बिन सुरक्षा "बुआ" के गर्भग्रह मै प्रवेश -❤️ 1 - Garma Garm Sex - Real Kahani Part 1
बिन सुरक्षा "फूफी" केँ गर्भग्रह मै प्रवेश - 7
अबआगे.===
अब मैंने कुशुम फूफी कों अपने लन्ड पर्र बैठने कों कहा.
फूफी नें भि मेरीबात जल्दी मानी औऱ अपनी दोनो टांगों कों फैलाकर लन्ड मे बुर रखकरबैठ गई औऱ लन्ड पर्र उछलउछल कर चुदने लगी उसकी दूधियां हवा मे झूलने लगी।
क्याँ मस्त नजारा थां … मे अपनी फूफी कों अपनी पत्नि बनाकर चोदरहा थां।
औऱ वोँ मस्ती मे अपनी गांडपटक पटककर चुदाई कां पूरामजा लें रही थि।
अब फूफी कां बदन अकड़ गय़ा औऱ आहहह आहहह करके उसकी बुर नें थोडा सां पानी छोड़ दिया औऱ लन्ड गीलाकर दिया।
बुर केँ पानी सें लन्ड औऱ चिकना होँ गय़ा औऱ बुर रस नीचे बहनेलगा.
अब फच्च फच्च कि आवाज़ निकलने लगी थि।
मैंने फूफी कों लन्ड सें उठाकर पलंग पऱ लिटा दिया औऱ फूफी केँ मुंह मे अपना लंड घुसा दिया औऱ फूफी कुल्फी केँ जैसे चूसने लगी।
आज नशे मे फूफी कों चोदने मे औऱ आनंद आँ रहा थां।
अब मैंने फूफी कों बैड पर्र झुका दिया औऱ टांग उठाकर चोदने लगा।
फूफी अहह आहह-आहह हहअहह करके मज़े सें अपनी बुर मे लंड लेनेलगी थि।
अब मैंने अपने झटकों कि रफ्तार औऱ बढ़ा दि औऱ गपागप गपागप अंदर लन्ड सें फूफी कि बुर कि खुदाई करनेलगा।
15मिनट लगातार फूफी कि बुर कों खोदने केँ बाद मेने अपना बारूद फूफी केँ अंदर हि छोड़ दिया।
मेरे बारूद सें फूफी कि बुर मे जबरदस्त विस्फोट हुआ औऱ फूफी कि बुर कि दीवारें पिगलने लगी अर्थात मेरा फूफी कां पानी निकल चुका थां।
अब दोनों बैड पर्र चितलेट गए औऱ कुछदेर बादहोश आया तौ बातें करनेलगे।
थोड़ी देरबाद मैंने एक्-एक् पैग औऱ बनाया औऱ हम् दोनों पीगए;फिन वापसखाट मे आकर मस्ती करनेलगे, 69 पोजिशन मे आकर लन्ड बुर चूसने चाटने लगे।
मे फूफी कां अमृतरस पीरहा औऱ फूफी मेरा। लन्ड चुसाई वा बुर चुसाई केँ बाद मैंने फूफी कों चोदना शुरुआत कर दिया औऱ लंबे लंबे धक्के लगाने लगा।
फूफी बहोत खुश थि … आज उसके बर्थडे पर्र उसकी जबरदस्त चुदाई हौ रही थि.
फूफी बोलीं -शाबाश,,, मेरे बेटे कपिलबजा अपनी फूफी कों फाड़कर रखदें आज मेरी,, दिखा अपना पुरुषार्थ।
मेने भि फूफी कि बात मानकर पूरी ताकत सें लन्ड कों उनकी बुर मे ठोकता रहा। ठपठप कि आवाज़ कि गूंज सें सारारूम अपने मधुर स्वर मे मग्न थां।
फूफी बोलीं - कपिल,,, आहाहहहाह,,, मेरा निकलने वाला हैं बेटा,,, ठोंक अपना खोंटा मेरे अंदर तक,,
मेने भि आव देखा नाँ ताव औऱ फूफी कों ठोंकने लगातभी फूफी कापनें लगीहाथ पांव पटकने लगी आह्ह्ह बेटा निकल गय़ा मेरा,, रस्सस,,,,
मेने भि सिचुवेशन देखते हुए अपनागरम लावा फूफी कि बुर मे उगलना शुरुआत कर दिया।
फूफी - सींच बेटा अपनी फूफी कि बुर अपने वीर्य सें आह्ह्ह्ह लबालब भरदे बुर मेरी।,
मैने भि फूफी कि बुर भर दि अपने वीर्य रस सें सराबोर कर दि अच्छी तरह सें,
फूफी नें मुझेकिस किया औऱ फिन मुझेकहा कपिलअब सो जाते हैं तेरे मामाजी जी सुभह पांचबजे आँ जायेंगे ड्यूटी सें।
मेने भि फूफी कों ओके कियाफिन दोनों चिपककर लेटगए। बात करते करते दोनों सोगए।
सुभह दोनों जागे। पोनें पांचबजे, मे फूफी केँ रूम सें बाहर् निकलकर दूसरे रूम मे सो गय़ा।
फूफी उठकरनहा धोकर अपने रोजमर्रा केँ कामों मे व्यस्त होँ गई मामाजी जी भि आँ चुके थें।
11बजे मेरीआंख खुली तौ देखा कि मामाजी जी औऱ बस बाहर् खेत मे कामकर रहे थें। मेने मामाजी जी कों नमस्कार किया।
मामाजी जी,,,, कुशुम जा कपिल कों ब्रेकफास्ट देकर आँ जा।
मेने ब्रेकफास्ट किया औऱ फूफी कों कहा फूफी आजरात भि आऊं,,,,,
फूफी नहींआज नहींकभी औऱ दिन। फिन मे उनका शुक्रिया करतेहुए अपनेघऱ कि ओरचल दिया।
कुछ दिनों बाद मेने फूफी कों कहा कि मेराआज मनकररहा तौ फूफी नें एक् दम सें मनाकर दिया बोलीं कि तेरे मामाजी जी कों कुछशक हुआ हैं इसलिये जबतक मामला सुलझ नहीं जातातब तक आगेकुछ नहि।
मेने भि जैसे आपकी ख़्वाहिश कहकरबात खतमकर ली।
कुछेक सावल जौ मेरे जेहन मे उठते हें।
:अबआगे, मामाजी जी कों पताचल जाएगा?
:कथा मे कोईनया मोड़ आयेगा ?
:फूफी केँ संग मेरे संबंध औऱ गहरे बनेंगे याँ नहि?
:मेरी विवाह कि बातचल रही हैं क्याँ होगा ?
:जिंदगी संगनी कैसी होगी?
बहोत सें प्रश्न जवाब हैं दोस्तो।
धन्य
वाद दोस्तों,,,, आपको कैसीलगी मेरी किस्सा कृपया बताए।।।।
बिन सुरक्षा "बुआ" के गर्भग्रह मै प्रवेश -❤️ 1 - Garma Garm Sex – New Episode
बिन सुरक्षा "फूफी" केँ गर्भग्रह मै प्रवेश -
भाग 1.
मेरानाम कपिल रावत हैं मै उत्तराखंड सें हुँ! मे आप् लोगो केँ लिएकुछ बेहतर कहानियां प्रस्तुत करने कि कोशिश करूँगा।
ये मेरी पहली स्टोरी हैं तौ अगरकुछ टूर्तिया होंगी तोँ शमाकर देना!
ये कथा मेरी फूफी कुशुमलता कि हैं। अभि केँ टाइम मे कुशुमलता फूफी एक् हाउस वाइफ हैं, उनकी विवाह कों चारसाल होने कों आये परन्तु अभि तलक कुशुमलता फूफी मातृत्व सुख सें बंछित हैं औऱ इन सबके केँ पीछे क्याँ कारन हैं ये नहि पता। खेरअब जरा उनकी शारीरिक बनावट वोँ फिट औऱ सेक्सी हैं। उनकी दूधियों, कमर एव पुष्ठों कि बनावट कि सरचना ऐसी हैं कि जवान बूढ़ेदेख कर आहेंभर उठते हें।
इसकथा कों कुशुमलता फूफी केँ शब्दों मे हि लिखूँगा जैसे उसने मुझे बताया थां। तोँ आप् इस किस्सा कां मजा लीजिये।
मे कुशुमलता हूं, मेरी उम्र28साल हैं। मेरी विवाह हुए4साल हौ गए हें। मेरे पति कां नाम प्रदीप हैं औऱ वो विजली विभाग हें, वोँ मुझे 4 साल सें चुदाई कां मज़ादे रहे हें। उनका लन्ड साढ़े पांचइंच कां हैं जोँ मुझे पूर्णतया शांतकर देता हैं एक् महिला कों औऱ क्याँ चाहिए। मे अपनी शादीशुदा ज़िन्दगी सें खुश थि। हम् करीब-करीब रोज शारीरिक सुखों कां भोग करते थें। हम् रतिक्रिया केँ दौरान कंडोम कां यूज़ करते थें। क्योंकि हम् अभि बच्चा नहि चाहते थें औऱ उसकी भि अलगवजह थि।
वैसे मुझे कॉन्डोम मै स्टोबरी, चॉकलेट, लीची फ्लेवर पसन्द हैं औऱ हाँ कॉन्डोम भि डॉट वाले पसन्द हैं !
एक् दिन सुभह ब्रेकफास्ट करते वक़्त मेरे पति नें बोला-अब हमें बच्चे कि प्लानिंग करनी चाहिए। क्यूं कुशुम, वो मुझे प्रेम सें बोलते हैं! मेने उनकोहाँ मै अपनी सहमति दे दि उन्होंने भि मेरे सहमति कां उत्तर सर हिलाकर दिया। मेरे पति सुभह दफ़्तर जाते वक्त बोले-आज साम कों बिना कॉन्डम केँ चुदाई होगी। थोड़ा बेडरूम कों सजा देना! मे लज्जा शर्म गई। मैंने अपनी बुर केँ बालसाफ़ किये पऱ एक् लकीरछोड़ दि बालो कि औऱ नहाते समयरात केँ ख्यालों मे खो गई।
साम कों मेरे पति जल्दघऱ आँ गए पऱ वोँ बहोत परेशान हुए थें। उन्होंने बताया कि उन्हें दफ़्तर केँ जरुरी काम सें नैनीताल जानां होगा अभि! मे येसभी जानकर उदास होँ गई पर्र क्याँ कर सकते हैं काम तौ पहले हैं उसी सें परिवार चलता हैं, मैंने उनका सामान पैक किया औऱ वोँ चलेगए।
मे उसरात दुःखी होकरसोई। मुझे एक् तरफइस बात कां दुःख थां कि मे आजचुद केँ मम्मी बनने वाली थि पर्र दूसरी तरफरात केँ पहाड़ी सफऱ कां टेंशन।
मेरे पति अगली सुभह नैनीताल पहुँचे, उन्होंने बताया कि वकीलों कि हड़ताल हैं तौ क्याँ पतादो चारदिन लगजायें तोँ उनकोवही पर्र हि रहना होगा। मैंने कहा-कोई बात नहि। आप् अपना ख्याल रखना |
दो-चार दिन जैसे तैसे तौ गुजरगए पर्र चौथीरात कों मे काम वासना मे जलनेलगी। इसका कारणये थां कि मैकभी भि पति सें अलग नहि रही थि आजतक। मैंने अपनी दूधियों कों अपने हाथों सें दबाते हुए अपने बुर कां पानी निकाल लिया। मन थोड़ा शांतहुआ पर्र पूर्ण रूप सें नहि! मुझे लन्ड कि जरूरत थि पर्र लन्ड कहां मिलता!
नैनीताल मैकाम होने केँ बाद मेरे पति नें बताया- सभीठीक होगया औऱ मे आजरात साड़ेगयराह बजे तक घऱ वापस आँ जाऊँगा। उन्होंने कहा कि आज बिना कंडोम वाली चुदाई कि जायेगी। मेरे पति बोले-आज मे तुमको रगड़रगड़ कर चोदूँगा जानू तेरी बुर मै इतना गाड़ा मक्ख़न भरूंगा कि तूँ तृप्त होँ जाएगी!
सुभह सें साम हुइ औऱ मे चुदने केँ लिए बेहाल होँ गई थि। मेरी बुर सें पानी रिस-रिस करचूरहा थां, कच्छी पूरी गीली हौ रही थि 3-4बदलली भि मेने। मैंने ये जानने केँ लिए अपने पति फोन किया कि वोँ कहां पहुँचे। उन्होंने कहा- वोँ आज नहि आँ पाएंगे। उन्होंने बादमै बात करताहुँ कॉलआई रख दिया।
मुझे बहोत क्रोध आया उनपर औऱ अपने पऱ भि सारामूड खारब हौ गय़ा ! पर्र मे क्याँ कर सकती थि … मे बिना खाये हि सो गई। सारा रोमांस गयाब हौ गय़ा, जोँ मेनेआज केँ लिए सोचे थें|
अबआगे कि स्टोरी कपिल रावत यानिमै सुनाऊंगा।
एक् लड़का 20-21साल दुबला पतला सां यानी मे रात केँ अंधरे मे एक् खिड़की सें कमरे मे घुसने कि कोशिश कररहा थां। क्योंकि कुशुमलता फूफी खिड़की बंद करनाभूल गई थि। मे कमरे मे आँ गय़ा यह सोचकर कि फूफी कों बताता हुँ आवाज़ भि लगाई पऱ कोई रिप्लाई नहि आया। मैफिन अंदर गय़ा औऱ कुशुमलता फूफी केँ बेडरूम मे गय़ा तौ आँख खुलीरह गई, वहाबेड पर्र फूफी आधी नंगीसोई थि, उसकी दूधियाँ बाहर् निकली हुइ थि। एकदमगोल गोल संतरे जैसे टाइट दूधियाँ थि मेरी कुशुमलता फूफी कि। औऱ उसकी पतलीकमर औऱ गोल जांघ नें मेरा लन्ड खड़ाकर दिया, मे भूल गय़ा कि मे यहा क्याँ करनेआया हूं।
मैंने टेबल लैंप बुझा दिया, मे कुशुमलता फूफी केँ बगल मे लेट गय़ा। मैंने अपनाहाथ बढ़ाकर फूफी कि दूधियों पर्र रख दिया औऱ सहलाने लगा। औऱ मे एक् हाथ उसकी मांसल जांघों पर्र फिराने लगा। मेरी सांसें गरम होँ गई थि। मे उसकेऊपर चढ़ गय़ा औऱ उसके गर्दन पर्र किस करते करते होंठों पऱ पंहुचा।
तभी कुशुमलता फूफी शायदजग गई। उसने अपनी बांहों मे मुझेजकड़ लिया औऱ बोलि- कहां थें अब तक? मैंने तुम्हारा कितना इंतज़ार किया। वोँ शायद सपनादेख रही थि याँ किसी औऱ कों समझरही थि मतलब अपने पतिदेव प्रदीप !
मैंने मौका कां फायदा उठाया औऱ उसके गर्दन औऱ ओंठों पऱ जमकरकिस किया। वोँ उत्तेजित होँ गई थि, उसने भि मेरा पूरासंग दिया। मैंने उसे पूरी नंगी किया उसका एक् एक् कपडे कों उतार लिया औऱ स्वयं भि नंगा होँ गय़ा। मेरा लन्ड 9 इंच कां लम्बा औऱ 3 इच्च मोटा सां लन्ड थां। मैंने उसके पूरेबदन पर्र चुम्बन लेतेहुए उसकी बुर कों चूसना शुरुआत किया। उसकी बुर एकदम गीली होकर पानीछोड़ रही थि लगरहा थां जैसेकोई झरनाफुट गय़ा हौ, मै फूफी केँ अमृत कों चाटेजा रहा थां। मे समझ गय़ा कि लोहागरम हैं तोँ खूंटा तौ ठोकना पड़ेगा जल्द सें। मे उसकेऊपर आया औऱ उसकी दोनों टांगें फैला दि औऱ अपने लन्ड कां सुपारा उसकी बुर केँ मुख पर्र रखकर धीरे-धीरे सें ऊपर निचे रगड़ना शुरुआत कर दिया, फिन कुछ हि छणों केँ पश्चात् फूफी कि बुर नें मेरे लंड कों अपने कामरस सें भिगोकर चिकना कर दिया मेने भि नजाकत कों समझते हुए धक्का दिया बुर मै।
केसेलगी दोस्तों आपको मेरी फूफी कि औऱ मेरी स्टोरी! अगलाभाग बहोत जल्द पोस्ट करूँगा तब तक केँ लिएबाय बाय!!!!"!!!!
बिन सुरक्षा "बुआ" के गर्भग्रह मै प्रवेश -❤️ 1 - Garma Garm Sex – New Episode
पिछले भाग केँ कुछअंश --
मे उसकेऊपर आया औऱ उसकी दोनों टांगें फैला दि औऱ अपने लन्ड कां सुपारा उसकी बुर केँ मुख पर्र रखकर धीरे-धीरे सें ऊपर निचे रगड़ना शुरुआत कर दिया, फिन कुछ हि छणों केँ पश्चात् फूफी कि बुर नें मेरे लंड कों अपने कामरस सें भिगोकर चिकना कर दिया मेने भि नजाकत कों समझते हुए धक्का दिया बुर मै।
बिन सुरक्षा "फूफी " केँ गर्भग्रह मै प्रवेश -2
अब अगलाभाग -- पढते रहिये!
अबआगे कि स्टोरी कुशुमलता फूफी सें सुनिए।
अचानक मेरी नींदखुल गई। मैंने सोचा कि यह क्याँ होँ रहा हैं मेरेसंग। मे तौ सपनादेख रही थि! कौन हैं मेरेऊपर औऱ मेरे बुर मे किसका लन्ड उतररहा हैं? मे चिल्लाना चाहरही थि … पर्र मज़ा भि बहोत आँ रहा थां, वोँ मेरे मुँह कों हाथो सें दबाया हुआ थां। उससमय मनकुछ भि काम नहि कररहा थां।
अहा … कितना सुखद अहसास हैं। मेरे बुर मे वोँ लन्ड धीरे-धीरे धीरे-धीरे धस्ता जारहा थां। मैंने महसूस किया कि वोँ लन्ड मेरे पति केँ लन्ड सें बहुत मोटा औऱ कड़क हैं। पर्र जब मेरी बुर बुरीतरह फटनेलगी तोँ मुझे अहसास हुआ कि वोँ मेरे पति सें बहुतबड़ा भि हैं। उउउमँ अहहा.बुर केँ दरवाज़े फटनेलगे चार्रर्रर्र। मेरे कानोमै पहुंचकर मुझे मंत्रीमुग्ध एवं अत्यधिक जोशदे रहे थें ! जब मेरी बुर मै वोँ अपना विशाल काया लन्ड धसाता तौ उस वक़्त मेरी बुर कि पंखुड़िया खुलती औऱ ज़ब बाहर् निकलता तौ पंखुड़िया बंद होँ जाती!अहा। उउम.
कमरे मे घुप्प अँधेरा थां इसलिये कुछ भि नहि दिखरहा थां!
मैंने उस अजनबी लड़के कों कसकर पकड़ा थां औऱ अपने नाख़ून उसकीपीठ मे गड़ारही थि। मेरे बुर कि दीवारों सें पानीरिस रहा थां औऱ वोँ अपना लन्ड घुसारहा थां। उसनेजोर कां एक् धक्का दिया औऱ मेरेमुख सें चीख निकल गई उम्म्ह… आहह-आहह… हय…याह… उसका पूरा लोहे जैसाकड़क लन्ड मेरे बुर मे समा गय़ा थां।
अब वोँ धक्का मारने लगा। लन्ड कों पूराजड़ तक डालता फिन बाहर् खींचता। मे पूरीतरह सें पागल हौ गई औऱ अपने टाँगों कों हवा मे उठा लिया। इतना मोटा औऱ लंबा लन्ड जैसे मेरे बुर कों ककड़ी कि तरहफाड़ रहा होँ। मे झड़ने केँ लगभग पहुँच गई मै अपना कामरस अपनी गुफा सें छोड़ने कों सजधजकर थि। मे अपनापेर सिकोड़ने लगी तोँ उसने जबरदस्ती मेरे पैरों कों घुटने सें मोड़कर फैला दिया औऱ अपना मोटा लन्ड फचाफच बुर मे पेलने लगा। मुझे तोँ जैसे स्वर्ग कां खुशी मिलने लगा।
तभी मे जोर सें चीखीएवं बदन झंझना गय़ा औऱ बेहोश सि होँ गई ऐसालगा जैसे मेरे अंदर सें प्राण निकलगए औऱ अपने कामसुख मे खो गई।
कुछ वक़्त पश्चात् मुझेहोश आया तोँ वोँ लड़का अभि भि मुझे रोंधरहा थां औऱ मेरी बुर मे अभि भि गुदगुदी हौ रही थि औऱ संग हि संग हल्का दर्द भि।
वोँ मुझे 15 मिनट तक चोदता रहा। फिन उसने मुझे कंधे सें कसकरपकड़ लिया औऱ मेरे बच्चेदानी तक जोरजोर सें धक्का मारने लगा, हर धक्के इतने तीव्र थें कि मेरा पूरा जिस्म औऱ बेड भि हिलरहा थां। फचाफच कि ध्वनि पुरे कमरेमै एक् अलग हि माहौल बनारही थि ! मेरी बुर मै तौ जैसे पानी कि बाड़आयी होँ इसालग रहा थां, बेडसीट पूरी गीली हौ चुकी थि! मे उससे कहना चाहती थि कि वोँ मेरी बुर मे अपने वीर्य डिस्चार्ज नां होँ पर्र तब तक मुझे दोबारा मज़ाआने लगा थां औऱ मैउसे कुछ न् कहसकी!
मैंने अपनीकमर हवा मे उठा दि औऱ एक् बारफिन सें अपना कामरस छोड़ दिया। औऱ मेरेसंग हि हौ भि मेरे अंदर बुर मै वीर्य कि बरसात करनेलगा। मेरी बुर उसके वीर्य सें लबालब भर गयीँ, जितना बुर पीसकी उतना वीर्य पी गई औऱ बाकि कां उचकउचक कर बाहर् निकालने लगी!
ये मेरा पहला अहसास थां बिना कंडोम केँ। उसकागरम गरम लावा मेरे बुर मे अंदर कि ओरजारहा थां। पऱ मेरे अंदर बिल्कुल शक्ति नहि थि कि मे बाथरूम जाकर मूतकर उसे निकाल सकूँ।
मे वैसे हि पड़ीरही। वोँ मेरे गर्दन पर्र सर रखकर हाँफरहा थां। मैंने पूछा- तुम् कौन होँ? वो कुछ नहि बोला।
मेनेफिन- पूछा थोड़ा गुस्से मैकौन हौ तुम्?
वो फिन भि कुछ न् बोलाबस तेज सें सांसे लेँ रहा थां!
मेनेकहा तुम् जौ कोई भि हौ पऱ याद रखना जौ किया वोँ बिल्कुल भि सही नहि थां!
मुझे अपनी गर्दन पऱ कुछ गीला गीला महसूस हुआ। वोँ रोरहा थां। मैंने उसको अपने सें अलग करने कि कोशिश कि पर्र उसने मुझेकस कर पकड़ा थां।
अचानक वोँ उठा औऱ कमरे सें बाहर् जानेलगा। मे उसे रोकने केँ लिए पकड़ा पर्र उसने मुझे धक्का देखरखाट मै वापस फेंक दिया अपना गाउन पहना औऱ जल्दी उसके पीछे गई पऱ वोँ खिड़की सें जा चुका थां। फिन भि तसल्ली केँ लिएउसे सारेघऱ मै ढूंडा पर्र वो नहि मिला! मे खुश थि पर्र जानना भि चाहती थि कि वोँ कौन थां।
पड़ते रहिये,,, किस्सा अभि जारी हैं! अपने विचार रखेंबाय बाय,,,,
बिन सुरक्षा "बुआ" के गर्भग्रह मै प्रवेश -❤️ 1 - Garma Garm Sex - Next part miss mat karna
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