शीला की लीला (५५ साल की शीला की जवानी) desi chudai mom son Sheela ki kahani, 55 saal ki jawani, hot chut aur lund ki dastaan. Pyaare vaachak mitron, aaiye padhein Sheela ki leela, jismein chhupi hai ek incest pleasure ki duniya.
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शीला की लीला (५५ साल की शीला की जवानी) - desi chudai mom son – New Episode
साम केँ पाँचबज रहे थें। धोबी कां लड़का कपड़े देनेआया थां। उसे देखकर शीला कां दिल किया कि उसे पटाकर ठुकवा लेँ। पर्र उसका सुककड़ बदन देखकर शीला कि सारी इच्छाएं मर गई। जाते जाते वो पापड़तोड़ पहलवान भि शीला केँ बबलों कों देखरहा थां। शीला भि भूखी नागिन कि तरहउसे देखरही थि। फिन उसने सोचा कि ये२०साल कां लौंडा भला केसे बुझा पाएगी मेरीचुत कि प्यास!!!
शीला कों चाहिए थां एक् मजबूत मर्द.ऐसा मर्द जिसके बोझतले शीला पूरीदब जाए। जोँ बिनाथके शीला केँ भोसड़े कि सर्विस करसके। पर्र ऐसा मर्द कहां मिलेगा। ये शीला कों पता नहीं थां
दिन तोँ जैसे तैसे गुजर जाता थां। पऱ रात निकालनी बड़ी मुश्किल थि। इतनेबड़े घर-मकान मे वो अकेली। पूरीरात करवटें बदलबदल कर बिताती थि।
५५ वर्ष कि अधेड़ उम्र कि शीला कि कामेच्छा अति तीव्र थि। ऊपर सें उसके पति मदन नें उसेऐसे ऐसे अनोखे आसनों मे चोदा थां कि अबउसे सीधे साधे सेक्स मे मज़ा हि नहींआता थां। रोजरात कों वो मादरजात नंगी होकर.अलग अलग स्टाइल मे मूठ मारकर सोने कि कोशिश करती। पर्र जौ मज़ा असली लोडे मे हैं। वो अगर गाजर, ककड़ी याँ शक्करकंद मे होता तौ लड़कियां विवाह हि क्यूं करती!!!
महिला कां जन्मतभी सफल होता हैं जब मस्त लन्ड उसकीचुत मे जाकर भरसक चुदाई करता हैं। मूठ मारना तौ मिसकॉल लगाने जैसा हैं। कोशिश तोँ होती हैं पऱ सही संपर्क नहीं होता.
सुभह५ बजे, फिरसे डोरबेल बजी औऱ शीला कि आँखखुल गई। खुले स्तनों कों गाउन केँ अंदर ठूंसकर, एक् बटनबंद कर वो दूध लेने केँ लिए बाहर् आई। दरवाजा खोलते हि उसकामूड खराब हौ गय़ा। आज रसिक कि पत्नि दूध देनेआई थि।
"क्यूं री, आजदूध देने तुँ आँ गई? तेरामरद नहींआया?" शीला नें पूछते तौ पूछ लियाफिन उसे एहसास हुआ कि इसका दूसरा अर्थ भि निकल सकता थां। गनीमत थि कि वो गंवार स्त्री कों ज़्यादा सूज नहीं थि वरना जरूर पूछती कि आपकोदूध सें मतलब हैं याँ मेरेमरद सें!!!
"वोँ तोँ पास केँ गाँव गय़ा हैं। नईभेस खरीदने। ग्राहक बढ़तेजा रहे हैं औऱ दूधकम पड़रहा हैं। साले जानवर भि चालकबन गए हैं। जितना खाते हैं उस हिसाब सें दूध नहीं देते हैं। " दूधवाले कि पत्नि नें कहा
शीलाहंस पड़ी "क्याँ नाम हैं तेरा?"
"मेरानाम रूखी हैं" उसने जवाब दिया
शीला नें सर सें लेकरपेर तक रूखी कां निरीक्षण किया। आहाहाहा इन गांवठी औरतों कां रूपगजब कां होता हैं.!! शहर कि पतली लौंडियो कां इसकेरूप केँ आगेकोई मुकाबला हि नहीं हैं। ज़ीरो फिगर पाने केँ चक्कर मे। आजकल कि लड़कियों केँ आम सुखकर गुटलियों जैसेबन जाते हैं। औऱ नखरेफिन भि दुनिया भर केँ रहते हैं। असलीरूप तोँ इस रूखी कां थां। उसके बबले शीला सें बड़े औऱ भारी थें। असली फेटवाला दूधपी पीकर रूखी पूर्णतः तंदूरस्त दिखरही थि। उसकी छाती पर्र लपेटी छोटी सि चुनरी उनबड़े स्तनों कों ढंकने मे असमर्थ थि। गेंहुआ रंग, ६ स्लिम कां हाइट, चौड़े कंधे, लचकती कमर औऱ घेरदार घाघरे केँ पीछे मदमस्त मोटी मोटी जांघें। झुककर जब वो दूध निकालने गई तब उसकी चोली सें आधे सें ज़्यादा चूचियाँ बाहर् निकल गई।
शीलाउस दूधवाली केँ स्तनों कों देखती हि रह गई। वो स्वयं भि एक् महिला थि। इसलिये मम्मों देखकर उत्तेजित होने कां कोई सवाल नहीं थां। पऱ फिन भि इस गाँव कि गोरी कि सुंदरता शीला केँ मन कों भा गई। ध्यान सें देखने पऱ शीला नें देखा कि रूखी कि चोली कि कटोरियों पर्र सूखाहुआ दूधलगा हुआ थां। शीलासमज गई। कि उसके स्तनों मे दूधआता हैं। उसने थोड़े वक़्त पहले हि बच्चे कों जनम दिया होगा!!दूध केँ भराव केँ कारण उसके बूब्ज़ पत्थर जैसे सख्त होँ गए थें। उन्हे देखते हि शीला कों छूने कां दिल किया। वैसे भि शीला१ नंबर कि चुदैल तौ थि हि.!!
लन्ड केँ लिए तरसती शीला। रूखी कां भरपूर जोबन देखकर सिहर गई। उसकामन इस सौन्दर्य कां रस लेने केँ लिए आतुर हौ गय़ा। औऱ योजना बनाने लगा।
कहते हैं नां। कि प्रसव सें उठी हुईँ औऱ बारिश मे भीगी हुइ महिला केँ आगे तौ इंद्रलोक कि अप्सरा भि पानीकम गरमचाय लगती हैं.!!
"रूखी। मुझे तुझसे एक् बात करनी हैं। पर्र लज्जा आँ रही हैं। केसे कहूँ?" शीला नें पत्ते बिछाना शुरुआत किया
"इसमें शर्माना क्याँ? बताइए नाँ भाभी" रूखी नें कहा
"तुँ अंदरआजा। बैठ केँ बात करते हैं। "
"भाभी, अब केवलदो चार घरों मे हि दूध पहुंचना बाकी हैं। वोँ निपटाकर आती हूं फिन बैठती हूं। थकान भि उतार जाएगी औऱ थोड़ीदेर बातें भि हौ जाएगी"
"हाँ.हाँ। तुँ दूध देकर आँ फिनबात करते हैं। पऱ जल्द आनां" शीला नें कहा
"अभि खतमकर आई। आप् तब तक गरमचाय बनाकर रखिए" रूखीये कहती हुईँ निकल गई
गरमचाय बनाते बनाते शीलासोच रही थि। कि अगर रूखी केँ संग थोड़े संबंध बढ़ाएजाए तोँ उसके बहाने रसिक कां आनां जानां भि शुरुआत हौ जाएगा। औऱ फेर उससे ठुकवाने कां बंदोबस्त भि होँ पाएगा। एक् बारहाथ मे आएफिन रसिक कों गर्म करना शीला कां बायेहाथ कां खेल थां। एक् चुची खोलकर दिखाते हि रसिक कां लन्ड सलाम ठोकेगा।
रसिक केँ लन्ड कां विचार आते हि शीला कि जांघों केँ बीच उसकी मुनिया फिन सें गीली होनेलगी। खुजली शुरुआत होँ गई। रसोई केँ प्लेटफ़ॉर्म केँ कोने सें अपनीचुत दबाकर वो बोलीं "थोड़े वक़्त केँ लिए शांत हौ जा तूँ। तेरेलिए लन्ड कां इंतेजाम कर हि रही हूं। कुछ न् कुछ जुगाड़ तौ करना हि पड़ेगा" रूखी कों सीढी बनाकर रसिक केँ लन्ड तक पहुंचना हि पड़ेगा!!
उसका शैतानी मनकाम पऱ लग गय़ा। एक् विचार मन मे आते हि वो खुश होँ गई। "हाँ बिल्कुल ऐसा हि करूंगी" मन हि मन मे बात करतेहुए शीला नें एक् प्लेट मे थोड़ा सां दूध निकाला औऱ अलमारी केँ नीचेरख आई.अब इंतज़ार थां रूखी केँ आने कां!!
थोड़ी हि देर मे रूखी आँ गई। शीला नें उसे अंदर बुलाया औऱ मुख्य दरवाजा बंदकर दिया।
"रूखी, बात दरअसल ऐसी हैं कि आँगन मे रहती बिल्ली नें ३ बच्चे दिए हैं। बड़े हि प्यारे हैं। छोटे छोटे.अब कलरात किसी कमीने नें गाड़ी कि पहिये तलेउस बिल्ली कों कुचल दिया" शीला नें कहा
"हाय दइयाँ। बेचारी। उसके बच्चे अनाथ हौ गए। " भारी सांस लेकर रूखी नें कहा
"अब मे उस बिल्ली केँ बच्चों केँ लिएदूध रखती हूं। पार वो पी हि नहींरहे। भेस कां दूध उन्हे केसेहजम होगा? अभि दोदिन कि उम्र हैं बेचारों कि। "
"मम्मी केँ दूध केँ मुकाबले औऱ सारेदूध बेकार हैं भाभी। बोतल कां दूध पियेंगे तोँ मर जाएंगे बेचारे" रूखी नें करुणासभर आवाज़ मे कहा
"इसीलिए आज ईश्वर नें तेरीभेज दिया.अब मुझे चिंता नहीं हैं। वो बच्चे बच जाएंगे" शीला नें कहा
"वोँ केसे?" रूखी कों समझ नहींआया
"देख रूखी। तेरी छाती सें दूधआता हैं। अगर तौ रोज अपना थोड़ा थोड़ादूध निकालकर देगी। तौ वो बिचारे बच जाएंगे। नहीं तौ १-२दीं मे हि मर जाएंगे। औऱ पाप तुम को लगेगा." शीला कि योजना जबरदस्त थि
"अरे, उसमें कौन सि बड़ीबात हैं!! मुझे तोँ इतनादूध आता हैं कि मेरे लल्ला कां पेटभर जाने केँ बाद भि बच जाता हैं"
Gazab kee hahakari update he vakharia bhay Babil ne sheela kee jaisi experienced lundkhor kee bi rail bnaa di. Vaishali kaa too kharab dasha karne vala he aj babil. mazaa aa gyaa bhay Keep rocking
Shrutii
Vaishali ya sheila dono akele hi kafi h kisi k bi loda ko nichodne k lie.yaha too double dhamaka hone wala h babil k sath aesa pratit hotha h.
Bhargavi
बहोत हि गरमागरम कामुक औऱ उत्तेजना सें भरपूर कामोत्तेजक भाग हैं भइया मज़ा आँ गय़ा
माफ़ चाहूँगा. परिवार केँ एक् सदस्य केँ अस्पताल मे होने केँ कारणयहा आनां मुमकिन नहि हौ पाता
Mitaalee
majaa aa gyaa. Super update. Monsoon main humidity kee vajah say baaki sab too geela tha hi, ise padhkar joo bacha thaa vo bhee geela hu gyaa
Lakshmi
ITNA CHHOTA UPDATE, iss DISCUSSION KO KUCH thora or AAGE BADHNA CHAIYE thaa, SUBODH KANT k KUCH RAHASY, RAMILA k KUCH or KHULASE bhay mazaa too AAYAA pr KUCH KAM
Kamini
You have successfully opened a new branch of kahani. No will the mother also join sheela with madan aur rajesh aur someone else. Thanks for update.
Gayatri
bhut hi jabardast update he vakharia bhay, Ramila bi aakhirkar ek stri he, uski bi sexual desires he. Kuch galt nahee kia usne.or kavita bi too yahi sab krr rahi he. Keep rocking Bro
Rounak
aajkal k youngstar crazy hu gaye h . future vision hi nahee h .unke paas . Murder karenge too malum too padega . i think yeh 3rd / 4th case h jis ne apne pati ko hi nipta diya . its very bad for our society .