ब्रह्माराक्षस - Desi sex story – New Episode
अध्याय सतहत्तर (आखिरी युद्ध)
अभि भद्रा अपने कमरे मे प्रिया औऱ शांति केँ नग्न जिस्म केँ नीचे दबकर बिना किसी चिंता केँ सोरहा थां इसबात सें अंजान कि उसके जिंदगी कां सबसे महत्वपूर्ण युद्ध मेरेतरफ पूरीगति सें बढ़ते जारहा हैं
आज केँ युद्ध मे जैसे हि मायासुर ko भद्रा कि असलियत कां पताचला वैसे हि उसने युद्ध क्षेत्र सें अपनेकदम पीछे लें लिया औऱ अपनीदुम दबाकर भागउठा औऱ औऱ सीधा वोँ पहुँच गय़ा कालि केँ पास
यह कालिकोई औऱ नं होकेवही गद्दार हैं जिसने असुरों कि गुलामी स्वीकार करके अपने हि सम्राट अपने हि प्रजाति कों धोख़ा दिया थां यह हैं ब्रामहारक्षस प्रजाति कां नया सम्राट
जिसने असुरों केँ संग मिलकर त्रिलोकेश्वर औऱ दमयंती कों मारने कां प्रयास किया थां औऱ जब असुरो द्वारा उन्हे कैदकर लिया तौ इसने असुरों कि गुलामी कर त्रिलोकेश्वर कां सम्राट पद लें लिया
औऱ इतने सालों तक ब्रामहराक्षस प्रजाति पऱ राज करने सें इसेऐसा लगनेलगा थां कि सें कोईहरा हि नहीं सकता औऱ इसी केँ चलते उसकेमन मे घमंड पैदा हौ गय़ा थां
औऱ जब उसने सुना कि उसका सालों पुरानां शिकार त्रिलोकेश्वर औऱ दमयंती कां बेटा वापस आँ गय़ा हैं
तब उसकेमन मे अपनाराज पाठ गंवाने कां भय औऱ अपने शिकार कि खबर उसका शिकार करने कि ख़्वाहिश औऱ सबसे ज़्यादा उसका घमंड जिसने गुस्सा केँ रूप कों धारणकर लिया थां
जौ उसके चेहरे साफ दिखाई देरहा थां औऱ इन्ही सभी कारणों कि वजह सें कालि नें अपने विश्वसनिया सैनिकों औऱ योद्धाओं कि टुकड़ी लेकरचल पड़ा कालविजय आश्रम कि तरफ गुप्त हमला करने
तोँ वही मायासुर कि सारी असुरी सेना तौ खतम हौ गयीँ, थि इसीलिए अब मायासुर केँ पासइन ब्रामहारक्षसों कि सेना केँ अलावा कोई भि औऱ असुरी सैनिक नहीं थां
औऱ जबउसे लगा कि इसके अलावा औऱ कोई मार्ग नहीं हैं तौ उसने गुरु शुक्राचार्य कि उसखास सैन्य दल कों भि इस युद्ध मे सम्मलित कर लिया जिन्हे शुक्राचार्य नें देवासुर युद्ध केँ लिए संभाल केँ रखा थां
उस सैन्य दल कों वरदान थां कि कोई भि सात्विक शक्ति उनकाअंत नहींकर शक्ति चाहे वोँ सप्त अस्त्र हि क्यूं न् होँ औऱ इसी कारण सें मायासुर नें उसदल कों भि अपनेसंग युद्ध मे सामिल किया थां
उसकेपास सैन्य शक्ति मात्र इतनी हि थि तौ वही अस्त्रों केँ नाम पऱ सिर्फ उसकी मायावी शक्तियाँ औऱ शुक्राचार्य द्वारा दि हि तलवार यही थें
तोँ वही कालि नें भि इतने सालों सें ब्रामहराक्षसों पऱ राज करने केँ संग हि एक् ऐसी शक्ति कां निर्माण किया थां जिसका इस्तेमाल मात्र कोई उसके जैसा महाशक्तिशाली ब्रामहारक्षस हि कर सकता हैं
औऱ उस शक्ति केँ सहायता सें वोँ किसी भि ब्रामहाराक्षस कों बिना ब्रम्हास्त्र केँ भि खतमकर सकता थां अब वोँ दोनों पृथ्वी लोक केँ सीमा तक पहुँच गए थें औऱ वोँ अभि आगे बढ़ते
कि तभी नं जानेकहा सें एक् तीर सीधाआकर उनके पैरों केँ पास कि जमीन पर्र लगा जिससे वोँ वहीरुक गए औऱ हमला करने वाले कों ढूँढने लगे औऱ जब वोँ हमलावर उनके सामने आया तौ उसे देखकर उन दोनों कों झटकालगा क्योंकि वोँ कोई औऱ नहीं अपना भद्रा हि थां (भद्रा केँ रूप मे)
कुछ टाइम पहले
अभि मे अपने कमरे मे आहिस्ता सोरहा थां कि तभी मुझेकुछ अजीब सां एहसास होनेलगा जिससे मेरादम घुटरहा थां इसीलिए मे अपने कमरे सें निकलकर बाहर् आँ गय़ा
जहाँ पर्र खुले आसमान केँ नीचेअब मुझे थोडा बेहतर लगरहा थां मगरफिन भि दिल मे कुछ बुरा बहोत हि बुरा होने कां एहसास हौ रहा थां इसीलिए मे वही ध्यान मे बैठकर इसके पीछे कि वजह ढूँढने लगा
औऱ कुछ हि देरऐसे ध्यान लगाने केँ बाद मुझे वोँ वजह भि दिखने लगी थि मुझे पृथ्वी लोक कि सीमा पर्र मुझे कालि औऱ मायासुर उनकी सेना केँ संगदिख रहे थें
जिन्हे देखकर मेरे चेहरे पर्र शैतानी मुस्कान छा गय़ा जिसके बाद मे बिना किसी कों पतालगे हुए जल्दी वहा सें निकल गय़ा औऱ जाने सें पहले मैने आश्रम केँ चारों तरफ एक् कवचलगा दिया
औऱ उसकवच केँ उपर मैने एक् ऐसे चक्रव्युव कि रचना कि जिसमे कदम रखते हि वोँ सभीवही हालत होगी जौ हर सुभह (peak hrs mai) लोकल पकड़ने वाले कि होती हें
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औऱ अभि इससमय मे अपने भद्रा वाले अवतार मे हि मायासुर औऱ कालि केँ सामने खड़ा थां औऱ जब मायासुर नें कालि कों मेरा परिचय बताया तोँ कालि मेरा इंसानी रूप देखकर मुझे कमजोर समझने लगा
उसके घमंड नें उसके आँखों पर्र इसकदर पट्टी बांधकर रखी थि उसनेयह तक नहीं सोचा कि अगर मे कमजोर होता तोँ मायासुर उसकेपास ऐसेबीच युद्ध सें भागते न् आतामगर हम् कर भि क्याँ सकते हैं सचकहा हैं किसीने विनाश काले विपरीत बुद्धि
कालि :- (मेरा मजाक उड़ाते हुए) कितनी बुरीबात हैं ब्रामहराक्षसों कां राजकुमार इतना कमजोर हैं ऐसे मे क्याँ होगा हमारे अगली पीढ़ी कां
मे :- अगर तुम्हे मे इतना हि कमजोर लगरहा हूं तोँ आओआगे बढ़ोलढो मुझसे पताचल जायेगा
कालि :- आज तेरीमौत पक्की हैं लड़के तेरी मारकर तेरी मम्मी कों मे अपनी रखैल बनाकर रखूँगा
अब उसनेयह बोलकर सारी सिमाये लाँघ दि थि औऱ अब मेरा भि गुस्सा काबू सें बाहर् हौ गय़ा थां जिससे अब मेरा कुमार वालारूप बाहर् आँ गय़ा थां जौ देखकर मायासुर औऱ बाकी सारे सैनिक डररहे थें तोँ वही कालि केँ चेहरे पर्र मुस्कान छा गयीँ, थि
मे (गुस्से मे) :- आज तूने तेरी सारी सिमाये लाँघ दि हैं कालिआज तु नहीं बचेगा
मेरा केहना अभि पुरा होता कि उससे पहले हि कालि नें मेरीतरफ एक् आग कां गोलाफेक दिया जिससे बचने केँ लिए मे बाजू मे हट गय़ा जिससे मेरा संतुलन बिगड़ गय़ा
औऱ मे जमीन पऱ गिर गय़ा औऱ जैसे हि मै गिरा वैसे हि वोँ कालि दौड़ते हुए मेरेतरफ बढ़ने लगा औऱ इससे पहले मे कुछकर पाता उसने जल्दी मेरेपेट मे लातमार दि जिसके कारण मे 5 कदमदूर जा गिरा
कालि :- क्याँ हुआ कुमार सारी हेकड़ी निकल गई, मैनेसही कहा थां बड़ा कमजोर हैं तूँ अब तेरे आँखों केँ सामने मे तेरे मां कां वस्त्र हरण नां किया तौ मेरानाम भि कालि नहीं
उसकीयह बात सुनकर अब मेरामन खराब हौ गय़ा थां मैने जल्दी कुरुमा कों बाहर् बुलाया जिसे देखकर अब कालि कि भि हट गई, थि मैने कुरुमा कों सब सैनिकों केँ तरफभेज दिया
औऱ मे स्वयं अब कालि केँ तरफ बढ़ने लगा अभि मैकुछ करता कि तभीउस कालि नें फिन सें एक् औऱ अग्नि गोले हमला कियामगर इसबार मैउस गोले केँ सामने मै स्वयं आँ गय़ा
औऱ जैसे हि वोँ गोला मुझसे टकराया वैसे हि वोँ मेरे अंदरसमा गय़ा यहदेख कर वोँ कालिदंग रह गय़ा मायासुर नें अभि तक कालि कों सप्तस्त्रों केँ बारे मे बताया नहीं थां जिसके बाद मैनेआगे बढ़कर एक् लात सीधा कालि कों मार दि जिसे वोँ सीधा 10 कदमदूर जाकेगिर गय़ा
मे :- कालिआज तेरा औऱ तेरे घमंड दोनों कां आखिरी दिन हैं तेरे घमंड केँ वजह सें तुमने आज तक कितने हि बड़ेपाप किये हैं औऱ उपर सें तुमने जोँ भि अपशब्द मेरेमा केँ लिए इस्तेमाल किये हैं उसकेबाद तुम्हारा तुम्हे खतम करना हि मेरी सर्वोत्तम जिम्मेदारि हैं
कालि :- तुम् मेराअंत करोगे बच्चे अपने प्राणों सें प्यार नहीं हें क्याँ तुम्हे क्याँ लगा हैं मेरा एक् हमलारोक लिया तौ क्याँ तुम् मुझे मारने केँ लिए सक्षम बन जाओगे आओ तुम्हारा यह अहंकार भि आज उतारदु
इतना बोलके वोँ तेजी सें मेरेतरफ बढ़ने लगायह देखकर मे भि रेडी होँ गय़ा औऱ जैसे हि वोँ मेरेपास पहुंचा तौ उसने जल्दी एक् विद्युत तरंग सि हमला किया
मगर मे उससेबच गय़ा औऱ जल्दी मैने उसकेउपर एक् ऊर्जा प्रहार किया जिसे वोँ बचा गय़ा फिन सें हम् दोनों मे युद्ध आरंभ हौ गय़ा मगरइस बार भि नाँ वोँ मुझेहरा पारहा थां औऱ नां मे उसहरा पारहा थां मगरतभी मैने एक् आग कां गोला बनाकर उसकीतरफ भेज दिया जिससे वोँ उड़कर दूर जाके गिरा
जिसके बाद वोँ फिन सें खड़ा हौ गय़ा औऱ अपने बायेहाथ कों उपर कि तरफकर दिया जिससे उसकेहाथ मे एक् चमचमाती हुईँ तलवार आँ गई, जिसे देखकर मेरेमन मे अजीब सां डर निर्माण होनेलगा
क्योंकि यह तलवार वही तलवार थि जिससे किसी भि ब्रामहाराक्षस कों खतम करने कि ताकत रखती हैं जिसके बारे मे मुझे कुरुमा ne बता दिया थां औऱ जैसे हि कालि केँ हाथो मे वोँ तलवार आई
तौ वोँ जल्दी हि भागते हुए मेरेतरफ बढ़ने लगा जोँ देखकर मैने जल्दी हि अपनी आँखेबंद कर केँ ध्यान लगाने लगा औऱ अपनेदिल औऱ मन कि सारी सीमाओं कों तोड़कर उन्हे एक् कर दिया
औऱ जब मेने अपनी आँखे खोली तोँ मुझे अपने सामने कि हरचीज धीमी लगनेलगी बिल्कुल वैसे हि जैसे मुझेउस तीसरे पडाव कों पार करतेहुए दिखाई देरहे थें औऱ ऐसा होते हि मुझे कालि कछुए सें भि धीमा दिखाई देरहा थां
जिसके बाद मे वहा सें आगे बढ़कर उसकेपास गय़ा औऱ उसकेहाथ सें वोँ तलवार बिल्कुल उसीतरह निकाल ली जैसे किसी 2 महीने बच्चे केँ हाथ सें पानी कि बोटेल छिनना औऱ जैसे हि वोँ तलवार मेरेहाथ मे आई
मैने जल्दी उसकी गर्दन उसकेधड़ सें अलगकर दि जिसके बाद मैनेसभी फिन सें पहले केँ जैसाकर दिया औऱ जब कुरुमा सें लढतेहुए मायासुर नें यह देखा तोँ वोँ एक् बारफिन सें वहा सें भागने लगा
तौ वहीअब तक कुरुमा नें सारे असुरों कों औऱ ब्रामहारक्षसों कों जिंदा निगल लिया थां जौ देखकर उसकी औऱ फट गई, थि जिसके बाद वोँ जैसे हि भागने कां प्रयास करता मे उसके सामने आँ कर खड़ा होँ गय़ा
औऱ अपनी तलवार सें सीधा उसकी भि गर्दन कों धड़ सें अलगकर दिया औऱ जबयहखबर शुक्राचार्य कों पताचली तौ उसका गुस्सा इतना बड़ा कि उसने अपनेसब शक्तियों कां स्मरण करके धरती पर्र हमला बोलने कां तय किया
उन्होंने आज तक बहोत कोशिशे कि थि कि वोँ सप्तस्त्र उनके हौ हौ जाएमगर उनके हाथो मे सिर्फ हार हि लगी उन्होंने हरतरह केँ षड्यंत्र रचेमगर उनकाकोई भि षड्यंत्र उन्हे सप्तस्त्र नहीं दिलासका
जिसवजह सें उन्हे मानसिक आघात पहुंचा थां औऱ इसी आघात केँ संग उन्होंने पुरे विश्व मे अकाल प्रलय लाने कां प्रयास कियामगर उस प्रलय कों रोकने केँ लिएखुद प्रभु काशीनाथ आदिदेव बीच मे आगये औऱ क्रोधवश आके उन्हे उनके ग्रह यानी शुक्र ग्रह मे सदासदा केँ लिएकैद कर दिया
तौ वही दूसरी तरफउन दोनों कों मारने केँ बादमै आश्रम लौटआया औऱ फिन अगलेदिन मे मां बाबा कों संग लेकर ब्रामहराक्षसों केँ लोक पहुँच गय़ा औऱ फिनवहा पर्र मेरे पापा कां राज्याभिषेक करने कां तय कियामगर पापा नें उसकेलिए मनाकर दिया औऱ फिन उन्होंने उनके बदले मुझे सम्राट बनाया
गय़ा जिसके बाद हम् सभी कां जिंदगी हसी खुशी सें कटनेलगा
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THE END
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Hello doston me jaanta hoon कि ye story aisa end deserve नहि karti aur na sirf 77 updates deserve karti hain ise औऱ बहोत कुछ pana tha मगरकुछ complications केँ kaaran aisa नहि ho paya उसके liye aap sabse me maafi chahunga
Hello doston me jaanta hoon कि ye story aisa end deserve नहि karti aur na sirf 77 updates deserve karti hain ise औऱ बहोत कुछ pana tha मगरकुछ complications केँ kaaran aisa नहि ho paya उसके liye aap sabse me maafi chahunga
ब्रह्माराक्षस - Desi sex story – New Episode
Jaisa की ap sabko maloom h abi pichhle hafte hi humne USC की announcement की h aur abi कुछ waqt pahle Rules and Queries thread bi open किया h aur Chit Chat thread तो pahle से hi Hindi section में khula h.
Well iske baare में थोड़ा aapko bata dun yeh एक short kahani contest h jisme ap kisi bi prefix की short kahani post krr sakte hu, joo minimum 700 words and maximum 8000 words के bich honi चाहिए (kahani के words count karne के liye iss tool kaa use kare — Characters Tool)। iss liye mein aapko invitation deta hoon की ap iss contest में apne khayaalon ko shabdon ka roop देकर ismein apni kahaniyan daalein jisko pura XForum dekhega, yeh एक bohot अच्छा kadam hoga aapke aur aapki kahaniyan के liye क्योंकि USC की kahaniyan ko poore XForum के readers read karte haen। ap XForum के sarvashreshth lekhakon में से एक haen। और aapki story bi बहुत achchi chl rahi h। iss liye हम aapse USC के liye एक choti story likhne kaa anurodh karte haen। हम jaante haen की aapke pas समय की abhav h लेकिन iske bawajood हम yeh bi jaante haen की aapke liye कुछ bi asambhav नहीं h.
or joo readers likhna नहीं chahte wo bi iss contest में participate krr sakte haen "Best Readers Award" के liye। Aapko bus krna yeh hoga की contest में posted kahaniyan ko read karke unke ऊपर apne views dene honge.
Winning Writer's ko well deserved Cash Awards milenge, उसके alawa aapko अपना thread apne section में sticky karne kaa mouka bi milega taaki aapka thread top पर rahe uss dauraan। iss liye aapsab के liye yeh एक behtareen mouka h XForum के sabhi readers के ऊपर apni chhaap chhodne kaa aur apni reach badhaane ka। yeh ap sabhi के liye एक बहुत hi sunehra avsar h apni kalpanao ko shabdon kaa raah dikha के यहाँ pesh karne kaa। iss liye aage badhe और apni kalpanao ko shabdon में likhkar world ko dikha de.
Entry thread 25th March ko open hu chuka matlab ap apni kahani daalna shuru krr sakte haen aur wo thread 25th April 2025 tak open rahega iss dauraan ap apni kahani post krr sakte haen। iss liye ap abi से apni kahani likhna shuru kardein तो aapke liye better rahega.
or ha! story ko sirf एक hi post में post किया jaana चाहिए। kyonki yeh एक short kahani contest h jiska matlab h की हम kewal choti kahaniya की ummeed krr rahe haen। iss liye apni story ko kayi post / bhaagon में post karne की anumati नहीं h। Agar कोई bi issue hu तो ap kisi bi staff member ko Message krr sakte haen.
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Regards, XForum Staff
ब्रह्माराक्षस - Desi sex story - Next part miss mat karna
Hello doston me jaanta hoon कि ye story aisa end deserve नहि karti aur na sirf 77 updates deserve karti hain ise औऱ बहोत कुछ pana tha मगरकुछ complications केँ kaaran aisa नहि ho paya उसके liye aap sabse me maafi chahunga
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