इलाज - husn ki pari - Real Story Continue Part 1
Hii आप् सब कों मेरा प्रेम। यह किस्सा आप् राजशर्मास्टोरिएस.कॉम पऱ पढ़रहे हैं। ये मेरी पहलीकथा हैं। मुझे आप् सभी केँ संग कि जरूरत हैं जिससे मुझे प्रेरणा मिलेआगे स्टोरी लिखने कि। तौ अब मे अपनी स्टोरी सुरु करता हूं।
मे राज जयपुर सें हूं। यह स्टोरी मेरे जिंदगी कि सच्चाई हैं। केसे नं चाहते हुए भि मुझेउस दलदल मे कूदना पड़ा, दोस्तों यहबात सन 2007 कि हैं जब मे 22 साल कां थां औऱ मेरा गाँव राजस्थान केँ जिला मे हैं। मेरा एक् मित्र हैं रोहित जोँ मेरेसंग बचपन सें हैं हम् दोनों कि दोस्ती कि गाँव मे मिशाल दि जाती हैं रोहित कि विवाह 21 साल कि उम्र मे हि होँ गयीँ, थि उसकी पत्नि कां नाम रश्मि थां वोँ खूबसूरती कि परी थि उसकारंग चाँद कि चांदनी केँ सामान थां जब रोहित कि विवाह हुई तोँ मे बहोत खुश थां। उसदिन कि बात हैं जब रोहित कि सुहाग रात थि तोँ मे औऱ रोहित उससाम कों उसकेघऱ कि छत पऱ बैठे थें औऱ हम् लोगऐसे हि अपने बचपन कों यादकर रहे थें। रोहित मेरे सामने थां उसकी आँखों मे आशु थें। मैंने उससे पूछा क्याँ हुआ इतना upset क्यूं हैं तौ बोलाकुछ नहि दोस्त जबइस दुनिया मे मेराकोई नहीं थां तौ राज तूने दोस्त मेरासंग दिया।
यहां मे आप् सब कों बतादू कि मे औऱ रोहित बचपन सें हि अनाथ थें हम् दोनों नें अपना बचपन एक् अनाथ आश्रम मे गुजारा थां। औऱ देखते हि देखते रोहित रोनेलगा मैंने उसे अपनेगले सें लगाया औऱ चुप किया। मैंने उसे समझाया कि जौ होता हैं अच्छे केँ लिए होता हैं। मे औऱ रोहित फिन सें नार्मल होँ गये। मैंने रोहित सें बोला कि ऐसे सड़ा सां मुह लेके जाएगा भाभी केँ पास, फिन हम् दोनों कों हँसी मजाक करते करते वक़्त बीत गय़ा। अबसाम केँ 7 बज चुके थें रोहित औऱ मे नीचे आँ गये। मैंने रोहित कों बोला कि अब मे चलता हूं बातयह थि कि मे औऱ रोहित पहले एक् हि संग रहते थें लकिनअब उसकी विवाह होँ गई, थि तौ उसने एक् घऱ लें लिया जिसमे बाद मे हम् संग मे रहेते थें।
उसकेबाद मे घऱआया औऱ अपने बचपन केँ बारे मे सोचता रहा। अचानक मुझे धयानआया मेरा पर्स तौ रोहित केँ घऱ हि छूट गय़ा हैं मैंने रोहित कों कॉलआई किया उसने मोबाइल उठाया तोँ मुझे उसके हांफने कि आवाज़ आई मे मनमन मे मुस्कुराने लगा। मैंने रोहित सें पूछा कि दोस्त मेरा पर्श तेरेघऱ रह गय़ा हैं उसे धयान सें रख लेना। इतनाबोल कर रोहित नें मोबाइल रख दिया लकिनफोन कट करनाभूल गय़ा, उधर सें कुछ अजीब आवाज़ आँ रही थि। मेने नं चाहते हुए भि मोबाइल कों कान सें लगाया औऱ उनकीबात सुनने लगा।
रोहित- रश्मि तुम् बहोत हसीन होँ ऐसामन करता हैं कि मे तुम कोऐसे हि प्रेम करतारहू।
रश्मि- रोहित तुम् सच्च मे बहोत अच्छे हौ तुम् मेरे सच्चे मित्र हौ i love you rohit,
रोहित- आहाहहह। आहिस्ता दोस्त मेरे होंठ कों धीरे-धीरे नहीं तोँ तुम्हारे दाँतो केँ निशान बन जाएंगे।
रश्मि - तुम् राज कों कब सें जानते होँ? औऱ कोन हैं यहजब सें विवाह हुइ हैं तुम् उसी केँ संग होँ?
रोहित- दोस्त राज नें मुझे बचपन सें हि संग दिया हैं हम् दोनों भइया कि तरह हैं मे औऱ राज एक् दूसरे कि जान हें।
मुझेयह सुनके अपने आप् पर्र गर्वहुआ। औऱ मेरा रोहित केँ लिए प्रेम औऱ ज़्यादा बढ़ गय़ा।
रश्मि - आप् सच्च मे बहोत अच्छे होँ आपको पाकर मे बहोत खुश हूं।
उसकेबाद मैंने मोबाइल काट दिया औऱ मे सो गय़ा। (आप् सभी कों ये क्रोध आँ रहा होगा कि मोके पर्र फ़ोनकाट दिया दोस्तों कहते हैं नं कि सब्र कां फल मीठा होता हैं)
अगलेदिन मे रोहित केँ घऱआया। दरवाजा रश्मि भाभी नें खोला वोँ बहोत हि प्यारी लगरही थि मैंने उनसे नमस्कार कि औऱ उन्होंने भि मुझे प्रणाम किया। मे आके रोहित सें मिला औऱ बात करनेलगे ! सही बताऊ तौ मुझे रोहित सें उसकीरात कि बात पूछने कि पड़ी थि।
इतने मे भाभीगरम चाय लेकेआयी। वोँ एक् नीलीरंग कि साडी पहनेहुए थि औऱ बहोत सुन्दर लगरही थि मे तोँ एक् बार उन्हें देखते हि रह गय़ा। वोँ एक् दम खूबसूरती कि देवीलग रही थि। हम् दोनों नें गरमचाय पी उसकेबाद मेने रोहित सें बोला कि चल रोहित मेरेघऱ चलते हैं मुझेकुछ काम हैं दो घंटे तक आँ जाएंगे। रोहित नें रश्मि सें बोला औऱ फिन हम् दोनों घऱ आँ गए। घऱआने केँ बाद मैंने रोहित सें बोला कि दोस्त अब तौ तेरी सुहागरात भि होँ गई, चल जश्न करते हैं फिन मैंने फ्रिज़ सें दो बियर कि बोत्तेल निकली औऱ हम् दोनों पिनेलगे।
मैंने रोहित सें पूछा कि दोस्त बता तेरी सुहागरात केसीरही? वो बोला दोस्त क्याँ बताऊँ रश्मि बहोत हॉट हैं। अब धीरे-धीरे धीरे-धीरे नशा होनेलगा थां औऱ मे ऊपर सें रोहित कों उक्शा रहा थि बता दोस्त केसे किया तूने मुझेसभी कुछ विस्तार सें बता।
रोहित - दोस्त जब हम् दोनों ऊपर सें नीचेआये थें औऱ मे रूम मे गय़ा तौ रश्मि बैड पऱ बैठेहुए थि। मे उसकेपास जाकेबैठ गय़ा औऱ उससे मेने पूछा केसे हौ?
अबयहा सें रोहित केँ शब्दों मे-
मे जैसे हि अंदर पंहुचा तौ मैंने उसे एक् उपहार दिया। मे उसकेपास जेकबैठ गय़ा औऱ उससे प्रेम सें खाने केँ लिए पूछा।
रश्मि नें उस टाइम दुल्हन केँ जोड़े मे बैठी हुई थि मे उसकेपास पलंग पऱ बैठ गय़ा। मेने रश्मि केँ चहरे कों ऊपर उठाया औऱ उसे देखा। मे मंत्रमुग्ध हौ गय़ा मे उसकेरूप केँ रंग मे खो गय़ा। रश्मि एक् परीलग रही थि उसका size 34-28-36 हैं।
मानो कामदेव नें उसे बड़ी शिद्दत सें बनाया होँ। मैंने रश्मि कों अपनेपास बुलाया औऱ उसके एक् हाथ कों अपनेहाथ मे लिया औऱ बड़े प्रेम सें उसेकिस किया।
मेने रश्मि कों एक् हाथ सें अपनीतरफ खींच लिया जिससे वोँ मेरी गोदी मे आँ गई,। मैंने उसकेबाद उसके पल्लू कों हटा दिया औऱ मेरीआँख तोँ उसके उभरेहुए उभार कों देखती हि रह गई,। मेने उसको अपनी गोदी मे बैठेहुए हि बहोत जोर सें एक् हग किया।
मेने रश्मि केँ गाल पऱ एक् किस किया औऱ उसकी आँखों पर्र भि अपने होंटो सें हलके हलके चूमा। रश्मि कि भि आँखेबंद होनेलगी थि औऱ हल्के हलके साँसे लें रही थि।
रश्मि नें एक् संग पीछे सें मेरेसर कों पकड़ा औऱ मेरे दोनों लिप्स कों अपने लिप्स केँ अंदर लें लिया। औऱ मुझे बहोत जोरो सें चूमने लगी। हम् दोनों एक् दूसरे मे इतनेखो गए थें कि मुझेपता हि नहींलगा कि तेरीफोन आँ रही हैं।
जब तेरीफोन कट हुइ उसकेबाद रश्मि नें मेरी छाती सें शर्ट कों निकाल दिया औऱ मेरी चेस्ट कों अपने होठों सें चूमने लगी।
अब मेरा लन्ड मेरी पैंट मे खड़ा होनेलगा थां जोँ रश्मि कि नीचे सें गांड पऱ चूबरहा थां रश्मि हलके सें ऊपरउठी औऱ लन्ड कों अपनी गांड केँ ऊपर सें सही किया औऱ फिन सें मुझे चाटने लगी।
मैंने रश्मि केँ चुचो कों ऊपर सें दबाया जिसे उसकी आवाज़ मे एक् हलकी सि सिरहन आनेलगी अआआआठठहज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज़ाआआआ। रोहित औऱ तेज दबाओ औऱ जोर सें। अहहहहहहहहहहहाहहहह.
फिन मेने अपना लोअर भि निकल दियाअब मे मात्र निक्कर मे थां औऱ मेरा 6 इंच कां लन्ड खड़ा हौ गय़ा थां रश्मि नें मेरे लण्ड कों ऊपर सें दबाया औऱ उसने अपनीजीभ निकलकर उसे प्रेम सें गिलाकर दिया।
मैंने रश्मि कां लहंगा औऱ ब्लाउज़ भि निकल दियाअब वोँ केवल ब्रा औऱ पैंटी मे थि उसकी चूचिया बहारआने कों बेताब थि। मेने उसके चूचियो कों ऊपर सें चाटना सुरु कियाउसे जोश बढ़ता हि जारहा थां।
मेने उसके चेहरे केँ हर हिस्से कों बहोत अच्छे सें चाटा। फिन मेने उसकी चूचियो कों ऊपर सें मसअलना सुरु किया औऱ उसकी ब्रा कों फाड़कर अलगकर दिया उसकी चूचिया दूध केँ सामान सफ़ेद थि बहोत गोरी औऱ एक् दम परफेक्ट उभार थां जिन्हें देखकर अच्छे अच्छे लण्ड पानी निकल देते।
मेने उसकी चूचियो कों अच्छे सें किस किया उसकेबाद मैंने उसको नीचे सें चाटना सुरु किया औऱ उसके शरीर केँ हर हिस्से कों अपनेथूक सें गिलाकर दिया। रश्मि कि आवाज़ मदहोश होतीजा रही थि आआआहठठठहाआआठठाआ.
रश्मि बड़बड़ा रही थि औऱ अच्छे सें करो। राज मैंने उसकी पैंटी कों निकल दिया जैसे हि मेने पैंटी उतारी तौ उसकी गुलाबी बुर देखकर मेरे लण्ड नें पानी छोड़ दिया। फिन मेने अपना निक्कर निकल दियाअब रश्मि केँ सामने मेरा छोटा सां सिकुड़ा हुआ लन्ड रह गय़ा।
मुझे दोस्त बहोत लज्जा महसूस हुईँ मे रोनेलगा तौ रश्मि नें मुझे अपनेपास बिठाया औऱ मुझे शांत किया। उसने बोला कि आप् चिंता नहि करेऐसा हौ जाता हैं पहलीबार हैं तौ आप् घबराओ नहीं।
उसकेबाद रश्मि नें मेरे लन्ड कों अपनेहाथ मे लें लिया औऱ उसे हिलाने लगी मेरे लन्ड मे थोडा तनावआने लगा। फिन मेने रश्मि कि बुर कों अच्छे सें चाटने लगा मुझे बहोत अच्छा लगरहा थां रश्मि कि आवाज़ मुझे पागलकर रही थि।
आहआहआहआहआहआहआहआह। इईईईईईईईई ऊऊऊऊऊऊऊऊ औऱ जोर सें.
आहआहआहआहआहआहआहआह। ऐईईईक्क्क्क्क्क्क्क्क्क्जककज्जज्जीज्ज्ज्सब्स्खक्कज्जिहिय्य्यत
औऱ जोर सें ऐसाबोल कर वोँ मेरे मुँह मे हि झर गई,। उसका नमकीन स्वाद मुझे बहोत अच्छा लगा।
अब उसने मेरे लन्ड कों पकड़ा औऱ अपने मुँह मे लेँ लिया उसने मुझे 5 मिनट तक मेरे लण्ड कों चूसा। फिन मुझेलगा मे आने वालाहु तौ मैने लण्ड कों निकल लियाइस बार मेने देरी नं करतेहुए उसकी बुर पर्र लण्ड लगाया औऱ हलके सें अंदर किया।
बहोत टाइटचुत होने कि वजह सें मेरा लण्ड अंदर नहींजा पारहा थां लकिन मैंने जल्द जल्द 4-5 धक्के मारे औऱ मे झड़ गय़ा।
उसकेबाद मुझे अपने आप् पर्र बहोत क्रोध आँ रहा थां मुझेलग रहा थां कही मे नपुंशक तौ नहीं हौ गय़ा हूं।
रश्मि भि अपने आप् सें अपना पानी निकलकर सो गई।
अबराज (मे) यह सुना तौ मुझे बहोत अजीबलगा कि दोस्त विवाह कि पहलीरात कों एक् स्त्री केँ लिए इससे बुरीबात क्याँ होगी कि उसका पति उसेखुश हि नहींरख सकता।
मैंने अब रोहित कों समझया कि तुँ चिंता मतकर हम् किसी अच्छे सें डॉक्टर कों दिखाएंगे
रोहित बहोत अपसेट हौ गय़ा थां। मैंने उससे बोला कि तुँ फ़ोन करके रश्मि कों बोलदे कि हमेंआने मे देर हौ जायेगी। उसने फ़ोन किया औऱ मुझसे बोलाबता अब क्याँ करना हैं।
मैंने अपना मोबाइल निकाला औऱ एक् वैधजी थें जौ एक् बार मुझे मिले थें मैंने उनको मोबाइल किया औऱ उन्हें सारीबात बताई।
उन्होंने मुझसे बोला कि मेरेपास मेरे आश्रम मे आओफिन मे तुम्हारे साथी कां सारा दुःखदूर कर देंगे।
हम् दोनों नहाधो कर रेडीहुए औऱ रोहित केँ घऱ जाके खानां खाया औऱ उसकेबाद मे उसे लेकरवैध जी केँ पासचल दिया।
जब हम् जारहे थें तोँ रश्मि नें रोहित कों बुलाया औऱ पूछा कि क्याँ बात हैं कहां जारहे होँ??
रोहित नें रश्मि कों सभी सच्च सच्चबता दिया।
जिससे रश्मि एक् दमसहम गयीँ, औऱ मेरीतरफ देखकर नजर नीचेकर ली।
रोहित नें उसे बताया कि राज मेरे भइया जैसा हैं मे उससेकुछ नहीं छिपाता।
उसकेबाद मे उन दोनों केँ पास गय़ा औऱ रश्मि सें बोला कि भाभी आप् घबराओ नहींजब तक मे हूं आपकोकोई प्रॉब्लम नहीं होने दूंगा।
रश्मि नें केवलहां मे सर हलया।
उसकेबाद हम् वहां सें निकलकर सीधेवेध जी केँ पास पहुचगये।
अंदर जाके मैंने उनको प्रणाम किया औऱ हम् एक् बंद कमरे मे बैठगए।
फिनवेध जी नें मुझसे पूछा कि बताओ क्याँ प्रॉब्लम हैं।
मैंने रोहित सें कहा कि जौ भि बात हैं निसंकोच इनकोबता दो।
रोहित बात करने मे हिचकिचा रहा थां। मेने गुरूजी कों सारीबात बताई।
उसकेबात गुरूजी नें रोहित कों एक् मेज पे लेटने कों कहा।
उसकेबाद गुरूजी नें अपने एक् शिष्य सें एक् प्लास्टिक याँ अर्टफिशल चुत कों मंगाया औऱ रोहित कों अपना पाजामा निचने करने कों बोला औऱ रोहित सें बोले कि तुम् इसमें अपना वीर्य निकलदो फिन हम् उसकी जांच करेंगे औऱ तुम्हारा लण्ड कां एक् एक्सरे भि होगा।
औऱ फिन गुरूजी उसे एक् रूम मे छोड़कर bhar आँ गए।
30 मिनटबाद रोहित आया उसने वोँ गुरूजी कों दिया जिसके बाद गुरूजी नें उसे एक् कैमिकल केँ संग मिक्स किया। औऱ वोँ उसकी जांच करनेलगे। इतने मे एक् शिष्य एक्सरे लेकेआया। वेधजी नें वोँ भि चेक किया 1 घण्टे बाद उन्होंने हमें बुलाया।
मे औऱ रोहित अंदरगये औऱ वेधजी केँ सामने बैठगए। उन्होंने जौ बात बतायी उसे सुनके तोँ रोहित क्याँ मे भि दंगरह गय़ा।
उन्होंने बताया कि रोहित कों एक् ऐसी बीमारी हैं जिससे इनकी सेक्स लाइफ भि समाप्त होँ सकती हैं।
मैंने पूछा तुरंत पतन केँ संगसंग दिन प्रतिदिन शुक्रण्डु deactive होने कि बीमारी हैं। इसमें यह बाप नहींबन सकते हैं औऱ इनकी सेक्स करने कि क्षमता ख़तम हौ जायेगी।
जैसे हि रोहित नें यह सुना तौ उसके पैरों सें जमीं हि खिसक गई।
मैंने उनसे पूछा कि यहठीक नहीं हौ सकती हैं क्याँ??
तौ वेधजी बोले इसकाकोई मेडिकल इलाज तौ नहीं हैं।
लकिन एक् असाधारण सां उपाय हैं जिसे आप् कर नहि पाओगे। तौ इसकाकोई इलाज नहीं हैं।
मुझे क्रोध आँ गए औऱ मेने गुस्से मे कहा कि चाहे मुझे USA याँ LONDON इसका इलाज कराना पड़े मे करूंगा। मे अपने भइया कों ऐसे नहींदेख सकता।
वेध जी नें मुझे समझाया कि आप् कही भि जाओगे इसका इलाज पॉसिबल नहीं हैं।
लकिन एक् पुराना विधि हैं वोँ कामकर सकती हैं तौ यहहाफ ठीक होँ सकते हैं।
मैंने कहा मतलबसाफ साफ बताओ वेधजी।
तौ उन्होंने मुझे बताया कि यह बाप नहींबन पाएंगे लकिन इनकी सेक्स करने कि क्षमता जरूरबढ़ जायेगी। मैंने बोला कि आप् उपाय बताओकोई बात नहीं हैं।
बाप तौ रोहित जरूर बनेगा चाहेकोई बच्चा गोद हि क्यूं नं लेना पड़े। लकिन इनकी सेक्स लाइफ अच्छी होँ जायेगी तोँ इनकी विवाह बच जायेगी।
bhay mast shuruwat h new story केँ liye badhaai
congratulation bro welcome
Nice start .........
यार राजशर्मास्टॉरीज पऱ आपका स्वागत हैं बहोत अच्छी शुरुआत हें
Mast update
इलाज - husn ki pari – New Episode
मेने रोहित कों देखा वोँ धयान सें मेरी औऱ वेधजी कि बातसुन रहा थां। औऱ शांत थां। अब मैंने वेधजी सें पूछा आप् अपना इलाज बताये।
वेधजी - देखोराज, जैसे मे पहले भि कह चुका हूं कि यह इलाज बहोत हि कठिन हैं इसेकर पानाकोई मजाक नहीं हैं। औऱ तुम् इसे अकेले नहींकर पाओगे।
रोहित- वेधजी आप् इलाज तौ बताये हम् बाद मे सोचेंगे कि हमे क्याँ करना हैं।
मेने रोहित कि बात कां समार्थन करतेहुए कहा कि वेदजी आप् अपना इलाज बताये।
वेधजी - राजइस इलाज कों तुम् अकेले नहि कर सकते हौ इसकेलिए तुम्हे किसीऔरत कि जरूरत पड़ेगी।
मे- वेधजी आप् हमें इतना चिंतित क्यूं कररहे हौ। आप् बताये औऱ निसंकोच बताये कि हमे क्याँ करना हें?
वेधजी- उन्होंने बताना सुरु किया। देखो रोहित आपकेलिए यह एक् असाधारण सां इलाज होगा तौ आप् कों सबसे पहले अपने आप् कों इस समाज केँ विचारों सें हटना होगा। औऱ इस इलाज केँ दौरान आप् भरी दुनिया सें किसी सें कोई मतलब नहीं रखोगे।
मे- वेधजी मुझेअब बहोत irritation हौ रही हैं आप् हमें बताओ कि क्याँ इलाज हैं?
वेधजी- राज इसके इलाज केँ लिएहमे दो लोगो कि जरूरत पड़ेगी। वोँ भि भिन्न भिन्न लिंग होने चाहिए।
रोहित- मतलब पुरुष औऱ औरतदो लोग चाहिए।
मे- हाँ तोँ इसमें कोनसी बड़ीबात हैं। आपके आश्रम मे बहोत सें लोग हैं आप् उन्हें बुलाओ औऱ इलाज सुरुकरो।
वेधजी- राज जैसा तुम् समझरहे हौ ऐसा इलाज नहीं हैं यह। रोहित केँ शुक्राणु धीरे-धीरे धीरे-धीरे कम होँ रहे हैं जिससे इसके बाप बनने कि शक्ति जारही हैं।
रोहित- वेधजी आप् जोँ भि इलाज हौ मुझे बताओ मे करूँगा चाहेजिस भि होँ।
वेधजी- आपके सबसे पहले आपके शुक्राणु कों स्थिर करना होगा जिससे आपको औऱ अधिक हानि न् हौ। उसकेलिए आपको एक् antitode कि जरूरत पड़ेगी। जिसे आश्रम कि भाषा मे जीवंबुटी कहा जाता हैं।
मे- वेधजी यह जिंदगी बुटी क्याँ हैं?
वेधजी- मेने अभि आपको बताया थां कि दो लोगो कि जरूरत पड़ेगी यह जिंदगी बूटी उन्ही दोनों लोगो केँ कामरस सें रेडी कि जाती हैं। जब एक् स्वस्थ पुरुष औऱ स्वस्थ स्त्री केँ कामरस कों मिलाया जाता हैं तबयह जिंदगी बूटी सजधजकर होती हैं। यही antitode रोहित कों तबतक सेवेन करना हैं जब तक कि उसके शुक्राणु deactive होनेबंद न् हौ जाए।
मे - ऐसा सुनने केँ बाद मे एक् दम स्तब्ध रह गय़ा। मैंने गुरूजी सें बोला कि आपके आश्रम मे अगर जिंदगी बूटी होतो आप् हमें एक् दो बोतलदे दीजिए।
वेधजी- देखोराज यह दुनिया कि 7 अरब जनसँख्या मे एक् याँ दो लोगो कों हि यहरोग होता हैं इसकी हमनेकोई दवाई सजधजकर नहीं कि हैं।
रोहित- वेधजी यह तोँ बहोत मुश्किल हैं औऱ ऐसे किसी पुरुष औऱ स्त्री कों रेडी भि नहींकर सकते जौ मेरेलिए यहकाम करसके। राजऐसा करोअब जोँ होगाऊपर वाले पऱ छोड़दो।
मेनेयह उपाय तौ बिलकुल नहीं सोचा थां अब हमारे सामने बहोत बड़ी तकलीफ़ खड़ी हौ गयीँ, थि! मे औऱ रोहित दोनों होँ तकलीफ़ मे थें।
हमने वेधजी कों नमस्ते किया औऱ वहां सें निकलकर घऱ कि तरफचल दिए।
रस्ते मे रोहित मुझसे बात करनेलगा।
रोहित- राज मुझे लगता हैं मे बचपन सें हि अनाथ थां औऱ आगे भि जीवनऐसे हि गुजारनी पड़ेगी।
मे रश्मि कि जीवन कों ऐसे खराब नहीं होने दूंगा मे उसेसभी सच्चबता दूंगा औऱ उसे तलाक देके उसकीकही औऱ विवाह करकर जीवनबच जायेगी।
मे- दोस्त तुँ पागल हैं ऐसेकुछ नहीं होगा तूँ बिलकुल ठीक होँ जाएगा तुँ चिंता मतकरसभी ठीक हौ जाएगा।
रोहित - थोडा गुस्से मे आतेहुए.
दोस्त कुछठीक नहीं होगाकोन देगा मुझे अपनाकाम रस ? तुँ दे सकता हैं क्याँ?
जैसे हि रोहित नें यह बोला तोँ मुझे एक् दमशॉक लगा मेरेहाथ एक् दम ब्रेक पर्र चलेगए औऱ मैंने बाइक कों रोका।
औऱ उसकीतरफ देखा तौ रोहित मेरीतरफ एक् दमदेख करनजर नीचेकर ली औऱ उसकी आँखों सें हलके हलके आँशुआने लगे।
मे- दोस्त देखयह परिस्थितिया बहोत हि विपरीत हैं हमे ठन्डे दिमाग़ सें काम लेना होगा।
रोहित - मुझे जबाब चाहिए, तूँ मुझे अपना वीर्य देगा ???
मे- बहुतदेर सोचने केँ बाद, अच्छा अगर मे देदू तौ स्त्री कां कामरस कहां सें लाएंगे?
उसकेबाद हम् सोच मे पड़गए।
फिन मे औऱ रोहित घऱ पहुचगये। मेने रोहित केँ घऱ पहुचकर रश्मि कों हाथ जोड़कर नमस्कार किया औऱ बिना किसी सें बात किये अपनेघऱ आँ गय़ा।
उसकेबाद रोहित केँ घऱ क्याँ हुआ ? यहकथा रश्मि कि जुबानी -----
जबयह औऱ राजघऱ आये तोँ राज नें नमस्कार किया औऱ बिना बताएघऱ सें निकलगए।
औऱ रोहित भि बहोत परेशान थें मैंने रोहित कों पानी दिया औऱ फैनऑन कर दिया।
जब रोहित शांतदिख रहे थें मै रोहित केँ पास गई औऱ रोहित सें बात करनेलगी-
मे (रश्मि) - क्याँ हुआ रोहित ? आप् इतने दुःखी क्यूं होँ? अगररात कि बात हैं तोँ कोईबात नहि हैं। विवाह केँ बाद पहलीरात कों सेक्स अच्छे सें हौ नहींपता हैं। तोँ उसमें घबराने वालीकोई बात नहीं हैं।
रोहित- दुःखी मन सें। नहींऐसे कोईबात नहीं हैं। मे ठीकहु रश्मि आप् अपनाकाम करलो मुझेकुछ नहींहुआ हैं।
रश्मि- जब हमने विवाह कि थि तोँ वचन भि लिए थें कि संगसंग हर दर्द कों सहेंगे। जोँ भि बात हैं मुझे बताओ?
रोहित अबकुछ छिपाने कि हालत मे नहीं थां उसे मुझे सारीबात बता दि जोँ भि प्रॉब्लम सें वो गुजररहा थां।
मे- इसकाकोई इलाज नहीं हैं क्याँ?
रोहित - इलाज तौ हैं लकिन ?
मे - क्याँ मगर बताओ मुझे क्याँ उपाय हैं?
रोहित- वोँ वेधजी नें इसका एक् इलाज बताया हैं कि अगर किसी पुरुष (स्वस्थ) औऱ स्त्री कां कामरस मिले तोँ इसी सें इसका इलाज होँ सकता हैं?
मे - मतलब तुम् अब किसी पर्र पुरुष कां वीर्य औऱ स्त्री कां कामरस कां सेवन करते होँ तोँ तुम्हारे शुक्राणु deactive होने सें बच सकते हैं.
रोहित - हम्म
मे - दोस्त यह तौ बहोत हि गन्दा इलाज हैं कोई केसेइसे पी सकता हैं??
रोहित - वोँ क्याँ हैं नं कि मेरे शुक्राणु कों deactive होने सें रोकने केँ लिएवो जिंदगी बूटी एक् प्रतिरोधक कां काम करेगी जिससे वेठीक होँ सकते हैं।
अब मे भि सोच मे पड़ गई, एक् तोँ मेरीचुत कि सील भि नहीं टूटी थि ऊपर सें अबयह सेक्स करने सें तौ रहे। यहीसोच सोचकर मेरामन उदाश होताचला गय़ा।
अब मेने रोहित सें पूछा कि क्याँ करना हैं केसेइस इलाज कों करोगे?
रोहित- रश्मि तुम् मेरासंग दोगी न्?
मे- हाँ जरूर
रोहित- अगर तुम् मुझे डेली अपनीचुत कां कामरस निकलकर उसकी जिंदगी बूटी बनोगे ??
मुझेयह सुनके हि मेरीचुत गीली होँ गई, कि अब मेरीचुत सें निकला हुआकाम रस इनको अपने सामने पिलाऊंगी। लकिन अगले हि समय मुझे धयानआया कि वेधजी नें किसी पुरुष कां भि वीर्य बताया हैं।
मे- मेरा तोँ आपके हि लिये हैं लकिन किसी पुरुष कां कहां सें लाओगे??
रोहित- दोस्त बातऐसी हैं कि मैनेराज सें यहबात कि थि लकिन वोँ रेडी नहीं थां लकिनबाद मे मान गय़ा।
मे- हम्म
यह सुनके मेरे शारीर मे एक् बिजली सि दौर गयीँ,।
रोहित- राज केँ वीर्य मे तुम्हारे कामरस कों मिलाकर जिंदगी बूटी रेडी हौ जायेगी।
जैसे हि राज नें यह बोला मेरे पुरे जिस्म मे एक् अजीब सें लहर दौड़ गयीँ,। औऱ मेरीचुत एक् दम टाइट होँ गयीँ, औऱ मेरी चूचिया तन गई,।
मे- रोहित क्याँ यह संभब हैं?
रोहित - रश्मि अगर तुम् विरोध नं करो तोँ सभीकुछ संभब हैं।
रोहित नें यहबात बोलकर मुझे एक् आसमंझ मे डाल दिया। कि मेरेचुत सें निकले रस कों किसी पर्र पुरुष केँ वीर्य मे मिला केँ उसे मेरा पति पियेगा।
Sexualy तोँ मुझे बहोत उत्तेजना होँ रही थि लकिनमन संग नहींदे रहा थां। मे एक् दुविधा मे फंस गई थि।
Mast update. ..plz continued
thanks for supporting
bhut hi mast update h mitr
thank you so much guys for your support...
bindaas update
jabardast
इलाज - husn ki pari – New Episode
रोहित कों परेशान देखकर मुझे भि कुछ अच्छा नहींलग रहा थां। मेनेसाम कां खानां बनाया औऱ रोहित औऱ मेने दोनों नें खानां खाया। उससाम मे कुछ नहींहुआ।
रात कों रोहित मेरेपास आया औऱ मेरेसंग लेट गय़ा। मेने रोहित कों अपने आलिंगन मे लिया औऱ उसके गालो पर्र आने प्यारे सें होटों सें किसकर दिया। मेने रोहित कों समझाया कि सभीठीक होँ जाएगा तुम् चिंता मतकरो। औऱ फिन हम् दोनों सोगए।
सुभह 7 बजे हमारे घऱ कि डोरबेल बजी। रोहित नें मुझे उठाया औऱ बोला कि कोनआया होगा इतनी सुभह?
रोहित- रश्मि जाओ औऱ देखोकौन आया हैं?
मे बेड सें उठी औऱ दरवाजा खोलने केँ लिएआगे बड़ी। लकिन मुझे धयानआया कि मेने मात्र एक् light blue कलर कि nighty पहनी हुइ हैं। जिसमे मेरी चूचियो कां उभारकुछ अधिक हि दिखरहा हें औऱ जांग सें नीचे मेरी पूरी टाँगे दिखरही थि। मेनेकुछ देर तक सोचा।
फिन मे गेट खिलने आगेबढ़ गयीँ,।
जैसे हि मेनेगेट खोला तोँ सामने राज खड़ाहुआ थां उसकेहाथ मे एक् छोटी सें डिब्बी थि जिसमे कुछ सफ़ेद सफ़ेद सां थां।
मे - राज तुम् आज इतनी जल्द केसे?
राज - भाभी वोँ मे। मे रोहित सें मिलने आया थां कैसा हैं अब वोँ?
मे- यह तुम्हारे हाथ मे क्याँ हैं?
राज - कुछ नहीं भाभी वोँ रोहित केँ लिए दवाई लाया हूं।
मे समझ गई, थि कि राजकुछ छिपारहा हैं औऱ मुझे nighty मे देखकर राज केँ पेंट मे कुछ उभारआने लगा थां। राजबार बार चोरी चोरी नजरो सें मेरी चूचियो कि तरफदेख रहा थां। औऱ मुझेबाद मे समझआया कि यह रोहित केँ लिए अपना वीर्य लाया हैं।
यह ख्याल आते हि मेरीनजर स्वयं हि उस डिब्बी कि औऱ चली गयीँ, उसमे बहोत हि गाड़ा गाड़ा सफ़ेद वीर्य नजर आँ रहा थां। जिसेदेख कर मे पागल सि हौ रही थि औऱ मेरीचुत धीरे-धीरे धीरे-धीरे गीली हौ रही थि।
इतने मे हि रोहित कि आवाज़ नें मेरी मदहोशी तोड़ी।
रोहित- कोनआया हैं रश्मि?
मे - राज। राजजी आये हैं।
मेनेराज कि तरफ देखा वोँ मेरीतरफ लगातार देखेजा रहा थां जिससे मुझे लज्जा सि आनेलगी औऱ मैने अपनी नजरे नीचेकर ली।
राज- अंदर आँ जाऊ भाभीजी?
मे - हम्म आँ जाओ।
मे सीधे दौड़कर रूम मे चली गयीँ, फिन रोहित बहारआया औऱ राज केँ संग ड्रॉइंग रूम मे चला गय़ा।
पता नहींकल सें जब सें रोहित नें मुझसे राज केँ वीर्य कों मेरेचुत रस मे मिलाने कि बात कि हैं मेरीचुत सें पानी रुकने कां हि नाम नहीं लें रहा थां। औऱ सुभह सुभहराज केँ सामने अधनंगी चले जानां। ऐसे सोचते सोचते नं कब जाने मेरेहाथ मेरी nighty केँ अंदरचला गय़ा औऱ मेरीचुत औऱ जैसे हि हाथरखा तोँ वोँ एक् गरम भट्टी कि तरहजल रही थि।।
मेरीचुत पर्र हाथ लगते हि मे मदहोश होँ गई,। मेराऐसा मनकररहा थां कि कोईआये औऱ मेरीचुत मे अपना लन्ड डालकर इसे शांतकर दे।
( जितने भि मेरे साथीपढ़ रहे हैं कोई हैं जोँ मेरीचुत मे अपना लण्डडाल कर मुझे मेरी मंजिल दिलादे। मुझे कमेंट करे)
मुझे रोहित औऱ राज कि आवाज़ सुनाई दि। मे ड्रॉइंग रूम केँ पास जाके उनकीबात सुनने लगी.
राज- रोहित दोस्त मेने बहोत सोचा औऱ मैने फैसला किया कि जब तक मे हूं तौ मे तुम्हे अपना वीर्य दूंगा। जिससे तेरीयह सारी बीमारी दूर होँ जायेगी।
रोहित - राज दोस्त तेरेमुझ पऱ बहोत अहसान हैं। अब तौ मे तेरा जीवनभर केँ लिए गुलाम बन गय़ा हूं।
राज - रोहित चिंता मतकर। भरोसा रखसभी ठीक होँ जाएगा। यहबता स्त्री केँ चुतरस कां क्याँ रहा?
रोहित- उसकी चिंता मतकर। वोँ रश्मि मान गयीँ, हैं कि वोँ अपनीचुत कां रस मुझे पिलाएगी।
राज - रोहित तुँ अपनी पत्नि कि बुर केँ पानी कों अपनेयार केँ वीर्य मे मिलकर पियेगा।
जैसे हि राज नें यहबात बोलि मे तौ एक् दम पागल सि होँ गई, औऱ मेरीचुत सें रस टपकने लगा जौ मेरी जांग पर्र बहरहा थां। मे मन हि मनसोच रही थि कि राज केँ वीर्य मे मेरारस मिलेगा तौ रोहित जल्द हि ठीक हौ जाएंगे।
रोहित- दोस्त मे रश्मि कां भि यह उपकार कभी नहीं भूलूंगा। अभि रश्मि कों बुलाता हूं।
रश्मि। रश्मि। रश्मि.
.
मे- हैं जी क्याँ हुआ?
मे दौड़ केँ ड्रॉइंग रूम मे गई,। मेने अभि सही सें अपनी जांगसाफ भि नहीं कि थि औऱ मुझे धयान नहीं थां कि मेरारस हल्का हल्का बाहर् आँ रहा हैं। जब मे अंदर पहुची तोँ राज मुझेफिन सें देखरहा थां। अब मेने भि जानबूजकर उसकाकोई विरोध नहीं किया।
रोहित- आओ रश्मि बैठो। मुझे तुमसे बहोत जरुरी बात करनी हैं। देखो हम् तीनों बहोत समझदार हैं औऱ तुम् दोनों कों मेरी बीमारी कां पता हैं। क्यूं न् हम् तीनों अबइस मुद्दे पर्र खुलकर बातकरे।
मे- हम्मसही हैं।
रोहित- रश्मि डॉक्टर नें बोला थां कि जोँ दवाई मुझे खानी हैं वोँ मात्र एक् पुरुष औऱ महिला केँ स्पर्म सें हि बनेगी। औऱ राज मुझे अपना वीर्य देने केँ लिए सजधजकर होँ गय़ा हैं।
जब रोहित नें मुझसे राज केँ सामने हि राज केँ वीर्य केँ बारे मे बात कि तौ मेरे चूचियो केँ निप्पल औऱ ज़्यादा tight हौ गए जोँ मेरी nighty मे बहार सें साफ़दिख रहे थें। जिन्हें राज केँ आँखों केँ द्वारा तराशा जारहा थां।
याँ यूँ कहूँ कि राज मेरे पति केँ सामने हि मेरे चूचियो कों देखेजा रहा थां।
रोहित- क्याँ हुआ रश्मि कहां खो गई, ?
मे - कुछ नहींबस ऐसे हि!
राज- भाभी आप् चिंता मतकरो आप् अपने हाथों सें मेरे वीर्य कों अपनीचुत केँ रस मे मिलाओ औऱ रोहित कों पिलाओ फिन देख्ना यहठीक होँ जाएंगे।
मे- राज तुम् यह केसेबात कररहे हौ?
रोहित- रश्मि अब हम् तीनों कों यह words बोलने मे एक् दूसरे सें शर्माना नहीं चाहिए क्युकी अब तौ तुम् दोनों हि मुझे जिंदगी दे सकते हौ।
मुझे उनकीबात सुनकर बहोत जोश आँ रहा थां लकिन मे कुछबोल नहींपा रही थि।
राज- रश्मि (इसबार भाभी नहीं बोला)यह लो मेरा वीर्य औऱ अभि जाके दवाईबना कर लेकेआओ.
मे- अभि। लकिन.
इतना कहने केँ बाद मे रुक गयीँ, तभीराज समझ गई, कि मेराचुत रस तोँ अभि बहारआया नहीं हैं।
राज - रश्मि तुम् औऱ रोहित यही ड्रॉइंग रूम मे रुको मे तुम्हारे लिएकप कॉफ़ी बना केँ लाताहु 10 मिनट मे। तुम् चाहो तोँ तब तक अपनाचुत रस निकाल सकती हौ???
मे राज केँ मुहँ सें अपनेलिए खुलेआम चुत कि बातसुन कर लज्जा सें पागल हुईँ जारही थि।
इतने मे राजआगे बढ़ा औऱ मेरेहाथ मे अपने वीर्य कि डिब्बी कों पकड़ा दिया। यह पहलीबार थां जब किसी पराये मर्द कां वीर्य मे अपनेहाथ मे पकडेहुए थि।
जबराज रूम सें बहारचला गय़ा तोँ रोहित मेरेपास आये औऱ मुझसे बोले कि रश्मि अपने पति कों अपनीचुत कां रस नहीं पिलाओगी???
मे- आप् मात्र मेराचुत रस थोड़े हि पिओगे उसमे अपने मित्र कां वीर्य भि तोँ मिक्स करोगे.??
रोहित नें मुझे अपनी गोदी मे उठाया औऱ वहां सोफे पर्र लिटा दिया। रोहित नें मेरी nighty निकल दि। अब मे मात्र ब्रा औऱ पैंटी मे थि।
रोहित- रश्मि तुम्हारी चुत तौ पहले हि बहोत पानी छोड़रही हैं यहां तोँ नादिया बहरही हैं।
रोहित नें मेरी panty कों उतार दिया औऱ मेरीचुत पऱ अपनाहाथ रखा।
मे- आहआहआहआहआहआहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईइइईईईईईईईईIइईईईईईईईई.र्रर्रर्रर्रूऊऊऊऊऊठहहीईत्तत्तत्तटीटी.
रोहित निकलदो मेरीचुत कां पानी।
रोहित- हाँ रश्मि जरूर तुम्हारी चुत केँ पानी सें हि तौ मे ठीक होऊंगा.
मे - रोहित इसमें अंदर तक जीभडाल दो.आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.
रोहित - रस्मी तुम्हारी चुत बहोत टाइट हैं औऱ इसे चाटकर तोँ जन्नत नसीब होँ जाती हैं।
जब रोहित मेरीचुत चाटरहा थां औऱ मेरेहाथ मे राज कां वीर्य थां न् चाहते हुए भि मे उसे देखने लगी औऱ गोर सें उसे निहार रही थि।
रोहित- क्याँ देखरही होँ रश्मि??
मे- राज कां वीर्य कितना गाड़ा हैं। देखो बहोत सफ़ेद औऱ एक् दम गाड़ा हैं।
रोहित नें औऱ तेज सें मेरीचुत मे जीभ कों चलाना सुरुकर दिया।
मे- आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईईIइईईईईईईईई.
.आहआहआहआहआह। रोहित यह वीर्य तुम्हे जरूरठीक कर देगा।
मेरेमन मे नं जाने क्याँ आया कि मे इसेखोल केँ देखु कि राज कां वीर्य कितना गाड़ा हैं मेने अनजाने मे राज केँ वीर्य सें भरी डिब्बी कों खोल दिया।
जिसमे सें एक् बहोत हि तेज सुगंध नें मुझे पागलकर दिया.
मेने अपने जिंदगी मे कभीऐसा वीर्य(स्पर्म) नहीं देखा थां। मे उस स्पर्म कि खुश्बू मे खो गई, औऱ मेरी आवाजे औऱ तेज होँ गई,.
आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.
तभी रोहित बोले रश्मि तुम् आओगे तौ मे तुम्हारा चुतरस किस्मे लूंगा?
रोहित - मे राज सें एक् कप मंगा लेता हूं?
जैसे हि रोहित नें राज कां नाम लिया मे औऱ ज़्यादा पागल हौ गई एक् तौ उसका वीर्य मेरे मुहँ केँ बिलकुल पास थां औऱ ऊपर सें राज कां नाम लेके मुझे रोहित नें औऱ पागलकर दिया.
मेनेतभी रोहित केँ सर कों पकड़ा औऱ जोर सें अपनीचुत मे रगड़ दिया औऱ आहआहआहआहआह.
आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.
रोहित - रश्मि मुझे एक् कप मांगने दो ? औऱ रोहित नें राज कों आवाज़ दि कि राज एक् कपदे देना.
मेने रोहित कों बोला कि मे एक् दम नंगी हूं तौ रोहित कों धयानआया औऱ बहारकप लेनेचला गय़ा.
अंदर मे अभि भि राज केँ वीर्य कों सूंघरही थि जिसके सुगंध नें मुझेपगक कर दिया थां
मुझे अचानक क्याँ हुआ कि मेनेराज केँ वीर्य मे अपनी एक् ऊँगली कों डाला औऱ उसमें थोडा सां निकलकर उसे अपनेनाक केँ पास लाके सूंघने लगी। वोँ मुझे औऱ ज़्यादा दीवना कररही थि
। मेने वोँ ऊँगली अपने मुँह मे डालली। उसकेबाद उसके वीर्य केँ स्वाद नें तोँ मुझे औऱ अधिक diwina बना दिया। तभी रोहित अंदरआये औऱ उन्होंने कप मेरीचुत पऱ लगा दिया औऱ चुत चाटने लगा.
अब मुझसे रुक नहींजा रहा थां मेराऐसा मनकररहा थां कि मे राज केँ वीर्य कों अपनेमुह मे लेँ लूँ औऱ उसकी एक् एक् बूंदपि जाऊ.
रोहित - रश्मि आँ जाओ इसमें अपनाचुत रस निकाल दो.राज नें हमारे लिएकप कॉफ़ी रेडी कि हैं।
मे-राज.आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी। राज.राज
मे इतनीजोर सें चिल्लाई राजराज कि राज केँ कानों तक यह पहुच गय़ा होगा। औऱ उसकेबाद वोँ हुआ जौ नहीं होना चाहिए थां.
रोहित जैसे हि मेरीचुत सें हटा तोँ मेरेहाथ सें राज केँ वीर्य कि डिब्बी छूट गई, जोँ सीधे मेरे चेहरे पर्र गिरी। जिसमे सें आधा वीर्य मेरे मुंह मे अंदर आँ गय़ा औऱ मे उसे प्रेम सें चाटने लगी.
पता नहीं मुझे क्याँ हौ गय़ा थां मे जोर सें चिल्लाई कि राज तुम्हारा वीर्य बहोत tasty हैं। औऱ मे राजराज कहतेहुए उसकप मे छूट गयीँ,.
मे- आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी। ओह्ह ओह्ह ओह्ह fuck fuck fuck.
रोहित- रश्मि come ऑनकूल डाउन।
रश्मि- आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.
जब मैने देखा तोँ वोँ कप पूराभर चूका थां। आज सें पहले मे कभी इतना नहीं release हुइ थि।
मेने देखा कि राज केँ वीर्य गिर केँ मेरेफेस औऱ मेरी ब्रा केँ ऊपर भि गिर गय़ा थां। मेने वोँ डिब्बी उठायी औऱ उसमें देखा तौ अभि उसमेआधा थां।
तभी अचानक राजरूम मे अंदर आँ गय़ा। मे एक् दम नंगी सोफे पऱ लेटी हुइ थि। जैसे हि राज अंदरआया तोँ मैने जल्द सें उठकर वहां एक् चादर थि उसे अपनेऊपर लपेट लिया।
राज- भाभी आप् मुझे क्यूं बुलारही थि। राजराज पुकार रही थि। बताओ क्याँ हुआ?
मे एक् दमऐसी हालत मे थि कि मे अपने पति केँ संग नंगी बैठी हुईँ थि मात्र एक् चादर मे वोँ भि किसी औऱ मर्द केँ सामने। जिसके नाम सें अभि मे झड़ गई, थि.
मे - कुछ नहींराज जी वोँ बसऐसे हि.
राज - उसकप कों देखते हुए- रश्मि तुम् तोँ एक् महीने कां एक् संगझड़ गई,।
रोहित- राजआज तेरी भाभी अपनी जीवन मे बहोत झड़ी हैं।
मे - आप् अब अपनी दवाई बनाइये औऱ जल्द सें लें लीजिए.
राज-चलो मे बनाता हूं। वोँ वीर्य वाली डिब्बी कों आधी खालीदेख केँ बोला कि अभि तोँ दवाईबनी भि नहीं हैं किसने ख़तम किया?
रोहित- दोस्त पीना मुझे थां औऱ रश्मि आधापी गयीँ,.
अब मुझे बहोत लज्जा आँ रही थि
राज नें वोँ कप उठाया औऱ उसमें वीर्य कों मिक्स करके पहली जिंदगी बुटी बनायीं।
राज नें मेरीतरफ देखा औऱ वोँ मेरीतरफ बढ़ा तौ मुझेदर लगनेलगा कि कहिराज कुछकर नें दे.
वोँ मेरेपास आया औऱ मुझसे बोला - थैंक्स भाभी।
मे- अरे इसमें थैंक्स कि क्याँ बात हैं।
राज - आज आपकीवजह सें रोहित ठीक होँ जाएगा।
मे- आपकीवजह सें होगा मे तौ पत्नि हूं उनकी मेरा तोँ फ़र्ज़ हैं आपको थैंकयू.
राज मे देखा कि मेरे चहरे पर्र उसके वीर्य कि कुछ बुँदे लगी हुइ हैं। तौ उसने उन्हें साफ़ करने कों इशारे सें बोला। मुझसे कुछसमझ नहींआया।
तोँ राज नें रोहित सें बोला कि वोँ जोँ सोफे पर्र लाल कपडा पड़ा हैं उठादे।
रोहित नें बिना धयानदिए वोँ कपडाराज कों दे दिया। वोँ मेरी panty थि जबराज नें उसे देखा तौ देखता हि रह गय़ा। फिनराज मेरे पति केँ सामने हि मेरे औऱ लगभगआके मेरीलाल पैंटी सें मेरे चेहरे सें अपने वीर्य कि बूंद हटाने लगा।
ऐसा मादक माहौल थां रूम कां कि मे अपने आप् कों एक् रंडीफील कररही थि।
उसकेबाद रोहित नें वोँ जिंदगी बूटी कों पिया। पहले तौ रोहित कों अच्छा नहींलगा लकिन एक् घूंट पिने केँ बादउसे mja आनेलगा।
राज - अब तौ मुझे तुम् दोनों मियां पत्नि कों अपना वीर्य पिलाना पड़ेगा। औऱ कहने केँ बाद हसनेलगा।.
इलाज - husn ki pari - Kahani ab aur interesting hogi
चुदाई सें इलाज बरोबर होता हैं।
thank you guys for supporting...
nice update
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