माँ की अधूरी इच्छा completee - Indian sex story – New Episode
हाफएन ऑवर मे तैयार हौ सरला औऱ अरुन तैयार थें बाजार जाने कि लिये।
अरुण:चले मां।
सरला:चल।
बाइक पे बैठ केँ
अरुन: कहां चलना हैं मोम
सरला:मॉल चले।
सरल: अरुन
अरुण:हाँ मोम।
सरला: एक् बात पुछु।
अरुण : हाँ
सरला:तुम्हारी तरफ केसेपता थां कि मेरी तबीयत फ्राइडे कों ख़राब होगी औऱ ट्यूसडे कों सही।
आरन: मन हि मन क्याँ जवाबदूँ
सरला:बता नं किस तरीके कि तबीयत ख़राब होगी मेरी जोँ ५दिन मे ठीक होँ जाएगी।
सरलासमझ चुकी थि कि अरुन कों पता हैं पर्र वोँ उसकेमुह सें सुनना चाहती थि।
बात करते२ मॉल आँ गय़ा।
बाइक पार्किंग मे खड़ी करके दोनों शॉपिंग केँ लिए आँ गये।
घऱ कि ज़रूरत कां सामन खरीदते हुए
सरला: जवाब नहि दिया।
अरुण: मम्मी छोडो नाँ।
सरला:मन हि मन अरुन कों परेसान देखते हुएखुश हौ रही थि पऱ यह भि जानना चाहती थि कि क्याँ जौ वोँ सोचरही हैं वोँ सही हैं याँ उसकी गलतफहमि।
सरला:कुछ पूछरही हूं।
अरुन: मम्मी प्लीज मे नहि बता पाउंगा।
सरला: मेरेसंग बाजार आनां हैं यहयाद हैं बाकियाद नहीं।
अरुण:हां
सरला: तौ जवाबदे।
अरुण: थोड़ी देर खामोश रहने केँ बाद मम्मी जब लास्ट मंथ आप् नें कहा कि बैक मे पेन हौ रहा हैं तौ मुझे डाउटहुआ कि आप् कों हकलाते हुए पीरियड्स हैं जिस कि बजह सें आप् कि बैकपेन हौ रही औऱ फ्राइडे कों वहीडेट थि जौ लास्ट मंथ थि इसलिए आईडिया लगाये औऱ बोल दिया कि तबीयत ख़राब हौ जायेगि
ओर शांत हौ गय़ा। ये कहकर सरला सें नज़र नहि मिलारहा थां औऱ ऐसी हि हालत सरला कि भि थि।
ओर होँ भि क्याँ नं यह वोँ बात थि जिसको लड़की याँ तोँ अपनी मां सें याँ पत्नि हस्बैंड सें शेयर करते हैं
ओरयहा मां बेटेबात कररहे थें।
सरलासच जानना भि चाहती थि औऱ जानकर अजीब सां महसूस कररही थि।
ऐसे हि मॉल मे सामान लेने केँ बाद दोनों घऱ आँ गये बिनाबात कियेहुए।
साम कों रमेश दफ़्तर सें आँ गय़ा औऱ उस नें गौर किया कि दोने मां बेटा एक् दूसरे कों अवॉयड कररहे हैं
रमेश सरला सें : क्याँ हुआ
सरला:कहा।
रमेश: कहां क्याँ तुम् औऱ अरुनबात नहि कररहे।
सरला:ऐसा नहि हैं आप् कों ऐसा क्यूं लगरहा हैं
रमेश:ओके हौ सकता हैं
ओर सोनेचला जाता हैं।
सरला रसोई मे कामकर रही थि
औऱ सोचती हैं अरुन सें केसेबात करेउसे शरम आँ रही थि कि उसनेआज अपने बेटे सें पीरियड्स पे बात कि औऱ अरुन कों पता हैं कि उसके पीरियड्स कबआये हैं यही सोचते २ वोँ सोनेचली जाती हैं।
अगली सुभह
रमेश दफ़्तर चला जाता हैं औऱ अरुन कॉलेज केँ लिए निकलरहा होता हैं
तभी
सरला:उसे आवाज़ देतेहुए नाश्ता तौ कर लेँ।
अरुण;मम्मी मन नहि हैं।
उसेपता थां कि उसकी मां नें भि नाश्ता नहि किया होगा औऱ जबसंग करेगे तोँ कुछबात होगी औऱ वोँ सरला कों फेस नहि करना चाहता थां।
सरला: मैंने कहा न् नाश्ता कर औऱ उसकाहाथ पकड़ केँ डायनिंग टेबल पऱ बिठा देति हैं औऱ नाश्ता लेने रसोई मे चली जाती हैं
औऱ फिन दोनों संगबैठ कर नाश्ता करते हैं
पऱ कोईबात नहि करते।
अरुण: नाश्ता करने केँ बाद मां कॉलेज जारहा हू।
सरला:ओके बेटे।
अरुण:बाय मोम।
अरुन केँ जाने केँ बाद सोचती हैं अरुन कितना बड़ा होँ गय़ा कि केवलबैक पेन सें उसने आईडिया लगालिए मेरे पीरियड्स केँ बारे मे।
औऱ हँस देती हैं।
औऱ घऱ केँ काम ख़तम करने केँ बाद खाली बैठी थि
औऱ उसलसे अरुन कां ख्याल आया हैं
औऱ उसेकॉल आई करती हैं
सरला: हेलो अरुण
अरुण: हैं मोम
सरला:कहा होँ
अरुण: कॉलेज मे।
सरला: क्लास मे।
अरुण: नहि मम्मी ब्रेक हैं।
सरला:ओके औऱ चुप होँ जाती हैं।
अरुण:कहो मां।
सरला:कुछ नाहि।
अरुण:कॉल आई क्यूं कि
सरला:बस ऐसे हि।
अरुण:कोई काम थां।
सरला: क्याँ मे अपने बेटे कों कॉलआई नहि कर सकती।
अरुण: नहि ऐसीबात नहि हैं।
सरला:चल ओकेबाय।
अरुण:बाय मोम
सरलाकॉल आई कटने केँ बाद सोचती हैं पहले तौ मे कभी अरुन कों फोन नहि कि बिना किसी इमरजेंसी केँ पऱ आज क्यूं कि।
उसेसमझ नहि आँ रहा थां कि क्याँ होँ रहा हैं
ऐसे सोचते २ उसकासमय पास होँ जाता हैं इधर अरुन कां कॉलेज सें आने कां वक्त हौ जाता हैं
तोँ वोँ आईने केँ सामने खड़ी होके अपने मेकअप चेक करती हैं जोँ कि उसनेआज तक नहि किया थां अरुन केँ आने पऱ।
औऱ आज सरला अरुन कां इंतजार कररही थि औऱ आज अरुनलेट आया पूरे२ घंटे अपनेसमय सें।
सरलासोच रही थि कि उससेफोन करलुँ पऱ हिम्मत नहि हौ रही थि कि क्याँ बात करती।
तभी डोर बेल्ल बजति हैं।
गेट खोलने पऱ अरुन सामने खड़ा थां।
सरला:यह क्याँ समय हैं आने कां।
अरुण: वोँ दोस्तों सें संग थां वक्तपता हि नहि चला।
सरला:हाँ सही हैं मित्र ज़्यादा जरुरी हैं मां सें।
सरला नें यहबोल तोँ दिया पर्र सोचने लगी मैंने तौ कभी उससेऐसा नहि कहा पर्र आज क्यु।
अरुण:ऐसा नहि हैं मोम।
औऱ अंदर आँ जाता हैं।
औऱ फ्रेश होनेचला जाता हैं।
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ईधर अरुन फ्रेश होँ रहा थां सरला रसोई सें आवाज़ देती हैं कॉफ़ी पियेंगा अरुण।
अरुण:हां मोम
औऱ बाहर् डायनिंग टेबल पर्र आँ जाताहे।
सरला कॉफ़ी बना केँ लाती हैं औऱ दोनों संग कॉफ़ी पितें हैं।
औऱ कुछ सोचते २ सरला अरुन सें बोलति हैं बाहर् चले।
अरुण:कहा पे मां।
सरला: कहीं भि।
अरुण:कोई काम हैं।
सरला: नहि ऐसेहे अभि तेरे बापू कों आने मे वक्त हैं।
अरुण:ओके चलते हैं।
सरला: तोँ तैयार हौ जा मे भि तैयार होकआती हूं।
अरुन तैयार होनेचला जाता हैं
इधर सरला भि रूम मे आँ जाती हैं तैयार होने केँ लिये
पऱ उसेकुछ समझ नहि आँ रहा थां कि क्याँ हौ रहा हैं।
शायद कहीं उसकेदिल मे यहबात उससे कचोटने लगी थि कि उसके हस्बैंड नें कभीइस बात कि केयर नहि करी कि पीरियड्स मे आरामकर लो औऱ
करुन जैसे पिछले महिने हि पता पड़ा उसके पीरियड्स कि औऱ उसनेउसे बोल दिया आप् आरामकरो पीरियड्स ख़तम होने केँ बाद जायंगे।
सरलायह सोचहे रही थि कि अरुन कि आवाज़ आई मम्मी तैयार होँ गई क्याँ।
सरला: नहि बेटे।
अरुण:क्याँ हुआ मां जानां नहि हैं क्याँ।
सरला: जानां तौ हैं रूम कां दरवाजा खोलते हुए पर्र कुछसमझ नहि आँ रहा क्याँ पहनु।।
अरुण: जौ मनकरे वोँ पहंनलो।
सरला: अच्छा तुँ बता क्याँ पह्नु।
सरला नें बोल तौ दिया पर्र एकदम सें चुप हौ गई, कि मे अरुन सें क्यूं पूछरही हूं।
अरुण:मां कुछ भि पहनलो आप् पऱ सभी अच्छा लगता हैं।
सरला:चल झुठ।
अरुण:सच मोम।
सरला: तौ कौन सि साड़ी पहनू।
अरुण: वोँ ब्लैक वाली जोँ दिदी कि विवाह मे पहनी थि।
सरला: तुम्हारी तरफयाद हैं।
आँ: हाँ मम्मी आप् उसमे बहोत अच्छे लगरही थि।
सरला:चल ठीक हैं पर्र हम् जायँगे कहां।
अरुण:अब बताओ
सरला: मूवी चलें
अरुण:ओके
सरला:ओके मे १० मिनट मे तैयार होकआती हूं।
दरवजा बंदकर केँ सरला राहत कि साँस लेती हैं उसे क्याँ हौ रहा हैं मूवी वोँ भि अरुन केँ संग अकेले औऱ उसकी मनपसंद कि साड़ी पहन केँ।
सोचते हुए तैयार होती हैं कि अरुन कि १साल पहले कि बातयाद हैं कि मैंने कौन सि साड़ी पहनी थि
ओर एक् मेरे हस्बैंड उनकी मेराबरथ डे भि याद नहि थां।
अरुण:मम्मी शोमिस हौ जाएगा।
सरला;बस १० मिनटस।
अरुण: मम्मी २५ मिनट्स हौ गये आपको तैयार होतेहुऐ।
सरला; वक्त देखति हैं अरुनसही बोलरहा हैं औऱ जल्द२ तैयार हि जाती हैं।
दरवाजा खोलके केसेलग रही हूं।
अरुण: देखते रह जाता हैं सही भि हैं आज सरला नें फुलमेक उप किया थां जैसे किसी विवाह मे जारही होँ
सरला:बोल भि याँ देखते रहेगा।
अरुण:अछि लगरही हौ।
सरला: केवल अच्छी
अरुण: बहोत अच्छी।
सरला; थैंक्स चल।
अरुण: मां चस्मा नहि पहनी हौ।
सरला: मेरेपास कहा हैं।
अरुण;क्यूं मैंने आप् कों आप् केँ बर्थडे पे तोहफा किया थां।
सरला;कब।
अरुण; मम्मी रात मे जब मे जश्न सें आया थां औऱ पैकेट आप् कों दिया थां।।
सरला:ओहो मे तौ भूल हि गई,।
अभि देखती हु।
अरुण:मां अभि तक आप् नें मेरा तोहफा नहि देखा।
सरला:रूम मे जातेहुए सॉरी बेटा तूने भि याद नहि दिलाया। औऱ मुझे भि याद नहि रहा।
औऱ पैकेट ढूँढती हैं औऱ जबउसे खोलती हैं चश्मा देख केँ खुश होँ जाती हैं पऱ।
अरुण: पऱ क्याँ मम्मी।
सरला: मुझपे अच्छा लगेगा।
अरुण: क्यूं नहि लगेंगा।
सरला; मतलबइस उमर मे
अरुण: कॉमन मम्मी चस्मा लगाओ।
अब जल्दकरो लेट होँ जायंगे।
घऱ निकलकर बाइक पे दोनों मां बेटे चलतेहुए
सरला: कहां चलना हैं।
अरुण: देखते हैं।
सरला:पहली बार अरुन केँ काँधे पे हाथ रखती हैं।
अरुण: मां आँ गये।
तभी सरला कां ध्यान जाता हैं वोँ एक् उस एरिया कां पॉपुलर मल्टीप्लेक्स थां औऱ उस मे सुल्तान मूवीलगी थि।
जौ कि सरला केँ फवौरेट एक्टर कि मूवी थि
सरला:मन हेमन अरुन कों मेरे कितने ख्याल हैं मूवी देखने आया वोँ भि मेरी फेवौरेट एक्टर कि।
अरुण: मम्मी चलो।
सरला:चलो।
हॉल मे सरला औऱ अरुन एक् संग बैठे थें औऱ मूवी एन्जॉय कररहे थें।
जब मूवी ख़तमहुए सारारश एक् संग बाहर् निकला जीसकी बजह सें सरला कों धक्का लगा
अरुन नें जल्दी सरला कां हाथ पकड़ा औऱ चलनेलगा
सरला:मन हि मनयाद करतेहुए जब रमेश केँ संग मूवी देखने आई थि विवाह केँ बाद पहलीबार कों उस वक्त भि यहीहुआ थां पऱ रमेश कों कोई मतलब नहि थां।
अरुन औऱ रमेश मे कितना फ़र्क़ हैं
हॉल सें बाहर् आने केँ बाद
अरुण; मां अब क्याँ करना हैं।
सरला: मुझे क्याँ पता मे तोँ तेरेसंग आईहु तुँ बता।
अरुण:ओके तौ फिन रेस्टोरेंट चलते हैं अच्छा सां खानां खाते हैं फिनघऱ चलेंगे
सरल: जैसे तेरी मर्ज़ि
दोनो रेस्टोरेंट जाते हैं औऱ अरुन सरला केँ पसन्द कां खानां आर्डर करता हैं।
सरलायह देख केँ खुश होती औऱ संग२ खानां खाते हैं
ओरफिन घऱचल देते हैं
रमेश केँ आने सें पहले दोनों घऱ आँ जाते हैं
रमेश केँ आने केँ बाद खानां खाकर रमेश सोनेचला जाता हैं।
सरला रसोई केँ काम सें फ्री होँ कर अपनेरूम मे जाते२ अरुन केँ रूम मे चलि जाती हैं।
आँ: मम्मी आप्
सरला: क्यूं नहि आनां थां।
अरुण: नहि ऐसीबात नहि हैं।
सरल: थैंक्स।
अरुण: क्यु।
सरला:आज केँ लिये।
अरुण:आज क्याँ।
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सरला:आज मेरी लाइफ कां पिछले १०साल कां बेस्ट दिन थां जौ मैंने गुजरा तेरेसंग।
बर्ना मे तोँ भूलहे गई थि ख़ुशी क्याँ होती हैं
अरुण: मम्मी मे हूं न् यह फर्स्ट डे थां पर्र लास्ट नहीं।
सरला: देखते हैं।
ओकगुड नाईट।
अरुण:गुड नाईटमोम
सरला अपनेरूम मे चलि जाती हैं औऱ रमेश कि दिया दुःखयाद कर दुखि होती हैं केसे पति मिला हैं जिसको अपनी पत्नि सें कोई मतलब नहि हैं।
ओरदिन कि बातों कों याद करतेहुए सो जाती हैं।
कईसेहे दिन बितत्ते जाते हें औऱ सरला अरुन कि तरफ खिचती जाती हैं उसेपता हि नहि पड़ता कि यह क्याँ हैं
डेली उसका कॉलेज सें आने कां वेट करती हैं उसका पसन्द कां खानां बनाती हैं।
कहते हैं न् जब किसी केँ लिएमन मे कुछ होता हैं तौ उसकेदूर जाने पर्र महशुश होता हैं वोँ हमारे लिए कितना इम्पोर्टेन्ट हैं याँ हम् उसके बारे मे क्याँ सोचते हैं।
ऐसे हि हुआ सरला केँ संग एक् दिन अरुन कॉलेज सें लौटकर आया औऱ सरला सें बात करतेहुआ उससे बोला मंडे कों कॉलेज कां ५दिन कां टूर हैं खन्ड़ाला कां मे भि जारहा हु।
सरला: क्याँ।
अरुण:टूर हैं।
सरला: वोँ तौ मैंने सुन लिया पर्र एक् दम अचानक।
अरुण:: अचनाक नहि मम्मी मैंने लेट डीसाइट किया
मै तोँ जाने वाले नहि थां पर्र दोस्तों नें ज़िद कि औऱ मेरे पूछे बिना हि मेरानाम लिखवा दियाइस लिए जानां पडेगा।
पर्र इसबात कों सुनकर सरला दुःखी होँ गई उससेसमझ नहि आँ रहा थां कि क्याँ बोले।
ओकुछ नहि बोलि औऱ मंडे भि आँ गय़ा अरुन सुभह६ बजे तैयार हौ गय़ा
सरला: उसकेरूम हैं आतेहुए तैयार हौ गय़ा।
अरुण:हाँ मां।
सरला:सुब कुछरख लिये।
अरुण:हाँ। चलता हूं मोम
सरला: बड़ी जल्द हैं।
अरुण:: नहि मम्मी वोँ ६:३० पर्र पहुचना हैं नहि तौ ट्रैन मिस होँ जयेगि।
सरला:ओके जाओ।
अरुण:बाय मोम।
सरला:बाय बेटा टेक केयर।
औऱ अरुनचला जाता हैं।
अरून केँ जाने केँ बाद सरला कों ऐसा लगता हैं घऱ खाली हौ गय़ा हैं जब कि अरुन गय़ा थां न् कि रमेश उसका हस्बैंड्।
उसेकुछ समझ नहि आँ रहा थां अरुन पहले भि कईबात कॉलेज टूर पे गय़ा हैं पऱ आज कि तरहकभी मिस नहि किया थां सरला नें।
थोड़ि देरबाद उसने अरुन कों फोन कीया।
सरला: हेललो।
अरुण:हाँ मोम।
सरला: पहुच गय़ा।
अरुण:हाँ मां ट्रैन आने वाली हैं।
सरल:ओके बोलकर चुप हौ जाती हैं।
अरुण:कहो मम्मी कॉलआई क्यूं कि।
सरला:बस कन्फर्म करने केँ लिये।
तुम्हारे सारे साथी हैं संग मे।
अरुण: हैं मां
सरला: एन्जॉय करनाबाय।
अरुण:बाय मोम
औऱ सरलाफोन डिसकनेक्ट कर देति हैं
यह क्याँ हौ रहा हैं उसेउसे कुछसमझ नहि आँ रहा थां अरुन कों कॉलेज भि जाता हैं तोँ ५या६ घंटे मे लौटकर आया हैं औऱ अभि तौ १ घण्टा भि नहि हुआउसे गयेहुए औऱ वोँ उससेमिस कररही थि।
सोचते २ औऱ घऱ केँ काम मे समयपास करनेलगी औऱ एक् दोबार उस नें अरुन कों कॉलआई भि कि पर्र नेटवर्क कि बजह सें बात नहि हौ पाईजिस कि बजह सें उसकामन औऱ भि दुःखी होँ गय़ा।
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