मेरे दोस्त की सेक्सी वाइफ़ - dost ki wife - Real Story Continue Part 1
मेरे साथी कि सेक्सी वाइफ़
रानी कों क्याँ फ़र्क पड़ता अगर मे वहां नहि होता तोँ अनिल तोँ उसकेसंग रोज़ हि ऐसा करता। मे उमर मे बड़ा औऱ उसको अपनी बाहों मे लेकर बोलासभी ठीक होँ जायेगा तुम् चिंता मतकरो बस मस्तरहो, अभि तौ मे तुमको उदास नहि करुंगा, अनिल सें अधिकमजा दूंगा औऱ इतनाकह कर मैने उसके लिप्स पर्र अपने लिप्स रखकर उसके लिप्स कों बंदकर दिया। रानी सकपका गई, औऱ कुछबोल नहि पायी, मैने उसके लिप्स जौ बंदकर दिये थें। जैसे हि मे अपने लिप्स हटाये वो बोलि राज आप् बहोत गंदे होँ, आप् नें ऐसी गंदीबात केसे सोची। मैनेकहा जौ अनिल नहि करता वो मे करता हूं तौ तुम् क्यूं परेशान होँ, मे कौन हूं भूलजाओ थोड़ी देर केँ लिये। मे भि तुम्हारा नज़दीक कां हूं औऱ सोचो मे वो सभी तुमको देरहा हूं जोँ तुम् अनिल सें इस वक़्त चाहती होँ, फ़िर मे ड्रिंक भि नहीं करता।
मेरीइस बात कां रानी पऱ असरहुआ औऱ वो बोलीं पर्र मुझेडर लगरहा हैं, मे उनकेसंग कोईगलत तोँ नहि कररही। मैनेकहा सोचलो ये तुम्हारे ऊपर हैं औऱ मे उसे चूमता औऱ उसके जांघों औऱ बैक पऱ मसाज भि करतारहा। रानी बोलि प्लीज़ जैसा तुम् चाहो पऱ प्लीज़ मेरे कपड़े मत उतारना आप् बाहर् सें जौ चाहेकर लो मुझे बड़ीशरम आँ रही हैं। मेरातीर सही निशाने पऱ लग गय़ा थां औऱ मैने रानी कों अपनी बाहों मे लें लिया। फ़िर मैने बिना वक़्त गवाये कियेहुए रानी केँ बूब्स पऱ उसकी कमीज़ केँ बाहर् सें हि हल्का हाथ फ़ेरना शुरुकर दिया।
दोस्तो यहसभी केसे हौ रहा थां मुझे नहि मालुम, मे इतना हिम्मत वाला नहि हूं। रानी मेरेटच सें मस्त होँ रही थि, इसीबीच मैने मौका देखकर रानी कि सलवार कां नाड़ा चुपके सें खोल दिया औऱ उसेपता नहि चला। मे उसकी चिकनी जांघों पर्र हाथ फ़ेरना चाहता थां पर्र जैसे मेराहाथ उसकी पैंटी पऱ टचहुआ वो एकदम सें नाराज़ होतेहुए बोलीं राजनो चीटिंग औऱ उसने अपनी सलवार एक् हाथ सें पकड़ली पर्र ऊपर सें वो मस्त होँ चुकी थि पर्र अभि भि मुझसे चुदवाने मे वो संकोच कररही थि पऱ मेरेटच सें उसेमजा आँ रहा थां। पऱ उसकी सलवार अभि तक खुली हुई थि जिसको उसने एक् हाथ सें पकड़रखा थां। जैसे हि मैनेउसे अपनी बाहों मे लिया तोँ उसके हाथों सें उसकी सलवार नीचेसरक गयीँ, औऱ मैनेऊपर सें उसकी कमीज़ कि ज़िप पीछे सें खोल दि औऱ उसने अंदर सें कालेरंग कि ब्रा पहनी हुईँ थि। मे तोँ उसके गोरे शरीर पर्र काली ब्रा देखकर मस्त हौ गय़ा।
वैसे तोँ मे तौ धीरे-धीरे मस्ती केँ संगमजा लेने वाला हूं पऱ सोफ़े मे कम्फर्टेबल नं होने केँ कारणऐसा नहि कर पाया। मैने जल्द सें रानी कि कमीज़ उतार दि औऱ अब वो सोफ़े केँ बीच काली ब्रा औऱ लाल पैंटी मे आधी नंगी खड़ी थि। फ़िर मैनेउसे कमर सें पकड़कर उसकी ब्रा केँ बाहर् सें हि उसके बूब्स पर्र किस करना शुरुकर दिया वो चिल्लाने वाली थि पऱ मैनेउसे डराते हुएकहा कि किसी नें सुन लिया तौ तुम्हारी बहोत बे-इज़्ज़ती होगी इसलिये जैसे मे करता हूं मुझे करनेदो। मे तोँ उसकी सारेबदन पऱ मस्ती सें मसलना, दबाना, रब करना औऱ किस करना जारीरखा। फ़िर मैने उसकी ब्रा कां हुक भि खोल दिया औऱ उसके बूब्स कों रब करनेलगा अब रानी मस्ती मे आनेलगी औऱ उसको मेराऐसा करना अच्छा लगनेलगा वोँ मुझेबीच मे प्रेम सें मना करती औऱ कभीकभी चूमने लगती पर्र उसेइस बात कां डर लगता थां कि कहीं अनिल आँ न् जाये।
थोड़ी देर केँ बाद मैने उसकी पैंटी केँ अंदरहाथ डाल दिया तौ वो परेशान होँ गई, औऱ उसने जल्द मे अपनी पैंटी अपने आप् उतार दि। वाउ उसकी बुर बड़ी मस्त थि एकदम गुलाबी औऱ उसके चारों ओर छोटे छोटे सें भूरेबाल, मुझे लगता हैं उसने अपनी बुर एक् दोदिन पहले हि साफ़ कि थि। उसकी बुर केँ बाल एकदमनरम नरम थें शायद उनकोकल परसों हि काटा गय़ा थां वो ज़्यादा लम्बे भि नहि थें अधिक सें ज़्यादा १-२ मिलीमीटर तक होंगे। उसकी बुर देखकर तौ वो १८-२०साल कि सि लगती थि उसे बूब्स भि एकदम टाइट औऱ छोटे छोटे थें। पऱ जहां तक बुर कि बात थि शायद अनिल तोँ कभीकभी हि उसकी बुर तक हाथ फ़ेर पाता थां, उसकी बुर देखकर लगता नहि थां कि वो अभि तक एक् बच्चा निकाल चुकी थि औऱ कईबार एक् ६ फुटे मर्द केँ लन्ड कि मार झेलती थि। वो एकदम नर्म गुलाबी मस्त गुदगुदी मक्खन जैसी थि। उसकीऐसी अनछुई बुर देखकर मे अपने आप् कों रोके नहि सका औऱ मे समझ गय़ा कि ऐसी बुर दुबारा चोदने कों शायदकब मिल पाये।
फ़िर मैनेउसे सोफ़े पऱ लिटा दिया औऱ उसकेऊपर चढ़ गय़ा मैने अपने कपड़े नहि उतारे सिर्फ पैंट कि ज़िप खोलकर पैंट नीचेकर दि औऱ अपना लन्ड बाहर् निकाल कर रानी केँ ऊपरचढ़ गय़ा मेरे लन्ड केँ टच सें तौ रानी पागल हौ गयीँ, औऱ उसकी बोडी केँ टच सें मेरा लन्ड भि टाइट होताचला गय़ा मे अपने लन्ड सें उसकी पूरी बोडी पऱ रब करनेलगा औऱ वो शरमाते हुए चीखने लगी पऱ वो मस्ती मे यहसभी कररही थि। अचानक मुझे एक् मस्ती सूझी औऱ मैने उसके दोनो बूब्स कों दोनो हाथों मे लेकर उसकेबीच अपना लन्ड रख दिया मेरा लन्ड देखकर शरमाते हुए रानी नें अपनी आंखें बंदकर ली औऱ फ़िर मे उसके दोनो बूब्स केँ बीच लन्ड कों फ़िटकर केँ चुदाई वाली स्टाइल मे उसके बूब्स सें लन्ड कों रगड़ने लगा। इससे मेरा लन्ड औऱ रानी केँ बूब्स टाइट होतेचले गये औऱ दोनोइसे एन्जॉय करनेलगे। रानी तौ मेरेइस एक्शन सें मचलउठी थि वो २७-२८साल कि महिला थि उसके मुकाबले मेरा चुदाई कां कोई ज़्यादा अनुभव नहि थां। थोड़ी देर मे मेरा लन्ड इतना टाइट होँ गय़ा कि उसे हिलाना भि मुश्किल लगरहा थां। अब मुझेलगा कि ये रानी कि बुर मे जाने केँ लिये बिल्कुल फ़िट हैं।
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रानी नें अपनी आंखें अभि भि बंद किये हुइ थि। वो मेरा लन्ड देखकर घबराने कां बहाने कररही थि जबकि उसका पति पूरे६' कां थां औऱ उसका लन्ड तौ कम सें कम७-८" कां होगा। फ़िर मैने बिनादर किये रानी कि दोनो टांगों कों फ़ैलाया औऱ एक् धक्के केँ संग रानी कि बुर कों दोनोओर सें फ़ैलाकर अपना खड़ा लन्ड उसकी बुर मे ठोंक दिया औऱ एक् झटके मे हि पूरा अंदर तक घुसेड़ दिया। रानी कि बुर बड़ी टाइट थि किसी१८ साल कि लड़की जितनी टाइट औऱ अनछूई थि औऱ मुझे उसकी चुदाई कि शुरुआत मे हि इतनी मेहनत करनीपड़ रही थि। रानी तौ मेरे एक्शन सें मस्त होतीजा रही थि औऱ उसकीभूख बढ़ती जारही थि औऱ वो मुझे औऱ अंदर डालने केँ लियेकह रही थि। मैने भि फ़िर औऱ एक् धक्का लगाया तोँ मेरा पूरा लन्ड उसकी बुर मे समा गय़ा औऱ रानी अपनी गांड उठाकर औऱ अपनी तरफ़ सें धक्का लगाकर चुदवाने कों बेताब थि इससे मुझे बड़ामजा आँ रहा थां पऱ रानी केँ धक्के सें मे पूरा हि हिलरहा थां औऱ मेरा लन्ड उसकी बुर मे फ़ंस गय़ा थां।
क्योंकि मेरी चुदायी कां अनुभव भि ज़्यादा नहि थां पर्र मैने अपनी मर्दानगी दिखाने केँ लिये रानी कों पकड़ लिया औऱ एक् जोर कां धक्का आगे पीछे लगाया तौ रानी तौ मस्ती मे उछल पड़ी औऱ दर्द केँ बावजूद मुझसे बोलि राज, दिस इसवाट आइ वांट अह्ह्ह ! बसऐसे हि आगे पीछेकरो, दर्द कि परवाह मतकरो चाहे मे कितना चिल्लाऊं। चाहे फाड़ हि डालो पर्र दोस्त बड़ामजा आँ रहा हैं ऐसा पहलीबार हैं जब दर्द मे भि मजा आँ रहा हैं। मेरी हालत भि खराब होँ गयीँ, थि औऱ मैने उसका मुंहबंद कर दिया थां जिससे वो चीख नं पड़े। पर्र लन्ड केँ अंदर जाते हि रानी कि मस्ती बढ़ गई, अब मुझे दर्द होँ रहा थां पऱ वो दर्द केँ संग मस्ती मे मोअनकर रही थि औऱ मुझे धक्का लगाने कों कहरही थि। एक् तरफ़ वो चिल्ला रही थि औऱ दूसरी तरफ़ मुझसे धक्का लगाने कों कहरही थि। राजजोर सें धक्का लगाओ नं आअह्हह तेज़, औऱ जूर्रर सीए प्पहफाड़ दोइसे आजमजा आँ रहा हैं दर्द कि परवाह नहि पर्र धक्का लगाओ जल्द। राज प्लीज़ तेजी सें धक्के लगाओ नं म्मम्म। आआह्हह्ह औअर जूओरर्र सीए आउरुर तेज़ म्मम्मम म्ममाज़्ज़ा आअ रहाअहैई।
मे लन्ड कि रफ़्तार सें रानी कि बुर मे पेलने लगा औऱ वो भि चूतड़ उठाउठा कर चुदवा रही थि। मे उसके बूब्स कों भि मसलता जाता थां, कभीकभी तोँ जोश मे मैने उसके चूचियों कों पूरी ताकत सें दबाकर मसल दिया। पऱ उसके बूब्स उत्तेजना मे इतने टाइट होँ गये थें कि एकदम पत्थर सें लगते थें पऱ मैने भि उनकोऐसा मसला कि साली कि हालत खराब होँ गई,। एक् तोँ उसकी बुर वैसे हि फ़टरही थि औऱ ऊपर सें मैने उसके निप्पल भि पूरेजोर सें मसल दिये तोँ रानी कि मस्ती केँ संग दर्द केँ मारे इतनीजोर सें चीख निकली कि मे डर गय़ा कि कहीं पड़ोस मे किसी कों पता नं चल जाये, अगर कोई औऱ वहां होता तौ वो भि समझ गय़ा होगा कि उसकी जबरदस्त ठुकाई चलरही हैं।
पऱ रानी कि यह चुदायी ज़्यादा देर न् चलसकी मेरी थकान सें हालत खराब होनेलगी औऱ मैने अपनी रफ़्तार थोडा कमकर दि। इसीबीच मेरे लन्ड मे लन्ड कां प्रेसर लेवल सें ऊपर पहुंच गय़ा औऱ उसमे सरसराहट सि होनेलगी। मे समझ गय़ा कि अब मे झड़ने वाला हूं तौ मैने रानी केँ दोनो चूतड़ पकड़कर अपने लन्ड कों उसकी बुर केँ अंदर पूरा घुसाकर रोका तौ रानी भि समझ गई, कि मे झड़ने वाला हूं। रानी बोलीं राज प्लीज़ पुलइट आउट जल्द सें, मैने वैसा हि किया औऱ जैसे हि मैने लन्ड कों बाहर् निकाला रानी नें झपटकर उसे अपने मुंह केँ अंदर लेँ लिया। फ़िर मेरे लन्ड कां सारामाल रानी केँ मुंह मे चला गय़ा औऱ एक् हि झटके मे उसने पूरामाल पी लिया औऱ मेरे लन्ड कों ऐसे चूसने लगी जैसे मे उसके निप्पल कों कररहा थां। मेरे लन्ड कों पूरीतरह सें चूसने औऱ चाटने केँ बाद रानी अपने कपड़े पहन लिये पर्र जब लास्त मे वो अपनी सलवार पहनरही थि तोँ एकदम सें फ़टाफ़ट अपने कपड़े ठीक करनेलगी वो बड़ा घबरायी हुई थि। मैने भि जल्द सें अपनी पैंट औऱ कमीज़ ठीक कि, मे समझ गय़ा थां कि अब वो एम्बरास फीलकर रही थि।
उसनेकुछ बोला पऱ जैसी उसकी हालत थि उसमे उसका इतनी बेरुखी सां दिखना मुझसे समझ नहि आया। रानी नें मुझेदूर कि तरफ़ इशारा सां किया औऱ वो जल्द सें अपनी सलवार कां नाड़ा बांधते हुए फ़टाफ़ट अपने कपड़े ठीक करकेदूर कि तरफ़चली गयीँ,। तभीबेल बजी औऱ रानी नें नोर्मल होकर दरवाजा खोल दिया तोँ बाहर् अनिल थां। अब मेरीसमझ मे रानी कि घबराहट कां मतलबसमझ मे आया। अनिलकुछ अधिक पियेलग रहा थां पऱ वो बोलादेर हौ गई, हैं घऱ पर्र सभी इंतजार कररहे होंगे। मे एक् बार अनिल कि हालत देखकर उनकोघऱ तक छोड़ना चाहता थां पर्र मे जानता थां कि अनिल केँ लियेऐसे मे ड्राइव करनाकोई मुश्किल नहि थां।
रातभर मे इस घटना केँ बारे मे सोचता रहा कि क्याँ यहठीक हुआ औऱ क्याँ यहगलत तोँ नहि औऱ काफ़ी देरबाद मुझे नींदआयी। सुभह तक मे पहलेसाम वालीबात भूल गय़ा औऱ फ़िर मुझे रानी केँ शरीर केँ बारे मे सोचकर उत्तेजना होनेलगी औऱ मे सोचने लगा कि रानी कों अब औऱ चोदने कां मौका केसे मिलेगा। दिन मे ओफ़िस मे रानी कां मोबाइल आया तोँ मैने सोचा शायद वो अनिल सें बात करना चाहती हैं पऱ वो मुझसे हि बात करनेलगी तौ मैने रानी कों सोरी बोला पहलीसाम केँ लिये। वो बोलि राज मैनेकल वालीबात केँ बारे मे सोचा तौ ऐसा लगता हैं कि इसमे हमारी कोई गलती नहि। तुम् इस बारे मे परेशान मत होना मे तुमसे नाराज़ नहि हूं, अरे मुझे तौ तुम्हारा धन्यवाद करना चाहिये कि इतने दिनोबाद मुझे सचमुच प्रेम औऱ सेक्स कां एक् संग अनुभव हुआ।
रानीकह रही थि ये एक् भूख कि तरह हैं औऱ भूख लगने पऱ हरकोई जोँ उसे मिलता होँ उसका हि मजा लेता हैं। मे तोँ चाहती हूं कि यह मौका मुझे औऱ मिले वैसे मैने मोबाइल इसलिये भि किया हैं कि आज तुम् घऱ पऱ हि रहना मुझेआज तुमसे ३ पेपर टाइप करवाने हें। अनिल कां तोँ पता नहि वो कुछ सहायता करें याँ नं पर्र तुमसे उम्मीद हैं। मे अब काफ़ी नोर्मल होँ गय़ा थां औऱ मैने मज़ाक मे कहा एक् पेपर कि ट्रीट तोँ तुमको पता हि हैं तौ तीन केँ बारे मे सोचलो तुमको मुझेतीन ट्रीट देनी होंगी। रानी बोलीं राजइसे मज़ाक समझो याँ सीरियसली लो पऱ मुझे भि तुम्हारी ट्रीट सें उतना हि मजाआया जितना तुमको। इसलिये ट्रीट केँ लिये स्थान कां इंतज़ाम होना चाहिये औऱ मेरे कों मौका मिले तोँ मे तोँ औऱ ज़्यादा ट्रीट लेना चाहुंगी। मैनेकहा -आशा हैं तुम् अपने शब्दयाद रखोगी
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साम कों मे लगभग८:३० पऱ खानां खा करके फ़्री हुआ औऱ रानी केँ आने कां इंतजार करनेलगा लगभग८:४५ पऱ अनिल रानी कों लेकर आँ गय़ा औऱ उसे छोड़कर चला गय़ा औऱ बोला मे काम निबटाकर जल्द सें आता हूं अगरदेर होँ जाये तौ मेरा इंतजार करना घबराना नहि राजू शरीफ़ व्यक्ति हैं। रानी नें आज प्रिंटेड बलोउस, लाईटकलर कि साड़ी औऱ औऱ अंदर गहरेरंग कां ब्लाउज़ पहना थां। उससे अंदर केँ कपड़े कां आइडिया मुझे नहि लग पाया। रानी औऱ मे फ़िर पेपर सजधजकर करने मे लगगये, पऱ आज मे थोडा मस्ती केँ मूड मे थां तब भि हमारा काम एक् घंटे मे हौ गय़ा। मे आजबीच मे दोतीन बार रानी कि कभी जांघ पऱ तोँ कभी उसकीकमर पर्र औऱ कभी उसके ब्लाउज़ केँ बाहर् सें उसके बूब्स पऱ छूरहा थां। रानी मुझेरोक देती औऱ कहतीअरे पहलेकाम पूरा करनेदो फ़िरअगर मौका मिला तौ मे मना थोड़े हि कर सकती हूं।
जबकाम पूरा हौ गय़ा तौ मे अब रानी केँ संग मस्ती केँ मूड मे थां पर्र कोई सिग्नल रानी नें नहि दिया तोँ मे उसे एम्ब्रस नहि करना चाहता थां। रानी सें मैने पूछाआज जब अनिल तुमको छोड़कर गये तौ उसनेयह क्यूं बोला कि राजु शरीफ़ व्यक्ति हैं। तब रानी बोलि कल अनिल मुझसे बोलरहे थें कि राजू बहोत हि बेवकूफ़ हैं अगरउसे मौका मिलता (किसी कि वाइफ़ केँ संग अकेले रहने कां) तौ वो जरूर मौके कां फ़ायदा उठाता। फ़िर रानी बोलीं, जब मैनेकहा कि अगर महिला नें गड़बड़ कर दि तोँ वो बोलरहे थें कि अगर वो किसी महिला कों एक्साइट करे तोँ वो मनाकर हि नहि सकती हैं। रानी फ़िर बोलि इसीलिये मुझे भि उनकीबात सुनकर मरदों कि मानसिकता केँ बारे मे पताचल गय़ा औऱ वो कोई गलती नहि कररही हैं औऱ मे भि ऐसा न् करूं। अब मैनेकहा यहबात तौ ठीक हैं पऱ आपको तोँ मालूम हैं न् मे भि बड़ा कमीना हूं औऱ आज तोँ मे अब तुमको इस वक़्त नहि छोड़ सकता हूं जब दोनो फ़्री हें। रानीकुछ ज़्यादा नहि बोलि तोँ मैनेकहा पऱ आज मे तुमको पूरीतरह सें प्रेम करना चाहता हूं क्योंकि आज हमारे पाससमय काफ़ी हैं।
फ़िर मे रानी कां हाथ पकड़कर उसेबेड पर्र लें आया, औऱ उसे आहिस्ता चूमते हुए उसकी ख़्वाहिश जानने कि कोशिश करनेलगा रानी बोलीं हांराज आज मे चाहती हूं कि तुम् मुझेऐसे प्रेम करो जैसे अनिल पहले पहले किया करते थें। मे बोलाचलो पहलेऐसा करते हैं एक् दूसरे केँ कपड़े उतारते हें मुझे महाभारत कि दरौपदी कि तरह अपनी पार्टनर केँ कपड़े उतारने मे बड़ामजा आता हैं औऱ अगर वो विरोध करे तौ औऱ मजाआता हैं। क्याँ मे स्टार्ट करूं, रानी बोलि नहि पहले मे तुम्हारे कपड़े उतारुंगी, अगर मेरे कपड़े पहलेउतर गये तोँ तुम् मुझे मौका हि कहां दोगे, मे मर्दों कि आदत जानती हूं।
मैने कुरता पायजामा पहना थां औऱ रानी नें एक् झटके मेरे कुरता औऱ बनियान घसीटकर मेरे पायजामे कां नाड़ा खोल दिया औऱ तब तक मैने भि अपना अंडरवियर नीचेकर दिया। रानी नें मेरे लन्ड कों देखकर थोडा हैरान सि हुइ मे जानता थां कि उसे तौ अनिल केँ लम्बे लन्ड कि आदत थि नं औऱ फ़िर मेरा लन्ड उस वक़्त खड़ा भि नहि थां। फ़िर मैने रानी केँ साड़ी केँ पल्लू कों खींचना शुरु किया औऱ रानीघूम घूमकर अपनी साड़ी उतारने लगी। जब साड़ी उतर गई, तोँ मैने रानी कों पकड़कर उसके ब्लाउज़ केँ हुक एक् एक् करके खोलकर उसका ब्लाउज़ भि उतार दिया।
उसी टाइम अनिल कां मोबाइल आया तौ मे समझा कि आज तोँ काम कां सत्यानाश हौ गय़ा पऱ अनिल नें पूछा कितना काम बाकी हैं तौ मैनेकहा आधे सें थोडा कम तोँ अनिल बोला आहिस्ता कामकर लो मुझे अभि एक् घंटा औऱ लगेगा मे ११:००बजे तक आउंगा। रानी नें कहाठीक हैं पर्र जल्द कि कोशिश करना ज़्यादा लेट सें सब परेशान होंगे। अब तौ हम् औऱ भि रिलेक्स होँ गये रानी नें अंदर सफ़ेद ब्रापहन रखी थि उसकी ब्रा एकदम टाइट थि औऱ उसके बूब्स उसके अंदरकैद होँ गये थें। मैने एकदम सें रानी कों पकड़कर उसकी टांगों कों पेटीकोट सहित अपनी टांगों केँ बीच फ़ंसाकर उसे जकड़ लिया औऱ फ़िर उसकी ब्रा कां हुकखोल दिया जैसे हि उसकी ब्रा सें उसके बूब्स आज़ाद हुएऐसा लगा जैसेकोई धमाका हुआ उसकेबूब उछलकर मेरे सामने आँ गये।
मेरे दोस्त की सेक्सी वाइफ़ - dost ki wife - Kahani ab aur interesting hogi
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