भोसड़ा बना दो फाड़ के - faulaadi lund - Complete Kahani Part 1
भोसड़ा बनादो फाड़ केँ
हेल्लो मेरानाम जग्गू हैं औऱ मे यह नहि बताऊंगा कि कहां सें हूं | हाँ पऱ मे अपनी उम्रबता सकता हूं कि मे 28 साल कां जवान मुस्टंडा लौंडा हूं | मेरे अच्छे दिखने कि खूबी सें मैंने कई भाभी कों, कई आंटी कों, औऱ कई लड़कियों कों पटाया हैं | एक् बात औऱ मैंने बस पटाया हि नहि बल्कि उनकी बुर औऱ गांड दोनों चोदी हैं अपने फौलादी लन्ड सें | मे आप् लोगो कां अधिक वक्त बरबाद नहीं करूँगा औऱ नाँ हि कोई स्टोरी लिखने मे यहाआया हूं | बल्कि मै आप् लोगो कों अपनी चुदाई बताने आया हूं | मुझे सेक्सी कहानिया लिखी हें पऱ कभीइस साइट केँ जरिये नहि कि | तौ मैंने सोचा कि क्यूं न् आप् लोगो कों बताऊ कि मैंने किसकिस कों केसे केसे चुदाई कि हैं | तौ आओ चलते हें चुदाई कि दुनिया मे |
बात शुरुआत होती हैं तब सें जब मे विद्यालय मे 12वी कक्षा मे थां | तब मेरी एक् सेटिंग हुआ करती थि नगमा | जिसका फिगरआये ओहयाद करते हि मुंह मे पानी आँ जाता हैं | उसकी पहली चुदाई मैंने केसे कि बताता हूं | हमारे विद्यालय केँ पीछे एक् जंगलहुआ करता थां जिसके आगे साइकिल स्टैंड थां | वहां पर्र कोई नहि जाता थां बस अपने अपने साइकिल औऱ बाइक्स रखने औऱ लेनेबस जा सकते थें | मैंने नगमा कों दोपहर का खाना मे हि कह दिया थां कि मे तुम्हे चोदना चाहता हूं | मेरा बहोत मनकररहा हैं तुम्हे चोदने कां | तोँ उसने बोला कि केसे चोदोगे औऱ कहां चोदोगे ? परसों हि तौ तुमने चोदा थां नं | तोँ मैंने कहा कि हाँ पर्र मनकररहा हैं दोस्त बहोत | एक् काम करना तुम् गेम्स केँ पीरियड मे मुझे साइकिल स्टैंड केँ पीछे मिलना | उसदिन मंगलवार कां दिन थां औऱ उसदिन जब हमारा गेम्स कां पीरियड होता थां वोँ भि 40 मिनट कां, तब किसी औऱ कां नहि होता थां बस प्राइमरी वाले बच्चो कों छोड़कर |
जब हमारा गेम्स कां पीरियड हुआ तौ मैंने टॉयलेट कां बहाने बताकर टॉयलेट चला गय़ा औऱ उसने भि ऐसा हि कि थि | उसकेबाद हम् दोनों चुपके सें वहां पऱ मिले | मिलते हि मैंने नगमा कों अपनी बाँही मे पकड लिया औऱ उसे चूमेलगा वोँ भि मुझेचूम रही थि | मै चूमते चूमते उसकेदूध कों भि मसलरहा थां | फिन मैंने उसकी शर्ट केँ बटनखोल दिए औऱ ब्रा कों ऊपर करतेहुए उसकेदूध पीनेलगा तौ नगमा आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करनेलगी | नगमा कों भि मज़ा आँ रहा थां तौ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए मेरेबाल सहलारही थि | नगमा केँ दूध इतने बड़े थें उस वक्त पे कि आसानी सें मेरे पूरे हाँथ मे समा जाते थें | नगमा केँ दूध पीने केँ बाद मैंने अपना लौड़ा निकाल लिया उसके सामने जौ कि नगमा कि बुर मारने केँ लिए एक् दम बेताब हुआजा रहा थां | अब नगमा नीचेबैठ केँ मेरे लन्ड कों अच्छे सें जीभ सें चाटने लगी औऱ मे आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररहा थां | जब मेरा लन्ड उसने अच्छे सें चाटचाट केँ गीलाकर दिया | उसकेबाद वोँ मेरे लन्ड कों अपने मुंह मे भरकरजोर जोर सें चूसने लगीआगे पीछे करतेहुए औऱ मे आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररहा थां | मुझसे रहा नहि जारहा थां तौ मैंने नगमा कों पेड़ केँ सहारे टिका दिया औऱ उसकी स्कर्ट ऊपरउठा केँ पेंटी नीचे खिसका दिया थां | अब मे एक् हाँथ सें उसकी स्कर्ट कों पकडेहुए थां औऱ नगमा मेरे लन्ड कों अपनी बुर केँ छेद सें मिलारही थि फिनजब उसनेछेद केँ पासरख दिया मेरा लन्ड तौ मैंने सीधा उसकी बुर केँ अन्दर घुसेड दिया | अब मे नगमा कों जोरजोर सें चोदने लगा औऱ नगमा मस्ती मे आँ कर आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करनेलगी | हम् दोनों अपनी चुदाई मे मस्त थें कि पता नहि कहां सें ऋचा मैडम आँ गयीँ, औऱ उन्होंने मुझे चुदाई करतेहुए देख लिया | औऱ जब मे उनके सामने चुदाई बंद करके खड़ाहुआ तोँ मेरामाल उनके सामने हि नीचेढेर सारा निकलने लगाथा | मे देखरहा थां कि मैडम कि नजरे मेरे फौलादी लन्ड मे हि हें पऱ मे चुपरहा |
मैडम नें नगमा कों कहा कि तुम् अपने आप् कों ठीककरो औऱ क्लास मे जाओ औऱ अगरकोई भि पूछे कि जग्गू कहां हैं ? तोँ कह देना कि प्रिंसिपल रूम मे ऋचा मैडम लेँ गई, हें | फिन वोँ चली गयीँ, | वैसे दोस्तों, ऋचा मैडम एक् जवान शादीशुदा टीचर थि जौ कि प्राइमरी विंग वालो कों पढ़ाती थि | वोँ दिखने मे गोरी थि औऱ फिगर भि एक् दम परफेक्ट थां जैसे किसी मॉडल कां होता हैं | वोँ मुझे प्रिंसिपल रूम मे नाँ लें जाकर फर्स्ट क्लास मे लें गयीँ, जहाँ उनका पीरियड थां | वोँ बच्चो कों इंग्लिश पढ़ाती थि | उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम् यहसभी क्याँ कररहे थें वहां ? तोँ मैंने मैडम सें कहा कि सॉरी मैडम गलती होँ गयीँ, ! तोँ उन्होंने फिनकहा कि देखो बेटा माना कि अभि तुम्हारी उम्र हैं पऱ इसकायह मतलब नहि हैं कि कहीं भि तुम् शुरुआत होँ जाओ | समझे नां ! अगर करना हि हैं तौ बंद कमरे मे करो अधिक अच्छा लगेगा | वोँ मुझे बहोत अच्छे सें समझारही थि | फिन मैंने मैडम सें माफ़ी मांगते हुएकहा कि मैडम क्याँ अब मे जा सकता हूं ? तौ उन्होंने कहा कि हाँ तुम् चलेजाओ औऱ सुनो तुमसे कुछबात करनी हैं अपना नंबर देतेजाओ | तौ मैंने मैडम कों अपना नंबरदे दिया थां | उसकेबाद मे अपनी क्लास मे गय़ा तोँ नगमा नें इशारो इशारो मे पूछा कि क्याँ हुआकोई दिक्कत तोँ नहि होगी न् ? तोँ मैंने भि इशारो मे जवाब दिया कि नहि कोई दिक्कत नहि होगीसभी ठीक हैं | तबजा केँ उसको थोडा अच्छा लगा |
विद्यालय छूटने केँ बादफिन मैघऱ आँ गय़ा थां | साम केँ वक्त 6 बजे सें मेरी कोचिंग रहती थि तोँ मे वहा जाता थां | मे रस्ते मे हि थां कि मुझे फ़ोनआया तोँ मैंने पूछा हांजी आप् कौन ? तौ उन्होंने कहा कि मे तुम्हारी ऋचा मैडम हूं | तोँ मैंने कहाहाँ मैडम बोलिए कुछकाम थां क्याँ ? तोँ उन्होंने जवाब दिया कि हाँकाम तोँ थां | तुम् मेरेघऱ आँ सकते हौ क्याँ ? तोँ मैंने कहाठीक हैं मैडम मे आता हूं |
जब मे उनकेघऱ गय़ा तोँ मैडम नें बहोत हसीन सां गाउन पहनेहुए थि बहोत सेक्सी लगरही थि मैडम | फिन हम् दोनों सोफे पर्र बैठगये औऱ तब मैंने उनसे पूछाहाँ मैडम बोलिए क्याँ काम थां आपको मुझसे ? तौ उन्होंने बताया कि मेरी विवाह कों 5 साल होँ चुके हें औऱ अब तक मुझे एक् भि बच्चा नहि हुआ हैं | तौ मैंने वजह पूछीतब उन्होंने बताया कि मेरे पति कां लन्ड छोटा हैं औऱ उनका स्पर्म भि उतनी मात्रा मे नहीं निकलता जितना एक् बच्चा होने केँ लिए जरुरी हौ | मुझेयह सभीसुन कर बहोत दुःखहुआ औऱ ख़ुशी भि | क्यूंकि मे यह बहोत अच्छे सें समझ चुका थि मैडम मुझे चुदवा कर अपनी बुर कि प्यास बुझाना चाहती हें औऱ हौ सकता हैं शायदयह मुझसे बच्चे केँ लिए भि कहे | फिन मैंने मैडम सें पूछा कि तौ मैडम इसमें मे क्याँ कर सकता हूं ? मे कोईडॉ। तौ हूं नहि कि आपके पति कां इलाजकर सकू (जैसा मैंने सोचा थां बिलकुल वैसा हि हुआ ) | मैडम नें मुझसे कहा कि देखो मुझे तुम् गलतमत समझना | मैंने चुदाई केँ समय तुम्हारा लन्ड देखा थि जोँ बहोत लम्बा औऱ मोटा हैं | जब उसमे सें तुम्हारी धात निकली थि मे यह सोचने लगी थि कि काशयह मेरी बुर मे निकलता तोँ मे एक् मां कां सुख प्राप्त कर पाती |
मैंने मैडम सें कहा कि तौ मैंने मैडम सें फिन पूछा कि आप् मुझसे सेक्स चाहती हें ? तौ उन्होंने कहाहाँ देखो प्लीज मुझेगलत मत समझना औऱ मनामत करना प्लीज जग्गू | मे तौ हरदम चोदने केँ लिए रेडी रहता हूं तौ मैंने मैडम सें कहाहाँ मैडम मे आपकेसंग सेक्स करने केँ लिए तैयार हूं | उसकेबाद मे उठकर मैडम केँ पास गय़ा औऱ अपने होंठ उनके होंठ मे रखकर चूसने लगा उनके मोटे मोटे होंठ कों | वोँ भि मेरासंग बहोत अच्छे सें मेरासंग देरही थि औऱ मेरे होंठ केँ संग मेरीजीभ कों चूसरही थि | मुझे उनकाऐसा करना अच्छा लगरहा थां औऱ मे भि उनकीजीभ कों चूसरहा थां | 10 मिनट तक हम् दोनों नें खूबकिस किये | अब मैंने उनका गाउन उतार दिया थां | वोँ अन्दर सें पूरी नंगी थि उन्होंने ब्रा औऱ पेंटी कुछ भि नहि पहनी थि | मे उनके मस्त बड़े बड़ेदूध कों हाँथ मे लेँ कर दबाने लगाजोर जोर सें औऱ वोँ गर्म गर्म साँसे भरतेहुए आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररही थि |
फिन मे उनकेदूध कों पीनेलगा औऱ निप्पल्स कों होंठो मे दबाकर खींच खींच केँ चूसरहा थां औऱ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररही थि | उन्हें बहोत अच्छा लगरहा थां | अब मे उनके दोनों दूध कों मसलमसल केँ जोरजोर सें चूसेजा रहा थां औऱ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेजा रही थि | उन्होंने कहा कि सुनोयह सभीमत करो सीधा मुझेचोद दो न् ! तौ मैंने कहाअरे मैडमअब मात्र चुदाई करने मे मज़ा नहि आता हैं जब बॉडी गर्म होँ औऱ अन्दर दिलजोर जोर सें धड़करहा होँ तब आनंदआता हैं चुदाई करने मे | इतनाबोल केँ मैंने उन्हें सोफे मे हि लेटा दिया औऱ उनकी टाँगे ऊपरकर दिया औऱ फैला दिया | अब मे उनकी बुर मे ऊँगली डालकर चुदाई करनेलगा औऱ वोँ जोरजोर सें आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए मचलरही थि | ऊँगली सें चोदते हुए उनकी बुर कों चाटने लगा औऱ वोँ मदमस्त हौ कर आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करनेलगी थि |
उसकेबाद मैंने अपना पेन्ट औऱ शर्ट उतार दिया औऱ फिन अपनी अंडरवियर भि उतार केँ एक् दम नंगा उसके सामने खड़ा होँ गय़ा | अब वोँ मेरे फनफनाते लन्ड कों पकड केँ चाटने लगी औऱ मेरे लन्ड मे थूकथूक कर हिलाते जारही थि | अब वोँ मेरे लौड़े कों अच्छे सें गीला करतेहुए चाटरही थि औऱ मे आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररहा थां |
अब वोँ मेरे लन्ड कों अच्छे सें चाटने केँ बाद अपने मुंह मे लें कर चूसने लगीजोर जोर सें औऱ मे मस्त होँ कर आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए सिस्कारिया लें रहा थां | जब उसने मेरा लन्ड अच्छे सें चूस लिया | तोँ मैंने उसे सोफे पर्र हि घोड़ी बना दिया थां औऱ फिन पीछे सें अपना लन्ड डालने कि कोशिश करनेलगा | उसकी बुर बहोत अधिक टाइट थि जिसवजह सें मेरा लन्ड नहि घुसपा रहा थां | फिन मैंने उनसेतेल मंगवाया औऱ उनकी बुर मे तेल सें अच्छे सें मल दिया औऱ अपने लन्ड मे भि खूब सारातेल लगा लिया | मैंने उनसेकहा कि मेरा लन्ड मोटा हैं औऱ लम्बा हैं आपको दर्द होगा | तोँ उन्होंने कहा कि अब होनेदो दर्द मे बस चुदवाना चाहती हूं | एक् बड़ा औऱ मोटा लन्ड कैसा होता हैं मे जानना चाहती हूं | फिन मैंने उनकी टाँगे चौड़ी कि औऱ उनकी बुर केँ दरवाजे पऱ अपना लन्ड टिका केँ एक् हि झटके मे घुसेड दिया लन्ड | वोँ चिल्लाने लगीजोर जोर सें पऱ एक् बार भि नहि कहा कि अपना लन्ड बाहर् निकालो दर्द होँ रहा हैं | अब मे जोरजोर सें उनकी बुर चोदने लगा औऱ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए चुदवा रही थि | वोँ मुझसे कहरही थि कि औऱ चोदो मुझेजोर जोर सें चोदो फाड़दो मेरी बुर कों |
पूरीदम लगा केँ चोदो मेरी बुर आज इसका भोसड़ा बनादो फाड़ केँ | मे भि उत्तेजित होँ गय़ा थां बहोत ज़्यादा औऱ जोरजोर सें झटकेमार मार केँ चोदने लगा | अब वोँ भि मेरासंग देनेलगी थि औऱ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ सें सिस्कारिया लें रही थि | मे उसेहर एक् पोजीशन मे चोदरहा थां औऱ वोँ अपनी गांडउठा उठा केँ मुझसे चुदवाते हुए आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररही थि | लगभग 45 मिनट चोदने केँ बाद मैंने अपनामाल उनकी बुर मे हि झड़ा दिया थां औऱ फिनलेट गय़ा थां वहीँ उनके बाजू मे | उन्होंने मुझसे कहा कि तुम् बहोत अच्छी चुदाई करते होँ | मैंने उन्हें थैंकयू कहा तौ उन्होंने मेरे होंठफिन सें चूमलिए | 20 मिनट केँ बाद मेरा लन्ड फिन सें खड़ा हौ गय़ा थां | उन्होंने कहा कि इतनीदेर चुदाई करने केँ बाद भि तुम्हारा लन्ड फिन सें तन गय़ा | तौ मैंने उनसेकहा हाँजान मेरा लन्ड तोँ ऐसा हि हैं |
भोसड़ा बना दो फाड़ के - faulaadi lund – New Episode
उसकेबाद उन्होंने मेरा लन्ड फिन चूसना औऱ चाटना शुरुआत कर दिया | वोँ फिन सें मेरे लन्ड कों जोरजोर सें चूसने लगी औऱ मे आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करनेलगा | मैंने उनसेकहा कि मुझे आपकी गांड भि भि चोदना हैं | तोँ उन्होंने कहा कि मैने अपनी गांडकभी नहि चुदवाई हैं | मैंने बोला कि आपकी बुर तौ चुद केँ भि टाइट थि आखिर असली लन्ड कां मज़ा लेँ हि लिया नं आपकी बुर नें | तोँ उन्होंने कहाठीक हैं चोदलो | अब मे उनकी गांड कों चटाने लगा औऱ गीला करनेलगा ताकि उनकी गांड थोड़ी ढीली होँ जाये | मे उनकी गांड मे ऊँगली डालते हुएचोद रहा थां औऱ चाटरहा थां औऱ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररही थि | लगभग 15 मिनट तक मैंने उनकी गांड ऊँगली सें चोदा औऱ चाटा | फिन मैंने जोर लगाते हुए उनकी गांड मे अपना पूरा लन्ड डाल दिया औऱ वोँ चीखते हुएआगे होनेलगी | मैंने जल्दी हि उनकीकमर पकड़ लिया औऱ जोरजोर सें चोदने लगा | कुछदेर बाद उन्हें भि आनंदआने लगा थां औऱ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करनेलगी | मे जोरजोर सें उनकी गांडचोद रहा थां औऱ वोँ जोरजोर सें आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए आन्हे भररही थि | उसकेबाद मैंने उनकी गांड मे हि अपनामाल गिरा दिया थां |
उनकी चुदाई करने केँ बाद मुझे बहोत अच्छा लगरहा थां | अब मे मैडम कों रोज चोदने लगा | कभीकभी तौ मैंने मैडम केँ घऱ मे नगमा कों लें जाकर भि चोदता थां | कईबार मैडम औऱ नगमा कों संग मे मैंने चोदा |
मेरी औऱ ऋचा मैडम कि चुदाई औऱ मेरी, नगमा औऱ ऋचा मैडम कि चुदाई केँ बारे मे | 12 वीपास करने केँ बाद हम् सबअलग अलग होँ गये | अब किसी सें उतना मिलना जुलना नहि होँ पाता थां | मेराफोन गुम हौ जाने केँ कारण मेरा नंबर किसी केँ पास नहि थां औऱ मेरेपास भि नहि थां किसी कां भि नंबर | मे अब वेल्लोर जाकर कॉलेज कि पढाई मे जुट गय़ा थां चेन्नई मे मेरा एक् मित्र रहता थां | तोँ उसने मुझे एक् रूम दिलवाया वहांबस मे हि अकेले किराय सें रहता थां | मे जिसघऱ मे रहता थां वहां एक् 60-65 साल कि बुढ़िया औऱ एक् जवान शादीशुदा स्त्री रहती थि जिसका नाम अफरीदा थां | मे जिनके घऱ किराय सें रहता थां वोँ एक् मुस्लिम्स परिवार थां | मैंने उस अफरीदा कां चेहरा कभी नहीं देखा थां | पऱ चुदाई केँ बाद तौ सभीदेख लिया | वोँ बहोत अच्छी फॅमिली थें | हिन्दू-मुस्लिम मे कोई फर्क नहि समझते थें |
एक् दिन कि बात हैं मे अपने कमरे मे नहारहा थां | अफरीदा कि मम्मी कहीं गई, हुई थि | अफरीदा मेरेलिए रोज कॉफ़ी बनाकर लाती थि | मेरीआदत थि कि मे नंगे होँ कर नहाता थां | जबनहा कर निकलता थां तौ नंगा हि निकलता थां | मे नहाकर बाहर् निकला औऱ अपनेबदन कों पोछने लगा | तभी वहां अफरीदा आँ गयीँ, कॉफ़ी लें कर औऱ मुझे नंगादेख करकोई रिएक्शन हि नहि दिया | मैंने अपना लन्ड उसके सामने तक कर दियातब भि उसनेऐसा किया जैसेकुछ हुआ हि नहि | वोँ बस कॉफ़ी देकरचली गई, | कुछदेर बाद एक् हॉस्पिटल सें फ़ोनआया कि आपकी माता जी कां कां एक्सीडेंट होँ गय़ा हैं जल्द हॉस्पिटल आइये | तब तक मे तैयार हौ चुका थां कॉलेज जाने केँ लिए | तभी अफरीदा मेरेपास आई औऱ बताया कि ऐसाऐसा होँ गय़ा हैं | तौ मैंने भि जल्दी एक्शन लिया औऱ ऑटो करके हम् दोनों हॉस्पिटल पंहुचे | तोँ डॉ, नें बताया कि घबराने वालीबात नहीं हैं यह बेहोश होँ गई, थि एक्सीडेंट कि वजह सें |
उनकेसर मे बस हलकी सि चोटआई थि | उसकेबाद हम् तीनोघऱ आँ गये | उनकी अम्मी कि तबियत ठीक नाँ होने कि वजह सें मैंने उन्हें आराम करनेदे दिया औऱ फिन खानां खिलाकर दवादे दि औऱ वोँ कुछ मिनट मे सो गयीँ, | मे उसदिन कॉलेज नहींजा पाया थां | अपनेरूम मे आँ कर मे ऐसे हि बैठा थां औऱ पीएसपी मे गेमखेल रहा थां | तभी अफरीदा आई औऱ मेरेपास आँ करबैठ गई, | मैंने उनसे पूछा आप् यहाकुछ काम हैं क्याँ ? तोँ उन्होंने कहाहाँ काम तोँ हैं पऱ केसे कहूंकुछ समझ नहीं आँ रहा | तौ मैंने उनके हाँथ मे अपना हाँथरख करकहा कि आप् मुझे अपना हि समझिये औऱ बताइए क्याँ बात हैं ? तोँ उन्होंने कहा कि आजजब मैंने तुम्हारा लन्ड देखा थां तब सें मुझेकुछ कुछ होनेलगा | तौ मैंने भि मुस्कुराते हुए पूछा क्याँ हौ रहा हैं ? तौ उन्होंने बताया शरमाते हुए कि उसे छूने कां मन हौ रहा हैं | इतना सुनते हि मेरा लन्ड खड़ा होँ गय़ा | उसकेबाद मैंने अपना लन्ड बाहर् निकाला | उसकी आँखे मेरे लन्ड कों देख केँ चमकउठी औऱ वोँ उसे छूनेलगी | मुझे बहोत अच्छा लगरहा थां | उसने मुझसे कहा कि क्याँ मे तुमहरा लन्ड चूस सकती हूं | तौ मैंने कहायह भि कोई पूछने कि बात हैं | मगर तुम्हे अपने पूरे कपडे उतार केँ यहसभी करना होगा | वोँ झट सें रेडी होँ गई, औऱ अपना बुरखा एक् हि मिनट मे अपनेबदन सें अलगकर दि | मैंने उसका चेहरा औऱ जिस्म पहलीबार देखा क्याँ कमायत थि दोस्त देख केँ मुंह मे पानी आँ गय़ा थां | अबयो मेरे लन्ड केँ पकड़ केँ हिलाने लगी औऱ अपनीजीभ सें चाटने लगी | मे बस अपनी आँखेबंद कर केँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करनेलगा | मुझे बहोत अच्छा लगरहा थां क्यूंकि इतना वक्त होँ गय़ा थां औऱ मुझे बुर नहि मिली थि | अब वोँ मेरे लन्ड कों जोरजोर अपनीजीभ सें मेरे लौड़े कों चाटरही थि | मे भि सिस्कारिया भरतेहुए आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररहा थां |
अब मेरे लन्ड कों अच्छे सें चाट केँ उन्होंने गीलाकर दिया | अब वोँ मेरे लन्ड कों मुंह मे डालकर चूसने लगी औऱ मे आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करनेलगा | वोँ बहोत अच्छे सें मेरे लौड़े कों चूसरही थि जैसे ब्लू फिल्म मे लौंडिया चूसती हें | मेरे लन्ड कों 15 मिनट तक खूब अच्छे सें चूसी औऱ चाटी | फिनजब वोँ खड़ी हुइ तौ मैंने अपने होंठ उनके होंठ मे रखदिए | अब मे उसके होंठ कों चूसने लगा औऱ वोँ मेरे होंठ कों चूसने लगी | मैंने उसके होंठ चूसते हुए उसकेदूध कों भि दबाना शुरुआत कर दिया | 10 मिनट तक किस करने केँ बाद मे अब उनकेदूध कों जोरजोर सें मसलते हुएदूध पीना चालूकर दिया थां | वोँ भि मदहोशी केँ आलम मे आँ चुकी थि औऱ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए सिस्कारिया भररही थि |
मे उनकेदूध जोरजोर सें दूध चूसने लगा औऱ संग मे जोरजोर सें दबारहा थां | वोँ इतना गर्म हौ चुकी थि कि आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए एक् बारझड चुकी थि | मैंने उनकेदूध 10 मिनट तक खूब चूसा | उसकेबाद मैंने उन्हें जमीन पर्र हि लेटा दिया चादर बिछाकर | अब मैंने उनकी टाँगे चौड़ी करतेहुए अपना मुंह उसकी भीगी बुर मे लगा दिया औऱ उनकी बुर चाटने लगा | वोँ मछली जैसे तडपते हुए अपनी गांडउठा उठा केँ बुर चटवारही थि औऱ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररही थि | मे उनकी बुर मे ऊँगली डालकर चोदरहा थां औऱ चाटरहा थां औऱ वोँ मदहोशी मे आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करनेलगी थि | उनकी बुर बहोत गीली हौ चुकी थि | उन्होंने मुझसे कहा कि अब प्रतीक्षा नहीं होताअब मुझेचोद दो | मे तुम्हारी होँ चुकी हूं औऱ अपने आप् कों तुम्हे सौंप दिया हैं | फिन उतने मे मैंने अपना लन्ड उनकी बुर मे टिकाकर एक् हि झटके मे अपना लन्ड उसकी बुर मे डाल दिया औऱ मेरा फौलादी लन्ड बुर मे स्थान बनाते हुएघुस गय़ा | अब मे उनकी बुर चोदने लगा औऱ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए मेरी छाती कों सहलारही थि | मे जोरजोर सें उसकी बुर कि चुदाई कररहा थां औऱ उसकेदूध मसलरहा थां | वोँ मुझसे चुदवाते हुए आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए 2 बार औऱ झड़ चुकी थि |
उसकीआधे घंटे तक चुदाई केँ बाद मैंने अपनामाल उसकी बुर केँ ऊपर हि निकाल दिया | फिन हम् दोनों वहीँलेट गये |
हम् दोनों चुदाई केँ बादअगल बगल लेटेहुए थें | अफरीदा कि अम्मी कि अच्छी खासी नींदलगी हुई थि जिसका मैंने औऱ अफरीदा नें जमकर फायदा उठाया थां | मेरा लन्ड 10 मिनट केँ बादफिन सें खड़ा होनेलगा थां | यहदेख कर अफरीदा नें मुझसे कहा कि दोस्त तुम्हारा लन्ड तौ फिन सें खड़ा होँ गय़ा वोँ भि इतनी जल्द | तोँ मैंने कहा कि अरे मेरीजान तभी तौ यह मेरा फौलादी लन्ड हैं | इतनाकहा औऱ उसनेफिन सें मेरे लन्ड कों हाँथ मे लें करउसे ऊपर नीचे करनेलगी | हम् दोनों नंगे तौ थें हि जिसवजह सें कोई भि कपडे अपने जिस्म सें अलग करने कि चुदान नहि थि | अब वोँ फिन सें मेरे पेरो केँ पास आँ गई, औऱ मेरे लौड़े कों फिन सें चाटना चालूकर दिया | मुझे बहोत अच्छा लगता हैं जब भि कोई मेरे लन्ड कों चाटता औऱ चूसता हैं | वोँ मेरे लन्ड मे थूकथूक कर अपनी जुबान सें चाटेजा रही थि औऱ मे उसकासिर पकड़ केँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए बाल सहलारहा थां | 10 मिनट तक अच्छे सें मेरे लन्ड कों चाटने केँ बाद उसने मेरे लन्ड कों अपने मुंह मे रखकर चूसना चालूकर दिया | मे भि फिन सें जोश मे आँ गय़ा औऱ उसके मुंह कि चुदाई करतेहुए आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररहा थां | उसने मेरे लन्ड कों 10 मिनट तक खूब चूसा | फिन मैंने उसे लेटा दिया औऱ उसकी बुर कों चाटने लगा औऱ वोँ भि मदहोश होतेहुए आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करनेलगी | मे उसकी बुर कों ऊँगली डालकर चोदरहा थां औऱ चाटरहा थां औऱ वोँ मेरेसिर केँ बाल सहलाते हुए आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररही थि |
कुछदेर केँ बाद उसने मुझसे पूछा कि तुमने इतनी अच्छी चुदाई कहां सें सीखी हैं | तौ मैंने उन्झे बताया कि पहले मेरी विद्यालय समय पऱ एक् सेटिंग हुआ करती थि नगमा उसकी चुदाई करते करते मे सीख गय़ा कि चुदाई करते केसे हें | उसकेबाद मे फिन सें उसकी बुर चाटने लग गय़ा | अब मे उसकी बुर केँ अन्दर तक अपनीजीभ डालकर उसकी बुर चाटना चालूकर दिया औऱ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए मेरेसिर केँ बाल सहलारही थि | 15 मिनट तक उसकी चाटने केँ बाद उसनेकहा कि अब क्याँ मन हैं तुम्हारा ? तोँ मैंने कहा कि बस जानेमन तुम्हे चोदना हैं औऱ जब तक यहा रहूँगा तेरी चुदाई करता रहूँगा | इतना हि कहकर मैंने उसे घोड़ी बनने केँ लिएकहा तोँ वोँ जल्दी हि घोड़ी बन गई, | उसकेबाद मैंने अपना लौड़ा उसकी बुर केँ दरवाजे पर्र टिकाया औऱ सीधा अन्दर पेल दिया | अब मे उसकेदूध पकड़ सें उसकी चुदाई करनेलगा औऱ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए अपना एक् हाँथ नीचेडाल केँ अपनी बुर सहलारही थि | मे जोरजोर सें धक्के मारमार केँ उसकी बुर चोदरहा थां औऱ वोँ भि मस्त होँ कर आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररही थि |
कुछदेर चुदाई करने केँ बाद मैंने उससेकहा कि मुझे तुम्हारी गांड भि मारनी हैं | तोँ उसनेकहा कि हाँ हुजुर अब आपको अपनी इज्जत दि हें सँभालने अब इसके मालिक तौ आप् हि हें जोँ करना हैं बिना इजाजत कर सकते हें |
फिन मे उसकी गांड चाटने लगा तोँ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए अपनी बुर कों जोरजोर सें सहलारही थि | कुछदेर बाद मैंने उसकी गांड चाटने केँ बाद अपना लन्ड उसकी गांड मे टिकाया औऱ मेरा लन्ड उसकी गांड कि गहराई नापने केँ लिए अन्दर तक घुसता चला गय़ा |
भोसड़ा बना दो फाड़ के - faulaadi lund – New Episode
अब मे उसकी गांड उसके कंधे कों पकड केँ चोदरहा थां औऱ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररही थि | मे उसकी गांड अपनी पूरी ताकतलगा कर चोदेजा रहा थां भले हि मे कितना भि पसीना पसीना क्यूं नहीं होँ जाता ? पर्र मे पूरामन लगाकर उसकी गांडचोद रहा थां औऱ वोँ भि अपनी गांडआगे पीछे करतेहुए चुदवा रही थि औऱ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररही थि |
45 मिनट कि चुदाई केँ बाद मैंने अपनामाल उसकी गांड मे हि छोड़ दिया | अब मेरी बिलकुल हिम्मत नहीं थि तीसरी बाद चुदाई करने कि | मे वहीँथक करलेट गय़ा | कुछदेर केँ बाद मेरी नींद हि लग गई, | जब मेरी नींद खुलीतब तक साम केँ 6 बज चुके थें | अफरीदा तब तक जा चुकी थि | साम कों फिन मैंने नहाया औऱ फिन नीचे गय़ा तब तक उसकी अम्मीजान भि जाग चुकी थि | अफरीदा मुझेदेख कर मुस्कुरा रही थि औऱ मे भि उसे मुकुराते हुएदेख रहा थां | फिन मे उसकी अम्मी सें उनका हालचाल पूछा | वहीँ मेरा अधिकतर समय बीतता थां | रात होँ चुकी थि हम् तीनोबैठ केँ संग मे रात कां खानां खाए औऱ फिन सोने कि तयारी मे जुटगये थें | रात केँ 10 बजे अफरीदा मेरे कमरे मे आई | औऱ मेरेपास आँ कर बोलीं कि मन हैं याँ मनभर गय़ा एक् हि चुदाई मे | तोँ मैंने कहा कि अरे मेरीजान मैंने अपने लन्ड कां नामऐसे हि फौलादी थोड़ी रखा हैं | फिन मैंने उसकी बुर औऱ गांड दोनों कि खूब चुदाई कि | अब तोँ मे उसकीरोज चुदाई करनेलगा | मेरी क़िस्मत मुझे बहोत पसन्द थि क्यूंकि मेरी भाग्य मे बुर कि कोईकमी नहीं थि |
एक् दिन कि बात हैं | मे अपने कॉलेज गय़ा हुआ थां | अपनी क्लास मे बैठाहुआ थां तभी मैंने गौर किया कि एक् लड़की थि जोँ मुझेबार बारपलट पलट केँ देखरही थि | मुझेलगा कि शायद किसी औऱ कों देखरही होगी | क्यूंकि मे तोँ इस कॉलेज मे नया थां औऱ मेरेकोई अधिक मित्र तोँ थें नहि | मे उसे इगनोर करनेलगा | लञ्च केँ वक्त मे मे कैंटीन मे बैठेहुए थां तभी वोँ हि लड़की मेरेपास आँ गई, औऱ मुझसे पूछने लगी कि क्याँ मे यहाबैठ सकती हूं | ( तब मैंने उससे अच्छे सें देखा कि यहभले हि सांवली हैं पर्र इसका फिगर बहोत हि शानदार हैं | भगवन नें इसको गोरारंग नहि दिया वरनायह तोँ कहरढा देती | ) मैंने उसेकहा हाँ क्यूं नहीं बैठिये | मैंने उससे पूछा कि आप् कुछ लेंगी मैंने अपनेलिए आर्डर दिया हैं एक् डोसे कां आप् केँ लिए भि मंगवा देता हूं | तौ वोँ शरमाते हुए मुझसे बोलीं नहि जी ! रहने दीजिये शुर्किया !
फिन उसने मुझे अपनानाम बताया औऱ मेरानाम पूछा | बसऐसे हि नार्मल बाते होँ रही थि | उसकानाम प्रेरणा थां औऱ वोँ चंडीगढ़ कि रहने वाली थि | वोँ भि मेरीतरह किराय सें रहरही थि | धीरे-धीरे धीरे-धीरे हमारी दोस्ती हुई औऱ दोस्ती कब प्रेम मे बदल गयीँ, मुझेपता हि नहि चला | मे उससे प्रेम करनेलगा थां औऱ वोँ भि मुझसे प्रेम करनेलगी थि |
मे औऱ प्रेरणा एक् दूसरे सें बहोत प्रेम करनेलगे थें | हम् दोनों एक् दूसरे सें विवाह करना चाहते थें | यहबात मैंने अफरीदा कों बता दि थि | अफरीदा कों बहोत दुःखहुआ थां क्यूंकि मे अब किसी औऱ कां होँ चुका थां औऱ अब वोँ मुझसे चुदवाती भि नहि थि | मे उसे अपना एक् यार मानता थां औऱ वोँ भि मुझेअब एक् साथी कि तरह हि ट्रीट करनेलगी थि | एक् दिन कॉलेज केँ बाद मैंने प्रेरणा कों कहा कि मे तुम्हे अपने एक् साथी सें मिलवाना चाहता हूं | मैंने उससेकहा कि वोँ मुस्लिम हैं पर्र हैं बहोत अच्छी | तोँ प्रेरणा नें मुझसे उसकानाम पूछा तोँ मैंने बता दिया कि उसकानाम अफरीदा हैं | एक् दिन मैंने उससे प्रेरणा कों मिलवा हि दिया | अब प्रेरणा कों कों मेरेरूम मे आने जाने मे कोई दिक्कत नहीं थि | सन्डे कां दिन थां, मे सोकरउठा तौ देखा कि सामने अफरीदा बैठी हैं | मैंने उससे पूछा कि क्याँ बात हैं तुम् यहा ? तोँ उसनेकहा कि मुझे तुम्हे कुछ बताना हैं | मैंने पूछाहाँ हाँकहो क्याँ बताना हैं ? तोँ उसनेकहा कि मेरी विवाह होने वाली हैं | तौ मैंने कहा कि तोँ क्याँ हुआ ? तब उसने बताया कि मेरी अब्बू नें एक् रईसनाम केँ व्यक्ति सें कर्ज़ लिया थां बहोत अधिक | मेरी अम्मी जान नें मुझेअब बताया कि हमारे ऊपर बहोत कर्ज़ हैं | जबरईस सें इस बारे मे बात हुईँ तोँ उसनेकहा कि याँ तुम् अपनाघऱ बेच केँ मेरा रुपया लौटादो याँ फिन मेरी विवाह अफरीदा सें करवादो | अम्मी केँ पासकोई औऱ मार्ग नहि थां तौ उन्होंने हाँकर दि | मेरे तोँ कुछसमझ नहीं आँ रहा हैं कि मे क्याँ करू ? मुझे भि उस टाइमकुछ समझ नहि आँ रहा थां कि मे उसे क्याँ कहू | क्यूंकि मुसीबत हि ऐसी थि |
मैंने सबसे पहले सोचा कि मे हि यहा सें अपनाघऱ शिफ्ट कर लेता हूं | मैंने प्रेरणा सें बात कि कि जहाँ तुम् रहती होँ वहांकोई औऱ रूम खाली हैं क्याँ ? तोँ उसने जवाब दिया कि हाँ मेरेबगल वालारूम खाली हैं | मे बातकर लूंगी तुम् बसयह बताओ कि अपना सामान लें करकब आँ रहे हौ यहा पर्र ? मैंने उससेकहा कि मै परसों आँ जाऊंगा तुम्हारे यहा तुम् बातकर केँ रखना | फिन उसनेकहा कि तुम् फ़िक्र मतकरो कोई प्रॉब्लम नहीं हैं | फिन परसों केँ दिन मैंने अफरीदा सें कहा कि मे अबयहा सें खालीकर केँ जारहा हूं | तब अफरीदा रोतेहुए बोलीं क्याँ बात हैं जग्गू मुझे मुसीबत केँ समय छोड़ केँ जारहे हौ | फिन मैंने कहा कि नहीं अफरीदा ऐसीबात नहि हैं | मे तुम्हारी सहायता करूँगा औऱ यही झूटी दिलासा देकर मे प्रेरणा केँ बताये पते पऱ पहुँच गय़ा थां | उसकेबाद प्रेरणा नें मेरीबात घर-मकान मालिक सें करवाई औऱ मुझे प्रेरणा केँ बगल कां रूममिल गय़ा | इसबात सें हम् दोनों हि बहोत खुश थें | अब हम् दोनों संग मे कॉलेज जाते औऱ आते थें |
एक् दिन कि बात हैं मे औऱ प्रेरणा संग मे मेरेरूम मे एग्जाम कि तयारी कररहे थें | तोँ मैंने प्रेरणा सें कहा कि सुनो ! एक् बात कहनी हैं ? तोँ उसनेकहा कि हाँकहो | क्याँ तुम् मुझसे प्रेम करती हौ ? तोँ उसनेकहा अबे पागल जैसीबात क्यूं कररहा हैं ? हाँ मे तुझसे प्रेम करती हूं औऱ विवाह भि करुँगी | यहसुन कर मैंने प्रेरणा कों अपनेगले सें लगा लिया औऱ उसे अपनी बांहों मे जकड लिया | अगर प्रेरणा केँ मन मे सेक्स करना नहि होता तोँ वोँ मुझेमना कर देती पर्र उसने नहीं कि | मे उसे बहोत देर तक अपनी बांहों मे जकडेरहा औऱ उसकीपीठ कों अपने हाँथ सें सहलारहा थां | फिन उसनेकहा कि क्याँ हुआ तूँ इतना प्रेम क्यूं जतारहा हैं ? तोँ मैंने उससेकहा कि पागल प्रेम करता हूं प्रेम तौ जताऊंगा हि नां | इतनाबोल केँ मैंने अपने होंठ उसके होंठ मे रख दिया औऱ उसेकिस करनेलगा | प्रेरणा कों भि शायद मेराऐसा करना बहोत अच्छा लगरहा थां | वोँ भि मेरासंग किस करने मे देरही थि औऱ मेरे होंठ कों अपने होंठ सें दबाकर चूसेजा रही थि | यहबात मुझे बहोत गर्मकर चुकी थि औऱ मैंने भि उसकासंग देतेहुए उसके होंठ कों चूसने लगा |
कुछदेर किस्सिंग करने केँ बाद मैंने उसकाटॉप उतार दिया औऱ उसकेबाद उसकी ब्रा भि | अब मे उसकेदूध कों जोरजोर सें चूसने लगा थां औऱ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए सिस्कारिया लें रही थि | मे उसके एक् दूध कों अपन्जे हाँथ मे लेँ करचूस रहा थां औऱ दूसरे दूध कों जोरजोर सें मसलरहा थां वोँ भि मदहोशी केँ हालत मे आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ कररही थि | उसकेदूध पीने केँ बाद मैंने मैंने उसका लोअर उतार दिया औऱ उसकेबाद उसकी पेंटी भि | उसकी बुर मे हलके हलकेबाल थें | फिन मैंने उसे लेटा दिया औऱ उसकी बुर मे अपनीजीभ डालकर चूसने लगा उसकी बुर कि झिल्ली कों औऱ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करनेलगी |
मे उसकी बुर कों अबचाट रहा थां अपनीजीभ रगड़ रगड़ केँ औऱ वोँ अपनी गांडउठा उठा केँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ आन्हे भररही थि | ऐसे हि कुछदेर उसकी बुर चाटने केँ बाद मैंने अपनी टी-शर्ट उतार दिया औऱ अपनाहाफ पेन्ट भि | अंडरवियर उतारी तौ प्रेरणा कि गांडफट गयीँ, उसनेकहा कि तुम्हारा लन्ड तोँ बहोत बड़ा औऱ मोटा हैं | यह मेरी बुर मे नहीं जायगा | मैंने बोलाजान लन्ड कितना हि बड़ा औऱ मोटा क्यूं नं होँ बुर कि गहराई मे डूब हि जाता हैं | इतनाबोल केँ मैंने उसके होंठ केँ सामने अपना लन्ड रख दिया औऱ उसने जल्दी हि मेरे लन्ड कों पकड़ केँ अपनीजीभ सें चाटने लगी औऱ मे आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करनेलगा थां | ( मे पहले भि बता चुका हूं कि जबकोई मेरा लन्ड चूसता हैं तोँ मुझे आनंदआता हैं बहोत ज़्यादा ) अब वोँ मेरे लन्ड कों अपने मुंह मे लें करजोर जोर सें चूसने लगी औऱ मे आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए सिस्कारिया लें रहा थां |
फिन मैंने उसकी टाँगे चौड़ी कि औऱ एक् हि झटके मे अपना पूरा लन्ड घुसेड दिया | उसकी बुर सें खून निकलने लगा औऱ वोँ मुझे अपना लन्ड बाहर् निकलने केँ लिएबोल रही थि | पऱ मे जानता थां कि हर लड़की केँ संग पहलीबार ऐसा हि होता हैं | इसलिये मैंने उसके होंठ मे अपने होंठरख किस करनेलगा औऱ चुदाई बेजोड़ कियेजा रहा थां | कुछ टाइमबाद उसे भि आनंदआने लगी थि औऱ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए अपनी गांडउठा उठा केँ चुदवा रही थि | फिन मैंने उसे घोड़ी बना दिया औऱ जोरजोर सें चोदने लगा औऱ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करतेहुए चुदवा रही थि |
मेरी औऱ प्रेरणा कि चुदाई किस्सा ऐसे हि चलरही थि | हम् दोनों कों एक् दिन घर-मकान मालिक नें पकड़ लिया चुदाई करतेहुए | उसने प्रेरणा केँ पिताजी कों वहां बुलवाया औऱ उन्हें सारी बातेबता दि | तोँ मैंने कहा कि अंकलजी मे प्रेरणा सें बहोत प्रेम करता हूं | प्रेरणा नें भि कहा कि मे भि जग्गू सें प्रेम करती हूं औऱ जग्गू सें हि विवाह करुँगी | उसके बापू नें उसे बहोत पीटा औऱ उसे वहां सें लें गये | मुझे भि अब वहां सें खाली करना पड़ारूम |
मे अबफिन रूम कि तलाश मे घूमरहा थां | मैंने मनबना लिया थां कि मे अब अपनेघऱ चलेजाऊ तौ मे स्टेशन केँ तक पंहुच गय़ा कि तभी रस्ते मे मुझे पोस्टर दिखा | जिसमे लिखा थां कि कमदाम मे किराये सें रूम उपलब्ध हें | तोँ मैंने उनकेदिए गयेपते पऱ पंहुच गय़ा | उनसेबात कि रूम कि तोँ उन्होंने 4000 रूपएकहा हर महीने कां | मैंने भि सोचा कि चलोअब घऱजा केँ क्याँ करूँगा यहींरुक जाता हूं |
मुझेरात मे वैसे हि देर हौ चुकी थि तोँ मैंने सो गय़ा जल्द | अगलेदिन मे कॉलेज लेट पंहुचा तब तक 2 क्लास्सेस होँ चुकी थि | तीसरी क्लास मैंने अटेंड कि तभी वहां मुझे मेरीऋचा मैडम दिखाई दि | वोँ मेरे क्लास रूम केँ बाहर् सें निकलरही थि | मे जल्दी टॉयलेट कां बहाने बताकर निकला | मैंने मैडम कों आवाज़ देकर रुकने कों कहा | मैडम भि मुझेदेख कर चौंक गई, औऱ मे भि | उसकेबाद हम् दोनों कि बाते हुइ तब मैडम नें बताया कि मे यहा अपनी एक् फ्रेंड सें मिलने आई थि औऱ मेरा ट्रान्सफर वहां सें यहा होँ गय़ा थां | मैंने भि ऋचा मैडम कों बताया कि मैडम मे भि इसी कॉलेज मे पढता हूं औऱ किराये सें रूम लेँ कर रहता हूं | फिन मैंने मैडम सें पूछा कि मैडम मैंने आपकी बुर मे अपनीधात गिराई थि तौ आप् प्रेगनेन्ट नहि हुईँ क्याँ ? तौ उन्होंने मुझे अपनेघऱ कां पता दिया औऱ कहा कि साम कों जब भि तुम्हे वक्त मिले आँ जानां | मैंने भि ओकेकहा औऱ कहा कि मैडम आप् सें मुझेमिल कर बहोत ख़ुशी हुइ उन्होंने भि यही जवाब दिया |
फिन मैंने अपनी क्लास मे वापसचला गय़ा औऱ पढाई मे लग गय़ा | साम केँ वक्त मे मैडम केँ घऱ पंहुचा तौ देखा कि छत मे वोँ अपने बच्चे केँ संगटहल रही थि | मैंने फिन दरवाजा खटखाया तोँ उन्होंने ऊपर सें आवाज़ लगायी कि कौन हैं ? तौ मैंने अपनानाम बताया | 5 मिनट केँ बाद उन्होंने दरवाजा खोलाफिन उन्होंने अन्दर बुलाया | उनकेगोद मे बहोत हि क्यूट सां बेबी थां | मैंने उनसेकहा कि बधाई होँ आखिरकार आपको मम्मी बनने कां सुखमिल हि गय़ा | तब उन्होंने कहा कि यह तुम्हारा हि दियाहुआ सुख हैं | फिन मैंने उस बेबी कों अपनीगोद मे लियातब मेरी आँखों मे आंसू आँ गये | ऐसा मेरेसंग पहलीबार होँ रहा थां | वोँ बेबी एक् लड़का थां औऱ उसकानाम उन्होंने अर्पण रखा थां | मुझे बहोत ख़ुशी हौ रही थि | तभीऋचा मैडम नें मुझसे कहा कि मुझे एक् लड़की चाहिए थि | फिन मैंने मैडम सें कहा कि अच्छा तौ क्याँ हुआ ? तब उन्होंने कहा कि मुझेफिन सें सेक्स करना हैं | औऱ आप् सब कों तोँ पता हि हैं कि मे चुदाई केँ लिए हमेशा सजधजकर रहता हूं तौ बसफिन क्याँ थां | मैंने अर्पण कों उसकी पालकी मे लेटा दिया औऱ अब चुदाई कां खेल चालू होँ गय़ा थां | अब मे उसके होंठ मे अपने होंठरख करकिस करनेलगा औऱ उसके होंठ कों चूसने लगा थां | वोँ भि मेरासंग देतेहुए मुझेकिस कररही थि औऱ वोँ भि मेरे होंठ केँ रस कों अपने होंठ सें चूसने लगी | कुछदेर एक् दूसरे कों चूमने केँ बाद मैंने उनकी साडी उतार दि औऱ ब्लाउज भि | ब्लाउज केँ ऊपर सें हि मे उनकेदूध कों मसलते हुए पीनेलगा औऱ वोँ आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करनेलगी |
भोसड़ा बना दो फाड़ के - faulaadi lund - Next part miss mat karna
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