Old At One Place – New Episode
आजजब कुंआ स्वयं चलकर प्यासे केँ पासआया थां तोँ कल्लू एक् बूंद भि गँवाना नहि चाहता थां वोँ अपने मम्मी कों दिनभर पेलना चाहता थां। उसेदिन भर अपने लन्ड केँ नीचे लेटाकर चोदना चाहता थां।
कल्लू;अपने मां कों गोद मे उठा लेता हैं औऱ उसेखेत मे लेटा देता हैं औऱ झट सें उसकेऊपर चढ़ जाता हैं।
अपने दोनों हाथों मे निर्मला कि बड़ी बड़ी चूचियों कों पकड़कर वोँ निर्मला कों चुमते हुए अपने लन्ड कों निर्मला केँ बुर पर्र घीसने लगता हैं।
कल्लू:मां तेरी बुर मुझे चाहिए।
निर्मला:-हाँ हाँ लेँ लेँ मेरी बुर बेटा अहह अहह। चोद डाल अपनी मम्मी कों बना लेँ तेरे लन्ड कि रानीअहह अब औऱ मत तडपा मुझेपेल नं अंदरअहह।
कल्लू ;कहां डालूँ मा।
निर्मला;नीचे हाथडाल कर कल्लू केँ लन्ड कों अपनेहाथ मे पकड़ लेती हैं औऱ उसे अपने बुर केँ मुहाने पर्र लगा देती हैं। यहा मेरे बच्चे यहा।
निर्मला;अब तोँ मना नहि करेगी नां मम्मी।
निर्मला;नहि नहि अबमना नहि करुँगी जब जहाँ जैसे चाहेगा वहा चुदायेंगी तेरी मां तुझसे बसडाल दे मेरे अंदर। घुसा दे अपना पूरा लन्ड अपनी मम्मी कि बुर मे।
कल्लू ;अपनेकमर कों ऊपर केँ तरफ उठाता हैं औऱ दन सें उसे निर्मला केँ बुर पर्र दबा देता हैं।
एक् बेटे कां लन्ड सारे बंधनतोड कर सारी कस्मे भूलकर अपने मम्मी कि रसीली बुर मे घुस जाता हैं।
निर्मला चीख पडती हैं। ओह बेटे दर्द होँ रहा हैं।
कल्लू;आज वोँ दिन नहि हैं जब एक् बेटे अपने मम्मी केँ दर्द कों सुनकर रुक जाए। वोँ दूसरा धक्का देता हैं औऱ यह वाला धक्के सें लन्ड निर्मला केँ बच्चेदानी तक जारहा हैं। निर्मला कि कमरऊपर कि तरफउठ जाती हैं औऱ निर्मला केँ दोनों पेर कल्लू केँ कमर सें लिपट जाते हैं। वोँ लम्बी लम्बी साँसें लेने लगती हैं।
कल्लू;कुछ समयउस एहसास कों महसूस करता हैं औऱ फिन अपने मम्मी केँ दोनों ब्रैस्ट कों दबाते हुए लन्ड कों आगे पीछे करताचला जाता हैं।
निर्मला;अरे रे बेटा मेरा आहह-आहह मेरी बुर हैं नाँ वोँ आहह-आहह
मेरे बेटा धीरे-धीरे सें कर नाँ अहह। पहले पहले धक्के तौ सब कों भि दर्द देते हैं।
निर्मला तौ दो बच्चों कि मम्मी थि उसे ज्यादा समय नहि लगता सँभालने मे। जब बुर कि चिकनाहट लन्ड कों सहलाने लगती हैं औऱ जब बुर कि दिवारें पूरीतरह खुल जाते हैं तोँ निर्मला भि पागल सि हौ जाती हैं।
अपने एकलौते बेटे केँ नीचे टाँगें खोलकर चुदाना उसे दिवानी बना देता हैं औऱ वोँ अपने बेटे केँ चेहरे कों पकड़कर उसके होठो कों अपनेमुह मे लेकर नीचे सें दनादन दनादन हर धक्के कां संग देतेहुए कमर कों ऊपर उठाने लगती हैं।
निर्मला:अहह। औऱ जोर सें बेटा औऱ जोर सें
अहहखूब डाल मुझे अंदर तक हरउस स्थान पहुँच जा जहाँ तेरे बापु भि नहि पहुँच पायेअहह।
मेरी बुर केवल तेरी हैं मेरेलाल आहह-आहह
चोद अपनी मां कों जोरजोर सें चोद मुझेअहह।
निर्मला वोँ स्त्री थि जौ कल्लू केँ धक्कों कों बड़ी आसानी सें सहरही थि औऱ मस्ती मे उससे औऱ ज़ोर सें पेलने केँ लिएकह रही थि। सचकहा हैं किसी नें ग़ुरू ग़ुरू होता हैं औऱ चेला चेला। गुड़िया तौ कल्लू केँ पेलने पऱ चीखने लगती थि। यहा वोँ महिला थि जिस नें इस सांड कों पैदा कि थि। भला वोँ उस लन्ड सें केसे पनाह माँगती। आज कल्लू कों अपने मम्मी कि ताकत कां एहसास हुआ थां।
कल्लू ;जितने ज़ोर सें लण्ड कों बुर मे घुसाता
निर्मला उतने हि ताकत सें अपनेकमर कों ऊपरउठा करउसे औऱ अंदर लेँ लेती हैं।
निर्मला पागल होँ गई थि अपने दोनों हाथों केँ नाखुनो सें वोँ कल्लू केँ पीठ कों कुरेदते हुएउसे औऱ ज़ोर सें चोदने केँ लिए पुकार रही थि।
जब मां पुकारती हैं तौ बेटे कों आनां पड़ता हैं औऱ कल्लू वहीकर रहा थां वोँ निर्मला कों जबरदस्त धक्के केँ संगपेल रहा थां औऱ निर्मला अपने बेटे कों इतनी आसानी सें रुकने देने वालों मे सें न् थि।
खेत मे पचपच कि आवाज़ें गूंजरही थि। कल्लू अपने लन्ड कों पूरा निकलता हैं घच सें फिन अपनी मां कि गीली बुर मे पूरा लन्ड जड़ तक पेल देता।
निर्मला केँ बीचबीच मे चीखने कि आवाजे।
जब कल्लू कां लण्ड उसके बेच्चेदानी सें टकरा जाता।
कल्लू पसीने मे नहा चूका थां औऱ उसके नीचे लेतीहुए निर्मला भि दमादम हौ गई थि मगर दोनों केँ कमर लगातार हीलरही थि। कल्लू कि पकड़ अपने मम्मी केँ ब्रैस्ट पर्र औऱ मज़बूत होतीचली जाती हैं।
औऱ निर्मला कि बुर सें पानीटिप टिप करके रिसने लगता हैं। वोँ जोशदिन भरकम नहि होने वाला थां यह दोनों अच्छी तरह सें जानते थें।
दोनो पिछले 30 मिनट सें जोरदार चुदाई मे लगेहुए थें
औऱ लण्ड कि मार बुर पर्र जारी थि।
निर्मला अपनामुह खोल देती हैं औऱ उसका ज़ुबान बाहर् कि तरफ निकलआता हैं उसे साँस लेने मे दिक्कत हौ रही थि। कल्लू केँ धक्कों सें उसे सँभलने कां मौका नहि मिलरहा थां।
निर्मला -चोद मुझे बेटा चोद अपनी मां कों। अपनी मम्मी कों चोदरहा हैं नाँ तु। मेरी बुर मे अपना लन्ड डालकर जहाँ सें मैंने तुम्हे निकाली थि वहीँ अपना मोटा लण्डडाल केँ अहह। कैसी हैं तेरी मम्मी कि बुर मेरेलाल
अहह औऱ जोर सें चोदअहह।
कल्लू;मां तेरी बुर मुझे पहलेमिल गई होती तौ शपथ सें कहीं भि नहि जातादिन रातइसी मे पडा रहता। अहह।
निर्मला;आज सें इसी मे रखूँगी तुम कोदिन रात मुझे चोदेगा नां अपनी मां कों जबदिल कहेंगा मेरा आँ ह।
कल्लू;हां मां आज सें बस तुम को हि चोदुँगा मे हर स्थान।
निर्मला;कहां कहां चोदेगा मुझेअहह।
कल्लू;हर स्थान मां हर स्थान।
जब तक तेरे तीनो सुराख़ मे नहि पेल देतातब तक नहि रुकुंगा आज मे।
निर्मला;तीनो सुराखों मे बेटा।
कल्लू;हाँ मम्मी तेरी बुर औऱ मुह तोँ लें चुके हैं मेरा लण्डबस तेरी गाण्ड बाकी हैं आहह-आहह उसे भि चोदलूँ एक् बारतभी रुकेगा तेरा बेटा अहहह।
निर्मला;मे भि तुझेही रुकने नहि दूंगी बेटा।
हर स्थान लूँगी तेरा लन्ड।
खेत मे। नदी मे तोँ लें चुकी हूं।
नहाते हुए
पेशाब करतेहुए
रसोई मे
खानां खातेहुए
हर स्थान मुझे चोदना मेरी बेटी कि बुर चाटते हुए भि चोदना। मेरीबहु केँ सामने नंगी करके चोदना मुझे बेटा।
कल्लू;हाँ मां मे चोदुंगा तेरी अपनी बेहन गुड़िया कि बुर पऱ झुकाकर।
जब मेरी विवाह होगी तोँ तेरीबहु केँ सामने भि तुम को चोदुँगा तुझेही आहः लें साली।
दोनो एक् दूसरे सें चिपक जाते हैं औऱ लम्बी लम्बी साँसें लेतेहुए कल्लू अपना सारा पानी अपनी मम्मी निर्मला केँ बुर मे निकालने लगता हैं
उसकेसंग संग निर्मला भि झड़ते चली जाती हैं।
दोनो एक् दूसरे कों चुमते हुए अपने साँसें धीमी करने लगते हैं।
कुछदेर बादफिन सें निर्मला कल्लू केँ लण्ड कों चूसचूस कर खड़ाकर चुकी थि। दोबारा उसे अपने अंदर लेने कि चाहउसे बेचैन कररही थि।
कल्लू;अपने पास मे पड़ीहुए तेल कि बोतलउठा लेता हैं औऱ उसे अपने लण्ड पऱ उंडेल कर लन्ड चिकना कर देता हैं। निर्मला कों समझते हुएदेर नहि लगती कि कल्लू ऐसा क्यूं कररहा हैं। फिन वो तेल कों निर्मला केँ गांड केँ छेद पऱ भि खूब प्रेम सें लगाता हैं औऱ संग हि संग उसमे अपनी ऊँगली भि पेलता रहता हैं।
लण्ड औऱ गांड पऱ तेल लगाने केँ बाद कल्लू निर्मला कों एक् कुतिया केँ पोज मे कर देता हैं।
बडी सि चमकती हुए गाण्ड कल्लू केँ सामने आँ जाती हैं। इस गाण्ड कों तोँ देखदेख कितने बार कल्लू अपने लन्ड कों खड़ा करके गुड़िया औऱ चाची कि बुर मे घुसाया करता थां। औऱ आजयही गाण्ड कल्लू केँ सामने झुकी हुई थि।
कल्लू;एक् थप्पड निर्मला केँ गाण्ड पर्र जड़ देता हैं।
निर्मला:अहह। क्याँ करते हौ मां हूं मै तुम्हारी।
देवा;उसे सहलाते हुए। रांड भि तौ हैं।
इतने सालों सें तडपा जौ रही हैं इस गांड केँ लिए। एक् गाण्ड पर्र थपड क्याँ माराचीख पड़ी साली रंडी।
निर्मला;आहह-आहह दर्द होता हैं नां।
कल्लू ;असली दर्दअब होंगा मेरीजान कों।
कल्लू अपने लन्ड कों हाथ मे पकड़कर उसे निर्मला केँ गाण्ड केँ सुराख़ पर्र घिसता हैं। निर्मला अपनी ऑंखें बंदकर लेती हैं। वोँ जानती थि दर्द भि होंगा मगर मीठा मीठा औऱ वही होता हैं कल्लू केँ लन्ड कां सुपाडा निर्मला कि कुँवारी गाण्ड मे फंस जाता हैं।
निर्मला ;आहह-आहह गय़ा क्क्या.
वो पीछे मुड़कर देखती हैं।
मात्र सामने कां हिस्सा गय़ा थां औऱ निर्मला कि आँखों मे ऑंसू आँ गये थें। कल्लू उसे पूरीतरह सीधाकर देता हैं औऱ निर्मला अपनेकमर कों ऊपर केँ तरफउठा लेती हैं। औऱ अपने दोनों हाथो कों पीछे करके अपनी गांड केँ छेद कों फैला देती हैं।
कल्लू;दोनों हाथों मे अपनी मां केँ काँधे कों पकड़कर लन्ड कों धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपनी मां निर्मला केँ गांड मे उतारता चला जाता हैं।
निर्मला अपनी चीखें छूपाने केँ लिए पेंटी अपनेमुह मे ठूँस लेती हैं। मगरगुं गुं हूं कि आवाज़ें फिन भि उसकेमुह सें निकलरही थि
कल्लू;तब तक नहि रुकता जब तक पूरा कां पूरा लन्ड गाण्ड मे नहि चला जाता। जब कल्लू लण्ड कों खिचता हैं तौ थोडा सां खून भि उसके लन्ड सें लग जाता हैं।
जोँ निर्मला केँ गाण्ड सें निकलरहा थां।
कल्लू ;तुम्हें दर्द होँ रहा थां तोँ मुझे रुकने केँ लिए बोलि क्यूं नहीं मां।
निर्मला;मुड कर कल्लू केँ आँखों मे देखने लगती हैं।
बहोत तड़पाया हें मैंने तुम्हारी तरफ। जोँ प्यास कां दर्द तूनेसहा हैं मेरीवजह सें उस दर्द केँ सामने यह दर्द तौ कुछ भि नहि हैं। रुकमत खोलदे आज अपने मां केँ हर सुराख़ कों।
औऱ कल्लू अपने मम्मी कि आज्ञा कां पालन करतेहुए तेल सें सना हुवा लन्ड गप कि आवाज़ केँ संग अपनी मां निर्मला कि गांड मे उतार देता हैं।
निर्मला ;अहह बेटेअहह। औऱ ज़ोर सें। जालिम औऱ ज़ुल्म कर अपने मां पर्र। तेराहर ज़ुल्म सहना चाहती हूं मैआज सें हरदिन हररात हर सुभहहर घडी हि चोद मुझेअहह।
कल्लू;गप गप अपनी मम्मी कि गाण्ड मारने लगता हैं
हलांकी दोनों कों दर्द भि हौ रहा थां मगर वोँ इश्क हि क्याँ जिस मे दर्द न् हौ। सच्ची इश्क मे दर्द भि होता हैं औऱ उस दर्द कां आनंद भि खूब होता हैं।
कल्लू अब अपनी पूरी ताकत सें निर्मला कि गांड मारने लगता हैं। वो गांड मे लन्ड पेलने केँ संग हि कभीकभी निर्मला केँ गांड पऱ थप्पड़ भि माररहा थां जिससे निर्मला केँ गोरे गोरे चूतड़ लाल होँ गए थें। 1 घंटे तक जबरदस्त धक्को केँ संग चुदाई केँ बाद कल्लू अपना पूरामाल अपनी मम्मी कि गांड मे हि भर देता हैं। इतनी देर मे निर्मला 2 बारझड़ चुकी थि।
दोनों कुछदेर शांत हौ जाते हैं। फिन कल्लू अपनी मम्मी कि गांड कों साफ करता हैं। औऱ अपनी मम्मी कि बुर औऱ चूचों सें खेलने लगता हैं। जिससे कुछ हि देरबाद उसका लन्ड खड़ा होने लगता हैं जिसे वो निर्मला कों चूसने कां इशारा करता हैं। जिसे निर्मला अपने मुँह मे लेँ लेती हैं।
पाँच मिनट चूसने पर्र हि कल्लू कां लन्ड फ़ुफ़कारने लगता हैं।
अब कल्लू अपनी मां कि बुर पऱ झुक जाता हैं।
कल्लू अपनीमा कि बुर कि फांको कों दोनो हाथो सें फैलाकर उसकी बुर केँ दाने सें रिस्ते पानी कों अपनीजीभ सें दबा-दबा कर जैसे-जैसे चूस्ता हैं निर्मला उह आँ ओ बेटे करने लगती हैं, कल्लू उसकी एक् टांग कों उठाकर अपने कंधे पऱ रख लेता हैं औऱ फिन अपनीमा कि पूरी बुर कों सूंघते हुए अपनीजीभ बुर केँ छेद मे भर-भरकर उसकारस चूसने लगता हैं।
निर्मला अपने हाथो सें अपनी बुर कों औऱ फैला देती हैं औऱ कल्लू बड़े धीरे-धीरे अपनीमा कि बुर कों चूस्ते हुए अपनीमा कि गुदाज गान्ड कों दबाता हुआ उसकेछेद मे उंगली डाल-डाल कर सहलाता रहता हैं
कल्लू अपनीमा कि बुर चाट-चाटकर उसेलाल कर देता हैं औऱ निर्मला कि टाँगे काँपने लगती हैं वो सीधे ज़मीन पर्र लेट जाती हैं औऱ कल्लू कों अपनेउपर खीच लेती हैं।
कल्लू अब ज़रा भि देर नहीं करता हैं औऱ अपनीमा कि मोटी जाँघो कों फैलाकर जब अपनीमा कि फूली हुईँ गुदाज बुर देखता हैं तोँ पागल हौ जाता हैं औऱ अपनी मां कि बुर कि फांको कों खूब फैला-फैला कर चाटना शुरुआत कर देता हैं, निर्मला अपनी मोटी गान्ड उचका-उचका कर अपने बेटे कां मुँह अपनी बुर पर्र दबाने लगती हैं।
कल्लू अपने मुँह मे अपनीमा कि बुर पूरीभर करखूब कस-कसकर चूसने लगता हैं औऱ निर्मला अपनी बुर उसके मुँह पर्र रगड़ते हुए पानीछोड देती हैं, कल्लू सारा पानी चाटने केँ बाद अपनीमा कि बुर कों उपर अच्छे सें उभारकर अपना मोटा लन्ड अपनीमा कि बुर केँ छेद मे लगाकर एक् कसकर धक्का मारता हैं औऱ उसका लन्ड उसकीमा कि बुर मे पूरा एक् हि बार मे समा जाता हैं।
कल्लू अपनी मम्मी केँ उपरचढ़ कर उसकेदूध दबोचते हुए उसकी बुर कों कस-कसकर चोदने लगता हैं, निर्मला अहह बेटेअहह करती हुइ नीचे सें अपनी गान्ड उठा-उठा कर अपने बेटे केँ मोटे लन्ड पर्र मारने लगती हैं, कल्लू अपनी मां पर्र चढ़कर खूब कस-कसकर उसकी बुर कूटना शुरुआत कर देता हैं निर्मला अपनी दोनो टाँगो कों उठाए अपनी बुर मे अपने बेटे कां लन्ड खूब कस-कसकर लेने लगती हैं।
थोड़ी देरबाद कल्लू अपनीमा कों घोड़ी बना देता हैं औऱ जब उसकी मोटी गान्ड कों देखता हैं तोँ सीधे अपना मुँह अपनीमा कि गान्ड सें लगाकर चाटने लगता हैं वो कभी अपनीमा कि गान्ड कों चाट्ता हैं औऱ कभी थोडा नीचे मुँह लेजाकर उसकी फूली हुई बुर केँ छेद कों पीने लगता हैं।
निर्मला अपने बेटे द्वारा इसतरह अपनी गान्ड औऱ बुर चाटने सें मस्त हौ जाती हैं तभी कल्लू अपना लन्ड पकड़कर अपनीमा कि बुर मे पीछे सें कसकरपेल देता हैं औऱ निर्मला अहह क्या बात है बेटे बड़ा मस्त लन्ड हैं तेराचोद औऱ चोद अपनीमा कों खूब कस-कसकर चोदआज फाड़दे अपनीमा कि मस्तानी बुर कों खूबतेज ठोकरमार अपने लन्ड कि फाड़दे बेटे फाड़दे अपनीमा कि बुर कों अहहअहह आहह-आहह।
कल्लू अपनीमा कि बुर मार-मार कर मस्तलाल कर देता हैं औऱ फिन कल्लू अपने लन्ड कों बाहर् निकाल कर बड़े प्रेम सें अपनीमा कि बुर कों चाटने लगता हैं वो निर्मला कों पूरीतरह मुँह केँ बल ज़मीन सें सटाकर उसकी गुदाज मोटी गान्ड कों उपरउठा कर अपनीमा कि गान्ड केँ छेद मे थूक लगा-लगा कर पहले अपनी एक् उंगली डालकर बुर चाटने लगता हैं
फिन कल्लू अपनीदो उंगलिया अपनीमा कि गान्ड मे डालकर उसकी बुर केँ गुलाबी औऱ जूसीछेद कों चूसने लगता हैं।
निर्मला मस्ती मे झुकी हुई अपने भारी चूतड़ मटकाती रहती हैं औऱ सीसियती रहती हैं।
तभी कल्लू पास मे रखीतेल कि शीशी सें तेलडाल कर अपनीमा कि गुदा मे उंगली सें अंदर तक ठुसने लगता हैं वो अपनीमा कि गान्ड केँ छेद कों अपनी उंगलियो सें तेल लगा-लगा करखूब चिकना कर देता हैं
फिन कल्लू अपने मोटे लन्ड कों पूरातेल मे भिगोकर अपने लन्ड केँ टोपे कों अपनीमा कि तेल मे सनी हुइ गुदा सें सटाकर अपनीमा केँ चुतड़ों कों अपने हाथो मे कसकरथाम लेता हैं औऱ फिन कचकचा कर एक् तगड़ा धक्का अपनीमा कि गान्ड मे मार देता हैं औऱ उसकाआधे सें ज्यादा लन्ड फिसलता हुआ उसकी मम्मी कि गान्ड मे समा जाता हैं।
निर्मला अपने बेटे केँ द्वारा ऐसा तगड़ा धक्का अपनी गान्ड मे खाने केँ बाद एक् दम सें ओहमर गई रेअहह कल्लू बहोत मोटा लन्ड हैं बेटे तेराअहह अहह आँ।
कल्लू अपनीमा कि बातसुन कर अपना लन्ड थोडा सां बाहर् खींचकर एक् जबरदस्त शॉट अपनीमा कि गान्ड मे मार देता हैं औऱ उसका पूरा लन्ड उसकीमा कि गान्ड मे उतर जाता हैं औऱ निर्मला कां शरीरऐंठ जाता हैं, अब कल्लू आरामसे अपने लन्ड कों अपनीमा कि गान्ड मे आगे पीछे करने लगता हैं, धीरे धीरे निर्मला भि अपने चुतड़ों कों पीछे कि ओर धकेलने लगती हैं, अहह बेटेअहह कल्लू बहोत अच्छा लगरहा हैं।
कल्लू अब अपने लन्ड कि रफ़्तार कों थोडा बढ़ाकर सटासट अपनीमा कि गान्ड मे अपने मोटे लन्ड कों पेलने लगता हैं, कल्लू अपनीमा कि मोटी-मोटी जाँघो कों सहलाते हुए उसकी गान्ड कों खूब कस-कसकर ठोकने लगता हैं। कल्लू इतनीजोर सें अपनी मां निर्मला कि गांड मारने लगता हैं कि वो मूतने लगती हैं। जिसे देखकर कल्लू औऱ उतेजित हौ जाता हैं औऱ अपनी मां कि कसी गांड कों फाड़ने लगता हैं। निर्मला मज़े सें सिसियति रहती हैं।
अब कल्लू अपने पैरो केँ पंजो केँ बलबैठ कर अपनीमा निर्मला कि गान्ड कि मस्त ठुकाई चालूकर देता हैं औऱ निर्मला अहह आँ करती हुई कल्लू कां लन्ड अपनी गान्ड मे लेने लगती हैं।
जब निर्मला सें रहा नहीं जाता हैं तौ वो एक् दम सें ज़मीन पऱ पसर जाती हैं कल्लू सीधे अपनीमा कि गान्ड पऱ लेट जाता हैं औऱ नीचेहाथ लेजाकर अपनीमा कि फूली हुई बुर कों अपनी हथेली मे भरकर दबोच लेता हैं औऱ फिन सें अपनीमा कि गान्ड मे अपने लन्ड कों खूब गहराई तक पेलने लगता हैं, कल्लू करीबआधे घंटे तक अपनीमा कि मोटी गान्ड मार-मार करलाल कर देता हैं औऱ फिन उसका पानी उसकीमा कि मोटी गान्ड मे छूट जाता हैं।
निर्मला उठकर कल्लू केँ लन्ड कों किसी कुतिया कि भाँति सूंघते हुए चूसने लगती हैं औऱ कल्लू अपनीमा कों पूरी नंगी करके उसके मोटे-मोटे दूध उसके गुदाज पेट औऱ उसकी बुर मे खूब सारातेल लगाकर उसेखूब चिकनी कर देता हैं उसकेबाद कल्लू निर्मला कों अपने सीने सें चिपका कर उसकी बुर मे अपना लन्ड फिन सें पेल देता हैं औऱ अपनीमा केँ होंठो कों पीतेहुए उसकेदूध दबा-दबा कर उसकी बुर कों खूब कस-कसकर चोदने लगता हैं।
निर्मला अपने पेरो कों हवा मे उठाकर मोड़ लेती हैं औऱ कल्लू केँ लन्ड कों अपनी बुर पऱ खूब दबोचने लगती हैं, कल्लू अपनीमा कि गान्ड केँ नीचेहाथ डालकर उसके भारी चुतड़ों कों अपने हाथो मे भरकर ज़ोर सें दबोचते हुए अपनीमा कि बुर मे सटासट लन्ड डाल-डाल कर ठोकने लगता हैं, कल्लू निर्मला कि बुर ठोक-ठोक केँ पूरी सूजा देता हैं औऱ मस्तलाल बुर कों चोद्ते हुए अपना पानी अपनीमा कि बुर मे भर देता हैं।
निर्मला कि बुर अपने बेटे केँ तगड़े लन्ड कों पाकर मस्त होँ जाती हैं, उसदिन पूरादिन कल्लू अपनी मम्मी निर्मला कों तरह-तरह केँ आसनो मे खूबकस कर चोद्ता हैं उसकेबाद साम कों कल्लू अपनी मां केँ संग अपनेघऱ वापसआता हैं।
रात कों गुड़िया सहेली केँ बर्थडे मे थोडा लेट सें आती हैं। वो दिनभर केँ भागदौड़ मे थक गई थि। इसलिये अपनी मम्मी केँ पाससो जाती हैं। कल्लू भि दिनभर अपनी मां कि चुदाई करकेथका हुवा थां। वो भि जल्द हि सो जाता हैं।
सुभह बाबा बताते हैं कि वो गुड़िया कि मम्मी केँ संगशहर जारहे हैं। कुछ बैंक कां काम थां। वो कल्लू सें बोलते हैं कि गुड़िया केँ संग खेतों मे चले जानां। हमलोग साम तक आएंगे।
कल्लू गुड़िया कि तरफ देखकर मुस्कुराता हैं कि आज दिनभर खेतों मे मजा आएगा। गुड़िया भि अपनी बुर सहलाकर इशारा करती हैं।
जब बाबा औऱ मम्मी शहरचले जाते हैं तोँ कल्लू गुड़िया कों बाँहों मे भर लेता हैं औऱ उसके रसीलें होठों कों चूसने चाटने लगता हैं। फिन गुड़िया केँ कोमलहाथ कों पकड़कर अपने लन्ड पऱ रख देता हैं जिसे गुड़िया सहलाने लगती हैं। औऱ अपने भाई केँ मुह मे अपनीजीभ डाल देती हैं।
कल्लू:गुड़िया चल जल्द सें खेतों मे आज तेरी खेतों मे पूरी नंगी करके चोदने कां मनकररहा हैं। कितना मजा आएगाजब तुँ खेतो मे पूरी नंगी होगी औऱ मे तुझेही अपने लन्ड पर्र चढ़ा लूंगा।
गुड़िया :चलो भाई। मे क्याँ पहनलूँ।
कल्लू:अपनी टॉप औऱ स्कर्ट पहन लें बिना ब्रा पेंटी केँ। औऱ थोडा मेरा लौड़ा चूसदे अभि। मे तेरी मस्त गांड देखते हुए खेतो तक चलूँगा।
गुड़िया अपने भाई कां लन्ड धोती सें निकालती हैं औऱ जीभ सें चाटने लगती हैं। कल्लू कां लन्ड फ़ुफ़कारने लगता हैं।
कल्लू:अब चल मेरी जान। नहि तोँ यही पेलना शुरुआत कर दूंगा।
दोनों खेतो कि औऱ चल देते हैं। रास्ते भर गुड़िया स्कर्ट हटाकर अपनी मोटी मोटी रसीली गाँड दिखाकर कल्लू कों पागलबना देती हैं। कल्लू जब उसकी गांड मे ऊँगली करना चाहता हैं तौ भाग जाती हैं।
कल्लू मन हि मन:आज तौ खेतो मे नंगी करके कुतिया बना केँ तेरी गांड नहि मारी तोँ मेरानाम कल्लू नहि। साली मेरे सामने रसीली गाँड मटकाती हैं।
फिन दोनों खेत मे बनी झोपडी मे जाते हैं। फिन गुड़िया खटिया केँ निचेखाट लगा देती हैं। औऱ दोनों बाते करने लगते हैं।
गुड़िया- ओके भाई। अब मात्र बातें हि करोगे याँ मेरी जवानी कां मजा भि लोगे।
कल्लू- अरे तेरी जवानी तौ ऐसी हैं। कि लन्ड अपने आप् इसे सलामी देने लगता हैं। पहलीबार रात मे तौ सभी जल्दबाज़ी मे हुआ तौ ठीक सें मे तुम्हारे इन मुलायम होंठों कां मजा नहि लें पाया। इन कच्चे अनारों कां जूस नहि पी पाया.अब चैन सें इनकोचूस करमजा लूँगा, तेरी महकती बुर कों चाटकर उसकी सूजनकम करूँगा।
कल्लू कि बातों सें गुड़िया उत्तेज़ित होनेलगी थि। वोँ कल्लू कि जाँघों पर्र सररखकर लेट गई औऱ उसके लौड़े कों सहलाने लगी।
कल्लू- अहह गुड़िया तुम्हारे हाथ भि बहोत रसीले हें। लन्ड पऱ लगते हि करंट पैदा हौ जाता हैं।
गुड़िया कुछ बोलीं नहि औऱ लौड़े पर्र जीभ फेरने लगी। वोँ बहोत ज्यादा मस्ती मे आँ गई थि। उसकी बुर लौड़े केँ लिए रेडी हौ गई थि।
कल्लू- अहह.गुड़िया उफ़। तेरेयह जूसी होंठअहह। मेरे लौड़े कों पागलबना रहे हें। तुम् मुझे पागलबना रही होँ अहह.
गुड़िया- भाई आप् देखते जाओ। इतने सालों सें मे शरीफ बनकेजी रही थि। मगर मुझेअब पताचला जौ मजा चुदाई मे हैं। वोँ पढाई मे नहि। उफ़। आपकायह गरम लौड़ा मुझे चूसने मे बहोत मजा आँ रहा हैं। आपकी बेहनअब पूरी आपकी हैं। आँ जाओ नोंच डालो मेरे शरीर कों। करदो मुझे अपनेइस लौड़े सें ठंडी.अहह। अब मेरा जिस्म जलनेलगा हैं।
गुड़िया सीधी होकर बाँहें फैलाए खटिया केँ निचेलेट गई.कल्लू समझ गय़ा कि अब उसको क्याँ करना हैं। कल्लू नें गुड़िया कां टॉप निकाल दिया। गुड़िया टॉप नें निचेकुछ नहि पहनी थि। उसके ठोस चुचिया तनी हुइ थि। कल्लू उसकेपास लेट गय़ा औऱ उसके एक् निप्पल कों दबाने लगा। उसके होंठों कों चूसने लगा। अब दोनों एक्-दूसरे कों चूमने औऱ चाटने मे बिज़ी हौ गए थें।
कल्लू अब ज़ोर-ज़ोर सें उसके स्तन कों दबाने औऱ चूसने लग गय़ा।
गुड़िया- अहह। भाई उफ़। आहिस्ता अहह। चूसो.अहह। सारारस पीजाओ। अहह.मजा आँ रहा हैं भइया.अहह। अहह.काट डालोइन निप्पलों कों बहोत परेसान करते हैं।
दस मिनट तक इनकी मस्ती चलतीरही। अब दोनों हि वासना कि आग मे जलनेलगे थें। कल्लू कां लौड़ा टपकने लगा।
गुड़िया- अहह। भाई। उफ़फ्फ़। मेरी बुर जलरही हैं। अहह। आपकेगरम होंठों सें इ.ससस्स। इसकी मालिश करदो नं.
कल्लू- अभि लो मेरी गुड़िया रानी.अभि तौ तेरी बुर कि ओपनिंग हुई हैं। उसकी मालिश ऐसे करूँगा कि लाइफ वक्तयाद रखोगी। अपने प्यारे भाई केँ लन्ड कों.
कल्लू नें गुड़िया केँ पेर मोड़े औऱ टाँगों केँ बीचलेट गय़ा। फिन कल्लू नें गुड़िया कां स्कर्ट भि उतार दियाअब गुड़िया पूरी नंगी थि। गुड़िया बिना पेंटी पहने हि घऱ सें आई थि। गुड़िया कि डबल रोटी जैसी फूली हुईँ बुर पर्र उसने धीरे-धीरे सें अपनीजीभ रख दि।
गुड़िया- सस्सस्स अहह। भइया.अब रहा नहि जारहा हैं अहह। प्रेम सें चाटना। अहह। आपकी बेहन हूं अहह। उफफ्फ़.
कल्लू- पता हैं मेरीजान। तूँ आँख बन्द करकेमजा लेँ। मे प्रेम सें हि तेरी चूत कि चुदाई करूँगा.
कल्लू अब बड़े प्रेम सें बुर कों चाटने लगा थां। अपनीजीभ कि नोक आहिस्ता अन्दर घुसारहा थां। जिससे गुड़िया कि उत्तेजना बढ़ती हि जारही थि, वोँ बस आनन्द कि दुनिया मे कहीं गोतेलगा रही थि।
गुड़िया- अहह.उहह। भाई मजा आँ रहा हैं। इससस्स। अहह.खूब चूसो.अहह। औऱ दबा केँ। ससस्स चूसो.अहह। मजा आँ गय़ा।
कल्लू अब आइस्क्रीम कि तरह बुर कों चाटरहा थां। गुड़िया कि बुर सें रस टपकना शुरुआत होँ गय़ा थां। वोँ अब तड़पने लग गई थि।
गुड़िया- अहह.ससस्स। भइया.अहह। मेरी बुर कि आग बहोत बढ़ गई हैं। अहह.अब उफफफ्फ़। सस्सस्स। भइयाअहह। लौड़ा घुसादो। अहह। मुझेकुछ हौ रहा हैं। अहह। प्लीज़ भइया। अहह.पेल दो अपने मोटे लौड़ें कों मेरी रसीली बुर मे अहह.अहह…
कल्लू भि अब बहोत ज्यादा उत्तेज़ित होँ गय़ा थां। उसके लौड़े सें भि रस कि बूँदें टपकने लगीथीं। वोँ बैठ गय़ा औऱ लौड़े कों बुर पर्र टिकाकर धीरे-धीरे सें दबाने लगा।
गुड़िया- अहह। पेलो मेरे राजा भाई। अहह.उई घुसादो अहह। पूरा डालो.अहह। मेरी बुर कों फाड़दो आज.अहह। आईई.।
कल्लू नें धीरे धीरेअब कमर कों हिलाना शुरुआत कर दिया थां। हर झटके केँ संग वोँ लौड़े कों थोडा आगे सरका देता औऱ गुड़िया कि अहह। निकल जाती। कुछ हि देर मे उसने पूरा लौड़ा बुर मे घुसा दिया औऱ गुड़िया केँ ऊपर लेटकर उसके निप्पल कों चूसने लगा।
गुड़िया- अहह.भाई अब चुदाई शुरुआत करदो। मुझे दर्द नहि हौ रहा हैं। अहह.करो नं। अहह.चोद दो मुझे.अहह। आज मेरी निगोड़ी बुर कि सारी गर्मी निकाल दोअहह.
कल्लू जोरजोर सें लौड़े कों अन्दर-बाहर् करनेलगा। गुड़िया भि गाण्ड उठाकर उसकासंग देनेलगी। चुदाई जोरों सें शुरुआत होँ गई.दोनों कां तापमान बढ़ने लगा।
खच.चच। फच.फच.अहह। उहह। इससस्स। अहह.उहह। उहह.’ कि आवाजें झोपडी मे गूंजने लगीं।
गुड़िया- अहह पेलो भाई। चोद डालो अपनी छोटी बेहन कों अपनी गुड़िया कों।। अहह। आईईइ।
कल्लू- लें गुड़िया। अहह.आज तेरे भइया कां अहह। पॉवरदेख। अहह। तेरी बुर कां अहह भोसड़ा बना दूँगा मे। अहह.आज केँ बाद तूँ जब भि उहह। बुर कों देखेगी। अहह। मेरीयाद आएगी तुम्हे.दिन भरआज खेतो मे दौड़ा दौड़ा केँ पेलूँगा तेरी।
दस मिनट तक कल्लू पूरी ताकत सें गुड़िया कों चोदता रहा। अब कल्लू तोँ पक्का चोदूबन चूका थां। अब कहां वोँ जल्द झड़ने वाला थां। अब तौ उसकासमय औऱ अनुभव बढ़ गय़ा थां। मगर गुड़िया कि बुर लौड़े कि चोट ज्यादा देरसह नां पाई औऱ उसकेरस कि धारा बहने कों व्याकुल होँ गई।
गुड़िया- आईआई.अहह। भइया औऱ जोर सें पेलो.मे झड़ने वाली हूं। अहह। गई। अहह। भइया। ज़ोर सें पेलो। आहह-आहह। उहहअहह.।
कल्लू नें औऱ तेज़ी सें लौड़े कों अन्दर-बाहर् करना शुरुआत कर दिया। गुड़िया कां बाँधटूट गय़ा। वोँ झड़ने लगी। कुछ देरबाद वोँ शान्त पड़ गई। मगर कल्लू कां अभि बाकी थां। वोँ आरामसे कमर कों हिलारहा थां।
गुड़िया अब शान्त लेट गई थि। उसका साराजोश ठंडा होँ गय़ा थां। कल्लू नें अचानक लौड़ा बाहर् निकाला औऱ गुड़िया केँ पेट पर्र बैठ गय़ा। उसके बूब्ज़ केँ बीच लौड़े कों रखकरकमर हिलाने लगा।
गुड़िया समझ गई कि कल्लू उसके बूब्ज़ कों चोदना चाहता हैं। उसने दोनों हाथों सें अपने स्तन कों कसकरदबा लिए जिससे लौड़ा स्तन केँ बीचअब टाइट होकर अन्दर-बाहर् होँ रहा थां।
कुछदेर तक यह चलतारहा। उसकेबाद कल्लू नें आसानबदल दिया। वोँ घुटनों केँ बल झोपडी मे खड़ा होँ गय़ा। जिसेदेख कर गुड़िया मुस्कुराई।
गुड़िया- क्याँ हुआ भाई। मजा आँ रहा थां। खड़े क्यूं हौ गए?
कल्लू- मेरीजान लन्ड कों थोडा चूसकर चिकना करदे। उसकेबाद तेरी घोड़ी बनाकर चोदूँगा। तेरी बुर कि गर्मी तौ निकल गई। अभि मेरारस निकलना बाकी हैं।
गुड़िया हँसती हुई अपने भाई केँ मोटे लौड़े कों चूसने लगी। अपने मुँह मे पूरा लौड़ा लेकर अच्छी तरह उसकोथूक सें तरकर दिया।
कल्लू- आह। उफ्फ.बस गुड़िया। अबबनजा घोड़ी। आज तेरी सवारी करूँगा। ऊह्ह.अब बर्दास्त नहि होता ऊह्ह। ओह्ह।
गुड़िया घुटनों केँ बल अच्छी तरह पांव फैलाकर घोड़ी बन गई। वैसे तोँ यह उसका पहलीबार थां। मगरजिस तरह वोँ घोड़ी बनी थि। कल्लू। कों बहोत अच्छा लगा कि उसकी बेहन एकदम मस्त घोड़ी बनी हैं।
कल्लू- वाउ। मेरी गुड़िया क्याँ जबरदस्त घोड़ी बनी हैं तुँ। अब ठुकाई कां मजा आएगा। तेरी बुर केसे फूली हुइ हैं। उफ़फ्फ़ सालीऐसी रसीली बुर देखकर लौड़े कि भूख ज्यादा बढ़ जाती हैं।
कल्लू नें लौड़े कों बुर पऱ टिकाया औऱ पूरा एक् संग अन्दर धकेल दिया।
गुड़िया- आईईइ। भाई धीरे-धीरे। अह्ह। एक् बार मे पूरा घुसा दिया.आह। आज तौ धीरे-धीरे करो। जितनी बार चाहोचोद लेना.
कल्लू- अरे मेरी प्यारी गुड़िया। तेरी बुर देखकर बहक गय़ा थां। अब आहिस्ता करूँगा।
कल्लू अब गुड़िया कि कमर पकड़कर चोदने लगा। उसकेहाथ गुड़िया कि रसीले गाण्ड कों भि सहलारहे थें। बीच-बीच मे वोँ गुड़िया कि गाण्ड केँ छेद मे उंगली भि घुमारहा थां।
थोड़ी देर कि मस्ती केँ बाद गुड़िया फिन सें गर्म होँ गई औऱ गाण्ड कों पीछे धकेलकर कल्लू केँ मज़े कों दुगुना बनाने लगी।
गुड़िया- अहह.अहह। पेलो भइया.हाय। आज केँ दिनहर तरीके सें मुझे चोदो.अहह। अहह.जोर सें पेलो। औऱ तेज भइयाआह। मजा आँ रहा हैं।
कल्लू अब तेज़ी सें चोदने लगा। उसका लौड़ा अब फूलने लगा थां। बुर कि गर्मी सें पिघलकर आख़िर कर कल्लू केँ लौड़े नें रस कि धारा बुर मे मारनी शुरुआत कर दि। उसका अहसास पाकर गुड़िया कि बुर भि झड़ गई। दो नदियों केँ मिलन केँ जैसे उनके कामरस कां मिलन होँ गय़ा।
अब दोनों हि शान्त पड़गए। गुड़िया कि कमर मे दर्द होनेलगा थां। जैसे हि कल्लू नें लौड़ा बाहर् निकाला। वोँ बैड पऱ कमर केँ बललेट गई औऱ लंबी साँसें लेनेलगी। कल्लू भि उसकेपास हि लेट गय़ा।
गुड़िया- उफ़फ्फ़ भइया.इस बार तौ आपने बहोत लंबी चुदाई कि। ओह्ह। आपने तोँ मेरी बुर कि हालत बिगाड़ दि।
कल्लू- तुम्हें हि चुदवाने कां चस्का लगा थां। अब लौड़े केँ लिए तड़फी होँ। तोँ पूरामजा लो।
गुड़िया- मजा हि तोँ लें रही हूं.आज तौ चुदवाने नें बहोत मजाआया। मगर आप् यह मेरी गाण्ड मे उंगली क्यूं डालरहे थें?
कल्लू- गुड़िया सच कहूँ। तेरी गाण्ड देखकर मन बेचैन हौ गय़ा हैं। ऐसी लचकती गाण्ड। उफ़फ्फ़ इसमें लौड़ा जाएगा। तौ मजा आँ जाएगा। बसयही देखरहा थां कि अबकीबार मे तेरी गाण्ड हि मारूँगा.
गुड़िया-नहि भाई। आज शुरूआत मे हि सारे मज़ेलूट लोगे क्याँ.अभि कां मेरा होँ गय़ा। अबबाद मे देखते हें। आप् बुर मारते हौ याँ गाण्ड.
कल्लू- अरे अभि कहां थक गई दोस्त। अभि तोँ बहोत पोज़ बाकी हें। तुम्हें आज अलग-अलग तरीके सें चोदूँगा औऱ प्लीज़ गुड़िया तुम्हारी रसीले गाण्ड मारने दो नां। प्लीज़.
गुड़िया- नोनो भइया.बहोत दर्द होगा। तुमने पहले बताया नहि। नहि तौ मे तेल लेकरआती।
कल्लू-अरे गुड़िया। मेरे पास सारा इंतज़ाम हैं। मैंने तेल कि शीशी भि रखी हैं।
गुड़िया-ठीक हैं भाई। गांडबाद मे मार लेना। कल्लू- ठीक हैं जानेमन। जैसा तुम् बोलो.मगर एक् बार औऱ तेरी बुर मारूँगा। शपथ सें मन भरता हि। नहि तेरी बुर सें.।
गुड़िया- हाहाहा हा। आप् तौ मेरी बुर कां आज भोसड़ा बना केँ दम लोगे.ठीक हैं भाई। अब आपकोमना नहि करूँगी। पर्र थोडा रेस्ट लेने केँ बाद आप् धीरे-धीरे चुदाई कर लेना.
कल्लू- वाहह.यह हुईँ नाँ बात। अच्छा अपनी हॉस्टल लाइफ केँ बारे मे कुछ बताओ नं। तुम्हारे अन्दर यह बदलाव केसेआया। यह भि बताओ.
गुड़िया ऐसे हि हॉस्टल कि बातें करनेलगी औऱ कल्लू बस उसको सुनता रहा। आधे घंटे तक दोनों बातें करतेरहे। उसकेबाद कल्लू कां मन दोबारा चुदाई कां हौ गय़ा।
कल्लू आरामसे गुड़िया केँ बदन कों सहलाने लगा। उसके मुलायम होंठो कों चूसने लगा। ऐसी कच्ची कली कों जल्द हि उसनेफिन सें गर्मकर दिया.।
इस बार वोँ सीधालेट गय़ा औऱ गुड़िया कों ऊपर लेटाकर नीचे सें अपना लन्ड गुड़िया कि रसीली बुर मे फंसाकर एक् झटका दिया, लन्ड कच सें घुसता चला गय़ा। गुड़िया भि मस्ती मे आकर लौड़े पर्र कूदने लगी।
इस बार गुड़िया कल्लू कों चोदरही थि।
लंबी चुदाई केँ बाद दोनों झरगए औऱ नंगे हि एक्-दूसरे सें लिपटकर चैन कि नींद मे सोगए।
कुछ देरबाद कल्लू कां लन्ड खड़ा हौ जाता हैं। वो गुड़िया कि गांड पऱ रगड़ने लगता हैं।
गुड़िया- अरे भाई, यह आपके लौड़े कों क्याँ हौ गय़ा। केसे झटकेखा रहा हैं। लगता हैं इसको घुसने कि बड़ी जल्द हैं।
कल्लू- अरे इसकोपता हैं। आज रसीले कुँवारी गाण्ड कां मजा मिलने वाला हैं।
गुड़िया- हाँ मिलेगा। मगर उसके पहले मेरे प्यारे मुलायम होंठ इसकोमजा देंगे। फिनयह मेरी बुर कि आग मिटाएगा। उसकेबाद लास्ट मे गाण्ड कां मजा मिलेगा। समझे इतनी आसानी सें नहि.कुँवारी गांड नहि मिलेगी।
कल्लू- अरे दोस्त यह क्याँ बात हुईँ। पहले गाण्ड मारने दो नाँ प्लीज़.
गुड़िया- नहीं भैया। आपने तोँ लगता हैं पॉवर वाली गोलीखा रखी हैं… शुरुआत मे गाण्ड मारोगे तोँ पता नहि कितना दर्द होगा। पहले मुझे ठंडीकर दो। औऱ संग मे मेरी गांड केँ छेद कों आयल लगाकर चिकना भि कर दो। फिन आहिस्ता गोल गाँड मारते रहना।
कल्लू नें अधिक ज़िद नहि कि औऱ मान गय़ा। उसकेबाद दोनों चूमा-चाटी मे लगगए। दोनों 69 केँ पोज़ मे आँ गए औऱ एक्-दूसरे केँ बुर औऱ लण्ड कों चूसकर मजा लेने लगे। कुछ देरबाद गुड़िया नें कहा-अब बस बर्दाश्त नहि होता। घुसादो लौड़ा बुर मे। औऱ बुझादो इसकी प्यास!
कल्लू नें गुड़िया केँ पेर कंधे पऱ डाले औऱ लौड़े कों बुर पर्र सैट करके जोरदार झटका मारा। पूरा लौड़ा एक् हि बार मे अन्दर चला गय़ा।
गुड़िया- आआह्ह। आईईइ.मर गई रे.हाय। भइया क्याँ हौ गय़ा हैं आपको अह्ह.
कल्लू- यह तेरी साली बुर बहोत प्यासी हैं नां। इसकीवजह सें मे गाण्ड बाद मे मारूँगा। अबदेख इसका क्याँ हाल करता हूं। उफ्फ। लें उहहउहह उहह.
गुड़िया- आँ हाय। चोदो अह्ह। मेरे भइया.मजा आँ गय़ा.पेलो जोरजोर सें। ऊह्ह। भइया फाड़दो मेरी बुर कों। हम्म। ओह्ह.आइ.।
कल्लू औऱ स्पीड सें पेलने लगा। गुड़िया सें ऐसे तगड़े झटके बर्दास्त नहि हुए वोँ झड़ने केँ लगभग आँ गई।
गुड़िया- ऊह्ह। भइयातेज। मेरी बुर आह्ह। गई। गई। ऊह्ह.आइ आइ.
गुड़िया कमर हिलाकर झड़ने लगी उसकी साँसें तेज होँ गईं.मगर कल्लू कां अभि बाकी थां। वोँ ‘घपा-घाप’ लौड़ा पेलरहा थां।
गुड़िया- आँ अह्ह। भइया अह्ह.अब निकाल लो। ओह्ह। मेरी बुर मे हम्म.जलन हौ रही हैं। हम्म.आह। उफ़फ्फ़.
कल्लू नें झटके सें लौड़ा बाहर् निकाल लिया। तोँ गुड़िया प्यास सि गई.- आह.आज तोँ बड़ेजोश मे होँ भाई। लगता हैं आज मेरीखैर नहि.
कल्लू- तेरा तौ पता नहि। मगरआज तेरी गाण्ड कि खैर नहि हैं। बहोत तड़पाती हैं मुझे.आज उसको फाड़ केँ रख दूँगा मे.
गुड़िया- भइयाजोश मे होश नाँ खो देना.आज फाड़ दोगे। तोँ दोबारा नहि करना क्याँ आपको?
कल्लू नें गुड़िया केँ मुँह पऱ लौड़ा लगा दिया औऱ हाथ सें उसकेबाल पकड़कर लौड़ा उसके गालों पर्र घुमाने लगा।
गुड़िया- हाय। भइया क्याँ कररहे हौ। बाल क्यूं पकड़े होँ मेरे। दु:खता हैं नां.
कल्लू- अरे अभि कहां दु:खा हैं। जब तेरी गाण्ड मारूँगा। तब होगा असली दर्द तौ। मेरीजान लें चूस.
गुड़िया- भइया आपके इरादे ठीक नहि लगरहे। मुझे तोँ डरलगरहा हैं आपसे.पता नहि आज मेरी गाण्ड कां क्याँ हाल करोगे.
कल्लू- डरमत मेरीजान। तेरी गाण्ड इतनी प्यारी हैं। इसको तोँ बड़े प्रेम सें खोलूँगा। चलअबदेर मतकरबन जा मेरी घोड़ी। ताकि मेरे लौड़े कों भि चैन आँ जाए.
गुड़िया- प्लीज भाई। प्लीज़ दर्दमत करना। धीरे-धीरे डालना औऱ प्लीज़ ऐसे सूखामत डालो.कोई आयिललगा लो। ताकि दर्दकम हौ। वोँ सामने देखोवहा सें लें लो.
कल्लू खड़ाहुआ औऱ आयिल कि बोतल लें आया.तब तक गुड़िया भि दोनों पांव फैलाकर ज़बरदस्त कुतिया बन गई थि। उसकोदेख केँ कल्लू खुश होँ गय़ा।
कल्लू- वाह्ह। मेरीजान क्याँ पोज़ मे आई हौ। पेर भि फैलादिए। ताकि गाण्ड थोड़ी औऱ खुलजाए। तुँ डरमत। अभि बस थोड़ी देर कि बात हैं। उसकेबाद गांड कि छेद पूरीखोल दूँगा.
इतना कहकर कल्लू खटिया केँ निचेलगे बैड पऱ आँ गय़ा औऱ कुतिया बनी गुड़िया कि गाण्ड कों सहलाने लगा।
गुड़िया- ओह। भइया आपकाहाथ लगाते हि अजीब सां महसूस होँ रहा हैं।
कल्लू नें आयिल गुड़िया कि गाण्ड केँ छेद पर्र डाला औऱ उंगली सें उसकेछेद मे लगाने लगा। कुछ आयिल लौड़े कि टोपी पर्र भि लगा लिया ताकि धीरे-धीरे घुसजाए।
कल्लू उंगली कों गाण्ड केँ अन्दर घुसाकर तेल लगाने लगा। तोँ गुड़िया कों थोडा दर्दहुआ। मगर वोँ दाँत भींचकर चुपरही।
कल्लू बड़े प्रेम सें उंगली थोड़ी अन्दर डालकर गाण्ड मे तेललगा रहा थां औऱ गुड़िया बसआने वालेसमय केँ बारे मे सोचकर डररही थि।
कल्लू- मेरी रानीअब तेरी गाण्ड कों चिकना बना दिया हैं। अबबस लौड़ा पेलरहा हूं। थोडा सां दर्द बर्दाश्त कर लेना। उसकेबाद मज़े हि मज़े हें। तूम स्वयं कहेगी कि रोज गाण्ड मरवाऊँगी.तूम जानती नहि गांड मराने मे बुर सें भि अधिकमजा आता हैं।
गुड़िया- भइया प्लीज़ धीरे-धीरे डालना। मे आपकी छोटी बेहन हूं। यहबात भूलना मत.
कल्लू नें लौड़े कों गाण्ड पऱ टिकाया औऱ प्रेम सें छेद पऱ लौड़ा रगड़ने लगा।
कल्लू- अरेजान। डरमत। जानता हूं तूँ मेरी प्यारी सि छोटी बेहन हैं। तुम्हे दर्द होगा तोँ मुझे भि परेशानी होगी। तूँ बस देखती जा। बड़े प्रेम सें करूँगा।
कल्लू नें दोनों हाथों सें गाण्ड कों फैलाया औऱ टोपे कों छेद मे फँसाकर हल्का सां झटका मारा। तोँ लौड़ा फिसलकर ऊपर निकल गय़ा।
उसने 3 बार कोशिश कि। मगर लौड़ा अन्दर नहि गय़ा। तोँ कल्लू नें एक् हाथ सें लौड़े कों पकड़ा औऱ छेद पऱ रखकर दबाव बनाया। अबकीबार लौड़ा कां टोपा गाण्ड मे घुस गय़ा औऱ एक् दर्द कि लहर गुड़िया कि गाण्ड मे होनेलगी।
गुड़िया- ऐइ। आईईइ.अहह… भाई। बहोत दर्द हौ रहा हैं। अह्ह। आहिस्ता करना। नहि मेरीचीख निकल जाएगी। उई। मम्मी आज नहि बचूँगी.
कल्लू- मेरीजान। अभि तौ टोपी घुसी हैं। थोडा सां बर्दास्त कर लें। बस उसकेबाद दर्द नहि होगा।
गुड़िया- ओह्ह.कर तोँ रही हूं। आप् बस झटके सें मतपेल देना। आहिस्ता अन्दर डालो। मे दाँत भींच लेती हूं। हाय.अहह.
कल्लू हाथ सें दबाव बनाता गय़ा। एक् इंच औऱ अन्दर गय़ा औऱ वोँ रुक गय़ा। फिन दबाया तोँ औऱ अन्दर गय़ा। वैसे कल्लू बड़े प्रेम सें लौड़ा अन्दर पेलरहा थां। मगर गुड़िया कि गाण्ड बहोत टाइट थि। उसकी तोँ जान निकाल रही थि। वोँ बस आहिस्ता कराहरही थि।
कुछदेर तक कल्लू आरामसे लौड़े कों अन्दर करतारहा। उसकाआधा लण्डअब गाण्ड मे स्थान बना चुका थां। अब वोँ आधे लण्ड कों हि अन्दर-बाहर् करनेलगा।
गुड़िया- हम्म.आइ। ऊह्ह.अब दर्दकम हैं। अह्ह। चोदो भाई अह्ह.मजा आँ रहा हैं। भाई सच्ची गाण्ड मे मजा आँ रहा हैं। ओह्ह.उहह.
कल्लू अब स्पीड सें लौड़े कों अन्दर-बाहर् कररहा थां औऱ हर धक्के केँ संग लौड़ा थोडा औऱ अन्दर घुसा देता। उसका लौड़ा एकदम टाइटजा रहा थां। यह तोँ आयिल कां कमाल थां। नहि तोँ उसका लौड़ा छिल जाता। थोड़ी देरबाद कल्लू नें लौड़ा पूरा बाहर् निकाल लिया।
गुड़िया-अहह। क्याँ हुआ भइया। निकाल क्यूं लिया.थक गए क्याँ?
कल्लू- अरे नहि मेरीजान। जितना आयल लगाया थां। वोँ तेरी गाण्ड पी गई। अब थोडा औऱ लगा केँ डालूँगा.
गुड़िया- आह। भइया जल्द सें पेलदो आप् मेरी गाण्ड माररहे हौ औऱ मेरी बुर मे खुजली शुरुआत होँ गई हैं।
कल्लू- सबरकर मेरी गुड़िया। आज तेरी सारी खुजली मिटा दूँगा मे.
इतना कहकर कल्लू नें पूरे लौड़े पर्र अच्छे सें तेल लगाया। उसकेबाद गुड़िया कि गाण्ड कों हाथ सें खोलकर उसमेतेल पेल दिया। ताकि पूरा लौड़ा धीरे-धीरे अन्दर चलाजाए।
तेल कि बोतल साइड मे रखकर कल्लू नें लौड़ा गाण्ड मे घुसा दिया औऱ आहिस्ता अन्दर-बाहर् करनेलगा, गुड़िया मस्ती मे गाण्ड पीछे धकेलकर चुदने लगी।
तभी कल्लू नें जोश मे ज़ोर कां झटकामार दिया औऱ पूरा लौड़ा जड़ तक गाण्ड मे समा गय़ा औऱ इसी झटके केँ संग गुड़िया बैड पर्र गिर गई, उसके संग-संग कल्लू भि उसकेऊपर गिर गय़ा।
पूरा लौड़ा जब गाण्ड मे गय़ा तौ गुड़िया केँ मुँह सें ज़ोर कि चीख निकल गई। मगर जल्द हि उसनेखाट मे मुँह छुपाकर अपनीचीख कों दबा लिया। उसकी आँखों सें आँसू बहनेलगे।
कल्लू कों भि यह अहसास होँ गय़ा कि गुड़िया कों कितना दर्दहुआ होगा। क्योंकि शुरुआत मे तोँ वोँ प्रेम सें लौड़ा घुसारहा थां। मगर अचानक हि पूरा लौड़ा एक् संग गाण्ड मे चला गय़ा तौ दर्द होना लाजिमी हैं।
कल्लू कुछदेर वैसे हि गुड़िया केँ ऊपर लेटारहा। जब उसका दर्दकम हुआ।
गुड़िया- आँ आह। भाई। मेरीजान निकाल दि आपने। अह्ह.अब उठो भि। पूरावजन मेरेऊपर पेलरखा हैं.
कल्लू अपने हाथों औऱ घुटनों पऱ ज़ोर देकर थोडा ऊपरहुआ औऱ आहिस्ता लौड़ा अन्दर-बाहर् करनेलगा।
गुड़िया- आह्ह। भइया। बहोत दर्द हौ रहा हैं। प्लीज़ अबबस भि करो। उफ्फ। निकाल लो नां। आह। मे मर जाऊँगी.
कल्लू- अरेअब तोँ पूरा अन्दर घुस गय़ा। अब कैसा दर्द.बस मुझे थोड़े झटकेमार कर गाण्ड कों खोलने दे। उसकेबाद मज़े हि मज़े.
गुड़िया- हम्म.ठीक हैं। अह्ह। जोँ करना हैं अह्ह। जल्दकरो। मुझे ज़ोर कि सूसूआई हैं। हम्म। जल्दकरो.
कल्लू अब स्पीड सें गुड़िया कि गाण्ड मारने लगा। वोँ सिसकारियाँ लेतीरही। कुछदेर बाद लौड़ा ‘पक-पक’ कि आवाज़ केँ संग स्पीड सें अन्दर-बाहर् होनेलगा।
अब गुड़िया कों दर्द भि कम महसूस होँ रहा थां। वोँ झटकों केँ संग उत्तेजित होनेलगी थि। उसकी बुर रस टपकना शुरुआत होँ गई थि। वोँ जोश मे आँ गई।
गुड़िया- आँ हाय। भइया.अब दर्दकम हैं। ओह्ह.अब ज़ोर सें करो। उफ्फ। जल्द मेरी बुर कि आँ.आग भि आपको मिटानी हैं ओह्ह.जोर जोर सें मेरी गांड मारो ऊह्ह। फास्ट.
गुड़िया कों अबमजा आनेलगा थां। वोँ हाथों पऱ ज़ोर देकरफिन सें पूरी घोड़ी बन गई थि औऱ कल्लू अब उसके कूल्हे पकड़कर ‘दे दनादन.’ लौड़ा पेलरहा थां। कुछदेर बाद कल्लू नें गुड़िया कि गाण्ड मे पिचकारी मारनी शुरुआत कि। तोँ गरम-गरम वीर्य सें उसको बड़ाचैन मिला।
गुड़िया कि गाण्ड कों भरकर ‘पक्क’ कि आवाज़ केँ संग लौड़ा बाहर् निकाला औऱ कल्लू खाट पऱ लेटकर लंबी साँसें लेनेलग गय़ा।
गुड़िया कि गाण्ड सें वीर्य टपककर बाहर् आनेलगा। वोँ भि कल्लू केँ बराबर मे लेट गई।
गुड़िया- क्याँ भइया.आज तोँ आपनेहद हि कर दि। मेरीजान लेने कां इरादा थां क्याँ। कितनी ज़ोर सें भारी गाँड मे लौड़ा घुसाया। मेरीजान निकाल दि आपने।
कल्लू- अरे दोस्त वोँ ग़लती सें हौ गय़ा थां। नहि मे तोँ प्रेम सें हि कररहा थां। वैसे तेरी गाण्ड बहोत टाइट हैं। मजा आँ गय़ा आज तोँ.
गुड़िया- आपको तौ मजा आँ गय़ा। मेरी तोँ हालत खराब हौ गई नां। अभि भि ऐसालग रहा हैं जैसे गाण्ड मे लौड़ा घुसाहुआ हैं। औऱ दर्द भि बहोत होँ रहा हैं। देखोखाट पऱ ठीक सें गाण्ड टिक भि नहि रही.इसी लिए करवट लेकर लेटी हुइ हूं।
कल्लू- हाहाहा। मेरी प्यारी गुड़िया। पहलीबार मे ऐसा होता हैं। अबरोज मरवाओगी। तौ आदतपड़ जाएगी। उसकेबाद दर्द नहि मजा मिलेगा।
गुड़िया- अच्छा अच्छा। ठीक हैं। अब जल्द सें उठो। मेरी बुर मे खुजली हौ रही हैं। इसमें डालोअब अपना मोटा लौड़ा.
कल्लू- थोडा दम लेनेदे मेरीजान। अभि 5 मिनट मे लौड़ा खड़ा हौ जाएगा। उसकेबाद नाँ कहना कि बसकरो मे थक गई हूं। तेरी बुर कि प्यास मिटाकर दोबारा गाण्ड मारूँगा तेरी.
गुड़िया- हाँमार लेना.मगर रस मेरी बुर मे हि डालना। बड़ाचैन मिलता हैं। जब बुर मे गरमरस अन्दर जाता हैं।
कल्लू- अब तेरा सूसू नहि आँ रहा क्याँ। गाण्ड मारने केँ वक़्त तोँ बहोत चिल्ला रही थि तुँ?
गुड़िया- उससमय आया थां। अब नहि आँ रहा हैं।
कल्लू- जाओकर लो। नहि लौड़ा अन्दर जाएगा तौ दोबारा बोलोगी। तब तक मे थोडा रेस्ट करलूँ।
गुड़िया- हाँसही कहा आपने। चुदाई केँ वक़्त फिन सें आँ गय़ा तौ हमारा मजा खराब हौ जाएगा।
गुड़िया जबउठी तौ उसको गाण्ड मे दर्द महसूस हुआ। वोँ जब चलनेलगी तोँ उसकीचाल बदल गई दर्द कि वजह सें। वोँ कूल्हे उठाकर चलरही थि। गुड़िया गाण्ड कों मटकाती हुईँ सीधी झोपडी केँ पीछे कि तरफ़चली गई।
कल्लू धीरे-धीरे लेटाहुआ थां तभी उसके दिमाग़ मे कोईबात आई औऱ वोँ उठकर सीधा झोपडी केँ पीछे कि तरफ़ भागा तौ देखा गुड़िया पेशाब करने बैठी हि थि कि कल्लू कों देखकर खड़ी हौ गई औऱ चौंकती हुई बोलीं- ओह्ह। भाई। यह क्याँ हैं मे तौ डर गई। आप् ऐसे अचानक आँ गए?
कल्लू- अच्छा हुआ तूने सूसू नहि किया। मेरा भि सूसूआया हैं चल दोनों संग मे करेंगे। मजा आएगा.
गुड़िया- हाहाहा भइया.कुछ भि सूसूसंग मे करने मे क्याँ मजा?
कल्लू- तुँ देख तोँ सही। मे क्याँ करता हूं। मजा नाँ आए तोँ कहना.
गुड़िया- जौ करना हैं जल्दकरो। अब मुझसे रुका नहि जारहा। बड़े ज़ोर कां सूसूआया हैं।
कल्लू निचेबैठ गय़ा औऱ गुड़िया कों लगभग खींचकर अपनी जाँघों पर्र बिठाकर उसके बूब्ज़ कों चूसने लगा। उसका लौड़ा एकदम कड़क हौ गय़ा। तोँ उसने गुड़िया कि बुर पऱ लौड़ा टिका दिया औऱ हल्का सां अन्दर पेल दिया।
गुड़िया- आह। भइया क्याँ कररहे हौ। पहले सूसू तौ करनेदो। आप् बाद मे आहिस्ता चोद लेना।
कल्लू- मेरीजान। मे चोद नहि रहा हूं। अब तूँ ज़ोरलगा केँ सूसूकर। देख कितना मजाआता हैं.
गुड़िया कों बातसमझ आँ गई। तौ वोँ मुस्कुराने लगी औऱ अपने भाई केँ गले मे हाथ डालकर एक् किसकर दिया।
कल्लू- अब सूसूकरो। मे आरामसे तुम्हारी बुर मे लौड़ा डालूँगा। बहोत मजा आएगा।
गुड़िया नें सूसू करना शुरुआत कर दिया उसकी बुर सें सीटी कि आवाज़ निकलने लगी। उसकी गरम-गरम सूसू कल्लू कि जाँघों पर्र लगी। तोँ उसको बहोत मजाआया औऱ उसीसमय कल्लू नें भि सूसू कि धार गुड़िया कि बुर मे मार दि। गुड़िया एकदम सें चिहुँक सि गई। उसको बुर मे अजीब सां अहसास होनेलगा।
जब दोनों सूसूकर चुके तोँ एक्-दूसरे कों देखकर हँसने लगे।
गुड़िया- हाहाहा भइया आपकी सूसू कितना गरम थि। मेरी बुर कि सिकाई हौ गई। थोडा सां गाण्ड मे भि कर देते तौ मजा आँ जाता।
कल्लू- तेरी बुर सें कौन सि कोल्ड ड्रिंक बाहर् आई हैं। वोँ भि गरम हि थि औऱ तेरी गाण्ड वाली ख़्वाहिश भि दोबारा मे पूरीकर दूँगा।
गुड़िया- भाई आपकी पूरी जाँघें औऱ पेट सूसू सें सन गय़ा हैं। पहलेनहा लें। उसकेबाद झोपडी मे जाएँगे। नहि तौ पूराबैड खराब हौ जाएगा औऱ बदबू भि आएगी.
कल्लू- ठीक हैं मेरीजान। मगरऐसा मत बोलो कि बदबू आएगी.यह तोँ अमृत हैं। मेरा तोँ दिल करता हैं तेरी बुर सें निकला इसका एक्-एक् कतरापी जाऊँ।
गुड़िया- छी:छी: कितने गंदे होँ आप्। सूसू पीने कि बातकर रहे होँ.
कल्लू- अरे मजाककर रहा हूं मेरीजान।
गुड़िया- अच्छा अब बातें बंद.। पहले मेरी बुर कि खुजली मिटाओ भाई।
कल्लू:ठीक हैं गुड़िया। मगर एक् शर्त पर्र मे जैसे जैसे कहूँगा। तुम् करोगी। देखता हुइस चुदाई मे तुम् जीतती हौ याँ मे।
कल्लू:गुड़िया आँ थोडा मेरा लन्ड चूसदे मे तुझेही गोद मे उठाकर चोदना चाहता हूं।
गुड़िया कल्लू केँ आगेबैठ जाती हैं औऱ उसके लन्ड कों पहलेजीभ सें चाटने लगती हैं। फिन वो लन्ड कों पूरा मुँह मे लेकर चूसने लगती हैं।
कल्लू:गुड़िया अब तौ तूँ लन्ड चूसने मे पूरी एक्सपर्ट हौ गई हैं। आँ मेरीगोद मे औऱ अपनी बुर मेरे लन्ड पऱ रखकरबैठ जा। गुड़िया अपने भैया कि गोद मे चढ़कर अपने कोमल हाँथो सें कल्लू भाई केँ लन्ड कों अपनी रसीली बुर मे सेट करती हैं औऱ उसपरबैठ जाती हैं। कल्लू कां लन्ड गुड़िया कि गीली बुर मे जड़ तक घुस जाता हैं।
अब कल्लू गुड़िया कों गोद मे उठाकर खेत मे घुमा घुमाकर चोदने लगता हैं। कुछ हि देर कि चुदाई मे गुड़िया पूरा गर्म होँ जाती हैं औऱ गोद मे हि अपने भाई केँ लन्ड पऱ कूदने लगती हैं।
फिनकुछ देरबाद कल्लू गुड़िया कों गोद सें उतारकर कुतिया बना देता हैं। पीछे सें अपना मोटा लन्ड अपनी छोटी बेहन कि बुर मे पेल देता हैं। फिन वो गुड़िया केँ दोनों पांव कों ऊपरउठा देता हैं औऱ गुड़िया कों हाथों केँ बलआगे चलने कों कहता हैं। गुड़िया कुतिया बनी अपने दोनों हाथों केँ बलआगे चलने लगती हैं। औऱ कल्लू पीछे सें अपना लन्ड पेलता जाता हैं।
अब गुड़िया कों पुरेखेत मे कुतिया बनाकर दौड़ा दौड़ा केँ पेलता हैं। आधे घंटे कि जबरदस्त चुदाई केँ बाद गुड़िया झर जातो हैं तब कल्लू अपना लन्ड गुड़िया कि बुर सें निकालकर उसे सामने बिठा देता हैं औऱ पूरा वीर्य गुड़िया केँ पुरेबदन पऱ गिरा देता हैं। गुड़िया कां शरीर कल्लू केँ वीर्य सें भीग जाता हैं।
गुड़िया:भाई देखो तुमने मुझे पूरा गन्दा कर दिया। चलो अबनदी मे नहाकर आते हैं। मेरा पूरा जिस्म गन्दा होँ गय़ा हैं।
कल्लू:ठीक हैं गुड़िया चलो। मगर पहने कपडे तौ पहन लो। गुड़िया अपनाटॉप औऱ स्कर्ट पहन लेती हैं औऱ दोनों नदी केँ तरफचल देते हैं।
गुड़िया:अरे भाई मई तौ भूल हि गई थि कि जब तुम् मम्मी कों तैरना सिखाने लाये थें तौ क्याँ क्याँ किया। मम्मी केँ मोटे मोटे गांड कां मजा लिया कि नहि।
कल्लू:अरे गुड़िया। बहोत मजाआया मम्मी केँ संग। जब मां कों नंगा करके तैरना सीखारहा थां। तोँ गहराई मे जाने पर्र जब मम्मी मेरे लन्ड पर्र चढ़ गई थि तौ मैंने धीरे-धीरे सें अपना लन्ड मम्मी कि गदराई बुर मे घुसा दिया थां। फिन तौ मां इतनी गर्म होँ गई थि कि मेरेगोद मे चढ़कर एक् घंटे तक अपनी बुर चुदवाती रही।
गुड़िया:सच भाई मां बहोत चुद्दकड़ हैं। अब तौ तुम्हारे मज़े हि मज़े हैं। जब मे शहरचली जाउंगी तब मां कों खेतो मे नंगा करके चोदते रहना।
कल्लू:हाँ मेरी गुड़िया। मम्मी कि बात करके तूनेफिन सें मेरा लन्ड खड़ाकर दिया। चल अबनदी आँ गई हैं। हमदोनो नंगे नहाते हैं। तुँ मेरीगोद मे चढ़ जा। आज तुम्हें भि मां कि तरहचोद दूँ।
गुड़िया अपने कपडे उतारकर पूरी नंगी होँ जाती हैं। कल्लू भि नंगा होँ जाता हैं औऱ गुड़िया कों गोद मे उठा लेता हैं। फिन अपना लन्ड गुड़िया कि बुर मे पेल देता हैं औऱ दोनों गर्दन भर पानी मे चले जाते हैं। कल्लू अपनी बेहन केँ जूसी होठो कों चाटने चूसने लगता हैं। औऱ निचे सें लन्ड कों धीरे-धीरे धीरे-धीरे गुड़िया कि बुर मे पेलने लगता हैं।
गुड़िया भि अपने भाई केँ चेहरे कों चाटने चूसने लगती हैं। अपने चूंचियों कों अपने भैया कों चुसाने लगती हैं। दोनों कों कितना मजा आँ रहा हैं।
आधा घंटा पानी मे मस्ती करने केँ बाद दोनों कि उत्तेजना बढ़ गई औऱ वहींकम पानी मे लाकर कल्लू नें गुड़िया कों हाथ केँ सहारे घोड़ी बनाया औऱ उसकी बुर मे लौड़ा घुसा दिया औऱ स्पीड सें चोदने लगता हैं।
गुड़िया- आँ उफ्फ.पेलो भाई। ऊह्ह। अह्ह.जोर जोर सें। आइ.आह्। हम्म.उई। आनंद आँ रहा हैं।
गुड़िया कि बातों सें कल्लू कों औऱ जोश आँ गय़ा, वोँ उसकीकमर पकड़कर ज़ोर सें चोदने लगा।
दस मिनट मे गुड़िया कि रसधार बह गई। मगर कल्लू तोँ अभि बाकी थां। वोँ कहां रुकने वाला थां। वोँ ‘देदना दन’ चोदता रहा पेलता रहा।
गुड़िया- आँ ऊह्ह। भइया.आह। बुर हि आँ ओह्ह। मारते रहोगे क्याँ। आँ उफ्फ। दर्द होनेलगा हैं। अब तौ गाण्ड भि खुल गई हैं। तौ उसमें पेलदो नं.
कल्लू- हाँ मेरी रानी.मन तोँ मेरा भि तेरी गाण्ड मारने कां हि हैं। मगर मे तुम्हारे कहने कां वेटकर रहा थां।
इतना कहकर कल्लू नें लौड़ा बुर सें निकाला औऱ गुड़िया केँ गांड पऱ थूकलगा दिया औऱ ‘ठप’ सें पूरा लन्ड एक् संग गाण्ड मे घुसा दिया।
गुड़िया- ऐइ.मर गई रे। ओह्ह। भइया आहिस्ता डालो नां। हाय.आज हि तोँ गाण्ड कि ओपनिंग हुइ हैं। ऊह्ह.
कल्लू- क्याँ करूँजान। तुम्हारी टाइट गाण्ड कों जल्द सें खोलना चाहता हूं मे ताकिफिन तुम्हें परेशानी नां हौ।
कल्लू स्पीड सें गुड़िया कि गाण्ड मारने लगा।
लगभग 20 मिनटबाद गुड़िया दोबारा गरम होँ गई। उसकी बुर फिन सें रिसने लगी औऱ कल्लू कां लौड़ा भि अबआग उगलने कों बेताब थां। तोँ उसने लौड़ा गाण्ड सें निकाल कर बुर मे घुसा दिया। अब तोँ कल्लू कभी अपना लन्ड अपनी बेहन कि बुर मे घुसाता तौ कभी गाण्ड मे घुसा केँ पेलने लगता। गुड़िया भि किसी रंडी कि तरह गर्म होँ गई थि।
वो भि अपनी गांड औऱ बुर दोनों मस्ती मे चुदवा रही थि कुतिया बनके। कल्लू नें तेजतेज धक्के मारमार केँ गुड़िया केँ गांड औऱ बुर केँ छेद कों पूरा फैला दिया थां। जल्द हि उसका लावाफूट गय़ा। उसकेसंग संग गुड़िया भि झड़ गई।
गुड़िया- आह। उफ़फ्फ़। मजा आँ गय़ा भइया। आपकेरस सें बुर कों चैन मिलता हैं। ओह्ह.आज तोँ मजा आँ गय़ा।
कल्लू- ओह.मजा तोँ मुझे आँ रहा हैं तेरी बुर औऱ गाण्ड इतनी टाइट हैं कि क्याँ बताऊ हमेशा चोदने कां दिल करता हैं।।
गुड़िया- हाँ भइया। जितना चोदना होँ। चोद लेना।
कल्लू- हाँसही कहा.चल अब तेरी एक् ख़्वाहिश औऱ पूरीकर देता हूं। बड़े ज़ोर कां सूसूआई हैं। तेरी गाण्ड मे गरम सूसू करके तुम्हे मजा देता हूं। तूँ भि क्याँ याद करेगी अपने भइया कों। चल घोड़ी बनजा जल्द सें.
गुड़िया घोड़ी बन गई। कल्लू कां लौड़ा पूरा तौ कड़क नहि थां। मगर उसने दोनों हाथों सें गुड़िया कि गाण्ड कों फैलाकर लौड़े कां सुपारा गाण्ड मे फँसा दिया औऱ ज़ोरलगा कर सूसू करनेलगा।
गुड़िया- आह। भइया। कितना गरम हैं। मजा आँ गय़ा हम्म.।
फिन दोनों एक् दूसरे कों नहलाते हैं। फिन दोनों साम कों घऱ आँ जाते हैं।
अब कल्लू बहोत खुश थां। उसकी बर्षो कि ख़्वाहिश पूरी होँ गई थि। उसके गाँव कि नदी केँ कारण हि उसे उसकी मम्मी बेहन औऱ चाची कि मस्त बुर औऱ गांड मिली थि।
खत्म खत्म
खत्म
ख़त्म
ख़त्म खत्म
ख़त्म
Old At One Place – New Episode
Ab हम bacchhe bi तो नहीं rahe.
maira nam Veena h। Meri Kanpur में shadi hoyi और mein दो साल से wahin apne shauhar और saas sasur के saath rha rahi hun.
Mere shauhar America में job kartein haen और in dino mein apne घर aayi hun। Meri sasural की baatein bi aage aayengi, पर इस समय mein aapko apne घर के baare में bataati hun.
Mere घर में मेरे pitaji और mummy, Deepak और Devika haen। Dono honge 48 के। Unke alaawa मेरा एक छोटा और एक बड़ा bhay h। Chhote kaa nam ishq h और bade kaa nam Pulkit h। Pulkit की shadi hu gai h और उसकी patni kaa nam Priya h.
mummy और pitaji मेरे aane kaa intezaar krr rahe thhe, abi bacchha नहीं हुआ thha। ghrr में acchhe acchhe pakwaan bane thhe। Pakwaan तो Priya और Sushila hi banaati, Sushila हमारी naukraani। wo vidhwa h, tees की.
mummy और pitaji ne aav bhagat किया, ishq bi muze dekhke बहुत खुश thha, Pulkit और Priyanka bi खुश thhe। ghrr बड़ा thha और sab के kamre alag thhe.
pr shadi tak mein और ishq एक saath hi sote thhe। Dosti thhi हम में, एक hi साल kaa farak thha dono में। rath ko ghanton बात किया karte thhe.
rath kaa khaana khaake ishq और mein jhatt से apne kamre में chale gaye, Priyanka ne बहुत zid की के mein आज rath unke saath soun, पर ishq से बहुत saari baatein karni thhi.
dono kamara में जाते hi bistar pe baitth gaye, aamne saamne, ishq तो बहुत adhik hi uttejit thha muze updates dene और lene के liye। Hum dono की बात hi कुछ alag thhi.
ishq: Didi.Tumne vaada किया thha juldi aaogi.is baar chhe mahine के बाद aayi hu.
mein: wo sab chhod, Komal kaisi h.?
ishq: Komal ko maaro goli.Vivek kaisa h.Contact h tm dono kaa.?
mein: Paagal h क्या.wo sab shadi से pahle thha.Ab तो उसकी bi shadi hu gai h.or Shekhar उसकी yaad naheen aane deta h.
ishq: Acchha तो jijaji के rang में rang gai hu tm.
mein: or naheen तो क्या, और Komal ko goli kyun maaroon, क्या हुआ.?
ishq: Arre कुछ naheen.Mass communications padhne Mumbai gai h.Long distance hu गया h.mene keh दिया कोई पसंद aa गया तो tension naheen लेना.mein bi अपना raah naap loonga.
Hum dono hans baitthhe, wo abi bi aesa hi thha, tension free, na leta thha na deta thha। Agar मेरा bhay naheen hotha तो usi से shadi krti.
mein: Toh आज कल krr क्या rahe hu.?
ishq: Arre.Graduation krr raha hun और क्या.
mein: Arre buddhu, Komal naheen h यहाँ, तो.
ishq: Toh.Oh Oh samaja.Didi tm bi na.Kya karoon bolo.Apne हाथ में thodi thha.
mein zoron से hans padi.
ishq: Arre क्या हुआ.
mein: Tumhaare hi तो हाथ में h.Ab usi से काम chalaao.
ishq: Didi.Double meaning तो कोई tumse seekhe.
mein: Acchha sun, ye shaadi से nikalti hun और apni aukaat में aati hun.Shorts और T-Shirt.or tu क्या ye old fashioned pyjama कब से pehenne laga.
ishq: ja tu change krr, मेरी tension mat le.
mein utthke washroom chali gai, paanch min में baahar aayi तो ishq andar jaane ko utaawala thha.
mein: Arre.tuze lagi h क्या.
ishq: or naheen तो क्या.? Kitna waqt laga लिया.?
mein darwaaze से hati और use andar jaane दिया, wo कुछ second बाद hi darwaza khola, mein wahin khadi thhi, mein use dekhke muskuraayi.
mein: Kya हुआ.hu गया.
ishq: Didi.Chhed mat.De na.
mein: Moot le.fir baahar aa, मेरे saamne hi krr joh itne साल krta thha.
ishq: Didi हम ye बात krr chuke haen tairi shadi से pahle naa.
mein: ja na.or juldi aa.fir joh tu bol.
wo andar jaake lauta, mein bistar pe baitthi thhi, maandi daal के, wo एक naaraaz bacchhe की prakaar मेरे saamne aake baitth गया, mene apni chaddi, joh मेरे हाथ में chhupi thhi, use de di, usne naheen लिया.
mein: Arre le na.Soongh le.Tu isi के liye andar bhaaga thha na.
ishq: Didi.Itna obvious karne की avashyakta naheen thhi.jb tuze sab ptaa h तो.
mein jhatt से palatke उसके god में baitth gai और apni chaddi उसकी naak pe laga li.
mein: Le soongh le.Naaraaz mat hu.Mazaak naheen krr sakti क्या terese.
ishq: Ab chaddi soongha rahi hu और god में bi baitthi hu.Utthna.
mein: Kyun.Neeche tambu ban raha h क्या.
ishq: Banega na didi.shadi के बाद badal gai hu.
mein: Acchha wo kese.
ishq: Yaad h tumne muze tumhaari chaddi soonghte huey pakda thha.tm बहुत naaraaz thhi.Baat naheen किया mujhse na jaane kitne दिन.fir जब बात shuru hoyi तो kitna daanta.
mein: Us समय naheen ptaa thha के tu बड़ा hu raha h.Sexual feelings aa rahein haen tere में.Hum dono sirf baarah ya teraah के तो thhe.pr जब samajh aayi के tu aesa kyun krta h तो change hoyi na mein.tuze बाद में कभी sawaal किया.
ishq: nahee.naheen किया.pr अब तो god में से utro.
mein: Sharmaata h मेरे से.
ishq: Tere से hi तो naheen sharmaata.
mein: Toh baitthne de na.Acchha lagta h.
ishq: Kyun jijaji sek naheen rahein haen क्या.
mein: Saale wo यहाँ haen क्या.Sekne के liye.or sekna sekna क्या lagaaya h.Ab तो tu bi बड़ा hu गया h.Seedhe बात krr na.
mene अपना हाथ उसकी gardan में baandh लिया.
ishq: unkah kitna लम्बा h.
mein: Chhe inch h.or teraa.
ishq: Saadhe saath.
mein: ptaa h.
ishq: kese.
mein: Gadhe.bhul गया.jb tu और Komal kaalej bunk krr के यहाँ aaye thhe.Komal के moonh में क्या thha.
ishq: Toh tu ne darwaaze से naapliya क्या.
mein: naheen baba usne bataaya.Hum un dino Vivek और teraa compare karte thhe.
ishq: Kitne bure thhe na tm dono.
mein: Bure तो thhe.Acchha ye bata, bhabhi और Bhaiyya kaa kese chl raha h.
ishq: mein क्या dekhne jaaunga un dono ko.
mein: Acchha.Bada acchha ban raha h.Tu मेरी chaddi soonghta h, तो bhabhi की naheen soonghega.Bata.Un dono ko देखा h कभी.
ishq: Tub hi naa.ha देखा hun.
mein: or.kese lagi.
ishq: Mast h.
mein: Ab आया na utth pahaad के neeche.
ishq: Merautth तो tere pahaad के neeche dabb raha h, use तो aazaad krr.
mein फिर hans padi.
mein: Acchha bata na.Uski chaddi soongha.
ishq: Soongha.
mein: bus pakde mat jaana.
ishq: Pakda गया.
mein: Kya.fir.Kya हुआ,.Bhaiyya ko ptaa chala.
ishq: nahee.Bhabhi ne sambhaal लिया.
mein: Bata na क्या कहा.
ishq: Bhabhi बहुत acchhi h yar.Samajhdaar h tere jaisi.
mein: Toh tuze अब roz soonghne deti h.
ishq: naheen roz naheen.jb bi dill ❤️ krta h.
mein: tairi तो nikal padi yar.kese lagta h उसकी chaddi soonghke.Mere jaisi.
ishq: Hmmm.
mein: Kya hmmmm saale.Daba dungi neeche.
ishq: Daba तो rahi h.or kitna dabaayegi.
mein: tuze bi तो acchha lag raha h na.
ishq: ha baitthe rha.maira क्या jaata h.
mein: Bata na.
ishq: Mast h, tere जैसे hi.
mein: Blue film h कोई phone में.Ya laptop में.
ishq: h.nayee बहुत download की thhi.pr chhod na.Ab majaa नहीं raha unmein.
mein: Kyun अब asli चीज़ kaa taste aa गया h क्या.?
ishq: aesa कुछ bi naheen h didi.pr अब bus, majaa naheen raha.
mein: Theek h.Acchha, हम kahaan thhe, Bhabhi pe.
ishq: mein bhabhi pe कभी naheen thha.
Hum dono hans pade.
mein: Acchha.Ab samajh में आया tu blue film अब kyun naheen dekhta.Ab asli film dekhta h na.Bhaiyya और bhabhi की.
ishq: or bi बहुत कुछ h यहाँ dekhne ko didi.
mein: Matlab.or कौन.mummy Pitaji.? wo abi bi active haen क्या.?
ishq: pahle से bi adhik.Bhaiyya से active तो Pitaji haen.
mein: or unkah kitna लम्बा h.
ishq: Saat tak hoga.Bhaiyya kaa bi utna hi h.
mein: Toh iska matlab h tu sabse लम्बा h.
ishq: Tu bi na.Lamba.Lamba krr rahi h कब से.
mein: Acchha sun.jb agli baar bhaiyya bhabhi ya mummy Pitaji kaa scene chale, तो muze bi bataana.
ishq: Arre tu क्या मेरे jaisi h.tairi तो shadi hu gai h na.Toh tuze in sab में kyun interest h.
mein: Buddhhu.maira shauhar h दूर mujhse.Dialogue yaad h na.Sher के moonh में rakt lagna.Toh bus yehi samajh.
ishq: chl अब utthh.
mein utth के koni के bal let gai, ishq utthne से sharma raha thha.
mein: Arre utth के यहाँ aa, ayese let के baatein karenge.
ishq: Aar aha hun.juldi क्या h baba.
mein: Aankhein bund krr loon.?
ishq: Dekh तो sab लिया h na.Ab kyun aankhein bund karegi.
mein: Toh फिर sharma kyun raha h.Aa ja.Let मेरे pas.
ishq अपना latakta tambu utthaake मेरी prakaar मेरे saamne let गया, apni koni pe, mein jan boojh krr aura age aa gai, wo थोड़ा peecchhe sarka, mene sharaarti muskuraahat di use.
ishq: Yahaan क्या sataane aayi hu muze.
mein: Arre naheen baba.Tu एक काम krr, batroom ja और काम khatam krr le, फिर baatein kartein haen.
ishq: nahee rehne de.Baad में krr lunga.
mein: Acchha sun, tu ne bhaiyya bhabhi ko क्या क्या karte देखा h.
ishq: Wohi joh tu ne muze और Komal ko karte देखा.
mein: Matlab full on.Oral sex और sab कुछ.
ishq: or naheen तो क्या.tuze क्या lagta h apne mummy pitaji peecchhe haen इस काम में.
mein: Matlab.mummy pitaji bi.Kya bol raha h tu.
ishq: mene तो pahle hi कहा, wo dono adhik active haen.
mein: Toh tu kisko देखना adhik पसंद krta h.
ishq: Joh pahle काम pe laga, उसकी dekh leta hun.
mein: Bhaiyya bhabhi ko खुश naheen karte क्या.
ishq: mein क्या jaake poocchhoon unse कल.Tu bi na kese sawaal krti h.muze kese maaloom hoga.
mein: Arre buddhhu samajh में aata h.Bhabhi tuze apni chaddi soonghne deti h.Matlab.
ishq: Matlab क्या.?
mein: Matlab, yehi के, wo khul gai h tujhse.Agar wo bhaiyya से खुश hoty तो aesa naheen krti.
ishq: Arre baba tu apne andaaze mat laga.muze un dono के beech naheen padhna.
mein: Toh tu क्या sacch में Komal kaa intezaar krr raha h.
ishq: jb tak कोई acchhi naheen lagti तब tak.
mein: or tuze क्या lagta h, wo rukegi tere liye.
ishq: Dekh didi.mein उसकी marzi kaa maalik naheen hun, wo khud h.Na wo मेरी marzi की.Joh hoga देखा jaayega.abi से सोच के tension kyun le.
mein: kash tu मेरा bhay naheen hotha re.
ishq: Toh क्या krti.
mein: shadi और क्या.ptaa leti tuze.
ishq: mummy pitaji ne teraa ye plan fail krr दिया.Sorry.
mene उसके gaal ko kheench लिया, dono की thodi masti में haatha paayi hoyi, फिर हम seedhe hu gaye, उसका tambu bi अब normal hu गया thha.
mein: Tu पर घर के sex scenes dekhta kese h.
wo एक dam से muskuraane laga, mene उसका चेहरा padhne की koshish की.
mein: Bata na.Bhaav kyun khaa raha h.Darwaaze से ya कोई khidki से.
ishq: Apne kamre से.
mein: Matlab.
ishq: Matlab.Hmmmm.
mene अब उसके gaal pe zordaar chumti kaati और एक dam उसके badan से satt gai, मेरे honth उसके honthon के bilkul kareeb thhe, usne bi मेरी kamar pe हाथ रख दिया thha, hamaare badan एक doosre के badan ko chhu rahe thhe.
mein: Bataana.kese dekhta h यहाँ से tu.
ishq: Bataata hun.pr kisiko bataana naheen, samjhi.
mein: Acchha, अब मेरे pe vishwas naheen h क्या.
ishq: rukh leke aata hun.
wo bistar से utthaa और अपना laptop le आया, khola और maandi daalke baitth गया, mein उसके na chaahne पर bi उसकी god में baitth gai, seedhe उसके loda pe, usne moonh banaaya पर और कुछ naheen कहा। mein gaur से dekhne lagi, wo कुछ krr raha thha, फिर एक button dabaaya और screen pe bhaiyya bhabhi kaa kamara aa गया। mein heraan hu gai.
mein: Tu ne camera fit किया h sab के kamara में.
ishq: ha.pr yeh बात tere मेरे beech में h, samjhi na.
mein: Arre ha baba.Volume naheen h क्या.
ishq: h.
Usne volume badhaaya, bhaiyya और bhabhi bistar pe baitthe thhe, pair lambe kiye huey, bhaiyya apne laptop में कुछ काम krr rahe thhe। or bhabhi अपना nail polish utaar rahi thhi, bistar pe baitthe huey, ishq kaa चेहरा मेरे kandhe pe thha, और उसका seena मेरी peeth से chipka हुआ, और उसका baanya हाथ मेरी jaangh pe thha। mein gaur से screen dekh rahi thhi.
mein: Yahaan तो कोई action hi naheen hu raha h.mummy pitaji के kamre में bata na.
Usne एक button dabaaya, kamraa khaali thha.
ishq: wo dono shaayad aangan में honge ya neeche hall में T.V। dekh rahe honge.teraa bad luch h.
mein: Shee yar.Itna acchha mood thha.
ishq: Waise tension mat le, bhaiyya bhabhi की baatein sun, badi interesting rehti haen, unke sex से bi acchhi.
mein: Acchha.Toh suna.
Bhabhi: Suno.Kal office आते आते कुछ farsan le आना.Veena ko namkeen बहुत पसंद h.
mein: How sweet bhabhi.
ishq: Aage sun na.
Bhaiyya: Theek h.or कुछ.
Bhabhi: Kal late aane kaa plan h क्या.?
Bhaiyya: Kyun.?
Bhabhi: nahee.wo tm pitaji ko bata rahe thhe के tumhaari कोई meeting h late shaam ko.Office से baahar.
Bhaiyya: wo confirm naheen hoyi h.hu jaayegi तो tumhein phone karke inform krr dunga.
Bhabhi: Jaane dijiye.Inform krr के bi तो late hi aayenge na.
Bhaiyya: Arre.Saaf saaf bol क्या kehna chaahti h.
Bhabhi: Sunita.
Bhaiyya: Arre yar tairi sui wahin atki h abi tak.
Bhabhi: Tumhaari bi sui wahin atki h na.
Bhaiyya: aesa कुछ bi naheen h.maira phone check krr le Priya.Office phone krr le.Agar कुछ मिला तो muze bi bata देना.
mein: Kuch problem chl raha h क्या in dono के beech.ye Sunita कौन h.
ishq: koy naheen.Ek दिन bhaiyya bhabhi kisi shadi में gaye huey thhe.Bechaare bhaiyya की taqdeer futi thhi joh unke kaalej की कोई friend unse बात karne lagi.wo तो bechaari फिर कभी नहीं dikhi, पर bhabhi ne bhaiyya ko chhedna shuru किया.
mein: pr wo aesa.
ishq: Aage dekh na.aj bhabhi mood में h.Aage dekh.
Bhaiyya: Problem क्या h teraa.
Bhabhi: k wo बहुत khoobsoorat h.
Bhaiyya: Arre तो khoobsoorat ladkiyaan banaana bund krr dega क्या ऊपर wala.or wo.wo कौन से angle से acchhi lagi tuze.
Bhabhi: tm तो ghoore ja rahe thhe उसकी chhaati ko.
Bhaiyya: Carrom board thha.Flat एक dam.
Bhabhi: Matlab tumne note किया.
Bhaiyya: Arre मेरी mummy, tu chaahti क्या h.Itni buri bi choice naheen h मेरी.Agar affair krna hoga na, तो कोई acchhi से karoonga.pr milna मुश्किल h.
Bhabhi: Kyun.Upar waale ne banaana bund krr di h क्या.
Bhaiyya: Tu last thhi naa.
mein: mummy kasam ishq.Bhaiyya तो एक dam romantic types h yar.
ishq: bus dua krr अब light on rakhke काम shuru hu.
mene देखा के bhaiyya ne laptop side में रख दिया और bhabhi ko peechhe से pakad के apne ऊपर kheench लिया और unke chuchiyaan dabaane lage, bhabhi chhatpataane lagi। Bhaiyya ne use apne neeche किया और side pe rakkhe huey night lamp ko bund krr दिया.
mein: Beda gark.ye क्या krr दिया bhaiyya ne.
ishq: ye problem kaa hul नहीं h मेरे pas.
mein: Dekh mummy pitaji kaa क्या dasha h.
ishq ne button dabaaya, pitaji kamre में aa chuke thhe, mummy pitaji के maathe ko chhu rahi thhi.
mummy: Maatha garam h aapka, एक goli khaa lijiye.Aaraam milega.
Pitaji: De de.Saara badan bi toot raha h.
mene देखा की mummy almaari की tarf jaake dawai kaa box nikaal li और pani le aayi.
mein: Yahaan तो medical issue h और vahaan technical issue thha.
ishq: Apni apni taqdeer.Ab blue film तो h नहीं के lagaaya और shuru hu gaye.Ab tu कल तो naheen ja rahi h na.Dikhega.Sab dikhega.
mein: Theek h.Tu bolta h तो.
Usne laptop bund krr दिया, हम dono apni apni जगह let gaye। Dono chit, chup कुछ समय के liye.
ishq: Seriously Vivek की yaad naheen aati.
mein: or tuze Komal की.
ishq: Agar muze aati h, तो iska matlab ye samjhoon की tuze aati h.
mein: Samajh joh samajhna h ishq.pr अब बात badal तो naheen sakti na.
ishq: Shekhar ko tu ne पसंद किया.Vivek ko chhod के.Kyun.aj एक baar sacch bata de.
mein: Life में calculation krr लिया mene.
ishq: Matlab.
mein: jaesa tu ne किया.
ishq एक dam से utthke मेरे ऊपर aa गया, apne dono हाथ मेरे daayein baayein rakhke मेरा चेहरा dekhne laga.
ishq: Gol gol mat ghuma didi.Seedhe bol na.
mein: Vivek ambitious naheen thha.Jahaan thha, vahaan खुश thha.pyar बहुत deta, पर shadi के बाद तो और बहुत कुछ की avashyakta padhti h na.
ishq: God didi.Dhokha किया उसके saath.mene तो.
mein: mene तो क्या.Tu ne samaja के हम dono में jhagda हुआ thha.Yahi na.
ishq: Shit didi, tumne उसका dill ❤️ toda.
mein: Use samjhaane की बहुत koshish की.IAS के exam’s seriously leta naheen thha.Classes bunk krta thha.Apne pita से jhagda karke bike li thhi usne, unhi के paise से.Uske phone bills mein chukaati thhi.jb Shekhar kaa rishte आया, mene shadi एक साल के liye taal di.wo teesri baar bi fail हुआ.I had no choice.
ishq: or tm ye sab से मेरा connection.
mein: (Smiling): Tu मेरे jaisa hi h buddhu.Calculation tu ne bi किया.Komal ne F.Y.B.Com में hi padhaai chhod di.fir कोई catering kaalej join krr li.fir use chhod के fashion designing, और अब Mass communication.Apne pita ko nanga krr दिया apni padhaai के chakkar में usne.or जब usne force किया tuze shadi karke Mumbai jaane के liye, tu ne calculation krr li.Ab nange hone की baari tairi thhi.huwa na calculation.pyar acchha hotha h.pr pyar और pet में कभी confusion naheen hnaa chaahiye.Shukar h tu मेरा bhay nikla.
ishq muze dekhke muskuraaya और अपना sar मेरे kandhe pe jhuka दिया, mein उसके pas khisak gai और apne baayein हाथ से उसके baal sehlaane lagi, usne अपना sar uthaaya और apni daanyi jaangh मेरे pair pe रख di और apni baanyi koni pe hu गया, mene adjust karke apni choot उसके ghutne से bhida di, usne peecche le लिया अपना ghutna.
mein: Rakh na.Acchha lagta h.
Usne ghutna रख दिया, mene थोड़ा daba दिया, apni jaangh pe उसका tan ta हुआ loda ehsaas krr rahi thhi.
ishq: Shekhar ya Vivek.
mein: Kya Shekhar ya Vivek.
ishq: Bistar में.or क्या.
mein: Komal ya teraa daanya हाथ.
Hum dono hans diye। fir mene उसका gaal sehlaaya.
mein: sacch kahoon तो Shekhar.Vivek naheen.
ishq: Seriously.?
mein: Seriously.Shekhar khayaal rakhta h.He makes mai feel special.Vivek muze for granted leta thha.Kiss mai.
ishq: Kya? Kya कहा.
mein: Kiss karne कहा.
ishq: pr kyun.
mein: dill ❤️ krr raha h.yar.krr na.Dekhna h tu kiss kese krta h.Kuch aata bi h ya naheen tuze.
ishq: Irritate mat krr di.
wo hatt गया और apne takiye pe let गया, अब mein uspe bilkul usi की prakaar let gai, अपना ghutna उसकी jaangh pe Chadha di, मेरा ghutna उसके tane huey loda ko chhu raha thha, wo थोड़ा bichak गया, mene फिर उसका loda apne ghutne से chhua.
ishq: Didi.
mein: Acchha chl नहीं chhedti.pr एक बात sacch sacch bataayega.
ishq: Bataaunga.
mein: Meri chaddi soonghke kis के baare में fantasize krta h tu.or sacch bata.
Uski haalat kharaab hu gai, mene आज tak use ye बात नहीं poocchhi thhi। Soonghne bi दिया thha, पर poocchha कभी naheen thha। wo सोच में thha, अगर kisi और kaa nam leta, तो phas jaata, wo muskura दिया.
ishq: Tere baare में.
mein: Acchha.chl abi ye bata के क्या fantasize krta thha.
ishq: Didi, so ne de na.Kal बात karein.
mein एक dam से उसके ऊपर aa gai, मेरी choot के dabaav से उसका loda और tan गया.
ishq: Didi.Kya krr rahi hu.
mein: mein अब तब hi utroongi, जब tu bataaye के tu क्या fantasize krta h मेरे baare में.
ishq: Didi utthna.durd hu raha h.
mene apni choot और daba di उसके loda pe.
mein: Bataayega तो hatungi.
ishq: Acchha Acchha bataata hun.Tu side में aa.
mein side में aa gai और अपना ghutna फिर उसके loda से chhoo लिया। Meri baanyi hatheli उसके gaal pe thhi, और mene उसका चेहरा मेरे chehre के saamne krr दिया thha, taaki wo मेरी naino में dekhke muze sab bataaye।
mein: chl अब bata.
ishq: Hmmmm.Bola तो.Tere baare में fantasize krta hun.
mein फिर chadh gai uspe, और zabardasti उसका चेहरा pakadke use kiss karne lagi, usne apne honth hata diye, mene उसका चेहरा seedha किया और kiss karne lagi, अब usne saath दिया, हम dono अब एक doosre के honthon ko choosne lage.
mein: Zabaan de na tairi.
Usne apni zabaan di, mene use एक loda की prakaar choosa, फिर apni zabaan उसके moonh में daal di, हम dono French kiss karne lage, कुछ second बाद hamaare honth alag huey, mein उसके chehre ko ghoorne lagi, और मेरे chehre ko।
mein: Komal paagal h.chl अब bataayega, ya so jaayega.
ishq: sacch bataaunga.
mein: Utar jaaun.?
ishq: naheen.ayese hi rha.
mein: Acchha.Kyun? majaa aa raha h.
Usne muskura दिया, mein एक kadam aage badhi, uspe ayese adjust hoyi के उसका supaada अब मेरे daane pe lag raha thha.
ishq: Didi.Pyjame में hi baarish hu jaayegi.
mein: Meri chaddi pehenega.
ishq: Kya.? Paagal hu gai h क्या.
mein: Pehen na.Pyjame में majaa naheen aa raha h.
ishq: Tu serious h.
mein: tuze क्या lag raha h, mein mazaak krr rahi hun.Kaun aayega यहाँ dekhne.
ishq: De nikaal के.
mein: mene short के neeche naheen pehni h, soonghne के बाद tu ne kahaan rakkhi.
ishq: Shaayad bistar के neeche hongi.Giri hoyi.
mein us pe से hatt gai, एक second के liye उसके tane huey loda ko देखा, हमारी nazrein mili, फिर mene apne ghutnon pe palatke bistar के neeche dekhne lagi, मेरी gand उसके nazron के saamne thhi, lehraati hoyi, shorts में से usko kafi कुछ dikh गया hoga, mein chaddi utthaayi और उसके pas aayi.
mein: chl pehen le।
Old At One Place – New Episode
wo uttha और bistar से utar ne laga.
mein: Kahaan ja raha h.Yahin pehen.
ishq: Arre mootna h.or क्या tere saamne pehnu.
mein: Cheating krta h मेरे saath.
ishq: Matlab.
mein: Matlab के जब mein chaddi utthaani palti thhi तो tu ne तो sair krr li na.Ab मेरे saamne nanga hone से sharmaata h.
ishq: Arre.Toh क्या mene jhukne कहा thha.
mein एक dam से उसके daanye baanye apne pair Chadha di और उसके tane huey loda के supaade ko apni choot pe daba di और उसके honth choosne lagi, हम dono फिर से French kiss karne lage, उसका daanya हाथ मेरी chuchi pe chala गया.
mein: Daba na.Zor से.
Hum kiss karte rahe, और wo अब मेरी chuchi मेरे T-shirt के ऊपर से daba raha thha, और mein apni choot उसके mote supaade pe ghas rahi thhi। wo अब bi baittha हुआ hi thha और mein uspe, usne अपना baanya हाथ मेरी jaangh pe रख दिया, mene अपना daanya हाथ neeche le jaake उसका loda pyjama के ऊपर से pakad लिया, wo मेरी naino में dekh muskura raha thha, और mein उसकी.
mein: jb mauka मिला तो soongha kyun naheen.
ishq: Kya.
mein: Peecchhe से soongh leta.Chaddi की avashyakta hi naheen padhti कल से.
ishq: aj से lagta h soonghne की avashyakta hi naheen padegi.h na.
mein: Tu ne hammesha isi के baare में fantasize किया h na.
ishq: ye fantasy से bi adhik mast h.
mein: Pyjama utaar na ishq.tuze देखना h.
ishq: teraa हाथ neeche h, khol de tu hi.
mene उसका pyjama khol दिया, अब mein उसके ghutne pe thhi, उसका pyjama utaar rahi thhi aahista aahista, जैसे hi उसके loda से ऊपर jaake उसका pyjama neeche utra, उसका tana हुआ loda मेरी naino के saamne thha। Ek dam से usne apne honthon pe ungli rakhte huey मेरा dhyan darwaaze की aur किया, mein palti। Hall की roshanee darwaaze के neeche से एक chhaya saaf dikha rahi thhi। Hum dono एक doosre ko dekhe, उसका loda मेरी mutthi में hi thha और हम dono ne uss saaye ko hat te dekhha.
mein: Kaun hu sakta h.
ishq: Utar mein dekhta hun.
mein: Arre paagal.
ishq: Arre laptopm में.Joh apne kamre में naheen hoga.vahi hamaare darwaaze के baahar thha.Hatt juldi से.
mein hati, wo bistar से utar के laptop juldi से khola और mummy pitaji के kamara में dekhne laga, उसका loda tana हुआ thha, mene उसका loda mutthi में bhar लिया.
ishq: Kya krr rahi h.
mein: Rehne de na.Tu अपना काम krr.Dekh कौन thha.
mummy Pitaji तो so rahe thhe, usne अब bhaiyya bhabhi के kamara में switch किया। Hum dono की nazrein dang rha gai, bhabhi apne kamre में enter krr rahi thhi। Bhabhi hi hamaare kamre के baahar thhi.
mein: Tere और bhabhi के beech में कोई scene तो naheen h na.
ishq: naheen paagal.Kuch naheen h.
mein: Toh iska क्या काम thha hamaare kamara के baahar.
ishq: Kuch suna तो naheen.
mein: Kya farak padhta h.
mein अब bi उसका loda mutthiya rahi thhi, usne laptop bund किया और side table pe रख दिया, और मेरी tarf palta.
ishq: tuze क्या lagta h, bhabhi यहाँ kyun.
mein: Use ye chaahiye.
ishq: Kya? Paagal h क्या.?
mein: Kal maaloom padh jaayega.
mene अपना T-shirt utaar दिया, मेरी chattees की chuchiyaan और bhure rang के kadak huey nipple उसकी naino के saamne thhe, usne jhatt से मेरी एक nipple apni दो ungli में leke meesne laga, mene apni shorts utaar di.
mein: Light off karoon.
ishq: naheen rehne de.
mein अब palat के उसके god में nangi baitth gai, usne मेरी chuchiyaan kass के apni dono mutthiyon में bhar liye, mene अपना हाथ utthhaa के उसके sar के peecche le jaake उसके baal pakad liye.
mein: ishq.
Usne मेरे honthon pe एक halki si pappi li.
ishq: Hmmm.
mein: Bhabhi अगर.
ishq: Kya अगर.Bol.or कल kese ptaa chalega.
mein: Tu dekhte ja.jaesa mein kahoon karega तो दो दो milenge.
ishq: Do दो.
mein: choot.
ishq: Tu मेरे से.
mein: Fantasy में तो chodta hi haen na muze.
ishq: Didi.tuze aesa kyun lagta h के bhabhi bi muze degi.
mein: Apni chaddi soonghne deti h.Toh choot bi degi.
ishq ne अपना एक हाथ मेरी choot pe le गया और उसके honthon pe bade pyar से pher raha thha.
mein: Tu उसकी soonghne उसके kamre में jaata h.
ishq: ha.
mein: Detail में bata na क्या hotha h.
ishq: Dopahar के khaane के waqt pe mein unse nazrein milaata hun, wo ha ya na में sar hila deti h, अगर ha krti h तो mein khaana khaake उसके batroom में jaake bistar पर rakhi chaddi apne kamara में laata hun.fir shaam ko ya agli subah lauta deta hun.
mein: Not bad.or कुछ try किया h tu ne.
ishq: naheen.bus yahin tak.pr क्या tuze lagta bhaiyya उन्हें खुश naheen krr paate क्या.
mein: naheen yar.Shekhar bi तो muze खुश rakhta h.thora extra mile तो क्या problem h.
ishq: muze bi lagta h wo कुछ adhik hi hot h.
mein: Acchha sun.Usko कल nipat lenge.Ab tu ye bata, जब tu मेरे baare में fantasize krta h तो sabse acchha क्या karte huey fantasize krta h.
ishq: Waise तो बहुत कुछ h.pr.Sabse adhik एक hi चीज़ से jhadd jaata hun.
mein: Bol Na.
ishq: k tu bistar pe pet के bal leti h, और tairi taangein phaili hoyi haen, और mein tere peecche leta हुआ hun apne pet के bal, और.
mein: or क्या.Bol Na.
ishq: maira moonh tairi gand की daraar के andar h, और mein tuze peeche से chaat और soongh raha hun.
mein: chl.Acchha h.Ab एक एक karke tairi har fantasy poori kartein haen.fir मेरी.
mein apne pet के bal let के apni taangein poori prakaar से phaila di, ishq मेरे pairon के beech let गया, mene apni gand thodi utthaa di और ishq ne अपना moonh मेरी chhattees की gand के daraar में ghusaake apni zabaan chalaane laga। mene ye तो Vivek और Shekhar के saath bi naheen किया thha, खुश thhi के मेरा bhay मेरे jaisa thha, bindaas और ganda। wo chaat te chaat te apni zabaan मेरे choot के andar bi ghusa raha thha, mein bi apni gand उसके moonh pe daba daba के chuswa और chatwa rahi thhi। Kuch der maze lene के बाद हम dono एक doosre के saamne baitthke kiss karne lage, मेरा हाथ उसके kadak loda pe thha और उसका एक हाथ मेरी choot pe और एक हाथ मेरी chuchiyon ko dabaane में laga thha.
ishq: Didi क्या ye sai h.?
mein: Kabhi कभी sai में majaa naheen aata.isme aa raha h.Toh yehi sai h.
ishq: sai में yar, majaa तो isi में h.Tu kitne दिन rahegi.
mein muskuraayi.
mein: jb tak teraa dill ❤️ naheen bharta तब tak.
mene अब use chit lita दिया और उसके pairon के beech chali gai, उसका tana हुआ loda mutthiyaane lagi और apni zabaan उसके supaade pe phiraane lagi। Usne apni aankhein bund krr li, mene aahista aahista उसका loda apne moonh में utaar लिया, और aahista aahista baahar nikaala, wo masti में jhool गया, फिर एक baar mene use moonh में bhar के zoron से अब choosne lagi। Uski gotiyon ko daba के use maze de rahi thhi, ishq ne apni taangein phaila di और neeche से मेरे moonh ko chodne laga, जैसे muze laga के ishq अब jhad ne waala h, mene choosna rok दिया, और उसके ऊपर aa gai.
mein: kese chodna chaahta h tu apni behen ko.
ishq: Baitth ja didi मेरे loda pe.
mene उसकी बात turant poori krr di, उसके loda pe baitth के उसका supaada dheere dheere andar किया, pura ghusaane के बाद mein uspe jhuk gai, मेरे baal उसके sar ko cover krr chuke thhe, और मेरे honth उसके honthon के kareeb thhe। mein apni gand ko ऊपर neeche karke ghas rahi thhi apni choot ko उसके loda से.
mein: majaa aa raha h.?
ishq: ye kaisa sawaal h.Itna majaa तो Komal और apne हाथ से bi naheen मिला.
Hum dono chodtay chodtay hans pade.
mein: Mere mammay daba ishq.
ishq ne मेरी dono chuchiyaan kass के pakad li और baari baari dono nipples pe apni zabaan phira raha thha.
mein: Mere ऊपर aaja ishq.
ishq muze apni mazboot baahon में jakad krr bistar pe gira दिया, अब मेरी gand के neeche अपना takiya lagaakar मेरी choot pe apne loda kaa supaada ghas raha thha.
mein: ye sab kahaan से seekha.Komal से.
ishq: thora usse थोड़ा apne ap से.thora tu seekha rahi h.
mein: Daal de andar.Pel de.
ishq ne मेरे kehne pe अपना loda andar tak pel दिया और dhakke lagaana shuru krr diye, mein neeche से apni gand utthaake उसका saath de rahi thhi। Beech beech में wo मेरे nipples kaat leta और mein उसके। Dono jhadne के bilkul kareeb thhe। ishq ne apne dhakke badha diye और अब उसका rukna मुश्किल thha, mein bi jhadd chuki thhi। ishq अब मेरे andar hi jhadne laga, फिर use कुछ mehsoos हुआ और usne अपना loda baahar kheenchke मेरे pet pe baaki kaa pani gira दिया.
ishq: Sorry yar.Tere andar hi,.
mein: koy naheen.
ishq: Arre क्या कोई naheen.Agar bacchha.
mein: Theherne de.Pehla bacchha waise bi apne mama pe jaata h.
Hum dono phirse hansne lage। Jhaddke wo मेरे ऊपर gir गया। mein उसके ghane baalon में apni ungliyaan pherne lagi.
subah mein जब utthi तो देखा के ishq kaalej chala गया thha, usne एक note मेरे liye chhoda thha के kaalej chhootne के बाद wo apne dosto के saath movie dekhne jaayega, darwaaze pe khatkhataahat sunaayi di, mene khola, Sushila thhi.
Sushila: Bibiji कोई gande kapde hu तो de dijiye.
mein: mummy kahaan haen.
Sushila: Maaji pados में एक shadi h, wahin दिन bhar rahengi.Bhaiyya काम peg aye huey haen और chhote baba kaalej.
mein: Kapde बाद में de dungi.Papa kahaan haen.
Sushila: Apne kamre में haen.
mein: Acchha theek h.mein nahaati hun, उसके बाद kapde de dungi.Tu ja.
mein nahaane chali gai ishq के batroom में, towel में nikli और kapde pehen liye, vahi shorts और t shirt। Achanak मेरे man में एक khayaal आया, mene ishq kaa laptop khola और जैसे usne किया thha waise किया, mummy और pitaji kaa kamraa मेरी naino के saamne thha, Bhabhi papa के kamre में chai laayi thhi, papa bistar पर lete huey thhe। Bhabhi एक patli si maxi में thhi। Bhabhi ne chai bistar के side table पर रख दिया, Papa ne कोई harkat की naheen और bhabhi palat के chali gai, और Papa bhabhi ko जाते huey ghoor rahe thhe। Uske picchhwaade ko। mene man hi man socha, “Waah, Papa ap sacch much अब bi active hu”.
mene lap top bund किया और socha, kyun na bhabhi से मिला jaaye, dekhein तो sai हमारी bhabhi kaisi h, क्या h। pr एक और khayaal आया, आज papa की harkat pe sochne pe majboor hu gai के अगर papa bhabhi के picchhwaade ko itni gaur से dekh rahe thhe, क्या wo मेरे saath bi aesa karte, try karne में क्या jaata h। Yahaan recording में तो check krr hi sakti hun। mein utth gai, पर फिर apne ap ko देखा, T-shirt pehna हुआ thha, और cleavage acchha khaasa dikh raha thha, shorts में jaanghein ऊपर tak khuli thhi, क्या papa naaraaz hote। ptaa नहीं। mene risk lene kaa faisla krr hi लिया, mein utri papa के kamre की tarf.
Halka sa khatkhataayi darwaaze ko और darwaza थोड़ा sa khol दिया, Papa ne muze देखा.
Papa: Aa.muze laga tu so rahi hongi.
mein andar aayi और papa की nazron ko dekh rahi thhi, papa ghoor rahe thhe, mein rukh gai.
mein: mein change karke aati hun papa, ye कुछ adhik hi.
Papa: Ab aa gai h तो aaja.tairi mummy aane से pahle change krr लेना.Aa baitth.
mein jhatt से aake bistar pe baitth gai, papa maandi daalke मेरे saamne baitthe, mein eek dam से apne ghutnon pe hoke papa से gale mili, papa थोड़ा chaunke, पर फिर unke हाथ मेरे peethh pe padh hi gaye.
Papa: Sab theek.
mein: I missed you papa.
Hum dono alag huey, mein baitth gai.
mein: Sab theek.or ap.
Papa: Maze में.Shekhar kaisa h, और tere saas sasur.
mein: Acchhe haen papa.Shekhar bi phone karte rehta h.
Papa: Dekh, tu hamaare घर से दूर gai h, hamaare dill ❤️ से नहीं.Hum hammesha tere saath haen, और Shekhar के bi.
mein: I know papa.
mein dekh rahi thhi के papa मेरे cleavage की tarf dekh rahe thhe, और मेरी jaanghon pe bi unki nazar ja rahi thhi। mein थोड़ा और free hoke baitth gai, apne हाथ apne jaanghon pe rakkhke थोड़ा jhukke baitth gai।
Papa: Acchha हुआ yaad आया.tairi और Pulkit की तो hu gai, अब ishq baaki h.wo, क्या nam thha उसका.wo ldki.
mein: Komal.
Papa: ha Komal.Kahaan haen wo.or ishq ne कुछ bataaya, उसके contact में h wo.
mein: naheen papa.pr wo Mumbai gai h.Contact में h ya naheen, bataaya naheen.
Papa: Uski fikar h naheen waise bi.Suljha हुआ h.Apna कुछ na कुछ krr hi lega wo.
Papa की aankhein halki si geeli hu gai, mein unke kareeb gai और unse nazrein milaayi.
mein: Kya बात h Papa.
Papa: khusii के haen.Mere teeno bacchhe acchhe hi nikle.or Pulkit की patni bi gharelu nikli.Shaayad कोई acchha काम krr hi दिया thha mene apni life में.
Itne में papa के kamre के darwaaze pe kisine khatkhataaya, darwaza khula तो bhabhi andar aayi, एक tray thha unke haathon में, chai kaa cup और कुछ toast, wo seedha muskuraate huey hamaare pas aake, tray papa और मेरे beech रख दिया.
Bhabhi: Tere kamre में gai thhi तो Sushila ne कहा tu यहाँ h.Naashta karne kaa iraada h ya naheen.
mene jhattse bhabhi की kalaai pakad li.
mein: You are to good bhabhi.Chai की itni talab thhi के क्या bataaun.
mene toast uttha liye और एक bite le लिया.
Bhabhi: Ab apni bhaiyya bhabhi ko bi waqt dogi ya bus ishq और babuji kaa haq banta h.Hamaara naheen.
mein: Arre bhabhi.Aapke shauhar h na merese chaar साल bade haen.thora formal rehna padhta h unke saath.ishq अपना jigri h.Hamaare beech sab कुछ chalta h.ap आज rath hamaare pas aa jaao.Bade bhaiyya एक rath तो aapke bagair.
Ek dam से bhabhi और mene papa की tarf देखा, wo muskura के यहाँ vahaan dekhne lage। hamari muskuraahat chhoot gai, Bhabhi ne muze jhoote gusse से देखा.
Bhabhi: Tu naashta krr le, mummy ji ne tere पसंद के khaane की lambi list di h.bhut काम h.Free hu jaaungi तो baitth tein h, khoob saari baatein krna h tere से.
mein: mein तो ye naashta karke hi aapke pas aa jaati hun rasoi में, milke dhamaal kartein haen.
Bhabhi muskura के chali gai, papa muze khaate dekh rahe thhe, mein एक chai kaa sip लिया, unki nazrein मेरे cleavage pe baar baar padh rahi thhi। Hum dono chup thhe, mein chai pee rahi thhi, chai khatam karke mein papa के ghutne pe apni hatheli rakkh di.
mein: Papa.Vivek…Mere jaane के बाद, usne ap logon ko परेशान तो naheen.
Papa ne sar naa में hila दिया.
Papa: Kabhi naheen.Acchha ldka thha wo.Kya कभी usne tuze.
mene naa में sar hila दिया। Papa ne apni hatheli मेरी hatheli pe रख di.
Papa: Kuch दिन rukh के jaayegi naa, Ya.
mein: jb tak ap bhagaaye naheen।
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