घरेलू जब रंडी बनी ( no pakkau only Vasna ) - Ghar Ki Randi - Episode 1
सुभह केँ 6 बजे मुंबई केँ एक् साधारण सें परिवार मे हलचल थि।
‘हेमाओ हेमा। कहां हौ भइया। जल्द सें गरमचाय देदो। मुझेदेर होँ रही हैं। ’
यह हें गुलशन अरोरा। उम्र 45 कि अच्छी हाइट-काठी, मगर साधारण सें व्यक्ति हें बड़ी सादगी मे रहते हें। इनकेकुछ उसूल हें, जिसकी वजह सें घऱ केँ बाकीलोग भि ऐसे हि रहते हें। इनकी स्वयं कि कपड़ों कि एक् बड़ी सि दुकान हैं।
हेमा-यह लोजी आपकीगरम चाय, 2 मिनट क्याँ देर हुईँ। आप् तोँ साराघऱ सर पऱ उठा लेते हौ।
यह इनकी धर्म पत्नि हेमा हें, इनकी उम्र 35 साल हैं, दिखने मे हसीन हें। इन्होंने अपने आपको काफ़ी अच्छे सें संवार कररखा हुआ हैं, जिससे दूसरों केँ लिए इनकी उम्र कां अंदाज़ा लगाना थोड़ा मुश्किल हौ जाता हैं।
गुलशन- अरे आसामान केसे नाँ उठाऊं, तुम् तौ जानती होँ। मुझे वक्त पर्र जाने कि आदत हैं।
हेमा- अच्छा जी.अबगरम चायपी लो। नहि तौ कहोगे कि बातों मे लगाकर मैंने हि आपको जाने केँ लिएलेट कर दिया।
गुलशन- अरेगरम चाय तौ ठीक हैं। मगर मेरी गुडलक कहां हें आजउठी नहि क्याँ वोँ?
सुमन- मे आँ गई बापूजी। ऐसाकभी हुआ हैं कि आप् बाहर् जाओ औऱ मे आपके सामने नाँ आऊं!
दोस्तो, यह हैं सुमन। इनकी इकलौती बेटी। उम्र 19 साल हैं। इसने अभि हाल हि मे 12 वींपास कि हैं औऱ अब इसका दाखिला कॉलेज मे हौ गय़ा हैं।
सुमन दिखने मे एकदम सिंपल सि मगरबला कि हसीन हैं, इसकादूध सां सफ़ेदरंग औऱ बेदाग चेहरा, घने लंबेबाल, एकदम पतले होंठ, फिगर 30-26-30 कि एकदम छरहरी हैं, सुमन दिखने मे कोई विद्यालय कि बच्ची जैसी लगती हैं। औऱ हाँयह बेहद सादे कपड़े पहनती हैं। कोई फैशनेबल कपड़े नहि पहनती हैं। जैसा कि मैंने बताया कि इसके पिताजी कों यहसभी मनपसंद नहि हैं।
चलोअब इसकेआगे कि जानकारी बाद मे लेते रहना। पहलेकथा कों आगे बढ़नेदो।
गुलशन कां रोज सुभह कां यहीकाम थां कि वोँ सुमन कों देखे बिनाघऱ सें बाहर् नहि जाते थें।
गुलशन- अहह। मेरी राजदुलारी। तेरी देखे बिना तोँ मेरादिन शुरुआत हि नहि होता हैं।
गुलशन जी नें सुमन कों दुलार किया औऱ घऱ सें निकलगए।
सुमन- मम्मी मुझे बहोत भूखलगी हैं। जल्द सें ब्रेकफास्ट दो नां?
हेमा- बेटी सभी रेडी हैं। जा किचन सें लेँ लें, मुझे सफ़ाई करनी हैं।
सुमन- नहि मां आप् हि लाकरदो नाँ प्लीज़ प्लीज़ प्लीज़.
हेमा- सुमन तुम्हारा दाखिला पिताजी नें कॉलेज मे करवा दिया हैं। अबकल सें तुम् कॉलेज जाओगी तौ यह बच्चों वाली हरकतें अबबंद करदो।
सुमन- क्यूं करदूँ। मे तौ आपकी बच्ची हि हूं नां। हाहाहा हा.
दोनों मां-बेटी केँ बीच बड़ा प्रेम थां तोँ बस आख़िरकार हेमा नें हि उसको ब्रेकफास्ट लाकर दिया।
दोस्तो, यह पहला पार्ट हैं। तौ इनका इंट्रो हौ रहा हैं।
मगर आपकोऐसे सूखा-सूखा मजा नहि आँ रहा होगा तोँ चलो थोड़ा सां गीला-गीला कर देती हूं।
सुभह केँ 8 बजे मुंबई केँ हि एक् अलगघऱ मे क्याँ चलरहा हैं उस पऱ निगाह डालते हें।
‘मोना कहां होँ दोस्त… मे आँ गय़ा। ’
ये गोपाल हैं, उम्र 23 साल एकदम स्लिम इसकी विवाह कों अभि एक् हि सालहुआ हैं। अबयहइस सेक्स किस्सा मे कहां सें आया हैं। चलिए देखते हें।
गोपाल कि आवाज़ केँ संग हि एक् 20 साल कि लड़की, जिसकी हाईट किसी मॉडल कि तरह थि औऱ रंग भि साफ फिगर 34-28-32 कां, उसने एक् ट्रांसपेरेंट ब्लू नाईटी पहनरखी थि। कुल मिलाकर वोँ सेक्स डॉल नज़र आँ रही थि।
मोना-ओ स्वीटू मे कहां जाऊंगी। यहीं तौ हूं आपके सामने!
गोपाल- क्याँ बात हैं मेरीजान। आज तौ बड़ी कयामत लगरही होँ। तुम्हारा इरादा क्याँ हैं?
मोना- इरादा क्याँ होगा.जब सें तुम्हारी नाइट शिफ्ट कां चक्कर शुरुआत हुआ हैं। मेरा तोँ सुकून चैनसभी चला गय़ा हैं।
गोपाल- मेरीजान ऐसामत कहो, अब फोन सेंटर कि नौकरी हैं। इसमें तौ ऐसा होता रहता हैं। तुम्हें रात कों नहि तौ क्याँ हुआ। मे दिन मे तौ पूरामजा दे देता हूं नां। हाहाहा हा.
मोना-हाँ बड़ेआए मजा देने वाले, ऐसे करते होँ जैसे मे कहीं भागीजा रही हूं। पहले तोँ बड़े आहिस्ता प्रेम करते थें, उसकेबाद चुदाई शुरुआत करते थें औऱ आजकल तोँ बस सीधा लन्ड अन्दर घुसा देते होँ। जैसे मे कहीं भागीजा रही हूं।
गोपाल- अरेअरे। मेरीजान कों इतनी शिकायत हैं। तौ चलोआज सारीकमी दूरकर देता हूं।
इतना कहकर गोपाल नें मोना कों गोद मे उठा लिया औऱ सामने केँ कमरे मे लें जाकरखाट पऱ लेटा दिया।
गोपाल नें अंडरवियर कों छोड़कर सारे कपड़े निकाल कर फेंकदिए औऱ स्वयं बैड पऱ मोना केँ ऊपरचढ़ गय़ा।
मोना तोँ जैसे कामवासना मे जलरही थि। उसनेझट सें गोपाल कों किस करना शुरुआत कर दिया औऱ अपनेहाथ उसकीपीठ पऱ घुमाने लगी। गोपाल भि उसकासंग देनेलगा। अब वोँ भि मोना केँ बूब्ज़ कों दबाने मे लग गय़ा। वोँ कभी उसके बालों कों सहलाता। तौ कभी उसके निप्पल कों खींचता।
कुछदेर दोनों कां प्रेम चलतारहा। इस दौरान गोपाल नें मोना कि नाईटी अलगकर दि थि। उसने चुदास केँ चलते अन्दर कुछ नहि पहना थां।
मोना केँ चूचे एकदमगोल थें। उन पऱ टंकेहुए सें भूरे निप्पल गजबलग रहे थें। उसकीचुत भि एकदम चिकनी थि औऱ थोड़ी फूली हुई भि थि।
गोपाल- अरे क्याँ बात हैं जानेमन। आज तौ अन्दर कुछ भि नहि पहना हैं। लगता हैं तेरीचुत मे बड़ीआग लगी हैं।
इतना कहकर गोपाल एक् निप्पल कों मुँह मे भर केँ चूसने लगा औऱ एक् हाथ सें चुत कों दबाने लगा।
मोना-अहह आईईइ। तुम् आग मिटाते हि नहि। अहह तोँ क्याँ करूँ। उफ़फ्फ़ रात कों तुमसे चुदाई करवाए कितने दिन होँ गए.अहह। दिन मे तुम् बस एक् बारचुत कि आग ठंडी करते हौ। यह धधकती आग केसे मिटेगी मेरे राजा।
गोपाल- डार्लिंग रातभर काम करता हूं। अबदिन मे ताक़त कहां बचती हैं। फिन भि तुम्हें चोदता तोँ हूं नाँ!
मोना-अहह आईईइ। चूसोअहह। मेरीचुत अहह। उसको भि चूसो नां। अहह वोँ जलरही हैं अहह.
गोपाल अब आरामसे मोना केँ स्तन कों जोर सें दबाने औऱ चूसने मे लग गय़ा थां औऱ उसकाहाथ भि चुत कों ज़ोर-ज़ोर सें रगड़रहा थां।
कुछदेर बाद मोना नें गोपाल कों अपने सें अलगकर दिया औऱ स्वयं उस पर्र सवार होँ गई।
गोपाल- अहह। धीरे-धीरे मेरीजान कहीं तुम्हारी नाज़ुक कमर मे मोच नाँ आँ जाए।
मोना पऱ तौ वासना कां भूत सवार हौ गय़ा थां। उसने एक् हि झटके मे गोपाल कां अंडरवियर उतार दिया।
गोपाल कां 6″ कां लन्ड उसके सामने खड़ा होकरचुत कों सलामी देनेलगा।
मोना नें झट सें उसको अपने मुँह मे भर लिया औऱ मज़े सें लन्ड चूसने लगी। इसी केँ संग-संग वोँ गापाल केँ लन्ड केँ चौकीदार उनदो आंडों कों भि हाथ सें हिला-हिला करमजा लेनेलगी।
गोपाल- उफ़फ्फ़ जानेमन। तेरीअहह यहीअदा पर्र तौ मे फिदा हूं अहह.चूस मजा आँ गय़ा अहह.
मोना मज़े सें लन्ड कों चूसरही थि मगर उसकीचुत कि प्यास बढ़ती जारही थि। इसलिये उसने लन्ड मुँह सें निकाल दिया औऱ स्वयं गोपाल केँ मुँह कि तरफ़चुत करकेफिन सें लन्ड चूसने लगी।
गोपाल समझ गय़ा कि इसको भि चुत चटवानी हैं। तोँ वोँ भि चुत चाटने मे शुरुआत होँ गय़ा। गोपाल अपनीजीभ सें मोना कि गुलाबी चुत कां रस पीने मे जुट गय़ा।
कुछदेर बाद मोनाफिन सें नीचेलेट गई औऱ अपने घुटने मोड़कर चुत कों पूरीतरह खोलकर लन्ड घुसेड़ने कां निमन्त्रण देनेलगी।
मोना-अहह गोपाल। अबबस बहोत हौ गय़ा। डालदो अपना लन्ड अहह.
गोपाल तोँ स्वयं चुत कि चुदाई कि जल्द मे थां। उसने लन्ड कि टोपीचुत पर्र टिकाई औऱ जोरदार धक्का मारा। एक् हि बार मे लन्ड सरसराता हुआचुत कि गहराई मे नाँ जाने कहां खो गय़ा।
मोना- आहह-आहह सस्स्स्सस्स मजा आँ गय़ा अहह। चोदो मेरे गोपूअहह। अब स्पीड सें चोदोअहह। बुझादो मेरी प्यास अहह। आईईइ.
गोपाल भि स्पीड सें लन्ड अन्दर-बाहर् करनेलगा। मोना गांड उठा-उठा कर उसकासंग देनेलगी। यहीकोई 10 मिनटयह चुदाई अपने पूरे उफान पर्र चलतीरही। उसकेबाद गोपाल केँ लन्ड कि नसें फूलने लगीं। औऱ वोँ चरम पे पहुँच गय़ा।
गोपाल- अहह.अहह लें मेरी मोना डार्लिंग अहह। मेराअहह। लावा तेरीचुत मे अहह। आँ रहा हैं अहह.
मोना- नहि अहह। आँ अभि नहि उफ़फ्फ़ अहह। उम्म्ह… आहह-आहह… हय…याह… चोदोअहह। मेरा अभि अहह.हुआ नहि उफ़फ्फ़ फास्ट अहह फास्ट करो उफ़फ्फ़.
मोनाआगे कुछ बोलती तब तक गोपाल केँ लन्ड नें रस कि धाराचुत मे मारनी शुरुआत कर दि उसके गरम-गरम अहसास सें मोना कां फव्वारा भि छूट गय़ा। वोँ भि झड़नेलगी।
दो मिनट तक दोनों वैसे हि शांत पड़ेरहे। उसकेबाद गोपाल एक् तरफ़लेट गय़ा।
मोना- क्याँ दोस्त गोपाल। इतनी जल्द पानी निकाल दिया, ठीक सें मजा तोँ लेने देते। तुम्हारी वजह सें मुझे भि चुत कों भींचकर जल्दबाज़ी मे पानी निकालना पड़ा।
अभि तोँ इस सेक्स कहानी कि शुरूआत हि आपके comments मेरी हिम्मत बढ़ाते हें
घरेलू जब रंडी बनी ( no pakkau only Vasna ) - Ghar Ki Randi – New Episode
हैलो फ्रेंड्स,
आपनेइस सेक्स कहानी मे अब तक मोना औऱ गोपाल कि चुदाई केँ बारे मे पढ़ा थां।
अबआगे.
गोपाल- अरे तुमने लन्ड कों इतना ज़बरदस्त चूसा कि वोँ चुत मे टिक हि नहि पायामगर तुमने जल्दबाज़ी क्यूं कि। तुम् धीरे-धीरे निकालतीं।
मोना- केसे निकालती। तुम्हारा पानी निकलने केँ संग हि लन्ड मुरझा जाता हैं, उसकेबाद आधा घंटावेट करती क्याँ?
गोपाल- अरेजान। मे चुतचूस कर तेरा पानी निकाल देता नां!
मोना- नहि गोपाल। जोँ मजा लन्ड सें पानी निकलवाने मे आता हैं। वोँ ऐसे नहि आता हैं औऱ वैसे भि दूसरी बार तुम्हारा देर सें निकलता हैं। मे तबमजा लेँ लूँगी
गोपाल- ठीक हैं मेरीजान। दूसरी बार तेरीजम कर चुदाई करूँगा औऱ आज तौ तेरी गांड भि मारूँगा।
मोना-ओह नहि गोपाल, गांड नहि। पहले भि तुमने ट्राइ किया थां। बहोत दर्द होता हैं दोस्त।
गोपाल- अरेऐसे डरेगी तौ केसे चलेगा। आज बड़े प्रेम सें मारूँगा बस तुँ हांकर दे।
मोना-उह गोपाल तुम् कितने अच्छे हौ काश पहले हि ऐसे प्रेम सें मेरी गांडमार लेते। तोँ हम् दोनों कों हि डबल चुदाई कां कितना मजाआता।
गोपाल- तुम् तौ जानती हौ। मेरी नौकरी हि ऐसी हैं। नहि तौ तेरीयह ख़्वाहिश भि पूरीकर देता। अच्छा अभि मुझे थोड़ा आराम करनेदो उसकेबाद दोबारा तेरी चुदाई करनी हैं।
मोना-ठीक हैं मेरे प्यारे गोपू। मे गरमचाय बना केँ लाती हूं। तब तक तुम् आरामकर लो।
गोपाल- अरे नहि नहि। अभि गरमचाय क्यूं। मे थोड़ा सुस्ता लूँ, उसकेबाद जब उठूँतब गरमचाय बना देना।
मोना- इसका मतलब तुम् सोरहे हौ क्याँ गोपाल। कभी तौ अपना वादा पूरा कियाकरो दोस्त?
गोपाल- अरे करूँगा नां दोपहर कों जब उठूँगा तोँ दिमाग़ औऱ लन्ड तरोताजा होगा.बस उस वक्त तेरी जमकर चुदाई करूँगा नां।
मोना नें गोपाल कों मनाने कि बहोत कोशिश कि मगर वोँ सारीरात कां जगाहुआ कहां मानने वाला थां, उसने चादर खींची औऱ सो गय़ा।
मोना कां मूड तोँ एकदम खराब हौ चुका थां, वोँ वहा सें उठकर दूसरे कमरे मे चली गई औऱ रोनेलगी।
दोस्तो, यहा तौ गड़बड़चल रही हैं। चलो कहीं औऱ चलते हें।
कॉलेज कि कैंटीन मे लड़के औऱ लड़कियां बैठे ब्रेकफास्ट कररहे थें। उधर एक् ग्रुप सबसेअलग हि बैठाहुआ हैं। जोँ हमारी स्टोरी केँ किरदार हें।
तौ चलो आपको उनसे मिलवा देती हूं।
संजय सिंह। अच्छी हाइट काठी कां बॉडी बिल्डर टाइप कां लड़का औऱ इस ग्रुप कां मेन लीडर भि यही हैं। इसकी बाकी कि खूबियां बाद मे बताती हूं।
दूसरा वीरेन चौधरी उर्फ वीरू उम्र 24 साल, यह भि संजय कि तरहजिम वगैरह जाता हैं। तौ इसकी बॉडी भि अच्छी बनी हुइ हैं।
तीसरा विक्की जोशी उम्र 24 यह ठीक-ठाक सां हि हैं.
चौथाअजय शर्मा उम्र 23 साल दुबला-पतला सां हैं।
पाँचवां साहिल ख़ान, इसकी उम्र 22 साल हैं। यह भि जिम वाला हि हैं औऱ सबसे हैण्डसम भि हैं।
इनकेसंग टीना शर्मा, उम्र 22 साल छोटे-छोटे बाल, एकदम वाइट। दिखने मे भि मस्त फिगर 34-30-32 कि हैं। चलो इनका परिचय तोँ हौ गय़ा। अब इनकी बातें भि सुन लेते हें।
विक्की- दोस्त कॉलेज शुरुआत हुए 5 दिन हौ गए, कोई ढंग कां माल अभि तक नहि आया सालाइस साल तोँ लगता हैं रेगिंग कां मजा हि नहि आएगा।
अजय- हाँ दोस्त इसबार तोँ कुछमजा हि नहि आँ रहा।
संजय-अबे चुप साले चूतिये, कल तौ उस लड़की केँ बड़े मज़े लेँ रहा थां औऱ आज कहता हैं मजा नहि आया।
टीना-हाँ संजू साला हरामी, उसकामाप लेने केँ बहाने उसके चूचेदबा रहा थां। उम्म्ह… आहह-आहह… हय…याह… हाहाहा हा।
वीरू-अरे इसको तौ चूचे देखते हि छूने कां मन होँ जाता हैं। यह साला बड़ा ठरकी हैं।
साहिल- क्याँ रे टीना तुँ लड़की होकर लड़कियों कि खिंचाई करती हैं। वोँ भि गंदे तरीके सें, तुम्हारी तरफ लज्जा नहि आती क्याँ?
टीना-ओ शरीफजादे। मे फर्स्ट ईयर मे आई थि। पता हैं सालों नें क्याँ करवाया थां मुझसे, उससे गंदा तोँ मैंने कुछ किया हि नहि हैं।
साहिल- अच्छा अच्छा ज्यादा क्रोध नाँ होँ। तेरे सें कौनजीत सकता हैं।
विक्की- अरेअरे वोँ देखोनया मुर्गा आँ रहा हैं, चलोसभी मिलकर साले कि लेते हें।
दोस्तो, इनकी बातों सें आपकोपता चलहे गय़ा होगा कि यह कॉलेज केँ बिगड़े हुए सीनियर हें औऱ यहसभी मिलकर नएआने वाले कि रैंगिंग करते हें।
टीना जौ हैं वोँ संजय कि प्रेमिका हैं औऱ बाकीसभी ऐसे हि हें, मौकादेख कर चौकामार देते हें।
यहसभी तौ नए लड़के कि लेने मे बिज़ी हौ गए औऱ हमारे काम कां यहाकुछ हैं भि नहि, तौ चलोआज कां दिन यहीं खत्म करते हें
औऱ किस्सा केँ नाम केँ मुताबिक उसकी असली शुरूआत करते हें।
दूसरे दिन सुमन जल्दउठ गई थि,
आज कॉलेज मे उसका पहलादिन थां, उसके पिताजी उसको छोड़ने आए थें।
आज सुमन नें लाइट ब्लू सलवार कमीज़ पहना थां। कंधे पऱ दुपट्टा बांधे हुएबाल औऱ कोई मेकअप भि नहि,
वोँ इस लिबास मे बड़ी हि मासूम औऱ हसीनलग रही थि।
अजय- संजू वोँ देखो एकदमनया माल आँ रहा हैं मगरसंग मे उसका बाप लगता हैं शायद।
संजय-अबे लगता क्याँ साले उसका बाप हि हैं.
अभि वापसचला जाएगा साला, इसकेसंग थोड़े हि अन्दर तक आएगा।
वोँ सभी सुमन कों आताहुआ देखरहे थें, बस उसके बापू उसकेसर पे हाथरख कर वापसचले गए।
जैसे हि सुमन उनकेपास सें गुज़री तौ वीरू नें उसको आवाज़ देकर अपनेपास बुला लिया औऱ वोँ भि चुपचाप उनकेपास आँ गई।
विक्की- तुझमें थोड़ी भि अकल नहि क्याँ। यह कॉलेज हैं यहा विद्यालय केँ बच्चे नहि आँ सकते, चल वापसजा!
विक्की कि बात सुनकर सभी हंसने लगे।
सुमन- ज्ज्ज.जी वोँ मे फर्स्ट ईयर आर्ट्स मे हूं। आज मेरायहा पहलादिन हैं।
अजय-ओये होये। क्याँ बात हैं तुँ इत्ती सि तौ हैं औऱ कॉलेज भि आँ गई, वैसे तेरीएज क्याँ हैं?
टीना-अबे चुप साले। लड़की सें उसकीएज नहि पूछते।
संजय- तुँ अपना लॉजिक अपनेपास रख.
। एज नहि पूछूँगा तौ पता केसे लगेगा कि इसकी रैंगिंग किसतरह करनी हैं।
टीना-हाँ यह भि सही हैं, चल बेबी,
जल्द सें अपने बारे मे बता।
सुमन-जी मेरानाम सुमन वर्मा हैं मेरीएज 19 साल हैं औऱ मेरे बापू कां नाम…
विक्की- अबेचुप तेरे पूरे खानदान कां नाम नहि जानना हमें। सिर्फ़ अपने बारे मे बतानाम औऱ एज होँ गई। चलअब अपना फिगरबता।
उनकी बातों सें सुमन घबरा सि गई उसके पांव काँपने लगे थें। उसने डरतेहुए कहा।
सुमन- ज्ज्जजी वोँ मुझे नहि पता।
साहिल- लें भइयाअजय तेरे मज़े हौ गए.
कल वाली कि तरह इसको भि नहि पता, अब तूँ हि नाप केँ बतादे। हाहाहहा हाहा.
सबकेसभी ठहाका लगाकर हंसने लगगए
औऱ सुमन चुपचाप बेसहारा खड़ी उनको देखती रही।
अजय खड़ाहुआ औऱ सुमन केँ स्तन कि
तरफ़हाथ बढ़ाया तोँ संजय नें उसकोरोक दिया क्योंकि सुमन कि आँखों मे आँसूआने शुरुआत हौ गए थें,
जिसे संजय नें देख लिया थां।
टीना- क्याँ हुआ संजय?
संजय-अरे देखो तुम् सबने बेचारी बच्ची कों डरा दिया। केसे रोनेलगी हैं।
वीरू-अरे इसमें रोने कि क्याँ बात हैं रैंगिंग तौ सीनियर कां अधिकार होता हैं औऱ हमने तौ तुमसे माप पूछा हि थां। अब तूने नहि बताया तोँ यह लें रहा हैं। सिंपल.!
सुमन-सर प्लीज़ मुझे जाने दीजिए। मुझेसच मे नहि पता।
टीना- क्यूं तूँ अंडरगार्मेंट्स नहि पहनती क्याँ। जोँ तुझेही अपनामाप नहि पता।
उनकी गंदी बातों सें सुमन केँ पसीने आने शुरुआत हौ गए। वोँ बेचारी सीधी-साधी कभीऐसी बातों केँ लगभग भि नहि गई औऱ आज अचानक उसकेसंग यहसभी हौ रहा थां।
सुमन- व्ववो। जीयहसभी मम्मी लाकरदे देती हें तौ नहि पता।
वीरू-आज केँ जमाने मे यह मां बोलरही हैं। हाहाहा अरे मम्मी कहो। माँ कहो.यह मां कुछ अधिक हि ओल्ड नहि लगता।
संजय-चुप करो सबकेसभी, एक् केँ बाद एक् बकवास किएजा रहे होँ।
संजय थोड़ा गुस्से मे आकर बोला तोँ सभीसहम गए औऱ सुमन कां तोँ हाल सें बेहाल हौ गय़ा थां।
संजय- देखो सुमन, तुम् फर्स्ट ईयर होँ औऱ रैंगिंग कां तोँ तुम्हें पता हि होगा, यह हमारा अधिकार हैं। अबयह तुम् पऱ डिपेंड हैं कि चुपचाप हमारी बात मानती हौ औऱ पूरासाल आहिस्ता पढ़ाई करोगी याँ हमें इनकार करदो किसी सें शिकायत करदो उसकेबाद यहसाल 365 दिन कां नहि 1000 दिन कां बन जाएगा। इतनी तकलीफें उठानी पड़ेंगी।
सुमन-जी जी। मुझेपता हैं मे तैयार हूं। प्लीज़ आप् नाराज़ मत हौ मगर मुझेकोई आसान सां टास्क देदो। यह सभी नहि प्लीज़। मुझेसच मे कुछ नहि पता।
सुमन कि बात सुनकर विक्की कुछ केहना चाहता थां मगर संजय नें आँख केँ इशारे सें एक् बारफिन सबकोचुप रहने कों कहा।
संजय- देखोआज तक हमने जोँ कहा, सबने वोँ कियामगर तुम् रियली बहोत भोली होँ। तोँ चलो मे तुम्हें बहोत सें टास्क बताता हूं, तुम् स्वयं चाय्स करो इनमें सें कौन सां तुम्हारे लिए आसान होगा।
सुमन-जी आप् बताओ, मे कर लूँगी।
संजय- क्लास मे जौ भि सर पहलेआएं, उसको थप्पड़ मारना हैं याँ वोँ सामने मोटूदिख रहा हैं उसकेपेट पर्र एक् जोर कां मुक्का मारदो, यह भि नहि तोँ वोँ कोने मे जौ खड़ा हैं। उसकोकिस करदो।
ऐसे हि बहोत सें टास्क संजय नें बताए, जिनको सुनकर सुमन दोबारा मायूस हौ गई क्योंकि इनमें सें एक् भि करने कि हिम्मत उसमें नहि थि।
सुमन- सॉरीजी आप् मुझेमार लोमगर मुझसे यहसभी नहि होँ पाएगा, मे ऐसी लड़की नहि हूं।
टीना-अहह। अधिक भोलेपन कां नाटकमत कर। क्लास कां वक्त हौ रहा हैं जल्दबोल। नहि तोँ मे बताऊं?
संजय- रिलॅक्स टीना। मे बातकर रहा हूं नाँ इससे। सुनो सुमनअगर तुम् ऐसी लड़की नहि होँ तौ ऐसीबनो, यहसभी टास्क जाए भाड़ मे। एक् लास्ट टास्क। उसमें अगर नां हुइ तौ अंजाम बुरा होगा। तुम्हें कोई टास्क नहि करना होगाबस हमारा ग्रुप जाय्न करलो औऱ आहिस्ता फास्ट बनो.ऐसी गंवार मतबनी रहो। अगर एक् महीने मे यहसभी कहदें कि तुम् बदल गई हौ.
थोड़ी सि भि मॉडर्न होँ गई हौ तोँ उसदिन सें तुम् आज़ाद। उसकेबाद चाहे तौ ग्रुप मे रहो चाहेमत रहो.कहो क्याँ कहती होँ?
सुमन कों यहबात अच्छी लगी। उसने बिना सोचे‘हाँ’ कह दि।
संजय-यह हुई नां बात.
चलो अबसभी सें हाथ मिलाओ औऱ अपनी क्लास कि तरफ़जाओ। अब तोँ हमारा रोज मिलना होता हि रहेगा।
सुमन केँ चेहरे पे हल्की सि मुस्कान आँ गई। वोँ बारी-बारी सबसेहाथ मिलाने लगी। उसकेबाद चली गई।
सुमन नें इन हरामियों सें हाथ मिलाकर क्याँ कर लिया थां, यहसभी आपकोआगे इस सेक्स किस्सा मे पढ़ने कों मिलेगा।
Advertising another Forum aur Website iss not allowed। This includes (lekin iss not limited too): threads, user title, username and signatures।
Thanks
Aakash.?
घरेलू जब रंडी बनी ( no pakkau only Vasna ) - Ghar Ki Randi – New Episode
अब तक कि भाग मे आप् सब नें पढ़ा थां कि सुमन नें संजय केँ ग्रुप सें हाथ मिला लिया थां ताकि वोँ रैगिंग सें बचसके।
अबआगे.
टीना- संजूयह क्याँ नया फंडा हैं। आज तक ऐसा नहि हुआ कि हम् किसी कों बिना रैंगिंग केँ जानेदें औऱ दूसरी बात उसको ग्रुप मे शामिल भि कर लिया, यह बातकुछ समझ नहि आँ रही?
संजय- मेरीजान इसीलिए तौ आईएमद ग्रेट संजय। अभि जोँ कहूँ.सभी केँ सभी वोँ करो, बाकीबाद मे सबकोयह फंडा भि समझा दूँगा।
वीरू- संजय भइया, कहीं साली तेरे पे दिल तौ नहि आँ गय़ा नाँ?
टीना-अगर ऐसाहुआ तोँ जान सें मार दूँगी उस कुतिया कों। संजय सिर्फ़ मेरा हैं औऱ मेरा हि रहेगा हाहाहा हा.
टीना केँ संग-संग सभी हंसने लगे।
साहिल- टीनायह क्याँ फिल्मी डायलॉग माररही थि तूँ?
टीना-अरे मजाक दोस्त। हाँ मानती हूं मे संजय कों पसन्द करती हूं मगर उसकीवजह क्याँ हैं यह तौ सभी कों पता हि हैं। अबयह उसकोचोद करछोड़ दे याँ प्रेम करे.आई डोंट केयर।
अजय- हि हि टीना.ऐसी बातमत कर दोस्त, मेरी तौ पैन्ट मे हलचल शुरुआत हौ जाती हैं।
टीना-अबे चल साले चूतिये। मूंगफली जितना तौ लन्ड हैं तेरा। उसमें क्याँ हलचल होगी।
साहिल- टीना तूँ तोँ साली पक्की रंडी हैं। जब देखोचुत औऱ लन्ड कि बातें लेकरबैठ जाती हैं।
टीना-अबे चुप साले बहनचोद मुझे ज्यादा ज्ञान मतदे.जब तुँ चुदाई करता हैं मेरीतब तोँ बड़ा प्रेम जताता हैं सालाअब मुझे रंडीबोल रहा हैं!
वीरू-अरे दोस्त आपस मे झगड़ा मतकरो, वैसे टीना चुदाई केँ समय तोँ तुँ स्वयं कहती हैं मुझे गालियाँ दो। रंडी बोलो औऱ अभि चिढ़रही हौ।
टीना-अबे वोँ वक्तबात कुछ औऱ होती हैं औऱ अभि कोईसुन लेगा तोँ क्याँ कहेगा। समझा!
विक्की- दोस्त, इस सबको गोली मारो औऱ टीना तुमने जौ ग्रुप सेक्स कां वादा किया थां। उसका क्याँ हुआ?
टीना- सालों, सबके लन्ड लेकर मैंने देख लिया हैं। अब एक् संगसभी करोगे तोँ मेरी हालत पतली होँ जाएगी औऱ वैसे भि इस पिद्दी कों छोड़ केँ तुम् चारों केँ लन्ड बड़े पॉवर वाले हें, नाँ बाबा मुझे अपनीचुत फड़वानी हैं क्याँ?
अजय-चुत तौ तेरीतभी फट गई थि जब संजय नें तुम्हारी तरफ पहलीबार चोदा थां अब कैसाडर.? मानजा नां मजा आएगा दोस्त!
टीना- सालों बहोत बड़े चूतखोर हौ सभी केँ सभी.
मैंने कितनी लड़कियों कि सील तुम् सभी सें तुड़वाई हैं, यहसभी भूलगए क्याँ जौ अब मेरे पीछे पड़े हौ?
संजय-अरे अब सबका इतनामन हैं तोँ मनजा। एक्-एक् करके चुदवाए याँ एक् संग। क्याँ फ़र्क पड़ता हैं?
टीना- अच्छा बाबा, ठीक हैं.
मान गई बसमगर कोई अच्छी सि स्थान कां इंतजाम करलो.संग मे फुल बियर कां भि इंतजाम हौ तभीमजा आएगा
संजय नें ‘हाँ’कह दि, तौ सबकेसभी खुश होँ गए।
दोस्तो, टेंशन मतलो, यह टीनासच मे रंडी टाइप कि हैं,
यह संजय कि गर्लफ्रेंड जरूर हैं। मगर नाँ जानेआज तक कितने लन्ड लेँ चुकी हैं, इसलिये इनको जानेदो। आगे कि कथा देखो।
टीना- दोस्त संजय प्लीज़। अब तौ बतादे तेरायह सुमन केँ संग क्याँ करने कां इरादा हैं?
संजय- दोस्त मैंने आज तक इतनी सीधी-साधी लड़की नहि देखी वोँ भि यहा मुंबई मे, इसकी सादगी औऱ खूबसूरती कि मिलावट कों मैंने गौर सें देखा हैं, मेरा तोँ इसकोबस देखते रहने कां मन किया।
विक्की- क्याँ बात हैं प्रेम-व्यार हौ गय़ा क्याँ तुम्हे हाँ.?
वीरू-अरे काहे कां प्रेम। सीधे अल्फ़ाज़ मे बोल नाँ उसको चोदना चाहता हैं।
संजय-अबे चुप सालों। ऐसी कमसिन कली कों चोदना कौन नहि चाहेगा? मगरयह संगदे तोँ ज्यादा मजा आएगा.
मगर इसकोदेख कर तुम् लोगों कों क्याँ लगता हैं कि यहसंग दे पाएगी?
टीना-अरे क्यूं नहि देगी?जब 4 पैग अन्दर जाएंगे.
साली रंडीबन जाएगी। उसकेबाद चुत चुदाई कां पूरामजा देगी।
संजय- नहि।
यही तौ मे नहि चाहता कि यह किसीनशे कां शिकार होकरमजा दे, तुम् ज़रा सोचोऐसी भोली लड़की.
जिसको अपना साइज़ तक पता नां हौ, अगर वोँ अपनेमन सें खुलकर सेक्स करें तोँ बड़ी-बड़ी रंडियों कों पीछेछोड़ देगी। क्योंकि इतने सालों जोँ शराफत कां परदाओढ़ रखा थां, वोँ हट जाएगा औऱ उसके अन्दर कि रंडी बाहर् आँ जाएगी।
टीना- इसका मतलब तुमने कुछसोच लिया हैं। तभी उसको ग्रुप मे शामिल किया हैं।
संजय नें ‘हाँ’ मे गर्दन हिलाई औऱ अपना प्लान उन सबको बताया, जिसे सुनकर सबके चेहरे पे ख़ुशी आँ गई।
अजय- दोस्त उसके चूचे बड़े प्यारे हें… क्याँ समोसे सें नुकीले तने हें। बस सबसे पहले मे उनकी नोकों कों अपने होंठों केँ बीच दबाना चाहूँगा।
साहिल- अबेचुप। सारादिन एक् हि बात.चलो अन्दर वोँ हरामी वर्मा सर कि क्लास हैं आज।
साहिल कि बात सुनकर सभीवहा सें चलेगए। तौ अब हम् क्यूं इनकेसंग जाएं.चलो आगे बढ़ते हें।
उधर दोपहर तक गोपाल चैन कि नींद सोतारहा, तब तक मोना नें भि अपने आपको संभाल लिया थां औऱ खानां बनाकर फ्री हौ गई थि।
मोना नें गोपाल कों उठाया औऱ स्वयं टेलीविज़न देखने बैठ गई।
तकरीबन आधा घंटाबाद गोपाल फ्रेश होकरआया औऱ मोना कों पीछे सें बांहों मे जकड़ लिया।
मोना-यह क्याँ हैं गोपाल। जब करना होता हैं तुम् करते नहि, चलो खानां खालो, नहि तोँ ठंडा हौ जाएगा।
गोपाल- अरेऐसे केसे। मेरी पत्नि तौ इतनीगरम हैं औऱ मुझे खाने केँ लिएबोल रही हैं। मेरीजान अभि खाने केँ बादकोई दूसरा काम नहि। बसआज तेरी सारी शिकायत दूरकर दूँगा। इतना चोदूंगा। इतना चोदूंगा कि दोदिन तक तुम् स्वयं नाँ नां कहोगी।
मोना- रियली तुम् ऐसा करोगे.! तौ फिन जल्द सें खानां खालो नां।
मोना बेचारी सीधी-साधी। गोपाल कि बात सुनकर पिघल गई, उसका क्रोध न् जाने कहां कां कहां चला गय़ा। उसकेबाद दोनों नें अच्छी तरह सें लञ्च किया औऱ टेलीविज़न केँ सामने बैठे एक्-दूसरे कों देखकर मुस्कुराने लगे।
गोपाल- क्यूं जानेमन, अब क्याँ इरादा हैं। खानां तौ हौ गय़ा अब अपनी रसीली चुत कां रस भि पिलादे।
मोना- आँ जाओ मेरे गोपू। किसने रोका हैं मुझसे भि अब इन्तजार नहि होता।
इतना कहकर मोना कमरे मे गांड मटकाती हुई चली गई। उसके पीछे-पीछे गोपाल भि अन्दर आँ गय़ा औऱ उसको पलंग पर्र लेटाकर उसके शरीर कों दबोचने लग गय़ा।
मोना भि वासना सें भरी हुईँ थि, वोँ भि पागलों कि तरह गोपाल कों किस करनेलगी।
लगभग 5 मिनट तक दोनों एक्-दूसरे कों चूमते-चाटते रहे, इस दौरान गोपाल नें मोना कों नंगीकर दिया थां औऱ उसके निप्पल चूसरहा थां।
मोना-अहह। आँ अइ गोपूअहह। अबबस भि करोअहह। पहले मेरीचुत कों शांतकरो अहह। उसकेबाद जितना मर्ज़ी मज़े लें लेना।
गोपाल कुछ बोलता याँ करता, तभी उसके फ़ोन कि रिंग कमरे मे गूंजने लग गई। उसका ध्यान फ़ोन कि तरफ़ गय़ा तौ मोना नें उसकोमना किया।
गोपाल- अरे एक् मिनट रूको तौ शायदबॉस कां फ़ोन हौ।
मोना-अहह। प्लीज़ गोपाल अहह.मत उठाओउफ़ मेरीचुत जलरही हैं अहह.
गोपाल नें मोना कि एक् नहि सुनी औऱ फ़ोनउठा लिया औऱ बातें करताहुआ थोड़ा टेंशन मे आँ गय़ा।
कुछदेर गोपाल नें फ़ोन पऱ बात कि उसकेबाद मोना कि तरफ़ देखने लगा।
मोना- क्याँ हुआ गोपाल सभीठीक तोँ हैं नाँ। तुम् इतने टेंशन मे क्यूं आँ गए होँ बताओ नाँ प्लीज़?
गोपाल- गाँव सें फ़ोन थां। दादाजी जी नहि रहे। हमेंआज रात हि गाँव जानां होगा।
ये बात सुनकर मोना कि तोँ हालत पतली होँ गई, कहां तोँ उस पऱ सेक्स कां खुमार चढ़ाहुआ थां औऱ कहां यह बुरीखबर सुनने कों मिली।
मोना खड़ी हुइ औऱ गोपाल केँ पासआकर उसके चेहरे कों देखने लगी।
गोपाल- मोना प्लीज़ अबयहमत कहना कि मेरीचुत कों शांतकरो। मेरायह सभी करने कां अब बिल्कुल मूड नहि हैं औऱ मुझे अभि बॉस केँ घऱ जानां होगा, कुछ दिनों कि छुट्टी लेनी होगी
मोना- गोपाल तुम् यह कैसी बातें कररहे हौ। ऐसीबात सुनकर मे यहसभी कहूँगी क्याँ। हाँ! तुमने मुझे क्याँ समझरखा हैं?
गोपाल- देखो मोना मेरा दिमाग़ मत खराबकरो। वैसे भि दिन पे दिन तुम्हारी चुदाई कि भूख बढ़ती जारही हैं। एक् रंडी कि तरह तुम् हरकतें कररही होँ।
गोपाल नें गुस्से मे जौ कहाउसे सुनकर मोना कां पारासर पर्र चढ़ गय़ा। एक् तोँ वैसे हि सेक्स उसके दिमाग़ मे चढ़ाहुआ थां। ऊपर सें यह बातें उसको बहोत बुरी लगीं। वोँ गोपाल सें बुरीतरह झगड़ने लग गई औऱ गोपाल भि गुस्से मे थां, तोँ उसने भि नां जाने क्याँ सें क्याँ बोल दिया। उसकेबाद कपड़े पहने औऱ घऱ सें बाहर् निकल गय़ा।
मोना वहीं बैठीदेर तक रोतीरही।
मोना कां रोना-धोना क्याँ देख्ना चलो सेक्स कहानी केँ दूसरी तरफ देखते हें।
दोस्तो, सुमनअब उनके ग्रुप मे शामिल हौ गई थि। अबरोज उनकेसंग उठना बैठना, बातें करना औऱ कभी-कभी नए स्टूडेंट कि रैंगिंग करना, यह सभी उनकेबीच चलनेलगा औऱ ऐसे हि कुछदिन निकलगए।
एक् दिन कॉलेज कि कैंटीन मे सुमनउन सबकेसंग बैठी हुइ थि।
विक्की- दोस्त टीना इतनेदिन हौ
मगरयह सुमन हमारे बीचघुल नहि पारही हैं, मैंने इसको मासूम लड़की समझकर मौका दिया थां इसकी रैंगिंग भि नहि कि थि। मगरयह हैं कि हमारे संगठीक सें पेशआती हि नहि, अब तुम् हि बताओ कि इसका क्याँ करें?
वीरू- करना क्याँ हैं। जितना मौका इसको देना थां, हमनेदे दिया। अब बस इसकी हार्ड रैंगिंग करनी होगी, यह हमारे ग्रुप केँ लायक नहि हैं।
सुमनइस हमले केँ लिए बिल्कुल भि रेडी नहि थि। उसकीसमझ मे हि नहि आया कि यह अचानक क्याँ होँ गय़ा।
सुमन-यह आप् क्याँ बोलरहे होँ। मैंने क्याँ किया? प्लीज़ आप् मुझेऐसे डराओमत।
संजय- सुमनयह तुम्हें डरा नहि रहे.सही बोलरहे हें तुमने वादा किया थां तुम् हम् जैसी बिंदास बन जाओगी, मगर अभि तक तुम्हारे अन्दर एक् भि बदलाव नहि आया।
अब सुमन कां क्याँ होगा। चलिए सेक्स कहानी केँ अगले पार्ट मे देखते हें।
घरेलू जब रंडी बनी ( no pakkau only Vasna ) - Ghar Ki Randi - Next part miss mat karna
Relavant source : click here