jamkar shopping कि। घऱ lautne मे unhe बहोत der hu gai.
Udhar sasur kaa mood off hu गय़ा thaa jis rath ko woh aanchal केँ sath rangeen banane कि सोच raha thaa, woh rath use akele katni pad rahi thi। Aanchal too mili नहि अब usne अपना dhyaan naukrani sunita कि tarf lagaya.
Shopping karne केँ बाद rath मे घऱ lautkar aanchal औऱ riya der tak bedroom मे baate karte rahe। rath 12:30 pm केँ aas pas Aanchal कि neend khuli too usne देखा, bedroom मे woh akeli h औऱ riya bed पर्र नहि h। Aanchal thodi heraan hoyi, woh uthi औऱ अपना batroom check किया, riya वहा bi नहि thi। Aanchal bedroom सें बाहर् aayi too देखा Riya living kamara केँ darwaze सें andar jhank rahi h। Riya कि peeth aanchal कि tarf thi। Uski nightie ऊपर uthi hoyi thi औऱ woh थोडा deewar pe jhuki hoyi thi। Uske hath केँ hilne सें aanchal samajh gai कि riya muth mar rahi h। Riya केँ munh सें halki si siskariyan bi nikal rahi thi.
Aanchal dabe paav riya केँ piche pahunchi too use living kamara सें kisi ldki केँ jor सें siskariyan lene कि awaz aayi। Riya ne aanchal ko apni piche khadi देखा too hadbada krr nightie theek krr li। Aanchal ne देखा riya कि aankhe uttezna सें laal hu rakhi thi.
Ab aanchal ne bi kamara केँ andar jhanka कि riya क्याँ dekhkar muth mar rahi thi। Wahan farsh पर्र sunita nangi leti hoyi thi औऱ aanchal kaa sasur bi poora nanga thaa औऱ sunita कि jamkar chudayi krr raha thaa। Sunita maze सें siskariyan le rahi thi औऱ apne badan पर्र pad rahe jor केँ dhakkon सें उसकी badi chuchiyan jor सें aage piche ko hil rahi thi। Sasur itne jabardast tareeke सें sunita ko chod raha thaa कि woh nazara dekhkar aanchal कि chut bi gili hu gai.
Aanchal kaa munh hairani सें khula हुआ dekhkar riya उसके kaan मे fusfusayi, ” dekh teraa sasur kese joro सें sunita ko chod raha h…”
Sunita कि jabardast chudayi dekhkar dono कि chut ras bahane lagi। तभी sasur ne अपना loda sunita कि chut सें nikaal लिया औऱ sofe पऱ baith गय़ा। फिन sunita ko apni god मे bithakar chodne laga। Sasur kaa loda dekhkar riya kaa munh khula rha गय़ा.
“haai, aanchal, dekh kitna बड़ा loda h tere sasur kaa, sachmuch khambha h …” riya अब khuleaam aanchal केँ samne hi muth marte hue boli.
Riya ko apni clit masalte dekhkar aanchal bi apni nightie केँ andar hath dalkar chut मे ungli karne lagi। sasur औऱ sunita कि chudayi kaa live show dekhte hue dono halki halki siskariyan lene lagi। फिन riya सें control नहि हुआ औऱ woh aanchal ko choomne lagi। riya ko jor सें siskariyan lete dekhkar aanchal dar gai कि kahi उसका sasur na dekh le। Aanchal riya kaa hath pakadkar use apne bedroom मे khinch le gai औऱ darwaja बंद krr दिया.
kamara mai aane केँ बाद dono एक् doosre ko betahasha chumne lagi। riya aanchal कि badi chuchiyon ko dabane औऱ masalne lagi। dono ne apni nightie utar fenki औऱ panty utarkar dono nangi hu gai। कुछ der khade khade एक् doosre केँ nange badan ko sahlane केँ बाद bed मे 69 कि pose मे aa gyi औऱ एक् doosre कि chut chatne lagi। dono तब tak chut chatte rahi जब tak orgasm नहि aa गय़ा। fir woh dono jhad gai औऱ एक् doosre कि banho मे nangi hi so gai.
jb subah unki आंख khuli too एक् doosre कि banho मे nange soye dekhkar dono sharma gai। फिन riya ne chuppi todi औऱ boli कि usko aanchal कि chut kaa taste अच्छा laga औऱ aanchal सें chut chatwane मे bi use बहोत majaa आया। Aanchal hans padi औऱ nangi riya ko bed pe alingan krr लिया। woh dono फिन सें suru hu gai औऱ एक् doosre ko chumne औऱ badan पर्र hath firane lagi.
Tabhi cook ne उसके kamara केँ darwaze पऱ knock किया। Aanchal juldi सें batroom मे chali gai औऱ riya ne nightie pahan li औऱ darwaaza khola। Cook unke liye bed tea laya thaa.
fir aanchal nahane केँ बाद kitchen मे chali gai। आज sunil wapis aane wala thaa too woh उसका pasandida khana banwana chahti thi। Riya aanchal केँ bedroom सें lage batroom मे nahane chali gai.
Kuch der बाद sunil aa गय़ा औऱ aanchal ko surprise dene केँ liye chupchap bedroom मे गय़ा। Bedroom मे aanchal नहि thi मगर batroom सें shower कि awaz aa rahi thi। Sunil ne samaja, aanchal naha rahi h woh batroom मे ghus गय़ा.
jaesa hi usne batroom kaa darwaaza khola, usne देखा andar कोई ldki nangi naha rahi h। Riya sunil ko dekhte hi jor सें chikhi औऱ apne hathon सें apni chuchiyan dhakne कि koshish karne lagi। फिन एक् hath सें chut ko dhakne lagi। फिन woh nange badan मे lapetne केँ liye taulia कि tarf lapki.
Tabhi उसका pair fisal गय़ा औऱ woh dhadam सें batroom केँ farsh मे gir gai.
Aanchal केँ bedroom सें chikhne कि awaz sunkar aanchal औऱ उसका sasur dono daudkar aaye। Unhone bedroom केँ andar aakar देखा, ghabraya हुआ sunil puri nangi riya ko batroom केँ farsh सें utha raha h.
आँचल की अय्याशियां - desi bahu - Next part miss mat karna
nice update dear
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