मेरी लेस्बियन बहने और मेरी गांड - sister ki chudai - Complete Kahani Part 1
मेरानाम नितिन हैं औऱ मे लखनऊ मे रहता हूं औऱ मे मेरी सेक्स कहानी कां रेग्युलर रीडर हूं औऱ मुझे इन्सेस्ट स्टोरीस पढ़ना बहोत पसन्द हैं औऱ मुझे ब्रदर सिस्टर सेक्स बहोत अच्छा लगता हैं.
मे जब भि भइया बेहन सेक्स स्टोरीस पढ़ा करता थां तोँ काफ़ी रोमांचित हौ जाता थां मगरये भि सोचता थां कि क्याँ येसभी ट्रू स्टोरीस हैं याँ फेक.
मस्त कहानियाँ हें, मेरी बहोत सि सेक्स किस्सा ये xforum.live हैं
दोस्तो, अभि दूसरी स्टोरीस केँ लिए तौ मे कुछ नहि कह सकतामगर ये कहानी बिल्कुल सच हैं.
इस किस्सा मे, आपको अपनी लाइफ कि सचाई बताने जारहा हूं.
कहानी स्टार्ट करने सें पहले, ये जरूर कहूँगा कि अपनी सग़ी बेहन सें सेक्स करने सें ज्यादा मजा किसी औऱ चीज़ मे नहि हैं.
अभि मे अपनी सेक्सी सग़ी दिदी केँ बारे मे बतादूं कि मेरी दिदी कां नाम स्वीटी हैं औऱ दिदी कां कलर बहोत साफ हैं औऱ वोँ बहोत हि ब्यूटिफुल हैं.
उनका फिगर तोँ बस जानलेवा हैं। 34 – 28 – 36.
दिदी कि बॉडी मे हर एक् चीज़ पर्फेक्ट हैं। जौ भि दिदी कों देखता हैं उसकामन तोँ जरूर करता हैं कि काश वोँ उसकी हौ जाए औऱ दिदी केँ नाम कि मूठ जरूर मरता होगा.
अभि मे अपनी किस्सा पऱ आता हूं…
मेरेघऱ मे माँ बापू दिदी औऱ मे हैं.
मां पिताजी बिजनेस केँ सिलसिले मे अक्सर बाहर् हि रहते हैं तोँ घऱ मे दिदी औऱ मे हि अकेले रहते हैं औऱ कभीकभी कज़िन ब्रदर सिस्टर भि आँ जाते हैं.
मेरी कजिन सिस्टर भि कुछकम नहि हैं वोँ भि बहोत ब्यूटिफुल औऱ हॉट हैं.
मां बापू, बाहर् गयेहुए थें उनको 15 डेज़बाद आनां थां औऱ कजिनसिस आई हुईँ थि औऱ फिन हमनेरात कां खानां खाया औऱ टेलीविज़न देखने लगे औऱ मुझे नींदआने लगी तौ मे अपनेरूम मे सोनेचला गय़ा औऱ लगभग 12.30 कों मेरी नींद खुली.
सूसू केँ लिए तौ मे उठकर सूसू गय़ा औऱ फिन पानी पीनेक लिए रसोई मे गय़ा औऱ जब वापिस आँ रहा थां तौ देखा दिदी केँ रूम कि लाइटजल रही थि तौ मुझेलगा शायद लाइटऑफ करनाभूल गई, दिदी औऱ सो गई औऱ मे उनकेरूम कि लाइटऑफ करनेक लिए दिदी केँ रूम कि तरफचल दिया औऱ थोड़ापास गय़ा तौ अंदर सें अजीब सि आवाज़ें आँ रही थि.
मे धीरे-धीरे धीरे-धीरे चुपके सें दिदी केँ रूम केँ पास गय़ा औऱ डोर सें अंदर देखा तोँ मे शॉक्ड हौ गय़ा औऱ मुझेकुछ समझ मे हि नहि आया क्याँ करूँ। अंदर कां नज़ारा हि बहोत अलग थां.
फर्स्ट समय, मैंने एसा रियल मे देखा थां.
रूम मे दिदी औऱ कजिनसिस दोनों सिर्फ़ पैंटी मे थि औऱ दोनों एक् दूसरे कों किसकर रही थि औऱ एक् दूसरे केँ दूध केँ संगखेल रही थि.
येदेख केँ मुझे अजीब सां फीलहुआ क्यूंकी मे अपनी दिदी कों बहोत सीधा औऱ अच्छा समझता थां मगर मुझेये अच्छा भि लगरहा थां देख्ना.
मेरा लन्ड फुल टाइट हौ गय़ा औऱ मे लगभग 10 मिनिट तक ये देखता रहा औऱ फिन मुझसे रहा नहि गय़ा औऱ मे रूम केँ अंदरचला गय़ा औऱ उनकेपास जाकर खड़ा हौ गय़ा.
मुझेदेख कर दोनों डर गई औऱ मैंने उनके सेक्सी शरीर कों देखते हुएकहा कि ये क्याँ कररही हौ आप् लोग… लज्जा नहि आती…
तोँ दिदी बोलीं – कुछ नहि कररहे हें औऱ रूम केँ बाहर् जाओ औऱ तुमको रूम मे नॉककर केँ आनां चाहिए…
मैंने कहा कि मुझे क्याँ पता थां कि आप् येकररही होगी… ग़लत आप् कररही होँ औऱ डाँट मुझेरही हौ… रूको, मे मां बापू कों बोलूँगा…
जैसे हि मैंने येकहा, दिदी एक् दम सें चेंज हौ गई औऱ बहोत हि सॉफ्ट्ली बोलने लगी औऱ बोलि – देखो, तुम् ऐसाकुछ नहि करोगे औऱ हम् दोनों तुम्हारी हरबात मानेगे औऱ तुमको जोँ भि चाहिए कहो… हम् तुमको ला केँ देंगे…
मे खुश हौ गय़ा औऱ सोचा, यही सही मोका हैं औऱ मैंने कहा – फिलहाल तोँ, मे आप् लोगों कों जाय्न करना चाहता हूं…
येसुन कर दिदी बोलि – नहि, तुम् मेरे भइया होँ औऱ भइया बेहनऐसा नहि कर सकते…
तौ मैंने कहा कि बेहन बेहनकर सकती हैं तोँ भइया बेहन क्यूं नहि… दिदी चुप होँ गई औऱ मैंने कहा – दिदी आप् नें बोला थां, मेरीहर बात मनोगी…
दिदी बोलीं – हाँमगर, ये वाली नहि मानूँगी…
तौ मैंने कहा कि समस्या क्याँ हैं, इसबात मे… क्याँ आप् दोनों लेज़्बीयन हौ… आप् कों बाय्स नहि पसन्द…
दिदी बोलि – नहि ऐसा नहि हैं… हम् दोनों कों बाय्स भि पसन्द हैं मगर तुम् मेरे भइया होँ औऱ इस रिश्ते मे एसा नहि कर सकते…
मैंने कहा – अगर मे आप् कां भइया नहि होता तौ आप् मान जाती… हैं नाँ… तब उसकेसंग करने मे कोई समस्या नहि होती…
अब दिदी चुप हौ गई औऱ मैंने बोला – दिदी आप् कों कोई समस्या नहि होगी औऱ मे किसी कों कुछ नहि बोलूँगा औऱ मुझे आपकी जरूरत हैं औऱ आपको मेरी तौ इसमेकोई ग़लत नहि हैं…
दिदी नें मेरीबात बहोत ध्यान सें सुनी औऱ स्माइल दि औऱ बोलीं – ठीक हैं, मगर किसी कों कुछ भि बताना नहि…
किस्सा जारी रहेगी…
मेरी लेस्बियन बहने और मेरी गांड - sister ki chudai – New Episode
मै अपनी हरकते करनेलगा अबआगे काअपडेट
दिदी बोलीं – नहि, तुम् मेरे भइया हौ औऱ भइया बेहनऐसा नहि कर सकते…
तोँ मैंने कहा कि बेहन बेहनकर सकती हैं तोँ भइया बेहन क्यूं नहि… दिदी चुप हौ गई औऱ मैंने कहा – दिदी आप् नें बोला थां, मेरीहर बात मनोगी…
दिदी बोलीं – हाँमगर, ये वाली नहि मानूँगी…
तौ मैंने कहा कि समस्या क्याँ हैं, इसबात मे… क्याँ आप् दोनों लेज़्बीयन हौ… आप् कों बाय्स नहि मनपसंद…
दिदी बोलि – नहि ऐसा नहि हैं… हम् दोनों कों बाय्स भि मनपसंद हैं मगर तुम् मेरे भइया होँ औऱ इस रिश्ते मे एसा नहि कर सकते…
मैंने कहा – अगर मे आप् कां भइया नहि होता तौ आप् मान जाती… हैं नाँ… तब उसकेसंग करने मे कोई समस्या नहि होती…
अब दिदी चुप हौ गई औऱ मैंने बोला – दिदी आप् कों कोई समस्या नहि होगी औऱ मे किसी कों कुछ नहि बोलूँगा औऱ मुझे आपकी जरूरत हैं औऱ आपको मेरी तौ इसमेकोई ग़लत नहि हैं…
दिदी नें मेरीबात बहोत ध्यान सें सुनी औऱ स्माइल दि औऱ बोलि – ठीक हैं, मगर किसी कों कुछ भि बताना नहि…
मस्त कहानियाँ हें, मेरी सेक्स किस्सा डॉटकॉम पर्र !!! !!
मैंने कहा – पक्का प्रॉमिस… किसी कों नहि बोलूँगा… औऱ ये कहते हि मे दोनों केँ बीच मे लेट गय़ा औऱ उन्होने बेडशीट अपनेऊपर डालाहुआ थां औऱ मे उनकेबीच मे लेट गय़ा.
दिदी कों स्वयं सें चिपका कर, उनके पिंक लिप्स पर्र किस करनेलगा औऱ दिदी केँ सॉफ्ट लिप्स कों चूसने लगा.
फिन मेरी ज़ुबान, दिदी केँ मुंह मे थि औऱ दिदी कि ज़ुबान मेरे मुंह मे थि औऱ हम् एक् दूसरे कों बहोत ज़ोर कां स्मूच कररहे थें औऱ मेरी कजिनसिस, पीछे सें मुझेकिस कररही थि.
फिन दोनों बहनों नें मिलकर, मेरे सारे कपड़े उतारदिए औऱ दिदी औऱ कजिनसिस दोनों मुझेकिस कररही थि मेरी पूरी बॉडी पऱ औऱ मुझेएसा लगरहा थां, जैसे मे जन्नत मे हूं.
मेरा लन्ड फुल टाइट होँ गय़ा थां औऱ मेरा लन्ड, कभी दिदी कि बॉडी सें घिसता तोँ कभी कजिनसिस कि बॉडी सें.
दोस्तो, मे बता नहि सकता मुझे कैसाफील होँ रहा थां औऱ मे वर्ल्ड कां लकीयेस्ट पर्सन थां.
दिदी औऱ कजिनसिस नें मुझे उल्टा कर दिया औऱ मुझे पीछे सें किस करनेलगी.
अफ क्याँ फीलिंग थि। !!
मेरी बॉडी पर्र दिदी कि औऱ कजिनसिस कि सॉफ्ट सॉफ्ट बॉडीटच होँ रही थि औऱ दोनों केँ सॉफ्ट सॉफ्ट लिप्स औऱ दूध मेरी बॉडी पऱ फील हौ रहे थें.
मे बहोत हि ज्यादा रोमांचित होँ गय़ा थां औऱ दिदी औऱ कजिनसिस, मुझे मेरीपीठ सें किस करतेहुए मेरी गाण्ड पऱ भि खूबकिस किया औऱ उसकोखूब दबाया.
फ़िर दोनों नें मेरी गाण्ड पऱ थप्पड़ भि मारे.
एक् सीधीतरफ मारता तोँ एक् लेफ्ट साइड, मगर मुझे बहोत मज़ा आँ रहा थां.
तभी दिदी नें मेरी गाण्ड कों थोड़ा फैलाया औऱ उसमे अपनी उंगली डाल दि.
मुझे थोड़ा दर्दहुआ तौ दिदी सें बोला – ये क्याँ कररही हौ दिदी… मुझे दर्द होँ रहा हैं…
तब दिदी नें अपनी पूरी उंगली मेरी गाण्ड मे डालते हुएकहा कि साले, बेहनचोद बननेजा रहा हैं तुँ औऱ तूँ जब मुझे चोदेगा तब तुँ अपना इतना मोटा औऱ लंबा लन्ड मेरी कुँवारी बुर मे डालेगा, मुझे कितना दर्द होगा औऱ तुम कोमजा आएगा तौ अभि इतना दर्द नहि लेँ सकता…
मेरेपास कोई जवाब नहि थां मगरसच तौ यही थां कि मुझेउस दर्द मे भि मज़ा आँ रहा थां औऱ दिदी कि सॉफ्ट सॉफ्ट उंगली मेरी गाण्ड मे घुसी हुई थि.
मुझे एक् मीठा मीठा सां दर्द होँ रहा थां। जिसको मे एंजाय कररहा थां औऱ मेरी कजिनसिस, अपने सॉफ्ट सॉफ्ट दूध मेरीपीठ पऱ रग़ाद रही थि.
दोस्तो मे तोँ जन्नत मे थां औऱ मुझे मेरी दोनों बहनों कि हरकते रोमांचित कररही थि औऱ मेरा लन्ड पूरा टाइट थां औऱ दिदी मेरी गाण्ड अपनी उंगली सें माररही थि.
फिन दिदी नें मुझे सीधा किया औऱ मेरे निपल्स कों चूसने लगी.
एक् दिदी औऱ दूसरी कजिनसिस औऱ मे पूरा नंगा लेटाहुआ थां औऱ मेरी दोनों बहनों नें सिर्फ़ पैंटी पहनाहुआ थां.
तभी दिदी नें बड़े प्रेम सें मेरे लन्ड कों अपनेहाथ मे पकड़ लिया औऱ अपनी मुथि मे जकड़कर सहलाने लगी औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे पेट पऱ किस करतेहुए मेरे लन्ड केँ पास पहुच गई औऱ अपने पिंक औऱ सॉफ्ट सॉफ्ट लिप्स सें मेरे लन्ड केँ टॉप पऱ किस किया औऱ फिन कजिनसिस नें अपने होंठ मेरे होंठों पर्र रखदिए औऱ मुझे फ्रेंच किस करनेलगी.
जब वोँ फ्रेंच किसकर रही थि तब उसकेदूध मेरे सिने मे दबगये.
ओह माँ, क्याँ मजाआया दोस्तो.
सोचो आप् पूरे नंगे लेटे होँ औऱ आपकी एक् बेहन आप् कां लन्ड चूसे औऱ दूसरी आपको फ्रेंच किसकरे औऱ वोँ भि सिर्फ़ पैंटी मे हि होँ.
फिन मेरी कजिनसिस भि मेरे लन्ड कि तरफचली गई औऱ नीचेलटक रही गोटियो कों अपने मुंह मे भरकर चूसने लगी.
दिदी मेरा लन्ड चूसरही औऱ कजिनसिस मेरी गोटी औऱ मे अपनीकमर हिला हिलाकर उन दोनों कों चूसने मे हेल्प कररहा थां औऱ मे अब बहोत कि ज्यादा रोमांचित थां औऱ कभी कजिनसिस मेरा लन्ड चूसती तोँ दिदी मेरे लन्ड केँ नीचेलटक रही पोटली कों मुंह मे भरकर चूसती तौ कभी दिदी लन्ड चूसती औऱ कजिनसिस पोटली चूसती.
लगभग 20 मिनिट तक दोनों नें बारी बारी सें चूसा औऱ मे बहोत रोमांचित होँ गय़ा औऱ जब दिदी मेरा लन्ड चूसरही थि तौ मैंने दिदी कां सिर ज़ोर सें पकड़कर दिदी केँ मुंह मे अपना पूरा लन्ड दल दिया औऱ उनके मुंह कों ज़ोर ज़ोर सें चोदने लगा औऱ फिन दिदी केँ मुंह मे हि अपना सारा पानी निकाल दिया.
फिन दिदी नें मेरा सारा पानी मेरेपेट पऱ थूक दिया तोँ मैंने कहा – क्याँ हुआ दिदी… इसकोपी जाओ…
तौ दिदी बोलीं – दोस्त, ये मेरा फर्स्ट वक्त हैं तोँ बहोत अजीब सां लगा। अभि तक सिर्फ़ मूवीस मे हि लन्ड देखा थां औऱ उसमे सें पानी निकलता हुए हि देखा थां… आज पहलीबार रियल मे लन्ड देखा औऱ चूसा तोँ अजीब सां लगरहा हैं… नेक्स्ट वक्त तेरा पानी जरूरपी लूँगी…
मैंने कहा – कोईबात नहि…
स्टोरी जारी रहेगी…
यहरही मेरी दोनों बहनें आशा करते हैं आप् लोगो कों कथा अच्छी लगी क्याँ स्टोरी आगे बढ़ाना चाईए ????
मेरी लेस्बियन बहने और मेरी गांड - sister ki chudai – New Episode
फिन दिदी औऱ कजिनसिस नें मिलकर मेरेपेट पर्र सें पानीहटा दिया औऱ मे बैठ गय़ा औऱ दोनों सें बोला – मुझे पूरा नंगाकर दिया औऱ स्वयं पैंटी पहनरखा हैं… ये तोँ ग़लत हैं…
तौ कजिनसिस बोलि कि हमनेकभी मना किया… उतारदे हमारी पैंटी औऱ अपनी बहनों कों भि नंगाकर दे…
मैंने कहा – ऐसे नहि… मुझे आप् लोगो केँ शरीर कों देख्ना हैं… आप् केँ चिकने पऱ सुंदर शरीर कों अपनी आँखो मे भरना हैं… आप् लोग मेरे सामने खड़े हौ जाओ…
मेरी दोनों बहनें शर्मा गई औऱ मेरे सामने खड़ी होँ गई.
उफ फफ्फ़ !! क्याँ बॉडी हैं उनकी.
हर एक् चीज़, पर्फेक्ट एक् दम.
चिकनी, उनके शरीर पर्र एक् भि दाग नहि थां.
मैंने उनके शरीर कों देखा औऱ फिन कजिनसिस केँ पास गय़ा औऱ उनकोकिस किया.
उनकी पूरी बॉडी कों किस किया.आगे औऱ पीछे सें.
फिन दिदी कों किस किया। उनके पूरे चिकने औऱ सॉफ्ट बदन कों किस किया औऱ जीभर केँ चाट लिया.
फिन मैंने दिदी कि पैंटी केँ ऊपर सें हि दिदी कि गाण्ड कों किस किया औऱ फिन दिदी कि बुर कों चाट लिया पैंटी केँ ऊपर सें हि.
फिन दिदी कि पैंटी कों धीरे-धीरे सें अपने मुंह सें पकड़कर निकाल दिया औऱ फिन कजिनसिस कि भि पैंटी कों उतार दिया.
अफ !! क्याँ नज़ारा थां.
मेरी दोनों बहनें अब बिल्कुल नंगी थि, मेरी आँखो केँ सामने.
दोस्तो, उन दोनों कि बुर गुलाबी औऱ चिकनी हैं। उनकी बुर कों देखकर हि ऐसालगा कि खालूँ औऱ सच मे बहोत हि लकी हूं मे जौ मुझे मेरी बहनों केँ संग सेक्स करने कां मौका मिला.
ओह मेरी मम्मी !! क्याँ बदन थां, उनका।.
उनके गोरेबदन पऱ बड़े बड़ेदूध औऱ पिंक निपल्स औऱ गुलाबी बुर देखकर हि मेरा लन्ड वापिस खड़ा हौ गय़ा औऱ मैंने दिदी कि एक् टांग अपने कंधे पऱ रखी तोँ दिदी कि बुर सीधा मेरे मुंह केँ सामने आँ गई औऱ मैंने बहोत प्रेम सें दिदी कि बुर कों देखा औऱ किस किया.
दिदी एक् दम सें उच्छल पड़ी तौ मैंने पूछा – क्याँ हुआ दिदी…
दिदी बोलि – अजीब सां लगरहा हैं…
इस पऱ मैंने पूछा – क्यूं अच्छा नहि लगरहा हैं क्याँ…
पर्र दिदी बोलीं – बहोत अच्छा लगरहा हैं… मगर जैसे हि तुम् मेरी बुर पर्र किस करते होँ वैसे हि मेरीदिल कि धड़कन तेज हौ जाती हैं औऱ हाथपेर कँपने लगते हें…
मैंने स्माइल दिया औऱ बोला – आप् आहिस्ता लेटजाओ…
फिन मे आप् कि बुर कों चखता हूं तौ दिदी बेड पऱ लेट गई औऱ मे दिदी कि दोनों टाँगों केँ बीच मे आँ गय़ा औऱ दिदी कि बुर कों किस किया औऱ अपनी ज़ुबान सें दिदी कि बुर कों हल्के हल्के सहलाने लगा औऱ दिदी एग्ज़ाइट्मेंट मे अपनी गाण्ड हवा मे ज़ोर ज़ोर सें उठाने लगी औऱ मोनिंग करनेलगी.
आँ आहह-आहह उउउइईई ईम आँ आँ आहह-आहह ऊहहहह मम्मी… बहोत अच्छा लगरहा हैं, मेरे भइया… औऱ ज़ोर सें करो… औऱ खाजाओ मेरी कुँवारी बुर कों… आज सें मे तुम्हारी हूं, मेरे प्यारे भइया…अब जब भि औऱ जौ भि चाहो तुम् जीभर केँ चुदाई कर सकते होँ मेरेसंग… आँ आँ आँ आँ हहहहउूउ उंम्म ऊऊहहह ह… याँ बेबी, लीक मी…बनजा जल्द सें बेहनचोद अपनी बेहन कि बुर चोद केँ… आज मेरे भइया, आज सें तेरी सग़ी बड़ी बेहन तेरी रंडीबन गई हैं… चोदडाल…
दिदी कि ये बातेसुन कर, मे औऱ भि रोमांचित हौ रहा थां तभी मेरी कजिनसिस नें मेरा लन्ड हाथ मे पकड़कर अपने मुंह मे भर लिया.
उस वक्त पूरा एक् पॉर्न फिल्म कां सीनचल रहा थां औऱ मैंने दिदी कि बुर फैलाई औऱ दिदी कि बुर केँ होल मे अपनी ज़ुबान डाल दि औऱ गोलगोल घुमाने लगा.
दोस्तो, दिदी कि बुर अंदर सें बहोत गरम थि औऱ उसकी बुर कि गर्मी मेरी ज़ुबान मे महसूस हौ रही थि.
मे कभी दिदी केँ बुर केँ दाने कों चूसता औऱ अपने दाँतों मे दबाता तोँ कभी दिदी कि बुर कों अपनी ज़ुबान सें सहलाता तौ कभी दिदी कि बुर केँ छेद मे अपनी ज़ुबान डालकर गोलगोल घुमाता तौ कभी दिदी कि बुर मे अपनी ज़ुबान अंदर बाहर् करता.
दोस्तो, दिदी कि बुर कां टेस्ट ऐसा थां कि मॅनकर रहा थां कि जीवनभर मे यूँ हि दिदी कि बुर कों चाटता रहूं औऱ उनकी बुर कां पानी पीता रहूं.
लगभग 30 मिनिट तक दिदी कि बुर चाटली औऱ दिदी बहोत हि ज्यादा गर्म होँ गई औऱ मुझे अपनी औऱ खींचते हुए बोलीं – बेहनचोद, गान्डू… कब तक मुझे तरसाएगा… अब मुझसे बर्दाश्त नहि होता…डाल दे, अपना लन्ड मेरी कुँवारी बुर मे औऱ बनादे अपनी दिदी कों एक् लड़की सें एक् छीनाल… अपने भइया कां लन्ड खाने वाली रंडी…
दिदी कि एग्ज़ाइट्मेंट देखकर मे औऱ भि गर्म होताजा रहा थां तोँ मे दिदी केँ ऊपर आँ गय़ा औऱ दिदी कि बुर पऱ अपना लन्ड रगड़ने लगा.
अब दिदी नें कहा – क्यूं तडपारहा हैं मेरे भइया… घुसादे अपना लन्ड मेरी बुर मे औऱ मेरी बुर कि भूख मिटादे…
ये सुनते हि, मेरी कजिनसिस नें मेरा लन्ड पकड़कर दिदी कि बुर पऱ रख दिया औऱ मुझसे बोलीं – मार धक्का औऱ अंदर तक घुसादे औऱ बनजा बेहनचोद, साले…देख, कितना भि चिल्लाए रुकना मत… जल्दकर मेरी भि बुर मे आगलगी हुई हैं… मे तोँ बहोत लन्ड खा चुकी, इसलिये पहले इसकीमार लेँ…
ये सुनते हि मैंने एक् ज़ोर कां झटका मारा तौ मेरा सिर्फ़ एक् चौथाई हि लन्ड अंदर गय़ा औऱ दिदी दर्द सें चीख पड़ी औऱ मुझसे चिपक गई औऱ बोलीं – नहि नहि… थोड़ारुक जा…
फिन मे रुक गय़ा औऱ दिदी कों फ्रेंच किस करनेलगा.
स्टोरी जारी रहेगी…
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