बाप के रंग में रंग गई बेटी - Bap Beti Ka Rishta - Complete Kahani Part 1
yeh story pehle bi likhi jaa chuki h aur
muze BATAYA h kee yeh DADDYSWHORE NE LIKHI THI
too woh too YAHA pr h nahee too mein HI ISE poora KARNE jaa RAHA ho.
jaisa की apko ptaa h की monu abi quarantine mai h aur woh bolta loda ko
abi नहीं likhne wala too mene socha की isko mein apne tarike से yaha पर poora krr du
too mein ise yaha पर poora karne की koshish karunga aur
suggestion bi chahta ho की ap de,,,
too mein jyada waqt waste नहीं karte huye mein kahani पर aata ho.
फ्रेंड्स यह किस्सा एक् ऐसे बाप औऱ बेटी कि हैं जिन्होने समाज कि मरियादा कों तोड़कर एक् दूसरे कों
अपनेरंग मे रंग लिया औऱ किसतरह उनकीयह किस्सा
आगे बढ़ीयही जानने केँ मेरेसंग इस सफ़र पऱ चलने केँ लिए सजधजकर हौ जाइए।
बाप के रंग में रंग गई बेटी - Bap Beti Ka Rishta – New Episode
जयसिंह राजस्थान केँ बाड़मेर शहर केँ एक् धनवान व्यापारी थें।
उनका शेयर ट्रेडिंग कां बिज़नस थां।
जयसिंह दिखने मे ठीक-ठाक औऱ थोड़े पक्के रंग केँ थें
मगर एक् अच्छे धनी परिवार सें होने कि वजह सें उनका शादीमधु सें हौ गय़ा थां
जौ कि गोरी-चिट्टी औऱ बेहद हसीन थि।
जयसिंह कां शादीहुए २३साल बीत चुके थें औऱ
वेतीन बच्चों केँ पिता बन चुके थें,
जिनमें सबसे बड़ी थि मनिका जोँ २२साल कि थि औऱ
अपने कॉलेज कि पढ़ाई पूरीकर चुकी थि,
उस सें छोटा हितेश थां जौ अभि 12 कक्षा मे थां औऱ
सबसे छोटी थि कनिका जौ 11 मे पढ़ती थि।
जयसिंह कि तीनों संतान रंग-रूप मे अपनी मां पऱ गईं थि.
जिनमें सें मनिका कों तोँ कभी-कभी लोग उसकी मां कि छोटी बेहनसमझ लिया करते थें.
मनिका नें अपना ग्रेजुएशन पूरा करने केँ बाद एम.बी.ए। करने कां मनबना लिया थां
औऱ उसकेलिए एक् एंट्रेंस एग्जाम दिया थां
जिसमे वो अच्छे अंकों सें पास हौ गई थि।
उसे दिल्ली केँ एक् कॉलेज सें एडमिशन केँ लिएफोन लैटर मिला थां
जिसमें उसे इंटरव्यू केँ लिए बुलाया गय़ा थां।
जयसिंह नें भि उसेवहा जाने केँ लिएहाँ कह दिया थां.
मनिका पहलीबार घऱ सें इतनीदूर रहनेजा रही थि
सो वो बहुत उत्साहित थि।
मनिका नें दिल्ली जाने कि तैयारियाँ शुरुआत करदीं.
वो कुछनए कपड़े, जूते औऱ मेक-अप कां सामान खरीदलाई थि।
जब उसकी मां नें उसे ज़्यादा खर्चा नं करने कि हिदायत दि तोँ
जयसिंह नें चुपके सें उसे अपना ए.टी.एम। कार्ड थमा दिया थां.
वैसे भि पहली संतान होने केँ कारण वो जयसिंह कि लाड़ली थि.
वे हमेशा उसकीहर ख्वाहिश पूरी करतेरहे थें.
आखिर वो दिन भि आँ गय़ा जब उन्हें दिल्ली जानां थां,
जयसिंह मनिका केँ संगजा रहे थें।
उन दोनों कां ट्रेन मे रिजर्वेशन थां.
'मणि?'मधु नें मनिका कों उसकेघऱ केँ नाम सें पुकारते हुए आवाज़ लगाई.
'जी माँ?' मनिका नें चिल्ला कर प्रश्न किया। उसकारूम फर्स्ट फ्लोर पर्र थां.
'तुम् रेडी हुईँ कि नहि? ट्रेन कां वक्त होँ गय़ा हैं, जल्द सें नीचे आँ कर ब्रेकफास्ट करलो.' उसकी मम्मी नें कहा.
'हाँ-हाँ आँ रही हूं मम्मा.'
कुछदेर बाद मनिका नीचेहॉल मे आई तौ देखा कि
उसके पिता औऱ भइया-बेहन पहले सें डाइनिंग टेबल पर्र नाश्ता कररहे थें.
'गुड मोर्निंग पिताजी। माँ कहां हैं?' मनिका नें अभिवादन कर प्रश्न किया.
'वोँ कपड़े बदलकर अ.आँरही हैं.' जयसिंह नें मनिका कि ओरदेख कर जवाब दिया थां
मगर मनिका केँ पहने कपड़ों कों देखवे हकलागए थें.
बचपन सें हि जयसिंह सिंह केँ कोई रोक-टोक न् रखने कि वजह सें
मनिका नए-नए फैशन केँ कपड़े लेँ आया करती थि
औऱ जयसिंह भि उसकी बचकानी जिद केँ आगेहार मान जाया करते थें।
मगर बड़ी होते-होते उसकी मां मधु नें उसे टोकना शुरुआत कर दिया थां.
आज उसने अपनीनई लाई पोशाकों मे सें एक् चुनकर पहनी थि.
उसने लेग्गिंग्स केँ संग टी-शर्ट पहनरखी थि।
लेग्गिंग्स एक् प्रकार कि पजामी होती हैं
जोँ जिस्म सें बिलकुल चिपकी रहती हैं
सो लड़कियां उन्हें लम्बे कुर्तों याँ टॉप्स केँ संग पहना करती हें,
मगर मनिका नें उनकेऊपर एक् छोटी सि टी-शर्ट पहनरखी थि
जोँ मुश्किल सें उसकी नाभी तक आँ रही थि।
लेग्गिंग्स मे ढंके मनिका केँ जवान जिस्म केँ उभार पूरीतरह सें नज़र आँ रहे थें।
उसकी टी-शर्ट भि स्लीवेलेस औऱ गहरेगले कि थि।
जयसिंह अपनी बेटी कों इसरूप मे देख झेंपगए
औऱ नज़रें झुकाली.
'बापू कैसीलगी मेरीनई ड्रेस?' मनिका उनकेबगल वाली कुर्सी पर्र बैठते हुए बोलीं.
'अ.अ.अच्छी हैं, बहोत अच्छी हैं.' जयसिंह नें सकपका करकहा.
मनिका बैठकर ब्रेकफास्ट करनेलगी उतने मे उसकी मम्मी भि आँ गई
मगर उसके कुर्सी पर्र बैठे होने केँ कारण
मधु कों उसके पहने कपड़ों कां पता नं चला.
'जल्द सें खानां समाप्त करलो, जानां भि हैं,
मे जरा किचन संभाल लूँतब तक.' कहमधु किचन मे चली गई। '
हर टाइम ज्ञान देती रहती हैं तुम्हारी मम्मी.' जयसिंह नें दबी आवाज़ मे कहा.
तीनो बच्चे खिलखिला दिए.
ब्रेकफास्ट कर चुकने केँ बाद मनिका उठकर वाशबेसिन मे हाथ धोनेचल दि,
जयसिंह भि उठ चुके थें औऱ पीछे-पीछे हि थें।
आगेचल रही मनिका कि ठुमकती चाल पऱ नं चाहते हुए भि उनकी नज़रचली गई।
मनिका नें ऊँचेहील वाली सैंडिल पहनरखी थि
जिस सें उसकी टांगें औऱ अधिकतन गईं थि औऱ
उसके नितम्ब उभरआए थें।
येदेख जयसिंह कां चेहरा गर्म हौ गय़ा थां.
उधर मनिका वॉशबेसिन केँ पास पहुँच थोडा आगे झुकी
औऱ हाथ धोनेलगी,
जयसिंह कि धोखेबाज़ नज़रें एक् बारफिन ऊपरउठ गईं थि.
मनिका केँ हाथ धोने केँ संग-संग उसकी गोरीकमर औऱ
नितम्ब हौले-हौले डोलरहे थें।
येदेख जयसिंह कों उत्तेजना कां एहसास होनेलगा थां पर्र
अगले हि लम्हा वे ग्लानी औऱ लज्जा सें भरउठे.
'छि.ये मे क्याँ करनेलगा। हे भगवान् मुझे क्षमा करना.'
पछतावे सें भरे जयसिंह नें प्रार्थना कि.
मनिका हाथधो करहट चुकी थि,
उसने एक् तरफ हौ कर जयसिंह कों मुस्का कर देखा
औऱ बाहर् चल दि। जयसिंह भारीमन सें हाथ धोनेलगे.
जब तक मधु किचन कां काम निपटा कर बाहर् आई
तब तक उसके पति औऱ बच्चे वाहन मे बैठ चुके थें।
जयसिंह आगे ड्राईवर केँ बगल मे बैठे थें औऱ
मनिका औऱ उसके भइया-बेहन पीछे,
मधु भि पीछे वालीसीट पर्र बैठ गई औऱ
कनिका कों अपनीगोद मे लें लिया।
उसे अभि भि अपनी बड़ी बेटी केँ पहनावे कां कोई अंदाजा न् थां.
कुछ हि देरबाद वे स्टेशन पहुँच गए.
वेसभी वाहन पार्किंग मे पहुँच वाहन सें बाहर् निकलने लगे।
जैसे हि मनिका अपनी साइड सें उतरकर मधु केँ सामने आई
मधु कां पारा सातवें आसमान पऱ जा पहुंचा.
'यह क्याँ वाहियात ड्रेस पहनरखी हैं मणि?'मधु नें दबी जुबान मे आगबबूला होतेहुए कहा.
'क्याँ हुआ मां?' मनिका नें अनजाने मे पूछा,
उसे समझ नहि आँ रहा थां कि उसकी मां क्रोध क्यूं होँ रही थि।
गलती मनिका कि भि नहि थि,
उसेइस बात कां एहसास नहि थां कि
टी.वी.-फिल्मों मे पहने जाने वाले कपड़े आम-तौर पर्र पहने जाने लायक नहि होते।
उसने तोँ दिल्ली जाने केँ लिएनए फैशन केँ चक्कर मे वोँ ड्रेस पहनली थि.
'कपड़े पहनने कि तमीज नहि हैं तुमको?
घऱ कि इज्ज़त कां कोई ख्याल हैं तुम्हें?'
उसकी मां कां अपने गुस्से पऱ काबू न् रहा औऱ
वो थोड़ी ऊँची आवाज़ मे बोलगईं थि 'यह क्याँ नाचनेवालियों जैसे कपड़े लेँ कर
आई हौ तुम् इतने पैसे खर्चकर केँ.!'
मनिका अपनी मम्मी कि रोक-टोक पऱ अक्सर चुपरह कर
उनकीबात सुन लेती थि, मगरआज दिल्ली जाने केँ उत्साह
औऱ ऐन जाने केँ टाइम पर्र उसकी मां कि डांट सें उसे भि क्रोध आँ गय़ा.
'क्याँ माँ हरसमय आप् मुझे डांटते रहते होँ।
कभी आहिस्ता भि बातकर लियाकरो.'
मनिका नें तमतमाते हुए जवाब दिया,
'क्याँ हुआइस ड्रेस मे ऐसा, फैशन कां आपकोकुछ पता हैं नहि
.औऱ पिताजी नें कहा कि बहोत अच्छी ड्रेस हैं.’
जयसिंह उन दोनों कि ऊँची आवाजें सुन उनकीतरफ हि आँ रहे थें
सो मनिका नें उनकीबात भि संग मे जोड़ दि थि.
'हाँ एक् तुम् तौ होँ हि नालायक ऊपर सें तुम्हारे पिताजी कि शह सें
औऱ बिगड़ती जारही हौ.' उसकी मां दहककर बोलीं.
'क्याँ बात हुइ? क्यूं झगड़रही हौ मम्मी बेटी?' तभी जयसिंह पासआते हुए बोले.
'संभालो अपनी लाड़ली कों, रंग-ढंग बिगड़ते हि जारहे हें मैडम केँ
.' मधु नें अब अपने पति पर्र बरसते हुएकहा.
जयसिंह नें बीच-बचाव कि कोशिश कि, '
अरे क्यूं बेचारी कों डांटती रहती होँ तुम्?
ऐसा क्याँ पहाड़ टूट पड़ा हैं.’ वे जानते थें कि मधु मनिका केँ पहने कपड़ों
कों लेकर उससेबहस कररही थि पऱ उन्होंने
आदतवश मनिका कां हि पक्ष लेतेहुए कहा.
'हाँ औऱ सिर चढ़ालो इसको आप्.' मधु कां क्रोध औऱ बढ़ गय़ा थां.
मगर जयसिंह उन मर्दों मे सें नहि थें जौ हर
काम अपनी पत्नि केँ कहे करते हें औऱ
मधु केँ इसतरह उनकीबात काटने पऱ वे चिढ़गए,
'अधिक बोलने कि जरूरत नहि हैं,
जोँ मे कहरहा हूं वोँ करो.' जयसिंह नें मधु हौ आँख दिखाते हुएकहा।
Incest - ZINDGI k khoobsurat LAMHE "EK LONG kahani"(WITH GIFS) (Completed)
My Family NOTE ;- iss kahani mai कुछ part aaahhh sisak jawani की से लिया गया h baki sabhi part मेरा h,,, joo की ankita rani ne likhi thi xossip पर,, aur usme bi बहुत jyada change किया h mene,,, aur iss story mai sacch bi h aur kalpanik bi h,, aur yeh ap decide karoge की क्या sacch। xforum.liveIncest - gunah PUNYA (INCEST + ADULTERY) Completed
दोस्तों, यहकथा मैंने बहुत टाइम पहलेकही पढ़ी थि औऱ मुझे बहोत मनपसंद आई थि। कथा कां लेखककोई औऱ हैं मे केवलइसे हिंदी मे देने कि कोशिश कररहा हूं। aur sath hi sath ismein कुछ add bi krr raha ho apni tarf से UPDATE - 1 बात तब की h जब mein school mai padhta thaa ham एक chote से sahar mai।Incest - BOLTA loda
HELLO friends mein phir say HAAZIR ho। aur AAPKE LIYE EK TADKTI BHADAKTI kahani KO SURU KARNE jaa RAHA ho,,, UMMID h AAPKO yeh kahani PASAND AAYEGI,, WAISE yeh kahani MERI KHUD kee kahani "ZINDGI k khoobsurat LAMHE ",,, vahi h,, bus USME KUCH GALTIYAN THI too mein US kahani KO DOBARA LIKHNE jaa RAHA ho।Incest - HUM PAANCH ( RESTARTED )
yeh kahani XOSSIP pr THI। yeh KING KILLER AMIT NE LIKHI THI। too UNKO THANKS yeh kahani LIKHNE k LIYE। aur mein TRY KARUNGA kee ISE poora kia JAYE। too CHALIYE SURU KARTE HAIJAY SHARMA-18 years jyada handsome नहीं h bilkul एक sadharan larke के prakaar,, abi kaalej mei h।Incest - PARIWAAR mai chudayi k anand say BADA anand koy nahee [PAST][WITH GIFS]
WRITER CREDIT - DEEP THE RASCAL characters- ashok family baap - kishan lal mummy -pushpa devi beta - ashok 2nd beta- kewal।Incest - parivar mai chudayi के anand से बड़ा कोई anand ni (with pics)
yeh kahani deep (rascal) ne start की thi aur अब mein ismein pics add karne jaa raha ho iye kahani doosre writer की h too admin pls iss kahani ko chalne de ise delete na kare har sunday ko एक update ayega aur update बड़ा hoga yeh kahani एक essi family की jiski taqdeer कुछ ajib h.har एक shaks bus sex aur।Incest - friend HI BAN gyaa PITA ( Completed with gifs )
CREDIT GOES too ORIGINAL WRITER = **********I AM NOT A ORIGINAL WRITER OF THIS kahani IF SOMEONE KNOWS THE ORIGINAL WRITER'S NAME। PLZ TELL mai I WILL MENTION IT,,, https://xforum.live/threads/zindgi-के-khoobsurat-lamhe-एक-long-kahani-with-gifs-completed.8461/।Incest - भाग्य कां फेर (Completed with Gifs)
CPOY PASTE FROM NETWRITER NAME = ??????AGAR KISI KO ISKE WRITER kaa NAME MALUM hu too BATA DENA। mein uskah NAME YAHA DAAL DUNGA.https://xforum.live/threads/zindgi-के-khoobsurat-lamhe-एक-long-kahani-with-gifs-completed.8461/।Incest - FAMILY LOVE WITHOUT RULES ( WITH GIFS ) [Completed]
yeh kahani pehle bi XOSSIP pr LIKHI jaa CHUKI h,,, mein bus ISE DOBARA POST krr RAHA ho,, yeh MERI ONE OF THE BEST kahani h,, ISKE WRITER kaa NAME muze ptaa nahee h,, aur AGAR KISI KO ptaa hu too muze JARUR BATA DE,, muze KISI NE ISKE WRITER kaa NAME ANACONDA BATAYA h। IR KUCH NAME hu।Incest - हाए मां मेरी लुल्ली (Completed With gifs)
yeh story pehle bi likhi jaa chuki h,, mein janta नहीं ho की yeh kis writer की h,,, mein bus yaha likh raha ho,, iska name kisi ko ptaa hu too bata de mein उसका name yaha पर daal dungaदोस्तों एक् औऱ किस्सा शुरुआत करनेजा रहा हूं,, दोस्तों येकथा मम्मी बेटे केँ आंतरिक सम्बन्ध पर्र आधारित हैं।Incest - AAAAHHHH SISAK JAWAANI kee ( RESTARTED,, WITH GIFS )
LINK FOR PART - 2 kahani kaa aglaa BHAAG iss LINK pr PADH LE https://xforum.live/threads/aaahhhh-sisak-jawani-की-2-next-form-xossip.73051/Incest - अदला बदली
yeh story SMOOTHDAD kee h bus mein YAHA POST krr RAHA ho,, WRITER kaa THANKS MERI tarf say JISNE yeh kahani LIKHI.JITNI SMOOTHDAD NE LIKHI THI UTNI HI mein YAHA pr POST krr RAHA ho। BAKI kee BAAD mai mein KHUD ISE poora KARUNGAआपने बीवियों कि अदला बदली कि कई कहानियाँ पढ़ी होंगी, पऱ क्याँ।Incest - Ek Lambi Incest story (Completed)
CREDIT GOES too ORIGINAL WRITER - AGYAATye kahani pehle bi xossip पर thi bus vahi copy paste krr raha ho aur ismein कुछ changes bi karunga yeh agyaat ne likhi h। too unkah sukriyaaसेक्स। एक् ऐसा वर्ड हैं जिसको हरकोई जानता हैं एक्सेप्ट न्यू बोर्न बेबीस। डेली बेसिस पे हम् डाइरेक्ट्ली ऑर।Incest - BAHAKTE KADAM ( Completed with Gifs)
a + b kaa whol squre = a squre + b squre फिर, lo me too फिर bhool gayi, फिर से try krti ho, a + b kaa whol squre = a squre, फिर क्या thaa, फिर उसके bad, yad aa jaa yad aa jaa, क्या thaa, क्या thaa, off hu क्या yar yah maths too एक दिन मेरी jaan लेकर chodega, ptaa नहीं kis gadhe ne yah maths bnaa दिया।Incest - पापी परिवार
yeh story pehle bi xossip पर thi पर puri नहीं hoyi h too mein ise yaha पर likhne jaa raha ho iske writer kaa name muze malum नहीं h पर kaamdev990008 ne muze iske writer kaa name MISS_XB bataya h। aur अगर कुछ aur name hu too bata देना mein yaha पर mention krr dungaचेतावनी।Incest - पापी परिवार कि पापी वासना
HELLO DOSTON HAZIR mein AAPKE SAMNE EK aur kahani KO SHARE KARNE k LIYE yeh kahani MERI nahee h aur JISKI h woh muze MALUM nahee h AGAR KISI bhay KO ISKE WRITER kaa NAME MALUM h too muze BATA DE aur AGAR yeh kahani ISI FORUM pr h too bi BATA DE mein ISE DELETE KARVA DETA ho mein bhut waqt। xforum.liveसहीकहा साथी । यह स्टोरी बहोत हि पेचीदा हैं इसकेसंग अगर न्याय नं कर सकें तो कृपया मत लिखना ।।
बाप के रंग में रंग गई बेटी - Bap Beti Ka Rishta – New Episode
Hello Everyone
We are Happy too present too you The annual kahani contest of Xforum "The Ultimate kahani Contest" (USC).
Jaisa की ap sabko maalum h abi pichle hafte he humne USC की announcement की h aur abi कुछ waqt pahle Rules and Queries thread bi open किया h aur Chit chat thread तो pahle से he Hind section में khulla h.
Iske baare main थोड़ा aapko btaadun yeh एक short kahani contest h jisme ap kissi bi prefix की short kahani post krr shaktey hu joo minimum 700 words and maximum 7000 words takk hu taqat h। iss liye mein aapko invitation deta hoon की ap is contest main apne khayaalon ko shabdon ka Rupp देकर ismein apni kahaniyan daalein jisko poora Xforum dekhega yeh एक bohot accha kadam hoga aapke aur aapki kahaniyan ke liye क्योंकि USC kee kahaniyan ko pure Xforum ke readers read kartey haen। aur joo readers likhna नहीं caahtey wo bi is contest main participate krr shaktey haen "Best Readers Award" ke liye aapko bas krna yeh hoga की contest main posted kahaniyan ko read karke unke Uppar apne views dene honge.
Winning Writer's ko well deserved Awards milenge, उसके aalwa aapko अपना thread apne section में sticky karne ka mouka bi milega Taaki aapka thread top पर rahe uss dauraan। iss liye aapsab ke liye yeh एक behtareen mouka h Xforum ke sabhi readers ke Uppar apni chaap chhodne kaa aur apni reach badhaane ka.
Entry thread 7th February ko open hoga matlab ap 7 February से kahani daalna suru krr shaktey haen aur wo thread 21st February takk open rahega is dauraan ap apni kahani daal shakte haen। iss liye ap abi से apni kahani likhna suru kardein तो aapke liye better rahega.
koy bi issue hu तो ap kissi bi staff member ko Message krr shaktey haen.
Regards : XForum Staff.
बाप के रंग में रंग गई बेटी - Bap Beti Ka Rishta - Aage kya hua? Next part padhiye
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