माँ की अधूरी इच्छा completee - Indian sex story – New Episode
बहुतदेर किस करने केँ बाद सरला अरुन सें अलग होती हैं औऱ रूम सें बाहर् आती हैं।
अरूनकुछ नहि बोलता।
औऱ सरला रसोई मे
सरिता सें-
सरला:मां आप् नाराज़ तोँ नहि होँ।
सरिता: नहि सरलाबस डरइसबात कां हैं कि रमेश कों पताचला तब क्याँ होगा
सरला: मुझे भि मां।
सरिता: बेटी मैंने अपनी जीवन किसीतरह काटली पर्र मे तेरेलिए परेसान थि पर्र अबखुश हु कि मेरी बेटी कि ज़िन्दगी मेरे जैसे नहि कटेगी।
बस तुम्हें अबयह ख्याल रखना हैं कि किसी कों भि तेरे औऱ अरुन केँ बारे मे पता नं चले।
सरला: पऱ मे अरुन कों धोखा नहि दे सकती।
सरिता: मतलब।
सरला: आप् जानती हौ मर्दो कि आदतअगर कभी रमेश नें मेरेसंग फिजिकल होने कि कोशिश कर्री तोँ मे मना करुँगी तौ वोँ ग़ुस्सा होंगे औऱ मना नहि किया तौ अरुन केँ संग धोखा होगा इसलिये रमेश कों मेरे औऱ अरुन केँ बारे मे बताना होगा।
जीससे मे अरुन केँ प्रति बफादार रहूँ।
सरिता: पऱ यह मुस्किल हैं बेटी कोई भि मरदयह बरदास्त नहि कर पायेगा।
सरला: जानती हु मम्मी पर्र मुझे अरुन कि ख़ुशी केँ लिए बताना पड़ेगा मे उसे धोखा नहि दे सकती।
तभी शीला
शीला: दि जब तक हौ सके रमेश जीजू सें दुर रहना औऱ कभी ज़बर्दस्त करे तौ बोल देना पीरियड्स हैं याँ तबीयत ख़राब हैं औऱ जब आप् कों लगे कि समय आँ गय़ा हैं बताने कां तौ बता देना।
सरला : यह भि ठीक हैं।
तभी अरुण
अरुण: क्याँ मीटिंग होँ रही हैं।
सरिता: कुछ नहि दामाद जी।
सरला अपनी मां केँ मुह सें अरुन केँ लिए दामाद जी शब्दसुन बहोत खुश होती हैं।
औऱ सब खानां खाने आँ जाते हैं।
खानां खाने केँ बाद अपने अपनेरूम मे
सरला अरुन सें।
सरला:जान आज मे बहोत खुश हूं।
अरुण: तुम् कों खुशदेख कर मे भि।
सरला:जान अपनेघऱ चले।
अरुण: क्यूं अच्छा नहि लगरहा यहा।
सरला: नहि ऐसीबात नहि हैं पर्र अपनाघऱ अपना होता हैं।
औऱ आप् केँ कॉलेज कि भि बहुत छुट्टी हौ रही हैं
अरून जैसे मेरीजान कों मर्ज़ि।
कल सुभह निकलते हैं।
औऱ दोनों सो जाते हैं।
सरला कों मन हि मन नीतू कि टेंशन परेसान कररही थि क्यूं कि उसकादिल टुटा थां औऱ वोँ समझ सकती थि दिल टुटना क्याँ होता हैं।
औऱ जिसदिन सें वोँ गई हैं उसकाकोई फोन भि नहि आया।
अगली सुभह सरला औऱ अरुनसभी केँ रोकने केँ बाद भि नहि रुकते औऱ वहा सें निकलआते हैं।
सरिता अरुन सें प्रॉमिस लेती हैं कि वोँ हमेशा सरला कों खुश रखेंगा।
औऱ उस प्रॉमिस केँ संग रास्ते मे सरला।
सरला:जान एक् चीज़ मांगूं।
अरुण:कहो जान।
सरला: नीतू केँ घऱ चलें।
अरुण: पर्र क्यूं तुम् तौ घऱ जानां चाहती थि।
सरला: पर्र मुझे नीतू सें मिलना हैं वोँ बहोत दुःखी होँ कर गई थि।
अरुण: अच्छा हुआउसे सचपता चल गय़ा कम सें कमबाद मे तौ उसकादिल नहि टूटेंगा।
सरला: पर्र वोँ तुम् सें सच्चा प्रेम करती हैं।
अरुण:जान मेरा प्रेम तुम्हारे लिए हैं
सरला: वोँ भि तौ मे हूं।
वोँ भि तोँ मेराअंश हैं औऱ मे चाहती हूं कि तुम् उसे भि अपनालो मेरीतरह।
अरुण: पर्र जान उसका परिवार हैं रवि उससे प्रेम करता हैं।
क्यूं वोँ अपनी ज़िन्दगी बर्बाद करना चाहती हैं।
सरला:अगर उसे उसके हिस्से कां प्रेम मिलता तौ क्याँ वोँ ऐसा करती।
समझो अरुनजी वोँ आप् सें बहोत प्रेम करती हैं औऱ आप् कों उसेवही स्थान देनी होगी अपनी ज़िन्दगी मे जोँ मेरी हैं।
अरुण:बाद मे तुम्हे हि परेसानी होगी अपना प्रेम बंटता हुआदेख कर।
सरला: मुझेकोई प्रॉब्लम नहि होगी बल्कि उसको अपनी सौतन बनाने मे मेरा फायदा हैं।
अरुण: वोँ क्याँ।
सरला: अरुनजी सच तौ यहे हैं कि मेरी उम्र३८ कि होँ चुकी हैं।
औऱ 15 याँ 20 साल मे मे बूढी हौ जाऊंगी औऱ नीतू तुम्हारी जुड़वाँ हैं तुम्हारी उम्र कि तोँ जब मे आप् कों आप् कां प्रेम नहि दे पाऊँगी तब मुझेयह तसल्ली होगी कि नीतू हैं जौ आप् कों खुशरख पायेगी औऱ मे किसी औऱ बाहर् वाली पे ट्रस्ट नहि कर सकती।
औऱ अबनो आर्गुमेंट आप् मुझे नीतू केँ घऱ लें करचलरहे होँ।
अरुन:जब नारी सें ब्रह्मा भि हारे तौ मे क्याँ चीज़ हूं।
औऱ नीतू केँ घऱ कि तरफ गाड़ी मोड़ देता हैं।
सरलामन हि मन जानती थि कि अरुन कां प्रेम बँट जाएगा।
पऱ उसकी मां नें सहीकहा थां जब वोँ बुढ़िया होगी तौ अरुन कां क्याँ होगाइस लिए वोँ नीतू कों अपनी सौतन बनाने कों राजी हुई हैं।
कम सें काम उसकेबाद वोँ अरुन कां ख्याल रखेगी
औऱ दोनों १० घंटे केँ सफर केँ बाद नीतू केँ घऱ पऱ।
शानदार भाग
अब किस्सा मे आनेवाला हैं एक् जबरदस्त सस्पेंस।
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बंधु आपका योगदान सराहनीय हैं मेरीतरफ सें आपका बहोत बहोत शुक्रिया
माँ की अधूरी इच्छा completee - Indian sex story – New Episode
नीतु दरवाजा खोलती हैं।
नीतू दोनों कों देख केँ खुश होती हैं।
अंदरआओ मम्मी।
सरला: क्यूं अरुण कों कों नहि बुलायेगी।
नीतू: उनकी मर्ज़ी हैं मैंने कभीमना नहि कियायह हि आनां नहि चाहते।
सरला:अगर ऐसा होताआज तेरेघऱ पे नहि होते।
औऱ दोनों अंदर आँ जाते हैं।
घऱ मे उस वक्त नीतू कि सासू माँ
रुक्मणी देवि उम्र४१ साल थि।
अरुन रुक्मणी केँ पांव छूता हैं।
औऱ सब हालचाल पूछते हैं
नीतु नास्ते कां इन्तज़ाम करती हैं।
नास्टा करने केँ बाद खानां पीना होता हैं
औऱ फिनसब सोने केँ लिये।
रुक्मणी देवि अपनेरूम मे।
रवि औऱ नीतू अपने
औऱ सरला औऱ अरुन कों गेस्ट रूम मे
सरला नीतू केँ फोन पे मैसेज करती हैं अपनेरूम मे आने केँ लिये।
नीतुरवि सें
मै माँ केँ रूम मे जाऊँ।
रवि: तुम्हारी मर्ज़ि।
औऱ नीतूरूम मे आँ जाती हैं।
नीतू: क्याँ हुआ मम्मी क्यूं बुलाया।
सरला: मैंने नहि अरुन नें बुलाया हैं।
अरुण: चौकते हुए मैने।
सरला:हाँ अभि बोल नहि रहे थें कि नीतू कों बुलादो।
अरुण: मैंने कबकहा।
नीतू: मां रहनेदो क्यूं झूठबोल रही हौ जब वोँ मुझसे प्रेम नहि करते तौ ज़बर्दस्ती क्यूं कररही हौ
औऱ उठकरचल देती हैं।
जैसे हि उठती हैं।
अरुन नीतू कां हाथ पकड़कर उसे अपनी बाँहों मे लेँ लेता हैं औऱ बुरीतरह सें उसके होंठो कों चुमने लगता हैं
शुरु मे नीतू बिरोध करती हैं पर्र थोड़ी देरबाद उसका बिरोध बंद हौ जाता हैं औऱ अरुन कां संग देने लगती हैं।
बहुतदेर किस करने केँ बाद अरुन नीतू कों छोड़ता हैं
नीतु गहरी साँस लेती हैं औऱ अपनी साँसे दुरुस्त करती हैं। औऱ अरुन कि आँखों मे देखती हैं।
अरुण: क्याँ देखरही हैं रांड़।
नीतू: मम्मी इनकोकहो नाँ मे मात्र रांड नहि बनूँगी मुझे इनको अपनी पत्नि कां दर्ज़ा देना होगा।
नहीं तोँ मे इनकीकोई नहि हूं।
सरला:मैंने समझा दिया हैं अब तुम् दोनों जानो मुझे तोँ नीन्द आँ रही हैं।
औऱ बेड पऱ लेट जाती हैं जैसेउसे कोई मतलब न् हौ
पर्र अंदर हि अंदररो रही थि कि उसकेसंग ऐसा क्यूं होता हैं।
जीसको वोँ प्रेम करती हैं उसका प्रेम उसे क्यूं नहि मिलता क्यूं बँट जाता हैं।
अरून नीतू सें।
रवि कों डिवॉर्स कबदेरही हौ।
नीतू: क्यूं मे क्यूं दुँगी।
अरुण:मुझ सें विवाह नहि करनी मेरी पत्नि नहि बनना।
नीतू: पऱ उसकी ज़रूरत क्याँ हैं मे तुम्हे दिल सें पति मानने लगी हूं।
अरुण:फिन भि।
नीतू: मां नें भि तौ डाइवोर्स नहि लिया औऱ विवाह करली।
अरुण: वोँ तोँ वही मेरेसंग रहती हैं औऱ मे जब चाहु
धीरे-धीरे प्रेम कर सकता हूं।
वो मेरे सारेकाम करती हैं।
औऱ मैंने उनसे प्रॉमिस लिया हैं कि उनके जिस्म कों पिताजी नहि छुयेंगे औऱ वोँ इसका पालनकर रही हैं जिसदिन उनको पिताजी नें छुआउस दिन किस्सा खतम।
सरलासभी कुछसुन सही थि।
यहसही थां जिसदिन सें उसने अरुन सें विवाह कि हैं उसने रमेश कों अपने सरीर तौ दुर अपने कपडो कों भि हाथ लगाने नहि दिया।
अरुण:अगर मेरी पत्नि बनना हैं तोँ मेरी पहली शर्तरवि तुम्हे छुयेगा नहि।
नीतू:यह केसे होँ सकता हैं हम् पति पत्नि हैं।
मै उनको केसेमना करुँगी।
अरुण:वही तोँ नीतू।
तूँ रवि कों छोड़ नहि सकतीमना नहि कर सकती तौ मेरी ज़रूरत केसे पूरी करेगी औऱ जब मेरामन करे मे तुम्हारी तरफ प्रेम नहि कर पाउँगा क्यूं कि तुँ यहा होगी।
इसलिये मुझे तुम्हे पत्नि बनाने मे कोई प्रॉब्लम नहि हैं
जैसे मेरा पहला प्रेम सरला हैं।
उसीतरह तेरा प्रेम रवि चाहे प्रेम नं होँ पऱ दुनिया कि नज़र मे पति पत्नि होँ तौ उसकोछोड नहि सकती
इसलिये मेरे हिसाब सें तूँ रवि केँ संगखुश। मे सरला केँ संग
औऱ जब प्रेम करने कां मनकरे घऱ आँ जानां नहि तोँ बुला लेना मेरे प्रेम मे कोईकमी नहीं होगी। औऱ तुम्हे मम्मी बनाने कि जिम्मेदारी मेरी हैं।
अरुण:अब बताओ पत्नि बनने मे आनंद हैं याँ रांड बनने मे।
सरला अरुन कि बातें सुनरही थि औऱ वोँ खुश थि कि उसे अपनी पोस्ट बाँटनी नहि पड़ेगी वोँ पत्नि औऱ नीतू रांड हि रहेगी।
औऱ वोँ नीतू केँ जवाब कां वेट करती हैं।
नीतू:ठीक हैं मुझे मंज़ूर हैं पर्र तुम् मुझे अपने बच्चे कि मां कब बनाओगे।
अरुण: मंज़ूर पऱ एक् कण्डीशन हैं।
नीतू:कहो अब वोँ क्याँ हैं।
अरुण:जब हम् बच्चा पालन करेंगे तुम् रवि सें दुर रहोगी। जीससे हमेंपता चल जायेगा कि वोँ हमारा बच्चा होगा।
नीतू: मुझे मंज़ूर हैं पऱ बच्चा अभि नहि बाद मे
पहले मेरे शरीर कि प्यास बुझाओ जौ तुमने लगाई हैं।
अरुण: बिलकुल मेरी रांड।
अरुण: सरला।
सरला:हाँ अरुनजी।
अरुण: देखो तुम्हारी बेटी मेरी रांड बनने कों राजी हैं
सरला:हाँ देखरही हुयह आप् केँ लन्ड कि दीवानी होँ गई हैं।
बस उसको आप् कां मुसल चाहिए अपनीचुत औऱ गाण्ड मे।
अरुण: तोँ जराइसे मेरे मनपसंद केँ हिसाब सें तयारकरो। आजरात इसकोजम कर पेलुँगा।
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सरला: जैसा आप् बोलो।
अरुण:मे चाहता हूं कि जब मे नीतू कि गांड मारूँ तौ पहले तुम् मेरा लन्ड चूसकर गिलाकर दो। फिन अपने हाथों सें मेरा लन्ड अपनी बेटी केँ गांड केँ छेद पर्र लगाओ औऱ मे तुम्हारी बेटी कों किसी रंडी कि तरह चोदुं। तुम् ऐसा करोगी नां।
सरला:आप् जैसे बोलोगे मे करुँगी। आप् मेरी बेटी कों जमकर चोदिये। इसकी सारी प्यास बुझा दीजिये।
औऱ नीतू कों अरुनज़म कर चोदता हैं जहा स्थान मिलीवहा चुत मे गाण्ड मे मुह मे।
उसकीचाल बिगाड देता हैं।
चुदने केँ बाद।
नीतू:जब सें तुम्हारे यह मुसल मेरे अंदर गय़ा हैं रवि कां लन्ड कब जाता हैं कबआता हैं पता नहि चलता।
अब मे बेचारी बिना अरुन केँ लन्ड कों मरोडते हुए इसके बिना नहींरह सकती मुझे सें वादाकरो
जब मुझे इसकी ज़रूरत पड़ेगी मुझे चोदोगे।
अबइस बेचारे केँ बिना रहना मुस्किल हैं भइया।
अरुण:हाँ मेरी रांड पऱ तेरेघऱ मे तेरी सासू माँ हैं उसके होतेहुए थोडा मुस्किल हैं।
नीतू: उनका कां भि इन्तज़ाम होँ जाएगा
तूम बस देते रहना अपनायह लन्ड मुझेमन भर केँ।
कलदिन दोनों सरला औऱ अरुनघऱ केँ लिए निकल जाते हैं।
सरला जिसको अपने औऱ अरुन कि बात बताना चाहती थि उससे शेयरकर लिए बेटी कों मनालिए मम्मी कों बता दिया औऱ अरुनसभी सें प्रेम करने केँ बाद भि सरला केँ प्रति बफादार रहा औऱ शायदहर शादीसुदा लड़कीहर लड़के सें यही चाहती हैं बफादार औऱ प्रेम जौ सरला कों मिला अरुन सें।
घऱ पहुचकर।
एक् दिनकुछ नहि होताबस नार्मल ज़िन्दगी मम्मी बेटा औऱ पति
कलदिन रमेश दफ़्तर केँ लिए निकल जाता हैं।
सरला औऱ अरुन नाश्ता टेबल पे।
सरला:अब आप् अपनी पढाईदे ध्यान दो।
बहुतदिन हौ गये कॉलेज गयेहुए आप् कॉलेज जाओ।
अरुण:ओके बेबी
औऱ अरुन अपने कॉलेज चला जाता हैं।
औऱ सरलाघऱ कां साराकाम निबटाती हैं जोँ रमेश नें फ़ैला रखा थां।
तभी नीतू कि कॉलआई आती हैं।
नीतू: थैंक्स मोम।
सरला: क्यूं बेटी
नीतू: भइया कां प्रेम दिलाने केँ लिये।
सरला: तुम् भि मेरी बेटी हौ तुम् खुश तोँ मे खुश।
औऱ जानती होँ तुम्हे भइया कां उतना हि ख्याल रखना हैं जितना रवि कां।
नीतू: मे अरुन कों रवि सें भि अधिक प्रेम दूंगी औऱ मेरे पहले बच्चे कां पिता अरुन हि होगा।
सरला: बिलकुल मेरी शैतान बेटी।
नीतू ; शौतन नहि सौतन हूं।
ओकेचल रखती हूं।
सरला: नीतू रमेश कों केसे बताऊ अरुन केँ बारे मे
अबमुझ सें औऱ उनकेरूम मे नहि सोया जाता उनकीबजह सें मेरे अरुन अकेले सोते हैं।
वोँ जब तक मुझे शेयर करेंगे।
वोँ कुछ नहि बोलते उसका मतलबयह नहि कि मे उनका ख़याल नां रखू।
नीतू:अगर आप् चाहती होँ तोँ बतादो पर्र मेरे ख़याल सें बताने कि ज़रूरत नहि जैसेचल रहा हैं चलनेदो
इससेघऱ मे कोई प्रॉब्लम नहि होगी।
जबसमय आएगा अपने आप् पतालग जाएगा।
आप् उनका ख़याल रखो।
सरला: किसका।
नीतू: मेरेखसम कां।
औऱ नीतूकॉल आईरख देती हैं।
सरलाघऱ केँ काम सें फ्री होने केँ बाद अरुन कों कॉलआई करती हैं।
अरुण: हेलो सरला।
सरला: आप् कहा हौ।
अरुण: कॉलेज मे क्यु।
सरला: नहि पूछरही थि कहीं किसी गर्ल फ्रेंड केँ संग होँ औऱ मुझसे छुपारहे होँ।
अरुण: नहि सरलाऐसा कुछ नहि हैं कॉलेज मे हि हूं।
सरला:ओके ओकेकोई सफाई देने कि ज़रूरत नहि हैं
घऱकब आँ रहे हौ।
अरुण:बस यहीकोई २बजे।
सरला: तौ संग मे दोपहर का खाना करते हैं।
अरुण:ओके बेबी अपना ख़याल रख्ना।
औऱ तुम्हारी पीरियडस आने वाले हैं व्हिस्पर हैं न्।
सरला:अब व्हिस्पर कि क्याँ ज़रूरत हैं।।
अरुण: क्यु।
सरला:आप् वोँ लाए थें नाँ टेम्पोंस वहीयूज करुँगी।
अरुण: तुम्हे तोँ यूज करना नहि आता।
सरला: मुझेयूज करने कि क्याँ ज़रूरत हैं आप् हि डाल देना।
अंदर हि तोँ डालना हैं औऱ आप् ड़ालने मे एक्सपर्ट होँ।
अरुण:हाँ वोँ तौ हैं।
ओकेचलो बाय।
सरला:ओके बाय जल्द आनां लञ्च पे वेट करुँगी।
औऱ फ़ोनरख देती हैं।
दोबजे अरुन आँ जाता हैं औऱ दोनोसंग मे लञ्च करते हैं।
सरला: सुनिये घऱ कां कुछ सामान लाना हैं तौ ज़रा बहार चलेंगे याँ मे चलि जाऊँ।
अरुण: मे लें आताहु जान तुम् क्यूं परेसान होगी।
सरला: अरुन कों बॉहो मे लेतेहुए सामान तौ एक्सक्यूज़ हैं मुझे तोँ आपकेसंग बाहर् जानां हैं।
अरुण: अच्छा जी तोँ चलो।
सरलाठीक हैं तैयार होँ केँ आती हूं।
अरुण:कहा चली मेरेरूम मे जाकर तैयार हौ। उसरूम मे तभी जानां हैं जब रमेश हौ।
सरला:ओके सॉरीअब दोबारा गलती नहि होगी।
औऱ अरुन केँ रूम मे जाकर चेंज करती हैं
औऱ दोनों बाजार जाते हैं।
सरला: सुनिये मेडिकल सें जराआई- पिल लें लीजिये।
अरुण: क्यूं तुन तौ मां बनना चाहती थि।
सरला: पऱ अभि नहि अभि तोँ विवाह हुइ हैं।
थोडा घुमफिन लूँठीक सें हनीमून मनालु उस केँ बाद प्लानिंग करेंगे तब तक आप् कि नौकरी बगेरा भि सेट हौ जायेगी जिस सें हम् उसका फ्यूचर सेफकर पाएँगे।
कुछगलत सोचा हैं क्याँ।
अरुण: नहि बिलकुल सही एक् अच्छी औऱ समझदार पत्नि कां यही तोँ फायदा हैं। वोँ सुब सम्हाल लेती हैं पति कों कुछ करने कि ज़रूरत नहीं।
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Superb mast update bhay... majaa agya
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