इलाज - husn ki pari – New Episode
औऱ कहने केँ बाद हसनेलगा।.
गतांक सें आगे.
अब सुभह केँ 11 बज चुके थें। औऱ मे ड्रॉइंग रूम सें बहार निकलकर सीधे बाथरूम मे चली गई,। अंदर जाकर मुझेयाद आया कि मेरी पैंटी तोँ वही सोफे पऱ छूट गयीँ, हैं।
मेने शावर लिया औऱ अपने जिस्म कों अच्छे सें साफ़ किया। मेने अपनीचुत कों अच्छे सें साफ़ किया। जब मैने अपनीचुत पऱ हाथ लगाया तोँ मेरीचुत फिन सें गरम होनेलगी।
मेने अपनेऊपर कंट्रोल किया औऱ नहाने केँ बाद बहारआयी। मेने केवल अपनेबदन पर्र तोलिया लिपटा हुआ थां। औऱ मे सीधे बैडरूम मे चली गई,।
मुझे बहार सें हलकी हल्की आवाज़ आँ रही थि जब रोहित औऱ राजबात कररहे थें।
रोहित- थैंक्स राज। मेरी हेल्प करने केँ लिए। तुम् औऱ रश्मि मुझे एक् नया जिंदगी देरहे हौ।
राज- रोहित यह तोँ मेरा फर्ज हैं। मे तेरेलिए कुछ भि करूँगा। यहबता यह जिंदगी बुटी केसेलगी?? इसका टेस्ट कैसा थां??? औऱ हँसने लगा.
रोहित- राज, कुछ मीठा औऱ कुछ खट्टा। बहोत हि अच्छा टेस्ट थां।
राज - (मुस्कुराते हुए.) भाभी केँ रस केँ संग मेरा वीर्य, टेस्ट तौ अच्छा होना हि थां।
राज - रोहित चल अभि हमेवैध जी केँ पास जानां हैं।
रोहित - हाँ दोस्त चल सजधजकर होँ लें। मे रश्मि कों बोलकर आता हूं.
राज-ठीक हैं जल्द आँ मे बाइक लेकेआता हूं। औऱ हां वोँ जौ हमने जिंदगी बुटी बनायी हैं उसे भि संग लें लेते हैं। वेधजी कों दिखाना होगा.।
रोहित मेरेपास आया औऱ मुझे पीछे सें पकड़ लिया। मे ऐसे हि मात्र टॉवेल मे थि रोहित केँ तेज पकड़ने सें मेरा टॉवलखुल गय़ा जिसे मेने केवलऐसे हि पकड़ा हुआ थां।
रोहित नें हलके सें मेरेकान कों अपने दांत सें काटा औऱ मुझे पीछे गर्दन पर्र किस करनेलगा।
( किसी महिला कों पीछे गर्दन पर्र किस कियाजाए तौ तोँ बहोत जल्द exicted हौ जाती हैं)
रोहित नें अपने दोनों हाथआगे करके मेरी दोनों चूचे पकड़लिए। औऱ उन्हें दबाने लगा। मे एक् आगोश मे जारही थि। तभी मुझे धयानआया कि घऱ पर्र हम् दोनों अकेले नहीं हैं।
मेने रोहित सें पूछाराज कहां हैं?
रोहित- वोँ बाथरूम मे हैं नहारहा हैं। फिन हम् दोनों कों वेधजी केँ पास जानां हैं।
मे- रोहित मुझे तुमसे कुछबात करनी हैं।
रोहित - हैं बताओ क्याँ बात हैं? औऱ रोहित नें मुझे औऱ ज़्यादा टाइट पकड़ लिया। मेरी चूचिया उसके हाथों मे तन गई, थि।
मे- आहआह। रोहित पतानई मुझेकल सें क्याँ होँ रहा हैं मेरीचुत शांत होने कां नाम हि नहीं लें रही हैं। रोहित प्ल्ज़ मेरीचुत मे अपना लन्ड डाल केँ इसकी प्यास बुझादो।
रोहित - चिंता मतकरो मेरी रानी। मे वेधजी केँ पास सें होकेआता हूं फिन मे तुम्हारी चुत कों साम तक लगातार जन्नत कि शेर करूँगा।
मे - रोहित देखो मेरीचुत पऱ हाथरख कर देखो। बहोत गरम हौ रही हैं।
रोहित नें मेरे जिस्म सें तोलिया कों हटा दिया औऱ अपना एक् हाथ मेरीचुत पर्र रखा तोँ मेरी आँखे अपने आप् बंद होँ गयीँ, औऱ मैने रोहित कों कसकर अपनी बाहों मे भर लिया।
इतने मे हि राजरूम मे अंदर आँ गय़ा औऱ मेरीआँख बंद होने सें मुझेकुछ पता हि नहींलगा। राज नें अंदर आकार जौ नजारा देखा वोँ देखता हि रह गय़ा। उसने मुझे पहलीबार पूरा नंगा देखा थां।
राज कि आँखे मेरीचुत पऱ थि जौ एक् दम टाइट मख्खन कि तरह थि। मेरी चूचिया तन चुकी थि जौ राज कि आँखों केँ सामने एक् दम नंगी थि।
राज- रोहित चले??
तभी मेरीआँख खुली तोँ मे एक् दम सें भौचक्का रह गई, औऱ जल्द सें तोलिया ढूंढने लगी। लकिनजब कुछ होना होता हैं वोँ होके रहता हैं। मेरा तोलिया मुझे मिला हि नहीं।
रोहित नें राज कों देखा लकिन उसनेकोई रियेक्ट किया हि नहीं औऱ राज केँ सामने मेरीचुत मे एक् ऊँगली अंदरडाल दि। जिससे मेरी मादक आवाज़ राज केँ सामने हि निकल गई,।
आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.
मे- रोहित अहहअहह अहह सामने राज हैं।.
लकिन रोहित नें अनसुना कर दिया औऱ राज सें बोला.
रोहित- राज दोस्त देख रश्मि कि चुत शांत हि नहीं हौ रही हैं, तूँ वहां सामने अलमारी सें मेरे कपडे निकाल करपहन लें। मे इतने तेरी भाभी कि चुत कों शांत करने कि कोशिस करता हूं।
मे ऐसा सुनके तोँ औऱ अधिक पागल होँ गयीँ, थि। अब मेने भि सोच लिया थां कि राज केँ सामने मे नंगी तोँ होँ हि चुकी हूं क्यूं न् अब अपनीचुत रोहित केँ हाथों शांतकरा लूँ।
राज- रोहित भाभी कि चुतगरम तौ होना लाजमी हैं जब तुँ उनकीचुत कों ऐसे रागड़ेगा। तोँ अच्छी अच्छी चुत पानी छोड़ने लग जाएंगी।
मे-
आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी। रोहित औऱ अंदरदरर तक डालो नं.
यह आवाज़ मेने बहोत जोर सें निकली थि। मुझेअब पतालग चुका थां कि जबजबराज मेरे सामने होता हैं तोँ मेरीचुत औऱ ज़्यादा गरम हौ जाती हैं।
सच्च कहूँ तोँ मे( रश्मि) अबयह कल्पना करनेलग गई, थि कि राज अपना लण्ड मेरीचुत मे डालकर मुझे शान्त करदे इसीलिए मे अबराज केँ सामने तेजतेज आवाज़ निकलरही थि।
रोहित नें मुझे वहांबेड पर्र लिटा दिया औऱ अपनीजीभ कों मेरीचुत केँ दाने पऱ रगड़ने लगा। मेने अपने दोनों हाथों सें बेडशीट कों पकड़ लिया औऱ जोरजोर सें सिसकारियां लेनेलगी।
आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.
राज मेरे सामने हि खड़ाहुआ थां औऱ मुझेदेख रहा थां। तभी रोहित नें राज सें कहा - राज वहां टेबल पर्र एक् तेल कि बोटल हैं वोँ दे देना.
राज नें वोँ तेल कि सीसी उठायी औऱ रोहित केँ पास लाया। रोहित कों बहोत तेजजोश आँ रहा थां उसका लन्ड पेंट कों फाड़ केँ बाहर् आने कों सजधजकर थां।
राज- रोहित लोयह सीसी।
रोहित- राज इसमें सें थोडा सां तेल अपनी भाभी कि चुत पऱ डालना।
राज नें थोडा सां तेल मेरीचुत पर्र डाला। रोहित नें वोँ तेल मेरीचुत सें रगड़ दिया औऱ रोहित वहां सें उठा औऱ बेड पऱ ऊपरआकर मेरी चूचियो कों मुँह मे लेँ लिया।
मे-
आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.
रोहित मे मर गयीँ,। मेरीचुत मे लन्ड डालो। मेरीचुत कों फाड़दो।
आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.
राज अभि भि मेरीचुत केँ पास हि थां। रोहित नें राज सें बोला कि राज थोडा सां तेल औऱ डालदो इसकीचुत पर्र। राज तेल डाल केँ हट गय़ा। मे बेचैनी रही थि कि कोई मेरीचुत कों रगड़दे।
तभी रोहित नें राज कां हाथ पकड़ केँ मेरीचुत पर्र रख दिया औऱ बोलाराज रश्मि कि चुत कि अच्छे सें मालिश करदे।
रोहित नें जैसे हि यह बोला मेरीचुत तोँ औऱ अधिक गीली हौ गयीँ, थि। मेने अपनी आँखेखोल केँ देखा तौ राज अभि भि हिचकिचा रहा थां मेरीचुत कों हाथ लगाने मे.
मेनेजब यह देखा तोँ जानबूझ कर रोहित सें बोला रोहित मेरीचुत कों रगड़ो प्ल्ज़.
उसकेबाद राज नें अपनाहाथ जैसे हि मेरीचुत पर्र रखा तौ सच्च कहूँ तोँ मुझेऐसा लगा कि जैसे मे आज तृप्त होने वाली हूं।
राज नें बहोत प्रेम सें मेरीचुत कों सहलाया औऱ उसे अपनेहाथ सें दबाने लगा। मेरी आँखेबंद होनेलगी थि।।
आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.
एक् मेरे पति जोँ मेरी चूचियो कों चूसरहे थें औऱ एक् मेरा न्यू नवेला प्रेम मेराराज केवल मेराराज ( मेरे पति कां साथी) अपनेहाथ सें मेरीचुत कों सहलारहा थां,
आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.
यहऐसा माहौल थां कि कोई भि पागल हौ जाए।
लकिन इतने मे हि वहीहुआ जिसका मुझेडर थां। रोहित केँ लण्ड नें एक् पानी कि हलकी सि धारमार दि औऱ वोँ झड़कर बेड पऱ लेट गय़ा। उसका वोँ पानी सां केवल मेरेपेट पऱ हि थां। वोँ भि बिलकुल पतला औऱ बहोत हि पारदर्शी पानी जैसा.
राज नें वोँ देखा औऱ बोला रोहित यह क्याँ हैं तेरा लण्ड तोँ बहोत पतला हैं औऱ बहोत छोटा भि। चलयह तौ फिन भि ठीक हैं लकिनयह जोँ निकला हैं इससे तोँ तुँ कभी बाप भि नहींबन पाएगा।
इससे गाड़ा तौ दूध होता हैं रोहित। रोहित लज्जा सें पानी पानी होँ रहा थां। मुझेलगा राजकहि मेरीचुत कों न् छोड़दे।
मेने अपना एक् हाथ नीचे लेँ जाकेराज केँ हाथ केँ ऊपररख दिया औऱ उसे अपनीचुत मे अंदर तक दबाने लगी। राज नें मेरीतरफ देखा औऱ मैने मुस्कुरा दिया।
रोहित- राजअब तुँ हि बता मे रश्मि कों केसे सारेसुख दे सकता हूं।
मे राज केँ हाथ कों अपनीचुत मे औऱ अंदर तक दबाते हुए- रोहित तुम् चिंता मतकरो मे औऱ राज हैं नं तुम्हे ठीककर देंगे।
रोहित अपने आप् मे इतना अधिक गिल्टी फीलकर रहा थां वोँ वहां सें उठकररूम सें बहारचला गय़ा।
राज कां हाथ अभि मेरे हाथों मे दबाहुआ मेरीचुत मे थां। जब रोहित भर गय़ा तौ राज भि जानेलगा।
मेनेराज कां हाथ पकड़कर जोर सें अपनीतरफ खींच लिया। जिससे राजबेड पऱ गिर गय़ा मगर उसकाहाथ अभि भि मेरीचुत मे हि थां।
मेनेराज कि आँखों मे देखा औऱ बोला - राजजब जब तुम् मेरे सामने आते होँ यहचुत बहोत ज़्यादा गीली होँ जाती हैं मेरीचुत पर्र जबसे तुम्हारा हाथलगा हैं यहउसे छोड़ने हि नहींदे रही हैं।
राज - रश्मि देखोयह गलत हैं।
अब मुझे क्रोध आनेलगा मेनेराज पऱ क्रोध करतेहुए बोला-राज तुमने हि मुझे मनपसंद किया थां नं रोहित केँ लिए। तुम् नें मेरी विवाह रोहित सें कराई थि। तुमने मेरी ज़िंदगी खराब कि हैं।
मे ऐसा बोलने केँ बाद औऱ अधिक गुस्से मे आँ गयीँ, मेने अपनी एक् ऊँगली मे रोहित कां पानी सां उठाया औऱ राज केँ सामने बोलीं कि इससे इससे मे अपना प्रेम पाऊं।
राजचुप चाप मुझेसुन रहा थां।
मे - राजअब तक मे चुप थि। तुम् बताओ मेरी ज़िंदगी तोँ अब बर्बाद कर दि नं तुमने। अगर मे चाहती तौ मे रोहित कों तलाक भि दे सकती थि। लकीन नहीं दिया। राज औऱ तुम् कहते होँ यहगलत हैं।
राज - रश्मि अब मुझे औऱ अधिक शर्मिंदा नहींकरो।
मे - राज तुम् अब मेरी सारी जरूरत पूरी करोगे। औऱ ऐसा कहने केँ बाद मेनेराज केँ हाथ कों अपनीचुत सें हटा दिया औऱ थोडा क्रोध दिखाने लगी।
राज - रश्मि अब तुम् हि बताओ मे क्याँ करूँ मे भि इस दुविधा सें बहार निकलना चाहता हूं।
रश्मि(मे)- राज तुम्हे मे एक् सच्चाई बताना चाहती हूं। मेने विवाह केँ लिए तुम्हे पसन्द किया थां नं कि रोहित कों।
मेरेघऱ वालो कों रोहित मनपसंद आया औऱ उन्होंने मेरी उससे विवाह करवा दि।
इतना सुनने केँ बादराज नें प्रेम सें मेरीतरफ देखा औऱ जौ हाथ मेनेहटा दिया थां उसने मेरी इजाजत लिए बिना वोँ हाथ मेरीचुत पर्र रख दिया.
औऱ मेरे होठो कों अपने होठों मे जकड लिया औऱ मुझेकिस करनेलगा.
मे- राज प्ल्ज़ बुरामत मानना लकिन मुझे तुमसे प्रेम हौ गय़ा हैं। I love you raj.
राज- रश्मि मेने तौ तुम्हे देखते हि विवाह करने कां मनबना लिया थां। मगर तुम् रोहित कों पसन्द आँ गई, थि औऱ उनसे तुमसे विवाह करने कों बोल दिया तौ मे मना नहींकर पाया।
राज- मे तौ तुम्हे पहलेदिन सें हि चाहता हूं। कि लवयू रश्मि I love you.
मेंने राज केँ गले मे दोनों हाथ डाले औऱ उसके चेहरे कों किस करनेलगे।
राज नें फिन नीचेआके मेरीचुत कों अपने मुहँ मे भर लिया औऱ उसे पागलो कि तरह चूसने लगा। मेने अपने दोनों हाथराज केँ सर पऱ रखदिए औऱ उसे अपनीचुत कों चूसाने लगी।
मे- आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.
आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी। राज राजरााााजजआजज। रााा.जज.
मे- राज मे आने वाली हूं आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.
जब मे झड़ने वाली थि तभीरूम मे रोहित आँ गए। औऱ जौ नजारा रोहित नें देख देखते हि रह गय़ा। राज तौ मेरीचुत मे अपनीजीभ डालेहुए थां औऱ मेरेहाथ राज केँ सर पर्र थें।
रोहित- रश्मि जल्द सें अपनीचुत कां पानी निकलदो। मुझे औऱ राज कों वेधजी केँ पास जानां हैं।
(रोहित जब बहार गय़ा थां तौ उसने बहोत सोच विचार करने केँ बादयह निर्णय लिया थां कि अब वोँ कुछऐसा करेगा जिससे सारी प्रॉब्लम दूर हौ जायेगी) औऱ अंदरआके राज कों अपनी पत्नि कि चुतचाट तेदेख करकुछ नहीं बोला। जरूर रोहित केँ मन मे कुछचल रहा थां.
रोहित इतनाबोल कर बाहर् चला गय़ा। औऱ मे राज केँ मुहँ मे झड़ गई, आज मेरा पानी सुभह सें दोबार आँ चुका थां मे अपने आप् कों थकाफील करने कि बजाय चुदासी फीलकर रही थि।
राज जैसे हि चुत सें हटा तोँ उसका मुंहचुत केँ पानी सें सनाहुआ थां। मेनेराज कों अपनेपास बेड पर्र लिटा लिया औऱ उसी एक् बाजू पऱ सररखकर औऱ अपनी एक् टांगराज केँ ऊपररख ली।
मे- राज तुम् अबसमझ जाओ रोहित नें हम् दोनों कों एक् संगऐसे देख लियाफिन भि कुछ नहीं बोला।
राज - बाबु तुम् चिंता मतकरो अब रोहित तौ क्याँ ईश्वर भि राज औऱ रश्मि कों अलग नहींकर सकते।
मे - राज मे तुमसे बिलकुल भि दूर होना नहीं चाहती हु।
राज - रोहित कों मे संभाल लूंगा उसकी चिंता मतकरो। ऐसे कहतेहुए राज नें रश्मि कि चूचियो कों अपनेहाथ मे लेँ लिया।
मे इस वक्त बिलकुल नंगीराज कि बाहों मे पड़ी हुई थि जबकि मेरे पति बहार इन्तज़ार कररहे थें।
मुझे दोबारा रोहित केँ आने कि आहट हुई तौ मे राज सें अलग होनेलगी। लकिनराज नें मुझे पकड़कर अपने सीने सें लगा लिया औऱ मेरे लिप्स मे अपने लिप्स डालदिए औऱ मुझे अपनेऊपर लिटा लिया।
रोहित जब अंदरआये तौ वोँ बेड केँ पासआया औऱ मुझसे बोला रश्मि यह क्याँ हैं?
राज- रोहित क्याँ हुआ?? रश्मि केँ मुह केँ अंदरइसे गर्मी लगरही हैं तोँ मैने सोचा रश्मि केँ अंदर अपनीजीभ डालकर शांतकर देता हूं। क्यूं रश्मि?
मे- हैं रोहित यहसही कहरहे हैं।
इसबार राज नें एक् बहोत गन्दी हरकत औऱ कर दि। राज नें रोहित केँ सामने हि मेरी गांड कों ऊपर करके मेरीचुत मे अपनी एक् ऊँगली भि डाल दि।
मे- आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी। राज आहिस्ता.
रोहित - राज दोस्त यहचलठीक हैं। तुम् दोनों जल्दकरो आज मुझे तुम् दोनों सें एक् बहोत जरुरी बात करनी हैं। औऱ हाँ मेने वेधजी कों फ़ोनक्र दिया हैं वोँ घऱ हि आँ रहे हैं।
इतनाकह कर रोहित रूम सें बहार निकल गय़ा। अब मेरीचुत दोबारा सें तड़पने लगी मेनेराज कों बोला कि राज मेरीचुत मे लण्डडाल दो।
राज - रश्मि मे तुम्हारी चुत मे लण्ड तौ जरूर डालूंगा लकिन रोहित कि इजाजत लेके।
मे- वोँ क्यूं इजाजत देगा। कोई अपनी पत्नि कि चुत मे दूसरा लन्ड केसे डलवा सकता
राज- जब उसकी पत्नि एक् दम नंगीहोक उसके सामने मुझसे चुत चटवारही थि उसनेकुछ नहीं बोला। अब तुम् मेरेऊपर लटके उसके सामने मैजे सें मेरेहोठ चूसरही थि उसनेमन किया। नहीं न्
तोँ अब तुम्हारी चुत मे लण्ड तोँ डालूंगा लकिनजब तक रोहित नहीं कहेगा।
मे- राज मेरीचुत कों एक् बार औऱ चाटलो नं.
राज - इसबार मे कुछअलग तरीके सें तुम्हारी चुत चाटूँगा।.
औऱ ऐसा कहने केँ बादराज नें मुझेबेड सें गोदी मे उठाया औऱ मुझे बहार लें आया जहां रोहित बैठाहुआ थां।
रोहित - राजयह क्याँ हैं?
राज - मे दोस्त क्याँ करूँअब तेरा इलाज हि यही हैं। अब मे रश्मि कि चुत कों चाटूँगा औऱ जबयह झाड़ेगी तौ तुझेही वोँ पीना होगा।
रोहित- उसकेसंग तेरा वीर्य भि चाहिए।
मे- उसकी चिंता मतकरो राज कां वीर्य बहोत गाड़ा हैं तुम्हे वोँ भि पिला देंगे।
राज नें वही रोहित केँ पास मुझे लिटा दिया। औऱ मेरीचुत कों चाटने लगा। मे पहले सें हि बहोत गरम थि जबराज कि जीभलगी तौ मे अपने ऑर्गनिस्म कों रोक नहीं पायी।
मे-
आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी। राज आहिस्ता.
राज- रोहित जल्द सें आओ रश्मि कां सारा पानीपी जाओ.
रोहित मेरेपास आया औऱ मेरीचुत पऱ अपना मुँहलगा दिया औऱ राज नें मेरी चूचियो कों अपनेहाथ मे लें लिया औऱ दबाने लगा।
मे रोहित केँ मुँह मे झड़ गयीँ, औऱ अपना सारा पानी रोहित कों पिला दिया। उसकेबाद राज नें अपना लंड बहार निकल लिया.
राज कां लण्ड 7" लंबा औऱ बहोत मोटा थां। मेरेमुह मे लण्ड कों देखते हि पानी आँ गय़ा।
राज नें लण्ड अपनेहाथ मे लिया औऱ आगे पीछे करनेलगा लकिन उसका वीर्य निकल नहीं पाया। रोहित बोलाराज दोस्त जल्दकर।
राज नें मेरीतरफ देखा औऱ मैनेआगे बढ़कर अपनेहाथ मे राज कां लन्ड लें लिया। मेराहाथ लन्ड पऱ लगते हि राज पुरेजोश मे आँ गय़ा। औऱ बोला रोहित मे आने वाला हूं।
रोहित राज केँ आगे मुहँखोल करबैठ गय़ा राज नें अपना सारा वीर्य रोहित केँ मुहँ मे डाल दिया।.
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इलाज - husn ki pari – New Episode
गतांक सें आगे.
मे वहां सें उठी औऱ अंदररूम मे चली गई,। अब मे सुभह सें दोबार पानी निकाल चुकी थि। तोँ मे बहोत थक गई,। मे सीधेबेड पर्र गई, औऱ सो गई।
तब तक रोहित औऱ राज दोनों ड्राइंग रूम मे बैठेहुए बाते करतेरहे। लगभगदो घंटेबाद दरवाजे कि घंटीबजी तौ मेरी नींदखुल गई,। मे अभि भि बेड पर्र बिलकुल नंगीसो रही थि। मेनेबेड केँ पास अपनी ब्रा औऱ पैंटी कों उठाया औऱ पहन लिया। उसकेबाद मेने एक् लाइट येलो साडी निकली औऱ वोँ पहनली। तभी रोहित अंदरआये.
रोहित- आयेहाय राम क्याँ बात हैं मेरीजान, अब किसको मारने कां इरादा हैं? बहोत हसीनलग रही हौ.
मे- मुस्कुराते हुए- अच्छा, ऐसेकोई बात नहीं हैं। मे तोँ मात्र आपको हि मार सकती हूं।
रोहित- वोँ वेधजी आँ गए हैं, तुम् उनकेलिए गरमचाय बनादो।
इसकेबाद रोहित औऱ राज दोनों ड्रॉइंग रूम मे वेधजी केँ संगबैठ गए। औऱ मे किचिन मे काम करनेचली गई,।
अब स्टोरी राज कि जुबानी सुनिये.
राज (मे) औऱ रोहित ड्रॉइंग रूम मे वेधजी केँ संग बैठेहुए थें। वेधजी कों हमने प्रणाम किया।
वेधजी- रोहित तुमने जिंदगी बुटी केँ बारे मे क्याँ निर्णय लिया हैं?
मे- वेधजी वोँ तोँ रोहित नें शुरुआत भि कर दि। औऱ इन्फेक्ट आज सुभह सें हि स्टार्ट कि हैं।
वेधजी (चोंकते हुए)- अच्छा, तुमने सारा प्रबंध सही सें तोँ कर लिया हैं नाँ? क्योंकि अगर एक् बारयह इलाज शुरुआत कर दियाजाए तौ इसेतब तक बंद नहीं कियाजा सकता, तब तक तुम्हारे शुक्राणु deactive होनेबंद नं हौ जाए।
मे- गुरूजी हमनेयह इलाज शुरुआत तौ कर दिया हैं। लकिन अभि तक हम् इसकेसही नियम सें अवगत नहीं हैं। कृपया हमेइस इलाज कि सही विधिया बताइये।
वेधजी- एक् दम अच्छा सवाल हैं। तुम्हे इस इलाज कि सब विधियों सें ज्ञात होना बहोत जरुरी हैं। इसके बहोत सें नियम हैं जिने मे क्रमशः बताता हूं.
1- जबयह इलाज शुरुआत कियाजाए तौ इसकोतब तक नहीं रोकना चाहिए जब तक तुम्हारे शुक्राणु फिन सें जीवित न् होनेलगे।
2- इस इलाज मे केवल एक् हि शख्स कां वीर्य प्रयोग मे लें। भिन्न भिन्न पुरुषो कां उपयोग करने सें औऱ बीमारियां आँ सकती हें।
3- एक् हि महिला केँ कामरस कां उपयोग करे।
4- औऱ जिंदगी बुटी बनाते वक्तधयन रखे कि वोँ सही मात्रा मे बनरही हैं याँ नहीं। एक् दिन मे कम सें कम एक् बार सेवेन जरूरकरे।
5- आखिरी औऱ सबसे जरुरी बात, रोहित जब तक तुम्हारा यह इलाज चलेगा तुम् न् हि सेक्स करोगे औऱ न् हि अपनेहाथ सें स्पर्म कों निकालोगे।
वेधजी कि यह सारी बाते सुनकर तोँ लगा कि यह इलाज आसानी सें कियाजा सकता हैं मगर मुझे आखिरी बात औऱ हैरानी हुईँ कि रोहित इतनेदिन बिना सेक्स किये केसेरह सकता हैं।
मेरेमन मे एक् ख़ुशी हुईँ कि अब मे रश्मि कों चोदने सें अधिकदूर नहीं हूं। अब तौ रोहित हि मुझे स्वयं रश्मि कि चुत मे लन्ड डालने कों बोलेगा।
रोहित- वेधजी मे यहसब उपाय करूँगा। बस मे जल्द सें ठीक हौ जाऊं।
वेधजी - रोहित तुम्हे यहसभी धयानरहे कि एक् भि दिन जिंदगी बुटी न् छूट पाये।
रोहित - जी वेधजी।
तभी रश्मि गरमचाय लेकर अंदररूम मे दाखिल हुईँ। मे तौ रश्मि कों देखते हुए हि रह गय़ा। दोस्तों शपथ सें रश्मि भाभीअब मुझे पहले सें भि बहोत अधिक प्यारी लगनेलग गई, थि।
लगती भि क्यूं नहीं ? जब सें मे रश्मि केँ लगभगआया थां मुझे उसमेकुछ अपनापन महसूस होता थां। मेने वेधजी कों गरमचाय दि औऱ रोहित कों भि ऑफर किया।
रश्मि गरमचाय देकरचली गई,। तभी रोहित नें वेधजी कों वोँ जिंदगी बुटी दिखाई जोँ हमने सुभह त्यार कि थि।
वेधजी नें उसमे सें एक् चम्मच भरकर बहार निकली औऱ अपनेबैग सें एक् लिक्विड बोटल निकली। फिन वेधजी नें उस जिंदगी बुटी कि क्षमता कों नापने केँ लिए एक् बाउल मांगी।
मे एक् कटोरी लेकेआया। जिसमे वेधजी नें थोडा सां वोँ लिक्विड डाल दिया औऱ फिन जिंदगी बुटी कों उसमेडाल दिया।
वेधजी- अगरयह जिंदगी बुटी 5 मिनट मे गाढ़ी सें पतली होँ गई, तोँ यह जिंदगी बुटी सें तुम्हे ठीक होने मे बहोत वक्तलग जाएगा।
हम् तीनों हि अबउस कटोरी कि तरफ टकटकी लगाए देखेजा रहे थें।
अब 7 मिनट सें भि ऊपर कां वक्त होँ चूका थां लकिन जैसा गाढ़ा पन पहले थां वोँ अभि भि ऐसा हि थां।
वेधजी- रोहित तुम्हे इससे बढ़िया जिंदगी बुटी कहीँ भि नहींमिल सकती हैं तुम् इससे बहोत जल्दठीक होँ जाओगे। इसमें जौ वीर्य औऱ औरतरस मिलाहुआ हैं वोँ दोनों आपस मे बहोत मजबूत हैं औऱ जिससे तुम्हारी बीमारी कों सही होने मे बहोत कम टाइम लगेगा।
ऐसा सुनकर मे औऱ रोहित बहोत खुशहुए। अब वेधजी नें मुझसे बोला कि राज तुम् बहारजाओ मुझे रोहित सें अकेले मे कुछबात करनी हैं।
मुझे शंका हुइ कि ऐसी क्याँ बात हैं जौ वेधजी मेरे सामने नहीं करना चाहते हैं।
खैर मे वहां सें निकलकर सीधे किचिन कि तरफबढ़ गय़ा। मेने अंदर देखा तौ रश्मि कुछकाम कररही थि। मेने पीछे सें रश्मि कों पकड़ लिया औऱ उसकी गर्दन पर्र अपने होटों सें एक् हलकी सि किसकर दि।
मे- क्याँ बात हैं मेरीजान, आज तोँ बहोत हसीनलग रही होँ। चेहरे पऱ बहोत हि रौनक दिखाई देरही हैं।
रश्मि- वोँ तोँ होगी हि नं, जिससे तुम्हे सुख शांति सभी मिले औऱ उसी कां हि प्रेम मिलजाए तौ चेहरे पर्र रौनक स्वयं ब स्वयं आँ जाती हैं जनाब।
मे- क्याँ बात हैं मेरीजान, तुम्हे एक् खुशखबरी सुनाता हूं.।
रश्मि- क्याँ हैं खुशखबरी?
मे- वेधजी नें रोहित कों तुम्हे छूने सें मना किया हैं। जब तक यह इलाज चलेगा।
रश्मि- मतलब?
मे - अरे बाबा वोँ तुम्हारे संग सेक्स नहींकर सकता। जब तक उसका इलाज चलेगा।
रश्मि (दुःखी होतेहुए)- इसमें खुशखबरी क्याँ हें?
मे - बाबा तुम् बुधु हौ। अब मुझे तौ तुम्हारे औऱ अधिक लगभगआने कां मौका मिलेगा।
मेनेआगे सें हाथ लें जाकर रश्मि कि साड़ी केँ ऊपर सें हि उसकीचुत कों दबाने लगा।
रश्मि - अहहह.राज जबजब तुम् येहाथ लगाते होँ कुछकुछ होने लगता हैं।
मे- मेरीजान, मुझे तौ तुम्हारे जिस्म केँ हर हिस्से मे राजराज कों फील करना हैं।
रश्मि नें मुझे मेरीतरफ मुड़कर अपनी बाहों मे कस केँ पकड़ लिया। जिससे उसकी चूचिया मेरी छाती पर्र गढ़ने लगी।
मेने रस्मी केँ होठों कों अपनीजीभ सें चाटना सुरूकर दिया। रश्मि तोँ ऐसे चाटने सें पागल हौ गई, थि। उसकी आँखेबंद होँ गयीँ,। औऱ वोँ अपने आप् कों एक् अलग दुनिया मे फील करनेलगी।
रश्मि- राज तुम् मेरीहर एक् कमजोरी जानते हौ। पता हैं जब किसी स्त्री कों किस करने कि बजाय उसके होटों कों चाटाजाए तोँ उसकेलिए यह बहोत हसीनसमय होते हैं।
मे- रश्मि तुम् हौ हि इतनी सुंदर कि मे तुम्हारे जिस्म केँ हर हिस्से कों चाटचाट कर अपनाबना लूँ।
रश्मि- राज मुझेकिस करो न्।
मेने रश्मि केँ होटों कों अपने होटों मे लेँ लिया औऱ जोरजोर सें चूसने लगा। मेने रश्मि कि कमर पर्र हाथ फिरने शुरुआत करदिए। औऱ पीछे सें उसके ब्लाउज़ औऱ ब्रा कों खोल दिया। अब रश्मि कां पल्लू गिर चूका थां। जिसमे उसके चूचे बाहर् आने कों फड़करहे थें।
रश्मि- अहहहराज आहाहहह.
मेने रश्मि कों ऊपरउठा कर किचिन केँ प्लेटफार्म पऱ बैठा दिया। औऱ उसकी साड़ी कों ऊपर सें नीचे गिरा दिया। अब रश्मि कि चूचिया तनकर मेरे सामने थि। मेने रश्मि केँ ब्लाउज़ औऱ ब्रा कों उतारकर नीचे गिरा दिया औऱ उसके एक् मम्मों कों अपने मुहँ मे लेके चूसने लगा।
रश्मि- आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी। राज औऱ जोर सें चुसो.
मेने रश्मि केँ दोनों चुचो कों अच्छी तरह चूसने लगा। मे हलके हलके निप्पल कों भि काटने लगा। मेरा लन्ड मेरी पैंट मे खड़ा होकर तंबूबना रहा थां।
रश्मि - आहह-आहह आहह-आहह अहहह.राज। राज। चुसो औऱ अच्छी तरहचूस डालो अपनी रानी कों। मुझे अपनाबना लो।
मेंने रश्मि कों प्लेटफार्म पऱ लिटा दिया औऱ रश्मि कि साड़ी कों पूरा उतार दिया। अब रश्मि मात्र एक् येलो पेटीकोट औऱ पैंटी मे थि। मेने रश्मि केँ पेटीकोट कों भि निकल दिया। अब रश्मि केवल औऱ मात्र पैंटी मे थि।
मेने रश्मि कि पैंटी केँ आसपास अपनीजीभ कों निकलकर चाटने लगा। जिससे रश्मि कों औऱ जोशआने लगा। इसबार रश्मि नें स्वयं मेरासर पकड़ा औऱ अपनीचुत केँ ऊपररख दिया। जिससे मेरीजीभ सें रश्मि कि पैंटी गीली हौ गई,।
रश्मि- आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी। राजराज मेंेेई रर
मेरीचुत मे अपनीजीभ कों औऱ अंदर तक डालदो। अहाअहा.
मे- पैंटी निकाल दूँ क्याँ??
रश्मि - हैं निकाल दो.
मेने रश्मि कि पैंटी कों भि उतारकर फेंक दिया। अब रश्मि मात्र औऱ मात्र नंगी थि मेने रश्मि कि चुत पर्र अपना मुँहरखा औऱ उसे चाटने लगा।
मेरा लन्ड मेरी पैंट मे भिचरह थां। जिसे रश्मि नें देख लिया। उसने मुझसे अपनी पैंट औऱ अंडरवियर निकलने कां बोला, जैसे हि मेरा लन्ड बहारआया तौ रश्मि उसे देखते हि रह गयीँ,। उसने मेरे लन्ड कों अपनेहाथ मे लिया औऱ अपनेपास खींच लिया।
मेने रश्मि कों प्लेटफार्म सें नीचे उतारकर नीचे फर्स पर्र लिटा लिया औऱ उसकीचुत कों चाटने लगा। मेने जानबूझ कर अपना लन्ड रश्मि केँ मुहँ कि तरफकर दिया।
मे- रश्मि तुम्हारा मन नहीं करता कि तुम् मेरे लन्ड कों अपने मुहँ मे लेके चुसो।
रश्मि- राज मे इसकी दीवानी हूं मे इससेअब दुरी बर्दास्त नहींकर सकती।
राज- रश्मि इसेलो अपने मुहँ मे। आहह-आहह। आहह-आहह।।।।।
मेने रश्मि कि चुत कों अपने दाँतों सें हलके हलके काटना शुरुआत कर दिया।
रश्मि नें तभी अपनेमुह मे मेरा लन्ड लेँ लिया।
दोस्तों आज पहलीबार किसी केँ मुह मे मेरा लन्ड अंदर तक गय़ा थां मुझे बहोत मज़ा आँ रहा थां।
हम् दोनों 69 कि पोजीशन मे आँ गए थें। 10 मिनट तक हम् दोनों एक् दूसरे कि चुत औऱ लन्ड कों चाटते रहे।
अब मे खड़ा हौ गय़ा, रश्मि मेरे सामने अबबैठ गयीँ,। औऱ मेरे लन्ड कों अपने मुंह मे लें लिया।
रश्मि- अठाठहठह। आहह-आहह। गपगपगप। राज तुम्हारा मोटा लन्ड। ईलवथिस कॉक.
मे- औऱ चुसो अच्छे सें चुसो। अहहह.
मेने रश्मि केँ सर कों पकड़ लिया औऱ उसे मुँह कों चोदने लगा। रश्मि केँ मुहँ मे मेरा 7" कां लन्ड पूरा अंदर नहींजा पारहा थां.
अब मेरा निकलने वाला थां तौ मैने पहले हि रश्मि केँ मुहँ सें लन्ड निकल दिया.
औऱ उसे गोदी मे उठाकर ऊपर प्लेटफार्म पर्र बैठा दिया। मेने रश्मि सें बोला--आज मे तुम्हे एक् नयामजा देने वाला हूं.
वोँ बोलीं - क्याँ??
मेने रश्मि कि चुत केँ दाने कों अपनेहाथ सें रगड़ते हुए उसकी एक् मम्मों कों काट लिया.
रश्मि इस हमले सें सजधजकर नहीं थि
रश्मि--आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.
मेने रश्मि कि चुत सें हाथ हटाते हुए उसके दाने पर्र अपना लन्ड रख दिया औऱ उसकेचुत केँ दाने कों रगड़ने लगा.
रश्मि तोँ औऱ ज़्यादा पागल हौ गयीँ, थि उसने मुझेजोर सें पकड़ लिया औऱ बोलि
रश्मि--आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी। राज मेंेेई रर
राज मेरीचुत मे अपना लन्ड डालदो औऱ बनालो मुझे अपना.
मे रश्मि कि चुत पऱ अपना लन्ड औऱ जोर सें रगड़ने लगा। रश्मि बोलि मे आने वाली हूं.
रश्मि-आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.
मे झड़रही राज.
मे- रश्मि मे भि आने वाला हूं.
इतने मे हि रोहित रूम मे आँ गय़ा। रोहित नें अंदर कां नजारा देखा तौ उसकीनजर देखती हि रह गई,। रश्मि नें मेरेगले मे अपनी बाँहें डालली औऱ अपनीचुत सें पानी निकलने लगी.
रश्मि- आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.आहआहआहआहआह.आहआहआहआहआह.ईईईईईईईईईई.हहहहह.ऊऊऊऊऊऊऊऊ.सससीईईसीसीईसीसीसी.
मे भि ज़्यादा देर नहीं रुक पाया मेरे लन्ड पऱ गरमगरम पानी लगने सें मे भि छूट गय़ा। हम् दोनों एक् संगझड़ रहे थें। हम् दोनों कि आँखेबंद हौ गयीँ, थि।।
कुछदेर बाद मेरी आँखे खुली औऱ जोँ मेने देखाटी मेरी आँखेफटी रह गयीँ,.
रोहित नें मेरे लन्ड औऱ रश्मि कि चुत केँ नीचे एक् कटोरी लगाली थि जिसमे हम् दोनों झड़रहे थें. उसकेबाद मुझे धयानआया कि यह रोहित नें सही किया नहीं तोँ बेकार जाता.
अभि भि मेरे लन्ड पऱ बहोत सारा वीर्य औऱ चुतरस लगाहुआ थां। मेने रश्मि कि तरफ देखा औऱ इशारा किया.
रश्मि अपने पति केँ सामने नीचे झुकी औऱ मेरा लन्ड मुह मे लेकेसाफ करनेलगी। औऱ सारासाफ करकर रोहित कि कटोरी मे कर दिया।
तभी वेधजी कि आवाज़ आई औऱ वोँ बोले रोहित जल्दआओ.
मेने देखा रश्मि तौ बिलकुल नंगी हैं। मेने रश्मि कों अपनीटी शर्ट पहनाई औऱ उसे नीचे केवल एक् लोअरपहन लिया। मेने रश्मि कों रोहित केँ सामने एक् किस किया औऱ अपनी गोदी मे उठाकर बैडरूम मे लेँ गय़ा।
औऱ रोहित बहार वेधजी केँ पास आँ गय़ा।
मस्तजा रहे हौ यार अगले एपसोड कां इंतजार रहेगा
nice update
Mast update..... Mitra
Waiting next
nice update bhay ji
मस्तजा रहे होँ मित्र अगले एपसोड कां इंतजार रहेगा
इलाज - husn ki pari – New Episode
गतांक सें आगे.
रोहित जब ड्रॉइंग रूम मे पहुंचा तौ वेधजी जाने वाले थें। रोहित नें वेधजी सें पूछा कि वेधजी अब मुझेआगे क्याँ करना चाहिए (दोस्तों रोहित औऱ वेधजी केँ बीचकुछ बातें हुईँ थि जब हम् सभीराज औऱ रश्मि केँ संग किचिन मे व्यस्त थें)
वेधजी बोले- देखो रोहित जैसा तुमने मुझे बताया हैं औऱ जौ तुम् निर्णय लेना चाहते होँ वोँ तुम्हारे लिए हि लाभदायक हैं। औऱ अगरऐसा नहीं करोगे तोँ तुम् अपनी जीवन ख़राब करने केँ संगसंग दो औऱ लोगो कि जीवन भि बर्बाद कर दोगे।
रोहित- जी वेधजी अब मेने निर्णय कर लिया हैं। अब मे पीछे नहीं हटूंगा औऱ जोँ इस विधि द्वारा हौ रहा हैं मे उसकेबिच मे नहीं आऊंगा।
वेधजी- जैसा तुम्हे उचितलगे वही करना। अब मेरा चलने कां समय होँ रहा हैं।
वेधजी नें ड्रॉइंग रूम सें प्रस्थान किया। उसकेबाद रोहित वहीं सोफे पर्र बैठाहुआ बहोत वक़्त तक सोचता रहा। इधर मे रश्मि केँ संगबेड औऱ लेताहुआ थां। रश्मि मेरी बाहों मे अपने जिंदगी कां परमसुख व्यतीत कररही थि। रश्मि बारबार मेरेफेस कों अपने लगभग लेकर मेरे होटों कों किसकर रही थि।
रश्मि- राज तुमने मुझे अपने प्रेम मे इसकदर अपना लिया हैं। मे अबदिन रात तुम्हारे केवल तुम्हारे बारे मे सोचती रहती हूं।
मे- मेरीजान तुम् मात्र औऱ मात्र मेरी होँ। औऱ मे भि तुमसे बहोत बहोत प्रेम करता हूं।
रश्मि- राज पिछले दो दिनों मे तुमने मेरी जीवन कों बदल सां दिया हैं। पता नहींइन दो दिनों मे तुम्हारे इतने लगभग आँ गई, हूं कि मुझे लगता हैं कि मे औऱ तुम् सातजनम सें एक् संग थें। राजअब मे तुम्हारे लिए इतनी पागल होँ गई, हूं कि मुझे रोहित केँ सामने भि तुम्हारी बाँहों मे ऐसे पड़े रहने सें भि कोई दिक्कत नहीं हैं।
राज- रश्मि तुम्हे कैसालग रहा थां जब मे रोहित केँ सामने तुम्हारी चुतचाट रहा थां? तुम्हारी भावनाये केसे आँ रही थि?
रश्मि- राज मे बता नहीं सकती हूं। पता हैं जबजब तुम् मुझे रोहित केँ सामने ऐसेकिस करते होँ याँ फिन मेरीचुत चाटते होँ तोँ मुझे औऱ ज़्यादा मज़ाआता हैं। ऐसा लगता हैं कि मे तुमसे रोहित केँ सामने हि चुद जाऊं।
ऐसा बोलकर रश्मि नें मुझे औऱ ज़्यादा कसकरभिच लिया औऱ मेरी छाती कों अपनीजीभ सें चाटने लगी.तभी रश्मि नें अपना एक् हाथ नीचे लेँ जाकर मेरे लन्ड कों पकड़ लिया। जोँ रश्मि केँ पकड़ने सें टाइट होनेलगा।
रश्मि अपनेहाथ कों मेरे लन्ड पर्र हलके हलके मसलने लगी। मेने भि रश्मि कि दोनों चूचियो कों अपनेहाथ मे लेकर मसलने लगा। औऱ रश्मि केँ हॉट कों अपनीजीभ सें किस करनेलगा।
तभीरूम पऱ एक् दस्तक हुईँ.
रोहित- रश्मि रश्मि.
रश्मि तोँ मेरे लन्ड कों पकडे हुईँ थि औऱ उसकेहोठ मेरेहोठ मे थें जिससे वोँ बोल भि नहींपा रही थि। रोहित धीरे-धीरे धीरे-धीरे हमारे लगभग आँ गय़ा। मेने रश्मि कि चूचिया पऱ सें अपनाहाथ हटा लिया औऱ उसेकिस करना भि बंदकर दिया।
रोहित - रश्मि तुमसे औऱ राज सें मुझेकुछ जरुरी बात करनी हैं तुम् दोनों मेरेसंग ड्रॉइंग रूम मे चलो.।
मे- रोहित क्याँ हुआ??ऐसी क्याँ बात हैं जिसको लेकर तुम् बहोत परेशान हौ??
मे रोहित सें ऐसे हि लेटेहुए बातकर रहातब तभी अंदर सें रश्मि नें मेराहाथ पकड़ा औऱ अपनीचुत केँ ऊपर लेँ जाके रगड़ने लगी। जबकि रोहित मेरे सामने खड़ाहुआ थां। मेने रश्मि कों बोला कि चलो बहार चलकर पहले रोहित कि बात सुनते हैं।
फिन हम् तीनों बहार आँ गए.
रश्मि कि आँखों मे अभि भि मेरेलिए वासना भरी हुई थि। वोँ अबसभी कुछभूल कर केवल चुदना चाहती थि। हम् तीनो आकार ड्रॉइंग रूम मे बैतःगये.
रोहित- देखोराज, अब जोँ हालात हैं हमें उन्हें समझते हुएआगे बढ़ना होगा। तुम् दोनों मेरीइस बीमारी केँ बारे मे अच्छे सें जानते हौ। औऱ अबइसे ठीक करना तुम् दोनों केँ हाथ मे हि हें।
मे- रोहित जोँ भि बात हैं, जिसकी वजह सें तुम् परेशान होँ खुलकर बताओबात क्याँ हैं?
रश्मि- रोहित क्याँ हुआ तुम् इतने दुःखी क्यूं होँ रहे होँ। जोँ भि बात हैं तुम् खुलकर बताओ.
रोहित- राजजब सें मुझे मेरी बीमारी केँ बारे मे पतालगा हैं मे अंदर सें टूट गय़ा हूं औऱ आज मेने वेधजी सें भि सलाहली हैं। अब जौ बात हैं तुम् दोनों धयान सें सुनो.
रोहित- राज मे अबयह चाहता हूं कि रश्मि मुझसे तलाक लें लेँ औऱ उसकेबाद तुम् रश्मि सें विवाह करलो। जिस सें तुम् दोनों कों मे फाॅर्स भि नईक्र पाऊंगा कि तुम् मुझे जिंदगी बुटीबना करदो। उसकेबाद जब तुम् दोनों पति पत्नि कि तरह रहोगे तोँ मुझेयह जिंदगी बुटी आसानी सें मिल जायेगी।
औऱ सबसे बड़ी समस्या यह हैं कि रश्मि कि जब सें विवाह हुइ हैं मे उसे पति कां सुखदे हि नहीं पाया हूं। जिसकी वोँ हक़दार हैं रश्मि भि चाहती हैं कि उसकी सुहागरात हौ.
राज मे यह जनताहु कि यह मुमकिन नहीं हैं मगर इसके सिवाय कोई मार्ग भि नहीं हैं।
रश्मि- रोहित तुम् पागल हौ गए हौ यह क्याँ बोलरहे होँ?? ( रश्मि मन हि मन मे बहोत खुश होतेहुए.)
मे - रोहित यहसही नहीं हैं। समाज क्याँ कहेगा औऱ फिन हम् तीनों एक् दूसरे सें केसे मुहँ मिला पाएंगे??
रोहित- राज अच्छा एक् बात बताओ। रश्मि मेरी पत्नि होतेहुए तुम् सें चुदजाए तोँ समाज मे तब बदनामी नहीं होगी। ??? औऱ रश्मि कि उन फीलिंग्स कां क्याँ ? जोँ कल तुम् दोनों एक् दूसरे सें कररहे थें??
रोहित बोलते हुए-- देखोराज, तुम् मुझसे भि समझदार होँ, औऱ तुम् अच्छी तरह जानते हौ कि रश्मि कों अबकिस चीज कि सबसे ज़्यादा जरुरत हैं??
रोहित कि बात सुनकर मे शॉक मे आँ गय़ा। मुझेकुछ समझ मे नहीं आँ रहा थां कि अब मे क्याँ करूँ?
मेने रोहित सें टाइम माँगा औऱ उसकेघऱ सें निकलकर सीधे अपनेघऱ आँ गय़ा।
अबसाम केँ 7 बजने वाले थें औऱ रोहित मुझे 3-4 फोनकर चुका थां लकिन मे कुछ निर्णय नहीं लेँ पारहा थां।
मे अपनेघऱ सें बहार निकलकर सामने पार्क मे चला गय़ा औऱ कुछ अच्छा निर्णय लेने केँ बारे मे सोचने लगा। लकिन मुझेकुछ समझ नहीं आँ रहा थां कि मे क्याँ निर्णय लूँ??
कहते हैं नं कि जब सारे रास्ते बंद होनेलग जाए तौ एक् खिड़की खुलीरह जाती हैं। ऐसा हि कुछहुआ मेरेसंग.
वहां पार्क मे महाभारत कि कथा पर्र एक् नाटकचल रहा थां। जब अर्जुन द्रोपदी कों स्वयंवर सें जीतकर लाता हैं तोँ उसकी माता कहती हैं कि तुम् पांचों भइयाइसे आपस मे बाँटलो.
उसेदेख कर मेरा दिमाग़ कुछ औऱ हि सोचने लग गय़ा।
अबरात केँ 9 बजगए थें। मे रोहित केँ घऱ पहुच गय़ा।
रोहित- राज दोस्त कहां गायब होँ गय़ा थां तुँ ? इतनेकॉल आई कियेकोई रेस्पांस भि नहीं दिया?? क्याँ हुआ तूँ ठीक तोँ हैं नं??
मे- मेरे भइया मे एक् दमठीक हूं औऱ एक् संग इतने सारे प्रश्न मत पूछाकर भइया। चल खानां खाते हैं बहोत तेजभूक लगी हैं।
रोहित बोलाचल आज तेरी टेंशन कों कम करता हूं। औऱ खानां बाद मे खाएंगे.
रोहित नें एक् रेड वाइन कि बोत्तेल निकली औऱ हम् दोनों ड्रॉइंग रूम मे बैठगए। वैसे हम् दोनों पीते नहीं थें लकिनकभी कभीजब गम अधिक हि हौ पीनापड़ जाता हैं.
"दारू हि वोँ दवा हैं जिसके सामने हर मर्ज झुका हैं"
हम् दोनों मे एक् एक् पग बनाया तभी रश्मि वहीरूम मे आँ गयीँ,। मेने रश्मि सें बोला कि रश्मि तुम् भि आओ औऱ हमारी महफ़िल मे शामिल हौ जाओ.
रश्मि- राज मेनेआज तक कभी पिया नहीं हैं तों मे आप् लोगों केँ संगसहज नहीं हौ पाऊंगी।
रोहित- आओ बैठो यहां। हमारी दोनों दोस्तों कि महफ़िल ऐसीजमी हैं कि आज भि हम् जब भि अपनेदिन याद करते हैं तोँ खो जाते हैं। अब तुम् भि इसका एक् हिस्सा होँ.
मेनेतीन पेग बनाये रश्मि कां थोडा लाइट बनाया क्योंकि वोँ अभि पहलीबार पीरही थि.
रश्मि- इईईई.यह तौ बहोत कड़वा हैं। मेने रश्मि कों बोलाबस एक् घूंट हि कड़वा लगेगा उसकेबाद इससे अच्छी चीजकोई नहीं हैं।
हम् तीनों नें एक् एक् पेग ख़त्म कर लिया। औऱ रश्मि कों तोँ एक् पेग मे हि चढ़ गई उसकासर घूमने लगा।
रश्मि जैसे हि खड़ी हुई तोँ मेरीतरफ झुक गई, औऱ मेरी गोदी मे गिर गई,। मेने रश्मि कों सही सें बिठाया तौ वोँ नशे मे बोलने लगीराज मुझे तुम्हारी गोदी मे बैठना हैं। मेने रोहित कि तरफ देखा तौ रोहित बोल-राज बिठा लेँ रश्मि कों जब वोँ इतनीजिद कररही हैं।
मेने रश्मि कों अपनी गोदी मे सही सें बिठा लिया। रश्मि केँ मेरी गोदी मे बैठते हि मेरा लन्ड खड़ा होँ गय़ा। मेने रश्मि कि कमर कों हल्का सां पकड़ा औऱ ऊपर उठाया फिन नीचे अपना लन्ड सही किया औऱ रश्मि कों बिठा लिया। अब रश्मि केँ दोनों चूतड़ केँ बीच मे मेरा लन्ड फंसाहुआ थां।
रश्मि नें नीचे एक् लोअर पहनाहुआ थां औऱ ऊपर एक् टीशर्ट थि। मेने रोहित सें बोला- रोहित एक् एक् पेग औऱ होँ जाए।
रोहित - हाँ क्यूं नहीं?
मेनेइस बार रोहित कि नजरों सें बचतेहुए रोहित कां पेग थोडा लार्ज बना दिया। मेने अपनेपेग कों रश्मि केँ मुहँ केँ पास लेँ जाकरउसे पिलाया औऱ उसकेबाद उसी मे सें मैंने पिया।
"एक् पति केँ सामने उसकी पत्नि उसकेयार कि गोदी मे बैठ केँ एक् हि गिलास सें वाइनपिए" दोस्ती औऱ पत्नि हर किसी कि ऐसी हि होनी चाहिए।
अब मैंने रोहित औऱ रश्मि सें बात करनाठीक समझा.
मे- रोहित तूने मुझसे साम बोला थां कि तूँ रश्मि सें विवाह कर लेँ।
रोहित - हाँ बोला थां, बता क्याँ सोचा हैं तूने?
मे- देख मे रश्मि सें विवाह करूँगा लकिन एक् शर्त पर्र.
रोहित- क्याँ?
मे- तूँ रश्मि कों तलाक नहीं देगा। रश्मि हम् दोनों कि पत्नि रहेगी। मे भि अबइसी घऱ मे शिफ्ट हौ जाऊँगा। देख रश्मि घऱ मे मेरी पत्नि रहेगी औऱ दुनिया वालो केँ लिए केवल तेरी पत्नि होगी.अगर मेरीबात सें सहमत हैं तौ बता??
इलाज - husn ki pari - Continue reading next part
जल्द हि आपकोभाग मिलेंगी । कुछ विपरीत परिस्थितियों केँ कारण एपसोड नहींदे पाया।
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