चढ़ती जवानी की अंगड़ाई - pani chhutna – New Episode
मनोजरोज इसीतरह सें उस मोड़ पऱ खड़ा होकर पूनम सें इंग्लिश कि नोट्स मांगने लगा थां मगरबार बार पूरा नां होने कां एक्सक्यूज़ बनाकर मनोज कि बात कों वो टालजा रही थि। मनोज कों इसबात कां फायदा जरूरहुआ थां कि अब वो सीधे पूनम सें हि बात करता थां। पूनम सें बातें करने मे उसे इतना अधिक आनंदआता थां कि इसबात कां एहसास मनोज केँ सिवा दूसरा कोई भि नहि कर सकता थां। उसकी सुरीली आवाज़ उसके कानों मे पडते हि उसके शरीर मे कामोत्तेजना कि लहर दौड़ने लगती थि। उससेबात करते वक़्त उस लम्हा कां एहसास उसे चरमोत्कर्ष केँ एहसास केँ बराबर लगता थां। दो-चार दिन तक ऐसा हि चलतारहा विद्यालय जाते वक्त औऱ विद्यालय सें आते वक़्त रोज मनोजउसे उसीमोड पऱ मिलता हैं औऱ उससे इंग्लिश कि नोट्स मांगता। मगरबार बारकोई नं कोई बहाने बनाकर पूनम इंकार कर देती थि पूनम कां ये बर्ताव बेला औऱ सुलेखा कों भि अच्छा नहि लगता थां। मगर वो कर भि क्याँ सकती थि कोशिश तोँ उन दोनों कि पूरी थि कि मनोज केँ संग उसका बर्ताव अच्छा होँ जाएमगर कोई भि मार्ग नजर नहि आँ रहा थां शिवाय नोट्स केँ लेने देने केँ सिवा,,,,
मनोज पूरीतरह सें पागल हौ चुका थां पहले कि अपेक्षा अब तोँ अधिक बेचैनी बढ़ गई थि। पूनम कों हासिल करने कि लालसा उसकेमन मे दिन-ब-दिन औऱ भि ज़्यादा बढ़ती जारही थि। पूनम केँ नजदीक जाते हि उसके जिस्म सें बड़ी हि मादक खुशबू उसके नथुनों मे जाती थि जिनका मादक एहसास हि उसे पूरीतरह सें काम ज्वर मे जलने केँ लिए मजबूर कर देता थां। मनोज कां मन सूखे पत्ते कि तरह फड़फड़ा रहा थां वो दिनरात किसी जुगाड़ मे रहता थां कि केसे वो पूनम कों हासिल करेंमगर पूनमकोई आम लड़की कि तरह नहि थि कि जरा सि मुस्कान औऱ स्टाइल दिखाने पर्र लड़कों पर्र फिदा होँ जाए। इसलिये तौ मनोज कि नाक मे भि दम आँ गय़ा थां पूनम केँ इर्द गिर्द चक्कर काटते-काटते मगर पूनम कों इसबात कां जरा भि एहसास तक नहि थां वो तौ अपने मे हि पहले कि हि तरह मस्त रहती थि हांबस थोडा सां अपने आप् कों मनोज सें संभाल कर हि रखती थि।
मनोज किसी भि तरह जुगाड़ कर केँ पूनम कों हासिल करना चाहता थां। मगर उसकाकोई भि जुगाड़ सफल नहि हौ पारहा थां। कां मन हि मनयही सोचता रहता थां कि जब पूनम एकदम सादगी मे भि पूरे कपड़ों मे भि उसके जिस्म मे कामोत्तेजना कि लहर दौड़ा देती हैं तोँ अगर वो उसे बिना कपड़ो केँ उसकी हुस्न कां रसपान कर लें तब तौ उसके जिस्म मे पूरीतरह सें भूकंप हि आँ जाए। यही सभीसोच सोचकर उसकी हालत बहोत ज़्यादा खराब होँ रही थि। अब मनोज कां मन पूनम कों नंगी देखने कां कररहा थां वो कौन उनकी हुस्न कों उसके नग्नावस्था मे देख्ना चाहता थां फिरभी उसने तोँ ढेर सारी लड़कियों कों नंगीदेख चुका थां औऱ उनके जिस्म सें खेल भि चुका थां। मगर वाली अच्छी तरह सें जानता थां कि वो लड़की होँ मे औऱ पूनम मे जमीन आसमान कां फर्क हैं इसलिये तोँ इतना व्याकुल हौ चुका थां वो उसे नंगी देखने कां जुगाड़ बनारहा थां मगरऐसा कोई भि जुगाड़ उसकीनजर मे सफल होतादिख नहि रहा थां जिससे कि वो पूनम कों नंगीदेख सके।
पूनम केँ ख्याल सिर्फ सें हि उसके शरीर मे उत्तेजना कि लहर दौड़ने लगी थि। उसके लन्ड कां तनाव अपनी सीमापार कर चुका थां जिसे वो अपने हाथों मे लेँ कर केँ फिन सें हिलाने लगा थां पूनम केँ शरीर केँ पोरपोर कि कल्पना करके वो मस्तहुआ जारहा थां। तभी उसकेमन मे एक् युक्ति सूझी,,,
अपनी लन्ड कों पेंट मे सें बाहर् निकालकर धीरे-धीरे धीरे-धीरे सें लातेहुए उस युक्ति कों अंजाम देने कि सोचरहा थां जिसमें उसकी सहायता मात्र बेला हि कर सकती थि,,,,, उसे अपना प्लान सफल होतानजर आनेलगा औऱ वो मन हि मनखुश होनेलगा मगर पूनम केँ ख्याल मे खोकर वोँ पूरीतरह सें मुक्त हौ चुका थां औऱ वो अपने लन्ड कों जोरजोर सें हिलाने लगा। उसकी सांसे तीव्र गति सें चलनेलगी औऱ जिसतरह सें उसकीे सांसे चलरही थि उसीतरह सें उसकाहाथ ऊसके लन्ड पऱ चलरहा थां। औऱ अगले हि समय उसने जबरदस्त कल्पना किया कि उसका लन्ड पूनम कि हसीन रसीली औऱ टाइट चूत मे प्रवेश कर गई हैं औऱ तभी उसके लन्ड नें पानी छोड़ दिया। पूनम केँ हसीन जिस्म कि कल्पना करके हस्तमैथुन करने मे भि जौ चरमोत्कर्ष कां एहसास होता थां उसे किसी कि चुदाई करने मे भि अब नहि हौ पाता थां। इसलिये तोँ वहपूनम केँ ख्याल मे डूबा रहता थां।
दूसरे दिन वो विद्यालय मे पूनम सें बचाकर बेला कों इशारा करके अपनेपास बुलाया ताकि पूनमउसे देख नां पाए,,,,, मनोज केँ इशारे पर्र तोँ वो कहीं भि कभी भि आँ सकती थि इसलिये वो बेहदखुश होकर केँ विद्यालय केँ पीछे वाली स्थान पर्र मनोज सें मिली,,,,, बेला कों लगरहा थां कि इसतरह सें एकांत मे बुलाकर वो फिन सें,,,, उसकी जमकर चुदाई करना चाहता हैं तभी तौ वो इसतरह सें एकांत मे उसे बुलारहा थां। बेला खुशी खुशी विद्यालय केँ पीछे वाली स्थान पर्र पहुंच गई जहां पर्र मनोज पहले सें हि उसका प्रतीक्षा कररहा थां वहां पऱ पहुंचते हि बेला मुस्कुराते हुए बोलीं,,,,।
क्याँ जान लगता हैं आजफिन सें तुम्हारा मूडबन गय़ा हैं इसलिये मुझे तुम् अकेले मे बुलारहे हौ,,,,
हांकुछ ऐसा हि समझोमगर तुम्हें एक् काम करना हैं केसे करना हैं ये मे नहि जानता मगर तुम् कर सकती होँ इतना जरुर जानता हूं,,,,,
( मनोज कि बात सुनकर बेला कों कुछसमझ मे नहि आया कि मनोज क्याँ कहना चाहता हैं इसलिये वो बोलि। )
तुम् कहना क्याँ चाहते होँ ये तौ बताओ,,,,,,
देखोगे नाँ तुम् ये तौ अच्छी तरह सें जानती होँ कि मे मन हि मन पूनम सें बेहद प्रेम करनेलगा हूं,,, ( इतना कहतेहुए मनोजदो कदमआगे बढ़कर बेला केँ हाथ कों अपनेहाथ मे लेकरउसे सहलाते हुएउसे प्रेम करनेलगा बेला तोँ इतने मे हि प्रसन्न होँ गई उसकामन झनझना गय़ा। औऱ वो मनोज कों जवाब देतेहुए बोलि। )
हां मे अच्छी तरह सें जानती हूं तभी तुम् उसके पीछे पागलों कि तरह घूमते रहते होँ औऱ हम् जैसों कां ख्याल हि नहि करते,,,,,,
नहि ऐसीबात नहि हैं देना मे तुमसे भि प्रेम करता हूं तभी तौ तुम्हें यहां बुलाया हूं वरना तुम्हें क्यूं बुलाता,,,
अपने मतलब सें हि बुलाए हौ वरना तुमको इतनी निष्ठुर हौ गए होँ कि मेरीतरफ ठीक सें देखते भि नहि हौ,,,,,
बेला तुम् समझती नहि होँ तुम् भि मुझे बहोत अच्छी लगती हौ तभी तौ मे अपनेदिल कि बात तुम्हें बताता हूं।
( मनोज कि बातें सुनकर मेरामन हि मन प्रसन्न होनेलगी कुड़ी यही तौ मनोज कि खासियत थि कि अपने बातों सें हि हूं लड़कियों केँ मन कों बहला देता थां उन्हें अपनेवश मे कर लेता थां। इसलिये तौ ये जानते हुए भि कि मनोज पूनम केँ प्रति पूरीतरह सें उसका आशिक होँ चुका हैं मगरफिन भि बैला मनोज कि दीवानी हौ गई थि इसलिये वो मुस्कुराते हुए बोलीं। )
अच्छा ठीक हैं मगरये तौ बताओ कि येकौन सां काम हैं कि जोँ मे कर सकती हूं।
( मनोज अच्छी तरह सें जानता थां कि जिसकाम केँ लिए वो बेला केँ पासआया हैं उसकाम कों करने केँ लिए बिना जल्द रेडी नहि होंगे इसलिये उसे उसको अच्छी तरह सें फुशलाना पड़ेगा,,, औऱ मनोज अच्छी तरह सें जानता थां कि बेला कों किसतरह सें फुसलाया जा सकता हैं,,,, इसलिये वो बेला कों अपने लगभग खींचकर अपने एक् हाथ सें समीज केँ ऊपर सें हि उसकी मम्मों कों दबाने लगा जिससे बेला भि उत्तेजित होनेलगी,,,, औऱ उसकी मम्मों कों दबाते हुए बोला। )
बेलाये जोँ काम हैं तुम् किसी सें बताना नहि मगर तुम्हें करना हि पड़ेगा,,, अगर तुम् मेराये कामकर दि तोँ हमेशा मे तुम्हें खुश रखूंगा (औऱ इतना कहतेहुए वो बेला कां हाथ पकड़कर अपने लन्ड पर्र रख दिया जौ कि इस वक़्त पेंट केँ अंदरगदर मचाएहुए थां।, बेला कां हाथउस पऱ पड़ते हि बेला कि जिस्म मे सिहरन सि दौड़ गई,,, उसकी सांसे ऊपर-नीचे होँ गई,,,,, मनोजसमझ गय़ा कि अब इससे अपने मतलब कि बात करनाठीक रहेगा,,, वो एकदम उत्तेजना मे बेला कि मम्मों कों दबाते हुए बोला,,, )
बेलाआई लवयू,,,,,
लव यूटू मनोज,,,,, ( बेलाखुश होतेहुए बोलि)
बेलाउस दिन झाड़ियों मे मैंने तुम्हारी जम केँ चुदाई किया,,,, शपथ सें मुझे बहोत आनंदआया मुझे यकीन नहि होँ रहा कि तुम्हारी चूत एकदम टाइट औऱ रसीली हैं,,,, ( बेला तौ अपने शरीर कि तारीफ मनोज केँ मुंह सें सुनकर एकदम गदगद हौ गई। ) उससमय कां आनंद मे बारबार लेना चाहता हूं।
मे सजधजकर हूं मनोज,,,,,, ( बेलाझट सें बोलि,,, )
मुझे तुमसे यही उम्मीद थि बेला,,, मगर उससे पहले तुम्हें मेरा एक् काम करना होगा,,,, ( इतना कहतेहुए मनोज नें जोर सें उसकी मम्मों कों दबाया कि बेला कि आह निकल गई। )
क्याँ करना होगा मनोज,,,,, ( बेला सिहरते हुए बोलि। )
तुम्हें रीशेष। केँ टाइम पूनम कों उसी झाड़ियों तक लाना होगा।
( मनोज कि येबात सुनते हि देना कि तोँ सांस हि रुक गई उसेकुछ समझ मे नहि आया कि मनोज क्याँ कहरहा हैं मगर जोँ भि कहरहा थां वो बिल्कुल गलत हि थां देनाये समझरही थि कि झाड़ियों मे पूनम कों लाना मतलब मनोज उसकेसंग कुछगलत करना चाहता हैं। उसको इसका आभास होते हि अंदर तक सिहरउठी। औऱ डरतेहुए। बोलीं। )
नहि मे ऐसा नहि कर सकती मनोजकुछ ऊंच नींच हौ गई तौ लेने केँ देनेपड़ जाएंगे। नहि मनोज तुम् कुछ भि करलोमगर मे ऐसा नहि करुंगी प्रेम व्यार कि बात तक सभीकुछ ठीक थां मगरइस तरह केँ कदम मे नहि उठा सकती।
( बेला शंका जताते हुए बोलीं,,,, बेला कि बात सुनकर मनोज कों अपना प्लान फेल होतानजर आनेलगा मगर वो समझरहा थां कि बेलाकुछ औऱ हि समझरही हैं इसलिये वो बात मानने सें इनकार कररही हें,,,, मनोज बेला कां हाथ पकड़कर कुटिया कि तरफ लेँ जानेलगा जहां पर्र कोई भि आता जाता नहि थां। बेलाकुछ समझ पाती इससे पहले हि वो बेला कों कुटिया मे लेँ आया औऱ आते हि उसके होंठों पर्र अपने होंठरख कर चूसने लगा,,,, कुछ हि सेकंड मे बेला कां तन शरीर सूखेहुए पत्ते कि तरह कांपने लगा क्योंकि मनोज नें जल्दी उसके होठों कों चूसते हुए एक् हाथ सें उसके सलवार कि डोरी खोलकर सलवार नीचे गिरा दिया थां। औऱ अपनेहाथ कों उसकी पैंटी मे डालकर उस कि रसीली चूत कों मसलने लगा जौ कि ईस टाइम एकदम पनिया गई थि।
मनोज कि इस हरकत पऱ बेला एकदम सें मचलउठी,,,,
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औऱ बेला कि जिस्म मे उत्तेजना कि लहर दौड़ गई। बेला कों यकीन नहि होँ रहा थां कि मनोजकुछ ऐसा करेगा,,,, मनोज पागलों कि तरह उसके गुलाबी होंठ कों चूसेे जारहा थां औऱ एक् हाथ सें उसकी रसीली चूत कों मसलेजा रहा थां। कुछ हि समय मे बेला भि मस्त होनेलगी औऱ वो भि मनोज कां संग देतेहुए उसकेहोठ कों चूसना शुरुकर दि। मनोज अच्छी तरह सें जानता थां कि बेला बहोत हि चुदवासी लड़की हैं। अगर उसको मनाना हैं तौ इसीतरह सें मनाना होगा वरना वो इंकार कर देगी। मनोज केँ जिस्म मे भि उत्तेजना कि लहर दौड़नेें लगी थि भले हि उसके दिमाग़ मे पूनमबसी हुईँ थि मगर बेला भि कुछकम नहि थि उसका भि शरीर बहोत हि हसीन औऱ कामुकता सें भराहुआ थां इसलिये तोँ मनोज भि पूरीतरह सें उत्तेजित हौ चुका थां। यहीसही मौका थां बेला सें अपनेमन कि बात करने कां इसलिये मनोज नें जल्द सें अपने होठों कों बेला कों गुलाबी होठों सें अलग किया,,,, मगर वो कुछबोल पाता इससे पहले हि बेला कामोत्तेजना केँ रंग मे पूरीतरह सें रंग चुकी थि इसलिये जल्दी उसने मनोज केँ लन्ड कों पेंट केँ ऊपर सें हि पकड़कर मसल नां शुरुआत कर दि,,,,, उत्तेजित अवस्था मे बेला नें इतनीजोर सें पैंट केँ ऊपर सें मनोज केँ लन्ड कों दबाई कि मनोज कि अहह निकल गई। वो पैंट केँ ऊपर सें हि जोरजोर सें मनोज केँ लंबे लन्ड कों मसलना शुरुआत कर दि थि। मनोज जानता थां कि ज़्यादा टाइमइन दोनों केँ पास नहि हैं इसलिये वो बेला केँ सामने घुटनों केँ बल बैठते हुए बोला,,,,
बेला तुम् मेरीबात मानजाओ तौ मे तुम्हें हमेशा खुश रखूंगा,,,
( इतना कहने केँ संग हि वो बेला केँ पैर मे सें उसकी सलवार औऱ पैंटी दोनों कों निकालने लगा,,,, सलवार औऱ पेंटी कों निकालने केँ बाद वो फिन सें खड़ाहुआ औऱ जल्दी अपने पेंट कि बटनखोल कर अंडर वियर सहितउसे घुटनों तक सरका दीया,,, पेंट केँ उतरते हि मनोज कां खड़ा लन्ड हवा मे झूलने लगाजिस पर्र नज़र पड़ते हि बेला कि चूत मे चीटियां रेंगने लगी। उसकी आंखें फटी कि फटीरह गई वो बड़े आश्चर्य केँ संग मनोज केँ लन्ड कों देखेजा रही थि। औऱ देखते हि देखते मनोजफिन सें उसके सामने घुटनों केँ बलबैठ गय़ा औऱ अपने दोनों हाथों कों उसकी बड़ी बड़ी गांड पर्र रखकर अपने होठों कों बेला कि जांघों केँ बीच बढ़ाते हुए बोला। )
बेलाबस एक् बार मेराकहा मानलो मे तुम्हें हमेशा इसीतरह सें मस्त करता रहूंगा तौ मे दुनिया कि हर खुशी दूंगा तुम्हें कभी भि शिकायत कां मौका नहि दूंगा,,,, ( इतना कहने केँ संग हि मनोज अपनी प्यासी जीभ कों बेला कि दहकति चूत पर्र रखकरउसे चाटना शुरुआत कर दिया। मनोज सें बेला कों इस हरकत कि बिल्कुल भि उम्मीद हि नहि थि वो तौ जैसे हि मनोज कि जीभ ऊसकी चूत पऱ स्पर्श हुइ,,, उसका पूरा शरीर उत्तेजना केँ मारेऐंठ सां गय़ा। उसके मुंह सें जल्दी गरमागरम सिंसकारी निकल गई,,,,
सससससहहहहहह,,,, आहहहहह,,,, मनोज,,,,, ऊहहहहह,,,,,
( मनोज लड़कियों कों अपनेवश मे करना अच्छी तरह सें जानता थां इसलिये उसने एक् समय भि गमआए बिना हि जल्द जल्द अपनीजीभ सें उसकी गुलाबी पंखुड़ियों कों चाटना शुरुआत कर दिया। मनोज कि हरकत पर्र बेला कि उतावलापन औऱ ़ ज़्यादा बढ़ती जा रहेी थि। उससे बर्दाश्त नहि हुआ तौ वो अपने दोनों हाथों सें मनोज कां सिर पकड़कर उसके बालों कों भींचते हुए उसका मुंह अपनी चूत सें सटा दि,,,, मनोजसमझ गय़ा कि बेला एकदमकाम वीह्वल हौ गई हैं।
बेला कों बहोत मज़ा आँ रहा थां मगर मनोजउसे औऱ भि ज़्यादा तड़पाना चाहता थां इसलिये जल्दी अपना मुंह उसके चूत सें हटा दिया,,, औऱ खड़े हौ कर केँ अपने लन्ड कों बेला कि चूत सें रगड़ते हुए बोला।
कहो बेला मेराकाम करोगी नां,,,,
( अब तोँ नाँ बोलने कां कोई प्रश्न हि नहि उठता थां मनोज अच्छी तरह सें जानता थां कि जौ कामहोश मे नहि होता वो काम आवेश मे हौ जाता हैं। औऱ यही बेला केँ संग भि हुआ थां वो अब तक नां नुकुर कररही थेी,,, मगर इस वक्त उसके जिस्म कि तरफबढ़ चुकी थि उसे अपनी चूत मे मनोज कां लन्ड लेना थां इसलिये वो मनोज कि हरबात मान गई। औऱ हामीभर दि मनोज नें जल्दी उसकीकमर मे हाथडाल करउसे अपनीतरफ खींचा औऱ एक् टांग कों ऊपरउठा कर अपने दूसरे हाथ सें पकड़ लिया,,, बेला अच्छी तरह सें जानती थि कि उसेअब क्याँ करना हैं। उसने जल्दी अपनाहाथ नीचे लेँ जाकर मनोज केँ लन्ड कों पकड़कर अपनी चूत कों सटा दि,,,, मनोज भि एक् समय गवाएं बिना हि अपनीकमर कों आगे कि तरफ धक्का दिया औऱ उसका पूरा लन्ड बेला कि चूत मे समा गय़ा,,,, मनोज ऊसेजोर जोर सें चोदना शुरुकर दीया। औऱ। चोदते हुएउसे अगला प्लान बताने लगा,,, उसने बोला कों साफसाफ बता दिया कि वो पूनम केँ संग झाड़ियों मे कुछ करना नहि चाहता बल्कि उस केँ नंगे जिस्म कां रसपान करना चाहता हैं उसेदूर सें हि देख्ना चाहता हैं। औऱ येकाम पहले पूनम कों उधर लाकर पेशाब करने केँ बहाने उसके भरावदार सुंदर नितंबो कां दर्शन उसेकरा सकती हैं। मनोज कां ये प्लान सुनकर बेला कि जान मे जानआई,,, क्योंकि अब तक वो घबरारहे थें उसेलग रहा थां कि मनोजकुछ गलत करेगा मगर वो तोँ मात्र उस केँ नितंबों केँ दर्शन करना चाहता थां। जौ कि बोला पूनम कों उधर लाकर बड़े आहिस्ता नितंबों केँ दर्शन करा सकती थि। मनोज कां प्लान सुनकर बेलाखुश होतेहुए स्वयं भि अपनीकमर आगे पीछे करके मनोज केँ लन्ड कों अपनी चूत मे लेनेलगी। थोड़ी देरबाद फिन सें दोनों एक् संगझढ़ गए औऱ बड़े आहिस्ता क्लास मे आकरबैठ गए औऱ रिशेष होने कां प्रतीक्षा करनेलगे।
बेला क्लास मे बहोत खुशनजर आँ रही थि औऱ खुश भि क्यूं नाँ होँ उसे तौ बस आनंद आँ रहा थां। जिसके संगउसे थोड़ी भि उम्मीद नहि थि उसकेसंग वो दोबार चुद चुकी थि,,,,
मनोज केँ कहे अनुसार अगर वो सचमुच उसकाकाम कर देती हैं तौ हमेशा मनोज केँ संगउसे मस्ती करने कां पूरा मौका मिलेगा,,,,, इसलिये वो क्लास मे बैठे-बैठे आगे कां प्लान बनाने लगी कि पूनम कों किसतरह सें उन झाड़ियों मे लेँ जायाजाए,,,,, कुछदेर सोचने केँ बाद उसकेमन मे एक् युक्ति सूजी औऱ उस युक्ति कों आजमाने कि सोचकर उसके शरीर मे उत्सुकता होनेलगी। प्लान केँ बारे मे सोचकर उसके चेहरे पऱ खुशी झलकने लगी,,,, दूसरी तरफ मनोज रिशेस होने कां प्रतीक्षा कररहा थां उस कि उत्सुकता झाड़ियों मे होने वाली हलचल कों लेकर बढ़ती जारही थि उसे यकीन थां कि बेलाउसे झाड़ियों तक जरूर लेकर आएगी इसलिये उसकीमन कि तरंगे बार-बार लहराउठ रही थि।
पूनमइन सभी बातों सें बिलकुल बेखबर थि वो तोँ अपने मे हि मस्त क्लास मे पढ़ाई कररही थि,,,,, तभी समयानुसार रीशेष कि घंटीबज गई। मनोज उठकर क्लास केँ बाहर् आँ गय़ा वो पहले सें हि झाड़ियों केँ अंदर छिपना चाहता थां इसलिये झाड़ियों कि तरफ जानेलगा,,,,,,, मगरतभी रास्ते मे उसे उसका साथी गुल्लू मिल गय़ा मनोज उससे पीछा छुड़ाना चाहता थां मगर गुल्लू जब भि मनोज सें मिलता थां तौ उसके पीछे हि लगजारहा थां। उसेकुछ समझ मे नहि आँ रहा थां कि ऐसे मौके पर्र उस सें केसे पीछा छुड़ाया जाए।,,,, मगर वो पीछा छोड़ने वालों मे सें नहि थां वो मनोज कों देखते हि बोला।
अरे मनोज तुम् इन झाड़ियों कि तरफ कहां जारहे हौ रुको मे भि चलता हूं।
कहीं नहि जारहा हूं बसऐसे हि घूमरहा हुं( मनोज चिढ़ते हुए बोला। )
अच्छा कोईबात नहि हम् दोनों संग मे हि घूमते हें। वैसे भि कुछ दिनों सें तुमसे मुलाकात नहि हुईँ।
तौ क्याँ करेगा मेरे सें मुलाकात करकेजा अभि मुझे परेशान मतकर मुझे बहोत जरुरी काम हैं।
क्याँ काम हैं मुझे तौ बताओ,,,,, कहीं मस्ती करने तौ नहि जारहे होँ,,,,
हां करनेजा रहा हूं तेरी बेहन मुझे झाड़ियों मे बुलाई हैं। ( मनोज नाराज होतेहुए बोला। )
दोस्त तु तोँ जब देखो नाराज होँ जाता हैं। मे तुझेही रोक तोँ नहि रहा हूं नां,,,, मगर तुम्हे अकेले भि नहि जाने दूंगा मे भि चलूंगा मे भि देख्ना चाहता हूं कि तुँ अंदर क्याँ करता हैं।
चढ़ती जवानी की अंगड़ाई - pani chhutna – New Episode
Hello Everyone
We are Happy too present too you The annual kahani contest of Xforum "The Ultimate kahani Contest" (USC).
Jaisa की ap sabko maalum h abi pichle hafte he humne USC की announcement की h aur abi कुछ waqt pahle Rules and Queries thread bi open किया h aur Chit chat thread तो pahle से he Hind section में khulla h.
Iske baare main थोड़ा aapko btaadun yeh एक short kahani contest h jisme ap kissi bi prefix की short kahani post krr shaktey hu joo minimum 700 words and maximum 7000 words takk hu taqat h। iss liye mein aapko invitation deta hoon की ap is contest main apne khayaalon ko shabdon ka Rupp देकर ismein apni kahaniyan daalein jisko poora Xforum dekhega yeh एक bohot accha kadam hoga aapke aur aapki kahaniyan ke liye क्योंकि USC kee kahaniyan ko pure Xforum ke readers read kartey haen। aur joo readers likhna नहीं caahtey wo bi is contest main participate krr shaktey haen "Best Readers Award" ke liye aapko bas krna yeh hoga की contest main posted kahaniyan ko read karke unke Uppar apne views dene honge.
Winning Writer's ko well deserved Awards milenge, उसके aalwa aapko अपना thread apne section में sticky karne ka mouka bi milega Taaki aapka thread top पर rahe uss dauraan। iss liye aapsab ke liye yeh एक behtareen mouka h Xforum ke sabhi readers ke Uppar apni chaap chhodne kaa aur apni reach badhaane ka.
Entry thread 7th February ko open hoga matlab ap 7 February से kahani daalna suru krr shaktey haen aur wo thread 21st February takk open rahega is dauraan ap apni kahani daal shakte haen। iss liye ap abi से apni kahani likhna suru kardein तो aapke liye better rahega.
koy bi issue hu तो ap kissi bi staff member ko Message krr shaktey haen.
Regards : XForum Staff.
चढ़ती जवानी की अंगड़ाई - pani chhutna - Kahani ab aur interesting hogi
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