लुच्ची माँ और हरामी बेटे। - माँ बेटा - Full Story Part 1
हैलो दोस्तो मेरानाम शिवानी हें। औऱ मे एक् राईटर हूं, मैनेकुछ बुक्स लिखी हें जिस जोँ सेक्स सें किसी भि तरहा सें सम्बन्धित नहि हैं। मे अपनी बुक्स राईटिंग केँ लिएकुछ रिसर्च कररही थि तोँ मुझे सेक्स किस्सा केँ बारे मे पताचला। सुरू मे मुझेये बहुत अजीबलगा कि लोगएसा कुछलिख रहे हें औऱ पढ़रहे हें। मगर धीरे-धीरे धीरे-धीरे मुझे भि ये पढ़ना अच्छा लगनेलगा। औऱ मे रोजयह कहानी पढ़ने लगी। मुझेखास कर रिस्तो मे सैक्स वाली कहानीया अधिक अच्छी लगती हैं।
मे अपने बारे मे आप् कों बतादूं कि मेरानाम शिवानी हैं। मेरी उम्र 28 साल हें। मेरी विवाह कों 6 शाल होँ चुके हें। औऱ मेरा 4 शाल कां एक् बेटा हें। सेक्स कहानी पढ़ने कां मुझ पऱ येअसर हुआ कि मुझे मम्मी बेटे सें सम्बंधित कहानीयाँ मनपसंद आनेलगी। मे अबजब भि अपनेपती केँ संग सैक्स करती हूं तोँ मेरे बेटे केँ सहामने हि करती हूं। यह मुझे बहोत मज़ा देता हें। मेरा बेटा अभि ज़्यादा तौ सेक्स केँ बारे मे नहि जानता हैं। मगरउसे भि मुझे चुद्ते हुए देखने मे मज़ाआता हें। मेरेपती भि ये इन्जोय करते हें। मे जब अपनेपती केँ ऊपरलेट कर धक्के मारती हूं तौ मेरा बेटा पीछेजा कर मेरी गाँड़ देखता हें। उसेये बहोत अच्छा लगता हें। औऱ मुझे भि ये बहोत हि आनंद देता हें।
खैरअब आती हूं मे अपनी किस्सा कि तरफये कहनी मेरेमन कि उपज हें। औऱ मम्मी बेटो कि किस्सा हैं इस किस्सा केँ पात्र इस परकार हें।
1-संजय
यह हें इस परिवार केँ बड़ेइन कि उम्र 40 साल हें। औऱ एक् बिजनेस मैंन हें। सैक्स केँ मामले मे बहुत मजबूत हें। औऱ बहुत खुले विचारों केँ भि। इन केँ अपने कि औरतों केँ संग संबंध हैं। औऱ रुपया देकर भि कई राते बितातें हें। वैश्याओ केँ संग। जहा तक अपनी पत्नि केँ संग संबन्ध कि बात हैं। उसकेसंग भि सैक्स बहुत अच्छा हैं। औऱ अपनी पत्नि कों भि बहुतछूट देते हैं। यहा तक कि अपनी पत्नि कों किसी औऱ केँ संग सैक्स करते देखने मे इन्हें बहुत आनंदआता हें। इसीलिए यह अपनी पत्नि केँ संगकई बाररात कों क्लब जाते हें शराब पीते हें। औऱ दूसरें मर्दों केँ संग अपनी पत्नि कों चुदवाते हें। जिसमें इनहें औऱ इनकी पत्नि दोनो कों हि बहोत आनंदआता हें।
2- सुगंधा
यह हें संजय कि पत्नि नाम सुगंधा बेहद हि कामुक चंचल औऱ होशयार स्त्री। दिखने मे बला सि सुंदर, रंग गोरा लम्बाई 5 फूट 6 ईंच फिगर तौ क्याँ हि गजब कां हें। चुच्ची 38 कि कमर 26 कि औऱ गांड 38 कि बिल्कुल कसाहुआ जिस्म। जितनी दिखने मे कामुक उतनी हि अंदर सें भि कामुक कोई मर्दइस कों नजरभर देखभर लेँ इस कि बुर सें पानी आनां शुरुआत हौ जाता हें। मर्दों कों रिझाना औऱ अपनाअंग प्रदर्शन करना मानोइस कां पसंदिदा काम हौ। आज तक कई लोगों केँ संग सेक्स चुकी हें। जैसा पहलें बताया कई लोगों केँ संग तौ अपने पति केँ साहमने हि चुद चुकी हें। शराब पीने केँ बाद तौ मानो लण्ड चाहीए हि चाहीए किसी सें भि चुदजाए अपनेबदन कि आग कों ठंडा करने केँ लिए। कभी कभीजब इस कां पतीघऱ पर्र नहि होता थां तौ अपने यारों कों घऱ पऱ भि बुला लेती थि। जीहा दोस्त कों हि नहि यारों कों यानीदो लण्ड एक् संग लेने कां भि शोंक रखती हें। सुगंधा मगरअब ऐसा नहि करती हें। अबइस केँ बेटे बड़े हौ रहें हें। इसलिए अब किसी कों कम सें कमघऱ तोँ नहि बुलाती हें।
3- मोहित
यह हें इन कां बड़ा बेटा नाम मोहित मां बाप केँ सारेगुण बेटे मे केसे नहि होंगें। जितना सेक्स मम्मी औऱ बाप मे भराहुआ ऊतना हि बेटे मे भि हें। हर वक़्त लण्ड खड़ा रहता हें। किसी नाँ किसी कि बुर मिलजाए बसयही खयालदिन रात रहता हें। बड़े चुच्चे औऱ गांण्ड वली औरतेखास पसन्द हें। उम्र अभि मात्र 19 साल हें। मगर किसी भि तरहा सैक्स केँ मामले मे नौसिखिया नहि हें। पोर्न देख्ना सेक्स कहानी पढ़ना फेवरेट काम हें। एक् दो लड़की भि पटाकर चोद चुका हें। बाप केँ पास पैसो कि कमी नहि हें। तोँ पैसेदे कर रंडीयो कि भि बुर कईबार मार चुके हें। दोनोभीई मिलकर। लण्ड कां साईज 8 ईंच।
4-रोहित
यह हें छोटा बेटा उम्र 18 साल दोनो भाईयों मे मात्र एक् साल कां हि अंतर हें। औऱ हरकतों मे भि कोईखास अंतर नहि हें। जितना हरामी बड़ा भइया उतना हि बड़ा हरामी छोटा भइया औरतो कों चोदने कां खास शौकीन किसी भि स्त्री केँ छेड़ने मे औऱ गांण्ड पऱ हाथ फेरने मे बहोत मज़ाआता थां। अधिकतर हरकतें दोनों भइयामिल कर हि किया करतें थें लण्ड कां साईज 7 ईंच अपने भइया सें थोडा सां कममगर किसी भि स्त्री कों पागल करने केँ लिए बहुत।
तौ अब शुरुआत करते हें। कहानीं कहानीं शुरुआत होती हें जब दोनों बेटे बड़े हौ रहे थें औऱ सुगंघा औऱ संजय कां इसतरफ अधिक ध्यन नहि थां यह दोनों अपनी जवानी कि मसती मे हि चूर थें आएदिन कल्ब मे जानां रंगरलिया मनाना शराब पीना औऱ खुलकर सेक्स करना संजय औऱ सुगंधा कां मानोरोज कां हि काम थां। मोहित औऱ रोहित बड़े हौ गये हें। एक् कि उम्र 19 तौ एक् कि 18 होँ गई, हें। दोनों सब चीजे समझने लगे हें। यहा तक कि यह तोँ अपनी उम्र केँ बाकी बच्चों सें चारकदम आगें हें इसी उम्र तक गर्लफ्रेड़ बनाना सेक्स करना एक् दूसरे केँ संग अपनी गर्ल फ्रेड़ कों शेयर करनायह सभी हरकते कर चुके थें। तोँ सेक्स केँ मामले मे अच्छी खासी डिर्गी प्राप्त कर चुके थें। यहा तक कि पैसे देकर कार्ल गर्स कों बुलाकर सेक्स भि कईबार कर चुके हें। दोनों पैसे कि कमी बाप केँ पास थि नहि औऱ दोनों बेटों कों मूह मांगे पैसे भि घऱ सें मिल जाया करतें थें। दोनों कों हि ज्यादा उम्र कि औरतेआज कल कि पतली दुबली लड़कियो केँ मुकाबले ज़्यादा मनपसंद थि। इस कां कारण थां उन औरतों कों सेक्स मे ज़्यादा रूचि होना औऱ दोनों केँ बड़े बड़े हथियारों कों झेल पाना औऱ औरतों केँ पास बड़ें बड़ें चुच्चे होना औऱ इन दोनों कि फेवरेट मोटी गांण्ड कां होना। दोनों हि भइया औरतों कि गांण्ड केँ खास दीवाने थें।
तोँ जिंदगी केँ दिनएसे हि कट रहें थें। दोंनो मियाँ पत्नि अपनी अइयाशी मे चूर थें। औऱ दोनों बेटें भि कहीं नां कहीं सेक्स कि तलास मे लगें रहतें थें। एक् दिन सुगंधा औऱ संजयरात कों क्लब मे जाने कां प्रोगराम बनातें हें। रोहित औऱ मोहित कों कहतें हें कि बेटा आज हमें किसी पर्टी मे रात कों बाहर् जानां हें तुम् लोग खानां खाकरसो जानां हमेंआने मे देर हौ जाएगीं। यहकोई नयीबात तौ नहि थि मगरअब दोनों बेटे अपने मां बाप कि यह हरकतें ज़्यादा नोटिश करने लगें थें। जिसका सुगंधा औऱ संजय पऱ कोई प्रभाव नहि पड़ता थां। रात कों सुगंधा लालरंग केँ गाउनपहन कर तईयार होँ गई। यह गाउन वैसे तौ फुल लैन्थ थां। औऱ सुगंधा केँ पैरों तक आँ रहा थां। मगरइस कां गला बहुत बड़ा थां। जिस मे सुगंधा केँ बड़े बड़े चुच्चे बहुतहद तक नजर आँ रहें थें।
जैसे हि सुगंधा रेडी होँ कर बाहर् आई तौ रोहित औऱ मोहित नें उस केँ बड़ें बड़ें बूब्स देखे। तोँ रोहित बोला“वाओ मां यूआर लुकिंग सो गार्जियस” अपने बेटों सें इसतरह केँ कॉमपलिमेंट मिलना सुगंधा केँ लिएआम बात थि। तोँ वोँ भि मुस्कुराकर “थैंक्यू बेटा” बोलकर आगें जाने लगीं। मगर जब सुगंधा आगेचली तबइस ड्रेस कि असली खासीयत सभी नें देखीयह ड्रेस एक् पेर सें खुली हुईँ थि जिस सें सुगंघा कां एक् पेरऊपर तक नंगा दिखाई देता थां।
यह नजारा देखकर रोहित औऱ मोहित दोनों नें एक् दूसरें कि तरफ देखा औऱ दोनों केँ मूहं सें एक् संग निकला “वॉव”इस पर्र सुगंधा नें तौ कोईखास ध्यान नहि दियामगर संजयये सभी ध्यान सें देखरहा थां। खैर संजय औऱ सुगंधा घऱ सें निकलगए। व्हीकल मे बैठते हि संजय सुगंधा सें बोला “लगता हें हमारे बेटें अब जवान हौ हें। ” सुगंधा नें पूछां “क्यो अचानक आज तुमहें यह ख्याल कहा सें दिमाग़ मे आँ गयां। ” तौ संजय बोला “तुहें इस ड्रेस मे देखकर दोनों कुछ ज़्यादा हि खुशनजर आँ रहे थें। औऱ जब दोनों नें तुमहारी नंगी टांगे देखी तोँ दोनों कि आखेंफटी कि फटीरह गई, औऱ दोनों आहों भरने”ये कहकर संजय नें सुगंधा कि नंगी टांग पर्र जांघों केँ पासहाथ रखकर हलके सें दबा दिया। सुगंधा नें इसबात पऱ ज़्यादा ध्यान नहि दिया औऱ बोलि “क्याँ आप् भि मुझे छेड़ने केँ नयेनये बहानों लातें हों। वोँ दोनों अभि बच्चें हें। औऱ उन्हें अभि इससभी केँ बारें मे नहि पता हें। ” संजयये सुनकर हसतें हुए बोला। “देख लो कहींएसा नां हौ कि तुम् दोनों कों बच्चें समझती रहों औऱ वोँ दोनों काण्ड करजाए। ” इस पऱ दोनों मिया पत्नि हसनें लगें औऱ आगेंबड़ गयें।
इधर घऱ पर्र दोनों भइया मम्मी बाप केँ जाते हि टेलीविज़न पऱ ब्लू फिल्म लगाकर देखने लगें। घऱ पर्र टेलीविज़न एक् हि थां। ट्राईंग हाल मे औऱ टेलीविज़न कि बड़ी सक्रीन पऱ पार्न देखने कां मौह्का कभीकभी मिलता जौ दोनों भइयाकभी मिस नहि करना चाहतें थें। इस उम्र मे पार्न देखने कां अलग हि आनंद होता हें। दोनों भइया एक् मिल्फ स्टार कि पार्न देख रहें थें जिसके चुच्ची औऱ गांण्ड बहुत बड़े बड़े थें। बिल्कुल उनकी मां कि तरह। यह एक् गैंगबैग पर्न थि। जिसमें वोँ मिल्फ स्टार दो लड़कों केँ बीच थि औऱ दोनों लड़के उसेमिल करचोद रहें थें। पार्न देखते हुए रोहित मोहित सें बोला
रोहित- भइया मम्मी औऱ बापू अपने जिंदगी कों कितना इंजाय कर रहें हें। आएदिन जश्न करते हें। शराब पीकरघऱ आतें हें। औऱ दोनों खुलकर मज़ा करतें हें।
मोहित- खुलकर मज़ा करतें हें। मतलब?
रोहित- अरें मतलब मम्मी केँ कपड़े बाहर् जाते टाइम कितने मार्डन होते हें। औऱ आज तोँ.
यह कहताहुआ रोहित एक् दम सें रूक गय़ा।
मोहित- आज तौ क्याँ?
रोहित- अरेंकुछ नहि मे सोचरहा थां बापू मां घऱ पऱ नहि हें तौ क्यो नाँ आज हम् भि दोदो शराब केँ पैगमार लें। वैसे भि वोँ लोग तौ रात कों लेट हि आने वाले हें।
दोनों भइयाकभी कभी ड्रिंक किया करतें थें।
मोहित- कह तौ तूँ ठीकरहा हें। मगरअब लेने जाने कां मन नहि हें।
रोहित- मगर भइया लेने जाने कि जरूरत हि क्याँ हें। बापू कि वाईन कि बोतलें रखी हें। उसी मे सें मार लेते हें। पिताजी केँ पास वैसे भि इतनी सारी बातलरखी रहती हें। उनहें कौन सां पता चलने वाला हें कि कितनी शराबकम हैं।
मोहित भि इसबात पर्र सहमत हौ जाता हें। औऱ दोनों भइया वाईन कि एक् बोतलउठा लाते हें। औऱ एक् एक् पैगबना लेते हें। दोनों एक् हि घूंट मे अपने अपनेपैग खतमकर देते हें। औऱ कुछ नमकीन खा लेते हें। दोनों हि शराब केँ मामले मे अभि नौशिखिये हि थें। दोनोपैग पीने केँ बादइधर उधर कि कुछ बाते करने लगते हें। फिन मोहित एक् पैग औऱ दोनो कां बना देता हें। दोनों भइया वोँ पैग भि पी जाते हें। दोपैग पीने केँ बाद दोनों भाईयों कों थोडा थोडा नशा होने लगता हैं। फिन मोहित टेलीविज़न मे सर्च करता हें। “मिल्फ पार्न इन रैड़ ड्रैस” यहदेख कर रोहित कों थोड़ी हैरानी होती हें। औऱ वोँ मोहित सें पूछतहैं।
रोहित- क्याँ हुआ भइया मिल्फ रैड़ ड्रैस मे ऐसा क्याँ सर्च किया।
मोहित- बसऐसे हि मन किया तोँ कर लिया।
दोनों भइया एक् पार्न देखने लगें जिसमें एक् सेक्सी सि 40 साल कि महिला एक् रैड़ कर्लर कि ड्रेस मे थि। औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपने कपड़े उताररही थि। जिसेदेख कर दोनों भाईयों केँ लण्ड बहोत हार्ड हौ चुके थें। इसीबीच दोनों भइया एक् एक् पैग औऱ पी लेते हें। जिससे तीनतीन पैग हौ जाने केँ कारणअब दोनों कों अच्छा खासानशा भि होनेलगा थां। तभी रोहित कहता हें।
रोहित- वैसे भइया रैड़ ड्रैस मे लग तोँ आज मां भि बहोत सैक्सी रहीं थि।
मोहित रोहित कि यहबात सुनकर हँसने लगता हें। औऱ कहता हैं। “साले तुँ मां केँ बारे मे भि अबऐसा सोचने लगा हैं। बहोत बड़ा हरामी हें तुसच मे। ”
रोहित- बात तौ ऐसेकर रहा हें। जैसे तूने तौ मां कों उस ड्रेस मे देखा हि नहि मे देखरहा थां जब तूँ भि मां कि नंगी टागों कों ताड़रहा थां।
मोहित हँसते हुए-हाँ देखरहा थां मगर जौ चीज दिखाई देगी उसपर तौ नजर जाएगी हि। इस मे क्याँ बुराई हें।
रोहित- मैने कहां कहा कि कुछ बुराई हें। मे तोँ कहरहा थां। कि बापू केँ मजे हें। जौ इतनी सैस्सी वाईफ मिली उन्हें।
मोहित- हाँयह तोँ हें। बापू भि पूरा मज़ा लेते हें। मम्मी केँ संग।
रोहित- केसे?
मोहित-अरें मतलब घूमना फिरना मजे करना शराब पीना औऱ सेक्स भि दबाकर करतें होंगे दोनों।
रोहित- दोस्त अगर मेरी वाईफएसी सेक्सी होती तौ मे तोँ रोजजम कर चुदाई किया करता।
मोहित हँसते हुए- साले तुम्हे सच मे नशा हौ गय़ा हें। लगता हें। मां केँ बारें मे ऐसी बातेकर रहा हें।
रोहित- मम्मी हैं तोँ क्याँ हुआ हैं तौ स्त्री हि औऱ वोँ भि इतनी सेक्सी।
मोहित-हाँ दोस्त सेक्सी तोँ बहोत हें। सचकहु तौ कभीकभी तोँ मेरा भि लण्ड खड़ा हौ जाता हें मम्मी कों देखकर।
रोहित-हाँ मेरा भि दोस्त, आजलोजब उनकी टाँगे औऱ बूब्स देखे तोँ देखता हि रह गय़ा। मनकररहा थां अभि कोई महिला मिलजाए चोदने केँ लिए तौ आनंद आँ जाए।
मोहित- चल बाते बहोत हौ गई अबचलकर यह बोतल वापसे अलमीरा मे रखआते हैं जाकर।
दोनों भइया अलमारी मे बोतल रखने केँ लिए जाते हें अलमारी खोलते हें। औऱ मोहित अलमारी मे तय जगहा पऱ बोतल रखने लगता हें। उतने मे रोहित अलमारी कि एक् ट्रार खोल देता हैं जिसमें उसकी मम्मी केँ कुछ पैंटी औऱ ब्राँ रखेहुए थें। दोनों दाई उत्सुक्ता वस उनहे देखने लगतें हैं हाथ मे उठाकर मगर दोनोयह देखकर हैरान रह जाते हें। कि उनमें सें एक् भि साधारण सि पैंटी ब्राँ नहि थि। सारी एक् सें एक् स्टाईलिस्ट थि। अधिकतर तौ उस मे टांग पैन्टी हि थि। औऱ कुछ बेहद हि सैक्सी ब्राँ भि।
रोहित औऱ मोहित दोनो हि यहसभी देखकर हैरान भि बहोत थें औऱ बहोत हि अधिक उत्तेजित भि महशूस कररहे थें। कि यह उनकी सैक्सी मम्मी पहनती होगी। यह सभीदेख कर दोनो केँ लण्ड खड़े हौ गये औऱ दोनो भइयाउन पैन्टीयो कों हाथ मे लेकर उनहें बुर केँ पासआगे वाले हिस्से सें अपनी ऊंगलियों सें सहलाने लगें औऱ अपने लण्ड कों दूसरे हाथ सें मसलने लगें। तभी अपने लण्ड कों रगड़ते हुए रोहित बोला।
रोहित- भइया क्याँ यहसभी पैंटिया हमारी मां हि पहनती होगी।
मोहित- औऱ कोई तौ यहाआता नहि हें इनहें पहन्ने केँ लिए तोँ जाहिर सि बात हें कि येसभी मम्मी कि हि हें। मगर हैरानी कि बातये हें कि इनमें सें एक् भि साधारण याँ पुरानी स्टाईल कि पैंटी नहि हें। तौ क्याँ मम्मी केवल सें हि पहनती हैं। मतलबघऱ मे भि औऱ जब मां हमारे संग होती हें। तौ भि क्याँ वोँ इन टांग पैंटियों मे हि होती हें।
ये विचार आते हि दोनों भाईयों कि जिसम मे एक् उत्तेजना सि दौड़ गई औऱ दोनों भइया बड़ी तोजी सें आपने अपने लंण्ड़ो कों सहलाने लगें।
रोहित- मगर मम्मी तोँ घऱ पर्र अधिकतर सूट औऱ तंग पाजामी हि पहनती हैं। क्याँ उन केँ नीचे वो इन सैक्सी पैंटी औऱ ब्राँ मे होती होंगी। मैंने तौ येसभी मात्र पॉर्न मे हि देखा हें। मेरी तौ हमेशा सें ख़्वाहिश हें कि काश मे किसी महिला कों ईन पैंटियों मे देखू औऱ फिनउसे खूबदबा कर चोदूं।
मोहित- हाँ दोस्त मन तौ मेरा भि बहोत करता हें। मगर क्याँ कर सकतें हें असली मज़ा तोँ पिताजी कां हें।
येकहकर मोहित अपनी मां कि पैंटी कों अपनीनाक केँ पास लेजाकर सुधने लगा औऱ अपनी मां कि पैन्टी सें आँ रही धीमीमगर मादक सुगंध लेनेलगा। रोहित नें भि अपने भइया कों ये करतादेख यही किया औऱ वो भि इस धीमी सुगंध मे खो सां गय़ा। तभी उन्हे कुछ मोहित कों कुछहोश आया औऱ वो पैंटी कों वापस असमारी मे रखकर रोहित कों भि एसा हि करने कों कहा औऱ अलमारी बंदकर केँ दोनो भइयादो भइया वापसहॉल मे आकरबैठ गयें। औऱ फिन सें पर्न देखने लगें। दोनों केँ लण्ड पूरीतरह सें फूलेहुए थें औऱ दोनों भइयाआज पहलीबार अपनी हि मम्मी केँ ख्यालों मे खोएहुए थें।
उधरबार कां माहोल भि गरमाया हुआ थां सुगंधा औऱ संजय भि अच्छी खासी शराबपी चुके थें। औऱ सुगंधा जौ शराब पीने केँ बाद इतनी ज़्यादा कामुख हौ जाती थि कि किसी सें भि चुदने केँ लिए रेडी हैं जाती थि। इस टाइम बोहत उत्तेजित हौ चुकी थि औऱ उसकी बुर भि बहोत गीली होँ चुकी थि। वहीबार मे कुछ जवान लड़के शराब केँ नशें मे नाच रहें थें औऱ उनकीनजर सुगंधा पऱ हि थि। वोँ बार सुगंधा कि तरफ इसारे कियेजा रहे थें। कभीकोई आंख मारता तौ कभीकोई उसकीतरफ किस कां इसारा करता तोँ कभीकोई उसकीतरफ देखकर अपने होठों कों दातों केँ नीचेदबा करउसे अश्लील इसारे कियेजा रहा थां। सगंधा भि येसभी देखकर उत्तेजित हुएजा रही थि व उनकी हरकतों कां जवाब मुस्कुरा करदे रहीं थि। मगर वोँ ल़ड़के सुगंधा केँ पासआने कि हिम्मत इसलिए नहि जुटापा रहें थें। क्योंकि वे जानते थें कि इसकेसंग इसकापती भि हें। संजय भि येसभी देखरहा थां। औऱ लड़को कि समस्या कों भि समझरहा थां। उसे भि इसखेल मे हबुत आनंद आँ रहा थां वो धीरे-धीरे सें सुगंधा कों छेड़ता हुआ बोला “क्याँ हुआ लड़कों केँ पास जाने कां मनकररहा हें क्याँ” येसुन कर सुगंधा थोडा सां शरमा गयीँ, मगर अपने जिसम कि आग सें मजबूर होकर बोलीं। “हाँकर तौ रहा हैं। मगरयह लड़के भि केवलदूर सें हि ईशारे कियेजा रहें हें। कोई नजदीक आने कि हीम्मत हि नहि कररहा हें। ” तोँ संजय कहता हें। कि
संजय-यह लड़के शायद मेरेयहा होने कि वजह सें हिम्मत नहि जुटापा रहें हें। ठीक हें मे टायलेट होकरआता हूं तुम् मजे करों औऱ यहां नंगी होकर खड़ीमत होँ जानां बार मे औऱ भि बहोत शारेलोग हें।
येकहकर संजय हसने लगें। सुगंधा भि अपनेपती कि इसबात पर्र हंसने लगी औऱ संजय वहां सें उठकर बाथरूम कि तरफ जानेलगा। सुगंधा संजय केँ जाते हि उन लड़को कि तरफ देखने लगी औऱ उन्हें अपनी अदाओं सें निमंत्रण देने लगीं।
ये देखकर ऊन लड़को कां जोश भि बहोत बढ़ गय़ा औऱ उन 5 लड़कों मे सें 2 सुगंधा केँ पासआए औऱ बड़े प्रेम सें सुगंधा सें बोले “क्याँ हम् आपकेसंग ड़ासकर सकतें हें। ” सुगंधा कों तोँ इसीचीज कां इनंतजार थां। संजय जौ येसभी छिप केँ देखरहा थां मन मे सोचने लगा साला मे जाने केँ बाददो मिनट कां भि प्रतीक्षा नहि कियाटूट पड़ें भेडिये माँस पर्र। सगंधा जैसे हि उन केँ संग ड़ास फ्योल पऱ गई उन्में सें एक् लड़के नें बार मैनेजर केँ बोलकर ड़ांस फ्लोक कि लाईटे डिमकरा दि। लाईटे डिमकर दि गई मगर इतनी भि नहि कि कोई उन्हें देख नाँ सकेंबस इतनी कि सुगंधा कां ध्यान अब अधिक लाईट होने कि वजहा सें इधरउधर नां जाए सुगंधा तोँ पहले सें हि नशे मे औऱ काम वासना केँ नशें मे थि अबउन लड़कों नें भि देर नाँ करतेहुए सुगंधा कों घेर लिया औऱ सभीलोग शलो ड़ांस करने लगें। औऱ एक् एक् कर सुगंथा केँ बदन कों छूने लगें सुगंधा नें किसी कां कोई विरोध नहि कियाये देखकर उनकी हिम्मत औऱ ज़्यादा बढ़ने लगी औऱ एक् लड़का सुगंधा केँ बिल्कुल पीछे चिपक गय़ा औऱ अपना लण्ड सुगंधा कि गाण्ड पऱ रगड़ने लगा औऱ एक् लड़काआगे आकर सुगंधा केँ सीने सें अपना सीना चिपका दिया औऱ अपनेहोठ उसकेहोठ केँ बिल्कुल पास लेँ आया सुगंधा कि चुच्ची उसके सीने सें दबनेलगी औऱ उसकी उसके गाउन केँ खुलेहुए हिस्से मे हाथ डालकर उसकी टांगो सें लेकर उसकी जांघों कों सहलाना शुरुआत कर दिया। आगे वाले लड़के नें उसको धीरे-धीरे धीरे-धीरे होठों पर्र किस करना शुरुआत कर दियाये सभीदेख माहोल बहोत हि गर्म होताजा रहा थां। सुगंधा भि अपना सईयम खोतीजा रही थि। इसीबीच औऱ लड़के भि अपने आप् कों काबू मे नाँ रख सकें औऱ सब सुगंधा कों चारोतरफ सें घेरकर टच करने लगें। ये सभी देखकर संजय कों लगा कि येसभी तौ सबलोग देख लेंगे सुगंधा कों वोँ अच्छी तरह सें जानता थां। उसेपता थां कि सुगंधा एक् बार गर्म होँ जाए तौ वोँ कुछ भि नहि देखेगी कि आसपास औऱ हें। औऱ क्याँ चलरहा हें। तोँ वो बार केँ मैनेजर केँ पास गय़ा जोँ कि संजय सें अच्छी तरह सें परिचित थां। क्योकि संजयइस क्लब कां रेगुलर कस्टमर थां औऱ बहोत पैसे वाला भि थां। इसलिए बार मे उसकीबात खूब चलती थि। वो मैंनेजर सें बोला कि ड़ास क्लोर कि लाईटकुछ देर केँ लिएबेद कर दि जाए। मैनेजर बोलासर मे येकर तोँ सकता हूं मगर मात्र 5 मिनट केँ लिए नहि तोँ मेरीजॉब पर्र बन चाएगी। संजय राजी होँ गय़ा औऱ ड़ांनस क्लोर कि लाईट 5 मिनट केँ लिएबंद कर दि गई अबउन 5 लड़को कों औऱ उनकेबीच दबी सुगंधा कों कोई नहि देख सकता थां। इसबात कां अहसास होते हि वोँ पाँचों लड़के आपे केँ बाहर् हौ गये औऱ सुगंधा कों चारोतरफ सें रगड़ने लगे 2 लड़के उसकी चुच्ची दबाने लगेंकोई उसकी गाण्ड दबारहा थां तोँ कोई उसकी टांगो पर्र हाथफेर रहा थां तभी एक् लड़के नें अपनाहाथ उसके खुलेहुए गाउन मे सें हाथ डालकर सीधा उसकी पेंटी केँ ऊपर उसकी बुर पऱ जारखा जौ कि बहोत गीली हौ चुकी थि। गीली पेंटी औऱ बुर कां अहशास होते हि वो लड़का धीरे-धीरे सें बोला साली बहोत बड़ी रण्डी हें। पूरीचीत गीली होँ चुकी हें इस कि ये सुनते हि सब लड़के जोस मे आँ गयें औऱ बुरीतहर सें सुगंधा कों नेचने लगें। चुच्ची पे सें गाउन खिसका कर उसकी चुच्ची नंगीकर दि गई। पैंटी साईड मे कर केँ बुर मे उगंली डाल दि औऱ एक् नें पीछे सें उसकी गाण्ड मे ऊंगली डाल दि। सुगंघा पागल होँ गई, थि औऱ जोरजोर सें मोन करनेलगी मगर म्यूजिक कि तेज आवाज़ मे इन पाँचो केँ अलावा कोई उसकी आवाज़ नहि सुन सकरता थां। तभी अचानक सें ड़ांस फ्लोक कि एक् लाईटजला दि गई लाईट बहोत तेज तौ नहि थि मगर उन्हें देख पाने केँ लिए बहुत थि बार केँ सबलोग अपने इन्जाय मे लगे थें किसी कां ध्यान एकदम सें उनपर नहि गयां। मगर संजय कि नजर वहीं थि उसनेये नजारा देखा उसकेहोश उड़गये उसकी पत्नि पाँच लड़कों केँ बीच करीब नंगी खड़ी थि कोई उनकी चुच्ची दबारहा खाकोई उसकी बुर मे ऊगंली कररहा थां। तोँ कोई उसकीगोल गाँड मे उगंली डालेहुए थां। संजय कां भि यहसभी देखकर लण्ड तम्बू कि तरहतन गय़ा। मगर उसनेये सभी रोकने मे हि समझ दारी समझी। लाईटआने कां अहसास होते हि वोँ लड़के भि सुगंधा सें दूर होने लगें औऱ झटपट उसके कपड़े ठीककर दिएगए तभी संजय भि वहा पहुच गय़ा सब लड़के संजय कों देखकर अलग हौ गये औऱ संजय सुगंधा कां हाथ पकड़कर वहा सें दोबारा बार टेबल पऱ लें गय़ा।
सुगंधा कों तोँ बसअब सेक्स चाहीए थां। वो संजय सें बोलि कि क्याँ हुआ आप् मुझेवहा सें ऐसे क्याँ लेँ आए तोँ संजय बोला “जानेमन यहाबार मे कम सें कम 100 सें 150 लोग हें अगरसब कों पताचल गय़ा वहा क्याँ चलरहा थां तौ तेरी तौ आज बुर कां भोषड़ा बना हि देंगे संग हि बदनामी होगी वोँ अलग। सुगंधा भि संजय कि बात सुनकर कुछहोश मे आई औऱ मुस्कुराने लगी। तभी संजय औऱ सुगंधा बार सें निकलकर अपनीकार मे गागये। सुगंधा बहोत गर्म थि अपने आप् कों रोक नहि पारही थि वाहन मे आते हि अपना गाउन उतार फेंका औऱ अपनी बुर सहलाने लगी। संजयये देखकर मुस्कुराने लगा। संजय कों सुगंधा कों सेक्स मे तड़पते देखने मे बहोत आनंदआता थां। सुगंधा अब अपनाआपा खोतीजा रही थि। औऱ उसने अपनी पेंटी भि उतार फेंकी औऱ अपनीचीत मे उंगली करनेलगी।
औऱ थोड़ी हि देर मे गाड़ी कि सीट पर्र घोड़ी बन गई, औकर अपनी गांड औऱ बुर दोनो संजय कि तरफकर उनमें अपनी ऊगंलीया डालकर संजय कों उकसाने लगी।
संजय भि येसभी देखकर बहोत उत्तेजित थां मगर वो जल्द सें जल्दघऱ पहुचना चाहता थां तोँ उसने व्हीकल चलाना शुरुआत कर दिया औऱ सुगंधा कि इस हालत कां आनंद लेनेलगा व्हीकल केँ शीशे काले थें तौ कोई बाहर् सें उन्हें देख भि नहि सकता थां। जल्द हि दोनों घऱ पहुचगये संजय नें सुगंधा कों कपड़े पहन्ने कों कहा सुगंधा नें अपना गाऊनपहन लियामगर जब वो पैंटी पहन्ने लगी तोँ संजय नें उस कि पैंटी लें ली औऱ उसे बिना पेंटी केँ हि अंदर जाने कों कहा वो भि इस केँ लिए राजी हि थि।
घऱ केँ अन्दर कां माहोल ये थां कि मोहित औऱ रोहित व्हीकल कि आवजसुन कह जल्द सें टेलीविज़न बन्दकर केँ अपनेरूप कि तरफ भागें औऱ एसे एक्ट करनेलगे जैसेकब सें सो रहें होँ औऱ अपने करमे कां गेट थोडा सां खोलकर देखने लगें कि मां पिताजी किस हालत मे घऱआए हें। सुगंधा नें आदरआते हि संजय कों पकड़ किया औऱ उसके होठों कों बुरीतकह चूमने लगी। संजय भि उसे बुरीतकह चूमने लगा दोनो एक् दूसरे मे पूरीतरह खो सें गये थें। उन्हें बिल्कुल अहसास नहि थां कि वो अपनेरूम मे नहि बल कि बाहर् हाँल मे हें। संजय सुगंधा कि गोल गाँड कों दबाने लगा औऱ एक् हाथ सें चुच्ची दबाने लगा सुगंधा भि अपनी बुर संजय केँ लण्ड पऱ कपड़ो केँ उपर सें हि रगड़ने लगी। संजय नें तभी सुगंधा कों अपनीगोद मे उठाया औऱ रूम मे लेँ गय़ा मोहित औऱ रोहित कां ये देखकर बुराहाल थां। संजय सुगंधा कों रूम मे लेँ जाते टाइम जौ सुगंधा कि पैंटी उसकेहाथ मे थि उसे बाहर् हॉल मे भूल गय़ा। मोहित कि नजर जैसे हि उस पैटी पऱ गय़ा वो भागकर गय़ा औऱ वो पैंटी उठाली औऱ देखा वो पैंटी पूरीतरह सें गीली थि। वोँ उस पैंटी कों सूघने लगा। तभी रोहित नें वो पैंटी मांगी औऱ मम्मी कि बुर केँ साहमने सें उसे चाटने लगा दोनो भइया बारी बारीउस गीली पैंटी कों सूघने औऱ चाटने लगे। इसी बीच कमरे मे सें सुगंधा केँ चुदने कि औऱ जोरजोर सें चिल्लाने कि औऱ मॉन करने कि आवाजे आनेलगी। येसभी सुनकर औऱ अपनी मम्मी कि बुर केँ रस मे भीगी पैंटी कों सूघते औऱ चाटते हुए दोनो भइया अपने लण्ड पैंट सें बाहर् निकाल केँ हिलाने लगे औऱ सुगंघा कि आवाज़ औऱ तेज होती गई, दोनो भाईयो केँ हाथ भि अपने अपने लण्ड पर्र औऱ तेज चलतेगये। इसीबीच सुगंधा औऱ संजयझड़ गये औऱ बाहर् मोहित औऱ रोहित नें भि करीबसंग मे हि अपना पानी निकाल दिया वासना कां एक् तूफान शान्त हुआ। दोनों भइया अपनेरूम मे जाकरसो गये।
आगे कि स्टोरी अगलेभाग मे यहा तक कि स्टोरी कैसीलगी जरूर बताना औऱ मे सैक्स किस्सा राईटिग मे नयीहू कुछ गलती हौ जाए तौ माफ करना औऱ कुछ किस्सा केँ लिए आपके सुझाव होँ तौ जरूर देना। अगला पार्ट जलद हि।
लुच्ची माँ और हरामी बेटे। - माँ बेटा – New Episode
Update 2
वासना कि वो रातबीत गई। सुभहहृई जाहिर सि बात हें कि सब कि आँखे सुबहा देर सें खुलीसभी सें पहले सुगंधा हि उठीरात मे कितना भि देर सें सोई हौ याँ अईयाशी क्यो नां कि हौ घऱ पर्र आँखे तोँ सबसे पहलेघऱ कि गृहणी कि हि खुलती हें। सुगंधा नें उठकर देखा तोँ सुबहा केँ 10 बज चुके थें। खैर अधिक तकलीफ़ कि कोईबात तौ नहि थि। क्योंकि दोनो बच्चों कि भि छुट्टी चलरही थि औऱ पती कां भि अपनाकाम थां जिस टाईम चाहें उठेजिस टाईमजाए कोई पूछने याँ रोकने वाला तोँ थां नहि। सुगंधा नें उठकर अपनेबदन कि हालत देखी तौ मुस्कुरा दि सुगंधा बिल्कुल नंगी थि। औऱ उस केँ बदन पर्र उसकेपती केँ वीर्या केँ निशान साफ दिखाई दे रहें थें। पलंग पूरी तरहा सें अस्त व्यस्त थां उसकापती संजय भि उसी कि बगल मे नंगा लेटाहुआ थां। सुगंधा कां तोँ मन थां कि एक् बार औऱ उस कां पती सुबहा सुबहा हि उसकी वासना कों शांत करें। रात कां नशा अभि भि पूरी तरहा सें उतरा नहि थां औऱ नां वास्ना पूरीतरह सें शांत हुइ थि। वैसे तौ इस महिला कि वासना कभी शांत होती हि नहि हें मगरजिस दिन शराबपी होँ औऱ रात जौ कुछ उसकेसंग क्लब मे हुआउस केँ बाद तोँ आज पूरादिन हि सुगंधा कि बुर पानी छोड़ने वाली थि। मगर वो जानती थि कि आभी अपनेपती सें कुछ भि करने कि उम्मीद रखना बेकार हें। अभि वो कुछ भि करने वाला नहि हें। ‘मर्दों कां क्याँ हें। जब अपनामन हुआकर लियाजब नहि तोँ धिक्कार दिया। हम् औरतों कों तोँ अपने जिशम कि जरूरतें भि इनकी ख़्वाहिश केँ अनुसार हि पूरी करनी पड़ती हैं। ’ यहीसभी सोचते हुए सुगंधा अपनेखाट सें उठी औऱ रूम मे हि मैजूद बाथरूम मे नहाने चली गई,। नहाकर वापसआई तौ देखा कि अभि भि सभीलोग सो हि रहें हें। सुगंधा कों थोडा तोँ अजीबलगा। कि वोँ औऱ संजय तौ रात कों बर्थडे पार्टी कर केँ आए हैं इसलिए लेट तक सोइमगर उनके बेटे क्यूं आज इतनीदेर तक सो रहें हें। उसे क्याँ पतारात उसके बेटे भि शराब केँ नशें मे उसकी चुदाई कि आवाजे सुनकर मुठमार रहें थें। खैर सुगंधा सबसे पहले अपने बेटों केँ कमरे कि तरफ हि गई उन्हें जगाने। सुगंधा नें कमरे कां दरवाजा खोला दोनो बेटे पलंग पऱ बेसुद्ध पड़े थें। सुगंधा नें उन्हें आवाज़ लगाई।
सुगंधा- उठो बेटा कब तक सोते रहोगें। देखों साड़े दसबज गयें हें। इतनीदेर तक तौ तुम् लोगकभी नहि सोते।
मोहित कसमसाते हुए बोला-बस उठरहे हें मम्मी पाँच मिनट।
सुगंधा मन मे पता नहि आज क्याँ हुआ हें। इनहें खैर- जल्द उठों मे ब्रेकफास्ट बनारही हूं तब तक फ्रैस होकर बाहर् आँ जाओ वरना तुम्हारें बापू क्रोध करेंगे।
इतना कहकर सुगंधा कमरे सें बाहर् जानेलगी कि तभी उसकीनजर वही फर्स पऱ पड़ी अपनीलाल रंग कि पैंटी पर्र पड़ी सुगंधा येदेख कर हैरान रह गई कि उसकीये पैंटी यहा केसेआई ये तौ उसनेरात कों पहनी हुईँ थि। उसनेफीर वो पैंटी उठाई तौ देखा उसकी पैंटी पर्र उसके बुर केँ पानी केँ निशान अभि भि मौजूद हें। सुगंधा येदेख कर थोडा मुस्कुरा दि मगर सोचने लगी कि ये पैंटी बेटों केँ कमरे मे केसेआई। सुगंधा कों फिनयाद आया कि ये पैंटि तौ व्हीकल सें उतरते टाइम संजय नें अपनेहाथ मे रखी थि। औऱ सुगंधा कों पहनने नहीं दि थि। तौ सायाद संजय कि लापरवाही केँ कारण हि ये पैंटी यहा हें। सुगंधा फिन संजय कों उठाने अपने कमरे मे गई संजयउठ चुका थां। बसखाट पर्र लेटाहुआ थां। सुगंधा नें उसेउठा हुआदेख मुस्कुराई औऱ गुड़ मार्निंग बोला। संजय नें भि मुस्कारन केँ संग उसका जवाब दिया। सुगंधा नें तब संजय कों वब पैंटी दिखाते हुएकहा कि येरात तुम् कहा फैंकआए थें।
संजय- मुझे तौ कुछयाद नहि क्यूं क्याँ हुआ।
सुगंधा- याद करों! मुझेये पैंटी रोहित मोहित केँ कमरे सें मिली हें।
ये सुनकर संजय भि थोडा चौंक गय़ा। – वहांये केसे गई।
सुगंधा- अबये तोँ तुम् हि जानों। तुमहारे पास हि थि येरात मे।
संजयफिन कुछयाद करतेहुए बोला-हाँ यादआया ये तौ कलरात मे बाहर् हाँल मे हीं छोड़आया थां।
सुगंधा- तोँ फिनयह उनके कमरे मे केसे गई।
संजय-यह तौ वोँ दोनों हि जाने। शायदरात कों किसी कि आँख खुली होँ बाथरूम गय़ा हौ तौ वहाये देखकर अपनेसंग लें गय़ा होगा।
सुगंधा- अपनेसंग क्यो लेँ गय़ा होगा।
संजय नें वो पैंटी सुगंधा केँ हाथ सें ली औऱ उसे देखने लगा वो पैंटी सुगंधा कि बुर कि जगहा सें अभि भि थोड़ी गीली थि। औऱ बाकीउस पर्र सुगंधा कि बुर केँ पानी कां निशान तौ थां हि। संजयउसे अपनीनाक केँ पास लेजाकर सुंधता हुआ बोला। – इतनी मादक बुर कि खुसबू औऱ तुम्हारी ये सैक्सी पैंटी भलाकौन जवान लड़का नहि सूधंना चाहेंगा। सूंधना हि क्याँ चाटना भि चाहेंगा।
ये कहकर संजय हँसने लगा।
सुगंधा उसकीये बात सुनकर शरमा सि गई। औऱ बोलीं- कुछ भि मत बोलों बेटे हें वोँ हमारे भला अपनी मम्मी केँ बारे मे भि कोई बेटा ऐसासोच सकता हें।
संजय-यह बुर औऱ लण्डकरा जौ नाता हें इसके आगें बाकी सारे रिश्ते फेल हौ जातें हें। औऱ इंसान कों दिखाई देती हें केवलहवष।
सुगंधा भि कही नां कही संजय कि इसबात सें सहमत तौ थि फिन भि उसकीबात कों नकारते हुए बोलीं- कुछ भि मतकहो औऱ चलो जलदी सें उठों मे ब्रेकफास्ट बनारही हूं। जल्द सें तईयार होकर बाहर् आओ।
संजय भि खाट सें उठनेलगा सुगंधा बाहर् जानेलगी। सुगंधा नें बाहर् जातेहुए एक् बारफीर सें संजय कि तरफ मुड़कर देखा तौ संजय नें उसकी पैंटी जौ अभि भि संजय केँ हाथ मे थि कों जीभ सें चाड़ते हुए सुगंधा कि तरफदेख कर मुस्कुराया सुगंधा भि ये देखकर शरमा सि गई औऱ मुस्कुराते हुए कमरे सें बाहर् आँ गई। उसकी बुर सें पानीआने लगा थां। सुगंधा जाकर ब्रेकफास्ट तईयार करती हें। तभी रोहित औऱ मोहित भि तईयार होकर बाहर् हाँल मे आँ जाते हें। तभी दोनो भाईयों कि नजर अपनी मां पर्र पड़ती हें। सुगंधा नें एक् बहोत हि सैक्सी बैंगनी रंग कां सलवार कमीज पहनाहुआ थां जौ कि उसके शरीर पऱ बहोत हि ज़्यादा कसाहुआ थां जिसमें सें उसके फिगर केँ सबअंग निखरकर नजर आँ रहें थें। उसकी मोटी गाँड़ औऱ बड़े बड़े चुच्चे उसमें खूब निखरकर दिख रहें थें। कुछऐसे।
वैसे तोँ सुगंधा अक्सर घऱ पर्र एसे हि कपड़े पहना करती थि औऱ दोनों बेटेउसे ध्यान सें देखा भि करते थें मगरआज कि बातकुछ अलग हि थि। कलरात जोँ कुछहुआ उनकी मम्मी कां वो सैक्सी रूप उनका अपनी मां कां सैक्सी पैंटी औऱ ब्राँ देख्ना रात कों नशे कि हालत मे सुगंधा कां आपे सें बाहर् होना उसकी सैक्सी आवाजें चुदते वक्त औऱ उसकी वो गीली पैंटी अभि भि दोनों बेटों केँ दिमाग़ मे घऱकिए हुए थि। दोनों हि बड़े ध्यान सें ब्रेकफास्ट बनाते हुए सुगंधा कि भारी गाँड देख रहें थें। जोँ कि हँल मे बैठकर ओपन रसोई मे आसानी सें देखीजा सकती थि। तभी सुगंधा ब्रेकफास्ट लें आती हें। औऱ ब्रेकफास्ट टेबल पर्र रख देती हें। इनते मे संजय भि वहा आँ जाता हें। औऱ सभीलोग बैठकर ब्रेकफास्ट करने लगते हें। रोहित औऱ मोहित कि नजरें बारबार अपनी मां पऱ हि जारही थि। वोँ बैठेहुए अपनी मां केँ बूब्स कों हि घूरेजा रहें थें। सुगंधा कि नजर भि एक् दोबार उनपर पड़ीउसे थोडा अजीब तौ लगामगर उसने नजरअंदाज कर दिया। तभी सबका ब्रेकफास्ट पूराहुआ औऱ संजय उढकर आपने आँफिस चला गय़ा। रोहित औऱ मोहित भि ब्रेकफास्ट करने केँ बाद अपने कमरे मे आँ गयेंमगर दोनों केँ मन मे हि आपनी मां कां सैक्सी फिगर हि चलरहा थां। मगर हिचक केँ कारण दोनों मे सें कोई भि इस बारे मे एक् दूसरे सें ज़्यादा बात नहि कररहा थां। तभी रोहीत बोलता हें।
रोहित- मोहित भइया वोँ रात कों जोँ मां कि पैंटि हम् रूम मे लेकरआए थें वो कहां रखी थि।
मोहित कि पैंटी कि बातयाद आते हि गांड़ फट गई उसेयाद आया कि वो पैंटी तौ वो रात कों मुट्ठ मारने केँ बाद कमरे मे हि कही ड़ालकर सो गय़ा थां। वो इधरउधर देखता हें। मगरउसे वो पैंटी कही नहि मिलती हें। तब वो कहता हैं- दोस्त पैंटी तोँ यहीकही होनी चाहिए थि। तूने तोँ कही नहि देखी।
रोहित- नहि भइयारात मे मेरेबाद तौ वो पैंटी तेरे हि पास थि तूँ हि उसे सूंध औऱ चाटरहा थां मेरेबाद।
रोहित कि बेशर्मी सें कही गई बात सुनकर मोहित भि हँस दिया। औऱ बोला- वो सभी तोँ ठीक हें मगर वो गई कहा।
रोहित- क्यूं फिन सें सूंघने कां मनकररहा हैं क्याँ।
मोहित- अरें बकवास कमकर सुबहा मां कमरें मे आई थि। अगर उनहें मिल गई होगी तोँ क्याँ होगा।
मोहित कि बात सुनकर रोहित भि थोडा घबरा गय़ा। मगर रोहित थोडा ज़्यादा बेफिक्र मन कां थां। बोला- अरेंअगर मां कों मिली होती तौ कुछ बोलती नाँ। औऱ वैसे भि मम्मी पिताजी दोनों रात नशें मे थें। किसी कों कुछयाद नहि होगा। तूँ डैन्शन छोड़। मोहित भि इसबात पऱ थोडा सहमत हौ जाता हें। तभी रोहित आगें बोलता हें।
रोहित- वैसेयाह अगर वो पैंटी एक् बार औऱ मिल जाती तोँ मज़ा आँ जाता।
मोहित- क्यूं फिन सें उसे सूघंकर मुठ मारनी हें क्याँ।
रोहित- हाँ दोस्त मन तौ कररहा हें।
मोहित- तोँ जा नां मम्मी नें आज भि तोँ पैंटी पहनी होगीजा कर वोँ माँगला मम्मी सें उसे सूंध लेना।
मोहित कि बात सुनकर रोहित हंसने लगा। औऱ बोला-काश माँग सकता वैसे मां नें आजकौन सि पैंटी पहनी होगी।
मोहित- यह तोँ नहि पतामगर जोँ भि पहनी होगी होगी सैक्सी हि क्योकी मम्मी कि अलमारी मे सारी पैंटी थि एकदम सैक्सी वाली।
रोहित- हाँ दोस्त येबात तोँ हें। वैसे पिताजी केँ हैँ मजें दोस्त मां हें तौ मस्त सामान ऐसामाल एक् बारमिल जाए तौ आनंद आँ जाए।
मोहित भि रोहित कि इसबात सें सहमत थां। बोलता हें। - याह बहुतदिन हौ गए बुर नहि मारी क्यो नां किसी रंण्डी कों पेलाजाए। वैसे भि कलरात सें दिमाग़ मे केवल बुर हि चलरही हैं।
रोहित भि सहमती देता हें। औऱ करता हें। – हाँ दोस्त मन तौ बहोत कररहा हें। देख दलाल सें बातकर केँ मगर किसीकम उम्र कि लड़की कों मत बुलाना किसी गदराई हुए स्त्री कों बुलाजिस केँ बड़े बड़े चुच्चे औऱ गाँड़ हों मां कि तरहा।
मोहित रोहित कि बातसुन कर हँसता हें औऱ कहता हें- क्याँ बात हें तेरे दिमाग़ मे तौ मां हि बस गई हें लगता हें रण्ड़ी भि उनके जैसी हि चाहिए तुझें।
रोहित- हाँ दोस्त बात तौ सही हें। मगरझूठ मतबोल क्याँ तेरामन नहि डोला मम्मी कों कलरात इस हालात मे देखकर औऱ आज सुबहा भि उनकी मोटी गाँड ध्यान सें नहि देखरहा थां।
मोहित भि रोहित कि बात सुनकर थोडा हिचकता हें। औऱ हाँ मे मुस्कुराते हुएशिर हिला देता हें। फिन मोहित रंडियों कों दलाल कों मोबाइल मिलाता हें। दलाल उनका मोबाइल उठाते हि बोलता हें। – क्याँ बात हें। सर बहुत दिनों केँ बातयाद किया। कहा गायब थें।
मोहित- अरेंकही नहि दोस्त वोँ सभी छोड़ों आजरात केँ लिए इंतजाम होँ सकता हें क्याँ।
दलाल-हाँ हाँ बिलकुल होँ सकता हैं। एक् सें एक् नईनई लड़किया आइ हुई हें। बताइए कैसीभेज दूँ।
मोहित- नहि याहकोई महिला चाहिए भरेहुए औऱ कसेहुए जिस्म कि। लड़कियों कि मारने कां मन नहि हें। कोई गदराई सि स्त्री हौ तौ बताओं।
दलाल-पता नहि सरयह मारकिट मे औरतों कि माँग इतनी क्यूं बढ़ती जारही हें। सबनएनए लड़के औरते हि माँग रहें हें। फिलहाल तोँ कोई महिला नहि हें आपके लायकइन औरतों केँ रेड बोहोत हाई होते हें। औऱ जल्द सें यह धंधे पऱ लगती भि नहि हें।
मोहित- ठीक हें फिनकोई महिला एसी मिले तोँ बताना।
ये कहकर मोहित मोबाइल रख देता हें। औऱ रोहित सें कहता हें- लेँ दोस्त यहा भि बात नहि बनी लगता हें। हाथ सें हि काम चलाना पड़ेगा।
रोहित- हाँबात तौ सही हें। औऱ येकहकर रूम मे मैजूद कम्पयूटर खोल लेता हें। औऱ उसमें पॉर्न शर्च करने लगता हें। रोहित आज भि मिलफ पॉर्न हि शर्च करता हें। मगरआज कल कि तरह मिल्फ इन रैड़ ड्रैस नहि बल्की मिल्फ इन पर्पल ड्रैस शर्च करता हैं। मोहित भि ये देखकर रोहित कि तरफ देखकर हँसने लगता हें। औऱ कहता हैं- इतना हि मनकररहा हें। तौ पॉन छोड़ बाहर् जाकर हि देख लें लाईव।
दोनों भइया इतना कहकर हँसने लगते हें। औऱ पॉन देखने लगते हें। उधन सुगंधा भि बाहर् अपनाकाम निपटा करकुछ फ्री होती हें। तौ थोड़ी देर टेलीविज़न देखने बैठ जाती हैं। जैसे हि टेलीविज़न खोलती हैं। देखती हें कि टेलीविज़न मे वैबपेज खुलाहुआ हें। जौ कि उसके बेटेरात कों देखरहे थें। औऱ मां बापू केँ आने कि आवाज़ सुनकर टेलीविज़न सीधाबनद कर देते हें वैबपेज कों बंद नहि करते जल्द बाजी मे। जैसे हि वैबपेज खुलता हें। सुगंधा हैरान रह जाती हें। उसमें पॉनपेज खुलाहुआ थां जिसमें एक् मिल्फ कि पार्न चलरही थि। सुगंधा ये देखकर हैरान होँ जाती हैं। हैरानी इसबात कि नहि थि कि उसके बेटेपॉन देखरहे थें। ये तोँ सुगंधा कों भि पता थां कि येसभी इस उम्र केँ लड़कों केँ लिए नार्मल सि बात हें। मगर हैरानी अधिकइस बात कि थि कि वो एक् मिल्फ पॉन थि। औऱ स्त्री करीब-करीब सुगंधा कि उम्र कि थि। फिन सुगंधा वैब कि शर्च हिर्स्टी चैक करती हैं। तौ देखकर हैरान रह जाती हैं। कलरात कि राही हिर्स्टी मिल्फ कन्टैंट पऱ हि थि। ये तक कि मिल्फ इन रैड़ ड्रैस देखकर तोँ वो हैरान हि रह गई क्यो कि कलरात उसने भि लालरंग केँ हि कपड़े पहन रखें थें। फिन वो औऱ देखती हें। तौ उसे उसमें कुछ इंसैस्ट कन्टैंट भि मिलता हें। जिसमें मां बेटे कां सैक्स विडियों थां। सुगंधा येदेख कर हैरान रह जाती हें। एक् बार वो पलटकर अपने बेटों केँ रूम कि तरफ देखती हें। जिनका रूम अंदर सें बंद थां। तोँ वो भि टेलीविज़न कि आवाज़ कमकर केँ वो भि वो पॉन देखने लगती हें। उसे भि वो पॉन देखने मे आनंदआने लगता हें। उसपॉन मे एक् मां औऱ बेटा एक् होटल केँ रूम मे स्टे करने केँ लिए जाते हें। औऱ एक् हि बैड पऱ सोते हें। रात कों बेटा मां केँ जिस्म कों टच करने लगता हें। औऱ मां भि सोने कां नाटक करतेहुए इससभी कां मज़ा लेँ रही थि। उसपॉन कों देखकर सुगंधा भि गरम हौ जाती हें। औऱ कब उसकाहाथ अपने आप् उसकी बुर पर्र चला जाता हें। ये सुगंधा कों भि नहि पता चलता। वो कपड़ो केँ ऊपर सें हि अपनीचीत कों सहलाने लगती हें। औऱ अपनी दोनों टांगें सोफे पर्र उपररख लेती हें। नजारा बहोत हि कामुक करने वाला थां। साहमने टेलीविज़न पर्र मम्मी बेटे कि पॉर्न चलरही थि साहमने एक् मां अपने दोनों पांव सोफे पर्र रखकर घुटनों सें मोड़कर अपनी बुर सहलारही थि। औऱ दोनों बेटे अंदर कमरें मे अपनी मां केँ बारें मे हि सोचकर मिल्फ पॉर्न कां मज़ा लेँ रहें थें औऱ अपने अपने लण्ड सहला रहें थें। तभी सुगंधा कों कुछहोश आता हें। औऱ वो वैबपेज बंदकर केँ टेलीविज़न भि बंदकर देती हें। औऱ अपनेरूम मे आँ जाती हें। औऱ अपने पलंग पर्र उल्टा लेट जाती हें। औऱ इसी बारे मे सोचने लगती हें। कि यहवैब पेज चलाया तौ पक्का उसके बेटो नें हि हें। मगर उन्होने एसीपॉन क्यूं सर्च कि होगी। वोँ भि मिल्फ इन रैड़ ड्रैस जौ उसनेकल रात पहनी हुईँ थि। फिनउसे अपनी पैंटी केँ बारे मे यादआता हें। जोँ कि उसे सुबहा अपने बेटों केँ रूम मे मिली थि। क्याँ वो पैंटी सच मे मेरे बेटे हि अपनेरूम मे लें करगए होंगे औऱ क्याँ किया होगा मेरी पैंटी केँ संग। ये सभी सोचते सोचते उसकाहाथ उल्टे लेटे लेटे हि कबपेट केँ नीचे सें निकलकर उसकी बुर पऱ जाकरउसे सहलाने लगा सुगंधा कों पता हि नहि चला। फिन उसे अपनेपती कि कही हुई बातयाद आती हें। कि जिस कि आग केँ साहमने रिश्ते नहि देखे जाते। औऱ येसभी सोचते सोचते हि सुगंधा अपनी बुर सहलाते सहलाते झड़ जाती हें। औऱ वैसे हि लेटे लेटेसो जाती हें।
लुच्ची माँ और हरामी बेटे। - माँ बेटा – New Episode
Update 3
उधर दोनो बेटे जोँ अभि तक मम्मी केँ बारे मे गंदी बाते एक् दूसरे सें करने मे थोडा हिचकिचा रहे थें। अब धीरे-धीरे धीरे-धीरे खुलकर बाते करने लगें थें। पॉन देखते देखते कब मोहित मां बेटे कि पॉन सर्चकर देता हें। पता हि नहि चलताफिन दोनों भइया वोँ पॉन देखकर अपने अपने लण्ड बाहर् निकाल कर हिलाने लगते हें। तभी रोहित इंण्डियन मिल्फ डालकर पॉन सर्च करता हें। दोनों भइया पार्न कां आनंद लेँ रहें थें औऱ अपने लण्ड हिला रहें थें कि तभी दलाल कां मोबाइल आँ जाता हें। मोहित मोबाइल उठाता हें। औऱ दलाल कहता हें कि- शर एक् आईटमआई हें। आपके पसन्द कि कहों कों फोटो भेजू मोहित उसे फोटो भेजने कों कहता हें। मोबाइल कट जाता हें। तभी मोहित केँ मोबाइल पऱ दलाल एक् स्त्री कां फोटो भेजता हें। जिसमें एक् महिला थि। स्त्री दिखने मे तौ हसीनमगर उसके नां तौ चुच्चे सुगंधा कि तरह बड़े बड़े थें। औऱ नाँ हि मोटी गाँड सुगंधा कि तरह रसीली। तोँ मोहित औऱ रोहित दोनों हि उस फोटो कों देखकर खुस नहि थें। मोहित रोहित सें पूछता हें।
मोहित- कैसीलगी?
रोहित- नहि दोस्त मज़ा नहि आया नां तोँ इसकी चुच्ची मोटी हें। औऱ नाँ हि गोल गाँड मां केँ जैसी।
रोहित मोहित सें ज़्यादा मूँहफट औऱ बिन्दास तौ थां हि मगर वो जानबूझ कह अपने भइया केँ साहमने मां कां नामबार बार लें रहा थां क्योकि वो जानता थां कि मोहित भि मम्मी केँ बारे मे हि सोचरहा हें। मगर कहने मे थोडा हिचकिचा रहा हैं। रोहित चाहता थां कि मोहित औऱ वो खुलकर अपनी मम्मी केँ बारे मे बात करें।
मोहित रोहित कि बातसुन कर थोडा मुस्कुराता हें। औऱ कहता हें- तुम को तौ मां कां भूत सवार हौ गय़ा हें। आज मां केँ जैसी माँगरहा हें। कलकही मां कों हि नाँ माँगने लगना।
रोहित भि येबात सुनकर हँसने लगता हें। औऱ कहता हें। कि कल कि कल देखेंगे अभि तुइस रण्डी केँ लिए दलाल कों मनाकर दें। मोहित भि मोबाइल लेकर दलाल कों मनाकर देता हें। दोनों भइयाफिन सें पॉन देखने लगते हें। इसबार मोहित बात छेड़ता हुआ कहता हैं- कि तुसच मे मम्मी केँ बारे मे इतनासोच रहा हैं क्याँ?
रोहित- हाँ भइया मम्मी अच्छी तोँ मुझे पहले सें हि लगती हें। मगरकल रात केँ बाद सें तोँ मेरे दिमाग़ सें मम्मी निकल हि नहि रहीं हें। मनकररहा हें। कि काश एक् बारमिल जाएबस। अच्छिया सचसचबता क्याँ तुँ भि मम्मी केँ बारे मे एसा हि नहि सोचरहा क्याँ।
मोहित- हाँ दोस्त सोच तोँ मे भि यहीसभी रहा हूं। मगर सोचने सें क्याँ होता हें। काश वो हमारी मां नाँ होती तोँ जरूर ट्राई करते पटाने कि मगरअब क्याँ कर सकते हें।
रोहित- भइया तोँ क्याँ यह जोँ मम्मी बेटे कि पॉन दिखाते हें। यहसभी नकली होती हैं। औऱ अगर नकली भि होती हैं। तौ इन पर्र इतने सारे व्यू क्यो होते हें। नार्मल पॉर्न सें कही ज़्यादा इसका मतलबलोग इनहें देखते तौ हें। क्याँ येसभी सचमें भि होता होगा।
मोहित- पता नहि दोस्त मगर मैंने एक् दो सैक्स कहानी जरूर देखी हें। जिसमें इंण्डियन मम्मी बेटे केँ बारें मे सेक्स कहानी भि होती हें।
रोहित- अच्छिया मुझे भि दिखा।
मोहित एक् सैक्स कहानी कि साईटखोल देता हें। जिसमें बहोत सारी सैक्स किस्सा थि औऱ हैरानी कि बातये थि कि अधिकतर इंसेस्ट औऱ उसमें सें भि ज्यादातर मां बेटे केँ बारे मे हि थि कहानी। रोहित एक् मम्मी बेटे कि सैक्स किस्सा कों खोल देता हैं। दोनो भइया वो कहानी पड़ने लगते हें। उस किस्सा मे एक् बेटा अपनी मम्मी कों पटाकर चोदता हैं। दोनो भइयाइस कहानी कों पड़कर बहोत गर्म हौ जाते हें। औऱ मुठमार लेते हें। मुठ मारने केँ बाद दोनों भइया कम्पयूटर बन्दतर केँ बैठ जाते हें। औऱ बाते करने लगते हें। कि ये क्याँ येसभी मात्र स्टोरियो औऱ पॉन मे होता हें। याँ फिन रियल लाईफ मे भि एसाकुछ होँ रहा हें। इस दुनिया मे।
मोहित- होने कों तोँ इस दुनियाँ मे सभीकुछ होँ रहा हें। मगर जरूरी नहि हें कि जौ एक् जगहा हौ रहा हें। वो दूसरी जगहा भि हौ जाएहर इंसान कि सोच औऱ समझअलग अलग होती हें। किसी केँ लिएये सही हें। तोँ किसी केँ लिएगलत।
रोहित- हाँ दोस्त येसभी तोँ ठीक हें। मगर हम् लोग भि अधिककुछ नहि कर सकते हें तौ कम सें कम अपनी मां कों ठीक सें देखकर मज़ा तोँ लें हि सकते हैं नां।
मोहित भि रोहित कि येबात सुनकर खुश हौ जाता हैं। औऱ हामीभर देता हैं।
उधर सुगंधा कि आंखे खुलती हें। वो यहीसोच रही थि कि क्यूं वो अपने बेटों केँ बारे मे सोचकर इतना गर्म हौ गई कि दो मिनट मे हि झड़ गई। खैर वो सोचती हें। कि येकलरात सें बेचैनी रहे उसके जिस्म कि वजहा सें हुआ हैं। मगर वो इसबात सें अभि भि हैरान थि कि शायद उसके बेटे उसके बारे मे कुछ नां कुछ तोँ जरूरसोच रहे हें। नहि तौ वोँ पॉर्न हिर्स्टी औऱ उनकी पैंटी कां बेटों केँ कमरे मे मिलना येसभी कुछ तोँ इसारा जरूर करता हें। खैर वो भि ये फैसला करती हें कि वो भि अब अपने बेटों कि हरकतों पऱ थोड़ी नजर जरूर रखेगी।
इतना सोचकर सुगंधा कमरे सें बाहर् आकर खानां बनाने कि तईयारी करने लगती हें। दोनो बेटे भि बाहर् आकर सोफा पर्र बैठकर टेलीविज़न देखे लगते हें औऱ किचन मे खानां बनारही अपनी मां कों देखने लगते हें। जहा अभि तक दोनो भइया एक् दूसरे सें नजरबचा कर अपनी मम्मी कि तरफ देखते थें। वहींआज खुलकर एक् दूसरे केँ साहमने हि अपनी मां कों देखरहे थें। मम्मी कि गोल गाँड बेटो कि तरफ थि तौ दोनोखुल करउसी कि तरफदेख रहे थें। क्यूं कि सुगंधा कि नजर दूसरी तरफ थि तोँ उसके देखने कां कोईडर भि नहि थां। रोहित सुगंधा कि मोटी गाँड दोखते हुए अपने लण्डमसल देता हें। औऱ मोहित सें कहता हें। कि याहएसी मोटी गाँड तोँ मैनेआज तक किसी कि नहि देखी हें। मोहित भि हामी भरता हें- सच मे दोस्त इतनी सुनदर रसीली गाँड तौ ईश्वर नें केवल हमारे बाप केँ नसीब मे हि लिखी हें।
रोहित- ये मैने सुना हें कि जौ स्त्री गोल गाँड मराती हें। उसकी रसीली गाँड अधिकगोल औऱ मोटी हौ जाती हैं।
मोहित- हाँ सुना तौ मैने भि एसा हि हैं।
रोहित- तौ क्याँ इसका मतलब हमारी मां भि रसीली गाँड मराती होती। वरना इतनी सुन्दर गोल गाँड ऐसे हि तोँ नहि होँ सकती हैं।
मोहित- हौ सकता हें। कलरात मम्मी कि पैंटियों केँ स्टाईल देखकर तौ लगता हें। कि बहोत शौकिया किस्म केँ हैं हमारे मां औक पिताजी।
रोहित- दोस्त मे तोँ यहीसोच रहा हूं कि मां नें आजकौन सि पैंटी पहनी होगी।
मोहित- कलरात मां कि दराज मे एक् बैंगनी रंग कि पैंटी थि। शायदआज वही पहनी हौ कपड़ो केँ रंग सें मैचकर केँ।
रोहित- हाँ दोस्त हौ सकता हैं। औऱ वोँ पैंटी तोँ बहुत सैक्सी थि। केवल एक् डोरीभर हि थि पीछे तौ उसमें। औऱ बुर केँ पास भि बहुत सेक्सी सां नेट थां।
मोहित- हाँ वहीं वालीकाश मां कों उस पैंटी मे देखने कां एक् मैहका मिलजाए तौ आनंद आँ जाए।
तभी सुगंधा खानां लगा देती हें। औऱ तीनों मां बेटा एक् संग हमेशा कि तरहा खानां खाते हें। औऱ इधरउधर कि बाते करते रहते हें। मगर दोनों बेटों कि नजर सुगंधा सें बदन पर्र लगातार दौड़रही थि जिंस पऱ सुगंधा भि आज ध्यान देरही थि। बैठे होने केँ कारण दोनों बेटे सुगंधा केँ बूब्स हि देखेजा रहें थें। सुगंधा येसभी देखरही थि औऱ उसे भि थोडा अजीबलग रहा थां। वैसे तोँ सुगंधा इसतरह कि स्त्री थि कि किसी भि मर्द कि नजरजब उस पऱ पड़ती थि तोँ सुगंधा भि जल्द हि गरम होना सुरू होँ जाती थि मगर अपने हि बेटों कि नजर अनपे जिस्म पर्र पाकर वो थोड़ कश्मकश मे थि। खैर खानां ज्लद हि ख्तम हौ जाता हैं। औऱ सुगंधा बर्तन उठाकर वहा सें जाने लगती हें। तभी सुगंधा कों यादआता हें। कि मर्दलोग सबसे अधिक उसकी भारी गाँड कि तारीफ करते हैं। कों क्याँ उसके बेटे भि उसकी रसीली गाँड कों निहार रहे होंगे जैसे उसके बूब्स कों देख रहें थें। वो रसोई मे जाते टाइम अचानक सें मुड़कर देखती हें। सुगंधा सही थि। दोनों बेटे एक् टक उसकीगोल गाँड करो हि निहार रहें थें। सुगंधा नें कबपलट कर उनकीतरफ देखाइस बात कां दोनों भाईयो कों अहशास हि नहि हुआ। सुगंधा येदेख कर थोडा सुहर सि गई औऱ अब किचन मे जातेहुए नां जाने क्यूं उसकी रसीली गाँड कुछ अधिक हि मटकने लगी सुगंधा भि आदत सें मजबूर जौ ठहरी मर्दो कों देखकर उसकी भि मोटी गाँड कुछ अधिक हि मटकरने लगती हैं। दोनो बेटेयह नजारा देखकर अपने अपने लण्ड पकड़कर जोर सें दबाते हें। औऱ एक् दूसरे कि तरफदेख कर एक् बेशर्म सि हसी देते हें। लंच खाने केँ बाद दोनो भइया बाहर् चले जाते हें। सैर सपाटा करने औऱ घऱ मे सुगंधा अजीब सि कश्मकश मे थि कि क्याँ सच मे उस केँ बेटे भि बाकी केँ मर्दो कि तरहउस केँ जिस्म कि तरफ आकर्शित हौ रहें हें। याँ ये केवलउस कां वहम हें। याँ फिनये केवल उनकि जवानी कां एक् असर हें कि उनकीनजर अपने आप् उसके शरीर पर्र चली जाती हैं। इस सें अधिककुछ नहि औऱ सुगंधा कों भि इस बारे मे अधिक नहि सोचना चाहिए। यहीसभी सोचते सोचते सुगंधा घऱ कां कामकर रही थि। कि तभी उसकेपती कां मोबाइल सुगंधा केँ मोबाइल पऱ आता हें।
संजय- हैलो जानेमन क्याँ कररही हों।
सुगंधा- कुछ नहि जीबस आपको हि यादकर कें ठंड़ी आहेंभर रही थि।
संजय- अच्छीया जीएसा क्यो। क्याँ कलरात ठीक सें तसल्ली नहि हुई तुहारी जौ अभि भि ठन्डी आहेभर रहीहों।
सुगंधा मन मे सोचती हें कि मेरा तोँ वैसे हि एक् बार मे कुछ नहि होताऊपर सें कलरात कां नशा औऱ कल क्लब मे हुए कामुक एहशास सें अभि तक उभरी भि नहि थि कि तुम्हारें बेटों कि हरकतों नें फीर सें जिस्म कों एक् करारा करंट कां दे दिया हैं। सुगंधा मन मे सोचती हें। कि मेरापती वैसे तोँ बहुत खुले विचारों कां हें। मेरेसंग दूसरे मर्दों केँ देखने मे उसे बहोत मज़ा भि आता हैं। औऱ किसी भि चीज सें आज तक रोका टोका भि नहि हें तौ क्याँ उसे मोहित औऱ रोहित केँ बारे मे जौ अहशास हौ रहा हें। उसका जिक्र अपनेपती केँ साहमने करना चाहिए। सुगंधा यहीसभी सोचरही थि। कि संजय बोलता हैं।
संजय- क्याँ हुआ जानेमन कहाखो गई।
सुगंधा- नहीं नहि कही नहि बस किचन कां काम हि कररही थि आप् बताईये आपनेआज दिन मे ऐसे मोबाइल केसेकर लियाऐसे तोँ आप् कभी मोबाइल करते नहि हें।
संजय- मैंने सोचा कि मेरी रजिया दो गुड़ों केँ बीचफसी हुइ हें। कहीएसा नाँ होँ कि वे गुड़े पकड़कर रजीयाँ कों रगड़ हि नाँ देयही पूछने केँ लिए मोबाइल किया थां।
सुगंधा हैरान होतेहुए- क्याँ बोलरहे होँ कौन गुंड़े। मे कुछ समझी नहि।
संजय- गुंडे मतलब तुमहारे बेटे दोनो उनके तेवरआज कल मुझेकुछ बदले बदलेलग रहे हें।
सुगंधा- ऐसा क्यो।
संजय-अरे कल मैंने बोला थां नां तुम्हें कि जब तुम् जश्न केँ लिए तईयार हौ करआई तोँ दोनों तुम्हें कुछ ज़्यादा हि गौर सें देख रहें थें। फिन सुबहा उनकें करे मे तुम्हारी गीली पैंटी कां मिलना। फिन सुबहा नाश्ते कि टेबल पऱ भि मैने देखा कि दोनों चोरी चोरीबार बार तुम्हारे शरीर कों हि निहार रहें थें। मै सुबहा उनके साहमने तुमहें कुछबता नहि पायामगर मैंने सुबहा उनकी नजरों मे तुम्हारें लिएकुछ तौ देखा जोँ बेटों कि नजर मे मां केँ लिए तौ नहि होता हें।
लुच्ची माँ और हरामी बेटे। - माँ बेटा - Kahani ab aur interesting hogi
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