आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
क्लिनिक मे आँचल केँ एक्सपोज़र केँ बाद पिछले कुछ दिनों सें सुनील कि सेक्स लाइफ इंप्रूव होँ गई, थि। अब उसकेमन मे आँचल केँ एक्सपोज़र कों लेकरनये नये विचार आते रहते थें। टूर केँ दौरान दिन मे सुनील मीटिंग मे रहता थां औऱ रात कों एक् याँ दो राउंड आँचल कि चुदाई कर देता थां। आँचल भि सुनील मे आएइस चेंज सें बहोत खुश थि उसेलग रहा थां जैसे वोँ फिन सें हनीमून मे आई हैं। मगरउसे यह भि शक़ थां कि सुनील कों थोड़े दिनजोश रहता हैं उसकेबाद फिन अपने पुराने ढर्रे पऱ लौटआता हैं। अबटूर समाप्त होने वाला थां औऱ कलटूर कां आख़िरी दिन थां। सुनील सोचता हैं देल्ही मे फिनवही फैक्ट्री कि बोरिंग लाइफ शुरुआत हौ जाएगी। कलकुछ एक्साइटिंग करते हें। आँचल कों किसी दूसरे मर्द केँ संग देखने कि अपनी फैंटसी कों पूरा करने कां यहसही मौका हैं। देखते हें आँचलकिस हद तक जाती हैं.
सुनील – डार्लिंग परसों तोँ हमें वापस लौटना हैं। ऐसा करते हें कल मसाज वाले कों बुला लेते हें। मीटिंग्स औऱ ट्रैवेलिंग सें मे थक गय़ा हूं। मसाज सें आराममिल जाएगा.
आँचल – हाँयह सही रहेगा। थकान तोँ मुझे भि महसूस हौ रही हैं। बुलालो.
सुनील – मेरीकल 11 बजे मीटिंग हैं। तुम् शॉपिंग कर लेना.साम कों मसाज वाले कों बुला लेंगे.
आँचल – ठीक हैं। जैसा तुम् बोलो.
सुनील होटेल मैंनेजर केँ पास जाता हैं औऱ उससे पत्नि केँ लिए मसाज वाले कां अरेंजमेंट करने कों कहता हैं।
मैंनेजर – मसाज केँ लिए लेडी चाहिए याँ मेल ?
सुनील – मेल हि चाहिए.
मैंनेजर सुनील कों कुछ लोगों केँ बारे मे बताता हैं, उनमें सें सुनील कों जौ व्यक्ति पसन्द आता हैं उसकानाम बाला हैं औऱ वोँ योगा & मसाज एक्सपर्ट हैं। मैंनेजर बाला कि तारीफ करता हैं औऱ बताता हैं कि उसके कस्टमर बहोत सैटिस्फाइ रहते हें। सुनील उससेबात करना चाहता हैं। मैंनेजर उसका कांटेक्ट नंबर सुनील कों दे देता हैं.
सुनील बाला कों मोबाइल करता हैं औऱ उससे होटेल मे मिलने कों कहता हैं। साम कों सुनील होटेल कि लॉबी मे बाला सें मुलाकात करता हैं। बाला लंबा चौड़ा गठीले शरीर वाला हैं। रंग एकदम काला, उम्र लगभग 27 – 28 कि होगी। उसने सुनील कों बताया कि वोँ तमिलनाडु सें बिलोंग करता हैं। सुनील उसकी बॉडी सें इंप्रेस होता हैं। बाला बताता हैं कि उसको 6-7 साल कां अनुभव हैं औऱ बहोत बढ़िया सर्विस देगा.
सुनील उसे बताता हैं कि नॉर्मल मसाज नहि करवानी हैं। बल्कि उसे पत्नि कि इरोटिक मसाज चाहिए। बालासमझ जाता हैं। वोँ बताता हैं कि कभीकभी ऐसी डिमांड भि उसकेपास आती हैं। सुनील कहता हैं कि यहबात सिर्फ़ मेरे औऱ तुम्हारे बीच रहनी चाहिए मैडम कों पता नहि चलना चाहिए कि मैंने तुमसे ऐसा बोला हैं।
अब बाला सोचने लगायह क्याँ चक्कर हैं ? वोँ सुनील सें कहता हैं अगरकुछ प्राब्लम हुईँ तौ क्याँ होगा ? क्यूंकी आपने मैडम कों बताया नहि हैं कि इरोटिक मसाज करनी हैं, अगर मैडम नाराज़ होँ गई, तौ ? मेरी रेपुटेशन कां भि प्रश्न हैं.
सुनील कहता हैं, मेरा नंबरनोट करलोअगर कुछ भि गड़बड़ हुइ तौ मुझे मोबाइल कर देना। मे सम्हाल लूंगा.
बाला पूछता हैं, आप् मुझसे किस लेवेल तक इरोटिक मसाज चाहते होँ ?
सुनील कहता हैं, यह तुम् पऱ निर्भर करता हैं कि तुम् मसाज कों किस लेवेल तक लेँ जाते होँ। मुझेकोई प्राब्लम नहि हैं। औऱ मेरीतरफ सें तुम्हें पूरीछूट हैं।
बाला कहता हैं, ठीक हैं, यह मैडम पऱ डिपेंड करता हैं। अगर वोँ ऐतराज करेंगी तोँ फिन मे उस लेवेल सें आगे नहि जाऊँगा। पऱ मुझे अपने हुनर पऱ पूरा भरोसा हैं। आप् एक् बारफिन सें सोचलो, बात बहोत आगे तक जा सकती हैं.
सुनील बाला कि इसबात सें कुछसमय केँ लिएसोच मे पड़ जाता हैं। आँचल बाला कों किसहद तक जाने देगी ? सुनील सोचता हैं यही तौ मे भि देख्ना चाहता हूं। इस ख्याल सें हि उसका लन्ड खड़ा होँ जाता हैं.
सुनील कहता हैं कलसाम 4 बजे आँ जानां। औऱ फिन बाला कों एडवांस पेमेंट कर देता हैं।
सुनील आँचल कों बताता हैं कि मैंनेजर सें कह दिया हैं। कलसाम 4 बजे मसाज वाला आएगा, बालानाम हैं उसका।
रात कों आँचल झीनी नाइटी मे बेड मे लेट जाती हैं। सुनील कल क्याँ होगा सोचकर एक्साइटेड होँ रखा हैं। वोँ अपने कपड़े उतारकर नंगा होँ जाता हैं औऱ आँचल केँ पासबेड मे आँ जाता हैं। आँचल सुनील कों कपड़े उतारते हुए देखती हैं। सुनील केँ फनफनाते लन्ड पऱ उसकी नज़र पड़ती हैं। आँचल अपनी होने वाली चुदाई कों सोचकर रोमांचित होँ उठती हैं। उसके होठों पऱ मुस्कान आँ जाती हैं। सुनील उसकेपास आकरउसे चूमने लगता हैं। आँचल भि उसकासंग देती हैं। फिनहाथ नीचे लें जाकर उसके लन्ड कों सहलाने लगती हैं। सुनील आँचल कि नाइटी उतार देता हैं। नाइटी केँ अंदर आँचल नें कुछ नहि पहना हैं। नाइटी उतरते हि आँचल नंगी होँ जाती हैं।
सुनील सें अब रुका नहि जारहा। वोँ आँचल कि बुर केँ छेद मे अपने लन्ड कों लगाता हैं औऱ एक् धक्के मे लन्ड अंदर घुसा देता हैं.
आँचल कि अहह…। ओह्ह…। शुरुआत हौ जाती हैं.
सुनील कुछदेर तक आँचल कि बुर पऱ धक्के मारता हैं, आँचल आँखें बंद करके चुदाई कां मजा लेती हैं औऱ अहह…। ओह्ह…। करते रहती हैं।
कल केँ बारे मे एक्साइट्मेंट सें सुनील कों जोश चड़ाहुआ हैं। थोड़ी देरबाद सुनील कां लन्ड आँचल कि बुर मे वीर्य गिरा देता हैं। संग हि आँचल कि बुर भि पानी छोड़ देती हैं.
अगली सुभह ब्रेकफास्ट करने केँ बाद सुनील अपनी मीटिंग केँ लिए सजधजकर होने लगता हैं, मीटिंग साम कों थि पऱ उसने आँचल कों ग़लत बताया थां। वोँ आँचल सें शॉपिंग केँ लिए रेडी होने कों कहता हैं। आँचल कों मार्केट मे छोड़कर सुनील उससे कहता हैं, दोपहर का खाना केँ लिए आँ जाऊँगा। तब तक तुम् शॉपिंग करलो। औऱ वहा सें चला जाता हैं.
फिन सुनील एक् शॉप सें कैमरा खरीदता हैं औऱ होटेल वापस आँ जाता हैं। कमरे मे आकर कैमरा केँ लिएसही स्थान देखता हैं जहाँ सें बढ़िया दिखे.फिन कैमरा स्लिम कर देता हैं औऱ रिकॉर्डिंग ऑन करकेबेड मे लेट जाता हैं। कैमरा कि रिकॉर्डिंग चेक करता हैं, पूराबेड औऱ कमरे कां ज़्यादातर हिस्सा कवर होँ रहा हैं। संतुष्ट होकर सुनील कमरे सें बाहर् निकल जाता हैं.
आँचल शॉपिंग करके वापस आँ जाती हैं। सुनील आँचल कों मोबाइल करता हैं। आँचल कहती हैं कि वोँ होटेल मे वापस आँ चुकी हैं। सुनील भि आँ जाता हैं। आँचल सें उसकी शॉपिंग केँ बारे मे पूछता हैं। आँचलउसे खरीदे हुए कपड़े वगैरह दिखाती हैं। फिन उससे पूछती हैं, कैसीरही मीटिंग ? सुनील ठीकरही कह देता हैं.
अब लञ्च कां वक्त होँ गय़ा हैं। सुनील एक् रेस्टोरेंट मे आँचल केँ संग दोपहर का खाना करनेचला जाता हैं। आँचल महसूस करती हैं सुनील कां ध्यान कहीं औऱ हैं। वोँ उससे पूछती हैं, कहां खोए होँ, क्याँ सोचरहे हौ ? सुनील कहता हैं, नहि नहि ऐसीकोई बात नहि औऱ बात कों टाल देता हैं।
होटेल मे लौटकर सुनील 4 बॉटल बियर कां ऑर्डर देता हैं। कुछदेर आराम करने केँ बाद आँचल नहाने चली जाती हैं औऱ ब्रा पैंटी केँ ऊपर एक् गाउन पहनकर बाहर् आती हैं.
सुनील सोफे मे बैठा हैं औऱ बियर कि बॉटलखोल रहा हैं। आँचल उसकेपास आती हैं। सुनील उसको अपनीगोद मे तिरछा बिठा लेता हैं औऱ बियर कि बॉटल पकड़ा देता हैं। दोनों बियर पीने लगते हें। फिन बातों बातों मे दोनों कि बियर कि बॉटल समाप्त हौ जाती हें। आँचल देखती हैं सुनील कुछ नर्वस सां होँ रखा हैं औऱ बारबार घड़ी कि ओरदेख रहा हैं। वोँ सुनील सें पूछती हैं पऱ सुनील फिन सें बातटाल देता हैं। आँचल कों शक़ होता हैं कुछ तोँ बात हैं, कल सें कुछ बेचैन लगरहा हैं पऱ बता नहि रहा.
सुनील कहता हैं 4 बजने कों हैं, बालाआता होगा। पहले तुम् मसाज करवा लेना उसकेबाद मे करवाऊँगा। तुम् अपने गाउन केँ अंदर सें ब्रा पैंटी उतारदो। आज न्यूड मसाज करवालो। आँचल इसकेलिए राज़ी नहि होती औऱ सिर्फ़ ब्रा उतार देती हैं। सुनील देखता हैं नहि मानरही तौ वोँ अधिक ज़ोर नहि देता कहींशक़ नाँ होँ जाए.मगर वोँ समझाता हैं कि थोंग पैंटी पहनलो (जिसमें आगे सें सिर्फ़ बुर ढकने लायक कपड़ा होता हैं औऱ पीछे सें सिर्फ़ एक् डोरी होती हैं) मसाज मे आसानी रहेगी। आँचल इसकेलिए रेडी हौ जाती हैं औऱ अपनी पैंटी उतारकर थोंगपहन लेती हैं। उसके कपड़े चेंज करने केँ दौरान सुनील कैमरा कि रिकॉर्डिंग चालूकर देता हैं.
तभी डोरबेल बजती हैं औऱ बाला अपनाबैग लेकर आँ जाता हैं। कमरे मे सुनील कों देखकर बाला चौंकता हैं पर्र जाहिर नहि होने देता। सुनील नें उसको बताया थां कि मैडम कमरे मे अकेली होगी। बाला सोचता हैं शायद सुनील कां प्लान बदल गय़ा हैं। बाला अपनेबैग सें एक् चादर निकालकर बेड मे बिछा देता हैं औऱ दो बड़े टॉवेल बेड मे रख देता हैं। फिन बाला कहता हैं, मे कपड़े बदलकर अभि आता हूं तब तक आप् लेटजाओ। औऱ फिन बालाबैग सें अपने कपड़े निकालकर बाथरूम मे चला जाता हैं।
सुनील तौ पहले हि बाला सें मिल चुका थां पऱ आँचल पहलीबार उससेमिल रही हैं। सुनील देखता हैं आँचल भि कुछ नर्वस हौ रखी हैं औऱ बाला कों ताड़रही हैं। बाला केँ बाथरूम जाने केँ बाद आँचल गाउन उतार देती हैं औऱ बेड मे पेट केँ बललेट जाती हैं औऱ अपने नितंबों केँ ऊपर टॉवेल डाल लेती हैं। उसकी गोरीपीठ नंगी हैं औऱ उसकी बड़ी चूचियाँ उसके शरीर सें दबी हुइ हें मगर साइड सें दिखरही हें। घुटनों सें नीचे उसकी गोरी टाँगें दिखरही हें.
बाला बाथरूम सें बाहर् आता हैं अब वोँ एक् पतली टाइट टीशर्ट औऱ शॉर्ट्स पहने हैं। वोँ आँचल केँ बेड केँ पासबैग लाकर रखता हैं उसमें बहोत टाइप कि तेल कि बॉटल्स हें। एक् बॉटल बाहर् निकालता हैं.
तभी सुनील आँचल सें कहता हैं, मुझे एक् ज़रूरी काम आँ गय़ा हैं, दो घंटे मे वापस आँ जाऊँगा। तुम् अपनी मसाज करवा लेना।
आँचल कों सुनील केँ बदले प्लान सें हैरानी होती हैं औऱ उससे कहती हैं, इतना ज़रूरी हैं क्याँ ? सुनील कहता हैं, हाँ जानां हि पड़ेगा औऱ कमरे सें बाहर् चला जाता हैं।
उसको किसी डीलर सें मिलने जानां थां औऱ ठीकउसी वक्त पऱ उसने आँचल कि मसाजरखी थि क्यूंकी उसे मालूम थां कि उसके सामने तौ आँचलकुछ करेगी नहि.
बालासभी समझ जाता हैं.
Update Pls...
Keep writing dear, Excited for NEXT Update . . . .
vah ............ jaberdaust update
nice update
आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
सुनील केँ चले जाने सें कमरे कां माहौल बदल जाता हैं। क्यूंकी पहले पति पत्नि औऱ मालिशवाला थें औऱ अब कमरे मे सिर्फ़ पत्नि औऱ मालिशवाला रहगये थें। आँचल नें कभी भि किसी मर्द सें अपने जिस्म कि मालिश नहि करवाई थि तौ यह उसकेलिए पहला अनुभव थां।
बाला आँचल कि पीठ सें टॉवेल कों थोडा नीचे खिसकाता हैं औऱ जहाँ सें नितंबों कां उठान शुरुआत होता हैं वहा तक कर देता हैं। फिन आँचल कि नंगीपीठ पऱ बोतल सें तेल गिराकर हाथों सें फैला देता हैं। बाला आँचल कि गर्दन सें मालिश शुरुआत करता हैं औऱ फिन उसके कंधों कि मालिश करता हैं। उसकेबाद आँचल कि गोरी बाँह कों अपने काले हाथों मे पकड़ लेता हैं औऱ आँचल कि पतली नाज़ुक अंगुलियों सें लेकर पूरी बाँह तक मालिश करता हैं। ऐसे हि दाहिनी बाँह मे भि मालिश करता हैं। उसकेबाद वोँ आँचल कि पीठ मे मालिश करता हैं।
“मैडम, ठीक होँ रहा हैं ? हाथों कां अधिक प्रेशर पड़े तोँ बताना…….”
“नहि ठीक हैं। अच्छा लगरहा हैं….”
अब ऊपरी जिस्म कि मालिश हौ गयीँ,। आँचल कों बाला केँ सख़्त हाथों सें मालिश मे एक् अजीब सां दर्द औऱ खुशी महसूस होता हैं, उसे एक् स्त्री औऱ मर्द केँ हाथों मालिश मे साफ अंतर महसूस होता हैं। बाला नें जिसतरह उसके कंधों, बाँहो औऱ पीठ कों पूरी ताक़त सें ज़ोर लगाकर मला थां उससे आँचल कों बहोत रिलैक्स फील होता हैं.
अब बाला नीचे कों खिसकता हैं औऱ टॉवेल कों जांघों सें ऊपर मोड़ देता हैं जिससे सिर्फ़ आँचल केँ बड़े नितंबों कों टॉवेल ढकता हैं औऱ उसकी सुंदर गोरी मांसल जाँघें औऱ टाँगें नंगी होँ जाती हें। बाला पैरों कि अंगुलियों कि मालिश करता हैं फिन पंजो औऱ घुटनों केँ बीच केँ हिस्से मे अपनी अँगुलियाँ घुमाता हैं। आँचल कि जांघों केँ रसीले पिछले हिस्से कों अपने हाथों सें मलता हैं औऱ फिन टॉवेल कों नितंबों केँ ऊपर सें हटा देता हैं। अब आँचल केँ शरीर मे थोंग केँ अलावा कोईकवर नहि हैं। बाला उसके नितंबों कि मालिश करने लगता हैं। आँचल केँ बड़े नितंबों कों मलता हैं औऱ उन्हें दबाता हैं। कमर मे थोंग कि पतली डोरी कों खिसकाकर उसके नीचे भि मालिश करता हैं। बाला केँ मलने सें आँचल केँ सुडौल गोरे नितंब इधरउधर कों डोलते हें। जाँघों औऱ नितंबों कों मलते टाइम बाला कि अँगुलियाँ कईबार आँचल कि बुर केँ होठों कों थोंग केँ बाहर् सें छू जाती हें.
“उम्म्म्म….”
आँचल धीरे-धीरे सें सिसकती हैं, उसकी उत्तेजना बढ़ने लगती हैं। आँचल आँखें बंदकिए हुए लेटी हैं, बाला केँ मजबूत हाथ उसके नितंबों औऱ जांघों कों निचोड़ रहे हें, आँचल धीमे धीमे आहें भरती हैं औऱ उसको बहोत मजाआने लगता हैं। उसकी बुर सें रस बहने लगता हैं। बाला भि उसकेहाव भाव सें समझ जाता हैं, मैडम कों मजा आँ रहा हैं, गर्म होनेलगी हैं। वोँ देर तक उसके नितंबों कि मालिश करता हैं। बाला आँचल केँ नितंबों कों पकड़कर बीच कि दरार सें दूर खींचता हैं औऱ मसलता हैं, आँचल कि सिसकारियाँ तेज होने लगती हें। उसकी कामोत्तेजना बढ़ने लगती हैं औऱ ओर्गास्म केँ नज़दीक़ पहुँचने लगती हैं.
तभी बाला कि आवाज़ उसके कानों मे पड़ती हैं.
“मैडमअब सीधेलेट जाइए….”
“ओह्ह …….उम्म्म…….हाँ….” आँचल जैसे ड्रीम्स सें जागती हैं.
आँचल सीधीलेट जाती हैं औऱ अपनेऊपर टॉवेल डाल लेती हैं। उसकी चूचियों सें जांघों केँ ऊपरी हिस्से तक टॉवेल नें ढकरखा हैं।
बाला पैरों सें शुरुआत करतेहुए ऊपर कों बढ़ता हैं। आँचल केँ घुटनों केँ कप कि गोलगोल मालिश करता हैं। फिन दायीं जाँघ मे हाथ फिराता हैं, आँचल कों सनसनी महसूस होती हैं, वोँ अपनी दूसरी टाँग कों थोडा अलगकर लेती हैं। बाला केँ हाथ जाँघ कि मालिश करतेहुए ऊपर कों बढ़ते हें। वोँ टॉवेल कों जाँघों केँ ऊपरी हिस्से सें खिसकाकर चूचियों कि जड़ तक ऊपरकर देता हैं इससे आँचल कां पेट औऱ पैंटी दिखने लगती हैं। आँचल कि पैंटी मे चूतरस सें गीला होँ रखा हैं जोँ बाला कों दिखता हैं। बाला केँ होठों मे मुस्कान आँ जाती हैं। बाला देखता हैं आँचल नें बुर केँ बालसाफ किएहुए हें। जांघों केँ ऊपरी हिस्से मे मालिश करतेहुए बाला कि अँगुलियाँ कईबार जानबूझकर आँचल कि बुर कों छूती हें, आँचल केँ मुँह सें सिसकी निकल जाती हैं ………उम्म्म्म…….उननग्ज्ग….
अब बाला आँचल केँ पेट कि मालिश करने लगता हैं, टॉवेल चूचियों केँ ऊपर हैं। बाला केँ हाथ चूचियों केँ निचले हिस्से कों छूते हें औऱ पैंटी तक जाते हें। आँचलबीच बीच मे आँख खोलकर बाला कों मालिश करतेहुए देखती हैं।
बालाअब आँचल कि चूचियों केँ ऊपर सें टॉवेल हटा देता हैं औऱ दायीं मम्मों कि मालिश करने लगता हैं। बाला कां हाथ मम्मों मे लगते हि आँचल केँ निप्पल तन जाते हें। बाला मम्मों कों खूब मसलता हैं, दबाता हैं औऱ आंटे केँ जैसे गूंद देता हैं, निप्पल कों अंगुलियों सें छूता हैं। अब आँचल सें बर्दाश्त नहि होता, उसकी सिसकारियाँ तेज होँ जाती हें.
“आआआअहह…। ओह्ह ….”
बालाअब बायीं मम्मों कों पकड़ लेता हैं औऱ उसको भि खूब दबाता हैं औऱ मसलता हैं। दोनों चूचियों कों एक् संग दबाता हैं उनकेबीच कि घाटी मे मालिश करता हैं, देर तक चूचियों केँ पीछेलगा रहता हैं.
बाला केँ चूचियों कों मसलने सें आँचल अपने कों रोक नहि पाती औऱ उसको ओर्गास्म आँ जाता हैं.
“आअहह……………….ओह्ह……….उम्म्म……….उनन्नज्ज्ग………….ओह……….”
आँचल कों सिसकारियाँ लेकर झड़ते देख बाला मालिश रोक देता हैं औऱ अपनी टीशर्ट उतार देता हैं। झड़ने केँ बाद आँचल आँखें खोलती हैं औऱ देखती हैं बाला नें टीशर्ट उतार दि हैं। उसकी कालेरंग कि चौड़ी छाती बालों सें भरी हुइ हैं। बाला केँ हाथ अपनी शॉर्ट्स केँ सिरों पर्र हें, आँचल उसको शॉर्ट्स उतारते हुए देखती हैं, लन्ड कि कल्पना सें उसके होंठ सूखने लगते हें.
कपड़े उतारकर बाला नंगा हौ जाता हैं। आँचल कि नज़र उसके खड़े लन्ड पर्र पड़ती हैं। 7 इंच लंबा औऱ बहोत मोटा काला लन्ड ऊपर कों सर उठाए खड़ा हैं। बाला देखता हैं आँचल उसके लन्ड कों अपलक निहार रही हैं। आँचल बाला केँ लन्ड कों छूने केँ लिएमचल उठती हैं.
“इधरदो….” कामुक स्वर मे बाला सें कहती हैं.
बाला थोडा हैरान होता हैं, यह तौ बहोत कामुक स्त्री हैं। वोँ आँचल केँ नज़दीक़ आँ जाता हैं। आँचलहाथ बढ़ाकर बेशर्मी सें उसके लन्ड कों पकड़ लेती हैं औऱ अपनी अंगुलियों सें उसके कड़ेपन औऱ मोटाई कां अंदाज करती हैं। अबउसे दुनिया कि शरम लिहाज सें कोई मतलब नहि, उसेबस इस मोटे लन्ड सें रगड़कर चुदाई चाहिए।
आँचल एक् नज़र बाला कों देखती हैं औऱ लन्ड कों मुँह मे लेकर चूसना शुरुआत कर देती हैं। बाला सोचता हैं लन्ड केँ लिए तड़पी हुईँ लगती हैं, अब बिल्कुल भि नहि शरमारही। इसकी आँखों मे मदहोशी छाई हुई हैं। चुदाई केँ लिए बिल्कुल सजधजकर हौ रखी हैं। आँचल केँ नाज़ुक होंठ बाला केँ मोटे लन्ड कों कस लेते हें औऱ लन्ड कि नरम त्वचा पऱ आगे पीछे जाने लगते हें। बाला आँचल कि पैंटी केँ अंदरहाथ डाल देता हैं। उसको आँचल कि बुर केँ होठों पऱ चूतरस कां गीलापन महसूस होता हैं। वोँ क्लिट कों छेड़ता हैं औऱ बुर कि दरार मे अंगुली फिराता हैं। आँचल कामोत्तेजना सें अपनीकमर कों झटकती हैं।
अब बाला अपने लन्ड कों आँचल केँ मुँह सें बाहर् निकाल लेता हैं औऱ आँचल कि पैंटी कों उतारने लगता हैं। आँचल कि बुर सें निकले रस सें पैंटी भीगी हुइ हैं। बाला पैंटी कों फर्श मे फेंक देता हैं। आँचल कि टाँगों कों फैलाकर बीच मे आँ जाता हैं औऱ उसकी फूली हुई बुर पऱ मुँहलगा देता हैं। उसकी क्लिट कों जीभ सें छेड़ता हैं।
“आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआ…………………उम्म्म्म……….” आँचल सिसकती हैं औऱ उसकेसर पर्र अपनाहाथ रख देती हैं.
बाला अंगुलियों सें बुर केँ होंठ फैलाता हैं, औऱ अपनीजीभ बुर केँ अंदरडाल देता हैं। बुर गीली हौ रखी हैं। बाला आँचल कां चूतरस चाटने लगता हैं। आँचल कसमसाने लगती हैं औऱ अपने नितंबों कों हिलाने लगती हैं। बाला उसके नितंबों कों मजबूती सें पकड़ लेता हैं औऱ उसकी बुर मे जीभ सें चाटते रहता हैं। आँचल सें अबसहन नहि होता.
“जल्दकरो प्लीज़………….अब डाल दो……………….आआआआह्ह्ह्ह्ह………………। चोदो प्लीज़…………….ऊऊऊओह…………”
बाला देखता हैं आँचल चुदाई केँ लिए बेचैनी रही हैं। वोँ उसकी बुर सें जीभ बाहर् निकाल लेता हैं। अपने लन्ड केँ टोपे कों बुर केँ गीले होठों पऱ रगड़ता हैं। फिन आँचल कि टाँगों कों ऊपर कों मोड़कर बुर केँ छेद पर्र लन्ड कां टोपालगा देता हैं औऱ एक् धक्का लगाता हैं.
“आअहह……………….उन्न्ननज्ज्ग…………ऊऊहह……….” बाला केँ लन्ड कां मोटा टोपा अपनी टाइट बुर मे घुसते हि आँचल ज़ोर सें चिल्लाती हैं.
बाला हैरान होता हैं। शादीशुदा होकर भि इसकी बुर इतनी टाइट केसे हैं ? इसकी बुर नें तोँ मेरे लन्ड केँ सुपाड़े कों एकदम कसकर जकड़ लिया हैं। बालाफिन सें धक्का लगाता हैं औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे पूरा लन्ड जड़ तक आँचल कि बुर मे घुसेड देता हैं। आँचल बाला कि कमर कों हाथों सें पकड़ लेती हैं। बालाअब बुर मे धक्के मारने लगता हैं.आँचल कि बुर मे बाला कां मोटा लन्ड अंदर बाहर् होने लगता हैं.
“आअहह………………औऱ ज़ोर सें चोदो …….उनन्नज्ग……….” आँचल बाला कों उकसाती हैं.
बालाअब तेजतेज धक्के लगाने लगता हैं। आँचल कि उठी हुइ गांड मे बाला कि गोलियाँ टकराने लगती हैं। आँचल कामोन्माद मे ज़ोर सें सिसकारियाँ लेने लगती हैं, बाला कां मोटा लन्ड उसकी बुर कि दीवारों कों पूरा फैलते हुए रगड़दे रहा हैं। कुछ हि देरबाद आँचल कों दूसरा ओर्गास्म आँ जाता हैं औऱ उसका जिस्म ऐंठ जाता हैं.
“ऊओिईईईईईईईई…………………म्म्म्ममाआआआअ……….ऊऊहह…………….उन्न्ञनणणन् ….…आअहह………….”
ओर्गास्म धीमापड़ जाता हैं औऱ आँचल शांत हौ जाती हैं। अब बाला आँचल कि बुर सें लन्ड बाहर् निकाल लेता हैं औऱ उसकोपेट केँ बल लिटा देता हैं। आँचल केँ घुटने अंदर कों मोड़कर उसकी गांड कों ऊपरउठा देता हैं। अपना मुँह उसकी बड़ी गांड मे लगा देता हैं औऱ चाटने लगता हैं। गांड कि दरार कों जीभ सें चाटता हैं। आँचल गनगना जाती हैं औऱ अपनी गांड कों हिलाकर छूटने कि कोशिश करती हैं पऱ बाला कि पकड़ मजबूत हैं। वोँ पीछे सें बुर मे जीभ लगाकर ओर्गास्म सें निकले हुए चूतरस कों चाटता हैं। औऱ फिन लन्ड कों बुर केँ होठों केँ बीच लगाकर एक् झटके मे पूरा लन्ड बुर मे घुसा देता हैं.
“ओइईई………….आआहह……………….”
बाला केँ तेज धक्कों सें आँचल कां गदराया शरीरबेड मे आगे पीछे हिलने लगता हैं, उसकी बड़ी चूचियाँ नीचे कों लटकी हुइ डोलने लगती हें। पीछे सें चोदते हुए बाला उसकी चूचियों कों दबोच लेता हैं औऱ मसलने लगता हैं.
थोड़ी देर तक बाला आँचल कों डॉगी पोज़ मे चोदते रहता हैं। फिन आँचल कि बुर कों अपने वीर्य सें भर देता हैं। आँचल घुटने लंबेकर लेती हैं औऱ कामतृप्त होकर वैसे हि लेटी रहती हैं.
झड़ने केँ बाद बाला आँचल केँ बगल मे लेट जाता हैं। औऱ अपनी साँसों पऱ काबू पाने कि कोशिश करता हैं। कुछदेर बाद उठकर बाथरूम चला जाता हैं औऱ कपड़े बदलकर वापस आँ जाता हैं। अपनेबैग मे सामान रखने लगता हैं। आँचल अभि भि नंगीबेड मे लेटी हुइ हैं।
“मैडम, मे जारहा हूं.”
आँचलकोई जवाब नहि देती। बाला देखता हैं शायद इसको नींद आँ गयीँ, हैं। वोँ आँचल कि पैंटी फर्श सें उठाकर बेड मे रख देता हैं। फिन उसके नंगे शरीर पर्र चादरडाल देता हैं औऱ बैग लेकर कमरे सें बाहर् आँ जाता हैं.
कुछ हि देर मे सुनील होटल वापस आँ जाता हैं। सुनील केँ कमरे मे आने सें आँचल कि नींदखुल जाती हैं औऱ वोँ हड़बड़ाकर बाथरूम चली जाती हैं। सुनील देखता हैं आँचल नंगी हैं औऱ उसकी पैंटी बेड मे पड़ी हैं। आँचल केँ बाथरूम जाने केँ बाद वोँ कैमरा निकाल कर अपने सामान मे छुपा देता हैं। औऱ रूम सर्विस कों बियर औऱ स्नैक्स कां ऑर्डर देता हैं.
आँचल बाथरूम मे नहाने लगती हैं। वोँ अभि भि मदहोशी मे हैं। नहाने केँ बाद शरीर पोंछने केँ लिए टॉवेल देखती हैं………….शिट ……। हड़बड़ाहट मे टॉवेल तोँ वोँ लाई हि नहि। वोँ नंगी हि बाथरूम सें बाहर् आँ जाती हैं.
कमरे मे वेटर ट्रे सें उतारकर टेबल मे बियर बॉटल्स औऱ स्नैक्स रखरहा हैं। तभी सुनील औऱ वेटर कि नज़रें नंगी आँचल पर्र पड़ती हें। वेटर आँखें फाड़े आँचल कि नंगी चूचियों औऱ बुर कों देखता हैं। आँचल वेटर कों वहा देखकर हक्की बक्की रह जाती हैं। फिन पीछे मुड़कर दौड़कर वापस बाथरूम मे घुस जाती हैं। वेटर उसकी लचकती हुईँ नंगी बड़ी गांड कों देखता हैं। सुनील कों भि समझ नहि आया कि आँचल बाथरूम सें नंगी बाहर् क्यूं आई। आँचल केँ बाथरूम मे घुस जाने केँ बाद वेटर कों होशआता हैं। उसकी नज़र सुनील सें मिलती हैं। सुनील मुस्कुरा रहा थां। वेटर कां चेहरा आँचल कों नंगी देखकर टेंस होँ रखा हैं, सुनील कों मुस्कुराते देखकर वोँ भि रिलैक्स हौ जाता हैं औऱ ट्रे लेकर कमरे सें बाहर् चला जाता हैं.
सुनील आँचल कों आवाज़ लगाता हैं.
“वेटरचला गय़ा, अब बाहर् आँ जाओ.”
आँचल शरमाते हुए बाथरूम सें नंगी बाहर् आती हैं। एंबरेसमेंट सें उसका चेहरा लाल होँ रखा हैं।
“मे टॉवेल लेँ जानां भूल गई, थि.”
वोँ सुनील केँ सामने टॉवेल सें अपना नंगा जिस्म पोंछती हैं। सुनील उसकी हिलती हुईँ चूचियों कों देखता हैं, क्याँ आँचल नें बाला केँ संग चुदाई कां मजा लिया हैं, उसकेमन मे ख्याल आता हैं। औऱ उसका लन्ड खड़ा होँ जाता हैं.
आँचल की अय्याशियां - desi bahu - Kahani ab aur interesting hogi
waiting next
thanks कुछ टाइम bad
Relavant source : click here