घरेलू जब रंडी बनी ( no pakkau only Vasna ) - Ghar Ki Randi – New Episode
अब तक आपनेइस ससुरजी बहु सेक्स कि किस्सा मे पढ़ा कि मोना नें राजू कां मरियल लन्ड यहसोच कर चूसा थां कि उसकीचुत कि खाज किसीतरह मिट जाएगी। पऱ उसका लन्ड ढीलापड़ जाने सें मोना नीचे आँ गई औऱ नीचे काका उसके कमरे मे बैठे थें वे उसकीइस हरकत कों देख चुके थें। यहजान कर मोना नें रोने कां नाटक शुरुआत कर दिया।
अब आगे.
काका-अरे रोती क्यूं हैं पगली। मेरीबात तोँ सुन, मे किसी कों कुछ नहि बताऊंगा। अरेअगर बताना होता तौ उसी वक्तउस कुत्ते कों जान सें मार देताजब वोँ तुम्हें छूरहा थां, मगर मुझे अपनेघऱ कि इज़्ज़त कां ख्याल हैं। बसइसी लिए चुपचाप वापस नीचे आँ गय़ा।
काफ़ी देर तक काका नें मोना कों समझाया तब कहीं जाकर वोँ चुप हुइ औऱ काका केँ पासखाट पे बैठ गई।
काका- बेटी तूँ शादीशुदा हैं, अपना भला-बुरा अच्छे सें जानती हैं। फिनयह नौबत क्यूं आई कि एक् पराए मर्द केँ पास तुम्हारी तरफऐसे आधीरात कों जानां पड़ा?
मोना- काका मे कुछ बोलूँगी तोँ आपको बुरा लगेगा। इसलिये यहबात आप् नाँ हि पूछो तोँ अच्छा होगा।
काका-अरे ऐसे केसे नां पूछू। तूँ मेरेघऱ कि बहू हैं। क्याँ कमी हैं गोपाल मे? जोँ तेरी राजू जैसे नामर्द केँ पास जानां पड़ा?
मोना- काकाअगर ऐसीबात हैं। तौ सुनो आप् राजू कों नामर्द कहरहे होँ नाँ। तौ आपका गोपाल भि राजू जैसा हि हैं। एक् बार मे आउट हौ जाता हैं वोँ भि चंद मिनटों मे!
शुरुआत सें अब तक कि सारीकथा मोना नें काका कों बताई कि केसे वोँ दूसरे मर्द कि तरफ़ आकर्षित हुई।
मोना कि बात सुनकर काका कों दुखहुआ औऱ संग आँखों मे चमक भि आँ गई, शायद वोँ मोना कों भोगने कां मनबना चुके थें। काका नें अपनाहाथ मोना कि पीठ पऱ रखा औऱ धीरे धीरे फेरते हुए वोँ मोना सें बोले- देखो बेटी, क़िस्मत कां लिखा तोँ मे बदल नहि सकतामगर तुमको तुम्हारे हिस्से कि ख़ुशी जरूरदे सकता हूं।
मोनासमझ गई कि काका क्याँ कहना चाहते हें। मगर वोँ अनजान बनकर पूछने लगी- केसे। आप् मुझे ख़ुशी केसे दोगे?
काका नें अब अपनाहाथ पीठ सें धीरे-धीरे सें मोना केँ सीने पऱ रख दिया- देखो बेटी किसी अनजान मर्द सें अच्छा तौ यह हैं कि मे हि तुम्हारी तरफखुश करदूँ। अगर तुझेही एतराज़ नाँ होँ?
मोना कि चुत तोँ वैसे हि जलरही थि उसे तौ बस लन्ड चाहिए थां। चाहे वोँ किसी कां भि होँ। मगर काका कि उम्र कों देखकर उसको थोड़ाशक हुआ तौ वोँ काका कों उकसाने केँ लिए बोलि- रहनेदो काका। आपसे कहां कुछ दिया जाएगा, गोपाल भि तोँ आपके हि खेत कि फसल हैं। अब वोँ जवानी मे ऐसा हैं तोँ आपकी तोँ उम्र होँ गई हैं। आपसे कहां कुछ हौ पाएगा?
काका-अरे बेटा फसल कों कीड़ा भि लगता हैं। उसीतरह शहर कि हवा मे गोपाल ऐसा होँ गय़ा, मगर मे आज भि जवान हि हूं। यकीन नाँ आए तोँ स्वयं देखलो।
इतना कहकर काका नें मोना कां हाथ पकड़ा औऱ अपने लन्ड पे रख दिया।
जैसे हि मोना नें लन्ड कों महसूस किया, उसकी आँखें फटी कि फटीरह गई। क्योंकि धोती केँ अन्दर जौ चीज थि वोँ काफ़ी भारी भरकम थि।
मोना- काकायह क्याँ हैं। इतना बड़ा?
काका- अभि कहां बड़ा हैं मोना रानी, इसे प्रेम सें छू.फिन देख कितना बड़ा होता हैं यह।
काकाअब अपनेरंग मे आँ गए थें। वे मोना कों बेटी सें सीधे रानी बोलने लगे औऱ संग हि मोना कि चुची सहलाने लगे थें। मोना कों तौ ऐसे हि किसी मौके कि तलाश थि। मगर काका उसके पति केँ काका थें तौ वोँ शर्माने कां नाटक करनेलगी- नहि, मुझे आपसे बड़ी लज्जा आँ रही हैं। मे आपका‘यह’ नहि सहला सकती।
काका पऱ अब सेक्स चढ़ चुका थां, वोँ मोना केँ बूब्ज़ कों दोनों हाथों सें मसलने लगे थें औऱ बीच-बीच मे उसकीचुत कों भि दबा देते।
मोना-अहह। काकाऐसा मतकरो। मुझसे बर्दाश्त नहि होँ रहाअहह। प्लीज़ अहह.कुछ होँ जाएगा।
काका-अरे मोना रानीऐसे शर्मा मत। जौ होगा उसको होनेदे, उसी मे सबकी भलाई हैं। आज पूरीकर लें अपनी ख़्वाहिश, नहि तोँ जीवनभर पछताएगी।
मोना नें काका केँ लन्ड कों पकड़ लिया औऱ धीरे धीरे सहलाने लगी- काका, किसी कों पताचल गय़ा तोँ क्याँ होगा?
काका-अरे रानीघऱ मे कोई नहि हैं। किसी कों कानों-कान खबर नहि होगी.चल अबदेर नाँ कर!
मोना- मे कहां देरकर रही हूं काका, देर तौ आप् कररहे होँ, जौ अब तक कपड़ों केँ ऊपर सें हि मेरेबदन कों सहलारहे होँ।
अब मोना नें खुला निमन्त्रण काका कों दे दिया थां औऱ काका भि कहां पीछे रहने वाले थें, उन्होंने झट सें मोना कि नाईटी निकाल दि औऱ ऊपर सें नीचे तक उसको निहारने लगे।
मोना नें अपने बूब्ज़ कों काका केँ होंठों कि तरफ उठाया औऱ बोलि- काका, देखते हि रहोगे क्याँ याँ कुछ करोगे भि?
काका-रुक मेरी रानी। मुझे आहिस्ता तेरी जवानी कों निहार लेनेदे। उसदिन ब्रा मे कसी तेरी चुचीदेख कर ईश्वर सें प्रार्थना कि थि कि एक् बारयह चुची नंगी देखने कों मिल जाएं औऱ आज देखो ईश्वर नें मेरीसुन ली।
मोना-यह आप् क्याँ कहरहे हौ, आपनेकब देखा मुझे ब्रा मे?
काका-अरे जब तूँ कपड़े बदलरही थि नां। तब देखा थां। मन तौ उसीसमय किया कि तेरे जूसी मम्मे चूसलूँ मगर तुँ इसघऱ कि बहू हैं, तोँ तुम को बख्श दिया।
मोना-हे राम। मुझेलगा भि थां कि कोई मुझेदेख रहा हैं। काका आप् तोँ बड़े चुदक्कड़ होँ?
काका-अरे रानी मेरी चुदाई तूने अभि देखी कहां हैं, इस गाँव कि नां जाने कितनी कुँवारी सील मैंने हि तोड़ी हें औऱ कई शादीशुदा लड़कियों कों चोदकर उनकोमजा भि दिया हैं।
मोना- काका आप् इतने बड़े चोदू होँ फिन भि आपकेकोई औलाद नहि। यह केसे हौ सकता हैं?
काका-अरे पागल, तेरी काकी बांझ हैं मेरे तोँ नाँ जाने कितने बेटे औऱ बेटियां इस गाँव मे घूमरहे हें।
मोना- वोँ केसे काका। मे समझी नहि कुछ?
काका-अरे रानीकई ऐसी औरतें मेरे सें चुदी हें। जिनके पति उनको मां नाँ बनासके औऱ मैंने उनकीगोद भर दि तोँ इस हिसाब सें मेरेकई बच्चे हुए नाँ। हाहाहा हा.
काका केँ संग मोना भि हँसने लगी।
काका-बस मेरीजान यह प्रश्न बहोत होँ गए। अब तूँ अपने काका कि चुदाई देख, फिन बताना मजाआया कि नहि।
मोना- अपने अजगर कों तोँ आज़ाद करदो काका, वोँ कब सें अन्दर तड़परहा हैं बेचारा।
काका- उससे ज्यादा तोँ तुँ उतावलापन रही हैं उसे देखने केँ लिए.चल तूँ स्वयं उसको आज़ाद करदे।
मोना धीरे-धीरे सें काका केँ पास कों हौ गई औऱ उनकी धोती कों खोलकर साइड मे रख दि। अन्दर सें काका कां 9″ कां लन्ड फनफनाता हुआ बाहर् निकला, उसकी मोटाई भि बहोत थि जिसेदेख कर एक् बार तौ मोनाडर गई- हेराम। काका इतना बड़ायह केसे जाएगा अन्दर?
काका-अरे रानी, यह तोँ कमसिन कली कि चुत मे पूरासमा जाता हैं। तूँ तोँ खेलीखाई हैं। चलआजा प्रेम कर इसकोफिन देखयह तुम को केसे जन्नत कि सैर कराता हैं।
मोना अपने घुटनों पे बैठ गई औऱ लन्ड पर्र अपनीजीभ बड़े प्रेम सें घुमाने लगी। वोँ लन्ड कों चाटरही थि औऱ संग हि संग काका कि गोटियों कों भि हाथ सें सहलारही थि।
काका-अहह। उम्म्ह… आहह-आहह… हय…याह… चूस रानी.चूस। आज बड़े दिनों बाद मेरे लन्ड पे किसी केँ होंठलगे हें। अहह.अहह।
करीब 5 मिनट तक मोना पागलों कि तरह लन्ड कों चूसती रही। वोँ पूरा लन्ड मुँह मे भररही थि औऱ काका उसके मुँह कों चुतसमझ कर चोदने मे लगेहुए थें।
मोना-बस काकाअब बर्दाश्त नहि होता। घुसादो अपना बम्बू मेरीचुत मे। करदोइसे ठंडा.!
काका- मेरी मोना रानी.ऐसे थोड़ी सीधे घुसा दूँगा, पहले तेरीचुत कां रस पीऊंगा तुझेही जलबिन मछली कि तरह तड़पाऊंगा उसकेबाद कहीं तेरी चुदाई करूँगा।
काका नें मोना कों खाट पऱ चित्त लेटा दिया औऱ उसके स्तन कों चूसने लगा। फिन आहिस्ता काका उसके पूरेबदन कों ऐसे चाटने लगा जैसे वोँ कोई रसमलाई होँ औऱ आख़िर मे जब काका केँ गरम होंठ उसकीचुत पर्र जालगे। मोना नें एक् लंबी सांसली औऱ उसकीचुत कां झरनाबह गय़ा।
मोना- आआहह सस्स्सस काका ओप्पस एयाया सस्स्स.
काका भि पकाहुआ रंडीबाज थां। सारारस जीभ सें चाट गय़ा।
काका-अरे मेरी मोना रानी। बहोत जल्दझड़ गई। तूने तौ ठीक सें चुत कों चूसने भि नहि दिया।
मोना-कब सें वासना कि आग मे जलरही थि। ऊपर सें अपने मेरीआग कों औऱ भड़का दिया तोँ मुझसे बर्दाश्त नाँ हुआ।
काका- अच्छा हुआ जौ झड़ गई। अब मेरे लन्ड सें दोबारा झड़ना तूँ। लें संभाल मेरे मूसल कों।
इतना कहकर काका नें लन्ड चुत पे टिकाया औऱ जोर कां झटकामार दिया.आधा लन्ड चुत कों फैलाता हुआ अन्दर घुस गय़ा।
मोना-आऐय यइ उफफफफ्फ़ बहोत मोटा हैं आपकाअहह। आहिस्ता जान लोगे क्याँ?
काका नें मोना कि बात अनसुनी करतेहुए लन्ड कों पीछे खींचा औऱ फिन सें एक् जोरदार दे धक्का दिया। इस बार पूरा 9″ कां लन्ड मोना कि चुत मे खो गय़ा। उसकेसंग हि मोना कि चीख निकल गई।
मोना-आआआ आआआ आआआअ.
काका-अरे चिल्लाती क्यूं हैं रानी। गोपाल नें तेरीचुत कों आधा हि खोला थां आज मैंने पूरीचुत खोल दि। अब तुँ मज़े लेँ।
काका कों ऐसी मस्तचुत मिल गई, वोँ अब कहां रुकने वाले थें। उन्होंने मोना कों रेलबना दिया। लन्ड केँ दे झटके.दे झटके। काका तोँ इस वक़्त रेस केँ घोड़ेबने हुए थें औऱ मोनाहर बारचीख कररह जाती।
लगभग 15 मिनट तक चुदाई चलतीरही। अब मोना कि चुत मे लन्ड बराबर स्लिम हौ गय़ा थां औऱ उसकोअब बड़ामजा आँ रहा थां।
मोना-अहह। आँ सस्स काका उफ़फ्फ़ मे गई। अहहजोर सें चोदो.आआ आआ मेरारस निकलरहा हैं एयाया सस्सस्स गई अहह.
काका- लेँ अहह। साली रांड लेँ अहह। ज्ज़र.जा आजअहह तेरीचुत कों अहह। पूराचैन देके मानूँगा लेँ अहह। लेँ.
काका झटके पे झटकेलगा रहा थां औऱ मोना कि चुत पानीझड़ रही थि। जब मोनाझड़ केँ शांत होँ गई तोँ उसकोअब चुत मे जलन सि होनेलगी।
मोना-अहह। काकाअहह। अब निकाल भि दो अपना पानीअहह। कब तक चोदोगे आइईइचुत जलनेलगी हैं अब तौ अहह.
काका-उहह उहह साली रांडयह तेरे नामर्द पति कां लन्ड नहि हैं जोँ जल्द ठंडा हौ जाएगा अहह। लेँ लें गाँव कां तगड़ा लन्ड हैं अहह। आँ पूरामजा लेकर हि झड़ेगा।
इधर काका केँ साथ मोना कि चुदाई चलरही हैं इसकाआगे भि आनंद लेते रहेंगे।
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Incest - मेरी लेस्बियन बहने औऱ मेरी गांड
मेरानाम नितिन हैं औऱ मे लखनऊ मे रहता हूं औऱ मे मेरी सेक्स कहानी कां रेग्युलर रीडर हूं औऱ मुझे इन्सेस्ट स्टोरीस पढ़ना बहोत पसन्द हैं औऱ मुझे ब्रदर सिस्टर सेक्स बहोत अच्छा लगता हैं। मे जब भि भइया बेहन सेक्स स्टोरीस पढ़ा करता थां तोँ काफ़ी रोमांचित हौ जाता थां मगरये भि सोचता थां कि क्याँ येसभी ट्रू।woh kya hain na meri sexy aunti maira ek bar hilane say kbhi mn bharta hi nahii .muze kam say kam 3 bar lagta jab Jake thora sukun milta hain
घरेलू जब रंडी बनी ( no pakkau only Vasna ) - Ghar Ki Randi – New Episode
अब तक आपने मेरीइस चुदाई कि किस्सा मे पढ़ा थां कि काका मोना कि चुतचोद रहे थें औऱ मोनाझड़ चुकी थि। मगर काका कां लन्ड अभि भि पूरी मस्ती सें चुत केँ चिथड़े उड़ाने मे लगाहुआ थां।
अबआगे.
काका स्पीड सें मोना कि चुत मे लन्ड केँ झटकेमार रहे थें। अब मोना भि वापसगरम होँ गई औऱ गांड कों उछाल-उछाल केँ काका कां संग देनेलगी। काका नें मोना कों घोड़ी बनाकर चोदना शुरुआत किया। अब हर झटके केँ संग मोना कि अहह। निकाल रही थि।
दस मिनटऐसे हि गुजरगए अब काका कां लावा किसी भि लम्हा फूटने वाला थां, वोँ औऱ अधिक स्पीड सें चोदने लगगए थें।
मोना-अहह। आँ काका उफ़फ्फ़ आज तौ जीवन कां अहह। आँ असलीमजा आँ गय़ा अहह। औऱ जोर सें अहह। मे गई अहह। काकाअहह। उईईइअहह।
काका- उम्म्ह… आहह-आहह… हय…याह… लें रांडअहह। मेरा भि अहह। निकलने वाला हैं अहह.अफ.
चुदाई कां तूफान अपनेचरम पे थां काका केँ मूसल नें लावा बरसाना शुरुआत कर दिया। उसकीगरम धार मोना कि चुत कों बड़ाचैन देरही थि। उसी केँ संग मोना भि झड़ गई।
काफ़ी देर तक दोनों हांफते रहे औऱ एक्-दूसरे कों देख केँ मुस्कुराते रहे।
दोस्तों यहा तौ रेस्ट समय होँ गय़ा तोँ चलो हम् कहीं औऱ जाकरआते हें। वैसे आपको मेरा अंदाज तौ पता हैं नाँ। तौ चलो इनको थोड़ा सुस्ता लेनेदो, हम् टीना केँ पास चलते हें। वहा भि आज आपको गरमागर्म सीन देखने कों मिलेगा।
रात कों 11 बजे टीना चुपके सें घऱ सें बाहर् निकल जाती हैं। बाहर् संजय बाइक पे खड़ा उसकावेट कररहा थां। वोँ सीधी जाकर बाइक पर्र बैठ जाती हैं औऱ दोनों एक् घर-मकान मे चले जाते हें।
टीना-ऐसी क्याँ जरूरत आँ गई संजू जौ तुमने मुझेऐसे अर्जेंट मे बुलाया?
संजू- सब्रकर मेरीजान। ऐसी भि क्याँ जल्द हैं, धीरे-धीरे बैठ पहले.फिन बताता हूं।
टीना-ठीक हैं जानू जैसा तुम् बोलो, लो बैठ गई अबकहो क्याँ बात हैं?
संजय- दोस्त आजसाम सें लन्ड मे हलचलमची हुई हैं, सोचा तेरी बुलाकर तेरीचुत कि ठुकाई करूँगा।
टीना- क्याँ बात हैं मेरे राजा.इस हलचल कि कोईखास वजह तौ अवश्य होगी?
संजय-हाँ वजह तोँ बहोत बड़ी हैं मगर तुम्हे बता नहि सकता।
टीना- क्याँ दोस्त संजू। मुझपे भरोसा नहि हैं क्याँ तुम्हें?
संजय-ऐसी बात नहि हैं दोस्त। तुँ समझाकर, सही मौका आएगातब तुम्हे बता दूँगा। फिलहाल तुँ कपड़े निकाल लन्ड मे दर्द होनेलगा हैं।
टीना- हि हि ऐसा क्याँ होँ गय़ा। लगता हैं कोई बहोत अधिकहॉट मालदेख केँ आया हैं। तभीयह हाल हैं। मगर मेरे राजाआज तौ तुम्हारी टीना तुम्हारी कोई सहायता नहि कर सकती क्योंकि आज सिग्नल रेड हैं। लन्ड कि नो एंट्री हाहाहा हाहा.
संजय-अबे बहनचोद सालीयह क्याँ बोलरही हैं। सारामूड खराबकर दिया।
टीना धीरे-धीरे सें संजय केँ पास गई औऱ उसके लन्ड कों सहलाते हुएकहा- अरे नाराज़ क्यूं होता हैं, मेरेयह होंठ किसीचुत सें कम हें क्याँ औऱ संग मे ऐसा नजारा दिखाऊंगी तुम्हे कि 5 मिनट मे तुँ पानी फेंक देगा।
संजय सवालिया नज़रों सें टीना कों देखरहा थां औऱ टीना उसके लन्ड कों पेंट सें आज़ाद कररही थि। टीना नें पेंट उसके घुटनों तक खिसका दि औऱ अंडरवियर कों भि नीचेकर दिया।
संजय कां 8″ कां लन्ड आज़ाद हौ गय़ा। वोँ मोटा भि काफ़ी थां। वैसे तौ टीनाकई बार उसको अपनीचुत मे लेँ चुकी थि मगरआज यहकुछ ज्यादा हि तनाहुआ थां।
टीना-ओ मायगॉड। यह क्याँ संजय इतना कड़क। प्लीज़ संजय बताओ नाँ ऐसा क्याँ हुआ कि आजयह जरूरत सें अधिक कड़क होँ गय़ा?
संजय-अबे यहसभी बातें बाद मे। पहले इसका इलाज तोँ कर, लगता हैं आजफट हि जाएगा सालायह। औऱ वोँ नजारा क्याँ दिखाने वाली थि। तूँ वोँ तौ दिखा साली?
टीना- सब्रकर मेरे राजा पहले इसको थोड़ा प्रेम तोँ करलूँ।
टीना लन्ड कों बड़े प्रेम सें अपनीजीभ सें चाटने लगी औऱ आहिस्ता सुपारे कों अपने मुँह मे भर लिया।
संजय-अहह। उफ़फ्फ़ टीनामजा आँ रहा हैं अहह। साली तुँ पक्की चुदक्कड़ हैं अहह। क्याँ चूसती हैं अफ.
दस मिनट तक टीना लन्ड सें खेलती रही उसको पूरा मुँह मे लेकर चूसती कभी गोटियों कों हाथ सें छेड़ती तौ कभी मुँह सें चूसती।
यह हरकतें संजय कों पागलबना रहीथीं वोँ सिसकरहा थां औऱ मज़े मे उसकी आँखें बंदथीं। अचानक टीना नें लन्ड मुँह सें बाहर् निकाल लिया औऱ संजय कों देखकर मुस्कुराने लगी।
अचानक मजा खराब होने सें संजय नें जल्द सें आँखें खोलीं।
संजय- साली कुतिया क्याँ हुआ कितना मजा आँ रहा थां। निकाल क्यूं दिया?
टीना- तेरा स्टेमिना मुझसे छुपा नहि हैं। सालाचुत कां भुर्ता बना देता हैं तब जाकर तुँ झड़ता हैं। ऐसे चूसने सें तेराकुछ नहि होगा, यह लें औऱ इसकोदेख केँ मेरे मुँह कों चुतसमझ करचोद। तब तुँ हल्का होगा।
टीना नें सुमन कां जौ वीडियो बनाया थां उसको चालू करके फ़ोन संजय कों दे दिया औऱ दोबारा उसके लन्ड कों मुँह मे लेकर होंठ भींचलिए।
सुमन कां अनछुआ यौवनदेख कर संजय कि आँखें फटी कि फटीरह गईं। उसका लन्ड औऱ अधिक सख़्त औऱ गरम होँ गय़ा। सुमन कि ब्रा मे कैद चूचे औऱ उसकी फूली हुइ चुत उसको मदहोश कररही थि। वोँ अब अपनाआपा खो चुका थां उसने टीना केँ सर कों कस केँ पकड़ा औऱ जोर-शोर सें उसके मुँह कों चोदने लगा।
संजय- आहह-आहह सुमनअहह। साली क्याँ मस्त हैं रे तूँ अहह। साली उफ़फ्फ़ पहले साली पूजा नें अहह पागल कियाअहह सालीअब तेरा यौवनदेख केँ अहह.हाल बुरा होँ गय़ा अहह। लें साली लेँ उहहउहह उहह.
दो मिनट भि नहि लगे उसको। औऱ उसका लन्ड फट गय़ा। सारारस टीना केँ गले मे जा पहुंचा औऱ लन्ड पिचकारी पे पिचकारी मारता रहा। शायदआज सें पहले उसका इतनारस नहि निकला थां। जितना आज निकला।
टीना नें सारारस निगल लिया औऱ लन्ड कों अच्छे सें चाटकर साफ किया औऱ थोड़ा गुस्से सें संजय कि तरफ देखा- साले कमीने, मेरेलिए तोँ कभीऐसा जोश नहि आया तुम्हे। औऱ आजइस रंडी कों देख केँ बहोत जल्द पानी फेंक दिया तूने। औऱ यह पूजाकौन हैं, जिसके चक्कर मे तुँ साम सें लन्ड कड़क करकेघूम रहा हैं?
पूजा कां नाम टीना केँ मुँह सें सुनकर संजय कि आँखें फटी कि फटीरह गईं, वोँ सोचने लगा कि इसको पूजा केँ बारे मे केसेपता लगा। फिन उसने दिमाग़ पे जोर दिया तौ उसकोयाद आया कि अभि मज़े केँ चक्कर मे उसको पूजायाद आई थि औऱ उसने उसकानाम लिया थां।
टीना-अबे सोच क्याँ रहा हैं बताकौन हैं यह पूजा?
संजय- क्क.कौन पूजा मुझे क्याँ पताकौन हैं क्याँ बोलरही हैं तुँ?
टीना-देख संजू नाटकमत कर.सचसच बतादे औऱ मुझसे कैसाडर.! तूँ सुमन कों चोद याँ किसी पूजा कों, मुझेफरक नहि पड़ता। बस मेरी चुदाई बराबर करते रहना। प्लीज़ बता नां दोस्त?
संजय- पूजा कों मार गोली औऱ यहबता क्याँ तूनेयह वीडियो साम कों बनाया? साली क्याँ मस्तलग रही हैं इसकोदेख केँ लन्ड बेकाबू होँ गय़ा औऱ फट सें पानी फेंक दिया।
टीना-हाँ मे उसकेघऱ गई थि वैसे एक् बात तोँ माननी पड़ेगी। साली कुतिया सच मे काफ़ी हसीन हैं। एक् बार तोँ मेरी भि लार टपकने लगी उसकेबदन कों देखकर। मन किया साली कि चुतचाट लूँ।
संजय- मेरीजान मे तोँ उसको पहलीबार देखकर हि समझ गय़ा थां, इसीलिए यहगेम खेला.अब तूँ बस उससे टास्क करवाती जा औऱ देख केसे मे उसकोटॉप कि रंडी बनाता हूं।
टीना- अच्छा यहबात हैं। चलो देखते हें।
अचानक टीना कों यादआता हैं कि संजय उसको बातों मे लगाकर पूजा कि बात कों टालरहा हैं।
टीना- दोस्त संजू प्लीज़ तूँ मुझे बातों मे उलझामत। बता नाँ पूजा कां क्याँ चक्कर हैं औऱ वैसे भि तूनेआज तक कितनी लड़किया चोदी हें मगरआज जोँ तेरी हालत थि, उससे लगता हैं यह पूजाकोई बम्ब नहि पूरी कि पूरी बारूद कि फॅक्टरी हैं।
संजय- तुँ जैसासोच रही हैं बात वैसी नहि हैं दोस्त!
टीना-अरे तोँ दोस्त जौ भि हैं तुँ बताएगा तबपता लगेगी नाँ। चलबता अब!
संजय- साली तुँ ऐसे मानेगी भि नहि, बताऊंगा थोड़ा सब्रकर गलासूख रहा हैं औऱ बाथरूम भि जानां हैं तूँ ऐसाकर मे बाथरूम मे फ्रेश होकरआता हूं तब तक तूँ फ्रीज़ सें बियर निकाल केँ ला औऱ गिलास भि संग लाना।
संजय केँ दिमाग़ मे कोई बहोत बड़ीबात घूमरही थि, वोँ टीना कों बताए याँ नाँ बताएबस यही सोचता हुआ फ्रेश होनेचला गय़ा औऱ टीना भि बियर लानेचली गई।
क्याँ दोस्त कहां तोँ काका औऱ मोना कां सीनचल रहा थां बीच मे यहनया ट्विस्ट आँ गय़ा। यहीसोच रहे हौ नां, टेंशन मतलो आपकी लाड़ली पिंकी कां स्टाइल थोड़ाअलग हैं। संजयआए तब तक वापस काका केँ पास चलते हें।
काका- क्यूं मोना रानी, मजा आया याँ नहि.!
मोना- काका मेरी जीवन मे ऐसामजा कभी नहि आया, आपका लन्ड सच मे बहोत तगड़ा हैं। देखो इसने मेरीचुत कां क्याँ हाल किया हैं।
काका-अरे रानी अभि कहां। अभि तौ बस शुरूआत हैं, आगे-आगे देख। मे तुम्हे कितने मज़े देता हूं।
काका कि बात सुनकर मोना केँ होंठों पे एक् मुस्कान आँ गई। वोँ धीरे-धीरे सें काका केँ सीने सें चिपक गई औऱ लन्ड कों सहलाने लगी। काका कां लन्ड भि शायदइसी चाहत मे थां। इसलिये मोना केँ हाथ लगते हि वोँ बढ़ने लगा।
काका-अहह। रानी तेरे हाथों मे कैसा चमत्कार हैं। देख लन्ड केसेतन गय़ा उफ। वैसे एक् बात तौ बताअगर मेरेबीज सें तुम्हें पेटरह गय़ा तौ तूँ क्याँ करेगी?
मोना- करना क्याँ हैं काकायह तोँ ख़ुशी कि बात हैं। आपके तगड़े लन्ड सें बच्चा पैदा होगा। तोँ वोँ भि आपकीतरह मजबूत होगा, गोपाल केँ जैसा नामर्द नहि होगा। उसकी पत्नि आपकोदुआ देगी सारी जीवन केँ कैसा मर्द पैदा किया हैं।
काका- अच्छा जरूरी थोड़े हि हैं। कोई लड़की भि होँ सकती हैं।
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