टप्पू गोकुलधाम का हीरो (कहानी Tarak Mehta ka ulta chashma ki) - Hindi Sex Story - Complete Kahani All Parts
मेरे प्रिय पाठकों मे आज आपके समक्ष जोँ स्टोरी प्रस्तुत करनेजा रहा हूं वो हमारे प्रिय शो तारक मेहता कां उल्टा चश्मा सें हैं|
तारक मेहता केँ उल्टा चश्मा केँ संगसब परिचित हि होंगे इसलिये मे आपको इसके पात्रों सें नहि introduce raha करआता हूं वक्त केँ संग आप् इसके पात्रों कों स्वयं जान जाएंगे मेरीये कथा अन्यसब कहानियों सें बहोत अलग हैं सब कहानियों मे तारक मेहता केँ पात्र यकायक संभोग मे आँ जाते हें परंतु मेरी स्टोरी मे ऐसा नहि हैं सब पात्र संस्कारी एवं जेसाअसल सीरियल मे दिखाया जाता हैं वैसे हि हैं कोई भि सेक्स कि ऐसी मंशा नहि रखता हैं जैसा अन्य स्टोरी केँ लेखक दिखाते हें| दूसरी बात मित्रों ये कि मेरीइस कथा मे कई प्यारी अभिनेत्रियां हैं परंतु इस किस्सा कां मुख्य किरदार केवल एक् हैं हमारा प्यारा टप्पू जीहां इसकथा कां पूरा केंद्र किरदार मात्र औऱ मात्र टप्पू हि होगायदि किसी शख्स कों यदिये कथाये बात नाँ मनपसंद हौ तोँ वो येकथा छोड़ सकता हैं चलिए पाठको आपको अधिकदेर नाँ कराते हुए सीधे किस्सा औऱ लेँ चलता हूं
गर्मी कि छुट्टियां चलरही थि वक़्त कुछ 11:00 बजे कां थां कंपाउंड मे औरत मंडल सब्जी खरीदरहा थां परंतु यहां पऱ अभि बसदो हि महिलाएं मौजूद थें एक् दया औऱ दूसरी हम् साभी कि प्यारी बबीता चलिए मे आपको इनसे परिचय करा देता हूं|
दया जोकि जेठालाल कि पत्नि थि जेठालाल शहर कां एक् धनाढ्य शख्स थां बहुत पैसे वाला थां इन दोनों कां एक् बेटा भि थां औऱ वही बेटा हमारी इस किस्सा कां प्रमुख किरदार हैं|
दूसरी औरत जिसका नाम बबीता हैं एक् साइंटिस्ट कि पत्नि हैं बबीता केँ बारे मे क्याँ हि बोलाजाए दिखने मे एकदम विदेश सें आई लगती हैं सुनहरे बाल सफ़ेद रंग औऱ जौ सबसे आकर्षक चीज बबीता मे फूल हैं उसके बड़े बड़ेदूध औऱ उसकी मोटी मोटी गांड.
उसकेदूध देखकर आपको लगेगा उनमें अपना मुंहडाल केँ उनकोबस चूस लेँ हमारे मुख्य किरदार टप्पू केँ पिता जेठालाल भि बबीता केँ बहोत बड़े दीवाने हें बबीता कि गांडजब चलती हैं तौ इतनी बलखाती हैं कि पूछिए मत कपड़े भि बहोत टाइट पहनती हैं जिसे जींसशॉट मिनी स्कर्ट भि पहनती हैं बबीता बबीता कि टांगे भि बहोत गोरी हैं जलवा हैं बबीता कां उसके मोटे मोटेदूध औऱ बड़ी बड़ी गांड किसी भि नौजवान कां लिंग खड़ाहो जाए|
दोनों महिलाएं सब्जीखरीद रही थि तभी सब्जीवाली नें पूछा कि सोसाइटी कि बाकी महिलाएं कहां हैं जिस पर्र बबीता नें बोला कि कोमल भाभी अपने मायके गई हुई हैं औऱ रोशन भाभी अपने ससुराल गई हैं पूरे परिवार केँ संगफिन दया बोलि अंजली भाभीजी उनकी बेहन केँ यहां गई हैं दो-चार दिन मे वापस आएंगे औऱ माधवी बेहन आचार पापड़ कि डिलीवरी करने गई हैं इसलिये आज हम् दोनों हि सब्जी लेनेआए हें जिस पऱ सब्जी वाली नें बोला अच्छा ठीक हैं ठीक हैं वैसे भि गर्मी कि छुट्टियां चलरही हैं तोँ सब अपने रिश्तेदारों केँ घऱ तोँ जाते हि हें| जिस पऱ बबीता नें अंग्रेजी मे बोला that true जोँ कि दया कों पल्ले नहि पड़ा औऱ वो मतलब पूछने वाली थि तभी सोसाइटी मे जेठालाल दौड़ते हुएआया
जेठालाल बहुत चिंता मे थां उसनेदया कों फटाफट सामान बांधने कों बोलाजिस पऱ दया नें पूछा टप्पू केँ पिताजी क्याँ हुआ आप् इतनी चिंता मे क्यूं हैं जेठालाल दया अभि खूबसूरत कां मोबाइल आया थां अहमदाबाद सें बताया कि मम्मी कि तबीयत बहोत खराब हैं औऱ वो अस्पताल मे भर्ती हैं औऱ हमको अहमदाबाद आने कों बोला हैं दया चिंता मे आँ गई औऱ उसने जेठालाल सें उसका मोबाइल मांगा
जेठा:- अभि तेरे कों मोबाइल क्यूं चाहिए
टप्पू केँ बापूम लाइए मे हसीन सें बात करती हूं जेठालाल नें क्रोध होतेहुए बोला कि अरे भइयाये सभी छोड़ना हम् वहांचल हि रहे हें नाँ असम केँ बातकर लेना तूँ फटाफट सामान बांधने भइयादया नें जेठालाल कों शांत करते होँ बोलाठीक हैं ठीक हैं आप् क्रोध मत करिए मे सामान पैककर देती हूं आप् टप्पू कों बुलालाई हैं वो यहां गार्डन हींखेल रहा होगा|दया कि बात कों बीच मे भि काटते हुए जेठालाल नें बोला कि plane कि 2 टिकटमिल पाई हैं इसलिये हम् टप्पू कों अपनेसंग नहि लें जा सकते|दया चिंता जताते हुए बोलि ईधर टप्पू कों कहां छोड़कर जाएंगे टप्पू केँ बापू पिताजी जी भि नहि हें अभि तौ
जेठा:-दया १कामकर मे अंजली भाभी सें बात करता हूं हम् टप्पू कों अंजली भाभी केँ पास छोड़ देंगे
दया :- टप्पू केँ बापू हम् टापू कों अंजली भाभीये छोड़ केँ नहि जा सकते
जे ठा :- क्यूं नहि छोड़ सकते
दया:- क्योंकि अंजली भाभी 2 दिन केँ लिए उनकी बेहन केँ यहां गई हैं
जेठा:-ओहो दयाये तोँ प्रॉब्लम हौ गई हैं
येसभी बातें बबीता नें सुन केँ बोला जेठाजी आप् चाहे तौ टप्पू कों मेरेसंग छोड़कर जा सकते हें
जेठा:-बबीता जी हम् आपको तकलीफ केसेदे सकते हें
जिस पऱ बबीता नें मुस्कुराते हुए बोला जेठजी इसमें तकलीफ कि क्याँ बात हैं टप्पू मेरा भि तोँ बेटा हि हैं औऱ आप् उसको अंजलि भाभी केँ यहां छोड़दे वैसे हि आप् मेरेहाथ उसको छोड़कर जा सकते हें बहोत अच्छे सें ख्याल रखूंगी अपने बेटे केँ जैसा आप् बिल्कुल चिंता मत कीजिएगा बबीता कि बात सुनकर जेठा नें खुशी-खुशी बोला थैंकयू बबीता जी थैंकयू औऱ दया नें भि जेठा कां संग देतेहुए बोला थैंकयू
फिन जेठातेज आवाज़ मे बोलादया तूँ खड़ी क्याँ हैं जाकर सामान पैक करना हमकोलेट हौ रहा हैं फ्लाइट केँ लिए। तभी टप्पू आँ गय़ा उसने पूछा कहां जानां हैं पिताजी हम् भि गर्मी छुट्टी मे घूमने जारहे हें। जेठालाल टप्पू कों देखकर बोला बेटा हम् नहि मां औऱ मे जारहे हें बस अहमदाबाद टप्पू जोँ कि अभि बच्चा हि थां उसने पूछाये गलत हैं बापू आप् औऱ माँ क्यूं जारहे हें मे अकेला यहां क्याँ करूंगा जेठालाल नें फिन क्रोध करतेहुए बोला कि बेटा तेरी नानीमा कि तबीयत बहोत खराब हैं इसलिये मुझे अर्जेंट मे टिकट निकालना पड़ा औऱ दो हि टिकटमिल पाया हैं इसलिये तेरी माँ औऱ मे हि जारहे हें औऱ हम् कोई घूमने नहि जारहे हें फिन टप्पू नें उदासी सें पूछा मे अकेला क्याँ करूंगा।
बबीता जी केँ घऱ रहना बबीता जी तुम्हारा ध्यान रखेंगे
टप्पू कां चेहरा उदासी सें लटक गय़ा जिस पर्र दया नें उसको बोला तुँ चिंता मतकर नानीमा कि तबीयत ठीक होँ जाएगी तौ हम् वापस आँ जाएंगे कुछ हि दिन कि बात हैं बबीता आंटी तेरा ख्याल रखेंगे बबीता नें भि टप्पू कों देखकर बोलीं don't be sad tappu हम vacation इंजॉय करेंगे ok
टप्पू भि खुशी-खुशी ok बोला
जेठालाल नें बोला टप्पू फटाफट नाके सें कैब तोँ लेकर आँ जा
टप्पू भि जल्दी कैब लेने केँ लिए निकल गय़ा औऱ दया औऱ जेठा सामान पैक करनेघऱ चलेगए थोड़ी देरबाद दया औऱ जेठा सामान पैककर केँ नीचेआए बबीता भि वही थि जेठा नें बोला कि टप्पू अभि तक कैब लेकर नहि आया बबीता नें बोला नहि जेठाजी अभि तक तौ नहि आयाजिस पर्र जेठा नें फिन क्रोध करतेहुए बोला कितना लेट हौ रहा हैं ये टप्पू कहां रह गय़ा दया नें जेठालाल कों शांत करतेहुए बोला टप्पू केँ पिताजी आँ रहा होगा टप्पू आप् क्रोध मत कीजिए जेठालाल औऱ क्रोध करतेहुए बोला केसे क्रोध नां करो वहां फ्लाइट छूट जाएगी तभी बबीता बोलीं जेठाजी शांत होँ जाइए देखिए वहां सें एक् रिक्शा आँ रही हैं उस रिक्शा मे टप्पू नहि थां कोई औऱ थां जेठा नें बोला हम् ये रिक्शा लेकर हि चलते हें जब टप्पू रिक्शा लेकर आएगा तोँ बबीता जी आप् उस रिक्शा कों वापसकर देना हमें अभि लेट होँ रहा हैं तौ हम् निकलते हें बबीता नें जेठालाल ओके बोला औऱ जेठा औऱ दया रिक्शा मे बैठकर अहमदाबाद केँ लिए निकलगए थोड़ी देर मे टप्पू बिना रिक्शा केँ वापसआया औऱ उसने बबीता सें पूछा आंटी कि बापू माँ कहां हैं तौ बबीता नें बताया कि एक् रिक्शा आई थि उसी मे जेठाजी औऱ दया भाभी निकलगए टप्पू बोला मुझे तौ कोई रिक्शा मिली नहि बबीता नें टप्पू कों शांत करतेहुए बोला कि बेटा कोईबात नहि बापू माँ कों मिल गई हैं रिक्शा आप् चिंता मतकरो ठीक हैं ओके बबीता aunti
तब हि वहां सोनूआई औऱ बबीता कों गुड मॉर्निंग किया औऱ टप्पू कों ओह बोला टप्पू नें भि सोनू कों हायरे किया
क्याँ कररहा हैं यहां पर्र सभीकुछ ऐसा सोनू नें पूछा टप्पू नें जवाब दिया कि सोनू मां पिताजी अहमदाबाद गए हें मेरी नानीमा कि तबीयत खराब हैं इसलिये उनको देखने गए हें तौ सोनू नें पूछा कि तुँ नहि गय़ा तोँ टप्पू नें कहा कि सोनू प्लेन कि टिकट नहि मिली थि इसलिये मे नहि जासका फिन सोनू नें पूछा कि तुँ यहां अकेला कहां रहेगा तौ पप्पू नें बताया कि मे बबीता आंटी केँ संग रहूंगा कुछदिन केँ लिएओके फिन सोनू बोलीं देख्ना वेकेशन चालू होँ गए हें पऱ सारी टप्पू सेना कहीं नां कहीं घूमने चली गई हैं औऱ सोसाइटी मे केवल हम् दोनों हि बचेहुए हें अब हम् खेलेंगे किसके संग तौ बबीता नें बोला सोनू बेटा आपको खेलना हौ तौ आप् मेरेघऱ आँ सकती होँ कभी भि तोँ सोनू नें बबीता कों थैंक्यू आंटी बोलाफिन टप्पू नें बोला कि हम् अभि खेलते हें सोनू नें बोला बहोत दुप हौ रही हैं यहां तोँ अभि कंपाउंड मे केसेखेल सकते हें तौ टप्पू नें कहाचल क्लब हाउस चलते हें वहां पर्र कैरम खेलेंगे सोनू नें कहाओके बोला
टप्पु नें बबीता आंटी सें पूछा मे बबीता आंटी क्लब हाउस मे खेलने जाऊं बबीता नें कहाजाओ लञ्च केँ समय पऱ आँ जानां मे लञ्चबना रही हूं ठीक हैं टप्पू नें कहाठीक हैं फिन टप्पू औऱ सोनू क्लब हाउस मे खेलने चलेगए टप्पू औऱ सोनू पहुंचे औऱ उन्होंने कैरम खेलना चालूकर दिया
अब मे सोनू केँ बारे मे बताता हूं टप्पू कि बेस्ट फ्रेंड सोनू हैं सोनू भिड़े मास्टर कि बेटी हैं औऱ उसकी माँ कां नाम माधवी हैं जौ अभि अचार पापड़ डिलीवरी करने गई थि सोनू टप्पू सें कद मे थोड़ी सि बड़ी हैं औऱ जैसा कि आप् सब कों पता हैं सोनू अभि बच्ची हैं तुँ उसके बूब्स औऱ गांडकुछ भि नहि हैं दूध कि स्थान हल्के हल्के सें नींबू आँ चुके हें थोड़ी-थोड़ी गांड फूलने लगी हैं सोनू बच्चों वाले कपड़े पहनती हैं अभि सोनू नें एक् मिनी स्कर्ट जौ कि उसकीकमर सें थोड़ी सि हि नीचे आँ रही थि इतनासमझ लीजिए बस उसकी चड्डी वाला हिस्सा ढकाहुआ थां उस स्कर्ट केँ ऊपर सोनू टाइट टीशर्ट पहनी थि जिसमें सें उसके निंबू साफदिख रहे थें सोनू बहोत हि हसीन लड़की हैं यहां मे आपको एक् बातबता देना चाहता हूं कि यहां जौ सोनू कि मे बातकर रहा हूं वो सबसे पहली सोनू हैं जिसका नाम जियल मेहता थां औऱ उसकी लंबाई हमेशा टप्पू सें ज़्यादा हि रही हैं टप्पू सोनू केँ कंधे केँ करीब-करीब आता हैं
सोनू कों टप्पू बहोत मनपसंद थां सारी टप्पू सेना मे सोनू मात्र टप्पू कों हि पसन्द करती थि बाकी भि उसके साथी हैं पऱ टप्पू कों साथी सें बहोत अधिक मानती थि टप्पू भि सोनू कों अपनी बेस्ट फ्रेंड मानता थां दोनों केँ बीच एक् अलग हि नाता थां टप्पू औऱ सोनू क्लब हाउस मे कैरम खेलते हुए बातें कररहे थें सोनू बोलि कि टप्पू देख्ना हमारे सारे फ्रेंड कहीं नां कहीं घूमने चलेगए हमें दोनों बस सोसाइटी मे हें
मे तौ घऱ पऱ बोर होँ जाती हूं टप्पू भि बोला सोनू मेरेसंग भि ऐसा हि हैं मे भि घऱ पर्र बोर होँ रहा हूं वैसे सोनूकल तुँ औऱ फैमिली कहां गए थें तब सोनू बोलीं कि कलआई औऱ बाबा मुझे मूवी दिखाने लेँ गए थें टप्पू खुशी सें बोलावाओ सोनूकौन सि मूवी सोनू नें जवाब दिया कि आशिकी 2 नाम कि जौ नई मूवीआई हैं वो टप्पू नें कहा वो मूवी तौ ट्रेलर देखा हैं एक् गाना भि बहोत फेमस हैं तुम् हि होँ करके सोनू नें कहा तूने वो गाना देखा हैं टप्पू हां देखा हैं बहोत अच्छे लिरिक्स सोनू बोलीं हूं लिरिक्स तौ अच्छे हें उसमें सीन भि बहोत अच्छे ह
टप्पू नें जिज्ञासा सें पूछा सोनूकौन सां सीन तौ सोनू नें भि उत्सुकता सें जवाब दिया टप्पू सबसीन अच्छे हें पर्र एक् सीन मुझे बहोत अच्छा लगा
टप्पू नें पूछाकौन सां
सोनू बोलि वो जौ हीरो हीरोइन बारिश मे हीरो कि जैकेट केँ नीचेकिस करते हें वो सीन
टप्पू नें हैरानी सें पूछा तुझेही केसेपता कि हीरो हीरोइन जैकेट केँ नीचेकिस कररहे थें जिस पर्र सोनू नें बोलाअरे टप्पू तुँ अभि बच्चा हि हैं तेरे कों इतना भि नहि पता फिल्म मे हीरो हीरोइन किस्स करते हें होठ सें होठ लगाकर
टप्पू नें फिन हैरानी सें बोलासच बोलरही हैं क्याँ तुँ सोनू हीरो हीरोइन होठ सें होठ लगाते हें हां टप्पू हीरो हीरोइन होंठों सें होंठ लगाते हें मैंने तौ इंग्लिश मूवी मे देखा हैं हीरो हीरोइन एक् दूसरे केँ मुंह मे जीभ भि डालकर किस करते हें टप्पू नें बेचैनी मे बोलाछई ऐसेकोई एक् दूसरे केँ मुंह मे जीभ थोड़ी डालता हैं डालते हें टप्पू इंग्लिश मूवीस मे मैंने देखा हैं
टप्पू बोला आजकल तुँ बहोत इंग्लिश मूवी देखने लगी हैं
सोनू बोलीं बाबा नें हि बोला मेरे कों इंग्लिश मूवी देखने सें इंग्लिश इंप्रूव होती हैं इसलिये मे देखती हूं अब उसमें येसभी कॉमन रहता हैं।
टप्पू नें सोनू सें पूछा कि अगर तेरे कों किस्स करने कां मौका मिले तौ करेगी सोनू नें बिना झिझक सें बोला कि क्यूं नहि टप्पू पर्र कोई मिलना तोँ चाहिए सोनू वो तोँ तुझको विवाह केँ बाद हि मिलेजिस पर्र सोनू नें हंसते हुए बोला क्याँ टप्पू तुँ भि विवाह तक कौनवेट करेगा टप्पू नें पूछा मतलब
सोनू बोलि मे तौ विवाह केँ पहले हि बहोत कुछकर लूंगी फिन टप्पू बोलाये सभीगलत बात हैं सोनू
तौ सोनू बोलीं डोंट भि चाइल्ड्स टप्पू आजकलये सभी कॉमन हैं सभीलोग करते हें औऱ तूँ जानता हैं अगर मेरे कों मेरा पहलाकिस चाहिए होगा तौ वो कौन होगा
टप्पू नें उत्सुकता सें पूछाकौन सोनू
तौ सोनू नें रिप्लाई दियासोच करबता टप्पू कौन होगा
तोँ टप्पू बोलाअरे सोनू प्लीज पहेलियां मत बुझाओ बताना कौन होगा तोँ सोनू बोलीं अरे मेरे नादान टप्पू ओबवियसली तूँ हि हौ मे किसी औऱ कों पहलाकेस करने हि नहि दूंगी तेरे सिवाय जिस पर्र टप्पू नें हंसकर बोला क्याँ सोनू तूँ भि कुछ भि बोलती हैं जिस पऱ सोनू बोलीं मे सचबोल रही हूं
मे पहलाकिस तेरे कों हि करना चाहूंगी फिन टप्पू नें बात टलने केँ लिए बोलाठीक हैं जबसमय आएगातब कर लेनातभी उन्हें बाहर् सें बारिश कि आवाज़ आई औऱ बादल कड़कने कि सोनू बोलीं टप्पू शायद बाहर् बारिश होँ रही हैं चलना हम् क्लब हाउस कि छत पऱ जाकर बारिश मे नहाते हें टप्पू बोला दोस्त सोनू मेरा गीला होने कां मन नहि हैं फिन सोनू नें बोला प्लीज टप्पू चलना अपने बेस्ट फ्रेंड कि बात नहि मानेगा जब भि सोनू टप्पू कों बेस्ट फ्रेंड वालीबात बोलती थि तोँ टप्पू कभी भि सोनू कों मना नहि कर पाता थां नां चाहते हुए भि उसको हमेशा बेस्ट फ्रेंडशिप केँ लिए सोनू कि बात माननी पड़ती थि इसलिये टप्पू नें हांभर दि औऱ दोनों क्लब हाउस कि छत पऱ चलेगए बारिश बहोत जोरदार होँ रही थि कंपाउंड मे भि कोई नहि थां सब अपने घरों मे थें टप्पू औऱ सोनू बहोत देर तक बारिश मे भीगते रहेफिन टप्पू नें सोनू कि तरफ देखा सोनू कि वाइट टीशर्ट पूरीतरह सें ट्रांसपेरेंट होँ गई थि औऱ सोनू नें अंदर भि कुछ नहि पहनरखा थां टप्पू कों सोनू कि छातीसाफ दिखरही थि उसकी छाती मे हल्के उठेहुए पहाड़ देखरहे थें औऱ उसके निपल्स कों भि साफदेख पारहा थां जोँ बारिश कि ठंडक सें कड़क हौ गए थें।
पऱ टप्पू कों उस वक़्त बिल्कुल भि सेक्स याँ उस सें रिलेटेड किसी भि चीज कां कोई नॉलेज नहि थां यूं तौ टप्पू बहुत मस्तीखोर लड़का थां परंतु यदिइन सभी कि बात कि जाए सेक्स औऱ ऐसी चीजों केँ संबंध कि तोँ उसका नॉलेज बिल्कुल हि जीरो थां वो सेक्स सें संबंधित कोईबात नहि जानता थां वोँ अपने दादा केँ सिद्धांतों मे मानता थां औऱ अच्छी बातें हि सीखता थां कभीगलत चीजों मे उसका ध्यान नहि रहा इसलिये ऐसी स्थिति मे सोनू कों देखकर भि उसकेमन मे कोईगलत ख्याल नहि आया परंतु सोनू जिसने इंग्लिश मूवीस देख्ना शुरुआत कर दि थि थोड़ी बिगड़ चुकी थि सोनू नें टप्पू केँ पास जाकर बोला टप्पू क्यूं नाँ हम् वो आशिकी 2 वालासीन करें टप्पू बोला क्याँ बोलरही हैं सोनू पागल हौ गई हैं क्याँ कुछ भि बोलती हौ सोनू नें टप्पू कां हाथ पकड़ लिया औऱ बोलि टप्पू प्लीज नाँ मेरे कों एक् बार करना हैं प्लीज प्लीज प्लीज टप्पू
सोनूये सभीगलत हैं
प्लीज टप्पू अपनी बेस्ट फ्रेंड केँ लिए इतना नहि करेगा
दोस्त सोनू तुँ ये बेस्ट फ्रेंड वालीबात बोलकर हमेशा मुझे फंसा देती हैं चलठीक हैं करते हें क्याँ करना हैं बता
फिन सोनू नें अपनेबैग सें रेनकोट निकाला औऱ जैसे आशिकी 2 मे हीरो हीरोइन जैकेट केँ नीचेआते हें वैसे टप्पू औऱ सोनू आँ गएफिन सोनू बोलीं दोस्त टप्पू तेरीकद इतनीकम क्यूं हैं मुझे हीरो वाली फीलिंग आँ रही हैं औऱ मुझेलग रहा हैं तुँ हीरोइन हैं
टप्पू थोडा क्रोध करतेहुए बोला दोस्त सोनू तूँ मेरे लंबाई कां मजाकमत उड़ा
सोनू बोलि अच्छा सॉरी टप्पू नहि उड़ाती तेरीकद कां मज़ा पर्र तुँ समझ कि हीरो हमेशा लंबाई मे अधिक होता हैं औऱ हीरोइन कम
टप्पू बोलाठीक हैं बाबा मे हीरोइन तुँ हीरो होँ जा
सोनू बोलि ऐसाकुछ नहि तूँ हमेशा मेरा हीरो रहेगा तुँ हमेशा इस गोकुलधाम कां हीरो रहेगा
फिन उसने धीरे धीरे टप्पू केँ होठों कि तरफ बढ़ने लगी औऱ थोड़ी देर मे उसने अपने होंठ टप्पू केँ होठ सें जोड़लिए औऱ किस करना स्टार्ट कर दि सोनू टप्पू केँ होठों कों चूसेजा रही थि फिरभी टप्पू औऱ सोनू दोनों मे सें किसी कों भि किस कां कोई नॉलेज नहि थां पर्र सोनू नें जितना English movies मे देखा थां उससे हि कोशिश कररही थि औऱ टप्पू केँ होठों कों आम कि तरहचूस रही थि थोड़ी देर मे टप्पू कों भि समझ आँ गय़ा कि क्याँ करना हैं औऱ उसने भि सोनू केँ होठों कों चूसने लगए दोनों एक् दूसरे केँ होंठों कों चूमजा रहे थें दोनों केँ बीच मे सें हवापास होने तक कि स्थान नहि थि सोनू नें टप्पू कों अपनी बाहों मे कस केँ जकड़कर किसकर रहे थें दोनों केँ ऊपर बारिश सें बचाने केँ लिएबस rain coat कों डाला थां बाकी नीचे सें दोनों भीगरहे थें बारिश मे येकिस दो आशिकों केँ बीच हि हौ सकती थि हालाकी टप्पू औऱ सोनू अभि बच्चे थें औऱ फ्रेंड्स थें परंतु वो दोनों केँ अंदर एक् दूसरे केँ लिए बेहद प्रेम भि थां जिसमें सोनू तौ टप्पू कों बेतहाशा प्रेम करती थि सोनू टप्पू केँ होठों कों चोसेरही थि दोनों कि होठ सें निकलती थूक थि बारिश केँ पानी केँ संगमिल रही थि औऱ दोनों एक् दूसरे कों पागलों कि तरहकिस कररहे थें टप्पू कि फुल फॉर्म मे थां फिरभी उसनेकभी किया नहि
फिन टप्पू कों महसूस हुआ कि उसके पैंट मे उस केँ नन्नू मे कुछ हौ रहा हैं वोँ बहोत टाइट हौ गय़ा जैसा अक्षर सुभहतेज बाथरूम लगने मे होता थां पऱ आज पहलीबार ऐसे वक्त पऱ टाइटहुए हें
टप्पू कों अभि ल** केँ टाइट होने कां कोई नॉलेज नहि थां उसकोसमझ नहि आँ रहा वोँ कि नहि जानत टाइट केसे होँ गय़ा औऱ अब वो टाइटल** सोनू कि च** मे चुभरहा थां सोनू भि टप्पू केँ ल** कों अपनीच** मे महसूस करपारही थि औऱ उसको भि किस सें ज़्यादा सेक्स कां कोई नॉलेज नहि थां दोनों एक् दूसरे कों किसकिए जारहे थें फिन टप्पू होठ कों दूर करतेहुए बोलाबस कर सोनू कितना किस करेगी होँ गय़ा नां तेरामन कां सोनू बोलीं बहोत आनंदआया टप्पू मुझे बहोत अच्छा लगा मेराबस चले तौ सारी जीवन तुम को झूमती रहो थैंकयू टप्पू टप्पू बोला
कोई नहि सोनू तेरी फ्रेंडशिप केँ लिएकुछ भि फिन सोनू नें टप्पू केँ गाल पर्र किस कियाफिन टप्पू बोला अभि भि मन नहि भरा क्याँ सोनू बोलि नहि कोईबात नहि फिन टप्पू बोला बबीता आंटी मेरे कों दोपहर का खाना केँ लिए बोला थां बहुतदेर हौ गई हैं वो मेरावेट कररही होंगी
सोनू बोलीं हांआई भि शायद वापस आँ गई होगी उनको भि मेरी चिंता होँ रही होगीचल फिन चलते हें घऱ
टप्पू बोला सोनू मुझे तेरेसंग किस करके अच्छा लगा सोनू बोलि सेम हियर टप्पू औऱ तूँ मेरा बेस्ट फ्रेंड हैं टप्पू टप्पू बोला थैंकयू सोनूऐसा करके दोनों टप्पू औऱ सोनू अपने घरों कि ओरचलदिए।
कथा कि शुरुआत तौ बहोत हि बढ़िया ढंग सें हुईँ हैं । आगेआगे देखते हैं टप्पू ओर सोनू क्याँ क्याँ गुल खिलाते हैं
I love too write new part lekin people don't comment on my post that's by I don't feel motivated too write new one
टप्पू गोकुलधाम का हीरो (कहानी Tarak Mehta ka ulta chashma ki) - Hindi Sex Story – New Episode
UPDATE 2
टप्पू औऱ सोनू दोनों सीढ़ियों सें नीचेउतर रहे होते हैं।
सोनूआगे कि ओरचलरही होती हैं औऱ टप्पू उसके पीछे पीछे
सोनू केँ कपड़े पूरी तरीके सें भीग चुके थें उसकी टी-शर्ट उसकेपेट सें पूरीतरह चिपक चुकी थि औऱ स्कर्ट गांड सें
टप्पू जौ कि सोनू केँ पीछेचल रहा थां उसकी बलखाती गांड कों देखे बिना नहींराह पारहा थां उसकी नज़र सोनू कि slim leg सें उसकी गांड तक जारही थि बारिश मै भीघी होने केँ कारण बहोत सेक्सी नज़र आरही थि।
यहसभी दर्श टापू केँ मन मे संबेदना उठारहे थें उसकोसमझ नहीं आँ रहा थां कि अचानक उसको सोनू कि नँगी टांगे देखकर बेचनी क्यूं महसूस होँ रही थि इसी बेचनी तौ उसकोबस tv मे heroin कि टांग औऱ bikini मे उनके अदनागे जिस्म कों देख केँ होती परन्तु यह पहलीबार थां कि जब उसकोयह सभी सोनू कों देखकर महसूस होँ रहा थां। दूसरी तरफ सोनू टप्पू केँ संगकिस करने सें गर्मी औऱ बड़ गई, थि वोँ टापू केँ नरम होठो केँ अहसास कों अपने होंठों पर्र महसूस कां पर्र रही थि बारिश मे टापू केँ संग चिपककर जिसे उसनेआज किस किया थां उससे उसके body मे एक् अलाग हलचल हौ रही थि यू तोँ बारिस सें उसकी बॉडी ठंडी थि परतु अंडर एक् अलग गर्मी चडी थि औऱ इस गर्मी कां कोईसही अहसास थां तौ वोँ उसकी टांगो केँ बीच थां जहां टापू केँ संग केँ kiss केँ बाद सें हि भाटी जैसीआग जलरही रही थि दोनों अपनी असमंजस कों टांगों केँ बीच दवाईचले जारहे थें टप्पू कां तोँ हाल बेहाल थां क्योंकि अब उसका नन्नू सोनू कि टांगों कों देखकर टाइट होनेलगा थां उसकोसमझ नहि आँ रहा थां उसके इसको क्याँ प्रॉब्लम हौ गई हैं येफिन क्यूं टाइट होँ गय़ा टप्पू यहीसभी दुविधा सोचरहा थां सीडी सें नीचे उतरते हुए।
जब कंपाउंड कि दो हि सीढ़ियां बाकीरह जाती हें तभी सोनूपलट केँ टप्पू कि ताफ़र देखती हैं टप्पू जोकी पहलीबार कंमवसना कां अनुभव कररहा सोनू कि तीखी नज़र सें खौफखा जाता हैं सोनू भि देखती हैं कि टप्पू कि नज़रे उसकी नंगी टैंगो पर्र थि औऱ उनकोदेख केँ उसके चारे पऱ छारही मदहोशी कों भि जान गई, थि टप्पू सोनू केँ एकदम प्लटने सें घबरा जाता हैं औऱ अपना संतुलन खो बैठता हैं बारिश कि वजह सें सीडीओ पर्र कप कॉफ़ी गीलापन होँ गय़ा थां उन पर्र फिसलन होँ गई थि टप्पू स्वयं कों संभालने कि कोशिश करता हैं पर्र उसकी कोशिश नाकाम रहती हैं औऱ वो फिसल केँ नीचे कि ओर गिरने लगता हैं। सोनू टप्पू कों साभलने कि कोशिश करती हैं औऱ वो भि कोशिश मे नाकाम होती हैं अब टप्पू सोनू कों अपनेसंग लिए गिरने लगता हैं सोनू कों चोट नां लगे इसलिये बीचहवा मे टप्पू स्वयं कों पलट लेता औऱ सोनू कों पकड़ लेता जीससे गिरते समय टप्पू पहले गिरता हैं औऱ सोनू उसकेउपर आँ गिरती हैं गिरने केँ impact सें टप्पू कि आँ निकल जाती हैं
सोनू कों भि थोडा लगता हैं पर्र टप्पू केँ उपर गिरने केँ कारणउस कों जादा एशास्स नहीं होता
सोनू औऱ टप्पू दोनों बारिश मे गिले हौ रहे थें
टप्पू नीचे थां सोनू उसकेउपर थि
सोनू कां मुख बिकुल टप्पू केँ मुख केँ उपर थां।
दोनों केँ होठों केँ बीच मात्र 2 cm कां फासला थां
अचानक गिरने केँ कारण दोनों कों तौ यह एहसास नहीं थां कि अभि वोँ किस कर्मठ position मे हैं
टप्पू कां तोँ हालबे हाल थां गिरने केँ कारण परन्तु सोनू कों जादाकुछ नहींहुआ थां इसलिये उसने जल्दहोस संभल लिया जिसे हि सोनू कों एहसास हुआ कि वोँ औऱ टप्पू किस position मे हैं औऱ उसके औऱ टप्पू केँ होठों केँ बीचबस थोडा फाशला हैं
औऱ दोनों एक् मूवी केँ हीरो heronie जिसे filmy style मे एक् दूसरे केँ उपर हैं उसनेदेर न् करतेहूए सीधे टप्पू केँ होठों सें अपने होठो कों जोड़ लिया औऱ चुम्न चालूकर दिया
फिलाल तौ टप्पू कों दर्द केँ कारण एहशास् पर्र जिसे हि उसको सोनू कि bodyऔर उसके कोमल होठों कां वजन महसूस हुआ उसने स्वयं कों छुड़ाने कि कोसिस मे लग गय़ा परंतु सोनूफटक सें टप्पू केँ हाथों कों अपने हाथों सें दबा लिया औऱ अपनी body कां पुरावजन उसकी BODY पर्र press कर दिया औऱ टप्पू कों अपनी गिरफ्त मे लेँ लिया टप्पू गिरने केँ कारणउठा भि नहींपा रहा थां इसलिये वोँ सोनू कों हटा भि नहीं पाया
दूसरा सोनू टप्पू सें थोड़ी height मे लंबी हैं इसलिये उसने टप्पू कों एकदम tight पकड़ लिया।
अब टप्पू नें हरमान ली औऱ सोनू कों वोँ करने दिया जौ उसकी ख़्वाहिश थि
सोनू नें भि जान लिया कि उसका प्यारा टप्पू अब कहीं नहीं जाने वाला इसलिये उसने पकड़ कों थोडा ढीला छोड़ा औऱ अपने होठों कां जोर टप्पू केँ होठो पऱ बढ़ा दिया औऱ जोरजोर सें चुसना स्टार्ट कर दिया
सोनूफुल ताकत सें टप्पू केँ होठों कों चुसेजा रही थि टप्पू कों तोँ समझ नहि आँ रहा थां कि सोनू क्याँ कररही हैं पर्र सोनू कों बहोत मज़ा आँ रहा थां उसने धीरे-धीरे सें अपनीजीभ बाहर् निकाल ली औऱ टप्पू केँ होठों कों चाटना स्टार्ट कर दिया
परंतु टप्पू उसकासंग नहि देरहा थां इसलिये सोनू नें थोडा सां जोर लगाया औऱ अपनीजीभ जबरदस्ती टप्पू केँ मुंह मे डाल दि औऱ अब टप्पू औऱ सोनू कि जीभआपस मे टकराने लगी थि औऱ सोनू अपनीजीभ कों टप्पू केँ मुंह मे घुमाने लगी टप्पू कों सोनू कि जीभ कां एहसास बहोत अच्छा लगा औऱ उसने भि सोनू कां संग देना स्टार्ट कर दिया दोनों चुंबन मे मदहोश होँ चुके थें दोनों कों आसपास कां कोईअता पता नहि थां सोनूबस टप्पू केँ होठों कों चूसेजा रही थि दोनों कि जीभआपस मे कुश्ती लड़रही थि दोनों कों मधुउसी कां एहसास होनेलगा थां बारिश कि ठंडीहवा होने केँ बाद भि दोनों दोनों कों जिस्म केँ अंदर गर्मी कां एहसास होँ रहा थां टप्पू कां नन्नू जोँ अभि तक आधाखडा हुआ थां अब उसकी shorts मे तम्बू बन चुका थां
सोनू जौ टप्पू केँ उपर थि उसकी स्कर्ट गिरते waqt हवा मे उड़कर उल्टी हौ गयीँ, थि जिसे उसकी panty नज़र आरही थि
टप्पू कों यह kiss कां एहसास बहोत कों अच्छा लगरहा थां औऱ मदहोशी मे उसने अपनेहाथ सें सोनू कि कमर कों पकड़ना चाहा परंतु सोनू कि लंबाई ज़्यादा थि इसलिये टप्पू केँ हाथ मे जोँ आया वो सोनू कि कां कमर नहि बल्कि उसकी पेंटिंग केँ ऊपर वाली गांड कां हिस्सा थां सोनू नें जिसे हि किस मे जोर लगाया टप्पू नें सोनू कि गांड कों बहोत जोर सें दबा दिया।
यहा टप्पू कां नुन्नु भि खड़ा थां औऱ सोनू कि नाभी सें touch हौ रहा थां सोनू भि इस touch कों महसूस करपारही थि पऱ उसको भि नहि पता थां कि यह touch किसचीज कां थां अभि तक उसका knowlegde भि मात्र kissing तक थां
फिलहाल दोनों किसी love birds कि तरह एक् दूसरे केँ संग kiss मे डूबेहुए थें सोनू टप्पू कों चुसेजा रही थि औऱ टप्पू भि उसकासंग देरहा थां बारिश कि बहती हवाओं मे प्रेमी जोड़े कि तरहबस मदहोशी कां मजाउठा रहे थें बस चूसेजा रहे हें पऱ अब उन्हें थोडा थोडा ठंडी कां अहसास होनेलगा औऱ टप्पू कों भि गिरने केँ बाद कां दर्द महसूस हुआ तोँ सोनू भि समझ गई कि टप्पू कों शायद दर्द होँ रहा हैं इसलिये उन्होंने सांस लेने केँ लिए एक् दूसरे केँ मुख सें हटे सोनू बोलि टप्पू मज़ा आँ गय़ा टप्पू बोला दोस्त सोनू मुझे दर्द हौ रहा हैं औऱ तुम् मुझेकिस कररही हौ सोनू बोलि क्यूं टप्पू तुम को मेरी kiss अच्छी नहि लगी टप्पू सोनू कों नाराज नहीं करना चाहता थां इसलिये बोला नहि सोनूऐसा नहीं हैं पऱ अभि मुझेसच मे बहोत दर्द हौ रहा हैं प्लीज तुम् मेरेऊपर सें उठोओके माय डियर टप्पू उठती हूं इतना बोलकर टप्पू केँ ऊपर सें सोनू उठनेलगी तभीउसे किसी केँ पांवनजर आए जोँ उसी कि तरफबढ़ रहे थें जैसे हि सोनूउठ कर खड़ी हुई तोँ उसने पाया कि उसके सामने कोई खड़ाहुआ thaa छातालिए हुए।
टप्पू गोकुलधाम का हीरो (कहानी Tarak Mehta ka ulta chashma ki) - Hindi Sex Story – New Episode
Update 3 Husan e Pari
सोनू नें टप्पू सें kiss तोडा औऱ सिरउठा केँ देखा तोँ उसकोतब अपनी तरफ़कोई आताहुआ देखा सोनू अभि टप्पू कि ऊपरबठी थि ऐसे कि सोनू कि गांड सीधे टप्पू कि लैंड पऱ रगड़रही थि टप्पू भि सोनू कि गंद कां वजन अपनी नुन्नु पऱ महसूस करपारहा थां औऱ किसी तराह सें उसवजन कों अपने नुन्नु सें हटाना चहेता थां जिस केँ लिए वोँ अपनी बॉडी कों थोडा झटका देता हैं पर्र इस झटके सें उसका नुन्नु सोनू कि बम कि छेद नें जानेलगा हें सोनू टप्पू कि दियाइस झटके सें मंत् मुग्ध होने लगती हैं तभी उसकी नजरे सामने सें आते इंसान पर्र पड़ती हैं।
सोनू कि नज़रे उस इंसान केँ पैरो सें होती हुई उसके chehra कि तरफबड़ रही थि सोनू कों तेज बारिस केँ बीच चिकने leg दिखाई दिय टांग एकदम सफेदरंग कि गोरी चिट्टी थि एकदम चिकनी थि बारिश कि बूंदे टांगों केँ ऊपर सें वहकर नीचे आँ रही थि फिन भि ऐसालग रहा थां कि वो टांग बारिश मे बिल्कुल गीली नहि हुई हैं संगमरमर सें सफेद थि वो टांगे सोनू कि नजरें उन टांगों सें आरामसे ऊपर कि ओरबढ़ रही थि घुटनों केँ ऊपर पहुंच कर उसको कपड़े कां टुकड़ा नजरआया ये एक् मिनी स्कर्ट थि जोँ घुटनों सें बहुतऊपर थि देखाजाए तौ सोनू कि स्कर्ट कि तरहये बस उसके गांड सें तनिक हि नीचे थि थोडी औऱ ऊपर सोनू कि नजरें गयीँ, तोँ सामने नंगी पतलीकमर थि एकदम चिकनी कमर बिल्कुल ऐसीलग रही थि जैसे सफेददूध सें नहाई हौ बिल्कुल साफ पानी केँ बूंदों सें भीगी भीगीकमर पऱ एक् प्यारा सां सफेद नाभि कां छेद जिससे पानी कि बुँदे टकराकर उसकी स्कर्ट पर्र सें नीचेगिर रही थि कमर एक् फिल्मो कि heronie जिसी पतली थि
सोनू कि नज़रे थोड़ी औऱ उठी तौ trunk top मे उठेहुए तोँ उभार थें
उभार क्याँ वोँ तोँ दो पहाड़ थें जोँ छते कि कारण गिले होने सें बचे हि रहे थें
ट्रकटॉप कि नीचे सें झलकती सि एक् नीली bra कि पट्टी भि सोनू कि नज़रों मे थि
नजरे थोड़ी औऱ उपरउठी तौ दो बड़े बड़े pink lips थें जौ बिना lipskict केँ भि ऐसे pink थें जिसे गुलाबी रंग मे अभि डुबाकर निकले होँ गुलाब कि पंखुड़ियों सें रसीले होंठ
थोड़ी आँखे औऱ उपर गयीँ, तौ सोनू औऱ उस इंसान कि आँखों कां मिलहुआ नीलेरंग कि नसीली आँखे थि ऐसालगा थां कि जिसे आँखों मे चाँदबस गय़ा हौ औऱ उनकीचमक चाँदनी जैसे आसपास सभीकुछ मंत्र मुग्ध कररही होँ
आखरी नज़र उसके सुनहरे काले बालों पर्र पड़ीयह काली जुल्फ़े जिनपर हलका golden कॉलर भि थां कंधों सें होकर गांड तक आरहे थें
यह खुबसुरती कि मलिका अपने कोमल कदमो सें सोनू औऱ टप्पू कि तरफबढ़ रही थि।
धीऱे सें इस खूबसूरती एपरी नें छते कों उठाया औऱ अपनी विश्व रूपी सुंदरता कां परिमंड दिया कितना हसीन chehra थां एकदमदूध सां सफेद।
छाता हटते हि सोनू कों पताचला यह हुस्न कि देवी हमारी प्यारी बबिता जी थि
जिनका दीवाना सारा जमाना थां।
टप्पू गोकुलधाम का हीरो (कहानी Tarak Mehta ka ulta chashma ki) - Hindi Sex Story - Next part mein bada twist
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