Diwali ka Jua - 3 (Incest + Adultery) - Diwali Ki Raat – New Episode
लाला नें जब देखा कि रश्मी नें पेककर दिया हैं तौ उसकी रूचि भि खेल मे खत्म होँ गयीँ, औऱ उसने अपने पत्ते उठा लिए.उसके पास 9 कां पेयरआया थां.पऱ फिन भि रिशू कां कॉन्फिडेंस देखकर उसनेशो माँग लिया। रिशू नें अपने पत्ते दिखाए, उसकेपास सीक़वेंस थां.औऱ वोँ भि 1, 2, 3 कां.
उसने मुस्कुराते हुए सारे पैसे समेट लिए.लगभग 15 हज़ार आए उसकेपास। तभी रश्मी भि वापिस आँ गयीँ,.औऱ किसी नें तौ नहीं पर्र लाला नें उसके हिलते हुए मुम्मे देखकर यह अंदाज़ा लगा हि लिया कि वोँ ब्रा उतारकर आई हैं.वोँ भि लाला कि आँखो मे देखकर मुस्कुराती हुईँ अपनीसीट पर्र बैठ गयीँ,.
रुची वापिस सोफे केँ हत्थे पर्र चड़कर बैठ गयीँ,.औऱ अचानक उसनेनोट किया कि वोँ रश्मी केँ गले मे काफ़ी अंदर तक देखपा रही हैं.जबकि पहलेऐसा नहीं थां.उसकी ब्रा गायब थि। उसने रश्मी केँ कान मे फुसफुसाते हुएकहा : "तेरी ब्रा कहां गयीँ,.सभी सॉफ-2दिख रहा हैं.''
रश्मी (धीरे-धीरे सें) : "वोँ मैने उतार दि.चुभ रही थि निगोडी.''
रुची : "पऱ यहसभी देखरहे हें.लाला कों देख ज़रा.तेरे बूब्स कों केसे ताड़रहा हैं.''
रश्मी : "तभी तोँ उतारी हैं.ताकि यहदेख सके मुझे.''
रश्मी केँ मुँह सें ऐसी बेशर्मी भरीबात सुनकर रुची चोंक गई,.वोँ बेचारी नहीं जानती थि कि यहगेम आगे चलकरकिस लेवल तक जाने वाली हैं.
अगलीगेम शुरुआत हुई, औऱ 3 ब्लाइंड केँ बादइस बार रश्मी नें अपने पत्ते उठा लिए.औऱ फिन उसने वोँ किया जिसकी उम्मीद लाला कों तोँ थि पऱ औऱ किसी कों नहीं.उसने अपने पत्ते दाँये हाथ मे पकड़े हुए थें.औऱ अचानक उसीहाथ कों अपनीटॉप केँ गले सें अंदर डालकर अपने मुम्मों पर्र रगड़ डाला औऱ जबसब उसकीइस हरकत कों देखकर आँखे फाड़ने लगे तोँ वोँ बोलीं : "उफफफफ्फ़। यह मच्छर भि नाँ.''
रुची कां तौ मुँह खुला कां खुलारह गय़ा.रश्मी नें जिस बेशर्मी सें अपनी गहरेगले कि टॉप मे हाथ डालकर अपने मुम्मो कों रगड़ा थां, सामने बैठेहर इंसान नें वोँ हरकत देखी थि.पहले तौ वोँ ब्रा उतारआई औऱ उसकेबाद इतनी बेशर्मी सें वोँ हाथ अंदर डालकर अपने बूब्स रगड़रही थि जैसे उन्हे नोच डालेगी.
अबउसे क्याँ पता थां कि वोँ तोँ अपना टोटका बैठाने कि कोशिश कररही थि.अपने मुम्मों पर्र अपने पत्ते रगड़कर वोँ उनकी भाग्य बदल देना चाहती थि.औऱ अपनी भि.
औऱ उसके मुम्मों सें रगड़ खाकर जैसेउन पत्तों कि भाग्य सच मे बदल चुकी थि.उसके पासपान केँ पत्तों कां कलरआया थां.उसने मुस्कुराते हुए 2 हज़ार डालदिए बीच मे औऱ चालचल दि.औऱ वोँ भि हल्के सें अपनी बुर सें रगड़कर.जिसे लाला केँ अलावा किसी औऱ नें नोट हि नहीं किया.रिशू औऱ राजू तौ अभि तक उसके बिना ब्रा केँ मुम्मों केँ उपरलगे निप्पल केँ इंप्रेशन कों देखकर सकते मे थें.
लाला नें भि अपने पत्ते उठाए.औऱ टोटके पर्र टोटका चलाते हुए उसने भि उतनी हि बेशर्मी सें अपने लन्ड केँ उपर उन्हे रगड़ा औऱ पत्ते देखे। उसकेपास भि कलरआया थां.औऱ वोँ भि पान कां.पर्र जाहिर सि बात थि, दोनो केँ नंबर्स अलग थें.औऱ यहबात तौ तब साबित होतीजब दोनो कां शो होता.
राजू नें पत्ते उठाए औऱ देखते हि पेककर दिया.रिशू कां भि यहीहाल थां.उसके पास भि सिर्फ़ इक्का आया थां औऱ दो छोटे पत्ते.सामने सें दोचाल आँ चुकी थि, इसलिये उसने भि पेककर दिया.अब बचे थें सिर्फ़ लाला औऱ रश्मी.
लाला सोचने लगा कि काशकल कि हि तरह वोँ लोगआज भि अकेले मे होते तौ इतने नाटक नाँ करनेपड़ रहे होते अभि तक.सीधा अपने वालेखेल मे आँ चुके होते दोनो.जिसमे जीतने केँ बाद रश्मी खुश होकर स्वयं हि अपने कपड़े उतारकर उसकेसंग मज़े लें रही थि.
मज़े लेने केँ मूड मे तौ वोँ आज भि थि.औऱ वोँ तौ हमेशा सें हि रेडी रहता थां.पऱ रिशू औऱ राजू केँ सामने वोँ केसेकरे, यही पंगा थां.औऱ उपर सें रुची भि संग मे थि.ऐसे मे आज कि रातकुछ भि कल जैसा होना मुश्किल सां लगरहा थां उसे.
पर्र वोँ नहीं जानता थां कि रश्मी केँ दिमाग़ मे क्याँ चलरहा हैं.पैसे जीतना आज रश्मी कि मंशा नहीं थि.आज कि रात तोँ वोँ कल कि रात सें भि ज्यादा मज़े लेना चाहती थि.औऱ वोँ भि सभी केँ संग.क्योंकि कल कि ताज़ा चुदी बुर मे एक् बारफिन सें खुजली होनी शुरुआत हौ चुकी थि.औऱ वोँ यहसोच रही थि कि जब मोनू केँ अकेले लन्ड नें उसे इतने मज़ेदिए हें तौ इन तीनो केँ लन्ड मिलकर उसे कितना मजा देंगे.
इसलिये उसने अपनी योजना कों अंजाम तक लें जाने केँ लिए अपने जलवे बिखेरने शुरुआत करदिए। औऱ उसने हज़ार केँ 2 नोट लेकर एक् बारफिन सें अपनीटॉप केँ अंदर डाला औऱ अच्छी तरह सें घुमाकर उन्हे नीचे फेंक दिया। रुची एक् बारफिन सें बेहोश होती-2बची। राजू औऱ रिशू भि समझ चुके थें कि वोँ रश्मी कां कोई टोटका हैं.क्योंकि ऐसेखेल केँ खिलाड़ी सभी जानते हें.औऱ यह जानकार कि रश्मी कां टोटका इतना सेक्सी हैं, उनकी तौ साँसे उपर कि उपर औऱ नीचे कि नीचेरह गयीँ,.
रश्मी बड़े हि कामुक तरीके सें लाला कों देखते हुए वोँ सभीकर रही थि.इसलिये रिशू औऱ राजू कों यह समझते भि देर नहींलगी कि कलउपर वाले कमरे मे क्याँ-2 हुआ होगा.जब उनके सामने बैठकर हि रश्मी इतनी बेशर्मी दिखारही हैं तौ उपर उसने क्याँ नहीं किया होगा। रुची एक् बारफिन सें फुसफुसाई : "रश्मी, तुँ पागल होँ गयीँ, हैं क्याँ.यह क्याँ बेशर्मी हैं.कर क्याँ रही हैं तूँ.''
उसकीबात पास बैठे रिशू नें सुनली, औऱ बोला : "यह शायद इसका टोटका हैं.औऱ ऐसे टोटके करने सें बाजी जीती जाती हैं.क्यो लाला भइया, सही कहा नां मैने.''
औऱ यह सुनकर तीनो बड़े हि भद्दे तरीके सें ठहाका लगाकर हँसने लगे.
लाला : "हाँ रिशू, तूने बिल्कुल सही पकड़ा.औऱ मैनेकल उपर देखा थां, रश्मी केँ ऐसे टोटकों कि वजह सें हि मे पूरा नंगा होँ गय़ा थां कल.''
सबने उसकीतरफ ताड़कर देखा
लाला : "मेरा मतलब, मेरे सारे पैसेलूट लिए थें इसने.सच मे बड़े कमाल केँ टोटके होते हें इसके.''
वोँ एक् बारफिन सें उसके मोटे-2 मुम्मों कों घूरता हुआ बोला। रुची कि तोँ कुछसमझ मे नहीं आँ रहा थां.वोँ सोचरही थि कि जबइसबात कां मोनू कों पता चलेगा तौ वोँ केसे रिएक्ट करेगा.उसकी बेहन उसके दोस्तों केँ सामने कितनी बेशर्मी सें पेश आँ रही हैं। औऱ रुची कों यहबात पता नहीं थि कि ऐसे टोटके अपनाने केँ लिएउसे मोनू नें हि उकसाया थां। लाला कि बारी आई.औऱ वोँ तौ थां हि एक् नंबर कां हरामी.उसने भि 2 हज़ार रुपय उठाए औऱ उन्हे अपने लन्ड सें रगड़ने लगा.इतना रगड़ा कि पेंट केँ नीचे सें उसका उभार खड़ा होकरसॉफ दिखाई देने लगा.उसकी लंबाई कां अंदाज़ा सॉफ लगाया जा सकता थां। रिशू औऱ राजू भि उसकी बेशर्मी पर्र एक् दूसरे कों आँख मारकर मज़े लेनेलगे। औऱ रश्मी अगलीचाल केँ लिएफिन सें अपने मुम्मों पऱ नोट रगड़ने लगी। पर्र इन सबकेबीच रुची कि हालत खराब थि.उसे वैसे हि मोनू कि बड़ीयाद आँ रही थि.औऱ अपने सामने लाला कों इतनी बेशर्मी सें अपने लन्ड कों रगड़ते देखकर औऱ फिन उसके लन्ड कि लंबाई कों देखकर उसके अंदर धुंवा सां उठनेलगा थां.बुर कि भट्टी मे कोयले सुलगने लगगये थें.वहा सें आँच निकलनी शुरुआत हौ गयीँ,.औऱ उसकी जांघों केँ बीच चिपचिपाहट महसूस होनेलगी उसे। अपने मुम्मों सें रगड़ने केँ बाद रश्मी नें एक् औऱ डेयरिंग दिखाई औऱ उन्ही पैसों कों अपनी बुर वाले हिस्से सें भि रगड़कर एक् हि झटके मे नीचे फेंक दिया.
Diwali ka Jua - 3 (Incest + Adultery) - Diwali Ki Raat – New Episode
उसकाडबल अटैक थां यह.मुम्मे औऱ बुर कि रगड़ाई एक् संग.अब यहकाम लाला तोँ कर नहीं सकता थां.लड़कियों कि तरह लड़कों केँ पास 2-3 चीज़ें तोँ होती नहीं हैं, यानी मुम्मे, बुर औऱ गांड.उनकेपास तौ लेँ देकर सिर्फ़ औऱ सिर्फ़ लन्ड हि हैं.वोँ उसी पर्र फिन सें पैसे रगड़कर अपनीचाल चलने कि तैयारी करने लगा.औऱ इसबार वोँ भि एक् कदम औऱ आगेबड़ गय़ा.उसने पेंट कि जीप खोली औऱ पैसे अंदर डालकर उन्हे नंगे लन्ड सें रगड़ दिया.
रिशू औऱ राजू नें ऐसा मुँह बनाया जैसे उन्हे वोँ देखकर घिन्न आँ रही हैं.पऱ रश्मी औऱ रुची हि जानते थें कि लाला कि इस हरकत सें उनकी बुर सें कितनी चिंगारियाँ निकली हें। रश्मी तोँ कल वोँ सभी अच्छी तरह सें महसूस कर हि चुकी थि, पर्र फिन भि आज एक् नये सिरे सें औऱ वोँ भि सबके सामने महसूस करने कां एहसास अलग हि थां.वोँ कल सें भि ज्यादा उत्तेजित महसूस कररही थि अपने आप् कों। औऱ रुची कां तौ पूछो हि मत.वोँ तौ सोफे केँ कुशन वाले हत्थे पर्र दोनोतरफ टांगे करकेऐसे बैठ गयीँ, जैसे घोड़ी पऱ बैठी हैं.औऱ धीरे-धीरे-2 हिलते हुए उसपर अपनी बुर रगड़ने लगी.औऱ रश्मी कों तोँ क्याँ, उसरूम मे बैठेहर इंसान कों उसकी बुर सें निकलरही खुश्बू आँ रही थि.इतना तेल निकलरहा थां उसकी बुर कि फैक्टरी सें.
उसकी हिलने कि स्पीड काफ़ी स्लो थि, इसलिये पास बैठी रश्मी हि महसूस करपारही थि, क्योंकि दोनोसट कर बैठी हुई थि.औऱ रश्मी खुश थि कि रुची भि इसखेल केँ मज़े लेँ रही हैं.उसका मज़े लेना ज़रूरी थां, क्योंकि वोँ अगरसंग नहीं देगी तौ आज कि रात वोँ सभी नहींकर पाएगी, जोँ उसनेसोच रखा थां। रश्मी केँ टॉप कां गला काफ़ी नीचे आँ चुका थां.औऱ उसके मुम्मे आधे सें अधिक दिखाई देरहे थें। अगलीचाल चलने केँ लिए उसने 4 हज़ार रुपय निकाले औऱ उन्हे फिन सें उनपर रगड़ने लगी.औऱ अचानक उसे ताड़-2कर देखरहे रिशू कों उसका निप्पल दिखाई दे गय़ा.रश्मी नें आवेश मे आकर शायदकुछ ज्यादा हि ज़ोर सें अपनीटॉप केँ गले कों नीचे खींच दिया थां.पऱ जब तक वोँ राजू कों इशारे सें बता पाता, उसका पिंक निप्पल अंदरजा चुका थां.पर्र वोँ खुश थां अपनी क़िस्मत पर्र कि उसने वोँ मोटा सां निप्पल देख लिया.वोँ यह सोचने लगा कि जब वोँ अपने दाँतों केँ बीच रखकरउसे चबायेगा औऱ रश्मी सिसकारियाँ मारकर उसे अपनी छाती सें दबा लेगी, कितना मजा आएगा.
इतना सोचते हुए उसके मुँह सें लार निकलकर उसकी शर्ट पर्र गिर गयीँ,.शायद सोचते-2 वोँ अपना मुँहबंद करनाभूल गय़ा थां। लाला भि समझ चुका थां कि गेमफँस चुकी हैं.दोनो केँ पास बड़िया पत्ते हि आए हें। पर्र उसे पैसे हारने कि नहीं बल्कि जल्द सें जल्दकल वालेखेल कों पूरा करने कि चिंता थि.इसलिये एक् बारफिन सें रश्मी कों उकसाने केँ लिए वोँ बोला : "तुम् चाहे जीतने भि जतनकर लो.अपने खूबसूरती कां इस्तेमाल करके, चाहे जौ भि टोटके अपनालो, मुझसे आगे नहीं निकल पाओगी.''
अपनी पेंट कि जीप तौ वोँ खोल हि चुका थां, औऱ उसके लन्ड कां उभार सिर्फ़ अंडरवीयर मे क़ैद होकरसॉफ दिखाई देरहा थां.इस बार उसने अपने अंडरवीयर कों नीचे खींचा औऱ लन्ड कों नंगाकर दिया.उसका कालानाग फ़ुफ़कारता हुआ सां सबकी नज़रों केँ सामने आँ गय़ा। रश्मी वोँ देख चुकी थि, पर्र फिन भि उसके मुँह सें अहह निकल हि गई,.रिशू औऱ राजू केँ लिएयह कोईनया नहीं थां, उन सबने मिलकर पहले भि कई रंडियों कों चोदा थां, इसलिये एक् दूसरे कां लन्ड देख्ना आमबात थि उनकेलिए। पऱ रुची कां क्याँ, वोँ तोँ नयी थि इन सबके लिए.उसने तोँ आज तक अपनी लाइफ मे सिर्फ़ औऱ सिर्फ़ मोनू कां 6.5 इंची लन्ड हि देखा थां.उसके लिएऐसा 10 इंची लन्ड देख्ना किसी बड़े झटके सें कम नहीं थां.औऱ उपर सें लाला नें उसे वापिस अंडरवीयर मे धकेलने कि भि कोई जहमत नहीं उठाई.पेंट कि जीप कि लंबाई केँ पीछे उसका लन्ड किसी खीरे जैसालग रहा थां.बस फ़र्क यह थां कि उसपर मोटी-2 नसेंचमक रही थि.जिसे देखकर घोड़ी पऱ बैठी रुची कि स्पीड थोड़ी औऱ तेज होँ गयीँ, औऱ इसबार सबने उसकी हिलने कि हरकत कों नोट किया औऱ समझ भि लिया कि वोँ कर क्याँ रही हैं.
रश्मी नें उसेऐसा नाँ करने केँ लिएकहा, क्योंकि सबकी नज़रें रुची पऱ हि थि इससमय। रश्मी नें इसबार 4 हज़ार रुपय फेंककर शो माँग हि लिया.क्योंकि उसे अंदर सें लगनेलग गय़ा थां कि वोँ यहगेम हारने वाली हैं। उसकेपास पान कां कलर थां, औऱ नंबर थें 4, 5 औऱ गुलाम.
लाला नें अपने पत्ते फेंके, उसकेपास भि पान कां कलर थां थां, औऱ नंबर थें 2, 9, औऱ बेगम। यानी लाला वोँ गेमजीत गय़ा.उसने सारे पैसे अपनीतरफ कर लिए.औऱ उनमे सें कुछनोट उठाकर अपनी खड़ेहुए लन्ड सें छुआ दिए.औऱ इसबार अपने लन्ड कों पूरा बाहर् घसीटकर.औऱ उसमे सें निकलरहा प्रीकम उन नोटों पऱ लगाकर। उसकी हँसी मे रिशू औऱ राजू भि उसकासंग देरहे थें.शायद तीनों नें आँखों हि आँखों मे यह डिसाईड कर लिया थां कि आज कि रात वोँ क्याँ करने वाले हें। औऱ लाला कों अपने लन्ड कि कलम सें लाल नोटों पऱ कुछ लिखता देखकर रुची तौ बावली होँ गई,.उसने पहलीबार उसकी लंबाई कों पूरीतरह सें देखा.वोँ काफ़ी लंबा थां.मोनू केँ मुक़ाबले काफ़ी लंबा.उसक तोँ दिलकर गय़ा उसे अपने अंदर लेने कां.
उसका तौ मन किया कि लाला केँ लन्ड कों हाथ मे लेकर उसकीमुठ मारदे, औऱ उसकी खुली आँखों केँ सामने वोँ दृशय एकदम सें आँ गय़ा जिसमे उसके कोमल हाथों मे लाला कां कड़क लन्ड थां औऱ वोँ उसेआगे पीछेकर रही थि औऱ ऐसा सोचते हि उसकाहाथ अपने आप् अपनी बुर कि तरफचला गय़ा.औऱ तबउसे पताचला कि उसनेवहा कितना कीचड़ फेलारखा हैं.
एक् तोँ पहले सें हि रश्मी नें आतंकमचा रखा थां, अपने मुम्मे दिखाकर.उपर सें रुची कों ऐसी हरकत पर्र उतरता देखकर सबकी आँखों कि चमक औऱ बढ़ गयीँ,.यह सोचकर कि शायदआज कि रातइन दोनो कों रंडियों कि तरह चोदने कां मौका मिलेगा। पऱ वोँ केसे होगा औऱ कब होगा, इसकेलिए पूरी योजना बनाने कि जरूरत थि। औऱ इसकेलिए रिशू केँ पास एक् प्लान थां
रिशू : "दोस्त, तुम् लोगजिस तरह सें कररहे हौ, वैसा तौ मैने एक् क्लब मे भि होतेहुए देखा हैं। औऱ उसगेम कों कहते हें स्ट्रीप पोकर.''
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Update 12
स्ट्रीप पोकर कां नाम सुनकर सब चोंक गये.वोँ समझगये कि वोँ क्याँ कहना चाहता हैं.यानी खेलते-२ हारने वाला अपने कपड़े भि उतारता जाता हैं
रिशू : "देखो, इसमें बुरा मानने वालीकोई बात नहीं हैं, लाला औऱ रश्मी तोँ पहले सें करीबवही खेल खेलने मे लगे हें.औऱ जैसा कि सब जानते हें कि इसखेल मे जोँ हारता जाएगा वोँ अपने पैसों केँ संग-2 एक् कपड़ा भि निकालता जाएगा.जब यह दोनोमजा लेँ रहे हें तोँ हम् लोग क्यो नाँ लें.कहो.''
सब उसके चेहरे कों देखने लगे.राजू औऱ लाला कों भला क्याँ प्राब्लम होँ सकती थि.वैसे रश्मी भि तौ वहीसोच कर बैठी थि, पऱ खुलकर नहींबोल सकती थि वोँ.औऱ रहीबात रश्मि कि तोँ उसे तौ ऐसीठरक चढ़ी हुईँ थि कि इस वक्त उससे तोँ कुछ भि करवालो, वोँ मना नहीं करने वाली थि.
लाला : "मुझेकोई प्राब्लम नहीं हैं.ऐसे खेलने मे मजा भि आएगा औऱ जुआ भि चलता रहेगा.पऱ मेरी एक् शर्त हैं.इसमे रुची भि हिस्सा लेगी.वोँ ऐसे बैठकर हम् लोगो कों नंगा होते देखकर मज़े नहीं लेँ सकती.उसे भि इसखेल मे उतरना होगा.''
रुची तपाक सें बोलीं : "मुझेकोई प्राब्लम नहीं हैं.''
उसकी उत्सुकतता देखकर सबहंस दिए.औऱ समझ भि गये कि लोंडिया गर्म हैं.वैसे भि खेल देखकर वोँ भि थोडा बहोत सीख हि चुकी थि बसफिन क्याँ थां.अगली गेम कि तैयारी होनेलगी.
लाला नें पत्ते बाँटने शुरुआत किए.रुची उसकीबगल मे बैठी थि औऱ उसके दूसरी तरफ राजू थां.जिसकी जांघे रुची सें टचकररही थि। सबनेबूट केँ 500 डाल दिए.रुची कों रश्मी नें अपनीतरफ सें पैसे उधारदे दिए थें, ताकि वोँ सबकीतरह खेलसके। रुची अंदर सें बड़ी हि रोमांचित थि.औऱ वोँ खुशी उसके चेहरे पऱ सॉफ देखीजा सकती थि। लाला, राजू औऱ रिशू तोँ जल्द सें जल्दखेल केँ आख़िरी पड़ाव पऱ जानां चाहते थें, इसलिये किसी नें भि अगली ब्लाइंड कां वेट हि नहीं किया, क्योंकि हारकर वोँ स्वयं नंगे होते औऱ जीतकर उनको नंगा करते.दोनो हि सूरत मे उन्हे हि मजा मिलना थां.
इसलिये सबसे पहले रिशू नें पत्ते उठा लिए.उसके पास 2, 5, 8 नंबरआए थें.बड़े हि बेकार थें वोँ.इसलिये उसनेपेक कर दिया.औऱ रूल केँ अनुसार उसे अपना एक् कपड़ा उतारना थां.उसने अपनीटी शर्ट उतार दि.औऱअब वोँ बनियान औऱ पेंट मे बैठ थां.उसका बदनगोल मटोल सां थां.पऱ थां बड़ा हि सफ़ेद, उपर सें उसने अपनी बाजुओं औऱ छाती केँ बालों कों शेवकरा रखा थां.इसलिये चिकना औऱ गोराबदन काफ़ी आकर्षित लगरहा थां रश्मी औऱ रुची कों.
अगली बारी रश्मी कि थि, उसने तौ ब्लाइंड हि चली.औऱ 500 कों पिछली बार कि तरह हि मुम्मों सें रगड़कर नीचे फेंक दिया.फिन राजू कि बारीआई, वोँ भि पहले सें हि अपने पत्ते उठा चुका थां.उसने झट सें हज़ार कां नोट नीचे फेंक दिया औऱ वोँ भि अपने लन्ड सें रगड़कर। उसेऐसा करते देखकर लाला बोला : "साले, तुम्हें भि अपने टोटके दिखाने कि पड़ी हैं.''
वोँ अपनी खीँसे निपोरता हुआ बोला : "भइया, जब टोटका इतना बड़ा होँ तौ करने मे क्याँ बुराई हैं.''
''बड़ा'' शब्द सुनते हि रश्मी औऱ रुची एक् दूसरे कों देखकर मुस्कुरा दि.रश्मी सोचने लगी कि क्याँ लाला सें भि बड़ा होगा इसका.औऱ रुचीयह सोचने लगी कि मोनू सें भि बड़ा होगा क्याँ.
अब रुची कि बारी थि.उसने अपने पत्ते उठा लिए.उसके पास सिर्फ़ बादशाह आया थां, बाकी केँ दोनो पत्ते छोटे थें.वोँ थोड़ी परेशान सि होँ गई,.रिशू पेककर चुका थां, इसलिये वोँ उठकर उसकेपास आया औऱ बोला : "कोई कनफ्यूज़न हैं तोँ मुझे दिखा दो.मेबता दूँगा.''
उसने पत्ते दिखा दिए.औऱ देखने केँ संग हि वोँ बोला : "पेककर दे.बेकार पत्ते हें.''
वोँ इसलिये भि बोला कि वोँ जल्द सें जल्दउन दोनो कों नंगा देख्ना चाहता थां.औऱ इसकी शुरूवात रुची सें कर दि.
रुची कां चेहरा लज्जा सें लाल होँ गय़ा.यह सोचकर कि वोँ घड़ी आँ गयीँ, हैं जिसके बारे मे वोँ कुछदेर पहलेसोच रही थि। उसने तौ एक् येल्लो कलर कां टॉप पहनाहुआ थां.औऱ नीचे ब्रा थि.औऱ नीचे उसने जीन्स पहनी थि। अब वोँ सोच मे पड़ गई, कि क्याँ उतारे.जीन्स तोँ सीधा उतार नहीं सकती थि वोँ.इसलिये उसने सकुचाते हुए अपनेटॉप कि डोरियाँ खोलनी शुरुआत कर दि। कंधे पऱ बँधी दोनो डोरियों कों जैसे हि उसने खोला, उसकेटॉप कां गला नीचे खिसक गय़ा.औऱ उसकी वाइट ब्रा मे क़ैदकसे हुए मुम्मे सबके सामने प्रकट हौ गये
.
औऱ एक् लम्हा केँ लिए पूरे कमरे मे सन्नाटा छा गय़ा.सिर्फ़ ठरकियों कि गहरी साँसे सुनाई देरही थि कमरे मे
रश्मी : "अरेभई, चाल भि चलो अगली.''
तब जाकेसब कों होश आया.लाला कि बारी थि.उसने अपने पत्ते देखे.उसके पास इकके कां पेयरआया थां.उसकी आँखेचमक उठी.उसने 2 हज़ार कि चालचली औऱ पैसे लन्ड सें रगड़कर डालदिए नीचे.अब फिन सें रश्मी कि बारी थि, जिसने अपने पत्ते भि नहीं देखे थें अभि तक। उसने अपने पत्ते उठाए.औऱ उसकेपास बादशाह कां पेयर आया.उसने भि खुश होतेहुए पैसे दोबारा अपने मुम्मों सें रगडे औऱ नीचे फेंक दिए.अब राजू कि बारी थि.उसके पत्ते भि बेकार थें.उसने भि अपनी शर्ट उतार दि.उसने तौ नीचे बनियान भि नहीं पहनी थि.इसलिये टॉपलेस होकरबैठ गय़ा वोँ.वैसे भि उसका कसरती शरीर थां.इसलिये अपने मसल्स दिखाकर वोँ दोनो कों इंप्रेस भि कररहा थां.औऱ वोँ होँ भि रही थि। वैसे भि लड़की कों हमेशा कसरती बदन वाले याँ जिम मे बनी बॉडीस मनपसंद आती हैं.
अब लाला नें पैसेफिन सें डबलकिए औऱ चार हज़ार कि चालचल दि.रश्मी केँ पास वैसे तोँ बड़ा पेयर थां, पऱ उसे लगनेलग गय़ा कि लाला केँ पास अवश्य तीन पत्तों वालीकोई चीज़आई हैं.उसने भि पैसे अपने मुम्मों औऱ बुर सें रगडे औऱ उन्हे नीचे फेंक दिया.औऱ शो माँग लिया। रश्मी नें अपने पत्ते सामने रखदिए। औऱ उन्हे देखकर लाला नें भि मुस्कुराते हुए अपने पत्ते उजागर करदिए। बादशाह केँ पेयर पर्र इकके कां पेयर भारी थां। वोँ जीत गय़ा थां। औऱ गेम केँ रूल केँ अनुसार वोँ हारने वाली रश्मी सें अपनी मर्ज़ी कां कोई भि कपड़ा उतरवा सकता थां। औऱ वोँ यह भि अच्छी तरह सें जानता थां कि उसनेकल कि तरहआज भि अंडरगार्मेंट्स नहीं पहनेहुए। इसलिये उसने सबसे पहलेउसे अपनेसूट कां टॉप उतारने कों कहा.
Diwali ka Jua - 3 (Incest + Adultery) - Diwali Ki Raat - Kahani ab aur interesting hogi
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