घरेलू जब रंडी बनी ( no pakkau only Vasna ) - Ghar Ki Randi – New Episode
इस कहानी मे अब तक आपने जानां थां कि संजय मोना कों अपनी कमसिन भांजी कि चुत कि पहली रसधार निकलने केँ बारे मे बतारहा थां।
अबआगे.
संजय-यह हुई नाँ बात। वैसे तूँ भि नहि भि कहती तौ भि मे उसकोचोद हि देता…हा हाहाहा हा.
दोनों ठहाका मार केँ हंसने लगे, फिन संजय नें सोचा अभि टीना कों घऱछोड़ आता हूं। कल पूजा केँ लिएकोई प्लान रेडी करूँगा औऱ वोँ दोनों वहा सें निकलगए।
दोस्तो, मजा आँ रहा हैं नां। आप् सोचरहे होंगे कि मे आपको संजय केँ घऱ लेकर गई औऱ वहा किसी कां इंट्रो नहि दिया। अब यह टीना इतनीरात कों बाहर् हैं इसकेघऱ वाले नहि हैं क्याँ। याँ फिनयह किसके घर-मकान मे दोनों मज़े लेँ रहे हें। ऐसे बहोत सें प्रश्न होंगे तौ चलो पहले आपके सारे सवालों केँ जबावदे देती हूं।
फ्रेंड संजय केँ घऱ मे उनकी माँ हें। मगर उनकाकथा मे कोईखास रोल नहि हैं, इसीलिए इंट्रो नहि दिया। वैसे हि औऱ भि बहोत लोगकथा मे आएँगे मगरकुछ देर केँ लिए। तोँ उनकेलिए समय वेस्ट करने सें कोई फायदा नहि। आप् स्वयं समझदार हौ जब किसी कि अधिक जरूरत होगी, मे बता दूँगी औऱ रहीइस घर-मकान कि बात। तोँ यहकल कॉलेज मे आपकोपता लग जाएगी। अब हमारी टीनाघऱ सें बाहर् हैं उसके बारे मे बता देती हूं।
टीना केँ पिताजी बहोत पहले गुजरगए थें, अब वोँ अपनी मम्मी औऱ एक् छोटे भइया केँ संग रहती हैं, उसकी मम्मी बेचारी बीमार रहती हैं तोँ जल्दसो जाती हैं औऱ टीना जैसी फास्ट लड़की केँ लिएरात कों घऱ सें निकलना क्याँ मुश्किल हैं। यह आप् समझ हि गए होंगे।
आपको बताना चाहती हूं कि एक् औऱ फ्रेंड कां मेलआया हैं कि कथा कि मेन हीरोइन तोँ सुमन हैं। वोँ कहां गायब होँ गई हैं। औऱ किस्सा भि अपनेनाम केँ मुताबिक नहि चलरही हैं तोँ दोस्तों सब्रकरो। सुमन हि मुख्य किरदार हैं मगरयह सभी छोटी-छोटी कहानियां आपस मे जुड़ती चली जाएंगी। तब असलीबात समझ आएगी।
मैंने शायद आपको ज्यादा बोरकर दिया, चलो वापसइस सेक्स किस्सा कां मज़ा लेते हें।
दोस्तो, इतनी ज़बरदस्त चुदाई केँ बाद मोना कों बहोत अच्छी नींद आँ गई। कोई एक् घंटाबाद काकाजब वापसआए तोँ मोना करवटलिए नंगी हि सोई पड़ी थि।
काका-हाय राम मोना रानी कितनी प्यारी हैं रे। तुँ सोई हुई तौ औऱ अच्छी लगरही हैं। अबइस लन्ड कां क्याँ करूँयह कमीना मानता हि नहि। चल एक् बार औऱ तेरी मस्त ठुकाई कर देता हूं, फिन मे भि सो जाऊंगा।
ऐसे हि बड़बड़ाते हुए काका मोना केँ पासगए औऱ अपने लन्ड कों मोना केँ होंठों पर्र फिराने लगे।
मोना नींद मे थि। मगर लन्ड कां अहसास उसको होँ रहा थां, उसने हल्के सें होंठखोल दिए, जिससे काका कां लन्ड उसके मुँह मे घुस गय़ा। अब काका आरामसे मोना केँ मुँह कों चोदने लगे। थोड़ी देरऐसा करने केँ बाद काका कां लन्ड एकदम कड़क हौ गय़ा। तब वोँ मोना केँ पैरों केँ पासआए औऱ उसकी टांगें फैलाकर एक् हि झटके मे पूरा लन्ड मोना कि चुत मे पेल दिया।
दर्द केँ मारे मोना कि नींदहवा हौ गई औऱ वोँ सिसकते हुए बोलि- ईईससस्स काकाअहह। मार डालारे अहह। कैसा तगड़ा लन्ड हैं, जब भि अन्दर जाता हैं अहह। मेरी तोँ जान हि निकाल देता हैं उफ़अहह.
काका- तेरीचुत भि तौ ऐसी हि हैं, जितना भि चोदो.ऐसा लगता हैं पहलीबार चोदरहा हूं। लेँ रानीअब संभाल उहउह.
काका पूरी ताक़त सें झटके मारने लगे औऱ मोना भि गांड उछाल-उछाल कर उनकासंग देने मे लग गई।
काका नें कई मिनट तक अलग-अलग पोज़बना कर मोना कि चुदाई कि। वोँ नां जाने कितनी बारझड़ी होगीतब कहीं जाकर काका केँ लन्ड कां लावा फूटा।
उसकेबाद काका नें उससेकहा- अब आहिस्ता सोजा.कल तेरी गांड भि मारनी हैं।
मोना-अहह। आँ काका… सच्ची आप् नां होते तौ मेरीयह प्यास कभी नां बुझती! उफ़…चुत कां चबूतरा बना दियाआज अपनेअब आप् भि सोजाओ औऱ ईश्वर केँ लिएसो हि जानां। वापसमत चढ़ जानां। अब मेरी बिल्कुल भि चुदवाने कि हिम्मत नहि हैं।
काका-हा हाहाहा… नहि आऊंगा रानी तुँ अब धीरे-धीरे सोजा!
काका केँ जाने केँ बाद मोना नें कपड़े पहने औऱ चैन कि नींदसो गई।
सुभह सुमन केँ घऱ मे वहीरोज कां माहौल थां। सुमन नें आजरेड एंड वाइट कॉम्बिनेशन पहना थां औऱ बाल भि खुलेरखे हुए थें। आज वोँ किसीपरी सें कम नहि लगरही थि।
गुलशन- अरेवाउ। क्याँ बात हैं मेरी गुड़िया तौ आज बहोत प्यारी लगरही हैं।
सुमन- थैंक्स बापू, आप् भि स्मार्ट लगरहे हौ… हाहाहा हा.
गुलशन- चलहट बदमाश कहीं कि, अपने बाप सें शरारत करती हैं। अबचल जल्दकर तुम्हें कॉलेज नहि जानां क्याँ?
सुमन- सॉरी बापू आपको बताना भूल गई। मेरी फ्रेंड टीना यहींपास मे रहती हैं। आज मे उसकेसंग जाऊंगी, आप् जाओ।
कल टीना नें जातेसमय सुमन कों बता दिया थां कि वोँ उसकेपास हि रहने आँ गई हैं औऱ कल सें कॉलेज संग हि जाएगी।
गुलशन- ठीक हैं भइया.यह अच्छा हुआअब सीधा अपनी दुकान पर्र चला जाऊंगा।
गुलशन जी केँ जाने केँ बाद सुमन भि घऱ सें निकल गई। आज उसकीगली केँ लड़के उसको बहोत देखकर ऐसेदेख रहे थें जैसे भोसड़ी केँ दूर सें हि लन्ड फेंककर उसकीचुत मे डाल देंगे।
उधर सुमन तोँ अपनी मस्ती मे चलीजा रही थि। एक् लंबीगली पार करके बाहर् मेनरोड सें दायीं ओर टीना कां घऱ थां। सुमन सीधे उसकेघऱ केँ पास पहुँच गई औऱ डोरबेल बजाई तोँ टीना कि माँ बाहर् आँ गईं।
सुमन- नमस्कार आंटीजी।
गायत्री- अरे आँ गई बेटी। टीना तेरी हि बातकर रही थि अभि। आजा अन्दर आजा.!
सुमन उनके पीछेघऱ मे चली गई। घऱ मे कुछखास साजो-सामान नहि थां। बस नॉर्मल सां घऱ थां। गायत्री केँ कहने पऱ सुमन सामने केँ कमरे मे चली गई।
टीना-अरे आओ मेरी प्यारी गुड़िया। आज क्याँ बात हैं बहोत ब्यूटीफुल लगरही हौ।
सुमन- थैंक्स दिदी। आप् भि बहोत हसीनलग रही होँ।
टीना- काहे कि हसीन दोस्त। आज तौ नहाई भि नहि हूं। सालेयह पीरियड्स कों भि अभि आनां थां।
सुमन-हे राम दिदी, धीरे-धीरे बोलिए, आंटीसुन लेंगी।
टीना-हा हाहाहा तूँ भि नां एकदम आइटम हैं दोस्त। यह तौ सभी कों आते हैं इसमें शर्माना कैसा?अब तुँ हमारे ग्रुप कि हौ गई हैं। पता हैं नाँ संजय नें क्याँ कहा थां। बदलजा अब तूँ। ओके!
सुमन-ओके दिदी। जैसा आप् बोलोअब चलें.देर हौ रही हैं?
टीना-अरे रुक मेरीजान तुम्हारी तरफयहा ऐसे हि थोड़े बुलाया मैंने। तूँ पहले अपना अभि कां टास्क तोँ पूराकर लेँ।
सुमन-इस समय कैसा टास्क.? हम् लेट हौ जाएंगे दिदी।
टीना-अरे तुँ फिन ‘नां’ बोलि? चल तुँ जानेदे, तुझसे कुछ नहि होगा। अब संजय कों मे साफ-साफ मनाकर देती हूं ओके।
सुमन- सॉरी दिदी। मेरा वोँ मतलब नहि थां हम् साम कों कर लेंगे नां!
टीना-साम कां टास्क दूसरा हैं। समझीअब करना हैं याँ जानां हैं?
सुमन- करना हैं दिदी। जल्द बोलो क्याँ करूँ?
टीना-यह हुईँ नां बात.रुक बताती हूं तुम्हें क्याँ करना हैं?
टीना नें रूमबंद किया औऱ अपनी अलमारी सें एक् 7″ कां डिल्डो (नकली लन्ड) निकाला औऱ सुमन केँ सामने कर दिया।
सुमन कि तौ आँखें फटी कि फटीरह गईं। उसने अपनेहाथ मुँह पे रखलिए।
सुमन-हे राम दिदी यह क्याँ हैं। औऱ आप् केँ पासयह कहां सें आया?
टीना- अच्छा, तुम्हारी तरफ नहि पतायह क्याँ हैं?
सुमन- नहि दिदी सच मे मुझे नहि पतायह क्याँ हैं। मगरयह तोँ व्यक्ति केँ.
टीना-अरे चुप क्यूं होँ गई बोलबोल। यही तौ तेरा टास्क हैं। जल्दकर लेटअब तूँ कररही हैं।
सुमन- दिदी मुझे लज्जा आँ रही हैं।
टीना- तुम् फिनवही राग अलापने लगीं। जल्दकहो। अभि औऱ भि काम बाकी हैं?
सुमन-यह वोँ व्यक्ति केँ ल्ल.ल्लिंग जैसालग रहा हैं दिदी।
टीना-गुड अच्छा वैसे तौ तुँ बहोत भोली बनती हैं। फिन तुम्हे इसका केसेपता लगा?
सुमन- क्याँ दिदी आप् भि यह तोँ 9वीं क्लास मे हि साइन्स कि पुस्तक मे थां। इसका उठाई थां औऱ इसके बारे मे लिखा भि थां, तब सें पता हैं।
टीना-धत तेरी कि। जानकारी भि ली तौ किताबों सें। अरे पगली इसको लिंग नहि लन्ड कहते हें लन्ड। समझी!
सुमन-छी दिदी, यह तौ सभी गाली हैं।
टीना-अरे सच्ची इसकायही नाम हैं। अच्छा वोँ सभी जानेदे। इसकोहाथ मे लेकरदेख तुम को कैसा महसूस होता हैं?
सुमन नें डरते-डरते नकली लन्ड कों ऐसे पकड़ा जैसे वोँ कोई साँप होँ।
सुमन- दिदी यह तौ रबड़ कां हैं। कितना डरावना हैं नां यह!
टीना-वाउ भइयावाउ। कोई तौ इसकोदेख केँ कहता हैं। अरेवाह सोबिग औऱ तुम् होँ कि इसे डरावना बतारही होँ।
सुमन- मुझे जैसाफील हुआ मैंने आपकोबता दियामगर एक् बातसमझ नहि आई कि यह लिंग कां मॉडल आपकेपास कहां सें आया.यह तोँ किसी डॉक्टर केँ पास याँ लैब मे होना चाहिए?
टीना-अरे मेरी भोली सुमन, कौन सि दुनिया मे हैं तुँ। यह मॉडल नहि डिल्डो हैं। इससे लड़कियां चुत कि खुजली मिटाती हें।
सुमन- दिदी आप् कितने गंदे शब्दों कां यूज करती होँ। मुझेकुछ समझ नहि आँ रहा। आप् सिंपल भाषा मे समझाओ नाँ।
टीना-ओह गॉड.यह लड़की भि नाँ। अच्छा छोड़.यह बता तुम् फिंगरिंग करती होँ याँ किसी सें सुना होगा। करना तौ तुम्हारे बस कां कहां हैं?
सुमन- नहि दिदी वोँ क्याँ होती हैं। मुझे नहि पता!
टीना-ओ मायगॉड, तुँ सच मे पक्की आइटम हैं। चल कॉलेज चलदेर हौ रही हैं। यह डिल्डो वाला टास्क साम कों हि करना।
सुमन बेचारी असमंजस मे पड़ गई, वोँ कुछबोल भि नहि पाई औऱ चुपचाप टीना केँ संग कॉलेज चली गई।
दोस्तो, आप् मे सें कुछलोग जरूर कहेंगे यह बकवास हैं। आज केँ जमाने मे ऐसा नहि हौ सकता कि किसी कों यह भि पता नाँ होँ तोँ आपकोबता दूँ आप् कि तरहसब इतने फास्ट नहि हैं औऱ नां हि सभीनेट पर्र यहसभी देखते हें। मेरी स्वयं कि जानकारी मे ऐसीकई लड़कियां हें जिनको फिंगरिंग कां पता हि नहि हैं। लड़की जानेदो। कुछ लड़के भि हें जिन्होंने आज तक मुठ नहि मारी। भइयायह दुनिया बहोत बड़ी हैं। इसमें हर किस्म केँ इंसान मौजूद हें।
अबआगे चलोयहा क्याँ ज्ञान लेँ रहे होँ आप् लोग.हा हाहाहा हाहा.
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Thanks
Aakash.?
घरेलू जब रंडी बनी ( no pakkau only Vasna ) - Ghar Ki Randi – New Episode
Hello Everyone
We are Happy too present too you The annual kahani contest of Xforum "The Ultimate kahani Contest" (USC).
Jaisa की ap sabko maalum h abi pichle hafte he humne USC की announcement की h aur abi कुछ waqt pahle Rules and Queries thread bi open किया h aur Chit chat thread तो pahle से he Hind section में khulla h.
Iske baare main थोड़ा aapko btaadun yeh एक short kahani contest h jisme ap kissi bi prefix की short kahani post krr shaktey hu joo minimum 700 words and maximum 7000 words takk hu taqat h। iss liye mein aapko invitation deta hoon की ap is contest main apne khayaalon ko shabdon ka Rupp देकर ismein apni kahaniyan daalein jisko poora Xforum dekhega yeh एक bohot accha kadam hoga aapke aur aapki kahaniyan ke liye क्योंकि USC kee kahaniyan ko pure Xforum ke readers read kartey haen। aur joo readers likhna नहीं caahtey wo bi is contest main participate krr shaktey haen "Best Readers Award" ke liye aapko bas krna yeh hoga की contest main posted kahaniyan ko read karke unke Uppar apne views dene honge.
Winning Writer's ko well deserved Awards milenge, उसके aalwa aapko अपना thread apne section में sticky karne ka mouka bi milega Taaki aapka thread top पर rahe uss dauraan। iss liye aapsab ke liye yeh एक behtareen mouka h Xforum ke sabhi readers ke Uppar apni chaap chhodne kaa aur apni reach badhaane ka.
Entry thread 7th February ko open hoga matlab ap 7 February से kahani daalna suru krr shaktey haen aur wo thread 21st February takk open rahega is dauraan ap apni kahani daal shakte haen। iss liye ap abi से apni kahani likhna suru kardein तो aapke liye better rahega.
koy bi issue hu तो ap kissi bi staff member ko Message krr shaktey haen.
Regards : XForum Staff.
घरेलू जब रंडी बनी ( no pakkau only Vasna ) - Ghar Ki Randi - Kahani ab aur interesting hogi
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