आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
अगली सुभह आँचल औऱ रियाजब उठीं तौ दोनोखुश दिखाई देरही थि। रात मे दोनो नें अच्छी चुदाई कां मजा लिया थां, इसलिये दोनो केँ चेहरे खिलेहुए थें। आँचल कि विवाह कों अब एक् साल पूरा होने कों थां औऱ हनीमून केँ बाद पहलीबार सुनील नें एक् रात मे उसेतीन बार चोदा थां। आँचल सोचने लगी, रिया केँ आने केँ बाद सें सुनील कि सेक्स करने कि ख़्वाहिश बढ़ गई, हैं औऱ आँचल नें जोँ अपनेसंग छेड़छाड़ कां किस्सा बढ़ा चढ़ाकर सुनाया थां उससे भि सुनील उत्तेजित हुआ थां। सुनील कां लन्ड बड़ा नहीं थां मगरदो बार आँचल झड़ी तौ थि चुदाई सें, वोँ संतुष्ट थि औऱ यह उसके खिलेहुए चेहरे सें साफदिख भि रहा थां.
दूसरी तरफ रिया कि ससुरजी नें जमकर चुदाई कि थि। वैसे रिया कुँवारी नहीं थि क्यूंकी अपने मंगेतर रवि केँ संग 6-7 बार वोँ चुदाई कां मजा लेँ चुकी थि, मगर जौ मजाउसे अनुभवी ससुरजी नें दिया थां वोँ उसेरवि केँ संग नहींआया थां। सुभह नींद खुलने पर्र रियारात कों हुई चुदाई केँ बारे मे सोचने लगी। ससुरजी 55-56 केँ तोँ होंगे हि, मगर असली मर्द हें। केसे उन्होने मुझेगोद मे बिठा केँ चोदा, बड़ा लन्ड होने केँ बावजूद बिना अधिक दर्द कराएहुए हि आहिस्ता मेरी चुदाई कर दि। वास्तव मे ससुरजी अनुभवी चोदू हें। लड़कियों कों पटाकर केसेमजा देना हैं, इससभी मे ससुरजी कों बहोत अनुभव हैं। ससुरजी केँ बारे मे सोचकर रिया कों फिन सें उत्तेजना आनेलगी।
चादर केँ अंदरहाथ डालकर रिया अपनी क्लिट कों मसलने लगी। चुदाई केँ मामले मे ससुरजी केँ सामने तौ रवि बिल्कुल अनाड़ी हैं। रिया सोचने लगी, अभि तक कि रवि केँ संग उसकी चुदाई दो जवानमगर अनाड़ी जोड़े कि चुदाई कि तरह थि। नाँ उसे अनुभव थां, नां रवि कों। मगर एक् हि रात मे ससुरजी नें रिया कों दिखला दिया थां कि चुदाई केँ मज़े केसे लेते हें। इनसभी ख़यालो मे डूबी हुई रिया तेज़ी सें अपनी क्लिट कों रगड़ने लगी। उसको जल्द हि ओर्गास्म आँ गय़ा.
“आअहह………….ऊऊओह……….” रिया कराह लेतेहुए झड़ने लगी.
तभी बेडरूम कां द्वार (दरवाज़ा) खुला औऱ ससुरजी अंदर आँ गय़ा। हड़बड़ाकर रिया नें चादर केँ अंदर सें अपनाहाथ बाहर् निकाला औऱ ससुरजी सें ‘गुड मॉर्निंग’ कहा.
ससुरजी नें देखा रिया कि आँखे नशीली हुईँ पड़ी हें औऱ चेहरा लाल हौ रखा हैं। चादर केँ अंदर सें झट सें हाथ बाहर् निकालते देखकर ससुरजी समझ गय़ा, कि रिया अवश्य मूठमार रही होगी.कल रात मेरेसंग चुदाई मे इसकोमजा आया लगता हैं.
ससुरजी रिया केँ बेड केँ पासआया औऱ उसका माथा औऱ चेहरा सहलाते हुए पूछने लगा कि वोँ अब कैसाफील कररही हैं ?
रिया ओर्गास्म कि मदहोशी मे थि, उसने धीमी आवाज़ मे जवाब दिया, मे ठीक हूं.
रिया कों बेडरूम मे अकेली देखकर, सासू माँ केँ बारे मे पूछने पर्र रिया नें बताया कि अभि सासू कों बाथरूम मे सुनीता नहलारही हैं.
यह सुनकर ससुरजी रिया केँ बेड मे बैठ गय़ा औऱ फिन अपनाहाथ उसने चादर केँ अंदर डालकर नंगी रिया कि बुर पर्र रख दिया। अपनीरस टपकाती बुर पऱ ससुरजी कां हाथ पड़ते हि रिया कि साँसे फंस गयीँ,.
हाथ मे गीलापन महसूस करके ससुरजी बोला, ” रिया बेटी, लगता हैं तुम् कलरात कि चुदाई कों यादकर रही होँ.”
“ऊऊओह………….” अपनी गीली बुर केँ अंदर ससुरजी कि अंगुली केँ जाने सें रिया सिसकी.
रिया कि गीली बुर मे दो अंगुलियां डालकर ससुरजी अंदर बाहर् करनेलगा औऱ अपने अंगूठे सें उसकी क्लिट कों रगड़ने लगा।
“रिया, तेरी बुर कितनी प्यासी हैं, कितना पानी छोड़रही हैं। दिल करता हैं कि अपने लन्ड कों तेरी बुर मे पूरादिन घुसा केँ रखूं.” जवान लड़की कि बुर मे अंगुलियां चलाते हुए ससुरजी बोला.
“उनन्नग्घह…………। ओह्ह………हाँ………हाँ…….” ससुरजी कों मदहोशी सें देखते हुए रिया सिसकी। औऱ उसने अपनाहाथ ससुरजी केँ पैजामे मे लन्ड केँ ऊपररख दिया औऱ उसे सहलाने लगी.
रिया केँ सहलाने सें ससुरजी कां लन्ड पैजामे केँ अंदर झटके मारने लगा। ससुरजी खुश हौ गय़ा कि रिया तोँ स्वयं हि अपनाहाथ उसके लन्ड पऱ लगारही हैं औऱ चुदाई केँ लिए बेकरार होँ रही हैं। अपनीआधी सें भि कमउमर कि जवान सेक्सी लड़की केँ संग ससुरजी स्वयं कों भि युवा महसूस करनेलगा। अहह……….यह तोँ अभि यहीं पऱ चुदने कों रेडी हैं। काश अभि हम् इसघऱ मे अकेले होते तोँ मे इस कच्ची कली कों दिनभर प्रेम करता, इतना चुदाई करता कि रिया कामतृप्त होँ जाती.मगर इतने लोगो केँ बीच तोँ सिर्फ़ रात मे हि उसको चुदाई कां मौकामिल सकता हैं.
ससुरजी नें ठंडीअहह भरतेहुए रिया कि बुर सें अंगुलियां निकाल ली औऱ रिया केँ खुलेहुए मुँह मे डालकर उसे अपना हि चूतरस चटवा दिया।
तभी बाथरूम कां दरवाजा खुलने कि आवाज़ आई। अपने लन्ड सें रिया कां हाथ बड़ी मुश्किल सें छुड़ाकर ससुरजी बेड सें उठ खड़ाहुआ। अपनी पत्नि कों बाथरूम सें बाहर् आते देखकर ससुरजी नें हाथों सें खड़े लन्ड कों छुपाया, जौ पैजामे मे तंबूबना रहा थां, औऱ झट सें बाथरूम मे घुस गय़ा.
रिया नें नाइटी पहनली थि, तभी बेडरूम मे आँचल भि आँ गई, औऱ ‘गुड मॉर्निंग रिया’ बोलीं.रिया आँचल केँ संगचली गयीँ, औऱ बाथरूम सें आकर लिविंग रूम मे दिदी जीजा केँ संग सुभह कि गरमचाय पीने आँ गई,.
रिया कों देखते हि सुनील ‘गुड मॉर्निंग रिया’ बोला औऱ हल्के सें उसका आलिंगन कर लिया। आँचल नें देखा सुनील नाइटी पहनी हुईँ रिया सें आलिंगन करतेहुए गुड मॉर्निंग कहरहा हैं। उसे थोडा अजीबलगा औऱ थोड़ी जलन सि हुई। आलिंगन करकेविश क्याँ करनी थि वैसे भि तौ कह सकता थां, हुह.
रिया कों भि लगा कि जीजाजी उससे मज़े लेँ रहे हें, मगरउसे कोई ज्यादा फरक नहीं पड़ता थां।
तभी आँचल केँ सासू माँ ससुरजी भि वहा आँ गये औऱ गरमचाय पीनेलगे। ससुरजी सें नज़रें मिलते हि रिया शरमा गई,।
ससुरजी नें पहले रिया कों देखा, फिन उसकी नज़रबहू आँचल पर्र पड़ी। रिया कों शरमाकर नज़रें फेरते देख ससुरजी मन हि मन मुस्कुराया। रिया जैसी जवान लड़की कों चोदकर वोँ काफ़ी खुश थां। मगर मादक आँचल पर्र नज़र पड़ते हि उसकेघाव हरे होँ गये। आँचलखूब खुश दिखाई देरही थि औऱ सबसेहंस हंसकर बातें कररही थि। अहह….बहू कितनी खिली खिलीदिख रही हैं। नां जानेकब मेरी ख़्वाहिश पूरी होगी आँचल कों चोदने कि। काश मे आँचल कों सिखा पाता कि चुदाई कां मजा केसे लिया जाता हैं, असली मर्द सें चुदाई कां मजा केसे मिलता हैं। सालभर होने कों आयामगर मेरी ख़्वाहिश अभि तक पूरी नहीं हुइ.
बातों बातों मे आँचल नें रिया सें कुछ औऱ दिन देल्ही मे रुकने कों कहा। उसकीबात अभि पूरी भि नहीं हुइ थि कि जल्द सें ससुरजी औऱ सुनील दोनो एक् संगबोल पड़े, हाँ रिया थोड़े दिन औऱ रुकजाओ.
आँचल हैरानी सें सुनील औऱ ससुरजी कां मुँह देखने लगी, इन दोनो कों बड़ी जल्द पड़ी हैं.
रिया कों तोँ मौकामिल गय़ा, ससुरजी केँ संग चुदाई कां मजाकुछ औऱ रातों कों मिलेगा। मगर सावधानी बरतते हुए अपनी ख़्वाहिश कों छुपाकर वोँ नाँ नुकुर करनेलगी। फिन सबके मनाने औऱ ज़ोर देने पर्र वोँ दोदिन औऱ रुकने कों राज़ी हौ गई,। रिया नें चंडीगढ़ मोबाइल करके मां कों बता दिया कि वोँ दोदिन औऱ आँचल केँ घऱ रहेगी.
सुनील औऱ ससुरजी रिया केँ रुकने सें मन हि मन बहोत खुश हौ गये। सुनील खुशी छुपा नहीं पाया औऱ बोला कि मे फैक्ट्री सें जल्द आँ जाऊंगा ताकि तुम् लोगों केँ संगसमय बिता सकूँ.
ससुरजी ख़यालों मे डूब गय़ा कि आने वालीदो रातें रिया कि जवान बाहों मे रंगीन होंगी.
आँचल भि खुश थि, रिया केँ यहा रुकने सें सुनील कों जोश चढ़ा रहेगा औऱ सुनील केँ संग आँचल कि भि रातें रंगीन रहेंगी.
चारों केँ मन मे अपनी अपनी खुशी थि। फिनसब लोग अपने अपनेकाम केँ लिए लिविंग रूम सें चलेगये.
शॉपिंग केँ लिए आँचल औऱ रिया सजधजकर होकर जानेलगी तभी रिया कां मोबाइल आँ गय़ा। मंगेतर रवि कां मोबाइल थां। जब रिया नें बताया कि वोँ औऱ दोदिन देल्ही रुकेगी तोँ रवि बोला, दोस्त मे इतनेदिन सें तुम्हे मिसकर रहा हूं औऱ तुम् दोदिन औऱ लेटकर रही हौ। मे वाहन ड्राइव करके देल्ही आँ रहा हूं औऱ हम् संग हि चंडीगढ़ वापस जाएँगे.
रवि केँ आने कि खबर सें रियाखुश तोँ हुइ मगर जैसारवि नें सोचा थां कि वोँ खुशी सें उछल पड़ेगी, वैसा एक्साइट्मेंट रिया कि बात मे उसे नज़र नहींआया। क्यूंकी रिया तोँ रुकी हि ससुरजी सें चुदाई केँ लिए थि। ऐसे मे रवि कां होना तौ बाधा हि पैदा करता.मगर रवि देल्ही मे अपने रिश्तेदारों केँ यहा रुकने वाला थां तोँ ससुरजी केँ संगरात मे रियामजा लें सकती थि.
शॉपिंग केँ बादजब लञ्च वक्त मे आँचल औऱ रियाघऱ वापसआई तौ रवि कों इंतजार करते पाकर हैरान हौ गयीँ,, अरे तुम् इतनी जल्द गाड़ी ड्राइव करके पहुँच भि गये.
रिया कों देखते हि रवि सोफे सें उठा औऱ उसका आलिंगन कर लिया। आँचल केँ सामने हि उसने रिया कों कसके पकड़कर उसके गालों औऱ होठों कां चुंबन लें लिया। रिया नें अपने कों आलिंगन सें छुड़ाया औऱ आँचल कां रवि सें परिचय कराया.
आँचल नें गौर किया, जैसा रियाकह रही थि, वैसा हि लंबा चौड़ा, हैंडसम हैं रवि औऱ शक़ल सूरत भि अच्छी हैं। रवि नें भि आँचल कि मादकता कों महसूस किया।
फिन वोँ सब दोपहर का खाना टेबल पऱ आँ गये.रवि रिया सें बातों मे मशगूल थां, कभी कभार आँचल पर्र भि नज़रडाल लेता थां.
आँचल कों थोड़ी ईर्ष्या हुइ, रवि तोँ ऐसे खुलेआम रिया सें प्रेम जतारहा हैं जैसेयहा पऱ औऱ कोई हैं हि नहीं। आँचल सोचने लगी सुनील तोँ सबके सामने ऐसे उससे प्रेम नहीं जताता.
Agli subah aanchal औऱ riya जब uthi too dono खुश dikhai de rahi thi। rath मे dono ne achchi chudayi kaa majaa लिया thaa, इसलिये dono केँ chehre khile hue the। aanchal कि shaadi ko अब एक् साल poora hone ko thaa औऱ honeymoon केँ बाद pehli baar sunil ne एक् rath मे use तीन baar choda thaa। Aanchal sochne lagi, riya केँ aane केँ बाद सें sunil कि sex karne कि iccha bad gai h औऱ aanchal ne joo apne sath chedchad kaa waqia बड़ा chada krr sunaya thaa usse bi sunil uttezit हुआ thaa। Sunil kaa loda बड़ा नहि thaa मगरदो baar aanchal jhadi too thi chudayi सें, woh santusht thi औऱ yeh उसके khile hue chehre सें saaf dikh bi raha thaa.
Dusri tarf riya कि sasur ne jamkar chudayi कि thi। waise riya kunwari नहि thi क्योंकि apne mangetar ravi केँ sath 6-7 baar woh chudayi kaa majaa le chuki thi, मगर joo majaa use anubhavi sasur ne दिया thaa woh use ravi केँ sath नहि आया thaa। subah neend khulne पऱ riya rath ko hoyi chudayi केँ baare मे sochne lagi। sasurji 55-56 केँ too honge hi, मगर asli mard h। kese unhone muze god मे bitha केँ choda, बड़ा loda hone केँ bawjood bina jyada durd karaye hue hi aaram सें मेरी chudayi krr di। vastav मे sasurji anubhavi chodoo haen। Ladkiyon ko patakar kese majaa देना h, iss sab मे sasurji ko बहोत tajurba h। Sasurji केँ bare मे sochkar riya ko फिन सें uttezna aane lagi।
chadar केँ andar hath dalkar riya apni clit ko masalne lagi। chudayi केँ mamle मे sasurji केँ samne too ravi bilkul anari h। Riya sochne lagi, abi tak कि ravi केँ sath उसकी chudayi दो jawaan मगर anari jode कि chudayi कि prakaar thi। na use tajurba thaa, na ravi ko। halanki एक् hi rath मे sasur ne riya ko dikhla दिया thaa कि chudayi केँ maze kaise lete haen। In sab khayalo मे doobi hoyi riya teji सें apni clit ko ragadne lagi। usko juldi hi orgasm aa गय़ा.
“aaahh…….ooooohhhhhh….” riya siskari lete hue jhadne lagi.
Tabhi bedroom kaa darwaaza khula औऱ sasur andar aa गय़ा। hadbadakar riya ne chadar केँ andar सें अपना hath बाहर् nikaala औऱ sasurji सें ‘good morning’ कहा.
Sasur ne देखा riya कि aankhe nashili hoyi padi haen औऱ चेहरा laal hu rakkha h। Chadar केँ andar सें jhat सें hath बाहर् nikalte dekhkar sasur samajh गय़ा, कि riya jaroor muth mar rahi hongi। Kal rath मेरे sath chudayi मे isko majaa आया lagta h.
Sasur riya केँ bed केँ pass आया औऱ उसका matha औऱ चेहरा sehlate hue puchne laga कि woh अब kaisa feel krr rahi h ?
Riya orgasm कि madhoshi मे thi, usne dhimi awaz मे jawab दिया, मे theek hoon.
Riya ko bedroom मे akeli dekhkar, Saas केँ bare मे puchne पर्र riya ne bataya कि abi saas ko batroom मे sunita nehla rahi h.
yeh sunkar sasur riya केँ bed मे baith गय़ा औऱ फिन अपना hath usne chadar केँ andar daalkar nangi riya कि chut पर्र रख दिया। Apni ras tapkati chut पर्र sasur kaa hath padte hi riya कि sanse atak gai.
Hath मे gilapan ehsaas karke sasur बोला, ” riya beti, lagta h tm कल rath कि chudayi ko yaad krr rahi hu.”
“ooooohhhhhhh………….” apni gili chut केँ andar sasur कि anguli केँ jane सें riya siski.
Riya कि gili chut मे दो anguliyan dalkar sasur andar बाहर् karne laga औऱ apne anguthe सें उसकी clit ko ragadne laga।
“riya, tairi chut kitni pyasi h, kitna paani chod rahi h। dill ❤️ krta h कि apne loda ko tairi chut मे poora दिन ghusa केँ rakhun.” jawaan ldki कि chut मे anguliyan chalate hue sasur बोला.
“unnngghhh….ohhhh…ha….ha…” sasur ko madhoshi सें dekhte hue riya siski। or usne अपना hath sasur केँ pyjame मे loda केँ ऊपररख दिया औऱ use sehlane lagi.
Riya केँ sehlane सें sasur kaa loda pyjame केँ andar jhatke marne laga। Sasur खुश hu गय़ा कि riya too khud hi अपना hath उसके loda पऱ laga rahi h औऱ chudayi केँ liye bekarar hu rahi h। Apni aadhi सें bi कम umar कि jawaan sexy ldki केँ sath sasur khud ko bi yuva ehsaas karne laga। Aah….yeh too abi yahin पर्र chudne ko taiyar h। kaash abi हम् iss घऱ मे akele hote too me iss kacchi kali ko दिन bhar pyaar krta, itna chudayi krta कि riya kaamtript hu jati। halanki itne logo केँ beech too sirf rath मे hi usko chudayi kaa chance mil sakta h.
Sasur ne thandi aah bharte hue riya कि chut सें anguliyan nikaal li औऱ riya केँ khule hue munh मे dalkar use अपना hi chootras chatwa दिया।
Tabhi batroom kaa darwaja khulne कि awaz aayi। Apne loda सें riya kaa hath badi मुश्किल सें chudakar sasur bed सें uth khada हुआ। Apni biwi ko batroom सें बाहर् आते dekhkar sasur ne hathon सें khade loda ko chupaya, joo pyjame मे tambu bnaa raha thaa, औऱ jhat सें batroom मे ghus गय़ा.
Riya ne nightie pahan li thi, तभी bedroom मे aanchal bi aa gai औऱ ‘good morning riya’ boli.riya aanchal केँ sath chali gai औऱ batroom सें aakar living kamara मे didi jija केँ sath subah कि chai pine aa gai.
Riya ko dekhte hi sunil ‘good morning riya’ बोला औऱ halke सें उसका alingan krr लिया। Aanchal ne देखा sunil nightie pehni hoyi riya सें alingan karte hue goodmorning keh raha h। Use थोडा ajib laga औऱ thodi jalan si hoyi। Alingan karke wish क्याँ karni thi waise bi too keh sakta thaa, huh.
Riya ko bi laga कि jijaji usse maze le rahe haen, मगर use कोई jyada farak नहि padta thaa।
Tabhi aanchal केँ saas sasur bi वहा aa gaye औऱ chai pine lage। Sasur सें nazren milte hi riya sharma gai।
Sasurji ne pahle riya ko देखा, फिन उसकी nazar bahu aanchal पर्र padi। Riya ko sharmakar nazren ferte dekh sasur mann hi mann muskuraya। Riya jaisi jawaan ldki ko chodkar woh kaafi खुश thaa। halanki madak aanchal पर्र nazar padte hi उसके zakhm hare hu gaye। Aanchal khoob खुश dikhai de rahi thi औऱ sabse hans hans krr baatein krr rahi thi। Aah….bahu kitni khili khili dikh rahi h। Na zane कब मेरी iccha poori hongi aanchal ko chodne कि। kaash me aanchal ko sikha ptaa कि chudayi kaa majaa kese लिया jata h, asli mard सें chudayi kaa majaa kese milta h। Saal bhar hone ko आयामगर मेरी iccha abi tak puri नहि hoyi.
Baaton baaton मे aanchal ne riya सें कुछ औऱ दिन delhi मे rukne ko कहा। Uski बात abi puri bi नहि hoyi thi कि juldi सें sasur औऱ sunil dono एक् sath bol pade, ha riya thode दिन औऱ rukh jao.
Aanchal hairani सें sunil औऱ sasur kaa munh dekhne lagi, in dono ko badi juldi padi h.
Riya ko too chance mil गय़ा, sasur केँ sath chudayi kaa majaa कुछ औऱ raaton ko milega। halanki savdhani baratte hue apni iccha ko chupakar woh na nukur karne lagi। फिन sabke manane औऱ jor dene पऱ woh दोदिन औऱ rukne ko raji hu gai। riya ne chandigarh phone karke maa ko bata दिया कि woh दोदिन औऱ aanchal केँ घऱ rahegi.
Sunil औऱ sasur riya केँ rukne सें mann hi mann बहोत खुश hu gaye। Sunil khusii chupa नहि paya औऱ बोला कि me factory सें juldi aa jaunga takii tm logon केँ sath waqt bita sakun.
Sasur khayalon मे doob गय़ा कि aane wali दो ratein riya कि jawaan bahon मे rangeen hogi.
Aanchal bi खुश thi, riya केँ यहा rukne सें sunil ko josh chada rahega औऱ sunil केँ sath aanchal कि bi ratein rangeen rahengi.
Charon केँ mann मे apni apni khusii thi। फिन sabhi लोग apne apne काम केँ liye living kamara सें chale gaye.
Shopping केँ liye aanchal औऱ riya taiyar hokar jane lagi तभी riya kaa phone aa गय़ा। mangetar ravi kaa phone thaa। jb riya ne bataya कि woh औऱ दोदिन delhi rukegi too ravi बोला, yar me itne दिन सें tumhe miss krr raha hoon औऱ tm दोदिन औऱ late krr rahi hu। me gaadi drive karke delhi aa raha hoon औऱ हम् sath hi chandigarh wapis jayenge.
Ravi केँ aane कि samachar सें riya खुश too hoyi मगर jaisa ravi ne socha thaa कि woh khusii सें uchal padegi, waisa excitement riya कि बात मे use nazar नहि आया। kyonki riya too ruki hi sasur सें chudayi केँ liye thi। ayese मे ravi kaa hnaa too badha hi paida krta। halanki ravi delhi मे apne ristedaron केँ यहा ruknewala thaa too sasur केँ sath rath मे riya majaa le sakti thi.
Shopping केँ बादजब lunch waqt मे aanchal औऱ riya घऱ wapis aayi too ravi ko intzaar karte pakar heraan hu gai, aree tm itni juldi gaadi drive karke pahunch bi gaye.
Riya ko dekhte hi ravi sofe सें utha औऱ उसका alingan krr लिया। Aanchal केँ samne hi usne riya ko kaske pakadkar उसके gaalon औऱ hothon kaa chumban le लिया। Riya ne apne ko alingan सें chudaya औऱ aanchal kaa ravi सें parichay karaya.
Aanchal ne gaur किया, jaisa riya keh rahi thi, waisa hi लम्बा chauda, handsome h ravi औऱ shaqal soorat bi achchi h। Ravi ne bi aanchal कि madakta ko ehsaas किया।
फिन woh sabhi lunch table पर्र aa gaye। Ravi riya सें baaton मे masgool thaa, कभी kabhar aanchal पऱ bi nazar daal leta thaa.
Aanchal ko thodi irshya hoyi, ravi too ayese khuleaam riya सें pyaar jata raha h जैसेयहा पऱ औऱ कोई h hi नहि। Aanchal sochne lagi sunil too sabke samne ayese usse pyaar नहि jatata.
Mast update h bhay ji
thanks bandhu
आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
लञ्च केँ बादसब लोग लिविंग रूम मे बैठे थें। रिया नें आँचल सें कहा एक् मिनिट बाहर् आओ.
आँचल लिविंग रूम सें बाहर् आई तोँ रिया एक्साइटेड होकर बोलीं, ”क्याँ हम् एक् घंटे केँ लिए तुम्हारा बेडरूम यूज़कर लें ? थोड़ी प्राइवेसी चाहिए इसलिये.”
रिया कि बोल्ड डिमांड सें आँचल हैरान हुइ मगर उसनेहाँ कह दिया। वैसे भि मना केसे करती.
रिया औऱ रवि आँचल केँ बेडरूम मे चलेगये औऱ अंदर सें लॉककर दिया। आँचल लिविंग रूम मे बैठी हुईँ सोचने लगीयह दोनो मेरे बेडरूम मे क्याँ कररहे होंगे ?
अभि दोपहर केँ 3 बजरहे थें औऱ सासू अपने कमरे मे सोनेचली गई, थि। सुनीता भि उसकेसंग हि चली गई,। आधे घंटे तक लिविंग रूम मे अकेली बैठने केँ बाद आँचल सें रहा नहीं गय़ा औऱ वोँ चुपचाप अपने बेडरूम केँ पासआकर दरवाज़े पऱ कान लगाकर सुनने लगी। बेडरूम केँ अंदर सें धीमी आवाज़ें आँ रही थि। वोँ दोनो क्याँ बातकर रहे हें यह तौ आँचल कों ठीक सें सुनाई नहीं दियामगर बीचबीच मे रिया कि सिसकारियाँ सुनाई देरही थि। आँचल कि एक्साइट्मेंट बढ़ने लगी। रिया केँ सिसकने सें आँचल कि बुर भि गीली होँ गई,।
तभी सुनील कां मोबाइल आँ गय़ा कि पिताजी औऱ मे साम कों देर सें घऱ आएँगे क्यूंकी फैक्ट्री मे कुछकाम करना हैं.
आँचलघऱ मे अकेली बोर हौ रही थि औऱ अब तौ सुनील औऱ ससुरजी भि देर सें आने वाले थें। आँचल केँ दिमाग़ मे उत्सुकता औऱ उत्तेजना सें खुराफात सूझी। वोँ लिविंग रूम सें एक् छोटा टेबलउठा लाई औऱ बेडरूम केँ दरवाज़े केँ पास रखकरउस केँ ऊपरचढ़ गई,। टेबल केँ ऊपर चढ़कर दरवाज़े केँ ऊपर वेंटिलेशन केँ लिएबनी खिड़की सें अंदर झाँकने लगी।
आँचल नें देखा अंदर रिया औऱ रवि दोनो नंगे हें। रिया नंगी होकर दीवार सें पीठ लगाकर खड़ी हैं। उसकी एक् टाँगरवि नें ऊपर उठाकर पकड़ी हुई हैं। रवि रिया कि बुर मे लन्ड घुसाकर चुदाई कररहा थां। खड़े खड़े हि वोँ रिया कि बुर मे तेजतेज धक्के लगारहा थां.
यहसीन देखकर आँचल बहोत उत्तेजित होँ गयीँ, औऱ अपनी पैंट केँ बाहर् सें हि बुर पर्र हाथ फिराने लगी। उसने देखारवि लंबा चौड़ा, काफ़ी तगड़ा हैं। रवि कि छाती मे औऱ पैरों मे काफ़ी बाल थें। रिया कि टाँग कों आहिस्ता उठाकर वोँ मज़े सें उसकी चुदाई कररहा थां। अब आँचल सें रहा नहीं गय़ा, पैंट केँ बाहर् सें बुर रगड़ने मे मजा नहीं आँ रहा थां उसने पैंट खोलकर नीचेकर दि औऱ अपनी पैंटी मे हाथ डालकर गीली बुर कों मसलने लगी। अंदर कां सीन देखते हुए बुर मसलने सें वोँ धीमी आवाज़ मे सिसकी लेनेलगी। आँचल मदहोश होनेलगी औऱ उसेयह भि पता नहींचला कि कोईवहा आँ गय़ा हैं.
रसोई मे रामलाल(कुक) नें कुछ हल्की सिसकने कि आवाज़ें सुनी। वोँ रसोई केँ पीछेबने सर्वेंट क्वॉर्टर सें अभि रसोई मे आया थां। रामलाल चेक करने केँ लिएवहा आया कि यह आवाज़ें कहां सें आँ रही हें।
जोँ उसने देखा उससे वोँ हैरान रह गय़ा। आँचल मेमसाब एक् छोटे टेबल पऱ चढ़ी हुइ हैं। उसकी पैंट औऱ पैंटी घुटनो सें नीचे हैं। औऱ वोँ कराह लेतेहुए बुर मे उंगली कररही हैं। मादक आँचल कि नंगी बड़ी गांड देखकर रामलाल केँ मुँह मे पानी आँ गय़ा। रामलाल 50 बरस कां थां मगर जबसेइस घऱ मे आया थां बहूरानी आँचल कि मादकता कों देखकर लार टपकाता थां। जवान नौकरानी सुनीता कों भि उसने एक् दोबार दबोचने कि कोशिश कि थि मगर सुनीता ससुरजी सें फँसी थि तोँ उसने रामलाल कों मुँह नहीं लगाया। मगरआज तोँ जैसे रामलाल कि लॉटरी लग गई,। आँचल मेमसाब कों ऐसे नंगेदेख पाने कि तौ उसने ड्रीम्स मे भि नहीं सोची थि। वोँ दबे पाँव आँचल कि तरफ बढ़ने लगा.
आँचल कों ओर्गास्म आने वाला थां, वोँ आँखेबंद करके हल्की चीख लेतेहुए बुर मे उंगली कररही थि……….उउउन्न्नह…….ऊओ…….उूउउ……….ऊऊहह…….”
तभी किसी नें उसका मुँहबंद कर दिया औऱ उसको पीछे सें पकड़कर घसीटकर टेबल सें उतार दिया। आँचलकुछ समझ पाती कि यह क्याँ हुआ.तब तक रामलाल उसका मुँहबंद करके उसको रसोई मे लेँ गय़ा। आँचल नें अपने कों छुड़ाने कि कोशिश कि मगर रामलाल नें उसको कसके पकड़रखा थां। उसकी पैंटी औऱ पैंट नीचे टाँगों मे फँसेहुए थें इसलिये उसका बैलेंस भि नहींबन पारहा थां।
रसोई केँ दरवाज़े सें रामलाल आँचल कों खींचकर पीछेबने अपने सर्वेंट क्वॉर्टर मे लें गय़ा औऱ अपनी चारपाई पऱ आँचल कों गिरा दिया.फिन जल्द सें अपनी पैंट खोलकर फनफनाते लन्ड कों बाहर् निकाल लिया। आँचल नें देखायह तौ उनकाकुक रामलाल हैं। अपने मुँह सें हाथहटा लिए जाने केँ बादअब वोँ साँसों कों संयत करने कि कोशिश कररही थि। आँचल नें देखा रामलाल कां फनफनाता लन्ड बड़ा औऱ काला हैं। लन्ड केँ टोपे सें प्री-कम भि निकलरहा थां। बड़े लन्ड कों देखकर आँचल केँ होंठ सूखने लगे, वोँ अभि भि मदहोशी मे थि.
तभी रामलाल नें उसकी टाँगों मे फँसी पैंट कों उतार दिया औऱ गीली पैंटी कों फाड़ दिया.फिन आँचल कि गीली बुर मे अपने लन्ड कां सुपाड़ा लगाया.
“नहीं नहीं, यहमतकरो। नहीईईईई…………। ओह्ह ….” आँचल इतना हि कहपाई थि कि रामलाल नें लन्ड उसकी बुर मे घुसा दिया.
आँचल कि बुर रस सें पूरी गीली होँ रखी थि तोँ रामलाल कां लन्ड अंदर घुसने मे आसानी हुईँ। रामलाल नें अपने औऱ आँचल केँ बाकी कपड़े उतारने कि जहमत नहीं उठाई औऱ फटाफट आँचल कि बुर मे लन्ड पेलने लगा।
“ओह्ह……….आअहह……….ओह्ह ……….” आँचल कों अपनी बुर रामलाल केँ बड़े लन्ड सें स्ट्रेच होती हुई महसूस हुईँ।
रामलाल कि पुरानी चारपाई कि रस्सियां आँचल कि रसीले गांड मे नीचे सें चुभने लगी। रामलाल केँ हर धक्के सें वोँ पुरानी चारपाई हिलने लगी औऱ चूँ….चूँ…… चूँ कि आवाज़ करनेलगी।
आँचल कां रुकाहुआ ओर्गास्म फिन सें बननेलगा। जल्द हि आँचल भि अपनी गांडऊपर कों उछालकर रामलाल केँ धक्कों कां जवाब देनेलगी। रामलाल तेज़ी सें लन्ड बुर मे अंदर बाहर् करतेरहा.
“ऊओिईई……….ऊऊओ………….आआहह…….ऊऊहह…….ओइईईईईईई….” आँचल कों जोरदार ओर्गास्म आँ गय़ा.
आँचल कों ज़ोर ज़ोर सें सिसकारियाँ लेकर झड़ते देखकर रामलाल कां भि पानी निकल गय़ा औऱ उसने आँचल कि बुर वीर्य सें भर दि। रामलाल झड़ने केँ बाद आँचल केँ ऊपरलेट गय़ा औऱ उसके सुंदर गालों कों काटने लगा। उसका लन्ड अभि भि आँचल कि बुर मे थां। जबरदस्त ओर्गास्म केँ आने सें आँचल निढाल होँ गयीँ, थि, रामलाल कों धक्का देकर उठाने कि ताक़त उसमे नहींबची थि। रामलाल आँचल केँ चेहरे कों चूमने औऱ चाटने लगा। आँचल केँ गालों औऱ होठों कों चूस चूसकर उसने गीलाकर दिया।
फिन रामलाल उठा औऱ अपनी पैंटपहन ली। आँचल सें एक् शब्द भि बोले बिना हि वोँ अपने कमरे सें बाहर् चला गय़ा.
आँचल चारपाई पऱ पड़ी हुईँ अपनी सांसो कों काबू करने कि कोशिश कररही थि। रामलाल कि लार सें उसका पूरा चेहरा गीला हौ गय़ा थां। आँचल नें अपनी टीशर्ट केँ कोने सें अपना चेहरा पोंछ लिया.फिन फर्श पर्र पड़ी हुईँ पैंटपहन ली। आँचल नें अपनीफटी हुई पैंटी उठाई औऱ रसोई केँ रास्ते घऱ मे आँ गई,।
रामलाल रसोई मे हि थां.
“गरमचाय बनाऊँ आपकेलिए मेमसाब ?” आँचल कों देखकर शांत स्वर मे रामलाल बोला, जैसेकुछ हुआ हि नां हौ.
जोँ कुछहुआ उससे आँचल स्तब्ध अवस्था मे थि, ज्यादा सोचने समझने कि हालत मे वोँ नहीं थि। रामलाल कि बात पर्र उसनेसर हिलाकर हाँकह दिया औऱ अपनी सासू माँ केँ बेडरूम मे बने बाथरूम मे चली गयीँ, क्यूंकी उसका अपना बेडरूम बंद थां।
सासू माँ गहरी नींद मे सोई थि इसलिये उसने आँचल कि हालत नहीं देखी.मगर फर्श पऱ अपनेखाट मे लेटी हुई सुनीता नें आँचल कों देख लिया। वोँ समझ गई, मेमसाब अभि अभि चुदी हैं। आँचल केँ बाथरूम कां द्वार (दरवाज़ा) बंद होने केँ बाद सुनीता उठी औऱ बेडरूम सें बाहर् यहपता करनेआई कि कौन हैं जिसने मेमसाब कों चोदा ?
लिविंग रूम मे उसेकोई नहीं दिखा औऱ आँचल कां बेडरूम अंदर सें बंद थां। मगर दरवाज़े केँ बाहर् टेबलरखी हुई थि। सुनीता कि कुछसमझ नहींआया कि यह लिविंग रूम कि टेबलयहा केसे पहुँची ?
सुनीता नें टेबल उठायी तभी रिया नें बेडरूम कां द्वार (दरवाज़ा) खोल दिया। सुनीता कों टेबल उठाये देखकर रिया नें प्रश्नवाचक नज़रों सें सुनीता कों देखा कि यहा क्याँ कररही हैं ?
रिया केँ पीछेरवि भि बेडरूम सें बाहर् आँ गय़ा। रवि कों देखकर सुनीता रिया कि तरफ देखकर शरारत सें मुस्कुरायी। सुनीता कों मुस्कुराते देखकर रिया कों रात मे ससुरजी औऱ सुनीता केँ संग अपनी चुदाई याद आँ गयीँ, औऱ वोँ शरमा गई,.रिया सोचने लगी, सुनीता सोचरही होगीरात मे ससुरजी सें चुदाया, अभि रवि सें चुदारही हैं.
रिया नें सकुचाते हुए सुनीता सें पूछा, ” आँचल कहां हैं ?”
सुनीता नें बताया वोँ बाथरूम मे हैं.
बाथरूम मे मिरर केँ सामने आँचल घबराहट औऱ उत्तेजना सें कांपरही थि। उसकी टाँगे कांपरही थि औऱ सपोर्ट केँ लिए उसनेवॉश बेसिन कों पकड़रखा थां। ठंडे पानी सें कईबार मुँह धोकरउसे थोडा होशआया। फिन उसने अपनी पैंट उतारी औऱ पीछे कों मुड़कर अपने गोरे नितंबों मे पड़ेहुए लाल निशानो कों देखने कि कोशिश करनेलगी.
रामलाल नें उसकी तगड़ी चुदाई कि थि औऱ जूट कि रस्सियों सें बनीउस चारपाई मे रगड़ने सें उसके रसीले नितंबों पर्र निशान पड़गये थें। आँचल नें अपने नितंबों कों हाथ सें छुआ तौ उसे दर्दहुआ। कितनी जल्द मे हौ गय़ा यहसभी, आँचल सोचने लगी। बुड्ढे रामलाल कां ढीढपन तोँ देखो, पहले मदहोशी मे मेरा फायदा उठा लिया औऱ अपने क्वॉर्टर मे लेँ जाकर मुझे जमकरचोद डाला, फिन बड़े शांत स्वर मे बोलता हैं, मेमसाब गरमचाय पियोगी? जैसेकुछ हुआ हि नाँ हौ। ढीढ कहीं कां.
यहीसभी सोचते हुए आँचल नें बाथरूम मे बने कैबिनेट कों खोलकर दवाई निकाली औऱ अपने दुखते नितंबों पऱ टेरामायसीन लगाई। उसके चेहरे औऱ गर्दन पर्र भि काटकर रामलाल नें निशान बनादिए थें। आँचल नें मिरर मे देखकर उन जगहों पऱ क्रीम लगाली। फिन मिरर मे देखकर आँचल नें अपने कों ठीकठाक किया औऱ पैंट पहनकर बाथरूम सें बाहर् आँ गयीँ,। लिविंग रूम मे आँचल कों रिया औऱ रवि अपना इंतजार करते मिले.
आँचल सोफे मे रिया केँ बगल मे बैठ गयीँ,। रिया नें बेशर्मी सें आँचल कों आँख मारी। औऱ आँखो हि आँखो मे बता दिया कि हमने तुम्हारे बेडरूम मे चुदाई केँ मज़ेलिए। तभी बुड्ढा रामलाल गरमचाय कि ट्रे लेकरवहा आँ गय़ा। आँचल नें सकुचाते हुए उसकीतरफ देखा। रामलाल उसी कों देखरहा थां औऱ मुस्कुरा रहा थां। आँचल नें झेंपकर जल्द सें अपनी नज़रें नीचीकर ली.
“कमीना, कुतिया कां बच्चा, हरामखोर ….” एंबॅरसमेंट सें अपने निचले होंठ कों काटती हुई आँचल रामलाल कों मन हि मन कोसने लगी.
गरम चाय पीने केँ बादरवि उठा औऱ बोला, एक् यार केँ घऱ जानां हैं। रात 8 बजे तक लौटूँगा.
आँचल नें देखा रिया कि चुदाई करकेरवि केँ चेहरे पर्र संतुष्टि केँ भाव हें।
जाने सें पहलेरवि आँचल सें बोला, कि मे आप् लोगो कों डिनर पर्र लें जाऊंगा। इसलिये सुनील औऱ आप् रेडी रहना.
Lunch केँ बाद sabhi लोग living kamara mai baithe the। riya ne aanchal सें कहा एक् min बाहर् aao.
Aanchal living kamara सें बाहर् aayi too riya excited hokar boli, ”क्याँ हम् एक् ghante केँ liye tumhara bedroom use krr le ? thodi privacy चाहिए इसलिये.”
Riya कि bold demand सें aanchal heraan hoyi मगर usne ha keh दिया। Waise bi mana kaise krti.
Riya औऱ ravi aanchal केँ bedroom mai chale gaye औऱ andar सें lock krr दिया। Aanchal living kamara mai baithi hoyi sochne lagi yeh dono मेरे bedroom मे क्याँ krr rahe honge ?
abi dopahar केँ 3 baj rahe the औऱ saas apne kamre मे sone chali gai thi। sunita bi उसके sath hi chali gai। Aadhe ghante tak living kamara mai akeli baithne केँ बाद aanchal सें raha नहि गय़ा औऱ woh chupchap apne bedroom केँ pass aakar darwaze पऱ kaan lagakar sunne lagi। bedroom केँ andar सें dhimi awazen aa rahi thi। woh dono क्याँ बात krr rahe haen yeh too aanchal ko theek सें sunayi नहि दियामगर beech beech मे riya केँ siskariyan sunayi de rahi thi। aanchal कि excitement badne lagi। riya केँ sisakne सें aanchal कि chut bi gili hu gai।
Tabhi sunil kaa phone aa गय़ा कि papa औऱ me sham ko der सें घऱ aayenge क्योंकि factory मे कुछकाम krna h.
Aanchal घऱ mai akeli bor hu rahi thi औऱ अब too sunil औऱ sasurji bi der सें aane wale the। aanchal केँ dimaag मे utsukta औऱ uttezna सें khurafat sujhi। woh living kamara सें एक् chota table utha layi औऱ bedroom केँ darwaze केँ pass rakhkar us केँ ऊपर chad gai। table केँ ऊपर chadkar darwaze केँ ऊपर ventilation केँ liye bani khidki सें andar jhakne lagi।
Aanchal ne देखा andar riya औऱ ravi dono nange haen। Riya nangi hokar deewar सें peeth lagakar khadi h। Uski एक् tang ravi ne ऊपर uthakar pakdi hoyi h। ravi riya कि chut मे loda ghusakar chudayi krr raha thaa। Khade khade hi woh riya कि chut मे tej tej dhakke laga raha thaa.
yeh scene dekhkar aanchal बहोत uttezit hu gai औऱ apni pant केँ बाहर् सें hi chut पर्र hath firane lagi। usne देखा ravi लम्बा chauda, kaafi tagda h। Ravi कि chati मे औऱ pairon मे kaafi baal the। riya कि taang ko aaraam सें uthakar woh maze सें उसकी chudayi krr raha thaa। Ab aanchal सें raha नहि गय़ा, pant केँ बाहर् सें chut ragadne मे majaa नहि aa raha thaa usne pant kholkar नीचे krr di औऱ apni panty मे hath dalkar gili chut ko masalne lagi। andar kaa scene dekhte hue chut masalne सें woh dhimi awaz मे siskari lene lagi। aanchal nasha hone lagi औऱ use yeh bi ptaa नहि chala कि कोईवहा aa गय़ा h.
kitchen मे Raamlal(cook) ne कुछ halki sisakne कि awazen suni। woh kichen केँ piche bane servant quarter सें abi kichen मे आया thaa। Raamlal check karne केँ liye वहाआया कि yeh awazen कहा सें aa rahi h।
joo usne देखा usse woh heraan rha गय़ा। aanchal memsaab एक् chote table पर्र chadi hoyi h। Uski pant औऱ panty ghutno सें नीचे h। or woh siskari lete hue chut मे ungli krr rahi h। Madak aanchal कि nangi badi gand dekhkar raamlal केँ munh मे paani aa गय़ा। raamlal 50 baras kaa thaa मगर jabse iss घऱ मे आया thaa bahurani aanchal कि madakta ko dekhkar laar tapkata thaa। jawaan naukrani sunita ko bi usne एक् दो baar dabochne कि koshish कि thi मगर sunita sasur सें fansi thi too usne raamlal ko munh नहि lagaya। halanki आज too जैसे raamlal कि lottery lag gai। aanchal memsaab ko ayese nange dekh pane कि too usne sapne mai bi नहि sochi thi। woh dabe paanv aanchal कि tarf badne laga.
Aanchal ko orgasm aane wala thaa, woh aankhe बंद karke siskari lete hue chut मे ungli krr rahi thi….uuunnnhh……ooohhh….uuuuu….oooohh….”
Tabhi kisi ne उसका munh बंद krr दिया औऱ usko piche सें pakadkar khinchkar table सें utar दिया। Aanchal कुछ samajh shauhar कि yeh क्याँ हुआ। Tab tak raamlal उसका munh बंद karke usko kitchen मे le गय़ा। aanchal ne apne ko chudane कि koshish कि मगर raamlal ne usko kaske pakad rakkha thaa। Uski panty औऱ pant नीचे tangon मे fanse hue the इसलिये उसका balance bi नहि ban pa raha thaa.
Kitchen केँ darwaze सें raamlal aanchal ko ghasitkar piche bane apne servant quarter मे le गय़ा औऱ apni charpayi पर्र aanchal ko gira दिया। fir juldi सें apni pant kholkar fanfanate loda ko बाहर् nikaal लिया। Aanchal ne देखा yeh too unkah cook raamlal h। Apne munh सें hath hata liye jane केँ बादअब woh saanson ko sanyat karne कि koshish krr rahi thi। aanchal ne देखा raamlal kaa fanfanata loda बड़ा औऱ kaalaa h। loda केँ tope सें precum bi nikal raha thaa। Bade loda ko dekhkar aanchal केँ hoth sukhne lage, woh abi bi madhoshi मे thi.
Tabhi raamlal ne उसकी tangon मे fasi pant ko utar दिया औऱ gili panty ko faad दिया। fir aanchal कि gili chut मे apne loda kaa supdaa lagaya.
“नहि नहि, yeh mat karo। nahiiiii….oooohhhh…” aanchal itna hi keh payi thi कि raamlal ne loda उसकी chut मे ghusa दिया.
Aanchal कि chut ras सें puri gili hu rakhi thi too raamlal kaa loda andar ghusne मे aasani hoyi। Raamlal ne apne औऱ aanchal केँ baki kapde utarne कि jehmat नहि uthayi औऱ fatafat aanchal कि chut मे loda pelne laga।
“ohhhh…aaahhhhh….ohhhh….” aanchal ko apni chut raamlal केँ bade loda सें stretch hoty hoyi ehsaas hoyi।
Raamlal कि purani charpayi कि rassiyan aanchal कि mulayam gand मे नीचे सें chubhne lagi। raamlal केँ har dhakke सें woh purani charpayi hilne lagi औऱ chuuuuu chuuuu कि awaz karne lagi।
Aanchal kaa ruka हुआ orgasm phir सें banne laga। juldi hi aanchal bi apni gand ऊपर ko uchalkar raamlal केँ dhakkon kaa jawab dene lagi। raamlal teji सें loda chut मे andar बाहर् karte raha.
“oooiiiii….ooooohhh….aaaahhhhh…….oooohhhhhh…oiiiiiiiii…” aanchal ko jordar orgasm aa गय़ा.
Aanchal ko jor jor सें siskariyan लेकर jhadte dekhkar raamlal kaa bi paani nikal गय़ा औऱ usne aanchal कि chut viry सें bhar di। raamlal jhadne केँ बाद aanchal केँ ऊपर let गय़ा औऱ उसके haseen gaalon ko katne laga। uskah loda abi bi aanchal कि chut मे thaa। Jabardast orgasm केँ aane सें aanchal nidhal hu gai thi, raamlal ko dhakka देकर uthane कि takat usme नहि bachi thi। raamlal aanchal केँ chehre ko chumne औऱ chatne laga। Aanchal केँ gaalon औऱ hothon ko choos chooskar usne gila krr दिया।
fir raamlal utha औऱ apni pant pehan li। Aanchal सें एक् sabd bi bole bina hi woh apne kamre सें बाहर् chala गय़ा.
Aanchal charpayi पर्र padi hoyi apni sanso ko kaboo karne कि koshish krr rahi thi। raamlal कि laar सें उसका poora चेहरा gila hu गय़ा thaa। aanchal ne apni tshirt केँ kone सें अपना चेहरा poch लिया। fir farsh पर्र padi hoyi pant pehan li। Aanchal ne apni fati hoyi panty uthayi औऱ kitchen केँ raste घऱ मे aa gai।
Raamlal kitchen मे hi thaa.
“chai banau aapke liye memsaab ?” Aanchal ko dekhkar shant swar मे raamlal बोला, जैसेकुछ हुआ hi na hu.
joo कुछहुआ usse Aanchal stabdh awastha मे thi, jyada sochne samajhne कि halat मे woh नहि thi। raamlal कि बात पऱ usne sar hilakar ha keh दिया औऱ apni saas केँ bedroom मे bane batroom mai chali gai क्योंकि उसका अपना bedroom बंद thaa।
Saas gehri neend मे soyi thi इसलिये usne aanchal कि halat नहि देखी। halanki farsh पर्र apne bistar mai leti hoyi sunita ne aanchal ko dekh लिया। woh samajh gai memsaab abi abi chudi h। Aanchal केँ batroom kaa darwaaza बंद hone केँ बाद sunita uthi औऱ bedroom सें बाहर् yeh ptaa karne aayi कि कौन h jisne memsaab ko choda ?
Living kamara मे use कोई नहि dikha औऱ aanchal kaa bedroom andar सें बंद thaa। halanki darwaze केँ बाहर् table rakhi hoyi thi। sunita कि कुछ samajh नहि आया कि yeh living kamara कि table यहा kaise pahunchi ?
Sunita ne table utayi तभी riya ne bedroom kaa darwaaza khol दिया। Sunita ko table utaye dekhkar riya ne prashnawachak nazron सें sunita ko देखा कि यहा क्याँ krr rahi h ?
Riya केँ piche ravi bi bedroom सें बाहर् aa गय़ा। ravi ko dekhkar sunita riya कि tarf dekhkar sharat सें muskurayi। Sunita ko muskurate dekhkar riya ko rath मे sasur औऱ sunita केँ sath apni chudayi yaad aa gai औऱ woh sharma gai.riya sochne lagi, sunita सोच rahi hongi rath मे sasur सें chudaya, abi ravi सें chuda rahi h.
Riya ne sakuchate hue sunita सें pucha, ” aanchal कहा h ?”
Sunita ne bataya woh batroom मे h.
batroom मे mirror केँ samne aanchal ghabrahat औऱ uttezna सें kanp rahi thi। उसकी tange kanp rahi thi औऱ support केँ liye usne wash basin ko pakad rakkha thaa। Thande paani सें कई baar munh dhokar use थोडा hosh आया। fir usne apni pant utari औऱ piche ko mudkar apne gore nitambon मे pade hue laal nishano ko dekhne कि koshish karne lagi.
Raamlal ne उसकी tagdi chudayi कि thi औऱ jute कि rassiyon सें bani us charpayi मे ragadne सें उसके mulayam nitambon पऱ nishan pad gaye the। aanchal ne apne nitambon ko hath सें chua too use durd हुआ। Kitni juldi mai hu गय़ा yeh sab, aanchal sochne lagi। buddhe raamlal kaa deedhpan too dekho, pahle madhoshi mai मेरा fayda utha लिया औऱ apne quarter मे le jakar muze jamkar chod dala, फिन bade shant swar मे bolta h, memsaab chai piyogi? jaesa कुछहुआ hi na hu। Deedh kahi kaa.
Yehi sab sochte hue aanchal ne batroom mai bane cabinet ko kholkar dawai nikali औऱ apne dukhte nitambon पर्र teramycin lagayi। Uske chehre औऱ gardan पऱ bi katkar raamlal ne nishan bnaa diye the। aanchal ne mirror मे dekhkar un jagahon पऱ cream laga li। fir mirror मे dekhkar aanchal ne apne ko theek thak किया औऱ pant pahankar batroom सें बाहर् aa gai। living kamara mai aanchal ko riya औऱ ravi अपना intzar karte mile.
Aanchal sofe मे riya केँ bagal मे baith gai। riya ne besharmi सें aanchal ko आंख mari। or aankho hi aankho मे bata दिया कि humne तुंहारे bedroom मे chudayi केँ maze liye। Tabhi buddha raamlal chai कि tray लेकरवहा aa गय़ा। aanchal ne sakuchate hue उसकी tarf देखा। Raamlal usi ko dekh raha thaa औऱ muskura raha thaa। Aanchal ne jhenp krr juldi सें apni nazren nichi krr li.
“kamina, kutiya kaa baccha, haramkhor…” embarrassment सें apne nichle hoth ko katti hoyi aanchal raamlal ko mann hi mann kosne lagi.
Chai pine केँ बाद ravi utha औऱ बोला, एक् friend केँ घऱ jana h। rath 8 baje tak lautunga.
Aanchal ne देखा Riya कि chudayi karke ravi केँ chehre पऱ santushti केँ bhav haen।
Jane सें pahle ravi aanchal सें बोला, कि me ap logo ko dinner पर्र le jaunga। इसलिये sunil औऱ ap taiyar rehna.
क्याँ बात हैं साथी तुसी तोँ छागये ............. इसे कहते धाँसू भाग
आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
रवि केँ जाने केँ बाद आँचल औऱ रिया, आँचल केँ बेडरूम मे चली गयीं.वहा आँचल औऱ सुनील कि बेड मे बेडकवर औऱ चादरसभी अस्त व्यस्त हालत मे थें। रिया शरमा गई, औऱ जल्द सें बेड केँ ऊपर चादर कों ठीक सें बिछाने लगी। आँचल भि उसकी सहायता करनेलगी.
“ह्म्म्म्मम…………। खूब मज़ेकिए तूनेहाँ “, आँचल हंसते हुए बोलीं.
“नां तौ, हम् तौ सिर्फ़ बातें कररहे थें.” रिया धीरे-धीरे सें बोलीं.
“सिर्फ़ बातें ? यह मेरीबेड कि हालत देखो। चादर पे उसके वीर्य औऱ तुम्हारी बुर सें बहतेरस केँ दाग धब्बे लगे हें। बातें करने सें लगे हें यह ?” आँचल धब्बों कि तरफ इशारा करती हुइ ज़ोर सें बोलि.
रिया कां मुँहशरम सें लाल हौ गय़ा.
“आँचल, क्यूं मुझे चिढ़ा रही हौ। तुम् तोँ शादीशुदा होँ, खुशकिस्मत हौ रोज़ चुदाई केँ मज़े लेती हौ। मेरीऐसी भाग्य कहां.”
आँचल झूठा क्रोध दिखाती हुईँ रिया कि तरफ बढ़ी औऱ उसके जिस्म मे गुदगुदी लगाती हुई बोलीं, ” अभि तेरी विवाह भि नहीं हुईँ हैं औऱ अभि सें तूँ चुदाई केँ लिए इतनी बेकरार हैं। ठरकीबिच….”
आँचल केँ गुदगुदाने सें रिया हंसते हंसते लोटपोट हौ गयीँ,। फिन उसने भि आँचल कों गुदगुदाना शुरुआत किया। एक् दूसरे कों गुदगुदाते हुए दोनोबेड मे गिर पड़ीं। रिया आँचल कों नीचे दबाते हुए उसकेऊपर आने कि कोशिश करनेलगी। उनकी बाँहे औऱ जिस्म एक् दूसरे मे गुत्थम गुत्था होँ रहे थें औऱ बेड मे लेटे लेटे हि उनकी कुश्ती चलरही थि। कुछदेर बाद रिया अपने प्रयास मे सफल होँ गयीँ,। अब आँचल नीचे लेटी थि औऱ रिया नें ऊपर सें उसकोदबा रखा थां। कुश्ती सें दोनो कि हि गहरी साँसे चलरही थि.
तभी आँचल केँ ऊपर बैठी हुइ रिया कों आँचल कि पैंट कि पॉकेट मे थोडा बाहर् निकला हुआकुछ कपड़ा दिखा। उत्सुकता सें रिया नें उस कपड़े कों घसीटकर पॉकेट सें निकाल दिया। वोँ तौ आँचल कि फटी हुईँ पैंटी थि जोँ उसने सर्वेंट क्वॉर्टर सें आते वक्त अपनी पॉकेट मे डालली थि। फिन रिया नें आँचल कि पैंट कि ज़िप खोली तोँ उसेपता चल गय़ा कि आँचल नें पैंटी नहीं पहनी हैं.
“अहा, तुम्हारी गीली पैंटी किसने फाड़ी ? आँचलयह चक्कर क्याँ हैं ? सचसच बताओ, तुम् क्याँ कररही थि ?”
आँचल नें अपनीफटी हुईँ पैंटी रिया केँ हाथ मे देखी, शरम सें उसका मुँहलाल होँ गय़ा।
“बताओ आँचल, यहा होँ क्याँ रहा हैं ? तुम्हारी पैंटी तुम्हारी पॉकेट मे क्यूं हैं ?”
आँचल कामुक अवश्य थि पर्र चालू नहीं थि। उसकीकुछ समझ हि नहींआया कि रिया कों क्याँ सफाईदे।
रिया अपने प्रश्न कां जवाब मांगती रही। आँचलकोई जवाब देने कि बजाय रिया कों अपनेऊपर सें उठाने केँ लिए धक्का देनेलगी.
रिया नें आँचल कां पैंट थोडा नीचे कों खींचा औऱ उसकी बुर मे ज़ोर सें दो उंगलियाँ घुसा दि.
“ऊऊहह……….क्याँ कररही हौ रिया। मुझे दर्द होँ रही हैं। प्लीज़ स्टॉप.” आँचल दर्द सें चीखी.
“ तुमने मुझे ठरकीबिच बोला थां नाँ। अब देखो ठरकीबिच कौन हैं। बताओ मुझे, तुम्हारी पैंटी गीली केसे हुइ, किसने फाड़ी औऱ तुम्हारी पॉकेट मे केसेआई ?” ऐसा कहतेहुए रिया नें एक् औऱ उंगली आँचल कि बुर मे घुसा दि.
“ओह्ह ………प्लीज़ नूऊऊऊ……….मुझे दर्द क्यूं करारही होँ। प्लीज़ स्टॉप। मे बताती हूं…….” आँचल नें हारमान ली.
आँचल कों अपने काबू मे आतेदेख रिया कों बड़ामजा आया। उसने आँचल कि बुर सें उंगलियाँ निकाल ली औऱ पीछे कों जाकर एक् झटके मे उसकी पैंट नीचे कों खींचली। आँचल नें अपने दोनो हाथों सें बुर कों ढक लिया ताकि रिया उंगली नां डालपाए। मगर रिया केँ दिमाग़ मे कुछ औऱ ख़याल थां। उसने आँचल केँ दोनो घुटनो कों पकड़ा औऱ आँचल कों उल्टा घुमा दिया.अब आँचल कि बड़ी गांड रिया कि तरफऊपर कों थि। रियाअब आँचल केँ नंगे नितंबों पऱ थप्पड़ मारने लगी। एक् थप्पड़ बाएं नितंब पर्र फिन दूसरा थप्पड़ दाएं नितंब पर्र। रिया केँ थप्पड़ सें आँचल केँ बड़े नितंब हिलने लगे।
“ओह……….आआहह…….स्टॉप यूबिच.” आँचल दर्द सें चिल्लाने लगी। आँचल केँ नितंबों मे जूट कि रस्सी कि चारपाई कि रगड़ सें पहले सें हि दर्द होँ रखा थां। अब रिया भि माररही थि।
मगर रिया कों बड़ामजा आँ रहा थां। वोँ आँचल केँ नितंबों पऱ बारी बारी सें थप्पड़ मारती रही औऱ उन्हे हिलते हुए देखकर मज़े लेतीरही.
“ सचसच बताओ, नहीं तोँ मे तुम्हारी पिटाई करते रहूंगी.”
“ऊऊऊुउउ…….रिया प्लीज़……। आऊच.……….बताती हूं। मे तुम्हारी रवि केँ संग चुदाई देखरही थि। स्टॉप प्लीज़….”, आँचल दर्द सें चिल्लाई औऱ थोडा सचबता दिया।
आँचल कि बात सें रिया एक् समय कों सन्नरह गयीँ,। आँचल मेरी चुदाई देखरही थि ?
आँचल कों मौकामिल गय़ा, वोँ झट सें सीधी हौ गयीँ, औऱ रिया कों दबोच लिया.फिन उसने रिया कि पैंट औऱ पैंटी उतार दि। रिया नें अपने सें भारी आँचल कों धक्का देकर हटाने कि कोशिश कि पर्र हटा नहींपाई। फिन बदला लेने केँ लिए आँचल नें भि रिया कि टाइट बुर मे दो उंगलियाँ डाल दि। आँचल नें देखा रिया कि बुर तौ पूरी गीली होँ रखी हैं। आँचल केँ बड़े नितंबों पर्र थप्पड़ मारने सें रिया उत्तेजित होँ गई, थि। आँचल भि उत्तेजित होनेलगी, उसने रिया कि गीली बुर पर्र अपना मुंहलगा दिया औऱ उसकी क्लिट कों जीभ सें छेड़ने लगी.संग हि दो उँगलियों सें रिया कि बुर चोदने लगी.
“ऊऊहह…………….आँचल……….मजा आँ रहा हैं…….” मजा सें सिसकते हुए रिया बोलि। अब आँचल कों धक्का देने कि बजाय वोँ आँचल कां सर अपनी बुर मे दबाने लगी.
आँचल रिया कों मज़े देतीरही औऱ रिया सिसकारियाँ लेतीरही। फिन रियाजब ओर्गास्म केँ नज़दीक़ पहुँची तोँ अपने नितंब ऊपर कों उछालने लगी.यह देखकर आँचल नें अपना मुँह रिया कि बुर सें हटा लिया।
“ओह्ह……….रुक क्यूं गयीँ,, मे आने वाली हूं……….जल्द करो नां……….”, रिया तड़पते हुए बोलीं.
मगरअब आँचल रिया कों तड़पाने केँ मूड मे थि। अभि मजा चखाती हूं बच्चू.
सिसकती हुईँ रिया कों आँचल नें पलट दिया औऱ उसके नितंबों पऱ थप्पड़ मारने लगी। औऱ एक् हाथ नीचे लेँ जाकर उसकी क्लिट कों भि मसलते रही।
“ओह्ह ……….आआअहह……… आऊच ……….रिया सिसकते रही। थप्पड़ कि मार भि पड़रही थि पऱ क्लिट कों मसलने सें मजा भि आँ रहा थां। रिया केँ रसीले नितंब जल्द हि थप्पड़ों कि मार सें लाल हौ गये। उसकी बुर सें रस बहनेलगा.
आँचल रिया केँ ओर्गास्म कों लंबा खींचदे रही थि।
कुछदेर बाद रिया कों ओर्गास्म आँ हि गय़ा……….ऊओह……….आआहह……….आँचल ……आअहह…….
ज़ोर सें सिसकारियाँ लेतेहुए रिया कां जिस्म काँपने लगा। औऱ उसको एक् केँ बाद एक् ओर्गास्म आतेरहे। झड़ते हुए रिया अपने नितंब औऱ जांघें हिलाने लगी। रिया कों मस्ती मे डूबा देखकर आँचल भि उत्तेजित हौ गयीँ, अब उसको भि ओर्गास्म कि ज़रूरत थि। उसने रिया कों सीधाकर दिया औऱ उसकी एक् टाँग उठाकर अपनी बुर रिया कि बुर सें रगड़ने लगी।
थप्पड़ मारने सें रिया कि आँखो मे आँसू आँ गये थें। उसके आँसू देखकर आँचल रिया केँ चेहरे कों बेतहाशा चूमने लगी.अब रिया आँचल कि बुर मे उंगली करनेलगी। दोनो एक् दूसरे केँ होठों कां चुंबन लेने लगीं.
“ मेरी औऱ रवि कि चुदाई देखकर मजाआया तुम्हें “, चुंबन लेतेहुए रिया नें कहा.
“हाँ मजाआया। रवि केँ शरीर मे कितने बाल हें.” आँचल सिसकते हुए बोलि। अब उसका भि ओर्गास्म नज़दीक़ थां.
रियाअब आँचल कि बुर मे तीन उंगलियाँ डालकर तेजतेज चुदाई करनेलगी.
“आँचल, तुम् चाहती होँ कि रवि तुम्हें भि चोदे ? उसके शरीर केँ बाल मनपसंद आए क्याँ ?”
“ओह….हाँ…………आअहह………….” रिया कों जैसे खड़े खड़ेरवि नें चोदा थां, वैसे हि खड़े खड़े वोँ आँचल कों भि चोदरहा हैं, इस ख़याल सें आँचल कों भि ओर्गास्म आँ गय़ा.
झड़ते हुए आँचल नें रिया कों कसके पकड़ लिया। आँचल कां जिस्म ओर्गास्म सें काँपने लगा.जब आँचल शांत हुई तोँ रिया केँ बगल मे लेट गई,। कामतृप्त होकर दोनो एक् दूसरे कों देखकर मुस्करायीं।
मगरकोई उन्हे देखरहा थां.
जवान नौकरानी सुनीता नें आँचल केँ बेडरूम सें सिसकारियाँ लेने कि आवाज़ सुनी तौ वोँ लिविंग रूम सें स्टूल उठालाई औऱ उसकेऊपर चढ़कर वेंटिलेशन केँ लिएबनी खिड़की सें अंदर झाँकने लगी। उसने देखाबेड पर्र आँचल औऱ रिया मेमसाब दोनोकमर सें नीचे नंगी हें औऱ सिसकारियाँ लें रही हें। अंदर कां नज़ारा देखकर सुनीता भि उत्तेजित होँ गई,। मगर उसकी प्यास रात मे ससुरजी हि बुझा सकते थें.
कुछदेर बाद आँचल औऱ रियाबेड सें उठी औऱ डिनर पर्र रवि औऱ सुनील केँ संग बाहर् जाने केँ लिए सजधजकर होनेलगी.
Ravi केँ jane केँ बाद aanchal औऱ riya, aanchal केँ bedroom मे chali gai। वहा aanchal औऱ sunil कि bed मे bed cover औऱ chadar sab ast vyast halat मे the। riya sharma gai औऱ juldi सें bed केँ ऊपर chadar ko theek सें bichane lagi। aanchal bi उसकी help karne lagi.
“hmmmmm……। khoob maze kiye tune ha”, aanchal hanste hue boli.
“na too, हम् too sirf batein krr rahe the.” riya dhire सें boli.
“sirf batein ? yeh मेरी bed कि halat dekho। Chadar pe उसके viry औऱ tumhari chut सें behte ras केँ daag dhabbe lage haen। Batein karne सें lage haen yeh ?” aanchal dhabbon कि tarf ishara krti hoyi jor सें boli.
Riya kaa munh lajja सें laal hu गय़ा.
“aanchal, kyun muze chida rahi hu। tm too shadisuda hu, khuskismat hu roz chudayi केँ maze leti hu। Meri ayese taqdeer kahan.”
Aanchal jhootha क्रोध dikhati hoyi riya कि tarf badi औऱ उसके badan मे gudgudi lagati hoyi boli, ” abi tairi shaadi bi नहि hoyi h औऱ abi सें tu chudayi केँ liye itni bekarar h। Tharki bitch….”
Aanchal केँ gudgudane सें riya hanste hanste lotpot hu gai। फिन usne bi aanchal ko gudgudana suru किया। एक् doosre ko gudgudate hue dono bed मे gir padi। Riya aanchal ko नीचे dabate hue उसकेऊपर aane कि koshish karne lagi। unki banhe औऱ badan एक् doosre मे gutham gutha hu rahe the औऱ bed मे lete lete hi unki kushti chl rahi thi। कुछ der बाद riya apne prayas मे safal hu gai। अब aanchal नीचे leti thi औऱ riya ne ऊपर सें usko daba rakkha thaa। Kushti सें dono कि hi gehri sanse chl rahi thi.
Tabhi aanchal केँ ऊपर baithi hoyi riya ko aanchal कि pant कि pocket मे थोडा बाहर् nikla हुआकुछ kapda dikha। Utsukta सें riya ne us kapde ko khinchkar pocket सें nikaal दिया। woh too aanchal कि fati hoyi panty thi joo usne servant quarter सें आते time apni pocket मे daal li thi। फिन riya ne aanchal कि pant कि zip kholi too use ptaa chl गय़ा कि aanchal ne panty नहि pehni h.
“aha, tumhari gili panty kisne fadi ? aanchal yeh chakkar क्याँ h ? sacch sacch batao, tm क्याँ krr rahi thi ?”
Aanchal ne apni fati hoyi panty riya केँ hath मे देखी, lajja सें उसका munh laal hu गय़ा।
“batao aanchal, यहा hu क्याँ raha h ? tumhari panty tumhari pocket मे kyun h ?”
Aanchal kamuk jaroor thi पऱ chalu नहि thi। उसकीकुछ samajh hi नहि आया कि riya ko क्याँ safai de।
Riya apne sawal kaa jawab mangti rahi। Aanchal कोई jawab dene कि bajay riya ko apne ऊपर सें uthane केँ liye dhakka dene lagi
.
Riya ne aanchal kaa pant थोडा नीचे ko khincha औऱ उसकी chut मे jor सें दो ungliyan ghusa di.
“oooohhhh……….क्याँ krr rahi hu riya। muze durd hu rahi h। Please stop.” Aanchal durd सें chikhi.
“ tumne muze tharki bitch बोला thaa na। अब dekho tharki bitch कौन h। Batao muze, tumhari panty gili kese hoyi, kisne fadi औऱ tumhari pocket मे kaise aayi ?” aesa kehte hue riya ne एक् औऱ ungli aanchal कि chut मे ghusa di.
“ohhh…please noooooooo….muze durd kyun kara rahi hu। Please stop। me batati hoon…” aanchal ne haar mann li.
Aanchal ko apne kaboo मे आते dekh riya ko बड़ा majaa आया। Usne aanchal कि chut सें ungliyan nikaal li औऱ piche ko jakar एक् jhatke मे उसकी pant नीचे ko khinch li। Aanchal ne apne dono hathon सें chut ko dhak लिया takii riya ungli na daal paye। halanki riya केँ dimaag मे कुछ औऱ khayal thaa। Usne aanchal केँ dono ghutno ko pakda औऱ aanchal ko ulta ghuma दिया। Ab aanchal कि badi gand riya कि tarf ऊपर ko thi। riya अब aanchal केँ nange nitambon पऱ thappad marne lagi। एक् thappad baye nitamb पर्र फिन dusra thappad daye nitamb पऱ। Riya केँ thappad सें aanchal केँ bade nitamb hilne lage।
“ohhhhhh….aaaahhhhh….stop you bitch.” aanchal durd सें chillane lagi। Aanchal केँ nitambon मे jute कि rassi कि charpayi कि ragad सें pahle सें hi durd hu rakkha thaa। Ab riya bi mar rahi thi।
halanki riya ko बड़ा majaa aa raha thaa। woh aanchal केँ nitambon पऱ bari bari सें thappad marti rahi औऱ unhe hilte hue dekhkar maze leti rahi.
“ sacch sacch batao, नहि too me tumhari pitayi karte rahungi.”
“oooooouuuuuu….riya please….ooooouch…….batati hoon। me tumhari ravi केँ sath chudayi dekh rahi thi। stop please…”, aanchal durd सें chillayi औऱ थोडा sacch bata दिया।
Aanchal कि बात सें riya एक् pal ko sann rha gai। aanchal मेरी chudayi dekh rahi thi ?
Aanchal ko chance mil गय़ा, woh jhat सें sidhi hu gai औऱ riya ko daboch लिया। fir usne riya कि pant औऱ panty utar di। riya ne apne सें bhari aanchal ko dhakka देकर hatane कि koshish कि पर्र hata नहि payi। fir badla lene केँ liye aanchal ne bi riya कि tight chut मे दो ungliyan daal di। aanchal ne देखा riya कि chut too puri gili hu rakhi h। Aanchal केँ bade nitambon पऱ thappad marne सें riya uttezit hu gai thi। aanchal bi uttezit hone lagi, usne riya कि gili chut पऱ apne munh laga diyaaur उसकी clit ko jeebh सें chedne lagi। sath hi दो ungliyan सें riya कि chut chodne lagi.
“oooohhhhh……….aanchal……….majaa aa raha h….” sukh सें sisakte hue riya boli। Ab aanchal ko dhakka dene कि bajay woh aanchal kaa sar apni chut मे dabane lagi.
Aanchal riya ko maze deti rahi औऱ riya siskariyan leti rahi। fir riya जब orgasm केँ nazdeeq pahunchi too apne nitamb ऊपर ko uchalne lagi। yeh dekhkar aanchal ne अपना munh riya कि chut सें hata लिया।
“ohhhh……rukh kyun gai, me aane wali hoon…….juldi karo na….”, riya tadapte hue boli.
halanki अब aanchal riya ko tadpane केँ mood मे thi। abi majaa chakhati hoon bacchu.
Sisakti hoyi riya ko aanchal ne palat दिया औऱ उसके nitambon पर्र thappad marne lagi। औऱ एक् hath नीचे le jakar उसकी clit ko bi masalte rahi।
“ohhhh….aaaaahhhhhhhhh…….oouch……….” riya sisakte rahi। Thappad कि maar bi pad rahi thi पर्र clit ko masalne सें majaa bi aa raha thaa। Riya केँ mulayam nitamb juldi hi thappadon कि maar सें laal hu gaye। Uski chut सें ras behne laga.
Aanchal riya केँ orgasm ko लम्बा khinch de rahi thi।
Kuch der बाद riya ko orgasm aa hi गय़ा……ooohhhhh…aaaahhhhh…….aanchal ……aaahhhhh……….
Jor सें siskariyan lete hue riya kaa badan kanpne laga। or usko एक् केँ बाद एक् orgasm आते rahe। jhadte hue riya apne nitamb औऱ janghe hilane lagi। riya ko masti मे dooba dekhkar aanchal bi uttezit hu gai अब usko bi orgasm कि jarurat thi। usne riya ko sidha krr दिया औऱ उसकी एक् tang uthakar apni chut riya कि chut सें ragadne lagi।
thappad marne सें Riya कि aankho मे aashu aa gaye the। उसके aashu dekhkar aanchal riya केँ chehre ko betahasha chumne lagi। अब riya aanchal कि chut मे ungli karne lagi। dono एक् doosre केँ hothon kaa chumban lene lagi.
“ मेरी औऱ ravi कि chudayi dekhkar majaa आया tumhe “, chumban lete hue riya ne कहा.
“ ha majaa आया। Ravi केँ badan मे kitne baal haen.” Aanchal sisakte hue boli। Ab उसका bi orgasm nazdeeq thaa.
Riya अब aanchal कि chut मे तीन ungliyan dalkar tej tej chudayi karne lagi.
“aanchal, tm chahti hu कि ravi tumhe bi chode ? उसके badan केँ baal पसन्द aaye क्याँ ?”
“ohhhhh….ha……aaahhhh………………” riya ko जैसे khade khade ravi ne choda thaa, waise hi khade khade woh aanchal ko bi chod raha h, iss khayal सें aanchal ko bi orgasm aa गय़ा.
Jhadte hue aanchal ne riya ko kaske pakad लिया। Aanchal kaa badan orgasm सें kanpne laga। jb aanchal shant hoyi too riya केँ bagal मे let gai। kaamtript hokar dono एक् doosre ko dekhkar muskurayi।
halanki कोई unhe dekh raha thaa.
jawaan naukrani sunita ne aanchal केँ bedroom सें siskariyan lene कि awaz suni too woh living kamara सें stool utha layi औऱ उसकेऊपर chadkar ventilation केँ liye bani khidki सें andar jhankne lagi। usne देखा bed पऱ aanchal औऱ riya memsaab dono kamar सें नीचे nangi h औऱ siskariyan le rahi haen। Andar kaa nazara dekhkar Sunita bi uttezit hu gai। मगर उसकी piyas rath मे sasurji hi bhujha sakte the.
Kuch der बाद aanchal औऱ riya bed सें uthi औऱ dinner पऱ ravi औऱ sunil केँ sath बाहर् jane केँ liye taiyar hone lagi.
आँचल की अय्याशियां - desi bahu - Next part miss mat karna
Mast update
super hot .............update bro
mast update
Relavant source : click here